samacharsecretary.com

यूपी के बाद अब राजस्थान में ड्रम से मिली लाश, हत्या के बाद पत्नी प्रेमी संग हुई गायब

जयपुर  राजस्थान के खैरथल-तिजारा जिले से एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है। यहां एक व्यक्ति की लाश घर की छत पर रखे प्लास्टिक ड्रम  में बरामद हुई। शव पर धारदार हथियार से हमला किए जाने के निशान मिले हैं। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि मृतक की पत्नी और तीनों बच्चे वारदात के बाद से लापता हैं। इसके साथ ही जिस मकान में मृतक किराए से रह रहा था, उस मकान मालिक का बेटा भी गायब है। पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। गले पर धारदार हथियार से वार डीएसपी राजेंद्र सिंह निर्वाण के अनुसार, मृतक की पहचान हंसराम उर्फ सूरज (निवासी शाहजहांपुर, उत्तर प्रदेश) के रूप में हुई है। वह पिछले डेढ़ महीने से किशनगढ़बास के आदर्श कॉलोनी में पत्नी और तीन बच्चों के साथ किराए पर रह रहा था। पास ही की एक ईंट-भट्टी पर मजदूरी कर अपना गुजारा करता था। रविवार को मोहल्ले में दुर्गंध फैलने के बाद जब पड़ोसियों ने पुलिस को सूचना दी तो छत पर रखे ड्रम की तलाशी ली गई। उसमें हंसराम का शव बरामद हुआ। पुलिस जांच में पाया गया कि शव पर नमक डाला गया था, ताकि तेजी से सड़न हो और बदबू कम हो। मृतक के गले पर धारदार हथियार से वार के गहरे निशान मिले। पत्नी, बच्चे लापता पुलिस जांच में सामने आया कि हत्या के बाद से हंसराम की पत्नी सुनीता और उनके तीनों बच्चे लापता हैं। इतना ही नहीं, मकान मालिक का बेटा जितेंद्र भी शनिवार शाम से गायब है। स्थानीय लोगों ने बताया कि हंसराम शराब का आदी था और अक्सर जितेंद्र के साथ बैठकर शराब पीता था। डीएसपी ने मीडिया से बातचीत में बताया कि जिस घर में हंसराम किराए पर रह रहा था, वह मकान प्रॉपर्टी कारोबारी राजेश शर्मा का है। घटना के वक्त घर में केवल राजेश की पत्नी मिथिलेश और 14 वर्षीय पोता मौजूद थे। मिथिलेश ने पूछताछ में बताया कि जितेंद्र की पत्नी की 12 साल पहले मौत हो चुकी है और वह लंबे समय से यहीं रह रहा था। उन्होंने बताया कि जन्माष्टमी के दिन जब वह बाजार गई थीं, तब तक सुनीता और उसके बच्चे घर पर थे। लेकिन शाम को लौटने के बाद वे नजर नहीं आए। उसी दिन से जितेंद्र भी घर नहीं लौटा। अगली सुबह जब घर में बदबू आने लगी तो उन्होंने तुरंत पुलिस को फोन किया। हत्या की वजह पर कई शक फिलहाल हत्या की असल वजह साफ नहीं हो पाई है। पुलिस का कहना है कि यह मामला शराब पीने के दौरान हुए विवाद, पारिवारिक कलह या किसी गहरी साजिश से जुड़ा हो सकता है। सभी पहलुओं पर जांच की जा रही है और लापता परिवार की तलाश जारी है। पहले भी मिले हैं ड्रम से शव गौरतलब है कि यह पहला मामला नहीं है जब शव को ड्रम में छिपाया गया हो। इसी साल मार्च में उत्तर प्रदेश के मेरठ में एक महिला ने अपने प्रेमी के साथ मिलकर पति की हत्या की थी। आरोप है कि दोनों ने शव के टुकड़े कर उसे ड्रम में भरकर छिपा दिया था। मामला तब उजागर हुआ जब बेटी बार-बार पड़ोसियों से कहती रही – "पापा ड्रम में हैं।" इसके अलावा जून में पंजाब के लुधियाना के शेरपुर क्षेत्र में भी ड्रम से एक अज्ञात व्यक्ति का शव बरामद हुआ था। राजस्थान पुलिस ने शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है और हत्या का मामला दर्ज कर लिया गया है। मृतक के परिजनों को सूचित किया गया है और लापता पत्नी-बच्चों व मकान मालिक के बेटे की तलाश के लिए विशेष टीमें गठित की गई हैं। पुलिस का कहना है कि जल्द ही इस रहस्यमयी हत्या की गुत्थी सुलझा ली जाएगी।

बाढ़ से प्रभावित पंजाब, अधिकारियों को दिए गए कड़े आदेश

जालंधर  पिछले कई दिनों से पड़ोसी राज्य हिमाचल प्रदेश के पहाड़ी इलाकों में हो रही लगातार बारिश के कारण पंजाब के डैमों में पानी का स्तर बढ़ने के मद्देनजर पंजाब के जल स्रोत मंत्री बरिन्दर कुमार गोयल ने प्रभावित जिलों में स्थिति का विस्तृत जायजा लेने के लिए सम्बन्धित डिप्टी कमिश्नरों के साथ टैलीफोन पर बातचीत की। कैबिनेट मंत्री ने डिप्टी कमिश्नरों को जान-माल की सुरक्षा यकीनी बनाने के लिए तुरंत राहत प्रबंध करने के सख्त आदेश दिए। पंजाब भवन में प्रैस कांफ्रैंस के दौरान उन्होंने बताया कि कपूरथला, होशियारपुर, गुरदासपुर, फाजिल्का और फिरोजपुर आदि जिलों में से गुजरते दरियाओं के बांधों के अंदरूनी तरफ वाले इलाकों में बाढ़ जैसे हालात पैदा हो गए हैं क्योंकि दरियाओं में पानी का स्तर बढ़ रहा है और बाढ़ वाले क्षेत्रों में किसानों द्वारा बनाए गए अस्थाई बांधों में दरारें आ गई हैं। उन्होंने बताया कि कपूरथला, फिरोजपुर और फाजिल्का जिलों का करीब 14,200 एकड़ क्षेत्र बाढ़ के पानी से प्रभावित हुआ है। इसमें से जिला कपूरथला के क्षेत्र में जनसंख्या प्रभावित हुई है जबकि फाजिल्का और फिरोजपुर का प्रभावित क्षेत्र कृषि अधीन है। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार और जिला प्रशासन लोगों की हरसंभव सहायता के लिए मौजूद है।   उन्होंने बताया कि फील्ड में 4 सुप्रीटेंडिंग इंजीनियर (एस.इज), 10 एक्सियन, 20 एस.डी.ओ. और 200 फील्ड स्टाफ (समेत जे.ई.) निरंतर 24 घंटे निगरानी कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि संवेदनशील क्षेत्र को सैक्टरों में बांटा गया है ताकि तुरंत कार्रवाई अमल में लाई जा सके। उन्होंने डिप्टी कमिश्नरों को प्रभावित क्षेत्रों में तुरंत राहत कैम्प स्थापित करने के निर्देश दिए जिससे बेघर हुए लोगों को आश्रय, भोजन और डाक्टरी सहूलतें दी जा सकें। उन्होंने कहा कि विभाग द्वारा बनाएं बांध सुरक्षित हैं और इन बांधों से पानी का कोई ओवरफ्लो नहीं हुआ है। इन बांधों पर रोस्टर-आधारित मजबूत टीमों द्वारा 24 घंटे सख्त निगरानी की जा रही है। उन्होंने डिप्टी कमिश्नरों को पशुओं की सुरक्षा और तंदुरुस्ती के लिए विशेष इंतजाम करने के निर्देश दिए, जिसमें अलग शैल्टर बनाना, चारा और पीने वाले पानी की सप्लाई को यकीनी बनाना और प्रभावित क्षेत्रों में वैटरनरी टीमों की तैनाती करना शामिल है। 

पिछड़ा वर्ग छात्रावासों का होगा आधुनिकीकरण, आधुनिक सुविधाओं से होंगे सुसज्जित – राज्यमंत्री श्रीमती गौर

आधुनिक सुविधाओं के साथ पिछड़ा वर्ग छात्रावासों का हो रहा उन्नयन : राज्यमंत्री श्रीमती गौर पिछड़ा वर्ग छात्रावासों का होगा आधुनिकीकरण, आधुनिक सुविधाओं से होंगे सुसज्जित – राज्यमंत्री श्रीमती गौर राज्यमंत्री श्रीमती गौर का ऐलान: पिछड़ा वर्ग छात्रावासों का उन्नयन, छात्रों को नई सुविधाएं मिलेगी भोपाल पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्रीमती कृष्णा गौर ने भोपाल के भदभदा रोड स्थित पिछड़ा वर्ग पोस्ट मैट्रिक कन्या छात्रावास का निरीक्षण किया। उन्होंने कहा कि आगामी तीन वर्षों में प्रदेश के समस्त विभागीय छात्रावासों का आदर्श छात्रावास के रूप में उन्नयन किया जाएगा। आदर्श छात्रावास में गुणवत्तापूर्ण भोजन, निवास की आदर्श परिस्थितियों एवं वातावरण उपलब्ध होने के साथ आवश्यक भौतिक संसाधन उपलब्ध कराए जा रहे हैं। राज्यमंत्री श्रीमती गौर ने कहा कि प्रदेश में पिछड़ा वर्ग के 108 छात्रावास संचालित हैं। प्रथम चरण में 30 कन्या छात्रावासों का चयन किया गया है, जिनका उन्नयन किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि 50 सीटर इन छात्रावासों में आदर्श किचन आधुनिक मैस, रूफटॉप सोलर संयंत्र, ई-लाइब्रेरी, वाय-फाय, मनोरंजन कक्ष आदि की व्यवस्था सीएसआर मॉडल के माध्यम से की जा रही है। भोपाल के भदभदा स्थित पिछड़ा वर्ग पोस्ट मैट्रिक छात्रावास में भवन का उन्नयन कार्य, टॉयलेट ब्लॉक, किचन, मैस, डायनिंग हॉल, वॉश एरिया एवं छात्र-छात्राओं के कक्षाओं की आंतरिक साज-सजा का उन्नयन हो चुका है। राज्यमंत्री श्रीमती गौर ने कहा कि प्रदेश में डॉ. मोहन यादव की सरकार विद्यार्थियों को हर सुविधा उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। जल्द ही सभी छात्रावासों में जिम और लाइब्रेरी की सुविधा भी शुरू की जाएगी। निरीक्षण के दौरान पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण आयुक्त श्री सौरभ सुमन भी उपस्थित थे।  

राज्य स्तर के बाद हर जिले में होगा पुलिस शिकायत प्राधिकरण का गठन, हरियाणा सरकार का ऐलान

चंडीगढ़ हरियाणा सरकार पुलिस विभाग में सुधार को लेकर लगातार प्रयासरत है। हरियाणा में राज्य पुलिस शिकायत प्राधिकरण गठित किए जाने के बाद अब सरकार ने सभी जिलों में पुलिस शिकायत प्राधिकरण का गठन करने का फैसला किया है। जिला स्तर पर गठित प्राधिकरण के समक्ष इंस्पेक्टर रैंक के अधिकारी की शिकायत की जा सकेंगी। वहीं सरकार की ओर से गठित राज्य पुलिस शिकायत प्राधिकरण में महिला सदस्यों की नियुक्ति भी जल्द ही की जाएगी। गौरतलब है कि 1989 बैच के सेवानिवृत्त आइपीएस अधिकारी डॉ. आरसी मिश्रा को हाल ही में राज्य पुलिस शिकायत प्राधिकरण का चेयरपर्सन और 2014 बैच के सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी ललित सिवाच को सदस्य बनाया गया है।   अब करीब 11 वर्षों के बाद जिला पुलिस शिकायत प्राधिकरण के गठन पर काम शुरू हो गया है। इससे आमजन इंस्पेक्टर रैंक के अधिकारियों के खिलाफ शिकायत कर सकेंगे। जिला स्तरीय पुलिस कंप्लेंट अथारिटी का चेयरमैन सेवानिवृत्त जिला जज हो सकता है। सदस्यों के तौर पर सेवानिवृत्त आइएएस और आइपीएस अधिकारी नियुक्त किए जा सकते हैं।   राज्य पुलिस शिकायत प्राधिकरण के पास 500 से अधिक शिकायतें लंबित हैं, जिन पर सुनवाई होनी है। इसके अलावा प्राधिकरण ने 70 मामलों में इंस्पेक्टर और उससे नीचे रैंक के पुलिस अधिकारियों के खिलाफ सुनवाई के बाद गृह विभाग को कार्रवाई के लिए लिख दिया है।

राज्यपाल मंगुभाई पटेल से मुख्य सचिव ने की सौजन्य भेंट

भोपाल राज्यपाल मंगुभाई पटेल से मुख्य सचिव  अनुराग जैन ने सोमवार को राजभवन पहुंचकर सौजन्य भेंट की। राज्यपाल  पटेल का मुख्य सचिव ने पुष्पगुच्छ भेंट कर अभिनंदन किया।    

डिप्टी कलेक्टर पर महिला आरक्षक का आरोप – बार-बार शारीरिक संबंध और तीन बार कराया गर्भपात

बालोद छत्तीसगढ़ के बालोद जिले से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। एक महिला आरक्षक ने डिप्टी कलेक्टर पर शादी का झांसा देकर बार-बार शारीरिक संबंध बनाने, जबरदस्ती गर्भपात करवाने और आर्थिक शोषण करने का गंभीर आरोप लगाया है। शिकायत में महिला ने यह बताया है कि उनका संबंध करीब आठ साल तक चलता रहा। इस दौरान उसने डिप्टी कलेक्टर को लाखों रुपये भी दिए। पीड़िता ने इस मामले की शिकायत डौंडी थाना में की है। पीड़िता की शिकायत पर पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। महिला आरक्षक और डिप्टी कलेक्टर की जान-पहचान डौंडी थाना में महिला आरक्षक ने शिकायत में बताया कि वर्ष 2017 में ग्राम अवारी, जिला बालोद निवासी दिलीप उईके के साथ वह डौंडी स्थित आईटीआई में पढ़ाई कर रही थी। एक साथ पढ़ाई करने के कारण हमारी बातचीत शुरू हुई, जो धीरे-धीरे प्यार में बदल गई। दिलीप ने उससे शादी का वादा किया और उसके साथ शारीरिक संबंध स्थापित करना शुरू किया। स्वजातीय होने के कारण और डौंडी में पढ़ाई के दौरान शारीरिक संबंध बनाने के कारण महिला मार्च 2017 में पहली बार गर्भवती हुई। जब उसने यह बात दिलीप को बताई, तो उसने कहा कि अभी वह पढ़ाई कर रहे हैं, पहले कुछ बन जाए और अपने पैरों पर खड़े हो जाएं, फिर शादी और बच्चे के बारे में सोचा जाएगा। इसके बाद उसने महिला को झांसा देकर जबरदस्ती दवा खिलाकर गर्भपात करवाया। अगस्त 2017 में महिला की पुलिस विभाग में नौकरी लग गई और दिलीप उईके ने आगे की पढ़ाई के लिए दुर्ग साइंस कॉलेज में एडमिशन लिया। शुरुआत में वह हॉस्टल में रह रहे थे, बाद में किराये पर मकान लेकर रहने लगे। महिला की नौकरी लग जाने के कारण और भविष्य में दिलीप के साथ शादी करने की आशा में उसने उसकी पढ़ाई, कोचिंग और अन्य खर्चों के लिए हर माह 4-5 हजार रुपये उसके खाते में ट्रांसफर की। इस दौरान जब भी दोनों की मुलाकात होती, तो दिलीप शादी की बात कहकर महिला के साथ शारीरिक संबंध बनाता रहा। पीएससी परीक्षा में सफल होने के बाद वर्ष 2020 में दिलीप डिप्टी कलेक्टर के पद पर चयनित हुआ और बीजापुर में पोस्टिंग हुई। नौकरी लगने के बाद जब महिला ने शादी के लिए कड़ा रुख अपनाया, तो उसने महिला को झांसा देते हुए कहा कि अभी नौकरी लगी है, जल्द ही अच्छे से सैटल हो जाऊं, फिर तुमसे शादी करूंगा और लगातार संबंध बनाते रहा। पीड़िता ने बताया कि फरवरी 2023 में दिलीप ने उसके नाम पर मारुति कार (बेजा) खरीदी, जिसका वाहन क्रमांक CG 24T3967 है। फरवरी 2024 में दिलीप ने उसके नाम से लोन की बकाया राशि अपने खाते से महिला के खाते में ट्रांसफर करवाकर कार को अपने नाम पर ट्रांसफर कर लिया। दिसंबर 2024 में वह महिला को अंडमान लेकर गया और 2 दिसंबर से 6 दिसंबर तक फिर से शारीरिक संबंध बनाया। लगभग एक माह बाद महिला को पता चला कि वह फिर से गर्भवती हूं। गर्भावस्था की जानकारी देने पर दिलीप ने मुझे बीजापुर बुलाया। जनवरी 2024 में महिला बीजापुर में दिलीप के शासकीय आवास में लगभग एक सप्ताह रही। उसी दौरान उसने शादी से पहले गर्भवती होने से समाज में होने वाली बदनामी का डर दिखाकर 13 जनवरी 2025 को जबरदस्ती गर्भपात की दवा खिलाई। दवा लेने के कारण महिला की तबीयत खराब हुई। जब महिला ने शादी की मांग की, तो दिलीप ने महिला को मंदिर में शादी का आश्वासन दिया। इसके बाद भी फरवरी और मार्च 2025 में बार-बार शादी का झांसा देकर उसके साथ शारीरिक संबंध बनाया और महिला को आर्थिक रूप से भी प्रभावित किया। इस दौरान महिला ने बैंक से लोन लेकर कुल 3,30,000 रुपये दिलीप के खाते में ट्रांसफर किए। मई 2025 में तीसरी बार गर्भवती होने पर भी उसने(दिलीप) शादी का झांसा देकर 15 मई 2025 को जबरदस्ती गर्भपात की दवा खिलाई। बार-बार फोन करने के बावजूद दिलीप ने जवाब नहीं दिया। 2 जून 2025 को दिलीप महिला को उसके घर छोड़कर गया और साफ-साफ कहा कि वह शादी नहीं कर सकता, तुम्हे जो करना है कर लो। इस मामले में महिला आरक्षक की शिकायत पर पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी है। इस मामले में सीएसपी दल्लीराजहरा चित्रा वर्मा ने बताया कि डौंडी थाना क्षेत्र के एक गांव से लड़की का आवेदन प्राप्त हुआ है। मामला दर्ज कर बयान लिया जा रहा है। आगे की कार्रवाई नियमानुसार की जाएगी। वहीं इस मामले में जब हमने बीजापुर में पदस्थ डिप्टी कलेक्टर दिलीप उईके के मोबाइल नंबर ***35271 पर फोन लगाया तो उनकी तरफ से भी जवाब नहीं मिला।

शराब खरीदते समय मारपीट: चाकू व बोतल से वार, तीन घायल

रायपुर  गंजपारा शराब भट्ठी में शनिवार शाम शराब की लाइन में धक्का-मुक्की को लेकर विवाद हो गया। विवाद इतना बढ़ा कि आरोपितों ने चाकू और बीयर की बोतल से हमला कर तीन लोगों को घायल कर दिया। पुलिस के अनुसार, छोटा रामनगर कबीर चौक निवासी तेजपाल चौहान शनिवार की शाम करीब पांच बजे अपने दोस्तों गितेश वर्मा और तोषण साहू के साथ गंजपारा शराब भट्ठी शराब लेने पहुंचा था। लाइन में लगे होने के दौरान गंजपारा निवासी अमन सोनी, लक्की गोप, दुर्गेश उर्फ दरवेश और तामू उर्फ तामेश्वर पहुंचे और पहले शराब लेने की बात कहकर तेजपाल को धक्का देकर पीछे करने लगे। मना करने पर आरोपितों ने तेजपाल को गालियां देते हुए चाकू से बांयी जांघ पर वार कर दिया, जिससे वह घायल हो गए और खून बहने लगा। बीच-बचाव करने आए तोषण साहू के सिर पर बीयर की बोतल मार दी, जिससे उनके सिर में गंभीर चोट आई। वहीं, गितेश वर्मा को कांच के टुकड़े से मारा गया, जिससे उसे भी चोट आई है।  

भूपेश बघेल को SC से झटका, ED मामले में कानून का पालन अनिवार्य

रायपुर  सुप्रीम कोर्ट ने प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग ऐक्ट (पीएमएलए) की धारा 44 के तहत जांच करने के प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के अधिकारों को चुनौती देने वाली छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की याचिका पर विचार करने से सोमवार को इनकार कर दिया। देश की सबसे बड़ी अदालत ने उन्हें हाई कोर्ट जाने की नसीहत दी। जस्टिस सूर्य कांत और जस्टिस जॉयमाल्या बागची की पीठ ने बघेल की याचिका पर सुनवाई से इनकार करते हुए कहा कि इस प्रावधान में कुछ भी गलत नहीं है। पीठ ने साथ ही कहा कि अगर इसका (धारा 44) दुरुपयोग हो रहा है तो पीड़ित पक्ष हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटा सकते हैं। पीठ की ओर से न्यायमूर्ति बागची ने कहा, 'दुर्भावना कानून में नहीं, बल्कि उसे दुरुपयोग में है।' कांग्रेस नेता ने पीएमएलए की धारा 44 के तहत ईडी को मूल शिकायत के बाद दर्ज की गई अन्य शिकायतों के आधार पर धन शोधन से संबंधित मामले में आगे की जांच के अधिकार को चुनौती दी थी। गौरतलब है कि ईडी छत्तीसगढ़ में बघेल के मुख्यमंत्री कार्यकाल में कथित तौर पर 2,000 करोड़ रुपए की शराब बिक्री से संबंधित धन शोधन के आरोपों की जाच कर रही है। केंद्रीय जांच एजेंसी का दावा है कि संबंधित मामले में अवैध रूप से कमीशन की वसूली की गई, जिससे सरकारी खजाने को काफी नुकसान हुआ।

एक पेड़ माँ के नाम अभियान में पर चल रहा है पौध रोपण कार्यक्रम

भोपाल  प्रदेश के शासकीय विद्यालयों में 'एक पेड़ माँ के नाम 2.0' पौध रोपण अभियान 5 जून 2025 से स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा चलाया गया है। अभियान में अब तक करीब 9 लाख 90 हजार पौध रोपित किये जा चुके हैं। लगाए गये पौधों को मिशन लाइफ पोर्टल पर प्रदर्शित भी किया गया है। प्रदेश में विद्यालयों के आस-पास और परिसर में पूरी योजना के साथ पौध रोपण के निर्देश दिये गये है। विद्यालयों के प्राचार्यों को लगाए गये पौधों की सुरक्षा के समुचित उपाय किये जाने के निर्देश दिये गए है। प्रदेश में 92 हजार से अधिक शासकीय स्कूल हैं जहां ये अभियान चलाया जा रहा है। पौध रोपण कार्यक्रम आगामी 30 सितम्बर तक विद्यालयों में ईको क्लब के माध्यम से संचालित होगा। मिशन लाइफ का गठन शासकीय विद्यालयों में क्लब फॉर मिशन लाइफ का गठन किया गया है। इसके अंतर्गत 15 हजार से अधिक ईको क्लब का गठन किया गया है। ईको क्लब के माध्यम से पर्यावरण से जुड़े विषयों, निबंध प्रतियोगिता और जल शक्ति अभियान गतिविधियाँ प्रमुख रूप से आयोजित की जा रही हैं। राज्य स्तरीय शालेय खेल कैलेण्डर जारी लोक शिक्षण संचालनालय ने शैक्षणिक सत्र 2025-26 के लिये शालेय खेल कैलेण्डर जारी किया है। कैलेण्डर में राज्य स्तरीय खेल प्रतियोगिताएँ और स्कूल गेम्स फेडरेशन ऑफ इंडिया के द्वारा राष्ट्रीय खेल प्रतियोगिताओं की तिथियाँ घोषित की गई हैं। इस संबंध में संभागीय संयुक्त संचालक लोक शिक्षण और समस्त जिला शिक्षा अधिकारियों को निर्देश जारी किये गये है। खेल प्रतियोगिताएँ 8 सितम्बर से शुरू होंगी जो 10 दिसम्बर तक 2025 निर्धारित तिथियों के अनुसार चलेंगी। इन प्रतियोगिताओं में बॉक्सिंग, जूडो, व्हालीबॉल, फुटबॉल, टेनिस, किक्रेट, जिमनास्टिक, मलखंब, कराते, शतरंग, कबड्डी, तलवार बाजी, एथलेटिक्स, बास्केट वॉल, हॉकी के साथ अन्य खेल भी शामिल किये गये हैं। ये खेल प्रतियोगिताएँ आयु वर्ग के हिसाब से बालक और बालिकाओं के लिये होगी। राज्य स्तरीय जवाहर लाल नेहरू हॉकी प्रतियोगिता प्रदेश में स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा जवाहर लाल नेहरू हॉकी शालेय प्रतियोगिता की तिथियाँ भी तय कर दी गई है। जूनियर हॉकी टूर्नामेन्ट(15 वर्ष से कम आयु वर्ग) 8 अक्टूबर से 18 अक्टूबर तक, नेहरू बालिका हॉकी टूर्नामेंट (17 वर्ष से कम आयु वर्ग) 19 अक्टूबर से 30 अक्टूबर तक और नेहरू बालक हॉकी टूर्नामेंट (17 वर्ष से कम आयु वर्ग) 26 नवम्बर से 6 दिसम्बर 2025 तक तथा इससे जुड़ी राज्य स्तरीय प्रतियोगिता सिवनी में 24 से 30 अगस्त 2025 तक होंगी। इस संबंध में जिला शिक्षा अधिकारियों को निर्देश जारी किये गये हैं।  

55 हजार से अधिक बच्चे हुए गुम, MP के बाणगंगा और लसूड़िया में सबसे ज्यादा मिसिंग केस

भोपाल  मध्य प्रदेश में गुमशुदा बच्चों को लेकर एमपी विधानसभा से बड़ी जानकारी सामने आई है, जो हैरान करने वाली भी है. क्योंकि पिछले चार साल में मध्य प्रदेश से 55 हजार से ज्यादा बच्चों के गुमशुदा होने के आंकड़े मिले हैं. यह जानकारी कांग्रेस विधायक और पूर्व मंत्री सचिन यादव के सवाल के जवाब में मिली है. सरकार की तरफ से यह माना गया है कि 2021 में 4 जुलाई से 2025 तक 59 हजार 365 बच्चे मध्य प्रदेश से गुमशुदा हुए हैं, जिनमें लड़कियों की संख्या ज्यादा है. यह आंकड़े हैरान करने वाले हैं, इनमें सबसे ज्यादा बच्चे भोपाल और इंदौर जैसे बड़े शहरों से गायब हुए हैं. जबकि इसमें कई दूसरे बड़े जिले भी शामिल हैं.  53 हजार को खोजा गया  बता दें कि मध्य प्रदेश में पिछले चार साल में 48,274 लड़कियां और 11,091 लड़के गुमशुदा हुए हैं. जिससे यह आंकड़े चौंकाने वाले जरूर है. हालांकि सरकार की तरफ से यह जानकारी भी दी गई जो बच्चें गुमशुदा हुए थे, उनमें से 53 हजार बच्चों को पुलिस ने खोज निकाला है, जो कुल बच्चों का 90 फीसदी है. लेकिन 6035 बच्चों की तलाश अभी भी पुलिस को जारी है.  इंदौर में तो वह हमारे पास बहुत अच्छे से रह रही थी। 8वीं के बाद उसने पढ़ाई नहीं की। मैं अपने बच्चे का एडमिशन कराने स्कूल गई थी। पिता काम पर गए थे। उसने कुछ बोला भी नहीं और चली गई। हमारी बेटी कहीं भी रहे, बस हमें ये पता चल जाए कि वह वहां ठीक है। अगर वह दूसरी जगह भी रहना चाहती है तो हमे कोई दिक्कत भी नहीं है। दूसरी बार उसे कहा ढूंढें, कहां जाएं, किससे पूछें। सबसे बड़ी दिक्कत तो ये है कि ढूंढें तो ढूंढें कहां। मोबाइल नंबर भी नहीं है। हमारे सामने किसी से बात भी नहीं करती थी…। प्रदेश में सबसे ज्यादा गुमशुदगी के मामले इंदौर से प्रदेश का ये पहला मामला नहीं है जब कोई बच्ची अचानक ही घर से लापता हुई हो और वर्षों तो उसका कोई सुराग न मिले। दरअसल, विधानसभा में कांग्रेस विधायक सचिन यादव द्वारा पूछे गए सवाल में चौंकाने वाले आंकड़े सामने आए हैं। विधायक यादव के सवालों पर मिले जवाब के मुताबिक मप्र में बीते साढे़ चार सालों में करीब 58 हजार से ज्यादा बच्चे गुम हुए हैं। इनमें 47 हजार बेटियां और 11 हजार बेटे गायब हुए हैं। बच्चों के गुम होने की जो जानकारी विधानसभा में दी गई है। उसमें ये सामने आया है कि सबसे ज्यादा बच्चे इंदौर से गायब हो रहे हैं। इंदौर शहर के जिन थानों से बच्चे गायब हो रहे हैं उनमें, बाणगंगा थाना क्षेत्र से सबसे ज्यादा 449 बेटियां गुम हुई हैं। दूसरे नंबर पर लसूडिया से 250, चंदन नगर से 220, आजाद नगर से 178, द्वारका पुरी से 168 बेटियां गुम हुई हैं। बच्चियों के गुम होने के मामले में धार जिला दूसरे नंबर पर है। सचिन यादव ने लगाया था सवाल  मध्य प्रदेश में बच्चों के गुमशुदा होने से जुड़ा सवाल कांग्रेस विधायक सचिन यादव ने लगाया था. उन्होंने कहा 'चार साल में 60 हजार से ज्यादा बच्चे मध्य प्रदेश में गुमशुदा हुए हैं, जिसमें 48 हजार के करीब बेटियां हैं. अकेले भोपाल में 2500 से 3000 के बीच यह आंकड़े हैं. कांग्रेस विधायक ने कहा कि यह चिंता का विषय हैं और प्रशासनिक तंत्र पर भी सवाल खड़े करता है.  क्योंकि राजधानी भोपाल और इंदौर जैसे बड़े शहरों में भी सुरक्षा पर सवाल खड़े होते हैं.  भोपाल-इंदौर में सबसे ज्यादा मिसिंग  बता दें कि भोपाल और इंदौर में सबसे ज्यादा बच्चों के गायब होने की बात सामने आई है. भोपाल में 2,980 बच्चे गायब हुए हैं, जिनमें 1,804 लड़कियां और 1,174 लड़के शामिल हैं. वहीं इंदौर की बात की जाए तो यहां चार साल में 4,574 बच्चे गायब हुए हैं, जिनमें 3,560 लड़कियां और 1,014 लड़के शामिल हैं. जबकि दूसरे जिलों में भी यह आंकड़े बढ़े हैं. ऐसे में प्रदेश के लिए यह चिंता का विषय बना हुआ है.  बता दें कि कई गुमशुदा बच्चों की पुलिस में रिपोर्ट भी दर्ज हुई हैं. लेकिन विधानसभा के मानसून सत्र में निकलकर आई यह जानकारी हैरान करने वाली जरूर है. बता दें कि मध्य प्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र में बीजेपी और कांग्रेस विधायकों के बीच इस बार तीखी तकरार दिख रही है.   जानिए इंदौर से लापता बच्ची के परिवार की हालत लसूडिया थाना क्षेत्र के राहुल गांधी नगर में रहने वाले एक परिवार की 16 साल की बेटी घर से अचानक लापता हो गई। परिवार ने इंदौर के साथ ही जिस गांव में वे रहते थे, वहां भी उसकी तलाश की, लेकिन बेटी का पता नहीं चला। हालत ये हो गई कि बेटी के गम में माता-पिता का खाना और काम पर जाना तक छूट गया था। उसे लापता हुए 1 महीना हो गए। मजबूरी में माता-पिता दोनों ही अपने-अपने काम पर जाने तो लगे, लेकिन उनकी आंखें हमेशा बेटी को तलाशती रहती हैं। पुलिस ने शिकायत दर्ज करने से मना किया लापता बच्ची के पिता ने बताया कि उनकी बेटी की उम्र 16 साल है। उसके लापता होने का बाद उसे जहां-जहां संभव हो सकता था वहां उसकी तलाश की, लेकिन उसका पता नहीं चला। रिश्तेदारों के यहां भी पूछ लिया। जब उसका कहीं पता नहीं चला तो मैं पुलिस की मदद लेने के लिए थाने गया। अब जानिए किस जिले के किन 5 थाना क्षेत्रों से सबसे ज्यादा बेटियां गुम हुईं ग्वालियर जिला: (कुल गुम हुए बच्चे- 1857,लड़कियां-1268, लड़के-589) ग्वालियर जिले में सबसे ज्यादा ग्वालियर थाने से 106 बच्चियां गुम हुई हैं। दूसरे नंबर पर डबरा से 90, मुरार से 88 जनकगंज से 86, बहोड़ापुर से 72 बच्चियां गुम हुई हैं। शिवपुरी जिला: (गुम हुए कुल बच्चे- 960, बेटियां- 764 बेटे- 196) शिवपुरी जिले में पिछोर थाने से सबसे ज्यादा 88 बच्चियां गुम हुई हैं। कोतवाली थाना क्षेत्र से 80, करेरा से 55, बैराड़ से 49 कोलारस और देहात थाना क्षेत्रों से 46- 46 बेटियां गुम हुई हैं। गुना जिला; (कुल गुम हुए बच्चे: 795, बेटियां – 662, बेटे – 133) गुना जिले में सबसे ज्यादा 98 बच्चियां कैंट थाना क्षेत्र से गुम हुई हैं। दूसरे नंबर पर कोतवाली से … Read more