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कोयला चोरी और ओवररिपोर्टिंग पर लगेगी लगाम, डिजिटल सिस्टम से बढ़ी पारदर्शिता

 धनबाद कोयला स्टाक की मैन्युअल जांच में लगातार सामने आ रही ओवररिपोर्टिंग, गलत आकलन और कोयले की हेराफेरी की शिकायतों के बाद कोल इंडिया लिमिटेड ने नई हाईटेक व्यवस्था लागू कर दी है। संशोधित 'न्यू येलो बुक' के तहत पहली बार थ्रीडी टेरेस्ट्रियल लेजर स्कैनर और आधुनिक डिजिटल तकनीक से कोयला स्टाक की जांच पूरी कर ली गई है। अप्रैल के अंतिम सप्ताह और मई में विभिन्न परियोजनाओं में यह जांच कर रिपोर्ट भी कोल इंडिया मुख्यालय को सौंप दी गई है। नई तकनीक लागू होने से स्टाक की ओवररिपोर्टिंग, कोयला चोरी और हेराफेरी पर काफी हद तक नियंत्रण संभव हुआ है। इसके साथ ही उत्पादन, डिस्पैच और उपलब्ध स्टाक के आंकड़ों में पारदर्शिता बढ़ी है तथा भ्रष्टाचार पर भी अंकुश लगाने में मदद मिली है। अप्रैल 2026 से संशोधित नियम लागू होने के बाद अब खदानों में स्टाक की माप पूरी तरह वैज्ञानिक और डिजिटल प्रणाली से की जा रही है। हेरफेर की बनी रहती थी आशंका अब तक अधिकांश खदानों में कोयला स्टाक की माप पारंपरिक सर्वे और मानवीय अनुमान के आधार पर की जाती थी। इस प्रक्रिया में त्रुटि और हेरफेर की आशंका बनी रहती थी। कई परियोजनाओं में वास्तविक स्टाक से अधिक कोयला दिखाने, रिकॉर्ड में अंतर और चोरी की शिकायतें लगातार सामने आती रही थीं। सूत्रों के अनुसार कई बार स्टाक के आंकड़ों में बड़ा अंतर मिलने के बावजूद सटीक सत्यापन संभव नहीं हो पाता था। नई येलो बुक लागू होने के बाद पहली बार कोयला स्टाक की जांच थ्रीडी लेजर स्कैनर से की गई। जांच के दौरान पूरे कोयला स्टाक की त्रिआयामी डिजिटल स्कैनिंग कर वास्तविक आयतन और घनत्व का सटीक आकलन किया गया। इसके बाद विशेष साफ्टवेयर के माध्यम से सीधे स्टाक और वाल्यूम की गणना की गई। अप्रैल के अंतिम सप्ताह और मई में विभिन्न परियोजनाओं में यह प्रक्रिया पूरी की गई। अधिकारियों के अनुसार नई तकनीक से प्राप्त आंकड़े पारंपरिक पद्धति की तुलना में अधिक सटीक और पारदर्शी पाए गए हैं। इसके बाद अब इसे सभी परियोजनाओं और ओपनकास्ट खदानों में लागू कर दिया गया है।  

नगर निगम चुनाव के बीच विवाद: 1 घंटा 50 मिनट कैमरा बंद, प्रत्याशियों का प्रदर्शन

 पंचकूला  पंचकूला नगर निगम चुनाव के बीच आज सुबह यानी सोमवार (11 मई, 2026) उस समय हड़कंप मच गया, जब सेक्टर-14 स्थित स्टेट गवर्नमेंट गर्ल्स कॉलेज में बनाए गए स्ट्रांग रूम का सीसीटीवी कैमरा करीब 1 घंटा 50 मिनट तक बंद रहने की सूचना सामने आई। इस घटना के बाद विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रत्याशियों ने मौके पर पहुंचकर जमकर हंगामा किया और चुनाव प्रक्रिया की पारदर्शिता पर गंभीर सवाल उठाए। बताया जा रहा है कि नगर निगम चुनाव में इस्तेमाल हुई ईवीएम मशीनें इसी स्ट्रांग रूम में रखी गई हैं। कैमरा बंद होने की जानकारी मिलते ही कांग्रेस मेयर प्रत्याशी सुधा भारद्वाज सहित कई दलों के और निर्दलीय वार्ड प्रत्याशी मौके पर पहुंचे और प्रशासन के खिलाफ सख्त नाराजगी जताई। प्रत्याशियों ने आरोप लगाया कि करीब दो घंटे तक कैमरा बंद रहना बेहद गंभीर मामला है और इससे ईवीएम सुरक्षा को लेकर संदेह पैदा हो रहा है। प्रत्याशियों ने जिला प्रशासन, इलेक्शन ऑब्जर्वर और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े किए। मौके पर मौजूद नेताओं और प्रत्याशियों ने मांग की कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए और कैमरा बंद होने के कारणों को सार्वजनिक किया जाए। घटना की सूचना मिलते ही माहौल तनावपूर्ण हो गया। हालात का जायजा लेने के लिए पंचकूला के विधायक चौ चंद्रमोहन भी मौके पर पहुंचे। वहीं, मामला बढ़ता देख इलेक्शन ऑब्जर्वर और प्रशासनिक अधिकारी भी स्ट्रांग रूम स्थल पर पहुंचे और प्रत्याशियों को समझाने का प्रयास किया। फिलहाल प्रशासन की ओर से कैमरा बंद होने के कारणों को लेकर आधिकारिक बयान का इंतजार किया जा रहा है, जबकि प्रत्याशी लगातार ईवीएम सुरक्षा और चुनाव प्रक्रिया की निष्पक्षता को लेकर सवाल उठा रहे हैं।

अपराध मुक्त बिहार का लक्ष्य, सीएम ने पुलिस को खुली छूट देने की बात कही

पटना बिहार में अब अपराधियों की खैर नहीं है। पुलिस लगातार अपराधियों पर नकेल कस रही है तो वहीं अब मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने भी लॉ एंड ऑर्डर को लेकर साफ-साफ कर दिया है कि पुलिस को चुनौती देने वालों को 48 घंटे के अंदर जवाब दिया जाएगा। सीएम सम्राट चौधरी ने अपराध मुक्त बिहार का जिक्र करते हुए कहा है कि अब कोई भी अपराधी बच नहीं पाएगा। यहां बता दें कि मुख्यमंत्री की कुर्सी संभालने के बाद सम्राट चौधरी लगातार अपराधियों को सख्त लहजे में चेतावनी देते आ रहे हैं। सोमवार को मुख्यमंत्री ने पटना में मंदिरी नाला पर बने सड़क का उद्घाटन किया और फिर अपने संबोधन में अपराधियों को कड़े लहजे में चेताया।मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा है कि हमने पुलिस के हाथ खोल दिए हैं। पुलिस को कोई चुनौती देता है तो उसे 48 घंटे में जवाब मिलेगा। कोई अपराधी बच नहीं सकता है। उद्योग को लाना है तो बिहार में सुशासन को और बेहतर ढंग से स्थापित करना है। हमें अपराध मुक्त बिहार बनाना है, इसके लिए हम कुछ भी करेंगे। इससे समझौता नहीं करेंगे। सीएम ने कहा कि कौन अपराधी किस जाति का है, इससे कोई फर्क नहीं पड़ता है। एनकाउंटर में ढेर हो रहे अपराधी बता दें कि एक तरफ जहां विपक्ष बिहार में अपराध के मुद्दे पर रह-रह कर सरकार को घेरने की कोशिश कर रहा है तो वहीं दूसरी तरफ एनडीए सरकार लगातार यह दावा कर रही है कि बिहार में अपराधियों पर जोरदार प्रहार जारी है। सम्राट सरकार के पहले 18 दिन में ही मगध से अंग और सारण तक पुलिस ने पांच एनकाउंटर किए थे। इसमें तीन हाफ एनकाउंटर शामिल थे तो वहीं दो मुठभेड़ में पुलिस ने अपराधियों को मार गिराया था कुछ ही दिनों पहले गया में एक कार्यक्रम में मौजूद सीएम सम्राट चौधरी ने कहा था कि बिहार में अपराधियों का पिंडदान किया जाएगा। सीएम ने कहा था, ‘बिहार में महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा के लिए हर कदम उठाए जााएंगे। गया जी तो पिंडदान के लिए प्रसिद्ध है। पिंडदान भी होगा। कुछ लोगों का पिंडदान शुरू हो गय है। बिहार में सुशासन स्थापित करने के लिए ऐसे कई अपराधियों का पिंडदान हमारी सरकार करती रहेगी।’ मंदिरी नाले पर सड़क निर्माण से कई फायदे बहरहाल बता दें कि करीब 115 करोड़ रुपये की लागत से पटना के मंदिरी नाले पर बनी सड़क का उद्घाटन होने के बाद लोगों को काफी सुविधा मिलेगी। मंदिरी नाले के निर्माण एवं विकास कार्य क्षेत्रवासियों की लंबे समय से चली आ रही मांगों को ध्यान में रखते हुए किया गया है। इस परियोजना के पूर्ण होने से क्षेत्र में जलनिकासी व्यवस्था अधिक सुचारू और व्यवस्थित होगी। नाले के ऊपर सड़क निर्माण से नेहरू पथ से जेपी गंगा पथ, अशोक राजपथ, डबल डेकर, पीएमसीएच तक जाने के लिए स्थानीय नागरिकों को एक नया मार्ग मिलेगा। इस पथ के निर्माण से प्रमुख रूप से वार्ड संख्या 25, 26 और 27 समेत उतरी बिहार जाने वाले लाखों की आबादी को सुगम सड़क संपर्कता मिलेगी। साथ ही पटना के बेली रोड पर होने वाले ट्रैफिक दबाव में भी कमी आएगी। राज्य सरकार ने इस सड़क का नाम दिवंगत विधायक नवीन किशोर सिन्हा के नाम पर रखने का निर्णय लिया है। इस सड़क से उत्तर बिहार से भी कनेक्टिविटी आसान हो जाएगी।

वीडियो कॉल सुविधा से परिवार से मिली महिला कैदी, रायपुर जेल में भावुक पल

रायपुर मातृ दिवस (Mother's Day 2026) के अवसर पर रायपुर महिला केंद्रीय जेल में बंद महिला बंदियों को बड़ी सौगात मिली। उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा की घोषणा के अनुरूप रविवार को प्रिजन इनमेट वीडियो कॉलिंग सिस्टम का विधिवत शुभारंभ किया गया। इस सुविधा के शुरू होने से अब महिला बंदी जेल परिसर से ही अपने स्वजन और अधिवक्ताओं से वीडियो कॉल के माध्यम से बातचीत कर सकेंगी। पहले चरण में रायपुर महिला केंद्रीय जेल के साथ कवर्धा, जशपुर समेत सात जेलों में यह सुविधा शुरू की गई है। यह व्यवस्था जेल विभाग और BSNL के बीच हुए एमओयू के तहत लागू की गई है। परिवार को देखकर छलक उठीं आंखें वीडियो कॉलिंग सिस्टम के उद्घाटन के दौरान भावुक दृश्य देखने को मिले। कई महिला बंदियों की आंखें नम हो गईं, जब उन्होंने वर्षों बाद अपने परिवार के सदस्यों को स्क्रीन पर देखा और उनसे बातचीत की। जेल अधिकारियों का कहना है कि इस तकनीक से बंदियों के मानसिक तनाव को कम करने में मदद मिलेगी और वे भावनात्मक रूप से अपने परिवार से जुड़े रह सकेंगे। कौशल विकास से आत्मनिर्भर बनने की पहल कार्यक्रम के दौरान निश्चय योजना के अंतर्गत व्यावसायिक प्रशिक्षण प्राप्त करने वाली 38 महिला बंदियों को कौशल प्रमाण पत्र प्रदान किए गए। अधिकारियों ने बताया कि यह पहल रिहाई के बाद बंदियों को समाज की मुख्यधारा से जोड़ने और आत्मनिर्भर बनाने में सहायक होगी। मदर्स डे के मौके पर जेल प्रशासन ने अपनी माताओं के साथ जेल में रह रहे 14 बच्चों को विशेष उपहार भी भेंट किए। बच्चों के चेहरों पर खुशी साफ दिखाई दी। कंप्यूटर प्रशिक्षण केंद्र का शुभारंभ निश्चय कार्यक्रम के तहत जेल में बंद युवाओं को अपराध की दुनिया से दूर कर रोजगार के योग्य बनाने के लिए कंप्यूटर प्रशिक्षण भी शुरू किया गया है। रविवार को केंद्रीय और महिला जेल रायपुर में प्रशिक्षण पूर्ण करने वाले 67 बंदियों, जिनमें 38 महिलाएं और 29 पुरुष शामिल हैं, को प्रमाण पत्र वितरित किए गए। इस अवसर पर केंद्रीय जेल में कंप्यूटर प्रशिक्षण केंद्र का भी उद्घाटन किया गया। यहां बंदियों को आधुनिक डिजिटल शिक्षा प्रदान की जाएगी। बंदियों के लिए लोन मेला भी लगेगा बंदियों के पुनर्वास को ध्यान में रखते हुए 13 मई को इंडियन ओवरसीज बैंक की ओर से जेल परिसर में लोन मेला आयोजित किया जाएगा। इसका उद्देश्य रिहा होने वाले बंदियों को स्वरोजगार के लिए आर्थिक सहायता उपलब्ध कराना है। कार्यक्रम में डीजी जेल हिमांशु गुप्ता, जेल अधीक्षक योगेश सिंह क्षत्री, बीएसएनएल के विजय छबलानी, महिला जेल प्रभारी गरिमा पांडेय सहित जेल विभाग का स्टाफ उपस्थित रहा।  

छत्तीसगढ़ में परंपरा और विवाद: शव दफनाने के लिए जमीन न मिलने से लोगों में गुस्सा

जगदलपुर  बस्तर के गांवों में कभी सामाजिक एकता और पारंपरिक संस्कृति की पहचान माने जाने वाले सामुदायिक आयोजन अब विवादों की वजह बनने लगे हैं। भानपुरी पंचायत के करंदोला गांव में एक ईसाई मत में मतांतरित महिला के शव को दफनाने को लेकर उपजा विवाद क्षेत्र में चर्चा का विषय बन गया। यह मामला केवल जमीन तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसने बस्तर में बढ़ती वैचारिक दूरी और सामाजिक बदलाव को फिर उजागर कर दिया। ग्रामीणों ने ग्राम परंपरा का दिया हवाला गांव के लोगों ने स्पष्ट रूप से कहा कि गांव की जमीन पर ईसाई रीति से शव दफनाने की अनुमति नहीं दी जाएगी। ग्रामीणों का तर्क था कि गांव की परंपरागत व्यवस्था, रीति-रिवाज और ग्राम सभा की सहमति सर्वोपरि है। उनका कहना था कि सामुदायिक सहमति के बिना किसी भी प्रकार का निर्णय स्वीकार नहीं किया जाएगा। विवाद उस समय और बढ़ गया, जब ग्रामीणों को जानकारी मिली कि वन विभाग की फेंसिंग युक्त भूमि पर शव दफनाने की तैयारी की जा रही है। मौके पर पहुंचे ग्रामीणों ने देखा कि तार फेंसिंग हटाकर गड्ढा भी खोद दिया गया था। इसके बाद गांव में तनावपूर्ण स्थिति बन गई। प्रशासन और पुलिस ने संभाला मोर्चा घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी गांव पहुंचे। अधिकारियों ने दोनों पक्षों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन ग्रामीणों का विरोध लगातार बढ़ता गया। हालात को देखते हुए प्रशासन ने अंततः शव को अंतिम संस्कार के लिए जगदलपुर स्थित करकापाल कब्रिस्तान भेज दिया। ग्रामीणों का आरोप था कि मतांतरण के बाद गांव की पारंपरिक सामाजिक व्यवस्था और स्थानीय नियमों को लगातार चुनौती दी जा रही है। उनका कहना था कि इससे गांवों की सांस्कृतिक पहचान कमजोर हो रही है और सामाजिक विभाजन बढ़ रहा है। संगठनों ने उठाए पेसा कानून के मुद्दे घटना के बाद बजरंग दल विभाग संयोजक सिकंदर कश्यप ने कहा कि बस्तर पांचवीं अनुसूची क्षेत्र में आता है, जहां पेसा कानून और ग्राम परंपराओं को विशेष महत्व प्राप्त है। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ मिशनरी संगठन गांवों की सामाजिक संरचना को प्रभावित कर रहे हैं। वहीं विहिप जिला सह मंत्री घनश्याम नाग ने कहा कि हर समाज को स्थानीय परंपराओं और ग्राम व्यवस्था का सम्मान करना चाहिए। उन्होंने प्रशासन से ऐसे मामलों में स्पष्ट नीति तैयार करने की मांग की, ताकि भविष्य में सामाजिक तनाव की स्थिति न बने। पहले भी सामने आ चुके हैं ऐसे विवाद बस्तर संभाग में पिछले कुछ वर्षों में मतांतरण और धार्मिक रीति-रिवाजों को लेकर कई विवाद सामने आए हैं। नारायणपुर, कोंडागांव, बस्तर और दंतेवाड़ा जिलों में सामाजिक बहिष्कार, सामुदायिक आयोजनों में मतभेद और अंतिम संस्कार को लेकर तनाव की घटनाएं लगातार चर्चा में रही हैं। पिछले वर्ष नारायणपुर के एड़का गांव में शव दफनाने को लेकर हुए विवाद के दौरान तत्कालीन एसपी सदानंद घायल हो गए थे। इस मामले में कई ग्रामीणों की गिरफ्तारी भी हुई थी। पेसा कानून और ग्राम सभा पर फिर चर्चा करंदोला विवाद के बाद एक बार फिर पेसा कानून और ग्राम सभा की शक्तियां चर्चा में आ गई हैं। पांचवीं अनुसूची क्षेत्र होने के कारण बस्तर में ग्राम सभा और पारंपरिक व्यवस्था को विशेष अधिकार प्राप्त हैं। ग्रामीणों का कहना है कि गांव की भूमि, सामाजिक परंपराओं और सामुदायिक फैसलों में ग्राम सभा की सहमति सबसे महत्वपूर्ण होनी चाहिए। यही वजह रही कि करंदोला गांव में लोग अपने पारंपरिक नियमों का हवाला देते हुए विरोध पर अड़े रहे।

छत्तीसगढ़ के पेंड्रा में इतिहास की खोज: 500 वर्षीय श्रीमद्भागवत गीता और कई पांडुलिपियां बरामद

पेंड्रा  भारत सरकार के संस्कृति मंत्रालय द्वारा संचालित “ज्ञानभारतम” राष्ट्रीय पांडुलिपि सर्वेक्षण अभियान के तहत जीपीएम जिले में प्राचीन, ऐतिहासिक और धार्मिक स्थलों पर सर्वेक्षण कर दुर्लभ पांडुलिपियों का संकलन एवं संरक्षण किया जा रहा है। अभियान के अंतर्गत पेंड्रा में राजा उपेन्द्र बहादुर सिंह तथा पुरानी बस्ती वार्ड क्रमांक चार निवासी प़ं मोहन दत्त शर्मा के घर से 200 से 500 वर्ष पुरानी दुर्लभ पांडुलिपियां प्राप्त हुईं। डिजिटल संरक्षण के माध्यम से सुरक्षित किया गया इन पांडुलिपियों को कलेक्टर डॉ. संतोष कुमार देवांगन के समक्ष डिजिटल संरक्षण के माध्यम से सुरक्षित किया गया। जिला प्रशासन के मार्गदर्शन में “ज्ञानभारतम” अभियान के जिला समन्वयक डाॉ राहुल गौतम के नेतृत्व में सर्वेक्षण टीम ने पंडित मोहन दत्त शर्मा के घर पर लगभग 500 वर्ष पुरानी हस्तलिखित “अथ श्रीमद्भागवत गीता” सहित कई प्राचीन पांडुलिपियां खोजीं। यह अत्यंत महत्वपूर्ण और पवित्र धरोहर है कलेक्टर डॉ. देवांगन ने इस दुर्लभ धार्मिक धरोहर की प्राप्ति पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए श्रीफल और दक्षिणा अर्पित कर ग्रंथ को नमन किया। उन्होंने कहा कि यह अत्यंत महत्वपूर्ण और पवित्र धरोहर है। प्राप्त पांडुलिपियों में “लग्न चंद्रिका”, “अथश्रीभागवतमहात्म्य”, “यद्वादशमहावाक्य”, “रामचंद्राय नमः” तथा अन्य धार्मिक और साहित्यिक ग्रंथ शामिल हैं। पांडुलिपियों की फोटोग्राफी भी कराई गई इन सभी पांडुलिपियों की जियो टैगिंग कर “ज्ञानभारतम” एप के माध्यम से डिजिटल संरक्षण किया गया। यह ग्रंथ पंडित मोहन दत्त शर्मा के स्वामित्व में ही सुरक्षित रहेंगे। धार्मिक पांडुलिपियों के संरक्षण और स्मृति स्वरूप पंडित मोहन दत्त शर्मा के संयुक्त परिवार के सदस्यों के साथ पांडुलिपियों की फोटोग्राफी भी कराई गई। राजस्व और वन विभाग के पुराने नक्शे भी प्राप्त हुए इसी दौरान जिला पंचायत उपाध्यक्ष राजा उपेन्द्र बहादुर सिंह के निवास पर लगभग 200 वर्ष पुरानी हस्तलिखित जमींदारी वंशावली तथा पेंड्रागढ़ के राजस्व और वन विभाग के पुराने नक्शे भी प्राप्त हुए। इन दस्तावेजों का भी डिजिटल संरक्षण किया गया। कलेक्टर डॉ. देवांगन ने राजा उपेन्द्र बहादुर सिंह एवं उनकी पत्नी शिखा सिंह से ऐतिहासिक धरोहरों और पारिवारिक पृष्ठभूमि पर चर्चा की। इस अवसर पर जसीईओ मुकेश रावटे, एसडीएम विक्रांत अंचल, डिप्टी कलेक्टर अमित बेक, सीएमओ अमनदीप मिंज सहित सर्वे टीम के सदस्य उपस्थित थे। पांडुलिपियां का अभियान के तहत हुआ डिजिटल संरक्षण  गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले में भारत सरकार के संस्कृति मंत्रालय द्वारा संचालित ‘ज्ञानभारतम’ राष्ट्रीय पांडुलिपि सर्वेक्षण अभियान के अंतर्गत ऐतिहासिक सफलता प्राप्त हुई है. जिला प्रशासन के मार्गदर्शन और जिला समन्वयक डॉ. राहुल गौतम के नेतृत्व में सर्वेक्षण टीम ने पेंड्रा की पुरानी बस्ती में स्थित पंडित मोहन दत्त शर्मा और राजा उपेंद्र बहादुर सिंह के निवास स्थानों से 200 से 500 साल पुरानी दुर्लभ हस्तलिखित पांडुलिपियां बरामद की हैं।  इन अमूल्य धरोहरों को कलेक्टर डॉ. संतोष कुमार देवांगन के समक्ष प्रस्तुत किया गया, जहां इनका जियो-टैगिंग कर ‘ज्ञानभारतम’ एप के माध्यम से डिजिटल संरक्षण सुनिश्चित किया गया. ​सर्वेक्षण के दौरान पंडित मोहन दत्त शर्मा के घर से लगभग 500 वर्ष पुरानी हस्तलिखित ‘श्रीमद्भागवत गीता’ के साथ-साथ लग्न चंद्रिका, शीघ्रबोध और सारस्वत तद्धित प्रक्रिया जैसी महत्वपूर्ण पांडुलिपियां प्राप्त हुईं।  भौगोलिक इतिहास को समझने में अत्यंत सहायक कलेक्टर ने इन पवित्र ग्रंथों की प्राप्ति पर हर्ष व्यक्त करते हुए विधि-विधान से पूजा-अर्चना की और पंडित शर्मा के दस सदस्यीय संयुक्त परिवार के साथ इस उपलब्धि को साझा किया. वहीं, जिला पंचायत उपाध्यक्ष राजा उपेंद्र बहादुर सिंह के घर से पेंड्रागढ़ की 200 साल पुरानी जमींदारी वंशावली और राजस्व व वन विभाग के ऐतिहासिक नक्शे मिले हैं, जो क्षेत्र के राजनीतिक और भौगोलिक इतिहास को समझने में अत्यंत सहायक सिद्ध होंगे।  क्या होता है इनका महत्व? दुर्लभ हस्तलिखित पांडुलिपियां ऐसे पुराने दस्तावेज या किताबें होती हैं, जिन्हें प्राचीन समय में हाथ से लिखा जाता था. उस दौर में छपाई मशीनें नहीं होती थीं, इसलिए विद्वान, पंडित या लेखक कागज, भोजपत्र, ताड़पत्र या कपड़े पर हाथ से धार्मिक, साहित्यिक, वैज्ञानिक और ऐतिहासिक जानकारी लिखते थे. इन पांडुलिपियों में धर्मग्रंथ, ज्योतिष, आयुर्वेद, इतिहास, संस्कृत साहित्य, गणित और समाज से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां होती हैं. कई पांडुलिपियां सैकड़ों साल पुरानी होती हैं, इसलिए उन्हें दुर्लभ और ऐतिहासिक धरोहर माना जाता है।  इनका महत्व इसलिए भी ज्यादा होता है क्योंकि ये हमें पुराने समय की भाषा, संस्कृति, परंपरा और ज्ञान के बारे में जानकारी देती हैं. कई बार इनमें ऐसी जानकारियां मिलती हैं, जो किसी छपी हुई किताब में उपलब्ध नहीं होतीं।   

मध्य प्रदेश में मौसम का बदलाव: 8 जिलों में आंधी और बारिश की चेतावनी, भोपाल-इंदौर में गर्मी बरकरार

भोपाल मध्य प्रदेश में मौसम अब फिर से बदलता हुआ दिख रहा है। एक्टिव दो टर्फों और एक साइक्लोनिक सर्कुलेशन के चलते सोमवार को भी कई जिलों में आंधी और बारिश का असर बना रहेगा। मौसम विभाग ने मंडला, सिवनी सहित आठ जिलों के लिए चेतावनी दी है। इधर, भोपाल, इंदौर, और उज्जैन के कुछ इलाकों में तेज गर्मी लोगों को परेशान कर सकती है। रविवार को रतलाम सबसे गर्म शहर रहा, जहां तापमान 45.5 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। मई में यह पहली बार है जब यह तापमान इतना ऊँचा गया। मौसम में आ रहे उतार-चढ़ाव से लोगों को उमस और गर्म हवाओं दोनों का सामना करना पड़ रहा है। इंडिया भू-आवरण विभाग की भोपाल शाखा के अनुसार बैतूल, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, सिवनी, बालाघाट, मंडला, डिंडौरी और अनूपपुर जिलों में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से आंधी चल सकती है। हल्की बारिश और बूंदाबांदी का भी अनुमान है। रविवार को प्रदेश के कई हिस्सों में मौसम बदलता रहा। इंदौर, भोपाल, नर्मदापुरम, सागर, जबलपुर, और शहडोल संभाग के करीब 18 जिलों में कहीं बादल छाए रहे, तो कहीं हल्की बारिश हुई। कई जगहों पर तेज हवा से थोड़ी राहत मिली, लेकिन दिन चढ़ने के साथ गर्मी फिर से बढ़ गई। IMD भोपाल के अनुसार, सोमवार को बैतूल, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, सिवनी, बालाघाट, मंडला, डिंडौरी और अनूपपुर में 30 से 40Km प्रतिघंटा की रफ्तार से आंधी और बारिश का अनुमान है। इसकी वजह टर्फ और चक्रवात का एक्टिव होना है।रविवार को तीन सिस्टम एक्टिव रहे। इससे इंदौर, भोपाल, नर्मदापुरम, सागर, जबलपुर और शहडोल संभाग के 18 जिलों में मौसम बदला रहा। कहीं बादल छाए तो कहीं बूंदाबांदी हुई। आज इन जिलों में तेज गर्मी का असर मौसम विभाग के अनुसार, सोमवार को भोपाल, इंदौर, उज्जैन, रतलाम, राजगढ़, नीमच, मंदसौर, छतरपुर, भिंड, मुरैना, श्योपुर, दतिया, शिवपुरी, अशोकनगर और शाजापुर में तेज गर्मी पड़ेगी।रतलाम में रिकॉर्ड 45.5 डिग्री पारा रविवार को प्रदेश के कई शहरों में तेज गर्मी पड़ी। रतलाम में इस सीजन मई में पहली बार पारा 45.5 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया। यहां लगातार दूसरे दिन प्रदेश में सबसे ज्यादा तापमान दर्ज किया गया। शाजापुर में 44 डिग्री, धार में 42.4 डिग्री, खंडवा में 42.1 डिग्री और नर्मदापुरम में 42 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज हुआ। रायसेन, नरसिंहपुर, सागर और गुना में पारा 40 डिग्री से अधिक रहा।प्रदेश के 5 बड़े शहरों में उज्जैन में सबसे ज्यादा 42.4 डिग्री तापमान दर्ज किया गया। भोपाल में 40.4 डिग्री, इंदौर में 41.9 डिग्री, ग्वालियर में 38.4 डिग्री और जबलपुर में 38.9 डिग्री सेल्सियस रहा। कल से हीट वेव का अलर्ट मौसम विभाग ने 12 मई से प्रदेश में हीट वेव यानी लू का अलर्ट जारी किया है। इंदौर और उज्जैन संभाग के जिलों में लू चल सकती है।मई में पहली बार तेज गर्मी का दौर प्रदेश में 30 अप्रैल से आंधी-बारिश का दौर शुरू हो गया था। लगातार 11 दिन यानी 10 मई तक बारिश हुई। कभी वेस्टर्न डिस्टरबेंस का असर रहा तो कभी चक्रवात और टर्फ का। इसी वजह से मई के पहले सप्ताह में बारिश हुई। रतलाम सबसे गर्म रविवार को प्रदेश के कई शहरों में तेज गर्मी का दौर देखने को मिला। इनमें सबसे अधिक तापमान रतलाम में रिकॉर्ड हुआ। सीजन में पहली बार प्रदेश का अधिकतम तापमान 45.5 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड हुआ। यहां लगातार दूसरे दिन प्रदेश में सबसे ज्यादा तापमान दर्ज हुआ। इसके अलावा शाजापुर में 44 डिग्री, धार में 42.4 डिग्री, खंडवा में 42.1 डिग्री और नर्मदापुरम में 42 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज हुआ। इसके अलावा, रायसेन, नरसिंहपुर, सागर और गुना में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से ज्यादा रिकॉर्ड हुआ। प्रदेश के 5 बड़े शहरों का तापमान बड़े शहरों में सबसे अधिक तापमान उज्जैन में 42.4 डिग्री दर्ज हुआ। इसके बाद इंदौर में 41.9 डिग्री, भोपाल में 40.4 डिग्री, जबलपुर में 38.9 डिग्री और ग्वालियर में 38.4 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। कल से हीट वेव का अलर्ट मौसम विभाग ने 12 मई से प्रदेश में हीट वेव यानी लू चलने का अलर्ट जारी किया है। बताया जा रहा है कि, इंदौर और उज्जैन संभाग के जिलों में लू का अधिक असर देखने को मिल सकता है। खास बातें -दो टर्फ और एक साइक्लोनिक सर्कुलेशन एक्टिव होने से सोमवार को एमपी के 8 जिलों में आंधी-बारिश की संभावना है। -बैतूल, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, सिवनी, बालाघाट, मंडला, डिंडौरी और अनूपपुर में आंधी बारिश हो सकती है। -30 से 40 किलोमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से आंधी चलने की भी संभावना है। -वहीं, भोपाल, इंदौर, उज्जैन, रतलाम, राजगढ़, नीमच, मंदसौर, छतरपुर, भिंड, मुरैना, श्योपुर, दतिया, शिवपुरी, अशोकनगर और शाजापुर में तेज गर्मी पड़ेगी।

सोमनाथ संकल्प महोत्सव में बोले सीएम योगी, विदेशी आक्रांताओं की कोशिशें रहीं नाकाम

 लखनऊ उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को कहा कि 'विदेशी आक्रांताओं' ने भारत की आध्यात्मिक और सांस्कृतिक पहचान को नष्ट करने के प्रयास किए लेकिन वह नाकाम रहे क्योंकि सनातन भारत की चेतना में बसता है और इसे मिटाया नहीं जा सकता। मुख्यमंत्री योगी ने 'सोमनाथ स्वाभिमान पर्व' के तहत वाराणसी में आयोजित 'सोमनाथ संकल्प महोत्सव' को संबोधित करते हुए कहा कि विदेशी आक्रांताओं ने सनातन को खत्म करने की कोशिश की लेकिन वह भारत की आत्मा को तोड़ नहीं सके। उन्होंने कहा कि मोहम्मद गौरी से लेकर मुगलों तक कई विदेशी आक्रांताओं ने हमारी आध्यात्मिक और सांस्कृतिक पहचान को नष्ट करने की कोशिश की। उन्होंने कहा कि औरंगजेब ने बाबा विश्वनाथ के प्राचीन मंदिर को ध्वस्त कर दिया और यहां गुलामी का प्रतीक एक ढांचा खड़ा कर दिया लेकिन वे भारत की आत्मा को तोड़ नहीं सके। वे यह नहीं समझ सके कि सनातन केवल मंदिरों की दीवारों के भीतर नहीं, बल्कि स्वयं भारत की चेतना में बसता है। भारत अपनी आत्मा को शाश्वत और अमर मानता है।योगी आदित्यनाथ ने कहा कि जिन्होंने सनातन को मिटाने की कोशिश की, वे खुद ही धूल में मिल गए और आज उन आक्रमणकारियों को कोई याद नहीं करता, लेकिन काशी विश्वनाथ धाम और सोमनाथ मंदिर भारत के स्वाभिमान की गाथा को आगे बढ़ा रहे हैं। लोगों ने सोमनाथ मंदिर के पुनर्निर्माण का विरोध किया था उन्होंने कहा कि आज भी ऐसी ताकतें मौजूद हैं जो भारत के आध्यात्मिक और सांस्कृतिक प्रतीकों के पुनरुत्थान का विरोध करती हैं। मुख्यमंत्री ने किसी भी राजनीतिक दल या नेता का नाम लिए बगैर कहा कि जिन लोगों ने सोमनाथ मंदिर के पुनर्निर्माण का विरोध किया था, उन्हीं लोगों ने बाद में अयोध्या में राम मंदिर के निर्माण में भी बाधाएं खड़ी कीं। उन्होंने कहा कि हम जानते हैं कि सोमनाथ महादेव मंदिर की पुनर्स्थापना के कार्यक्रम के दौरान बाधाएं खड़ी करने वाले लोग कौन थे। ये वही लोग थे जिन्होंने बाद में राम मंदिर के निर्माण और इस मुद्दे के समाधान में बार-बार रुकावट डालने की कोशिश की। आदित्यनाथ ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को देश को 'एक भारत, श्रेष्ठ भारत' के विज़न की ओर ले जाने और पूरे भारत में प्रमुख आध्यात्मिक केंद्रों के पुनरुद्धार का नेतृत्व करने का श्रेय दिया और इसके लिए उनके प्रति आभार प्रकट किया। नए वैभव के साथ विकास की एक नई यात्रा पर आगे बढ़ रहे मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि चाहे वह सौराष्ट्र में सोमनाथ मंदिर का भव्य पुनर्निर्माण और सौंदर्यीकरण हो, काशी में काशी विश्वनाथ धाम हो, उज्जैन में महाकाल महालोक हो, या अयोध्या में राम मंदिर का निर्माण हो; सनातन परंपरा से जुड़े कई पवित्र केंद्र नए वैभव के साथ विकास की एक नई यात्रा पर आगे बढ़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि ये पहल प्रधानमंत्री से प्रेरित हैं और उत्तर प्रदेश की जनता की ओर से, मैं उन्हें बधाई देता हूं। इस अवसर पर राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने भी जनसभा को संबोधित किया।

5000 से अधिक लंबित पदों पर जल्द बहाली के संकेत

पटना बिहार सरकार के नए योजना एवं विकास मंत्री भगवान सिंह कुशवाहा ने सोमवार को पटना के घंटाघर स्थित कार्यालय में विभाग का कार्यभार संभाल लिया। पदभार ग्रहण के दौरान विभाग की अपर मुख्य सचिव डॉ. एन. विजयलक्ष्मी समेत कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। कार्यभार संभालने के बाद मंत्री को विभाग की योजनाओं, सांख्यिकी गतिविधियों और विकास कार्यक्रमों की विस्तृत जानकारी दी गई। इसके साथ ही विभाग की मौजूदा स्थिति और आगामी कार्ययोजना पर भी प्रस्तुतीकरण किया गया। नौकरी और बहाली को बताया सबसे बड़ी प्राथमिकता कार्यभार संभालते ही मंत्री भगवान सिंह कुशवाहा एक्शन मोड में नजर आए। उन्होंने साफ कहा कि विभाग में लंबित बहालियों को पूरा करना उनकी पहली प्राथमिकता होगी। मंत्री ने कहा कि बेरोजगार युवाओं को रोजगार देना सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारी है। उन्होंने संकेत दिया कि लंबे समय से अटकी नियुक्तियों पर जल्द फैसला लिया जाएगा। 5000 से ज्यादा पदों की बहाली पर फोकस मंत्री कुशवाहा ने विभाग में लंबित करीब पांच हजार से अधिक पदों का मुद्दा प्रमुखता से उठाया। उन्होंने कहा कि चयन प्रक्रिया पूरी होने और कोर्ट के आदेश आने के बावजूद अब तक नियुक्तियां नहीं हो सकी हैं। मंत्री ने बताया कि इस मुद्दे को वे पहले बिहार विधानसभा और विधान परिषद में भी उठा चुके हैं। अब विभाग की जिम्मेदारी मिलने के बाद वे इस मामले को प्राथमिकता के आधार पर आगे बढ़ाएंगे। LAEO और जिला योजना पदाधिकारियों पर नजर मंत्री ने कहा कि योजना एवं विकास विभाग बिहार के विकास कार्यों में बेहद अहम भूमिका निभाता है। उन्होंने बताया कि जिले स्तर पर LAEO-1, LAEO-2 और जिला योजना पदाधिकारी योजनाओं को लागू करते हैं। विभाग की कार्यप्रणाली और जमीनी स्तर की स्थिति की समीक्षा कर आगे की रणनीति तय की जाएगी। उन्होंने कहा कि विकास योजनाओं की मॉनिटरिंग को और मजबूत बनाया जाएगा। अधिकारियों को भी दिखाई सख्ती भगवान सिंह कुशवाहा ने साफ कहा कि सिर्फ सरकार की इच्छा से काम नहीं चलेगा, अधिकारियों को भी गंभीरता दिखानी होगी। उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का जिक्र करते हुए कहा कि सरकार हमेशा रोजगार देने के पक्ष में रही है। लेकिन विभागीय स्तर पर तेजी और जवाबदेही जरूरी है, तभी नियुक्ति प्रक्रिया समय पर पूरी होगी। मंत्री ने कहा कि खाली पदों का आकलन कर जल्द बहाली प्रक्रिया शुरू की जानी चाहिए। तकनीक आधारित मॉनिटरिंग पर जोर अपर मुख्य सचिव डॉ. एन. विजयलक्ष्मी ने कहा कि विभाग विकास योजनाओं की निगरानी और मूल्यांकन को लगातार मजबूत कर रहा है। उन्होंने बताया कि तकनीक आधारित कार्यप्रणाली को बढ़ावा दिया जा रहा है ताकि योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे। मंत्री ने भी भरोसा दिलाया कि जो काम अब तक अधूरे रह गए हैं, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जाएगा। उन्होंने कहा कि विधायिका और कार्यपालिका के बेहतर समन्वय से ही बिहार के विकास को नई गति मिलेगी।  

मादक पदार्थों के खिलाफ सख्ती, किशनगंज पुलिस ने बनाई विशेष एएनटीएफ टीम

किशनगंज बिहार के किशनगंज जिले में बढ़ते मादक पदार्थों के अवैध कारोबार पर प्रभावी रोक लगाने के उद्देश्य से पुलिस कप्तान ने बड़ा कदम उठाया है। किशनगंज पुलिस ने बिहार की पहली एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (एएनटीएफ) का गठन किया है। पुलिस अधीक्षक संतोष कुमार ने इसकी घोषणा करते हुए कहा कि जिले को सूखे नशे के कारोबार से मुक्त कराने के लिए यह विशेष टीम पूरी गंभीरता और रणनीति के साथ काम करेगी। एसपी संतोष कुमार ने बताया कि बिहार में पहली बार किसी जिले में इस प्रकार की विशेष एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स का गठन किया गया है। इसका मुख्य उद्देश्य मादक पदार्थों की तस्करी करने वाले गिरोहों, उनके नेटवर्क, फंडिंग और आकाओं तक पहुंच कर पूरे अवैध कारोबार को जड़ से समाप्त करना है। इस विशेष टास्क फोर्स का नेतृत्व एसडीपीओ मंगलेश कुमार सिंह करेंगे, जबकि इंस्पेक्टर राजू को इसका प्रभारी बनाया गया है। टीम में कुल 12 पुलिस अधिकारी और पुलिसकर्मी शामिल किए गए हैं, जिन्हें विशेष जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। जेल से छूटने के बाद भी रहेगी निगरानी पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि केवल गिरफ्तारी तक कार्रवाई सीमित नहीं रहेगी। एएनटीएफ उन तस्करों की गतिविधियों पर भी लगातार नजर रखेगी जो जेल से छूट चुके हैं या भविष्य में रिहा होंगे। ऐसे लोगों पर प्रिवेंटिव एक्शन लेते हुए दोबारा अपराध में शामिल होने से रोकने की रणनीति तैयार की गई है। एक हेल्पलाइन नंबर भी जारी करेगी, जिसके माध्यम से आम लोग गुप्त रूप से मादक पदार्थों की तस्करी या सेवन से जुड़ी जानकारी पुलिस तक पहुंचा सकेंगे। एसपी संतोष कुमार ने कहा कि बिहार में पहली बार किसी जिले में इस प्रकार की विशेष एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स का गठन किया गया है। उद्देश्य मादक पदार्थों की तस्करी करने वाले गिरोहों, उनके नेटवर्क, फंडिंग और आकाओं तक पहुंच कर पूरे अवैध कारोबार को जड़ से समाप्त करना है। युवाओं को जागरूक करने पर भी रहेगा जोर एसपी संतोष कुमार ने कहा कि पुलिस केवल कानूनी कार्रवाई तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि युवाओं और आम लोगों के बीच जागरूकता अभियान भी चलाएगी। स्कूल, कॉलेज और सार्वजनिक स्थलों पर नशे के दुष्प्रभावों के प्रति लोगों को जागरूक किया जाएगा ताकि युवा पीढ़ी को इस जाल में फंसने से बचाया जा सके। उन्होंने कहा कि जो लोग नशे के सेवन के आदी हैं, उन्हें नशा मुक्ति केंद्रों में भर्ती करवाने की दिशा में भी पहल की जाएगी। पुलिस प्रशासन का मानना है कि नशे के खिलाफ लड़ाई केवल कानून से नहीं बल्कि सामाजिक सहयोग और जागरूकता से भी जीती जा सकती है। एसपी ने जिलेवासियों से सहयोग की अपील करते हुए कहा कि किशनगंज को सूखे नशे से मुक्त कराना पुलिस की प्राथमिकता है और इस मिशन को हर हाल में पूरा किया जाएगा। एएनटीएफ का मुख्य कार्य जिले और आसपास के क्षेत्रों में सक्रिय मादक पदार्थ तस्करी गिरोहों की पहचान करना, उनके आपराधिक इतिहास का अध्ययन करना तथा उनके नेटवर्क और सप्लाई चैन की पूरी जानकारी जुटाना होगा। पुलिस इन अपराधियों का विस्तृत डोजियर तैयार करेगी ताकि संगठित रूप से इनके खिलाफ कार्रवाई की जा सके। एसपी ने कहा कि यह टास्क फोर्स सूचना संकलन और सत्यापन के बाद छापेमारी करेगी तथा कानूनी कार्रवाई को अंजाम देगी। इसके अलावा मादक पदार्थों की तस्करी में संलिप्त लोगों की संपत्ति जब्ती की कार्रवाई भी की जाएगी। पुलिस का प्रयास रहेगा कि गिरफ्तार तस्करों के खिलाफ स्पीडी ट्रायल चलाकर जल्द से जल्द सजा दिलाई जाए।