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राज्य ग्राम्य विकास संस्थान में विभिन्न विषयों पर दिया जा रहा है प्रशिक्षण

लखनऊ उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के नेतृत्व व निर्देशन में दीन दयाल उपाध्याय ग्राम्य विकास संस्थान बख्शी का तालाब, लखनऊ में विभिन्न सरकारी, अर्धसरकारी  विभाग /संस्थाओ के अधिकारियों व कर्मचारियों व  रचनात्मक कार्यों से जुड़े लोगों को प्रशिक्षण देकर उन्हें और अधिक दक्ष व सक्षम बनाने का कार्य किया जा रहा है। इसी कड़ी में दीनदयाल उपाध्याय राज्य ग्राम्य विकास संस्थान, बख्शी का तालाब, लखनऊ द्वारा महानिदेशक संस्थान एल० वेंकटेश्वर लू के संरक्षण व  प्र0अपर निदेशक सुबोध दीक्षित के मार्ग निर्देशन में संस्थान प्रांगण में विभिन्न प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। 18- 22 अगस्त, तक   भारत सरकार के लगभग 18 मंत्रालयों के 77 सहायक अनुभाग अधिकारियों हेतु, " विलेज अटैचमेंट कार्यक्रम " विषयक पांच दिवसीय आवासीय प्रशिक्षण कार्यक्रम,  18-20 अगस्त,2025 की अवधि में, ग्रामीण आजीविका मिशन कार्यक्रम के अन्तर्गत, सम्बन्धित प्रतिभागियों हेतु, " लोक- ओ एस पर आन लाइन ट्रांजैक्शन विषयक " प्रशिक्षण कार्यक्रम, दिनांक 18-20 अगस्त, 2025 तक , क्षेत्रीय/जिला प्रशिक्षण केन्द्रों के अधिकारियों/ कर्मचारियों हेतु, " राज्य स्तरीय ई-आफिस ट्रेनिंग मैनेजमेंट, मानव सम्पदा एवं जेम पोर्टल विषयक प्रशिक्षण कार्यक्रम " दिनांक 18-20 अगस्त,2025 की अवधि में, विभिन्न विभागों के सम्बन्धित अधिकारियों हेतु, " ग्राम पंचायत विकास योजनाओं में आपदा जोखिम न्यूनीकरण एवं जलवायु परिवर्तन – जलवायु जनित आपदाओं के अनुकूलन का समावेशीकरण " विषयक राज्य स्तरीय तीन दिवसीय आवासीय प्रशिक्षण कार्यक्रम तथा दिनांक 20-22 अगस्त 2025 की अवधि में, आई सी डी एस, स्वास्थ्य, ग्राम्य विकास तथा पंचायतीराज विभाग के क्षेत्र पंचायत व ग्राम पंचायत स्तरीय कर्मचारियों हेतु, " पोषण, स्वास्थ्य, स्वच्छता आधारित सहभागी कार्यक्रम" विषयक प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।        महानिदेशक संस्थान एल० वेंकटेश्वर लू की अध्यक्षता में आज उपर्युक्त पांच प्रशिक्षण कार्यक्रमों में से तीन प्रशिक्षण कार्यक्रमों का समापन समारोह, राज्य स्तरीय प्रबुद्ध अतिथि वार्ताकारों यथा – डा० किशन वीर सिंह शाक्य, प्रख्यात शिक्षाविद् एवं पूर्व वरिष्ठ सदस्य लोक सेवा आयोग उ०प्र० तथा संयुक्त सचिव, सूचना प्रौद्योगिकी विभाग उ०प्र० शासन की गरिमामई उपस्थिति में आयोजित किया गया।         डा० किशन वीर सिंह शाक्य द्वारा जातक कथाओं व पंचतंत्र की कथाओं के माध्यम से प्रासंगिक उदाहरणों को उद्धृत करते हुए प्रतिभागी अधिकारियों/कर्मचारियों को अभिप्रेरित किया। सूचना प्रौद्योगिकी के विषय में मुख्य रूप से अर्जुन देव भारती , संयुक्त सचिव, सूचना प्रौद्योगिकी विभाग उ०प्र० शासन द्वारा साइबर सिक्योरिटी प्लान के विषय में विस्तार से बताया गया।        अध्यक्षीय उद्बोधन के अन्तर्गत महानिदेशक संस्थान एल० वेंकटेश्वर लू द्वारा प्रतिभागियों को सम्बोधित करते हुए बताया कि हम लोग जहां पर भी हैं और चाहे जिस पद पर कार्यरत हैं, तो अपनी सीमाओं और दायित्वों का ज्ञान होना आवश्यक है। हम सम्पूर्ण निष्ठा और ईमानदारी के साथ तभी कार्य कर सकते हैं, जब हम मानसिक और शारीरिक रूप से स्वस्थ होंगे। इसलिए आवश्यक यह है कि शारीरिक प्रबंधन हमारा प्राकृतिक रूप से अनुकूल हो , तभी मानसिक प्रबंधन अत्यधिक सक्षम होगा। ऋषि मुनियों की परम्पराओं का भी उल्लेख किया। कहा कि विकसित राष्ट्र बनाने के उद्देश्य से हम सभी को आदर्श कर्मयोगी बनने की आवश्यकता है।        कार्यक्रम का संचालन डा० नवीन कुमार सिन्हा द्वारा किया गया तथा संस्थान के उप निदेशक डा० बी एल मौर्य द्वारा सभी को  धन्यवाद ज्ञापित किया गया।  आयोजन एवं प्रबंधन के दृष्टिगत संस्थान की उप निदेशक सरिता गुप्ता, सहायक निदेशक डॉ राजकिशोर यादव, डा० सीमा राठौर, डा० सत्येन्द्र कुमार गुप्ता, डा० विनीता रावत, डा० शिवबचन सिंह यादव, डा० अल्का शर्मा, सहायक निदेशक संजय कुमार, सहायक निदेशक डा० वरूण चतुर्वेदी, आपदा प्रबंधन सलाहकार कुमार दीपक, उपेन्द्र कुमार दूबे , मो० शाहरूख तथा मोहम्मद शहंशाह का उल्लेखनीय योगदान रहा है।

अन्नदाताओं के हित में सख्त हुई योगी सरकार, अब नहीं चलेगी खाद की काला बाजारी

लखनऊ योगी सरकार ने एक बार फिर साफ किया है कि प्रदेश में कहीं भी उर्वरकों की दिक्कत या कमी नहीं है. किसानों के लिए पर्याप्त मात्रा में खाद उपलब्ध है. सरकार ने खाद के अनावश्यक भंडारण न करने की अपील की है. कृषि विभाग ने सभी 18 मंडलों में खाद की उपलब्धता व बिक्री की जानकारी दी. खरीफ सत्र 2024 में इस अवधि (18 अगस्त) तक 36.76 लाख मीट्रिक टन उर्वरक की बिक्री हुई थी, वहीं इस वर्ष अब तक 42.64 लाख मीट्रिक टन उर्वरक की बिक्री की जा चुकी है. कालाबाजारी करने वालों को कड़ी चेतावनी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने किसानों से अपील की कि खाद का भंडारण न करें. जितनी आवश्यकता है, उतना खाद लें, जब-जब आवश्यकता है, तब-तब खाद लें. हर जनपद में शिकायत प्रकोष्ठ है. किसी भी परेशानी की स्थिति में अवगत कराएं. मुख्यमंत्री ने उर्वरक की ओवररेटिंग, कालाबाजारी करने वालों को कड़ी चेतावनी भी दी है. उन्होंने जनपद में तैनात अधिकारियों को समय-समय पर निरीक्षण करने, किसानों से संवाद स्थापित करने और समस्याओं का निस्तारण करने का निर्देश दिया है. कृषि विभाग ने बताया कि प्रदेश में खाद की कोई कमी नहीं है. इस साल अधिक हुआ खाद का वितरण प्रदेश में पिछले वर्ष की अपेक्षा इस वर्ष अभी तक अधिक खाद वितरण किया जा चुका है. विगत वर्ष 27.25 लाख मीट्रिक टन यूरिया वितरण हुआ था, इस वर्ष अभी तक 31.62 लाख मीट्रिक टन वितरण किया जा चुका है. डीएपी 2024 में वितरण 5.28 लाख मीट्रिक टन का रहा, इस वर्ष यह बिक्री 5.38 लाख मीट्रिक टन हुई. एनपीके उर्वरक (नाइट्रोजन, फॉस्फोरस व पोटेशियम मिश्रण) का वितरण विगत वर्ष 2.07 लाख मीट्रिक टन रहा, इस वर्ष 2.39 लाख मीट्रिक टन वितरण किया जा चुका है. एमओपी (म्यूरेट ऑफ पोटाश) 0.25 लाख मीट्रिक टन के सापेक्ष इस वर्ष 0.46 लाख मीट्रिक टन वितरित हुआ. वहीं एसएसपी (सिंगल सुपर फॉस्फेट) का वितरण 2024 में 1.91 लाख मीट्रिक टन रहा, इस वर्ष किसानों को 2.79 लाख मीट्रिक टन वितरण किया जा चुका है. खाद की उपलब्धता यूरियाः 18 अगस्त तक प्रदेश में 37.70 लाख मीट्रिक टन की उपलब्धता रही. इसमें से 31.62 लाख मीट्रिक टन की खरीद किसानों द्वारा की जा चुकी है. डीएपी: 18 अगस्त तक 9.25 लाख मी. टन की उपलब्धता रही, जिसमें से 5.38 लाख मी. टन की खरीद किसानों ने कर ली है. एनपीके: 18 अगस्त तक 5.40 लाख मी. टन की उपलब्धता रही. इसमें से 2.39 लाख मीट्रिक टन की खरीद किसानों ने कर ली. 4.37 लाख मीट्रिक टन अधिक यूरिया की बिक्री खरीफ फसलों की बुवाई का कार्य पूर्ण हो गया है. मुख्य फसल धान में टॉप-ड्रेसिंग के लिए प्रतिदिन औसतन 49564 मी.टन यूरिया की खपत-बिक्री हो रही है. गतवर्ष की तुलना में इस वर्ष 16.04% (मात्रा 4.37 लाख मी०टन) अधिक यूरिया उर्वरक की बिक्री हुई है.

ईओयू ने डीए मामले में अनुभूति श्रीवास्तव के तीन ठिकानों पर की छापेमारी

– वास्तविक आय से 78.91 प्रतिशत अधिक अवैध आय के मिले प्रमाण – ईओयू के डीआईजी ने पुलिस मुख्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता में दी जानकारी पटना, आय से अधिक संपत्ति (डीए) मामले में सिवान नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी (ईओ) अनुभूति श्रीवास्तव के ठिकानों पर ईओयू ने छापेमारी की। आर्थिक अपराध इकाई (ईओयू) की अलग-अलग टीमों ने ईओ के उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के गोमतीनगर के एडेल्को ग्रीन्स स्थित पैतृक आवास, पटना के रूपसपुर थाना के तिलकनगर स्थित अर्पणा मेंशन के फ्लैट नंबर 406-बी एवं 407-बी तथा सिवान नगर कार्यपालक पदाधिकारी कार्यालय समेत अन्य ठिकानों पर सघन छापेमारी की। इस दौरान बड़ी संख्या में निवेश संबंधित दस्तावेजों के अलावा ज्वेलरी, कैश, बैंक खाते समेत अन्य कई महत्वपूर्ण दस्तावेज बरामद हुए हैं। इनकी जांच चल रही है। जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा कि कितने की अवैश संपत्ति बरामद की गई है। यह जानकारी ईओयू के डीआईजी (आर्थिक अपराध) मानवजीत सिंह ढिल्लो ने बुधवार को पुलिस मुख्यालय सभागार में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान दी।        डीआईजी ने कहा कि अब तक की जांच में उनके खिलाफ 71 लाख 1 हजार 908 रुपये की अवैध संपत्ति का पता चला है, जो उनके वैद्य आय से 78.91 प्रतिशत अधिक है। जांच में यह बात सामने आई है कि अनुभूति श्रीवास्तव ने सीवान जिला में पदस्थापना के दौरान अपने पद का दुरुपयोग कर अवैध आय अर्जित की है। इस मामले को लेकर ईओयू में एफआईआर भी दर्ज की गई है। अनुभूति श्रीवास्तव के खिलाफ 31 अगस्त 2021 को भ्रष्टाचार निरोध अधिनियम की धारा 13(1)(बी) के अंतर्गत मामला दर्ज कर कार्रवाई की गई थी। आय से अधिक संपत्ति मामले में उस समय भी इनके खिलाफ हुई कार्रवाई में 230 प्रतिशत अवैध आय का मामला सामने आया था। उस समय जांच में यह पाया गया था कि नवंबर 2013 से सितंबर 2021 के बीच आय के वैध स्रोतों से 1 करोड़ 99 लाख 77 हजार रुपये से अधिक की संपत्ति बरामद की गई थी। इस मामले में उनके खिलाफ कोर्ट में आरोप पत्र समर्पित किया गया है। यह मामला अभी न्यायालय में विचाराधीन है। निलंबन मुक्त होने के बाद उनकी तैनाती रक्सौल, सहरसा के बाद सीवान में हुई। मधुबनी का कुख्यात तस्कर हुआ गिरफ्तार डीआईजी ने बताया कि मादक पदार्थों एवं द्रव्यों की तस्करी के मामले में मधुबनी के बिस्फी थाना क्षेत्र का रहने वाला कुख्यात तस्कर प्रभाकर चौधरी को गिरफ्तार कर लिया गया। उसे एनसीबी कोलकाता के सहयोग से गिरफ्तार कर जयपुर स्थित केंद्रीय कारा भेजा गया है। प्रभाकर के खिलाफ केंद्रीय वित्त मंत्रालय के स्तर से वारंट जारी किया गया था। वह पूर्वोत्तर राज्यों के अलावा पश्चिम बंगाल और बिहार में अवैध मादक पदार्थों की तस्करी में बेहद सक्रिय था। उसके खिलाफ कई मामले दर्ज हैं। पेपर लीक कांडः तीन महीने में डेढ़ करोड़ रुपये से अधिक का लेनदेन आया सामने सिपाही पेपर लीक गिरोह का मुख्य आरोपी राजकिशोर साह को गिरफ्तार कर लिया गया है। केंद्रीय चयन पर्षद (सिपाही भर्ती) के पेपर लीक से संबंधित मामले की जांच ईओयू के स्तर से की जा रही है। राजकिशोर अरवल जिला के करपी थाना के बख्तारी गांव का रहने वाला है। उसके बैंक खातों की जांच में पाया गया कि तीन महीने में डेढ़ करोड़ रुपये से अधिक का लेनदेन सामने आय़ा है। इसमें बड़ा हिस्सा संजीव मुखिया गिरोह को ट्रांसफर हुआ है। इस मामले में दो कोचिंग संचालकों मुकेश सर और चंदन सर का नाम प्रमुखता से सामने आई है। इन दोनों का सत्यापन हो गया है। जल्द इनकी गिरफ्तारी होगी। कुछ अन्य कोचिंग संचालकों के नाम भी सामने आए हैं। सिम बॉक्स मामले में देवघर से हुई गिरफ्तारी ईओयू की साइबर टीम ने सिम बॉक्स मामले में देवघर के पारो थाना क्षेत्र से मुकेश को गिरफ्तार किया गया है। इससे पहले इस मामले में वैशाली से सुल्तान को भी गिरफ्तार किया गया था। उसके साथ मुकेश के काफी चैट और पैसे की लेनदेन से जुड़े साक्ष्य बरामद किए गए हैं। इससे संबंधित काफी साक्ष्य बरामद मिलने के बाद उसकी गिरफ्तारी की गई है। सिम बॉक्स मामले में 21 जुलाई को सबसे पहले सुपौल से हर्षित कुमार को गिरफ्तार किया गया था। इसके बाद वैशाली और इससे जुड़ा देवघर का कनेक्शन सामने आने के बाद गिरफ्तारी की गई है। यह जानकारी डीआईजी (साइबर) संजय कुमार सिंह ने प्रेस वार्ता के दौरान दी। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया पेट्रोलिंग यूनिट 432 शिकायतें प्राप्त हुई हैं, जिनमें 115 वेबसाइटों को प्रतिबंधित कर दिया गया है। शेष मामलों की जांच जारी है। साइबर से जुड़े मामलों का निपटारा भी बड़ी संख्या में किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की सांसदों संग बैठक, केंद्र योजनाओं और विकास पर हुई विस्तृत चर्चा

जयपुर, मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने मंगलवार को नई दिल्ली में प्रदेश के सांसदों से मुलाकात कर उनसे केन्द्र प्रवर्तित योजनाओं को गति प्रदान करने और राज्य के सर्वांगीण विकास के संबंध में विस्तृत चर्चा की। बीकानेर हाउस में आयोजित इस बैठक में मुख्यमंत्री ने प्रदेश के सांसदों से राज्यहित के मुद्दों पर संसद में तत्परता से चर्चा करने तथा विभिन्न मंत्रालयों में प्रदेश की स्वीकृतियों और फंडिंग के विषयों पर कार्य करने के लिए आग्रह किया। शर्मा ने पीएम सड़क योजना आदि को तेजी से लागू करने के लिए सांसदों का सहयोग भी मांगा। साथ ही, प्रदेश में अधिक से अधिक निवेश का वातावरण बनाने के लिए केन्द्र सरकार के साथ ज्यादा तत्परता के साथ कार्य करने के लिए अनुरोध किया। बैठक में लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला, केन्द्रीय मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत, भूपेन्द्र यादव, भागीरथ चौधरी, राज्यसभा सांसद मदन राठौड़, चुन्नीलाल गरासिया, घनश्याम तिवाड़ी, राजेन्द्र गहलोत, लोकसभा सांसद दामोदर अग्रवाल, सी.पी.जोशी, दुष्यंत सिंह, लुंबाराम चौधरी, श्रीमती महिमा कुमारी मेवाड़, श्रीमती मंजू शर्मा, मन्नालाल रावत, पी.पी.चौधरी, राव राजेन्द्र सिंह सहित अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित थे।  

इस महीने बिहार वालों को मिलने वाली है ‘विज्ञान का तीर्थ’ की सौगात!

500 सीटों का ऑडिटोरियम, सेल्फी प्वॉइंट और 269 विज्ञान प्रदर्श वाली होगी सांइस सिटी पटना,  बिहार और खास कर पटना के लोगों को जल्‍द ही एक जबरदस्‍त सौगात मिलने वाली है। महान वैज्ञानिक और भारत रत्न डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम की स्मृति में बन रही साइंस सिटी इसी माह के अंत तक जनता के लिए समर्पित होगी। भवन निर्माण विभाग ने इसकी तैयारियों को अंतिम रूप देना शुरू कर दिया है। लगभग 20.5 एकड़ में फैली यह भव्य साइंस सिटी मोईन-उल-हक स्टेडियम के पास तैयार की गई है। साइंस सिटी का निर्माण बिहार की विज्ञान और शिक्षा यात्रा को एक नई ऊंचाई देगा। होंगी ये पांच गैलरियां बी ए साइंटिस्ट्स गैलरी बेसिक साइंस गैलरी सस्टेनेबल प्लैनेट गैलरी स्पेस एंड एस्ट्रोनॉमी गैलरी बॉडी एंड माइंड गैलरी 26 थीम पर आधारित होगी गैलरी यहां बनाए जा रही पांच गैलरियों को 26 थीम से सजाया जाएगा। जिस पर 269 विज्ञान प्रदर्श लगाए जाएंगे। पहले चरण में बी ए साइंटिस्ट्स गैलरी और बेसिक साइंस गैलरी में 47 प्रदर्श स्थापित किए जा रहे हैं। जो विज्ञान में रुचि रखने वाले छात्रों के लिए अद्भुत होगा। साइंस सिटी सिर्फ विज्ञान प्रदर्श तक सीमित नहीं होगी, बल्कि यह युवाओं और बच्चों के लिए ज्ञान और मनोरंजन का बेहतरीन संगम बनेगी। साइंस सिटी में ये भी ​​होगा खास 500 सीटों की क्षमता वाला आधुनिक ऑडिटोरियम 150 छात्रों व 3 शिक्षकों के लिए डोरमेटरी 4डी थियेटर, बहुउद्देशीय हॉल और प्री-फंक्शनल हॉल कैफेटेरिया, पार्किंग, पेयजल और शौचालय एट्रियम बनेगा आकर्षण साइंस सिटी का एट्रियम एरिया खास तौर पर आकर्षक का केंद्र होगा। यहां सेल्फी पॉइंट, डिजिटल पैनल और म्यूरल्स लगाए जा रहे हैं। यानी यहां सिर्फ विज्ञान ही नहीं, बल्कि खूबसूरत माहौल का भी अनुभव मिलेगा। विद्यार्थियों और युवाओं के लिए बड़ा तोहफ़ा भवन निर्माण विभाग के सचिव कुमार रवि के मुताबिक साइंस सिटी का सिविल वर्क पूरा हो चुका है और प्रदर्शों की इंस्टॉलेशन तेजी से हो रही है। उन्होंने कहा कि यह परियोजना समय पर और गुणवत्ता के साथ पूरी की जा रही है। यह साइंस सिटी न सिर्फ विद्यार्थियों बल्कि हर आयु वर्ग के लोगों के लिए विज्ञान और नवाचार का अनूठा केंद्र बनने जा रही है।

रेखा गुप्ता अटैक केस: गंभीर धाराओं में FIR, हत्या का प्रयास भी शामिल

 नई दिल्ली दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता पर हुए हमले के मामले में पुलिस ने हत्या की कोशिश  का मामला दर्ज किया है. आरोपी की पहचान राजेश के रूप में हुई है, जिससे दिल्ली पुलिस, खुफिया ब्यूरो (IB) और स्पेशल सेल की टीमें पूछताछ कर रही हैं. पुलिस आरोपी की 5 से 7 दिन की रिमांड मांगेगी. राजेश बुधवार सुबह ही ट्रेन से राजकोट से दिल्ली आया था और सिविल लाइंस के गुजराती भवन में रुका था.  दिल्ली सीएम रेखा गुप्ता पर हमला: आरोपी पर पहले से दर्ज हैं पांच मामले . मुख्यमंत्री पर हमले के मामले में पुलिस स्टेशन सिविल लाइंस में भारतीय न्याय संहिता की धारा 109(1)/132/221 के तहत मामला दर्ज किया गया है. पुलिस ने सरकारी कर्मचारी पर हमला करने के आरोप में बीएनएस की धारा 132, सरकारी कर्मचारी के काम में बाधा डालने के आरोप में बीएनएस की धारा 221 और हत्या कोशिश के लिए धारा 109 के तहत मामला दर्ज किया है.  पुलिस ने आरोपी को हिरासत में ले लिया है. मामले की आगे की जांच चल रही है. पुलिस सभी संभावित पहलुओं से जांच कर रही है. आईबी और स्पेशल सेल की टीम भी आरोपी राजेश से पूछताछ कर रही हैं. हमले से पहले दोस्त से किया बात… आरोपी राजेश ने हमले से पहले गुजरात में अपने दोस्त को फोन पर बताया था कि वह शालीमार बाग स्थित मुख्यमंत्री आवास पहुच गया है. जांच में पता चला है कि यह पहली बार था जब आरोपी दिल्ली आया था. अब पुलिस आरोपी राजेश की 5 से 7 दिन की रिमांड मांगेगी, जिससे उससे मामले से जुड़ी और जानकारी हासिल की जा सके. सीएम पर हमला करने वालों को कितनी कड़ी मिलती है सजा दिल्ली के मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता पर उनके सरकारी आवास सिविल लाइंस में जनसुनवाई के दौरान हमला किए जाने का मामला सामने आया है. बुधवार सुबह जनसुनवाई कार्यक्रम के दौरान एक व्यक्ति ने पहले सीएम को कुछ कागज सौंपे और उसके बाद अचानक उन पर हमला करने की कोशिश की. मौके पर मौजूद पुलिस कर्मियों ने तुरंत आरोपी को काबू कर लिया और हिरासत में ले लिया. बताया जा रहा है कि सीएम रेखा गुप्ता को कंधे और सिर पर चोट आई है. इस घटना के बाद राजनीतिक हलकों में सुरक्षा को लेकर बड़ा सवाल खड़ा हो गया है. आरोपी की पहचान और पूछताछ दिल्ली पुलिस के अनुसार, आरोपी ने अपना नाम राजेश भाई खीमजी बताया है और दावा किया है कि वह गुजरात के राजकोट का रहने वाला है. फिलहाल पुलिस उसकी सीएम को चोट पहुंचाने की मंशा की जांच कर रही है. पूछताछ में पता चला कि वह किसी रिश्तेदार की जेल से रिहाई के लिए आवेदन लेकर आया था. घटना के समय मौजूद लोगों का कहना है कि मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता लोगों की शिकायतें सुन रही थी. तभी अचानक यह हमला हुआ एक चश्मदीद ने कहा हमने पीछे से शोर सुना. वहीं जब तक समझ पाए पुलिस ने हमलावर को पकड़ लिया था. हमले के बाद ही मुख्यमंत्री बिल्कुल सदमे में थी. कानून क्या कहता है-बीएनएस धारा115 कानूनन मुख्यमंत्री या किसी भी व्यक्ति पर इस तरह हमला करना भारतीय न्याय संहिता की धारा 115 के तहत अपराध है. इसमें स्वेच्छा से चोट पहुंचाने की बात कही गई है. भारतीय न्याय संहिता की धारा 115 के अनुसार, अगर कोई व्यक्ति जानबूझकर किसी अन्य को चोट पहुंचाने का काम करता है तो इसे अपराध माना जाएगा. वहीं इसके लिए अपराधी पर एक साल तक की सजा या 10 हजार तक का जुर्माना या दोनों हो सकते हैं. हालांकि यह मामला सिटिंग सीएम पर हमले का है इसलिए पुलिस अन्य धाराओं के तहत भी गंभीर जांच कर सकती है. ऐसे मामले जो बीएनएस 115 में आते हैं     बीएनएस 115 में किसी को थप्पड़ या मुक्का मारने का मामला आता है.     इसके अलावा किसी को जानबूझकर धक्का देना भी इसी धारा के अंतर्गत आता है.     अगर किसी पर कोई व्यक्ति वस्तु फेंकता है तो भी उस व्‍यक्‍त‍ि पर बीएनएस 115 के अंदर मामला दर्ज किया जा सकता है     अगर किसी के शरीर को जोर से पकड़कर चोट पहुंचाने की कोशिश की गई तो उस पर भी बीएनएस 115 के तहत मामला दर्ज किया जाता है विपक्ष और नेताओं की प्रतिक्रियाएं हमले की घटना के बाद भाजपा ने इसे सुरक्षा में गंभीर चूक बताया है और जिम्मेदारी तय करने की मांग की. वहीं कांग्रेस और आम आदमी पार्टी ने भी इस घटना की निंदा की और कहा कि अगर राजधानी में मुख्यमंत्री ही सुरक्षित नहीं है तो आम जनता की सुरक्षा पर बड़ा सवाल खड़ा होता है.

योगी सरकार ने दी सभी 18 मंडलों में खाद की उपलब्धता व बिक्री की जानकारी

देश में कहीं भी उर्वरक की दिक्कत नहीं, कालाबाजारी पर योगी सरकार सख्त योगी सरकार ने दी सभी 18 मंडलों में खाद की उपलब्धता व बिक्री की जानकारी पहली अप्रैल से 18 अगस्त 2025 तक हुई 42.64 लाख मीट्रिक टन उर्वरक की बिक्री  पिछले वर्ष की तुलना में इस वर्ष 4.37 लाख मीट्रिक टन अधिक यूरिया की हुई बिक्री मुख्यमंत्री ने दिया निर्देश- जनपदों में निरंतर मॉनीटरिंग करें अधिकारी, किसानों को न हो परेशानी सीएम योगी ने किसानों से की अपील- भंडारण न करें, जब चाहें, आवश्यकतानुरूप लें खाद   लखनऊ  योगी सरकार ने एक बार फिर साफ किया है कि प्रदेश में कहीं भी उर्वरकों की दिक्कत या कमी नहीं है। किसानों के लिए पर्याप्त मात्रा में खाद उपलब्ध है। सरकार ने खाद के अनावश्यक भंडारण न करने की अपील की है। कृषि विभाग ने सभी 18 मंडलों में खाद की उपलब्धता व बिक्री की जानकारी दी। खरीफ सत्र 2024 में इस अवधि (18 अगस्त) तक 36.76 लाख मीट्रिक टन उर्वरक की बिक्री हुई थी, वहीं इस वर्ष अब तक 42.64 लाख मीट्रिक टन उर्वरक की बिक्री की जा चुकी है।  मुख्यमंत्री ने की किसानों से अपील  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने किसानों से अपील की कि खाद का भंडारण न करें। जितनी आवश्यकता है, उतना खाद लें, जब-जब आवश्यकता है, तब-तब खाद लें। हर जनपद में शिकायत प्रकोष्ठ है। किसी भी परेशानी की स्थिति में अवगत कराएं। मुख्यमंत्री ने उर्वरक की ओवररेटिंग, कालाबाजारी करने वालों को कड़ी चेतावनी भी दी है। उन्होंने जनपद में तैनात अधिकारियों को समय-समय पर निरीक्षण करने, किसानों से संवाद स्थापित करने और समस्याओं का निस्तारण करने का निर्देश दिया है। कृषि विभाग ने बताया कि प्रदेश में खाद की कोई कमी नहीं है। पिछले वर्ष से अधिक हुआ खाद वितरण प्रदेश में पिछले वर्ष की अपेक्षा इस वर्ष अभी तक अधिक खाद वितरण किया जा चुका है। विगत वर्ष 27.25 लाख मीट्रिक टन यूरिया वितरण हुआ था, इस वर्ष अभी तक 31.62 लाख मीट्रिक टन वितरण किया जा चुका है। डीएपी 2024 में वितरण 5.28 लाख मीट्रिक टन का रहा, इस वर्ष यह बिक्री 5.38 लाख मीट्रिक टन हुई। एनपीके उर्वरक (नाइट्रोजन, फॉस्फोरस व पोटेशियम मिश्रण) का वितरण विगत वर्ष 2.07 लाख मीट्रिक टन रहा, इस वर्ष 2.39 लाख मीट्रिक टन वितरण किया जा चुका है। एमओपी (म्यूरेट ऑफ पोटाश) 0.25 लाख मीट्रिक टन के सापेक्ष इस वर्ष 0.46 लाख मीट्रिक टन वितरित हुआ। वहीं एसएसपी (सिंगल सुपर फॉस्फेट) का वितरण 2024 में 1.91 लाख मीट्रिक टन रहा, इस वर्ष किसानों को 2.79 लाख मीट्रिक टन वितरण किया जा चुका है। खाद की उपलब्धता यूरियाः 18 अगस्त तक प्रदेश में 37.70 लाख मीट्रिक टन की उपलब्धता रही। इसमें से 31.62 लाख मीट्रिक टन की खरीद किसानों द्वारा की जा चुकी है।  डीएपी: 18 अगस्त तक 9.25 लाख मी. टन की उपलब्धता रही, जिसमें से 5.38 लाख मी. टन की खरीद किसानों ने कर ली है।   एनपीके: 18 अगस्त तक 5.40 लाख मी०टन की उपलब्धता रही। इसमें से 2.39 लाख मीट्रिक टन की खरीद किसानों ने कर ली।  गत वर्ष की तुलना में 4.37 लाख मीट्रिक टन अधिक यूरिया की बिक्री खरीफ फसलों की बुवाई का कार्य पूर्ण हो गया है। मुख्य फसल धान में टॉप-ड्रेसिंग हेतु प्रतिदिन औसतन 49564 मी०टन यूरिया की खपत/बिक्री हो रही है। गतवर्ष की तुलना में इस वर्ष 16.04% (मात्रा 4.37 लाख मी०टन) अधिक यूरिया उर्वरक की बिक्री हुई है। बॉक्स  खाद उपलब्धता की सम्पूर्ण स्थिति (को-ऑपरेटिव स्टॉक और प्राइवेट स्टॉक) मंडल                  यूरिया           डीएपी         एनपीके                           सहारनपुर               18734         4577         3075 मेरठ                       39089       17195        8858 आगरा                    43824        28329       21502 अलीगढ़                 29597        18377       16464 बरेली                    41610         20790       28159 मुरादाबाद              46450         18159       27402 कानपुर                  52100         41168       30301 प्रयागराज               57212         21286       25580 झांसी                     28267        27164       16506   चित्रकूट                  25650          9110         3975 वाराणसी                43294         27689       14627 मीरजापुर                13626          7840         3804    आजमगढ़               34184         24481        9070 गोरखपुर                 34126         25756        15755 बस्ती                     12306        10439            4611 देवीपाटन               17955         18681          9017 लखनऊ                 41066         37964         36736 अयोध्या                28960          27997         25250 कुल-                  608049         387003     300693  नोटः यह आंकड़े खऱीफ सत्र 2025 में 18 अगस्त तक के हैं। यह मात्रा मीट्रिक टन में है।

फर्जी मुकदमों में 29 लोगों को फंसाने वाला वकील दोषी, कोर्ट ने दी उम्रकैद और जुर्माना

लख्रनऊ लख्रनऊ में 29 लोगों के खिलाफ एससी/एसटी एक्ट, रेप समेत अन्य धाराओं में फर्जी मुकदमे दर्ज कराकर उन्हें जेल भेजने और परेशान करने के मामले में आरोपी अधिवक्ता परमानंद गुप्ता को कोर्ट ने दोषी करार दिया है। अधिवक्ता परमानंद गुप्ता को अनुसूचित जाति/जनजाति निवारण अधिनियम के विशेष न्यायाधीश विवेकानंद शरण त्रिपाठी ने उम्रकैद की सजा सुनाई है। इसके साथ ही 5.10 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया है। परमानंद गुप्ता झूठे मुकदमे दर्ज कराने के लिए अपनी पत्नी के ब्यूटी पार्लर में काम करने वाली एक महिला का सहारा लेता था। वह महिला परमानंद के प्रभाव में आकर वही करती थी जैसा वह कहता था। दो भाइयों के खिलाफ विभूतिखंड थाने में दर्ज हुए दुष्कर्म के मुकदमे की विवेचना में एसीपी विभूतिखंड रहे राधा रमण सिंह और विशेष लोक अभियोजक अरविंद मिश्रा द्वारा प्रस्तुत साक्ष्यों और मजबूत पैरवी के आधार पर अधिवक्ता को सजा हुई। विशेष लोक अभियोजक अरविंद मिश्रा ने बताया कि परमानंद गुप्ता का विभूतिखंड में रहने वाले अरविंद यादव और उनके भाई अवधेश यादव से विवाद चल रहा था। परमानंद ने पत्नी के ब्यूटी पार्लर में काम करने वाली पूजा रावत को पीड़िता दर्शा कर दोनों के खिलाफ एससी/एसटी एक्ट और दुष्कर्म का मुकदमा दर्ज कराया था। 18 जनवरी 2025 को मुकदमा दर्ज कर विवेचना करने का आदेश दिया गया। मामले की जांच तत्कालीन एसीपी राणा रमण सिंह को सौंपी गई। एसीपी की जांच में आरोप निराधार पाए गए। पता चला कि अधिवक्ता की पत्नी और दोनों आरोपियों के बीच प्रॉपर्टी का विवाद था। इस कारण फर्जी मुकदमा दर्ज कराया गया था। दुष्कर्म, मारपीट और धमकी व इलेक्ट्रानिक साक्ष्यों, फोन की काल डिटेल्स में कोई ऐसा साक्ष्य नहीं मिला जिससे दोनों आरोपी भाइयों पर आरोप सिद्ध हो सके। साक्ष्य कोर्ट में प्रस्तुत किए गए। इसी बीच पता चला कि 18 मुकदमे विभिन्न थानों में खुद परमानंद ने और 11 मुकदमे महिला के माध्यम से दर्ज कराए थे। वे सभी झूठे थे। अदालत ने तलब किया तो वादी ने ही खोल दी पोल इस प्रकरण का सबसे दिलचस्प पहलू यह है कि जब अदालत द्वारा अधिवक्ता परमानंद गुप्ता एवं पूजा रावत को विचारण के लिए तलब किया गया तो पूजा ने 4 अगस्त 2025 को एक प्रार्थना पत्र देकर कहा कि वह रोजगार के सिलसिले में गोरखपुर से लखनऊ आई थी। उसे अधिवक्ता परमानंद गुप्ता एवं उसकी पत्नी संगीता गुप्ता ने अपने जाल में फंसा लिया है। अदालत को पूजा रावत ने यह भी बताया कि संगीता गुप्ता का ब्यूटी पार्लर का काम है, जिसमें वह सहायिका के रूप में काम करती थी तथा संगीता गुप्ता का अरविंद यादव आदि के परिवार से खसरा संख्या 351 के रूप में संपत्ति का विवाद चल रहा है तथा सिविल कोर्ट में मुकदमे भी चल रहे हैं। अर्जी में यह भी कहा गया कि परमानंद गुप्ता ने उसका अनुसूचित जाति होने के तथ्य का फायदा उठाते हुए अरविंद यादव आदि के परिवार के विरुद्ध रेप, छेड़छाड़ आदि के अनेकों मुकदमे अदालतों में दर्ज कराए हैं। पूजा रावत ने अदालत को यह भी बताया कि उसके साथ कथित घटना के समय कोई भी छेड़छाड़ अथवा दुराचार की घटना नहीं हुई बल्कि परमानंद गुप्ता जैसा बयान मजिस्ट्रेट के सामने देने के लिए कहते थे, वैसा ही बयान उसे देना पड़ता था। उसे माफ कर दिया जाए और वह अदालत को सही-सही बात बता रही है। परमानंद जैसे अपराधी प्रैक्टिस करने योग्य नहीं : कोर्ट अदालत ने अपने निर्णय में स्पष्ट रूप से कहा है कि अधिवक्ता परमानंद गुप्ता जैसे अपराधी न्यायालय में प्रवेश और प्रैक्टिस करने योग्य नहीं हैं। न्यायपालिका की शुचिता बनी रहे, इस आशय से सूचना एवं निर्णय की प्रति बार काउंसिल ऑफ उत्तर प्रदेश को पत्र के साथ भेजी जाए। इसके साथ ही कोर्ट ने पूजा रावत की अर्जी व उसके द्वारा दिए गए बयानों के आधार पर उससे सशर्त माफी दे दी। मौके पर पहुंची पुलिस को नहीं मिला कमरा एसीपी राधा रमण सिंह ने बताया कि दुष्कर्म का मुकदमा दो भाइयों के खिलाफ था, इस पर उन्हें आशंका हुई। पूजा के बयानों के बाद वह घटनास्थल पहुंचे, जहां उसने दुष्कर्म की बात कही थी। स्थलीय निरीक्षण में मौके पर कमरा ही नहीं मिला। वहां खाली प्लॉट था। पूजा और आरोपी भाइयों की काल डिटेल्स खंगाली गई तो दोनों की कभी फोन पर बात भी नहीं हुई थी। घटना के समय की लोकेशन एक नहीं मिली। मुकदमे के गवाहों में अधिवक्ता परमानंद की पत्नी का नाम था। घटनास्थल के आस-पास के गवाहों का वीडियो बयान लिया तो पता चला कि पूजा कभी उस मोहल्ले अथवा आस-पास के इलाके में रही ही नहीं।

BJP की हरियाणा रणनीति: अक्टूबर में होगा मंत्रियों का रिव्यू, वन स्टेट-वन इलेक्शन पर फोकस

चंडीगढ़  हरियाणा में विधानसभा चुनाव में हारी 42 सीटों पर अगले चुनाव में कमल खिलाने के लिए भाजपा पूरी रणनीति के साथ जुट गई है। मिशन-2029 की तैयारियों को धार देने के लिए हर क्षेत्र के लिए अलग रणनीति तैयार की जा रही है। संगठनात्मक मजबूती, जनता से सीधा संवाद और हारी हुई सीटों पर रणनीति, इन्हीं तीन बिंदुओं पर मिशन-2029 की नींव रखी जा रही है। भाजपा नेताओं ने मंगलवार को चंडीगढ़ और पंचकूला में एक के बाद एक कई बैठकें की। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी, भाजपा प्रदेशाध्यक्ष मोहनलाल बडौली और संगठन मंत्री फणीन्द्रनाथ शर्मा ने अलग-अलग बैठकों की कमान संभाली। प्रदेश महामंत्री सुरेंद्र पुनिया, डॉ. अर्चना गुप्ता और कृष्ण कुमार बेदी भी इन बैठकों में शामिल हुए। सबसे पहले सुबह मुख्यमंत्री आवास पर जिला अध्यक्षों, जिला प्रभारियों और पार्टी पदाधिकारियों की पहली बैठक हुई। इस बैठक में हाल ही में संपन्न जिला कार्यकारिणी की बैठकों की समीक्षा की गई और संगठन व सरकार के बीच बेहतर तालमेल की रणनीति पर चर्चा हुई। हरियाणा भाजपा के प्रदेश महामंत्री व कैबिनेट मंत्री कृष्ण कुमार बेदी, डॉ. अर्चना गुप्ता और सुरेंद्र पूनिया की मौजूदगी में हुई बैठक में तय किया गया कि जनता तक सरकार की उपलब्धियों और योजनाओं को और प्रभावी ढंग से पहुंचाया जाए, ताकि पार्टी की पकड़ जमीनी स्तर पर और मजबूत हो सके। हारे हुए नेताओं को भी बुलाया इसके बाद भाजपा ने उन 42 नेताओं को बुलाया जो 2024 के विधानसभा चुनाव में भाजपा की टिकट पर हार चुके थे। इनमें पूर्व वित्त मंत्री कैप्टन अभिमन्यु, पूर्व कैबिनेट मंत्री कंवरपाल गुर्जर और पूर्व विधानसभा अध्यक्ष ज्ञानचंद गुप्ता जैसे दिग्गज भी शामिल रहे। इस बैठक का मकसद मिशन-2029 के तहत उन सीटों पर विशेष रणनीति बनाना है, जहां भाजपा को पिछली बार झटका लगा था। मुख्यमंत्री और संगठन पदाधिकारियों ने इन नेताओं से फीडबैक लिया और चुनावी समीकरणों पर गहन मंथन किया। पार्टी का मानना है कि यदि इन सीटों पर पुख्ता तैयारी की जाए तो आने वाले चुनावों में भाजपा का ग्राफ दोबारा ऊपर उठ सकता है। भाजपा इन सीटों पर शेडो प्रभारी नियुक्त कर चुकी है। दोपहर तीन बजे मुख्यमंत्री नायब सैनी ने विधायकों से मुलाकात कर उनके क्षेत्रों में चल रहे विकास कार्यों पर चर्चा की। इसके बाद शाम को मंत्रियों के साथ बैठक में विभागीय कार्यों, प्राथमिकताओं और आगामी योजनाओं की समीक्षा की गई। छठी बैठक पंचकूला में मन की बात कार्यक्रम की हुई, जिसमें प्रदेश अध्यक्ष और महामंत्री शामिल हुए। बड़े लक्ष्य को साधने की तैयारी राजनीतिक हलकों में भाजपा की इन बैठकों को बेहद अहम माना जा रहा है। एक ओर भाजपा अपने घर को दुरुस्त करने में जुटी है तो दूसरी ओर विपक्षी दलों की नजर भी इन बैठकों पर टिकी हुई है। यह स्पष्ट है कि हरियाणा की राजनीति में आने वाले दिनों में भाजपा अपनी रणनीति और जमीनी पकड़ को और मजबूत करने के लिए आक्रामक तेवर अपनाएगी। भाजपा की तैयारी बड़े लक्ष्य को साधने की है। 17 सितंबर से दो अक्टूबर तक सेवा पखवाड़ा विधानसभा चुनाव में हारे भाजपा प्रत्याशियों की बैठक के बाद पूर्व वित्त मंत्री कैप्टन अभिमन्यु ने बताया कि 17 सितंबर से दो अक्टूबर तक सेवा पखवाड़ा मनाया जाएगा। जिन विधानसभा सीटों पर हार हुई हैं, उनमें कोई प्रतिनिधि न रहने के कारण विकास में कमी न आ जाए, इसके लिए बैठक में कार्ययोजना बनाई गई। उन्होंने ऐसी बैठकों की पहल के लिए मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी को साधुवाद दिया है। हारी हुई सीटों पर विशेष ध्यान बीजेपी ने अपनी पिछली हार से सबक लेते हुए उन 42 विधानसभा सीटों पर विशेष ध्यान देना शुरू कर दिया है। इन सीटों का जिम्मा पहले ही 12 मंत्रियों और 30 विधायकों को सौंपा जा चुका है। बैठक में मुख्यमंत्री ने इन प्रभारियों से जमीनी स्तर का फीडबैक लिया और उन्हें निर्देश दिए कि वे हारे हुए प्रत्याशियों के साथ मिलकर संगठन को मजबूत करें। पार्टी की रणनीति स्पष्ट है: हर महीने इन सीटों की समीक्षा की जाएगी, ताकि 2029 तक पूरी तैयारी के साथ चुनाव लड़ा जा सके। पार्टी का लक्ष्य केवल हारी हुई सीटों को जीतना ही नहीं, बल्कि जीती हुई सीटों पर भी अपनी पकड़ मजबूत करना है। इसलिए, हर सीट के लिए अलग रणनीति तैयार की जा रही है। पार्टी ऐसे नए चेहरे भी तैयार करेगी जो विरोधी दलों के उम्मीदवारों को कड़ी टक्कर दे सकें। मंत्रियों का रिपोर्ट कार्ड और संगठनात्मक मजबूती संगठनात्मक स्तर पर भी बीजेपी ने कमर कस ली है। प्रदेश अध्यक्ष मोहन लाल बड़ौली ने बताया कि जिला कार्यकारिणी की बैठकें हो चुकी हैं और अब 23, 24 और 25 अगस्त को 377 मंडलों की बैठकें आयोजित की जाएंगी। इन बैठकों में विकास कार्यों और मुख्यमंत्री की घोषणाओं पर भी चर्चा होगी। पार्टी ने सभी मंत्रियों के कामकाज का रिपोर्ट कार्ड बनाने का भी फैसला किया है। इस रिपोर्ट कार्ड की समीक्षा अक्टूबर में की जाएगी, जब सरकार को एक साल पूरा हो जाएगा। इस समीक्षा का उद्देश्य यह देखना होगा कि किस मंत्री के विभाग में जनहित के कितने काम हुए हैं और उनकी सक्रियता कितनी है। इससे पार्टी को न केवल सरकार की कार्यप्रणाली का आकलन करने में मदद मिलेगी, बल्कि यह भी तय हो पाएगा कि कौन से नेता जनता के बीच कितने प्रभावी हैं। 'वन नेशन, वन इलेक्शन' की तैयारी केंद्र सरकार की 'वन नेशन, वन इलेक्शन' की योजना के मद्देनजर, बीजेपी की यह तैयारी काफी महत्वपूर्ण मानी जा रही है। यह रणनीति इस बात का संकेत देती है कि पार्टी हर परिस्थिति के लिए तैयार है, चाहे चुनाव कभी भी हों। संगठनात्मक स्तर पर कार्यकर्ताओं और नेताओं की ड्यूटी लगाकर और उनके रिपोर्ट कार्ड बनाकर, पार्टी अपनी पूरी मशीनरी को सक्रिय और जवाबदेह बनाना चाहती है। यह योजना न केवल हरियाणा में बीजेपी की स्थिति को मजबूत करेगी, बल्कि यह भी सुनिश्चित करेगी कि पार्टी हर सीट पर जीत के लिए एक मजबूत और समन्वित रणनीति के साथ मैदान में उतरे।   

अब्बास अंसारी की विधायकी बहाल होने की संभावना, राजनीतिक हलचल तेज

 प्रयागराज मुख्तार अंसारी के बेटे अब्बास अंसारी को इलाहाबाद हाईकोर्ट से बड़ी राहत मिली है। अब्बास अंसारी की विधायकी बहाल हो सकती है। उत्तर प्रदेश की की मऊ सदर सीट पर अब उपचुनाव नहीं होगा। हेट स्पीच मामले में एमपी एमएलए कोर्ट मऊ के फैसले पर इलाहाबाद हाई कोर्ट ने रोक लगा दी है। आपको बता दें कि हेट स्पीच मामले में एमपी एमएलए कोर्ट मऊ की ओर से सुनाई गई दो साल की सजा पर रोक की मांग करते हुए दाखिल क्रिमिनल रिवीजन को इलाहाबाद हाईकोर्ट ने स्वीकार कर लिया है। इस फैसले के चलते अब्बास अंसारी की विधायकी अब बहाल हो जाएगी। तीन मार्च 2022 को दर्ज हुआ मुकदमा नफरती भाषण और चुनाव आचार संहिता का उल्लंघन करने के मामले में अभियोजन के अनुसार एसआई गंगाराम बिंद की तहरीर पर शहर कोतवाली में एफआईआर दर्ज हुई। इसमें सदर विधायक अब्बास अंसारी और अन्य को आरोपी बनाया गया। आरोप था कि तीन मार्च 22 को विधानसभा चुनाव के दौरान सदर विधानसभा सीट से सुभासपा के प्रत्याशी के तौर पर चुनाव लड़ रहे अब्बास अंसारी ने नगर क्षेत्र के पहाड़पुर मैदान में जनसभा के दौरान कहा कि जनपद मऊ के प्रशासन को चुनाव के बाद रोक कर हिसाब किताब करने व इसके बाद सबक सिखाने की धमकी मंच से दी गई थी। यह है पूरा मामला विधानसभा चुनाव-2022 के अब्बास अंसारी पर सपा की सरकार बनने पर राज्य अधिकारियों को परिणाम भुगतने की धमकी देने और दो समुदायों में वैमनस्यता फैलाने का आरोप लगा था। इस मामले में मुकदमा दर्ज किया गया। एमपी/एमएलए कोर्ट ने अब्बास अंसारी को विभिन्न समूहों के बीच दुश्मनी को बढ़ावा देने और सार्वजनिक सेवक को चोट पहुंचाने की धमकी देने के अपराध का दोषी करार देते हुए दो साल कैद की सजा सुनाई थी। इस फैसले के खिलाफ अब्बास अंसारी ने विशेष अपर सत्र न्यायाधीश के समक्ष सजा को स्थगित करने के लिए प्रार्थना दाखिल किया था जिसे पांच जुलाई को खारिज कर दिया गया। इस आदेश के खिलाफ उन्होंने हाईकोर्ट में चुनौती दी थी।