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तवा डैम ओवरफ्लो के चलते तीन गेट खुले, निचले इलाकों में सतर्कता बढ़ी

इटारसी नर्मदापुरम क्षेत्र में इन दिनों मानसून मेहरबान है। झमाझम बारिश से नदी-नालों में उफान आ गया है। इटारसी में तवा बांध के तीनों गेट खोल दिये गए हैं। कैचमेंट एरिया में जारी लगातार तेज वर्षा के कारण शुक्रवार शाम तवा बांध के तीन गेट खोले गए हैं। इस मानसून में यह पहला मौका है जब बांध से पानी छोड़ा जा रहा है।     बांध के तीन गेट को शाम 4:30 बजे के बाद खोलकर तवा नदी में पानी छोड़ा जा रहा है।     अधिकारियों के अनुसार शुक्रवार दोपहर तक बांध के कैचमेंट एरिया में इनफ्लो बढ़ रहा था।     गवर्निंग लेबल को देखते हुए बांध प्रबंधन ने पहले ही गेट खोलने का निर्णय कर लिया था।     तवा का वर्तमान जल स्तर 1159.80 फीट होने पर गेट खोलकर 14802 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है।     31 जुलाई तक बांध में 1158 फीट जलस्तर नियंत्रित रखना है।     इससे ज्यादा भराव होने पर गेट खोलकर अतिरिक्त पानी निकाला जा रहा है। कई जिलों में ऑरेंज अलर्ट कार्यपालन यंत्री तवा परियोजना ने बताया कि मौसम विभाग द्वारा आगामी 24 घंटे में कई जिलों में ऑरेंज अलर्ट की चेतावनी दी गई है। तवा बांध के जल संग्रहण क्षेत्र पचमढ़ी, मटकुली एवं सीमावर्ती जिलों में हो रही निरंतर वर्षा से बांध में जल की बढ़ती आवक को देखते हुए बांध के 3 गेट को 3-3 फीट खोलकर अतिरिक्त पानी छोड़ा जा रहा है। प्रशासन ने हालात को देखते हुए तवा एवं नर्मदा तटीय इलाकों में बसे गांव में अलर्ट जारी किया है।

रंग लाई मुख्यमंत्री की पहल, जशपुर मेेें शुरू हुई एयर स्कवाड्रन

मुख्यमंत्री साय के प्रयासों से मिली स्वीकृति स्थानीय युवाओं को कैरियर बनाने में मिलेगी मदद मुख्यमंत्री से एयर एनसीसी के छात्रों ने की मुलाकात  रायपुर, छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले के युुवाओं को अब एनसीसी में एयर स्क्वाड्रन के जरिए अपना कैरियर बनाने के लिए मदद मिल पाएगी। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रयासों से जिले के पीएमश्री जवाहर नवोदय विद्यालय में एनसीसी की एयर स्क्वाड्रन शुरू करने की मंजूरी मिल गई है। यह छत्तीसगढ़ की 3 सीजी एनसीसी एयर स्क्वाड्रन होगी।  श्री साय के प्रयासों से यह  जिले के लिए एक ऐतिहासिक उपलब्धि है, जो स्थानीय युवाओं के भविष्य को नई ऊँचाइयाँ प्रदान करेगी।      मुख्यमंत्री ने विद्यालय में एयर एनसीसी के लिए चयनित 25 मेधावी विद्यार्थियों को एनसीसी कैडेट्स का बैच लगाकर पंजीयन की शुरुआत की और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। इनमें 13 बालिकाएं और 12 बालक शामिल हैं।  इस अवसर पर विंग कमांडर श्री विवेक कुमार साहू ने मुख्यमंत्री को प्रतीक चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया। इस दौरान विधायक श्रीमती गोमती साय और श्रीमती रायमुनी भगत, जिला पंचायत अध्यक्ष श्री सालिक साय, नगर पालिका अध्यक्ष श्री अरविंद भगत, उपाध्यक्ष श्री यश प्रताप  सिंह जूदेव, जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्री शौर्य प्रताप सिंह जूदेव सहित जनप्रतिनिधिगण, अधिकारी-कर्मचारी मौजूद रहे।      उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री श्री साय ने पिछले एनसीसी दिवस समारोह के दौरान रायपुर के समान राज्य के अन्य हवाई पट्टी वाले शहरों में भी एनसीसी की एयर स्कवाड्रन शुरू करने की इच्छा व्यक्त की थी। अभी तक छत्तीसगढ़ में केवल रायपुर में ही एयर एनसीसी और उड़ान का प्रशिक्षण दिया जाता है, जबकि जगदलपुर, बिलासपुर, अंबिकापुर और जशपुर जैसे स्थानों पर भी हवाई पट्टियों की सुविधा उपलब्ध है। मुख्यमंत्री की इस पहल पर मार्च माह में जशपुर की आगडीह हवाई पट्टी को 3 सीजी एयर एनसीसी स्क्वाड्रन के लिए स्वीकृति प्रदान की गई और एक माइक्रोलाइट विमान को प्रशिक्षण हेतु जशपुर भेजा गया। इस दौरान लगभग 100 कैडेट्स को उड़ान का वास्तविक अनुभव प्रदान किया। मुख्यमंत्री श्री साय ने स्वयं हवाई पट्टी पहुंचकर प्रशिक्षण कार्यक्रम का निरीक्षण किया और कैडेट्स से संवाद किया। कैडेट्स ने उन्हें विमान से संबंधित तकनीकी जानकारियाँ भी साझा कीं। प्रशिक्षण प्राप्त कैडेट को रोजगार के बेहतर अवसर     वर्तमान में 3 सीजी एयर एनसीसी एयर स्क्वाड्रन, पूरे देश में एकमात्र एयर स्क्वाड्रन है जिसमें एम्स, एमबीबीएस और नर्सिंग के छात्र कैडेट के रूप में जुड़े हुए हैं। कैडेटों को  यूपीएससी और एसएसबी साक्षात्कार के माध्यम से सेना में 25 वैकेन्सी /पाठ्यक्रम के अवसर मिलते हैं, एसएससी के माध्यम से ऑफिसर्स ट्रेनिग अकादमी के लिए 50 वैकेंसी/पाठ्यक्रम के अवसर मिलते हैं जिसमें यूपीएससी परीक्षा की आवश्यकता नहीं होती है और केवल एसएसबी साक्षात्कार के माध्यम से चयन के अवसर मिलते है। 20 सीटें लडकियों के लिए आरक्षित होती हैं। वायु सेना के उड़ान प्रशिक्षण पाठ्यक्रमों सहित सभी पाठ्यक्रमों में 10 प्रतिशत वेकेंसी होती है। जिसके लिए एएफसीएटी, यूपीएससी परीक्षा की आवश्यकता नहीं होती है। इसी तरह से पैरामिलिट्री फोर्स भर्ती में 2 से 10 बोनस अंक दिया जाता है।कई उद्योगों में भी एनसीसी सी प्रमाण पत्र के आधार पर नौकरियों में प्राथमिकता दी जाती है।

ग्रामोद्योग इकाइयों का बोर्ड अध्यक्ष राकेश पाण्डेय ने किया निरीक्षण

रायपुर, छत्तीसगढ़ खादी एवं ग्रामोद्योग बोर्ड के अध्यक्ष राकेश पांडेय ने बीते बुधवार को विकासखंड कुरूद अंतर्गत ग्राम पंचायत नारी और कोकड़ी का भ्रमण कर वहां संचालित ग्रामोद्योग इकाइयों की गतिविधियों का निरीक्षण किया।    निरीक्षण के दौरान पांडेय ने हथकरघा, माटीकला, रेशम धागाकरण सहित विभिन्न पारंपरिक एवं लघु उद्योगों के संचालन को देखा और सराहना की। उन्होंने महिला सशक्तिकरण, नवाचार और स्थानीय युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने की दिशा में ग्रामोद्योग द्वारा किए जा रहे कार्यो को महत्वपूर्ण बताया। पांडेय ने कहा कि ग्रामोद्योग से न केवल ग्रामीणों की आय में वृद्धि होती है, बल्कि यह स्थानीय संसाधनों के समुचित उपयोग और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण का सशक्त माध्यम है। उन्होंने यह भी कहा कि राज्य सरकार की प्राथमिकता है कि हर ग्राम पंचायत में कम से कम एक ग्रामोद्योग इकाई स्थापित हो, जिससे रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।     निरीक्षण के दौरान ग्रामोद्योग विभाग रायपुर के उप संचालक पंकज अग्रवाल, पंचायत विभाग धमतरी के उप संचालक, जनपद पंचायत कुरूद के मुख्य कार्यपालन अधिकारी एवं अन्य अधिकारीगण उपस्थित रहे। अधिकारियों ने बोर्ड अध्यक्ष को ग्राम स्तर पर चल रही गतिविधियों, समूहों की भागीदारी, प्रशिक्षण कार्यक्रमों तथा उत्पाद विपणन की जानकारी दी। पांडेय ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि जिले के अन्य ग्रामों में भी इसी तर्ज पर इकाइयां विकसित की जाएं और स्व-सहायता समूहों को तकनीकी सहायता, प्रशिक्षण और विपणन के लिए बेहतर प्लेटफॉर्म उपलब्ध कराए जाएं। उन्होंने आने वाले समय में धमतरी जिले में कई नई ग्रामोद्योग इकाइयों की स्थापना की संभावना जताई, जिससे विशेष रूप से महिलाओं और युवाओं को आत्मनिर्भरता की दिशा में सशक्त किया जा सकेगा।    यह निरीक्षण न केवल वर्तमान कार्यों की समीक्षा का अवसर रहा, बल्कि भविष्य की योजनाओं को आकार देने की दिशा में एक सकारात्मक पहल के रूप में देखा जा रहा है।

ग्रामोद्योग इकाइयों का बोर्ड अध्यक्ष राकेश पाण्डेय ने किया निरीक्षण

रायपुर, छत्तीसगढ़ खादी एवं ग्रामोद्योग बोर्ड के अध्यक्ष राकेश पांडेय ने बीते बुधवार को विकासखंड कुरूद अंतर्गत ग्राम पंचायत नारी और कोकड़ी का भ्रमण कर वहां संचालित ग्रामोद्योग इकाइयों की गतिविधियों का निरीक्षण किया।    निरीक्षण के दौरान पांडेय ने हथकरघा, माटीकला, रेशम धागाकरण सहित विभिन्न पारंपरिक एवं लघु उद्योगों के संचालन को देखा और सराहना की। उन्होंने महिला सशक्तिकरण, नवाचार और स्थानीय युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने की दिशा में ग्रामोद्योग द्वारा किए जा रहे कार्यो को महत्वपूर्ण बताया। पांडेय ने कहा कि ग्रामोद्योग से न केवल ग्रामीणों की आय में वृद्धि होती है, बल्कि यह स्थानीय संसाधनों के समुचित उपयोग और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण का सशक्त माध्यम है। उन्होंने यह भी कहा कि राज्य सरकार की प्राथमिकता है कि हर ग्राम पंचायत में कम से कम एक ग्रामोद्योग इकाई स्थापित हो, जिससे रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।     निरीक्षण के दौरान ग्रामोद्योग विभाग रायपुर के उप संचालक पंकज अग्रवाल, पंचायत विभाग धमतरी के उप संचालक, जनपद पंचायत कुरूद के मुख्य कार्यपालन अधिकारी एवं अन्य अधिकारीगण उपस्थित रहे। अधिकारियों ने बोर्ड अध्यक्ष को ग्राम स्तर पर चल रही गतिविधियों, समूहों की भागीदारी, प्रशिक्षण कार्यक्रमों तथा उत्पाद विपणन की जानकारी दी। पांडेय ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि जिले के अन्य ग्रामों में भी इसी तर्ज पर इकाइयां विकसित की जाएं और स्व-सहायता समूहों को तकनीकी सहायता, प्रशिक्षण और विपणन के लिए बेहतर प्लेटफॉर्म उपलब्ध कराए जाएं। उन्होंने आने वाले समय में धमतरी जिले में कई नई ग्रामोद्योग इकाइयों की स्थापना की संभावना जताई, जिससे विशेष रूप से महिलाओं और युवाओं को आत्मनिर्भरता की दिशा में सशक्त किया जा सकेगा।    यह निरीक्षण न केवल वर्तमान कार्यों की समीक्षा का अवसर रहा, बल्कि भविष्य की योजनाओं को आकार देने की दिशा में एक सकारात्मक पहल के रूप में देखा जा रहा है।

भर्ती के बाद मरीजों की सुध नहीं, हाई कोर्ट ने निजी अस्पतालों को बताया ‘ATM मशीन चलाने वाला

 इलाहाबाद निजी अस्पताल मरीजों का एटीएम की तरह इस्तेमाल करते हैं। इलाहाबाद हाई कोर्ट ने एक केस की सुनवाई के दौरान गुरुवार को यह टिप्पणी की। अदालत ने लापरवाही के एक मामले में डॉक्टर के खिलाफ आपराधिक केस हटाने की मांग को खारिज करते हुए यह बात कही। जस्टिस प्रशांत कुमार की बेंच ने पाया कि डॉ. अशोक कुमार ने एक गर्भवती महिला को सर्जरी के लिए एडमिट कर लिया था, जबकि उनके पास एनेस्थिटिस्ट की कमी थी। वह काफी देर से पहुंचा और तब तक गर्भ में पल रहे भ्रूण की मौत हो गई थी। अदालत ने कहा कि यह सामान्य हो गया है कि अस्पताल पहले मरीजों को भर्ती कर लेते हैं और फिर संबंधित डॉक्टर को बुलाया जाता है। अदालत ने कहा, 'यह एक सामान्य प्रैक्टिस देखी जा रही है कि निजी अस्पताल मरीजों को इलाज के लिए एडमिट कर लेते हैं। भले ही उनके पास संबंधित बीमारी के इलाज के लिए डॉक्टर न हो। मरीजों को भर्ती करने के बाद ही ये डॉक्टर को कॉल करते हैं। एक बार मरीज को एडमिट करने के बाद ये लोग डॉक्टरों को कॉल करना शुरू करते हैं। यह सामान्य धारणा बन गई है कि निजी अस्पतालों की ओर से मरीजों का इस्तेमाल एक एटीएम की तरह किया जाता है, जिनसे पैसों की उगाही होती है।' बेंच ने कहा कि ऐसे मेडिकल प्रोफेशनल्स को संरक्षण मिलना ही चाहिए, जो पूरी गंभीरता के साथ काम करते हैं। अदालत ने कहा कि ऐसे लोगों पर ऐक्शन जरूरी है, जो बिना पर्याप्त सुविधा के ही अस्पताल खोल लेते हैं। ऐसा सिर्फ इसलिए ताकि वे मरीजों से मनमाने पैसे कमा सकें। अदालत ने सुनवाई के दौरान डॉक्टर के उस दावे को खारिज कर दिया कि उस समय महिला के परिजन ऑपरेशन के लिए तैयार ही नहीं थे। बेंच ने कहा कि यह मामला पूरी तरह से लापरवाही और अवैध कमाई करने का है। अदालत ने कहा कि डॉक्टर ने महिला को एडमिट कर लिया। परिवार से यह मंजूरी मिल गई कि ऑपरेशन किया जाए, लेकिन उसे टाला जाता रहा क्योंकि सर्जरी के लिए डॉक्टर ही उपलब्ध नहीं था। परिजनों से परमिशन के बाद भी ऑपरेशन में हुई लेट, क्योंकि डॉक्टर नहीं था बेंच ने कहा कि डॉक्टर ने ऑपरेशन के लिए 12 बजे अनुमति ले ली थी। इसके बाद भी सर्जरी नहीं हो सकी क्योंकि असप्ताल में डॉक्टर ही नहीं था। अदालत ने कहा कि एक डॉक्टर का संरक्षण उसी स्थिति में किया जाना जरूरी है, जब वह पूरे मन से काम कर रहा हो। फिर भी गलती हो तो उसे ह्यूमन फैक्टर मानकर नजरअंदाज किया जा सकता है। लेकिन लापरवाही के ऐसे मामलों में इस चीज को स्वीकार नहीं किया जा सकता।

सीएम साय ने की स्वच्छता दीदियों की सराहना, कहा – राष्ट्र निर्माण में दे रहीं योगदान

  रायपुर, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि स्वच्छता केवल एक अभियान नहीं, बल्कि हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि देश को स्वच्छ और स्वस्थ बनाने में हमारी स्वच्छता दीदियों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण रही है, जिन्होंने निष्ठा, परिश्रम और सेवा-भावना के साथ समाज को नई दिशा दी है। मुख्यमंत्री श्री साय ने आज जशपुर जिले के ग्राम बगिया में आयोजित सम्मान समारोह में स्वच्छता दीदियों को साड़ी, स्मृति चिन्ह एवं प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि जशपुर एक प्राकृतिक रूप से समृद्ध और सुंदर जिला है, लेकिन पहले जब वे गांवों का दौरा करते थे, तो सड़कों के किनारे फैला कचरा गांवों और नगरों की सुंदरता को धूमिल कर देता था। इस स्थिति को बदलने के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी ने 2 अक्टूबर 2014 को स्वच्छ भारत मिशन की शुरुआत कर इसे राष्ट्रीय जनआंदोलन में परिवर्तित किया। उन्होंने स्वयं झाड़ू उठाकर लोगों को प्रेरित किया और गांव-गांव, शहर-शहर स्वच्छता की अलख जगाई। उन्होंने हर नागरिक को स्वच्छ और सम्मानजनक जीवन जीने का अधिकार दिलाने का प्रयास किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस अभियान में हमारी स्वच्छता दीदियों की भागीदारी अत्यंत महत्वपूर्ण रही है। उनके अथक परिश्रम और समर्पण का ही परिणाम है कि आज जशपुर जिले ने स्वच्छता के क्षेत्र में राष्ट्रीय स्तर पर अपनी अलग पहचान बनाई है। वे वास्तव में सम्मान की पात्र हैं, क्योंकि उन्होंने हमें स्वच्छ और स्वस्थ वातावरण प्रदान करने में अमूल्य योगदान दिया है। मुख्यमंत्री ने सभी नागरिकों से आह्वान किया कि वे अपने घर, मोहल्ले, चौराहे, मंदिर और सार्वजनिक स्थलों की सफाई को अपना कर्तव्य मानें और स्वच्छता को अपनी आदत में शामिल करें। उल्लेखनीय है कि आवासन और शहरी कार्य मंत्रालय द्वारा शहरी स्वच्छता सुधारों के मूल्यांकन और प्रोत्साहन हेतु स्वच्छता सर्वेक्षण 2024 में स्वच्छ भारत मिशन-शहरी (SBM-U) के अंतर्गत 4,589 शहरों को शामिल किया गया था। इस राष्ट्रीय सर्वेक्षण में जशपुर जिले के नगरीय निकायों ने अभूतपूर्व प्रदर्शन कर देश भर में अपना परचम लहराया है।इसमें जशपुरनगर ने 20,000 से 50,000 की जनसंख्या वर्ग में पूरे देश में 10वां स्थान प्राप्त किया है, जो कि 2023 की 505वीं रैंकिंग से एक लंबी छलांग है। इसी वर्ग में नगर पंचायत कुनकुरी ने 13वां रैंक, नगर पंचायत पत्थलगांव ने 30वां रैंक, नगर पंचायत बगीचा ने 51वां रैंक, और नगर पंचायत कोतबा ने 64वां रैंक हासिल किया है। यह असाधारण उपलब्धि स्वच्छता दीदियों के परिश्रम और प्रशासनिक टीम के समन्वित प्रयास का प्रतिफल है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के मार्गदर्शन में जिले को स्वच्छ और सुंदर बनाने के लिए नगरीय निकायों द्वारा योजनाबद्ध रूप से कई कार्य किए जा रहे हैं, जिनमें बी.टी. रोड निर्माण, रोड मार्किंग, सामुदायिक शौचालयों का उन्नयन, चौक-चौराहों का सौंदर्यीकरण, वॉल पेंटिंग, वेस्ट मैटेरियल से पार्कों का निर्माण, कम्पोस्टिंग शेड और रिसाइक्लिंग सेंटर की स्थापना, फुटपाथों पर पेवर ब्लॉक लगाना, साइनेज आदि प्रमुख हैं। लेकिन इन प्रयासों की आत्मा बनी हैं वे स्वच्छता दीदियाँ, जो हर गली, मोहल्ले में जाकर डोर टू डोर कचरा संग्रहण जैसे श्रमसाध्य कार्यों को अंजाम देती हैं। इस अवसर पर जशपुर विधायक रायमुनी भगत ने सभी स्वच्छता दीदियों, नगरीय निकायों के अधिकारियों और नागरिकों को इस उपलब्धि पर बधाई दी। सरगुजा विकास प्राधिकरण की उपाध्यक्ष एवं पत्थलगांव विधायक श्रीमती गोमती साय ने कहा कि स्वच्छता दीदियाँ वह कार्य कर रही हैं जो पहले समाज में उपेक्षित था। उन्होंने कहा कि कभी स्वच्छता के प्रति लोगों में चेतना नहीं थी, लेकिन स्वच्छ भारत अभियान के तहत दीदियों ने लोगों को न केवल जागरूक किया, बल्कि व्यवहार परिवर्तन भी सुनिश्चित किया, जिससे जशपुर को यह गौरव प्राप्त हुआ है। कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष  सालिक साय, उपाध्यक्ष  शौर्य प्रताप सिंह जूदेव, कलेक्टर रोहित व्यास, नगर पालिका अध्यक्ष अरविंद भगत, उपाध्यक्ष  यश प्रताप सिंह जूदेव सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं गणमान्य नागरिक बड़ी संख्या में उपस्थित थे।

फतेहपुर विवाद: दिव्यांग के घर गिराने पर SDM पर गिरी गाज, सरकार ने किया सस्पेंड

फतेहपुर यूपी में फतेहपुर में दलित दिव्यांग परिवार का घर बुलडोजर से गिराने के मामले में कानूनगो जितेन्द्र सिंह और ट्रेनी लेखपाल पर ऐक्शन के बाद अब एसडीएम अर्चना अग्निहोत्री को भी सस्पेंड कर दिया। वह निलंबित रहने तक राजस्व परिषद से संबंध रहेंगी। उनके खिलाफ जांच लखनऊ कमिश्नर को दी गई है। नियुक्ति एवं कार्मिक विभाग के प्रमुख सचिव एम. देवराज ने गुरुवार को यह आदेश जारी किया। आरोप हैं अर्चना ने मौके पर जाकर निरीक्षण नहीं किया और अपने पद के दायित्वों का शिथिलतापूर्वक पालन किया। अर्चना अग्निहोत्री के निलंबन के बाद महकमे में सनसनी फैल गई। ऐसा माना जा रहा है कि मामले में संलिप्त अधिकारियों व कर्मचारियों पर भी जल्द कार्रवाई संभव है। बता दें कि बरमतपुर प्रकरण को लेते हुए शासन ने कडी कार्रवाई करने का भरोसा दिया था। डीएम स्तर पर कानून गो जितेन्द्र सिंह और ट्रेनी लेखपाल आराधना देवी के निलंबन के बाद से मामले में अफसरों व अन्य कर्मचारियों पर कार्रवाई होने की बात सामने आ रही थी। खास कर टीम गठित करने वाले तहसीलदार समेत उसमें शामिल अधिकारी कर्मचारी राडार पर थे। खास कर सदर एसडीएम व तहसीलदार पर कार्रवाई की तलवार लटक रही थी। एसडीएम के बाद अब तहसीलदार व अन्य लेखपाल जद में आ सकते है। वहीं नायब तहसीलदार कांधी के खिलाफ राजस्व परिषद को हुई लिखापढ़ी पर भी जल्द कार्रवाई का आदेश आने की उम्मीद है। वहीं विधायक जयकुमार जैकी का कहना है कि दलित परिवार को बेघर करने वालों के खिलाफ कार्रवाई सूबे में मिशाल बनेगी। शासन ने मामले को गंभीरता से लिया है। प्रकरण में ढहाने का आदेश देने वाले अफसर भी खुद को बचा नहीं पाएंगे। दिया भरोसा हम साथ हैं: ब्लाक प्रमुख गुरुवार को अमौली ब्लाक प्रमुख सुशीला देवी बरमतपुर गांव पहुंच पीड़ितों से मुलाकात की। उन्होंने ढहाए गए घर और मलबे के नीचे दबी गृहस्थी को देखते हुए अफसरों की कार्रवाई की निंदा की। पी़ड़ितों को भरोसा दिया कि वह मुसीबत की घड़ी में परिवार के साथ है। उन्होंने परिवार को राशन सामग्री समेत जरूरत का सामान सौंपते हुए दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होने का भरोसा दिया।

रामदेवरा मेला: सुरक्षा और व्यवस्थाओं को लेकर प्रशासन अलर्ट, अफसरों ने किया निरीक्षण

जैसलमेर आगामी रामदेवरा मेले की तैयारियों को लेकर जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद नजर आ रहा है। बुधवार को जिला कलेक्टर प्रताप सिंह नाथावत और जिला पुलिस अधीक्षक अभिषेक शिवहरे ने रामदेवरा स्थित विख्यात बाबा रामदेव मंदिर परिसर का दौरा कर पूर्व सुरक्षा व्यवस्थाओं का जायजा लिया। इस दौरान मेला समिति, प्रशासनिक अधिकारियों और कर्मचारियों के साथ बैठक कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। कलेक्टर और एसपी ने रामसरोवर तालाब, जिगजेग रूट और कस्बे का पैदल भ्रमण कर श्रद्धालुओं के लिए बनाई जा रही सुरक्षा एवं व्यवस्थाओं की समीक्षा की। उन्होंने पिछले पांच वर्षों के दौरान सामने आई समस्याओं और चुनौतियों पर अधिकारियों के साथ विस्तृत चर्चा करते हुए कहा कि इस बार किसी भी तरह की अव्यवस्था नहीं होनी चाहिए। एसपी अभिषेक शिवहरे ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर खुद मैदान में उतरते हुए रामदेवरा कस्बे की प्रमुख गलियों और मंदिर क्षेत्र में ड्रोन और सीसीटीवी निगरानी की संभावनाएं टटोलीं। अधिकारियों से विचार विमर्श कर श्रद्धालुओं को दर्शन के दौरान किसी प्रकार की अव्यवस्था नहीं होने बाबत आवश्यक दिशा निर्देश दिए गए। मेले में जेब कतरे एंव चोरी आदि के कुछ दल सक्रिय हो जाते हैं उनकी धरपकड़ एवं उनके विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई हेतु विशेष दिशा निर्देश दिए गए। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि श्रद्धालुओं को दर्शन में किसी प्रकार की असुविधा नहीं होनी चाहिए, साथ ही ट्रैफिक व्यवस्था, पार्किंग और भीड़ नियंत्रण के लिए भी ठोस रणनीति बनाई जाए। इस मौके पर पुलिस अधीक्षक के साथ सीओ रामदेवरा, थानाधिकारी, सरपंच, ग्राम पंचायत प्रतिनिधि और पुलिस विभाग के अन्य अधिकारी व कर्मचारी मौजूद रहे। पुलिस अधीक्षक ने मेले के दौरान हर संवेदनशील बिंदु पर अतिरिक्त फोर्स तैनात करने और जरूरी पुलिस संसाधनों को सक्रिय रखने के निर्देश दिए।

मिशन अंकुर का दो वर्षीय सफर पूर्ण, प्रदेश में हरियाली अभियान को मिली रफ्तार

प्रारंभिक कक्षाओं में शैक्षिक प्रगति के अनुभवों और उपलब्धियों पर हुई चर्चा भोपाल  मध्यप्रदेश में बुनियादी साक्षरता और संख्‍या ज्ञान के लिए संचालित मिशन अं‍कुर कार्यक्रम के कुशल संचालन के लिए अगस्त-2023 से जिलों में कार्यरत निपुण प्रोफेशनल्स फैलोज़ का विदाई समारोह शुक्रवार को भोपाल के राज्य शिक्षा केन्द्र में आयोजित हुआ। संचालक राज्य शिक्षा केन्द्र हरजिन्‍दर सिंह ने विगत दो वर्षों में एफएलएन फैलोज़ द्वारा जिलों में किये गये कार्यों के लिये धन्यवाद दिया और उनके उज्जवल भविष्य की कामना की। प्रदेश में स्‍कूल शिक्षा विभाग की सहयोगी संस्‍था सेंट्रल स्‍क्‍वायर फांउडेशन के साथ विभाग ने देश दुनिया के उत्‍कृष्‍ट शैक्षिक संस्‍थानों से शिक्षित उर्जावान युवाओं को टीआईएसएस मुंबई के सहयोग से प्रदेश के विभिन्‍न जिलों में मिशन अंकुर के कुशल संचालन के लिए तैनात किया था। इन युवा निपुण प्रोफेशनल्स ने पिछले दो वर्षों में ज़िलों में अधिकारियों तथा शिक्षकों के साथ मिलकर कक्षा 1, 2 और 3 के बच्चों के लिए बुनियादी साक्षरता एवं संख्या ज्ञान को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। निपुण प्रोफेशनल्स का मध्यप्रदेश के ज़िलों में दो वर्षीय कार्यकाल 31 जुलाई 2025 को पूरा हो रहा है। संचालक राज्‍य शिक्षा केन्‍द्र ने इन युवाओं द्वारा प्रदेश के नौनिहालों की शैक्षिक नींव को मजबूती प्रदान करने और किये गये कार्यों के लिये इन्‍हें प्रमाण-पत्र और स्मृति-चिन्ह भेंट किये। कार्यक्रम में 52 जिलों में कार्यरत सभी निपुण प्रोफ़ेशनल्स के साथ ही सहयोगी संस्‍थाओं सेंट्रल स्‍क्‍वायर फाउंडेशन की वरिष्‍ठ परियोजना लीडर सुविशाखा तिवारी और विभिन्न संस्थाओं के प्रतिनिधि मौजूद रहे। कार्यक्रम के प्रारंभ में अपर संचालक राजीव तोमर ने मिशन अंकुर के बारे में जानकारी दी।  

इंसानियत की ड्यूटी पर तैनात जवान: समय पर इलाज दिलाकर बचाई जान

बीजापुर नक्सल प्रभावित इलाकों में तैनात जवान केवल सुरक्षा की ड्यूटी नहीं निभा रहे, बल्कि मानवता की मिसाल भी पेश कर रहे हैं. बीजापुर और तेलंगाना के बॉर्डर पर बसे कर्रेगुट्टा के पटेल पारा से एक ऐसी ही खबर सामने आई है, जिसने सबका दिल जीत लिया. जानकारी के मुताबिक, पटेल पारा के एक ग्रामीण की अचानक तबीयत गंभीर हो गई. हालात बिगड़ते देख परिजन और ग्रामीण घबराए हुए थे. तत्काल ग्रामीणों ने इसकी सूचना पास के सुरक्षा बल के जवानों को दी. जवानों ने बिना देर किए ग्रामीण को चार पहिया वाहन में बैठाया और ट्रैक्टर के माध्यम से कठिन रास्तों से होते हुए अपने कैम्प तक पहुंचाया. वहाँ समय पर इलाज मिलने से ग्रामीण की जान बच गई. अब उस ग्रामीण की हालत पूरी तरह सुरक्षित और स्थिर बताई जा रही है. इस मानवीय पहल के बाद गाँव के लोग जवानों के प्रति आभार जता रहे हैं और कह रहे हैं कि ये सुरक्षाकर्मी केवल नक्सलियों से ही नहीं लड़ते, बल्कि हमारी जिंदगी की रक्षा भी करते हैं.