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मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दी राष्ट्रीय अंतरिक्ष दिवस की बधाई

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने राष्ट्रीय अंतरिक्ष दिवस पर देश-प्रदेशवासियों को बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि चंद्रयान-3 मिशन के विक्रम लैंडर की सफल लैंडिंग के साथ हमारे देश को वर्ष 2023 में आज ही के दिन चंद्रमा पर प्रज्ञान रोवर की स्थापना की ऐतिहासिक सफलता प्राप्त हुई थी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में भारतीय अंतरिक्ष मिशन प्रतिदिन नए कीर्तिमान स्थापित कर रहा है। प्रत्येक देशवासी को गर्व है कि हमारे वैज्ञानिकों के सतत् परिश्रम और समर्पण ने भारत को वैश्विक अंतरिक्ष शक्ति के रूप में स्थापित किया है।  

झमाझम बारिश बनी काल: मकान गिरने से मां-बेटे की गई जान, कई घायल

सरायकेला झारखंड के सरायकेला में एक बड़ा हादसा हो गया है। यहां मिट्टी से बना एक कच्चा मकान अचानक भरभराकर गिर पड़ा जिसमें मां-बेटे की मौत हो गई है जबकि परिवार के 8 लोग घायल हो गए हैं। मामला जिले के राजनगर थाना क्षेत्र अंतर्गत डांडू गांव का है। बताया जा रहा है कि पिछले कुछ दिनों से हो रही भारी बारिश से कच्चे मकान कमजोर हो गए हैं जिस वजह से घर ढह गया। घर के भीतर मौजूद पूरे परिवार और आए मेहमान सहित 10 लोग मलबे में दब गए। ग्रामीणों ने कड़ी मशक्कत के साथ मिट्टी हटाकर दबे लोगों को बाहर निकाला। सभी घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया जहां 7 लोगों को बेहतर इलाज के लिए एमजीएम रेफर कर दिया गया। हादसे में मां-बेटे की मौत हो गई है जबकि 8 घायलों का इलाज जारी है। घायलों में संतोष लोहार (35 वर्ष) मकान मालिक, पत्नी भानु लोहार (32 वर्ष), बेटी प्रतिमा लोहार (19 वर्ष), बेटा सपन लोहार (14 वर्ष), बेटी संध्या लोहार (12 वर्ष), छोटा बेटा शिवम लोहार (4 वर्ष) इसके अलावा संतोष की बहन शांति (27 वर्ष), जो राजनगर के खोखरो गांव की निवासी हैं, अपने मायके आई हुई थीं। वह अपनी बेटी पूनम (12 वर्ष) और बेटे प्रवीण (7 वर्ष) के साथ घर में मौजूद थीं। वहीं संतोष का साला लक्ष्मण बिनधनी (27 वर्ष) शामिल है।  

डीआरआई की छापेमारी में बड़ा खुलासा, भोपाल की मेफेड्रोन फैक्ट्री के धंधे में अंडरवर्ल्ड की एंट्री

भोपाल  डीआरआइ के छापे के बाद सुर्खियों में आई राजधानी के जगदीशपुर स्थित मेफेड्रोन फैक्ट्री की जांच अब एनआइए की टीम भी करेगी। इस फैक्ट्री के संचालकों का अंडरवल्र्ड से कनेक्शन मिलने के बाद एऩआइए ने मामले की जांच की तैयारी कर ली है। फैक्ट्री लगाने में अंडरवर्ल्ड ड्रग तस्कर सलीम डोला का नाम सामने आने के बाद संभावना जताई जा रही है कि वही तुर्किए से बैठकर इसका संचालन कर रहा था। सलीम डोला को मुंबई के भगोड़े डॉन दाउद इब्राहिम का करीबी माना जाता है। उसके अंतरराष्ट्रीय ड्रग्स स्मगलिंग गिरोह से भी संबंध होने की बात सामने आ रही है। मामले के अंडरवल्र्ड और विदेश से जुड़ा होने के कारण एनआइए भी इस केस की जांच करेगी। गुजरात में बनी थी राजधानी में प्लांट बनाने की योजना सलीम डोला ने गुजरात के अंकलेश्वर की फार्मा कंपनी में काम कर रहे अशोकनगर निवासी फैसल कुरैशी को इस काम के लिए चुना। फैसल के पास फार्मेसी डिप्लोमा होने से उसे केमिकल की जानकारी थी। इसके बाद सलीम के गुर्गों ने उसे गुजरात में ही कुछ दिन मेफेड्रोन बनाने की ट्रेनिंग दी। इसके बाद फैसलमध्यप्रदेशआया और गंजबासौदा निवासी रज्जाक खान से मिला। रज्जाक डिप्लोमा होल्डर है और एक निजी कंपनी में नौकरी करता था। दोनों ने इसके लिए भोपाल के आसपास ही जगह तलाशी, ताकि कच्चा माल आसानी से लाया जा सके। इन्हें जगदीशपुर में मौके की जगह मिली तो पांच लाख अधिक देकर मकान का सौदा कर लिया और एक लाख रिश्वत देकर बिजली कनेक्शन लगवाकर मेफेड्रोन बनाना शुरू कर दिया। फैसल ने मेफ्रेडोन बनाने की तकनीक रज्जाक को भी सिखाई। बाद में डीआरआई ने 16 अगस्त को मकान नंबर-11 पर रेड मारकर दोनों को गिरफ्तार कर लिया। टीम ने मौके से 61.20 किलो मेफ्रेडोन जब्त किया, बाजार में इसकी कीमत 92 करोड़ रुपए थी। साथ ही 541.53 किलो कच्चा माल भी मिला, जिससे मेफेड्रोन बनाया जाना था। महिला तस्कर 14 दिन की न्यायिक हिरासत में महिला तस्कर सहित सात आरोपियों को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेजा है। गिरफ्तार आरोपियों में गुजरात की महिला तस्कर के बारे में डीआरआइ को नई जानकारी मिली है। वह गुजरात की राज्य स्तर की पहलवान है और राष्ट्रीय खेलों में भी भाग ले चुकी है। सूत्रों के अनुसार गैंग के सरगना इस महिला और गरीब आरोपियों का इस्तेमाल कर रहे थे। 1800 करोड़ के ड्रग्स केस से जुड़ा था सलीम, 1 लाख का इनाम घोषित भोपाल के बगरौदा इंडस्ट्रियल एरिया से दस माह पहले पकड़ाई फैक्ट्री का कनेक्शन सलीम डोला से था। नारकोटिक्स टीम ने जांच के बाद जो आरोप पत्र भोपाल स्पेशल कोर्ट में पेश किया था, उसके अनुसार फैक्ट्री का कर्ताधर्ता सलीम ही था। डोला पर एनसीबी ने दो माह पहले रेड कॉर्नर नोटिस जारी किया था। इसके बाद से इंटरपोल उसकी तलाश कर रही थी। एनसीबी ने डोला पर 1 लाख का इनाम घोषित किया है। बगरौदा फैक्ट्री से जो केमिकल मिले वैसे ही जगदीशपुर फैक्ट्री से मिले बगरौदा स्थित फैक्ट्री से जो केमिकल जब्त हुए हैं, ठीक वैसे ही केमिकल जगदीशपुर में भी मिले हैं। इंटेलिजेंस के अनुसार फिलहाल सलीम डोला ने तुर्किए के इस्तांबुल में ठिकाना बना रखा है। राजधानी के जगदीशपुरा में मेफेड्रोन ड्रग्स फैक्ट्री का काम उसका भतीजा मुस्तफा कुब्बावाला देख रहा था। सलीम पहले दाउद के खास इकबाल मिर्ची का सहयोगी रह चुका है।

यात्रियों की मुश्किलें बढ़ीं: अचानक 26 ट्रेनों की रद्दीकरण से मचा हड़कंप

रायपुर  रेल यात्रियों के लिए बुरी खबर है. अगर आप भी त्यौहारी सीजन में रेल सफर करने वाले हैं, तो यह खबर आपके काम की साबित हो सकती है. आज से 27 अगस्त तक 26 ट्रेनों को कैंसिल कर दिया गया है. वहीं 2 ट्रेने रूट बदल कर चलेंगी. इसके अलावा 3 ट्रेनें आधे रास्ते ही रोक दिया जाएगा. रेलवे के इस फैसले के बाद झारखंड जैसे अन्य राज्यों के यात्रियों की परेशानी बढ़ सकती है. रेलवे ने जानकारी दी कि बिलासपुर-झारसुगुड़ा के बीच तीसरी और चौथी रेल लाइन परियोजना का काम तेजी से चल रहा है. अभी तक 206 किमी चौथी लाइन में से 150 किमी से ज्यादा काम पूरा हो चुका है. इस दौरान रायगढ़ के किरोड़ीमल नगर स्टेशन को चौथी लाइन से जोड़ने और रायगढ़-झारसुगुड़ा सेक्शन पर विद्युतीकरण का कार्य किया जाएगा. इसी वजह से 23 से 27 अगस्त तक अलग-अलग दिनों में 26 ट्रेनें कैंसिल रहेगी. ये ट्रेने रहेंगी कैंसिल 23 से 26 अगस्त तक टाटानगर-बिलासपुर एक्सप्रेस. 24 से 27 अगस्त तक बिलासपुर-टाटानगर एक्सप्रेस. 23 अगस्त को सांतरागाछी-पुणे. 25 अगस्त को पुणे-सांतरागाछी. 24 अगस्त को मुंबई-हावड़ा मेल. 25 अगस्त को हटिया-पुणे एक्सप्रेस. 27 अगस्त को पुणे-हटिया एक्सप्रेस. 27 अगस्त को पूरी-जोधपुर. 30 अगस्त को जोधपुर-पूरी. 23 अगस्त को उदयपुर-शालीमार . 24 अगस्त को शालीमार-उदयपुर. 27 अगस्त को गया-कुर्ला एक्सप्रेस. 29 अगस्त को कुर्ला-गया एक्सप्रेस. 27 अगस्त को पोरबंदर-शालीमार एक्सप्रेस. 29 अगस्त को शालीमार-पोरबंदर एक्सप्रेस. 22 अगस्त को वास्को-द-गामा-जसीडीह एक्सप्रेस. 25 अगस्त को जसीडीह-वास्को-द-गामा एक्सप्रेस. 24 अगस्त को रक्सौल-हैदराबाद. 23, 25 और 26 अगस्त को कुर्ला-शालीमार एक्सप्रेस. 25, 27 और 28 अगस्त को शालीमार-कुर्ला एक्सप्रेस. 24 और 27 अगस्त को रायगढ़-बिलासपुर मेमू . 24 और 27 अगस्त को बिलासपुर-रायगढ़ मेमू . 24 और 27 अगस्त को रायगढ़-बिलासपुर मेमू . 23 और 26 अगस्त को बिलासपुर-रायगढ़ मेमू. इन ट्रेनों का बदला रूट 23 अगस्त को हावड़ा-पुणे दूरंतो एक्सप्रेस झारसुगुड़ा, टिटलागढ़, लाखोली, रायपुर होकर चलेगी. 25 अगस्त को पुणे-हावड़ा दूरंतो एक्सप्रेस रायपुर, लाखोली, टिटलागढ़, झारसुगुड़ा होकर चलेगी. 3 ट्रेनें आधे रास्ते ही रोक दिया जाएगा 24 से 27 अगस्त तक गोंदिया-झारसुगुड़ा पैसेंजर बिलासपुर-झारसुगुड़ा के बीच रद्द रहेगी. 23, 25,26 अगस्त को निजामुद्दीन-रायगढ़ गोंडवाना एक्सप्रेस बिलासपुर में ही समाप्त होगी. 25, 27, 28 अगस्त को रायगढ़-निजामुद्दीन गोंडवाना बिलासपुर से ही रवाना होगी. 31 अगस्त से 15 सितंबर तक ये एक्सप्रेस ट्रेनें रहेंगी रद्द 18113 टाटानगर-बिलासपुर एक्सप्रेस 30 अगस्त से 2 सितंबर तक रद्द. 18114 बिलासपुर-टाटानगर एक्सप्रेस 31 अगस्त से 3 सितंबर तक रद्द. 18109 टाटानगर-इतवारी एक्सप्रेस 3 सितंबर को रद्द. 18110 इतवारी-टाटानगर एक्सप्रेस 3 सितंबर को रद्द. 20822 सांतरागाछी-पुणे एक्सप्रेस 30 अगस्त को रद्द. 20821 पुणे-सांतरागाछी एक्सप्रेस 1 सितंबर को रद्द. 22512 कामाख्या-कुर्ला एक्सप्रेस 31 अगस्त को रद्द. 22511 कुर्ला-कामाख्या एक्सप्रेस 2 सितंबर को रद्द. 22846 हटिया-पुणे एक्सप्रेस 29 अगस्त और 1 सितंबर को रद्द. 22845 पुणे-हटिया एक्सप्रेस 31 अगस्त और 3 सितंबर को रद्द. 20813 पूरी-जोधपुर एक्सप्रेस – 27 अगस्त को रद्द. 20814 जोधपुर-पूरी एक्सप्रेस 30 अगस्त को रद्द. 20971 उदयपुर-शालीमार एक्सप्रेस 30 अगस्त को रद्द. 20972 शालीमार-उदयपुर एक्सप्रेस 31 अगस्त को रद्द. 13425 मालदा-सूरत एक्सप्रेस 30 अगस्त को रद्द. 13426 सूरत-मालदा एक्सप्रेस 1 सितंबर को रद्द. 12905 पोरबंदर-शालीमार एक्सप्रेस 27 और 28 अगस्त को रद्द. 12906 शालीमार-पोरबंदर एक्सप्रेस 29 और 30 अगस्त को रद्द. 17321 वास्को-द-गामा-जसीडीह एक्सप्रेस 29 अगस्त को रद्द. 17322 जसीडीह-वास्को-द-गामा एक्सप्रेस – 1 सितंबर को रद्द. 22843 बिलासपुर-पटना एक्सप्रेस 29 अगस्त को रद्द. 22844 पटना-बिलासपुर एक्सप्रेस 31 अगस्त को रद्द. 12262 हावड़ा-मुंबई एक्सप्रेस – 2 सितंबर को रद्द. 12261 मुंबई-हावड़ा एक्सप्रेस 3 सितंबर को रद्द. 12101 कुर्ला-शालीमार एक्सप्रेस 29 अगस्त को रद्द. 12102 शालीमार-कुर्ला एक्सप्रेस 31 अगस्त को रद्द. ये पैसेंजर (MEMU) ट्रेनें रद्द 68737 रायगढ़-बिलासपुर मेमू – 31 अगस्त से 15 सितंबर तक रद्द. 68738 बिलासपुर-रायगढ़ मेमू – 31 अगस्त से 15 सितंबर तक रद्द. 68735 रायगढ़-बिलासपुर मेमू – 31 अगस्त से 15 सितंबर तक रद्द. 68736 बिलासपुर-रायगढ़ मेमू 30 अगस्त से 14 सितंबर तक रद्द.

तस्वीर बदल रहीं जीविका दीदियां, नशामुक्ति आंदोलन में बनीं नई ताकत

पटना  जीविका दीदियां बिहार की नई ताकत बन कर उभरीं हैं। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में शुरू हुई ‘जीविका’ योजना की वजह से न केवल बिहार की महिलओं को आर्थिक मजबूती मिल रही है बल्कि वो बिहार के विकास की मजबूत कड़ी बन चुकी हैं। इतना ही नहीं जीविका समूहों से जुड़ी महिलाएं सामाजिक बदलाव की भी गाथा लिख रहीं हैं। जिसका नतीजा है कि सीएम नीतीश ने उनके योगदान को सराहते हुए मान देय में बढ़ोतरी की है। सक्रीय जीविका समूहों ने समाज को दिखाई राह बिहार सरकार के आंकड़ों की मालने तो बिहार के गांवों में इनकी भूमिका काफी अहम हो गई है। गांव–गांव में जीविका की सक्रिय 60,000 से ज्यादा ग्राम संगठन हैं। जो आज नशामुक्त का संदेश और उसके अपनी सक्रीय भूमिका निभाकर समाज को राह दिखा रही हैं। जीविका दीदियों के नेतृत्‍व में चलाए जा रहे अभियान जिसका नतीजा है कि अब महिलाओं की अगुवाई में ही जागरूकता अभियान चलाए जा रहे हैं। जागरूकता रैलियां, नुक्कड़ नाटक और चौपाल पर बैठकें की जा रही हैं। ये सब जीविका से जुड़ी गांव की आम सी दिखने वाली महिलाएं कर रही हैं।  कुरीतियों में सुधार शराब के सेवन और तंबाकू के नुकसान की जो जागरूकता जीविका दीदियों ने फैलाई है। सामजिक व्‍यवहार की कुरीतियों पर काबू पाने में अहम भूमिका निभाई है। जिन इलाकों में कभी नशा आम बात थी, वहां अब सामाजिक दबाव और सामूहिक चेतना से सकारात्मक माहौल दिखाई दे रहा है। शराबबंदी कानून को सफल बनाने और शराब माफियाओं को कमजोर करने में भी इनका महत्‍वपूर्ण योगदान रहा है। समाज सुधार की मिसाल बनीं दीदियां  गौर करने वाली बात ये कि सीएम नीतीश कुमार के विजन से बाल विवाह रोकथाम और शराबबंदी नियमों के अनुपालन में भी जीविका दीदियों की सक्रिय भागीदारी निर्णायक साबित हो रही है। ग्रामीण विकास विभाग का यह अभियान अब समाज सुधार की सबसे बड़ी मिसाल बनता जा रहा है।

स्कूल शिक्षा विभाग ने दिखाई सख्ती, MP में प्रिंसिपल-हेड मास्टर को ई-अटेंडेंस लगाने के आदेश

भोपाल  मध्य प्रदेश शिक्षा विभाग ने स्कूलों में पारदर्शिता और अनुशासन बढ़ाने के उद्देश्य से ई-अटेंडेंस व्यवस्था को सख्ती से लागू करने के निर्देश दिए हैं। लोक शिक्षण संचालनालय ने सभी जिला शिक्षा अधिकारियों को आदेश जारी करते हुए कहा है कि अब सभी शिक्षक और संस्था प्रमुख नियमित रूप से ई-अटेंडेंस दर्ज करेंगे। विभाग की ओर से स्पष्ट किया गया है कि जिन अधिकारियों और शिक्षकों द्वारा आदेश का पालन नहीं किया जाएगा, उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। साथ ही जिला शिक्षा अधिकारियों को ई-अटेंडेंस की निगरानी करने और इसकी प्रगति पर लगातार रिपोर्ट देने के निर्देश भी दिए गए हैं। लोक शिक्षण संचालनालय के संचाल के तरफ से सभी जिलों को निर्देश भेजे गए हैं। इसमें कहा गया है कि मॉनीटरिंग रिपोर्ट में संज्ञान में आया है कि संस्था प्रधान ई-अटेंडेंस नहीं लगा रहे हैं, जिसके चलते शिक्षक भी ई-अटेंडेंस नहीं लगा रहे हैं। आदेश में सभी जिला अधिकारियों को संस्था प्रधान और शिक्षकों की ई-अटेंडेंस लगाने की मॉनीटरिंग करने और रिपोर्ट भेजने को कहा गया है।  बता दें 1 जुलाई से प्रदेश के स्कूलों में ई-अटेंडेंस अनिवार्य कर दी गई है। इसमें शिक्षकों को स्कूल पहुंचने पर एप के माध्यम से अपनी अटेंडेंस लगाना है। इसमें स्कूल से सेल्फी लेकर उसे अपलोड करना हैं। इसी तरह छुट्टी के समय भी सेल्फी लेकर उसे अपलोड करना है। अब छुट्टी के आवेदन भी ऑनलाइन होंगे। इसका शिक्षक विरोध कर रहे हैं।   

48 घंटे से मूसलाधार बरसात, बाढ़ जैसे हालात में सेना और SDRF उतरी

कोटा हाड़ौती में बीते 48 घंटे से मूसलाधार बारिश का दौर लगातार जारी है। कोटा, बूंदी और बारां जिलों में बारिश ने बाढ़ जैसे हालात पैदा कर दिए हैं। कई कस्बों और गांवों में 8 से 10 फीट तक पानी भर गया है, जिससे आम जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। गांव, कस्बे और शहर तक इस बाढ़ की चपेट में आ गए हैं। पिछले दो दिनों में हाड़ौती क्षेत्र में एक दर्जन से अधिक कच्चे मकान ढह गए, जबकि कई मकानों को नुकसान पहुंचा है। हालात बिगड़ने पर एसडीआरएफ और एनडीआरएफ के साथ सेना को भी राहत कार्यों में लगाया गया है। अब तक 200 से ज्यादा लोगों को रेस्क्यू कर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। बाढ़ की वजह से कई गांव और कस्बे टापू में तब्दील हो गए हैं। लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के लिए नाव का सहारा लिया जा रहा है। सबसे ज्यादा प्रभावित क्षेत्र बूंदी जिले का कापरेन और कोटा जिले का सुल्तानपुर बताया जा रहा है। इसके अलावा दीगोद क्षेत्र में भी हालात गंभीर बने हुए हैं। भारी बारिश और जलभराव से कई पुलिया और सड़कें क्षतिग्रस्त हो गईं। 100 से ज्यादा गांवों का संपर्क मुख्य शहरों से टूट गया है। कोटा से मध्यप्रदेश के श्योपुर को जोड़ने वाला मार्ग बंद हो गया है। दीगोद, इटावा, खातोली और सुल्तानपुर जैसे क्षेत्रों का सीधा संपर्क कोटा से कट गया है। इसी तरह कोटा-कैथून और सांगोद मार्ग पर भी यातायात ठप हो गया है, जिससे 20 से ज्यादा गांव अलग-थलग पड़ गए हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में खेत पूरी तरह जलमग्न होकर तालाब जैसे हो गए हैं। आसपास की नदियों और नालों का पानी खेतों में भर गया है, जिससे फसलों को भारी नुकसान हुआ है। वहीं शहरों और कस्बों में दुकानों व मकानों में पानी घुसने से व्यापारियों को भी बड़ा नुकसान उठाना पड़ा है।  

सीएम योगी ने न्यायिक सेवा सम्मेलन में कहा- जनता तक आसान और तेज पहुंचे न्याय

लखनऊ  यूपी न्यायिक सेवा संघ के सम्मेलन में सीएम योगी शामिल हुए। इस मौके पर उन्होंने कहा कि सुशासन का लक्ष्य पाना है तो न्याय को सुगम और त्वरित बनाना होगा।  राजधानी लखनऊ में शनिवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने यूपी न्यायिक सेवा संघ के 42वें सम्मेलन में भाग लिया। इस मौके पर उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश न्यायिक सेवा संघ ने 102 वर्षों के अपने इतिहास में अनेक उपलब्धियां हासिल की हैं। प्रधानमंत्री मोदी ने देशवासियों को एक विकसित भारत के संकल्प के साथ जोड़ा है।  सीएम ने कहा कि हम राज्य में कार्य कर रहे हैं, तो विकसित भारत का विकसित उत्तर प्रदेश बनेगा। हम जनपद में कार्य कर रहे हैं, तो विकसित उत्तर प्रदेश का विकसित जनपद बनेगा। यदि हमें सुशासन के लक्ष्य को प्राप्त करना है तो हमें न्याय को सुगम और त्वरित बनाना पड़ेगा।  

अलका उपाध्याय बनीं राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग की सचिव, CS पद की दौड़ से बाहर

भोपाल  मुख्य सचिव की दौड़ में मानी जा रही 1990 बैच की IAS अधिकारी अलका उपाध्याय को लूप लाइन भेज दिया गया है। उपाध्याय अब तक केंद्र में पशुपालन एवं डेयरी विभाग में सचिव के पद पर थीं, लेकिन हाल ही में उन्हें राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग (National Minority Commission) में सचिव बना दिया गया। जानकार मानते हैं कि किसी आयोग में सचिव पदस्थ होना "लूप लाइन" मानी जाती है और यह अच्छे पदस्थापन की श्रेणी में नहीं आता। इससे साफ है कि मध्यप्रदेश में मुख्य सचिव बनने की उनकी संभावनाओं पर ब्रेक लग गया है। इसी तरह, 1992 बैच के IAS वीएल कांताराव का भी तबादला किया गया है। उन्हें खनिज सचिव से हटाकर जल संसाधन, नदी विकास और गंगा पुनर्जीवन विभाग में सचिव बनाया गया।  कांताराव की पदस्थापना मध्य प्रदेश के लिए अहम हैं। अब मध्य प्रदेश की केन बेतवा लिंक प्रोजेक्ट और पार्वती-कालीसिंध और चंबल लिंक प्रोजेक्ट में तेजी आने की संभावना है।  बता दें मध्य प्रदेश के मुख्य सचिव अनुराग जैन 31 अगस्त को सेवानिवृत्त हो रहे हैं। ऐसे में उनको एक्सटेंशन नहीं मिलने की संभावना में कई वरिष्ठ अधिकारी मुख्य सचिव की रेस में हैं। इसमें एक नाम अलका उपाध्याय का भी माना जा रहा हैं।  कांताराव को जल शक्ति का सचिव बनाया केंद्र ने शुक्रवार को 14 सीनियर आईएफएस अफसरों की जिम्मेदारी बदल दी। इनमें मप्र कैडर की 1990 बैच की अलका उपाध्याय को राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग का सचिव बनाया गया है। वे अब तक पशुपालन, डेयरी और फिशरीज मंत्रालय में सचिव थीं। मप्र कैडर के 1992 बैच के अफसर वीएल कांताराव को जल शक्ति, नदी विकास और गंगा संरक्षण मंत्रालय का सचिव नियुक्त किया गया है। वे पहले खनिज मंत्रालय में सचिव थे। शुक्रवार को केंद्रीय कार्मिक मंत्रालय की अपॉइंटिंग कमेटी ऑफ कैबिनेट ने इस बदलाव के आदेश जारी किए। अलका उपाध्याय का तबादला ऐसे समय हुआ, जब उनका नाम मप्र के अगले मुख्य सचिव की रेस में शामिल था। अब वे इस दौड़ से बाहर हो गई हैं। कांताराव की नई जिम्मेदारी मप्र के लिए अहम है। उनकी नियुक्ति से केन-बेतवा लिंक प्रोजेक्ट और पार्वती-कालीसिंध-चंबल लिंक प्रोजेक्ट को तेजी मिलेगी। साथ ही, महाराष्ट्र के साथ प्रस्तावित ताप्ती मेगा रीचार्ज परियोजना को राष्ट्रीय परियोजना का दर्जा दिलाने में भी मप्र को लाभ होगा।    

योगी के शहर की सबसे बड़ी परेशानी दूर करने आ रहा मास्टर प्लान

गोरखपुर  सीएम योगी आदित्यनाथ के शहर गोरखपुर में जलभराव की समस्या के स्थायी समाधान के लिए नगर निगम ने ‘इंटीग्रेटेड अर्बन स्टॉर्म वॉटर ड्रेनेज मास्टर प्लान’ (आईयूएसडब्ल्यूडीएमपी) तैयार कराने का निर्णय लिया है। इसके लिए निगम ने निविदा आमंत्रित की है। परियोजना को चार महीने में पूरा किया जाना है। यह मास्टर प्लान शहर की मौजूदा जल निकासी व्यवस्था का आधुनिक तकनीक से आकलन कर उसे सुदृढ़ और भविष्य के लिए सक्षम बनाएगा। इसके तहत पूरे महानगर में ड्रेनेज नेटवर्क का सर्वेक्षण, अद्यतन आंकड़े एकत्र करना, चालू परियोजनाओं का नए प्रस्तावों के साथ एकीकरण और विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार की जाएगी। योजना के तहत नगर सीमा से बाहर स्थित कैचमेंट एरिया को ध्यान में रखते हुए ड्रेनेज बेसिन मानचित्र तैयार किए जाएंगे। परियोजना प्रभाव क्षेत्र में व्यापक स्थलाकृतिक सर्वेक्षण , हाइड्रोलिक विश्लेषण, ज़ोनिंग तथा कैचमेंट/उप-कैचमेंट क्षेत्रों का विभाजन किया जाएगा। वर्षा की अधिकतम तीव्रता को ध्यान में रखते हुए सिमुलेशन मॉडल तैयार होंगे। अंतिम जल निकासी बिंदु पर प्रभाव का आकलन करते हुए जान-माल की क्षति और प्रमुख सड़कों पर यातायात में व्यवधान को न्यूनतम करने हेतु प्रारंभिक चेतावनी प्रणाली का प्रस्ताव किया जाएगा। बता दें, 17 दिसंबर 2024 को कैबिनेट बैठक में l सीएम योगी ने इंटीग्रेटेड अर्बन स्ट्रॉम वॉटर ड्रेनेज मास्टर प्लान बनाने का निर्णय लिया था। प्रथम चरण में परियोजना में 17 शहर शामिल किए गए थे, जिसके लिए इसके लिए पूर्व में ही वित्तीय बजट में 1000 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई थी। 6.80 करोड़ से हुआ लेडार सर्वेक्षण, लेकिन इस्तेमाल नहीं महानगर में वर्षा जल निकासी प्रणाली पर अर्बन स्ट्रॉम वॉटर ड्रेनेज मास्टर प्लान पहले से ही उपलब्ध है। नगर निगम और जीडीए ने 6.80 करोड़ रुपये से लेडार सर्वेक्षण कराया था। 16 नवंबर 2023 को फर्म ने अपनी फाइनल रिपोर्ट प्राधिकरण को सौंप दी थी। लेकिन इस सर्वेक्षण का महानगर में हजारों करोड़ रुपये से अधिक के जलनिकासी कार्यो में नगर निगम समेत किसी कार्यदायी एजेंसी ने इस्तेमाल नहीं किया। अब नगर निगम अपने 220 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र का सर्वेक्षण करना चाहते हैं। क्या बोले नगर आयुक्त नगर आयुक्त गौरव सिंह सोगरवाल ने बताया कि इंटीग्रेटेड अर्बन स्टॉर्म वॉटर ड्रेनेज मास्टर प्लान एक समग्र योजना होगी जिसका उद्देश्य शहरी क्षेत्रों में वर्षा जल के प्रभावी और टिकाऊ प्रबंधन के लिए व्यवस्थित और दीर्घकालिक रणनीति विकसित करना है। जीडीए द्वारा कराया गया लेडार सर्वेक्षण हमारे पास है, लेकिन इंटीग्रेटेड अर्बन स्टॉर्म वॉटर ड्रेनेज मास्टर प्लान का वह पार्ट है। इससे शहरी बाढ़, जलभराव और जल प्रदूषण की समस्याओं को हल करने में भी मदद करेगी।