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नमामि गंगे और आईआईटी कानपुर ने मिलकर खोली नदी के बदलाव की आधी सदी की कहानी

वेब-जीआईएस पर होगा डिजिटल रिकॉर्ड लखनऊ/कानपुर गंगा के अतीत से उसके भविष्य का रास्ता तय करने की दिशा में राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन ने ऐतिहासिक पहल शुरू की है, जिसमें आईआईटी कानपुर ने कमान संभाली है। संस्थान के शोधकर्ताओं ने 1965 की अमेरिकी जासूसी उपग्रह श्रृंखला ‘कोरोना’ से ली गई दुर्लभ तस्वीरों को 2018-19 की अत्याधुनिक सैटेलाइट इमेजरी के साथ जोड़कर नदी के स्वरूप, प्रवाह और भूमि उपयोग में आए पांच दशकों के बड़े बदलाव दर्ज किए हैं। यह अध्ययन गंगा संरक्षण और बहाली के लिए डेटा-आधारित ठोस खाका पेश करने की दिशा में मील का पत्थर माना जा रहा है। यह परियोजना गंगा नॉलेज सेंटर का हिस्सा होगी, जो गंगा से जुड़ी शोध, पोर्टल और डाटासेट्स का भंडार है तथा नदी के पुनर्जीवन के लिए वैज्ञानिक और शोध-आधारित निर्णय लेने में मदद करेगी। कोरोना उपग्रह की तस्वीरों में गंगा अपनी प्राकृतिक अवस्था में लगभग अछूती नजर आती है, जबकि 2019 की तस्वीरें नदी की बदलती स्थिति को उजागर करती हैं। इन तस्वीरों में बैराज, तटबंध और शहरी विस्तार के कारण गंगा की स्वाभाविक बहाव गति पर रोक लगती हुई दिखाई देती है। यह तुलनात्मक अध्ययन अब नई उम्मीद का संचार करता है। वैज्ञानिकों के पास अब ऐसे ठोस मानचित्र मौजूद हैं, जो यह बताते हैं कि किन क्षेत्रों में पुनर्स्थापन से गंगा अपनी पुरानी लय को फिर से पा सकती है, और कहां भूमि उपयोग में सुधार से उसकी सेहत को बेहतर बनाया जा सकता है। अत्याधुनिक वेब-जीआईएस लाइब्रेरी विकसित की जा रही राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन का यह महत्त्वपूर्ण प्रोजेक्ट केवल नदी की भू-आकृति में हुए परिवर्तनों का वैज्ञानिक लेखा-जोखा नहीं तैयार कर रहा, बल्कि भूमि उपयोग और भूमि आवरण (LULC) के तुलनात्मक अध्ययन से यह उजागर कर रहा है कि अतिक्रमण, तेजी से फैलता शहरीकरण और कृषि विस्तार किस तरह गंगा के प्राकृतिक संतुलन को चोट पहुंचा रहे हैं। इन आंकड़ों को आधार बनाकर एक अत्याधुनिक वेब-जीआईएस लाइब्रेरी विकसित की जा रही है, जिसका सीधा इस्तेमाल भविष्य की नीतियों, नदी प्रबंधन रणनीतियों और बहाली योजनाओं में किया जाएगा। एक ही प्लेटफार्म पर विश्लेषण और योजना कोरोना और भूमि उपयोग और भूमि आवरण (LULC) डेटा को इंटरैक्टिव यूजर इंटरफेस और गूगल अर्थ इंजन एप्लिकेशन पर होस्ट किया जाएगा, ताकि विश्लेषण और योजना दोनों एक ही प्लेटफार्म पर संभव हों। परियोजना के तहत 9 प्रमुख विंडो—हरिद्वार, बिजनौर, नरौरा, कानपुर, इलाहाबाद, वाराणसी, पटना, भागलपुर और फरक्का के लिए विशेष डिजिटल डिस्प्ले तैयार किया जाएगा, जो स्थानीय से राष्ट्रीय स्तर तक निर्णय लेने में अहम भूमिका निभाएगा। सटीक डिजिटल प्रदर्शन किया जाएगा गंगा की सेहत का वैज्ञानिक नक्शा तैयार करने के लिए नई परियोजना में कई निर्णायक कदम उठाए जा रहे हैं। सबसे पहले, पूरी गंगा बेसिन तल की सीमा तय कर कोरोनल इमेजरी के जरिए उसका सटीक डिजिटल प्रदर्शन किया जाएगा। 1965-75 की तस्वीरों और मौजूदा परिदृश्य की तुलना से भूमि उपयोग और भू-आकृतिक बदलाव का स्पष्ट विजुअलाइजेशन तैयार होगा। सारे आंकड़ों को एक वेब-जीआईएस मॉड्यूल में संगठित कर उन्नत क्वेरी सिस्टम विकसित किया जाएगा, जिससे शोधकर्ता और योजनाकार अपनी जरूरत के मुताबिक डेटा तुरंत निकाल सकेंगे। डेटा के सार्वजनिक वितरण के लिए एक प्रणाली स्थापित की जाएगी, जो भविष्य में गंगा पर विभिन्न हितधारकों के शोध में इसके उपयोग को सुगम बनाएगी। आईआईटी कानपुर के वैज्ञानिकों का मानना है कि यह उपलब्धि गंगा संरक्षण में “डेटा-ड्रिवन” प्लानिंग का नया दौर शुरू करेगी। तकनीकी चुनौतियां अभी बरकरार हैं, पर शोध टीम लगातार अपनी कार्यविधि निखार रही है अधिक सटीकता और तेज प्रोसेसिंग की दिशा में बढ़ते हर कदम के साथ गंगा के भविष्य की तस्वीर और स्पष्ट होती जा रही है। तस्वीरें बदलते हालात को सामने लाती हैं यह तस्वीरें गंगा के लगभग अछूते स्वरूप को दर्ज करती हैं। वर्ष 2019 की तस्वीरें बदलते हालात को सामने लाती हैं जहां बैराज, तटबंध और शहरी विस्तार ने नदी की मिएंडरिंग रफ्तार को सीमित कर दिया है। यही तुलनात्मक अध्ययन अब नई उम्मीद जगा रहा है। वैज्ञानिकों के पास ठोस मानचित्र हैं, जो बताते हैं कि किन इलाकों में बहाली से गंगा अपनी पुरानी लय पा सकती है और कहां भूमि उपयोग में सुधार से उसकी सेहत फिर से निखर सकती है। आने वाली पीढ़ियों के लिए एक ऐतिहासिक कदम गंगा नदी के कायाकल्प के लिए अतीत की सटीक तस्वीरों से बेहतर कोई मार्गदर्शन नहीं हो सकता और यही राह यह प्रोजेक्ट दिखा रहा है। राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन का यह प्रयास विज्ञान की ठोस नींव और परंपरा की गहरी जड़ों को जोड़कर आने वाली पीढ़ियों के लिए गंगा को उसके स्वच्छ, मुक्त और जीवनदायी स्वरूप में लौटाने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम साबित हो रहा है।

NAAC ने दिया पं. रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय को A+ ग्रेड, विश्वविद्यालय की प्रतिष्ठा में इजाफा

रायपुर राज्यपाल एवं विश्वविद्यालयों के कुलाधिपति रमेन डेका ने पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय रायपुर को नैक द्वारा ए प्लस ग्रेड प्राप्त होने पर शुभकामनाएं दी है. राजभवन मे आज रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय रायपुर के कुलपति प्रोफेसर सच्चिदांनद शुक्ला ने राज्यपाल से भेंट कर विश्वविद्यालय को नैक द्वारा ए प्लस ग्रेड प्राप्त होने का पत्र सौंपा. राज्यपाल ने इसे पूरे प्रदेश के लिए हर्ष का विषय बताते हुए कहा कि राज्य के अन्य शासकीय विश्वविद्यालयों को भी इससे प्रेरणा मिलेगी और वे गुणवत्ता में सुधार लाकर अति उत्तम ग्रेडिंग प्राप्त करेंगे. रविशंकर विश्वविद्यालय राज्य का पहला शासकीय विश्वविद्यालय है, जिसे सामान्य विश्वविद्यालय की श्रेणी में ए प्लस ग्रेड प्रदान किया गया है. राज्यपाल डेका ने विगत एक वर्ष में नियमित रूप से शासकीय विश्वविद्यालयों की समीक्षा बैठक लेकर उन्हें गुणवत्ता में सुधार लाने और नैक ग्रेडिंग प्रक्रिया में भाग लेने के लिए प्रेरित किया है. उनके मार्गदर्शन एवं सहयोग से रविशंकर विश्वविद्यालयों को यह उपलब्धि हासिल हुई है जिसके लिए विश्वविद्यालय के कुलपति ने राज्यपाल का आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के आंतरिक गुणवत्ता आश्वासन प्रकोष्ठ (आईक्यूएसी) के संचालक प्रोफेसर आर. पी. परगनिहा और कुलसचिव प्रोफेसर अंबर व्यास उपस्थित थे.

पीएम मोदी ने मां से जोड़कर पौधारोपण अभियान को जनांदोलन में बदला : विनोद पांडेय

आजमगढ़ भारत आस्था एवं भावों का तथा श्रद्धा का देश है। इसीलिए देश के यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विश्व पर्यावरण दिवस के दिन प्रत्येक व्यक्ति से वृक्ष लगाने का निवेदन करते हुए पौधरोपण अभियान को माँ के भाव से जोड़ा है। उक्त बातें शिव चिल्ड्रेन पब्लिक स्कूल कला के शिक्षक विनोद पांडेय ने लालगंज तहसील के पांडेय का पूरा गाँव में शास्त्रार्थ फाउंडेशन के तत्वावधान में हो रहे वृक्षारोपण के दौरान उपस्थित लोगों को सम्बोधित करते हुए कही। उन्होंने फाउंडेशन की प्रशंसा करते हुए कहा कि इस तरह के सामाजिक कार्य सभी संस्थाओं को करना चाहिए। पर्यावरण को संरक्षित करने के मोदी-योगी के प्रयासों को आगे बढ़ाने में संस्था अग्रणी भूमिका में है। पूर्व प्रधान श्याम अवध पांडे ने कहा कि ग्लोबल वार्मिंग के ख़तरे बढ़े हैं।  मौसम भी आश्चर्यजनक रूप से बदल रहा है। इसलिए पेड़ लगाना आवश्यक है। क्षेत्र के प्रसिद्ध व्यवसायी गोविंद सेठ ने कहा कि सभी लोग शपथ लें कि केवल पेड़ लगाना ही नहीं, बल्कि बचाना भी है। कार्यक्रम में आये लोगों का स्वागत अनुभव सिंह ने किया और आभार श्रीमती चिंता देवी तथा संचालन तरुण पाण्डेय ने किया। तरुण पांडे ने कहां की शास्त्रार्थ फाउंडेशन प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में वृक्षारोपण अभियान चला रहा है। इससे पहले शास्त्रार्थ फाउंडेशन में लखनऊ जौनपुर समेत अन्य जगहों पर भी पौधरोपण किया है। उपस्थित प्रमुख लोगों में आर्यन सिंह, योगेंद्र कुमार, त्रिभुवन पांडेय आदि उपस्थित रहे।  

शहर से गांव तक जमीनों के दाम दोगुना, नया सर्किल रेट लागू

आगरा जमीन, मकान और दुकान खरीदना सोमवार से 40 प्रतिशत तक महंगा हो जाएगा। सोमवार से नए सर्किल रेट प्रभावी हो जाएंगे। नए रेट के अनुसार ही बैनामा होंगे। अब फव्वारा में दुकान की कीमत 1.95 लाख रुपये प्रति वर्गमीटर होगी, जबकि संजय प्लेस में 1.84 लाख रुपये। एमजी रोड, कमला नगर, जयपुर हाउस और फतेहाबाद रोड पर भी संपत्ति खरीदने में जनता की जेब ढीली होगी। आपत्तियों और सुझावों पर सुनवाई के बाद डीएम अरविंद मल्लप्पा बंगारी ने सोमवार से नए सर्किल रेट लागू करने के आदेश दिए हैं। जिले में करीब आठ साल बाद सर्किल रेट का निर्धारण हुआ है। एडीएम वित्त एवं राजस्व शुभांगी शुक्ला ने बताया कि सर्किल रेट लागू करने से पहले निबंधन और राजस्व टीमों ने संयुक्त सर्वे किया। बाजार मूल्य परखा। उसके आधार पर नए सर्किल रेट का निर्धारण हुआ है। सोमवार से खेरागढ़, एत्मादपुर, फतेहाबाद, किरावली, बाह और सदर तहसील क्षेत्र में भी बढ़े हुए सर्किल रेट के आधार पर संपत्ति खरीदने के लिए स्टांप शुल्क देना पड़ेगा। पांच श्रेणियों में सर्किल रेट जारी हुए हैं। आवासीय दरों में 30 से 40 प्रतिशत, व्यावसायिक दरों में 35 से 40 प्रतिशत और रोड सेगमेंट की दरों में 50 प्रतिशत तक इजाफा हुआ है। इनके अलावा नव विकसित क्षेत्रों में 30 प्रतिशत और औद्योगिक क्षेत्रों के सर्किल रेट में भी 30 प्रतिशत तक वृद्धि की गई है। सड़क की चौड़ाई के हिसाब से जमीन की कीमत नए सर्किल रेट में जमीन की कीमत सड़क की चौड़ाई के अनुसार होगी। जितनी ज्यादा चौड़ी सड़क, उतनी महंगी। अकृषक भूमि पर नाै मीटर, 18 मीटर और 18 मीटर से अधिक चौड़ी सड़क पर अलग-अलग सर्किल रेट निर्धारित हुए हैं। इनके अलावा वाणिज्यिक संपत्ति में दुकान, कार्यालय और गोदाम की भूमि का रेट अलग-अलग होगा। इसी तरह एकल वाणिज्यिक भवन में स्थित दुकान, गोदाम व कार्यालय का सर्किल रेट कार्पेट एरिया के अनुसार निर्धारित किया गया है।   इन क्षेत्रों में नया सर्किल रेट – संजय प्लेस में नाै मीटर मार्ग पर – 10,2000 से बढ़कर 1,53,000 – संजय प्लेस में व्यावसायिक भवन में दुकान – 1,21,000 से बढ़कर 1,84,000 – संजय प्लेस में आजाद फिलिंग स्टेशन से यश बैंक तक – 89,500 से बढ़कर 1,34,000 – हरीपर्वतन से नालबंद चौराहा तक एमजी रोड – 83,000 से बढ़कर 1,24,000 – मदिया कटरा तिराहा से रेलबे फाटक तक – 55,000 से बढ़कर 82,000 – सुभाष पार्क से पंचकुइयां मार्ग तक – 55,000 से बढ़कर 82,000 – कमला नगर में बी, सी व डी ब्लॉक में – 55,000 से बढ़कर 74,000 – कमला नगर में ए, ई, एफ, जी व एच ब्लॉक में – 38,000 से बढ़कर 51,000 – फव्वारा में दुकान का सर्किल रेट – 1,30,000 से बढ़कर 1,95,000 – हींग की मंडी में दुकान का सर्किल रेट – 1,00,000 से बढ़कर 1,50,000

नक्सली हिंसा में जवान शहीद, CM विष्णुदेव साय ने दी श्रद्धांजलि, कहा- आतंक के खिलाफ जारी रहेगी लड़ाई

रायपुर  छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले के नेशनल पार्क एरिया में नक्सिलयों के आईईडी ब्लास्ट में DRG जवान दिनेश नाग शहीद हो गए. इस हमले में 3 अन्य जवान घायल हुए हैं. मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने इस घटना पर शोक व्यक्त किया है. मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि बीजापुर जिले के नेशनल पार्क क्षेत्र में नक्सलियों द्वारा किए गए आईईडी ब्लास्ट में बीजापुर DRG के जवान दिनेश नाग के शहीद होने एवं तीन जवानों के घायल होने की दु:खद सूचना मिली है. ईश्वर से दिवंगत आत्मा की शांति और परिजनों को संबल प्रदान करने की प्रार्थना करता हूं. घायल जवानों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना करता हूं. उन्होंने कहा कि बस्तर में चल रहे नक्सल उन्मूलन अभियान से नक्सली हताश हैं और इसीलिए ऐसी कायराना हरकतें कर रहे हैं. DRG के जवान दिनेश नाग की शहादत व्यर्थ नहीं जाएगी. नक्सलवाद का खात्मा हमारा संकल्प है और इस दिशा में हम हर हाल में सफल होंगे. बता दें कि भोपालपटनम के उल्लुर इलाके में जवान सर्चिंग अभियान के लिए रवाना हुए थे. इस दौरान नक्सलियों ने आईईडी ब्लास्ट कर दिया. इसकी चपेट में आने से डीआरजी के जवान दिनेश नाग शहीद हो गए हैं. वहीं 3 जवान – भरत धीवर, पैकू इंला और मुंदारू राम कवासी घायल हुए हैं. फिलहाल घायलों की स्थिति खतरे से बाहर बताई जा रही है. घटना के बाद इलाके में जवानों ने सर्चिंग अभियान तेज कर दिया गया है.

जयवीर सिंह ने कहा- ग्रामीण पर्यटन में यूपी के कारिकोट गांव ने पेश की मिसाल,अंतरराष्ट्रीय पुरस्कार से मिलेगी प्रेरणा

लखनऊ उत्तर प्रदेश के बहराइच जिले का कारिकोट गांव ग्रामीण पर्यटन के क्षेत्र में वैश्विक पहचान बना चुका है। गांव का चयन इंडियन सब कांटिनेंटल रिस्पॉन्सिबल टूरिज्म (आईसीआरटी) अवार्ड 2025 के लिए किया गया है। कारिकोट गांव को यह सम्मान 13 सितम्बर को नई दिल्ली में आयोजित समारोह में दिया जाएगा। यह जानकारी उप्र के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने दी।  पर्यटन मंत्री ने बताया कि कारिकोट गांव का चयन आईसीआरटी अवार्ड के लिए होना पूरे प्रदेश के लिए गर्व की बात है। भारत-नेपाल सीमा से सटे कारिकोट ने ग्रामीण पर्यटन के क्षेत्र में मिसाल पेश की है। उन्होंने बताया कि पर्यटन विभाग की पहल पर ग्रामीणों ने होमस्टे की शुरुआत की। साथ ही सीमा पर्यटन जैसे अभिनव पहल भी किए गए। इन प्रयासों से स्थानीय समुदायों, विशेषकर युवाओं और महिलाओं को रोजगार मिला है। गांव की संस्कृति, खान-पान, हस्तशिल्प और लोक कलाओं को भी नई पहचान मिली है। दिल्ली में आगामी 13 सितम्बर को आयोजित होने वाले बीएलटीएम ट्रेड शो में भारत सहित उपमहाद्वीप की 17 संस्थाओं को रिस्पोंसिबल टूरिज्म सम्मान दिया जाएगा। इन संस्थाओं को वन टू वॉच, सिल्वर और गोल्ड श्रेणी में मान्यता दी जाएगी। मान्यता सूची में स्थान पाने वाली सभी संस्थाओं ने प्रमाणिकता, पुनरावृत्ति की क्षमता, नवाचार, प्रभाव, स्थिरता और जिम्मेदार पर्यटन के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को स्पष्ट किया है। भारतीय उपमहाद्वीप जिम्मेदार पर्यटन पुरस्कारों के निर्णायक मंडल में प्रो. हैरॉल्ड गुडविन शामिल हैं। गुडविन रिस्पॉन्सिबल टूरिज्म पार्टनरशिप के प्रबंध निदेशक और आईसीआरटी ग्लोबल के संस्थापक हैं। साथ ही, मनीषा पांडे, प्रबंध निदेशक विलेज वेज़ और आईसीआरटी भारतीय उपमहाद्वीप की प्रतिनिधि तथा चार्मारी मेल्ज, निदेशक आईसीआरटी श्रीलंका सहित अन्य निर्णायक मंडल का हिस्सा रहे।  उल्लेखनीय है कि, उत्तर प्रदेश पर्यटन विभाग ग्रामीण पर्यटन को लगातार प्रोत्साहित कर रहा है। विभाग का लक्ष्य है कि राज्य को धार्मिक पर्यटन के साथ-साथ ग्रामीण पर्यटन के क्षेत्र में भी नई पहचान दिलाई जाए। राज्य सरकार का मानना है कि गांव केवल कृषि और परम्पराओं के केंद्र नहीं हैं, बल्कि वे सांस्कृतिक धरोहर, प्राकृतिक सौंदर्य और सामाजिक समरसता के प्रतीक भी हैं। ग्रामीण पर्यटन के माध्यम से इन विशेषताओं को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रचारित करने की योजना है। जयवीर सिंह ने बताया कि कारिकोट उत्तर प्रदेश के अन्य गांवों के लिए ग्रामीण पर्यटन में प्रेरणास्त्रोत बनेगा। नेपाल की सीमा से सटे और कतर्नियाघाट वन्यजीव अभयारण्य के करीब स्थित कारिकोट गांव ने सामुदायिक नेतृत्व के जरिए पर्यटन को नई दिशा दी है। थारू समुदाय सहित समाज के अन्य लोगों की भागीदारी क्षेत्र में ग्रामीण पर्यटन को बढ़ावा दे रहा है। विश्वास है कि यह उपलब्धि प्रदेश में ग्रामीण पर्यटन के समग्र विकास में सहायक सिद्ध होगी। प्रमुख सचिव पर्यटन एवं संस्कृति मुकेश कुमार मेश्राम ने बताया कि राज्य में ग्रामीण पर्यटन को लगातार बढ़ावा दिया जा रहा है। उत्तर प्रदेश ब्रेड एंड ब्रेकफास्ट एवं होमस्टे नीति-2025 सहित विभिन्न योजनाओं के माध्यम से रूरल टूरिज्म को प्रोत्साहित किया जा रहा है। कारिकोट गांव को मिला सम्मान विभागीय प्रयासों और ग्रामीण पर्यटन के क्षेत्र में सफलता का परिणाम है।  

शासन की मंशा है हर युवा को रोजगार उपलब्ध हो: राजभर

प्रदेश भर के युवाओं को रोजगार हेतु किया जाएगा प्रेरित 26 से 28 अगस्त तक इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित होगा रोजगार महाकुंभ एआई प्रशिक्षण मंडप और कौशल प्रदर्शनी मुख्य आकर्षण होंगे -प्रमुख सचिव प्रदेश सरकार ने युवाओं को रोजगार दिलाने के लिए उत्तर प्रदेश रोजगार मिशन बनाया है लखनऊ: श्रम एवं सेवायोजन मंत्री अनिल राजभर ने सोमवार को विधान सभा, लखनऊ से रोजगार महाकुंभ 2025 हेतु महाकुंभ अभियान का शुभारम्भ किया।  इस कार्यक्रम में मंत्री जी ने हरी झंडी दिखाकर रोजगार रथ को प्रदेश के जनपदों में प्रचार-प्रसार के लिए रवाना किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि शासन की मंशा है कि हर युवा के हाथों रोजगार उपलब्ध हो। इसी के दृष्टिगत श्रम एवं सेवायोजन विभाग द्वारा बीसीएस कंसल्टिंग प्राइवेट लिमिटेड, लखनऊ और द इकोनॉमिक टाइम्स ऑफ इंडिया के सहयोग से 26 से 28 अगस्त 2025 तक राजधानी लखनऊ के इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में रोजगार महाकुंभ 2025 का आयोजन किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि रोजगार रथ का उद्देश्य अधिक से अधिक युवाओं को इस महाकुंभ में प्रतिभाग के लिए प्रेरित करना और उन्हें राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर उपलब्ध अवसरों से जोड़ना है। उन्होंने कहा कि रोजगार महाकुंभ 2025 के अंतर्गत 50 हजार युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराया जाएगा। मंत्री जी ने अवगत कराया कि सेवायोजन विभाग द्वारा रोजगार संगम पोर्टल तवरहंतेंदहंउण्नचण्हवअण्पद विकसित किया गया है, जिसमें भर्ती एजेंसियों, नियोजकों और नौकरी चाहने वालों के लिए पंजीकरण की सुव्यवस्था की गई है। उन्होंने कहा कि श्रम विभाग ने हाल ही में प्रदेश के 5978 निर्माण श्रमिकों को इजराइल भेजा है, जिसकी सराहना न केवल देश में बल्कि अन्य देशों में भी की जा रही है। वर्तमान में जर्मनी, जापान और इजराइल से नर्स तथा केयरगिवर की रिक्तियां प्राप्त हुई हैं, जिनमें एक लाख पचास हजार रुपये तक का वेतन दिया जाएगा। इसके साथ ही खाड़ी देशों से भी विभिन्न क्षेत्रों की रिक्तियां प्राप्त हुई हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने युवाओं को राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर रोजगार उपलब्ध कराने के उद्देश्य से उत्तर प्रदेश रोजगार मिशन का गठन किया है। प्रमुख सचिव श्रम एवं सेवायोजन डॉ0 एम0के0 शन्मुगा सुन्दरम् ने बताया कि रोजगार महाकुंभ 2025 उत्तर प्रदेश को रोजगार और कौशल उत्कृष्टता का केंद्र बनाने की ऐतिहासिक पहल है। इस आयोजन में वैश्विक नियोक्ता, उद्योग जगत के नेता, नीति निर्माता और नौकरी चाहने वाले एक ही मंच पर आएंगे। कार्यक्रम का उद्देश्य गुणवत्तापूर्ण रोजगार सृजन करना, युवाओं के कौशल विकास को प्रोत्साहन देना और प्रदेश की अर्थव्यवस्था को नई गति प्रदान करना है। रोजगार महाकुंभ में एक लाख से अधिक युवाओं का पंजीकरण अपेक्षित है और पचास हजार से अधिक नौकरियों के अवसर उपलब्ध होंगे। इनमें पंद्रह हजार से अधिक अंतर्राष्ट्रीय रिक्तियां शामिल हैं, जिनमें संयुक्त अरब अमीरात, सऊदी अरब, जापान और जर्मनी जैसे देशों में प्लेसमेंट की संभावनाएं हैं। इसी प्रकार पैंतीस हजार से अधिक घरेलू अवसर देश की अग्रणी कंपनियों के माध्यम से विनिर्माण, आईटी, सेवाओं और उभरते उद्योगों में प्रदान किए जाएंगे। एक सौ से अधिक भर्ती साझेदारों के भागीदारी करने की संभावना है, जिनमें बीस अंतर्राष्ट्रीय भर्तीकर्ता भी होंगे। आयोजन के दौरान दस हजार से अधिक ऑफर लेटर जारी किए जाएंगे, जिनमें दो हजार से अधिक विदेशी प्लेसमेंट के लिए होंगे। इस अवसर पर एआई प्रशिक्षण मंडप विशेष आकर्षण रहेगा जिसमें उद्योग जगत के अग्रणी विशेषज्ञों के सहयोग से डिजिटल कौशल और एआई-संचालित नौकरी की तैयारी पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा। रोजगार एवं कौशल प्रदर्शनी में सरकारी पहलों और भविष्य के कौशल रुझानों को प्रदर्शित किया जाएगा। द इकोनॉमिक टाइम्स के सहयोग से आयोजित होने वाले राष्ट्रीय सम्मेलन में नीति निर्माता, कॉर्पाेरेट नेता और वैश्विक विशेषज्ञ भविष्य के रोजगार बाजार और कौशल रणनीतियों पर चर्चा करेंगे। इसके अतिरिक्त राज्य के स्टार्टअप अपने नवाचार और समाधान प्रस्तुत करेंगे तथा मुख्यमंत्री युवा स्टॉल के माध्यम से स्वरोजगार योजनाओं की जानकारी दी जाएगी। साथ ही दस सेक्टर स्किल काउंसिल्स के सहयोग से लक्षित कौशल और रोजगार अवसरों को प्रोत्साहन दिया जाएगा। स अवसर पर प्रमुख सचिव श्रम एवं सेवायोजन, विशेष सचिव नीलेश कुमार, निदेशक सेवायोजन श्रीमती नेहा प्रकाश, सचिव बी0ओ0सी0डब्ल्यू, पूजा यादव, अपर निदेशक, सेवायोजन, पी0के0पुन्डीर सहित विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।

BLO और सुपरवाइजरों पर FIR, चुनाव से पहले उठाया गया सख्त कदम

प्रयागराज वोटर लिस्ट रिवीजन ( SIR) के खिलाफ पूरा विपक्ष एक साथ खड़ा नजर आ रहा है। चुनाव आयोग की प्रेसकॉन्फेंस के बाद भी विपक्ष SIR को लेकर संतुष्ट नजर नहीं आ रही है। इसी बीच उत्तर प्रदेश के प्रयागराज जिले से बड़ी खबर सामने आई है। प्रशासन ने उत्तर प्रदेश में होने वाले त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव की तैयारियां शुरू कर दी है। चुनावी ड्यूटी में लापरवाही बरतने वाले 75 BLO और 9 सुपरवाइजर पर एक्शन लेते हुए एफआईआर दर्ज करा दिया है। 27 BLO और 9 सुपरवाइजर पर एक्शन सूत्रों के अनुसार, अब तक 27 बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) और 9 सुपरवाइजर ऐसे पाए गए हैं, जिन्होंने अपनी जिम्मेदारी पूरी नहीं की। चुनावी कार्य में जुटने के बजाय ये मोबाइल बंद कर गायब हो गए। संबंधित उप जिलाधिकारियों ने इनके खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के निर्देश जारी किए हैं। 1854 BLO की लगाई गई ड्यूटी जिले के कुल 1540 गांवों में 1854 BLO की तैनाती की गई है। इनमें शिक्षक, शिक्षामित्र, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, लेखपाल और अन्य कर्मचारियों को जिम्मेदारी दी गई है। लेकिन शुरुआती दिनों में ही बड़ी संख्या में लापरवाह कर्मचारियों के नाम सामने आ गए हैं। सोरांव और फूलपुर तहसील में सबसे ज्यादा लापरवाही सोरांव तहसील: यहां 309 BLO और 56 सुपरवाइजर तैनात किए गए थे। इनमें से 27 BLO और 9 सुपरवाइजर अब तक प्रपत्र-10 उपलब्ध नहीं करा सके। इस पर एसडीएम एचएस सैनी ने विभागीय कार्रवाई और एफआईआर के निर्देश दिए हैं। फूलपुर तहसील: यहां भी 27 BLO के खिलाफ एसडीएम दिग्विजय सिंह ने एफआईआर दर्ज कराने के आदेश दिए हैं। प्रशासन का संदेश प्रशासन ने साफ किया है कि चुनावी ड्यूटी में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। दोषी पाए जाने वालों पर विभागीय कार्रवाई के साथ-साथ कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी।

दिल्ली एयरपोर्ट पहुंचना हुआ आसान: सोनीपत से 45 मिनट का सफर, यूईआर-2 बनेगा गेमचेंजर

 गुरुग्राम   अब सोनीपत से 45 मिनट और बहादुरगढ़ से करीब 20 मिनट में दिल्ली एयरपोर्ट पहुंच सकेंगे। पहले शहरवासियों को एयरपोर्ट पहुंचने के लिए कई बार महिपालपुर और सिरहौल बॉर्डर पर जाम के चलते एक-एक घंटे तक का समय लग जाता था। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने  दिल्ली के रोहिणी से लगभग 11 हजार करोड़ रुपये की लागत की 6 सड़क परियोजनाओं का उद्घाटन व लोकार्पण किया। इनमें हरियाणा के लिए दिल्ली खंड के द्वारका एक्सप्रेसवे और अर्बन एक्सटेंशन रोड-2 (यूईआर-2) का उद्घाटन भी शामिल है। इस मौके पर केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी, मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी, दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता सहित अन्य नेता मौजूद थे। अर्बन एक्सटेंशन रोड-2 (यूईआर-2) से 75.71 किलोमीटर लंबा हाईवे शुरू होने से हरियाणा से पश्चिमी-दक्षिणी दिल्ली और इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट तक का सफर आसान होने के साथ दिल्ली-जयपुर एक्सप्रेसवे पर चलने वाले वाहन चालकों को जाम से राहत मिलेगी। सबसे ज्यादा फायदा न्यू गुरुग्राम के लोगों को होगा। इस मार्ग के खुलने से रोजाना करीब 50 हजार वाहन चालकों का सफर सुहाना होगा। यह हाईवे दिल्ली-चंडीगढ़ राजमार्ग से होते हुए दिल्ली के अलीपुर, रोहिणी, मुंडका, बक्करवाला, नजफगढ़, द्वारका से होते हुए महिपालपुर के पास दिल्ली-गुरुग्राम एक्सप्रेसवे पर खत्म होगा। तीन प्रमुख राजमार्गों से जुड़ाव यूईआर-2 से फरीदाबाद से सिंघु बॉर्डर जाना भी आसान हो जाएगा। यह हाईवे एनएच-344पी, एनएच-344एम और एनएच-344एन जैसे तीन प्रमुख राष्ट्रीय राजमार्गों से भी जुड़ेगा। साथ ही हाईवे से बहादुरगढ़ ही नहीं प्रदेश के अन्य जिलों सिरसा, हिसार, भिवानी, रोहतक के अलावा चंडीगढ़, पंजाब और जम्मू-कश्मीर से लोगों को दिल्ली आने-जाने में सहूलियत होगी। दिल्ली के अन्य क्षेत्रों से जुड़ाव होगा आसान यूईआर-2 सिर्फ गुरुग्राम के वाहन चालकों को जाम से राहत नहीं दिलाएगा। यह दिल्ली में ही अन्य क्षेत्रों में जाने के लिए काम आएगा। द्वारका से रोहिणी, मुंडका व अन्य क्षेत्रों तक जल्द पहुंच सकेंगे। गुरुग्राम से सोनीपत, पानीपत, करनाल व अन्य स्थानों पर जाने वाले वाहन चालकों को एक और विकल्प मिल गया है। इस मार्ग से भारी वाहनों को भी फायदा होगा। दिल्ली एयरपोर्ट तक सीधी कनेक्टिविटी  इस मौके पर अपने संबोधन में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि हरियाणा उत्तर भारत का औद्योगिक और कृषि केंद्र है। इस परियोजनाओं का प्रदेश को सीधा लाभ मिलेगा। कुंडली, सोनीपत, बहादुरगढ़, गुरुग्राम और मानेसर की दिल्ली एयरपोर्ट तक सीधी कनेक्टिविटी से निर्यात, आयात और निवेश को भी नई गति मिलेगी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने प्रदेश को कई महत्वाकांक्षी और दूरगामी परियोजनाओं से समृद्ध किया है। इनमें वेस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर, रेल कोच रिपेयर फैक्टरी, कुण्डली-मानेसर-पलवल व कुण्डली-गाजियाबाद-पलवल एक्सप्रेसवे, गुरुग्राम-सिकंदरपुर और फरीदाबाद-बल्लभगढ़ मेट्रो लिंक, रोहतक में देश का पहला एलिवेटेड रेलवे ट्रैक, रोहतक-महम-हांसी रेलवे लाइन, एम्स झज्जर में राष्ट्रीय कैंसर संस्थान और रेवाड़ी में एम्स जैसी परियोजनाएं शामिल हैं। उन्होंने कहा कि हाल ही में रिठाला से कुंडली तक मेट्रो कॉरिडोर की सौगात भी प्रदेश को मिली है। 

जानिए किस मामले में ओपी राजभर ने किया कोर्ट में सरेंडर

लखनऊ  योगी सरकार में मंत्री ओम प्रकाश राजभर एक बार फिर चर्चा में आ गए है। उन्होंने आज मऊ के एमपी एमएलए कोर्ट में सरेंडर कर दिया है। कोर्ट ने उनके खिलाफ वारंट जारी किया था। राजभर ने कहा कि वो इसीलिए यहां पर पेश होने के लिए पहुंटे है।  इस मामले में हुआ केस दर्ज  बता दें कि ओपी राजभर पर आचार संहिता उल्लंघन के मामले में हलधरपुर थाने में उनपर मुकदमा दर्ज हुआ था। जिसके बाद कोर्ट ने वारंट जारी किया था। आज राजभर कोर्ट में सरेंडर किया है। इस दौरान उन्होंने कहा, कोर्ट से वारंट आया, जिसके बाद हम उनके समक्ष पेश होने पहुंचे। कैबिनेट मंत्री के कोर्ट में सरेंडर होने के दौरान सुभासपा के कई पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे। कोर्ट ने दी जमानत ओमप्रकाश राजभर के खिलाफ वर्ष 2019 में लोकसभा चुनाव के दौरान बिगड़े बोल पर मुकदमा दर्ज हुआ था। ये मुकदमा हलधरपुर थाने में दर्ज हुआ था। राजभर कोर्ट में पेश नहीं हो रहे थे, लेकिन आज कड़ी सुरक्षा के बीच कोर्ट में हाजिर हुए। कोर्ट ने राजभर को इस मामले में जमानत भी दे दी है।