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मॉनसूनी त्रासदी से बेहाल MP: जनहानि बढ़ी, राहत शिविरों में गुज़र रहा है लोगों का जीवन

भोपाल मध्य प्रदेश में भारी बारिश का दौर फिलहाल थमा हुआ है लेकिन बीते करीब 40 दिनों से प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में हुई तेज़ बारिश के डराने वाले आंकड़े सामने आए हैं. प्रदेश सरकार ने बताया है कि मॉनसून के इस सीज़न में अबतक 252 लोगों की मौत हो चुकी है जबकि 432 पशु भी बारिश के मौसम में मारे जा चुके हैं जबकि 3600 से ज्यादा लोगों को अब तक रेस्क्यू किया जा चुका है. दरअसल, मुख्यमंत्री मोहन यादव ने बीते दिनों प्रदेश में हुई अतिवृष्टि और बाढ़ की वजह से बने हालातों और राहत एवं बचाव के संबंध में जिला कलेक्टरों से वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए बैठक की थी, जिसमें मुख्यमंत्री को बताया गया कि प्रदेश के अतिवृष्टि वाले जिलों में अब तक 3628 नागरिकों को सुरक्षित रूप से रेस्क्यू किया गया है. फिलहाल 53 राहत शिविरों में 3065 प्रभावित लोगों को रखकर उन्हें सभी प्रकार की जरूरी मदद जैसे खाना-पीना, दवाइयां, कपड़े आदि मुहैया कराए जा रहे हैं. अब तक 28.49 करोड़ रुपए राहत राशि वितरित बैठक में मुख्यमंत्री मोहन यादव ने अफसरों को निर्देश दिए कि अतिवृष्टि या बाढ़ प्रभावितों को कोई भी कठिनाई न आने पाये और जल्द ही सर्वे पूरा कर पीड़ितों को उनके नुकसान की समुचित भरपाई की जाए. बैठक के बाद मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि अतिवृष्टि वाले जिलों के कलेक्टर द्वारा अब तक 28.49 करोड़ रुपए राहत राशि वितरित की जा चुकी है. शासन द्वारा लगभग 3600 करोड़ रुपए की व्यवस्था राहत मदद में की गई है. सीएम मोहन यादव ने बताया कि भारी बारिश को देखते हुए NDRF की टीमों को भोपाल, ग्वालियर, जबलपुर और धार में तैनात किया गया है जबकि SDRF को प्रदेश भर में संवेदनशील स्थानों पर तैनात किया गया. 252 लोगों की हुई मौत प्रदेश सरकार के मुताबिक, मॉनसून के सीजन में अबतक 252 लोगों की मौत हुई है. इनमें से भारी बारिश से 47, नदी-नाले में दुर्घटनावश डूबने से 132, आकाशीय बिजली से 60 और दीवार/मकान/पेड़ गिरने से 13 लोगों की मृत्यु दर्ज हुई है. इसके अलावा साथ ही 432 पशु हानि और 1200 मुर्गियां की मृत्यु हुई है. प्रदेश में तैनात बचाव और राहत दलों द्वारा 432 रेस्क्यू ऑपरेशन चलाए गए हैं, जिसमें 3628 नागरिकों और 94 मवेशियों को जीवित बचाया गया है. इसके अलावा बारिश से 128 मकानों को पूर्ण और 2333 मकानों को आंशिक क्षति हुई है. सामान्य से 59 फीसदी ज्यादा बारिश एमपी सरकार के मुताबिक, अब तक प्रदेश में 711.3 MM वर्षा हो चुकी है, जो सामान्य से 59 प्रतिशत अधिक है. प्रदेश के कुल 40 जिलों में सामान्य से अधिक वर्षा हुई है. इस अतिवृष्टि के कारण प्रदेश के प्रभावित लगभग 254 ग्रामीण सड़कों क्षतिग्रस्त हुई हैं. 

आस्था पर हमला: चोरों ने जैन मंदिर से नकदी उड़ाई, CCTV बना गवाह

बांसवाड़ा जिले के घाटोल थाना क्षेत्र के घाटोल कस्बे में अज्ञात बदमाशों ने धार्मिक स्थल को निशाना बनाते हुए एक जैन मंदिर से दानपेटी चुरा ली। दानपेटी में रखी नकदी निकालने के बाद आरोपी उसे मंदिर परिसर के बाहर फेंककर फरार हो गए। घटना की जानकारी मिलने के बाद जैन समाज में आक्रोश व्याप्त है। चोरी की यह वारदात भगवान श्री वासुपूज्य दिगंबर जैन बावनडेरी मंदिर में आज तड़के करीब 3:20 बजे हुई। मंदिर में लगे सीसीटीवी कैमरे की फुटेज में चार संदिग्ध बदमाश कैद हुए हैं। वीडियो में दिख रहा है कि सभी युवक पेंट-शर्ट पहने हुए थे और उन्होंने अपने चेहरे कपड़े से ढंक रखे थे। पहले वे एक मकान के बाहर बैठे नजर आए और फिर वारदात के बाद मंदिर परिसर से बाहर जाते दिखाई दिए। घाटोल जैन समाज के वरिष्ठ सदस्य अजीत मुंगाणिया के अनुसार चारों बदमाश मंदिर में घुसे और वहां तैनात चौकीदार को लोहे के सरिए दिखाकर धमकाया। इसके बाद वे दानपेटी उठाकर ले गए, उसमें रखी नकदी निकालने के बाद उसे वहीं छोड़कर फरार हो गए। बदमाशों के जाने के बाद डरे-सहमे चौकीदार ने शोर मचाया, जिसके बाद आसपास के लोग मौके पर पहुंचे। सूचना मिलने पर घाटोल पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का मुआयना किया। जैन समाज के पदाधिकारियों द्वारा थाने में प्रकरण दर्ज करवाया जा रहा है। फिलहाल पुलिस सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आरोपियों की तलाश में जुटी है।  

सड़क किनारे ट्रक ठीक कर रहे थे, NH-130 पर तेज रफ्तार कार ने रौंदा, दो की जान गई

कोरबा बांगो थाना अंतर्गत मोरगा चौकी के मदनपुर घाट एनएच 130 पर एक तेज रफ्तार कार ने दो लोगों अपनी चपेट में लिया। जहां दोनों की मौत हो गई। इस हादसे के बाद एनएच रोड पर राहगीरों की भीड़ लग गई और वाहन की कतार लगना शुरू हो गई। इसकी सूचना तत्काल मोरगा चौकी पुलिस को दी गई। वहीं मौके पर 112 और एनएच रोड पर तैनात एंबुलेंस मौके पर पहुंची। जहां एक की मौके पर ही मौत हो गई, वहीं दूसरे ने अस्पताल ले जाते समय दमतोड़ दिया। मोरगा चौकी पुलिस ने घटनास्थल पहुच जानकारी ली और आगे की कार्यवाही शुरू की बताया जा रहा है कि ट्रक मदनपुर घाट पर ब्रेकडाउन हालत में खड़ी हुई थी। जिसे वाहन का चालक और परिचालक दोनों सड़क किनारे खड़ा होकर बना रहे थे। इसी दौरान तेज रफ्तार कर क्रमांक सीजी 12 एलजी 7728 ने सामने से ठोकर मारते हुए दोनों को अपनी चपेट में ले लिया। मोरगा चौकी प्रभारी मंगतूराम ने बताया कि मृतक की पहचान 42 वर्षीय मोहम्मद उस्मान उत्तर प्रदेश प्रतापगढ़ और दूसरा कृष्ण मुरारी पांडे 32 वर्षीय गढ़वा झारखंड गढ़वा निवासी है। जहां इस घटना के बाद उनके परिजनों को सूचना दे दी गई। वहीं इस हादसे के बाद कार को जब्त कर चालक के खिलाफ कार्रवाई की गई है।

श्रावण समापन पर महाकाल के दरबार में आस्था का सागर, भस्म आरती में जुटे हजारों भक्त

उज्जैन श्रावण मास का अंतिम सोमवार… और श्री महाकालेश्वर की अलौकिक भस्म आरती। आज उज्जैन की प्राचीन नगरी फिर से हर हर महादेव के जयकारों से गूंज उठी । सुबह ब्रह्म मुहूर्त में जब महाकाल की भस्म आरती प्रारंभ हुई, तो मंदिर प्रांगण में एक अद्भुत, दिव्य वातावरण बन गया। हजारों श्रद्धालु, दूर-दराज से आए भक्त, होठों पर भोले का नाम, आँखों में भक्ति का नूर और दिल में एक ही कामना आज महाकाल की भस्म आरती का साक्षात् दर्शन हो जाए।आज श्रावण माह का चौथा और अंतिम सोमवार है। उज्जैन के महाकालेश्वर मंदिर में अब तक (अंतिम सोमवार) करीब 1 लाख श्रद्धालु भगवान महाकाल के दर्शन कर चुके हैं। सोमवार तड़के ढाई बजे भस्म आरती के दौरान कपाट खोले गए। भगवान महाकाल को जल अर्पित कर भस्म रमाई गई। भस्म आरती के दौरान चलायमान दर्शन व्यवस्था में बिना परमिशन वाले भक्तों ने भी भस्म आरती में चलित दर्शन दर्शन किए। इस दौरान पूरा मंदिर परिसर महाकाल के जयकारों से गूंज उठा। भक्तों ने बाबा महाकाल का आशीर्वाद लिया। पंडित महेश पुजारी ने बताया कि श्रावण माह तपस्या का माह रहता है। महाकाल मंदिर में भगवान की दिनचर्या रोजाना की तरह रही। सुबह भगवान को भांग चंदन अर्पित किया गया। श्रावण माह में महाकाल मंदिर में दर्शन करने आने वाले भक्त जल अर्पित कर भगवान महाकाल का आशीर्वाद लेकर उन्हें प्रसन्न करते हैं। शाम 4 बजे महाकाल भक्तों का हाल जानने नगर भ्रमण पर निकलेंगे। पालकी में श्री महाकालेश्वर श्री चंद्रमोलेश्वर स्वरूप में, गजराज पर श्री मनमहेश रूप, गरुड रथ पर श्री शिव तांडव प्रतिमा, नंदी रथ पर श्री उमा-महेश जी स्वरूप में दर्शन देंगे। मंदिर के सभा मंडप में भगवान की पालकी का पूजन होगा। मंदिर के मुख्य द्वार पर सशस्त्र पुलिस बल के जवानों द्वारा पालकी में विराजित भगवान को सलामी दी जाएगी। सवारी के साथ घुड़सवार पुलिस दल, सशस्त्र पुलिस बल, होमगार्ड के जवान, भजन मंडली, झांझ मंडली के सदस्य व पुलिस बैंड भी शामिल रहेंगे। इससे पहले श्रावण माह के पहले सोमवार पर 2.5 लाख, दूसरे पर 3 लाख से अधिक श्रद्धालु पहुंचे थे। तीसरे सोमवार को 4 लाख लोग पहुंचे थे। महाकाल की आरती केवल एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि आत्मा की जागृति है। जब भस्म से श्री महाकाल का श्रृंगार होता है, तो ऐसा प्रतीत होता है जैसे प्रकृति स्वयं शिव में लीन हो रही हो। भक्तों की भीड़ इतनी अधिक रही कि मंदिर प्रबंधन को अतिरिक्त व्यवस्था करनी पड़ी। ऑनलाइन दर्शन की सुविधा के साथ, मंदिर के विभिन्न हिस्सों में LED स्क्रीन पर भी आरती का सीधा प्रसारण किया गया। श्रद्धालुओं की भावनाएं बिहार से आए एक बुजुर्ग श्रद्धालु ने कहा — “20 सालों से ये आरती लाइव देख रहा था, लेकिन आज जीवन सफल हो गया जब साक्षात महाकाल को भस्म में लिपटे देखा।”  

अब हेलमेट पहनिए और इंदौर के दफ्तरों में पाइए सम्मान, नियम तोड़ने वालों को एंट्री नहीं

इंदौर हेलमेट नहीं पहनने वाले दोपहिया वाहन चालकों की सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली मौतों को रोकने के लिए जिला प्रशासन ने नो हेलमेट-नो पेट्रोल का आदेश एक अगस्त से लागू किया है। अब इसकी अगली कड़ी में शासकीय कार्यालयों में भी दोपहिया वाहन चालकों के लिए हेलमेट अनिवार्य किया जा रहा है। कलेक्टर आशीष सिंह ने शुक्रवार को सभी विभाग प्रमुखों को पत्र जारी कर अपने कार्यालयों में आने वाले अधिकारियों-कर्मचारियों और अन्य दोपहिया वाहन चालकों के लिए हेलमेट अनिवार्य करने के लिए निर्देशित किया था। इसके बाद जिले के शासकीय कार्यालयों में भी हेलमेट अनिवार्य किया गया है। आज से शासकीय कार्यालयों में इसको प्रभावी रूप से लागू कर दिया गया है। दोपहिया वाहनों से आने वाले अधिकारी-कर्मचारियों के लिए हेलमेट पहनना अनिवार्य होगा। वहीं कार्यालय आने वाले आवेदकों को भी हेलमेट पहनने के लिए समझाइश दी जाएगी। दिखने लगा असर… जिले में शुक्रवार से लागू हुए नो हेलमेट-नो पेट्रोल के आदेश का प्रभावी रूप से पालन किया जा रहा है। रविवार को भी पंपों से दोपहिया वाहन चालकों को बगैर हेलमेट के पेट्रोल नहीं दिया गया। वाहन चालकों के लिए कुछ पंपों पर हेलमेट भी बिक्री के लिए रख दिए गए हैं। साथ ही शहर के फुटपाथों पर भी अब हेलमेट की दुकानें खुल गई हैं। सख्ती का असर अब दिखने लगा है और पंपों पर लोग हेलमेट पहनकर ही पेट्रोल भरवाने आने लगे हैं। प्रशासन और खाद्य विभाग की टीम पंपों की मानिटरिंग भी कर रही है। प्रशासनिक कार्यालय और सभी तहसील कार्यालयों में हेलमेट अनिवार्य किया गया है। इसके अलावा आइडीए, नगर निगम, डीएवीवी और स्कूल शिक्षा विभाग ने भी हेलमेट पहनना अनिवार्य किया है। विभाग प्रमुखों को किया निर्देशित     सड़क दुर्घटनाओं के दौरान दोपहिया वाहन चालक सुरक्षित रहें, इसके लिए हेलमेट पहनना जरूरी है। पंपों पर पेट्रोल भरवाने के दौरान हेलमेट अनिवार्य किया गया है। वहीं शासकीय कार्यालयों में भी हेलमेट पहनने का नियम लागू करने के लिए सभी विभाग प्रमुखों को निर्देशित किया गया है। – आशीष सिंह, कलेक्टर कर्मचारियों को दिए निर्देश, जनता से अपील     हमने निगम के सभी कर्मचारियों के लिए निर्देश जारी कर दिए हैं कि यदि वह दोपहिया वाहन से मुख्यालय, जोन कार्यालय पर आ रहे हैं, तो हेलमेट पहनकर आएं। इसके अलावा हमने निगम कार्यालयों में आने वाले कर्मचारियों से भी अपील की है कि वह अपने दोपहिया वाहन पर हेलमेट पहनकर ही कार्यालय आएं। – शिवम वर्मा, निगमायुक्त आवेदकों को भी जागरूक करेंगे     दुर्घटनाओं के दौरान सुरक्षा के लिए हेलमेट बहुत जरूरी है, इसलिए दोपहिया वाहन चलाने के दौरान सभी को हेलमेट पहनना चाहिए। बगैर हेलमेट के लोगों को वाहन नहीं चलाना चाहिए। कार्यालय में इसके लिए निर्देशित किया है और आवेदकों को भी इसके लिए जागरूक किया जाएगा।– आरपी अहिरवार, सीईओ आईडीए परिसर में हेलमेट लगाकर ही आएं     एमजीएम मेडिकल सहित सभी अस्पतालों में दोपहिया वाहन से आने वाले डाक्टर, विद्यार्थी और अन्य स्टाफ को निर्देशित कर दिया है कि वह हेलमेट लगाकर ही परिसर में आएं। साथ ही यह अपील भी की गई है कि शराब पीकर वाहन नहीं चलाना है। – डॉ. अरविंद घनघोरिया, डीन, एमजीएम मेडिकल कॉलेज  

शिक्षा के क्षेत्र में बड़े सुधारों की झलक – 5000 नए शिक्षकों की होगी नियुक्ति, 2047 तक ‘विकसित छत्तीसगढ़’ का संकल्प

रायपुर : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ‘ज्ञान धारा – शिक्षा संवाद’ कार्यक्रम में हुए शामिल शिक्षा राष्ट्र निर्माण का आधार है – मुख्यमंत्री विष्णु देव साय शिक्षा के क्षेत्र में बड़े सुधारों की झलक – 5000 नए शिक्षकों की होगी नियुक्ति, 2047 तक ‘विकसित छत्तीसगढ़’ का संकल्प रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय  ने  राजधानी रायपुर में हरिभूमि और आईएनएच मीडिया समूह द्वारा आयोजित ‘ज्ञान धारा – शिक्षा संवाद’ कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि हमारी सरकार शिक्षा को राष्ट्र निर्माण की बुनियाद मानती है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि जब से मैंने शिक्षा विभाग की जिम्मेदारी संभाली, उसी क्षण से मेरी प्राथमिकता रही कि विभाग को गहराई से समझते हुए उसमें सुधार की ठोस पहल की जाए। सबसे पहले एक गहन समीक्षा बैठक आयोजित की गई, जिसमें यह पाया गया कि राज्य में शिक्षक और छात्रों का अनुपात राष्ट्रीय औसत से बेहतर होने के बावजूद वितरण असमान है।ग्रामीण क्षेत्रों में छात्रों की संख्या अधिक है, लेकिन शिक्षक अपेक्षाकृत कम हैं, जबकि शहरी क्षेत्रों में शिक्षक अधिक संख्या में पदस्थ हैं। इस असंतुलन को दूर करने हेतु राज्य में युक्तियुक्तकरण की प्रक्रिया आरंभ की गई। इसके परिणामस्वरूप आज छत्तीसगढ़ का कोई भी स्कूल शिक्षक विहीन नहीं है। इस प्रभाव का विस्तार इतना व्यापक रहा कि इरकभट्टी जैसे गांवों में वर्षों से बंद पड़े विद्यालय पुनः प्रारंभ हो गए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में अब भी शिक्षकों की आवश्यकता बनी हुई है, जिसे ध्यान में रखते हुए 5000 नए शिक्षकों की भर्ती की प्रक्रिया शीघ्र आरंभ की जाएगी। नई शिक्षा नीति का प्रभावी क्रियान्वयन मुख्यमंत्री साय ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देशभर में लागू किया गया है, और राज्य में हमारी सरकार ने इसे तत्परता से अपनाया है। छत्तीसगढ़ में अब 18 स्थानीय भाषाओं एवं बोलियों में प्राथमिक शिक्षा प्रदान की जा रही है। इससे न केवल स्थानीय भाषाओं के संरक्षण को बल मिला है, बल्कि बच्चों की सीखने की क्षमता में भी उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। मुख्यमंत्री ने बताया कि पीएम-स्कूल योजना के अंतर्गत छात्रों को हाई-टेक सुविधाएँ मिल रही हैं। विद्यालय भवनों के रखरखाव हेतु ₹133 करोड़ का बजट स्वीकृत किया गया है। साथ ही, छात्रावासों की स्थिति सुधारने के लिए भी ठोस कदम उठाए गए हैं। नक्सलवाद से विकास की ओर – बस्तर की नई दिशा मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ खनिज, वन, उपजाऊ भूमि और जैव विविधता से परिपूर्ण एक समृद्ध प्रदेश है, किंतु यह भी सत्य है कि यह राज्य वर्षों से नक्सलवाद की पीड़ा झेलता आया है। मुख्यमंत्री ने बताया कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के साथ हुई समीक्षा बैठक में यह निर्णय लिया गया कि नक्सल समस्या से दोहरे मोर्चे—सुरक्षा और विकास—पर समन्वित रणनीति से निपटा जाएगा। सरकार ने नक्सलियों से हथियार छोड़कर मुख्यधारा में लौटने की अपील की, और इसके सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं। अब तक 1500 से अधिक नक्सली आत्मसमर्पण कर चुके हैं। साथ ही, सुरक्षा बलों के द्वारा चलाए जा रहे अभियान में कई सक्रिय नक्सली न्यूट्रलाइज किए गए हैं। पुनर्वास हेतु ‘नियद नेल्ला नार’ योजना के माध्यम से विशेष प्रयास किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि नक्सलवाद का स्थायी समाधान केवल सुरक्षा बलों से नहीं, बल्कि शिक्षा, सड़क, बिजली और पानी जैसी बुनियादी सुविधाओं के विस्तार से संभव है। सरकार इन क्षेत्रों में विशेष रूप से कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री ने बताया कि बस्तर के धुड़मारास गांव को विश्व के 20 प्रमुख पर्यटन ग्रामों में स्थान मिला है, जो प्रदेश के लिए गर्व का विषय है। पर्यटन को उद्योग का दर्जा प्रदान किया गया है, और बस्तर में बोधघाट परियोजना के माध्यम से 7 लाख हेक्टेयर सिंचाई सुविधा और 200 मेगावॉट बिजली उत्पादन के लक्ष्य पर कार्य प्रगति पर है। मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले 25 वर्षों में शिक्षा के क्षेत्र में अद्वितीय प्रगति हुई है। एक समय था जब राज्य में मात्र 1 मेडिकल कॉलेज था, आज 15 मेडिकल कॉलेज संचालित हो रहे हैं। राज्य में अब तक 19 निजी विश्वविद्यालय स्थापित हो चुके हैं और 3 नए विश्वविद्यालयों की स्थापना प्रक्रिया में है। उन्होंने कहा कि भारत प्राचीन काल से ही विश्वगुरु रहा है और आज पुनः वह स्थान प्राप्त करने की दिशा में अग्रसर है। विदेशों से छात्र भारत में शिक्षा ग्रहण करने आ रहे हैं। राज्य सरकार का लक्ष्य है कि छत्तीसगढ़ उच्च शिक्षा का केंद्र बने। 2047 का लक्ष्य: विकसित भारत, विकसित छत्तीसगढ़ मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि राज्य सरकार ने वर्ष 2047 तक "विकसित छत्तीसगढ़" के लिए एक विस्तृत विजन डॉक्यूमेंट तैयार किया है। डॉक्यूमेंट में शिक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है। सरकार का उद्देश्य है कि राज्य के विद्यालयों और महाविद्यालयों की गुणवत्ता अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप हो तथा राज्य की जीएसडीपी में शिक्षा का योगदान सशक्त और प्रभावशाली बने। उत्कृष्ट शिक्षकों का सम्मान कार्यक्रम के अंत में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय द्वारा शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान देने वाले शिक्षकों को “उत्कृष्ट शिक्षक सम्मान” से अलंकृत किया गया। सम्मान प्राप्त करने वाले शिक्षकों में सुके. शारदा, बी. आर. साहू, भरत किशोर यादव,डॉ. धनंजय पाण्डेय, बलदाऊ सिंह श्याम शामिल हैं। उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा एवं खेल एवं राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा ने भी कार्यक्रम को संबोधित किया। कार्यक्रम में विधायकगण पुरंदर मिश्रा, मोतीलाल साहू, गुरु खुशवंत साहेब, प्रदेश के शिक्षाविद्, विश्वविद्यालयों के प्रतिनिधिगण एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएँ  उपस्थित थे।

उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने दिए निर्देश: हिनौती गौधाम का निर्माण कार्य शीघ्र करें पूरा

हिनौती गौधाम में निर्माणाधीन कार्य शीघ्र करें पूर्ण : उप मुख्यमंत्री शुक्ल हिनौती गौधाम के निर्माण कार्य में तेजी लाएं: उप मुख्यमंत्री शुक्ल का निर्देश उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने दिए निर्देश: हिनौती गौधाम का निर्माण कार्य शीघ्र करें पूरा गौसेवा के कार्यों में न हो देरी, हिनौती गौधाम जल्द हो पूर्ण – उप मुख्यमंत्री शुक्ल भोपाल  उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने रीवा के हिनौती गौधाम में निर्माणाधीन कार्यों को शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने वृक्षारोपण कार्य को आगामी 15 दिवस में पूरा कराने की बात कही। नवीन सर्किट हाउस रीवा में उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने हिनौती गौधाम में भूसा शेड, गौवंश शेड और प्रशासनिक भवन के निर्माण कार्य की अद्यतन स्थिति की जानकारी ली। उन्होंने निर्देशित किया कि प्रशासनिक भवन का कार्य अगस्त माह में पूर्ण कर लिया जाए साथ ही हिनौती गौधाम में फेंसिंग का शेष कार्य शीघ्र पूर्ण कराया जाए। उन्होंने गौधाम में 5 हजार पौधों के रोपण का कार्य आगामी 15 दिन में पूरा करने के निर्देश दिए। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि इनकी सुरक्षा की व्यवस्था सुनिश्चित कराई जाए। आयुक्त नगर निगम रीवा डॉ. सौरभ सोनवड़े, डीएफओ लोकेश निरापुरे सहित जनप्रतिनिधि और विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।  

मुख्तार अंसारी का बेटा कानून के शिकंजे में, उमर अंसारी को पुलिस ने किया गिरफ्तार

गाजीपुर गाजीपुर पुलिस ने  पूर्व विधायक मुख्तार अंसारी के छोटे बेटे उमर अंसारी को लखनऊ से गिरफ्तार कर लिया. उमर को लखनऊ के दारुलशफा स्थित विधायक निवास से गिरफ्तार किया गया. पुलिस टीम उन्हें गाज़ीपुर ले गई है. उमर अंसारी के खिलाफ गाज़ीपुर जिले के मोहम्मदाबाद थाने में फर्जी दस्तावेज तैयार करने और धोखाधड़ी करने का मामला दर्ज किया गया है. इस मामले में गाजीपुर पुलिस को एक गंभीर अनियमितता की जानकारी मिली, जिसके अनुसार उमर अंसारी ने यूपी गैंगस्टर अधिनियम की धारा 14(1) के तहत जब्त संपत्ति को छुड़वाने के लिए अदालत में एक याचिका दायर की थी. ये संपत्ति उनके पिता और गैंगस्टर एक्ट के तहत मृत घोषित पूर्व विधायक मुख्तार अंसारी से संबंधित थी. याचिका के साथ जो दस्तावेज कोर्ट में दाखिल किया गया, उसमें उमर अंसारी ने अपनी मां अफशा अंसारी के फर्जी हस्ताक्षर कर दस्तावेज प्रस्तुत किया. जांच के दौरान यह स्पष्ट हो गया कि हस्ताक्षर वास्तव में अफशा अंसारी के नहीं थे. इसके बाद गाज़ीपुर पुलिस ने उमर अंसारी पर जानबूझकर फर्जी दस्तावेज बनाने और न्यायालय को गुमराह करने का आरोप लगाते हुए केस दर्ज किया. उमर अंसारी की गिरफ्तारी को लेकर उनके भाई अब्बास अंसारी ने एक एक्स पोस्ट में बताया, "रात्रि 10:40 पर हमारे छोटे भाई उमर अंसारी को दारुल शिफ़ा स्थित आवास से कुछ पुलिसकर्मी उन्हें अपने साथ ले गये हैं." रणनीति के तहत उमर अंसारी ने बनाए फर्जी दस्तावेज! गाजीपुर पुलिस के अनुसार, उमर अंसारी ने ये कार्य "सोची-समझी रणनीति" के तहत अवैध लाभ उठाने की नीयत से किया था. इस पूरे मामले में उमर अंसारी के साथ-साथ वकील लियाकत अली को भी नामजद किया गया है. पुलिस ने इन धाराओं में दर्ज किया केस पुलिस ने बताया कि इस मामले में अपराध संख्या 245/2025 दर्ज की गई है, जिसमें धारा 319(2), 318(4), 338, 336(3), 340(2) BNS के तहत कार्रवाई की जा रही है. उमर अंसारी को हिरासत में लेकर कानूनी प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है. गाजीपुर पुलिस ने कहा है कि इस पूरे मामले को लेकर आधिकारिक जानकारी साझा की जाएगी. यह गिरफ्तारी कई राजनीतिक और कानूनी हलकों में चर्चा का विषय बनी हुई है.  

विधानसभा भवन निर्माण कार्य अंतिम चरण में, निर्धारित समय पर होगा विधिवत लोकार्पण

रायपुर : रजत जयंती वर्ष में छत्तीसगढ़ को मिलेगा नया विधानसभा भवन – मुख्यमंत्री साय मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय एवं विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने किया नवीन विधानसभा भवन का निरीक्षण विधानसभा भवन निर्माण कार्य अंतिम चरण में, निर्धारित समय पर होगा विधिवत लोकार्पण रायपुर नवा रायपुर में निर्माणाधीन छत्तीसगढ़ विधानसभा भवन का कार्य तीव्र गति से अपने अंतिम चरण में पहुँच रहा है। आज मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह तथा उप मुख्यमंत्री एवं लोक निर्माण मंत्री अरुण साव ने विधानसभा भवन स्थल पर पहुँचकर निर्माणकार्य की प्रगति का निरीक्षण किया। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि कार्य को निर्धारित समय-सीमा, सितम्बर 2025 तक हर हाल में पूर्ण किया जाए, ताकि राज्योत्सव (1 नवम्बर) के अवसर पर इसे जनता को समर्पित किया जा सके। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ राज्य का यह रजत जयंती वर्ष है, जिसे पूरे हर्षोल्लास के साथ मनाया जाएगा। नवीन विधानसभा भवन का निर्माण कार्य अब पूर्णता की ओर अग्रसर है। रजत जयंती वर्ष पर राज्य को एक नया, भव्य विधानसभा भवन प्राप्त होगा। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को राज्योत्सव कार्यक्रम हेतु आमंत्रित किया गया है, और उनके करकमलों से इस नवीन विधानसभा भवन का लोकार्पण प्रस्तावित है। विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने कहा कि नए विधानसभा भवन का निर्माण अब अंतिम चरण में पहुँच चुका है। आज विधानसभा सदन, विधानसभा अध्यक्ष का कक्ष, मुख्यमंत्री का कक्ष तथा सम्पूर्ण परिसर का अवलोकन कर निर्माण की प्रगति का निरीक्षण किया गया। निर्धारित समय पर नवीन विधानसभा भवन का विधिवत लोकार्पण किया जाएगा। नवीन विधानसभा भवन में छत्तीसगढ़ की समृद्ध सांस्कृतिक पहचान, पारंपरिक वास्तुकला और आधुनिक सुविधाओं का समुचित समावेश किया गया है। भवन में तीन प्रमुख विंग निर्मित किए जा रहे हैं – विंग-ए में विधानसभा सचिवालय, विंग-बी में मुख्यमंत्री और विधानसभा अध्यक्ष के कार्यालय सहित विधानसभा सदन व सेंट्रल हॉल, तथा विंग-सी में उप मुख्यमंत्रियों एवं अन्य मंत्रियों के कार्यालय स्थित होंगे। उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने कहा कि नया विधानसभा भवन केवल एक शासकीय संरचना नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक भव्यता एवं वैभव का प्रतीक बनेगा। 52 एकड़ क्षेत्रफल में निर्मित यह नवीन विधानसभा भवन आधुनिक तकनीकी विशेषताओं और सांस्कृतिक सौंदर्य से युक्त एक भव्य परिसर होगा। सदन में 200 विधायकों के बैठने की क्षमता के साथ-साथ 500 दर्शकों की क्षमता वाला अत्याधुनिक ऑडिटोरियम भी होगा। परिसर में 700 वाहनों के लिए पार्किंग की व्यवस्था की जा रही है तथा दो प्रस्तावित सरोवर, प्रत्येक डेढ़ एकड़ क्षेत्र में, विकसित किए जाएँगे। निर्माण पूर्ण होने के पश्चात यह भवन न केवल छत्तीसगढ़ की प्रतिष्ठा को नई ऊँचाइयाँ प्रदान करेगा, बल्कि देशभर में अपनी विशिष्ट स्थापत्य शैली और उन्नत सुविधाओं के कारण एक मिसाल के रूप में स्थापित होगा। निरीक्षण के दौरान अजय जामवाल, पवन साय, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह, लोक निर्माण विभाग के सचिव डॉ. कमलप्रीत सिंह, प्रमुख अभियंता वी.के. भतपहरी उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री जूनियर स्टेट लेवल बैडमिंटन चैंपियनशिप के समापन समारोह में हुए शामिल

उज्जैन मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि उज्जैन में बैडमिंटन प्रति अच्छा वातावरण बन रहा है। उज्जैन के नानाखेड़ा स्टेडियम का विकास 11:45 करोड रुपए की लागत से किया गया है। आने वाले समय में यहां 50 करोड़ रुपए की लागत से एस्ट्रो टर्फ और पेवीलियन बनाए जाने की मंजूरी सरकार द्वारा दी गई है। यहां सिंथेटिक ट्रेक भी बनाया जाएगा। स्टेडियम में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर के खेल आयोजन भी किए जाएंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आगामी सिंहस्थ 2028 महापर्व के अंतर्गत विक्रम उद्योगपुरी में 1000 एकड़ जमीन उद्योगों की स्थापना के लिए आवंटित की गई है, आने वाले समय में 1000 एकड़ जमीन और दी जाएगी। विकास के मामलों में अब उज्जैन पीछे नहीं रहेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव रविवार को नानाखेड़ा स्टेडियम में आयोजित जी एच रायसोनी मेमोरियल 58 वीं मध्यप्रदेश राज्य जूनियर बैडमिंटन चैंपियनशिप 2025 के समापन समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने सफल आयोजन के लिए आयोजनकर्ताओं को अपनी ओर से शुभकामनाएं दीं। जिला बैडमिंटन एसोसिएशन के अध्यक्ष वैभव यादव ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव का शाल और श्रीफल भेंट कर स्वागत किया और एसोसिएशन के सदस्यों ने स्मृति चिन्ह भेंट किया। पुरस्कार वितरण मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बैडमिंटन चैंपियनशिप के विजेताओं और उपविजेताओं को पुरस्कार वितरण किये। चैंपियनशिप के फाइनल में जीते खिलाड़ी मिक्स्ड डबल अंडर 17 कन्हैया शर्मा, कृतिका पाठक, मिक्स्ड डबल्स अंडर 19 ओम पटेल, कीर्ति तिवारी, बॉयज सिंगल अंडर 17 मेदांश शर्मा, बॉयज सिंगल अंडर 19 नैवेद्य तोंडे, गर्ल्स सिंगल अंडर 17 नित्या जादौन, बॉयज डबल अंडर 19 देव कुमावत, अंगद मुछाल, गर्ल्स डबल अंडर 19 आस्था शर्मा, कीर्ति तिवारी, गर्ल्स सिंगल अंडर 19 माही पवार, बॉयज डबल्स अंडर 17 शौर्य मिश्रा, अथर्व सक्सेना, गर्ल्स डबल अंडर 17 नित्या जादौन, नाविका सोमानी को ट्राफी प्रदान की गई। इस दौरान विधायक अनिल जैन कालूहेड़ा, महापौर मुकेश टटवाल, नगर निगम सभापति श्रीमती कलावती यादव सहित एसोसिएशन के राजेंद्र भारती, संजय अग्रवाल, राजेश धाकड़, अश्विन गुप्ता और बड़ी संख्या में खेल प्रेमी एवं नागरिक मौजूद रहे। कार्यक्रम में जानकारी दी गई कि अंडर 19 के यहां के जो विनर हैं वे गोवा में बेस्ट ज़ोन चैंपियनशिप के लिए क्वालीफाई हुए हैं, जो मध्यप्रदेश की टीम का नेतृत्व करेंगे। आभार प्रदर्शन एसोसिएशन के सचिव अनुराग शर्मा ने किया।