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04 करोड़ 49 लाख रुपये की लागत से सीटी स्कैन मशीन की सुविधा हुई प्रारंभ

रायपुर : स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने जिला चिकित्सालय बालोद में सीटी स्कैन मशीन का किया शुभारंभ 04 करोड़ 49 लाख रुपये की लागत से सीटी स्कैन मशीन की सुविधा हुई प्रारंभ बालोद जिले एवं अंचल के लोगों के लिए स्वास्थ्य सुविधा की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण सौगातः स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल रायपुर प्रदेश के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने आज बालोद जिले के प्रवास के दौरान जिला चिकित्सालय बालोद में विघ्नहर्ता भगवान गणेश के पूजा-अर्चना के पश्चात् फीता काटकर सीटी स्कैन मशीन का विधिवत् शुभारंभ किया। इस दौरान मंत्री जायसवाल ने जिला चिकित्सालय बालोद में मरीजों के लिए 04 करोड़ 49 लाख रुपये की लागत से सीटी स्कैन मशीन की सुविधा प्रारंभ हो जाने पर प्रसन्नता व्यक्त करते इसे बालोद जिले एवं अंचल के लोगों के लिए स्वास्थ्य सुविधा की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण सौगात बताया। इसके लिए उन्होंने संपूर्ण बालोद जिले वासियों के लिए हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी।  उल्लेखनीय है कि जिला चिकित्सालय में मरीजों के लिए सीटी स्कैन मशीन की सुविधा प्रारंभ हो जाना स्वास्थ्य सुविधा की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण सौगात है। जिला चिकिल्सालय बालोद में इसकी सुविधा प्रारंभ हो जाने से अब जिले एवं अंचल के मरीजों को सिर में चोट, स्ट्रोक, ब्रेन ट्यूमर और अन्य मस्तिष्क संबंधी समस्याओं के अलावा फेफड़ों के संक्रमण, निमोनिया, फेफड़ों के कैंसर और हृदय संबंधी समस्याओं के अलावा पेट दर्द, ट्यूमर, पथरी एवं आंतो आदि की समस्याओं का पता लगाने के लिए सीटी स्कैन की सुविधा अत्यंत कारगर साबित होगी।       इस अवसर पर मंत्री जायसवाल एवं अतिथियों ने सीटी स्कैन कक्ष में पहुँचकर नया एवं अत्याधुनिक सीटी स्कैन मशीन का अवलोकन किया। इस अवसर पर उन्होंने सीटी स्कैन कक्ष बेहतर व्यवस्था की भी सराहना की। इस दौरान उन्होंने जिला चिकित्सालय बालोद में रेडियोलाजिस्ट, टेक्नीशियन एवं अन्य स्टाफ के संबंध में जानकारी ली। इस मौके पर संजारी बालोद विधानसभा क्षेत्र की विधायक श्रीमती संगीता सिन्हा, डौण्डीलोहारा विधानसभा क्षेत्र की विधायक श्रीमती अनिला भेड़िया, गुण्डरदेही विधानसभा क्षेत्र के विधायक कुंवर सिंह निषाद, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती तारणी पुष्पेन्द्र चंद्राकर सहित वरिष्ठ जनप्रतिनिधि सहित स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे।

रायपुर: स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने बालोद जिला चिकित्सालय का निरीक्षण कर सुविधाओं का लिया जायजा

रायपुर : स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने जिला चिकित्सालय बालोद का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का लिया जायजा स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने जिला चिकित्सालय बालोद का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का लिया जायजा अधिकारियों की बैठक लेकर स्वास्थ्य सुविधाओं का किया पड़ताल, आम नागरिकों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराने हेतु जरूरी उपाय सुनिश्चित करने के दिए निर्देश जिला चिकित्सालय में 03 विशेषज्ञ चिकित्सक एवं जिले के लिए 04 मेडिकल मोबाईल यूनिट प्रदान करने की दी जानकारी रायपुर प्रदेश के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने आज बालोद जिले के प्रवास के दौरान जिला चिकित्सालय बालोद का निरीक्षण कर अस्पताल के व्यवस्थाओं का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने जिला चिकित्सालय बालोद के सभाकक्ष में स्वास्थ्य विभाग के आला अधिकारियों की बैठक लेकर जिले के स्वास्थ्य सुविधाओं का पड़ताल किया।  स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि प्रत्येक नागरिकों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराना सरकार की सर्वाेच्च प्राथमिकता में शामिल है। उन्होंने बैठक में उपस्थित अधिकारियों को आम जनता को बेहतर से बेहतर स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराने हेतु जरूरी उपाय सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए। बैठक में स्वास्थ्य मंत्री जायसवाल ने जिला चिकित्सालय बालोद में निश्चेतना विशेषज्ञ, नाक, कान एवं गला रोग विशेषज्ञ एवं रेडियोलॉजिस्ट सहित 03 विशेषज्ञ चिकित्सकों के अलावा जिले के अनुसूचित क्षेत्रों एवं दूरस्थ क्षेत्रों के लोगों को त्वरित स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराने की दृष्टि से बालोद जिले के लिए 04 मोबाईल मेडिकल यूनिट शीघ्र प्रदान करने की भी जानकारी दी। इसके अलावा उन्होंने जिला चिकित्सालय बालोद में भर्ती मरीजों के परिजनों के विश्राम हेतु जिला चिकित्सालय परिसर में अतिरिक्त भवन निर्माण हेतु 25 लाख रुपये प्रदान करने की भी घोषणा की।  इसके अलावा उन्होंने जिले के जनप्रतिनिधियों से सुझाव लेकर जिले के सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों में आवश्यकतानुसार शव गृहोें के निर्माण के साथ-साथ वहाँ पर फ्रीजर आदि सभी सुविधाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। इसके लिए उन्होंने जरूरी मदद उपलब्ध कराने की बात कही। इस मौके पर संजारी बालोद विधानसभा क्षेत्र की विधायक श्रीमती संगीता सिन्हा, डौण्डीलोहारा विधानसभा क्षेत्र की विधायक श्रीमती अनिला भेड़िया, गुण्डरदेही विधानसभा क्षेत्र के विधायक कुंवर सिंह निषाद, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती तारणी पुष्पेन्द्र चंद्राकर,  सहित अन्य जनप्रतिनिधियों के अलावा मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. जेएल उइके, मुख्य अस्पताल अधीक्षक डॉ. आरके श्रीमाली सहित स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों तथा अन्य अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे। स्वास्थ्य मंत्री जायसवाल ने जिला चिकित्सालय बालोद के निरीक्षण के दौरान पंजीयन कक्ष में पहुँचकर अस्पताल में प्रतिदिन भर्ती होने वाले मरीजों की औसतन संख्या के संबंध में जानकारी ली। इस दौरान उन्होंने जिला चिकित्सालय के ओपीडी कक्ष, आपात चिकित्सा कक्ष के अलावा अस्पताल के विभिन्न कक्षों का मुआयना किया। इस दौरान उन्होंने अस्पताल के विभिन्न वार्डों में पहुँचकर मरीजों का हाल-चाल जाना। उन्होंने अस्पताल मेें भर्ती मरीजों से बातचीत कर उनके स्वास्थ्य का हालचाल के अलावा उनका इलाज, दवाइयों की समुचित उपलब्धता, समय पर भोजन, नाश्ता आदि सुविधाओं के संबंध में जानकारी ली। इसके अलावा उन्होंने अस्पताल के वार्डों एवं स्नानागार की स्थिति एवं समय पर चिकित्सकों एवं चिकित्सा कर्मियों की उपलब्धता के संबंध में भी जानकारी ली। इस दौरान उन्होंने पुरूष मेडिकल वार्ड में भर्ती दल्लीराजहरा के मरीज रामप्रसाद एवं बालोद निवासी चेतन प्रकाश से बातचीत कर उनके स्वास्थ्य के संबंध में जानकारी ली। उन्होंने मौके पर उपस्थित चिकित्सकों को तलब कर मरीजों के बेहतर इलाज के लिए निर्देशित भी किया। स्वास्थ्य मंत्री ने महिला मेडिकल वार्ड में भर्ती ग्राम संबलपुर निवासी बुजुर्ग महिला से बातचीत कर उनका कुशलक्षेम पुछा। उन्होंने मुख्य अस्पताल अधीक्षक को बुजुर्ग महिला की बेहतर इलाज करने के निर्देश दिए। इस दौरान उन्होंने जिला अस्पताल में नर्सिंग के विद्यार्थियों से बातचीत कर उनका हालचाल जाना। जिला चिकित्सालय के निरीक्षण के उपरांत स्वास्थ्य मंत्री ने अस्पताल के सभाकक्ष में जिले के वरिष्ठ जनप्रतिनिधियों के साथ चिकित्सा विभाग के आला अधिकारियों की बैठक लेकर जिले के चिकित्सा व्यवस्था का पड़ताल किया। इस दौरान उन्होंने मुख्य अस्पताल अधीक्षक को जिला चिकित्सालय में प्रतिमाह होने वाले प्रसव की संख्या एवं अन्य सुविधाओं के संबंध में विस्तारपूर्वक जानकारी ली। इसके अलावा उन्होंने जिला चिकित्सालय में विशेषज्ञ चिकित्सकों एवं चिकित्सा अधिकारियों के कुल स्वीकृत पद के विरूद्ध वर्तमान में कार्यरत चिकित्सकों की संख्या इसके अलावा उन्होंने अस्पताल में एक्सरे एवं सोनोग्राफी मशीन तथा अन्य चिकित्सीय सुविधा एवं मानवीय संसाधनों की उपलब्धता के संबंध में विस्तारपूर्वक जानकारी ली। उन्होंने कहा कि आम नागरिकों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा प्रदान करने तथा अस्पताल की व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी-कर्मचारियों में अपने कार्यों के प्रति प्रतिबद्धता एवं ईच्छा शक्ति का होना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने चिकित्सीय पेशा को बहुत ही पावन, पुनीत कार्य बताते हुए चिकित्सा विभाग के सभी अधिकारी-कर्मचारियों को पूरी निष्ठा, लगन, मनोयोग तथा प्रतिबद्धता के साथ कार्य करते हुए मरीजों को बेहतर से बेहतर स्वास्थ्य सुविधा प्रदान करने के निर्देश भी दिए।  मंत्री जायसवाल ने जिला चिकित्सालय बालोद के अलावा जिले के अन्य चिकित्सालयों में भी उपलब्ध संसाधनों के संबंध में जानकारी ली। उन्होंने चिकित्सा विभाग के अधिकारियों को स्थानीय जनप्रतिनिधियों एवं कलेक्टर को सूचित कर आवश्यकतानुसार जिला खनिज न्यास निधि के माध्यम से संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित कराने को कहा। इसके अलावा बड़े स्तर पर संसाधन एवं सुविधा उलपब्ध कराने के लिए उन्हें सूचित करने के निर्देश भी दिए। बैठक में जायसवाल ने मौके पर उपस्थित जनप्रतिनिधियों एवं स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों से जिले में चिकित्सा व्यवस्था को बेहतर बनाने हेतु आवश्यक सुझाव भी दिया। इस दौरान उन्होंने जनप्रतिनिधियों के मांग पर जिले के दुर्घटनाजन्य पुरूर क्षेत्र में 108  एवं मंगचुवा क्षेत्र में 102 एम्बुलेंस सेवा शीघ्र प्रारंभ करने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि सभी के सहयोग से आम जनता के हित में बालोद जिले में बेहतर स्वास्थ्य सुविधा सुनिश्चित की जाएंगी।

उप मुख्यमंत्री ने ‘वीमेन फॉर ट्रीज’ अभियान का किया राज्य स्तरीय शुभारंभ

रायपुर : पर्यावरण के प्रति जागरूक हो ज्यादा से ज्यादा संख्या में लगाएं पौधे – अरुण साव उप मुख्यमंत्री ने 'वीमेन फॉर ट्रीज' अभियान का किया राज्य स्तरीय शुभारंभ उप मुख्यमंत्री साव और अन्य अतिथियों ने लगाए सिंदूर के पौधे अभियान के तहत प्रदेशभर में 444 परियोजनाएं स्वीकृत, 1.66 लाख पौधे लगाए जाएंगे रायपुर उप मुख्यमंत्री तथा नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री अरुण साव ने आज रायपुर के कौशल्या विहार (कमल विहार) में 'वीमेन फॉर ट्रीज' अभियान का प्रदेश स्तरीय शुभारंभ किया। उन्होंने अभियान का शुभारंभ करते हुए कहा कि पर्यावरण के प्रति जागरूक होकर हम सभी को ज्यादा से ज्यादा संख्या में पौधे लगाना चाहिए। राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा, रायपुर विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष नंद कुमार साहू, विधायक मोतीलाल साहू और रायपुर नगर निगम की महापौर श्रीमती मीनल चौबे भी अभियान के शुभारम्भ कार्यक्रम में शामिल हुईं। सभी ने कार्यक्रम स्थल पर सिंदूर के पौधे लगाकर 'वीमेन फॉर ट्रीज' अभियान का राज्य स्तरीय शुभारंभ किया। उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने कार्यक्रम में कहा कि पर्यावरण संरक्षण और महिला सशक्तीकरण के लिए 'वीमेन फॉर ट्रीज' अभियान से स्वसहायता समूहों की महिलाओं को जोड़ा गया है। वे इस अभियान में चयनित स्थलों पर वृक्षारोपण करेंगी और पौधों की देखभाल एवं सुरक्षा भी करेंगी। इस अभियान से 1701 समूहों की 2300 से अधिक महिलाओं को जोड़ा गया है। भारत सरकार द्वारा अभियान के तहत राज्य के नगरीय निकायों में वृक्षारोपण के लिए 444 परियोजनाएं स्वीकृत की गई हैं। विधायक मोतीलाल साहू ने 'वीमेन फॉर ट्रीज' अभियान के शुभारम्भ के मौके पर कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के आह्वान पर देशभर में लगातार वृक्षारोपण के काम हो रहे हैं। पर्यावरण के संरक्षण के साथ ही ग्लोबल वार्मिंग की चुनौतियों से निपटने में इससे मदद मिलेगी। उन्होंने कहा कि 'वीमेन फॉर ट्रीज' अभियान को महिलाओं के माध्यम से अमलीजामा पहनाया जाएगा। हम सभी को भी इसमें सहभागिता देनी है। महापौर श्रीमती मीनल चौबे ने कार्यक्रम में बताया कि 'वीमेन फॉर ट्रीज' अभियान के अंतर्गत रायपुर नगर निगम में 60 स्थानों पर वृक्षारोपण किया जाएगा। इसके लिए स्वसहायता समूहों की 232 महिलाओं को अभियान से जोड़ा गया है। मातृशक्ति ही इस अभियान को आगे बढ़ाएंगी। यह अभियान पर्यावरण संरक्षण के साथ ही महिलाओं को आर्थिक मजबूती प्रदान करेगा। रायपुर नगर निगम के सभापति सूर्यकांत राठौर, आयुक्त विश्वदीप, सुडा के सीईओ शशांक पाण्डेय और गजराज बांध संरक्षण समिति के अध्यक्ष पी.के. साहू सहित जोन अध्यक्षगण, एमआईसी सदस्य, पार्षदगण तथा स्थानीय नागरिक भी बड़ी संख्या में शुभारंभ कार्यक्रम में मौजूद थे। शहरों में हरियाली बढ़ाने "वीमेन फॉर ट्रीज" अभियान शहरों में हरित स्थानों की संख्या में बढ़ोतरी के लिए महिला स्वसहायता समूहों की सहभागिता बढ़ाने "वीमेन फॉर ट्रीज" (Women for Trees) अभियान शुरू किया गया है। यह भारत सरकार के "एक पेड़ माँ के नाम" अभियान से प्रेरित है। केन्द्रीय आवास और शहरी कार्य मंत्रालय की अनूठी पहल "अमृत मित्र" (अमृत 2.0 और डे-एनयूएलएम का अभिसरण) के तहत स्वसहायता समूहों को प्रेरित करने इस वृक्षारोपण अभियान को प्रारंभ किया गया है।   मिशन अमृत 2.0 के अंतर्गत नगरीय निकायों में सरकारी स्वामीत्व की भूमियों, वाटर बॉडीज, आंगनबाड़ियों, सरकारी अस्पतालों, स्कूलों, उद्यानों, एसटीपी/डब्ल्यूटीपी, एसएलआरएम सेंटर्स, मुक्तिधामों, कृष्णकुंजों, गौठानों, धार्मिक स्थलों, एएचपी आवासों, रोड डिवाइडर्स इत्यादि में महिला समूहों के माध्यम से वृक्षारोपण किए जाएंगे। "वीमेन फॉर ट्रीज" अभियान के क्रियान्वयन के लिए नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग द्वारा सभी कलेक्टरों और नगरीय निकायों को विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। केन्द्रीय आवास और शहरी कार्य मंत्रालय ने राज्य के 133 नगरीय निकायों में 444 परियोजनाओं को दी है मंजूरी नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग द्वारा भारत सरकार के आवास और शहरी कार्य मंत्रालय को “वीमेन फॉर ट्रीज – अमृत मित्र योजना” के अंतर्गत प्रदेश के 169 नगरीय निकायों में कुल दो लाख 21 हजार 145 पौधों के रोपण के लिए 37 करोड़ 79 लाख रुपए लागत की 684 परियोजनाओं के प्रस्ताव भेजे गए थे। इनमें से भारत सरकार द्वारा 27 करोड़ 48 लाख रुपए की 444 परियोजनाओं को स्वीकृति प्रदान की गई है, जिसके तहत एक लाख 65 हजार 997 पौधे लगाए जाएंगे। ये परियोजनाएँ 13 नगर निगमों, 39 नगर पालिकाओं तथा 81 नगर पंचायतों में क्रियान्वित की जाएंगी। शेष 201 परियोजनाएँ संशोधित कर स्वीकृति के लिए भारत सरकार को पुनः प्रेषित की गई हैं। "वीमेन फॉर ट्रीज" से महिला सशक्तीकरण और पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा "वीमेन फॉर ट्रीज" अभियान से महिला सशक्तीकरण और पर्यावरण संरक्षण को मजबूती मिलेगी। अभियान के अंतर्गत स्वसहायता समूहों (SHG) की महिलाओं को वृक्षारोपण एवं रखरखाव की ज़िम्मेदारी दी गई है। साथ ही स्थानीय नागरिकों की भागीदारी भी इसमें सुनिश्चित की जा रही है। राष्ट्रीय स्तर पर इस अभियान के प्रथम चरण में बड़े राज्यों की श्रेणी में मध्यप्रदेश के बाद छत्तीसगढ़ को सर्वाधिक पौधरोपण की स्वीकृति मिली है। वहीं परियोजना राशि प्राप्त करने की दृष्टि से छत्तीसगढ़, पश्चिम बंगाल के बाद दूसरे स्थान पर है। इस अभियान से 1701 स्वसहायता समूहों की महिलाओं को सीधा लाभ प्राप्त होगा। प्रत्येक महिला को पौधों के रखरखाव एवं देखरेख के लिए एक वर्ष तक प्रतिमाह आठ हजार रुपए तथा जियो-टैगिंग एवं निगरानी कार्य हेतु एक हजार रुपए प्रतिमाह अतिरिक्त प्रदान किया जाएगा। इससे महिलाएँ न केवल आर्थिक रूप से सशक्त होंगी, बल्कि वे पर्यावरण संरक्षण में भी अहम योगदान दे सकेंगी।

रायपुर: उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा की अध्यक्षता में कार्यशाला, पूर्ण ग्राम सुराज और स्वावलम्बन का नया संकल्प

रायपुर गाँवों के समग्र विकास और आत्मनिर्भरता की अवधारणा को साकार करने की दिशा में पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग द्वारा आज नया रायपुर स्थित ग्रामीण संपर्क एवं प्रशिक्षण संस्थान, झांझ में एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस कार्यशाला की अध्यक्षता उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने की। इस कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य ग्राम सभा को और अधिक मजबूत बनाना तथा ग्राम पंचायतों को आत्मनिर्भर, उत्तरदायी और निर्णायक बनाने की दिशा में ठोस पहल करना था। उपमुख्यमंत्री शर्मा ने कहा कि लोकतंत्र की असली शक्ति गाँव की चौपाल और ग्राम सभा में निहित है। ग्राम सभा के निर्णय ही गाँव के विकास का आधार बन सकते हैं और इसीलिए आवश्यक है कि पंचायतें न केवल योजनाओं को लागू करें बल्कि जनता की आकांक्षाओं को दिशा देने वाली संस्था के रूप में कार्य करें। कार्यशाला में उपस्थित प्रतिभागियों को पाँच अलग-अलग समूहों में विभाजित किया गया। जहाँ ग्राम सभा के सशक्तीकरण, वित्तीय विकेन्द्रीकरण, पंचायतों पर नियंत्रण, सामाजिक सहभागिता तथा अधिकार एवं कर्तव्यों के विभाजन जैसे विषयों पर गहन चर्चा की गई। समूह चर्चा के दौरान पंचायतों की वर्तमान व्यवस्था का मूल्यांकन करते हुए अनेक महत्वपूर्ण सुझाव सामने आए, जिनसे भविष्य में ग्राम पंचायतों को और अधिक सशक्त तथा उत्तरदायी बनाने का मार्ग प्रशस्त होगा। इस अवसर पर पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के त्रिस्तरीय पंचायत राज संस्थाओं के निर्वाचित जनप्रतिनिधियों के साथ सामाजिक कार्यकर्ताओं ने भी सक्रिय रूप से भाग लिया। कार्यशाला में सुनील कुमार सिंह, सेवानिवृत्त सचिव भारत सरकार, प्रमुख सचिव श्रीमती निहारिका बारिक सिंह, सचिव भीम सिंह, नरेगा आयुक्त तारन प्रकाश सिन्हा, पंचायत संचालक श्रीमती प्रियंका ऋषि महोबिया, स्वच्छ भारत मिशन के मिशन संचालक अश्वनी देवांगन सहित जिला एवं जनपद पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारी, ग्राम पंचायत सचिव और रोजगार सहायक उपस्थित रहे। कार्यक्रम में टीआरआई फाउंडेशन, यूनिसेफ, पिरामल फाउंडेशन और समर्थन जैसी प्रतिष्ठित स्वयंसेवी संस्थाओं ने भी अपनी सहभागिता दर्ज करायी। सभी विशेषज्ञों और प्रतिनिधियों ने ग्रामीण विकास की नयी राह सुझाते हुए ग्राम स्वावलम्बन को साकार करने के लिए साझा प्रयास की आवश्यकता पर बल दिया। उपमुख्यमंत्री शर्मा ने अंत में कहा कि पूर्ण ग्राम सुराज केवल शासन का कार्यक्रम नहीं, बल्कि यह हर ग्रामवासी का स्वप्न है। जब ग्राम पंचायतें आत्मनिर्भर होंगी और ग्राम सभा निर्णायक बनेगी, तभी वास्तविक अर्थों में सुराज की स्थापना होगी।

सीएम नीतीश ने ‘मुफ्त बिजली-पेंशन-रोजगार’ से सेट किया बिहार का सियासी समीकरण!

'सोशल इंजीनियर' ने सेट किया समीकरण …तो 2025 से 2030 फिर से नीतीश!  सीएम नीतीश ने ‘मुफ्त बिजली-पेंशन-रोजगार’ से सेट किया बिहार का सियासी समीकरण! बिहार की सियासत में नीतीश का तिहरा वार! गरीब, बुजुर्ग और युवाओं को साधने की चली ऐसी चाल!  सीएम नीतीश ने दिखाया सोशल इंजीनियरिंग और वोट मैनेजमेंट का कमाल! एक साथ करोड़ों को दिया फायदा पटना बिहार का राजनीतिक माहौल चरम पर है। चुनावी तैयारियां जोरों पर है। सभी राजनीतिक पार्टियों ने अपनी ताकत झोंकी हुई है। कुछ लोगों को भले यह मुगालता हो कि नीतीश कुमार एक्टिव नहीं हैं। ये विपक्षी खेमे के लिए और भी खतरनाक साबित हो सकता है। दरअसल, हम ऐसा इसलिए कह रहे हैं कि वो चुपचाप ऐसे काम कर रहे हैं जो आने वाले विधानसभा चुनावों में गेम चेंजर साबित होगा है। बताते चलें कि कि सीएम नीतीश की चर्चा उन राजनेताओं में होती है, जो चुपचाप बाजी पलटने का हुनर रखते हैं। सोशल सेक्‍टर और वोट बैंक मैनेजमेंट  गौर करने वाली बात ये है कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने हाल के दिनों में ऐसी-ऐसी घोषणाएं की हैं, जिससे इस बात का अंदाजा लगाया जा सकता है कि सीएम नीतीश का सीधा फोकस सोशल सेक्‍टर और वोट बैंक मैनेजमेंट पर है। आइए उन महत्‍वपूर्ण प्‍वांट पर चर्चा करते हैं, जिसके जरिए उन्‍होंने सीधे उस बड़े समूहों साधने की कोशिश की जहां से बिहार की चुनावी जंग में जीत का रास्‍ता गुजरता है।  विपक्ष को दिया राजनीतिक करंट राजनीतिक जानकारों की माने तो सीएम नीतीश कुमार ने बिहार की राजनीति में सियासी करंट दे दिया है। 125 यूनिट मुफ्त बिजली देकर सीएम नीतीश कुमार ने राज्य के 1 करोड़ 86 लाख घरेलू उपभोक्ताओं को राहत दी है। जिनका मासिक बिल अब पूरी तरह माफ हो गया। गौर से देखा जाए तो बिहार की 90 फीसद आबादी को इसका सीधा फायदा मिल रहा है। राजनीतिक रूप से देखें तो ग्रामीण और निम्न-मध्यम वर्ग के वोटरों में इसकी सबसे ज्यादा चर्चा है। सर्वे में भी 63 फीसद लोगों ने माना कि यह योजना सत्‍ता की राह आसान बनाएगी।  पेंशन राशि बढ़ाकर ‘संवेदनशील मुख्यमंत्री’ की छवि बीते दो महीनों के दौरान सीएम नीतीश ने सामाजिक सुरक्षा को लेकर बड़ी घोषणाएं की हैं। सामाजिक सुरक्षा पेंशन की राशि 400 से बढ़ाकर 1100 रुपये कीं। इस घोषणा से उन्‍होंने सीधे तौर पर 1 करोड़ 12 लाख लोग लाभान्वित हुए। इन लाभार्थियों में बुजुर्ग, विधवा और दिव्यांगजन शामिल हैं। यानी वह वर्ग जो चुनाव में वोट डालने में सबसे ज्यादा सक्रिय और निर्णायक भूमिका निभाता है। उसके लिए यह घोषणा राजनीति रूप से अहम माना जा रहा है।  युवाओं को नौकरी और रोजगार का वादा बताते चलें कि नीतीश कुमार अब तक 10 लाख सरकारी नौकरियां और 39 लाख रोजगार उपलब्ध करा चुके हैं। चुनावी माहौल को देखते हुए उन्‍होंने इस लक्ष्‍य को बढ़ा कर इसी साल 12 लाख नौकरी और 50 लाख रोजगार का तय कर दिया। जिस पर काम जारी है। इतना ही नहीं, सीएम नीतीश ने चुनावी दांव खेलते हुए अगले पांच में 1 करोड़ युवाओं को नौकरी और रोजगार देने का वादा भी कर डाला। नीतीश के इस दांव को काफी अहम माना जा रहा है। गौर करने वाली बात ये है कि सीएम नीतीश के इस मास्‍टर स्‍ट्रोक की चर्चा राजनीतिक गलियारे में भी है। इस वादे ने युवा वोट बैंक और उनके परिवारों को भी अपने साध लिया है। जानकारों का मानन है कि लंबे समय से नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं और उनके परिवार को नीतीश कुमार के विकास कार्यों और औद्योगिक क्षेत्र के विकास के ऐलान से उम्‍मीद जगी है। सर्वे का संकेत, नीतीश फिर पसंदीदा हाल में हुए सी-वोटर सर्वे में भी सीएम नीतीश बढ़त बनाए हुए हैं। इस सर्वे में बिहार की 65 फीसद जनता ने नीतीश कुमार को मुख्यमंत्री के रूप में अपनी पहली पसंद बताया है। समझने वाली बात ये है कि नीतीश कुमार ने मुफ्त बिजली देकर ग्रामीण और गरीब वर्ग को साधने की कोशिश की। पेंशन में बढ़ोतरी से बुजुर्ग, महिलाओं और दिव्यांगों को अपने पाले में लाने का प्रयास किया, नौकरी और रोजगार के वादे से युवाओं को, मानदेय और पेंशन बढ़ोतरी से सरकारी कर्मी ओर समाजसेवी वर्ग प्रभावित करने वाला दांव खेल दिया है। इन फैसलों से एक साथ एक बड़ा वोट बैंक लाभंवित हुआ है। जिसका चुनावी फायदा मिलना तय माना जा रहा है। माना जा रहा है चुनाव से ठीक पहले किए गए ये फैसले सीएम नीतीश के लिए मास्टरस्ट्रोक साबित हो सकते हैं।

उप मुख्यमंत्री ने 5.3 करोड़ के कार्यों का किया लोकार्पण-भूमिपूजन

रायपुर : अलग राज्य बनने के बाद छत्तीसगढ़ की बदली है दशा और दिशा – अरुण साव अलग राज्य बनने के बाद छत्तीसगढ़ की बदली है दशा और दिशा – अरुण साव उप मुख्यमंत्री ने 5.3 करोड़ के कार्यों का किया लोकार्पण-भूमिपूजन 1.23 करोड़ के व्यावसायिक परिसर, 71 लाख से निर्मित तहसील कार्यालय और 30 लाख से विकसित अटल परिसर का किया लोकार्पण 28 लाख रुपए की लागत से बनने वाले आकांक्षी शौचालय का हुआ भूमिपूजन उप मुख्यमंत्री साव ने गोबरा नवापारा में विकास कार्यों के लिए दो करोड़ देने की घोषणा की रायपुर उप मुख्यमंत्री तथा नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री अरुण साव ने आज रायपुर जिले के गोबरा नवापारा नगर पालिका में पांच करोड़ 30 लाख रुपए के विकास कार्यों का लोकार्पण और भूमिपूजन किया। इनमें चार करोड़ 80 लाख रुपए लागत के 11 कार्यों का लोकार्पण और 50 लाख 20 हजार रुपए के तीन कार्यों का भूमिपूजन शामिल हैं। उप मुख्यमंत्री साव ने शहर में विकास कार्यों के लिए दो करोड़ रुपए देने की घोषणा की। उन्होंने गोबरा नवापारा के निर्वाचित जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों से कहा कि आप लोग तुरंत प्रस्ताव बनाकर भेजिए। नगरीय प्रशासन विभाग द्वारा तत्काल इन प्रस्तावों को मंजूर कर राशि जारी की जाएगी। राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा और अभनपुर के विधायक इंद्र कुमार साहू भी लोकार्पण-भूमिपूजन कार्यक्रम में शामिल हुए। उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने गोबरा नवापारा में 71 लाख 12 हजार रुपए की लागत से निर्मित तहसील कार्यालय और 30 लाख रुपए की लागत से विकसित अटल परिसर का लोकार्पण किया। उन्होंने क्रमशः 25 लाख रुपए और 30 लाख रुपए से निर्मित धीवर और कसेर समाज के सामुदायिक भवनों, कुल 48 लाख 42 हजार रुपए की लागत के दो स्कूलों में तीन -तीन अतिरिक्त कक्षों, 98 लाख 78 हजार रुपए लागत के स्ट्रीट पोल विस्तारीकरण कार्यों, बस स्टैंड में एक करोड़ 23 लाख रुपए से बनाए गए व्यावसायिक परिसर तथा 53 लाख 17 हजार रुपए लागत के सांस्कृतिक भवन का भी लोकार्पण किया। उप मुख्यमंत्री साव ने गोबरा नवापारा के सामुदायिक भवन में आयोजित कार्यक्रम में 15 लाख रुपए लागत के तीन वार्डों में सीसी रोड निर्माण, सात लाख रुपए लागत के कहार भोई समाज के सामुदायिक भवन और 28 लाख 20 हजार रुपए लागत के आकांक्षी शौचालय के निर्माण के लिए भूमिपूजन किया। उन्होंने प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के तहत हितग्राहियों को उनके स्वीकृत आवासों के निर्माण के लिए अनुज्ञा पत्र प्रदान किए। कार्यक्रम में शहर की स्वच्छता दीदियों को सम्मानित किया गया। उप मुख्यमंत्री साव ने नवनिर्मित तहसील कार्यालय परिसर में 'एक पेड़ मां के नाम' अभियान के तहत रुद्राक्ष का और राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा ने कपूर का पौधा लगाया।  उप मुख्यमंत्री साव ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि पिछले डेढ़ वर्षों में गोबरा नवापारा को विभिन्न विकास कार्यों के लिए 23 करोड़ रुपए दिए गए हैं। इससे शहर का तेजी से विकास हो रहा है। उन्होंने छत्तीसगढ़ राज्य के निर्माण में पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय अटल बिहारी बाजपेयी के योगदान को रेखांकित करते हुए कहा कि अलग राज्य बनने के बाद पिछले 25 बरसों में यहां की दशा और दिशा बदली है। उन्होंने कहा कि सभी शहरों के सुनियोजित और सुव्यवस्थित विकास के लिए हम सिटी डेवलपमेंट प्लान बनाकर काम कर रहे हैं। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में हम मोदी की एक-एक गारंटी को पूरा कर रहे हैं। आज हर गांव और शहर में प्रधानमंत्री आवास बनते दिख रहे हैं।   राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा ने अपने संबोधन में कहा कि राज्य सरकार छत्तीसगढ़ का तेजी से विकास कर समृद्धि के रास्ते पर लेकर जा रही है। पिछले 20 महीनों में राजस्व विभाग सहित कई विभागों में सुधार के बड़े काम हुए हैं जिसका लाभ प्रदेशवासियों को मिल रहा है। लोगों के काम तेजी से हो रहे हैं, फर्जीवाड़ा रुक रहा है। राजस्व विभाग के सभी कार्यों को लोक सेवा गारंटी में शामल किया गया है। उन्होंने कहा कि विष्णु देव साय की सुशासन सरकार मोदी की सभी गारंटियों को धरातल पर उतार रही है।   लोकार्पण-भूमिपूजन कार्यक्रम को विधायक इंद्र कुमार साहू और गोबरा नवापारा नगर पालिका की अध्यक्ष श्रीमती ओमकुमारी साहू ने भी संबोधित किया। पूर्व मंत्री चंद्रशेखर साहू, जिला पंचायत के पूर्व अध्यक्ष अशोक बजाज, नगर पालिका के उपाध्यक्ष भूपेन्द्र सोनी, सीएमओ लवकेश कुमार, श्याम नारंग और नागेन्द्र वर्मा सहित पार्षदगण, क्षेत्रीय जनप्रतिनिधि और गणमान्य नागरिक बड़ी संख्या में कार्यक्रम में मौजूद थे।

B2B मैचमेकिंग और बैठकों के जरिए भोपाल में निवेश एवं नवाचार को बढ़ावा

जर्मन प्रतिनिधिमंडल का चौथा दिवस भोपाल ग्लोबल स्थानीय नवाचार एक्सचेंज 2025 के तहत जर्मनी से आए प्रतिनिधिमंडल का चौथा दिन भोपाल में उच्च स्तरीय सरकारी बैठकों, उद्योग प्रतिनिधियों के साथ राउंडटेबल और स्थानीय नवाचार उद्यम के साथ B2B मैचमेकिंग सत्र को समर्पित रहा। प्रतिनिधिमंडल का दौरा MPIDC के नेतृत्व में GIIC एवं IM Global के सहयोग से हो रहा है। चौथे दिन की शुरुआत मंत्रालय में प्रमुख सचिव, उद्योग नीति एवं निवेश प्रोत्साहन विभाग, मध्यप्रदेश शासन श्री राघवेन्द्र कुमार सिंह से भेंट की। श्री सिंह ने कहा कि "मध्यप्रदेश सरकार उद्योगों और टेक्नोलॉजी कंपनियों के लिए पारदर्शी और सुगम वातावरण उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। राज्य में तेजी से विकसित होता औद्योगिक ढांचा, आईटी एवं डेटा सेंटर सुविधाएँ और युवा उद्यमियों की ऊर्जा, जर्मन कंपनियों के लिए व्यावसायिक सहयोग और साझेदारी की अपार संभावनाएँ प्रस्तुत करती हैं। विशेषकर एआई और डाप टेक जैसे उभरते क्षेत्रों में मध्यप्रदेश उद्योग, कृषि, स्वास्थ्य और ऊर्जा जैसे सेक्टर्स में जर्मन विशेषज्ञता व समाधानों को लागू करने की दिशा में व्यापक अवसर प्रदान करता है। श्री सिंह ने प्रतिनिधिमंडल को मध्यप्रदेश में निवेश कर टेक्नोलॉजी सेंटर्स विकसित करने का आमंत्रण भी दिया। उन्होंने कहा कि जर्मन कंपनियाँ प्रदेश के इनक्यूबेशन सेंटर्स के साथ मिलकर काम कर सकती हैं। यह सहयोग निवेश तक सीमित न होकर साझा व्यवसायिक परियोजनाओं, तकनीकी साझेदारी, कौशल विकास और अनुसंधान के क्षेत्र में भी दूरगामी परिणाम ला सकता है। दोपहर में MPIDC कॉन्फ्रेंस हॉल में श्री आकाश श्रीवास्तव, कार्यकारी निदेशक, MPIDC की उपस्थिति में उद्योग जगत के प्रमुख प्रतिनिधियों के साथ राउंडटेबल आयोजित हुआ। बैठक में Technotask, Xtra Net Technologies, Xebia, BHEL, LNCT, Mansarovar, Oriental, Netlink एवं अन्य कंपनियों ने भाग लिया। समानांतर रूप से प्रतिनिधिमंडल ने MPSEDC का दौरा कर SWAN एवं डेटा सेंटर सुविधा का अवलोकन किया। बैठक में प्रतिभागियों ने AI, DeepTech, Data Centres, IoT, ERP, Digital Transformation, Drone Technology और Healthcare Solutions जैसे क्षेत्रों में सहयोग की संभावनाओं पर विचार-विमर्श किया। Xebia ने ग्लोबल इनोवेशन हब व लो-कोड प्लेटफॉर्म की अवधारणा रखी, जबकि BHEL ने पावर जनरेशन व डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन की जानकारी दी। शिक्षण संस्थानों ने कौशल विकास, प्रशिक्षण और रिसर्च सहयोग पर बल दिया। इसके बाद प्रतिनिधिमंडल ने Jehan Numa Palace Hotel में IM Global के संस्थापक श्री चंद्रकांत तिवारी द्वारा आयोजित ब्रीफिंग सत्र में सहभागिता की, जिसमें India Digital Transformation तथा MP Innovation & Startups System पर विस्तारपूर्वक चर्चा हुई। प्रतिनिधियों ने माना कि भारत–यूरोप बाजार में ई-कॉमर्स, इंफ्रास्ट्रक्चर, मोबिलिटी और हेल्थकेयर सेक्टर्स में सहयोग के व्यापक अवसर हैं। उन्होंने अगले दस वर्षों के रोडमैप, को-क्रिएशन, गो-टू-मार्केट रणनीति और वन-टू-वन मीटिंग्स के माध्यम से साझेदारी को और मजबूत करने पर जोर दिया। दिन का समापन जहाननुमा पैलेस होटल में औपचारिक डिनर के साथ हुआ। इस अवसर पर जर्मन प्रतिनिधिमंडल और स्थानीय उद्योगपतियों के बीच अनौपचारिक विचार-विमर्श हुआ। डिनर के दौरान IM Global द्वारा एक Soft Launch भी किया गया, जिसके तहत कंपनी ने भारतीय बाजार में अपनी सेवाओं के विस्तार और अंतरराष्ट्रीय सहयोग की संभावनाओं को रेखांकित किया। प्रतिनिधिमंडल ने इसे नवाचार एवं साझेदारी को प्रोत्साहित करने वाला कदम बताया। इसी अवसर पर, B2B Matchmaking सत्र भी आयोजित हुआ, जिसमें BrandSmashers Tech, AlgoMath, Technomancy, RotenX, Nexora Cogniware, Spark VR, Adverto, Unibazar Technologies, Codersbay Technologies, Panthar Info Hub, AmbiSpine Technologies, Next Phase, Sihari Labs, Primus सहित 14 से अधिक स्थानीय स्टार्टअप्स ने जर्मन कंपनियों के साथ प्रत्यक्ष संवाद कर सहयोग की संभावनाओं पर विचार किया। चौथे दिन के संवादों में स्पष्ट हुआ कि मध्यप्रदेश और जर्मनी के बीच तकनीक, नवाचार और निवेश के क्षेत्र में दीर्घकालिक एवं स्थायी साझेदारी के प्रबल अवसर मौजूद हैं।  

रायपुर में कैंसर अस्पताल का होगा उन्नयन, सीएम साय ने जनता को अत्याधुनिक स्वास्थ्य सुविधाओं की सौगात दी

रायपुर : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के निर्देश पर कैंसर अस्पताल का होगा उन्नयन, जनता को मिलेगी अत्याधुनिक स्वास्थ्य सुविधा की सौगात रायपुर में कैंसर अस्पताल का होगा उन्नयन, सीएम साय ने जनता को अत्याधुनिक स्वास्थ्य सुविधाओं की सौगात दी कैंसर अस्पताल की बिल्डिंग बनेगी जी प्लस टू (G+2) से जी प्लस सिक्स (G+6)- मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय विस्तार के लिए लगभग रु. 39.36 करोड़ की पुनरीक्षित राशि स्वीकृत  रायपुर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के सुशासन में और स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल के कुशल नेतृत्व में प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाएँ नई ऊंचाइयों की तरफ अग्रसर हैं। इसी क्रम में डॉ. भीमराव अम्बेडकर स्मृति चिकित्सालय स्थित कैंसर अस्पताल की जी प्लस टू (ग्राउंड फ्लोर प्लस दो मंजिल) बिल्डिंग का विस्तार होकर जी प्लस सिक्स (ग्राउंड फ्लोर प्लस छः मंजिल) में उन्नयन होने जा रहा है।  स्वास्थ्य मंत्री जायसवाल ने बताया कि इन परियोजना के लिए लगभग 39.36 करोड़ रूपए की पुनरीक्षित राशि स्वीकृत की गई है। उन्होंने एक बैठक में अधिकारियों को निर्देश दिए कि दिशा-निर्देशों का पालन करते हुए कार्य को जल्द गति दी जाए। स्वास्थ्य मंत्री के अनुसार यह बिल्डिंग सिर्फ किसी भवन या निर्माण कार्य का विस्तार नहीं बल्कि प्रदेश की जनता के लिए उम्मीद की नई किरण है। कैंसर अस्पताल के जी प्लस सिक्स के विस्तार के साथ राज्य की जनता को भी अत्याधुनिक स्वास्थ्य सुविधाएं प्राप्त होंगी। उन्होंने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का आभार प्रकट करते हुए कहा है कि यह कदम छत्तीसगढ़ राज्य की स्वास्थ्य सेवाओं को नई पहचान दिलाने की दिशा में अग्रसर होगा।

AC बस सेवा से फरीदाबाद से गोल्डन टेंपल पहुंचना अब और सुविधाजनक

हरियाणा  हरियाणा परिवहन विभाग यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए लगातार नई सेवाएं शुरू कर रहा है। इसी कड़ी में रोडवेज विभाग ने फरीदाबाद से अमृतसर के लिए सीधी एसी बस सेवा शुरू करने का फैसला लिया है। इस बस के शुरू होने के बाद बल्लभगढ़ से स्वर्ण मंदिर और वाघा बॉर्डर तक बिना किसी परेशानी के आसानी से पहुंच सकेंगे। एसी बस के चलने से यात्रियों का सफर न केवल आरामदायक होगा, बल्कि गर्मी के मौसम में भी उन्हें राहत मिलेगी।   13 एसी बसें हो रही संचालित फरीदाबाद रोडवेज डिपो में पहले से ही 13 एसी बसें संचालित हो रही हैं, जो चंडीगढ़, पंचकूला, शिमला, यमुनानगर, हरिद्वार, हिसार और भिवानी जैसे प्रमुख शहरों के लिए चलाई जा रही हैं। अब डिपो में 10 और नई एसी बसें जोड़ी गई हैं, जिनकी सभी जरूरी कागजी प्रक्रिया पूरी कर ली गई है। इन रूटों पर चलाई जाएंगी बसें  फरीदाबाद रोडवेज डिपो के ट्रांसपोर्ट मैनेजर नवनीत बजाज के अनुसार, नई एसी बसों को अमृतसर, डबवाली, जयपुर और कैथल जैसे लंबे रूटों पर चलाने की योजना है। इन रूटों पर सीधी बस सेवा मिलने से यात्रियों को काफी सुविधा होगी। अब दिल्ली जाने की जरूरत नहीं अब तक अमृतसर जाने के इच्छुक यात्रियों को दिल्ली जाकर बस पकड़नी पड़ती थी, लेकिन अब उन्हें बल्लभगढ़ बस डिपो से ही सीधी एसी बस सेवा मिल सकेगी। इन बसों में बेहतर सीटिंग अरेंजमेंट और आधुनिक सुविधाएं दी गई हैं, जिससे यात्रियों को एक आरामदायक यात्रा अनुभव मिलेगा।

वोटर बनने की प्रक्रिया में हुए अजीब बदलाव, साजन और सजनी की कहानी

पूर्णिया एसआईआर की समीक्षा में हर दिन चौंकाने वाले खुलासे हो रहे हैं। इसके अलावा, बीएलओ द्वारा आंख बंदकर दस्तावेज अपलोड करने का भी मामला सामने आ रहा है। मतदाता बनने की जुगाड़ में कहीं किसी का साजन बदल गया है तो कहीं किसी की सजनी बदल गई है। पूर्णिया के प्रमंडलीय आयुक्त राजेश कुमार ने गुरुवार को पूर्णिया के विधानसभा क्षेत्रों के एसआईआर की समीक्षा में इस तरह के कई खामियां पकड़ी है। आयुक्त ने इस मामले में संबंधित मतदान केन्द्र के बीएलओ को तत्काल प्रभाव से हटाते हुए गलत कागजात प्रस्तुत करने वाले मतदाता सहित उसे अपलोड करने वाले बीएलओ के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई का निर्देश पूर्णिया के जिलाधिकारी अंशुल कुमार को दिया है। अमौर विधान सभा क्षेत्र के मतदान केन्द्र संख्या-85 के सभी अभिलेखों गणना प्रपत्र पंजी, गणना प्रपत्र आदि की जांच में कई कॉलम खाली पाए गए। बीएलओ के स्तर से गणना प्रपत्र पंजी तथा गणना प्रपत्र एवं कागजात प्रमाण पत्र का सही-सही संधारण नहीं किया हुआ पाया गया। जांच के क्रम में इस मतदान केन्द्र के तीन गणना प्रपत्र संदेहास्पद पाए गए। एक गणना प्रपत्र में निर्वाचक का नाम-सुखफजा, इपिक नंबर- जेडओएल .2718922 जन्म तिथि-01.1.1949, पिता का नाम-ईसा फली, माता का नाम-जैनफ एवं पति का नाम-मो मुस्लिम गणना प्रपत्र प्रारूप में अंकित है। गणना प्रपत्र पर बीएलओ द्वारा 2003 मतदाता सूची का पार्ट-51 क्रमांक 744 अंकित किया गया है। जबकि गणना प्रपत्र के साथ संलग्न 2003 मतदाता सूची में इस क्रमांक पर नाम सुरब्जा अंकित है। इस प्रकार गलत कागजात गणना प्रपत्र के साथ पाया गया। उक्त निर्वाचक 2003 के मतदाता सूची में नाम अंकित नहीं पाया गया। दूसरे मामले में निर्वाचक का नाम-आसमीन इपिक-जेडओएल 1955384 जन्म तिथि-01.1.1980, पिता-मो अफाक, माता-नूर दाना, पति-आजाद गणना प्रपत्र प्रारूप में अंकित है। गणना प्रपत्र पर बीएलओ द्वारा 2003 मतदाता सूची का पार्ट-51 क्रमांक 137 अंकित किया गया है, जबकि उक्त गणना प्रपत्र के साथ संलग्न 2003 के मतदाता सूची में क्रमांक-137 पर नाम आसमीन, पति-सरीफ अंकित है। जांच में यह कागजात भी गलत पाया गया। तीसरे मामले में निर्वाचक का नाम-रुकसाना बेगम, इपिक जीक्यूबी 5273362, पिता-हनीफ, माता-मुरनपा, पति-मोहम्मद फैयाज गणना प्रपत्र में अंकित है। गणना प्रपत्र पर बीएलओ द्वारा 2003 मतदाता सूची का पार्ट-51 क्रमांक-865 अंकित किया गया है, जबकि उक्त प्रपत्र के साथ संलग्न 2003 के मतदाता सूची के क्रमांक-865 पर निर्वाचक का नाम फकरीन, पति-फैयाज अंकित है। यह भी जांच में गलत पाया गया। समीक्षा के बाद आयुक्त ने माना कि अमौर विधान सभा के मतदान केन्द्र संख्या 85 के बीएलओ ने गणना प्रपत्र को बिना जांच पड़ताल किये कागजात संलग्न कर दिया है जो उनके लापरवाही का परिचायक है। इस संबंध में पृच्छा करने पर बीएलओ द्वारा कोई स्पष्ट उत्तर नहीं दिया गया। इस मामले में इआरओ को आदेश दिया गया कि तत्काल इस मामले की जांच कर प्रतिवेदन उपलब्ध करावें। इस मामले में बीएलओ सहित गलत कागज देने वाले दोषी लोगों के विरूद्ध नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित करें। बायसी विधानसभा में भी पकड़ी गई कई गड़बड़ी आयुक्त ने 57-बायसी विधान सभा क्षेत्र के मतदान केन्द्र संख्या-115 एवं 205 के सभी अभिलेखों यथा-गणना प्रपत्र पंजी, गणना प्रपत्र आदि के जांच में भी अनियमितताएं पायी। यहां जांच के क्रम में पाया गया कि गणना प्रपत्र प्रारूप में निर्वाचक का नाम जीरानी बेगम, जन्म तिथि-01.1.1960, पिता-महमुद आलम, माता-तहमीना खातून, पति-मो० अकबर हुसैन अंकित है। गणना प्रपत्र पर बीएलओ द्वारा 2003 मतदाता सूची का पार्ट-172 क्रमांक-352 अंकित किया गया है, जबकि उक्त प्रपत्र के साथ संलग्न 2003 के मतदाता सूची के क्रमांक-352 में निर्वाचक का नाम सैदा खातून, पति-अकबर अंकित है। इससे बीएलओ की कार्य के प्रति लापरवाही पाई गई। इस संबंध में संबंधित इआरओ को इसकी जांच कर जांच प्रतिवेदन उपलब्ध कराने को कहा गया। इसके अलावा इस मतदान केन्द्र के बीएलओ को बदलते हुए उनके विरूद्ध नियमानुसार कार्रवाई का निर्देश दिया गया। बनमनखी विधानसभा की जांच में मिली कई खामियां 59-बनमनखी विधान सभा क्षेत्र के मतदान केन्द्र संख्या-45 एवं 115 के सभी अभिलेखों यथा-गणना प्रपत्र पंजी, गणना प्रपत्र आदि के जांच की गई। जांच के क्रम में गणना प्रपत्र पंजी के कई कॉलम खाली पाया गया। कई गणना प्रपत्र प्रारूप में लगे फोटो अस्पष्ट एवं संलग्न कागजात सही नहीं पाए गए तथा कुछ गणना प्रपत्र में निर्वाचकों का हस्ताक्षर या अंगूठे का निशान नहीं पाया गया। इस संबंध में संबंधित इआरओ को अभियान चलाकर उक्त त्रुटियों के सुधार के लिए निर्देश दिया गया। समीक्षा बाद आयुक्त ने जिला पदाधिकारी-सह-जिला निर्वाचन पदाधिकारी को वरीय पदाधिकारी के माध्यम से समय-समय पर इनके कार्यों की औचक जांच कराने तथा कार्य में लापरवाही पाये जाने की स्थिति में दोषियों पर कड़ी कार्रवाई करने का निर्देश दिया।