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खरगौन : 12 कॉलोनियों के 85 मकान घोषित असुरक्षित, प्रशासन ने शुरू की कार्रवाई

खरगौन खरगौन शहर और आसपास के क्षेत्रों में ट्रांसमिशन लाइनों के प्रतिबंधित क्षेत्रों में हुए अवैध निर्माण पर 85 मकान मालिकों को अतिक्रमण हटाने के लिये नोटिस जारी किये गये हैं। उल्लेखनीय है कि खरगौन में मध्यप्रदेश पावर ट्रांसमिशन कंपनी (एम.पी. ट्रांसको) की 132 के.व्ही. से लेकर 220 के.व्ही. तक की छह प्रमुख ट्रांसमिशन लाइनों के समीप मानव जीवन के लिये घातक और विद्युत सुरक्षा मानकों के विरूद्ध अनाधिकृत निर्माण कर लिये गये है। ट्रांसमिशन लाइनो की प्रतिबंधित सीमा में हुये निर्माण खरगौन के अनेक क्षेत्रों में ट्रांसमिशन लाइनो के प्रतिबंधित सीमा में अनाधिकृत निर्माण किये गये है, जिनमें विद्युत मानकों के अनुरूप न्यूनतम सुरक्षा दूरी का उल्लंघन किया गया है। यहां के ओंकार दत्त रेजिडेंसी, निमरानी, द्वारका धाम कॉलोनी, साकेत नगर, जेतपुरा, यमुना नगर कॉलोनी, खरगोन मोतीपुरा, हिंगलाज नगर, स्मार्ट पार्क टाउनशिप, माँ रेवा विन्यास कॉलोनी, पानवा एवं भीलगांव आदि क्षेत्रों में ट्रांसमिशन लाइन और निर्माण के बीच बेहद कम क्लियरेंस पाया गया है। यह अति उच्च वोल्टेज की बिजली से जुड़े संभावित करंट, स्पार्किंग, और अग्निकांड जैसे गंभीर खतरे उत्पन्न कर सकता है। इन ट्रांसमिशन लाइनों के समीप हुये निर्माण खरगौन जिले में मध्यप्रदेश पावर ट्रांसमिशन कंपनी की छह ट्रांसमिशन लाइने हैं जिनके समीप विद्युत सुरक्षा मानकों के विरूद्ध निर्माण कर लिये गये हैं। इन ट्रांसमिशन लाइनों में 132 के.व्ही. भीकनगांव-खरगोन डी.पी. लाइन, 132 के.व्ही. बिस्टन-लिलो लाइन, 132 के.व्ही. निमरानी-कसरावद लाइन, 220 के.व्ही. निमरानी-छैःगांव लाइन, 220 के.व्ही. निमरानी-ओंकारेश्वर लाइन एवं 220 के.व्ही. महेश्वर-पीथमपुर लाईन शामिल हैं। जरूरी है 27 मीटर का कॉरिडोर केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण के अनुसार, 132 के.व्ही. या इससे अधिक वोल्टेज की ट्रांसमिशन लाइन के नीचे कम से कम 27 मीटर की सुरक्षित दूरी आवश्यक है, ताकि हवा में झूलते तारों से संपर्क न हो और दुर्घटना टाली जा सके। 600 से 950 गुना अधिक रहता है ट्रांसमिशन लाइनों से जान का खतरा आम घरों में उपयोग होने वाली विद्युत आपूर्ति की तीव्रता मात्र 230 वोल्ट होती है। यह स्तर भी इतना अधिक होता है कि यदि कोई व्यक्ति गलती से इसके संपर्क में आ जाए तो गंभीर रूप से घायल हो सकता है या उसकी जान भी जा सकती है लेकिन इससे भी कहीं अधिक खतरनाक होती हैं। शहर भर में क्रियाशील एक्स्ट्रा हाईटेंशन ट्रांसमिशन लाइनें, जिनमें विद्युत तीव्रता 132 के.व्ही. (यानी 132,000 वोल्ट) एवं 220 के.व्ही. (यानी 2,20,000 वोल्ट) होती है। यह घरेलू बिजली की तुलना में 600 से 950 गुना अधिक रहती है। यह अंतर दर्शाता है कि अगर मात्र 230 वोल्ट के संपर्क में आने से जान को खतरा हो सकता है, तो 132 या 220 के.व्ही. की ट्रांसमिशन लाइनों के पास रहने या निर्माण करने से कितना बड़ा जोखिम हो सकता है। ट्रांसमिशन लाइनों के आसपास निर्धारित प्रतिबंधित क्षेत्र में निर्माण करना न सिर्फ गैरकानूनी है, बल्कि यह जानलेवा जोखिम भी उत्पन्न करता है। h

बारिश में डूबी दिल्ली: BJP की पीठ ठोकने पर AAP ने दिखाई सड़कों की सच्चाई

नई दिल्ली दिल्ली में जोरदार बारिश के बाद अलग-अलग इलाकों में जलभराव से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। हालांकि, खास बात रही कि इस बार मिंटो ब्रिज पर बारिश का पानी नहीं भरा। इसको लेकर बीजेपी ने दिल्ली में रेखा गुप्ता सरकार की तारीफ की। बीजेपी आईटी सेल के प्रमुख अमित मालवीय ने मिंटो ब्रिज के दृश्य साझा किए। मिंटो ब्रिज पर बुधवार को बारिश के बीच वाहन बिना किसी परेशानी के गुजरते देखे गए। वहीं, आम आदमी पार्टी ने दिल्ली के अन्य हिस्सों में जलभराव की तस्वीरों के जरिये बीजेपी सरकार पर सवाल उठाए। आम आदमी पार्टी का कहना था कि लोग सड़कों पर तैर रहे हैं। बीजेपी ने ठोकी अपनी पीठ मालवीय ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में कहा कि भारी बारिश के बावजूद, मिंटो ब्रिज पर ट्रैपिक सुचारू रूप से चल रहा है, जो कभी हल्की सी बारिश में भी जलमग्न होने वाला पहला ब्रिज था। बीजेपी सरकार के तहत दिल्ली में कुछ ही महीनों में यही बदलाव देखने को मिल रहा है! जलभराव वाली सड़कों से लेकर सुचारू ट्रैफिक तक, अव्यवस्था से व्यवस्था तक – एक वास्तविक परिवर्तन शुरू हो गया है। उन्होंने आगे लिखा कि दिल्ली अब वो राजधानी बनेगी जिसकी भारत को सचमुच हक है। अरविंद केजरीवाल ने इसे कूड़ेदान में बदल दिया था। बीजेपी इस गंदगी को साफ कर भविष्य का पुनर्निर्माण कर रही है। दिल्ली के अन्य इलाकों में भरा पानी इस बीच, राजधानी के कई निचले इलाकों में मूसलाधार बारिश के बाद घुटनों तक पानी भर गया। जलभराव और ट्रैफिक में परेशानी के कारण दिल्ली के कई हिस्से प्रभावित हुए। इनमें दक्षिण दिल्ली, दक्षिण पूर्व दिल्ली, उत्तरी दिल्ली, आईटीओ, साउथ एक्सटेंशन, एनएच-8, महरौली-गुड़गांव रोड, नेहरू प्लेस, ईस्ट ऑफ कैलाश, कॉलोनी रोड और कई अन्य इलाके शामिल हैं। आम आदमी पार्टी ने सरकार पर जलभराव की समस्या से निपटने के बारे में मीडिया में झूठे दावे करने का आरोप लगाया। आप ने सोशल मीडिया पर लिखा कि आज सुबह हुई बारिश के बाद पश्चिमी विनोद नगर इलाके में एनएच-24 पूरी तरह जलमग्न हो गया है। सीएम रेखा गुप्ता जी, आपकी सही योजना कहां है? आपने मीडिया में जलभराव से निपटने के बड़े-बड़े दावे किए थे, लेकिन आज पूरी दिल्ली जलमग्न है और आप अपने आलीशान महल में आराम फरमा रही हैं। इसमें कहा गया है कि जनता अब सड़कों पर तैर रही है और सभी भाजपा नेताओं को तैरने के लिए आमंत्रित कर रही है। दिल्ली में कहां कितनी बारिश? भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के अनुसार, राष्ट्रीय राजधानी के प्राथमिक मौसम केंद्र सफदरजंग में सुबह 5:30 से 8:30 बजे के बीच 5.6 मिमी बारिश दर्ज की गई, जबकि अन्य स्टेशनों ने अधिक मात्रा की सूचना दी। मौसम विभाग के अनुसार प्रगति मैदान में 16.6 मिमी, पूसा में 10 मिमी, जनकपुरी में 9.5 मिमी और नजफगढ़ में 2 मिमी बारिश दर्ज की गई। अधिकारियों ने लोगों को घर के अंदर रहने, यात्रा से बचने, ट्रैफिक अपडेट का पालन करने, बिजली के खंभों और तारों से दूर रहने तथा पेड़ों के नीचे शरण लेने से बचने की सलाह दी है। आगे कैसा रहेगा दिल्ली का मौसम आईएमडी ने आने वाले दिनों में लगातार बारिश की चेतावनी दी है। पूर्वानुमान के अनुसार, अगले सात दिनों तक आसमान में आमतौर पर बादल छाए रहेंगे और हल्की से मध्यम बारिश के साथ गरज और बिजली कड़कने की संभावना है। अधिकारियों ने निवासियों से अनावश्यक यात्रा से बचने और आधिकारिक मौसम एवं यातायात सलाह के माध्यम से अपडेट रहने का आग्रह किया है।

बारिश में डूबी दिल्ली: BJP की पीठ ठोकने पर AAP ने दिखाई सड़कों की सच्चाई

नई दिल्ली दिल्ली में जोरदार बारिश के बाद अलग-अलग इलाकों में जलभराव से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। हालांकि, खास बात रही कि इस बार मिंटो ब्रिज पर बारिश का पानी नहीं भरा। इसको लेकर बीजेपी ने दिल्ली में रेखा गुप्ता सरकार की तारीफ की। बीजेपी आईटी सेल के प्रमुख अमित मालवीय ने मिंटो ब्रिज के दृश्य साझा किए। मिंटो ब्रिज पर बुधवार को बारिश के बीच वाहन बिना किसी परेशानी के गुजरते देखे गए। वहीं, आम आदमी पार्टी ने दिल्ली के अन्य हिस्सों में जलभराव की तस्वीरों के जरिये बीजेपी सरकार पर सवाल उठाए। आम आदमी पार्टी का कहना था कि लोग सड़कों पर तैर रहे हैं। बीजेपी ने ठोकी अपनी पीठ मालवीय ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में कहा कि भारी बारिश के बावजूद, मिंटो ब्रिज पर ट्रैपिक सुचारू रूप से चल रहा है, जो कभी हल्की सी बारिश में भी जलमग्न होने वाला पहला ब्रिज था। बीजेपी सरकार के तहत दिल्ली में कुछ ही महीनों में यही बदलाव देखने को मिल रहा है! जलभराव वाली सड़कों से लेकर सुचारू ट्रैफिक तक, अव्यवस्था से व्यवस्था तक – एक वास्तविक परिवर्तन शुरू हो गया है। उन्होंने आगे लिखा कि दिल्ली अब वो राजधानी बनेगी जिसकी भारत को सचमुच हक है। अरविंद केजरीवाल ने इसे कूड़ेदान में बदल दिया था। बीजेपी इस गंदगी को साफ कर भविष्य का पुनर्निर्माण कर रही है। दिल्ली के अन्य इलाकों में भरा पानी इस बीच, राजधानी के कई निचले इलाकों में मूसलाधार बारिश के बाद घुटनों तक पानी भर गया। जलभराव और ट्रैफिक में परेशानी के कारण दिल्ली के कई हिस्से प्रभावित हुए। इनमें दक्षिण दिल्ली, दक्षिण पूर्व दिल्ली, उत्तरी दिल्ली, आईटीओ, साउथ एक्सटेंशन, एनएच-8, महरौली-गुड़गांव रोड, नेहरू प्लेस, ईस्ट ऑफ कैलाश, कॉलोनी रोड और कई अन्य इलाके शामिल हैं। आम आदमी पार्टी ने सरकार पर जलभराव की समस्या से निपटने के बारे में मीडिया में झूठे दावे करने का आरोप लगाया। आप ने सोशल मीडिया पर लिखा कि आज सुबह हुई बारिश के बाद पश्चिमी विनोद नगर इलाके में एनएच-24 पूरी तरह जलमग्न हो गया है। सीएम रेखा गुप्ता जी, आपकी सही योजना कहां है? आपने मीडिया में जलभराव से निपटने के बड़े-बड़े दावे किए थे, लेकिन आज पूरी दिल्ली जलमग्न है और आप अपने आलीशान महल में आराम फरमा रही हैं। इसमें कहा गया है कि जनता अब सड़कों पर तैर रही है और सभी भाजपा नेताओं को तैरने के लिए आमंत्रित कर रही है। दिल्ली में कहां कितनी बारिश? भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के अनुसार, राष्ट्रीय राजधानी के प्राथमिक मौसम केंद्र सफदरजंग में सुबह 5:30 से 8:30 बजे के बीच 5.6 मिमी बारिश दर्ज की गई, जबकि अन्य स्टेशनों ने अधिक मात्रा की सूचना दी। मौसम विभाग के अनुसार प्रगति मैदान में 16.6 मिमी, पूसा में 10 मिमी, जनकपुरी में 9.5 मिमी और नजफगढ़ में 2 मिमी बारिश दर्ज की गई। अधिकारियों ने लोगों को घर के अंदर रहने, यात्रा से बचने, ट्रैफिक अपडेट का पालन करने, बिजली के खंभों और तारों से दूर रहने तथा पेड़ों के नीचे शरण लेने से बचने की सलाह दी है। आगे कैसा रहेगा दिल्ली का मौसम आईएमडी ने आने वाले दिनों में लगातार बारिश की चेतावनी दी है। पूर्वानुमान के अनुसार, अगले सात दिनों तक आसमान में आमतौर पर बादल छाए रहेंगे और हल्की से मध्यम बारिश के साथ गरज और बिजली कड़कने की संभावना है। अधिकारियों ने निवासियों से अनावश्यक यात्रा से बचने और आधिकारिक मौसम एवं यातायात सलाह के माध्यम से अपडेट रहने का आग्रह किया है।

पाट जात्रा पूजा विधान के साथ होगी विश्वप्रसिद्ध ऐतिहासिक बस्तर दशहरा पर्व की गुरूवार से विधिवत शुरूआत

परंपरा, आस्था और सांस्कृतिक गौरव का प्रतीक है बस्तर दशहरा रायपुर, छत्तीसगढ़ के बस्तर अंचल की आराध्य देवी मां दंतेश्वरी मंदिर प्रांगण में कल गुरुवार को हरेली अमावस्या के मौके पर पाट जात्रा पूजा विधान के साथ विश्वप्रसिद्ध ऐतिहासिक बस्तर दशहरा पर्व की शुरुआत होगी। इस दौरान पारम्परिक मांझी-चालकी, मेम्बर-मेम्बरीन, पुजारी, पटेल, नाईक-पाईक, सेवादार रथ निर्माण के लिए औजार बनाने ठुरलू खोटला रस्म अदा करेंगे। इस अवसर पर बस्तर दशहरा समिति द्वारा मांझी-चालकी, मेम्बर-मेम्बरीन, पुजारी, पटेल, नाईक-पाईक, सेवादारों सहित गणमान्य नागरिकों एवं ग्रामीणों को उपस्थित होकर पाट जात्रा पूजा विधान में शामिल होने का आग्रह किया गया है।       जात्रा पूजा विधान के साथ ही बस्तर की आराध्य देवी मां दंतेश्वरी को समर्पित इस 75 दिवसीय ऐतिहासिक बस्तर दशहरा पर्व में शुक्रवार 05 सितम्बर को डेरी गड़ाई पूजा विधान, रविवार 21 सितम्बर को काछनगादी पूजा विधान, सोमवार 22 सितम्बर को कलश स्थापना पूजा विधान, मंगलवार 23 सितम्बर को जोगी बिठाई पूजा विधान सहित बुधवार 24 सितम्बर से सोमवार 29 सितम्बर 2025 तक प्रतिदिन नवरात्रि पूजा एवं रथ परिक्रमा पूजा विधान, सोमवार 29 सितम्बर को सुबह 11 बजे बेल पूजा, मंगलवार 30 सितम्बर को महाअष्टमी पूजा विधान एवं निशा जात्रा पूजा विधान, बुधवार 01 अक्टूबर को कुंवारी पूजा विधान, जोगी उठाई पूजा विधान एवं मावली परघाव, गुरुवार 02 अक्टूबर को भीतर रैनी पूजा विधान एवं रथ परिक्रमा पूजा विधान, शुक्रवार 03 अक्टूबर को बाहर रैनी पूजा विधान एवं रथ परिक्रमा पूजा विधान, शनिवार 04 अक्टूबर को सुबह काछन जात्रा पूजा विधान के पश्चात दोपहर में मुरिया दरबार का आयोजन होगा। वहीं रविवार 05 अक्टूबर को कुटुम्ब जात्रा पूजा विधान में ग्राम्य देवी-देवताओं की विदाई की जाएगी और मंगलवार 07 अक्टूबर को मावली माता की डोली की विदाई पूजा विधान के साथ ऐतिहासिक बस्तर दशहरा पर्व सम्पन्न होगी।,

24 जुलाई को राष्ट्रीय कार्यशाला का उद्घाटन करेंगे CM डॉ. यादव, वन विकास निगम की होगी विशेष बैठक

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव मध्यप्रदेश राज्य वन विकास निगम की स्थापना के 50 वर्ष पूर्ण होने पर 24 जुलाई को स्वर्ण जयंती वर्ष का उद्घाटन एवं राष्ट्रीय कार्यशाला का शुभारंभ करेंगे।वे ‘विजन डॉक्यूमेंट-2047’ का विमोचन एवं प्रदर्शनी का उद्घाटन भी करेंगे। कार्यक्रम में निगम के उत्कृष्ट कार्य करने वाले अधिकारी-कर्मचारी को सम्मानित भी किया जायेगा। वन एवं पर्यावरण राज्यमंत्री श्री दिलीप सिंह अहिरवार, अपर मुख्य सचिव वन श्री अशोक बर्णवाल और प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं वन बल प्रमुख श्री असीम श्रीवास्तव भी उपस्थित रहेंगे। गुरुवार 24 जुलाई को प्रात: 10:30 बजे से भारतीय वन प्रबंधन संस्थान नेहरू नगर भोपाल के ऑडिटोरियम में होने वाले कार्यक्रम के संबंध में प्रबंध संचालक मध्यप्रदेश राज्य वन विकास निगम श्री व्ही.एन. अम्बाड़े ने जानकारी दी है। उन्होंने बताया कि कार्यशाला में महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़, उड़ीसा, तेलंगाना और कर्नाटक राज्य के वन विकास निगम के प्रबंध संचालक द्वारा विभिन्न विषयों जैसे थिनिंग व फेलिंग, जनरल प्लानटेशन, मियॉवाकी प्लानटेशन, डिपॉजिट वर्क, थीम वर्क, ईको टूरिज्म विषय पर प्रस्तुतीकरण दिया जायेगा। कार्यशाला का उद्देश्य मध्यप्रदेश राज्य वन विकास निगम लिमिटेड द्वारा विगत 50 वर्षों में किये गये वानिकी, वन एवं वन्य जीव संरक्षण कार्य को रेखांकित किया जाना है। कार्यक्रम में वन विकास निगम के कार्यों पर आधारित डॉक्यूमेंट्री फिल्म का प्रदर्शन भी किया जायेगा। वनीकरण में निगम की अनेक उपलब्धियां मध्यप्रदेश राज्य वन विकास निगम की स्थापना 24 जुलाई 1975 को हुई थी। निगम की स्थापना का उद्देश्य निम्न कोटि के वन क्षेत्रों को तेजी से बढ़ने वाली बहुमूल्य तथा बहु उपयोगी प्रजातियों के रोपण द्वारा उच्च कोटि के वन क्षेत्रों में उत्पादन क्षमता एवं गुणवत्ता में सुधार लाना है। निगम का कार्य प्रदेश के 22 जिलों में संचालित है। निगम अंतर्गत कुल 13 काष्ठगार एवं 15 स्थाई रोपणियां स्थापित हैं। निगम को लगभग 4.25 लाख हेक्टेयर क्षेत्र प्राप्त हुआ है, जिसमें से वर्ष 2025 तक 3.90 लाख हेक्टेयर क्षेत्र का उपचारण किया जा चुका है एवं 3.14 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में रोपण किया गया है। विगत 2 वर्षों में निगम द्वारा 2 करोड़ 48 लाख पौधों का रोपण किया गया है। निगम की रोपणियों में वर्ष 2025 में कुल 1 करोड़ 70 लाख सागौन रूटशूट सागौन का उत्पादन हुआ है। टाइगर रिजर्व में चुनौती पूर्ण कार्य वन विकास निगम की अधिकांश परियोजना मंडल टाइगर रिजर्व, राष्ट्रीय उद्यान एवं अभयारण्य क्षेत्र बफर जोन से लगे हैं। इन क्षेत्रों में बाघ, तेंदुआ, भालू एवं हिरण आदि वन्य जीवों के विचरण की उपस्थिति दर्ज की गई है। वन्य जीवों की सुरक्षा एवं संरक्षण के लिये निगम द्वारा बोरीबंधान, तालाब निर्माण एवं झिरियां निर्माण का कार्य किया जाता है। वर्ष 2024-25 में लगभग 60 हजार घनमीटर इमारती काष्ठ एवं 3100 टन बांस का उत्पादन किया गया। जैव विविधता के साथ साथ जलगंगा संवर्धन भी निगम ने व्यावसायिक वृक्षारोपण के साथ जैव विविधता संरक्षण एवं संवर्धन का कार्य भी किया जा रहा है। निगम द्वारा ‘जल गंगा संवर्धन’ एवं ‘एक पेड़ माँ के नाम’ अंतर्गत लगभग 125 करोड़ पौधों का रोपण वृहद स्तर पर किया जा रहा है। निगम को वित्तीय वर्ष 2024-25 में 170 करोड़ का राजस्व प्राप्त हुआ है।   

भोपाल में 400 करोड़ के निवेश से लगेगा रोजगार का मेला, 1500 युवाओं को मिलेगा लाभ

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि राज्य सरकार युवाओं और बहनों के रोजगार के लिए संकल्पित है। इस दिशा में राज्य सरकार द्वारा निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। गुरुवार 24 जुलाई को भोपाल जिले के औद्योगिक क्षेत्र अचारपुरा में पांच औद्योगिक इकाइयों का भूमि-पूजन किया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि उन्होंने हाल ही में स्पेन और दुबई की यात्रा में अनेक निवेशकों को मध्यप्रदेश में निवेश के लिए आमंत्रित किया है। मध्यप्रदेश में वर्ष 2025 उद्योग और रोजगार वर्ष है। गांव से लेकर शहरों तक समृद्धि लाना, स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर उपलब्ध करवाना और आत्मनिर्भर भारत के निर्माण के लिए निर्णायक भूमिका निभा कर मध्यप्रदेश ने नए औद्योगिक युग की शुरूआत की है। पांच इकाईयों का होगा भूमि-पूजन मुख्यमंत्री डॉ. यादव 24 जुलाई को अचारपुरा औद्योगिक क्षेत्र में 12.88 हेक्टेयर में 400 करोड़ से अधिक निवेश और लगभग 1500 व्यक्तियों को रोजगार देने वाली 5 इकाइयों का भूमि-पूजन करेंगे। इनमें गारमेंट सेक्टर में गोकुलदास एक्सपोर्टस, टेक्सटाइल सेक्टर में इंडो एकॉर्ड अप्पेरल्स, हाई टेक इलेक्ट्रानिक में एसेडस प्राइवेट लिमिटेड, फार्मा सेक्टर में सिनाई हेल्थ केयर और कृषि उपकरण में समर्थ एग्रीटेक इकाइयां शामिल हैं। मुख्यमंत्री  ने  कहा है कि राज्य सरकार युवाओं और बहनों के रोजगार के लिए संकल्पित है। इस दिशा में राज्य सरकार द्वारा निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। गुरुवार 24 जुलाई को भोपाल जिले के औद्योगिक क्षेत्र अचारपुरा में पांच औद्योगिक इकाइयों का भूमि-पूजन किया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि उन्होंने हाल ही में स्पेन और दुबई की यात्रा में अनेक निवेशकों को मध्यप्रदेश में निवेश के लिए आमंत्रित किया है।  मध्यप्रदेश में वर्ष 2025 उद्योग और रोजगार वर्ष है। गांव से लेकर शहरों तक समृद्धि लाना,  स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर उपलब्ध करवाना और आत्मनिर्भर भारत के निर्माण के लिए निर्णायक भूमिका निभा कर मध्यप्रदेश ने नए औद्योगिक युग की शुरूआत की है।    

विकसित भारत @2047 अंतर्गत रोजगार आधारित शिक्षा: रुझान एवं नए अवसर राष्ट्रीय कार्यशाला में राज्यपाल और मुख्यमंत्री हुए शामिल

भोपाल  राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा है कि स्थानीय स्तर पर रोजगार की संभावनाओं को पहचान कर विश्वविद्यालय पाठ्यक्रम तैयार करें। उन्होंने प्रदेश में देश विदेश से निवेश प्रस्ताव प्राप्त करने के लिए मुख्यमंत्री डॉ. यादव की पहल की सराहना की है। अपेक्षा की है कि निवेश परियोजना क्रियान्वयन के साथ ही उद्योग में रोजगार के लिए उपयुक्त अभ्यर्थी उपलब्ध कराने के लिए कोर्स प्रारम्भ करें, जिससे परियोजना शुरू होने के साथ ही आवश्यकता अनुसार स्थानीय स्तर के युवा उपलब्ध हो सकें। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि आज करेंसी का जमाना है, लेकिन स्किल (कौशल) ही करेंसी है, भारत इसे अच्छी तरह समझता है। इसीलिए हम नवाचार करते हुए कौशल विकास की ओर कदम बढ़ा रहे हैं। मध्यप्रदेश एक कृषि प्रधान और तेजी से बढ़ता राज्य है। इसीलिए हम खेती की पढ़ाई को सामान्य महाविद्यालयों तक लेकर गए हैं। अगर कोई युवा खेती में करियर बनाना चाहे तो उसे आधुनिक तकनीक की जानकारी होनी चाहिए। विश्वविद्यालयों के दायरे विस्तृत होने चाहिए। सभी कोर्स यहां से संचालित होने चाहिए। राज्यपाल पटेल और मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उक्त विचार उच्च शिक्षा विभाग द्वारा विकसित मध्यप्रदेश @2047 ‘रोजगार आधारित शिक्षा-रूझान एवं नए अवसर’ विषय पर आयोजित राष्ट्रीय कार्यशाला को संबोधित करते हुए कही है। कार्यशाला का आयोजन बुधवार को  कुशाभाऊ ठाकरे सभागार में किया गया। राज्यपाल पटेल ने कहा कि राष्ट्रीय रोजगार आधारित शिक्षा-रूझान एवं नए अवसर कार्यशाला समय की आवश्यकता है। भविष्य की तैयारी का सशक्त मंच है। रोजगार केन्द्रित शिक्षा और विकसित भारत के निर्माण में प्रदेश के योगदान को बढ़ाने की प्रभावी पहल है। राज्यपाल पटेल ने कहा कि शिक्षा समाज की रीढ़ है। यह समय के साथ तालमेल बैठाने, नवाचारों को अपनाने और नवीन अवसरों का लाभ उठाने के लिए व्यक्ति, समाज और राष्ट्र को सक्षम बनाती है। इसलिए हमारी शिक्षा प्रणाली ऐसी होनी चाहिए जो विद्यार्थियों को रोजगार के अवसरों तक सुलभ पहुंच देने के साथ ही उन्हें आत्मनिर्भरता की दिशा में सशक्त बनाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि शिक्षा से मनुष्य का समग्र विकास होता है। यह आयोजन को बदलते दौर में रोजगार आधारित शिक्षा और अवसरों का विकास करने के क्रम किया जा रहा है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति पर सबसे पहले 1968 और उसके बाद 1988 में मंथन हुआ। अब प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में राष्ट्रीय शिक्षा नीति पर तीसरी बार मंथन हो रहा है। लेकिन आजादी के बाद 2020 से पहले कभी भी लार्ड मैकाले की शिक्षा पद्धति से बाहर आकर विचार नहीं किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सरदार वल्लभ भाई पटेल शासन की मंशा को समझने वाले दृष्टा थे। इसी भाव से उन्होंने सोमनाथ मंदिर का जीर्णोद्धार करते हुए देश की जड़ों को मजबूत करने का कार्य किया। महात्मा गांधी ने अहिंसा के अस्त्र का उपयोग करते हुए देश के गांव-गांव तक स्वतंत्रता की अलख जगाई थी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि दुनिया, भारत के साथ आने के लिए लालायित है। आक्रांताओं ने भारतीय संस्कृति पर आक्रमण करने के लिए हमारी शिक्षा के बड़े केंद्रों तक्षशिला, नालंदा और विक्रमशिला को तोड़ने और जलाने का कार्य किया। मध्य प्रदेश 64 कलाओं की शिक्षा वाली भूमि है। इसीलिए भगवान श्रीकृष्ण शिक्षा ग्रहण करने के लिए उज्जैन के सांदीपनि आश्रम आए थे। हम उस देश के वासी हैं, जहां होठों पर सच्चाई रहती है और जो होठों पर सच्चाई लेकर आए वही शिक्षा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश में शासकीय और निजी मिलाकर 70 से अधिक विश्वविद्यालय हैं। भारत विश्वगुरु है और गुरु वह जो हमारे जीवन में अंधकार हटाकर उसे प्रकाशमय कर दे। जेएनयू ने भी मध्यप्रदेश की कुलगुरु परंपरा को आत्मसात कर लिया है। सरकार प्रदेश में 10 हजार से अधिक शैक्षणिक संस्थाओं में एनईपी लागू करने पर आगे बढ़ चुकी है। प्रदेश में 220 से अधिक सांदीपनि विद्यालयों की शुरुआत की गई है। यहां विद्यार्थियों के लिए आधुनिक कंप्यूटर कोडिंग लैब स्थापित की गई हैं। शिक्षा केवल कागज की डिग्री लेने के लिए न हो, बल्कि वह भविष्य की चुनौतियों से लड़ने और उसे समझने में समर्थ हो। इसीलिए प्रदेश के विश्वविद्यालयों में आर्टिफिशयल इंटेलिजेंस (एआई), डेटा साइंस, मशीन लर्निंग, क्लाउड कंप्युटिंग और बायोटेक्नोलॉजी जैसे कोर्स शुरू किए गए हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश दूध उत्पादन में देश में तीसरे स्थान पर है। हमने शीर्ष स्तर पर पहुंचने का लक्ष्य रखा है। प्रदेश में 6 करोड़ से अधिक पशुधन है, इसीलिए राज्य सरकार प्रदेश में वेटेनरी कॉलेज की संख्या बढ़ाने पर जोर दे रही है। हम सिंचाई के रकबे के साथ-साथ मत्स्य उत्पादन को भी बढ़ाने के लिए संकल्पित हैं। उच्च शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार ने कहा कि शिक्षा हर काल में सर्वोच्च रही है। भारतीय संस्कृति में संस्कारों को आगे बढ़ाते हुए रोजगार देने की परंपरा थी। बिना संस्कारों के हम श्रेष्ठ और कर्तव्यनिष्ठ नागरिक नहीं बना सकते हैं। प्रदेश में नई शिक्षा नीति और कार्य की जवाबदेही तय करने की पहल देश भर में स्थान बनाएगी और प्रदेश के इतिहास में मील का पत्थर साबित होगी। कार्यक्रम के प्रारंभ में राज्यपाल पटेल और मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कार्यशाला का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन कर किया। राज्यपाल पटेल का उच्च शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव अनुपम राजन ने पौधा, श्रीफल, अंग वस्त्र और स्मृति चिन्ह भेंट कर अभिनंदन किया। कार्यशाला में विषय -विशेषज्ञ इंदिरा गांधी राष्ट्रीय कला केंद्र (IGNCA) नई दिल्ली के सदस्य सचिव डॉ. सच्चिदानंद जोशी और आई.ई.यू.ए.सी. के निदेशक डॉ. ए.सी. पांड़े ने विचार रखे। राष्ट्रीय कार्यशाला के प्रारंभ में अपर मुख्य सचिव उच्च शिक्षा अनुपम राजन ने स्वागत उद्बोधन दिया। मध्यप्रदेश निजी विश्वविद्यालय विनियामक आयोग के अध्यक्ष प्रो. भरत शरण सिंह ने आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम में राज्यपाल के अपर मुख्य सचिव के.सी. गुप्ता, उच्च शिक्षा विभाग के आयुक्त प्रबल सिपाहा, प्रदेश के सभी शासकीय एवं निजी विश्वविद्यालयों के कुलगुरू, वरिष्ठ प्राध्यापक और विषय-विशेषज्ञ उपस्थित रहे।  

रंजिश में चॉइस सेंटर संचालक पर हमला, हालत गंभीर

बालोद छत्तीसगढ़ के बालोद जिले में अपराधियों के हौंसले बुलंद है. पुरानी रंजिश में चॉइस सेंटर संचालक पर जानलेवा हमले के मामला सामने आया है. आरोपियों ने चाकू से ताबड़तोड़ वार किया, जिससे युवक गंभीर रूप से घायल है. मामला गुंडरदेही थाना सेहतर के डौकीडीह गांव का है. जानकारी के मुताबिक, डौकीडीह गांव के एक चॉइस सेंटर में दो लोग पहुंचे और पुरानी बातों को लेकर विवाद करने लगे. इसी दौरान संचालक पर धारदार चाकू से हाथ, जांघ और कमर पर बेरहमी से हमला कर दिया. वारदात को अंजाम देने के बाद दोनों आरोपी फरार हो गए हैं. घायल युवक का अस्पताल में इलाज जारी है. पुलिस ने शिकायत के बाद मामला दर्ज कर आरोपियों की पतासाजी में जुट गई है.

छत्तीसगढ़ में स्पॉन्सरशिप योजना बनी बच्चों के भविष्य की मजबूत आधारशिला

रायपुर, छत्तीसगढ़ में महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा संचालित मिशन वात्सल्य (एकीकृत बाल संरक्षण योजना) के अंतर्गत स्पॉन्सरशिप योजना जरूरतमंद बच्चों के जीवन में उम्मीद की नई किरण बनकर उभरी है। विशेष रूप से उन बच्चों के लिए, जो माता-पिता के संरक्षण से वंचित हैं या जिनकी देखरेख और शिक्षा में बाधाएं उत्पन्न हो रही हैं, यह योजना आर्थिक सहारा बन रही है। कोरबा जिले में जिला बाल संरक्षण इकाई, बाल कल्याण समिति और महिला एवं बाल विकास विभाग के समन्वय से अब तक 122 बच्चों को इस योजना के तहत शामिल किया गया है। इन सभी बच्चों को प्रतिमाह 4000 रुपए की आर्थिक सहायता सीधे उनके अभिभावकों या संरक्षकों के खातों में डीबीटी के माध्यम से प्रदान की जा रही है। यह सहायता राशि बच्चों के पोषण, देखरेख, स्वास्थ्य और शिक्षा जैसे मूलभूत जरूरतों की पूर्ति में सहयोग कर रही है। जिला प्रशासन के नेतृत्व में इस योजना को प्रभावशाली रूप से लागू किया जा रहा है। कलेक्टर के मार्गदर्शन में और जिला कार्यक्रम अधिकारी तथा जिला महिला एवं बाल विकास अधिकारी की देखरेख में स्पॉन्सरशिप कमेटी की सक्रिय भूमिका से जरूरतमंद बच्चों को चिह्नित कर उन्हें योजना से जोड़ा गया है। यह योजना किशोर न्याय अधिनियम और आदर्श नियमों के अनुरूप संचालित की जा रही है, जिसके अंतर्गत संस्थागत और गैर-संस्थागत सेवाएं प्रदान की जाती हैं। कोरबा जिले में गैर-संस्थागत सेवाओं के माध्यम से ऐसे बच्चों को उनके परिवार या संरक्षकों के साथ रहकर बेहतर जीवन की दिशा में अग्रसर करने का प्रयास किया जा रहा है। कलेक्टर कोरबा ने अपील की है कि समाज के सभी नागरिक यदि अपने आसपास ऐसे बच्चों की जानकारी रखते हैं जिन्हें देखरेख, संरक्षण या शिक्षा की आवश्यकता है और जो माता-पिता से वंचित हैं, तो उन्हें बाल कल्याण समिति अथवा जिला बाल संरक्षण इकाई के समक्ष प्रस्तुत करें। राज्य सरकार का यह प्रयास यह सुनिश्चित कर रहा है कि कोई भी बच्चा सिर्फ माता-पिता की अनुपस्थिति के कारण अपने भविष्य से वंचित न रह जाए। स्पॉन्सरशिप योजना न केवल आर्थिक मदद है, बल्कि यह समाज के संवेदनशील दायित्व की पूर्ति की दिशा में एक सशक्त कदम भी है।

दिल्ली पुलिस का आतंक पर वार: प्रतिबंधित संगठन का आतंकी पकड़ा गया

नई दिल्ली दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने एक बार फिर से अपनी प्रभावी कार्रवाई के जरिए आतंकवाद के खतरे को चुनौती दी है. बुधवार को पुलिस ने प्रतिबंधित आतंकी संगठन बब्बर खालसा इंटरनेशनल  से जुड़े एक वांछित अपराधी को गिरफ्तार किया. इस व्यक्ति की पहचान आकाशदीप के रूप में हुई है, जो कई गंभीर मामलों में संलिप्त रहा है. ग्रेनेड हमले से दिल्ली तक हथियारों की तस्करी आकाशदीप का नाम पंजाब के बटाला में 7 अप्रैल को किला लाल सिंह पुलिस स्टेशन पर हुए भयानक ग्रेनेड हमले से जुड़ा हुआ है. इसके अलावा, वह दिल्ली में अपराधियों को अवैध हथियारों की आपूर्ति करने के धंधे में भी शामिल था. सूत्रों के अनुसार, यह व्यक्ति आतंकवादी गतिविधियों में कुशल था और लंबे समय से पुलिस की निगरानी में था. स्पेशल सेल की मुस्तैदी दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने अपनी चतुराई और मेहनत से आकाशदीप को गिरफ्तार किया है. यह गिरफ्तारी आतंकवाद के खिलाफ एक महत्वपूर्ण सफलता है और दिल्ली तथा पंजाब में अपराध की दुनिया पर एक गंभीर प्रहार भी है. पुलिस अब इस मामले की गहन जांच कर रही है ताकि आकाशदीप के नेटवर्क और अन्य संदिग्धों की पहचान की जा सके. बब्बर खालसा इंटरनेशनल क्या है बब्बर खालसा इंटरनेशनल (BKI) एक सिख अलगाववादी संगठन है, जिसे पाकिस्तान का समर्थन प्राप्त है. इसे भारत, कनाडा, अमेरिका, ब्रिटेन, यूरोपीय संघ, जापान और मलेशिया जैसे कई देशों द्वारा आतंकवादी संगठन के रूप में मान्यता दी गई है. इस संगठन का मुख्य उद्देश्य भारत के पंजाब क्षेत्र में खालिस्तान नामक एक स्वतंत्र सिख राज्य की स्थापना करना है.