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शासकीय कन्या महाविद्यालय सिवनी मालवा में एक पेड़ मां के नाम योजना के अंतर्गत पौधे वितरित किये

सिवनी मालवा  शासकीय कन्या  महाविद्यालय सिवनी मालवा में हरियाली अमावश्या के अवसर पर महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ उमेश कुमार धुर्वे के मार्गदर्शन में पर्यावरण शिक्षण कार्यक्रम  "एक पेड़ मां के नाम" कार्यक्रम योजना अंतर्गत  इको क्लब  द्वारा  छात्राओं को पौधे वितरित किये गये एवं महाविद्यालय परिसर मे पौधरोपण का कार्यक्रम किया गया। कार्यक्रम के दौरान प्राचार्य डॉ उमेश कुमार धुर्वे ने कहा कि इस अभियान का उद्देश्य न केवल पर्यावरण की रक्षा करना है।  बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए एक स्वच्छ और हरा-भरा भविष्य सुनिश्चित करना भी है। इको क्लब प्रभारी डॉ सतीश बालापुरे ने कहा की हमारा उद्देश्य छात्राओं और समुदाय को पर्यावरण के प्रति जागरूक करना और उन्हें सक्रिय रूप से भाग लेने के लिए प्रेरित करना है। इस प्रकार के कार्यक्रमों से न केवल जागरूकता बढ़ती है, बल्कि लोगों को पर्यावरण संरक्षण के लिए एकजुट होने का मौका भी मिलता है। इस अवसर पर खेल एवं युवा कल्याण विभाग, सोनी मालवा  के श्री नारायण बाबरिया भी उपस्तिथ रहे।   वृक्षा रोपण अभियान  के इको क्लब  सह प्रभारी  डॉ मनीष दीक्षित एवं  डॉ रजनीकांत वर्मा  ने पर्यावरण संरक्षण और वृक्षारोपण के महत्व पर अपने विचार साझा किए और इसे एक वार्षिक परंपरा बनाने का संकल्प लिया। इस अवसर पर छात्रों के साथ-साथ महाविद्यालय स्टाफ के श्री रजनीश जाटव, श्री मनोज प्रजापरी, डॉ राकेश निरापुरे, डॉ गजेंद्र,  कु. आकांक्षा पांडे, डॉ पदम शर्मा प्रवीण साहू, कु सुदर्शना राज, डॉ दुर्गा मीना एवं महाविद्यालय इको क्लब इकाई की छात्राएं एवं समस्त स्टॉफ उपस्थित रहा।  

नई गाइडलाइन से बदलेगा सामाजिक ढांचा: धर्मांतरण और फिजूल खर्च पर कड़ा रुख

वाराणसी काशी विद्वत परिषद ने हिंदू परंपराओं और सामाजिक व्यवहार में सुधार के लिए एक नई हिंदू आचार संहिता जारी की है। 400 पन्नों के इस दस्तावेज को देश भर के विद्वानों, शंकराचार्यों, महामंडलेश्वरों और संतों के साथ लंबे विचार-विमर्श के बाद तैयार किया गया है। नई संहिता में दहेज पर पूर्ण प्रतिबंध, शादियों में फिजूलखर्ची पर रोक और दिन में वैदिक तरीके से विवाह करने की सलाह दी गई है। ब्रह्मभोज में शामिल होंगे केवल 13 लोग अंतिम संस्कार के बाद होने वाले भोज में केवल 13 लोगों को शामिल करने की सीमा तय की गई है। इसके साथ ही प्री-वेडिंग शूट और सगाई जैसी आधुनिक प्रथाओं को भी हतोत्साहित किया गया है। संहिता में हिंदू धर्म में वापसी की प्रक्रिया को सरल बनाया गया है। जिन लोगों ने किसी दबाव में धर्म परिवर्तन कर लिया था, वे लोग अपने गोत्र और नाम सहित हिंदू धर्म में वापस लौट सकेंगे। इसके साथ ही मंदिरों की पवित्रता बनाए रखने के लिए मंदिरों के गर्भगृह में केवल पुजारियों और संतों के प्रवेश की अनुमति होगी। अक्तूबर 2025 में आधिकारिक तौर पर होगी लागू काशी विद्वत परिषद के महासचिव राम नारायण द्विवेदी ने बताया कि इस संहिता को 70 विद्वानों द्वारा विकसित किया गया है। ये विद्वान 11 टीमों और तीन उप-टीमों में विभाजित थे। प्रत्येक टीम में उत्तरी और दक्षिणी भारत के पांच विद्वान शामिल थे। संहिता को अंतिम रूप देने के लिए 40 से ज्यादा बैठकें आयोजित की गईं। उन्होंने बताया कि इस संहिता की 5 लाख प्रतियां पूरे देश में बांटी जाएंगी। इस संहिता को तैयार करने में मनुस्मृति, पराशर स्मृति, देवल स्मृति के साथ-साथ गीता, रामायण, महाभारत और पुराणों के अंशों को शामिल किया गया है। अक्टूबर 2025 में शंकराचार्यों, रामानुजाचार्यों और प्रमुख संतों की स्वीकृति के बाद इस संहिता को आधिकारिक तौर पर लागू किया जाएगा।

उत्तर प्रदेश में कृषि श्रमिकों को मिलेगा नियमित भत्ता, सरकार देगी ₹6552 प्रति माह

लखनऊ  उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने कृषि श्रमिकों को लेकर ऐतिहासिक फैसला लिया है. राज्य सरकार ने कृषि से जुड़े श्रमिकों की न्यूनतम मजदूरी दरों में बढ़ोतरी की है, जिससे लाखों परिवारों को सीधा लाभ मिलेगा. अब कृषि श्रमिकों को प्रतिदिन 252 रुपये या मासिक 6552 रुपये का वेतन मिलेगा. सरकार के इस फैसले की खास बात यह है कि अब पशुपालन, मधुमक्खी पालन, मशरूम उत्पादन जैसे कार्यों को भी कृषि श्रम की कैटेगरी में रखा गया है. इससे ऐसे श्रमिकों को भी न्यूनतम मजदूरी के तहत सुरक्षा और लाभ मिल सकेगा, जो पहले असंगठित क्षेत्र में आते थे. मजदूरी का भुगतान अब सिर्फ कैश तक सीमित नहीं रहेगा. सरकार ने डिजिटल लेनदेन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से डिजिटल माध्यम में भी मजदूरी भुगतान करने का फैसला लिया है. इससे लेनदेन पारदर्शी होगा और श्रमिकों को समय पर मजदूरी मिल सकेगी. अब श्रमिकों को प्रति घंटे के हिसाब से भी न्यूनतम मजदूरी दी जाएगी. यह व्यवस्था खास तौर से उन लोगों के लिए लाभकारी है, जो पूरे दिन की बजाय कुछ घंटों के लिए काम करते हैं. सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि जो श्रमिक पहले से इस नई दर से अधिक मजदूरी पा रहे हैं, उन्हें उनका पुराना लाभ मिलता रहेगा. ग्रामीण अर्थव्यवस्था और आत्मनिर्भरता को मिलेगा बल सरकार का मानना है कि इस ऐतिहासिक फैसले से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी. सरकार ने इसे सिर्फ आर्थिक निर्णय नहीं, बल्कि श्रमिकों को सम्मान और आत्मनिर्भरता की ओर अग्रसर करने वाला कदम बताया है. प्रदेशभर में सभी प्रकार की खेती, बागवानी, सिंचाई, फसल कटाई और कृषि सहायक कार्यों पर ये नई मजदूरी दरें लागू होंगी. माना जा रहा है कि यह फैसला श्रमिकों के कल्याण की दिशा में एक मील का पत्थर साबित होगा.

तालाब की ज़मीन पर करोड़ों की डील! 100 साल पुराने जलस्रोत को बनाया कृषि भूमि

  महासमुंद बिरकोनी के ग्रामीणों के सार्वजनिक निस्तारी और सिंचाई के लिए 100 साल पुराने 4 एकड़ से ज्यादा में फैला चुहरी तालाब को कृषि भूमि बताकर फर्जी तरीके से मनोरमा इंडस्ट्री को बेचने का मामला सामने आया है. मनोरमा इंडस्ट्री ने तालाब को कृषि भूमि दर्शाकर एक झूठ के सहारे शासन से करीब 58 लाख रुपये स्टांप ड्यूटी में छूट भी हासिल की है. मनोरमा इंडस्ट्री ने जिन 6 खसरे की जमीन को उद्योग के उपयोग के लिए रजिस्ट्री कराया है उनमें से एक खसरा नंबर तालाब का है. और इस पूरे फर्जीवाड़ा में तहसीलदार, पटवारी, जमीन दलाल और जमीन बेचने वालों पर अहम भूमिका निभाने का आरोप है. अब इस तालाब को इंडस्ट्री द्वारा पाटा जा रहा है. ग्राम पंचायत बिरकोनी के इंडस्ट्रियल एरिया में संचालित मनोरमा इंडस्ट्री लिमिटेड के ओमनगर खमतराई रायपुर निवासी डायरेक्टर गौतम कुमार पाल ने प्लांट के ठीक पीछे पटवारी हल्का नंबर 33 में स्थित खसरा नंबर 2613, 2615, 2617, 2623 और 2626 रकबा 7. 86 हेक्टेयर, 19 एकड़ 65 डिसमिल जमीन 30 जून 2025 को बिरकोनी निवासी दिनबंधु पिता मनराखन चंद्राकर, तुकाराम पिता बाबूलाल चंद्राकर और अशोक पिता छबिराम चंद्राकर से 8 करोड़ 80 लाख 51 हजार 911 रुपये में कृषि भूमि बताकर खरीदा है. इस रजिस्ट्री में 100 साल पुरानी चुहरी तालाब का कही भी उल्लेख नही किया गया है. मनोरमा इंडस्ट्री के डायरेक्टर ने बिक्रय -विलेख के साथ 6 कृषि भूमि की तस्वीर को लगाकर उप पंजीयक के समक्ष पेश किया है लेकिन उन 6 तस्वीरों में से चुहरी तालाब की तस्वीर नही थी. इसके अलावा 1955-56 के अधिकार अभिलेख पंजी में दर्ज खसरा नंबर 1220 है, जो रि – नंबरिंग के बाद वर्तमान में खसरा नंबर 2613 है, जिसका रकबा 1.90 हेक्टेयर यानी 4 एकड़ 75 डिसमिल है. अधिकार अभिलेख पंजी में पानी के नीचे भूमि को निस्तारी के लिए चुहरी तालाब उल्लेख किया गया है. मनोरमा इंडस्ट्री ने इन जमीनों को खरीदने के लिए छत्तीसगढ़ शासन के उद्योग संचालनालय से 25 जून 2025 को बकायदा स्टांप शुल्क छूट प्रमाण पत्र भी लिया है. जिसके आधार पर मनोरमा इंडस्ट्री को स्टांप शुल्क में करीब 58 लाख 11 हजार 426 रुपये की छूट दिया गया है. एक झूठ के सहारे 58 लाख की ली छूट मनोरमा इंडस्ट्री लिमिटेड प्रबंधन ने झूठी जानकारी देकर बिरकोनी के खसरा नंबर 2013 रकबा 1.90 हेक्टेयर पर सौ साल पुरानी चुहरी तालाब की अस्तित्व को मिटाने के लिए शासन से ही स्टांप ड्यूटी में छूट लिया है. शासन द्वारा उद्योग के विकास के लिए रजिस्ट्री में छूट देने का प्रबंधन किया गया है. लेकिन सवाल है कि क्या अब शासन ही उद्योग को पुरानी सरोवर को पाटने के लिए छूट प्रदान कर रहे हैं? एक तरफ शासन -प्रशासन गिरते भूजल स्तर को बचाने के लिए लोगों के घरों, ऑफिस और भवनों में रैन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम बनाने के लिए जागरूक कर रहा है. तो दूसरी ओर मनोरमा इंडस्ट्री जैसे उद्योग शासन से छूट का फायदा उठाकर 100 साल पुराने तालाब का नामोनिशान मिटा रहे हैं. तालाब की धार्मिक महत्व सदियों पुरानी बिरकोन के चुहरी तालाब से धार्मिक आस्था भी जुड़ी हुई है. बिरकोनी की चंडी माता मंदिर में होने वाले धार्मिक अनुष्ठान में चुहरी तालाब की महत्वपूर्ण भूमिका रहती है. यहां के बड़े बुजुर्ग बताते हैं कि, नवरात्रि में दूर दराज से श्रद्धालु यहां आते हैं. उनके लिए तालाब निस्तारी में उपयोग किया जाता है और नवरात्रि पर्व के बाद जवारा विसर्जन इसी तालाब में किया जाता है. हालांकि, गांव के अंदरूनी हिस्से में तालाब बन चुका है लेकिन चुहरी तालाब की धार्मिक महत्व सदियों से चली आ रही है. इस संबंध में मनोरमा इंडस्ट्री के मनसूर अली अहमद से संपर्क किया गया. उन्होंने जमीन क्रेता और मनोरमा इंडस्ट्री के डायरेक्टर गौतम कुमार पाल का नंबर देने से इंकार करते हुए सभी दस्तावेज सही होना बताया.

समारोह : मानिकपुरी पनिका समाज द्वारा बी डी महंत की स्मृति में समारोह

बिलासपुर  मानिकपुरी पनिका समाज द्वारा  हरेली के अवसर पर चैतुरगढ़ के महिषासुरमर्दिनी माता के परिसर में मध्य प्रदेश और भारत सरकार  की राजनीति में दखल देने वाले पनिका समाज के प्रेरणास्रोत बाबू बिसाहू दास महंत को उनकी 47वीं पुण्य तिथि पर श्रद्धांजलि दी।साथ ही उनकी स्मृति में बेल,नीम,बड़गद,पीपल के पौधे लगाकर   समाज हित में उनसे प्रेरणा लेकर आगे बढ़ने का संकल्प लिया।बहुप्रतीक्षित अनुसूचित जनजाति की मांग को   कोरबा जिला के पनिका समाज ने उठाते हुए  पुनः नया संगठन की अगुवानी में आगे बढ़ने का संकल्प लिया।  भरतदास मानिकपुरी अध्यक्ष, नन्हीदास महंत  महासचिव, गोपालदास   पड़वार,कोषाध्यक्ष, गोरे   महंत सचिव, मनोज  मानिकपुरी,प्रदेश प्रवक्ता, निर्वाचन अधिकारी घनश्याम दास, पाली ब्लॉक के समाज अध्यक्ष कंवल दास रंगोले, लाफा सोसाइटी समाज प्रमुख  पीला दास महंत,बगदरा निवासी संतोष दास महंत, मानिकदास,सहित  भारतीय मानिकपुरी पनिका समाज के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष,डॉक्टर देवधर महंत,साहित्यकार एवं अधिवक्ता उच्च न्यायालय बिलासपुर,डॉक्टर फूल दास महंत पनिका समाज महासमिति राष्ट्रीय संगठन नई दिल्ली अर्जुनदास , हरिहर दास, कोटा से भरतदास, शम्भुदास , पुरुषोत्तम दास, मयादास, मोहर दास ,  एवं महिला आमीन माता समिति, नवयुवकप्रदेश अध्यक्ष भावी रवि के साथ सैकड़ों लोग इस कार्यक्रम में स्वप्रेरित उपस्थित हुए।  

समारोह : मानिकपुरी पनिका समाज द्वारा बी डी महंत की स्मृति में समारोह

बिलासपुर  मानिकपुरी पनिका समाज द्वारा  हरेली के अवसर पर चैतुरगढ़ के महिषासुरमर्दिनी माता के परिसर में मध्य प्रदेश और भारत सरकार  की राजनीति में दखल देने वाले पनिका समाज के प्रेरणास्रोत बाबू बिसाहू दास महंत को उनकी 47वीं पुण्य तिथि पर श्रद्धांजलि दी।साथ ही उनकी स्मृति में बेल,नीम,बड़गद,पीपल के पौधे लगाकर   समाज हित में उनसे प्रेरणा लेकर आगे बढ़ने का संकल्प लिया।बहुप्रतीक्षित अनुसूचित जनजाति की मांग को   कोरबा जिला के पनिका समाज ने उठाते हुए  पुनः नया संगठन की अगुवानी में आगे बढ़ने का संकल्प लिया।  भरतदास मानिकपुरी अध्यक्ष, नन्हीदास महंत  महासचिव, गोपालदास   पड़वार,कोषाध्यक्ष, गोरे   महंत सचिव, मनोज  मानिकपुरी,प्रदेश प्रवक्ता, निर्वाचन अधिकारी घनश्याम दास, पाली ब्लॉक के समाज अध्यक्ष कंवल दास रंगोले, लाफा सोसाइटी समाज प्रमुख  पीला दास महंत,बगदरा निवासी संतोष दास महंत, मानिकदास,सहित  भारतीय मानिकपुरी पनिका समाज के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष,डॉक्टर देवधर महंत,साहित्यकार एवं अधिवक्ता उच्च न्यायालय बिलासपुर,डॉक्टर फूल दास महंत पनिका समाज महासमिति राष्ट्रीय संगठन नई दिल्ली अर्जुनदास , हरिहर दास, कोटा से भरतदास, शम्भुदास , पुरुषोत्तम दास, मयादास, मोहर दास ,  एवं महिला आमीन माता समिति, नवयुवकप्रदेश अध्यक्ष भावी रवि के साथ सैकड़ों लोग इस कार्यक्रम में स्वप्रेरित उपस्थित हुए।  

कन्या हायर सेकेंडरी में विधायक ने वितरित की सायकल, विद्यार्थियों के साथ खड़े हो कर की पीटी

आष्टा मध्यप्रदेश के अब आष्टा विधानसभा क्षेत्र के सभी विद्यालयों में प्रतिदिन प्रार्थना के पूर्व संस्था के खेल शिक्षक विद्यार्थियों को कराएंगे पीटी, पीटी करने से शरीर मे स्फूर्ति आती है,वही स्वस्थ शरीर मन, मस्तिष्क के लिये पीटी जरूरी है ।उक्त उदगार विधायक गोपालसिंह इंजीनियर ने आज मुख्यमंत्री सायकल योजना अंतर्गत पात्र विद्यार्थियों को सायकल वितरण कार्यक्रम को संबोधित करते हुए आष्टा के कन्या हायर सेकेंडरी स्कूल में विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहे । इस अवसर पर आज विधायक गोपालसिंह इंजीनियर सहित सभी अतिथियों ने भी विद्यार्थियों के साथ पीटी की । कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विधायक ने कहा  सरकार द्वारा शिक्षा विभाग में जो योजनाएं,सुविधाए शुरू की उन विभिन्न योजनाओं का लाभ विद्यार्थियों को मिले इसके लिए हमारी सरकार पूरी तरह से कृत संकल्पित है । सरकार का दृढ़ निश्चय है कि शासकीय विद्यालयों में अध्यनरत बच्चों को सभी प्रकार की सुविधा उपलब्ध हो ताकि विद्यालय विद्यार्थियों के शारीरिक, मानसिक, बौद्धिक विकास का केंद्र बने और आगे जाकर विद्यार्थी इस देश के अच्छे जिम्मेदार नागरिक बन सके । सरकार की विद्यार्थियों के लिये शुरू की गई मुख्यमंत्री निशुल्क सायकल वितरण योजना के तहत आज आष्टा नगर के कन्या हायर सेकेंड्री, मॉडल स्कूल मुगली रोड,हाईस्कूल अलीपुर  में विद्यार्थियों को अपने दूरस्थ ग्रामों से विद्यालय तक आने जाने में कोई परेशानी का सामना न करना पड़े इसके लिए सरकार की कक्षा 6 एवं 9 वी के विद्यार्थियों को जो दुरस्त ग्रामो से स्कूल आते है ऐसे विद्यार्थियों को निशुल्क योजना के तहत आज विद्यार्थियों को निशुल्क साइकिलों का वितरण विधायक गोपाल सिंह इंजीनियर के मुख्य आतिथ्य में किये गये । इस अवसर पर आष्टा विधायक गोपाल सिंह इंजीनियर ने कार्यक्रमों को संबोधित करते हुए कहा कि सरकार की योजना के तहत विद्यालयों में कक्षा एक से लेकर 12वीं तक पढ़ने वाले विद्यार्थियों को विद्यालयों में शासन की विभिन्न योजनाओं के तहत निशुल्क स्कूल ड्रेस, पुस्तके, मध्यान भोजन,निशुल्क साइकिल, सहित खेल सुविधाओं का लाभ दिया जा रहा है । मैं सभी विद्यार्थियों से अपील करता हूं कि वे सरकार की सभी योजनाओं का लाभ उठाते हुए अच्छी तरह से मन लगाकर अपने  गुरुजीयो द्वारा पढ़ाई जाने वाली एवं बताई जाने वाली शिक्षा को ग्रहण करें और लक्ष्य तय कर लक्ष्य को प्राप्त कर देश के भविष्य के रूप में जिम्मेदार नागरिक बने और अपने विद्यालय का, अपने माता-पिता का,शिक्षकों का, अपने क्षेत्र का, जिले का, प्रदेश का नाम रोशन करें । इस अवसर पर विधायक ने बताया कि  विद्यालय में विद्यार्थियों को पढ़ाई के साथ-साथ रोजाना अब स्कूल प्रारंभ होने के पूर्व एवं स्कूल से छुट्टी होने के पूर्व पीटी कराई जाएगी ताकि बच्चों का स्वास्थ्यअच्छा रहे वे स्वस्थ रहे और स्वास्थ्य के साथ उनका शारीरिक बौद्धिक विकास भी हो । हम विद्यालयों के अंदर पढ़ाई के साथ-साथ खेल सुविधाओं में भी वृद्धि करने की योजना बना रहे हैं । जिन विद्यालयों में खेल सामग्री की, सुविधाओ की कमी है उन्हें भी दूर करने के प्रयास किये जा रहै है । आयोजित  कार्यक्रम में जीवन सिंह मंडलोई, राय सिंह मेवाडा, सोनू गुणवान, गजराज मेवाड़ा, विशाल चौरसिया, तारा कटारिया, राकेश प्रजापति ,विष्णु परमार, जितेंद्र सिठोलिया, अनिल श्रीवास्तव, तेज सिंह राठौर,बीईओ प्रमोद कुशवाह बीआरसी अजब सिंह राजपूत, संस्था प्रमुख महेंद्र सिंह मालवीय सहित अन्य सभी पदाधिकारी शिक्षक शिक्षिकाएं विद्यार्थी बड़ी संख्या में उपस्थित थे । कार्यक्रम के अंत मे विधायक के साथ सभी ने वृक्षारोपण किया ।  इस अवसर पर विधायक गोपाल सिंह इंजीनियर ने सभी साइकिल प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को पुष्प माला पहनकर उन्हें साइकिल सौंपी तथा उनके साथ सामूहिक चित्र भी खिंचवाये । विधायक गोपालसिंह इंजीनियर ने बताया की इस वर्ष आष्टा विधानसभा क्षेत्र के सभी विद्यालयों में 1359 सायकलों का वितरण किया जायेगा । साइकिल पाकर आज विद्यार्थियों में काफी खुशी का माहौल नजर आया क्योंकि साइकिल नहीं होने के कारण अभी तक वे विद्यालय पैदल आते थे अब उन्हें साइकिल प्राप्त होने के बाद घर से विद्यालय तक आने और जाने की सुविधा के लिए साइकिल प्राप्त हुई है । विद्यार्थियों ने इसके लिए मध्य प्रदेश सरकार के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव एवं आष्टा विधायक गोपाल सिंह इंजीनियर का आभार व्यक्त किया ।

जालोर में राज्यपाल हरिभाऊ बागडे़ का दौरा, विकास और नशामुक्ति पर खास जोर

जालोर जालोर राजस्थान के राज्यपाल हरी भाऊ बागडे़ जालौर दौरे पर रहे। उन्होंने जालौर कलेक्ट्रेट सभागार में जिला स्तरीय अधिकारियों की समीक्षा बैठक ली। बैठक में राज्यपाल ने विभागवार विकास कार्यों एवं योजनाओं की समीक्षा करते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। बैठक में राज्यपाल हरिभाऊ बागडे़ ने शिक्षा विभाग के अधिकारियों को नवीन शिक्षा नीति के अनुसार शिक्षण करवाये जाने तथा किताबी ज्ञान के साथ-साथ नवीन शोधपरक जानकारियां बच्चों के साथ साझा करने की बात कही। जिससे बच्चों का सर्वांगीण विकास हो साथ ही उनकी बौद्धिक और विश्लेषण करने की क्षमता बढ़ सकें। उन्होंने जिले में संचालित राजकीय स्कूलों और उनमें अध्यनरत छात्र-छात्राओं की संख्या, मिड-डे-मील योजना की जानकारी लेते हुए छात्र-छात्राओं को मिड-डे-मील योजना के माध्यम से गुणवत्तापूर्ण पोषण प्रदान किए जाने की बात कही। राज्यपाल हरिभाऊ बागड़े ने जिले में टी.बी. मुक्त ग्राम पंचायत अभियान के तहत क्षय रोगियों की संख्या, उनकी स्क्रीनिंग और निक्षय मित्र के माध्यम से उन्हें पोषण किट वितरण करने की प्रगति के बारे में जानकारी ली तथा चिकित्सा विभाग को टी.बी. मुक्ति की दिशा में प्रभावी मॉनिटरिंग करने के निर्देश दिए। जल जीवन मिशन में हर घर जल पहुंचाने के लिए अधिकारी करें प्रभावी मॉनिटरिंग बैठक में उन्होंने नर्मदा नहर परियोजना के तहत ई.आर., एफ.आर. और डी.आर. प्रोजेक्ट की समीक्षा की तथा जल जीवन मिशन के तहत एफएचटी कनेक्शन की गति बढ़ाते हुए पेयजल स्त्रोत निर्माण के कार्यों को समय पर पूर्ण करने की बात कही। उन्होंने कहा कि पेयजल समस्या समाधान की दिशा में जल जीवन मिशन बहुत ही महत्वपूर्ण योजना है। हर घर जल पहुंचाने के लिए अधिकारी इसकी प्रभावी मॉनिटरिंग सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि जल संरक्षण संरचनाओं के निर्माण व भू-जल स्तर सुधार से ‘‘हरियालो राजस्थान’’ की दिशा में प्रदेश अग्रसर हो सकेगा। उन्होंने वर्षा जल के सहेज कर रखने की बात कही जिसके फलस्वरूप जिले में पानी की समस्या से मुक्ति मिले। उन्होंने डिस्कॉम की कुसम योजना की प्रगति देखी तथा पंचायतीराज की स्वामित्व योजना में जारी किए गए पट्टों पर जानकारी लेते हुए आवश्यक निर्देश दिए। उन्होंने पीएम आवास योजना और एमजीनरेगा के तहत जिले में प्रगतिरत कार्यों और स्वीकृत कार्यों के बारे में चर्चा करते हुए नरेगा में पौधरोपण, टांका निर्माण और जल संरक्षण के कार्यों को अधिक से अधिक करवाये जाने की बात कही। उन्होंने नगरीय निकायों व ग्रामों में स्वच्छता पर विशेष ध्यान देने की बात कही। उन्होंने स्वच्छ भारत मिशन की समीक्षा करते हुए घर-घर कचरा संग्रहण के माध्यम से एकत्रित किए गए कचरे के समुचित निस्तारण को लेकर निर्देशित किया। राज्यपाल हरिभाऊ बागड़े ने जिले में नशीली पदार्थों के अवैध कारोबार के विरुद्ध पुलिस द्वारा चलाए जा रहे अभियान एवं की गई कार्रवाई के बारे में जानकारी लेते हुए युवाओं में नशे की प्रवृत्ति की रोकथाम के लिए जागरूकता अभियान चलाने तथा नशा मुक्ति कैंप लगाकर नशे के आदी हो चुके लोगों को नशावृत्ति से मुक्ति दिलाने की बात कही। उन्होंने अवैध नशे के कारोबार में प्रवृत्त लोगों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई किये जाने के निर्देश दिए। बैठक में राजस्थान के मुख्य सचेतक जोगेश्वर गर्ग, आहोर विधायक छगन सिंह राजपुरोहित, सांचौर विधायक जीवाराम चौधरी, जिला कलेक्टर डॉ. प्रदीप के. गावंडे, जिला पुलिस अधीक्षक ज्ञानचन्द्र यादव सहित विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे। पुलिसकर्मियों द्वारा दिया गया गार्ड ऑफ ऑनर सर्किट हाउस जालोर पहुंचने पर राज्यपाल श्री हरिभाऊ बागडे़ को पुलिस के जवानों ने गार्ड ऑफ ऑनर दिया। सर्किट हाउस में जनप्रतिनिधियों और स्थानीय नागरिकों ने राज्यपाल श्री हरिभाऊ बागडे़ का माल्यार्पण और साफा पहनाकर अभिनंदन किया।

राजशेखर की उड़ान अंतरिक्ष की ओर, भारतीय युवा को अमेरिकी स्पेस मिशन में मिला मौका

 बिलासपुर छत्तीसगढ़ के पेंड्रा में रहने वाले राजशेखर पैरी को अंतरिक्ष की सैर करने का मौका मिला है। ये मौका अमेरिका की एक निजी स्पेस कंपनी, टाइटंस स्पेस इंडस्ट्रीज ने दिया है। कंपनी ने अपने पहले मिशन के लिए भारतीय छात्र के तौर पर राजशेखर को चुना है। शुभांशु शुक्ला की अंतरिक्ष से सकुशल वापसी के बाद राजशेखर पैरी के स्पेस में जाने की खबर ने एक बार फिर भारत का नाम रौशन किया है। जानिए कौन हैं राजशेखर? पढ़िए बिलासपुर से अंतरिक्ष तक की कहानी। सबसे पहले बात राजशेखर पैरी की। राजशेखर सामान्य बच्चों की ही तरह थे। प्राइमरी की पढ़ाई-लिखाई बिलासपुर से की। फिर हैदराबाद बैचलर्स करने के बाद यूके चले गए। उन्होंने अपनी पढ़ाई-लिखाई ऑक्सफोर्ड स्कूल से भी की है। फिलहाल वह एयरोस्पेस और मैकेनिकल इंजीनियरिंग की पढ़ाई कर रहे हैं। इसके साथ-साथ ऑर्बिटालॉकर में प्रोजेक्ट मैनेजर-इंजीनियरिंग के तौर पर काम भी कर रहे हैं। छत्तीसगढ के पेंड्रा के रहने वाले राजशेखर पैरी जल्द अंतरिक्ष में जाने वाले हैं। एक निजी अमेरिकी एयरोस्पेस कंपनी टाइटंस स्पेस इंडस्ट्रीज ने अपने पहले मिशन के लिए भारतीय छात्र के तौर राजशेखर को चुना है। अपने सिलेक्शन और उन्हें कैसे मौका मिला, इस बारे में राजशेखर बताते हैं कि उन्होंने 19 साल की उम्र में NASA को एक मेल किया था। केवल ये जानने के लिए कि एस्ट्रोनॉट बनने की प्रोसेस क्या होता है। उम्मीद तो थी नहीं, लेकिन 4 दिन बाद जो जवाब आया, उससे न सिर्फ उनके सवालों के जवाब मिले, बल्कि उनके सपनों को एक नई दिशा भी दी। NASA ने उन्हें एस्ट्रोनॉट बनने की प्रक्रिया, योग्यता और रिस्क फैक्टर्स की पूरी जानकारी दी और साथ ही बधाई दी कि आप नासा के एस्ट्रोनॉट बनने की इच्छा रखते हैं। राजशेखर कहते हैं, उस मेल ने मेरा आत्मविश्वास और भी बढ़ा दिया। तभी से तय कर लिया था-अब तो स्पेस में जाना ही है। बचपन से साइंस में रुचि होने के चलते उन्होंने धीरे-धीरे देखना-समझना शुरू कर दिया कि आखिर स्पेस में कैसे जाया जा सकता है। उन्हें पता चला कि यूरोप में तरह तरह के प्रोग्राम चलते हैं, जिसमें भाग लेकर सिलेक्ट होकर अंतरिक्ष में जाया जा सकता है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक उन्होंने पोलैंड से एनालॉग स्पेस ट्रेनिंग ली। इसमें उन्होंने अंतरिक्ष में रहने-खाने, काम करने जैसी तमाम बातें सिखाई-समझाई गईं। अब मुझे टाइटंस स्पेस इंडस्ट्रीज की तरफ से स्पेस में जाने का मौका मिला है। इस मिशन में मेरा काम रिसर्च और डेवलेपमेंट से जुड़ा होगा। अंतरिक्ष में जाकर हमें पता लगाना है कि वहां कौन-कौन से एक्सपेरिमेंट किए जा सकते हैं। ना केवल उन्हें किया जा सकता है, बल्कि आगे और कैसे बढ़ाया जा सकता है।

राजशेखर की उड़ान अंतरिक्ष की ओर, भारतीय युवा को अमेरिकी स्पेस मिशन में मिला मौका

 बिलासपुर छत्तीसगढ़ के पेंड्रा में रहने वाले राजशेखर पैरी को अंतरिक्ष की सैर करने का मौका मिला है। ये मौका अमेरिका की एक निजी स्पेस कंपनी, टाइटंस स्पेस इंडस्ट्रीज ने दिया है। कंपनी ने अपने पहले मिशन के लिए भारतीय छात्र के तौर पर राजशेखर को चुना है। शुभांशु शुक्ला की अंतरिक्ष से सकुशल वापसी के बाद राजशेखर पैरी के स्पेस में जाने की खबर ने एक बार फिर भारत का नाम रौशन किया है। जानिए कौन हैं राजशेखर? पढ़िए बिलासपुर से अंतरिक्ष तक की कहानी। सबसे पहले बात राजशेखर पैरी की। राजशेखर सामान्य बच्चों की ही तरह थे। प्राइमरी की पढ़ाई-लिखाई बिलासपुर से की। फिर हैदराबाद बैचलर्स करने के बाद यूके चले गए। उन्होंने अपनी पढ़ाई-लिखाई ऑक्सफोर्ड स्कूल से भी की है। फिलहाल वह एयरोस्पेस और मैकेनिकल इंजीनियरिंग की पढ़ाई कर रहे हैं। इसके साथ-साथ ऑर्बिटालॉकर में प्रोजेक्ट मैनेजर-इंजीनियरिंग के तौर पर काम भी कर रहे हैं। छत्तीसगढ के पेंड्रा के रहने वाले राजशेखर पैरी जल्द अंतरिक्ष में जाने वाले हैं। एक निजी अमेरिकी एयरोस्पेस कंपनी टाइटंस स्पेस इंडस्ट्रीज ने अपने पहले मिशन के लिए भारतीय छात्र के तौर राजशेखर को चुना है। अपने सिलेक्शन और उन्हें कैसे मौका मिला, इस बारे में राजशेखर बताते हैं कि उन्होंने 19 साल की उम्र में NASA को एक मेल किया था। केवल ये जानने के लिए कि एस्ट्रोनॉट बनने की प्रोसेस क्या होता है। उम्मीद तो थी नहीं, लेकिन 4 दिन बाद जो जवाब आया, उससे न सिर्फ उनके सवालों के जवाब मिले, बल्कि उनके सपनों को एक नई दिशा भी दी। NASA ने उन्हें एस्ट्रोनॉट बनने की प्रक्रिया, योग्यता और रिस्क फैक्टर्स की पूरी जानकारी दी और साथ ही बधाई दी कि आप नासा के एस्ट्रोनॉट बनने की इच्छा रखते हैं। राजशेखर कहते हैं, उस मेल ने मेरा आत्मविश्वास और भी बढ़ा दिया। तभी से तय कर लिया था-अब तो स्पेस में जाना ही है। बचपन से साइंस में रुचि होने के चलते उन्होंने धीरे-धीरे देखना-समझना शुरू कर दिया कि आखिर स्पेस में कैसे जाया जा सकता है। उन्हें पता चला कि यूरोप में तरह तरह के प्रोग्राम चलते हैं, जिसमें भाग लेकर सिलेक्ट होकर अंतरिक्ष में जाया जा सकता है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक उन्होंने पोलैंड से एनालॉग स्पेस ट्रेनिंग ली। इसमें उन्होंने अंतरिक्ष में रहने-खाने, काम करने जैसी तमाम बातें सिखाई-समझाई गईं। अब मुझे टाइटंस स्पेस इंडस्ट्रीज की तरफ से स्पेस में जाने का मौका मिला है। इस मिशन में मेरा काम रिसर्च और डेवलेपमेंट से जुड़ा होगा। अंतरिक्ष में जाकर हमें पता लगाना है कि वहां कौन-कौन से एक्सपेरिमेंट किए जा सकते हैं। ना केवल उन्हें किया जा सकता है, बल्कि आगे और कैसे बढ़ाया जा सकता है।