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एक महीने तक सेवा और सहभागिता का महाअभियान, 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक होंगे आयोजन

प्रदेश में 17 सितम्बर से 17 अक्टूबर तक चलेगा सेवा संकल्प अभियान गांव से शहर तक होंगे सेवा, सहभागिता और विकसित भारत के संकल्प से जुड़े आयोजन भोपाल मध्यप्रदेश में जनसेवा को जनभागीदारी से जोड़ने और शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ अधिक से अधिक पात्र लोगों तक पहुंचाने के उद्देश्य से 17 सितम्बर से 17 अक्टूबर तक ‘सेवा संकल्प अभियान’ चलाया जाएगा। एक माह के इस अभियान में सेवा, स्वच्छता, सामाजिक सहभागिता, हितग्राही कल्याण, युवा नवाचार और नागरिक दायित्व से जुड़ी गतिविधियों के माध्यम से आमजन को ‘विकसित भारत 2047’ के संकल्प से जोड़ा जाएगा। अभियान में कार्यक्रमों के आयोजन पर जोर के साथ योजनाओं का वास्तविक लाभ, नागरिकों की भागीदारी और गतिविधियों के परिणाम भी फोकस किया जाएगा। प्रत्येक जिले में गतिविधियों का दिनांकवार, स्थानवार और उत्तरदायी अधिकारीवार कैलेंडर तैयार होगा तथा नियमित समीक्षा की जाएगी। जनप्रतिनिधियों के साथ सामाजिक एवं स्वयंसेवी संस्थाओं, शैक्षणिक संस्थानों, युवाओं, महिलाओं, स्व-सहायता समूहों, वरिष्ठ नागरिकों तथा सामाजिक-आध्यात्मिक संगठनों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी, जिससे अभियान को जनआंदोलन का स्वरूप दिया जा सके। होंगे दीपोत्सव और ‘कहानी बदलाव की’ जैसे आयोजन अभियान में ‘आशीर्वाद का दीया’ के तहत हितग्राहीमूलक योजनाओं से लाभान्वित लोगों की अद्यतन एवं प्रमाणित सूची तैयार कर चिन्हित क्षेत्रों में परिवारों की सहभागिता से दीप प्रज्ज्वलन कार्यक्रम होंगे। उज्जैन के महाकाल लोक और निवाड़ी के रामराजा लोक, ओरछा में भव्य दीपोत्सव आयोजित किए जाएंगे। ‘सेवा चित्र’ के तहत 17 सितम्बर से 7 अक्टूबर के बीच शासकीय एवं अशासकीय विद्यालयों में प्रधानमंत्री द्वारा किए गए सेवा कार्यों और विकसित भारत की संकल्पना पर चित्रकला एवं भाषण प्रतियोगिताएं होंगी। श्रेष्ठ चित्रों की प्रदर्शनी और उत्कृष्ट प्रतिभागियों का सम्मान किया जाएगा तथा चयनित प्रविष्टियों की राज्य स्तरीय प्रदर्शनी भी होगी। ‘सेवा स्मरण’ में सेवा कार्यों, जनकल्याणकारी योजनाओं और विकास कार्यों को संगीतमय नाट्य प्रस्तुतियों के जरिए आमजन तक पहुंचाया जाएगा। प्रत्येक जिले में 18 से 20 सांस्कृतिक दलों/नुक्कड़ नाट्य टोलियों को सूचीबद्ध कर विद्यालयों, महाविद्यालयों, ग्राम पंचायतों और सार्वजनिक स्थलों पर प्रस्तुतियां कराई जाएंगी। कार्यक्रम 17 सितम्बर से शुरू होंगे और 2 अक्टूबर को सभी जिला मुख्यालयों पर इनका मंचन होगा। ‘आंगन का मिलन’ 25 सितम्बर से 7 अक्टूबर तक सभी आंगनवाड़ी केंद्रों पर आयोजित होगा। तीन दिवसीय आयोजनों में माताओं और बच्चों को पोषण, स्वास्थ्य एवं महिला कल्याण योजनाओं की जानकारी दी जाएगी। लाभार्थी माताएं अनुभव साझा करेंगी, आंगनवाड़ी एवं आशा कार्यकर्ताओं तथा लाभार्थी माताओं का सम्मान होगा और बच्चों के लिए मनोरंजक गतिविधियां की जाएंगी। ‘कहानी बदलाव की’ में शासन की योजनाओं से जीवन में उल्लेखनीय सकारात्मक परिवर्तन लाने वाले हितग्राहियों की वास्तविक कहानियां संक्षिप्त वीडियो एवं डिजिटल माध्यम से सामने लाई जाएंगी। लाभार्थी, योजना, स्थान और बदलाव का विवरण दर्ज कर उत्कृष्ट सफलता-कथाओं को प्रोफेशनल तरीके से प्रस्तुत किया जाएगा। सेवा ज्योति यात्रा से लेंगे विकसित भारत का संकल्प प्रत्येक जिले और ग्राम स्तर पर ‘सेवा ज्योति यात्रा’ आयोजित होगी। अलग-अलग दिशाओं से निकलने वाली यात्राएं निर्धारित स्थल पर एकत्र होंगी, जहां शासन की प्रमुख विकास उपलब्धियों और सेवा कार्यों की जानकारी दी जाएगी। यहां नागरिक ‘विकसित भारत 2047’ का सामूहिक संकल्प लेंगे। स्थानीय नागरिकों, युवाओं, सामाजिक संस्थाओं और जनप्रतिनिधियों की भागीदारी के साथ जिला विकास पुस्तिका का वितरण भी किया जाएगा। मध्यप्रदेश से गुजरने वाली ‘बड़नगर से वाराणसी—जल, जन और सेवा संकल्प यात्रा’ के पड़ावों पर स्थानीय नागरिकों और विभिन्न योजनाओं से लाभान्वित हितग्राहियों को जोड़ते हुए कार्यक्रमों को संवादात्मक और सहभागी स्वरूप दिया जाएगा। ‘सेवा मेरा योगदान’ में 25 गतिविधियों से जुड़ेंगे नागरिक अभियान के दौरान ‘सेवा मेरा योगदान’ के तहत नागरिकों को 25 प्रमुख सेवा गतिविधियों से जोड़ा जाएगा। इनमें रक्तदान, अनाथालय/वृद्धाश्रम भ्रमण, वृक्षारोपण, स्वच्छता, स्वास्थ्य जांच, एक गांव गोद लेकर सेवा कार्य, योग-ध्यान, प्लास्टिक-मुक्त जागरूकता, महिला स्वास्थ्य एवं स्वच्छता, वंचित बच्चों को शिक्षा सहयोग, करियर काउंसलिंग, वरिष्ठ नागरिकों के लिए डिजिटल साक्षरता, अंगदान संकल्प, नशा-मुक्त भारत, पोषण एवं एनीमिया जागरूकता, सड़क सुरक्षा, जल संरक्षण एवं जल स्रोत सफाई, कचरा पृथक्करण एवं कम्पोस्टिंग, साइबर सुरक्षा, फिट इंडिया, वीर गाथा एवं सैनिक सम्मान, दिव्यांगजन सहयोग, मतदाता जागरूकता एवं पंजीयन, वोकल फॉर लोकल और सरकारी योजनाओं की जागरूकता शामिल हैं। नागरिकों को स्वप्रेरणा से सेवा गतिविधियों में भाग लेने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा। सेवा कार्यों का फोटो-वीडियो दस्तावेजीकरण और सोशल मीडिया प्रचार होगा। चयनित गतिविधियों के बिफोर/आफ्टर वीडियो रील माई भारत पोर्टल पर अपलोड कर डिजिटल प्रमाण-पत्र प्राप्त करने के लिए भी नागरिकों को प्रेरित किया जाएगा। नदी घाटों और सार्वजनिक स्थलों पर स्वच्छता अभियान एवं श्रमदान होंगे तथा श्रमदान करने वालों को सम्मानित किया जाएगा। ‘सेवा सेतु’ में मौके पर मिलेगा योजनाओं का लाभ ‘सेवा सेतु—सरकार आपके द्वार’ के तहत विधानसभा और विकासखंड स्तर पर शिविर होंगे। संबंधित विभागों के अधिकारी नागरिकों की योजनावार पात्रता का परीक्षण करेंगे तथा पात्र लोगों को आवेदन, दस्तावेज और योजना लाभ प्राप्त करने में मार्गदर्शन देंगे। प्राप्त आवेदनों के निराकरण की पृथक मॉनिटरिंग होगी। ह्यूमन रंगोली से नवाचार तक ‘सेवा के रंग’ में प्रमुख सार्वजनिक स्थलों पर ह्यूमन रंगोली बनाई जाएगी। इसके विषय जनकल्याणकारी योजनाओं, राष्ट्रीय प्रतीकों और विकसित भारत की संकल्पना पर आधारित होंगे। चयनित शहरों में एक ही दिन 108 मीटर व्यास का ‘भारत मंडल’ बनाने की भी योजना है। ‘हैकाथॉन और इनोवेशन चैलेंज’ में युवा, विद्यार्थी, स्टार्टअप, प्रोफेशनल्स और नवाचारकर्ताओं को जोड़ा जाएगा। उत्कृष्ट नवाचारों की प्रदर्शनी, लाइव डेमो और विशेषज्ञ संवाद आयोजित किए जाएंगे। ‘जनसेवक महाकुंभ—पंचायत से पार्लियामेंट’ के तहत 17 अक्टूबर को प्रस्तावित राष्ट्रीय कार्यक्रम में प्रदेश की भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी। ‘25 साल, 25 कहानियां’ में विकास और उपलब्धियों के प्रमुख पड़ावों को दर्शाने वाली क्यूरेटेड किट वितरित की जाएगी। इसमें 25 प्रमुख योजनाओं एवं उपलब्धियों की प्रतिकृतियां और विस्तृत जानकारी के लिए क्यूआर कोड होंगे। कार्यक्रमों की संख्या नहीं, परिणाम भी होंगे दर्ज अभियान की गतिविधियों की जिलेवार एवं गतिविधिवार मॉनिटरिंग के लिए सीएम हेल्पलाइन पोर्टल पर पृथक मॉड्यूल तैयार किया जा रहा है। प्रत्येक जिले की 13 गतिविधियों का कैलेंडर 12 सितम्बर तक पोर्टल पर अपलोड किया जाएगा और अभियान अवधि में दैनिक प्रगति अपडेट होगी। केवल कार्यक्रमों की संख्या नहीं, बल्कि वास्तविक परिणाम, फोटो-वीडियो और जहां लागू हो वहां पहले और बाद के साक्ष्य भी दर्ज किये जायेंगे। ‘सेवा सेतु’ में आने वाले नागरिकों, प्राप्त एवं स्वीकृत आवेदनों तथा वास्तविक रूप से लाभान्वित हितग्राहियों का पृथक विवरण रखा जाएगा। ‘सेवा … Read more

सहारनपुर में मस्जिद विवाद के बाद मुजफ्फरनगर में बढ़ी सुरक्षा, जुमे से पहले सड़कों पर उतरी पुलिस

सहारनपुर     सहारनपुर में मस्जिद ध्वस्तीकरण के बाद पश्चिमी उत्तर प्रदेश में पुलिस सतर्क है. जुमे की नमाज से एक दिन पहले गुरुवार शाम मुजफ्फरनगर पुलिस भी अलर्ट मोड पर नजर आई. जिले के वरिष्ठ अधिकारियों ने पुलिस बल के साथ शहर के व्यस्त बाजारों और संवेदनशील इलाकों में फ्लैग मार्च किया।  इस दौरान पुलिस ने लोगों के बीच सुरक्षा और शांति का संदेश दिया. पुलिस की तैयारियों में ड्रोन कैमरों से निगरानी भी शामिल रही. अधिकारियों के मुताबिक, कानून-व्यवस्था पर असर डालने की किसी भी कोशिश पर नजर रखी जा रही है और सोशल मीडिया की भी लगातार मॉनिटरिंग की जा रही है।  सहारनपुर में मस्जिद ध्वस्तीकरण के बाद जुमे की नमाज को देखते हुए मुजफ्फरनगर पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सतर्कता बरती. गुरुवार शाम जिले के आला अधिकारी सड़क पर उतरे. पुलिस बल के साथ शहर के प्रमुख बाजारों और संवेदनशील इलाकों में पैदल मार्च और फ्लैग मार्च किया गया।  फ्लैग मार्च में पुलिस अधिकारियों के साथ विभिन्न थानों की फोर्स भी मौजूद रही. पुलिस ने लोगों से शांति बनाए रखने और किसी भी तरह की अफवाह पर ध्यान न देने की अपील की. पुलिस का कहना है कि इस तरह के फ्लैग मार्च का उद्देश्य सिर्फ कानून-व्यवस्था बनाए रखना नहीं, बल्कि आम लोगों में सुरक्षा का भरोसा पैदा करना भी है फ्लैग मार्च के दौरान ड्रोन कैमरों के जरिए निगरानी भी की गई. पुलिस संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए तकनीकी संसाधनों का इस्तेमाल कर रही है।  पुलिस अधिकारियों का कहना है कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि या कानून-व्यवस्था को प्रभावित करने वाली स्थिति पर नजर रखी जा रही है. इसके साथ ही सोशल मीडिया की भी विशेष निगरानी की जा रही है. पुलिस का फोकस उन लोगों पर है, जो अफवाह फैलाने या भ्रामक सामग्री के जरिए माहौल खराब करने की कोशिश कर सकते हैं।  पूरे मामले को लेकर एएसपी ने क्या बताया? एएसपी सिद्धार्थ के मिश्रा ने बताया कि मुजफ्फरनगर पुलिस और शहर की पुलिस खासकर बहुत सतर्क रहती है. लगभग रोज हर थाना क्षेत्र में पैदल मार्च किया जाता है. आपराधिक गतिविधियों को मॉनिटर किया जाता है. एसपी सिटी के स्तर से पूरे शहर सर्कल में पूरी फोर्स, चारों थानों की फोर्स, चारों एसएचओ और मेरे द्वारा पैदल मार्च किया गया है।  शहर में फ्लैग मार्च किया गया है. शांति और सुरक्षा का जो भाव है, जो मैसेज है, पुलिस वही रिप्रेजेंट कर रही है. वही मैसेज लोगों के बीच पहुंचाने की कोशिश कर रही है. कोई भी किसी प्रकार की संभावना जो कानून व्यवस्था को बिगाड़ सकती है या फिर बिगाड़ने की कोशिश कर सकती है, उन सभी के अगेंस्ट पुलिस लगातार इंटेलिजेंस के स्तर पर सोशल मीडिया को मॉनिटर कर रही है. जुमे की नमाज शांतिपूर्वक होगी. पुलिस द्वारा सभी के साथ संवाद किया गया है. सम्मानित व्यक्ति और समाज के जितने भी जरूरी लोग हैं, हर व्यक्ति तक पुलिस का मैसेज पहुंचा है. आने वाले त्योहार भी शांतिपूर्वक होंगे। 

जयपुर में नगर निगम चुनाव की वोटिंग शुरू, 723 प्रत्याशियों की किस्मत EVM में बंद; 14 सितंबर को नतीजे

जयपुर जयपुर नगर निगम चुनाव 2026 का बिगुल पूरी तरह बज चुका है। आज 11 सितंबर को सुबह 7 बजे से जयपुर नगर निगम के दूसरे और अंतिम चरण के तहत वार्ड पार्षदों को चुनने के लिए वोटिंग प्रक्रिया शांतिपूर्ण ढंग से शुरू हो गई है। 150 वार्डों में बने हजारों पोलिंग बूथों पर सुबह से ही मतदाताओं का उत्साह देखते ही बन रहा है। सुबह की पारी से ही बुजुर्गों, युवाओं और महिलाओं की लंबी-लंबी कतारें देखने को मिल रही हैं। प्रमुख हस्तियों से लेकर आम नागरिक तक अपने लोकतांत्रिक अधिकार का प्रयोग करने के लिए सुबह से ही कतारों में खड़े नजर आ रहे हैं। प्रशासन की तरफ से निष्पक्ष और सुरक्षित चुनाव कराने के लिए पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। हालांकि, मतदान के शुरुआती एक घंटे में शहर के कुछ घने और संवेदनशील इलाकों से ईवीएम (EVM) में मामूली तकनीकी खराबी की शिकायतें सामने आईं, जिन्हें निर्वाचन विभाग की टीमों ने समय रहते त्वरित कार्रवाई करते हुए तुरंत बदल दिया। जयपुर की जनता आज जिन 723 प्रत्याशियों की किस्मत का फैसला ईवीएम में बंद कर रही है, उनके भाग्य का अंतिम परिणाम 14 सितंबर 2026 को मतगणना के बाद सामने आएगा। 1. सुबह 7 बजे से मतदान, बूथों पर लंबी लाइनें जयपुर नगर निगम क्षेत्र के सभी 150 वार्डों में सुबह 7 बजे से ही मतदान की प्रक्रिया शुरू कर दी गई। सुबह के समय गर्मी कम होने के कारण वोटर्स समय से पहले ही अपने-अपने केंद्रों पर पहुंचने लगे, जिससे कई मतदान केंद्रों पर अच्छी-खासी रौनक नजर आई। 2. प्रमुख नेताओं और दिग्गजों ने किया मतदान जयपुर के स्थानीय विधायकों और कई वरिष्ठ राजनीतिक हस्तियों ने सुबह के पहले चरण में ही अपने-अपने निर्धारित पोलिंग बूथों पर पहुंचकर मताधिकार का प्रयोग किया। नेताओं ने स्याही लगी उंगली के साथ तस्वीरें साझा कर शहर की जनता से शत-प्रतिशत मतदान की अपील की। 3. कुछ बूथों पर ईवीएम में तकनीकी दिक्कत मतदान की शुरुआत में जयपुर के घने परकोटा (चारदीवारी) क्षेत्र और सांगानेर के कुछ मतदान केंद्रों पर इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन में तकनीकी खामी की खबरें आईं। इसके कारण करीब 20 से 30 मिनट तक कुछ स्थानों पर मतदान बाधित रहा। 4. तुरंत एक्शन, रिजर्व EVM से वोटिंग जिला निर्वाचन अधिकारी संदेश नायक और तकनीकी टीमों ने शिकायतों पर तुरंत संज्ञान लिया। सेक्टर में तैनात रिजर्व ईवीएम (EVM) और बैकअप टीमों को मौके पर भेजकर खराब मशीनों को तत्काल बदला गया और मतदान को सुचारू रूप से पुनः चालू कराया गया। 5. पोलिंग स्टेशन पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम जयपुर नगर निगम क्षेत्र में पारदर्शी चुनाव कराने के लिए कुल 2,256 मतदान केंद्र स्थापित किए गए हैं। अति-संवेदनशील और संवेदनशील बूथों पर कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है और कई जगहों पर वीडियोग्राफी भी कराई जा रही है। 6. 24.33 लाख से अधिक मतदाता इस दूसरे चरण के चुनाव में जयपुर के कुल 24 लाख 33 हजार 121 मतदाता पंजीकृत हैं, जो शहर की छोटी सरकार यानी नगर निगम के पार्षदों और बोर्ड का भविष्य तय कर रहे हैं। 7. 723 प्रत्याशियों के बीच कड़ा चुनावी मुकाबला जयपुर के 150 वार्डों में इस बार कुल 723 प्रत्याशी चुनाव मैदान में ताल ठोक रहे हैं। भारतीय जनता पार्टी (BJP) और इंडियन नेशनल कांग्रेस (INC) के बीच मुख्य मुकाबला माना जा रहा है, लेकिन कई वार्डों में निर्दलीय और बागी प्रत्याशियों ने मुकाबले को त्रिकोणीय बना दिया है। 8. पहले चरण के 76.41% वोटिंग रिकॉर्ड को तोड़ने की उम्मीद राजस्थान निकाय चुनाव के पहले चरण (9 सितंबर 2026) में राज्यभर में 76.41% का बंपर वोटिंग प्रतिशत दर्ज हुआ था। इसी ट्रेंड को देखते हुए माना जा रहा है कि जयपुर में भी आज शाम 6 बजे तक भारी मतदान देखने को मिलेगा। 9. डिजिटल वोटर लिस्ट और हेल्पडेस्क सोशल मीडिया पर एक्टिव राज्य निर्वाचन आयोग और जिला प्रशासन द्वारा सोशल मीडिया पर डिजिटल वोटर लिस्ट, पोलिंग बूथ लोकेटर और अनिवार्य पहचान पत्रों से जुड़ी गाइडलाइंस लगातार साझा की जा रही हैं, ताकि वोटर्स को अपना नाम या बूथ खोजने में किसी परेशानी का सामना न करना पड़े। 10. 14 सितंबर 2026 को आएंगे मतगणना के नतीजे आज शाम 6 बजे मतदान समाप्त होने के तुरंत बाद सभी ईवीएम मशीनों को राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों की मौजूदगी में सील करके कड़ी सुरक्षा वाले स्ट्रॉन्ग रूम में भेजा जाएगा। आगामी 14 सितंबर 2026 को होने वाली मतगणना के साथ ही जयपुर नगर निगम के नए पार्षदों की अधिकृत घोषणा की जाएगी।

UP में पटाखा कारोबार को मिलेगी नई रफ्तार, डिप्टी CM ब्रजेश पाठक बोले- सुरक्षा मानकों के साथ उद्योग को बढ़ाना सरकार की प्राथमिकता

सुरक्षा मानकों के साथ आतिशबाजी कारोबार को बढ़ावा देना सरकार की प्राथमिकता : ब्रजेश पाठक फायर वर्क्स डीलर्स एसोसिएशन के वार्षिक अधिवेशन में डिप्टी सीएम ने व्यापारियों से किया संवाद लखनऊ उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने कहा कि प्रदेश में सुरक्षित, जिम्मेदार और नियमसम्मत आतिशबाजी कारोबार को बढ़ावा देने के साथ व्यापारियों के हितों और जनसुरक्षा के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करना सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि आतिशबाजी कारोबार से जुड़े व्यापारियों की समस्याओं और आवश्यकताओं को गंभीरता से लेते हुए उनके समाधान के लिए हरसंभव सहयोग किया जाएगा।  डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक गुरुवार को लखनऊ में उत्तर प्रदेश फायर वर्क्स डीलर्स वेलफेयर एसोसिएशन के वार्षिक अधिवेशन को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने एसोसिएशन के पदाधिकारियों एवं सदस्यों से आत्मीय संवाद किया और उनके सुझावों, अपेक्षाओं एवं विभिन्न समस्याओं के संबंध में विस्तार से जानकारी ली। उपमुख्यमंत्री ने कहा कि आतिशबाजी उद्योग से जुड़े व्यापारियों के हितों का संरक्षण महत्वपूर्ण है, लेकिन इसके साथ जनसुरक्षा और निर्धारित नियमों का पालन भी सर्वोच्च प्राथमिकता है। सरकार का प्रयास है कि संबंधित सभी पक्षों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करते हुए सुरक्षित एवं व्यवस्थित तरीके से कारोबार को आगे बढ़ाया जाए। उन्होंने एसोसिएशन के पदाधिकारियों और सदस्यों को वार्षिक अधिवेशन के सफल आयोजन पर बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए संगठन की निरंतर प्रगति और उज्ज्वल भविष्य की कामना की। कार्यक्रम में अध्यक्ष, राज्य अल्पसंख्यक आयोग मोहसिन रजा, सदस्य, विधान परिषद रजनीकांत माहेश्वरी, सदस्य, विधान परिषद डॉ० सुधीर गुप्ता, फायर वर्क्स डीलर्स एसोसिएशन उत्तर प्रदेश के अध्यक्ष हेमंत चांदना, व्यापारी कल्याण बोर्ड के उपाध्यक्ष मनीष गुप्ता, एसोसिएशन के महासचिव महेश गुप्ता, पार्षद राजीव वाजपेयी, समाजसेवी नारायण शुक्ला, सतीश चंद्र मिश्र, अमरीश अग्रवाल, अखिलेश गुप्ता एवं अन्य गणमान्यजन उपस्थित रहे।

सिंगरौली बनेगा माइनिंग का मॉडल डिस्ट्रिक्ट, खनिज संपदा के बेहतर इस्तेमाल पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव का जोर

सिंगरौली को बनायें माइनिंग का मॉडल डिस्ट्रिक्ट – मुख्यमंत्री डॉ. यादव खनिज संसाधनों के बेहतर उपयोग से प्रदेश के विकास को मिले नई गति मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने की खनिज साधन द्वारा प्रस्तावित राज्य खनिज अन्वेषण नीति 2026 की समीक्षा भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश प्राकृतिक और खनिज संपदा की दृष्टि से समृद्ध प्रदेश है। खनिज संसाधनों का वैज्ञानिक, पारदर्शी और पर्यावरण-सम्मत तरीके से उपयोग प्रदेश की आर्थिक प्रगति को नयी गति देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। उन्होंने कहा कि खनिज नीतियों का उद्देश्य राजस्व वृद्धि के साथ-साथ रोजगार, निवेश और स्थानीय विकास के अवसरों का विस्तार करना होना चाहिए और राज्य सरकार यही सुनिश्चित कर रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने गुरुवार को मंत्रालय में खनिज साधन विभाग की बैठक में विभागीय गतिविधियों और प्रस्तावित राज्य खनिज अन्वेषण नीति 2026 की समीक्षा की। बैठक में मुख्य सचिव अशोक बर्णवाल, अपर मुख्य सचिव मुख्यमंत्री कार्यालय नीरज मंडलोई, अपर मुख्य सचिव मनीष रस्तोगी सहित खनिज साधन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी  उपस्थित थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश की खनिज संपदा प्रदेश के विकास की महत्वपूर्ण पूंजी है। इन प्राकृतिक संसाधनों का उपयोग पारदर्शिता और पर्यावरणीय संतुलन के साथ ऐसे हो कि प्रदेश को राजस्व मिले, निवेश को प्रोत्साहन मिले और स्थानीय स्तर पर रोजगार के नये अवसर सृजित हों। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रस्तावित नीति के संबंध में कहा कि जिला खनिज निधि (डीएमएफ राशि) का समुचित उपयोग करते हुए खनिज संसाधनों से सम्पन्न सिंगरौली जिले को शिक्षा, स्वास्थ्य, महिला एवं बाल कल्याण, कृषि, वन,  पर्यावरण,  सड़क सुविधाओं और वाटरशेड के मामले में माडल डिस्ट्रिक्ट के रूप में विकसित किया जाये। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि खनिज संसाधनों से प्राप्त होने वाले लाभ का अधिकाधिक हिस्सा जनहित के कार्यों में लगाया जाये। विकास और पर्यावरण के बीच संतुलन बनाकर मध्यप्रदेश को खनिज क्षेत्र में देश का अग्रणी राज्य बनाने की दिशा में कार्य किया जाए। बैठक में खनिज साधन से संबंधित विभिन्न विषयों पर विचार-विमर्श किया गया। मुख्यमंत्री ने प्रस्तावित राज्य खनिज अन्वेषण नीति 2026 का अनुमोदन कर प्रदेश के नागरिकों के हित में नीति का कारगर अमल सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। प्रमुख सचिव, खनिज साधन विवेक पोरवाल ने पालिसी प्रेजेंटेशन में बताया कि विभिन्न प्रयासों के जरिए राज्य में खनिज संसाधनों से राजस्व आय बढ़ाने के प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि प्रस्तावित खनिज नीति में वित्त वर्ष 2026-27 के अंत तक खनिज संसाधनों से राजस्व आय 13720 करोड़ रुपए तक और वित्त वर्ष 2030-31 के अंत तक इसे 30000 करोड़ रुपए तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने बताया कि वर्तमान वित्त वर्ष 2026-27 में अगस्त 2026 के अंत तक ही सालाना खनिज राजस्व लक्ष्य से भी अधिक (106 प्रतिशत) राजस्व आय प्राप्त कर ली गई है। प्रदेश के दस जिलों क्रमशः सिंगरौली, अनूपपुर, शहडोल,  कटनी, बालाघाट, सतना,  जबलपुर, छिंदवाड़ा, उमरिया और बैतूल से सर्वाधिक खनिज आय मिलती है। जारी वित्त वर्ष में जुलाई 2026 के अंत तक इन दस जिलों में 3147.10 करोड़ रुपए डीएमएफ निधि उपलब्ध है। इसमें सर्वाधिक योगदान सिंगरौली जिले का है। सभी 55 जिलों को मिलाकर यह डीएमएफ निधि 3574.53 करोड़ रुपए है।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव बोले- ‘हनुमान अंश’ में दिखती है आस्था और भक्ति की अद्भुत शक्ति

हनुमान अंश’ फिल्म आस्था, संस्कृति और भक्ति की शक्ति का देती है संदेश : मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने देखी हनुमान अंश फीचर फिल्म भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने गुरुवार की शाम कोलार स्थित एक निजी प्लाजा में बहुचर्चित फीचर फिल्म ‘हनुमान अंश’ के प्रदर्शन में सहभागिता करते हुए फिल्म देखी। फिल्म देखने के बाद मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इसकी विषय-वस्तु, प्रस्तुति और कलाकारों के अभिनय की सराहना की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि नीब करौली बाबा के जीवन चरित्र पर केंद्रित ‘हनुमान अंश’ फिल्म हमारी आस्था, आध्यात्मिक परंपरा और भगवान हनुमान की भक्ति के मार्ग को समझने का एक माध्यम है। भक्ति से समाज सुधार की शक्ति पाने की पटकथा वाली इस फिल्म ने हम सबके आराध्य भगवान हनुमान की आराधना और सेवा की भावना को अत्यंत प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया है। उन्होंने कहा कि नीब करौली बाबा के जीवन पर केंद्रित इस फिल्म से हमें एकात्म मानववाद और सर्वहारा वर्ग के कल्याण की प्रेरणा देती है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने फिल्म में नीब करौली बाबा की भूमिका निभाने वाले कलाकार शोभिनव सत्या के अभिनय की विशेष प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि शोभिनव सत्या ने नीब करौली बाबा के चरित्र का सिर्फ़ अभिनय ही नहीं किया, बल्कि उसे खुद जीकर जीवंत कर दिया है। उनके अभिनय में बाबा के व्यक्तित्व की सहजता, भक्ति और आध्यात्मिक भावनाओं की गहरी अनुभूति दिखाई देती है। उन्होंने सचमुच कमाल ही कर दिया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमारी संस्कृति और आध्यात्मिक परम्पराओं में संतों का जीवन समाज को सदैव प्रेरणा देता रहा है। ऐसे विषयों पर बनने वाली फिल्में नई पीढ़ी को अपनी जड़ों, संस्कारों और आध्यात्मिक विरासत से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेशवासियों से ‘हनुमान अंश’ फिल्म देखने का आह्वान करते हुए कहा कि अपने धर्म, संस्कृति और आध्यात्मिक परम्पराओं में आस्था रखने वाले प्रत्येक व्यक्ति को यह फिल्म अवश्य देखनी चाहिए। यह फिल्म भक्ति के साथ ही हमें अपने जीवन में सेवा, समर्पण, परोपकार और सबके प्रति सद्भावना रखने की अभिप्रेरणा देती है। इस अवसर पर विधायक रामेश्वर शर्मा, मप्र राज्य वेयर हाउसिंग कार्पोरेशन के अध्यक्ष संजय नगाईच, एमपी हाऊसिंग बोर्ड के चेयरमैन कोमल जैन, महापौर श्रीमती मालती राय, जिलाध्यक्ष रविन्द्र यति सहित अन्य जनप्रतिनिधि, निजी प्लाजा के आनर एवं बड़ी संख्या में दर्शकगण उपस्थित थे।  

अवैध शराब के खिलाफ बड़ी कार्रवाई, 107 लीटर मदिरा और 1200 किलो गुड़ लाहन जब्त

अवैध शराब के खिलाफ बड़ी कार्रवाई, 107 लीटर मदिरा और 1200 किलो गुड़ लाहन जब्त   ग्वालियर  कलेक्टर श्रीमती रुचिका चौहान के आदेशानुसार तथा आबकारी उपायुक्त श्री संदीप शर्मा के निर्देशन एवं सहायक आबकारी आयुक्त श्री राज नारायण सोनी के मार्गदर्शन में अवैध मदिरा के विनिर्माण, विक्रय, संग्रह और परिवहन के खिलाफ विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में आबकारी विभाग की टीम ने नयागांव, दामोदर नगर और शंकरपुर स्टेडियम क्षेत्र में दबिश देकर बड़ी कार्रवाई की। नयागांव कंजर डेरा में कार्रवाई के दौरान 94 लीटर कच्ची हाथ भट्टी मदिरा, मदिरा निर्माण के उपकरण, भट्टी एवं पात्र बरामद किए गए। इसके अलावा छह ड्रम में भरे करीब 1200 किलोग्राम गुड़ लाहन का सैंपल लेकर शेष लाहन मौके पर नष्ट किया गया। अवैध शराब के परिवहन के लिए रखी एक मोटरसाइकिल भी जब्त की गई। मामले में फरार आरोपी विवेक कंजर पुत्र भूरा कंजर के खिलाफ मध्य प्रदेश आबकारी अधिनियम की धारा 34(1), 34(2) एवं 49-A के तहत प्रकरण दर्ज किया गया है। इसी तरह दामोदर नगर क्षेत्र से 45 पाव देसी मदिरा प्लेन तथा शंकरपुर स्टेडियम क्षेत्र से 11 पाव देसी मदिरा प्लेन और 6 बीयर कैन जब्त किए गए। आरोपियों के खिलाफ आबकारी अधिनियम की धारा 34(1) के तहत दो प्रकरण दर्ज किए गए हैं। कार्रवाई में कुल 107 लीटर अवैध मदिरा और 1200 किलोग्राम गुड़ लाहन जब्त किया गया। जब्त मदिरा, निर्माण उपकरण, भट्टी, पात्र और मोटरसाइकिल की अनुमानित कीमत करीब 2.25 लाख रुपए बताई गई है। कार्रवाई में आबकारी नियंत्रण कक्ष प्रभारी एवं सहायक जिला आबकारी अधिकारी राजेश तिवारी, सहायक जिला आबकारी अधिकारी अमीन खान, दिनेश भार्गव, उप निरीक्षक हरेंद्र मावई, शिवा रघुवंशी, सतेंद्र मीणा, रवि सिसोदिया सहित मुख्य आरक्षक ब्रजेश नगर, आरक्षक राघवेंद्र भदौरिया, मातादीन धाकड़, मनोज यादव, अमन राजावत, देवेश शर्मा एवं प्रशांत मुद्गल का महत्वपूर्ण योगदान रहा। आबकारी विभाग ने कहा है कि अवैध मदिरा के खिलाफ कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।

CM विष्णुदेव साय ने सपरिवार देखी ‘हनुमान अंश’, राज्यपाल रमेन डेका और डॉ. रमन सिंह भी रहे मौजूद

राज्यपाल रमेन डेका, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय  और विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने सपरिवार देखी फिल्म ‘हनुमान अंश’ मुख्यमंत्री साय ने फिल्म ‘हनुमान अंश’ को छत्तीसगढ़ में टैक्स फ्री करने की घोषणा की भारत की संत परंपरा ने सदैव समाज को सत्य, सेवा, करुणा और आध्यात्मिकता का मार्ग दिखाया है : मुख्यमंत्री साय नीम करौली बाबा का जीवन मानव सेवा, प्रेम और भक्ति का प्रेरणादायी उदाहरण : मुख्यमंत्री भारतीय संस्कृति और आध्यात्मिक विरासत पर आधारित फिल्में नई पीढ़ी को अपने संस्कारों और मूल्यों से जोड़ने का सशक्त माध्यम मंत्रिपरिषद के सदस्य एवं निगम-मंडल-आयोगों के अध्यक्ष भी रहे उपस्थित रायपुर  मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज राजधानी रायपुर स्थित जोरा मॉल के सिनेमाघर में सपरिवार फिल्म ‘हनुमान अंश’ देखी। इस अवसर पर राज्यपाल रमेन डेका और विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह भी सपरिवार उपस्थित रहे। मंत्रिपरिषद के सदस्य तथा विभिन्न निगम-मंडल-आयोगों के अध्यक्षों ने भी फिल्म देखी। फिल्म देखने के बाद मुख्यमंत्री साय ने ‘हनुमान अंश’ को छत्तीसगढ़ में टैक्स फ्री करने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति, आध्यात्मिक विरासत और संत परंपरा से समाज को परिचित कराने वाली ऐसी प्रेरणादायी फिल्में अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचनी चाहिए। फिल्म को टैक्स फ्री किए जाने से प्रदेश के अधिकाधिक दर्शकों, विशेषकर युवाओं को भारत की समृद्ध संत परंपरा और उसके जीवन मूल्यों को जानने का अवसर मिलेगा। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि भारत की संत परंपरा ने सदैव समाज को सत्य, सेवा, करुणा, प्रेम और आध्यात्मिकता का मार्ग दिखाया है। संतों ने अपने जीवन और आचरण के माध्यम से समाज को मानवता और लोककल्याण का संदेश दिया है। नीम करौली बाबा का जीवन भी इसी महान परंपरा का प्रेरणादायी उदाहरण है। उनका जीवन हमें यह सीख देता है कि मानव सेवा ही ईश्वर की सच्ची सेवा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि नीम करौली बाबा ने अत्यंत सरल शब्दों और सहज जीवन के माध्यम से प्रेम, सेवा और भक्ति का संदेश दिया। उनके विचारों में मानवता और सभी के प्रति समान भाव सर्वोपरि रहा। उनका यह संदेश आज भी उतना ही प्रासंगिक है और समाज को सकारात्मक दिशा देने की सामर्थ्य रखता है। मुख्यमंत्री साय ने फिल्म के निर्माताओं, निर्देशक, कलाकारों एवं पूरी टीम के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि सिनेमा केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं, बल्कि समाज तक विचार, संस्कार और प्रेरणा पहुंचाने का भी प्रभावी माध्यम है। भारतीय संस्कृति, आध्यात्मिक विरासत और संत परंपरा पर आधारित सकारात्मक फिल्में नई पीढ़ी को अपनी जड़ों, परंपराओं और मानवीय मूल्यों से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। उन्होंने कहा कि भारत की सांस्कृतिक शक्ति उसकी हजारों वर्षों पुरानी परंपराओं और जीवन मूल्यों में निहित है। सेवा, करुणा, सद्भाव और मानव कल्याण जैसे मूल्यों को आगे बढ़ाना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। ‘हनुमान अंश’ जैसी फिल्में इन मूल्यों को सरल और प्रभावी रूप में समाज तक पहुंचाने का सराहनीय प्रयास हैं। उल्लेखनीय है कि फिल्म ‘हनुमान अंश’ नीम करौली बाबा के जीवन, आध्यात्मिक यात्रा और उनके सेवा एवं भक्ति के संदेश पर आधारित है।  इस अवसर पर मंत्रिपरिषद के सदस्य, विभिन्न निगम-मंडल-आयोगों के अध्यक्षगण सहित अन्य गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

सहायक आयुक्त महोदयों के गरिमामयी निरीक्षण में निखरी पीएम श्री केन्द्रीय विद्यालय क्रमांक-5 की प्रतिभा, नवाचार और उत्कृष्टता

सहायक आयुक्त महोदयों के गरिमामयी निरीक्षण में निखरी पीएम श्री केन्द्रीय विद्यालय क्रमांक-5 की प्रतिभा, नवाचार और उत्कृष्टता ग्वालियर  पीएम श्री केन्द्रीय विद्यालय क्रमांक-5, ग्वालियर में एक दिवसीय विद्यालय भ्रमण एवं निरीक्षण हेतु माननीय सहायक आयुक्त महोदय श्री दीपक डबराल (ACAD) KVS HQ DELHI एवं श्री विजय वीर सिंह सहायक आयुक्त KVS RO BHOAL के आगमन पर श्री  मनीष तिलक प्राचार्य पीएम श्री केवी 5, विद्यार्थियों एवं शिक्षकों द्वारा आत्मीय एवं भव्य स्वागत किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ की भावना को साकार करते हुए कक्षा प्रथम से षष्ठम तक के विद्यार्थियों द्वारा विभिन्न राज्यों की पारंपरिक वेशभूषा एवं क्षेत्रीय भाषाओं में अभिनंदन से हुई। छात्रा समृद्धि शुक्ला की मनमोहक नृत्य प्रस्तुति तथा विद्यार्थियों के बैंड वादन एवं स्वागत गीत ने वातावरण को संगीतमय बना दिया। स्काउट एवं गाइड की ओर से अनुष्का तिलक एवम् अन्य छात्राओं ने गार्ड ऑफ ऑनर प्रस्तुत किया, वहीं छात्राओं दिव्यांशी पाल एवं कीर्ति ने हरित स्वागत कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। विद्यालय निरीक्षण के दौरान प्राथमिक कक्षाओं के विद्यार्थियों ने गणित एवं विज्ञान की गतिविधियों और कार्यशील मॉडलों के माध्यम से अपनी रचनात्मक प्रतिभा का प्रदर्शन किया। टेसलेशन, वीविंग पैटर्न, सौरमंडल, जल चक्र एवं फाउंटेन जैसी गतिविधियाँ विशेष आकर्षण का केंद्र रहीं। माननीय सहायक आयुक्त ने विद्यार्थियों से संवाद करते हुए उनकी जिज्ञासा, आत्मविश्वास एवं रचनात्मकता की सराहना की तथा उन्हें अधिकाधिक प्रश्न पूछने के लिए प्रेरित किया। माननीय अधिकारी ने पीएम श्री योजना के सभी छह स्तंभों का अवलोकन कर इसके प्रभावी क्रियान्वयन की सराहना की। कक्षा X एवं XII के विद्यार्थियों के साथ विशेष संवाद में उन्हें बोर्ड परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन हेतु महत्वपूर्ण सुझाव एवं प्रेरक मार्गदर्शन प्रदान किया गया। इसके पश्चात बोर्ड कक्षाओं के शिक्षकों के साथ बैठक में शत-प्रतिशत परिणाम एवं प्रत्येक विद्यार्थी के शैक्षणिक स्तर में सुधार हेतु प्रभावी रणनीतियों पर चर्चा हुई। प्राचार्य महोदय ने समस्त शिक्षकों की ओर से उत्कृष्ट परिणाम के लिए पूर्ण प्रतिबद्धता का आश्वासन दिया। अंत में श्रीमती चेतना शर्मा द्वारा आभार प्रदर्शन किया गया तथा माननीय सहायक आयुक्त महोदय सहित सभी अतिथियों, शिक्षकों एवं विद्यार्थियों के प्रति हार्दिक कृतज्ञता व्यक्त की गई।

यात्री परिवहन के विस्तार पर मंथन, इंदौर में विजन समिट से निवेश और उद्योग को मिलेगा बड़ा बढ़ावा

इंदौर  मध्य प्रदेश सरकार ने वर्ष 2005 में घाटे का हवाला देकर सड़क परिवहन निगम (सपनि) को बंद कर दिया था। पत्रिका ने सड़क परिवहन निगम के बंद होने से प्रदेश में बिगड़ी परिवहन व्यवस्था को उजागर किया था। सरकार के सामने वे सभी तथ्य लेकर आए, जिसने सफर की मुश्किलें बढ़ाईं। इसके बाद मोहन सरकार ने सरकारी लोक परिवहन सेवा को शुरू करने ऐलान किया और अब क्रियान्वयन की ओर बढ़ी है। यानी अब मध्य प्रदेश में जल्द ही सरकारी बस परिवाहन सेवा शुरु होगी। आपको बता दें कि, राज्य सरकार प्रदेश के नागरिकों को स्मार्ट, सुरक्षित, सुगम और पर्यावरण-अनुकूल लोक परिवहन सुविधा उपलब्ध कराने की दिशा में बड़ा कदम लेने जा रही है। मध्य प्रदेश सरकार द्वारा यात्री परिवहन विजन समिट-2026 आयोजित की जाएगी। प्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर में 11 और 12 सितंबर को आयोजित होने समिट में प्रदेश की यात्री परिवहन व्यवस्था को अधिक आधुनिक, व्यवस्थित और प्रभावी बनाने के साथ-साथ निवेश, रोजगार और उद्योग के नए अवसरों को बढ़ावा देने पर मंथन होगा। इसमें पूरे देश से आने वाले परिवहन विशेषज्ञ, निजी बस ऑपरेटर, उद्योग जगत के प्रतिनिधि और नीति-निर्माता प्रदेश की यात्री परिवहन व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए विचार-विमर्श करेंगे। विशेषज्ञों के सुझावों के आधार पर भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए यात्री परिवहन का रोडमैप तैयार करने में मदद मिलेगी। साथ ही प्रदेश की 75 फीसदी ग्राम पंचायतों को बस सेवा से जोड़कर ग्रामीण कनेक्टिविटी को बेहतर किया जाएगा। मध्य प्रदेश यात्री परिवहन एवं अधोसंरचना लिमिटेड अंतर्गत 'मोबिलिटी विज़न 2030' का लक्ष्य प्रदेश के दूरस्थ क्षेत्रों तक परिवहन नेटवर्क का विस्तार करना है। इसके अंतर्गत प्रदेश में 15,000 से अधिक आधुनिक सार्वजनिक बसें संचालित की जाएंगी। इससे रोजाना 30 लाख से ज्यादा यात्रियों को सुरक्षित आवागमन की सुविधा मिलेगी। साथ ही 180 से अधिक आधुनिक बस स्टैंड्स, टर्मिनल्स और डिपो का कायाकल्प होगा। इलेक्ट्रिक बसों के विस्तार पर विशेष जोर पर्यावरण संरक्षण और कार्बन उत्सर्जन में कमी लाने के उद्देश्य से समिट में स्वच्छ ईंधन और इलेक्ट्रिक बसों के विस्तार पर विशेष जोर दिया जाएगा। मौजूदा समय में 96 पीएम ई-बसें और 120 इंटरसिटी बसें प्रदेश में संचालित हैं। इसके साथ आगामी 6 महीनों में 486 पीएम ई-बसें और 34 इंटरसिटी बसें जोड़ी जाएंगी, जबकि वर्ष 2027 तक यह संख्या बढ़ाकर 1,100 करने का लक्ष्य है। प्रदेश में 100 बसों की क्षमता वाले आधुनिक चार्जिंग डिपो और सोलर इंफ्रॉस्ट्रक्चर भी तैयार किए जा रहे हैं। इससे सालाना 70,000 टन से अधिक कार्बन डाईऑक्साइड के उत्सर्जन में कमी आएगी। यात्री सुरक्षा, स्मार्ट तकनीक और 24×7 निगरानी मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा अंतर्गत संचालित होने वाली सभी बसों की निगरानी इंटेलिजेंट ट्रांसपोर्ट मैनेजमेंट सिस्टम के जरिए होगी। इसके लिए मध्य प्रदेश यात्री परिवहन एंड इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड एवं उसकी 7 सहायक कंपनियों में अत्याधुनिक कमांड-कंट्रोल सेंटर स्थापित किए जाएंगे। इन सेंटरों से बसों के संचालन, लोकेशन, टाइमिंग एवं अन्य महत्वपूर्ण गतिविधियों की रियल टाइम निगरानी सुनिश्चित की जाएगी। साथ ही, सार्वजनिक बसों में महिला और बाल सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है। इससे यात्री परिवहन व्यवस्था अधिक सुरक्षित, सुगम, पारदर्शी और प्रभावी बनाने में भी मदद मिलेगी। सभी बसों को 07 सीसीटीवी कैमरों, पैनिक बटन और रियल-टाइम व्हीकल लोकेशन ट्रैकिंग सिस्टम से लैस किया जा रहा है। इसके अलावा, पैसेंजर इंफॉर्मेशन सिस्टम, ड्राइवरों की तकनीकी ट्रेनिंग और त्वरित शिकायत निवारण तंत्र के जरिए सुरक्षित एवं समयबद्ध यात्रा सुनिश्चित की जाएगी।