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संबल योजना के छात्रों को राहत, हाई कोर्ट ने फीस भरने का जिम्मा सरकार पर डाला

 जबलपुर मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने एक महत्वपूर्ण मामले में कहा कि संबल योजना के लाभार्थी विद्यार्थियों की ट्यूशन फीस व परीक्षा फीस सरकार ही भरेगी। हाई कोर्ट ने रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय को निर्देश दिए कि याचिकाकर्ता छात्रों से शुल्क वसूल किए बिना ही उनका परीक्षा फार्म स्वीकार कर उन्हें परीक्षा में शामिल करें। न्यायमूर्ति अतुल श्रीधरन व न्यायमूर्ति दीपक खोत की युगलपीठ ने राज्य सरकार को निर्देश दिए हैं कि 30 दिन के भीतर संबल योजना के तहत लाभार्थी छात्रों की फीस विश्वविद्यालय को भुगतान करें। जबलपुर निवासी मनीष बघेल और यामिनी सिंह की ओर से अधिवक्ता विशाल बघेल व रोहित रघुवंशी ने पक्ष रखा। उन्होंने बताया कि याचिकाकर्ता जबलपुर विवि में एलएलएम पाठ्यक्रम के छात्र हैं। याचिकाकर्ताओं को मुख्यमंत्री जनकल्याण (संबल) योजना के तहत प्रवेश मिला था। इस योजना के तहत प्रवेश लेने वाले छात्रों को ट्यूशन एवं परीक्षा शुल्क से छूट प्राप्त होती है। रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय द्वारा उन्हें परीक्षा फॉर्म भरने की अनुमति नहीं दी जा रही, क्योंकि उन्होंने ट्यूशन एवं परीक्षा शुल्क जमा नहीं किया है। छात्रसंघ चुनाव कराने के मामले में मांगा जवाब एक अन्य मामले में विश्वविद्यालयों व महाविद्यालयों में छात्र संघ चुनाव कराए जाने को लेकर हाई कोर्ट में याचिका दायर की गई है। कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश संजीव सचदेवा व न्यायमूर्ति विनय सराफ की युगलपीठ ने मामले में अनावेदकों को सरकार से निर्देश प्राप्त कर पांच अगस्त तक जवाब देने के निर्देश दिए हैं। यह मामला छात्र नेता अदनान अंसारी की ओर से दायर किया गया है। जिनकी ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता प्रकाश उपाध्याय ने पक्ष रखा। याचिका में प्रदेश के समस्त विश्वविद्यालयों में छात्रसंघ चुनाव की पुन: बहाल किये जाने की मांग की गई है। याचिका में कहा गया है कि लिंगदोह समिति की सिफारिशों और सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बावजूद 2017 से अब तक छात्रसंघ चुनाव नहीं कराए गए हैं। जबकि छात्रों से 250 प्रति वर्ष छात्रसंघ शुल्क लिया जा रहा है, लेकिन चुनाव नहीं कराए जाते हैं। पिछले कई सालों से छात्रसंघ चुनाव संपन्न नहीं हुए हैं, जो कि अनुचित है। मामले की सुनवाई पश्चात न्यायालय ने विवि को शासन से इंस्ट्रक्शन प्राप्त कर जवाब पेश करने के निर्देश दिए हैं।

मानसून का कहर: 36 जिलों में मूसलधार बारिश, नदियों में उफान, कई इलाके जलमग्न

भोपाल मध्य प्रदेश में इन दिनों झमाझम बारिश का दौर देखने को मिल रहा है। इस बार मध्य प्रदेश में सामान्य से 74 फ़ीसदी अधिक बारिश हो चुकी है जिसकी वजह से कई नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। मौसम विभाग ने आने वाले तीन दिनों तक कई जिलों में भारी बारिश और अति भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। बता दें कि मध्य प्रदेश में फिलहाल कुछ ट्रफ सिस्टम एक्टिव हैं। जिसकी वजह से लगातार बारिश का दौर देखने को मिल रहा है। इसके अलावा साइक्लोनिक सर्कुलेशन सिस्टम भी एक्टिव है जिसकी वजह से अधिकांश हिस्सों में आने वाले दिनों में बारिश का दौर जारी रहेगा।  मध्य प्रदेश में मानसून पूरी तरह एक्टिव हो चुका है। पिछले 24 घंटे में दमोह, शिवपुरी, नरसिंहपुर, जबलपुर, मंडला, शहडोल और रीवा संभाग के कई जिलों में झमाझम बारिश हुई है। लगातार हो रही तेज बारिश से कई जगहों पर जलभराव और बाढ़ जैसी स्थिति बन गई है। मौसम विभाग ने 14 जिलों में अति भारी बारिश और 22 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। मध्य प्रदेश में एक्टिव है सिस्टम मौसम विभाग द्वारा दी गई जानकारी के मुताबिक एक लो प्रेशर एरिया बना हुआ है। इसकी एक्टिविटी के कारण अगले कुछ दिनों तक बारिश का मौसम जारी रहने वाला है। 13 जुलाई तक प्रदेश में इसी तरह का माहौल बना रहने वाला है। मध्य प्रदेश में बारिश लोगों का जीवन अस्त व्यस्त कर चुकी है।जबलपुर, रीवा, शहडोल, सागर और ग्वालियर सहित कई जिले ऐसे हैं जहां बाढ़ के हालात बने हुए हैं। आज मौसम विभाग ने 14 जिलों में अति भारी बारिश और 22 दिनों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। यहां होगी अति भारी बारिश नर्मदापुरम, नरसिंहपुर, बैतूल, छिंदवाड़ा, सिवनी, पांढुर्णा, मंडला, दमोह, डिंडोरी, उमरिया, बालाघाट, अनूपपुर, शहडोल, जबलपुर में अति भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। यहां 24 घंटे में 8 इंच से ज्यादा पानी गिरने की संभावना जताई गई है। यहां भारी बारिश की चेतावनी आज भिंड, दतिया, ग्वालियर, शिवपुरी, विदिशा, अशोक नगर, मुरैना, शिवपुरी, रायसेन, निवाड़ी, अशोक नगर, टीकमगढ़, छतरपुर, निवाड़ी, सतना, सागर, पन्ना, मऊगंज, कटनी, रीवा, सीधी, सिंगरौली में भारी बारिश का अलर्ट है। यहां 24 घंटे में 4 इंच तक बरसात हो सकती है। इसके अलावा इंदौर, उज्जैन, भोपाल, बड़वानी, हरदा, धार सहित कई जिलों में येलो अलर्ट जारी किया गया है। बारिश का क्षेत्रीय प्रभाव और आंकड़े प्रदेश में पिछले 24 घंटे में कई जिलों में रिकॉर्ड बारिश दर्ज की गई: दमोह – सबसे ज्यादा 4.1 इंच बारिश शिवपुरी – 3 इंच नौगांव-सतना – 1.8 इंच टीकमगढ़ – 1.5 इंच सागर – 1.1 इंच रायसेन – 1 इंच भोपाल – आधा इंच से अधिक हादसे और घटनाएं     दमोह में पुलिया से नीचे लटकी बस  ड्राइवर ने उफनते नाले से बस पार कराने की कोशिश की, जिससे बस अनियंत्रित होकर पुलिया से लटक गई। 6 यात्रियों को सुरक्षित निकाला गया। घटना तेजगढ़ थाना क्षेत्र की है।     सागर में कार बही बंडा क्षेत्र में एक कार उफनते नाले में बह गई। कार में सवार 3 लोग कूदकर अपनी जान बचा पाए।     कटनी में बिजली गिरने से 4 झुलसे  धान का रोपा लगाते समय आकाशीय बिजली गिरने से 4 लोग घायल हो गए।     नरसिंहपुर में बच्चे नदी में डूबे   विपतपुरा गांव में तीन बच्चे नदी में डूब गए। स्थानीय प्रशासन बचाव में जुटा है।     शिवपुरी में बाइक सवार बहे  गूगरीपुरा गांव में युवक रपटे को पार करते समय पानी में बह गए। एक युवक बाइक समेत बहा, लेकिन बाद में तैरकर बाहर आ गया।     बैतूल में बोलेरो बह गई  बीजादेही थाना क्षेत्र में बोलेरो वाहन नदी में बह गया, ग्रामीणों ने ड्राइवर और गाड़ी को सुरक्षित बचाया।     सीहोर में झरने में बहा युवक  सीहोर में सतकुंडा झरने में नहाते समय एक युवक के बहने का वीडियो वायरल हो रहा है। वह चट्टान से टकराकर रुका, जिससे जान बच गई। 14 जिलों में बारिश का ऑरेंज अलर्ट इन जिलों में अगले 24 घंटे में 8 इंच तक बारिश हो सकती है: जबलपुर, नर्मदापुरम, बैतूल, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, सिवनी, दमोह, मंडला, बालाघाट, डिंडौरी, उमरिया, शहडोल और अनूपपुर। 22 जिलों में भारी बारिश का येलो अलर्ट इन जिलों में 4.5 इंच तक बारिश की चेतावनी: ग्वालियर, भिंड, दतिया, शिवपुरी, अशोकनगर, मुरैना, रायसेन, सीहोर, विदिशा, सागर, टीकमगढ़, छतरपुर, सतना, रीवा, कटनी, पन्ना, सीधी, सिंगरौली, मऊगंज, निवाड़ी, उज्जैन और भोपाल। बाढ़ जैसे हालात और चेतावनी प्रदेश की कई नदियां खतरे के निशान के ऊपर बह रही हैं। कई गांवों का संपर्क टूटा है। बारिश के कारण सड़कें डूबी हुई हैं और जनजीवन अस्त-व्यस्त हो चुका है। 13 जुलाई तक ऐसा ही रहेगा मौसम विभाग ने बताया है कि मध्यप्रदेश में लो प्रेशर एरिया और साइक्लोनिक सर्कुलेशन सिस्टम एक्टिव हैं। इसके चलते अगले तीन दिन तक लगातार भारी बारिश होती रहेगी। 13 जुलाई तक मौसम का यही मिजाज बना रहेगा।

रायपुर : राज्यपाल श्री डेका से गेंड़ी लोक नृत्य कलाकार ने की भेंट

रायपुर राज्यपाल श्री रमेन डेका से आज यहां राजभवन में तिफरा बिलासपुर के गेंडी लोक नृत्य कलाकार  श्री अनिल कुमार गढ़ेवाल ने सौजन्य भेंट की।  इस अवसर पर नृत्य के कलाकार श्री लक्ष्मी नारायण मांडले उपस्थित भी थे।

वनाधिकार पट्टेधारियों के फौती नामांतरण हेतु संवेदनशीलता के साथ करें कार्यवाही- कमिश्नर डोमन सिंह

 कमिश्नर बस्तर डोमन सिंह ने वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए ली भैरमगढ़- नरहरपुर सहित माकड़ी एवं बकावण्ड ब्लॉक के अधिकारियों की बैठक राजस्व प्रकरणों के निराकरण सहित खाद-बीज की सुलभता और मौसमी बीमारियों के नियंत्रण एवं उपचार हेतु प्रभावी पहल करने पर बल वनाधिकार पट्टेधारियों के फौती नामांतरण हेतु संवेदनशीलता के साथ करें कार्यवाही- कमिश्नर डोमन सिंह जगदलपुर कमिश्नर बस्तर संभाग डोमन सिंह ने कहा कि वनाधिकार पट्टेधारियों के फौती नामांतरण सुनिश्चित करने हेतु संवेदनशीलता के साथ कार्यवाही करें। इस दिशा में राजस्व एवं वन विभाग द्वारा समन्वित तौर पर मैदानी अमले के माध्यम से व्यापक प्रचार-प्रसार करवाया जाए। साथ ही कोटवारों के जरिए मुनादी करवाकर ग्रामीणों को अवगत कराया जाए। वहीं पटवारी हल्का और रेंज ऑफिस में सम्बंधित वनाधिकार पट्टेधारकों से आवेदन पत्र प्राप्त कर फौती नामांतरण की कार्यवाही सुनिश्चित किया जाए। वर्षाकाल के दौरान नदी-नाले उफान पर रहने की स्थिति का सतत निगरानी रखने सहित बाढ़ आपदा से बचाव सम्बन्धी त्वरित पहल करें। आम जनता को बाढ़ की स्थिति में नदी-नाले नहीं पार करने हेतु समझाइश दी जाए और इस बारे में मैदानी अमले एवं कोटवारों के माध्यम से जनजागरूकता निर्मित किया जाए। साथ ही प्राकृतिक आपदा पीड़ितों को आरबीसी 6-4 के तहत तत्काल सहायता प्रदान करें। कमिश्नर बस्तर डोमन सिंह ने बुधवार को वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए भैरमगढ़-नरहरपुर सहित माकड़ी एवं बकावण्ड विकासखण्ड से सम्बंधित एसडीएम, तहसीलदार और अन्य खण्ड स्तरीय अधिकारियों की समीक्षा बैठक के दौरान उक्त निर्देश दिए।       कमिश्नर ने वीडियो कांफ्रेंसिंग के द्वारा अब तक हुई वर्षा की स्थिति, खरीफ फसल सीजन हेतु खाद-बीज भंडारण स्थिति, किसानों के लिए खाद-बीज की उपलब्धता का संज्ञान लिया और कृषकों की मांग के अनुरूप खाद-बीज सुलभ करवाने के निर्देश दिए। उन्होंने राजस्व प्रकरणों के निराकरण स्थिति की समीक्षा करते हुए निर्धारित समय-सीमा में राजस्व प्रकरणों को अनिवार्य रूप से निराकृत किए जाने कहा। वहीं वर्षाकालीन मौसमी बीमारियों की स्थिति पर सतत निगरानी रखने सहित मौसमी बीमारियों के नियंत्रण एवं उपचार हेतु व्यवस्था सुनिश्चित करने पर बल देते हुए अधिकारियों को निर्देशित किया कि मैदानी अमले के द्वारा शुद्ध पेयजल का उपयोग, गर्म एवं ताजा भोजन का सेवन करने सहित मलेरिया, बुखार, उल्टी-दस्त से पीड़ित होने पर नजदीकी स्वास्थ्य केन्द्र में ईलाज करवाने इत्यादि स्वास्थ्य शिक्षा ग्रामीणों को प्रदान किया जाए। साथ ही हाट-बाजारों में मुनादी के जरिए जनजागरूकता निर्मित किया जाए। मितानिनों के दवा पेटी में आवश्यक जीवनरक्षक दवाओं की सुलभता सहित स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं तथा सभी स्वास्थ्य केंद्रों में जरूरी दवाइयों की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करें। हाट-बाजार स्वास्थ्य शिविर में चिकित्सक एवं पैरामेडिकल स्टाफ की अनिवार्य रूप से उपस्थिति सुनिश्चित किया जाए। मौसमी बीमारी प्रभावित क्षेत्रों में त्वरित बचाव एवं उपचार सहायता के लिए कॉम्बेट चिकित्सा दलों को सक्रिय रखा जाए और सम्बंधित प्रभावित ईलाके में आवश्यक दवाइयों तथा एम्बुलेंस के साथ तत्काल सहायता उपलब्ध कराया जाए। कमिश्नर ने स्वास्थ्य केंद्रों में एंटी रेबीज एवं एंटी वेनम इंजेक्शन की अनिवार्य रूप से उपलब्धता सुनिश्चित करने कहा। वहीं आधार कार्ड एवं आयुष्मान कार्ड पंजीयन प्रगति का संज्ञान लेकर छूटे हुए लोगों को लक्षित कर प्राथमिकता से पंजीयन किए जाने के निर्देश दिए। इस हेतु सबसे ज्यादा गैप वाले बसाहटों पर पहले ध्यान देने कहा। स्कूली बच्चों को पाठ्य पुस्तक एवं गणवेश प्रदाय सहित मध्यान्ह भोजन का सुचारू संचालन करने के निर्देश कमिश्नर ने स्कूली बच्चों को नियमित तौर पर स्कूल से जोड़ने के लिए ग्राम पंचायत स्तर पर शाला प्रबंधन समितियों की बैठक कर माता-पिता एवं अभिभावकों को समझाइश देने कहा। साथ ही मध्यान्ह भोजन के सुचारू संचालन के लिए महिला स्व सहायता समूहों की व्यापक सहभागिता, खाद्यान्न का उठाव एवं अन्य व्यवस्था सहित आंगनबाड़ी केंद्रों में लक्षित लाभार्थियों को समेकित बाल विकास सेवाओं की उपलब्धता यथा स्वास्थ्य जांच, टीकाकरण, गर्म भोजन एवं रेडी टू ईट पोषण आहार की सुलभता पर चर्चा किए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने स्कूली बच्चों को पाठ्य पुस्तक एवं गणवेश वितरण स्थिति का संज्ञान लेते हुए न्यौता भोज आयोजन हेतु ग्राम पंचायतों का सहयोग लेने सहित स्थानीय पंचायत पदाधिकारी तथा मैदानी अमले को भी सहयोग करने के लिए प्रोत्साहित किए जाने कहा।           कमिश्नर ने वीडियो कांफ्रेंसिंग के दौरान जल जीवन मिशन के कार्यों की प्रगति और पेयजल प्रबंधन की समीक्षा करते हुए सुधार योग्य हेण्डपम्पों एवं सोलर ड्यूल पम्पों का मरम्मत किए जाने सहित पेयजल स्रोतों का अनिवार्य रूप से क्लोरीनेशन किए जाने के निर्देश दिए । साथ ही ग्रामीणों को हेण्डपम्पों एवं सोलर ड्यूल पम्पों के जल का ही उपयोग किए जाने की समझाइश देने कहा। वहीं पूर्व में जलजनित संक्रामक बीमारी से प्रभावित ईलाके के जल स्रोतों के पानी का परीक्षण करवाने के निर्देश दिए। बैठक में विद्युत सुविधा की उपलब्धता, उचित मूल्य दुकानों में खाद्यान्न एवं अन्य जरूरी सामग्रियों का भण्डारण एवं राशनकार्ड धारकों को वितरण, पहुंचविहीन केन्द्रों में आगामी चार माह के लिए खाद्यान्न एवं अन्य दैनिक जरूरी सामग्रियों के प्रदाय स्थिति की विस्तृत समीक्षा की गई। बैठक में डिप्टी कमिश्नर बीएस सिदार, आरती वासनिक एवं गीता रायस्त सहित विभिन्न विभागों के संभाग स्तरीय अधिकारी भी मौजूद थे।

दमोह में अनियंत्रित हुई बस, उफनते नाले से गुजरते वक्त पुलिया से लटकी

दमोह  मध्यप्रदेश में मानसूनी बारिश से मंडला, नरसिंहपुर, उमरिया, शिवपुरी, जबलपुर, रीवा, शहडोल-सागर के साथ ग्वालियर संभाग के कई जिलों में बाढ़ के हालात हैं। आज गुरुवार को 14 जिलों में अति भारी और 22 जिलों में भारी बारिश होने का अलर्ट है। प्रदेश के सभी जिलों में पिछले 24 घंटे के दौरान आंधी और बारिश का दौर रहा। सबसे ज्यादा बारिश दमोह में 4.1 इंच हो गई। शिवपुरी में 3 इंच, नौगांव-सतना में 1.8 इंच, टीकमगढ़ में डेढ़ इंच, सागर में 1.1 इंच और रायसेन में 1 इंच बारिश दर्ज की गई। भोपाल में रात में बारिश हुई, जो आधा इंच से ज्यादा रही।     दमोह में ड्राइवर ने उफनते नाले से बस को पार कराने की कोशिश की। यूपी के जालौन जा रही बस अनियंत्रित होकर पुलिया से नीचे लटक गई। बस में सवार 6 यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया।     सागर के बंडा क्षेत्र में एक कार उफनते नाले में बह गई। इसमें 3 लोग सवार थे, जिन्होंने कूदकर अपनी जान बचाई।     कटनी जिले के बरही थाना क्षेत्र के हदरहटा गांव में धान का रोपा लगाते समय आकाशीय बिजली गिरने से चार लोग झुलस गए।     नरसिंहपुर के विपतपुरा गांव में तीन बच्चे नदी में डूब गए।     सतना में तेज बारिश से पेड़ गिर गया। इसकी चपेट में आकर कई दोपहिया वाहनों को नुकसान पहुंचा। एक मकान का चबूतरा भी क्षतिग्रस्त हो गया।

राज्यपाल डेका को लोकायुक्त ने सौंपा वार्षिक प्रतिवेदन

रायपुर राज्यपाल रमेन डेका से आज यहां राजभवन में छत्तीसगढ़ लोक आयोग के लोकायुक्त न्यायमूर्ति आई.एस. उबोवेजा ने भेंट कर छत्तीसगढ़ लोक आयोग का 23 वां वार्षिक प्रतिवेदन राज्यपाल को सौंपा। इस अवसर पर कानूनी सलाहकार अजीत कुमार राजभानु, उप सचिव के.पी. सिंह भदौरिया, तकनीकी सलाहकार राकेश पुरम एवं पी.एस. राजेश गजेंद्र भी उपस्थित थे।

सावन में शिव भक्तों के लिए सुविधा, भोपाल से उज्जैन के बीच चलाई जाएगी स्पेशल ट्रेन

भोपाल सावन के पवित्र महीने में मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से लेकर तराना रोड और उसके आसपास रहने वाले बाबा महाकाल के भक्तों को भारतीय रेलवे की ओर से खुश कर देने वाली सौगात दी गई है। रेलवे द्वारा भोपाल और उज्जैन के बीच आज से स्पेशल ट्रेन की शुरुआत की जा रही है। गाड़ी नंबर 09313 उज्जैन-भोपाल स्पेशल 10 जुलाई से 31 अगस्त तक चलेगी। ये ट्रेन भोपाल से रात 2:15 बजे रवाना होगी और उज्जैन से रात 9:00 बजे लौटेगी, जो रात 1:05 बजे भोपाल रेलवे स्टेशन पहुंचेगी। भोपाल, सीहोर, शाजापुर और उज्जैन के यात्रियों को इस ट्रेन से विशेष सुविधा मिलेगी। सावन के दौरान लाखों श्रद्धालुओं को इस स्पेशल ट्रेन का फायदा मिलेगा। इससे उनकी यात्रा और भी सुगम और आरामदायक होगी। देखें स्पेशल ट्रेन का शेड्यूल -भोपाल से उज्जैन यात्रा भोपाल उज्जैन स्पेशल ट्रेन (गाड़ी संख्या- 09314) आज 10 जुलाई से रोजाना रात 2.15 बजे चलेगी। इसके बाद संत हिरदाराम नगर पर रात 2.38 बजे, सीहोर रात 3.10 बजे, कालापीपल रात 3.40 बजे, शुजालपुर सुबह 4.20 बजे, अकोदिया सुबह 5.40 बजे, कालीसिंध सुबह 5.10 बजे, बेरछा सुबह 5.25 बजे, मक्‍सी सुबह 5.55 बजे, तराना रोड सुबह 6.20 बजे और उज्जैन सुबह 7.20 बजे पहुंचेगी। -उज्जैन से भोपाल यात्रा वहीं, उज्जैन से भोपाल लौटते समय (गाड़ी संख्या- 09313) उज्‍जैन से रोजाना रात 9 बजे चलेगी। यहां से तराना रोड पर रात 9.30 बजे पहुंचेगी। फिर मक्‍सी रात 9.45 बजे, बेरछा रात 10.02 बजे, कालीसिंध रात 10.15 बजे, अकोदिया रात 10.35 बजे, शुजालपुर रात 10.48 बजे, कालापीपल रात 11.05 बजे, सीहोर रात 11.36 बजे, संत हिरदाराम नगर रात 12.40 बजे और भोपाल रेलवे स्टेशन रात 1.05 बजे पहुंचेगी। इस दौरान दोनों ओर से ये ट्रेन प्रत्येक स्टेशन पर दो-दो मिनट के लिए रुकेगी। इसी अवधि में यात्रियों को अपने स्टेशन से चढ़ना और उतरना रहेगा।

खंडवा में गुरु पूर्णिमा पर सत्कार की परंपरा जीवंत, ‘अतिथि देवो भव:’ भाव से हो रहा स्वागत

 खंडवा  खंडवा निमाड़ की वह धरती है जहां पर पत्रकारिता के माखनलाल चतुर्वेदी , कलाकार किशोर कुमार और खंडवा के सबसे बड़े दादाजी केशवानंद महाराज हरिहरानंद महाराज कि यहां पर समाधि है जहां पर लाखों की संख्या में गुरु पूर्णिमा पर दादा जी महाराज के भक्त हजारों किलो .मीटर से नंगे पांव निशान रथ लेकर दर्शन के लिए खंडवा पहुंचते हैं दादाजी महाराज के दरबार में वही पर भक्तों के  लिए निशुल्क खंडवा पहुंचने पर अनेक प्रकार के भोजन के लिए स्टॉल लगाए जाते हैं और खंडवा शहर के तमाम लोगों द्वारा भक्ति भाव से 2 दिन तक आने वाले लाखों की संख्या में भक्तों की सेवा करते हैं और यहां तक पूरा खंडवा शहर भक्ति भाव में डूब जाता है और बडे पैमाने पर भंडारे भी किए जाते हैं लेकिन इस बीच एक अनोठी भक्ति भी देखने को मिली जहां पर एक भक्त 12 से अधिक प्रजाति के फूल और फल वाले पौधे भी बांटते नजर आया जहां पर हर एक श्रद्धालु लाइन में लगकर पौधे लेते नजर आए गुरु पूर्णिमा के मौके पर खंडवा में अतिथि देवो भव: की परंपरा निभाई जा रही है। दादा जी धूनीवाले के दरबार में आने वाले भक्तों को किसी प्रकार की परेशानी नहीं हो, इसका यहां पूरा ध्यान रखा जा रहा है। यहां आने वालों के लिए खाना-पीना पूरी तरह से फ्री है। यहां 500 से ज्यादा भंडारों में नाश्ता-भोजन परोसा जा रहा है। हर पंडाल में खाने को कुछ अलग है। यानी कह सकते हैं कि यहां 56 प्रकार के व्यंजन भक्तों को परोसे जा रहे हैं। इन भंडारों को मजदूर, हम्माल, अफसर-कर्मचारी से लेकर कारोबारी तक संचालित कर रहे हैं। रोचक है भंडारे के शुरुआत की कहानी भंडारे के शुरुआत की कहानी भी बहुत रोचक है। यहां रहने वाले बताते हैं कि 34 साल पहले अतिथि देवो भव: की परंपरा की शुरुआत एक घटना से हुई थी। पहले बाहर से आए भक्त भोजन के लिए होटल पर निर्भर रहते थे। इस दौरान 1991 में एक भक्त यहां दादाजी दरबार दर्शन करने पहुंचा, उसके पास रुपए नहीं थे। भूख लगी तो होटल में खाना खाने पहुंचा। यहां दुकानदार ने भक्त को अपमानित किया। यहां मौजूद दादा जी के भक्तों ने यह देखा, उन्हें अच्छा नहीं लगा। इसके बाद 1992 से यहां भंडारे की शुरुआत हुई, जो अब सैकड़ों स्टॉल तक पहुंच चुका है। कुंभ में भंडारा देख खंडवा में की शुरुआत गणेश गोशाला समिति के सचिव रामचंद्र मौर्य ने बताया कि गुरु पूर्णिमा पर बड़ी संख्या में भक्त निशान लेकर दादा जी के दरबार में पहुंचते हैं। सबसे बड़ी तादाद में छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, महाराष्ट्र और गुजरात के भक्तों की आवाजाही रहती है। इनकी भक्ति को देखकर पूरा शहर इनकी सेवा और सत्कार के लिए उमड़ता है। शहर में बजरंग दल ने 34 साल पहले दादाजी मंदिर के पास भंडारा शुरू किया था। जिले से बजरंग दल के 2300 कार्यकर्ता 1992 में उज्जैन कुंभ मेले गए थे, तब वहां श्रद्धालुओं को चाय, पोहे व प्रसादी भंडारे में दी जा रही थी। वहीं से प्रेरणा लेकर खंडवा में भंडारों की शुरुआत हुई। एक भंडारा शुरू होने के बाद इनकी संख्या 4 से 5 हुई। आज शहर में 500 से अधिक भंडारों में पूड़ी-सब्जी से लेकर 56 से भी ज्यादा पकवान परोसे जाते हैं। कई सदस्यों की दूसरी पीढ़ी कर रही भंडारों में सहयोग कमल यूथ क्लब के सतनाम सिंह होरा ने बताया कि क्लब द्वारा पहले जय अंबे चौक पर फरियाली खिचड़ी का वितरण किया जाता था, लेकिन भोजन की व्यवस्था नहीं होने पर क्लब ने भी श्रद्धालुओं के लिए भंडारे की व्यवस्था शुरू की। क्लब में ऐसे सदस्य भी हैं, जिनकी दूसरी पीढ़ी भंडारे में सहयोग कर रही है। क्लब में 140 सदस्य हैं। इसकी शुरुआत 7 लोगों ने कीं, लेकिन आज कई नए सदस्य जुड़कर सेवा दे रहे हैं। 28 साल पहले नाश्ते से शुरुआत, अब गुलाब जामुन बांट रहे दादाजी मंदिर मार्ग पर अंजनी बालाजी नगर के सामने दादाजी सेवा मंडली ने स्टॉल लगाया है। यहां दादाजी भक्तों को गुलाब जामुन बांटे जा रहे हैं। आयोजक साधुराम अग्रवाल बताते हैं कि, इस स्टॉल को 28 साल हो गए हैं। शुरुआत में पोहा बांटते थे, अब यह सिलसिला मिठाई तक पहुंच गया है। पहले आईस्क्रीम और बालूसाई भी बांट चुके हैं। कलेक्ट्रेट, आरटीओ, एनएचएआई विभाग का भी स्टॉल निजी संस्थानों के साथ सरकारी विभाग के भी यहां स्टॉल लगे हुए हैं। इनमें आरटीओ विभाग तो पिछले 19 साल से भंडारे का आयोजन कर रहा है। जिला प्रशासन के अधिकारी-कर्मचारी भी स्टॉल लगाकर सेवा कर रहे हैं। विपणन संघ सब्जी-पुड़ी बांट रहा है। एनएचएआई ने भी थाना पदमनगर के सामने स्टॉल लगाया है। मोहल्ले का ग्रुप परोस रहा जलेबी और भजिए आनंद नगर क्षेत्र में पारस स्टेशनरी के पास एक्टिव ग्रुप ने नाश्ते का स्टॉल लगाया है। यहां भक्तों को जलेबी और भजिए परोसे जा रहे हैं। इसके अलावा भी कई छोटे-बड़े संस्थान, स्कूल कॉलेज और कोचिंग क्लासेस द्वारा ज्यूस और चाय बांट रहे हैं। 3 साल से मंदिर प्रांगण में भी भक्तों के लिए भंडारा हो रहा दादाजी मंदिर प्रांगण में रोजाना दोनों समय लंगर लगता है। सेवादार महेंद्र अग्रवाल के मुताबिक, इस भंडारे से मंदिर के सेवादार, पुलिसकर्मी और निशान लाने वाले भक्तों को आसानी से भोजन प्रसादी मिल जाती है। यहां भक्तों को बैठाकर खिचड़ा, कड़ी और रोटी दे रहे हैं। वहीं, इस बार बूंदी साढ़े 12 ‎‎क्विंटल बेसन, 140 डिब्बे‎ घी, 25 क्विंटल शकर से पांच‎ भटि्टयों पर तैयार की गई है। इसके अलावा तीन‎ दिन‎ भोजन प्रसादी के लिए 20‎ क्विंटल आटे की पुड़ी,‎ 115 ‎क्विंटल चावल, 5‎ क्विंटल मूंग की दाल और‎ 25 डिब्बे घी से‎ हलवा‎ तैयार किया गया है। चिकित्सा मित्र बांट रहे साड़ियां-खिलौने ग्रामीण क्षेत्रों में काम करने वाले डॉक्टरों ने भी चिकित्सा मित्र नाम से एक ग्रुप बनाया है। यह ग्रुप पिछले पांच साल से बच्चों को खिलौने बांट रहा है। बच्चों के लिए पानी की बोतल, पेन-कॉपी और किताबों सहित स्कूल बैग का वितरण भी कर रहा है। यहां तक की महिलाओं को साड़ियां भी बांटी जा रही है। ग्रुप में 30 सदस्य हैं। दादा दरबार से लेकर पूरा शहर बाजारवाद से परे है सीनियर जर्नलिस्ट मनीष जैन ने बताया … Read more

रायपुर : राज्यपाल डेका से हरिभूमि के प्रधान संपादक ने सौजन्य की भेंट

रायपुर राज्यपाल रमेन डेका से आज यहां राजभवन में दैनिक हरिभूमि समाचार पत्र और आई.एन.एच. चैनल के प्रधान संपादक डॉ. हिमांशु द्विवेदी ने सौजन्य भेंट की।

रायपुर : सौर ऊर्जा से जगमगाया बस्तर का बेस्ट टूरिज्म विलेज धुड़मारास

रायपुर : सूरज की तपिश से फैल रहा घर आँगन में उजियारा, प्रधानमंत्री सूर्यघर योजना बनी आमजन के लिए लाभकारी रायपुर : पीएम सूर्यघर-मुफ्त बिजली योजना बनी क्रांति का आधार, अनिल कुमार साहू को मिली राहत, बिजली बिल हुआ शून्य सौर ऊर्जा से उपभोक्ता ऊर्जा क्षेत्र में हुआ आत्मनिर्भर अनिल कुमार साहू को मिली राहत, बिजली बिल हुआ शून्य रायपुर : सौर ऊर्जा से जगमगाया बस्तर का बेस्ट टूरिज्म विलेज धुड़मारास रायपुर सूरज की तेज गर्मी से सोलर पैनल को ऊर्जा मिलने से लोगों को आसानी से बिजली मिल रही है जिससे घर रोशन हो रहे हैं।प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना आम नागरिकों के लिए लाभकारी सिद्ध हो रही है।  बलौदाबाजार शहर के प्रतिष्ठा कॉलोनी निवासी  प्रसन्न दीवान ने इस योजना के तहत अपने घर की छत पर 5 किलोवाट क्षमता का सोलर सिस्टम स्थापित कर योजना का लाभ उठाया है। उन्होंने बताया कि योजना की जानकारी उन्हें समाचार पत्रों के माध्यम से प्राप्त हुई जिसके बाद उन्होंने बिजली विभाग से संपर्क कर विस्तृत जानकारी ली। दीवान ने बताया कि आवेदन प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन और सरल है। उन्होंने योजना के तहत आवेदन कर 5 किलोवाट का सौर ऊर्जा प्रणाली अपने घर में स्थापित कराया, जिससे उन्हें ₹78,000 की सब्सिडी प्राप्त हुई। यह प्रणाली पिछले 6 महीनों से सुचारू रूप से कार्य कर रही है और इससे उन्हें प्रत्यक्ष रूप से आर्थिक लाभ हो रहा है। पहले जहां उन्हें हर माह भारी भरकम बिजली बिल चुकाना पड़ता था, अब बिजली बिल लगभग शून्य हो गया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री सूर्यघर योजना से न केवल बिजली बचत हो रही है, बल्कि यह पर्यावरण संरक्षण की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण कदम है। दीवान ने सभी नागरिकों से अपील की है कि वे भी अपने घरों में इस योजना का लाभ लेकर न केवल बिजली की बचत करें, बल्कि अपनी आय में भी वृद्धि करें। इसके लिए दीवान ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह योजना आमजन के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला रही है और देश को ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की ओर ले जा रही है। रायपुर : पीएम सूर्यघर-मुफ्त बिजली योजना बनी क्रांति का आधार, अनिल कुमार साहू को मिली राहत, बिजली बिल हुआ शून्य सौर ऊर्जा से उपभोक्ता ऊर्जा क्षेत्र में हुआ आत्मनिर्भर अनिल कुमार साहू को मिली राहत, बिजली बिल हुआ शून्य रायपुर : सौर ऊर्जा से जगमगाया बस्तर का बेस्ट टूरिज्म विलेज धुड़मारास छत्तीसगढ़ में प्रधानमंत्री सूर्यघर-मुफ्त बिजली योजना आम जनता के लिए आर्थिक राहत और पर्यावरण संरक्षण का मजबूत साधन बनती जा रही है। यह योजना अब प्रदेश में ऊर्जा आत्मनिर्भरता की दिशा में एक बड़ा बदलाव लेकर आई है। सक्ति जिले के डभरा निवासी अनिल कुमार साहू स योजना का लाभ उठाकर इसे अपने जीवन में बदलाव की एक मिसाल बना दिया है। साहू अपने घर की छत पर 3 किलोवॉट का सोलर रूफटॉप सिस्टम लगवाया है, जिसकी मदद से वे प्रतिदिन गर्मियों में 16 से 18 यूनिट और बरसात में 10 से 12 यूनिट तक बिजली का उत्पादन कर रहा है। इस संयंत्र के संचालन के पहले ही महीने उनकी बिजली बिल माइनस में चला गया, और अब पूरी तरह शून्य हो गया है। इतना ही नहीं, अतिरिक्त बिजली ग्रिड को सप्लाई कर वे आमदनी भी अर्जित कर रहा है। इस सोलर सिस्टम पर 78,000 रुपये की सब्सिडी और 10 वर्षों की गारंटी मिली है। साहू के अनुसार, यह संयंत्र 2 से 3 वर्षों में अपनी लागत निकाल लेगा, जिसके बाद लाभ ही लाभ होगा। उन्होंने इस योजना को आर्थिक बचत के साथ-साथ पर्यावरण की रक्षा का साधनष् बताया। साहू ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह योजना देश और राज्य को ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक क्रांतिकारी पहल है। योजना की प्रक्रिया भी बेहद सरल है दृ उपभोक्ता वेबसाइट या मोबाइल ऐप के माध्यम से ऑनलाइन पंजीकरण कर सकते हैं। इसके बाद अधिकृत वेंडर द्वारा संयंत्र की स्थापना की जाती है और सत्यापन के पश्चात सब्सिडी की राशि सीधे बैंक खाते में भेजी जाती है। यह योजना छत्तीसगढ़ के शहरी और ग्रामीण इलाकों में सौर ऊर्जा को प्रोत्साहित कर रही है, जिससे पारंपरिक ऊर्जा स्रोतों पर निर्भरता घट रही है और हर घर ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बन रहा है। रायपुर : सौर ऊर्जा से जगमगाया बस्तर का बेस्ट टूरिज्म विलेज धुड़मारास छत्तीसगढ़ राज्य के बस्तर जिला के कांगेर घाटी राष्ट्रीय उद्यान के अंतर्गत आने वाला छोटा सा आदिवासी गांव धुड़मारास आज विश्व पटल पर अपनी अलग पहचान बना चुका है। संयुक्त राष्ट्र विश्व पर्यटन संगठन द्वारा दुनिया के 20 सर्वश्रेष्ठ पर्यटन गांवों में शामिल यह गांव अब पर्यावरणीय संरक्षण और सतत विकास का मॉडल बनकर उभरा है। प्राकृतिक सौंदर्य, सांस्कृतिक विविधता और पारंपरिक जीवनशैली से परिपूर्ण यह गांव, अब सौर ऊर्जा के माध्यम से आत्मनिर्भरता की ओर भी अग्रसर है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में बस्तर अंचल में पर्यावरण अनुकूल पर्यटन को प्रोत्साहन देने के साथ-साथ स्थानीय सुविधाओं के विकास के लिए निरंतर कार्य किया जा रहा है। धुड़मारास गांव में क्रेडा द्वारा सौर ऊर्जा आधारित विभिन्न परियोजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन कर स्वच्छ पेयजल, रात्रिकालीन प्रकाश व्यवस्था और शैक्षणिक संस्थानों में विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित की गई है। छत्तीसगढ़ अक्षय ऊर्जा विकास अभिकरण (क्रेडा) के माध्यम से गांव में 03 नग सोलर ड्यूल पम्प की स्थापना कर शुद्ध पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित की गई है। 02 नग सोलर हाईमास्ट संयंत्र की स्थापना कर रात्रिकालीन प्रकाश की व्यवस्था की गई है। ग्राम की गलियों में सोलर पावर स्ट्रीट लाइट लगाई गई हैं। प्राथमिक एवं माध्यमिक शालाओं में सौर ऊर्जा आधारित विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित की गई है। क्रेडा के अध्यक्ष भूपेन्द्र सवन्नी एवं मुख्य कार्यपालन अधिकारी राजेश राणा द्वारा परियोजनाओं की निरंतर निगरानी कर कार्यों को गुणवत्ता पूर्ण ढंग से सम्पन्न कराया गया। भारत सरकार के पर्यटन मंत्रालय द्वारा बस्तर जिले के धुड़मारास गांव और चित्रकोट गांव को विश्व पर्यटन दिवस के अवसर पर सर्वश्रेष्ठ गांव के रूप में पुरस्कृत किया गया है। प्राकृतिक रूप से समृद्ध धुड़मारास गांव कांगेर नदी की सुरम्य धारा, हरियाली, जैव विविधता एवं पारंपरिक बस्तरिया संस्कृति पर्यटकों को … Read more