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लुण्ड्रा को 10 करोड़ का विद्युत विस्तार, सीएम साय ने दी मंजूरी

रायपुर लुण्ड्रा विकासखंड के ग्रामीणों को लंबे समय से झेल रही लो वोल्टेज और बिजली आपूर्ति की समस्याओं से अब बड़ी राहत मिलने जा रही है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने विधायक प्रबोध मिंज की मांग पर क्षेत्र में विद्युत विस्तार कार्य के लिए 10 करोड़ रुपये की स्वीकृति प्रदान की है। इस स्वीकृति के बाद लुण्ड्रा क्षेत्र में बिजली आपूर्ति और अधिक सुदृढ़ होगी तथा उपभोक्ताओं को स्थायी समाधान मिलेगा।          स्वीकृति के अनुसार ककनी में 10 किलोमीटर 33 केवी लाइन और 9 किलोमीटर 11 केवी लाइन का विस्तार किया जाएगा। इसी तरह तुरियाबीरा में 10 किलोमीटर 33 केवी और 7 किलोमीटर 11 केवी लाइन बिछाई जाएगी। कुंवरपुर पंचायत में भी 1 किलोमीटर 33 केवी तथा 21 किलोमीटर 11 केवी लाइन का विस्तार होगा।          विधायक प्रबोध मिंज ने मुख्यमंत्री साय के प्रति आभार जताते हुए कहा कि लुण्ड्रा विधानसभा क्षेत्र के लोग वर्षों से मूलभूत सुविधाओं की कमी झेल रहे थे। जनता की समस्याओं को दूर करना उनकी पहली प्राथमिकता है और मुख्यमंत्री की इस स्वीकृति से ग्रामीणों को बड़ी राहत मिलेगी। उन्होंने कहा कि क्षेत्र की जनभावनाओं के अनुरूप विकास कार्य निरंतर जारी रहेंगे।           ग्रामीणों ने भी इस निर्णय का स्वागत करते हुए विधायक मिंज का आभार व्यक्त किया और कहा कि अब उनके गांवों में गुणवत्तापूर्ण और निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित होगी।

₹582 करोड़ की लागत से भोपाल में 700Km वाटर नेटवर्क, 30 हजार परिवारों तक पहुँचेगा नल-जल

भोपाल  राजधानी भोपाल में अमृत योजना-2.0 के तहत जलापूर्ति से संबंधित महत्वपूर्ण कार्यों की शुरुआत की जाएगी। इस योजना के अंतर्गत 700 किलोमीटर लंबी पाइपलाइन बिछाई जाएगी, साथ ही नई टंकियां, इंटकवेल और फिल्टर प्लांट भी स्थापित किए जाएंगे। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव आज यानी गुरुवार 21 अगस्त को कुशाभाऊ कन्वेंशन सेंटर (मिंटो हॉल) में भूमिपूजन समारोह का आयोजन करेंगे, जिसमें जलापूर्ति कार्यों के लिए 582.32 करोड़ रुपये की लागत से भूमिपूजन किया जाएगा। इसके अलावा, 30 हजार घरों में नल कनेक्शन भी प्रदान किए जाएंगे। इस कार्यक्रम में महापौर मालती राय, निगम अध्यक्ष किशन सूर्यवंशी, बीजेपी जिलाध्यक्ष रविंद्र यति, और अन्य जनप्रतिनिधि भी उपस्थित रहेंगे। इसके साथ ही, निगम के दिवंगत कर्मचारियों के आश्रितों को अनुकंपा नियुक्ति पत्र और अभ्यार्थियों को नवीन नियुक्ति पत्र भी वितरित किए जाएंगे। स्वच्छ सर्वेक्षण-2024 में भोपाल को उत्कृष्ट स्थान प्राप्त होने पर सफाई मित्रों का सम्मान भी किया जाएगा। अमृत योजना-2.0 का उद्देश्य अगले 30 से 40 वर्षों के लिए जलापूर्ति प्रणाली को मजबूत करना है, ताकि बढ़ती जनसंख्या के अनुसार जलापूर्ति की व्यवस्था सुचारू रूप से चलती रहे। योजना के तहत 4 नए इंटकवेल, 4 नए फिल्टर प्लांट, 36 बड़ी टंकियां और 30 हजार घरों में नल कनेक्शन प्रदान किए जाएंगे। कुशाभाऊ कन्वेंशन सेंटर (मिंटो हॉल) में कार्यक्रम होगा। इसमें मुख्यमंत्री डॉ. यादव अमृत योजना-2.0 के तहत 582.32 करोड़ रुपए की लागत से जलापूर्ति संबंधी कार्यों एवं वार्डों में 50 अन्य विकास कार्य के लिए भूमिपूजन करेंगे। वहीं, निगम के दिवंगत कर्मचारियों के आश्रितों को अनुकंपा नियुक्ति पत्र, अभ्यार्थियों को नवीन नियुक्ति पत्र भी देंगे। साथ ही स्वच्छ सर्वेक्षण-2024 में भोपाल को उत्कृष्ट स्थान प्राप्त होने पर सफाई मित्रों का सम्मान भी किया जाएगा। महापौर मालती राय, निगम अध्यक्ष किशन सूर्यवंशी, बीजेपी जिलाध्यक्ष एवं एमआईसी मेंबर रविंद्र यति, राजेश हिंगोरानी, मनोज राठौर समेत कई जनप्रतिनिधि भी मौजूद रहेंगे। 36 बड़ी टंकियां, 4 फिल्टर प्लांट भी जानकारी के अनुसार, अमृत योजना-2.0 से शहर में वाटर नेटवर्क बिछाया जाएगा। अगले 30 से 40 साल के लिए स्कीम लाई गई है। ताकि, आबादी के हिसाब से सिस्टम काम करता रहे। योजना के तहत 4 नए इंटकवेल, 4 नए फिल्टर प्लांट, 36 बड़ी टंकियां, 700 किलोमीटर लंबी पानी की पाइप लाइन और 30 हजार घरों में नल कनेक्शन भी दिए जाएंगे।

बलरामपुर को मिला प्रयास आवासीय विद्यालय, मंत्री रामविचार नेताम की पहल पर 25 करोड़ स्वीकृत

रायपुर बलराम पुर जिला मुख्यालय में 25 करोड़ रूपए की लागत से प्रयास आवासीय विद्यालय बनेगा। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आदिम जाति विकास मंत्री राम विचार नेताम की पहल पर प्रयास आवासीय विद्यालय के भवन के लिए राशि की मंजूरी दी है।  मंत्री नेताम ने बताया कि बलरामपुर में प्रयास आवासीय विद्यालय प्रारंभ होने से अंचल के जनजातीय परिवारों के प्रतिभावान बच्चों को आगे बढ़ने का अवसर मिलेगा। इन विद्यालयों में स्कूली शिक्षा के साथ-साथ अखिल भारतीय मेडिकल एवं इंजीनियरिंग परीक्षाआों के साथ-साथ अन्य परीक्षाओं की भी तैयारी करायी जाती है। बलरामपुर आदिवासी बहुल क्षेत्र हैं। इस विद्यालय के प्रारंभ होने से न केवल जनजातीय बल्कि अन्य वर्गों के प्रतिभावान छात्रों को इसका लाभ मिलेगा।

01 नवंबर को राज्य स्थापना की रजत जयंती एवं 15 नवंबर को जनजातीय गौरव दिवस के अवसर पर होगा वृहद आयोजन अभियान

रायपुर प्रमुख सचिव सोनमणि बोरा द्वारा आज मंत्रालय स्थित सभाकक्ष में 28 जिलों के कलेक्टर्स के साथ वीडियो कोफ्रेंसिंग के माध्यम से आदि कर्मयोगी अभियान की तैयारियों के संबंध में बैठक लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रदेश के 28 जिलों के 128 विकासखण्डों एवं 6650 आदिवासी बाहुल्य ग्रामों में इस अभियान के माध्यम से शत प्रतिशत संतृप्ति के लक्ष्य को प्राप्त किया जाना है इसके लिए अन्य विभागों से भी आवश्यक सहयोग प्राप्त किया जाए। उन्होंने कहा कि चिन्हांकित आदिवासी बाहुल्य ग्रामों में जो भी क्रिटिकल गैप है उसे इस अभियान के अंतर्गत जिला स्तर पर आदि कर्मयोगी, ब्लॉक स्तर पर आदि सहयोगी एवं ग्राम स्तर पर आदिसाथी के माध्यम से पूर्ण किए जाने का लक्ष्य है। उन्होंने कहा कि इस हेतु पूरे प्रदेश से लगभग 1.33 लाख वॉलंटियर तैयार किए जाने का लक्ष्य है, जो कि जमीनी स्तर पर जनजातीय समाज के लोंगों के बीच जाकर अभियान की सफलता को सुनिश्चित करेंगे। उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय द्वारा 6 अगस्त को आदि कर्मयोगी अभियान के संबंध में राज्य स्तरीय समीक्षा बैठक लेकर आवश्यक दिशा निर्देश दिए गए थे। उन्होंने जिला कलेक्टर्स को 16 सितंबर से 02 अक्टूबर 2025 तक सेवा पखवाड़ा के रूप में मनाए जाने के निर्देश भी दिए हैं। प्रमुख सचिव बोरा ने बताया कि इस अभियान हेतु रिस्पॉसिव गवर्नेस प्रोग्राम के तहत राजधानी रायपुर में जनजातीय कार्य मंत्रालय, भारत सरकार के मुख्य तत्वाधान में संभागवार जिला मास्टर ट्रेनर्स के चार दिवसीय प्रशिक्षण सत्र का दूसरा चरण चल रहा है। आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति विकास विभाग इसका मुख्य आयोजक है, जबकि इसमें बीआरएलएफ (भारत ग्रामीण आजीविका मिशन) द्वारा विशेष सहयोग प्रदान किया जा रहा है। पहले चरण में 11 से 14 अगस्त तक रायपुर, बिलासपुर एवं दुर्ग संभाग एवं द्वितीय चरण 18 से 21 अगस्त में बस्तर एवं सरगुजा संभाग के जिला मास्टर ट्रेनर्स को अभियान की सभी सूक्ष्म जानकारियां राज्य मास्टर ट्रेनर्स द्वारा दी जा रही है। प्रदेश के मुख्य सचिव अमिताभ जैन द्वारा 12 अगस्त को संभागवार जिला मास्टर ट्रेनर्स के प्रथम सत्र का शुभारंभ किया गया था। इसी प्रकार 19 अगस्त को केन्द्रीय राज्य मंत्री जनजातीय कार्य मंत्रालय दुर्गादास उइके द्वारा इसके द्वितीय चरण के प्रशिक्षण सत्र का शुभारंभ किया गया। इस अवसर पर मंत्री रामविचार नेताम द्वारा भी सत्र को संबोधित किया गया। प्रमुख सचिव ने बताया कि 01 नवंबर को राज्य स्थापना की रजत जयंती एवं 15 नवंबर को जनजातीय गौरव दिवस के अवसर पर वृहद आयोजन किया जाना है। इसमें आदि कर्मयोगी, आदि सहयोगी एवं आदिसाथी की सहभागिता को सुनिश्चित किया जाना है। उन्होंने 16 सितंबर से 02 अक्टूबर 2025 के मध्य जिलों में ष्सेवा पर्व एवं आदि कर्मयोगी सेवा अभियानष् के रूप में मनाए जाने के संबंध में रूपरेखा को शीघ्र अंतिम रूप दिए जाने के र्निदेश दिए। उन्होंने जिला स्तर, ब्लॉक स्तर एवं ग्राम स्तर पर आयोजित होने वाले कार्यक्रमों में जिले के प्रभारी मंत्री एवं अन्य जनप्रतिनिधियों तथा गणमान्य नागरिकों को शामिल किए जाने के निर्देश दिए। बैठक को राज्य नोडल अधिकारी हृदेश कुमार, प्रबंध संचालक, ट्राईफेड द्वारा भी वर्चुअली मोड संबोधित कर जिला कलेक्टर्स को अभियान की सफलता सुनिश्चित करने का आव्हान किया गया। उन्होंने कहा कि सभी कलेक्टर्स को अभियान की पूरी रूपरेखा की जानकारी होनी चाहिए। इस हेतु एक व्यापक कार्ययोजना बनाकर उसपर पूरी गंभीरता के साथ काम किया जाए। साथ ही जिला स्तर, ब्लॉक स्तर एवं ग्राम स्तर पर भी अभियान का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाना चाहिए। प्रमुख सचिव सोनमणि बोरा ने कहा कि सभी जिला कलेक्टेरट में सूचना पटल आदि पर पीएम जनमन, धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान तथा आदि कर्मयोगी अभियान का बिन्दुवार व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए इस संबंध में स्थानीय स्तर पर इन अभियानों से संबंधित सामाचारों को भी चस्पा किया जाना चाहिए, ताकि लोगों के मध्य अभियान को लेकर जागरूकता बढ़ाई जा सके। इस हेतु जिलों में कार्यरत स्वयंसेवी संस्थाओं की भी मदद ली जा सकती है। उन्होंने बताया कि केन्द्र सरकार के डलळवअ पोर्टल पर जाकर जिलों में की जा रही गतिविधियों की फोटो सीधे अपलोड की जा सकती हैं। साथ ही अन्य राज्यों में इस संबंध में की जा रही अच्छी गतिविधियों का अवलोकन कर उसका अनुसरण किया जा सकता है। बैठक में आयुक्त डॉ. सारांश मित्तर, संयुक्त सचिव बी.के. राजपूत एवं अपर संचालक संजय गौड़ उपस्थित थे।

राजस्व कार्यों में बढ़ेगी पारदर्शिता और गति: मंत्री टंक राम वर्मा

राजस्व कार्यों में बढ़ेगी पारदर्शिता और गति: मंत्री टंक राम वर्मा मंत्री टंक राम वर्मा का आश्वासन, राजस्व कार्य होंगे समय पर और पारदर्शी नामांतरण, बंटवारा, सीमांकन से लेकर एग्रीस्टेक व जिओ-रिफ्रेंसिंग तक, जनता को मिलेगी त्वरित सुविधा: मंत्री टंक राम वर्मा रायपुर नवा रायपुर स्थित मंत्रालय में आज राजस्व मंत्री टंक राम वर्मा ने विभागीय अधिकारियों की महत्वपूर्ण बैठक लेकर राजस्व कार्यों की गहन समीक्षा की। बैठक में नामांतरण, बंटवारा, सीमांकन, एग्रीस्टेक और जिओ-रिफ्रेंसिंग जैसे सीधे जनता से जुड़े विषयों पर विशेष चर्चा कर कार्याे की प्रगति की जानकारी ली गई। मंत्री वर्मा ने स्पष्ट निर्देश दिए कि जनता को राजस्व सेवाओं के लिए भटकना न पड़े, इसके लिए सभी कार्य समय-सीमा में और पारदर्शिता के साथ पूर्ण किए जाएं। उन्होंने कहा कि नामांतरण, बंटवारा और सीमांकन जैसे कार्य ग्रामीणों व किसानों की आजीविका से जुड़े हैं, ऐसे में इनकी समय पर पूर्ति सर्वाेच्च प्राथमिकता है। एग्रीस्टेक और जिओ-रिफ्रेंसिंग की समीक्षा करते हुए उन्होंने अधिकारियों को नवीनतम तकनीक का अधिकतम उपयोग कर डिजिटल समाधान अपनाने के निर्देश दिए। मंत्री वर्मा ने कहा तकनीक से न केवल कार्यकुशलता बढ़ेगी, बल्कि भ्रष्टाचार और विवादों पर भी अंकुश लगेगा। जनता को पारदर्शी और त्वरित सेवा मिले, यही हमारी प्राथमिकता है। नई तकनीक अपनाने से  भूमि से जुड़े विवादों का भी त्वरित निराकरण संभव हो सकेगा। बैठक में राजस्व विभाग के सचिव सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारीगण उपस्थित थे। मंत्री वर्मा ने सभी अधिकारियों को राजस्व कार्यों की नियमित मॉनिटरिंग कर प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करने के भी निर्देश दिए।उन्होंने अधिकारियों को कहा कि किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। बैठक में मौजूद वरिष्ठ अधिकारियों ने मंत्री के निर्देशों को अमल में लाने का भरोसा दिलाया।

केन्द्रीय मंत्री नितिन गडकरी, मुख्यमंत्री डॉ. यादव करेंगे जनता को समर्पित

मदनमहल से दमोह नाका फ्लाई ओवर का होगा लोकार्पण केन्द्रीय मंत्री नितिन गडकरी, मुख्यमंत्री डॉ. यादव करेंगे जनता को समर्पित लोक निर्माण मंत्री ने जनप्रतिनिधियों एवं प्रशासनिक अधिकारियों के साथ किया फ्लाई ओवर का निरीक्षण लोक निर्माण मंत्री ने की फ्लाई ओवर लोकार्पण कार्यक्रम में शामिल होने की अपील दमोह मध्यप्रदेश के सबसे बड़े फ्लाई ओवर 'मदनमहल से दमोह नाका' का लोकार्पण केंद्रीय सड़क परिवहन एवं जहाजरानी मंत्री नितिन गडकरी और मुखयमंत्री डॉ. मोहन यादव शनिवार 23 अगस्त को करेंगे। लोकार्पण कार्यक्रम की तैयारियों के अंतर्गत लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह ने जनप्रतिनिधियों एवं प्रशासनिक अधिकारियों के साथ बुधवार को इस फ्लाई ओवर का निरीक्षण किया। लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह ने कहा कि बड़ी प्रसन्नता की बात है कि मप्र के सबसे बड़े फ्लाई ओवर का लोकार्पण करने केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री गडकरी मध्यप्रदेश आ रहे हैं। सिंह ने कहा 2004 में जब मैंने पहली बार लोकसभा चुनाव लड़ा तब जबलपुर के यातायात को व्यवस्थित करने के लिए मैंने फ्लाई ओवर निर्माण को अपने संकल्प पत्र में लिया था और उसके बाद इस दिशा में प्रयास प्रारम्भ किये गए। वर्ष 2014 में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में हमारी सरकार बनी और गडकरी केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री बनने के बाद मध्यप्रदेश आए। उनसे फ्लाई ओवर निर्माण की मांग रखी गई और गडकरी ने तत्काल इसकी स्वीकृति देते हुए इस फ्लाई ओवर का निर्माण सीआरएफ से कराने का आदेश जारी किया। फ्लाई ओवर का निर्माण प्रारम्भ होने और पूर्ण होने तक कई तरह की अड़चनें सामने आईं, उनके निराकरण की दिशा में कार्य किया गया, आज यह फ्लाई ओवर बनकर तैयार है। सिंह ने कहा लगभग 11 सौ करोड़ की लागत से निर्मित 7 किमी लम्बा जबलपुर में बना यह फ्लाई ओवर मप्र का सबसे बड़ा फ्लाई ओवर है। साथ ही इसमें रेल मार्ग के ऊपर बना देश का सबसे लम्बा सिंगल स्पान केबल स्टे ब्रिज भी बना है, जिसकी लम्बाई 192 मीटर है। इसमें 3 बो स्ट्रिंग ब्रिज बनाये गए हैं, जिसमें दो रानीताल में और एक बलदेवबाग में बनाया गया है, जो पूरी तरह स्टील से निर्मित है। इसकी लम्बाई लगभग 70 मीटर होगी। इस फ्लाई ओवर के नीचे पर्यावरण संरक्षण के लिए लगभग 50 हजार पौधों का रोपण किया गया है। साथ ही फ्लाई ओवर के नीचे ही बास्केटबल कोर्ट, ओपन जिम, बच्चों के लिए पार्क बनाये गए हैं। पूरे फ्लाई ओवर में 10 स्थानों पर दिशा सूचक बोर्ड लगाए गए हैं। सिंह ने कहा कि अभी मदनमहल से दमोह नाका तक जाने में वाहन को लगभग 40 से 45 मिनट लगते हैं, किन्तु फ्लाई ओवर से आवागमन प्रारम्भ होने के बाद यह दूरी सिर्फ 6 से 8 मिनट में तय हो जाएगी। यह फ्लाई ओवर न केवल जबलपुर के यातायात को व्यवस्थित करेगा अपितु जबलपुर के महानगरीय स्वरुप के लिए मील का पत्थर साबित होगा। लोक निर्माण मंत्री ने जबलपुर को मिली इस बड़ी सौगात के लोकार्पण कार्यक्रम में जबलपुर की जनता से उपस्थिति की अपील की है। निरीक्षण के दौरान महापौर जगत बहादुर सिंह अन्नू, विधायक अशोक रोहाणी, सुशील तिवारी इंदु, नीरज सिंह, संतोष बरकडे, कलेक्टर दीपक सक्सेना, पुलिस अधीक्षक सम्पत उपाध्याय, चीफ इंजीनियर लोनिवि आर.एल. वर्मा आदि उपस्थित रहे।  

मंत्री काश्यप ने महू के कोदरिया में ई.टी.पी प्लांट निर्माण की दी मंजूरी

भोपाल एम.एस.एम.ई मंत्री चेतन्य काश्यप ने महू गोदरिया के कच्ची आलू पपड़ी (चिप्स) निर्माता संघ के प्रतिनिधि मंडल को आश्वस्त किया कि एमएसएमई विभाग कोदरिया में ई.टी.पी. प्लांट लगवाने में सहयोग करेगा। उन्होंने प्लांट के अध्ययन के लिए विभाग के अधिकारियों की एक टीम को वस्तुस्थिति का अवलोकन करने के निर्देश दिये हैं। बुधवार को पूर्व मंत्री एवं विधायक सुउषा ठाकुर के नेतृत्व में कच्ची आलू पपड़ी (चिप्स) निर्माता संघ के प्रतिनिधि मंडल ने काश्यप से भेंट कर उन्हें अपनी समस्याओं से अवगत कराया और प्रदूषित पानी के निवारण के लिए ई.टी.पी. प्लांट बनवाने का अनुरोध किया था। मंत्री काश्यप को प्रतिनिधि मंडल ने बताया कि वर्ष 1984 से कोदरिया और उसके आसपास के क्षेत्रों में तीन से चार माह के लिए कच्ची आलू पपड़ी (चिप्स) निर्माण के लिए लगभग 150 कारखाने संचालित हो रहे हैं। इन कारखानों में लगभग 5 हजार महिला-पुरूष श्रमिकों को रोजगार मिल रहा है। इनमें लगभग तीन लाख मीट्रिक टन आलू का प्रसंस्करण कर कच्ची आलू पपड़ी (चिप्स) बनायी जाती है। इसके निर्माण के बाद जो पानी निकलता है, उसे विधिवत रूप से उपचारित न करने के कारण वह दुर्गंध युक्त हो जाता है, जिससे पर्यावरण दूषित हो रहा है। प्रतिनिधि मंडल ने बताया कि पर्यावरण विभाग ने यहां ई.टी.पी. प्लांट लगाने की अनुशंसा भी की है। प्लांट की लागत अधिक होने से इसे बनवाने में वे असमर्थ हैं। उन्होंने मंत्री काश्यप से अनुरोध किया कि वे प्लांट निर्माण में सहयोग कर समस्या का समाधान करें। मंत्री काश्यप ने उनके अनुरोध को स्वीकार कर प्लांट निर्माण के लिए सहमति व्यक्त की है।  

राज्य ग्राम्य विकास संस्थान में विभिन्न विषयों पर प्रशिक्षण कार्यक्रम जारी

लखनऊ उप मुख्यमंत्री श्री केशव प्रसाद मौर्य के नेतृत्व व निर्देशन में दीन दयाल उपाध्याय ग्राम्य विकास संस्थान बख्शी का तालाब, लखनऊ में विभिन्न सरकारी, अर्धसरकारी  विभाग /संस्थाओ के अधिकारियों व कर्मचारियों व  रचनात्मक कार्यों से जुड़े लोगों को प्रशिक्षण देकर उन्हें और अधिक दक्ष व सक्षम बनाने का कार्य किया जा रहा है। इसी कड़ी में दीनदयाल उपाध्याय राज्य ग्राम्य विकास संस्थान, बख्शी का तालाब, लखनऊ द्वारा महानिदेशक संस्थान  श्री एल० वेंकटेश्वर लू के संरक्षण व  प्र0अपर निदेशक सुबोध दीक्षित के मार्ग निर्देशन में संस्थान प्रांगण में विभिन्न प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। 18- 22 अगस्त, तक   भारत सरकार के लगभग 18 मंत्रालयों के 77 सहायक अनुभाग अधिकारियों हेतु, " विलेज अटैचमेंट कार्यक्रम " विषयक पांच दिवसीय आवासीय प्रशिक्षण कार्यक्रम,  18-20 अगस्त,2025 की अवधि में, ग्रामीण आजीविका मिशन कार्यक्रम के अन्तर्गत, सम्बन्धित प्रतिभागियों हेतु, " लोक- ओ एस पर आन लाइन ट्रांजैक्शन विषयक " प्रशिक्षण कार्यक्रम, दिनांक 18-20 अगस्त, 2025 तक , क्षेत्रीय/जिला प्रशिक्षण केन्द्रों के अधिकारियों/ कर्मचारियों हेतु, " राज्य स्तरीय ई-आफिस ट्रेनिंग मैनेजमेंट, मानव सम्पदा एवं जेम पोर्टल विषयक प्रशिक्षण कार्यक्रम " दिनांक 18-20 अगस्त,2025 की अवधि में, विभिन्न विभागों के सम्बन्धित अधिकारियों हेतु, " ग्राम पंचायत विकास योजनाओं में आपदा जोखिम न्यूनीकरण एवं जलवायु परिवर्तन – जलवायु जनित आपदाओं के अनुकूलन का समावेशीकरण " विषयक राज्य स्तरीय तीन दिवसीय आवासीय प्रशिक्षण कार्यक्रम तथा दिनांक 20-22 अगस्त 2025 की अवधि में, आई सी डी एस, स्वास्थ्य, ग्राम्य विकास तथा पंचायतीराज विभाग के क्षेत्र पंचायत व ग्राम पंचायत स्तरीय कर्मचारियों हेतु, " पोषण, स्वास्थ्य, स्वच्छता आधारित सहभागी कार्यक्रम" विषयक प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।        महानिदेशक संस्थान एल० वेंकटेश्वर लू की अध्यक्षता में आज उपर्युक्त पांच प्रशिक्षण कार्यक्रमों में से तीन प्रशिक्षण कार्यक्रमों का समापन समारोह, राज्य स्तरीय प्रबुद्ध अतिथि वार्ताकारों यथा – डा० किशन वीर सिंह शाक्य, प्रख्यात शिक्षाविद् एवं पूर्व वरिष्ठ सदस्य लोक सेवा आयोग उ०प्र० तथा संयुक्त सचिव, सूचना प्रौद्योगिकी विभाग उ०प्र० शासन की गरिमामई उपस्थिति में आयोजित किया गया।         डा० किशन वीर सिंह शाक्य द्वारा जातक कथाओं व पंचतंत्र की कथाओं के माध्यम से प्रासंगिक उदाहरणों को उद्धृत करते हुए प्रतिभागी अधिकारियों/कर्मचारियों को अभिप्रेरित किया। सूचना प्रौद्योगिकी के विषय में मुख्य रूप से अर्जुन देव भारती , संयुक्त सचिव, सूचना प्रौद्योगिकी विभाग उ०प्र० शासन द्वारा साइबर सिक्योरिटी प्लान के विषय में विस्तार से बताया गया।        अध्यक्षीय उद्बोधन के अन्तर्गत महानिदेशक संस्थान श्री एल० वेंकटेश्वर लू द्वारा प्रतिभागियों को सम्बोधित करते हुए बताया कि हम लोग जहां पर भी हैं और चाहे जिस पद पर कार्यरत हैं, तो अपनी सीमाओं और दायित्वों का ज्ञान होना आवश्यक है। हम सम्पूर्ण निष्ठा और ईमानदारी के साथ तभी कार्य कर सकते हैं, जब हम मानसिक और शारीरिक रूप से स्वस्थ होंगे। इसलिए आवश्यक यह है कि शारीरिक प्रबंधन हमारा प्राकृतिक रूप से अनुकूल हो , तभी मानसिक प्रबंधन अत्यधिक सक्षम होगा। ऋषि मुनियों की परम्पराओं का भी उल्लेख किया। कहा कि विकसित राष्ट्र बनाने के उद्देश्य से हम सभी को आदर्श कर्मयोगी बनने की आवश्यकता है।        कार्यक्रम का संचालन डा० नवीन कुमार सिन्हा द्वारा किया गया तथा संस्थान के उप निदेशक डा० बी एल मौर्य द्वारा सभी को  धन्यवाद ज्ञापित किया गया।   आयोजन एवं प्रबंधन के दृष्टिगत संस्थान की उप निदेशक सरिता गुप्ता, सहायक निदेशक डॉ राजकिशोर यादव, डा० सीमा राठौर, डा० सत्येन्द्र कुमार गुप्ता, डा० विनीता रावत, डा० शिवबचन सिंह यादव, डा० अल्का शर्मा, सहायक निदेशक संजय कुमार, सहायक निदेशक डा० वरूण चतुर्वेदी, आपदा प्रबंधन सलाहकार कुमार दीपक, उपेन्द्र कुमार दूबे , मो० शाहरूख तथा मोहम्मद शहंशाह का उल्लेखनीय योगदान रहा है।

मंत्री टेटवाल: प्रदेश के 18 हजार युवाओं को हर साल जीवन कौशल शिक्षा प्रशिक्षण

भोपाल कौशल विकास राज्य एवं रोजगार राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) गौतम टेटवाल ने कौशल विकास संचालनालय में कौशल विकास विभाग एवं यूएनएफपीए की साझेदारी पर आधारित ब्रोशर का विमोचन किया। राज्य मंत्री टेटवाल ने कहा कि कौशल विकास केवल तकनीकी शिक्षा तक सीमित नहीं है, बल्कि युवाओं के व्यक्तिगत निर्माण, संर्वांगीण विकास के लिए जीवन कौशल अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के लगभग 18 हजार युवाओं को हर वर्ष जीवन कौशल शिक्ष प्रशिक्षण दिया जा रहा है। मंत्री टेटवाल ने कहा कि जीवन कौशल शिक्षा का इस वृहद स्तर पर क्रियान्वयन मध्यप्रदेश के लिए अनूठी उपलब्धि है। उन्होंने कहा कि यह प्रयास युवाओं को रोजगार के साथ जीवन में सफल होने के लिए भी तैयार कर रहा है। संयुक्त राष्ट्र जनसंख्या कोष कंट्री की प्रतिनिधि सुएंड्रिया एम. वोज़्नार ने कहा कि मध्यप्रदेश शासन के प्रयासों और सहयोग की सराहना करती हूँ। उन्होंने कहा कि कौशल विकास संचालनालय के साथ मिलकर किये जा रहे कार्यक्रम युवाओं को न केवल रोजगारपरक कौशल प्रदान कर रहे हैं, बल्कि उन्हें मानसिक रूप से सुदृढ़, आत्मविश्वासी और सामाजिक रूप से जागरूक भी बना रहे हैं। इस अवसर पर कौशल विकास संचालनालय द्वारा यूएनएफपीए के तकनीकी सहयोग से संचालित महत्वपूर्ण कार्यक्रम जीवन कौशल शिक्षा (जीवन तरंग), मानसिक स्वास्थ्य एवं सजगता कार्यशाला एवं डिजिटल स्टोरीटेलिंग कार्यशाला से संबंधित प्रशिक्षण अधिकारियों ने अपने अनुभव साझा किए। इस अवसर पर कार्यक्रम की उपलब्धियों, विस्तार योजनाओं तथा प्रशिक्षकों के अनुभवों को भी साझा किया गया। यह साझेदारी मध्यप्रदेश को कौशल विकास के क्षेत्र में एक अग्रणी मॉडल के रूप में स्थापित करेगी।  

छत्तीसगढ़ को मिलेगा नया विधानसभा भवन, प्रधानमंत्री मोदी करेंगे उद्घाटन

रायपुर नवा रायपुर में तैयार हो रहे नए विधानसभा भवन का प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी लोकार्पण करेंगे। उन्होंने विधानसभा भवन और नवनिर्मित ब्रह्मकुमारी शांति शिखर के नये भवन के लोकार्पण की स्वीकृति दी है। लोकार्पण समारोह की अध्यक्षता लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला करेंगे। एक नवंबर को राज्योत्सव के दिन विधानसभा भवन का लोकार्पण प्रस्तावित है। विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने दिल्ली प्रवास के दौरान मंगलवार को प्रधानमंत्री से मुलाकात की। उन्होंने प्रदेश के रजत जयंती वर्ष के अवसर पर एक नवंबर को नवनिर्मित विधानसभा भवन में प्रवेश करने की जानकारी दी और लोकार्पण के लिए आमंत्रित किया। उन्होंने कहा कि यह गौरवशाली क्षण प्रदेश की जनता और सभी विधानसभा सदस्यों के लिए स्मरणीय होगा। उन्हाेंने प्रधानमंत्री से चर्चा के दौरान बताया कि नवा रायपुर में ब्रह्माकुमारी बहनों का नया भवन बनकर तैयार है, जिसके लोकार्पण समारोह में आमंत्रित करना चाहती हैं। डा. रमन सिंह के आग्रह को प्रधानमंत्री ने सहर्ष स्वीकार कर लिया। उन्होंने ओम बिरला से भी मुलाकात की और विधानसभा भवन के लोकार्पण समारोह की अध्यक्षता करने के लिए आमंत्रित किया। छत्तीसगढ़ के नया विधानसभा भवन 52 एकड़ में बनाया जा रहा है। नए भवन के सदन में एक साथ 200 लोगों के बैठने की सुविधा होगी। साथ ही विधानसभा भवन के ऑडिटोरियम में 500 लोगों के क्षमता होगी। नए परिसर में 700 कार पार्किंग की सुविधा होगी। बता दें कि, 1 नवंबर को छत्तीसगढ़ दिवस के रूप में मानाया जाता है। 1 नवंबर को 2000 को छत्तीसगढ़ राज्य का गठन किया गया था। ऐसे में 1 नवंबर 2025 को राज्य के गठन को 25 वर्ष पूरे हो जाएंगे। 15 अगस्त को अपने भाषण के दौराण मुख्यमंत्री ने रजत राजोत्सव वर्ष के रूप में मनाने की घोषणा की है। साथ ही 1 एक नवंबर से रायपुर सहित सभी जिला मुख्यालयों पर कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा।