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1 दिसंबर से घर-घर पहुंचेंगे प्रगणक, परिवार के सभी सदस्यों का नाम दर्ज करना जरूरी

लखनऊ  जनगणना-2027 के दूसरे चरण की तैयारियां उत्तर प्रदेश में तेज हो गई हैं। 16 से 30 नवंबर तक लोग घर बैठे स्व-गणना कर सकेंगे। इसके बाद एक दिसंबर 2026 से 4 जनवरी 2027 तक प्रगणक घर-घर जाकर परिवारों का ब्योरा दर्ज करेंगे। अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि वे परिवार के सभी सदस्यों का नाम जरूर दर्ज कराएं। नाम छूटने पर सरकारी योजनाओं और विकास कार्यों में हिस्सेदारी प्रभावित हो सकती है। मंगलवार को लखनऊ के बख्शी का तालाब स्थित दीनदयाल उपाध्याय राज्य ग्राम्य विकास संस्थान में मास्टर ट्रेनरों का प्रशिक्षण शुरू हुआ। निदेशक एवं मुख्य प्रधान जनगणना अधिकारी शीतल वर्मा ने बताया कि जनगणना का उद्देश्य किसी घर या व्यक्ति को छूटने से बचाना और दोहरी गणना रोकना है। स्व-गणना के बाद परिवार को एक आईडी मिलेगी, जिसे प्रगणक के पहुंचने पर दिखाना होगा। ऑनलाइन सुविधा का लाभ न उठा पाने वाले परिवारों का ब्योरा प्रगणक मौके पर दर्ज करेंगे। 5 जनवरी 2027 की मध्यरात्रि को जनगणना का संदर्भ समय माना जाएगा। 5 से 9 जनवरी तक पुनरीक्षण राउंड में जन्म और मृत्यु की जानकारी अपडेट की जा सकेगी। इसको गंभीरता से करें… अधिकारियों ने जनगणना प्रक्रिया में लगे अफसरो व कर्मियों से कहा कि किराएदार, प्रवासी मजदूर, निर्माण स्थलों पर रहने वाले श्रमिक, छात्रावासों के छात्र, झुग्गी-बस्ती के परिवार, नवविवाहित महिलाएं और हाल में जन्मे बच्चों के नाम छूटने का खतरा अधिक रहता है। परिवारों को नवजात, बुजुर्ग और दिव्यांग सदस्यों का नाम विशेष रूप से जांचना चाहिए। सही जानकारी ही दें प्रदेश में 4,78,783 गणना ब्लॉक हैं। करीब 5,63,000 प्रगणक और पर्यवेक्षक लगाए जाएंगे। 305 मास्टर ट्रेनर 7,500 फील्ड ट्रेनरों को प्रशिक्षण देंगे। अधिकारियों ने नागरिकों से सही जानकारी देने और संदिग्ध व्यक्ति को ब्योरा न देने की अपील की है।

मध्यप्रदेश की बेटी अब विश्व मंच पर दिखाएगी दम

भोपाल  मध्यप्रदेश राज्य ताइक्वांडो अकादमी की प्रतिभाशाली खिलाड़ी मान्या मिश्रा का चयन ISF जिम्नेसियाड वर्ल्ड स्कूल गेम्स 2026 के लिए भारतीय टीम में हुआ है। मान्या अंडर-63 किलोग्राम भारवर्ग में भारत का प्रतिनिधित्व करेंगी। यह प्रतिष्ठित अंतर्राष्ट्रीय प्रतियोगिता 3 से 8 दिसंबर 2026 तक रियो डी जेनेरियो, ब्राजील में आयोजित होगी। SGFI चयन ट्रायल में शानदार प्रदर्शन मान्या मिश्रा ने अपने उत्कृष्ट प्रदर्शन के दम पर भारतीय टीम में स्थान बनाया। उनका चयन 14 एवं 15 सितंबर 2026 को रायपुर में आयोजित SGFI चयन ट्रायल के माध्यम से हुआ। प्रतियोगिता में शानदार प्रदर्शन कर उन्होंने अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर देश का प्रतिनिधित्व करने का गौरव हासिल किया है। विश्व मंच पर दिखाएंगी प्रतिभा ISF जिम्नेसियाड वर्ल्ड स्कूल गेम्स विश्व स्तर की स्कूली खेल प्रतियोगिता है, जिसमें विभिन्न देशों के युवा खिलाड़ी हिस्सा लेते हैं। ब्राजील में आयोजित होने वाली इस प्रतियोगिता में मान्या भारत की ओर से ताइक्वांडो स्पर्धा में अपना कौशल प्रदर्शित करेंगी। खेल मंत्रीविश्वास कैलाश सारंग ने दी बधाई खेल एवं युवा कल्याण मंत्रीविश्वास कैलाश सारंग ने मान्या मिश्रा के भारतीय टीम में चयन पर हर्ष व्यक्त करते हुए उन्हें बधाई और शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश के खिलाड़ियों का राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन प्रदेश के लिए गौरव का विषय है। मान्या का चयन अन्य युवा खिलाड़ियों के लिए भी प्रेरणादायी है। मंत्रीसारंग ने विश्वास व्यक्त किया कि मान्या अंतर्राष्ट्रीय मंच पर उत्कृष्ट प्रदर्शन कर देश और मध्यप्रदेश का नाम रोशन करेंगी।    

विश्वकर्मा जयंती व पीएम मोदी के जन्मदिवस पर कई कार्यक्रमों में हिस्सा लेंगे मुख्यमंत्री

लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ गुरुवार को देव शिल्पी भगवान विश्वकर्मा जयंती पर आयोजित कार्यक्रम में हिस्सा लेंगे। इसके साथ ही सीएम योगी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिवस पर राष्ट्र प्रेरणा स्थल पर 'आशीर्वाद का दीया' भी प्रज्ज्वलित करेंगे। इसके साथ ही सीएम योगी अन्य कार्यक्रमों में भी उपस्थित रहेंगे।  विश्वकर्मा जयंती पर इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में समारोह का करेंगे उद्घाटन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ गुरुवार को इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना 2.0 के अंतर्गत विश्वकर्मा स्वरोजगार व स्वदेशी मेला 2026 पर आधारित प्रदर्शनी का उद्घाटन करेंगे। इस दौरान सीएम योगी मार्जिन मनी ऋण पोर्टल के शुभारंभ के साथ ही विभिन्न योजनाओं के लाभार्थियों को चेक व टूलकिट का भी वितरण करेंगे। मुख्यमंत्री के साथ एमएसएमई विभाग के कैबिनेट मंत्री भूपेंद्र चौधरी व राज्यमंत्री हंसराज विश्वकर्मा भी मौजूद रहेंगे। जनभवन में राज्यपाल संग 'गंगासागर नमो नमः' का लोकार्पण करेंगे मुख्यमंत्री राज्यपाल महामहिम आनन्दी बेन पटेल के साथ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जनभवन में शाम को 'गंगासागर नमो नमः' का लोकार्पण करेंगे। इस दौरान उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य व ब्रजेश पाठक भी उपस्थित रहेंगे। जनभवन में गंगोत्री से गंगा सागर थीम पर प्रतिकृति का निर्माण किया गया है, जिसमें चारों धाम की प्रतिकृति भी है। इसमें प्रयागराज, काशी के घाट व मंदिर आदि की छवि भी दिखेगी। राज्यपाल व मुख्यमंत्री प्रयागराज से लाए गए गंगाजल को यहां अर्पित करेंगे। राष्ट्र प्रेरणा स्थल पर प्रज्ज्वलित करेंगे 'आशीर्वाद का दीया' प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिवस पर आयोजित सेवा संकल्प अभियान के तहत मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शाम को राष्ट्र प्रेरणा स्थल भी जाएंगे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिवस (17 सितंबर) और उनके सार्वजनिक जीवन के 25 वर्ष के सेवा, समर्पण और राष्ट्रनिर्माण के कार्यों के प्रति आभार जताने, उनके दीर्घ व स्वस्थ जीवन की मंगलकामना के लिए मुख्यमंत्री यहां 'आशीर्वाद का दीया' भी प्रज्ज्वलित करेंगे।

नवा रायपुर में राज्य निर्वाचन आयुक्तों के 32वें अखिल भारतीय सम्मेलन का राज्यपालरामेन डेका ने किया शुभारंभ

रायपु छत्तीसगढ़ राज्य निर्वाचन आयुक्तअजय सिंह ने बताया कि हर वर्ष अलग-अलग राज्यों में होने वाले राज्य निर्वाचन आयुक्तगणों के सम्मेलन के क्रम में 32वां सम्मेलन इस वर्ष 16-17 सितम्बर को छत्तीसगढ़ की राजधानी नवा रायपुर अटल नगर में हो रहा है। इस सम्मेलन का आयोजन छत्तीसगढ़ राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा किया जा रहा है। सम्मेलन का शुभारंभ आज माननीय राज्यपाल द्वारा किया गया। सम्मेलन के शुभारंभ अवसर पर मेजबान छत्तीसगढ़ के निर्वाचन आयुक्तअजय सिंह, राज्य निर्वाचन आयुक्तगण की स्थाई समिति के अध्यक्षविजय देव एवं संयोजकसुधांशु पांडे तथा प्रदेश के मुख्य सचिवविकासशील उपस्थित रहे। शुभारंभ सहारोह के इस विशेष अवसर पर राज्यपालरमेन डेका ने छत्तीसगढ़ स्थानीय निकाय निर्वाचन वार्षिकी 2026 Year Book के प्रथम संस्करण का विमोचन भी किया। उद्घाटन उपरांत आज सम्मेलन में देशभर से विभिन्न राज्यों के पधारे राज्य निर्वाचन आयुक्तगण ने स्थानीय लोकतंत्र विशेषकर त्रिस्तरीय पंचायतों व नगरीय निकायों को और अधिक सशक्त, पारदर्शी, समावेशी, विश्वसनीय एवं सहभागी बनाने हेतु निर्वाचन के विभिन्न पहलुओं पर विचार-विमर्श किया एवं कॉन्फ्रेंस में अलग-अलग राज्यों के राज्य निर्वाचन आयुक्तगण और विषय-विशेषज्ञों के द्वारा प्रस्तुतीकरण दिया । सम्मेलन के दौरान राज्य निर्वाचन आयुक्तगण द्वारा स्थानीय निकाय निर्वाचन के संचालन में सामने आने वाली चुनौतियों, अनुभवों और नवाचारों को साझा करने के क्रम में छत्तीसगढ़ राज्य द्वारा "राज्य गठन उपरांत नक्सल प्रभावित बस्तर में पिछले 25 वर्षों में स्थानीय लोकतंत्र की प्रगति" विषय पर छत्तीसगढ़ राज्य निर्वाचन आयुक्तअजय सिंह के निर्देशन में तैयार प्रस्तुति आयोग की सचिव श्रीमती शिखा राजपूत तिवारी द्वारा प्रस्तुत की गई। बस्तर में स्थानीय लोकतंत्र की यात्रा को विशेष रूप से रेखांकित किया गया। भौगोलिक दुर्गमता, विस्तृत वन क्षेत्र, सीमित संचार सुविधाओं तथा लंबे समय तक वामपंथी उग्रवाद से प्रभावित बस्तर संभाग की परिस्थितियों के बीच स्थानीय निर्वाचन कराना एक महत्वपूर्ण प्रशासनिक एवं लोकतांत्रिक चुनौती रहा है। छत्तीसगढ़ में स्थानीय निकायों के निर्वाचन के अनुभवों को साझा करते हुए बताया गया कि प्रशासन, पुलिस, सुरक्षा बल, निर्वाचन कर्मियों तथा स्थानीय समुदाय के समन्वित प्रयासों से लोकतांत्रिक प्रक्रिया को निरंतर सुदृढ़ किया गया है। वर्ष 2025 में नगरीय निकायों एवं त्रिस्तरीय पंचायतों के निर्वाचन एक साथ राज्यभर में, बस्तर संभाग सहित, शांतिपूर्वक एवं सफलतापूर्वक संपन्न कराने तथा पुनर्मतदान की आवश्यकता न पड़ने का उल्लेख किया गया। मध्य प्रदेश, बिहार, राजस्थान एवं केरलम की ओर से सूचना प्रोद्योगिकी के उपयोग के संबंध में 'EVM sharing tracking policy and it's challenges and EMS SOFTWARE' 'Panchayat Delimitation 2026: Transforming Delimitation through Technology A New Era of Paperless Delimitation', 'Digitalising Elections in India', 'Re-engineering elections in the Digital Era: The Kerala Story' विषयों पर प्रस्तुतियां दी गई। सम्मेलन में लोकतांत्रिक निर्वाचन विषय से जुड़े प्रिंसटन यूनिवर्सिटी न्यू जर्सी अमेरिका के अंतर्राष्ट्रीय स्तर के विषय विशेषज्ञ ने भी हिस्सा लिया और उन्होंने भारत के राज्यों में होने वाले स्थानीय निर्वाचनों का तुलनात्मक एवं समेकित अध्ययन का सार प्रस्तुतीकरण के माध्यम से प्रस्तुत किया। सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम इलेक्ट्रॉनिक कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया, हैदराबाद एवं भारत इलेक्ट्रानिक्स लिमिटेड, बेंगलूरु के ईलेक्ट्रानिक वोटिंग मशीन के विषय विशेषज्ञ ने भी सम्मेलन में अपने संस्थानों की अद्यतन जानकारी प्रस्तुत करते हुए बताया कि निर्वाचन में उपयोग होने वाली इलेक्ट्रानिक वोति वोटिंग मशीन हर प्रकार से सुरक्षित है और इसमें लगातार नवाचार करते हुए राज्य निर्वाचन आयोगों के अनुकूल इसका विकास एवं उत्पादन किया जा रहा है।

गोरखपुर में स्वास्थ्य सेवाओं के बदलाव का जिक्र, योगी बोले- अब दिख रहा नया यूपी

गोरखपुर  सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि यूपी में माफिया और मच्छर की तरह इंसेफेलाइटिस भी खत्म हो गया। साढ़े नौ साल पहले पूर्वी उत्तर प्रदेश में इंसेफेलाइटिस से तड़पते बच्चों और दम तोड़ते बचपन को देखकर हर जागरूक माता-पिता चिंतित रहते थे। अब यह चिंता खत्म हो चुकी है। अब हम नए युग में नए गोरखपुर और नए उत्तर प्रदेश का दर्शन कर रहे हैं। सीएम योगी ने कहा कि सरकार प्रदेश के सभी जिला अस्पतालों में दस-दस बेड की डायलिसिस यूनिट की सुविधा शुरू कर रही है। सीएम योगी बुधवार पूर्वाह्न इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) गोरखपुर की तरफ से संचालित चैरिटेबल ब्लड बैंक के उद्घाटन समारोह को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री ने फीता काटकर चैरिटेबल ब्लड सेंटर का उद्घाटन किया और सेंटर का भ्रमण कर वहां उपलब्ध सुविधाओं, उपकरणों और व्यवस्थाओं की जानकारी ली। उद्घाटन समारोह के मंच से पूर्वी उत्तर प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं में आए सकारात्मक परिवर्तन का उल्लेख करते हुए सीएम योगी ने कहा कि साढ़े नौ साल पहले गोरखपुर का बीआरडी मेडिकल कॉलेज ही इस क्षेत्र में स्वास्थ्य सुविधाओं का प्रमुख केंद्र था। स्थिति यह थी कि एक ही बेड पर चार-चार मरीज तक भर्ती रहते थे। तीसरी मंजिल पर इंसेफेलाइटिस वार्ड था और वहां पंखे, शौचालय और अन्य जरूरी सुविधाओं का अभाव था। उन्होंने कहा कि पहले जो बीआरडी मेडिकल कॉलेज स्वयं अस्वस्थ था, आज वही सुपर स्पेशियलिटी सेंटर और इंसेफेलाइटिस समेत विभिन्न बीमारियों के उपचार का प्रमुख केंद्र बन गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि गोरखपुर में एम्स भी स्थापित हो चुका है। महाराजगंज, कुशीनगर, देवरिया, सिद्धार्थनगर, बस्ती, बलरामपुर, बहराइच, गोंडा, अयोध्या और अंबेडकरनगर समेत विभिन्न जिलों में मेडिकल कॉलेज शुरू हो चुके हैं। प्रदेश में 75 जिले हैं, जबकि मेडिकल कॉलेजों की संख्या 85 हो गई है। दो एम्स भी संचालित हैं। एमबीबीएस की सीटें 4600 से बढ़कर 13500 से अधिक हो चुकी हैं और पीजी की सीटें दोगुनी हुई हैं। नर्सिंग और पैरामेडिकल शिक्षा का भी विस्तार किया जा रहा है। कभी दुर्दांत माफिया थे जिलों की पहचान मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि एक समय प्रदेश के प्रत्येक जिले की पहचान किसी न किसी दुर्दांत माफिया से जुड़ गई थी। डॉक्टर उनके शिकार बनते थे। गोरखपुर में डॉक्टरों का अपहरण होता था, उनसे रंगदारी मांगी जाती थी, धमकी भरे फोन आते थे और उनके चेंबर में घुसकर मारपीट की जाती थी। इन घटनाओं के खिलाफ उन्हें चिकित्सकों के साथ सड़कों पर आंदोलन करना पड़ता था। उन्होंने कहा कि आज गोरखपुर के साथ पूरे प्रदेश में चिकित्सक, व्यापारी और नागरिक खुद को सुरक्षित महसूस कर रहे हैं। अब प्रदेश की पहचान माफिया से नहीं बल्कि 'वन डिस्ट्रिक्ट, वन मेडिकल कॉलेज' के लक्ष्य से बन रही है।   बनाया नहीं जा सकता खून, रक्तदान संवेदना का प्रतीक रक्तदान के महत्व को समझाते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि अत्याधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर, तकनीक, दवाएं और संसाधन तो उपलब्ध कराए जा सकते हैं लेकिन खून बनाया नहीं जा सकता। उन्होंने कहा कि रक्तदान उस संवेदना का प्रतीक है, जिसके माध्यम से एक व्यक्ति किसी जरूरतमंद को नया जीवन देता है। उन्होंने इस बात पर चिंता भी जाहिर की कि रक्त की मांग के अनुरूप आपूर्ति नहीं हो पाती है। सीएम ने कहा कि इसके लिए चिकित्सकों को स्वैच्छिक रक्तदान के प्रति लोगों को प्रेरित करना चाहिए। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल कर समय-समय पर रक्तदान की अपील और जागरूकता अभियान चलाए जाने चाहिए। पेशेवर रक्तदाताओं पर प्रभावी अंकुश जरूरी सीएम योगी ने पेशेवर रक्तदाताओं को लेकर भी आगाह किया। कहा कि विभिन्न बीमारियों से ग्रसित पेशेवर रक्तदाताओं पर प्रभावी अंकुश नहीं लगाया गया तो संक्रमण का गंभीर संकट पैदा हो सकता है। ऐसी गतिविधियों को शासन-प्रशासन के संज्ञान में लाने के साथ चिकित्सकों को जागरूकता कार्यक्रमों से भी जुड़ना चाहिए। सीएम ने की आईएमए के सामाजिक सरोकारों की सराहना अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने आईएमए के सामाजिक सरोकारों की मुक्तकंठ से सराहना की। कहा कि आईएमए केवल प्रैक्टिस करने वाले चिकित्सकों की संस्था मात्र ही नहीं है। इसने गोरखपुर में निशुल्क ओपीडी के बाद चैरिटेबल ब्लड सेंटर शुरू करके उसने सामाजिक उत्तरदायित्व का उदाहरण प्रस्तुत किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी भी संस्था की वास्तविक पहचान इससे होती है कि वह अपनी विशेषज्ञता का लाभ समाज के अंतिम पायदान पर बैठे व्यक्ति तक पहुंचाने में कितना योगदान देती है। उन्होंने कहा कि 2017-18 में गोरखपुर के सीतापुर आई हॉस्पिटल में आईएमए ने निशुल्क ओपीडी शुरू की थी। इसके बाद आईएमए ने अपने कार्यालय के लिए भूमि मांगी तो गोरखपुर विकास प्राधिकरण के माध्यम से भूखंड उपलब्ध कराने में मदद की गई। आईएमए ने इस भूखंड का बेहतर उपयोग करते हुए चैरिटेबल ब्लड सेंटर स्थापित किया है, जो पूर्वी उत्तर प्रदेश के जरूरतमंद मरीजों को रक्त उपलब्ध कराने में योगदान देगा। गुरु गोरखनाथ चिकित्सालय का उल्लेख कर चैरिटी का मॉडल बताया सीएम योगी ने अपने गुरुदेव ब्रह्मलीन महंत अवेद्यनाथ जी महाराज के सानिध्य में गुरु गोरखनाथ चिकित्सालय की शुरुआत का जिक्र करते हुए कहा कि पहले 10 बेड से अस्पताल शुरू करने की चर्चा हुई थी, लेकिन गोरखपुर के चिकित्सकों के सहयोग से शुरुआत में ही इसे 100 बेड का अस्पताल बनाया गया। इस चिकित्सालय ने दिखाया कि चैरिटी में भी अस्पताल, ब्लड बैंक और आईसीयू सफलतापूर्वक संचालित हो सकते हैं। यहां ब्लड सेपरेटर, एफेरेसिस और डायलिसिस जैसी सुविधाएं विकसित हुईं। उन्होंने कहा कि जिस डायलिसिस के लिए कभी लोगों को लखनऊ या बीएचयू जाना पड़ता था, आज गोरखपुर में गुणवत्तापूर्ण सुविधा उपलब्ध है। सीएम ने बताया कि सरकार ने प्रदेश के जिला अस्पतालों में भी निशुल्क डायलिसिस की व्यवस्था करने का कार्य प्रारंभ कर दिया है। स्वास्थ्य सेवाओं की उत्कृष्टता के लिए सेंटर ऑफ एक्सीलेंस मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं को सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के रूप में विकसित करने की दिशा में भी काम किया जा रहा है। बताया कि आईआईटी कानपुर के सहयोग से मेडटेक सेंटर ऑफ एक्सीलेंस विकसित किया जा रहा है। इसके अलावा एसजीपीजीआई लखनऊ में भी सेंटर ऑफ एक्सीलेंस पर काम हो रहा है। कार्यक्रम को इन्होंने भी किया संबोधित समारोह को महापौर डॉ. मंगलेश श्रीवास्तव और गोरखपुर ग्रामीण के विधायक विपिन सिंह ने भी संबोधित किया। आभार ज्ञापन आईएमए गोरखपुर के पूर्व अध्यक्ष डॉ. डीके सिंह … Read more

मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने आयुष की उत्कृष्ट पद्धतियां अपनाएगा मध्यप्रदेश

भोपाल  मध्यप्रदेश में मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में कमी लाने तथा सामान्य प्रसव को प्रोत्साहित करने के लिए आयुष सेवाओं को और अधिक प्रभावी एवं जनोपयोगी बनाने की दिशा में प्रयास किए जा रहे हैं। इसी क्रम में तमिलनाडु एवं केरल में मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य के क्षेत्र में संचालित आयुष सेवाओं और अपनाई जा रही उत्कृष्ट पद्धतियों का अध्ययन कर उन्हें मध्यप्रदेश की परिस्थितियों के अनुरूप लागू करने की दिशा में कार्य किया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 22 मई 2026 को आयोजित विभागीय समीक्षा बैठक में प्रदेश में मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में कमी लाने तथा सामान्य प्रसव को बढ़ावा देने के उद्देश्य से तमिलनाडु एवं केरल में संचालित आयुष सेवाओं का अध्ययन करने के लिए विभागीय दल भेजने के निर्देश दिए थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के निर्देशों के अनुपालन में आयुष विभाग के चार सदस्यीय दल ने तमिलनाडु एवं केरल का अध्ययन भ्रमण किया। दल ने दोनों राज्यों में मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य के क्षेत्र में आयुष चिकित्सा की भूमिका, सेवाओं के संचालन की व्यवस्थाओं तथा प्रभावी एवं उत्कृष्ट पद्धतियों का अध्ययन किया। अध्ययन भ्रमण से लौटने के बाद बुधवार को भोपाल स्थित मंत्रालय में दल द्वारा उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा एवं आयुष मंत्री श्री इन्दर सिंह परमार के समक्ष अध्ययन के निष्कर्षों एवं अनुशंसाओं का प्रस्तुतीकरण किया गया। मध्यप्रदेश की परिस्थितियों के अनुरूप बनेगी कार्ययोजना मंत्री श्री परमार ने अध्ययन के निष्कर्षों की समीक्षा करते हुए कहा कि मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य राज्य सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है। आयुष चिकित्सा पद्धतियों की संभावनाओं का प्रभावी उपयोग करते हुए गर्भवती माताओं एवं नवजात शिशुओं को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने की दिशा में निरंतर प्रयास किए जाने चाहिए। श्री परमार ने निर्देश दिए कि तमिलनाडु एवं केरल में अपनाई जा रही आयुष क्षेत्र की उत्कृष्ट पद्धतियों (बेस्ट प्रैक्टिसेज) का मध्यप्रदेश की भौगोलिक, सामाजिक एवं स्वास्थ्य संबंधी परिस्थितियों के अनुरूप अध्ययन कर व्यावहारिक एवं प्रभावी कार्ययोजना तैयार की जाए। मंत्री श्री परमार ने कहा कि कार्ययोजना में ऐसी व्यवस्थाओं को प्राथमिकता दी जाए, जिनके माध्यम से गर्भावस्था के दौरान आवश्यक आयुष सेवाओं की उपलब्धता बढ़े, माताओं को स्वास्थ्य संबंधी उचित मार्गदर्शन मिले तथा सामान्य प्रसव को प्रोत्साहन देने के लिए प्रभावी सहयोग प्रदान किया जा सके। श्री परमार ने अध्ययन से प्राप्त अनुभवों को केवल रिपोर्ट तक सीमित न रखते हुए चरणबद्ध तरीके से मैदानी स्तर पर लागू करने तथा इसकी प्रभावशीलता की नियमित समीक्षा करने के निर्देश भी दिए। अनुभवों का उपयोग प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार में होगा अध्ययन दल द्वारा दोनों राज्यों में संचालित आयुष सेवाओं की व्यवस्थाओं, उपचार पद्धतियों और मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य से संबंधित कार्यप्रणाली का अवलोकन किया गया। इन अनुभवों और अनुशंसाओं का उपयोग मध्यप्रदेश में आयुष सेवाओं को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए किया जाएगा। बैठक में आयुष विभाग के प्रमुख सचिव श्री शोभित जैन एवं आयुक्त आयुष श्रीमती आर. उमा माहेश्वरी सहित विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।  

पर्यटन एवं संस्कृति मंत्रीराजेश अग्रवाल का प्रदेशवासियों से आह्वान, 17 सितंबर की शाम 7 बजे अपने घर में दीप प्रज्ज्वलित कर सेवा, आभार और सकारात्मकता का दें संदेश

रायपुर प्रधानमंत्रीनरेन्द्र मोदी के सार्वजनिक जीवन में सेवा एवं समर्पण के 25 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर छत्तीसगढ़ में 17 सितंबर से 17 अक्टूबर 2026 तक ‘सेवा संकल्प अभियान’ का आयोजन किया जा रहा है। अभियान के अंतर्गत 17 सितंबर को शाम 7 बजे ‘आशीर्वाद का दीया’ पहल के माध्यम से प्रदेशभर में सामूहिक दीप प्रज्ज्वलन किया जाएगा। पर्यटन एवं संस्कृति मंत्रीराजेश अग्रवाल ने छत्तीसगढ़वासियों से आह्वान किया है कि वे 17 सितंबर की शाम 7 बजे अपने घर में ‘आशीर्वाद का दीया’ अवश्य जलाएं और सेवा, समर्पण, आभार एवं सकारात्मकता के इस साĀṢमूहिक संकल्प का हिस्सा बनें।           पर्यटन एवं संस्कृति मंत्रीराजेश अग्रवाल ने कहा कि दीप भारतीय संस्कृति में केवल प्रकाश का प्रतीक नहीं है, बल्कि यह आशा, सद्भाव, सकारात्मकता और सेवा की भावना का भी प्रतीक है। ‘आशीर्वाद का दीया’ के माध्यम से हम अपने परिवार और समाज में सेवा की भावना को और मजबूत करने का संकल्प ले सकते हैं। उन्होंने कहा कि 17 सितंबर की शाम जब प्रदेश के घर-घर में एक साथ दीप प्रज्ज्वलित होंगे, तब यह दृश्य जनभागीदारी की शक्ति और सामूहिक संकल्प की भावना का संदेश देगा।           उन्होंने प्रदेशवासियों से आग्रह किया कि ‘आशीर्वाद का दीया’ को केवल दीप जलाने की पहल तक सीमित न रखें, बल्कि इसे किसी जरूरतमंद की सहायता, बुजुर्गों के सम्मान, बच्चों के प्रति संवेदनशीलता, पर्यावरण संरक्षण अथवा समाज के लिए किए जाने वाले किसी सकारात्मक योगदान के संकल्प से जोड़ें। उन्होंने कहा कि सेवा के लिए बड़े साधनों की नहीं, बल्कि संवेदनशील मन और सहयोग की भावना की आवश्यकता होती है। सेवा और समर्पण के 25 वर्ष, जनभागीदारी का नया संकल्प           ‘सेवा संकल्प अभियान’ प्रधानमंत्रीनरेन्द्र मोदी के सार्वजनिक जीवन में सेवा एवं समर्पण के 25 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर आयोजित किया जा रहा है। 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक चलने वाले इस अभियान में सेवा, जनभागीदारी और सामाजिक सरोकारों से जुड़ी विभिन्न पहलें आयोजित की जाएंगी।           अभियान का उद्देश्य सेवा और समर्पण की भावना को समाज के प्रत्येक वर्ग तक पहुंचाना तथा नागरिकों को अपनी क्षमता और रुचि के अनुसार जनकल्याण के कार्यों में सहभागी बनाना है। ‘आशीर्वाद का दीया’ इसी व्यापक भावना की शुरुआत का प्रतीक बनेगा। घर-घर का दीप बनेगा सेवा और सकारात्मकता का संदेश           मंत्रीराजेश अग्रवाल ने कहा कि एक दीपक का प्रकाश भले ही छोटा हो, लेकिन जब लाखों दीप एक साथ प्रज्ज्वलित होते हैं तो वह सामूहिक ऊर्जा और एकता का बड़ा संदेश बन जाता है। इसी भावना के साथ ‘आशीर्वाद का दीया’ पहल में प्रदेश के प्रत्येक परिवार की सहभागिता महत्वपूर्ण है।           उन्होंने कहा कि 17 सितंबर की शाम 7 बजे जब गांवों, कस्बों और शहरों में घर-घर दीप जलेंगे, तो यह केवल रोशनी का उत्सव नहीं होगा, बल्कि सेवा के प्रति कृतज्ञता और समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी को स्वीकार करने का सामूहिक अवसर होगा। यह दीप हमें प्रेरणा देगा कि हम अपने आसपास किसी एक व्यक्ति, परिवार या समुदाय के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए अपनी ओर से कुछ योगदान करें। सेवा को जीवन का संस्कार बनाने का आह्वान           पर्यटन एवं संस्कृति मंत्रीराजेश अग्रवाल ने कहा कि भारतीय परंपरा में सेवा को सदैव जीवन-मूल्य के रूप में देखा गया है। ‘सेवा संकल्प अभियान’ इसी भावना को जनभागीदारी से जोड़ने का अवसर है। उन्होंने कहा कि कोई विद्यार्थी अपनी प्रतिभा से, युवा अपने नवाचार से, महिला अपने अनुभव और सामुदायिक सहभागिता से, किसान जल एवं पर्यावरण संरक्षण से और कलाकार अपनी कला के माध्यम से समाज के लिए योगदान दे सकता है।           उन्होंने कहा कि ‘आशीर्वाद का दीया’ पहल के माध्यम से हम अपने पूर्वजों, बुजुर्गों और समाज से मिले संस्कारों के प्रति आभार व्यक्त करने के साथ आने वाली पीढ़ी के लिए सेवा और संवेदनशीलता की परंपरा को आगे बढ़ाने का संकल्प भी ले सकते हैं। विभिन्न गतिविधियों से जुड़ेगा समाज का हर वर्ग           ‘सेवा संकल्प अभियान’ के अंतर्गत ‘आशीर्वाद का दीया’ के साथ विभिन्न सामाजिक एवं जनभागीदारी आधारित गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। ‘मेरे सपनों का भारत-चित्र सेवा’ के माध्यम से बच्चों और विद्यार्थियों को अपने सपनों के भारत की कल्पना को चित्र और भाषण के माध्यम से अभिव्यक्त करने का अवसर मिलेगा। ‘नमो सेवा-अनकही कहानियां’ के माध्यम से संगीत, नाटक और स्थानीय कला के जरिए सेवा एवं सामाजिक बदलाव की कहानियों को सामने लाया जाएगा।           ‘आंगन मिलन सेवा’ के माध्यम से आंगनबाड़ी केंद्रों को समुदाय की सहभागिता के केंद्र के रूप में विकसित करने, ‘सेवा की कहानी’ के माध्यम से सकारात्मक बदलाव की वास्तविक कहानियों को सामने लाने तथा ‘सेवा संकल्प यात्रा’ और ‘सेवा ज्योति कलश यात्रा’ के माध्यम से सेवा एवं जनभागीदारी का संदेश व्यापक स्तर तक पहुंचाने का प्रयास किया जाएगा।           इसी प्रकार ‘सेवा मेरा योगदान’, ‘सेवा सेतु अभियान’, ‘सेवा के रंग, राष्ट्र के संग’, ‘सेवा फर्स्ट इनोवेशन चैलेंज’ और ‘सुशासन सेवा संवाद’ जैसी पहलें समाज के विभिन्न वर्गों को अपनी क्षमता और रचनात्मकता के साथ अभियान से जोड़ेंगी। हर परिवार बने सेवा संकल्प का सहभागी           मंत्रीराजेश अग्रवाल ने कहा कि ‘सेवा संकल्प अभियान’ किसी एक व्यक्ति, संस्था या विभाग का अभियान नहीं है। इसकी सफलता प्रत्येक नागरिक की सहभागिता से सुनिश्चित होगी। उन्होंने प्रदेशवासियों से आग्रह किया कि वे 17 सितंबर की शाम 7 बजे अपने घर में ‘आशीर्वाद का दीया’ जलाएं और अपने परिवार के साथ सेवा का एक संकल्प भी लें।           उन्होंने कहा कि यह संकल्प किसी जरूरतमंद की सहायता करने, किसी बुजुर्ग का सम्मान करने, किसी बच्चे की शिक्षा में सहयोग करने, पौधा लगाने, जल बचाने, स्वच्छता अपनाने या समाज के लिए अपनी क्षमता के अनुसार कोई अन्य सकारात्मक कार्य करने का हो सकता है। आइए, एक दीप जलाएं, एक सेवा करें           पर्यटन एवं संस्कृति मंत्रीराजेश अग्रवाल ने कहा कि 17 सितंबर की शाम 7 बजे प्रज्ज्वलित होने वाला प्रत्येक ‘आशीर्वाद का दीया’ सेवा, आभार, आशा … Read more

यूपी में गन्ना किसानों को 3.25 लाख करोड़ का भुगतान, 2025-26 सत्र में 94.86% भुगतान पूरा

लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निरंतर मॉनीटरिंग की बदौलत पेराई सत्र 2025-26 में 102 चीनी मिलों ने गन्ना किसानों को शत-प्रतिशत भुगतान कर दिया। वहीं 23 सहकारी चीनी मिलों ने 2820 करोड़ का भुगतान किया। प्रदेश में संचालित राज्य चीनी निगम की तीन मिलों ने पेराई सत्र 2025-26 में 543.51 करोड़ का भुगतान किया है। निजी चीनी मिलों की ओर से भी किसानों को शत-प्रतिशत भुगतान कर दिया गया है। गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश निरंतर सर्वाधिक गन्ना मूल्य भुगतान करने वाला राज्य बना हुआ है। योगी सरकार ने अब तक गन्ना किसानों को 3.25 लाख करोड़ का भुगतान किया। उत्तर प्रदेश गन्ना उत्पादन, शीरा उत्पादन और एथेनॉल उत्पादन में देश में शीर्ष स्थान पर बना हुआ है। पेराई सत्र 2025-26 में 94.86 प्रतिशत से अधिक गन्ना मूल्य का भुगतान पूरा हो चुका है। गन्ना, शीरा और एथेनॉल उत्पादन में शीर्ष पर बना है यूपी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में चीनी उद्योग एवं गन्ना विकास विभाग ने किसान कल्याण, चीनी उत्पादन और एथेनॉल में नए आयाम स्थापित किए हैं। योगी सरकार की दूरदर्शी नीतियों के कारण उत्तर प्रदेश गन्ना उत्पादन, शीरा उत्पादन और एथेनॉल उत्पादन में देश में शीर्ष स्थान पर बना हुआ है। सरकार ने न केवल गन्ना किसानों को उनके उत्पाद का उचित मूल्य दिलाना प्राथमिकता माना, बल्कि ऐतिहासिक कदम उठाते हुए अब तक रिकॉर्ड ₹3.25 लाख करोड़ का गन्ना मूल्य भुगतान सीधे किसानों के खातों में हस्तांतरित भी किया। 94.86 प्रतिशत से अधिक का भुगतान सुनिश्चित वर्तमान पेराई सत्र में भी 94.86 प्रतिशत से अधिक गन्ना मूल्य का भुगतान पूरा हो चुका है, जबकि प्रदेश की 102 चीनी मिलों ने गन्ना मूल्य का शत- प्रतिशत भुगतान कर दिया है। इन प्रयासों के परिणामस्वरूप प्रदेश के गन्ना किसानों की औसत आय में ₹40,720 प्रति हेक्टेयर की उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। 9 वर्ष में चीनी मिलों ने की 9220 लाख टन गन्ने की पेराई गन्ना विकास विभाग ने बताया कि विगत नौ वर्ष में प्रदेश की चीनी मिलों ने रिकॉर्ड 9,220 लाख टन गन्ने की पेराई की गई है। जो इससे पहले के 9 वर्ष की कुल गन्ना पेराई 6168 लाख टन से 3052 लाख टन अधिक है। 9 वर्ष में 879.06 लाख टन चीनी का रिकॉर्ड उत्पादन हुआ है। सहकारी चीनी मिलों ने किया 100 प्रतिशत भुगतान उत्तर प्रदेश में पेराई सत्र 2025-26 में सहकारी चीनी मिलों ने गन्ना मूल्य के रूप में 100 प्रतिशत भुगतान कर दिया है। अनूपशहर, बदायूं, बागपत, बेलरायां, बिलासपुर, बीसलपुर, गजरौला, घोसी, कायमगंज, महमूदाबाद, मोरना, नानपारा, नानौता, पूरनपुर, पुवायां, रमाला, सहारनपुर, सरसावां, सठियांव, सेमीखेड़ा, स्नेह रोड, सुल्तानपुर, तिलहर समेत कुल कुल 23 सहकारी चीनी मिलों ने 2820.89 करोड़ रुपये का भुगतान किसानों को किया है। 23 सहकारी चीनी मिलों की पेराई क्षमता 65375 टीसीडी है। निजी चीनी मिलों द्वारा किया गया भुगतान पेराई सत्र 2025-26 में निजी चीनों मिलों ने किसानों को शत-प्रतिशत भुगतान कर दिया है। लखनऊ संभाग की मिलों ने सर्वाधिक 6462.19 करोड़ का भुगतान किया। वहीं मुरादाबाद संभाग की मिलों द्वारा 6398.36 करोड़, सहारनपुर संभाग की चीनी मिलों ने 4799.25 करोड़ का भुगतान किया। संभाग     भुगतान प्रतिशत     भुगतान अयोध्या     100 फीसदी     1212.35 करोड़ बरेली     89.25 फीसदी     2315.74 करोड़ देवरिया     97.86 फीसदी     1016.95 करोड़ देवीपाटन     91.63 फीसदी     2249.01 करोड़ गोरखपुर     93.46 फीसदी     749.97 करोड़ लखनऊ     91.34 फीसदी     6462.19 करोड़ मेरठ     94.09 फीसदी     4227.24 करोड़ मुरादाबाद     98.96 फीसदी     6398.36 करोड़ सहारनपुर     94.64 फीसदी     4799.25 करोड़

किसान संवाद को नई गति, योगी सरकार के सहयोग से गोरखपुर में किसान कारवां 2.0 का आगाज

गोरखपुर उत्तर प्रदेश में किसानों से संवाद और कृषि क्षेत्र से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से सामने लाने के उद्देश्य से किसान तक और योगी सरकार के सहयोग से किसान कारवां 2.0 की शुरुआत हो गई। बुधवार को गोरखपुर के योगीराज गंभीर नाथ प्रेक्षागृह में पहले किसान महासम्मेलन का आयोजन हुआ। कार्यक्रम में कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही मुख्य अतिथि और गोरखपुर मंडल के आयुक्त इंद्र विक्रम सिंह विशिष्ट अतिथि के रूप में शामिल हुए। कार्यक्रम में 1300 से अधिक किसानों ने हिस्सा लिया। कार्यक्रम में काला नमक चावल, गन्ने की खेती और कृषि तकनीक पर तीन पैनल चर्चाएं हुईं। विशेषज्ञों, वैज्ञानिकों और प्रगतिशील किसानों ने खेती की नई संभावनाओं और तकनीक पर विचार साझा किए। किसानों के स्वागत के लिए लोक गायक मनोज मिहिर ने प्रस्तुति दी, जबकि जादूगर सलमान ने जादू के करतब दिखाकर लोगों का मनोरंजन किया। 10 कृषि वीर सम्मानित कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने प्रदेश में कृषि क्षेत्र के विकास के लिए संचालित विभिन्न योजनाओं और कार्यों की जानकारी दी। कार्यक्रम में विभिन्न जिलों से चयनित 10 कृषि वीरों को प्रशस्ति पत्र और स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया गया। जिसमें दीपक कुशवाहा, अविनाश कुमार, लालजी कुशवाहा, मालती देवी, वेदव्यास सिंह, जय सिंह कुशवाहा, कर्नल के.सी. मिश्रा, आज्ञाराम वर्मा, राजू सिंह और सीमा गुप्ता (ड्रोन दीदी, देवरिया) को सम्मानित किया गया। आज्ञाराम वर्मा के नाम पर गन्ने की एक वैरायटी जारी की गई है। राजू सिंह एफपीओ और शहद उत्पादन से जुड़े हैं। किसान परिषद का गठन इस अवसर पर 20 सदस्यीय किसान परिषद का गठन भी किया गया। परिषद में हरिशंकर राय, संजय सिंह, नंदलाल चौहान, अजीत श्रीवास्तव, मांधाता सिंह, राज मंगल चौधरी, विवेक सिंह बंटी, इंदू श्रीवास्तव, वीरेंद्र चौरसिया, शत्रुघ्न चंद, राम चेत चौधरी, राम रतन सिंह, राकेश मल्ल, धर्मेंद्र सिंह, संजय नायक, पुष्पा देवी, अविनाश कुमार, धर्मेंद्र पांडे, जयप्रकाश नारायण और सुभाष चंद्र सिंह को शामिल किया गया है। किसान कारवां 2.0 का अगला कार्यक्रम 24 सितंबर को झांसी में आयोजित होगा। इसमें बुंदेलखंड क्षेत्र के किसान और कृषि विशेषज्ञ शामिल होंगे।

आशीर्वाद के दीयों से जगमगाएगा बिलासपुर, शाम 7 बजे जिले में एक साथ जलेंगे 10 लाख दीप

रायपुर प्रधानमंत्रीनरेंद्र मोदी की सार्वजनिक सेवा के 25 बरस पूर्ण होने के अवसर पर आयोजित सेवा संकल्प अभियान के तहत 17 सितम्बर को ‘आशीर्वाद का दीया’ कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा। इस अवसर पर बिलासपुर जिले में लगभग 10 लाख दीप प्रज्वलित किए जाएंगे। जिला स्तरीय ‘आशीर्वाद का दीया’ कार्यक्रम का आयोजन उप मुख्यमंत्री एवं जिले के प्रभारी मंत्रीअरुण साव के मुख्य आतिथ्य में पुलिस परेड ग्राउंड में शाम 7 बजे से होगा। जिला स्तरीय कार्यक्रम में 1 लाख 25 हजार दीपों का प्रज्वलन किया जाएगा।           अभियान के तहत जिले के प्रमुख धार्मिक एवं ऐतिहासिक स्थलों को भी दीपों से रोशन किया जाएगा। रतनपुर में 11 हजार, बेलपान में 1100, ताला में 1100 तथा मल्हार में 11 हजार दीप प्रज्वलित किए जाएंगे। इनके साथ ही जिले के चारों विकासखंडों की चयनित 44 ग्राम पंचायतों में शत-प्रतिशत घरों में दीप प्रज्वलित किए जाएंगे।        जनपद पंचायत बिल्हा अंतर्गत बैमा, कोरबी, लिमतरी, भटगांव, परसदा भ., सरवनदेवरी, उच्चभट्ठी, धमनी, अकलतरी एवं देवकिरारी में, जनपद पंचायत कोटा अंतर्गत नवागांव सल्का, अमाली, नगोई, खोंगसरा, बेलगहना, बानाबेल, पटैता, खैरझिट्टी, खरगहनी, मोहदा, बरद्वार एवं अमने में शत-प्रतिशत घरों में दीप प्रज्वलित किए जाएंगे। इसी प्रकार विकासखंड मस्तुरी के दर्रीघाट, सीपत, परसदावेद, बेलटुकरी, बिटकुला, खम्हरिया, गतौरा, पंधी, जोंधरा एवं गोपालपुर तथा जनपद पंचायत तखतपुर के लोखंडी, बोड़सरा, बिनौरी, खपरी, घुटकू, अमसेना, खरकेना, कोड़ापुरी, विजयपुर, गनियारी, छतौना एवं खजुरीनवागांव में भी प्रत्येक घर में दीप प्रज्वलित किए जाएंगे। इसके अलावा हर गांव में 100 से ज्यादा आशीर्वाद के दीये जलाने की व्यवस्था की गई है।         अभियान के तहत शाम 7 बजे जिले के सभी शासकीय भवनों, विद्यालयों, पंचायत भवनों, आंगनबाड़ी केंद्रों एवं ग्राम पंचायतों में दीप प्रज्वलन किया जाएगा। प्रधानमंत्री आवास योजना, स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण), राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन सहित विभिन्न शासकीय योजनाओं के हितग्राहियों के घरों में भी दीप जलाए जाएंगे। महिला स्वसहायता समूहों की दीदियां विभिन्न स्थानों पर दीप प्रज्वलन कार्यक्रम में सहयोग करेंगी। वहीं जल जन सेवा संकल्प के तहत जिले के बांध, बैराज, एनीकट एवं नहर शीर्षों पर भी दीप प्रज्वलित किए जाएंगे।