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मेरठ में कांवड़ियों का स्वागत, सीएम योगी ने हुड़दंगियों पर कार्रवाई की चेतावनी दी

मेरठ प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ रविवार को मेरठ पहुंचे और कांवड़ियों पर पुष्प वर्षा की। सीएम ने साफ कहा कि कांवड़ यात्रा के दौरान हुड़दंग मचाने वाले और तोड़फोड़ करने वालों का बख्शा नहीं जाएगा। सीसीटीवी के माध्यम से उन्हें चिह्नित कर कार्रवाई की जाएगी। कानून हाथ में लेने का किसी को हक नहीं है। मोदीपुरम की शोभित यूनिवर्सिटी में सीएम का हेलीकॉप्टर उतरा। दुल्हेड़ा चौकी के पास लगे स्टेज से सीएम ने कांवड़ियों पर पुष्पवर्षा की। स्टेज पर राज्यसभा सांसद डॉ. लक्ष्मीकांत वाजपई, राज्यमंत्री डॉ. सोमेंद्र तोमर, निवर्तमान दर्ज प्राप्त मंत्री पंडित सुनील भराला, कैंट विधायक अमित अग्रवाल समेत अन्य भाजपा नेता मौजूद रहे।  पूर्व विधायक संगीत सोम को रोका मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मेरठ आगमन पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। शोभित यूनिवर्सिटी में सीएम योगी के हेलीकॉप्टर के उतरने का कार्यक्रम था। शोभित विवि के बाहर पूर्व विधायक संगीत सोम को रोक दिया गया। संगीत सोम अपनी गाड़ी से अंदर जाने के लिए अड़ गए, लेकिन पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने उन्हें अंदर नहीं जाने दिया। इस बीच संगीत सोम इधर उधर फोन घुमाते रहे। काफी देर खड़े होने के बाद वह अपनी गाड़ी से आगे चले गए।  

ट्रेलर की टक्कर से बड़ा हादसा: बाबा धाम जा रहे चार श्रद्धालुओं की जान गई

बलिया बलिया के नरहीं थाना क्षेत्र के तेतारपुर गांव से रविवार की दोपहर में 25 श्रद्धालु पिकअप वैन पर सवार होकर बाबा धाम जलाभिषेक करने जा रहे थे। बिहार के बेगूसराय में ट्रेलर ने पिकअप में पीछे से टक्कर मार दी। हादसे में लाची देवी (45) पत्नी मुघुन राजभर और हरेंद्र राजभर (60) की मौके पर मौत हो गई। वहीं, मुघुन राजभर (48) और घुरूहू राम (45) एंबुलेंस से घर आते समय रास्ते में ही दम तोड़ दिया। मुघुन राजभर की पत्नी लाची देवी की मौत घटनास्थल पर ही हो गई थी। ग्राम प्रधान बृज नारायण राजभर सहित 21 घायलों को घर लाने के बाद इलाज के लिए जिला चिकित्सालय भेजा गया। मृतकों का पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया। इस घटना के बाद तेतारपुर गांव में कोहराम मच गया है। इस दर्दनाक हादसे में कुल चार लोगों की माैत हो गई है।

सड़क पर बिछीं लाशें, उजड़ गया परिवार: भंडारे में शामिल होने जा रहे थे सभी

मथुरा मथुरा में यमुना एक्सप्रेस-वे पर शुक्रवार की रात नींद की झपकी आने के कारण चालक ने ईको कार आगे चल रहे किसी वाहन में घुसा दी। दुर्घटना में पिता-पुत्र, भांजे समेत एक ही परिवार के छह लोगों की मौत हो गई। जबकि मां-बेटी गंभीर रूप से घायल हो गईं। ईको कार सवार बटेश्वर मेले में अखंड रामायण का पाठ और भंडारा कराने के लिए जा रहे थे। सूचना पर डीएम और एसएसपी मौके पर पहुंच गए। एसएसपी श्लोक कुमार ने बताया कि शुक्रवार की रात 3.30 बजे के करीब यमुना एक्सप्रेस-वे के माइल स्टोन (140) सराय सलवाहन के पास ईको कार पीछे से किसी वाहन में घुस गई। इसमें आगरा के थाना बाह निवासी धर्मवीर, उनके पुत्र रोहित, आर्यन, भांजे पारस उर्फ पार्थ, दलवीर, बेटे के मित्र दुष्यंत की मौके पर ही मौत हो गई। जबकि धर्मवीर की पत्नी सोनी और बेटी पायल गंभीर रूप से घायल हो गई। धर्मवीर के भाई राकेश ने बताया कि सभी लोग बटेश्वर मेले में शामिल होने जा रहे थे। उनका भाई धर्मवीर पिछले आठ साल से सावन के दूसरे सोमवार को बटेश्वर मेले में भंडारा करते थे। शुक्रवार को सभी लोग ईको में सवार होकर बटेश्वर मेले में शामिल होने के लिए निकले थे। उन्होंने बताया कि रविवार को मेले में अखंड रामायण का पाठ कराना था।   अखंड रामायण का पाठ खत्म होने के बाद सोमवार को भंडारा होना था। मेले में शामिल होने से पहले ही हादसा हो गया। धर्मवीर चार भाइयों में तीसरे नंबर का थे। उन्होंने गांव में रहने वाले अपने छोटे भाई को बटेश्वर में सामाना लाने के लिए बोला था। भंडारे में शामिल होने जा रहे रोहित के दोस्त दुष्यंत की भी हुई मौत धर्मवीर का पूरा परिवार प्रत्येक साल बटेश्वर मेले में सावन के दूसरे सोमवार को भंडारा कराता था। भंडारा कराने के लिए शनिवार को परिजन ईको कार में सवार होकर निकले। भंडारे में शामिल होने के लिए रोहित का दोस्त दुष्यंत भी साथ था। धर्मवीर के भाई राकेश सिंह ने बताया कि रोहित की दुकान के पास ही एक पॉलिथीन बनाने की फैक्टरी है। इस फैक्टरी में दुष्यंत मुनीम का कार्य करता था। दुकान और फैक्टरी पास होने के कारण दुष्यंत की रोहित से दोस्ती हुई। जवान बेटों के शव देख बिलख पड़े पिता दुर्घटना में धर्मवीर के भांजे पारस उर्फ पार्थ और दलवीर की मौत हो गई। इसकी जानकारी जब उनके पिता विश्वनाथ को हुई तो पहले तो वह यह मानने को तैयार नहीं हुए, लेकिन पोस्टमार्टम पर अपने सबसे बड़े बेटे दलवीर और छोटे बेटे पार्थ का शव देख उनके पैरों तले जमीन खिसक गई। जवान बेटों के शव देखकर उन्हें समझ ही नहीं आ रहा था कि यह क्या हो गया। पोस्टमार्टम हाउस पर भी वह बदहवास हालात में घूमते रहे। उनके बीच के बेटे अनुराग ने उन्हें किसी तरह संभाला।  

राजस्थान बोर्ड की पूरक परीक्षा का टाइमटेबल घोषित, 6 अगस्त से होंगे एग्जाम

जयपुर राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (RBSE) ने कक्षा 10वीं और 12वीं की सप्लीमेंट्री परीक्षा 2025 की आधिकारिक समय सारिणी जारी कर दी है, जो छात्र मुख्य परीक्षा में एक या दो विषयों में अनुत्तीर्ण हुए हैं, वे इस पूरक परीक्षा के माध्यम से दोबारा मौका पा सकते हैं। परीक्षा में शामिल होने वाले छात्र RBSE की आधिकारिक वेबसाइट rajeduboard.rajasthan.gov.in पर जाकर पूरा टाइम टेबल पीडीएफ प्रारूप में देख और डाउनलोड कर सकते हैं। इस बार की पूरक परीक्षाएं 6 अगस्त से शुरू होकर 8 अगस्त 2025 तक एक ही शिफ्ट में आयोजित की जाएंगी। तिथि और समय राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड द्वारा जारी आधिकारिक समय सारिणी के अनुसार, कक्षा 10वीं और 12वीं की पूरक परीक्षाएं 6 अगस्त से 8 अगस्त 2025 तक आयोजित की जाएंगी। इन परीक्षाओं का आयोजन प्रातः 8:30 बजे से 11:45 बजे तक एक ही पाली में किया जाएगा। छात्र अपनी संबंधित परीक्षा तिथि और विषयवार विवरण के लिए RBSE की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध PDF टाइम टेबल देख सकते हैं।   सख्त नियम, ध्यान रखें ये बातें     अगर किसी छात्र को पढ़ने या समझने में दिक्कत होती है (जैसे Learning Disability), और वह इसका प्रमाण पत्र परीक्षा केंद्र पर बनी समिति को दिखाता है, तो उसे परीक्षा में कुछ खास सुविधाएं दी जाएंगी।     परीक्षा केंद्र पर बोर्ड के नियुक्त शिक्षक या निगरानी अधिकारी छात्रों की जांच कर सकते हैं और अगर किसी के पास नकल से जुड़ी कोई चीज़ मिलती है तो उसे जब्त कर सकते हैं।     अगर कोई छात्र तलाशी देने से मना करता है, विरोध करता है या हंगामा करता है, तो इसे अनुशासनहीनता माना जाएगा।     साथ ही, छात्र को अपनी उत्तर पुस्तिका में सिर्फ निर्धारित स्थान पर ही नाम या रोल नंबर लिखना चाहिए। कहीं और लिखना नियम के खिलाफ है।     परीक्षा हॉल में कैलकुलेटर, मोबाइल फोन, पेजर, डिजिटल डायरी या अन्य कोई इलेक्ट्रॉनिक उपकरण लाना सख्त मना है।     परीक्षा में दिए गए प्रश्न पत्र पर निर्धारित स्थान पर अपना रोल नंबर लिखना अनिवार्य है।     प्रश्न हल करने के बाद उत्तर पुस्तिका के अंतिम पृष्ठ पर "समाप्त" शब्द जरूर लिखें और जो पृष्ठ खाली हैं, उन पर तिरछी रेखा (लाइन) लगाकर काट दें।  

राजस्थान बोर्ड की पूरक परीक्षा का टाइमटेबल घोषित, 6 अगस्त से होंगे एग्जाम

जयपुर राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (RBSE) ने कक्षा 10वीं और 12वीं की सप्लीमेंट्री परीक्षा 2025 की आधिकारिक समय सारिणी जारी कर दी है, जो छात्र मुख्य परीक्षा में एक या दो विषयों में अनुत्तीर्ण हुए हैं, वे इस पूरक परीक्षा के माध्यम से दोबारा मौका पा सकते हैं। परीक्षा में शामिल होने वाले छात्र RBSE की आधिकारिक वेबसाइट rajeduboard.rajasthan.gov.in पर जाकर पूरा टाइम टेबल पीडीएफ प्रारूप में देख और डाउनलोड कर सकते हैं। इस बार की पूरक परीक्षाएं 6 अगस्त से शुरू होकर 8 अगस्त 2025 तक एक ही शिफ्ट में आयोजित की जाएंगी। तिथि और समय राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड द्वारा जारी आधिकारिक समय सारिणी के अनुसार, कक्षा 10वीं और 12वीं की पूरक परीक्षाएं 6 अगस्त से 8 अगस्त 2025 तक आयोजित की जाएंगी। इन परीक्षाओं का आयोजन प्रातः 8:30 बजे से 11:45 बजे तक एक ही पाली में किया जाएगा। छात्र अपनी संबंधित परीक्षा तिथि और विषयवार विवरण के लिए RBSE की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध PDF टाइम टेबल देख सकते हैं।   सख्त नियम, ध्यान रखें ये बातें     अगर किसी छात्र को पढ़ने या समझने में दिक्कत होती है (जैसे Learning Disability), और वह इसका प्रमाण पत्र परीक्षा केंद्र पर बनी समिति को दिखाता है, तो उसे परीक्षा में कुछ खास सुविधाएं दी जाएंगी।     परीक्षा केंद्र पर बोर्ड के नियुक्त शिक्षक या निगरानी अधिकारी छात्रों की जांच कर सकते हैं और अगर किसी के पास नकल से जुड़ी कोई चीज़ मिलती है तो उसे जब्त कर सकते हैं।     अगर कोई छात्र तलाशी देने से मना करता है, विरोध करता है या हंगामा करता है, तो इसे अनुशासनहीनता माना जाएगा।     साथ ही, छात्र को अपनी उत्तर पुस्तिका में सिर्फ निर्धारित स्थान पर ही नाम या रोल नंबर लिखना चाहिए। कहीं और लिखना नियम के खिलाफ है।     परीक्षा हॉल में कैलकुलेटर, मोबाइल फोन, पेजर, डिजिटल डायरी या अन्य कोई इलेक्ट्रॉनिक उपकरण लाना सख्त मना है।     परीक्षा में दिए गए प्रश्न पत्र पर निर्धारित स्थान पर अपना रोल नंबर लिखना अनिवार्य है।     प्रश्न हल करने के बाद उत्तर पुस्तिका के अंतिम पृष्ठ पर "समाप्त" शब्द जरूर लिखें और जो पृष्ठ खाली हैं, उन पर तिरछी रेखा (लाइन) लगाकर काट दें।  

एविएशन इंफ्रास्ट्रक्चर को बढ़ावा: कोटा एयरपोर्ट के लिए 385 करोड़ का अगला कदम

कोटा कोटा के ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट प्रोजेक्ट के निर्माण से जुड़ी प्रक्रिया में निरंतर प्रगति हो रही है। एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया (AAI) ने गुरुवार को 384.79 करोड़ का दूसरा टेंडर जारी किया है, जिसके अंतर्गत नए टर्मिनल भवन, एटीसी टॉवर, फायर स्टेशन, कार पार्किंग और सिटी साइड डेवलपमेंट जैसे प्रमुख कार्य शामिल हैं। टेंडर के लिए निविदाएं 15 सितंबर 2025 तक आमंत्रित की जाएंगी। निर्माण कार्यों के लिए 18 माह की समय-सीमा निर्धारित की गई है। इससे पूर्व फरवरी में AAI ने कोटा एयरपोर्ट के पहले चरण के तहत एयर साइड निर्माण कार्यों जैसे रनवे, टैक्सी वे, एप्रन आदि के लिए 467.67 करोड़ का टेंडर जारी किया गया था, जिसकी प्रक्रिया वर्तमान में अंतिम चरण में है। पहले और दूसरे चरण को मिलाकर अब तक कोटा एयरपोर्ट के लिए कुल 850 करोड़ से अधिक के कार्य टेंडर प्रक्रिया में आ चुके हैं। नागरिक उड्डयन मंत्रालय की ओर से अनुसार कोटा ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट का निर्माण दिसंबर 2027 तक पूर्ण कर यहां से नियमित विमान सेवा शुरू करने का लक्ष्य रखा है। लोकसभा कैंप कार्यालय और उड्डयन मंत्रालय की ओर से लगातार प्रोजेक्ट की मॉनिटरिंग की जा रही है।  

यात्रियों को राहत: भोपाल-सागर मार्ग पर रफ्तार और सुविधा दोनों मिलेगी

भोपाल/सागर  मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल से सागर का सफर जल्द ही आसान और आरामदायक होगा। भोपाल-सागर के बीच हाईवे निर्माण का काम तेजी से चल रहा है। कुल 6 टुकड़ों में बन रहे इस हाईवे का मोरीकोड़ी से विदिशा तक बन रहे खंड का काम लगभग 85 फीसदी पूरा हो चुका है। उम्मीद है कि इस पर से नए साल के पहले महीने से आवागमन भी शुरू हो जाएगा। बाकी बचे तीन खंडों में भी जल्द ही निर्माण कार्य शुरू हो जाएगा। एनएचएआइ व तीन नई ठेका कंपनियों के बीच निर्माण कार्य को लेकर अनुबंध कर लिया गया है। 6 टुकड़ों में बन रहा भोपाल-सागर हाईवे भोपाल-सागर हाईवे के निर्माण कार्य को छह खंडों में विभाजित कर पूर्ण करने की योजना बनाई गई है। वर्तमान में दो खंडों में कार्य चल रहा है। विदिशा जिले के तीन खंडों में कार्य अभी तक शुरू नहीं हो पाया था। निविदा सहित अन्य प्रक्रियाओं को पूर्ण करने के बाद अब जल्द ही कार्य शुरू होगा। चौथा खंड सागर जिले में है। वहां के लिए भी प्रक्रिया शुरू है। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएचएआइ) के परियोजना निदेशक सिद्धांत सिंघई के अनुसार विदिशा जिले में विदिशा से ग्यारसपुर, ग्यारसपुर से राहतगढ़ और राहतगढ़ से बेरखेड़ी का कार्य अधिकतम एक अक्टूबर से शुरू कर दिया जाएगा। बाकी चौथे खंड बेरखेड़ी से सागर तक का कार्य भी जल्द ही शुरू होगा। जबकि बेरखेड़ी से सागर तक लिंक रोड का निर्माण कार्य भी पूरा होने वाला है। मोरीकोड़ी-विदिशा बायपास तक काम पूरा रायसेन जिले के मोरीकोड़ी से विदिशा तक 20.5 किलोमीटर के खंड में फोरलेन सड़क का निर्माण 85 प्रतिशत पूर्ण हो चुका है। जबकि मोरीकोड़ी से विदिशा बायपास तक 95 प्रतिशत से अधिक कार्य कर लिया गया है। ज्यादातर कार्य विदिशा बायपास से मिर्जापुर तक बाकी है। इस हिस्से में अभी पांच से छह महीने का वक्त लगेगा। जबकि मोरीकोड़ी से विदिशा बायपास तक के हिस्से में अधिकतम तीन से चार महीने में आवागमन शुरू हो जाएगा। करीब 320 करोड़ से स्वीकृत इस कार्य के पूर्ण होने पर न केवल विदिशा से रायसेन की बल्कि भोपाल की दूरी भी सांची व सलामतपुर से होकर जाने की तुलना में 10 किलोमीटर तक कम हो जाएगी।

पीएम श्री एयर एम्बुलेंस सेवा जनहित में सशक्त भूमिका निभा रही

भोपाल  पीएम श्री एयर एम्बुलेंस सेवा जनहित में सशक्त भूमिका निभा रही है। आपातकाल में उन्नत चिकित्सा सेवा मुहैया कराने में बहुमूल्य समय की बचत कर जीवन संरक्षण किया जा रहा है। सिंगरौली जिले के श्री लाल कृष्ण वैश्य (31 वर्ष) को गंभीर अवस्था में जबलपुर से इंदौर स्थित आयुष्मान भारत से सम्बद्ध अस्पताल में एयर एम्बुलेंस सेवा से सफलतापूर्वक एयर लिफ्ट किया गया। श्री लाल कृष्ण सड़क दुर्घटना में बुरी तरह घायल हो गए थे, जिससे उनके पूरे शरीर का पक्षाघात (पैरालिसिस) हो गया। मरीज की स्थिति अत्यंत गंभीर होने के कारण सड़क या रेल मार्ग से परिवहन जोखिमपूर्ण था। इस स्थिति में एयर एम्बुलेंस सेवा ही एकमात्र सुरक्षित विकल्प था, जिसने समय रहते उन्हें उन्नत उपचार के लिए इंदौर पहुँचाया और उनकी जान बचाई जा सकी। पीएम श्री एयर एम्बुलेंस सेवा का उद्देश्य सड़क दुर्घटनाओं, औद्योगिक हादसों एवं प्राकृतिक आपदाओं से पीड़ित मरीजों को त्वरित एवं सुरक्षित चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराना है। यह सेवा राज्य के नागरिकों के लिए एक अत्यंत उपयोगी और जीवन रक्षक सुविधा बन चुकी है। सेवा के अंतर्गत आयुष्मान कार्ड धारकों को निःशुल्क वायु परिवहन की सुविधा दी जाती है, अन्य नागरिकों के लिए भी निर्धारित परिस्थितियों में सुलभ दरों पर यह सुविधा उपलब्ध कराई जाती है। एयर एम्बुलेंस सेवा: पात्रता एवं स्वीकृति प्रक्रिया आयुष्मान कार्डधारी मरीजों को राज्य के भीतर या बाहर शासकीय एवं आयुष्मान सम्बद्ध अस्पतालों में निःशुल्क एयर एम्बुलेंस सुविधा उपलब्ध है। गैर-आयुष्मान कार्डधारकों को राज्य में निःशुल्क तथा राज्य के बाहर अनुबंधित दरों पर सशुल्क परिवहन सुविधा दी जाती है। सड़क, औद्योगिक दुर्घटनाओं या प्राकृतिक आपदाओं से पीड़ित सभी नागरिकों को राज्य के भीतर या बाहर निःशुल्क एयर एम्बुलेंस सेवा मिलती है। यह सेवा राज्य के सभी जिलों से जिला अस्पतालों के माध्यम से प्राप्त की जा सकती है। नागरिकों को उनके जिले के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी या मेडिकल कॉलेज अधिष्ठाता की अनुशंसा पर जिला कलेक्टर द्वारा राज्य के भीतर निःशुल्क परिवहन की अनुमति दी जाती है। राज्य के बाहर के लिए संचालक चिकित्सा शिक्षा, भोपाल, तथा सशुल्क मामलों में संचालनालय स्वास्थ्य सेवाएं, भोपाल स्वीकृति प्रदान करते हैं।  

यात्रियों को बड़ी राहत: भोपाल से सागर तक बिना रुकावट चलेगा सफर

विदिशा मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल से सागर का सफर जल्द ही आसान और आरामदायक होगा। भोपाल-सागर के बीच हाईवे निर्माण का काम तेजी से चल रहा है। कुल 6 टुकड़ों में बन रहे इस हाईवे का मोरीकोड़ी से विदिशा तक बन रहे खंड का काम लगभग 85 फीसदी पूरा हो चुका है। उम्मीद है कि इस पर से नए साल के पहले महीने से आवागमन भी शुरू हो जाएगा। बाकी बचे तीन खंडों में भी जल्द ही निर्माण कार्य शुरू हो जाएगा। एनएचएआइ व तीन नई ठेका कंपनियों के बीच निर्माण कार्य को लेकर अनुबंध कर लिया गया है। 6 टुकड़ों में बन रहा भोपाल-सागर हाईवे भोपाल-सागर हाईवे के निर्माण कार्य को छह खंडों में विभाजित कर पूर्ण करने की योजना बनाई गई है। वर्तमान में दो खंडों में कार्य चल रहा है। विदिशा जिले के तीन खंडों में कार्य अभी तक शुरू नहीं हो पाया था। निविदा सहित अन्य प्रक्रियाओं को पूर्ण करने के बाद अब जल्द ही कार्य शुरू होगा। चौथा खंड सागर जिले में है। वहां के लिए भी प्रक्रिया शुरू है। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएचएआइ) के परियोजना निदेशक सिद्धांत सिंघई के अनुसार विदिशा जिले में विदिशा से ग्यारसपुर, ग्यारसपुर से राहतगढ़ और राहतगढ़ से बेरखेड़ी का कार्य अधिकतम एक अक्टूबर से शुरू कर दिया जाएगा। बाकी चौथे खंड बेरखेड़ी से सागर तक का कार्य भी जल्द ही शुरू होगा। जबकि बेरखेड़ी से सागर तक लिंक रोड का निर्माण कार्य भी पूरा होने वाला है।

उज्जैन: नागचंद्रेश्वर मंदिर में इस बार विशेष दर्शन व्यवस्था, जारी हुई समयसारिणी

उज्जैन उज्जैन में श्रावण मास (shravan month) के पावन अवसर पर आगामी मंगलवार 29 जुलाई को नागपंचमी पर्व के उपलक्ष्य में श्री महाकालेश्वर मंदिर (mahakal mandir) के मुख्य शिखर में विराजमान नागचंद्रेश्वर मंदिर (nagchandreshwar mandir darshan) के पट खुलेंगे। दर्शन का सिलसिला 28 जुलाई की रात 12 बजे शुरु होकर अगले दिन 29 जुलाई की रात 12 बजे खत्म होगा। इस विशेष दिन पर लाखों श्रद्धालुओं के आने का अनुमान लगाया जा रहा है। वर्ष में केवल एक दिन के लिए दर्शनार्थ खुलने वाले भगवान श्री नागचंद्रेश्वर मंदिर के दर्शन का सौभाग्य सभी प्राप्त हो, इसके लिए अधिकारियों ने बैठक बुलाई। ये है मंदिर खुलने और बंद होने का समय जिला और मंदिर प्रशासन के अनुसार 28 जुलाई की रात 12 बजे से 29 जुलाई की रात 12 बजे तक मंदिर के पट आम श्रद्धालुओं के लिए खुले रहेंगे। नागचंद्रेश्वर दर्शन के लिए देशभर से लाखों श्रद्धालुओं के उज्जैन आने की संभावना जताई जा रही है। पर्व की तैयारियों को लेकर कलेक्टर रौशन कुमार सिंह की अध्यक्षता में समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में एसपी प्रदीप शर्मा, मंदिर प्रशासक प्रथम कौशिक, महंत विनीत गिरि, नगर निगम, स्वास्थ्य, पीएचई, लोक निर्माण विभाग समेत विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे। श्रद्धालुओं के लिए होंगी ये व्यवस्थाएं     एयरो ब्रिज का तकनीकी परीक्षण कलेक्टर सिंह ने निर्देश दिए कि भगवान नागचंद्रेश्वर के दर्शन के लिए बनाए गए एयरो ब्रिज की तकनीकी क्षमता और मजबूती की जांच कर प्रमाण-पत्र लिया जाए।     साफ-सफाई एवं पेयजल व्यवस्था मंदिर परिसर और उसके आसपास नगर निगम द्वारा सफाई सुनिश्चित की जाएगी।     साथ ही पेयजल पाइंट, टैंकर, और मोबाइल लॉकर की सुविधा भी उपलब्ध रहेगी।     दिव्यांग श्रद्धालुओं के लिए व्हील चेयर, जूता स्टैंड और प्राथमिक चिकित्सा की व्यवस्था की जाएगी।     यातायात, पार्किंग एवं सुरक्षा पार्किंग के लिए कर्कराज पार्किंग, बड़ा गणेश, और अन्य स्थानों पर समुचित व्यवस्था की जाएगी। दर्शन मार्ग पर बैरिकेडिंग, पुलिस बल, और फायर स्टेशन, खोया-पाया केन्द्र भी तैनात किए जाएंगे। दर्शन मार्ग निर्धारित     श्रद्धालु कर्कराज पार्किंग में वाहन पार्क कर, भील समाज धर्मशाला में जूते उतारेंगे।     वहां से गंगा गार्डन, चारधाम पार्किंग, हरसिद्धि चौराहा, रुद्रसागर की दीवार, विकम टीला, बड़ा गणेश मंदिर होते हुए द्वार कमांक- 4 से प्रवेश करेंगे।     दर्शन के उपरांत विश्रामधाम, एयरो ब्रिज, मार्बल गलियारा से होते हुए हरसिद्धि चौराहा की ओर निकलेंगे।