samacharsecretary.com

नगरीय निकायों में ई-गवर्नेंस सेवाओं का होगा विस्तार

नागरिक सेवाएँ ई-नगर पालिका 2.0 एवं ऐप के माध्यम से देने का प्रयास भोपाल  प्रदेश में नगरीय निकायों को कम्प्यूटरीकृत करने के लिये केंद्रीयकृत वेब आधारित ई-नगर पालिका 2.0 संचालित हो रही है। यह परियोजना डिजिटल इंडिया के उद्देश्य को बढ़ावा देने तथा पारदर्शी एवं त्वरित नागरिक सेवा देने के उद्देश्य से नगरीय निकायों में चल रही है। मध्यप्रदेश ऐसा पहला राज्य है जहां प्रदेश के समस्त नगरीय निकायों को एक सिंगल पोर्टल पर लाया गया है। नगरीय विकास एवं आवास विभाग ने वर्ष 2025-26 में ई-गवर्नेंस-आईटी के माध्यम से नागरिक सुविधाओं के विस्तार की कार्ययोजना तैयार की है। नगरीय निकायों की सभी सेवाओं को ऑनलाइन नवीन तकनीक से अपग्रेड किया जायेगा। समस्त नगरीय निकायों में नागरिक सेवाओं को ई-नगर पालिका 2.0 पोर्टल एवं मोबाइल एप्लीकेशन के माध्यम से प्रदाय किया जाएगा। एनालिटिल डेशबोर्ड नगरीय क्षेत्रों के सतत् और योजनाबद्ध विकास तथा विभागीय कार्यों की प्रभावी मॉनिटरिंग के लिये रियल टाइम डेशबोर्ड विकसित किया जा रहा है। विभाग की एआई गार्ड योजना में आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस के प्रयोग किये जाने की भी योजना तैयार की गई है। ई-गवर्नेंस में ज्योग्रोफिकल इन्फॉरमेशन सिस्टम (जीआईएस) के संयोजन के साथ शहरी विकास और सेवा विस्तार में आधुनिक पारदर्शी और डेटा संचालित बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल की जायेगी। जीआईएस पोर्टल पर 90 से अधिक महत्वपूर्ण डाटा लेयर्स का प्रयोग कर इसका विकास किया जायेगा। नवीन 3.0 पोर्टल ऑटोमेटेड बिल्डिंग प्लान अप्रूवल सिस्टम 3.0 पोर्टल (एबीपीएएस) के माध्यम से ऑनलाइन भवन अनुज्ञा की सुविधा समस्त नगरीय निकायों में प्रदाय की जायेगी। इसके साथ ही कॉलोनी विकास अनुज्ञा को भी ऑनलाइन किये जाने को इस वर्ष की कार्ययोजना में शामिल किया गया है। नगरीय निकायों में ई-गवर्नेंस एवं आईटी के विस्तार में व्हाट्सएप चेटबोट के माध्यम से नगरीय निकायों के सभी प्रकार के कर एवं गैर करों के बिल भुगतान की सुविधा एवं सेवाओं की जानकारी देने का प्रयास किया जायेगा।  

खेलों को बढ़ावा: ओलंपिक में गोल्ड लाने पर अब दिल्ली देगी 7 करोड़ और नौकरी

नई दिल्ली  दिल्ली के मंत्री आशीष सूद ने ओलंपिक और पैरा-ओलंपिक में पदक जीतने वाले खिलाड़ियों के लिए बड़ा एलान किया है। जीतने वाले खिलाड़ियों की प्रोत्साहन राशि को बढ़ा दिया गया है। दिल्ली सरकार ने मुख्यमंत्री खेल प्रोत्साहन योजना के तहत ऐतिहासिक फैसला लिया है। दिल्ली के मंत्री आशीष सूद ने जानकारी दी है कि ओलंपिक में जीतने वाले विजेताओं को सरकार की ओर से कैश रिवॉर्ड को बढ़ा दिया गया है।  प्रेस वार्ता में मंत्री आशीष सूद ने बताया कि ओलंपिक गेम्स में गोल्ड जीतने वाल खिलाड़ी को सात करोड़ रुपये, सिल्वर मेडल जीतने वालों को पांच करोड़ रुपये और ब्रॉन्ज मेडल जीतने वालों को तीन करोड़ रुपये दिए जाएंगे। आगे कहा कि ओलंपिक गेम्स में गोल्ड और सिल्वर मेडल जीतने वालों को ग्रुप ए की नौकरी और ब्रॉन्ज मेडलिस्ट को ग्रुप बी की नौकरी दिल्ली सरकार की ओर से दी जाएगी। जानकारी के लिए बता दें पहले दिल्ली सरकार की ओर से ओलंपिक और पैरा-ओलंपिक में पदक जीतने वाले खिलाड़ियों को तीन करोड़, दो करोड़ और एक करोड़ रुपये दिए जाते थे। लेकिन अब प्रधानमंत्री मोदी और मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के नेतृत्व में प्रोत्साहन राशि को बढ़ा दिया गया है।

पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री पटेल ने विभागीय विषयों की समीक्षा की

भोपाल पंचायत एवं ग्रामीण विकास तथा श्रम मंत्री श्री प्रहलाद सिंह पटेल ने मंगलवार को मंत्रालय में विभागीय कार्यों की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने मनरेगा योजना, प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना, पंचायती राज, पीएम पोषण शक्ति अभियान आदि के अंतर्गत जारी कार्यों की समीक्षा की एवं आवश्यक निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि विभाग के अंतर्गत सभी कार्यों को समय-सीमा में पूर्ण करें एवं कार्यों की सूक्ष्मता से मॉनीटरिंग की जाये। इस अवसर पर प्रमुख सचिव श्रीमती दीपाली रस्तोगी, संचालक पंचायत राज संचालनालय श्री छोटे सिंह, मुख्य कार्यपालन अधिकारी आरआरडीए सहित विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।  

संस्कारों की मिसाल बना बेटा: माता-पिता को खाट पर बैठाकर किया 20 किमी की पैदल यात्रा

बालाघाट/लांजी कहते हैं भक्ति और सेवा जब साथ चलें, तो वह दृश्य अद्वितीय बन जाता है। सावन माह में भगवान शिव की भक्ति के ऐसे ही एक अलौकिक दृश्य ने हर किसी को भावुक कर दिया। लांजी के प्रसिद्ध कोटेश्वर धाम में जब तीन बेटों ने अपने वृद्ध माता-पिता को खाट पर बैठाकर 20 किलोमीटर पैदल यात्रा पूरी की, तो हर किसी को श्रवण कुमार की याद आ गई। यह दृश्य सोमवार शाम को कोसमारा से लांजी के बीच दिखा। भीमराज नेताम, अनोत नेताम और दुर्गेश नेताम नामक 3 भाई अपने माता-पिता जयलाल नेताम और सुगन बाई नेताम को खाट पर बिठाकर कांवड़ यात्रा के रूप में कोटेश्वर धाम ले जा रहे थे। उनके साथ चाचा जलम नेताम और अन्य स्वजन भी थे। वर्षों पुरानी मनोकामना हुई पूरी भीमराज नेताम ने बताया कि दो वर्ष पहले उनके मन में यह संकल्प आया था कि वे अपने माता-पिता को कांवड़ में लेकर भगवान कोटेश्वर का जलाभिषेक करवाएंगे। गांव में शिव मंदिर का निर्माण हो चुका था, लेकिन कोटेश्वर धाम ले जाने की मनोकामना अधूरी रह गई थी। इस बार सावन में सभी भाइयों ने मिलकर प्रण किया कि इस बार वह यह सेवा पूर्ण करेंगे और अंततः सोमवार को उन्होंने अपने संकल्प को पूरा कर दिखाया। बोल बम के जयकारों के साथ जैसे-जैसे वे रास्ता तय कर रहे थे, हर कोई उन्हें श्रद्धा से निहार रहा था। रास्ते में पड़ने वाले गांवों के लोगों ने उन्हें पानी पिलाया, विश्राम करवाया और श्रवण कुमार की उपाधि दी। कोटेश्वर धाम पहुंचकर उन्होंने विधिपूर्वक भगवान शिव का जलाभिषेक किया। इसके बाद उसी मार्ग से वे अपने माता-पिता को वापस कोसमारा ले गए। हर-हर महादेव का जयकारा करते निकले कांवड़िये पवित्र श्रावण माह के दूसरे सोमवार को शहपुरा-भिटौनी में करीब 7 km की कांवड़ यात्रा निकाली गई। इस यात्रा में हजारों की संख्या में महिलाएं, बच्चे और बड़े शामिल हुए, जिन्होंने नर्मदा तट के मालकछार घाट से जल भरकर प्रसिद्ध सफेद शिवलिंग सीतासरोवर मंदिर में भगवान शिव का जलाभिषेक किया। आयोजक विश्वजीत सिंह और राजदीप राय ने बताया कि पिछले तीन वर्षों से यह यात्रा निकाली जा रही है, जिससे वे शिव भक्त भी जुड़ पाते हैं जो लंबी कांवड़ यात्रा नहीं कर सकते। इस यात्रा से वे अपनी आस्था और महत्वाकांक्षाओं को नर्मदा जल से अभिषेक कर पूरा कर पा रहे हैं। बेलखाड़ू में कांवड़ यात्रा का किया स्वागत श्रावण मास के दूसरे सोमवार को विश्व हिंदू परिषद महिला शक्ति द्वारा गौरीघाट से कटंगी तक की 56 km लंबी कांवड़ यात्रा निकाली। यात्रा की शुरुआत मां नर्मदा के पूजन-अर्चन से हुई, जिसके बाद लड़कियों और महिला कांवड़धारियों ने 'बम भोले' के जयकारे लगाते हुए पैदल चलकर अपने कंधे पर कांवड़ रखी। ग्राम बेलखाडू के माल बाबा मंदिर, सिमरिया तिराहा और अन्य स्थानों पर शिव भक्तों ने उनका भव्य स्वागत किया। इस दौरान जगह-जगह स्टॉल लगाकर फल, मिठाई और भोजन-पानी भी वितरित किया गया। स्वागत करने के लिए कटंगी नगर परिषद अध्यक्ष अमिताभ साहू, मंडल अध्यक्ष कटंगी भूपेंद्र सिंह ठाकुर, राजू शुक्ला, अरविंद साहू, जतिन उपाध्याय, रज्जी शुक्ला, तनु जानू शिवहरे, गनेश साहू, पीयूष साहू आदि उपस्थित रहे।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने की खरीफ 2025 के लिए उर्वरक व्यवस्था की समीक्षा की

उर्वरक की कालाबाजारी, अवैध भंडारण पर करें कठोर कार्यवाही जिला कलेक्टर डबल लॉक केन्द्रों, पैक्स और निजी विक्रय केन्द्रों का आकस्मिक रूप से करें निरीक्षण उर्वरक के अवैध व्यापार पर 30 एफ.आई.आर., 56 लायसेंस निरस्त, 70 लाइसेंस निलंबन और 188 विक्रय प्रतिबंधित करने की हुई कार्यवाही भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि खरीफ 2025 के लिए किसानों को सुविधापूर्वक, व्यवस्थित ढंग से उर्वरक उपलब्ध कराना सुनिश्चित किया जाए। यूरिया की मांग वाले जिलों में आगामी सात दिवस में प्राप्त होने वाले रैक और उर्वरक वितरण व्यवस्था संबंधी जानकारी का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए। राज्य स्तर से उर्वरक व्यवस्था की लगातार समीक्षा की जा रही है। उर्वरक की कालाबाजारी, अवैध भंडारण, टैगिंग, मिस ब्रांडिंग, अवैध परिवहन पर कठोर कार्यवाही की जाए। विक्रय केन्द्रों पर कृषकों की अधिक भीड़ होने पर अतिरिक्त काउंटर की व्यवस्था कर विक्रय प्रक्रिया संचालित की जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने यह निर्देश मंगलवार को मंत्रालय में आयोजित सहकारिता, राजस्व और किसान कल्याण एवं कृषि विकास विभाग की संयुक्त समीक्षा बैठक में दिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि विपणन संघ के विक्रय केन्द्रों और पैक्स में निर्धारित अनुपात अनुसार उर्वरक का भंडारण सुनिश्चित किया जाए। जिला कलेक्टर डबल लॉक केन्द्रों, पैक्स और निजी विक्रय केन्द्रों का आकस्मिक रूप से निरीक्षण कर स्कंध का सत्यापन सुनिश्चित करें। अनुदानित यूरिया के उपयोग की पशुआहार, पोल्ट्री फीड, लेमिनेशन, रेसिन, प्लाईवुड, पेंट, शराब उद्योग, प्रिंटिंग और मिलावटी दुग्ध उत्पादन में उपयोग की संभावना रहती है। उन्होंने इन स्थानों का औचक निरीक्षण कर अनुदानित यूरिया पाए जाने पर कठोर कार्रवाई करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नैनो यूरिया के उपयोग को प्रोत्साहित करने की आवश्यकता बताई। उन्होंने कहा कि किसानों की आवश्यकतानुसार उर्वरक की घर पहुंच सेवा आरंभ करने पर भी विचार किया जाना चाहिए। इससे अनुदानित यूरिया के दुरूपयोग को रोका जा सकेगा। बैठक में बताया गया कि उर्वरकों की कालाबाजारी, अवैध भंडारण या परिवहन और नकली उर्वरकों के संबंध में अब तक 30 एफ.आई.आर. की गईं, 56 लायसेंस निरस्त, 70 लाइसेंस निलंबन और 188 विक्रय प्रतिबंधित करने की कार्यवाही की गई है। बैठक में राजस्व मंत्री श्री करण सिंह वर्मा, किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री श्री एदल सिंह कंषाना, सहकारिता मंत्री श्री विश्वास सारंग, मुख्य सचिव श्री अनुराग जैन सहित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। 

मध्य क्षेत्र के बिजली उपभोक्ताओं को 1498.62 करोड़ से अधिक की सब्सिडी दी गई

भोपाल  ऊर्जा मंत्री श्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने बताया है कि राज्य शासन की सर्वोच्च प्राथमिकता वाली अटल गृह ज्योति योजना का प्रदेश में प्रभावी और पारदर्शिता के साथ क्रियान्वयन किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि पिछले एक साल के दौरान मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी में 30 लाख से ज्यादा घरेलू उपभोक्ताओं को करीब 1498 करोड़ 62 लाख रूपए से अधिक की सब्सिडी दी गई है। मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी ने बताया कि वर्ष 2024- 25 में सबसे ज्यादा सब्सिडी भोपाल क्षेत्र के राजगढ़ वृत्‍त के उपभोक्‍ताओं की 115 करोड़ 63 लाख रूपए से अधिक की सब्सिडी प्रदान की गई है। इसी तरह से ग्‍वालियर क्षेत्र के शिवपुरी वृत्‍त के उपभोक्‍ताओं को सर्वाधिक 125 करोड़ 87 लाख रूपये की सब्सिडी प्रदान की गई है। यह सब्सिडी घरेलू श्रेणी के उपभोक्ताओं को दी गई है। उपभोक्ताओं के बिल पर सब्सिडी का भी उल्लेख रहता है। मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी ने बताया कि दैनिक 5 यूनिट अधिकतम खपत एवं माह में 150 यूनिट तक खपत वाले उपभोक्ता इस योजना की पात्रता रखते हैं। इन्हें प्रथम सौ यूनिट तक बिजली 100 रूपए में प्रदान की जाती है। शेष 50 यूनिट का बिल मौजूदा टैरिफ की दर से तैयार होता है। 30 दिन में 150 यूनिट से ज्यादा खपत करने वाले उपभोक्ता को माह विशेष में सब्सिडी की पात्रता नहीं रहती।  

मंत्रि-परिषद की मुहर: सांख्यिकी से समृद्धि की दिशा में बड़ा कदम, डाटा सुदृढ़ीकरण योजना को मंजूरी

मंत्रि-परिषद ने सांख्यिकी से समृद्धि के लिए डाटा सुदृढ़ीकरण योजना को दी स्वीकृति मंत्रि-परिषद की मुहर: सांख्यिकी से समृद्धि की दिशा में बड़ा कदम, डाटा सुदृढ़ीकरण योजना को मंजूरी डाटा सुदृढ़ीकरण योजना को मिली हरी झंडी, 'सांख्यिकी से समृद्धि' पर सरकार का फोकस सटीक आंकड़े, सशक्त नीति: डाटा सुदृढ़ीकरण योजना को मंत्रिमंडल की स्वीकृति नीति निर्माण को मिलेगा मजबूती का आधार, डाटा सुदृढ़ीकरण योजना को मिली कैबिनेट की स्वीकृति ‘सांख्यिकी से समृद्धि’ मिशन के तहत डाटा इंफ्रास्ट्रक्चर को मिलेगा बूस्ट, मंत्रि-परिषद ने दी मंजूरी गांधीसागर जल विद्युत गृह की इकाइयों के नवीनीकरण एवं आधुनिकीकरण का अनुमोदन मुख्यमंत्री डॉ. यादव की अध्यक्षता में मंत्रि-परिषद के निर्णय   भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंत्रि-परिषद की बैठक मंगलवार को मंत्रालय में हुई। मंत्रि-परिषद द्वारा प्रदेश के योजना, आर्थिक एवं सांख्यिकी विभाग के अंतर्गत सांख्यिकी संबंधी आंकड़ों का समयावधि में संकलन (डाटा कलेक्शन) एवं विश्लेषण कर विभागों, आमजन एवं योजनाविदों के उपयोग के लिए आंकड़े उपलब्ध कराने के लिए प्रदेश में ''डाटा सुदृढ़ीकरण योजना'' की स्वीकृति प्रदान की गयी। राज्य सरकार इस योजना के माध्यम से "सांख्यिकी से समृद्धि" की दिशा में एक नई पहल कर रही है। योजना से सरकार को डाटा के आधार पर बेहतर और सही निर्णय लेने में मदद मिलेगी। साथ ही डाटा और उसका विश्लेषण समय पर मिलने से सरकार बेहतर नीति बना सकेगी। समस्त विभाग बिना किसी रुकावट के डाटा साझा कर सकेंगे, जिससे काम में पारदर्शिता आएगी और कर्मचारियों की कार्यक्षमता में भी वृद्धि होगी। स्वतंत्र शोधकर्ताओं और नीति-निर्माताओं को भी डाटा उपलब्ध होगा, जिससे नई योजनाओं का निर्माण आसान होगा। नागरिकों को भी डाटा की जानकारी मिल सकेगी, जिससे शासन अधिक पारदर्शी और जवाबदेह बनेगा। डाटा की उपलब्धता से निवेशकों का भरोसा बढ़ेगा और राज्य में निवेश को बढ़ावा मिलेगा। गांधीसागर जल विद्युत गृह की इकाइयों के नवीनीकरण का अनुमोदन मंत्रि-परिषद द्वारा म.प्र. पॉवर जनरेटिंग कंपनी लिमिटेड के अंतर्गत संचालित (5×23) मेगावाट गांधीसागर एवं (4×43 मेगावाट) राणाप्रताप सागर जल विद्युत गृह के नवीनीकरण एवं आधुनिकीकरण के लिए मध्यप्रदेश ‌द्वारा देय राशि का अनुमोदन प्रदान किया गया। निर्णय अनुसार गांधीसागर जल विद्‌युत गृह की पांचों इकाइयों (5×23 मेगावाट) के नवीनीकरण एवं आधुनिकीकरण की पुनरीक्षित अनुमानित लागत 464 करोड़ 55 लाख रुपये का अनुमोदन प्रदान किया गया। राणा प्रताप सागर जल विद्युत गृह की चारों इकाइयों (4×43 मेगावाट) के नवीनीकरण एवं आधुनिकीकरण की डी.पी.आर. में वर्णित अनुमानित लागत 573 करोड़ 76 लाख रूपये का अनुमोदन प्रदान किया गया। दोनो परियोजनाओं की स्वीकृति परियोजना राशि पर निर्धारित अंशपूँजी को मध्यप्रदेश एवं राजस्थान राज्य द्वारा 50:50 अनुपात पर वित्त विभाग के परामर्श अनुसार मध्यप्रदेश की हिस्से की राशि 127 करोड़ 6 लाख रुपये को वर्षवार प्रदान किये जाने का अनुमोदन किया गया। मशीनरी बदलने के लिए राशि का व्यय होगा। परियोजना अगले 40 साल के लिए उपयोगी है दोनों प्रदेश कि विद्युत् उत्पादन कंपनियां अपने-अपने राज्य में स्थित परियोजना का क्रियान्वयन करेगी एवं कार्यों की लागत का लेखा-जोखा पारदर्शी रूप से संधारित कर एक दूसरे से साझा करेंगी तथा मौजूदा प्रथा के अनुसार वितीय खातों का तिमाही/वार्षिक मिलान कर समायोजित करेगी। विक्रमोत्सव व्यापार मेला उज्जैन मोटरयान कर में 50 प्रतिशत छूट के निर्णय का अनुसमर्थन मंत्रि-परिषद ने उज्जैन के विक्रमोत्सव व्यापार मेला वर्ष-2025 में ऑटोमोबाइल विक्रय पर मोटरयान कर में 50% छूट प्रदान करने का निर्णय लेते हुए परिवहन विभाग की अधिसूचना 14 जनवरी 2025 एवं 9 अप्रैल 2025 का अनुसमर्थन किया गया। निर्णय अनुसार ऐसे समस्त गैर-परिवहन यानों (मोटर साइकिल, मोटर कार, निजी उपयोग के लिए ओमनी बस) तथा हल्के परिवहन यानों को, विक्रय पर जीवनकाल मोटरयान कर की दर में 50 प्रतिशत की छूट प्रदान की जाएगी, जिनका कि वर्ष 2025 में उज्जैन व्यापार मेला की मेला अवधि के दौरान विक्रय किया जाएगा। छूट केवल विक्रीत वाहनों का क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय, उज्जैन से स्थाई पंजीयन कराने पर ही प्रदान की जाएगी। उज्जैन के बाहर से आने वाले ऑटोमोबाइल व्यवसायी को क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय, उज्जैन से व्यवसाय प्रमाण-पत्र प्राप्त करने तथा उज्जैन में मेला प्रांगण में अपनी भौतिक उपस्थिति सुनिश्चित करने के उपरांत ही वाहन विक्रय करने को अनुमत किया जाएगा। ग्वालियर व्यापार मेला 2024-25 में मोटरयान कर में 50 प्रतिशत छूट के निर्णय का अनुसमर्थन मंत्रि-परिषद द्वारा ग्वालियर व्यापार मेला 2024-25 में ऑटोमोबाइल विक्रय पर कर में 50% छूट प्रदान करने का निर्णय लेते हुए परिवहन विभाग की अधिसूचना 14 जनवरी 2025 का अनुसमर्थन किया गया। अधिसूचना में ग्वालियर व्यापार मेला वर्ष 2024-25 के लिए शर्तों के आधार पर सहमति प्रदाय की गई थी। निर्णय अनुसार ग्वालियर व्यापार मेला वर्ष 2024-2025 में गैर-परिवहन यानों (मोटर साइकिल, मोटर कार, ओमनी बस निजी उपयोग के लिए) और हल्के परिवहन यानों को मेला अवधि के दौरान विक्रय पर जीवनकाल मोटरयान कर की दर में 50 प्रतिशत की छूट प्रदान की जाएगी। विक्रीत वाहनों का क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय, ग्वालियर से स्थाई पंजीयन करने पर ही छूट प्रदान की जाएगी। ग्वालियर के बाहर से आने वाले ऑटोमोबाइल व्यवसायी क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय, ग्वालियर में व्यवसाय प्रमाण-पत्र प्राप्त करने के उपरांत मेला प्रांगण में अपनी भौतिक उपस्थिति सुनिश्चित करने पर ही वाहन विक्रय कर सकेंगे।  

दिल्ली के इंदिरा गांधी हवाई अड्डे पर हुआ हादसा- लैंड होते ही एयर इंडिया विमान में अचानक लगी आग

नई दिल्ली  दिल्ली के इंदिरा गांधी हवाई अड्डे (IGI) पर मंगलवार को हादसा हो गया। आईजीआई पर लैंडिंग के ठीक बाद एयर इंडिया विमान के पीछे वाले हिस्से में अचानक आग लग गई। इस हादसे में विमान को कुछ नुकसान हुआ। यात्री और चालक दल के सदस्य सुरक्षित रूप से विमान से उतर गए। एयरलाइन के अनुसार, मंगलवार, 22 जुलाई को हांगकांग से दिल्ली जाने वाली उड़ान AI 315 में लैंडिंग और गेट पर पार्क होने के तुरंत बाद सहायक विद्युत इकाई (APU) में आग लग गई। एयर इंडिया ने कहा कि विमान को आगे की जांच के लिए रोक दिया गया है और नियामक को सूचित कर दिया गया है। लैंड करते ही एयर इंडिया के प्लेन की पॉवर यूनिट में लगी आग इस घटना को लेकर एयर इंडिया के एक प्रवक्ता ने एक बयान जारी कर कहा कि 22 जुलाई 2025 को हांगकांग से दिल्ली के लिए उड़ान भरने वाली उड़ान AI 315 में लैंडिंग और गेट पर पार्क होने के तुरंत बाद सहायक विद्युत इकाई (APU) में आग लग गई। यह घटना तब हुई जब यात्री उतरने लगे थे। सिस्टम डिजाइन के अनुसार APU स्वचालित रूप से बंद हो गया।   यात्री और चालक दल सुरक्षित प्रवक्ता ने बताया कि इस हादसे में विमान को कुछ नुकसान हुआ है। हालांकि, यात्री और चालक दल के सदस्य सामान्य रूप से उतर गए और सुरक्षित हैं। विमान को आगे की जांच के लिए रोक दिया गया है और नियामक को सूचित कर दिया गया है। दिल्ली अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा लिमिटेड (DIAL) ने कहा कि आग बुझा दी गई है और मामले की जांच जारी है। आपको बता दें कि एयर इंडिया सोमवार को दो अलग-अलग विमान दुर्घटनाओं के कारण सुर्खियों में रही। कोलकाता जाने वाले एयर इंडिया के एक विमान को दिल्ली हवाई अड्डे पर तकनीकी खराबी के कारण उड़ान रद्द करनी पड़ी। वहीं एक अन्य घटना में कोच्चि से मुंबई जा रहा एयर इंडिया का विमान AI2744, मुंबई हवाई अड्डे पर भारी बारिश के बीच उतरते समय रनवे से फिसल गया। एयरलाइन के एक प्रवक्ता ने एक बयान में कहा, विमान सुरक्षित रूप से गेट तक पहुंच गया और सभी यात्री और चालक दल के सदस्य उतर गए। विमान को जाँच के लिए रोक दिया गया है।

नए प्रदेश अध्यक्ष की तलाश शुरू? योगी और शीर्ष नेताओं की बैठक में हुई अहम चर्चा

लखनऊ उत्तर प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी के नए प्रदेश अध्यक्ष को लेकर संगठन के भीतर बैठकों का दौर लगातार जारी है। इसी कड़ी में पार्टी की एक अहम बैठक मुख्यमंत्री आवास पर हुई जिसमें भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र चौधरी और संगठन मंत्री धर्मपाल सिंह मौजूद थे। भाजपा के सूत्रों की माने तो मुख्यमंत्री आवास पर यह बैठक सोमवार दोपहर में हुई, जिसमें ये दोनों वरिष्ठ नेता मौजूद थे। तीनों अहम व्यक्तियों की यह मुलाक़ात कई मायनों में अहम मानी जा रही है।   नए प्रदेश अध्यक्ष की नियुक्ति की अटकलें तेज उत्तर प्रदेश में नए प्रदेश अध्यक्ष की नियुक्ति की अटकलें लगातार तेज हो गई हैं। बीजेपी के सूत्र बता रहे हैं कि इस बैठक में नए प्रदेश अध्यक्ष की नियुक्ति और उसके बाद होने वाले संभावित मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर चर्चा हुई। मुख्यमंत्री आवास पर यह बैठक करीब आधे घंटे तक चली और फिर धरमपाल सिंह और बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष वापस पार्टी कार्यालय आ गए। सूत्रों के मुताबिक़, इस अहम बैठक के बाद मंगलवार को प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र चौधरी दिल्ली जाएंगे। माना जा रहा है कि उनके साथ संगठन मंत्री धर्मपाल सिंह भी दिल्ली जा सकते हैं। बताया जा रहा है कि उत्तर प्रदेश की राजनीति के लिहाज से ये सप्ताह काफ़ी अहम होने वाला है। पीएम मोदी और अमित शाह से भी मिले योगी  गौरतलब है कि एक दिन पहले ही मुख्यमंत्री योगी ने दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जे पी नड्डा से मुलाकात की थी। इसके बाद वह लखनऊ लौट आए थे। उनके दौरे के बाद अब मुख्यमंत्री आवास पर हुई बैठक और उसके बाद प्रदेश अध्यक्ष का दिल्ली दौरा काफ़ी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। उत्तर प्रदेश में नए प्रदेश अध्यक्ष की नियुक्ति की कवायद चल रही है। इसी कड़ी में कई बड़े नाम शामिल हैं लेकिन इस दौड़ में पूर्व प्रदेश अध्यक्ष केशव प्रसाद मौर्य की दावेदारी सबसे ज़्यादा तगड़ी मानी जा रही है।       

उद्यानिकी फसल मार्केटिंग सलाहकार बोर्ड की बैठक 23 जुलाई को

भोपाल  उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण मंत्री श्री नारायण सिंह कुशवाह की अध्यक्षता में उद्यानिकी फसल मार्केटिंग सलाहकार बोर्ड की बैठक 23 जुलाई को दोपहर 12 बजे से मंत्रालय VB-2 के कक्ष क्रमांक 427 में होगी। बैठक में उद्यानिकी फसल मार्केटिंग बोर्ड गठन पर की गई कार्रवाई की समीक्षा की जायेगी। बैठक कृषि उत्पादन आयुक्त, अपर मुख्य सचिव उद्यानिकी एवं खादय प्रसंस्करण, सचिव कृषि विभाग, संचालक किसान कल्याण तथा कृषि प्रबंध संचालक मण्डी बोर्ड तथा प्रबंध संचालक मध्यप्रदेश राज्य कृषि उद्योग विकास निगम उपस्थित रहेंगे।