samacharsecretary.com

हेमंत खंडेलवाल ने बैलगाड़ी पर चढ़कर ‘गांव-बस्ती चलो अभियान’ को दिया नया आयाम, घर-घर पहुंचने का दिया संदेश

बैतूल मध्यप्रदेश में भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष एवं बैतूल विधायक हेमंत खंडेलवाल ने‘गांव-बस्ती चलो अभियान'के तहत घोड़ाडोंगरी विधानसभा क्षेत्र के ग्रामीण इलाकों का दौरा कर जनसंपर्क अभियान को नई गति दी। दौरे के दौरान उनका अनोखा अंदाज उस समय देखने को मिला, जब वे ग्राम चिरापाटला में बैलगाड़ी पर सवार होकर पहुंचे। उनके इस सादगीपूर्ण और पारंपरिक रूप ने ग्रामीणों का ध्यान आकर्षित किया और क्षेत्र में चर्चा का विषय बन गया। जानकारी के अनुसार, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष चिरापाटला सहित आसपास के कई गांवों का भ्रमण किया। बैलगाड़ी से गांव में प्रवेश करते हुए उन्होंने ग्रामीण जीवनशैली और परंपराओं के प्रति अपने जुड़ाव का संदेश दिया। गांव पहुंचने पर स्थानीय लोगों ने पारंपरिक रीति-रिवाजों, ढोल-नगाड़ों और फूल-मालाओं के साथ उनका स्वागत किया। इस दौरान उन्होंने ग्रामीणों और कार्यकर्ताओं से संवाद कर उनकी समस्याएं सुनीं और निराकरण का भरोसा दिलाया। साथ ही सार्वजनिक स्थलों पर साफ-सफाई कर स्वच्छता का संदेश दिया और लोगों को जागरूक रहने की अपील की। उन्होंने स्थानीय धार्मिक एवं सामाजिक स्थलों का भी दौरा किया। ग्रामीणों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि‘गांव-बस्ती चलो अभियान'का उद्देश्य अंतिम छोर पर खड़े व्यक्ति तक पहुंचना, उसकी समस्याओं को समझना और समाधान के लिए पहल करना है। उन्होंने कहा कि पार्टी की नीतियां गांव, गरीब, किसान और वंचित वर्ग के उत्थान पर केंद्रित हैं। उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधि की वास्तविक ताकत उसकी सादगी और जनता के बीच सक्रिय मौजूदगी में होती है। सीधे संवाद से ही समस्याओं की सही पहचान और समाधान संभव है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से केंद्र एवं राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने का आह्वान किया। इस दौरान क्षेत्रीय जनप्रतिनिधि, पार्टी पदाधिकारी और बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे। हालांकि कार्यक्रम के दौरान कुछ स्थानों पर छोटे नेताओं में बैलगाड़ी पर सवार प्रदेश अध्यक्ष के साथ फोटो खिंचवाने की होड़ देखी गई, जिससे कुछ ग्रामीणों में नाराजगी भी सामने आई।

BJP कार्यकर्ताओं के लिए हेमंत खंडेलवाल ने शुरू की ‘सहयोग सेल’, समस्याओं का होगा समाधान

भोपाल  मध्य प्रदेश में भाजपा ने पार्टी कार्यकर्ताओं और आम नागरिकों की समस्याओं को सुनने और हल करने के लिए एक नया तंत्र ‘सहयोग सेल’ तैयार किया है। यह पहल प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल के निर्देश पर शुरू की जा रही है। सूत्रों के मुताबिक, यदि जिले स्तर पर किसी कार्यकर्ता या नागरिक की समस्या का समाधान नहीं हो पाता है, तो मामला सीधे प्रदेश संगठन तक पहुंचेगा। प्रदेश भर में इस सेल की स्थापना की प्रक्रिया जारी है, जिसमें प्रदेश संयोजक और जिला संयोजक नियुक्त किए जाएंगे। साथ ही, रिटायर्ड आईएएस अधिकारियों को शामिल करने पर भी विचार किया जा रहा है, ताकि प्रशासनिक अनुभव का लाभ लिया जा सके। पदाधिकारियों के बैठने के दिन अब निर्धारित कर दिए गए इसके अलावा, पार्टी के जिला कार्यालयों में पदाधिकारियों के बैठने के दिन अब निर्धारित कर दिए गए हैं, ताकि कार्यकर्ताओं और आम लोगों की समस्याओं का समय पर और व्यवस्थित समाधान सुनिश्चित किया जा सके। 'सहयोग सेल' में रिटायर्ड आईएएस अधिकारियों किया जाएगा शामिल  इस सेल में प्रदेश संयोजक और जिला संयोजक की नियुक्ति की जाएगी, ताकि संगठनात्मक स्तर पर बेहतर समन्वय बनाया जा सके. सहयोग सेल में प्रशासनिक अनुभव का लाभ लेने के लिए रिटायर्ड आईएएस अधिकारियों को शामिल करने पर भी विचार किया जा रहा है. वहीं जिला कार्यालयों में पदाधिकारियों के बैठने के दिन भी तय किए जाएंगे. इन निर्धारित दिनों में पदाधिकारी कार्यालय में मौजूद रहकर आम जनता और पार्टी कार्यकर्ताओं की समस्याएं सुनेंगे और उनके निराकरण की दिशा में कार्रवाई करेंगे. सेल कैसे करेगा काम जिला कार्यालय  में आने वाली जो समस्याएं अगल प्रशासन से संबंधित हैं तो उन्हें समाधान के लिए जिला प्रशासन और संबंधित विभागों को भेजा जाएगा. अगर किसी पार्टी कार्यकर्ता की समस्या पार्टी संगठन से जुड़ी है, तो जिला अध्यक्ष और जिला प्रभारी उसे देखेंगे. जो मामले जिला स्तर पर हल नहीं हो पाएंगे, उन्हें प्रदेश कार्यालय के सपोर्ट सेल में भेजा जाएगा. यह सेल प्रशासनिक और संगठनात्मक दोनों तरह के मामलों को देखेगा. ऐसे काम करेगी सहयोग सेल जिला कार्यालय में आने वाली समस्याएं यदि प्रशासनिक हैं तो उन्हें जिला प्रशासन और संबंधित विभागों में भेजकर समाधान कराया जाएगा। यदि किसी कार्यकर्ता की समस्या पार्टी संगठन से संबंधित है तो जिला अध्यक्ष, जिला प्रभारी उसका समाधान कराएंगे। जिन मामलों का निराकरण जिला स्तर पर नहीं हो पा रहा है तो ऐसे मामलों को प्रदेश कार्यालय की सहयोग सेल के पास भेजा जाएगा। इनमें प्रशासनिक समस्याएं और संगठन दोनों तरह के मामलों का निराकरण किया जाएगा। प्रदेश कार्यालय में रोज बैठ दो घंटे बैठ रहे मंत्री बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने मप्र सरकार के मंत्रियों के प्रदेश कार्यालय में बैठने का रोस्टर बनाया है। इस व्यवस्था में सोमवार से शुक्रवार तक एक मंत्री दोपहर एक बजे से तीन बजे तक प्रदेश कार्यालय में बैठकर कार्यकर्ताओं से संवाद करके उनकी समस्याएं सुन रहे हैं। अब सहयोग सेल के जरिए आने वाले मामलों को सुलझाने के लिए संबंधित विभागों के मंत्रियों और प्रदेश पदाधिकारियों की जवाबदारी तय की जाएगी। पार्टी नेतृत्व और कार्यकर्ताओं के बीच का माध्यम बनेगी सहयोग सेल प्रदेश कार्यालय मंत्री श्याम महाजन द्वारा इस संबंध में सभी भाजपा जिला अध्यक्षों को पत्र जारी कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए हैं। पत्र में स्पष्ट किया गया है कि यह सहयोग सेल पार्टी नेतृत्व और कार्यकर्ताओं के बीच संवाद, समन्वय एवं समस्याओं के समाधान का एक स्थायी माध्यम बनेगा। किन मामलों को मिलेगा सहयोग सेल के माध्यम से समाधान पत्र के अनुसार, सहयोग सेल के अंतर्गत वही विषय प्रस्तुत किए जाएंगे जिनका समाधान जिला अथवा संभाग स्तर पर संभव न हो और जिनमें मंत्रीगण अथवा प्रदेश पदाधिकारियों के हस्तक्षेप की आवश्यकता हो। भोपाल आने वाले आगंतुकों के प्रशासनिक, विभागीय, जनहित से जुड़े एवं संगठनात्मक विषयों को निर्धारित प्रारूप, संक्षिप्त और तथ्यपरक रूप में संकलित किया जाएगा। समय-सारणी और अनुशासन पर जोर निर्देशों में कहा है कि मंत्रीगण एवं प्रदेश पदाधिकारी प्रदेश कार्यालय में अपनी घोषित उपलब्धता, दिन और समय का अनिवार्य रूप से पालन करेंगे। किसी कार्यक्रम की तिथि या समय में परिवर्तन होने की स्थिति में पार्टी द्वारा सोशल मीडिया माध्यम से सूचना दी जाएगी। जिला स्तर पर समन्वय की नई व्यवस्था सभी जिला अध्यक्षों को निर्देशित किया गया है कि वे “सहयोग सेल” से संबंधित संपूर्ण जानकारी जिला पदाधिकारियों, मंडल अध्यक्षों, मोर्चा एवं प्रकोष्ठों के पदाधिकारियों तथा सक्रिय कार्यकर्ताओं तक सुनिश्चित रूप से पहुंचाएं। इसके साथ ही प्रत्येक जिला अध्यक्ष अपने जिले से एक जिला सहयोग समन्वयक नामांकित करेंगे, जो प्रदेश कार्यालय से संपर्क, विषय निर्धारण, समन्वय एवं अनुवर्ती कार्यवाही का दायित्व निभाएगा। इस दिन प्रदेश कार्यालय में बैठेगे मंत्री  बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने मध्य प्रदेश सरकार के मंत्रियों के लिए प्रदेश पार्टी ऑफिस में बैठने का एक रोस्टर बनाया है. इस व्यवस्था के तहत, सोमवार से शुक्रवार तक, एक मंत्री दोपहर 1 बजे से 3 बजे तक राज्य ऑफिस में बैठकर पार्टी कार्यकर्ताओं से बात कर उनकी समस्याएं सुन रहे हैं. अब सहयोग सेल के जरिए आने वाली समस्याओं को हल करने की जिम्मेदारी संबंधित विभागों के मंत्रियों और राज्य पार्टी अधिकारियों को सौंपी जाएगी.   

सोमनाथ मंदिर हमले पर देशव्यापी शिव उपासना अभियान की शुरुआत, महाकाल मंदिर से बीजेपी अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने की पहल

उज्जैन  बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने आज सुबह महाकाल मंदिर में दर्शन कर देश की सुख-समृद्धि और शांति के लिए प्रार्थना की। दर्शन के बाद उन्होंने बताया कि सोमनाथ मंदिर पर हुए हमले के बाद प्रधानमंत्री द्वारा पूरे देश में एक विशेष अभियान चलाया जा रहा है, जिसके तहत नागरिकों से भगवान शिव की आराधना करने का आह्वान किया गया है। खंडेलवाल ने कहा कि इसी क्रम में उन्होंने आज महाकाल मंदिर में पार्टी के विधायकों, जिला अध्यक्ष सहित अन्य पदाधिकारियों के साथ भगवान महाकाल के दर्शन किए और जयकारा लगाया। उन्होंने सभी नागरिकों से अपील की कि वे शिव मंदिरों में जाकर ॐ नमः शिवाय का जाप करें और देश की शांति, समृद्धि एवं सामाजिक सौहार्द के लिए प्रार्थना करें। प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि भगवान महाकाल सभी के जीवन में शांति और समृद्धि प्रदान करें तथा हम सभी को मिलकर देश की सेवा करने की शक्ति दें। इसी भावना के साथ महाकाल मंदिर से इस अभियान की शुरुआत की गई है।

बीजेपी की नई टीम 29 घोषित, हेमंत खंडेलवाल का दबदबा, सिंधिया गुट से केवल एक शामिल

भोपाल  प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने अपनी नई टीम बना ली है। वह अन्य प्रदेश अध्यक्षों से अपनी टीम बनाने में काफी आगे रहे हैं। अध्यक्ष बनने के साढ़े तीन महीने बाद ही उन्होंने अपनी नई टीम बना ली है। नई टीम में प्रदेश के बड़े नेताओं की छाप दिखी है। हर खेमे के लोगों को समयोजित किया गया है। सबसे अधिक हितानंद शर्मा के लोग हेमंत खंडेलवाल की नई टीम में सबसे अधिक दबदबा प्रदेश संगठन महामंत्री हितानंद शर्मा का रहा है। उनके पांच करीबियों को जगह मिली है। इसमें कांतदेव सिंह, शैलेंद्र बरूआ, सुरेंद्र शर्मा, गौरव रणदिवे और लोकेंद्र पराशर हैं। इसके बाद सीएम मोहन यादव के चार करीबी लोगों को जगह मिली है। इसमें लता वानखेड़े, प्रभुलाल जाटव, राहुल कोठारी और आशीष अग्रवाल हैं। शिवराज सिंह चौहान के राजेंद्र सिंह और बबीता परमार को जगह मिली है। नरेंद्र सिंह तोमर के दो रणवीर सिंह रावत और अर्चना सिंह हैं। वहीं, ज्योतिरादित्य सिंधिया के भी दो लोगों को जगह मिली है। इनमें प्रभुराम चौधरी और अर्चना सिंह शामिल हैं। संघ और संगठन से जुड़े लोगों को भी मिली तरजीह इसके साथ ही नई टीम में संघ और संगठन से जुड़े लोगों को भी तरजीह मिली है। सुमेर सिंह सोलंकी, रजनीश अग्रवाल, निशांत खरे, मनीषा सिंह, नंदिता पाठक, जयदीप पटेल, संगीता सोनी, राजो मालवीय, अखिलेश जैन और श्याम महाजन हैं। इनको रखा गया है होल्ड पर वहीं, कुछ पदों पर अभी नियुक्ति नहीं हुई है। इसमें महिला, युवा और अल्पसंख्यक मोर्चा है। अभी इन पदों पर अध्यक्षों की नियुक्ति नहीं हुई है। वहीं, वीडी शर्मा के कार्यकाल में सर्वाधिक सक्रिय रहे महामंत्री और कार्यालय प्रभारी भगवान दास सबनानी को नई टीम में जगह नहीं मिली है। वनवास झेल रहे राजेंद्र सिंह की वापसी हुई है। अभी है छोटी टीम प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल काफी सुलझे हुए हैं। उन्होंने अपनी टीम भी छोटी बनाई है। सभी कैटगरी में एक-एक पद खाली रखे गए हैं। आने वाले दिनों इन पदों पर नियुक्ति होगी। सभी बड़े नेताओं ने नई टीम को शुभकामनाएं दी हैं। जानिए किस पद पर कौन सा चेहरा, सिंधिया गुट से बस एक प्रदेश बीजेपी अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने साढे़ 3 महीने बाद आखिरकार अपनी टीम का एलान कर दिया है. खंडेलवाल की टीम में 9 उपाध्यक्ष 3 महामंत्री और 9 मंत्री बनाए गए हैं. इसके साथ ही किसान मोर्चा, अनुसूचित जाति, अनसूचित जनजाति, पिछड़ा वर्ग इन चार मोर्चे के अध्यक्षों के भी नाम घोषित कर दिए गए हैं. खंडेलवाल की मोर्चे समेत घोषित हुई टीम 29 में वीडी शर्मा की टीम के कई भरोसेमंद चेहरों को भी जगह मिली है. खंडेलवाल की टीम 29 में किन्हें मिली जगह हेमंत खंडेलवाल ने पूरे साढे़ तीन महीने के इंतजार के बाद अपनी टीम का एलान किया, लेकिन जिस तरह की अटकलें थी कि उनकी कार्यकारिणी में पूरे चेहरे बदल जाएंगे. वो तस्वीर दिखाई नहीं दी. खंडेलवाल ने जो 29 सदस्यीय टीम घोषित की है. उसमें उपाध्यक्ष पद पर 9 नाम हैं. जबकि 4 महामंत्री और 9 मंत्री घोषित किए गए हैं. इसके अलावा कोषाध्यक्ष कार्यालय मंत्री और मीडिया प्रभारी का पद है. उपाध्यक्ष पद पर रणवीर सिंह रावत, कांतदेव सिंह, प्रभुराम चौधरी, शैलेन्द्र बरुआ, मनीषा सिंह, डॉ नन्दिता पाठक, सुरेन्द्र शर्मा, निशांत खरे, प्रभुलाल जाटव के नाम है. जबकि महामंत्री के पद पर सांसद लता वानखेड़े, राज्यसभा सांसद सुमेर सिंह सोलंकी, राहुल कोठारी, गौरव रणदिवे का नाम है. टीम में 9 मंत्री बनाए गए हैं. जिनमें रजनीश अग्रवाल, लोकेन्द्र पाराशर, जयदीप पटेल, क्षितिज भट्ट, संगीता सोनी, राजेन्द्र सिंह, अर्चना सिंह, राजो मालवीय और बबीता परमार हैं. कोषाध्यक्ष के पद पर अखिलेश जैन, कार्यालय मंत्री श्याम महाजन और मीडिया प्रभारी के पद पर आशीष उषा अग्रवाल हैं. टीम खंडेलवाल में वीडी के भरोसेमंदों को भी जगह टीम खंडेलवाल में पूर्व प्रदेश बीजेपी अध्यक्ष वीडी शर्मा के भरोसेमंद चेहरों को भी जगह मिली है. इनमें कई वो चेहरे हैं, जो वीडी शर्मा की टीम में बने हुए थे. जिनमें प्रमुख रुप से लता वानखेड़े, संगीता सोनी, रजनीश अग्रवाल, लोकेन्द्र पाराशर, राहुल कोठारी और मीडिया प्रभारी आशीष उषा अग्रवाल प्रमुख नाम है. 7 महिलाएं भी, सिंधिया खेमे से केवल एक खंडेलवाल ने अपनी 29 सदस्यीय टीम में सात महिलाओं को भी जगह दी है. उपाध्यक्ष पद पर मनीषा सिंह, डॉ नन्दिता पाठक, महामंत्री के पद पर लता वानखेड़े हैं. जबकि प्रदेश मंत्री के पद पर संगीता सोनी, अर्चना सिंह, राजो मालवीय और बबीता परमार को जगह मिली है. सिंधिया खेमे से इस सूची में केवल एक प्रभुराम चौधरी का नाम है. कार्यकारिणी के साथ चार मोर्चे भी घोषित कार्यकारिणी के साथ प्रदेश बीजेपी अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने चार मोर्चे के अध्यक्ष भी घोषित कर दिए हैं. किसान मोर्चे का अध्यक्ष जयपाल सिंह चावड़ा को बनाया गया है. जबकि एससी मोर्चे की जिममेदारी भगवान सिंह परमार के पास है. एसटी मोर्चे पर पंकज टेकाम हैं और पिछड़ा वर्ग के अध्यक्ष पवन पाटीदार हैं. ऐसी है कार्यकारिणी पदाधिकारी– दायित्व     रणवीर सिंह रावत– उपाध्यक्ष (पहले महामंत्री रहे)     कांतदेव सिंह — उपाध्यक्ष (पहले उपाध्यक्ष रहे)     प्रभुराम चौधरी– उपाध्यक्ष (सिंधिया समर्थक)     शैलेंद्र बरूआ– उपाध्यक्ष (संभागीय संगठन मंत्री रहे)     मनीषा सिंह — उपाध्यक्ष (पहले प्रदेश मंत्री रहीं)     नंदिता पाठक– उपाध्यक्ष     सुरेंद्र शर्मा– उपाध्यक्ष     निशांत खरे– उपाध्यक्ष     प्रभुलाल जाटव — उपाध्यक्ष     लता वानखेड़े– महामंत्री (पहले प्रदेश मंत्री रहीं)     सुमेर सिंह सोलंकी– महामंत्री (राज्यसभा सदस्य रहे)     राहुल कोठारी– महामंत्री (पहले मंत्री रहे जैन, अल्पसंख्यक)     गौरव रणदिवे– महामंत्री (इंदौर नगर अध्यक्ष रहे)     रजनीश अग्रवाल — मंत्री (पहले मंत्री रहे)     लोकेंद्र पाराशर– मंत्री (पहले मंत्री रहे)     जयदीप पटेल– मंत्री (पहले मंत्री रहे)     क्षितिज भट्ट– मंत्री (पहले मंत्री रहे)     संगीता सोनी– मंत्री (पहले मंत्री रही)     राजेंद्र सिंह — मंत्री अर्चना सिंह– मंत्री     राजो मालवीय– मंत्री (पहले प्रदेश प्रवक्ता रहीं)     बबीता परमार– मंत्री     सीए अखिलेश जैन– कोषाध्यक्ष (पद पर यथावत)     श्याम महाजन– कार्यालय मंत्री (प्रदेश उपाध्यक्ष थे)     आशीष अग्रवाल– मीडिया प्रभारी (पद पर यथावत)     जयपाल सिंह चावड़ा– किसान मोर्चा (संभागीय संगठन मंत्री रहे)   … Read more

CM का संदेश: हेमंत खंडेलवाल के नेतृत्व में संगठन पहुंचेगा नई ऊंचाइयों पर

भोपाल भारतीय जनता पार्टी मध्यप्रदेश के प्रदेश अध्यक्ष एवं बैतूल विधायक हेमंत खंडेलवाल का आज जन्मदिन है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और पार्टी नेताओं ने उन्हें बधाई दी। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सोशल मीडिया  पर संदेश साझा करते हुए लिखा कि खंडेलवाल के नेतृत्व में भाजपा और अधिक सशक्त व संगठित होकर जनसेवा के नए कीर्तिमान स्थापित करेगी। उन्होंने बाबा महाकाल से उनके उत्तम स्वास्थ्य, दीर्घायु और सफल जीवन की कामना की। वहीं, भाजपा प्रदेश मीडिया प्रभारी आशीष अग्रवाल ने भी हेमंत खंडेलवाल को जन्मदिन की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा कि “त्वं जीव शतं वर्धमानः” संगठननिष्ठा और अनुशासन के प्रतीक, सादगी और सेवा के पर्याय, कुशल संगठनकर्ता, भाजपा मध्यप्रदेश के अध्यक्ष आदरणीय श्री हेमंत खंडेलवाल जी को जन्मदिन की हार्दिक शुभकामनाएं। मां ताप्ती से आपके स्वस्थ, सुदीर्घ, सफल एवं सुयशपूर्ण जीवन की कामना है।   

प्रदेशाध्यक्ष का सादा अंदाज! जन्मदिन को लेकर कही खास बात, हो रही चर्चा

भोपाल  मध्य प्रदेश के नए प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने अपने चाहने वालों और कार्यकर्ताओं से एक खास अपील की है। दरअसल कल यानिकी 3 सितंबर को आने वाले हेमंत खंडेलवाल ने अपने जन्मदिन को लेकर ये खास आग्रह किया है।  हेमंत खंडेलवाल ने “X” पर  कार्यकर्ताओं से आग्रह  किया है कि मेरे जन्मदिन पर होर्डिंग्स, बैनर या किसी प्रचार माध्यम से कृपया शुभकामनाएँ न दें। आपका स्नेह और संगठन के प्रति समर्पण ही मेरे लिए सबसे बड़ा उपहार है। इस मौके को साधारण और सिंपल तरीके से ही सेलिब्रेट करें !  हेमंत खंडेलवाल अपनी सादगी के लिए जाने जाते हैं। वैसे आपको बता दें BJP प्रदेशाध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल अपनी सादगी के लिए जाने जाते हैं। बड़े कार्यक्रमों में भी वो किसी खास पहनावे को धारण नहीं करते हैं जैसे की नेता लोग पहनते हैं।  इसलिए अपने जन्मदिन पर भी वो कार्यकर्ताओं से सादगी की ही अपील कर रहे हैं। जन्मदिन पर शुभकामनाओं के लिए उपहार , होर्डिंग्स, बैनर लगाने से मना किया है। उन्होंने कहा है कि कार्यकर्ताओं का स्नेह और संगठन के प्रति समर्पण ही उनके लिए सबसे बड़ा उपहार है। वैसे देखा जा रहा  कि हेमंत खंडेलवाल का बीजेपी प्रदेशाध्यक्ष बनने के बाद ये पहला जन्मदिन होगा। इसको लेकर पार्टी कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों में उत्साह देखा जा रहा है। प्रदेश अध्यक्ष बनने के बाद आने वाले पहले जन्मदिन को लेकर  प्रदेशभर में शुभकामनाएं देने के लिए बड़े स्तर पर होर्डिंग्स, बैनर लगाने की तैयारी चल रही है।लेकिन अब खंडेलवाल ने इस तरह की अपील करके कार्यकर्ताओं को साफ संदेश दे दिया कि जन्मदिन सादगी औ सौहार्दपूर्ण तरीके से ही मनाया जाएगा।

हेमंत खंडेलवाल बने भाजपा के नए प्रदेश अध्यक्ष, धर्मेंद्र प्रधान समेत कई नेता रहे मौजूद

भोपाल  बैतूल विधायक हेमंत खंडेलवाल मध्य प्रदेश भाजपा के निर्विरोध नए प्रदेश अध्यक्ष चुन लिए गए हैं। इसकी औपचारिक घोषणा धर्मेन्द्रप्रधान ने की और मंच पर सीएम डॉ. मोहन यादव सहित अन्य नेताओं ने खंडेलवाल को प्रमाण-पत्र देकर उनका स्वागत किया। मंगलवार को केंद्रीय मंत्री और चुनाव प्रभारी धर्मेंद्र प्रधान की उपस्थिति में प्रदेश अध्यक्ष के लिए उनका इकलौता नामांकन आया। इस पद के लिए खंडेलवाल का नाम लंबे समय से चर्चा में सबसे आगे था। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की पसंद के चलते वह अध्यक्ष बने हैं। मुख्यमंत्री मोहन यादव भी खंडेलवाल के पक्ष में थे। खंडेलवाल ने प्रदेश अध्यक्ष विष्णु दत्त शर्मा का स्थान लिया। प्रदेश अध्यक्ष के निर्वाचन की प्रक्रिया के दौरान विष्णु दत्त शर्मा, केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान, ज्योतिरादित्य सिंधिया, वीरेंद्र कुमार, सावित्री ठाकुर, उप मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा, राजेंद्र शुक्ल, प्रदेश शासन के मंत्री राकेश सिंह, प्रहलाद सिंह पटेल एवं कैलाश विजयवर्गीय की ओर से पूर्व विधायक यशपाल सिंह सिसौदिया ने हेमंत खंडेलवाल के नाम का प्रस्ताव रखा। मंगलवार को प्रदेश कार्यालय में हुई भाजपा की वृहद कार्यसमिति की बैठक में निर्वाचन प्रक्रिया के दौरान खंडेलवाल पहली पंक्ति में केंद्रीय मंत्री वीरेंद्र खटीक और विधायक गोपाल भार्गव के बीच बैठे थे। नामांकन प्रक्रिया के दौरान प्रदेश संगठन महामंत्री हितानंद का इशारा मिलते ही मुख्यमंत्री यादव, खंडेलवाल की पीठ पर हाथ रखकर मंच की ओर बढ़े। फिर हाथ पकड़ केंद्रीय मंत्री व मध्य प्रदेश भाजपा प्रदेश अध्यक्ष और राष्ट्रीय परिषद सदस्यों के चुनाव अधिकारी धर्मेंद्र प्रधान, पार्टी की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष व केंद्रीय चुनाव पर्यवेक्षक सरोज पांडेय और राज्य निर्वाचन अधिकारी विवेक नारायण शेजवलकर के समक्ष प्रदेश अध्यक्ष पद के लिए नामांकन-पत्र जमा कराया। नामांकन जमा करने के लिए निर्धारित समय अवधि में आधा घंटा शेष था ऐसे में चुनाव प्रभारी धर्मेंद्र प्रधान ने प्रदेश कार्यालय में मंच से ही कहा कि किसी अन्य को नामांकन पत्र जमा करना हो तो आधा घंटा है, वह जमा कर सकते हैं लेकिन कोई अन्य नामांकन नहीं आया। मथुरा में जन्मे हेमंत, पिता के निधन के बाद राजनीति में आए     उत्तर प्रदेश के मथुरा में तीन सितंबर 1964 को जन्मे हेमंत खंडेलवाल को राजनीति और समाजसेवा के संस्कार पिता स्वर्गीय विजय कुमार खंडेलवाल से विरासत में मिले।     उनके पिता विजय खंडेलवाल भाजपा से बैतूल हरदा संसदीय सीट से सांसद रह चुके हैं। पिता के निधन के बाद खाली हुई इसी सीट से उप चुनाव में हेमंत खंडेलवाल कांग्रेस प्रत्याशी सुखदेव पांसे को हराकर निर्वाचित हुए और राजनीतिक व सामाजिक विरासत संभाली।     2008-09 तक लोकसभा सदस्य रहे। 2013 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के हेमंत वागद्रे को हराकर विधायक बने और 2018 तक बैतूल विधानसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व किया।     2018 के विस चुनाव में भाजपा ने उन्हें फिर से प्रत्याशी बनाया, लेकिन इस बार वह कांग्रेस के निलय डागा से चुनाव हार गए। वर्ष 2014 से 2018 तक मध्य प्रदेश भाजपा के कोषाध्यक्ष रहे।     पांच साल बाद 2023 में हुए विधानसभा चुनाव में भाजपा ने एक बार फिर खंडेलवाल पर भरोसा जताया। इस दौरान निलय डागा को हराकर उन्होंने अपनी पारिवारिक सीट पर विजय हासिल की। मालवा-निमाड़ से 8 बार बीजेपी के प्रदेशाध्यक्ष बने मालवा-निमाड़ क्षेत्र से भाजपा ने सबसे ज्यादा 8 बार संगठन को नेतृत्व दिया। भाजपा के पहले प्रदेशाध्यक्ष रहे सुंदरलाल पटवा (सामान्य) मंदसौर के थे। इस पद पर वे दो बार रहे। पहली बार 1980 से 1983 तक और दूसरी बार 1986 से 1990 तक। इसके बाद रतलाम के लक्ष्मीनारायण पाण्डे (सामान्य) 1994 से 1997 तके प्रदेशाध्यक्ष रहे। मालवा क्षेत्र से धार के विक्रम वर्मा (ओबीसी) 2000 से 2002 तक प्रदेशाध्यक्ष रहे। इसी तरह देवास से पूर्व सीएम कैलाश जोशी (सामान्य) ने 2002 से 2005 तक संगठन का नेतृत्व किया। उज्जैन के सत्यनारायण जटिया (एससी) फरवरी 2006 से नवंबर 2006 तक प्रदेशाध्यक्ष रहे। खंडवा सांसद रहे नंदकुमार सिंह चौहान (सामान्य) इस पद पर 2016 से 2018 तक रहे। 2019 में रहे प्रदेश चुनाव अधिकारी, प्रदेश संयोजक रहते लोकसभा चुनाव कराया संपन्न बीकाॅम-एलएलबी की शिक्षा प्राप्त हेमंत खंडेलवाल कृषि क्षेत्र से जुड़े है एवं व्यवसायी है। वर्ष 2019 में संगठन चुनाव के प्रदेश चुनाव अधिकारी रहे। वर्ष 2021 में पश्चिम बंगाल चुनाव में प्रवासी कार्यकर्ता की जिम्मेदारी निभाई। वर्ष 2022 में उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में 15 जिलों के 61 विधानसभा क्षेत्रों में प्रवासी कार्यकर्ता के प्रभारी का दायित्व निर्वहन किया। वर्ष 2024 में प्रदेश संयोजक रहते लोकसभा चुनाव कराया। खंडेलवाल, कुशाभाऊ ठाकरे जन्म शताब्दी समारोह के सचिव रहे। वर्तमान में कुशाभाऊ ठाकरे ट्रस्ट के अध्यक्ष है। इनके अलावा राजेंद्र शुक्ला, केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया, मंत्री प्रहलाद पटेल, राकेश सिंह ने भी पत्र दिया। कैलाश विजयवर्गीय नहीं पहुंचे। बुधवार को रहेंगे उपस्थित। यशपाल सिसोदिया ने भी नामांकन का प्रस्ताव दिया। धर्मेंद्र प्रधान ने हेमंत खंडेलवाल के अलावा अन्य किसी अन्य के नाम के प्रस्ताव के लिए भी पूछा और इसके लिए 10 मिनट का समय दिया। इसके बाद राष्ट्रीय परिषद के नामांकन पत्र आमंत्रित किए गए। बीजेपी के लिए क्यों खास हैं खंडेलवाल? रिपोर्ट्स के अनुसार, हेमंत खंडेलवाल सत्ता और संगठन के बीच समन्वय बनाने के लिए भी जाने जाते हैं। बताया जाता है कि उनका राजनीतिक सफर उनके पिता विजय कुमार खंडेलवाल की देखरेख में शुरू हुआ। उनके पिता भी हमेशा बीजेपी के साथ जुड़े रहे। वह बीजेपी के एक दिग्गज नेता रहे। साल 2007 में उनका निधन हो गया था।  पिता ने सिखाई राजनीति की ABCD जानकारी के अनुसार, जब हेमंत खंडेलवाल ने अपनी बीकॉम एलएलबी की पढ़ाई पूरी कर ली इसके बाद वह अपने पिता के साथ राजनीति में सक्रिय हो गए थे। हेमंत खंडेलवाल के पिता विजय कुमार खंडेलवाल साल 1996 से साल 2004 तक लगातार चार बार बैतूल से सांसद रहे। बता दें कि साल 2007 में विजय कुमार खंडेलवाल का निधन हो गया। इसके बाद हुए लोकसभा उप चुनाव में पहली बार हेमंत खंडेलवाल ने किस्मत आजमाई और सफलता भी पाई। इस चुनाव में उन्होंने कांग्रेस के सुखदेव पांसे को भारी अंतर से हराया था। इस जीत के साथ ही हेमंत खंडेलवाल ने पहली बार सांसद बनकर राजनीति प्रवेश किया। बैतूल बीजेपी के जिला अध्यक्ष भी रहे हेमंत खंडेलवाल गौरतलब है कि साल 2008 में हुए परिसीमव के बाद बैतूल लोकसभा सीट अनुसूचित … Read more

आज फाइनल होगा मध्य प्रदेश बीजेपी अध्यक्ष का नाम!बैतूल का बढ़ सकता है कद

भोपाल  भारतीय जनता पार्टी ने नए प्रदेश अध्यक्ष (BJP State President in Madhya Pradesh) के चुनाव की तैयारी शुरू कर दी है। केंद्रीय नेतृत्व की स्वीकृति के बाद प्रदेश चुनाव अधिकारी विवेक नारायण शेजवलकर ने सोमवार को भाजपा प्रदेश अध्यक्ष के लिए चुनाव कार्यक्रम की अधिसूचना जारी कर राज्य निर्वाचन मंडल की सूची का प्रकाशन भी कर दिया है। मध्यप्रदेश भाजपा को मंगलवार को नया प्रदेश अध्यक्ष मिल जाएगा। करीब 10 महीने से चल रही चर्चा और अंदरूनी मंथन के बाद यह फैसला अंतिम चरण में पहुंच गया है। भाजपा के केंद्रीय चुनाव अधिकारी और केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान मंगलवार शाम 4 बजे भोपाल पहुंचेंगे और 4:30 बजे नामांकन प्रक्रिया शुरू होगी। दो जुलाई को नए अध्यक्ष के नाम की औपचारिक घोषणा की जाएगी। बैतूल से विधायक और पूर्व सांसद हेमंत खंडेलवाल का नाम अब सबसे प्रमुख दावेदार के रूप में उभरा है। उन्हें संगठन से जुड़े वरिष्ठ नेताओं, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और पार्टी के प्रमुख चेहरों का समर्थन मिल रहा है। हेमंत खंडेलवाल की राजनीतिक पृष्ठभूमि भी मजबूत मानी जा रही है। उनके पिता विजय खंडेलवाल भाजपा के वरिष्ठ नेता रहे हैं, जिससे संगठन में उनका जुड़ाव और भरोसा काफी पुराना है। खंडेलवाल का संघ से जुड़ाव और उनका साफ-सुथरा राजनीतिक रिकॉर्ड उन्हें अन्य दावेदारों से आगे बढ़ा रहा है। हेमंत खंडेलवाल का नाम लगभग तय माना जा रहा हैं। खंडेलवाल वर्तमान में प्रदेश भाजपा के कुशाभाऊ ठाकरे ट्रस्ट के अध्यक्ष हैं। हेमंत खंडेलवाल ने 2007 में पहली बार बैतूल लोकसभा उपचुनाव में जीत हासिल की थी। यह सीट उनके पिता विजय खंडेलवाल के निधन के बाद खाली हुई थी। 2009 में बैतूल लोकसभा सीट अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षित हो गई, लेकिन खंडेलवाल की भूमिका इसके बाद भी प्रभावशाली बनी रही। उन्होंने 2013 में विधायक के रूप में जीत दर्ज की, हालांकि 2018 में चुनाव हारे। 2023 में वह फिर से विधायक चुने गए। हेमंत खंडेलवाल बन सकते हैं भाजपा अध्यक्ष     पार्टी सूत्रों के अनुसार, बैतूल के विधायक हेमंत खंडेलवाल (Hemant Khandelwal) प्रदेश अध्यक्ष की दौड़ में सबसे आगे माने जा रहे हैं। वहीं, मंगलवार एवं बुधवार को प्रदेश कार्यालय में भाजपा की वृहद कार्यसमिति की बैठक बुलाई गई है। इसमें वरिष्ठ पदाधिकारी उपस्थित रहेंगे। मंगलवार को शाम 4.30 से 6.30 बजे तक नामांकन पत्र जमा कराए जाएंगे। 6.30 से 7.30 बजे तक नामांकन पत्रों की जांच की जाएगी। 7.30 से आठ बजे तक नामांकन पत्र वापस लिए जा सकेंगे और रात आठ बजे नामांकन पत्रों की अंतिम सूची की घोषणा की जाएगी। हालांकि उससे पहले धर्मेंद्र प्रधान पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के साथ चर्चा करके किसी नाम पर सर्वसम्मति बनाएंगे। इसके बाद नया प्रदेश अध्यक्ष चुन लिया जाएगा। आवश्यकता पड़ने पर ही बुधवार को प्रात: 11 बजे से दो बजे के बीच मतदान कराया जाएगा और मतों की गिनती के बाद परिणाम की घोषणा कर दी जाएगी। बता दें कि इस चुनाव प्रक्रिया में प्रदेश अध्यक्ष के साथ राष्ट्रीय परिषद के 44 सदस्यों को भी चुना जाएगा। मतदान में प्रदेश परिषद के सदस्यों को मिलाकर कुल 379 मतदाता हिस्सा ले सकेंगे। प्रदेश परिषद के सदस्यों में चार सांसद एवं 17 विधायक भी शामिल हैं। सांसदों में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष विष्णुदत्त शर्मा, केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान, ज्योतिरादित्य सिंधिया और वीरेंद्र खटीक हैं। वहीं विधायकों में मुख्यमंत्री डा. मोहन यादव, उप मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा, राजेंद्र शुक्ल, मंत्री कैलाश विजयवर्गीय, प्रहलाद पटेल, राकेश सिंह, विजय शाह, तुलसी सिलावट, एदल सिंह कंषाना, अजय विश्नोई, संपतिया उइके, ओमप्रकाश सखलेचा, संजय पाठक, भूपेंद्र सिंह, गोविंद सिंह राजपूत, नारायण सिंह कुशवाह और मालिनी गौड़ शामिल हैं। अधिकतर सर्वसम्मति से ही चुना गया है प्रदेश अध्यक्ष मध्य प्रदेश में अधिकतर बार सर्वसम्मति से ही भाजपा का प्रदेश अध्यक्ष चुना गया है। अपवाद के रूप में केवल दो बार संगठन चुनाव में मतदान की स्थिति बनी है। पहली बार 1990 के दशक में पार्टी द्वारा प्रदेश अध्यक्ष के लिए तय प्रत्याशी लखीराम अग्रवाल के विरुद्ध पूर्व मुख्यमंत्री कैलाश जोशी संगठन चुनाव में खड़े हुए थे। दूसरी बार वर्ष 2000 में शिवराज सिंह चौहान और विक्रम वर्मा के बीच प्रदेश अध्यक्ष के लिए चुनाव हुआ था। इसमें विक्रम वर्मा ने शिवराज सिंह चौहान को हरा दिया था। हालांकि माना जा रहा है प्रदेश अध्यक्ष के लिए मतदान की स्थिति नहीं बनेगी।  हेमंत खंडेलवाल का प्रोफाइल हेमंत खंडेलवाल संघ पृष्ठभूमि से आते हैं। उनकी संघ के अलावा पार्टी संगठन में भी मजबूत पकड़ है। वह बैतूल के पूर्व सांसद एवं दो बार के विधायक हैं। उनके पिता विजय कुमार खंडेलवाल बैतूल लोकसभा से तीन बार सांसद रह चुके हैं, तब से ही वह राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ और भाजपा से जुड़े हुए हैं। पिता के निधन के बाद हेमंत ने बैतूल लोकसभा से उपचुनाव लड़ा और निर्वाचित होकर सांसद बने। इसके बाद वह बैतूल विधानसभा से दूसरी बार के विधायक हैं। माना जा रहा है मध्य प्रदेश में वर्तमान में पदोन्नति में आरक्षण का मुद्दा गरमाया हुआ है, ऐसे में सामान्य वर्ग से प्रदेश अध्यक्ष बनाया जा सकता है। संघ और संगठन में मजबूत पकड़ खंडेलवाल को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के वरिष्ठ पदाधिकारी सुरेश सोनी का करीबी माना जाता है। दिल्ली में हुए अंतिम दौर की चर्चा में सुरेश सोनी और डॉ. यादव दोनों ने ही हेमंत खंडेलवाल के नाम की जोरदार पैरवी की थी। पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भी उनके नाम पर सहमति जताई है। संघ और संगठन दोनों को भरोसा है कि हेमंत खंडेलवाल के नेतृत्व में सरकार और संगठन के बीच बेहतर तालमेल बना रहेगा। अन्य नाम भी चर्चा में प्रदेश अध्यक्ष पद के लिए केंद्रीय मंत्री दुर्गादास उइके, लता वानखेड़े, नरोत्तम मिश्रा, अरविंद भदौरिया, बृजेंद्र प्रताप सिंह, अर्चना चिटनिस और गजेंद्र पटेल के नामों पर भी चर्चा में है। सूत्रों का कहना है कि अब औपचारिक एलान ही बाकी हैं।