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मध्यप्रदेश उभर रहा है मध्य भारत के इनोवेशन एवं स्टार्ट-अप हब के रूप में

भोपाल  मध्यप्रदेश शासन के सहकारिता, खेल एवं युवा कल्याण मंत्री  विश्वास कैलाश सारंग ने इंदौर में आयोजित ब्रिक्स यूथ इन्ट्रेप्रेन्योरशिप वर्किंग ग्रुप मीटिंग-2026 को संबोधित करते हुए कहा कि आज ब्रिक्स राष्ट्र विकासशील देशों की आकांक्षाओं, ऊर्जा, नवाचार क्षमता एवं आर्थिक शक्ति का प्रतिनिधित्व करते हैं। भारत की ब्रिक्स अध्यक्षता 2026 के अंतर्गत आयोजित इस प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रम में भारत सरकार की युवा कार्यक्रम एवं खेल राज्य मंत्री मती रक्षा खडसे, युवा कार्यक्रम विभाग की सचिव मती पल्लवी जैन गोविल, अतिरिक्त सचिव  नितेश कुमार मिश्रा, ब्रिक्स देशों के प्रतिनिधि, स्टार्टअप लीडर्स, नीति निर्माता, शिक्षाविद् एवं युवा उद्यमी उपस्थित रहे। प्रतिनिधियों का स्वागत करते हुए  सारंग ने कहा कि भारत सदैव शांति, साझेदारी, मानवीय मूल्यों एवं वैश्विक सहयोग में विश्वास रखने वाला देश रहा है। उन्होंने “वसुधैव कुटुम्बकम् – विश्व एक परिवार है” की भारतीय अवधारणा का उल्लेख करते हुए कहा कि भारत की सांस्कृतिक एवं सभ्यतागत विरासत विश्व को सद्भाव, समावेशी विकास एवं सामूहिक कल्याण की दिशा प्रदान करती रही है। मंत्री  सारंग ने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में भारत नवाचार, उद्यमिता, युवा सशक्तिकरण, जलवायु उत्तरदायित्व एवं ग्लोबल साऊथ के विकास के लिए एक विश्वसनीय वैश्विक भागीदार के रूप में तेजी से उभर रहा है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2006 में भारत सहित चार देशों से प्रारंभ हुआ ब्रिक्स समूह आज 11 सदस्य देशों तक विस्तारित हो चुका है, जो विश्व की लगभग आधी आबादी का प्रतिनिधित्व करता है तथा वैश्विक जीडीपी में लगभग 35–40 प्रतिशत योगदान देता है। मंत्री  सारंग ने कहा कि ब्रिक्स केवल एक आर्थिक गठबंधन नहीं, बल्कि व्यापार, प्रौद्योगिकी, नवाचार एवं सतत विकास के भविष्य को दिशा देने वाला परिवर्तनकारी वैश्विक मंच है। मंत्री  सारंग ने कहा कि विश्व अब “सूचना युग” में प्रवेश कर चुका है, जहाँ डेटा, तकनीक एवं ज्ञान नवाचार और उद्यमिता की सबसे बड़ी शक्ति बन चुके हैं। उन्होंने कहा कि जब मानव मस्तिष्क को जानकारी, तकनीक एवं ज्ञान से सशक्त किया जाता है, तब वही विचार स्टार्टअप, उद्यमिता और सामाजिक-आर्थिक परिवर्तन की शक्ति बनते हैं। मंत्री  सारंग ने 20 मई के ऐतिहासिक महत्व का उल्लेख करते हुए कहा कि इसी दिन वर्ष 1498 में पुर्तगाली खोजकर्ता वास्को-डी-गामा समुद्री मार्ग से भारत पहुँचे थे, जिसने वैश्विक व्यापार एवं अंतरराष्ट्रीय संपर्क का नया अध्याय प्रारंभ किया। उन्होंने कहा कि सदियों बाद आज विश्व पुनः भारत में एकत्रित हुआ है, लेकिन इस बार उद्देश्य व्यापार मार्गों की खोज नहीं, बल्कि नवाचार, उद्यमिता, तकनीक एवं वैश्विक सहयोग के नए मार्ग निर्मित करना है। मंत्री  सारंग ने 20 मई को विश्व मधुमक्खी दिवस एवं अंतर्राष्ट्रीय मानव संसाधन दिवस का उल्लेख करते हुए कहा कि जिस प्रकार मधुमक्खियाँ टीमवर्क, समन्वय एवं सतत पारिस्थितिकी तंत्र का प्रतीक हैं, उसी प्रकार मानव संसाधन किसी भी राष्ट्र की वास्तविक शक्ति होते हैं। उन्होंने कहा कि ब्रिक्स देशों के पास विश्व की सबसे बड़ी युवा आबादी एवं कुशल मानव संसाधन क्षमता है, जो नवाचार एवं उद्यमिता के क्षेत्र में वैश्विक नेतृत्व प्रदान कर सकती है। मध्यप्रदेश के विषय में बोलते हुए  सारंग ने कहा कि मध्यप्रदेश नवाचार, निवेश, औद्योगिक विकास एवं स्टार्टअप ग्रोथ का प्रमुख केंद्र बनकर उभर रहा है। उन्होंने राज्य की उत्कृष्ट कनेक्टिविटी, औद्योगिक कॉरिडोर, निवेश-अनुकूल वातावरण एवं आईटी, एग्रीटेक, रिन्यूएबल एनर्जी तथा इनोवेशन क्षेत्रों में उपलब्ध संभावनाओं का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि इंदौर, जो भारत का सबसे स्वच्छ शहर एवं मध्य भारत का इनोवेशन हब है, आधुनिक भारत की स्वच्छता, उद्यमिता, संस्कृति एवं आतिथ्य भावना का उत्कृष्ट उदाहरण है। मंत्री  सारंग ने प्रतिनिधियों को मध्यप्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत एवं प्रसिद्ध व्यंजनों, विशेष रूप से इंदौरी पोहा एवं जलेबी का अनुभव लेने के लिए आमंत्रित किया। पवित्र धार्मिक ग्रंथ मद्भगवद्गीता का उल्लेख करते हुए  सारंग ने कहा कि भारत की 18वीं ब्रिक्स समिट की अध्यक्षता का विशेष सांकेतिक महत्व है, क्योंकि मद्भगवद्गीता के भी 18 अध्याय हैं, जो मानवता को कर्तव्य, निष्काम कर्म एवं विश्व कल्याण का संदेश देते हैं। उन्होंने पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी के एकात्म मानववाद के दर्शन का उल्लेख करते हुए कहा कि विकास सदैव मानव-केंद्रित, समावेशी एवं समाज के अंतिम व्यक्ति के कल्याण के प्रति समर्पित होना चाहिए। मंत्री  सारंग ने विश्वास व्यक्त किया कि ब्रिक्स यूथ एन्ट्रेप्रेन्योरशिप वर्किंग ग्रुप मीटिंग-2026 ब्रिक्स देशों के बीच दीर्घकालिक सहयोग को सुदृढ़ करेगी तथा भारत एवं मध्यप्रदेश को नवाचार, निवेश, उद्यमिता एवं युवा-नेतृत्व वाले विकास के महत्वपूर्ण वैश्विक केंद्रों के रूप में स्थापित करेगी। अंत में उन्होंने सभी प्रतिनिधियों का अभिनंदन करते हुए आशा व्यक्त की कि भारत एवं मध्यप्रदेश की उनकी यात्रा नवाचार, संस्कृति, सहयोग एवं मित्रता का अविस्मरणीय अनुभव बनेगी।  

लोक निर्माण विभाग के सचिव ने विधानसभा भवन का किया निरीक्षण

रायपुर लोक निर्माण विभाग के सचिव  मुकेश कुमार बंसल ने आज नवा रायपुर में निर्माणाधीन लोकभवन (राजभवन) के कार्यों का निरीक्षण किया। उन्होंने पूरे परिसर का भ्रमण कर ले-आउट और फ्लोर-प्लान जाना। उन्होंने विभागीय अधिकारियों और निर्माण एजेंसियों को काम में तेजी लाने के निर्देश दिए।  बंसल ने छत्तीसगढ़ विधानसभा के नए भवन का भी निरीक्षण किया। उन्होंने विधानसभा को ‘पेपरलेस’ बनाने के लिए तकनीकी कार्यों औऱ व्यवस्थाओं में तेजी लाने लोक निर्माण विभाग और चिप्स को बेहतर समन्वय के साथ काम करने के निर्देश दिए। लोक निर्माण विभाग के प्रमुख अभियंता  वी.के. भतपहरी, अपर सचिव  एस.एन. वास्तव, मुख्य अभियंता  टी.आर. कुंजाम, अधीक्षण अभियंता  डी.के. नेताम और कार्यपालन अभियंता  अभिनव वास्तव भी इस दौरान मौजूद थे। लोक निर्माण विभाग के सचिव ने ‘लोकभवन’ का निर्माण राज्यपाल की गरिमा के अनुरूप उत्कृष्टता से करने के निर्देश दिए। उन्होंने पूरे परिसर के सौंदर्य, सूरज की रोशनी और पूर्ण उपयोगिता को ध्यान में रखते हुए निर्माण कार्यों को आगे बढ़ाने को कहा। उन्होंने भवन की सभी बारीकियों पर पुख्ता काम करने के निर्देश दिए। उन्होंने कार्यक्रमों के आयोजन के लिए यहां बन रहे सभा-भवनों और कार्यालयीन कक्षों की बैठक व्यवस्था पहले से ही निर्धारित कर उनके अनुरूप कार्यों को अंजाम देने को कहा। उन्होंने भवन के निर्माण कार्य में लगे अलग-अलग एजेंसियों से कार्य प्रगति की जानकारी लेकर यथाशीघ्र सभी कार्य पूर्ण कर इसे लोक निर्माण विभाग को हैंड-ओवर करने को कहा।   लोक निर्माण विभाग के सचिव  बंसल ने नए विधानसभा भवन में प्रवेश द्वार, सदन, अधिकारी दीर्घा, लॉबी, डाइनिंग एरिया, मीडिया ब्रीफिंग एरिया, समिति कक्ष, मुख्यमंत्री कार्यालय, विधानसभा अध्यक्ष कार्यालय, उप मुख्यमंत्रियों तथा मंत्रियों के कार्यालयों, ऑफिसर लाउंज और मुख्यमंत्री सचिवालय के अधिकारियों के कार्यालयों का सघन निरीक्षण किया। उन्होंने सभी कार्यालयीन कक्षों में समुचित फर्नीचर और बैठक व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने नए भवन में वर्तमान व्यवस्था की कमियों और खामियों को आगामी मानसून सत्र के पहले दूर करने के निर्देश अधिकारियों को दिए।  विभागीय सचिव ने विधानसभा को ‘पेपरलेस’ करने तकनीकी व्यवस्थाओं को तेजी से पूर्ण करने को कहा। उन्होंने लोक निर्माण विभाग और चिप्स के अधिकारियों के साथ इसके लिए जरूरी इंतजामों, उपकरणों, हार्डवेयर्स और सॉफ्टवेयर्स की भी समीक्षा की। उन्होंने बेहतर समन्वय और तेजी से काम करते हुए इस साल के शीतकालीन सत्र तक सभी तकनीकी व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने हर पखवाड़े इसकी प्रगति की समीक्षा करने भी कहा।  बंसल ने विधानसभा परिसर में गाड़ियों के पार्किंग की पर्याप्त व्यवस्था के साथ वाहन चालकों के लिए सर्वसुविधायुक्त कक्ष भी बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने विधानसभा भवन के प्रवेश द्वार क्रमांक-3 में पास-काउंटर के पास आगंतुकों के लिए बनने वाले प्रतीक्षालय कक्ष के साथ ही विधानसभा ड्यूटी करने वाले अधिकारियों-कर्मचारियों के लिए कैन्टीन बनाने का भी सुझाव दिया।  

पुलिस आयुक्त श्री संजय कुमार ने ली दीक्षांत परेड की सलामी

भोपाल  स्वाभिमान से ऊँचा मस्तक, अनुशासित कदम, अदम्य साहस से भरा सीना और देशभक्ति के जज्बेा के साथ जब आर्कषक दीक्षांत परेड आगे बढ़ी तो सभी रोमांचित हो गए। मौका था पुलिस प्रशिक्षण शाला भौंरी भोपाल में चतुर्थ नव आरक्षकों के भव्य दीक्षांत समारोह का। पुलिस आयुक्त नगरीय पुलिस भोपाल  संजय कुमार ने बतौर मुख्य अतिथि दीक्षांत परेड की सलामी ली और खुली जिप्सी में सवार होकर परेड का निरीक्षण किया। दीक्षांत परेड समारोह के बाद 521 आरक्षक विधिवत रूप से मध्यप्रदेश पुलिस की मुख्य धारा में शामिल हो गए। जिनमें 322 महिला नव आरक्षक एवं 199 पुरूष आरक्षक शामिल हैं। समारोह को संबोधित करते हुए पुलिस आयुक्त  संजय कुमार ने कहा कि “Passing Out Parade अर्थात दीक्षांत परेड पुलिस विभाग में भर्ती प्रत्येक पुलिस अधिकारी एवं कर्मचारी के जीवन का सबसे महत्वपूर्ण क्षण होता है। प्रशिक्षण पूर्ण होने के पश्चात एक पुलिसकर्मी पूर्ण रूप से तैयार होकर फील्ड में जाता है, जहां उसे समाज की अपेक्षाओं पर खरा उतरना होता है।” उन्होंने कहा कि पुलिस ऐसा विभाग है, जिससे जनसामान्य की अपेक्षाएं अत्यधिक होती हैं। कमजोर एवं पीड़ित व्यक्ति के लिए विषम परिस्थितियों में पुलिस ही उम्मीद की किरण बनती है। आपराधिक न्याय प्रणाली में पीड़ितों को न्याय दिलाने का प्रथम सोपान पुलिस है। किसी दुर्घटना या अनहोनी के समय वर्दीधारी पुलिस जवान घायल एवं पीड़ित व्यक्तियों को साहस और भरोसा प्रदान करता है।  संजय कुमार ने कहा कि पुलिस की वर्दी केवल किसी व्यक्ति का नहीं, बल्कि पूरे पुलिस विभाग का प्रतिनिधित्व करती है। एक पुलिसकर्मी के आचरण एवं कार्यशैली से ही विभाग की छवि निर्मित होती है। अतः सभी नव आरक्षकों को ईमानदारी, संवेदनशीलता, अनुशासन एवं जनसेवा की भावना के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करना चाहिए। उप निदेशक डॉ. संजय कुमार अग्रवाल ने कहा कि प्रशिक्षण के दौरान नव आरक्षकों को आधुनिक पुलिसिंग की अवधारणा एवं व्यवहारिक दक्षताओं के अनुरूप तैयार किया गया, जिससे वे भविष्य में कुशल एवं जनसेवा के प्रति समर्पित पुलिसकर्मी के रूप में अपनी भूमिका निभा सकें। उन्होंने सभी प्रशिक्षुओं को शपथ दिलाई। पुलिस प्रशिक्षण शाला भौंरी में चतुर्थ नव आरक्षक बैच का प्रशिक्षण 30 जून 2025 से प्रारंभ हुआ था, जो दीक्षांत परेड के साथ पूर्ण हुआ। प्रशिक्षण अवधि के दौरान प्रशिक्षुओं को पुलिस कार्य प्रणाली, कानून व्यवस्था, साइबर अपराध, सामुदायिक पुलिसिंग एवं व्यवहारिक पुलिस कार्यों से संबंधित थाना प्रबंधन जैसे विषयों का व्यापक प्रशिक्षण प्रदान किया गया। इसके अतिरिक्त बाह्य प्रशिक्षण के अंतर्गत शारीरिक दक्षता, आर्म्स प्रशिक्षण, यूएसी, योगा तथा हार्टफुलनेस का विशेष प्रशिक्षण भी दिया गया, जिससे प्रशिक्षुओं में अनुशासन, मानसिक संतुलन एवं सेवा भावना का विकास हो सके। अंत में मुख्य अतिथि एवं उप निदेशक डॉ. संजय कुमार अग्रवालने प्रशिक्षण में उत्कृष्ट रहे प्रशिक्षु नवआरक्षकोंको शील्ड व प्रशस्ति पत्र भेंट कर सम्मानित किया। समारोह में इनकी भी रही मौजूदगी पुलिस महानिरीक्षक मती रूचिवर्धन मिश्र, उप पुलिस महानिरीक्षक (पीएसओटू डीजीपी) डॉ. विनीत कपूर, उप पुलिस महानिरीक्षक प्रशिक्षण  मनीष कुमार अग्रवाल, कमाण्डेंट सशस्त्र सीमा बल  देवानन्द, सहायक निदेशक प्रशिक्षण मती रश्मि पाण्डेय, एसपी पीटीएस मती यास्मीन ज़हरा, सहायक निदेशक बाह्य प्रशिक्षण मती ज्योति उमठ एवं संस्थान के स्टाफ सहित अन्य वरिष्ठ पुलिस अधिकारी गरिमामयी दीक्षांत समारोह के साक्षी बने। साथ ही प्रशिक्षु नव आरक्षकों के परिजन भी उत्साहवर्धन के लिए पहुंचे थे। इन्हें मिले पुरस्कार मुख्य अतिथि ने सत्र का सर्वश्रेष्ठ प्रशिक्षणार्थी का पुरस्कार नव आरक्षक रामनिवास मिश्रा को प्रदान किया। इसके अलावा बाह्य प्रशिक्षण में सर्वश्रेष्ठ प्रशिक्षु का पुरस्कार नव आरक्षक  मनीष राठौर तथा आंतरिक प्रशिक्षण में सर्वश्रेष्ठ प्रशिक्षु का पुरस्कार महिला नव आरक्षक सु माधुरी को प्रदान किया गया।  

जशपुर में 94 वरिष्ठ नागरिक पंजीकृत, 32 को मिल रही नियमित फिजियोथेरेपी सुविधा

रायपुर. मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में जशपुर जिले में वरिष्ठ नागरिकों के लिए संचालित सियान गुड़ी बुजुर्गों के लिए देखभाल, स्वास्थ्य सुविधा और सामाजिक जुड़ाव का महत्वपूर्ण केंद्र बनकर उभर रही है। समाज कल्याण विभाग की इस महत्वाकांक्षी पहल के तहत जिले में अब तक 94 वरिष्ठ नागरिक पंजीकृत किए जा चुके हैं। इनमें से 32 बुजुर्गों को नियमित रूप से फिजियोथेरेपी की सुविधा प्रदान की जा रही है, जिससे उन्हें शारीरिक समस्याओं से राहत मिल रही है। हाल ही में जिला अस्पताल की विशेषज्ञ टीम, जिसमें चिकित्सा अधिकारी, मनोवैज्ञानिक, साइकेट्रिक नर्स और लैब तकनीशियन शामिल थे, इस टीम ने सियान गुड़ी और नशामुक्ति केंद्र के हितग्राहियों का स्वास्थ्य परीक्षण एवं रक्त जांच किया। टीम ने वरिष्ठ नागरिकों को आवश्यक चिकित्सकीय परामर्श, मानसिक स्वास्थ्य संबंधी सलाह और काउंसिलिंग भी प्रदान की। सियान गुड़ी में प्रतिदिन सुबह 10 बजे से वरिष्ठ नागरिक विभिन्न मनोरंजक, सामाजिक और स्वास्थ्यवर्धक गतिविधियों में भाग लेते हैं। दिनभर की गतिविधियों के बाद शाम 6 बजे सभी पंजीकृत वरिष्ठ नागरिकों और कर्मचारियों की उपस्थिति में सुंदरकांड का पाठ किया जाता है, जिससे आध्यात्मिक और मानसिक शांति का वातावरण बनता है। सियान गुड़ी से लाभान्वित वरिष्ठ नागरिकों ने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह केंद्र उनके लिए सम्मान, देखभाल और आत्मीयता का स्थान बन गया है। समाज कल्याण विभाग ने जिले के सभी वरिष्ठ नागरिकों से अपील की है कि वे अधिक से अधिक संख्या में सियान गुड़ी पहुंचकर इस उपयोगी सुविधा का लाभ उठाएं।

सिंहस्थ:2028 के लिए एआई आधारित ट्रैफिक और आपात सेवा प्रणाली पर हुई चर्चा

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से बुधवार को मंत्रालय में गूगल क्लाउड इंडिया के पदाधिकारियों ने भेंट की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पदाधिकारियों के साथ प्रदेश में प्रशासनिक दक्षता संवर्धन, एआई आधारित सुशासन और सिंहस्थ-2028 की तैयारियों में एआई आधारित तकनीकी सहयोग के संबंध में राउंड टेबल मीटिंग की। मीटिंग में मुख्य सचिव  अनुराग जैन, अपर मुख्य सचिव (मुख्यमंत्री कार्यालय)  नीरज मंडलोई, प्रमुख सचिव विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी  एम. सेल्वेन्द्रन, गूगल क्लाउड इंडिया के निदेशक (पब्लिक सेक्टर)  आशीष वत्तल, एपीएसी क्षेत्र के निदेशक  मदन ओबरॉय,  पंकज शुक्ला,  लोकेश लोहिया, डॉ. श्रुति गाडगिल,  विजय गुंजाटे सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे। बैठक में अपर मुख्य सचिव  मंडलोई ने बताया कि राज्य सरकार और गूगल क्लाउड इंडिया के बीच एक महत्वपूर्ण रणनीतिक सहयोग स्थापित किया जा रहा है। इसमें इंदौर में “सेंटर फॉर एक्सीलेंस” स्थापित किया जाएगा, जिसके लिए शीघ्र ही एमओयू होगा। यह सेंटर एआई आधारित नवाचार, अनुसंधान, स्किल डेवलपमेंट और तकनीकी समाधान विकास का प्रमुख केंद्र बनेगा। सेंटर से 10 हजार से अधिक एआई डेवलपर्स को जोड़ा जाएगा, जो मध्यप्रदेश सहित देश और साउथ ग्लोबल की आवश्यकताओं के अनुरूप रियल टाइम तकनीकी सहयोग उपलब्ध कराएंगे। इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट-2026 के पश्चात हुई इस उच्च स्तरीय बैठक में गूगल क्लाउड इंडिया ने “समृद्ध मध्यप्रदेश” की अवधारणा के अनुरूप एआई आधारित विकास और सुशासन के लिए एक विस्तृत रोडमैप प्रस्तुत किया। बैठक में सिंहस्थ-2028 को स्मार्ट और तकनीक-सक्षम आयोजन के रूप में विकसित करने पर विशेष चर्चा हुई। गूगल द्वारा प्रस्तुत एआई फ्रेमवर्क में रियल टाइम भीड़ प्रबंधन, प्रेडिक्टिव ट्रैफिक एवं सुरक्षा विश्लेषण, एआई आधारित इमरजेंसी रिस्पांस सिस्टम और डिजिटल ट्विन मॉडल जैसी अत्याधुनिक व्यवस्थाएं शामिल हैं। बैठक में “सहायक” नामक बहुभाषीय एवं वॉइस-सक्षम एआई एप्लिकेशन की अवधारणा भी प्रस्तुत की गई, जो सिंहस्थ में आने वाले श्रद्धालुओं को भीड़ की स्थिति, मार्गदर्शन, ट्रैफिक व्यवस्था और आपातकालीन सेवाओं की रियल टाइम जानकारी स्थानीय भाषाओं में उपलब्ध कराएगा। इससे करोड़ों श्रद्धालुओं की सुविधा, सुरक्षा और आयोजन प्रबंधन में उल्लेखनीय सुधार होगा। गूगल क्लाउड इंडिया के पदाधिकारियों ने बताया कि एआई समिट के दौरान मध्यप्रदेश शासन से मिले अभूतपूर्व समर्थन और सहयोग से गूगल क्लाउड द्वारा राज्य की प्राथमिकताओं अनुसार कृषि, शिक्षा, स्वास्थ्य, वन, महिला एवं बाल विकास और अन्य विभागों में एआई आधारित समाधान विकसित किए जा रहे हैं। स्वास्थ्य क्षेत्र में “ओजस एआई” फ्रेमवर्क के माध्यम से दूरस्थ क्लीनिकल निर्णय सहायता, उच्च जोखिम गर्भावस्था की पूर्व पहचान और रियल टाइम स्वास्थ्य डैशबोर्ड विकसित करने का प्रस्ताव रखा गया।कृषि क्षेत्र में किसानों को स्थानीय सलाह, बाजार मूल्य जानकारी एवं वित्तीय सेवाओं से जोड़ने के लिए जेमिनी संचालित ओपन एआई नेटवर्क विकसित करने की योजना प्रस्तुत की गई। शिक्षा क्षेत्र में एआई आधारित वर्चुअल ट्यूटर, व्यक्तिगत शिक्षण प्रणाली और शिक्षक सहायता उपकरण विकसित कर 5 लाख से अधिक विद्यार्थियों और एक लाख शिक्षकों को बहुभाषीय एवं अनुकूलित शिक्षण सुविधा उपलब्ध कराने की योजना प्रस्तुत की गई। वहीं पुलिसिंग और जन-सुरक्षा के क्षेत्र में प्रेडिक्टिव लॉ एनफोर्समेंट, बिहेवियरल एनालिटिक्स और डिजिटल फॉरेंसिक्स आधारित एआई समाधान प्रस्तुत किए गए, जिससे जाँच और प्रतिक्रिया प्रणाली को सुदृढ़ किया जा सके। बैठक में शासन व्यवस्था को अधिक प्रभावी और नागरिक-केंद्रित बनाने के लिए संवादात्मक नागरिक सेवा प्लेटफॉर्म, स्वचालित शिकायत निवारण प्रणाली, इंटेलिजेंट डॉक्यूमेंट प्रोसेसिंग, एकीकृत नागरिक डेटा प्रणाली जैसे एआई सक्षम समाधानों पर भी चर्चा हुई। इसके अतिरिक्त वन्य जीव संरक्षण और मानव-वन्य जीव संघर्ष कम करने के लिए कंप्यूटर विजन एवं रियल टाइम अलर्ट सिस्टम आधारित समाधान प्रस्तुत किए गए। गूगल ने प्रदेश में “एआई फॉर ऑल” स्किलिंग कार्यक्रम, उन्नत क्लाउड इंफ्रास्ट्रक्चर एवं एआई/एमएल आधारित पायलट परियोजनाओं, स्टार्ट-अप इको सिस्टम संवर्धन और साइबर सुरक्षा ढांचे को मजबूत करने के लिए सहयोग देने की प्रतिबद्धता व्यक्त की। बैठक में आगामी कार्य योजना, विभागवार प्राथमिकताओं, विस्तृत क्रियान्वयन रणनीति और नियमित समीक्षा तंत्र विकसित करने पर सहमति बनी। राज्य सरकार और गूगल ने इस साझेदारी को रणनीतिक विचार विमर्श से आगे बढ़ाकर जमीनी स्तर पर लागू करने और राज्यभर में नागरिक केंद्रित परिणाम सुनिश्चित करने की प्रतिबद्धता दोहराई। गूगल के साथ यह साझेदारी प्रदेश में एआई आधारित सुशासन, सेवा वितरण और समावेशी विकास को नई दिशा देगी।  

सरकारी नौकरी का मौका! झारखंड में 1733 कक्षपाल पदों के लिए करें अप्लाई

रांची. राज्य की जेलों में कक्षपाल नियुक्ति को लेकर आयोजित होने वाली झारखंड कक्षपाल प्रतियोगिता परीक्षा-2025 में अधिकतम आयु की गणना का कट आफ डेट अब एक अगस्त 2019 निर्धारित किया गया है। पहले यह कट आफ डेट एक अगस्त 2025 निर्धारित था। झारखंड उच्च न्यायालय द्वारा 14 मई को पारित आदेश के बाद राज्य सरकार ने अधिकतम आयु सीमा की गणना का कट आफ डेट एक अगस्त 2019 करने का निर्णय किया है। झारखंड कर्मचारी चयन आयोग ने इस संबंध में मंगलवार को सूचना प्रकाशित कर दी। इससे उन सभी अभ्यर्थियों को बड़ी राहत मिली है, जो अधिक आयु होने के कारण इस प्रतियोगिता परीक्षा में सम्मिलित होने से वंचित हो रहे थे। आयोग ने इसी के साथ इस परीक्षा को लेकर आनलाइन आवेदन की प्रक्रिया का संशोधित कार्यक्रम जारी किया है। इसके तहत इस परीक्षा में सम्मिलित होने के लिए रजिस्ट्रेशन करने तथा सूचना दर्ज करने की ऑनलाइन प्रक्रिया बुधवार से शुरू होगी। इसकी अंतिम तिथि 19 जून निर्धारित की गई है। परीक्षा शुल्क भुगतान करने तथा फोटो एवं हस्ताक्षर अपलोड कर आवेदन पत्र का प्रिंटआउट लेने के लिए समय सीमा 21 जून मध्य रात्रि तय की गई है। 22 जून से 24 जून मध्य रात्रि तक ऑनलाइन आवेदन पत्र में अभ्यर्थी का नाम, जन्म तिथि, ईमेल आइडी एवं मोबाइल नंबर को छोड़कर किसी भी अशुद्ध प्रविष्टि को संशोधित किया जा सकेगा। 1,733 पदों पर होनी है नियुक्ति इनमें 1,698 नियमित पद कक्षपाल के कुल 1,733 पदों पर नियुक्ति होनी है, जिनमें 1,698 नियमित तथा 35 बैकलाॅग पद सम्मिलित हैं। कुल नियमित पदों में 1634 पद पुरुषों तथा 64 पद महिलाओं के लिए हैं। बताते चलें कि कक्षपाल नियुक्ति के लिए पिछले वर्ष नवंबर-दिसंबर माह में ही आवेदन भरे जाने थे, लेकिन आयु सीमा के कट आफ डेट को लेकर विवाद के कारण इसे स्थगित कर दिया गया था।

छत्तीसगढ़ डायल-112 फेज-2 नेक्स्ट जेनरेशन के तहत रायगढ़ जिले को मिली बड़ी सौगात

रायगढ़  सुरक्षा, सेवा और सुशासन को और अधिक मजबूत बनाने की दिशा में रायगढ़ जिले को छत्तीसगढ़ डायल-112 (फेज-2 नेक्स्ट जेनरेशन) के तहत 16 अत्याधुनिक इमरजेंसी रिस्पांस व्हीकल (ERV) की सौगात मिली है। वित्त मंत्री  ओपी चौधरी ने आज पुराना पुलिस लाइन, रायगढ़ में आयोजित कार्यक्रम में इन आधुनिक आपातकालीन वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस अवसर पर वित्त मंत्री  चौधरी ने कहा कि राज्य सरकार नागरिकों की सुरक्षा और त्वरित सहायता के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। सड़क दुर्घटना, चिकित्सा आपातकाल, महिलाओं एवं बच्चों की सुरक्षा सहित किसी भी संकट की स्थिति में अब रायगढ़वासियों को तेज, सुरक्षित और प्रभावी सहायता मिल सकेगी। उन्होंने कहा कि “डायल-112  एक्के नम्बर, सब्बो बर” की अवधारणा के साथ यह सेवा पूरे छत्तीसगढ़ में संचालित की जा रही है। राज्यभर में 400 से अधिक आधुनिक वाहन तैनात किए गए हैं, जिनमें से रायगढ़ जिले को 16 वाहन प्रदान किए गए हैं। कानून-व्यवस्था को मिलेगी मजबूती वित्त मंत्री  ओपी चौधरी ने कहा कि मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार ने पुलिस व्यवस्था को आधुनिक और प्रभावी बनाने के लिए पर्याप्त बजट उपलब्ध कराया है। इससे पुलिस की कार्यक्षमता बढ़ेगी, आपात स्थितियों में प्रतिक्रिया समय कम होगा और कानून-व्यवस्था को और मजबूती मिलेगी। उन्होंने कहा कि यह योजना शासन के बड़े निर्णयों का धरातल पर दिखाई देने वाला परिणाम है, जिससे पुलिस को कार्य करने में सुविधा होगी और आम नागरिकों को सीधा लाभ मिलेगा। अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस हैं नए वाहन वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक  शशि मोहन सिंह ने बताया कि डायल-112 योजना वर्ष 2018 से संचालित है, जिसे अब फेज-2 नेक्स्ट जेनरेशन के तहत प्रदेश के सभी 33 जिलों तक विस्तारित किया गया है। उन्होंने बताया कि नए ईआरवी वाहनों में PTZ कैमरा, डैश कैमरा, GPS सिस्टम, मोबाइल डेटा टर्मिनल (MDT) और स्मार्ट मोबाइल फोन जैसी आधुनिक तकनीक उपलब्ध है, जिससे घटनास्थल पर त्वरित एवं प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जा सकेगी। अब एक ही नंबर पर सभी आपात सेवाएं नई डायल-112 प्रणाली के तहत पुलिस, एम्बुलेंस, फायर ब्रिगेड, आपदा प्रबंधन, चाइल्ड हेल्पलाइन, महिला हेल्पलाइन और नेशनल हाईवे सहायता सेवाओं को एकीकृत किया गया है। रायपुर स्थित अत्याधुनिक कमांड एंड कंट्रोल सेंटर (C4) के माध्यम से इन सेवाओं का संचालन किया जाएगा। कार्यक्रम में महापौर  जीवर्धन चौहान, कलेक्टर  मयंक चतुर्वेदी, जिला पंचायत सीईओ  अभिजीत बबन पठारे,  सहित जनप्रतिनिधि, पुलिस अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

वर्षों से जब्त वाहनों को लेकर जालंधर पुलिस सख्त, मालिकों को 3 दिन का अल्टीमेटम

जालंधर. जालंधर ट्रैफिक पुलिस ने साल 2013 से 2020 के दौरान 207 मोटर व्हीकल एक्ट के तहत जब्त किए गए वाहनों को लेकर अहम सूचना जारी की है। पुलिस के अनुसार, कमिश्नरेट जालंधर के व्हीकल यार्ड में बड़ी संख्या में वाहन अब भी बंद पड़े हैं, जिन्हें उनके मालिकों ने अभी तक रिलीज नहीं करवाया है। ट्रैफिक पुलिस ने ऐसे सभी वाहन मालिकों से अपील की है कि वे अपने वाहनों को छुड़वाने के लिए जरूरी दस्तावेजों सहित 3 दिनों के भीतर आवेदन जमा करवाएं। वाहन मालिक अपने वाहन के वैलिड दस्तावेज और लिखित दरखास्त खिड़की नंबर-5, इंचार्ज एडमिन, इमरजेंसी रिस्पांस सिस्टम, कमिश्नरेट पुलिस लाइन रोड जालंधर में जमा करवा सकते हैं। पुलिस ने साफ किया है कि यदि निर्धारित समय के अंदर कोई दावा या आवेदन पेश नहीं किया गया तो नियमों के अनुसार इन वाहनों को डिस्पोज ऑफ कर दिया जाएगा। इसके बाद वाहन मालिकों की ओर से दी गई किसी भी दरखास्त या दावे पर विचार नहीं किया जाएगा।

राज्य जल एवं स्वच्छता मिशन की अपेक्स कमेटी की बैठक संपन्न

रायपुर  मुख्य सचिव  विकासशील ने जल जीवन मिशन के अंतर्गत राज्य में नियमित जलापूर्ति और पेयजल की शुद्धता की निरंतर जांच कराने के कड़े निर्देश विभागीय अधिकारियों को दिए हैं। मुख्य सचिव की अध्यक्षता में आज यहाँ मंत्रालय (महानदी भवन) में राज्य जल एवं स्वच्छता मिशन की अपेक्स कमेटी की महत्वपूर्ण बैठक संपन्न हुई।        बैठक में जल जीवन मिशन 2.0 के क्रियान्वयन की कार्ययोजना, पीएम जनमन कार्यक्रम के तहत पीवीटीजी बसाहटों में पेयजल व्यवस्था, आवश्यक संसाधन, प्रशिक्षण, जनभागीदारी, जल संरक्षण तथा सुजलम भारत डिजिटल प्लेटफॉर्म सहित विभिन्न विषयों पर विस्तृत चर्चा हुई। साथ ही, भू-जल के विवेकपूर्ण उपयोग और जल स्रोतों की सुरक्षा के लिए श्जल अर्पणश् की नई पहल पर भी विचार-विमर्श किया गया। बुनियादी ढांचे के बाद अब सुचारू संचालन और मॉनिटरिंग पर जोर         मुख्य सचिव ने कहा कि विभिन्न गांवों और बसाहटों में पानी की टंकियां तथा नल लगाने का काम पूरा होने के बाद अब सबसे महत्वपूर्ण जिम्मेदारी नियमित जलापूर्ति और पानी की गुणवत्ता बनाए रखना है। ग्राम पंचायतों को नल-जल योजनाओं के संचालन एवं रख-रखाव की जिम्मेदारी सौंपी गई है। इसके लिए गठित समितियों में महिलाओं की भागीदारी को अनिवार्य किया गया है। मुख्य सचिव ने अधिकारियों को ग्राम पंचायतों के साथ बेहतर समन्वय बनाकर सहयोग करने के निर्देश दिए। नल-जल योजनाओं की निरंतर और प्रभावी मॉनिटरिंग की जिम्मेदारी सीधे जिला कलेक्टरों की होगी। वित्तीय पारदर्शिता और डिजिटल ट्रैकिंग के कड़े निर्देश           मुख्य सचिव ने जल जीवन मिशन 2.0 के तहत गाइडलाइंस के अनुरूप पूर्ण वित्तीय पारदर्शिता बनाए रखने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि केंद्र सरकार से मिलने वाले फंड का उपयोग केवल स्वीकृत मदों में ही किया जाए। पानी की सप्लाई चौन में किसी भी प्रकार की खराबी को तुरंत सुधारने के लिए उन्होंने सुजलम भारत डिजिटल प्लेटफॉर्म और पीएम गति शक्ति ऐप के माध्यम से रियल-टाइम ट्रैकिंग करने के निर्देश दिए।         इसके अलावा, उन्होंने एलडब्ल्यूई (नक्सल) प्रभावित एवं दुर्गम आदिवासी क्षेत्रों में स्वीकृत योजनाओं की प्रगति की समीक्षा करते हुए कार्यों में तेजी लाने को कहा। उन्होंने निर्देशित किया कि वर्ष 2028 की समय-सीमा से पहले छत्तीसगढ़ के शत-प्रतिशत ग्रामीण घरों में शुद्ध पेयजल की आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए व्यापक कार्ययोजना बनाई जाए। सिंगल विलेज और बल्क वॉटर स्कीम की प्रगति           बैठक में अधिकारियों ने जल जीवन मिशन 2.0 के तहत रिफॉर्म प्लान की प्रगति की जानकारी दी। सिंगल विलेज स्कीम के तहत इस विकेंद्रीकृत योजना के तहत गांवों में ही उपलब्ध जल स्रोतों का उपयोग कर पाइपलाइन के जरिए हर घर में नल कनेक्शन दिया जाता है। राज्य के विभिन्न गांवों में ऐसी 29 हजार 90 योजनाएं बनाई गई हैं। दूर-दराज के क्षेत्रों, शहरों या कई गांवों के समूहों तक भारी मात्रा में शुद्ध पेयजल पहुंचाने के लिए 70 योजनाएं संचालित हैं, जिनमें पानी को दूरस्थ स्रोतों से लाकर वॉटर ट्रीटमेंट प्लांट में शुद्ध किया जाता है।        पीएम जनमन कार्यक्रम के तहत पीवीटीजी बसाहटों में पेयजल व्यवस्था के तहत 1,531 गांवों के अंतर्गत आने वाले (20 परिवारों से कम वाली) करीब 920 बसाहटों और एलडब्ल्यूई क्षेत्रों के छूटे हुए परिवारों के लिए विशेष कार्ययोजना पर काम जारी है।         बैठक में महिला एवं बाल विकास विभाग के प्रमुख सचिव मती शहला निगार, लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के सचिव  अमित कटारिया, वित्त विभाग के सचिव  रोहित यादव, स्कूल शिक्षा विभाग के सचिव डॉ. कमलप्रीत सिंह, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के सचिव  मोहम्मद कैसर अब्दुल हक, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के सचिव  भीम सिंह, इसके साथ ही भारत सरकार के जल शक्ति मंत्रालय तथा पेयजल एवं स्वच्छता विभाग के वरिष्ठ अधिकारी भी बैठक में वर्चुअली व प्रत्यक्ष रूप से उपस्थित रहे।  

CG के विद्यार्थियों को मिलेगा समर कैंप का मौका, सभी कलेक्टर और DEO को भेजे गए आदेश

रायपुर. ग्रीष्मकालीन अवकाश के दौरान विद्यार्थियों के लिए समर कैंप आयोजित करने को लेकर स्कूल शिक्षा विभाग ने दिशा-निर्देश जारी किए हैं। जारी आदेश में बच्चों के सर्वांगीण विकास, रचनात्मक गतिविधियों और बहुमुखी प्रतिभा को बढ़ावा देने पर विशेष जोर दिया गया है। जारी निर्देशों के अनुसार समर कैंप का आयोजन स्कूलों या गांव-शहर के सामुदायिक स्थानों में किया जा सकेगा। कैंप का संचालन प्रतिदिन सुबह 7:30 बजे से 9:30 बजे तक किया जाएगा। विभाग ने निर्देश दिए हैं कि समर कैंप में कला एवं रचनात्मक क्षेत्र के विशेषज्ञों को आमंत्रित कर विद्यार्थियों को प्रशिक्षण और मार्गदर्शन दिया जा सकता है। इसके अलावा बच्चों को औद्योगिक संस्थान, मेडिकल कॉलेज सहित अन्य बड़े संस्थानों का भ्रमण भी कराया जा सकेगा। समर कैंप में स्कूल शिक्षकों और पालकों की सहभागिता भी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। कैंप में चित्रकला, गायन-वादन, निबंध एवं कहानी लेखन, हस्तलिपि लेखन, नृत्य, खेलकूद और स्थानीय इतिहास से जुड़ी गतिविधियां आयोजित की जाएगी। इसके अलावा जिला और स्कूल स्तर पर अन्य रचनात्मक गतिविधियों को भी शामिल किया जा सकेगा। विभाग ने स्पष्ट किया है कि समर कैंप पूर्णतः स्वैच्छिक रहेगा और इसके लिए अलग से कोई बजट उपलब्ध नहीं कराया जाएगा। कार्यक्रम के सफल संचालन के लिए जिला स्तर पर उपलब्ध संसाधनों और जनसहयोग का उपयोग करने को कहा गया है।समर कैंप के आयोजन से पहले शाला विकास समिति और पालक-शिक्षक समिति की सहमति लेना अनिवार्य होगा। साथ ही ग्रीष्मकालीन प्रायोजना कार्यों को शिक्षक और पालकों के सहयोग से पूरा कराने के निर्देश भी दिए गए हैं। स्कूल शिक्षा विभाग ने अधिकारियों और शिक्षकों से अपील की है कि वे ग्रीष्मावकाश को बच्चों के सीखने और प्रतिभा निखारने के अवसर के रूप में उपयोग करें तथा आयोजित गतिविधियों की जानकारी विभाग को उपलब्ध कराएं।