samacharsecretary.com

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर की मुलाकात, ग्रीन एनर्जी कोरिडोर पर मंथन

 जयपुर,  मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने बुधवार को नई दिल्ली में केंद्रीय बिजली, आवासन एवं शहरी कार्य मंत्री मनोहर लाल खट्टर से उनके आवास पर भेंट कर राजस्थान में ऊर्जा और आवासन से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की। शर्मा ने केंद्रीय मंत्री से आग्रह किया कि राजस्थान ने नवीकरणीय ऊर्जा निकासी की योजना बनाई है। इस योजना में शामिल परियोजनाओं को ग्रीन एनर्जी कॉरिडोर- थर्ड में शामिल कर केंद्र की तरफ से अधिकतम अनुदान शीघ्र स्वीकृत किया जाए। श्री शर्मा ने कहा कि राजस्थान में नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में निवेश के महत्वपूर्ण प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं इन प्रस्तावों के क्रियान्वयन हेतु नवीकरणीय ऊर्जा योजनाओं से ऊर्जा की निकासी हेतु सुदृढ़ पारेषण तंत्र की आवश्यकता है जिसके लिए अधिकतम केंद्रीय सहयोग आवश्यक है। जयपुर मेट्रो फेज- 2 की स्वीकृति का किया आग्रह मुख्यमंत्री ने केंद्रीय मंत्री से मुलाकात के दौरान आग्रह किया कि जयपुर मेट्रो रेल फेज- 2 का संयुक्त उपक्रम (50ः50) के तहत निर्माण की विस्तृत कार्य योजना को जल्द स्वीकृति प्रदान की जाए। उन्होंने कहा कि इस महत्वपूर्ण प्रस्तावित परियोजना के लिए केंद्रीय अंशदान की स्वीकृति से जयपुर वासियों के लिए एक सुदृढ़, सुरक्षित सार्वजनिक परिवहन की सुविधा प्रदान करने के लक्ष्य को जल्द हासिल किया जा सकेगा। नॉन मिलियन प्लस शहरों के लिए केंद्रीय सहयोग पर चर्चा शर्मा ने केंद्रीय मंत्री से मुलाकात के दौरान 15वें वित्त आयोग के अंतर्गत राजस्थान के नॉन मिलियन प्लस शहरों के नगरीय निकायों को दिए जाने वाले केंद्रीय सहयोग पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने कहा कि इन नगरीय निकायों को प्रदान किए जाने वाले वित्तीय सहयोग से गतिमान विकास  कार्यों को जल्द से जल्द पूरा किया जा सकेगा।  मुख्यमंत्री ने केंद्रीय मंत्री का ध्यान आकर्षित करते हुए कहा कि राजस्थान सरकार द्वारा एशियन डेवलपमेंट बैंक एवं वल्ड बैंक के संयुक्त वित्त पोषण के माध्यम से संचालित आर. यू. आई. डी. पी. पांचवें चरण की परियोजना तैयार कर भारत सरकार के समक्ष प्रस्तुत की है जिस पर केंद्रीय मंत्रालय का सकारात्मक सहयोग आवश्यक है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार इस योजना के माध्यम से जलापूर्ति, अपशिष्ट जल प्रबंधन, ठोस अपशिष्ट प्रबंधन, शहरी यातायात सुधार, बाढ़ प्रबंधन और विरासत संरक्षण सहित प्रदेश के शहरों के सर्वांगीण विकास के लक्ष्य को जल्द से जल्द पूर्ण करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने केंद्रीय मंत्री से आग्रह किया कि इस परियोजना की शीघ्र स्वीकृति से राज्य के चहुंमुखी विकास में गति आएगी तथा प्रदेश की जनता लाभान्वित होगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि राजस्थान में ऊर्जा उत्पादन की अपार संभावनाएं मौजूद हैं जिनके सकारात्मक दोहन और प्रदेश के शहरी क्षेत्रों में आधारभूत संरचना के विकास के लिए केंद्रीय सहयोग आवश्यक है। इस पर केंद्रीय मंत्री द्वारा राजस्थान को हर संभव मदद का आश्वासन दिया गया।

धान चोरी कांड का पर्दाफाश: ट्रक समेत 4 आरोपी गिरफ्तार

कांकेर 305 बोरी (121 क्विंटल) धान को ट्रक सहित लेकर भागने के मामले में कांकेर पुलिस ने चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से धान की 305 बोरियां (कुल 121 क्विंटल) कीमत 2,66,200 रुपए एवं ट्रक क्रमांक CG-19 H-1050 कीमत 7,00,000 कुल जुमला 9,66,200 रुपए बरामद किया है। 16 अगस्त को प्रार्थी प्रदीप कुमार साहू (निवासी ग्राम पुसवाड़ा) ने धान खरीदी कर ट्रक (CG-19 H-1050) में 305 बोरी धान लोड कर राजिम रूद्र राइस मिल भेजा था। ड्राइवर रामप्रसाद निषाद धान सहित ट्रक लेकर फरार हो गया और फोन भी बंद कर दिया। इस मामले की शिकायत पर थाना कांकेर में अपराध दर्ज कर जांच शुरू की गई। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक आईके एलिसेला, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक दिनेश सिन्हा एवं एसडीओपी मोहसीन खान के मार्गदर्शन में विशेष टीम गठित की गई। टीम ने बिल्हा, अर्जुनी, धमतरी और बालोद में दबिश देकर चारों आरोपियों को गिरफ्तार किया। पकड़े गए आरोपियों में रामप्रसाद निषाद (बिल्हा), वेद कुमार साहू (अर्जुनी), नेमचंद साहू (श्यामतराई) एवं कामता प्रसाद (कोचवाही जिला बालोद) शामिल हैं। पूछताछ में आरोपियों ने अपराध स्वीकार किया। पुलिस ने बताया कि मामला अजमानतीय है। आरोपियों को आज न्यायालय कांकेर में पेश किया गया। इस कार्रवाई में थाना प्रभारी निरीक्षक मनीष नागर सहित पुलिस टीम का अहम योगदान रहा।

दिशोम गुरु शिबू सोरेन की याद में रांची में तैयार होगा स्मारक स्थल

रांची झारखंड की राजधानी रांची में दिवंगत दिशोम गुरु शिबू सोरेन का स्मृति स्थल बनेगा। इसके लिए भूमि चिन्हित करने का काम शुरू हो गया है। जानकारी के मुताबिक दिवंगत दिशोम गुरु शिबू सोरेन की याद में राजधानी रांची के हरमू रोड स्थित बाईपास में स्मृति स्थल का निर्माण किया जायेगा। इसके लिए नगर विकास विभाग ने झारखंड राज्य आवास बोर्ड से जमीन की मांग की है। आवास बोर्ड के तरफ से जमीन चिन्हित करने का काम शुरू कर दिया गया है। बाईपास रोड में डीपीएस स्कूल के पास स्थित भुसूर मौजा में गुरुजी का स्मृति स्थल बनाने पर विचार तेज है क्योंकि इस मुख्य मार्ग पर स्थित भुसूर मौजा में कई एकड़ जमीनें खाली पड़ी हैं। बताया जा रहा है कि स्मृति स्थल परिसर में चारों तरफ पार्क और बेहतर लाइटिंग की जाएगी। यहां दिशोम गुरु की एक प्रतिमा भी स्थापित की जाएगी।  

पति की जिद: पत्नी से रोज 3-3 घंटे वर्कआउट कराता, पूरा न करने पर रखता भूखा

गाजियाबाद गाजियाबाद से एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है, जहां एक महिला ने अपने पति खिलाफ महिला थाने में गंभीर शिकायत दर्ज कराई है. महिला का आरोप है कि उसका पति उसे बॉलीवुड एक्टर नोरा फतेही जैसी दिखने और बनने के लिए मजबूर करता था. इसके लिए वह रोज़ाना तीन-तीन घंटे एक्सरसाइज करने का दबाव डालता और जिस दिन वह इतना वर्कआउट नहीं करती तो उसे भूखा रखा जाता. मुझे तो फिल्मी हिरोइन जैसी पत्नी मिल सकती थी महिला ने बताया कि उसका पति, जो कि एक सरकारी फिजिकल एजुकेशन टीचर है, अक्सर उसे ताने मारता है. पति कहता कि उसकी जिंदगी बर्बाद हो गई है क्योंकि उसे तो बॉलीवुड अभिनेत्री नोरा फतेही जैसी सुंदर और आकर्षक पत्नी मिल सकती थी. शिकायत में कहा गया है कि पति न केवल इस तरह की बातें करता, बल्कि पत्नी से कहता कि वह रोज़ाना तीन घंटे वर्कआउट करे ताकि उसका शरीर बॉलीवुड एक्टर जैसा दिखे. जब महिला शारीरिक कमजोरी, थकान या स्वास्थ्य कारणों से वर्कआउट पूरा नहीं कर पाती, तो पति कई-कई दिनों तक उसे खाना तक नहीं देता. मार्च में हुई थी दोनों की शादी  शिकायतकर्ता महिला की शादी मार्च 2025 में गाजियाबाद में बड़े धूमधाम से हुई थी. उसने बताया कि शादी में गहने, लगभग 24 लाख रुपये की महिंद्रा स्कॉर्पियो, 10 लाख कैश और अन्य उपहार शामिल थे. कुल मिलाकर शादी में 76 लाख रुपये से अधिक का खर्च हुआ. इसके बावजूद, विवाह के कुछ ही समय बाद ससुराल पक्ष ने और अधिक दहेज की मांग शुरू कर दी. महिला का कहना है कि पति और उसके परिजन लगातार जमीन, कैश और महंगे सामान की मांग करते थे. जब वह इन मांगों को पूरा करने से इनकार करती, तो उसे ताने दिए जाते और शारीरिक व मानसिक प्रताड़ना सहनी पड़ती. अश्लील सामग्री और विरोध पर मारपीट पत्नी ने यह भी आरोप लगाया कि उसका पति अक्सर दूसरी महिलाओं की आपत्तिजनक तस्वीरें और वीडियो देखता रहता था. जब उसने इसका विरोध किया तो उसके साथ मारपीट की गई और उसे धमकाया गया कि अगर उसने चुप्पी नहीं साधी तो उसे घर से निकाल दिया जाएगा. महिला ने अपनी शिकायत में पति के अलावा सास, ससुर और ननद पर भी गंभीर आरोप लगाए हैं. उसने कहा कि ससुराल पक्ष लगातार दहेज की मांग करता और गाली-गलौज करता था. मायके से कपड़े, ओवन और गहने लाने के लिए उस पर दबाव बनाया जाता. गर्भवती होने पर भी प्रताड़ना शिकायत के अनुसार, विवाह के कुछ समय बाद महिला गर्भवती हुई. इस दौरान भी उसे परेशान किया गया. आरोप है कि ससुराल पक्ष ने उसे ऐसा भोजन दिया, जिससे उसकी सेहत बिगड़ गई. जुलाई 2025 में उसे अचानक अत्यधिक रक्तस्राव और असहनीय दर्द की स्थिति में अस्पताल ले जाना पड़ा. डॉक्टरों ने जांच में पाया कि लगातार मानसिक तनाव, शारीरिक प्रताड़ना और गलत खान-पान की वजह से उसका गर्भपात हो गया. महिला ने पुलिस को बताया कि इस समय भी पति और ससुरालवालों ने उसे कोई भावनात्मक या शारीरिक सहयोग नहीं दिया. मायके जाने के बाद भी नहीं मिला चैन गर्भपात और प्रताड़ना से टूटी महिला अपने मायके चली गई. आरोप है कि वहां रहने के दौरान भी पति, सास और ननद ने वीडियो कॉल कर उसे और उसके परिवार को गालियां दीं. साथ ही तलाक की धमकी भी दी. 26 जुलाई को जब महिला अपने माता-पिता के साथ ससुराल लौटी और बातचीत करने की कोशिश की, तो उसे घर के भीतर तक घुसने नहीं दिया गया. शिकायत में यह भी दर्ज है कि तीज-त्योहार पर मायके से जो गहने दिए गए थे, उन्हें वापस करने से ससुरालवालों ने साफ इंकार कर दिया. पुलिस से न्याय की गुहार महिला ने अपनी तहरीर में पति, सास, ससुर और ननद के खिलाफ दहेज प्रताड़ना, घरेलू हिंसा, गर्भपात कराने, धमकी और ब्लैकमेलिंग जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं. पीड़िता ने पुलिस से मांग की है कि इस पूरे मामले में सख्त कार्रवाई की जाए ताकि उसे न्याय मिल सके. क्या कहती है पुलिस महिला थाने में दर्ज हुई शिकायत की जांच शुरू कर दी गई है. पुलिस का कहना है कि मामला बेहद गंभीर है और पीड़िता के आरोपों की जांच सभी साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर की जाएगी. साथ ही मेडिकल रिपोर्ट और अस्पताल के दस्तावेज भी सबूत के तौर पर जुटाए जा रहे हैं.

बालिकाओं के विकास पर फोकस: सुएंड्रीका ने कस्तूरबा गांधी छात्रावास का निरीक्षण किया

भोपाल संयुक्त राष्ट्र जनसंख्या कोष की कंट्री हेड सुएंड्रीका ने बुधवार को भोपाल के तुलसी नगर स्थित कस्तूरबा गांधी बालिका छात्रावास का दौरा किया। उनके साथ अपर परियोजना प्रबंधक श्रीमती मनीषा सेथिया और जनसंख्या कोष के स्टेट हेड सुनील जैकब भी थे। प्रतिनिधियों ने छात्रावास में पढ़ने वाली बालिकाओं से चर्चा की। संयुक्त राष्ट्र जनसंख्या कोष एवं स्कूल शिक्षा विभाग की संयुक्त पहल से बालिकाओं के सशक्तिकरण के लिये एक मॉड्यूल तैयार किया गया है, जिसका नाम “सशक्त” है। छात्रावास में आकर्षक प्रदशर्नी के माध्यम से हिंसा से बचाव, उनके अधिकारों, पॉक्सो एक्ट और शारीरिक स्वच्छता के संबंध में बालिकाओं को जानकारी दी गई है। जनसंख्या कोष बालिका छात्रावास में बालिकाओं के उन्मुखीकरण के लिये विषय-विशेषज्ञों की उपस्थिति में लगातार वर्कशॉप भी कर रहा है। कमिश्नर से मुलाकात कंट्री हेड सुएंड्रीका और स्टेट हेड सुनील जैकब ने आयुक्त लोक शिक्षण श्रीमती शिल्पा गुप्ता से मुलाकात कर यूथ एवं एडोलसेंट प्रोग्राम के बारे में जानकारी प्राप्त की। बैठक में संयुक्त राष्ट्र जनसंख्या कोष से अपेक्षा की गई कि कार्यक्रम का विस्तार प्रदेश के अन्य सरकारी स्कूलों में भी किया जाये। इससे सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाली बालिकाओं में आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनने की भावना मजबूत होगी। वे अपने अच्छे करियर की तरफ भी बढ़ सकेंगी।  

राजधानी में इमारत ढही, मलबे में दबे कई लोग; अब तक 3 की मौत

नई दिल्ली  बारिश के बीच राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में बड़ा हादसा हुआ है। दिल्लीमें तीन मंजिला इमारत ढह गई। दरियागंज में बिल्डिंग के मलबे में कई लोग दब गए। प्रारंभिक रिपोर्ट में हादसे में तीन लोगों की मौत की खबर है। वहीं कई लोग मलबे में दबे हुए हैं। रेसक्यू ऑपरेशन जारी है। मरने वालों की संख्या बढ़ सकती है। यह घटना दोपहर 12.14 बजे की है। इसकी सूचना मिलते ही पुलिस के अलावा दमकल की चार गांड़ियां मौके पर पहुंच गई हैं। बचाव कार्य जारी है। पुलिस ने बताया कि दरियागंज थाना क्षेत्र में बुधवार को एक इमारत गिरने से तीन लोगों की मौत हो गई। पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीम ने सूचना मिलते ही राहत और बचाव का काम शुरू किया। दिल्ली पुलिस ने बताया कि तीन लोगों के शवों को मलबे से निकाला गया। इनकी पहचान जुबैर, गुलसागर, तौफीक के तौर पर हुई है। शवों को एलएनजेपी अस्पताल ले जाया गया है। सूचना मिलते ही डीडीएमए सहित नगर निगम के अधिकारी मौके पर पहुंचे। पुलिस ने बताया कि बुधवार को एक इमारत के ढह जाने से तीन लोगों की मौत हो गई। दिल्ली अग्निशमन सेवा (डीएफएस) के एक अधिकारी ने बताया कि घटना की सूचना दोपहर 12 बजकर 14 मिनट पर मिली, जिसके बाद दमकल की चार गाड़ियों को घटनास्थल पर भेजा गया। पुलिस बोली- कानूनी कार्रवाई होगी डीएफएस अधिकारी ने कहा कि तीन लोगों को मलबे से निकाला गया और तुरंत अस्पताल ले जाया गया। अधिकारियों ने बताया कि अंतिम रिपोर्ट मिलने तक बचाव अभियान जारी था। इमारत ढहने के कारण का अभी पता नहीं चल पाया है। पुलिस ने बताया कि बचाव कार्य जारी है। तथ्यों की पुष्टि के बाद कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

एचडीएफसी बैंक के परिवर्तन अभियान से मध्य प्रदेश में 63 लाख से अधिक लोगों के जीवन में बदलाव

भोपाल, मध्य प्रदेश, 20 अगस्त, 2025: भारत के सबसे बड़े निजी क्षेत्र के बैंक, एचडीएफसी बैंक ने अपनी सीएसआर शाखा परिवर्तन बैंक के माध्यम से अब तक मध्य प्रदेश में 63.72 लाख से ज़्यादा लोगों के जीवन को सकारात्मक रूप से प्रभावित किया है। बैंक 2015 से राज्य में सक्रिय है और मध्य प्रदेश के 55 में से 38 ज़िलों को कवर करता है। बैंक ने परिवर्तन के अंतर्गत निम्नलिखित छह प्रमुख क्षेत्रों को अपनाया है: * ग्रामीण विकास                                                                  * शिक्षा को बढ़ावा देना * कौशल प्रशिक्षण एवं आजीविका संवर्धन * स्वास्थ्य सेवा एवं स्वच्छता * वित्तीय साक्षरता एवं समावेशन * प्राकृतिक संसाधन प्रबंधन मध्य प्रदेश में, ग्रामीण विकास, शिक्षा को बढ़ावा देना तथा कौशल प्रशिक्षण एवं आजीविका संवर्धन ने सबसे महत्वपूर्ण प्रभाव डाला है। 69,000 से अधिक किसान, 26,000 छात्र और 17,000 प्रशिक्षित व्यक्ति लाभान्वित हुए हैं।  मध्य प्रदेश में कॉर्पोरेट सामाजिक दायित्व (सीएसआर) की छाप  एचडीएफसी बैंक के परिवर्तन कार्यक्रम ने मध्य प्रदेश में एक मज़बूत और निरंतर उपस्थिति दर्ज की है, जो राज्य के 55 में से 38 ज़िलों में चल रही और बंद हो चुकी परियोजनाओं के माध्यम से फैला है। बैंक ने राज्य के सभी आकांक्षी ज़िलों में परियोजनाओं को सफलतापूर्वक क्रियान्वित किया है, जिनमें बड़वानी, छतरपुर, दमोह, गुना, खंडवा, राजगढ़ और विदिशा में परियोजनाएँ पूरी हो चुकी हैं और बड़वानी, गुना, खंडवा और सिंगरौली में प्रयास जारी हैं। कुल मिलाकर 33 ज़िलों में परियोजनाएँ सफलतापूर्वक पूरी हो चुकी हैं जबकि 17 ज़िलों में वर्तमान में सक्रिय हस्तक्षेप चल रहे हैं। टीकमगढ़ और उज्जैन में आगामी परियोजनाओं की योजना बनाई गई है। बैंक का प्रमुख समग्र ग्रामीण विकास कार्यक्रम, जो सभी 6 प्रमुख क्षेत्रों में एकीकृत हस्तक्षेप पर केंद्रित है, ने अलीराजपुर, अशोकनगर, भोपाल, छिंदवाड़ा, देवास, इंदौर, खरगोन और सीहोर के 165 गाँवों को प्रभावित किया है।  इसके अतिरिक्त केंद्रित विकास कार्यक्रम, जहाँ बैंक किसी लक्षित भौगोलिक क्षेत्र में किसी एक या दो प्रमुख फोकस क्षेत्रों के अंतर्गत विशिष्ट हस्तक्षेप करता है, आगर मालवा, बालाघाट, भोपाल, छतरपुर, गुना, ग्वालियर, हरदा, इंदौर, खंडवा, खरगोन, मंडला, मंदसौर, पन्ना, सतना, सिंगरौली और उमरिया जिलों में कार्यान्वित किए गए हैं। एचडीएफसी बैंक की सीएसआर प्रमुख सुश्री नुसरत पठान ने कहा, "एचडीएफसी बैंक में हमारा मानना है कि सीएसआर एक ही तरह का दृष्टिकोण नहीं है। परिवर्तन के माध्यम से हम आवश्यकता-आधारित हस्तक्षेपों को डिज़ाइन और कार्यान्वित करते हैं जो प्रत्येक क्षेत्र की विशिष्ट चुनौतियों का समाधान करते हैं। मध्य प्रदेश में हमारा कार्य इस दर्शन को दर्शाता है, जिसमें किसानों को टिकाऊ कृषि के साथ समर्थन देने से लेकर शिक्षा, कौशल और बुनियादी ढाँचे को मजबूत करना शामिल है। हम समावेशी विकास को बढ़ावा देने और जमीनी स्तर पर स्थायी प्रभाव डालने में एक छोटी सी भूमिका निभाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।” एचडीएफसी बैंक के मध्य प्रदेश शाखा बैंकिंग प्रमुख श्री प्रतीक शर्मा ने कहा, "हम मध्य प्रदेश में बैंकिंग सेवाओं की व्यापक रेंज उपलब्ध कराने के लिए समर्पित हैं ताकि सभी के लिए इनकी पहुंच सुनिश्चित हो सके। एक सामाजिक रूप से जिम्मेदार कॉर्पोरेट नागरिक के रूप में, एचडीएफसी बैंक व्यक्तियों और परिवारों में सार्थक बदलाव लाने पर समान रूप से केंद्रित है।  एचडीएफसी बैंक मार्च 2025 को समाप्त वित्तीय वर्ष के लिए भारत में सबसे अधिक सीएसआर खर्च करने वालों में से एक था। बैंक ने 31 मार्च 2025 तक देश भर में सीएसआर पहलों पर 1,068 करोड़ रूपये खर्च किए थे। बैंक ने परिवर्तन कार्यक्रम के तहत देश भर में 10.56 करोड़ रुपये से अधिक लोगों के जीवन को प्रभावित किया है। मध्यप्रदेश में 25 मार्चतककीमुख्यविशेषताएँ: ग्रामीणविकास– •सिंचाईकेअंतर्गतएकड़भूमि: 37,221 •रसायन-मुक्तखेतीकेअंतर्गतएकड़भूमि: 17,189 •समर्थितकिसान: 69,238 शिक्षाकोबढ़ावा – •ईसीएसएसकेअंतर्गतप्रदानकीगईछात्रवृत्तियाँ: 786 •स्थापितस्मार्टस्कूल: 104 •प्रभावितछात्र: लगभग 26,000 कौशलप्रशिक्षणऔरआजीविकासंवर्धन – •समर्थितसामुदायिकउद्यम: 1,679 •प्रशिक्षितव्यक्ति: 17,000 स्वास्थ्यएवंस्वच्छता – •निर्मित स्कूल स्वच्छता इकाइयाँ: 955 •पेयजल से समर्थित गाँव: 66 वित्तीयसाक्षरताएवंसमावेशन – •वित्तीय धोखाधड़ी जागरूकता: 10.6 लाख प्राकृतिकसंसाधनप्रबंधन – •स्थापित सौर लाइटें: 8,422 •जल संरक्षण संरचनाएं: 2,015 मध्य प्रदेश में प्रमुख हस्तक्षेप – जल संरक्षण – अनियमित वर्षा, ढलान वाली और बंजर भूमि और वर्षा आधारित खेती पर अत्यधिक निर्भरता के कारण राज्य के बड़े हिस्से बार-बार पानी की कमी का सामना करते हैं। कुछ इलाके उच्च लौह और आर्सेनिक स्तर के कारण खराब पेयजल गुणवत्ता से भी जूझते हैं। ये चुनौतियाँ कृषि, स्वास्थ्य और आजीविका को सीधे प्रभावित करती हैं। मध्य प्रदेश में, परिवर्तन हस्तक्षेप जल सुरक्षा से शुरू होते हैं। 2000 से अधिक जल संरक्षण संरचनाओं का निर्माण किया गया है जिससे 37000 एकड़ भूमि सिंचाई के अंतर्गत आ गई है। अशोकनगर, सीहोर और खरगोन जैसे जिलों में परियोजनाएँ भूमि उपचार को सूक्ष्म सिंचाई, सौर जल कृषि उत्पादकता में सुधार के लिए पंप और चिनाई वाले स्टॉप डैम का उपयोग किया जा रहा है। खरगोन जैसे जल-गुणवत्ता प्रभावित क्षेत्रों में फ़िल्टरेशन इकाइयों वाली सौर ऊर्जा चालित जल मीनारें सुरक्षित पेयजल उपलब्ध करा रही हैं, जबकि सिंगरौली और उमरिया में वाटरशेड पहल भूजल की भरपाई कर रही हैं, कटाव को कम कर रही हैं और खेती और दैनिक जीवन दोनों के लिए पहुँच सुनिश्चित कर रही हैं। अशोकनगर में सतत कृषि के माध्यम से किसानों का सशक्तिकरण – विश्वसनीय जल आपूर्ति के साथ किसानों को खेती में बेहतर तकनीकों को अपनाने के लिए प्रशिक्षित किया जा रहा है। एचडीएफसी बैंक परिवर्तन अशोकनगर के चंदेरी ब्लॉक में अभ्युदय संस्थान के साथ साझेदारी में ग्रामीण आजीविका में बदलाव ला रहा है। जो किसान पहले अपनी ज़रूरतों को पूरा करने के लिए संघर्ष करते थे, अब सतत खेती, नकदी फसलों की खेती, आधुनिक तकनीकों और जैविक प्रथाओं के माध्यम से अपनी आय में 30-40 प्रतिशत की वृद्धि देख रहे हैं। इस पहल ने 4,000 एकड़ में सिंचाई की सुविधा प्रदान की है, 15 गाँवों को स्वच्छ ऊर्जा प्रदान की है और कार्बन उत्सर्जन को कम करने के लिए 5,000 पेड़ लगाए हैं। 1,800 से अधिक किसान और उनके परिवार 75 महिला-नेतृत्व वाले सामुदायिक उद्यमों, 65 समुदाय-आधारित संस्थानों और पांच स्मार्ट स्कूलों के गठन से लाभान्वित हो रहे हैं। सीहोर में बहु-स्तरीय खेती के माध्यम से किसानों की आय में वृद्धि – सीहोर के 20 गाँवों … Read more

अब भी वक्त है संभल जाओ – राहुल गांधी और तेजस्वी यादव को तेज प्रताप की कड़ी चेतावनी

पटना बिहार के पूर्व मंत्री तेज प्रताप यादव ने मंगलवार को अपने छोटे भाई और राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के नेता तेजस्वी यादव को राज्य में होने वालेसे पहले पार्टी के भीतर ‘‘गद्दारों'' से सावधान रहने की सलाह दी। तेज प्रताप को हाल में उनके पिता और राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद ने पार्टी से निष्कासित कर दिया था। तेज प्रताप ने ‘एक्स' पर एक पोस्ट में यह भी दावा किया कि ‘‘कुछ गद्दार मेरे राजनीतिक करियर को खत्म करने की साजिश रच रहे हैं।'' तेज प्रताप ने कहा, ‘‘मैं तेजस्वी से कहना चाहता हूं कि अब भी समय है। अपने आस-पास मौजूद ‘जयचंदों' से सावधान रहो, नहीं तो चुनाव में बहुत बुरे नतीजे देखने को मिलेंगे। अब आप कितने समझदार हैं, यह चुनाव परिणाम तय करेंगे।'' तेज प्रताप ने अपनी पोस्ट में एक वीडियो भी साझा किया, जिसमें कांग्रेस की ‘वोटर अधिकार यात्रा' के दौरान औरंगाबाद की नबीनगर विधानसभा सीट से राजद विधायक विजय कुमार सिंह उर्फ डब्लू सिंह के चालक के साथ कथित तौर पर मारपीट होती दिख रही है। इस वीडियो की प्रमाणिकता की पुष्टि पंजाब केसरी नहीं कर सकी है। इस कथित घटना का हवाला देते हुए तेज प्रताप ने कहा, ‘‘मुझे समझ में नहीं आता कि राहुल गांधी और तेजस्वी यादव ने यह यात्रा लोकतंत्र बचाने के लिए निकाली है या इसे तोड़ने के लिए। जिस तरह नबीनगर विधानसभा क्षेत्र में विधायक के चालक और एक मीडियाकर्मी को ‘जयचंदों' द्वारा पीटा गया और गाली-गलौज की गयी, वह अत्यंत निंदनीय और शर्मनाक है।'' "कुछ गद्दार मेरे राजनीतिक करियर को खत्म करने की साजिश रच रहे" एक अन्य पोस्ट में तेज प्रताप ने लिखा, ‘‘कुछ गद्दार मेरे राजनीतिक करियर को खत्म करने की साजिश रच रहे हैं। लेकिन ये गद्दार नहीं जानते कि मेरा नाम तेज प्रताप यादव है। मैं और ज्यादा ताकत के साथ आगे बढ़ता रहूंगा। चाहे कितनी भी बड़ी साजिश रच ली जाए, मुझे कभी हरा नहीं सकते।'' मंगलवार को, तेज प्रताप ने इस साल के अंत में होने वाले बिहार विधानसभा चुनाव लड़ने के लिए पांच छोटे दलों का गठबंधन बनाने की भी घोषणा की। उन्होंने यहां संवाददाता सम्मेलन में यह घोषणा की, जिसमें पांच दलों- विकास वंचित इंसान पार्टी (VVIP), भोजपुरिया जन मोर्चा (बीजेएम), प्रगतिशील जनता पार्टी (पीजेपी), वाजिब अधिकार पार्टी (डब्ल्यूएपी) और संयुक्त किसान विकास पार्टी (एसकेवीपी) — के राष्ट्रीय अध्यक्ष भी उपस्थित थे।  

पर्यटन को बढ़ावा देने की बड़ी पहल: बिहार में लग्जरी होटल और आलीशान रिसॉर्ट का निर्माण शुरू

पटना  मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई कैबिनेट बैठक में पर्यटन उद्योग को बढ़ावा देने वाला बड़ा फैसला लिया गया है। बैठक में कुल 16 एजेंडों पर मुहर लगी, जिनमें राजगीर और वैशाली में फाइव स्टार होटल और रिसॉर्ट बनाने की योजना को स्वीकृति दी गई। कहां बनेंगे होटल और रिसॉर्ट कैबिनेट की ओर से राजगीर (नालंदा) और वैशाली में होटल और रिसॉर्ट बनाने का प्रस्‍ताव पास किया है। राजगीर में 10 एकड़ भूमि पर दो पांच सितारा होटल और वैशाली में 10 एकड़ भूमि पर एक पांच सितारा रिसॉर्ट बनाने की योजना है। इन परियोजनाओं का निर्माण पब्लिक, प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) मॉडल पर होगा। इसके तहत जमीन निजी निवेशकों को निर्धारित अवधि के लिए लीज पर दी जाएगी। लीज अवधि समाप्त होने के बाद इनके संचालन और प्रबंधन पर सरकार निर्णय लेगी। पर्यटन स्थलों पर सुविधाओं में बढ़ोतरी राजगीर और वैशाली बिहार के प्रमुख ऐतिहासिक और धार्मिक पर्यटन स्थल हैं। यहां हर साल देश-विदेश से बड़ी संख्या में पर्यटक पहुंचते हैं। अभी तक इन जिलों में अंतरराष्ट्रीय मानकों वाले होटल कम होने के कारण पर्यटकों को दिक्कतें होती थीं। नए होटल और रिसॉर्ट बनने से पर्यटकों को आधुनिक सुविधाएं मिलेंगी और उनकी संख्या में वृद्धि होगी। पर्यटन उद्योग और रोजगार को बढ़ावा     इन परियोजनाओं से बिहार के पर्यटन उद्योग को नई पहचान मिलेगी।     विदेशी पर्यटकों को आकर्षित करने में मदद मिलेगी।     स्थानीय स्तर पर रोजगार और व्यापार के अवसर बढ़ेंगे।     होटल और रिसॉर्ट के आसपास आर्थिक व सामाजिक गतिविधियां तेज होंगी। बिहार का बढ़ता पर्यटन महत्व बताते चलें कि बिहार ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और धार्मिक दृष्टि से समृद्ध प्रदेश है। बौद्ध, जैन और हिंदू धर्म से जुड़े कई प्रमुख स्थल यहां हैं। लेकिन उच्च स्तरीय होटलों की कमी पर्यटकों के लिए चुनौती बनी हुई थी। लिहाजा सरकार अब इस कमी को दूर कर बिहार को पर्यटन के मानचित्र पर उभारना चाहती है। जिसका प्रयास सरकार के स्‍तर से भी कर दिया गया है।  

667 नए आवासों से खुले बेहतर जीवन के द्वार: नगरीय विकास मंत्री ने की राजस्थान आवासन मण्डल की 5 नवीन आवासीय योजनाओं की शुरुआत

जयपुर, राजस्थान आवासन मण्डल की बहुप्रतीक्षित आवासीय योजनाओं का बुधवार को आवास भवन जयपुर में भव्य शुभारम्भ किया गया। नगरीय विकास, स्वायत्त शासन एवं आवासन मंत्री झाबर सिंह खर्रा ने इन योजनाओं की शुरुआत करते हुए कहा कि यह केवल निर्माण नहीं, बल्कि प्रदेशवासियों को सुरक्षित और सुविधायुक्त जीवन की ओर ले जाने वाला कदम है। खर्रा ने बताया कि इन 5 विशिष्ट पंजीकरण योजनाओं के तहत कुल 667 आवास/फ्लैट्स बनाए जाएंगे, जो उदयपुर, बारां, बूंदी, धौलपुर और बाड़मेर जैसे जिलों में आमजन को एक बेहतर आवासीय विकल्प देंगे। मुख्य योजनाएं इस प्रकार हैं- बूंदी जिले की नैनवा आवासीय योजना, पॉकेट-A एवं पॉकेट-B में विभिन्न आय वर्ग के लिए 72 स्वतंत्र आवास, लागत 7 लाख 80 हजार से प्रारम्भ। बारां जिले की अटरू आवासीय योजना में विभिन्न आय वर्ग के लिए 189 स्वतंत्र आवास, लागत 7 लाख 60 हजार से प्रारंभ। बाड़मेर जिले की लंगेरा आवासीय योजना में ईडब्ल्यूएस, एलआईजी आय वर्ग के लिए 200 स्वतंत्र आवास, लागत 8 लाख 61 हजार से प्रारंभ। धौलपुर जिले की बाड़ी रोड योजना में ईडब्ल्यूएस, एलआईजी (जी+3) आय वर्ग के लिए 64 फ्लैट्स, लागत 12 लाख 45 हजार से प्रारम्भ। उदयपुर जिले की पानेरिया की मादड़ी में ईडब्ल्यूएस, एलआईजी (जी+3) आय वर्ग के लिए 142 फ्लैट्स, लागत 11 लाख 68 हजार से प्रारम्भ। इस अवसर पर मंत्री खर्रा ने कहा कि राजस्थान के यशस्वी मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राज्य सरकार हर वर्ग को आवास उपलब्ध कराने के लिए कृतसंकल्पित है। उन्होंने कहा की राज्य सरकार सिर्फ मकान नहीं दे रही, बल्कि एक सम्मानजनक जीवन का माध्यम दे रही है। उन्होंने बताया कि सभी योजनाएं समयबद्ध, पारदर्शी और गुणवत्तापूर्ण ढंग से विकसित की जाएंगी, ताकि लाभार्थियों को आधुनिक जीवन की समस्त सुविधाएं मिल सकें। इस कार्यक्रम में खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री सुमित गोदारा ने भी शिरकत की  गोदारा ने कहा की राजस्थान आवासन मण्डल आमजन के आवास के सपने को साकार करने के लिए आज भी पहली पसंद है। उन्होंने मण्डल की योजनाओं की मुक्त कंठ से सराहना की । उल्लेखनीय है कि मई माह में ही मण्डल ने 427 आवासों की 5 आवासीय योजना जयपुर, बारां, बूंदी और धौलपुर में शुरू की थी। शुभारम्भ समारोह में आवासन मण्डल के अध्यक्ष देबाशीष पृष्टि, आवासन आयुक्त डॉ. रश्मि शर्मा, सचिव डॉ. अनिल पालीवाल, मुख्य अभियंता अमित अग्रवाल, टीएस मीना, प्रतीक श्रीवास्तव सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी, जनप्रतिनिधि, आम नागरिक व मीडिया प्रतिनिधि उपस्थित रहे। सभी ने सरकार के इस निर्णय का स्वागत करते हुए इसे आमजन के आवास के सपने को साकार करने की दिशा में एक मजबूत कदम बताया।