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राजेन्द्र शुक्ल ने किया अत्याधुनिक एमआरआई मशीन का लोकार्पण, स्वास्थ्य सेवाओं को मिलेगी मजबूती

 रीवा उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने रीवा में सुपर स्पेशलिटी अस्पताल में 13 करोड़ रूपये की लागत की नवीन एमआरआई मशीन का लोकार्पण किया। उन्होंने कहा कि इस अत्याधुनिक मशीन से मरीजों का एमआरआई का परीक्षण बेहतर ढ़ंग से होगा। शुक्ल ने कहा कि सुपर स्पेशलिटी अस्पताल इस क्षेत्र के मरीजों के लिए बड़ी सौगात है। यहां अत्याधुनिक मशीनों से जांच एवं कुशल चिकित्सकों द्वारा गंभीर रोगों का इलाज किया जा रहा है। ल्लेखनीय है कि अस्पताल में आयुष्मान धारक भर्ती मरीजों का नि:शुल्क एमआरआई होगा तथा अन्य मरीजों का परीक्षण शासन द्वारा निर्धारित दर के अनुसार किया जायेगा। उप मुख्यमंत्री ने सुपर स्पेशलिटी अस्पताल के विस्तार भवन एवं निर्माणाधीन नवीन कैथ लैब का निरीक्षण किया। विदित हो कि नवीन कैथ लैब शीघ्र ही प्रारंभ हो जायेगी। शुक्ल ने कैंसर यूनिट निर्माण कार्य का निरीक्षण किया तथा कार्य को गति देने के निर्देश दिये। इस दौरान डीन मेडिकल कालेज डॉ. सुनील अग्रवाल, अधीक्षक सुपर स्पेशलिटी अस्पताल डॉ. अक्षय श्रीवास्तव सहित चिकित्सक उपस्थित रहे।  

गुना जिले में 175.76 करोड़ लागत से 604 विकास कार्यों का किया लोकार्पण एवं भूमि-पूजन: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

पीकेसी के साथ कुंभराज वृहद सिंचाई परियोजना से गुना जिले के खेत होंगे सिंचित : मुख्यमंत्री डॉ. यादव 5138 करोड़ लागत वाली कुंभराज परियोजना से 97500 हेक्टेयर भूमि होगी सिंचित गुना जिले में 175.76 करोड़ लागत से 604 विकास कार्यों का किया लोकार्पण एवं भूमि-पूजन खंडेलवाल की बेटी के लीवर ट्रांसप्लांट के लिए 4 लाख और ममता विश्वकर्मा को 1 लाख रुपए सहायता राशि देने की घोषणा बीनागंज में गौशाला विकास के लिए 12 लाख रुपए देने की घोषणा मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने किया पीकेसी नदी लिंक परियोजना आभार सभा को किया संबोधित मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कुंभराज वृहद सिंचाई परियोजना के लिए प्रधानमंत्री मोदी का माना आभार गुना  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश नदियों का मायका है। हमारे यहां कोई ग्लेशियर नहीं हैं, लेकिन सघन वन और जलराशि उपलब्ध है। प्रदेश का कोई भी गांव, कोई भी खेत पानी से वंचित न रहे इसके लिए हमारी सरकार ने प्रदेश में तीन बड़ी नदी जोड़ो परियोजनाओं पर काम शुरू किया है। पार्वती-कालीसिंध-चंबल नदी जोड़ो परियोजना इन्हीं में से एक है। गुना जिले को पीकेसी के साथ-साथ कुंभराज वृहद सिंचाई परियोजना का भी बड़ा लाभ मिलेगा इससे यहां के गांव-गांव और खेत-खेत तक पानी पहुंचेगा। यह परियोजना गुना जिले की तस्वीर बदल देगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव शुक्रवार को गुना जिले की चाचौड़ा विधानसभा क्षेत्र के बीनागंज में पीकेसी नदी लिंक परियोजना के लिए जिलेवासियों द्वारा आयोजित आभार सभा को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने करीब 5138 करोड़ रूपए की लागत वाली कुंभराज वृहद सिंचाई परियोजना की स्वीकृति पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का आभार व्यक्त किया। इस परियोजना से गुना जिले की 97500 हेक्टेयर से अधिक कृषि भूमि को बारहमासी सिंचाई सुविधा उपलब्ध हो गई है। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने गुना जिले के समग्र विकास के लिए कुल 175.76 करोड़ रूपए की लागत से विभिन्न श्रेणी के 604 विकास कार्यों का लोकार्पण एवं भूमि-पूजन किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंच से ग्राम बीनागंज के राजेश खंडेलवाल की बेटी के लीवर ट्रांसप्लांट के लिए 4 लाख रुपए देने की घोषणा की। बेटी के इलाज के लिए सरकार द्वारा एक लाख रूपए पहले ही दिए जा चुके हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने श्रीमती ममता विश्वकर्मा को 1 लाख रुपए की आर्थिक सहायता प्रदान करने की घोषणा की। मुख्यमंत्री ने बीनागंज में गौशाला के संपूर्ण विकास के लिए 12 लाख रुपए देने की घोषणा की। मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम स्थल पर लगी प्रदर्शनी का भी अवलोकन किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कन्या पूजन एवं दीप प्रज्जवलन कर कार्यक्रम का विधिवत् शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव का भगवान गणेश की गोबर से निर्मित प्रतिमा भेंटकर स्वागत किया गया। क्षेत्रीय बहनों ने श्रावण मास पर मुख्यमंत्री को दो बड़ी राखियां भेंट की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंच से लाड़ली लक्ष्मी योजना, राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन सहित अन्य शासकीय योजनाओं के चिन्हित हितग्राहियों को हितलाभ भी वितरित किए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने चाचौड़ा के दर्शनीय स्थलों पर केंद्रित एक मार्गदर्शिका का भी विमोचन किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में 2003 तक विपक्षी दल की सरकार थी और उस दौर में किसानों को सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी नहीं मिला। तब की सरकार ने किसानों को बूंद-बूंद पानी के लिए तरसाया। उन्होंने कहा कि प्रदेश में सिंचाई का रकबा 55 लाख हेक्टेयर तक पहुंच गया है। गुना के गुलाब और धनिया में यहां के किसानों की कड़ी मेहनत की खुशबू आती है। गुना जिला मालवा और चंबल का दरवाजा है। उन्होंने कहा कि किसी जमाने में चंबल में दस्यु संकट चरम पर था। हमारी सरकार बनने पर डाकुओं का सफाया कर दिया गया। अगर 50 साल पहले दस्यु समस्या का हल निकल जाता, तो इस अंचल का अत्यधिक विकास होता। पार्वती, कालीसिंध और चंबल नदी योजना बाबा महाकाल का आशीर्वाद हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में मध्यप्रदेश में नदी जोड़ो परियोजना का कार्य जारी है। पार्वती-कालीसिंध-चंबल नदी लिंक परियोजना से चंबल और मालवा के 13 जिलों को लाभ मिलेगा इससे राजस्थान के भी 13 जिले लाभान्वित होंगे। विपक्षी दल की सरकारों ने पीकेसी परियोजना का विरोध किया और कई सालों तक अटकाए रखा। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में समस्या का हल निकाला गया। पीकेसी की सहायक कुंभराज वृहद सिंचाई परियोजना से अब गुना जिले की हर तहसील, हर गांव और खेत में सिंचाई जल और पेयजल का लाभ भी मिलेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के मार्गदर्शन में 4 करोड़ गरीबों को पक्का मकान मिल चुका है। प्रधानमंत्री मोदी के पास अपना कोई मकान नहीं, लेकिन वे करोड़ों लोगों के मकान बनवा रहे हैं। गरीब-जरूरतमंदों को आयुष्मान भारत के अलावा नि:शुल्क राशन योजना का लाभ मिल रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सावन का महीना चल रहा है, बहनों को 250 रुपए का शगुन मिलेगा। प्रदेश की लाड़ली बहनों को इसी साल दीपावली से 1500 रुपए हर माह भेजे जाएंगे। लाड़ली बहनें अगर फैक्ट्री में काम करेंगी, तो उन्हें प्रोत्साहन स्वरूप 14 हजार रुपए मेहनताना दिलवाएंगे। युवाओं को भी रोजगार के लिए फैक्ट्री में काम करने पर सरकार 5000 रुपए की प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के तहत हम केन्द्र सरकार के साथ मिलकर पात्र किसानों को कुल 12 हजार रुपए दे रहे हैं, जिसमें 6 हजार रूपये केन्द्र से एवं 6 हजार राज्य सरकार की ओर से दिए जा रहे हैं। किसानों को बिजली बिल से मुक्ति दिलाने के लिए प्रदेश में सोलर पॉवर से चलित सिंचाई पंप बांटे जा रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार विरासतों का हरसंभव तरीके से संरक्षण करते हुए प्रदेश को विकास की धारा से जोड़ रही है। प्रदेश में विकास का क्रम लगातार जारी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में गंभीर घायलों और गरीब जरूरतमंदों को एयर एम्बुलेंस का लाभ मिल रहा है। राहवीर योजना के माध्यम से सड़क दुर्घटना में घायल लोगों की सहायता करने और अस्पताल पहुंचाने पर मदद करने वाले राहवीर को 25 हजार रुपए की प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमारी सरकार ने दूध उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए गौपालकों को अनुदान देने की शुरुआत की है। गौशालाओं … Read more

मध्यप्रदेश में हिन्दी फीचर फिल्म तन्वी द ग्रेट कर मुक्त

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने फीचर फिल्म "तन्वी द ग्रेट" को कर मुक्त करने की घोषणा की थी। इसी क्रम में राज्य शासन ने फिल्म को मध्यप्रदेश में कर मुक्त करने के आदेश जारी किए है। फीचर फिल्म के मध्यप्रदेश में प्रदर्शन की अवधि 25 जुलाई से 23 अगस्त, 2025 तक के लिए मध्यप्रदेश मॉल एवं सेवा कर अधिनियम 2017 के अधीन स्टेट जीएसटी की संपूर्ण राशि की प्रतिपूर्ति करते हुए दर्शकों को छूट मिलेगी। फिल्म का निर्देशन मशहूर फिल्म अभिनेता अनुपम खेर ने किया है। संबंधित सिनेमाघरों और मल्टीप्लेक्स द्वारा स्टेट जीएसटी की राशि को घटाकर दर्शकों को इस फिल्म के टिकट का विक्रय किया जाएगा। इस सेवा प्रदाय पर देय एवं भुगतान किये गये राज्य जीएसटी के अंश के बराबर की राशि की प्रतिपूर्ति राज्य शासन द्वारा सेवा प्रदाता को की जायेगी। फिल्म के प्रदर्शन के लिए संबंधित सिनेमाघरों मल्टीप्लेक्स के प्रचलित सामान्य प्रवेश शुल्क में वृद्धि नहीं की जाएगी। उल्लेखनीय है कि "तन्वी द ग्रेट" 21 वर्षीय तन्वी रैना की कहानी है, जो ऑटिज्म स्पेक्ट्रम डिसऑर्डर से जूझते हुए अपने शहीद पिता के सपने को पूरा करने के लिए भारतीय सेना में शामिल होने का प्रयास करती है। इसकी संवेदनशील कहानी और सामाजिक संदेश को दर्शकों और समीक्षकों से व्यापक सराहना मिली है।  

सिंगरौली के गंभीर रोगी को एम्स भोपाल लाकर की गई जीवन रक्षा पीएमएयर एम्बुलेंस सेवा हुई लाभकारी

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रदेश सरकार ने गरीब और जरूरतमंदों को कष्ट के समय में सहायता के लिए एयर एम्बुलेंस की सौगात दी है। यह सुविधा एक बार फिर लाभकारी सिद्ध हुई है। राज्य सरकार ने सेवा की अपनी प्रतिबद्धता को सिद्ध करते हुए प्रदेश के दूरस्थ और उत्तरप्रदेश की सीमा से लगे सिंगरौली जिले के निवासी संदीप सिंह को किडनी संबंधी गंभीर बीमारी के उपचार के लिए उन्हें पीएम एम्बुलेंस के माध्यम से एयरलिफ्ट करके भोपाल लाया गया और उन्हें बेहतर उपचार के लिए भोपाल एम्स में भर्ती करवाकर जीवन रक्षा की गई है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रशासनिक अधिकारी और चिकित्सक इस सेवा का लाभ गंभीर रोगियों और दुर्घटनाग्रसत नागरिकों को दिलवाने के प्रति सजग रहें। जिन व्यक्तियों को इस सेवा की जरूरत है, उनके परिजन भी इसका लाभ लेने के लिए आगे आएं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में राज्य सरकार गरीबों की मदद के लिए प्रतिबद्ध है। प्रदेश के सभी पात्र हितग्राहियों को आयुष्मान योजना का लाभ भी दिया जा रहा है। मध्यप्रदेश पहला प्रदेश है जहां जरूरतमंद मरीजों को एयर एम्बुलेंस की सुविधा मिलती है। अब तक 17 जिलों के रोगियों को कठिन समय में एयर एम्बुलेंस की सुविधा उपलब्ध करवाई गई है। मुश्किल वक्त में यह सुविधा काफी महंगी होती है और गरीबों को संबल स्वरूप राज्य सरकार ने एयर एम्बुलेंस की सेवा शुरू की है, जिसके अंतर्गत हवाई पट्टी वाले क्षेत्रों में एयर एम्बुलेंस का उपयोग हो रहा है। मरीजों को हेलीकॉप्टर द्वारा एयर लिफ्ट कर अस्पताल पहुंचाया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सिंगरौली जिले के मरीज संदीप सिंह की समय पर मदद करने के लिए प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को बधाई दी है। एयर एम्बुलेंस सेवा: पात्रता एवं स्वीकृति प्रक्रिया पीएम एयर एम्बुलेंस सेवा का उद्देश्य सड़क दुर्घटनाओं, औद्योगिक हादसों एवं प्राकृतिक आपदाओं से पीड़ित मरीजों को त्वरित एवं सुरक्षित चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराना है। यह सेवा राज्य के नागरिकों के लिए एक अत्यंत उपयोगी और जीवन रक्षक सुविधा बन चुकी है। सेवा के अंतर्गत आयुष्मान कार्ड धारकों के लिए राज्य के भीतर एवं बाहर के सरकारी व आयुष्मान सूचीबद्ध अस्पतालों में इलाज के लिए निःशुल्क वायु परिवहन की सुविधा दी जाती है और जिनके पास आयुष्मान कार्ड नहीं है उनको राज्य के भीतर सरकारी अस्पतालों में इलाज के लिए निशुल्क हवाई परिवहन सेवा, और राज्य के बाहर किसी भी अस्पताल में अनुमोदित दरों पर सशुल्क सेवा उपलब्ध कराई जा सकती है। यह सेवा राज्य के सभी जिलों से जिला अस्पतालों के माध्यम से प्राप्त की जा सकती है। नागरिकों को उनके जिले के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी या मेडिकल कॉलेज अधिष्ठाता की अनुशंसा पर जिला कलेक्टर द्वारा राज्य के भीतर निःशुल्क परिवहन की अनुमति दी जाती है। राज्य के बाहर के लिए संचालक चिकित्सा शिक्षा भोपाल तथा सशुल्क मामलों में संचालनालय स्वास्थ्य सेवाएं, भोपाल स्वीकृति प्रदान करते हैं।  

बारिश से फिर बढ़ेगी मुश्किलें: राजस्थान के 11 जिलों में अलर्ट घोषित

जयपुर राजस्थान में एक बार फिर से मानसून की भारी बारिश का अलर्ट जारी हुआ है। मौसम विभाग ने आज प्रदेश के 11 जिलों में भारी बारिश की चेतावनी दी है। पूर्वानुमान जताया गया है कि भारी बारिश का यह दौर 30 जुलाई तक जारी रहेगा। इसके बाद एक अगस्त से फिर से यह चक्र धीमा पड़ सकता है। मौसम विज्ञान केंद्र ,जयपुर के निदेशक राधेश्याम शर्मा ने बताया कि बंगाल की खाड़ी में शुक्रवार को एक कम दबाव का क्षेत्र (लो-प्रेशर एरिया) बना है। इसके और ज्यादा स्ट्रॉन्ग होकर वेलमार्क लो-प्रेशर सिस्टम बनने की संभावना है। यह सिस्टम अब तेजी से पश्चिमी दिशा की तरफ आगे बढ़ेगा। इसके असर से पूर्वी राजस्थान के कुछ भागों में 26 जुलाई से बारिश की गतिविधियों में बढ़ोतरी होगी। 26 से 30 जुलाई के दौरान भारी बारिश का दौर चलेगा। वहीं 27-28 जुलाई के दौरान दक्षिण-पूर्वी जिलों में कहीं-कहीं भारी से अतिभारी बारिश होने की संभावना है। प्रदेश में  27 और 28 जुलाई को अति भारी वर्षा की चेतावनी वाला ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग का कहना है कि अगस्त के पहले सप्ताह मानसून सुस्त रह सकता है। बीते 24 घंटों में मौसम का हाल जोधपुर सहित 7 जिलों में 2 इंच तक बारिश हुई। बीसलपुर और नवनेरा डैम के गेट खोलकर पानी छोड़ा गया। वहीं, बाढ़मेर के बालोतरा में श्मशान में पानी भरने से एक नाबालिग का अंतिम संस्कार नहीं हो सका। स्थानीय लोगों ने शव को सड़क पर रख कर विरोध प्रदर्शन किया। बालोतरा के डोली गांव के श्मशान में पानी भरा होने पर अंतिम संस्कार के लिए भी जगह नहीं बची। करौली के हिंडौन में पिता-पुत्र बाइक सहित नदी में बह गए। इनमें बेटे की मौत हो गई। जुलाई में पहली बार खुले बीसलपुर के गेट बीसलपुर बांध का गुरुवार शाम 4:55 बजे गेट नंबर 10 खोला गया। बीसलपुर बांध का गुरुवार शाम 4:55 बजे गेट नंबर 10 खोला गया। यह पहली बार है कि जब बीसलपुर के गेट जुलाई में ही खोलने पड़ गए हैं। प्रदेश में मानसून के पहले पखवाड़े में औसत से करीब 100 प्रतिशत अधिक वर्षा रिकॉर्ड की गई है। बीसलपुर बांध का गेट 8वीं बार गुरुवार शाम को खोला गया। गेट खोलने से करीब एक घंटे पहले बांध के डाउनस्ट्रीम में युवक डूब गया। उधर, ERCP योजना में बने कोटा के नवनेरा बांध के भी शाम को तीन गेट खोले गए। 

भोपाल की नई उड़ान: केबल ब्रिज को मिली मंजूरी, गडकरी ने दी हरी झंडी

भोपाल  मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में जल्द ही देश का दूसरा सबसे लंबा केबल ब्रिज बनने जा रहा है। यह 17 किलोमीटर लंबा ब्रिज रानी कमलापति रेलवे स्टेशन से राजा भोज एयरपोर्ट तक बनाया जाएगा, जिससे शहरवासियों और यात्रियों को ट्रैफिक जाम से राहत मिलेगी। इस महत्वाकांक्षी परियोजना को केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने मंजूरी दे दी है। 17 किलोमीटर लंबा ब्रिज, बिना जाम के सफर सांसद आलोक शर्मा ने केंद्रीय मंत्री से मुलाकात कर इस प्रोजेक्ट (Bhopal Cable Bridge) की जरूरत को रखा था। उन्होंने बताया कि एयरपोर्ट तक पहुंचने में ट्रैफिक के कारण काफी समय बर्बाद होता है, जिसे ध्यान में रखते हुए यह ब्रिज शहर की एक बड़ी ज़रूरत बन चुका है। नितिन गडकरी ने इस 17 किमी लंबे केबल ब्रिज को ‘अत्यंत आवश्यक’ मानते हुए इस पर सहमति दे दी है। पहला प्रोजेक्ट: रानी कमलापति स्टेशन से एयरपोर्ट तक 17 किमी केबल ब्रिज: इस मेगा प्रोजेक्ट के तहत राजधानी को एयरपोर्ट से जोडऩे के लिए 17 किलोमीटर लंबा केबल ब्रिज बनाया जाएगा, जिसमें 2 किलोमीटर का हिस्सा बड़े तालाब क्षेत्र से होकर एलीवेटेड ब्रिज के रूप में गुजरेगा। मौजूदा समय में एयरपोर्ट तक पहुंचने में लगने वाली देरी और ट्रैफिक जाम की समस्या को देखते हुए यह ब्रिज शहर की जरूरत बन गया है। नितिन गडकरी ने इस प्रस्ताव को ‘भोपाल के लिए व्यावहारिक और समय की मांग’ बताते हुए स्वीकृति दी। दूसरा प्रस्ताव करोंद से बैरसिया के बीच 35 किलोमीटर सड़क को फोरलेन में तब्दील करना: इस प्रस्ताव में पीएम गति शक्ति योजना के तहत स्वीकृति दी गई है। यह सड़क एनएच-146 को एनएच-346 से जोड़ेगी, जिससे राजधानी और ग्रामीण क्षेत्रों के बीच सुगम यातायात सुनिश्चित होगा। भोपाल सांसद आलोक शर्मा ने कहा कि ‘यह दोनों प्रोजेक्ट सिर्फ इन्फ्रास्ट्रक्चर अपग्रेड नहीं हैं, बल्कि राजधानी की भावी संरचना का आधार तैयार करेंगे।’ अब निगाहें इन प्रस्तावों की डीपीआर और निर्माण प्रक्रिया की ओर हैं, जिनकी औपचारिक शुरुआत जल्द होने की संभावना है।  बड़ा तालाब पर भी बनेगा 2 किमी एलीवेटेड ब्रिज केबल ब्रिज (Bhopal Cable Bridge) के अलावा भोपाल के बड़ा तालाब क्षेत्र में 2 किलोमीटर लंबा एलीवेटेड ब्रिज बनाने का प्रस्ताव भी सांसद ने रखा, जिस पर केंद्रीय मंत्री ने सकारात्मक रुख दिखाते हुए मंजूरी दे दी है। यह ब्रिज न केवल ट्रैफिक का दबाव कम करेगा, बल्कि पर्यटन और परिवहन को भी बढ़ावा देगा। फोरलेन रोड से राजधानी को नई रफ्तार सांसद आलोक शर्मा ने एक और बड़ी मांग के तहत भोपाल (Bhopal Cable Bridge) के करोंद से बैरसिया तक सड़क को फोरलेन करने का प्रस्ताव रखा। यह 35 किलोमीटर लंबी सड़क राष्ट्रीय राजमार्ग 146 को NH-346 से जोड़ेगी और इसे प्रधानमंत्री गति शक्ति योजना के तहत स्वीकृति मिल गई है। यातायात से राहत, सफर में सुविधा इन सभी परियोजनाओं (Bhopal Cable Bridge) के पूरा होने के बाद भोपालवासियों को ट्रैफिक जाम की समस्या से बड़ी राहत मिलेगी। साथ ही, रेलवे स्टेशन से एयरपोर्ट पहुंचने में लगने वाला समय भी काफी कम हो जाएगा। यह ब्रिज राजधानी के इन्फ्रास्ट्रक्चर को नया आयाम देगा और शहर की स्मार्ट सिटी योजनाओं में गति लाएगा।  

खेल प्रतिभाओं की पहचान अब आसान:खेलों को बढ़ावा देने के लिये 180 नोडल खेल केन्द्र

भोपाल स्कूल शिक्षा विभाग ने एजुकेशन पोर्टल की तर्ज पर स्पोर्टस् मैनेजमेंट सिस्टम तैयार किया है। डिजिटल प्लेटफार्म के माध्यम से विभाग की खेलकूद शाखा की गतिविधियों, प्रतियोगिता के आयोजन और उससे संबंधित पत्राचार को पेपरलेस कर दिया गया है। इस प्रकिया के चलते खेलों से जुड़ी प्रक्रिया को पारदर्शी बनाया गया है। शिक्षा विभाग के अंतर्गत मान्यता प्राप्त एमपी बोर्ड के विद्यालय, सीबीएसई के ऐसे स्कूल जो स्कूल गेम्स फेडरेशन ऑफ इंडिया के और स्कूल शिक्षा विभाग के तत्वावधान में आयोजित विभिन्न खेलों की प्रतियोगिता में शामिल होना चाहते हैं वे इस पोर्टल पर निश्चित पंजीयन शुल्क के साथ आवश्यक अभिलेख अपलोड करते हुए पंजीयन करा सकते हैं। पंजीयन 14 से 19 वर्ष से कम आयु वर्ग की प्रतियोगिताओं के लिये एक ही बार कराना होगा। स्पोर्टस् मैनेजमेंट सिस्टम में प्रति वर्ष आवश्यकतानुसार अपग्रेड किये जाने की सुविधा प्रदाय की गई है। विद्यालय में अध्ययनरत नियमित खिलाड़ियों की दर्ज संख्या के मान से क्रीड़ा शुल्क का संकलन इसी पोर्टल के माध्यम से किये जाने की सुविधा दी गई है जो स्वत: ही संचालनालय, संयुक्त संचालक, संभाग एवं जिला शिक्षा अधिकारी के खाते में शासन द्वारा निर्धारित प्रतिशत के अनुसार अंतरित हो जाता है। यह व्यवस्था खेलों में निष्पक्षता, पारदर्शिता और खिलाड़ियों की आयु के बारे में प्रमाणीकरण के साथ अपात्र खिलाड़ी को किसी भी स्तर पर प्रतियोगिता में शामिल होने से रोकता है। 180 नोडल खेल विद्यालय प्रशिक्षण केन्द्र सरकारी स्कूलों में विद्यार्थियों को उच्च स्तर की खेल सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिये प्रदेश में स्थित शासकीय विद्यालयों में 180 नोडल खेल केन्द्रों की स्थापना की गई है। इन केन्द्रों के माध्यम से खेल अधोसंरचना के साथ उत्कृष्ट स्तर की खेल सामग्री खेल प्रशिक्षण की सुविधा उपलब्ध कराई गई है। पिछले वर्ष 500 खिलाड़ियों ने राज्य और संभाग स्तरीय प्रतियोगिता में सहभगिता की और इसमें 600 पदक प्राप्त किये। राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में भी प्रदेश के खिलाड़ियों का प्रदर्शन उत्कृष्ट रहा है।  

वैष्णो देवी यात्रा के लिए राहत: जबलपुर-कटरा स्पेशल ट्रेन का शेड्यूल जारी

जबलपुर अमरनाथ व वैष्णो देवी के दर्शन की योजना बना रहे श्रद्धालुओं के लिए राहत भरी खबर है। पश्चिम मध्य रेलवे ने यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए जबलपुर से श्री माता वैष्णो देवी कटरा के बीच अगस्त महीने में विशेष ट्रेन चलाने का निर्णय लिया है। यह ट्रेन सीमित दो फेरों के लिए चलाई जाएगी, जिससे यात्रियों को अधिक सुविधा और सीधा कनेक्शन मिलेगा। स्पेशल ट्रेन का संचालन – तारीख और समय रेलवे के अनुसार, यह ट्रेन 01707 और 01708 नंबर से संचालित होगी। ट्रेन नंबर 01707 – जबलपुर से 4 अगस्त और 11 अगस्त को रवाना होगी। ट्रेन सुबह 5:25 बजे जबलपुर से चलेगी और अगले दिन शाम 6:00 बजे श्री माता वैष्णो देवी कटरा स्टेशन पहुंचेगी। रास्ते में यहां प्रमुख ठहराव होंगे-     कटनी मुड़वारा – सुबह 6:45 बजे     दमोह – 8:10 बजे     सागर – 9:15 बजे झांसी, ग्वालियर, मुरैना आदि रास्तों से होकर ट्रेन कटरा पहुंचेगी। ट्रेन नंबर 01708 – वापसी में 5 अगस्त और 12 अगस्त को कटरा से रात 9:15 बजे प्रस्थान करेगी और तीसरे दिन सुबह 9:35 बजे जबलपुर पहुंचेगी। वापसी मार्ग में यहां प्रमुख ठहराव होंगे-     सागर – तड़के 3:30 बजे     दमोह – 4:50 बजे     कटनी मुड़वारा – 7:15 बजे 25 जुलाई से शुरू होगा आरक्षण इस ट्रेन में यात्रा करने के लिए टिकटों का आरक्षण 25 जुलाई से शुरू होगा। यात्रियों को सलाह दी जाती है कि वे समय रहते बुकिंग कर लें क्योंकि सीमित फेरे होने के कारण सीटें जल्दी भर सकती हैं।

भोपाल: होम्योपैथिक कॉलेज में पोस्ट ग्रेजुएट स्टडी को मिली हरी झंडी

भोपाल  स्वास्थ्य सेवाओं में गुणवत्ता और विशेषज्ञता बढ़ाने की दिशा में एक अहम कदम उठाते हुए केंद्रीय आयुष मंत्रालय ने शासकीय होम्योपैथिक चिकित्सा महाविद्यालय एवं चिकित्सालय, भोपाल को दो नए स्नातकोत्तर (पीजी) कोर्स शुरू करने की मंजूरी दे दी है। अब यह महाविद्यालय त्वचा रोग (डर्मेटोलॉजी) और कम्युनिटी मेडिसिन जैसे दो अत्यंत महत्वपूर्ण विषयों में भी पीजी डिग्री प्रदान करेगा। यह दोनों कोर्स शैक्षणिक सत्र 2025-26 से शुरू होंगे। फिलहाल महाविद्यालय में सात विषयों — प्रैक्टिस ऑफ मेडिसिन, पीडियाट्रिक, साइकियाट्रिक, फार्मेसी, मेडिसिन और रेस्पिरेटरी में पीजी कोर्स संचालित हो रहे हैं। नए कोर्स जुड़ने से यह संख्या नौ हो जाएगी। अस्पताल की अधीक्षक डॉ. सुनीता तोमर ने जानकारी दी कि वर्तमान समय में प्रदूषण, अस्वस्थ खान-पान और निष्क्रिय जीवनशैली के चलते त्वचा रोगों में तेजी से वृद्धि हो रही है। इसी तरह जनस्वास्थ्य की चुनौतियों, नई बीमारियों की रोकथाम और स्वास्थ्य जागरूकता के लिए कम्युनिटी मेडिसिन विशेषज्ञों की मांग भी तेजी से बढ़ी है। इस निर्णय से न केवल विशेषज्ञ चिकित्सकों की संख्या बढ़ेगी, बल्कि आमजन को बेहतर होम्योपैथिक इलाज भी मिल सकेगा। साथ ही यह कदम प्रदेश में जनस्वास्थ्य व्यवस्था को सशक्त करने में भी सहायक होगा। फार्मेसी छात्रों के लिए डिजीलाकर जरूरी, घर बैठे होगा रजिस्ट्रेशन मध्य प्रदेश में बी-फार्मा और एम-फार्मा करने वाले छात्रों के लिए अब रजिस्ट्रेशन से पहले डिजीलाकर पर खाता बनाना अनिवार्य कर दिया गया है। फार्मेसी काउंसिल की रजिस्ट्रार भव्या त्रिपाठी के अनुसार जल्द ही पंजीयन की प्रक्रिया एक विशेष डिजिटल सॉफ्टवेयर के माध्यम से शुरू की जाएगी, जिससे छात्रों को दस्तावेजों के सत्यापन के लिए बार-बार भोपाल नहीं आना पड़ेगा। इस सॉफ्टवेयर के माध्यम से छात्रों के स्थानीय निवासी प्रमाण पत्र, 10वीं-12वीं की मार्कशीट, डिग्री/डिप्लोमा, फोटो व अन्य जरूरी दस्तावेजों का समग्र आईडी और डिजीलाकर के जरिए स्वतः सत्यापन किया जाएगा। अब तक यह प्रक्रिया मैन्युअल थी, जिससे रजिस्ट्रेशन में देरी हो रही थी और लगभग 10,500 आवेदन पेंडिंग हो गए थे। अधिकारियों के मुताबिक लगभग 70 प्रतिशत आवेदन फार्म में गलतियां पाई गईं। सबसे ज्यादा गलती अंग्रेजी में नाम, पिता/पति का नाम और जन्मतिथि में हुई। इन समस्याओं से निपटने के लिए अब फार्मेसी काउंसिल पूरी प्रक्रिया को डिजिटल कर रही है, जिससे छात्र घर बैठे आवेदन और वेरिफिकेशन कर सकेंगे। रजिस्ट्रेशन फीस नहीं ली जाएगी नई प्रक्रिया के तहत जब तक दस्तावेजों का वेरिफिकेशन पूरा नहीं होगा, तब तक रजिस्ट्रेशन फीस नहीं ली जाएगी। इससे पहले एमपी ऑनलाइन के माध्यम से पहले फीस ली जाती थी, बाद में वेरिफिकेशन होता था। अब ऐसा नहीं होगा। रजिस्ट्रार के मुताबिक, मई तक 10,500 आवेदन लंबित थे। नई व्यवस्था लागू होने के बाद अब तक करीब 2,500 छात्रों का रजिस्ट्रेशन पूरा हो चुका है, जबकि लगभग 7,500 आवेदन अभी भी पेंडिंग हैं। इनमें से 4,000 आवेदनों को दस्तावेजों की गलतियों के कारण लौटा दिया गया है। छात्रों को इन फार्मों के लिए नई प्रक्रिया के अनुसार दोबारा आवेदन करना होगा।

Regional Tourism Conclave का मुख्यमंत्री करेंगे उद्घाटन, अभिनेता मुकेश तिवारी व अभिनेत्री सान्विका सिंह भी शामिल होंगी

 रीवा  मध्य प्रदेश सरकार विंध्य के औद्योगिक विकास के लिए शनिवार को रीवा में रीजनल टूरिज्म कॉन्क्लेव करने जा रही है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव पर्यटन व्यवसायियों, टूर ऑपरेटर्स और होटल इंडस्ट्री के बीच सहयोग और साझेदारी को बढ़ावा देने के उद्देश्य से रीवा में दो दिवसीय रीजनल टूरिज्म कॉन्क्लेव का कृष्णा राज कपूर ऑडिटोरियम में शनिवार को उद्घाटन करेंगे। कॉन्क्लेव में उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल और पर्यटन, संस्कृति और धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) धर्मेंद्र सिंह लोधी भी उपस्थित रहेंगे। प्रसिद्ध अभिनेता मुकेश तिवारी और पंचायत वेब सीरीज की अभिनेत्री सान्विका सिंह कॉन्क्लेव में विशेष रूप से उपस्थित रहेंगे। निवेशकों को सम्मानित किया जाएगा पर्यटन एवं संस्कृति विभाग के प्रमुख सचिव शिव शेखर शुक्ला ने बताया कि कॉन्क्लेव में मध्य प्रदेश में आतिथ्य क्षेत्र के निवेशकों को सम्मानित भी किया जाएगा। मध्य प्रदेश टूरिज्म बोर्ड द्वारा अक्टूबर माह में भोपाल में आयोजित होने वाले मध्य प्रदेश ट्रेवल मार्ट की पूर्व तैयारियों के दृष्टिगत यह रीजनल टूरिज्म कॉन्क्लेव आयोजित की जा रही है। इसी कड़ी में ग्वालियर में अगस्त एवं इंदौर में सितंबर में रीजनल टूरिज्म कॉन्क्लेव का आयोजन होगा। आईआरसीटीसी पोर्टल पर पीएम श्री पर्यटन वायु सेवा बुकिंग पोर्टल का शुभारंभ होमस्टे ऑनलाइन बुकिंग पोर्टल का लोकार्पण मेक माय ट्रिप के साथ एमओयू चित्रकूट घाट में स्पिरिचुअल एक्सपीरियंस परियोजना की आधारशिला का वर्चुअल शिलान्यास होगा। शहडोल में एफसीआई (फैसिलिटेशन सेंटर फार टूरिस्ट्स) का उद्घाटन किया जाएगा। मंडला, डिंडोरी, सिंगरौली, सीधी और सिवनी में कला एवं शिल्प केंद्रों की स्थापना के लिए एजेंसियों के साथ और इंफ्लुएंसर मार्केटिंग एजेंसियों मेसर्स बारकोड एक्सपीरिएंशल एवं मेसर्स क्यूयुकी डिजिटल के साथ अनुबंध होंगे। वन्यजीव, धरोहर और ग्रामीण पर्यटन की संभावनाओं पर मंथन किया जाएगा। वन पथों से विरासत की कहानियों तक रीवा का पर्यटन पुनर्जागरण मध्य प्रदेश में समग्र पर्यटन अनुभव का निर्माण और मध्य प्रदेश में पर्यटन, फिल्म और आतिथ्य क्षेत्र में निवेश प्रोत्साहन के अवसर विषय पर सत्र होंगे। कॉन्क्लेव में ट्रेवल ऑपरेटर्स, होटल व्यवसायियों और टूरिज़्म स्टेकहोल्डर्स के बीच द्विपक्षीय संवाद और पर्यटन क्षेत्र में निवेश की संभावनाओं पर चर्चा होगी। यह सत्र क्षेत्रीय पर्यटन के विकास के लिए बल्कि राष्ट्रीय पर्यटन समृद्धि के दृष्टिकोण से भी महत्वपूर्ण सिद्ध होगा। कॉन्क्लेव के समापन अवसर पर चयनित अतिथियों एवं प्रतिनिधियों के लिए फैमिलियाराइज़ेशन टूर (फेम टूर) का आयोजन किया जाएगा, जिसका उद्देश्य रीवा एवं आसपास के पर्यटन स्थलों की संभावनाओं से प्रतिभागियों को प्रत्यक्ष रूप से परिचित कराना है।