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रौद्र रूप में नदियां, हरियाणा में भारी बारिश और बाढ़, हड़कंप मचा, स्कूल बंद

चंडीगढ़ हरियाणा में उफनाईं नदी-नालों व लगातार हो रही बारिश अब तबाही मचाने लगी है। मंगलवार से अब-तक को बारिश जनित हादसों में सात लोगों की मौत हो गई, जबकि एक बह गया। इनमें चार की मौत तो केवल करंट से हुई। जलभराव व सड़क धंसने से हिसार व यमुनानगर में दो नेशनल हाईवे पर यातायात रोकना पड़ा। पंचकूला में तड़के से लगातार बारिश हो रही है। मोरनी इलाके में भारी बारिश की वजह से घग्गर नदी उफान पर है। नदी में पानी का स्तर 1000 क्यूसेक बढ़कर 10,000 क्यूसेक तक पहुंच गया है। इस दौरान चारा खोजने गए भैंसों का एक झुंड नदी में फंस गया। खतरे को देखते हुए डीसी मोनिका गुप्ता ने जिले के सभी सरकारी और प्राइवेट स्कूल बंद करने के आदेश दिए हैं। उन्होंने माता-पिता, बच्चों और शिक्षकों से अपील की है कि सावधानी बरतें और जरूरत न हो तो घर से बाहर न निकलें। हिसार में चंडीगढ़ हाईवे के एक हिस्से को तोड़कर पानी निकाला और आवागमन हुआ। वहीं, कलानौर में पंचकूला-सहारनपुर हाईवे पर यमुना नदी पर बना पुल चार इंच धंस गया। इससे पुल पर बैरिकेडिंग कर एक साइड बंद कर दी गई है।  कार पर पेड़ गिरा, स्कूली बच्चे घायल पंचकूला में बारिश के दौरान हुआ बड़ा हादसा हो गया है। सुबह करीब 11 बजे के करीब प्राइवेट स्कूल के बाहर स्कूली बच्चों से भरी कार पर एक भारी भरकम पेड़ गिर गया। कार में 6 स्कूली बच्चे सवार थे। भारी भरकम पेड़ गिरने से बच्चे घायल हुए हैं। घायल बच्चों को इलाज के लिए प्राइवेट अस्पताल भेजा गया है। बच्चों के पिता आनंद अत्री ने इस हादसे की जानकारी दी है। पंचकूला के सेक्टर 4 की ये घटना है। पंचकूला के सेक्टर 4 स्थित सतलुज पब्लिक स्कूल छोड़ने आए थे अत्री अपने बच्चों को। कार में आनंद अत्री के अपने दो बच्चे और उनके भाई अनूप अत्री के दो बच्चे और उनकी बहन के दो बच्चे सवार थे। नदी के पास नाका लगाने के निर्देश पंचकूला में बुधवार सुबह से हो रही भारी बारिश के कारण घग्गर नदी एक बार फिर उफान पर है। घग्गर का जलस्तर खतरनाक रूप से लगातार बढ़ रहा है। पंचकूला उपायुक्त मोनिका गुप्ता ने अलर्ट जारी करते हुए नदी के आसपास एरिया में पुलिस से नाका लगाने के निर्देश दिए हैं। साथ ही हिदायत दी है कि कोई भी व्यक्ति नदी के पास न जाए। यदि कोई जाता है तो उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए। ट्रैफिक एडवाइजरी जारी हो चुकी पंचकूला ट्रैफिक डीसीपी मनप्रीत सिंह सूदन की ओर से एक दिन पहले ही ट्रैफिक एडवाइजरी जारी की जा चुकी है। उन्होंने लोगों से अपील की है कि वे अलर्ट रहें और सिर्फ बताए गए रास्तों से ही सफर करें। उन्होंने कहा कि जिन इलाकों में सड़कें या रास्ते बंद हैं, वहां जाने से बचें। डीसीपी ने कहा कि मौसम खराब है, इसलिए लोग सावधानी से वाहन चलाएं और सफर शुरू करने से पहले रास्तों की स्थिति जरूर जांच लें।दरअसल, लगातार बारिश के कारण जिले के कई पहाड़ी और मैदानी इलाकों में सड़कें और पुल टूट गए हैं, जिससे कई जगहों पर आवाजाही रुक गई है। करनाल में शेरगढ़ टापू का पुल डूबने से करनाल का सहारनपुर से संपर्क कट गया है। गुरुग्राम में तो चार अंडरपास बंद कर दिए गए हैं। इसी तरह यमुनानगर के लापरा गांव की मुख्य सड़क और खेत हुए जलमग्न होने से आवाजाही पूरी तरह से बंद है।  फतेहाबाद के भूना में कुलां मार्ग पर पानी भरने से बंद किया गया है। जलभराव के कारण दिल्ली-जयपुर हाईवे पर जाम लगा रहा है। गुरुग्राम में भी छह घंटे जाम जैसी स्थिति रही। दूसरी ओर पांच दिन बाद भी नदियों का जलस्तर कम नहीं हुआ। पानीपत में यमुना, कुरुक्षेत्र में मरकंडा लगातार खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं जबकि कैथल के गुहला-चीका में घग्गर का जलस्तर 22 फीट पर पहुंच गया है।  हथिनीकुंड बैराज से मंगलवार को 1,53,767 क्यूसेक पानी छोड़ा यमुनानगर में हथिनीकुंड बैराज से मंगलवार को 1,53,767 क्यूसेक पानी छोड़ा गया। इससे यमुनानगर के कलेसर, टापू कमालपुर गांव में तेजी से भूमि कटाव हो रहा है। हथिनीकुंड बैराज में छोड़े गए पानी से बाढ़ के खतरे को देखते हुए उत्तर प्रदेश की पूर्वी नहर और हरियाणा दिल्ली को आपूर्ति करने वाली पश्चिमी यमुना नहर की जलापूर्ति बंद है।  नदी किनारे लगते गांवों को बैराज से हर घंटे खतरे का सायरन बजाकर चेतावनी दी जा रही है। दिल्ली में भी बाढ़ का खतरा बना हुआ है। बैराज के सभी 18 गेट खुले हुए हैं। भिवानी में तीन और सिरसा जिले में मंगलवार को दो ड्रेनें टूट गई हैं। हालांकि अंबाला में सोम और टांगरी नदियां स्थिर हैं। गुरुग्राम के कार्यालयों में आज भी वर्क फ्राॅम होम प्रदेश के 12 जिलों में बाढ़ जैसे हालात हैं। आठ जिलों भिवानी, झज्जर, गुरुग्राम, हिसार, सिरसा, यमुनानगर, कुरुक्षेत्र व पंचकूला के कुछ स्कूल बंद करने पड़े। फतेहाबाद के भूना, जाखल और टोहाना के स्कूलों में तीन दिन के लिए अवकाश कर दिया गया। गुरुग्राम में बुधवार को भी कार्यालयों में वर्क फ्रॉम के आदेश जारी हुए हैं। यहां स्कूलों में कक्षाएं भी ऑनलाइन लगेंगी।  बारिश व बाढ़ जैसे हालात से तीन दिन और राहत की उम्मीद कम है। मौसम विज्ञान विभाग चंडीगढ़ ने तीन सितंबर को भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। 4 व 5 को भी हरियाणा के कुछ स्थानों पर भारी बारिश की संभावना रहेगी। बिगड़ते हालात देखते हुए कैथल में एसडीआएफ व एनडीआरआफ की टीमें तैनात कर दी गई हैं, जबकि सोनीपत, सिरसा व करनाल में टीमों को बुलाया गया है। सरकार ने इसकी मंजूरी भी दे दी है। सभी जिलों में पटवारी, ग्राम सचिव व ग्रामीण ठीकरी पहरे दे रहे हैं। फतेहाबाद में बाढ़ की आशंका के मद्देनजर तीन डीएसपी, 350 पुलिसकर्मी बचाव के लिए तैनात किए गए हैं।  वहीं, राज्य सरकार की ओर से सभी उपायुक्तों को निर्देश दिए गए हैं कि वे हालात पर नजर बनाए रखें। सभी विभागों के साथ समन्वय बनाकर रखें। आपात स्थिति में यदि किसी जिले को एसडीआरएफ यानी स्टेट डिजास्टर टीम की आवश्यकता पड़ती है तो तुरंत मुख्यालय को सूचित करें। हिसार में एक बाइक पर जा रहे थे चार … Read more

कृषि कारोबारियों के ठिकानों पर ED का धावा, छत्तीसगढ़ के 4 जिलों में हड़कंप

रायपुर  छत्तीसगढ़ में भ्रष्टाचारों के खिलाफ एक बार फिर ईडी की कार्रवाई से हड़कंप मच गया। बुधवार की सुबह राजधानी रायपुर सहित दुर्ग, भिलाई और बिलासपुर में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने कई स्थानों पर ताबड़तोड़ छापेमारी शुरू की है। ईडी की यह कार्रवाई मुख्य रूप से कृषि से संबंधित कारोबारियों के ठिकानों पर की गई है। मिली जानकारी के अनुसार रायपुर के शंकर नगर में कारोबारी विनय गर्ग के घर पर भी ईडी की टीम ने दबिश दी है। इसके साथ ही दुर्ग के अन्ना भूमि ग्रीनटेक प्रा. लि. के डायरेक्टर शिवकुमार मोदी के घर रेड जारी है। ईडी की इस कार्रवाई में 8 से 10 अधिकारियों के साथ सशस्त्र बल भी मौजूद है। दुर्ग में भी बड़ी कार्रवाई भिलाई 3 में भी ईडी ने कार्रवाई की है. अन्ना भूमि ग्रीनटेक प्राईवेट लिमिटेड के डायरेक्टर शिवकुमार मोदी घर पर छापा मारा गया है. रेड में ईडी के 6 से अधिक अधिकारी शामिल हैं. सीआरपीएफ की टीम भी घर के बाहर मौजूद है. वित्तीय अनियमितता को लेकर जांच की जा रही है. DMF घोटाला मामले में कार्रवाई केंद्रीय जांच एजेंसी ईडी यानी प्रवर्तन निदेशालय के छत्तीसगढ़ स्थित रायपुर जोनल ऑफिस ने बड़ी कार्रवाई की. टीम ने 18 लोकेशन पर सर्च ऑपरेशन चलाया. जांच एजेंसी के मुताबिक करीब 575 करोड़ के DMF घोटाला यानी “डिस्ट्रिक मिनरल फंड” से जुड़े घोटाला मामले में कार्रवाई की गई है.  इस सर्च ऑपरेशन के दौरान कई सरकारी अधिकारियों, प्राइवेट लोगों के साथ- साथ टेंडर जारी करने वाले अधिकारी, ठेकेदार के यहां सर्च ऑपरेशन को अंजाम दिया गया. इस सर्च ऑपरेशन के दौरान रायपुर के शंकर नगर इलाके में रहने वाले कारोबारी विनय गर्ग सहित उन ठेकदारों, बिचौलियों के खिलाफ कार्रवाई की गई है , जिन्होंने खनन प्रभावित क्षेत्रों के विकास और कल्याण के लिए बनाए गए DMF फंड की बड़ी रकम को छत्तीसगढ़ बीज निगम के मार्फत गलत तरीके से फर्जीवाड़ा किया था. सर्च ऑपरेशन के दौरान काफी अहम सबूतों को , इलेक्ट्रोनिक एविडेंस और दस्तावेजों को जब्त किया गया है.  घूस लेने के लिए बदले गए थे नियम इस मामले की शुरुआती जांच रायपुर पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा (EOW) और एसीबी (ACB) ने की. इस मामले की पड़ताल के बाद एसीबी ने करीब 6 हजार पन्नों का चार्जशीट भी स्थानीय कोर्ट में दायर किया था, इसके बाद इस मामले में केंद्रीय जांच एजेंसी ईडी की इंट्री हुई. जांच एजेंसी के मुताबिक DMF के वर्क प्रोजेक्ट में भ्रष्ट्राचार करने के लिए फंड खर्च के नियमों को बदला गया और फंड खर्च के नए प्रावधानों में मटेरियल सप्लाई, ट्रेनिंग, कृषि उपकरणों, इलाके में रहने वाले लोगों और उनके बच्चों के खेलने – मनोरंजन के लिए सामग्री, मेडिकल उपकरणों, स्वास्थ लाभ सम्बंधित छोटे– बड़े कई उपकरणों की भी कैटेगरी को जोड़ा गया था. आरोप है कि बदले गए नियमों के सहारे DMF के तहत जरूरी विकास से जुड़े कार्यों को दरकिनार करके अधिकतम कमीशन वाले प्रोजेक्ट को अप्रूव किया गया. क्या है पूरा मामला ED की जांच में पता चला है कि ये छत्तीसगढ़ में DMF घोटाला केस में जेल में बंद कारोबारी मनोज कुमार द्विवेदी से जुड़ा कनेक्शन बड़ा महत्वपूर्ण है, आरोप है कि मनोज ने अपनी बनाई NGO में DMF फंड की राशि हासिल की. इसके बाद कमीशन तत्कालीन IAS रानू साहू सहित कई अन्य बड़े सफेदपोश लोगों तक पहुंचाया था. इस मामले की EOW और ED दोनों जांच कर रही है. ED की जांच में पता चला कि 2021-22 और 2022-23 में मनोज कुमार द्विवेदी ने निलंबित IAS रानू साहू और अन्य अधिकारियों से मिलीभगत की थी. अपने एनजीओ उदगम सेवा समिति के नाम पर कई डीएमएफ ठेके हासिल किए थे. अधिकारियों को टेंडर की राशि का 42 फीसदी तक कमीशन दिया गया था. रायपुर के 10 ठिकानों में रेड रायपुर में 8 से 10 अलग-अलग जगहों पर छापेमारी जारी है। लेकिन, यह कार्रवाई किस घोटाले या मामले से संबंधित है। इसकी आधिकारिक पुष्टि अभी तक नहीं हुई है। हालांकि जहां छापामार हुआ है वह कृषि और बुनियादी स्ट्रक्चर को लेकर काम करने वाली है। शुरूआती जानकारी के अनुसार एजेंसी की यह कार्रवाई मनी लॉन्ड्रिंग और वित्तीय अनियमितताओं से जुड़े मामले की जांच से संबंधित बताई जा रही है। इस बात की आशंका है कि कृषि कारोबार के माध्यम से पैसों के लेन-देन में गड़बड़ी की गई है। वहीं, सुबह सवेरे हुई कार्रवाई से बिजनेस वर्ल्ड में हलचल मची हुई है। फिलहाल ईडी की छापेमारी जारी है। लेकिन किसी तरह की आधिकारिक रूप से किसी तरह की जानकारी शेयर नहीं की गई है। लेकिन ऑफिशियल पुष्टि नहीं की गई है।

रायपुर : प्रदेश में अब तक 916.8 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज

रायपुर छत्तीसगढ़ में 1 जून से अब तक 916.8 मि.मी. औसत वर्षा रिकार्ड की जा चुकी है। राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा स्थापित राज्य स्तरीय बाढ़ नियंत्रण कक्ष से प्राप्त जानकारी के अनुसार प्रदेश में अब तक बलरामपुर जिले में सर्वाधिक 1313.4 मि.मी. वर्षा रिकार्ड की गई है। बेमेतरा जिले में सबसे कम 448.0 मि.मी. वर्षा दर्ज हुई है। रायपुर संभाग में रायपुर जिले में 794.9 मि.मी., बलौदाबाजार में 650.6 मि.मी., गरियाबंद में 773.4 मि.मी., महासमुंद में 670.4 मि.मी. और धमतरी में 825.8 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज हुई है। बिलासपुर संभाग में बिलासपुर जिले में 904.0 मि.मी., मुंगेली में 877.4 मि.मी., रायगढ़ में 1090.5 मि.मी., सारंगढ़-बिलाईगढ़ में 748.4 मि.मी., जांजगीर-चांपा में 1077.8 मि.मी., सक्ती में 955.1 मि.मी., कोरबा में 894.3 मि.मी. और गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही 891.5 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज हुई है। दुर्ग संभाग में दुर्ग जिले में 728.8 मि.मी., कबीरधाम में 648.7 मि.मी., राजनांदगांव में 823.3 मि.मी., मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी में 1156.9 मि.मी., खैरागढ़-छुईखदान-गंडई में 680.4 मि.मी. और बालोद में 1004.2 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज हुई है। सरगुजा संभाग में सरगुजा जिले में 655.0 मि.मी., सूरजपुर में 980.4 मि.मी., जशपुर में 892.5 मि.मी., कोरिया में 998.2 मि.मी. और मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर में 908.8 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज हुई है। बस्तर संभाग में बस्तर जिले में 1304.9 मि.मी., कोण्डागांव जिले में 845.0 मि.मी., कांकेर में 1062.4 मि.मी., नारायणपुर में 1136.7 मि.मी., दंतेवाड़ा में 1258.7 मि.मी., सुकमा में 1006.0 मि.मी. और बीजापुर में 1246.6 मि.मी. औसत वर्षा रिकार्ड की जा चुकी है।

रायपुर : दो सिंचाई योजना के कार्यों के लिए 6.78 करोड़ रूपए स्वीकृत

रायपुर छत्तीसगढ़ शासन जल संसाधन विभाग द्वारा बलौदाबाजार-भाटापारा जिले की दो सिंचाई योजनाओं के कार्यों के लिए 6 करोड़ 78 लाख 16 हजार रूपए स्वीकृत किए है। सिंचाई योजना के कार्यों में विकासखण्ड बलौदाबाजार की कोटानाला व्यपवर्तन के नहर लाईनिंग एवं जीर्णोद्धार कार्य के लिए तीन करोड़ 33 लाख 20 हजार रूपए और मल्लीन नाला पर घुलघुल स्टापडेम निर्माण कार्य के लिए तीन करोड़ 44 लाख 96 हजार रूपए स्वीकृत किए है। स्वीकृत इन कार्यों को पूर्ण कराने जल संसाधन विभाग मंत्रालय महानदी भवन से मुख्य अभियंता महानदी गोदावरी कछार जल संसाधन विभाग रायपुर को प्रशासकीय स्वीकृति जारी की गई है।

छोटे किसानों के लिए खुशखबरी, पेराई सत्र 2025-26 की गन्ना नीति जारी

लखनऊ पेराई सत्र-2025-26 के लिए गन्ना सट्टा एवं आपूर्ति नीति जारी कर दी गई है। इस बार गन्ना समिति के नये किसान सदस्यों को सट्टा पेराई सत्र 2024-25 में संबंधित चीनी मिल की औसत गन्ना आपूर्ति या संबंधित जिले की गन्ना उत्पादकता का 70 प्रतिशत में जो भी अधिक होगा, उसकी सीमा तक गन्ना सट्टा का लाभ दिया जाएगा। नीति में छोटे किसानों और लघु महिला किसानों को भी प्राथमिकता दी गई है। छोटे गन्ना किसानों (81 क्विंटल सट्टाधारक) की पेड़ी गन्ने की पर्चियां एक से तीन पक्ष में और पौधे गन्ने की पर्चियां सात से नौ पक्ष में जारी करने की सुविधा दी गई है। वहीं अति लघु गन्ना किसानों (36 क्विंटल या चार पर्ची बेसिक मोड) और लघु महिला गन्ना किसान (81 क्विंटल या नौ पर्ची बेसिक मोड) को पेड़ी पौधा को 52:48 के अनुपात से मुक्त रखते हुए अति लघु गन्ना किसानों को शत-प्रतिशत पेड़ी गन्ने की पर्चियां प्रथम पक्ष में व पौधे गन्ने की पर्चियां सातवें पक्ष में, जबकि लघु महिला गन्ना किसानों को शत-प्रतिशत पेड़ी गन्ने की पर्चियां एक से तीन पक्ष में व पौधे गन्ना की पर्चियां सात से नौ पक्ष में जारी की जाएंगी। इससे 13.12 लाख छोटे गन्ना किसानों, 3.75 लाख अति लघु गन्ना किसानों व 6,268 लघु महिला गन्ना किसानों के लाभांवित होने का अनुमान है। गन्ना आयुक्त मिनस्ती एस. ने बताया कि गन्ना शोध परिषद की ओर से जारी गन्ना किस्म को.15023 की परिपक्वता के हिसाब से अतिशीघ्र मानते हुए गन्ने की कैलेंडरिंग में प्राथमिकता दी गई है। इसकी पेड़ी की पर्चियां एक से दो पक्ष में और पौधे की पर्चियां सात से आठ पक्ष में अंकित की जाएंगी। इससके चीनी मिलों के चीनी परता में वृद्धि होगी, जिससे किसानों को शीघ्र गन्ना मूल्य भुगतान सुनिश्चित किया जा सकेगा। वहीं पेड़ी या शरदकालीन पौधे वाले नये समिति सदस्यों की पर्चियां पहली बार पांचवें पक्ष से 12वें पक्ष में लगाए जाने की सुविधा मिलेगी। जिनके पास पौधा गन्ना है, उनकी पर्चियां पिछले वर्ष की तरह सातवें पक्ष से लगेगीं। वर्तमान में पेराई सत्र 2025-26 के लिए जारी सट्टा नीति के तहत गन्ना किसानों को सामान्यतः कैलेंडर के किसी एक कालम में अधिकतम बेसिक मोड की चार पर्चियां ही अंकित की जाएंगी, लेकिन 2,500 क्विंटल या उससे अधिक बेसिक सट्टा धारक किसान के एक कालम में अधिकतम आठ पर्चियां अंकित की जा सकती हैं। ऐसे किसान जिनके पास शत-प्रतिशत पेड़ी गन्ना है, उनकी 52 प्रतिशत पर्चियां छठवें पखवाड़े तक और शेष 48 प्रतिशत पर्चियां सातवें से 10वें पखवाड़े में लगाई जाएंगीं। पेराई सत्र 2025-26 में यदि किसान मेकेनिकल हार्वेस्टिंग के लिए आवेदन करता है तो उसे पारिवारिक कैलेंडर की सुविधा दी जाएगी। ऐसे पुराने गन्ना किसान सदस्यों, जिन्होंने केवल वर्ष 2024-25 में ही गन्ना आपूर्ति की है, उनके बेसिक कोटा का निर्धारण चीनी मिल की औसत आपूर्ति या उस किसान की पेराई सत्र 2024-2025 की आपूर्ति, दोनों में जो भी अधिक हो, दी जाएगी।

CM का संदेश: हेमंत खंडेलवाल के नेतृत्व में संगठन पहुंचेगा नई ऊंचाइयों पर

भोपाल भारतीय जनता पार्टी मध्यप्रदेश के प्रदेश अध्यक्ष एवं बैतूल विधायक हेमंत खंडेलवाल का आज जन्मदिन है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और पार्टी नेताओं ने उन्हें बधाई दी। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सोशल मीडिया  पर संदेश साझा करते हुए लिखा कि खंडेलवाल के नेतृत्व में भाजपा और अधिक सशक्त व संगठित होकर जनसेवा के नए कीर्तिमान स्थापित करेगी। उन्होंने बाबा महाकाल से उनके उत्तम स्वास्थ्य, दीर्घायु और सफल जीवन की कामना की। वहीं, भाजपा प्रदेश मीडिया प्रभारी आशीष अग्रवाल ने भी हेमंत खंडेलवाल को जन्मदिन की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा कि “त्वं जीव शतं वर्धमानः” संगठननिष्ठा और अनुशासन के प्रतीक, सादगी और सेवा के पर्याय, कुशल संगठनकर्ता, भाजपा मध्यप्रदेश के अध्यक्ष आदरणीय श्री हेमंत खंडेलवाल जी को जन्मदिन की हार्दिक शुभकामनाएं। मां ताप्ती से आपके स्वस्थ, सुदीर्घ, सफल एवं सुयशपूर्ण जीवन की कामना है।   

बारिश से तबाही, राजस्थान में बाढ़ और हादसे, 13 जिलों में सतर्कता

जयपुर राजस्थान में मानसून एक बार फिर सक्रिय हो गया है। बंगाल की खाड़ी में लो-प्रेशर सिस्टम बनने के बाद प्रदेश में लगातार बरसात का दौर जारी है। मौसम विभाग ने अगले चार दिन तक बारिश के आसार जताए हैं। 3 सितंबर को झालावाड़, प्रतापगढ़ और बांसवाड़ा में भारी बरसात का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है, जबकि चित्तौड़गढ़, बूंदी, कोटा, बारां, सवाई माधोपुर, करौली, धौलपुर, भरतपुर, दौसा और अलवर में यलो अलर्ट रहेगा। लगातार हो रही बरसात से प्रदेश के कई जिलों में हादसे सामने आए हैं। जालोर, सिरोही, दौसा, जोधपुर और प्रतापगढ़ सहित कई जगहों पर हालात बिगड़े। दौसा जिले के लालसोट क्षेत्र में नालावास डैम टूटने से जयपुर के कई गांव डूब गए। कोटखावदा और चाकसू तहसील के पांच से ज्यादा गांव पानी से प्रभावित हुए। सैकड़ों लोग बांध के पानी में फंस गए। प्रतापगढ़ में भीषण बरसात के बीच एक शिक्षक पुलिया से माही नदी में गिर गया। वहीं, सवाई माधोपुर में बांध पर स्टंट कर रहा युवक बह गया। जोधपुर के तिंवरी इलाके में मंगलवार सुबह एक मकान अचानक ढह गया। पाली जिले के सोजत-बिलाड़ा स्टेट हाईवे पर मंडला गांव के पास नदी का पानी सड़क पर चढ़ गया और एक ट्रक फंस गया। उधर, जालोर के आहोर क्षेत्र में सोमवार शाम तीन बाइक सवार एक बरसाती नाले में बह गए। इनमें से दो लोगों को बचा लिया गया, जबकि एक युवक की तलाश जारी है। लालसोट के नालावास डैम के टूटने के बाद हालात सबसे ज्यादा गंभीर बने। बांध का पानी तेजी से गांवों में घुस गया, जिससे खेत-खलिहान जलमग्न हो गए। कई घरों में पानी भर गया और लोगों को सुरक्षित निकालने के लिए प्रशासन ने रेस्क्यू शुरू किया। प्रभावित गांवों में हालात बिगड़ते देख पुलिस और स्थानीय प्रशासन ने अलर्ट जारी किया है। पिछले 24 घंटे में कई जगहों पर भारी बरसात दर्ज की गई। दौसा जिले के नांगल राजावतान में 53 मिमी, रामगढ़ पचवारा में 50, राहुवास में 31 और लवाण में 30 मिमी बारिश हुई। भरतपुर के सीकरी और नदबई में 29-29 मिमी, नागौर के नावां में 35, जयपुर के तूंगा में 34, करौली के सपोटरा में 30, अलवर के तिजारा में 25, गोविंदगढ़ में 32 और बहरोड़ में 29 मिमी बरसात दर्ज की गई। बारां जिले के शाहबाद में 33, सवाई माधोपुर के गंगापुर सिटी में 34 और तलवाड़ा में 30 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई। इन आंकड़ों से साफ है कि प्रदेश के पूर्वी और दक्षिणी हिस्सों में सबसे ज्यादा बरसात हुई है। मौसम केंद्र जयपुर के निदेशक राधेश्याम शर्मा ने बताया कि मानसून ट्रफ वर्तमान में बीकानेर, जयपुर, दतिया, सीधी और पुरी होते हुए बंगाल की खाड़ी तक जा रही है। इसके अलावा एक अन्य ट्रफ पंजाब, हरियाणा और नॉर्थ-ईस्ट राजस्थान से गुजर रही है। इसी कारण प्रदेश में बरसात का दौर तेज हुआ है। उन्होंने बताया कि बंगाल की खाड़ी के ऊपर लो-प्रेशर सिस्टम बना है, जिसके चलते राजस्थान में सात सितंबर तक लगातार बारिश का सिलसिला बना रहेगा। मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि इस दौरान नदियों-नालों और बांधों के उफान पर आने की संभावना है, जिससे कई जिलों में बाढ़ जैसे हालात बन सकते हैं। भारी बारिश और हादसों के मद्देनजर प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने की अपील की है। नदियों और बांधों के पास जाने से मना किया गया है। कई जिलों में स्कूलों में छुट्टी कर दी गई है और राहत-बचाव दल अलर्ट पर हैं। ग्रामीण इलाकों में पानी भरने से बिजली व्यवस्था और यातायात भी प्रभावित हुआ है। बारिश से एक ओर जहां किसानों को राहत मिली है, वहीं दूसरी तरफ लगातार हो रही बरसात अब लोगों के लिए आफत बन गई है। आने वाले दिनों में मौसम का यही मिजाज बना रहा तो हालात और बिगड़ सकते हैं।

77 दिन की मोहब्बत और फिर त्रासदी, कानपुर में लव मैरिज के बाद पति-पत्नी की मौत

कानपुर  कानपुर शहर के नौबस्ता इलाके से ऐसी खबर सामने आई जिसने हर किसी को अंदर तक झकझोर दिया. मोहब्बत की कसम खाकर, परिवार की रजामंदी से निकाह करने वाला एक प्रेमी-प्रेमिका का रिश्ता महज़ 77 दिन ही चल पाया. निकाह के ढाई महीने बाद ही पति और पत्नी एक ही दुपट्टे के सहारे फंदे से झूलते मिले. घटना इतनी अचानक और रहस्यमय थी कि परिवारजन, पड़ोसी और पुलिस सभी हैरान रह गए. बाजार से लौटे और मौत को गले लगाया घटना मंगलवार दोपहर की है. मोहम्मद सईद का बेटा साजिद अपनी पत्नी सोफिया को लेकर पास के बाजार गया था. दोनों सामान्य दिख रहे थे, न हंसी-खुशी में कोई कमी और न ही किसी तरह का झगड़ा. आधे घंटे में दोनों घर लौट आए. किसी को अंदाजा भी नहीं था कि बाजार से घर लौटने के बाद वे जीवन से विदा लेने का मन बना चुके हैं. थोड़ी ही देर बाद जब घर का दरवाज़ा खोला गया तो वहां का नज़ारा देखकर सबके पैरों तले जमीन खिसक गई. ऊपर कमरे में साजिद और सोफिया, एक ही दुपट्टे में फंदा लगाकर झूल रहे थे. दोनों को नीचे उतारा गया, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी. घरवालों में चीख-पुकार मच गई और आस-पड़ोस में सन्नाटा पसर गया. परिवार की रजामंदी से हुआ था निकाह मामले की सबसे बड़ी खासियत यह है कि साजिद और सोफिया का रिश्ता परिवार की रज़ामंदी से ही तय हुआ था. मोहम्मद सईद के छह बेटों में साजिद चौथे नंबर पर था. मोहल्ले में ही रहने वाली सोफिया से उसका लंबे समय से प्रेम संबंध था. सोफिया अपने माता-पिता की इकलौती बेटी थी. दोनों की मोहब्बत को देखते हुए परिवारों ने विरोध करने के बजाय उनका साथ दिया. 17 जून को दोनों ने पूरे रीति-रिवाज और गवाहों की मौजूदगी में निकाह किया. निकाह की दावत में दोनों परिवारों के लोग शामिल हुए. यही वजह थी कि किसी को कभी शक नहीं हुआ कि यह रिश्ता इतनी जल्दी त्रासदी में बदल जाएगा. परिजन भी हैरान घटना के बाद दोनों परिवार पूरी तरह से सदमे में हैं. सोफिया के पिता ने रोते हुए कहा, हमने तो अपनी बेटी की खुशियों के लिए उसकी पसंद को अपनाया. किसी तरह की कोई मनमुटाव की बात हमारे सामने कभी नहीं आई. वहीं साजिद के पिता मोहम्मद सईद ने बताया,साजिद हमेशा खुश दिखता था. हमने कभी नहीं सोचा था कि वो ऐसा कदम उठा लेगा. क्या बाजार से खरीदी थी दवा पड़ोसियों का कहना है कि घटना से आधा घंटा पहले ही दोनों बाजार गए थे. शक जताया जा रहा है कि संभव है वहां से दोनों ने कोई सुसाइड की दवा खरीदी हो. हालांकि, यह केवल अनुमान है. इस पर अभी कोई ठोस जानकारी नहीं मिली है. पुलिस की कार्रवाई घटना की जानकारी मिलते ही नौबस्ता थाना पुलिस मौके पर पहुंची. शुरू में परिवारजन पोस्टमार्टम कराने को तैयार नहीं थे, लेकिन पुलिस ने समझाया कि जांच के लिए यह जरूरी है. दोनों के शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिए गए हैं. डीसीपी साउथ डीएन चौधरी ने बताया, साजिद और सोफिया ने ढाई महीने पहले प्रेम विवाह किया था. वे परिवार के साथ ही रह रहे थे. फिलहाल यह मामला सुसाइड का ही प्रतीत हो रहा है. मौके से कोई सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ है. असली वजह पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही साफ हो सकेगी. मोहल्ले में पसरा मातम इस घटना के बाद पूरे मोहल्ले में मातम का माहौल है. पड़ोसियों का कहना है कि साजिद और सोफिया बहुत अच्छे स्वभाव के थे. दोनों अक्सर साथ दिखाई देते थे. किसी ने कभी यह नहीं सोचा था कि इतनी मोहब्बत करने वाला यह जोड़ा जिंदगी से हार मान लेगा. सवालों के घेरे में वजह इस दर्दनाक घटना ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं. आखिर ऐसा क्या हुआ कि दोनों ने एक साथ जीवन खत्म करने का फैसला ले लिया? क्या कोई मानसिक दबाव था, या कोई ऐसा राज था जिसे वे बता नहीं पा रहे थे? परिजन और पुलिस दोनों ही इस रहस्य से अनजान हैं. समाजशास्त्रियों का मानना है कि कभी-कभी प्रेम संबंधों में छोटी-छोटी बातों से बड़ा तनाव जन्म ले लेता है, जो भीतर ही भीतर इंसान को तोड़ देता है. मोहब्बत की ऐसी दास्तां, जिसने सबको रुला दिया साजिद और सोफिया की कहानी इस बात की गवाह है कि मोहब्बत का रिश्ता जितना खूबसूरत होता है, उतना ही नाज़ुक भी. जिनके लिए दोनों परिवारों ने अपने दरवाजे खोले, जिन्होंने अपनी पसंद के साथी को पाया, वही जोड़ा आज मौत को गले लगाकर सबको दर्द दे गया. 

महाराष्ट्र ATS की बड़ी कार्रवाई, खंडवा में अकील खिलजी के बेटे को गिरफ्तार

खंडवा  खंडवा शहर में दो स्थानों से अवांछनीय गतिविधियों की शंका में महाराष्ट्र एंटी टेररिस्ट स्क्वाड (एटीएस) की टीम ने दो युवकों को पकड़ा है। चर्चा है कि मंगलवार तड़के सिमी के पूर्व पदाधिकारी अकील खिलजी के पुत्र जलील खिलजी व जमील पुत्र मोहम्मद खलील को एटीएस ने दबोचा है। बताया जा रहा है कि जिस वक्त जलील खिलजी को एटीएस ने उठाया तब उनके साथ खंडवा के पुलिसकर्मी भी मौजूद थे। टीम ने शहर की गुलमोहर कॉलोनी और कहारवाड़ी के चार युवकों को पकड़ा था। पूछताछ के बाद दो युवकों को छोड़ दिया जबकि एक को अपने साथ ले गए। जलील के साथ जुनेद पुत्र खलील चौहान को भी महाराष्ट्र एटीएस अपने साथ ले गई। सोमवार-मंगलवार दो दिन रहकर महाराष्ट्र एटीएस ने खंडवा के चार युवकों को उठाया और पूछताछ की। चाराें युवक शहर के गुलमोहर कॉलोनी और कहारवाड़ी क्षेत्र के थे। इस दौरान एटीएस ने जलील खिलजी के साथ जुनेद पिता खलील चौहान को भी उठाया था। जुनेद के पिता खलील ने मंगलवार को पुलिस अधीक्षक से शिकायत की कि उन्हें बिना सूचना दिए पुलिस उनके बेटे को उठाकर ले गई हैं। उसे बाजार से बोलेरो वाहन में बैठाया और कहीं गुप्त जगह पर ले गए है। खलील ने कहा कि बेटे जुनेद के साथ कोई भी गंभीर घटना या दुर्घटना हो सकती है। उसे झूठे केस में भी फंसा सकते हैं। आरोपी जलील के कब्जे से पिस्टल, 7 कारतूस बरामद इधर, कोतवाली टीआई अशोकसिंह चौहान के मुताबिक, महाराष्ट्र एटीएस ने शहर के कुछ युवकों से पूछताछ की थी। इनपुट मिलने के आधार पर एटीएस खंडवा पहुंची थी। एटीएस ने जलील पिता अकील खिलजी (34) निवासी गुलमोहर कॉलोनी से पूछताछ की थी। एटीएस के जाने के बाद मंगलवार रात 11 बजे सूचना मिली कि सियाराम चौक स्थित मालगोदाम शेड में एक युवक बैठा है, जिसके पास पिस्टल हैं। पुलिस मौके पर पहुंची तो वह युवक जलील खिलजी निकला। तलाशी लेने पर एक पिस्टल, एक मैगजीन और 7 कारतूस मिले। आरोपी को थाने लेकर आए, आज बुधवार सुबह उसके खिलाफ आर्म्स एक्ट में केस दर्ज किया हैं। आरोपी का पूर्व का भी आपराधिक रिकॉर्ड है। जिसमें आर्म्स एक्ट सहित विस्फोटक सामग्री मिलने जैसे केस हैं। आरोपी जलील खिलजी को आज न्यायालय में पेश करेंगे। बिना कोई सूचना दिए बेटे को ले गए घटना के बाद जुनेद के पिता खलील ने कोतवाली पुलिस व पुलिस अधीक्षक कार्यालय में लिखित सूचना देकर उसके पुत्र को बिना किसी कारण व सूचना दिए बाजार से बोलेरा वाहन में बैठाकर गुप्त स्थान पर पुलिस ले जाने की शिकायत की है। खलील ने कहा कि मुझे आशंका है कि मेरे पुत्र मोहम्मद जुनेद के साथ कोई भी गंभीर घटना या दुर्घटना, कारित कर सकते है या उसे झूठे केस में भी फंसा सकते हैं। मैंने शहर के थाना सिटी कोतवाली, थाना मोघट और थाना पदमनगर खंडवा व अन्य स्थानो पर भी अपने पुत्र की जानकारी प्राप्त करना चाही, लेकिन उनके द्वारा कोई जानकारी नहीं दी गई। मेरे बेटे का अपहरण किया गया है। यदि उसके साथ कोई भी घटना या दुर्घटना घटित होती है तो उसके लिए पुलिस जिम्मेदार होगी। हालांकि इस मामले को लेकर खंडवा पुलिस कोई जानकारी देने या युवकों को उठाने की पुष्टि नहीं कर रही है।

श्रद्धालुओं पर गाड़ी कुचलती चली गई, छत्तीसगढ़ में 3 की मौत, 22 जख्मी

जशपुर  छत्तीसगढ़ में जशपुर जिले के बगीचा में गणेश विसर्जन जुलूस के दौरान एक वाहन की चपेट में आने से एक महिला सहित तीन लोगों की मौत हो गई और करीब 22 लोग घायल हो गए। हादसा बगीचा चरईडांड स्टेट हाईवे पर मंगलवार देर रात करीब 12 बजे हुआ। एक बोलेरो अनियंत्रित होकर श्रद्धालुओं को कुचलती चली गई। प्रत्यक्षदर्शी केशव यादव ने बताया कि बोलेरो रायकेरा की ओर से आ रही थी। लगभग डेढ़ सौ लोग विसर्जन जुलूस में शामिल थे। हादसे के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई और पूरे इलाके में अफरा तफरी का माहौल व्याप्त हो गया। आक्रोशित भीड़ ने चालक की मौके पर जमकर पिटाई कर दी जबकि बोलेरो में सवार अन्य लोग मौके से फरार हो गए। घटना की सूचना मिलते ही जनपद उपाध्यक्ष अरविंद गुप्ता जनप्रतिनिधि शंकर गुप्ता और बगीचा एसडीओपी दिलीप कोसले व पुलिस की टीम के साथ तत्काल मौके पर पहुंचे और मिलकर बचाव कार्य में जुट गए। कुछ घायलों को गांव के अन्य लोगों ने अपनी सुविधा से इलाज के लिए रवाना किया। घायलों को तत्काल 108 की मदद से बगीचा अस्पताल लाया गया। कांसाबेल,कुनकुरी, सन्ना समेत जिलों के अन्य अस्पतालों से 108 संजीवनी बुलाया गया और तत्काल घायलों को रेफर किया गया। एसडीओपी दिलीप कोसले, एसडीएम प्रदीप राठिया, तहसीलदार महेश्वर उईके और पुलिस बल मौके पर पहुंचकर राहत-बचाव में सक्रिय रहे, वहीं देर रात एक बजे एसएसपी शशि मोहन सिंह ने भी अस्पताल पहुंचकर घायलों का हालचाल जाना। उन्होंने बताया कि हादसे में लगभग दो दर्जन लोग घायल हुए हैं, जिनमें से कई की स्थिति गंभीर बनी हुई है। जशपुर कलेक्टर रोहित व्यास देर रात दो बजे बगीचा अस्पताल पहुंचे जहां उन्होंने घायलों व मृतकों के परिजनों से मुलाकात कर हर संभव मदद का भरोसा दिलाया। उन्होंने बताया कि जो गंभीर हैं उन्हें अंबिकापुर रेफर किया गया है मॉनिटरिंग के लिए दो नायब तहसीलदार व मेडिकल ऑफिसर को अंबिकापुर भेजा गया है,घायलों के इलाज की समुचित व्यवस्था कराई जा रही है। सीएमएचओ जीएस जात्रा ने बगीचा स्वास्थ्य अमले को अलर्ट करते हुए तत्काल घायलों के इलाज की पहल की। उन्होंने बताया कि घटना में 22 लोग घायल हुए हैं जिनका उपचार करते हुए लगभग 20 लोगों को रैफर किया गया है। घायलों में फकीर यादव,नीलू यादव,निरंजन राम पिता अर्जुन राम,संदीप यादव नारायण , देवंती , गुलापी बाई, याहूसु लकड़ा,संतोष प्रजापति,हेमंत यादव,उमा यादव,भुवनेश्वरी यादव,चंदा बाई, पिंकी, लीलावती प्रजापति,डमरूधर यादव,गायत्री यादव,आरती यादव,परमानंद यादव,अभिमन्यु,हेमानंद व चालक सुखसागर समेत अन्य शामिल हैं। मृतकों में अरविंद (19) विपिन कुमार प्रजापति (17) एवं खिरोवती यादव (32) हैं जिनके पोस्टमार्टम की प्रक्रिया आज की जाएगी। जशपुर विधायक रायमुनि भगत देर रात बगीचा अस्पताल पहुंचीं जहां उन्होंने घायलों से मुलाकात कर हर संभव मदद का भरोसा दिलाया। पुलिस ने बोलेरो वाहन को जब्त कर मामले की जांच शुरू कर दी है।