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झारखंड महागठबंधन में दरार: कांग्रेस की अंदरूनी खींचतान से झामुमो भी चिंतित

 रांची  झारखंड की सत्ताधारी महागठबंधन सरकार में कांग्रेस की अंदरूनी खींचतान अब सहयोगी दल झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के लिए भी चिंता का सबब बनती जा रही है। लगातार बढ़ रही गुटबाजी और नेताओं के बीच खुलकर सामने आ रहे मतभेदों ने गठबंधन की सियासत को असहज मोड़ पर ला खड़ा किया है। हाल के दिनों में मंत्री राधाकृष्ण किशोर के तेवरों ने राजनीतिक हलकों में नई बहस छेड़ दी है। उन्होंने एक साथ कई मुद्दों पर नाराजगी जाहिर कर यह संकेत दे दिया है कि कांग्रेस के भीतर सबकुछ सामान्य नहीं है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष केशव महतो कमलेश के खिलाफ पार्टी के अंदर असंतोष लगातार बढ़ रहा है। संगठन में फैसलों की शैली, कार्यकर्ताओं की उपेक्षा और राजनीतिक समन्वय को लेकर कई वरिष्ठ नेता नाराज बताए जा रहे हैं। यही वजह है कि प्रदेश नेतृत्व में बदलाव को लेकर अंदरखाने लामबंदी तेज हो गई है। कांग्रेस के कुछ नेता मानते हैं कि मौजूदा परिस्थितियों में संगठन को संभालने के लिए नए नेतृत्व की जरूरत महसूस की जा रही है। झामुमो लगातार रख रहा नजर राजनीतिक गलियारों में यह चर्चा भी तेज है कि मंत्रियों के विभागों के पुन: बंटवारे और राजनीतिक हिस्सेदारी को लेकर भी असहमति पैदा हो सकती है। कई नेताओं को यह शिकायत है कि संगठन और सरकार के बीच बेहतर तालमेल नहीं बन पा रहा है। इसी कारण समय-समय पर सार्वजनिक बयानबाजी सामने आ रही है, जिससे गठबंधन की छवि प्रभावित हो रही है। झामुमो भी इस स्थिति पर नजर बनाए हुए है, क्योंकि कांग्रेस की अंदरूनी कलह का सीधा असर सरकार की स्थिरता और समन्वय पर पड़ सकता है। भाषा विवाद पर भी धर्मसंकट इधर मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने हाल में भाषा विवाद के मुद्दे पर प्रदेश अध्यक्ष से जवाब मांगकर राजनीतिक तापमान और बढ़ा दिया है। वे इस निमित्त गठित मंत्रियों के समूह में शामिल हैं। इसका हवाला देते हुए उन्होंने प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष से पार्टी का आधिकारिक पक्ष बताने को कहा है। जिस तरह सार्वजनिक रूप से प्रदेश अध्यक्ष पर सवाल खड़े हो रहे हैं, उससे यह स्पष्ट संकेत गया कि पार्टी के भीतर संवाद और भरोसे का संकट गहराता जा रहा है। कांग्रेस जल्द ही अंदरूनी मतभेदों को नियंत्रित नहीं करती है तो इसका असर आगामी राजनीतिक रणनीतियों और गठबंधन की मजबूती पर पड़ सकता है। झामुमो की चिंता इस बात को लेकर भी बढ़ रही है कि विपक्ष लगातार महागठबंधन की एकजुटता पर सवाल उठा रहा है। भाजपा कांग्रेस की अंदरूनी कलह को मुद्दा बनाकर सरकार को घेरने की कोशिश कर रही है। ऐसे में गठबंधन के सहयोगी दल चाहते हैं कि कांग्रेस अपने संगठनात्मक विवादों को जल्द सुलझाए ताकि सरकार विकास और जनहित के मुद्दों पर केंद्रित रह सके।  

सावधान! 1 रुपये के ऑफर में खाली हो सकता है बैंक खाता, पुलिस ने चेताया

फतेहाबाद. मोबाइल एप्स पर तीन दिन फ्री ट्रायल और ₹1 सब्सक्रिप्शन जैसे आकर्षक आफर अब लोगों के लिए परेशानी का कारण बनते जा रहे हैं। साइबर अपराधी इन आफरों के जरिए लोगों को अपने जाल में फंसा रहे हैं और ट्रायल स्वीकार करते ही बैंक खातों से रकम कटनी शुरू हो जाती है। पुलिस ने इसको लेकर आमजन के लिए विशेष साइबर एडवाइजरी जारी कर सतर्क रहने की अपील की है। साइबर विशेषज्ञों के अनुसार ठग इंटरनेट मीडिया और विभिन्न आनलाइन प्लेटफार्म पर विज्ञापन चलाकर लोगों को मोबाइल ऐप डाउनलोड करने के लिए प्रेरित करते हैं। ऐप इंस्टाल करते समय यूजर को फ्री ट्रायल, ₹1 में प्रीमियम सेवा या सीमित समय का आफर दिखाया जाता है। कई लोग बिना शर्तें पढ़े आई एग्री या सब्सक्राइब पर क्लिक कर देते हैं। इसके बाद एप बैंक खाते, डेबिट कार्ड, क्रेडिट कार्ड या यूपीआई से आटो-पे की अनुमति ले लेता है। एप डिलीट करने के बाद भी जारी रहती है कटौती ट्रायल अवधि समाप्त होने के बाद बिना स्पष्ट सूचना के हर माह या सालाना आधार पर 499 रुपये, 899 रुपये या इससे अधिक राशि खाते से कटने लगती है। कई मामलों में लोग एप को मोबाइल से हटाने के बाद भी सुरक्षित महसूस करते हैं, लेकिन आटो-पे बंद न होने के कारण कटौती लगातार जारी रहती है। जब तक उपभोक्ता बैंक स्टेटमेंट नहीं देखते, तब तक उन्हें ठगी का पता नहीं चलता। विशेषज्ञों का कहना है कि यह साइबर ठगी आर्थिक नुकसान के साथ मानसिक तनाव भी बढ़ा रही है। खासकर युवा और बुजुर्ग ऐसे ऑफरों का आसानी से शिकार बन रहे हैं। ऐसे करें खुद को सुरक्षित साइबर ठगी से बचने के लिए किसी भी ऐप को डाउनलोड करने से पहले उसकी प्रामाणिकता, रेटिंग और रिव्यू अवश्य जांचें। टर्म्स एंड कंडीशंस पढ़े बिना किसी आफर को स्वीकार न करें। बैंक खाते या कार्ड से जुड़े आटो-पे और स्टैंडिंग इंस्ट्रक्शन की समय-समय पर जांच करते रहें। अनजान एप को कार्ड या नेट बैंकिंग की अनुमति देने से बचें। केवल ऐप डिलीट करना पर्याप्त नहीं होता, बल्कि संबंधित प्लेटफार्म पर जाकर आधिकारिक रूप से सब्सक्रिप्शन कैंसिल करना जरूरी है। परिवार के सदस्यों, विशेषकर बच्चों और बुजुर्गों को भी इस ऑनलाइन ठगी के बारे में जागरूक करना आवश्यक है। फ्रॉड होने पर तुरंत उठाएं कदम यदि खाते से बिना अनुमति राशि कटने लगे तो तुरंत बैंक से संपर्क कर ऑटो-पे बंद करवाएं। जरूरत पड़ने पर कार्ड ब्लाक कराएं और साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज करवाएं। आनलाइन शिकायत cybercrime.gov.in पर भी दर्ज कराई जा सकती है। एसपी निकिता खट्टर ने कहा कि साइबर अपराधी लगातार नए तरीके अपनाकर लोगों को निशाना बना रहे हैं। इसलिए किसी भी लालच में आकर अपनी बैंकिंग जानकारी साझा न करें। सतर्कता और जागरूकता ही साइबर ठगी से बचाव का सबसे प्रभावी तरीका है।

अखिल भारतीय क्षत्रिय कुर्मी समाज के प्रदेश स्तरीय सम्मेलन एवं सम्मान समारोह में शामिल हुए मुख्यमंत्री साय

रायपुर  मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय आज कबीरधाम जिले के डोंगरिया में आयोजित अखिल भारतीय क्षत्रिय कुर्मी समाज के प्रदेश स्तरीय सम्मेलन एवं सम्मान समारोह में शामिल हुए। इस अवसर पर उन्होंने समाज की एकता, संगठन, सामाजिक चेतना तथा देश और प्रदेश के विकास में कुर्मी समाज के योगदान को रेखांकित करते हुए कहा कि एक संगठित और सशक्त समाज ही मजबूत राष्ट्र की आधारशिला होता है। मुख्यमंत्री  साय ने कार्यक्रम के दौरान क्षेत्रवासियों को सिंचाई, सड़क और धार्मिक पर्यटन से जुड़े महत्वपूर्ण विकास कार्यों की सौगात भी दी। इससे पूर्व उन्होंने जलेश्वर महादेव धाम पहुंचकर भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक किया तथा प्रदेशवासियों के सुख, शांति और समृद्धि की कामना की। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि कुर्मी समाज का इतिहास अत्यंत गौरवशाली रहा है। छत्रपति शिवाजी महाराज और लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल जैसी महान विभूतियों ने देश की एकता, सुरक्षा और राष्ट्र निर्माण में ऐतिहासिक भूमिका निभाई है। उन्होंने कहा कि कुर्मी समाज मेहनतकश, प्रगतिशील और जागरूक समाज है, जिसने खेती-किसानी से लेकर शिक्षा, प्रशासन और सामाजिक नेतृत्व तक हर क्षेत्र में अपनी विशिष्ट पहचान बनाई है। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश सांस्कृतिक और आध्यात्मिक पुनर्जागरण के नए दौर से गुजर रहा है। अयोध्या में भगवान राम मंदिर निर्माण करोड़ों देशवासियों की आस्था का प्रतीक बना है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार रामलला दर्शन योजना के माध्यम से श्रद्धालुओं को अयोध्या दर्शन करा रही है तथा अब तक लगभग 42 हजार श्रद्धालु इसका लाभ ले चुके हैं। मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना को भी पुनः प्रारंभ किया गया है, जिसके अंतर्गत वरिष्ठ नागरिकों को देश के 19 प्रमुख तीर्थ स्थलों की यात्रा कराई जा रही है। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि राज्य सरकार ने पिछले ढाई वर्षों में “मोदी की गारंटी” को धरातल पर उतारने का कार्य किया है। महतारी वंदन योजना के अंतर्गत अब तक 27 किश्तों का भुगतान किया जा चुका है, जिससे प्रदेश की लाखों मातृशक्ति के खातों में 27-27 हजार रुपये की राशि पहुंच चुकी है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में 10 हजार 500 करोड़ रुपये की सिंचाई परियोजनाओं को स्वीकृति दी गई है, जिससे कृषि क्षेत्र को नई मजबूती मिलेगी। रेलवे अधोसंरचना के विस्तार और आधुनिकीकरण पर भी तेजी से कार्य किया जा रहा है। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी के विकसित भारत 2047 के संकल्प के अनुरूप छत्तीसगढ़ को विकसित राज्य बनाने के लिए विजन डॉक्यूमेंट तैयार कर योजनाबद्ध तरीके से कार्य किया जा रहा है। प्रदेश की पांच प्रमुख शक्ति पीठों को विकसित कर धार्मिक और सांस्कृतिक कॉरिडोर के माध्यम से जोड़ने की दिशा में भी सरकार कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि जो समाज शिक्षित और संगठित होता है, वही निरंतर विकास के नए आयाम स्थापित करता है। इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री  विजय शर्मा ने कहा कि समाज की वास्तविक शक्ति उसकी एकता और संगठन में निहित होती है। उन्होंने कहा कि जिस समाज के प्रेरणास्रोत छत्रपति शिवाजी महाराज और सरदार वल्लभभाई पटेल जैसे महानायक हों, वह समाज स्वाभाविक रूप से गौरवशाली और प्रगतिशील बनता है। उन्होंने समाज से शिक्षा, संगठन और सामाजिक समरसता को और मजबूत करने का आह्वान किया। राज्यसभा सांसद मती लक्ष्मी वर्मा ने कहा कि कुर्मी समाज की सबसे बड़ी ताकत उसकी एकजुटता, संगठन और पारस्परिक विश्वास है। उन्होंने कहा कि जहां विश्वास, संस्कार और चरित्र का समावेश होता है, वहां समाज निरंतर प्रगति करता है और नई पीढ़ियों को दिशा देता है। तखतपुर विधायक  धरमजीत सिंह ने कहा कि कुर्मी समाज छत्तीसगढ़ का एक प्रमुख, जागरूक और प्रगतिशील समाज है, जिसकी मजबूत उपस्थिति प्रदेश के लगभग प्रत्येक गांव में दिखाई देती है। पंडरिया विधायक मती भावना बोहरा ने कहा कि कुर्मी समाज मेहनत, कर्मठता और प्रगतिशील सोच के लिए जाना जाता है तथा समाज के लोग हर क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य कर रहे हैं। अखिल भारतीय क्षत्रिय कुर्मी समाज के राष्ट्रीय अध्यक्ष  सर्वेश कटियार ने कहा कि कुर्मी समाज की संगठनात्मक परंपरा 132 वर्षों से अधिक पुरानी है। समाज ने अपनी मेहनत, सामाजिक मूल्यों और एकता के बल पर देशभर में विशिष्ट पहचान स्थापित की है। उन्होंने कहा कि जहां-जहां कुर्मी समाज की सक्रिय भागीदारी रही है, वहां विकास और सामाजिक प्रगति को नई दिशा मिली है। इस अवसर पर गणमान्य जनप्रतिनिधि, अधिकारीगण एवं समाज के लोग उपस्थित थे।

40 किलो अनाज नहीं मिला तो भड़का मजदूर, राजगढ़ में बस रोककर किया प्रदर्शन

राजगढ़. मेहनत की कमाई से खरीदे 40 किलो गेहूं का कट्टा गायब हुआ तो एक मजदूर का गुस्सा सड़क पर उतर आया। राजस्थान रोडवेज की बस जैसे ही खिलचीपुर बस स्टैंड से रवाना होने लगी, मजदूर बस के सामने बैठ गया और बोला- “गेहूं नहीं मिला तो बस भी नहीं जाएगी।” करीब 25 मिनट तक बस स्टैंड पर हंगामे जैसी स्थिति बनी रही। यात्री परेशान होते रहे, भीड़ जमा हो गई और आखिरकार मामला 500 रुपये देकर शांत कराया गया। अकलेरा से लेकर आया था परिवार का राशन खिलचीपुर के कालाजी बड़ली निवासी बिरम मोगिया मजदूरी कर परिवार चलाता है। शुक्रवार शाम वह राजस्थान के अकलेरा से 40 किलो गेहूं का कट्टा लेकर कोटा-ब्यावरा रोडवेज बस में सवार हुआ था। उसने गेहूं का कट्टा बस की डिग्गी में रखवाया, लेकिन खिलचीपुर पहुंचने पर उसका सामान गायब मिला। बस कंडक्टर से शिकायत करने पर उसे कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला और उसे खिलचीपुर बस स्टैंड पर उतार दिया गया, जिसके बाद बस आगे निकल गई। आरोप है कि किराया लेने के बावजूद कंडक्टर ने टिकट तक नहीं दिया। अगले दिन बस देखते ही अड़ गया मजदूर शनिवार सुबह वही बस फिर खिलचीपुर बस स्टैंड पहुंची तो बिरम पहले से वहां मौजूद था। बस जैसे ही रवाना होने लगी, वह अचानक बस के सामने बैठ गया। उसने साफ कह दिया कि “जब तक मेरा गेहूं नहीं मिलेगा, बस आगे नहीं जाएगी।” हालात ऐसे बने कि मजदूर ने बस के आगे लेटने तक की चेतावनी दे डाली। यात्रियों की भीड़, बस स्टैंड पर हंगामा मजदूर के विरोध के चलते करीब 25 मिनट तक बस खड़ी रही। बस में बैठे यात्री परेशान होते रहे, वहीं बाहर लोगों की भीड़ जुट गई। स्थिति बिगड़ती देख बस परिचालक ने मजदूर को 500 रुपये दिए। इसके बाद स्थानीय लोगों ने समझाइश देकर मामला शांत कराया और बस को रवाना किया गया।

समय पर शुरू और पूरे हों विकास कार्य, मंत्री देवांगन ने अफसरों को चेताया

रायपुर. प्रदेश के उद्योग, सार्वजनिक उपक्रम, आबकारी व श्रम मंत्री लखनलाल देवांगन ने नगर निगम कोरबा के अधिकारियों को कडे़ निर्देश देते हुये कहा है कि निगम क्षेत्र के वार्डाे में प्रगतिरत विकास कार्याे को समयसीमा के अंदर पूरा करायें तथा जो कार्य अभी तक प्रारंभ नहीं किये गये हैं, उन्हें शीघ्र प्रारंभ कराये। उन्हेाने कहा कि निर्माण कार्याे को प्रारंभ करने में देरी व कार्य प्रारंभ कर बीच में कार्य रोकने वाली निर्माण एजेंसियों के विरूद्ध कार्यवाही करें, नोटिस दें तथा यदि फिर भी कार्य प्रारंभ नहीं किया जाता तो अमानत राशि राजसात करते हुये ऐसे निर्माण एजंेसियों को ब्लेक लिस्ट किये जाने की कार्यवाही भी करें। उन्होने यह अंतिम रूप से सुनिश्चित करें कि किया जा रहा विकास कार्य पूर्ण गुणवत्तायुक्त है, साथ ही गुणवत्ता के साथ किसी प्रकार का कम्प्रोमाईज न हो, यह भी सुनिश्चित करें।    उक्ताशय के निर्देश उद्योग मंत्री लखनलाल देवांगन ने  विकास कार्याे की समीक्षा बैठक के दौरान अधिकारियों को दिये। मंत्री श्री देवांगन ने नगर पालिक निगम कोरबा के दर्री जोन व सर्वमंगलानगर जोन के अधिकारियों व वार्ड पार्षदों की बैठक लेकर इन दोनों जोन के 20 वार्डाे के विकास कार्याे की वार्डवार समीक्षा की। बैंठक के दौरान महापौर श्रीमती संजूदेवी राजपूत, आयुक्त श्री आशुतोष पाण्डेय, सभापति श्री नूतन सिंह ठाकुर, वरिष्ठ पार्षद श्री नरेन्द्र देवांगन भी उपस्थित थे। वर्तमान में दर्री जोन व सर्वमंगलानगर जोन में कुल 166 कार्य स्वीकृत हुये थे, जिसमें दर्री जोन के 14 वार्डाे के 112 कार्य स्वीकृत कार्याे में 45 कार्य पूर्ण कर लिये गये हैं, 45 कार्य प्रगतिरत हैं तथा 22 कार्य अभी अप्रारंभ हैं। इसी प्रकार सर्वमंगला नगर जोन के 06 वार्डाे के स्वीकृत 54 विकास कार्याे में 28 कार्य पूर्ण, 14 प्रगतिरत व 12 विकास कार्य अप्रारंभ है। अप्रारंभ विकास कार्याे की वार्डवार समीक्षा करते हुय उद्योग मंत्री श्री देवांगन ने अधिकारियों को कड़े निर्देश दिये कि संबंधित निर्माण एजेंसियों को नोटिस दें तथा कार्याे को शीघ्र प्रारंभ करायें, इसी प्रकार प्रगतिरत विकास कार्यों की समीक्षा के दौरान यह तथ्य सामने आया कि कुछ कार्य बीच में रूके हुये हैं, इस पर उद्योग मंत्री श्री देवांगन ने कड़ा रूख अख्तियार करते हुये अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे संबंधित निर्माण एजंेसियों को कार्य प्रारंभ करने का नोटिस दें, फिर भी यदि उनके द्वारा कार्य प्रारंभ नहीं किया जाता तो उनकी जमा अमानत राशि राजसात करते हुये उन्हें ब्लेक लिस्टेड किये जाने की कार्यवाही करें। उद्योग मंत्री देवांगन ने अधिकारियों से कहा कि विकास व निर्माण कार्याे के संपादन के दौरान संबंधित अभियंतागण कार्याे की निरंतर मानीटरिंग करें, गुणवत्ता पर विशेष ध्यान रखें तथा यह अंतिम रूप से सुनिश्चित करें कि विकास कार्य पूरी गुणवत्ता के साथ संपादित हों तथा कार्य में उपयोग की जाने वाली सामग्री निर्धारित मानकों के अनुरूप हों। विविध निर्माण कार्याे की वार्डवार समीक्षा बैठक के दौरान उद्योग मंत्री देवांगन ने दर्री जोन व सर्वमंगला नगर जोन के वार्डाे में विभिन्न मदों जिला खनिज न्यास मद, अधोसंरचना, वित्त आयोग मद, मध्यक्षेत्र आदिवासी विकास प्राधिकरण, राजस्व व आपदा प्रबंधन, प्रभारी मंत्री मद, विधायक मद, सी.एस.आर. मद, महापौर मद, पार्षद निधि, निगम मद सहित अन्य विभिन्न मदों के अंतर्गत किये जाने वाले सी.सी. रोड निर्माण, नाली निर्माण, सामुदायिक भवन, सार्वजनिक शेड मंच, स्कूल भवन, आंगनबाड़ी, किचन शेड, अहाता व बाउण्ड्रीवाल, शौचालय निर्माण, उप स्वास्थ्य केन्द्र उन्नयन, अतिरिक्त क क्षों का निर्माण, चबूतरा, सांस्कृतिक मंच निर्माण, कलवर्ट, मुक्तिधाम, घाट पचरी निर्माण, तालाब गहरीकरण, कांजी हाउस जीर्णाेद्धार, यात्री प्रतीक्षालय, पेयजल व्यवस्था से जुड़े कार्य तथा विद्युत विस्तार व स्ट्रीट लाईट से जुडे़ कार्याे की कार्य प्रगति की वार्डवार समीक्षा की तथा कार्याे की कार्यप्रगति में तेजी लाने के निर्देश दिये।  साफ-सफाई कार्याे में और अधिक कसावट लायें  उद्योग मंत्री श्री लखनलाल देवांगन बैठक के दौरान उक्त दोनों जोन के 20 वार्डाे की साफ-सफाई व्यवस्था व किये जा रहे सफाई कार्याे की समीक्षा की तथा स्वास्थ्य अधिकारी को निर्देश दिये कि साफ-सफाई कार्याे में और अधिक कसावट लायें। उन्होने कहा कि विगत वर्ष के स्वच्छ सर्वेक्षण में हमारे कोरबा ने स्वच्छता रैंकिंग में देश में 08वॉं स्थान प्राप्त किया था, हम सबको मिलकर इस दिशा में और अधिक मेहनत करनी होगी ताकि हमारा कोरबा देश में नम्बर-01 पर आये तथा छत्तीसगढ़ राज्य व ऊर्जानगरी कोरबा का गौरव बढ़े।  पेयजल आपूर्ति व स्ट्रीट लाईट से जुडे़ कार्याे की समीक्षा  बैठक के दौरान उद्योग मंत्री श्री देवांगन ने पेयजल आपूर्ति व्यवस्था तथा स्ट्रीट लाईट से जुडे़ कार्याे की कार्यप्रगति की समीक्षा की। उन्हेाने अधिकारियों को निर्देश देते हुये कहा कि सभी वार्ड बस्तियो में पेयजल की आपूर्ति निर्वाध रूप से तथा नियत समय में की जाएं, विद्युत अवरोध, पाईप लाईनों की टूट-फूट या किसी अन्य कारणवश किसी वार्ड व बस्ती में पानी की सप्लाई बाधित होती है तो तत्काल टैंकर के माध्यम से वहॉं पानी उपलब्ध कराया जाए ताकि इस बढ़ती गर्मी में वहॉं के नागरिकों को पेयजल की समस्या का सामना न करना पड़े। उद्योग मंत्री श्री देवांगन ने निगम द्वारा लगाई जा रही नई स्ट्रीट लाईटों के कार्य में तेजी लाने तथा जिन वार्डाे में स्ट्रीट लाईट लगाई जा रही है, उन सभी वार्डाे में एक साथ कार्य किये जाने के निर्देश भी अधिकारियों को दिये।  पार्षदगण अनिवार्य व आवश्यक कार्याे के प्रस्ताव मुझे दें  समीक्षा बैठक के दौरान उपस्थित वार्ड पार्षदों से उद्योग मंत्री श्री देवांगन ने कहा कि वार्डाे में जो कार्य कराये जाने अत्यंत आवश्यक है, उन कार्याे के सूची वे मुझे उपलब्ध करायें, ताकि इन आवश्यक कार्याे के प्राक्कलन तैयार कराकर शासन से स्वीकृति प्राप्त किये जाने की कार्यवाही की जा सके तथा वार्ड के नागरिकों की मंशा व उनकी आवश्यकता के अनुरूप वार्ड में विकास कार्य कराये जा सके। समीक्षा बैठक में दिये गये निर्देशों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करें  इस अवसर पर महापौर संजूदेवी राजपूत ने निगम के अधिकारियों को निर्देशित करते हुये कहा कि समीक्षा बैठक के दौरान जो भी निर्देश प्रदान किये जा रहे हैं, उनका कड़ाई से पालन किया जाना सुनिश्चित करें। उन्होने कहा कि निगम के विकास व निर्माण कार्याे, नागरिक सेवाओं व सुविधाओं से जुड़े कार्याे की कार्यप्रगति में तेजी के साथ-साथ आमजन की समस्याओं व शिकायतों पर विशेष रूप से फोकस करें तथा प्राप्त शिकायतों का समयसीमा में निराकरण करायें। बैठक … Read more

तलाक मामलों में सख्ती: व्यभिचार के आरोप के लिए ठोस साक्ष्य जरूरी, पटना HC का आदेश

पटना  वैवाहिक विवादों और तलाक के मामलों पर सुनवाई करते हुए पटना हाईकोर्ट ने एक दूरगामी फैसला सुनाया है। न्यायमूर्ति नानी तगिया और न्यायमूर्ति आलोक कुमार पांडेय की खंडपीठ ने साफ किया कि किसी भी जीवनसाथी पर अवैध संबंधों का आरोप लगाकर विवाह विच्छेद (तलाक) की डिक्री तब तक प्राप्त नहीं की जा सकती, जब तक कि आरोप सिद्ध करने के लिए पर्याप्त और ठोस साक्ष्य मौजूद न हों। कोर्ट ने कहा कि व्यभिचार (Adultery) जैसे गंभीर आरोपों के लिए घटना का समय, स्थान और संबंधित व्यक्ति के विवरण जैसे स्पष्ट तथ्यों का उल्लेख याचिका में होना अनिवार्य है। ये फैसला उन मामलों में नजीर बनेगा जहां केवल संदेह के आधार पर रिश्तों को खत्म करने की कोशिश की जाती है। सिवान परिवार न्यायालय का फैसला बरकरार हाईकोर्ट ने श्याम बिहारी मिश्रा द्वारा दायर उस अपील को खारिज कर दिया, जिसमें उन्होंने सिवान परिवार न्यायालय के फैसले को चुनौती दी थी। परिवार न्यायालय ने पहले ही पत्नी संजू देवी से तलाक की उनकी अर्जी को नामंजूर कर दिया था। हाईकोर्ट ने निचली अदालत के तर्क को सही माना कि बिना सबूत के ऐसे आरोपों को स्वीकार नहीं किया जा सकता। ठोस साक्ष्य और तथ्यों की अनिवार्यता जरूरी अदालत ने अपने आदेश में जोर देकर कहा कि अगर पति अपनी पत्नी पर किसी अन्य व्यक्ति के साथ अवैध संबंध होने का आरोप लगाता है, तो उसे उस व्यक्ति का नाम, घटना का समय और स्थान स्पष्ट करना होगा। कोर्ट ने पाया कि वर्तमान केस में पति ने जिस व्यक्ति के साथ पत्नी को सिनेमा हॉल से निकलते देखने का दावा किया था, न तो उसका विवरण दिया और न ही उसे मामले में पक्षकार बनाया। पटना हाईकोर्ट की महत्वपूर्ण टिप्पणियां मतलब, पटना हाईकोर्ट ने तलाक के एक केस में कहा कि केवल संदेह के आधार पर तलाक नहीं लिया जा सकता। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि पत्नी पर अवैध संबंध का आरोप लगाकर तलाक नहीं लिया जा सकता। व्यभिचार जैसे आरोपों के लिए ठोस साक्ष्य और स्पष्ट तथ्यों का उल्लेख होना जरूरी है। मामले की गंभीरता को देखते हुए अदालत ने कई अहम कानूनी बिंदुओं को रेखांकित किया।     केवल संदेह के आधार पर तलाक की डिक्री जारी नहीं की जा सकती।     याचिका में आरोपों से संबंधित जरूरी विवरण (नाम, समय, स्थान) का अभाव था।     जिस तीसरे व्यक्ति पर आरोप लगाया गया, उसे कानूनी प्रक्रिया में शामिल (पक्षकार) नहीं किया गया।     गवाही के दौरान आए अधूरे तथ्यों के आधार पर अदालत राहत प्रदान नहीं कर सकती। अवैध संबंधों के आरोपों पर कानूनी रुख हाईकोर्ट ने साफ किया कि वैवाहिक जीवन में 'व्यभिचार' एक गंभीर आरोप है और इसे साबित करने की जिम्मेदारी आरोप लगाने वाले पक्ष पर होती है। बिना किसी ठोस विवरण के केवल यह कहना कि पत्नी बिन बताए घर से चली जाती है या किसी के साथ देखी गई है, तलाक का पर्याप्त आधार नहीं माना जा सकता। अदालत ने अंततः पति की दलीलों को अपर्याप्त पाते हुए उसकी याचिका को निष्प्रभावी कर दिया। पटना हाईकोर्ट में तलाक जुड़ा मामला क्या था? पति ने बिहार के सिवान परिवार न्यायालय के फैसले को हाईकोर्ट में अपील दायर कर चुनौती दी थी। परिवार न्यायालय ने पत्नी से तलाक अर्जी को खारिज कर दिया था। पति का आरोप था कि उसकी पत्नी संजू देवी का किसी अन्य व्यक्ति से अवैध संबंध हैं और वह बिन बताए घर से चली जाती हैं। पत्नी को एक युवक के साथ सिनेमा हॉल से साथ निकलते हुए देखा गया।  

विश्वविद्यालयों में बड़ा बदलाव: अब राज्य सरकार तय करेगी ट्रांसफर और पोस्टिंग की नीति

 रांची  राज्य सरकार के उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग विश्वविद्यालयों एवं अंगीभूत कालेजों के अधिकारियों, शिक्षकों और शिक्षकेत्तर कर्मियों को दूसरे विश्वविद्यालयों या कालेजों में भी स्थानांतरित कर सकेगा। उसे इनकी प्रतिनियुक्ति का भी अधिकार होगा। हाल ही में अधिसूचित झारखंड राज्य विश्वविद्यालय अधिनियम, 2026 में यह प्रविधान किया गया है। इस प्रविधान को लागू करने को लेकर विभाग परिनियम गठित करेगा। इस अधिनियम के अनुसार, किसी भी शिक्षक या शिक्षकेत्तर कर्मियों का सबसे पहले पदस्थापन ग्रामीण या सुदूर क्षेत्र स्थित कालेजों में किया जाएगा। साथ ही उनके स्थानांतरण में यह देखा जाएगा कि उक्त क्षेत्रों के कालेजों में पर्याप्त संख्या में शिक्षक या कर्मी उपलब्ध हैं या नहीं। साथ ही वैसे शिक्षक या शिक्षकेत्तर कर्मी जो परिवीक्षाधीन (सामान्यत: नियुक्ति के दो वर्ष तक) हैं, उनका अंतरविश्वविद्यालय स्थानांतरण या प्रतिनियुक्ति नहीं की जाएगी। शिक्षकों, अधिकारियों एवं कर्मियों को उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग या इसके किसी संलग्न कार्यालयों में भी प्रतिनियुक्त किया जा सकेगा। इसके अतिरिक्त, विश्वविद्यालय के अधिकारियों, शिक्षकों और शिक्षकेत्तर कर्मचारियों को किसी भी सार्वजनिक विश्वविद्यालय/संगठन/भारत सरकार या राज्य सरकार के स्वायत्त निकाय में प्रतिनियुक्ति के लिए सक्षम प्राधिकारी से पूर्व अनुमोदन से परिनियमों द्वारा निर्धारित तरीके से अनुमति दी जा सकेगी। बताते चलें कि विश्वविद्यालयों एवं अंगीभूत कालेजों में शिक्षकों एवं कर्मियों के पद सृजन तथा सेवाशर्त निर्धारित करने का अधिकार भी राज्य सरकार के पास है। सिर्फ संबद्ध कालेजों में पदों का सृजन का अधिकार राज्य सरकार के पास नहीं होगा। हालांकि इन कालेजों में भी पदों का सृजन राज्य सरकार द्वारा लागू परिनियम के तहत किया जाएगा। अनुबंध पर भी होगी नियुक्ति किसी विवि या अंगीभूत कालेज में त्यागपत्र, अवकाश या रिक्ति रहने की स्थिति में आवश्यकता पड़ने पर शिक्षक के रूप में प्रोफेसर आफ प्रैक्टिस की नियुक्ति अनुबंध पर की जाएगी। यह नियुक्ति विश्वविद्यालय के सक्षम प्राधिकारी द्वारा विभाग द्वारा गठित परिनियमों के आलोक में निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार या राज्य सरकार के आदेश पर की जाएगी। लेकिन यह नियुक्ति शिक्षकों के कुल स्वीकृत पदों के विरुद्ध ही होगी। विश्वविद्यालय का कोई भी संविदा कर्मचारी या प्रोफेसर आफ प्रैक्टिस किसी भी मामले में सेवा के नियमितीकरण का दावा नहीं करेगा।  

तेज रफ्तार टैंकर बना काल, इंदौर में बाइक सवार मां-बेटे को कुचला, तड़पती मां ने तोड़ा दम

इंदौर तिलक नगर थाना क्षेत्र में रविवार सुबह-सुबह दर्दनाक हादसे में महिला की मौत हो गई। लापरवाह टैंकर चालक ने मां-बेटे को चपेट में ले लिया और महिला की मौके पर ही मौत हो गई। टैंकर नगर निगम का अटैच बताया जा रहा है। मौके से चालक फरार भी हो गया है। महिला का बेटा घायल हुआ है। क्या है मामला टीआई मनीष लोधा के मुताबिक घटना में मुमताब बाग कालोनी निवासी 40 वर्षीय अर्चना पति संतोष राठौर की मौत हुई है। वह निजी अस्पताल में नौकरी करती थी। अर्चना अपने बेटे गणेश राठौर के साथ ड्यूटी जा रही थी। जैसे ही वे बंगाली कालोनी पहुंचे, सुलभ शौचालय के समीप ट्रैक्टर पानी का टैंकर लेकर आ गया। चालक ब्रेक नहीं लगा सका और गणेश की बाइक को टक्कर मार दी। गणेश और अर्चना घायल होकर गिर गए। अर्चना खून से सन चुकी थी। घायल अवस्था में भी गणेश ने मां को संभालने की कोशिश की और गोद में लेकर बैठ गया। कुछ देर में अर्चना ने दम तोड़ दिया। मौके पर लोगों की भीड़ जमा हो गई। दृश्य देखकर लोगों की आंखें भर आईं। सूचना पर पुलिस पहुंची और शव को अस्पताल पहुंचाया। गणेश ने बताया कि वह मां को ड्यूटी पर छोड़ने जा रहा था। पुलिस ने टैंकर और ट्रैक्टर को जब्त कर लिया है। पानी के टैंकर से आठ दिन में दूसरी मौत शहर में पानी भरकर मौत बांट रहे टैंकरों की भरमार हो गई है। आए दिन हादसे हो रहे हैं। पुलिस, नगर निगम और परिवहन विभाग जांच नहीं करता है। 2 फरवरी को ही एक टैंकर ने 25 वर्षीय युवक विजय ठाकुर की जान ले ली थी। विजय साथी रविंद्र के साथ बाइक से जा रहा था। बायपास (कनाड़िया) पर चालक ने टक्कर मार दी और पहिया सिर से निकल गया।  

पर्यटन विभाग की बड़ी लापरवाही उजागर, गेहूं सर्वे कंपनी को सौंप दिया गया था बरगी क्रूज संचालन

जबलपुर बरगी जलाशय में हुए क्रूज हादसे की जांच में एक और चौंकाने वाला तथ्य सामने आया है। प्रारंभिक पड़ताल में पता चला है कि मध्य प्रदेश पर्यटन निगम में क्रूज संचालन आउटसोर्स कर्मचारियों के माध्यम से किया जा रहा था। इसके लिए भोपाल से संचालित आरबी एसोसिएट ग्लोबल कनेक्ट प्राइवेट लिमिटेड को ठेका दिया गया था। इस कंपनी के द्वारा ठेके पर मानव संसाधन पर्यटन विभाग को उपलब्ध कराए जाते हैं। कृषि क्षेत्र की कंपनी को मिला पर्यटन का जिम्मा प्रारंभिक जानकारी के अनुसार मेकल रिसॉर्ट बरगी में कार्य करने वाले अधिकांश कर्मचारी आउटसोर्स में थे। जिस क्रूज हादसे में 13 लोगों की डूबने से मौत हुई थी, उस क्रूज में कार्य करने वाले कर्मचारी भी आउटसोर्स में कार्यरत थे। ये सभी आरबी एसोसिएट के लिए कार्य करते थे। कंपनी की आधिकारिक वेबसाइट से मिली जानकारी के अनुसार यह कंपनी मूल रूप से मानव संसाधन उपलब्ध करवाती है और इसका प्रमुख कार्य कृषि क्षेत्र में है। गेहूं के लिए सर्वेयर की नियुक्ति कंपनी की तरफ से होती है। बिना अनुभव वाली कंपनी पर मेहरबानी कंपनी ने अपने प्रोफाइल में यह जानकारी दी हुई है। कंपनी की तरफ से पर्यटन के क्षेत्र में कार्य करने का कोई खास अनुभव नहीं दर्शाया गया है। ऐसे में सवाल उठता है कि बिना अनुभव वाली नई-नवेली कंपनी को प्रदेश के पर्यटन क्षेत्र में मानव संसाधन का ठेका देना क्या वाजिब था? सिर्फ यहीं मप्र पर्यटन में जल क्रीड़ा के प्रभारी सीडीआर राजेंद्र निगम ने माना कि क्रूज संचालन करने वाले महेश पटेल आउटसोर्स कर्मचारी थे, लेकिन उन्होंने दावा किया कि महेश पर्याप्त अनुभवी थे। विभाग का पक्ष और कर्मचारी का अनुभव महेश पटेल ने खुद अपने बयान में बताया कि उसके पास 12 साल से क्रूज संचालन का अनुभव था। राजेंद्र निगम ने कहा कि ठेका कंपनी कौन थी यह मायने नहीं रखता है। ठेके से संबंधित कार्य उनके विभाग का नहीं है। उन्होंने कहा कि हम सिर्फ यह कह सकते हैं कि महेश पटेल जो क्रूज चला रहे थे उनके पास पर्याप्त अनुभव था। वेबसाइट पर दर्ज जानकारी और सुरक्षा पर प्रश्न आरबी एसोसिएट ग्लोबल कनेक्ट प्राइवेट लिमिटेड की आधिकारिक वेबसाइट से मिली जानकारी के अनुसार वर्ष 2022 में स्थापित यह कंपनी मूल रूप से मध्यप्रदेश स्टेट सिविल सप्लाइज कॉर्पोरेशन और राज्य सहकारी विपणन संघ मर्यादित के लिए गेहूं गुणवत्ता परीक्षण और सर्वेयर कार्य हेतु आउटसोर्स कर्मचारियों की व्यवस्था करती रही है। अब यही कंपनी पर्यटन निगम के अंतर्गत क्रूज संचालन से जुड़े कर्मचारियों की नियुक्ति कर रही थी। जांच के घेरे में सुरक्षा मानक और आपदा प्रबंधन सूत्रों के अनुसार कंपनी के पास पर्यटन, जल परिवहन या क्रूज संचालन का विशेष अनुभव नहीं था। हालांकि, आउटसोर्स व्यवस्था के तहत अधिकांश पुराने कर्मचारियों को ही दोबारा रखा गया था, जो वर्षों से कार्यरत बताए जा रहे हैं। इसके बावजूद हादसे के बाद यह सवाल उठने लगे हैं कि क्या संवेदनशील पर्यटन और जल सुरक्षा सेवाओं में विशेषज्ञता रखने वाली एजेंसियों को प्राथमिकता दी जानी चाहिए थी। अधिकारियों का तबादला, देखें लिस्ट जांच एजेंसियां अब इस बात की भी पड़ताल कर रही हैं कि कर्मचारियों के प्रशिक्षण, सुरक्षा मानकों और आपदा प्रबंधन संबंधी प्रक्रियाओं का पालन किस स्तर तक किया गया था। हादसे के बाद प्रशासनिक और तकनीकी जवाबदेही को लेकर कई गंभीर प्रश्न खड़े हो गए हैं।     पर्यटन विभाग में सैकड़ों कर्मचारी आउटसोर्स पर कार्य करते हैं। आरबी एसोसिएट ग्लोबल कनेक्ट प्राइवेट लिमिटेड को आउटसोर्स का ठेका मिला हुआ है। मैं इस बारे में बहुत कुछ नहीं बोल सकता हूं। मेरा तबादला हो चुका है।- संजय मल्होत्रा, पर्यटन विभाग (क्रूज हादसे के वक्त क्षेत्रीय अधिकारी जबलपुर)  

समर सीजन में रेलवे का तोहफा, चंडीगढ़ से वाराणसी के लिए शुरू होगी स्पेशल ट्रेन

चंडीगढ़. गर्मी के मौसम के दौरान यात्रियों की बढ़ती भीड़ को ध्यान में रखते हुए अंबाला मंडल ने चंडीगढ़ रेलवे स्टेशन से एक और स्पैशल ट्रेन चलाने का फैसला किया है। इस प्रकार समर स्पैशल ट्रेन के रूप में चंडीगढ़ को यह तीसरी ट्रेन मिली है। अंबाला मंडल के सीनियर डी. सी. एम. यशनजीत सिंह ने बताया कि ट्रेन संख्या 04227-28 चंडीगढ़ से वाराणसी के लिए सप्ताह में दो दिन चलेगी और यह 18 फेरे लगाएगी, यह ट्रेन 14 मई से 13 जुलाई तक चलाई जाएगी। जिसमें 19 कोच सहित, ए.सी., स्लिपर व जनरल कोच शामिल है। ट्रेन संख्या 04227 वाराणसी से दोपहर 11.05 बजे हर वीरवार व रविवार को चलेगी, यह ट्रेन चंडीगढ़ अगले दिन सुबह 4.20 बजे चंडीगढ़ पंहुच जाएगी। जबकि चंडीगढ़ से वाराणासी के लिए गाड़ी संख्या 04228 हर शुक्रवार व सोमवार को सुबह 6 बजे चलेगी और रात को 12.55 बजे वाराणसी पहुंच जाएगी। यह ट्रेन वाराणसी, रायबरेली, लखनऊ, आलमनगर, शाहजहांपुर रेलवे स्टेशन, बरेली, मुरादाबाद, रूड़की, अंबाला होते हुए चंडीगढ़ आएगी।