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मंगलवार को गोरखपुर के योगिराज बाबा गंभीरनाथ प्रेक्षागृह में होगा शिक्षामित्र सम्मान समारोह का प्रदेशस्तरीय आयोजन

गोरखपुर  शिक्षामित्रों के मानदेय में 80 प्रतिशत वृद्धि का उपहार देकर मान बढ़ाने के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ बेसिक शिक्षा की सुदृढ़ता में उनके योगदान के लिए सम्मान भी देने जा रहे हैं। शिक्षामित्रों को सम्मानित करने के लिए प्रदेशस्तरीय भव्य आयोजन मंगलवार को गोरखपुर के योगिराज बाबा गंभीरनाथ प्रेक्षागृह में होगा। इस अवसर पर सीएम योगी शिक्षामित्रों को वृद्धि के बाद नियत मानदेय का प्रतीकात्मक चेक भी शिक्षामित्रों को सौंपेंगे।  उल्लेखनीय है कि प्रदेश में बेसिक शिक्षा परिषद के स्कूलों में तैनात 1.43 लाख शिक्षामित्रों को प्रतिमाह 10 हजार रुपये मानदेय मिलता था। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शिक्षामित्रों की शैक्षिक सेवा को सराहते हुए इसे बढ़ाकर 18 हजार रुपये प्रतिमाह कर दिया है। नया मानदेय अप्रैल माह से लागू हो गया है। मानदेय वृद्धि को सम्मान के साथ वितरित करने का शुभारंभ मंगलवार को समारोहपूर्वक गोरखपुर में सीएम योगी के सानिध्य में होगा। पहले मानदेय वृद्धि और अब सेवा के सम्मान की योगी सरकार की पहल से शिक्षामित्रों में उत्साह का जबरदस्त संचार देखा जा रहा है। शिक्षमित्रों के सम्मान समारोह को भव्य बनाने को लेकर बेसिक शिक्षा विभाग ने जोरदार तैयारी की है। मंगलवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की उपस्थिति में योगिराज बाबा गंभीरनाथ प्रेक्षागृह में पूर्वाह्न 11 बजे से होने वाले समारोह में बेसिक शिक्षा मंत्री संदीप सिंह भी मौजूद रहेंगे। इस अवसर पर मुख्यमंत्री, 10 शिक्षामित्रों को नए मानदेय (18 हजार रुपये) की धनराशि का प्रतीकात्मक चेक वितरित करेंगे।  ‘अरुणोदय’ कैलेंडर का सीएम करेंगे विमोचन   कार्यक्रम में मुख्यमंत्री शिक्षा विभाग के उपलब्धिपरक स्टालों का अवलोकन करने के साथ ही विद्यार्थी नेतृत्व आधारित प्रार्थना सभा की गतिविधियों पर आधारित ‘अरुणोदय’ कैलेंडर का विमोचन भी करेंगे। मुख्यमंत्री की सहभागिता वाले भव्य समारोह के समानांतर राज्य के सभी जिलों में भी आयोजन किए जाएंगे। कार्यक्रम को लेकर शिक्षामित्रों में भारी उत्साह  गोरखपुर के बेसिक शिक्षा अधिकारी धीरेंद्र त्रिपाठी का कहना है कि सम्मान समारोह में मुख्यमंत्री का संबोधन सुनने के लिए शिक्षामित्रों में खासा उत्साह का माहौल है। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में शिक्षामित्रों की सहभागिता रहेगी। उन्होंने कहा कि मानदेय वृद्धि के जरिये मुख्यमंत्री ने शिक्षामित्रों की शैक्षिक सेवा का मान बढ़ाया है। उनकी पहचान और प्रतिष्ठित हुई है और वे अब आर्थिक रूप से मजबूत भी होंगे। सरकार की तरफ से पहले मानदेय वृद्धि और अब सम्मान की पहल से शिक्षामित्रों का मनोबल बढ़ेगा और इससे शिक्षा की गुणवत्ता को भी नई ऊंचाई मिलेगी।

निष्पक्ष भर्ती से बढ़ा विश्वास, बिना सिफारिश नौकरी मिलने पर युवाओं ने जताया मुख्यमंत्री का आभार

लखनऊ उत्तर प्रदेश में पारदर्शी एवं निष्पक्ष भर्ती प्रक्रिया को मजबूती देते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को लोकभवन में आयोजित भव्य कार्यक्रम में सहकारी समितियां एवं पंचायत लेखा परीक्षा विभाग तथा स्थानीय निधि लेखा परीक्षा विभाग के लिए चयनित कुल 500 अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र वितरित किए। इस दौरान प्रदेश के विभिन्न जिलों से आए युवाओं के चेहरे पर उत्साह और गर्व साफ झलक रहा था। योगी सरकार में सिफारिश या दबाव की नहीं पड़ती जरूरत नियुक्ति पत्र प्राप्त करने वाले अभ्यर्थियों ने मुख्यमंत्री के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि चयन होना जितना महत्वपूर्ण है, उससे कहीं अधिक गर्व की बात यह है कि उन्हें स्वयं मुख्यमंत्री के हाथों नियुक्ति पत्र प्राप्त हुआ। लखनऊ की आयुषी त्रिपाठी ने कहा कि यह उनके जीवन का ऐतिहासिक क्षण है। योगी सरकार में भर्ती प्रक्रिया पूरी तरह निष्पक्ष और पारदर्शी है, जहां किसी सिफारिश या दबाव की जरूरत नहीं पड़ती। आयुषी ने युवाओं को संदेश दिया कि वे मेहनत और ईमानदारी से तैयारी करें, सफलता अवश्य मिलेगी।  महिलाओं को बराबरी का अवसर दे रही योगी सरकार शाहजहांपुर की सुनेहा मिश्रा ने कहा कि नियुक्ति पत्र पाकर वह स्वयं को गौरवान्वित महसूस कर रही हैं। इस बार बड़ी संख्या में महिलाओं का चयन होना इस बात का प्रमाण है कि योगी सरकार महिलाओं को बराबरी का अवसर दे रही है। सुनेहा ने विश्वास दिलाया कि उन्हें जो भी जिम्मेदारी मिलेगी, वह उसे पूरी निष्ठा और ईमानदारी से निभाएंगी। अमरेंद्र प्रताप सिंह ने भर्ती प्रक्रिया की सराहना करते हुए कहा कि पूरी प्रक्रिया सरल, सुगम और पारदर्शी रही। मुख्यमंत्री की जीरो टॉलरेंस नीति के चलते भ्रष्टाचार पर अंकुश लगा है और योग्य अभ्यर्थियों को उनका अधिकार मिल रहा है। कम शुल्क और बिना किसी बाधा के पूरी प्रक्रिया संपन्न होना युवाओं के लिए बड़ी राहत है। यूपी में महिलाएं बना रहीं अलग पहचान  झांसी की वंदना कुशवाहा और मयंक कौशिक ने कहा कि मुख्यमंत्री के हाथों नियुक्ति पत्र प्राप्त करना अत्यंत ही गर्व का विषय है। योगी सरकार की नीतियों के कारण महिलाओं को अधिक अवसर मिल रहे हैं और वे हर क्षेत्र में अपनी पहचान बना रही हैं। प्रदेश के सुल्तानपुर, झांसी, आजमगढ़, गोरखपुर, वाराणसी, प्रयागराज, अयोध्या समेत कई जिलों से आए अभ्यर्थियों ने एक स्वर में कहा कि वर्तमान व्यवस्था में पारदर्शिता और निष्पक्षता ने उनके विश्वास को मजबूत किया है। इनको मिला सीएम योगी के हाथों नियुक्ति पत्र  सहकारी समिति एवं पंचायत लेखा परीक्षा के पद पर चयनित सुल्तानपुर के राम कुमार चौरसिया, झांसी की वंदना कुशवाहा, आजमगढ़ के देवव्रत यादव व विवेक सिंह, लखनऊ की आयुषी त्रिपाठी, मऊ के सौरभ कुमार गोंड, शाहजहांपुर की सुनेहा मिश्रा, वाराणसी के राम कुमार गुप्ता तथा गोरखपुर की पूर्णिमा सिंह को सीएम योगी ने स्वयं नियुक्ति पत्र सौंपे। इसी प्रकार स्थानीय निधि लेखा परीक्षा विभाग के लिए लेखा परीक्षकों में पीलीभीत के वकार हुसैन अंसारी, सोनभद्र की कुमारी प्रांशु सिंह, हमीरपुर के सुधीर यादव, झांसी की तनु प्रजापति, शाहजहांपुर के अमित कुमार, प्रयागराज की बबीता, अयोध्या के सुधीर कुमार शुक्ला, लखनऊ की अना अली, गोरखपुर के सर्वजीत सिंह कोहली, बलिया की श्वेता को सीएम योगी के हाथों नियुक्ति पत्र पाने का अवसर मिला।

भारत को विकसित बनाने में विद्यार्थी करें सहभागिता

भोपाल  राज्यपाल  मंगुभाई पटेल ने कहा है कि समाज की सेवा में ही जीवन की सार्थकता है। समाज सेवा द्वारा वंचित वर्ग का व्यक्ति राज्यपाल बन सकता है। चायवाला प्रधानमंत्री बन सकता है। भारतीय संस्कृति के ध्येय 'वसुधैव कुटुम्बकम्' के अनुसार शिक्षित व्यक्ति का परम कर्तव्य वंचितों और गरीबों की खुशहाली और उत्थान के लिए कार्य करना है। उन्होंने विद्यार्थियों से कहा है कि आत्मविश्वासी, नवाचारी और जिम्मेदार नागरिक के रूप में अपनी शिक्षा और प्रतिभा के द्वारा आत्मनिर्भर, समृद्ध, सशक्त और विकसित भारत बनाने में सहभागिता करें। राज्यपाल  पटेल एल.एन.सी.टी. विश्वविद्यालय के पाँचवें दीक्षांत समारोह को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर उन्होंने सांसद  रवि किशन, सांसद  राजीव शुक्ला, सांसद  देवूसिंग चौहान, फिल्म अभिनेता एवं कास्टिंग डायरेक्टर  मुकेश छाबड़ा, सेज समूह के चेयरमैन  संजीव अग्रवाल को डॉक्टर ऑफ फिलॉसफी की मानद उपाधि से विभूषित किया। फार्मेसी, विधि, इंजीनियरिंग, मैनेजमेंट, पत्रकारिता और मेडिकल साइंस के क्षेत्र में पी.एच.डी. उपाधि और स्वर्ण पदक प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को उपाधि प्रदान की। अतिथियों द्वारा विश्वविद्यालय की दीक्षांत स्मारिका और  जय नारायण चौकसे की आत्मकथा पुस्तक का लोकार्पण किया। कार्यक्रम के अंत में अतिथियों का स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मान किया गया। राज्यपाल  मंगुभाई पटेल ने कहा कि दीक्षांत शपथ भावी जीवन की मार्गदर्शिका है। प्राप्त उपाधि मन, वचन और कर्म से देश, समाज और मानव जाति की सेवा करने का संकल्प है, जिसका पालन 365 दिन करना दीक्षित विद्यार्थियों का दायित्व है। प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी जी द्वारा लागू राष्ट्रीय शिक्षा नीति परिवर्तनकारी कदम है। नीति ने शिक्षण प्रक्रियाओं को अधिक प्रभावी, व्यावहारिक और परिणामोन्मुखी बनाया है। उन्होंने नीति के परिप्रेक्ष्य में तकनीकी संस्थानों की भूमिका को अत्यंत महत्वपूर्ण बताया है। विश्वविद्यालयों से पारंपरिक शिक्षण पद्धतियों से आगे बढ़कर आधुनिक आयामों को अपनाने की आवश्यकता बताई है। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय पाठ्यक्रमों को समयानुकूल बनाएं। शिक्षा को केवल डिग्री तक सीमित नहीं रखा जाए। विद्यार्थियों की सृजनात्मकता एवं नवाचार को राष्ट्र निर्माण की आधारशिला बनाएं। उन्होंने उभरती प्रौद्योगिकियों जैसे ए.आई., डेटा साइंस, साइबर सुरक्षा और हरित तकनीकों को शिक्षा का अभिन्न अंग बनाने पर बल दिया। विद्यार्थियों में सैद्धांतिक ज्ञान के साथ-साथ व्यावहारिक, समसामयिक और वैश्विक मानकों के अनुरूप समस्याओं के समाधान की क्षमता विकसित करने की आवश्यकता बताई है। उन्होंने विश्वविद्यालय को विद्यार्थियों को वास्तविक जीवन से जोड़ने के लिए प्रोजेक्ट आधारित शिक्षण, इंटर्नशिप, उद्यमिता और कौशल विकास के अवसर उपलब्ध कराकर “‘जॉब सीकर’ नहीं, बल्कि ‘जॉब प्रोवाइडर’” बनाने के लिए कहा है। विद्यार्थियों का अपनी प्रतिभा और चिंतन से समाज, राष्ट्र और स्वयं के उत्थान में योगदान देने का आह्वान किया गया। राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार), पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण, विमुक्त घुमन्तु और अर्द्धघुमन्तु कल्याण मती कृष्णा गौर ने कहा कि समारोह में दीक्षित हर विद्यार्थी शिक्षा, संस्कार, नवाचार, कौशल का पुंज है। राष्ट्र के विकास के लिए उत्तरदायी है। उन्होंने कहा कि युग दृष्टा प्रधानमंत्री ने युवा पीढ़ी की योग्यता और दायित्वबोध को पहचानते हुए विकसित भारत एट 2047 का संकल्प लिया है। संकल्प की सफलता के लिए हर युवा को सकारात्मकता, नवाचार और मानवीय मूल्यों के साथ राष्ट्र के लिए समर्पित होना होगा। उन्होंने कहा कि प्राप्त उपाधि समाज के लिए उत्तरदायित्व का प्रतीक है। उन्होंने विद्यार्थियों से अपेक्षा की है कि मंचासीन विभूतियों की सकारात्मकता, मानवीयता और विनम्रता को आत्मसात कर राष्ट्र समाज के उत्थान में योगदान दें। सांसद  देवूसिंह चौहान ने उनके आकाशवाणी के अभियंता की सुरक्षित सेवा का त्याग कर राजनैतिक जीवन में प्रवेश की जानकारी दी। विद्यार्थियों से कहा कि निरंतर मेहनत करना ही जीवन में सफलता का आधार है। सफलता निरंतर प्रयास करने वालों को ही चुनती है। सांसद  राजीव शुक्ला ने स्वर्ण पदक विजेताओं को बधाई देते हुए कहा कि जिन्हें पदक नहीं मिले है, वह हताश नहीं हो। हुनर प्राप्त करें। उन्होंने हुनर के साथ वैश्विक प्रतिष्ठा प्राप्त करने वाले व्यक्तियों का उल्लेख कर विद्यार्थियों को प्रेरित किया। अभिनेता अभिनेता एवं सांसद  रवि किशन ने विद्यार्थियों से कहा कि जीवन का लक्ष्य तय करें। उसके लिए निरंतर अथक प्रयास करने पर ही सफलता मिलती है। उन्होंने उनके जीवन के संघर्षों की कथा सुनाते हुए विद्यार्थियों को राष्ट्र सेवा के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम में स्वागत उद्बोधन एल.एन.सी.टी. समूह के चेयरमैन  जय नारायण चौकसे ने और आभार ज्ञापन सचिव  अनुपम चौकसे ने किया।

महिला नेतृत्व से विकास को मिल रही नई दिशा

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में प्रदेश में नारी सशक्तिकरण को नई गति मिल रही है। प्रदेश की महिलाएँ नीति-निर्माण से लेकर तकन ीकी नवाचार तक प्रभावी भूमिका निभा रही हैं। डिजिटल नवाचार, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और टेक उद्यमिता के क्षेत्र में उनकी सक्रिय भागीदारी विकास प्रक्रिया को नया आयाम दे रही है। टियर-2 और टियर-3 शहरों से निकलकर महिलाएँ तकनीकी क्षेत्र में अपनी मजबूत पहचान बना रही हैं। वे प्रदेश की क्षमता को वैश्विक स्तर पर स्थापित कर प्रदेश की विकास यात्रा में तकनीकी परिवर्तन की अग्रदूत बनकर उभर रही है, जिससे आत्मनिर्भर और नवाचार आधारित प्रदेश के निर्माण को सशक्त आधार मिल रहा है। तकनीकी नेतृत्व बना परिवर्तन की आधारशिला आरती अग्रवाल: डिजिटल समावेशन की अग्रदूत एनेक्स डिजिटल रनर्स प्राइवेट लिमिटेड की सह-संस्थापक और सीओओ मती आरती अग्रवाल ने ग्रामीण भारत में डिजिटल खाई को पाटने का कार्य किया है। उनके नेतृत्व में 40 हजार से अधिक डिजिटल रनर्स का नेटवर्क 11 हजार से अधिक पिनकोड क्षेत्रों में सक्रिय है, जो सर्वेक्षण, डिजिटल ऑनबोर्डिंग और जलवायु से जुड़ी पहलों को जमीनी स्तर पर क्रियान्वित कर रहे हैं। साथ ही, द इंडस एंटरप्रेन्योर्स (टीआईई) वूमेन चैप्टर की सह-अध्यक्ष के रूप में वे महिला उद्यमियों को मार्गदर्शन देकर उन्हें नेतृत्व की भूमिका में आगे बढ़ा रही हैं। इसका लाभ टियर-2 और टियर-3 शहरों की महिलाओं को भी मिल रहा है। अदिति चौरसिया: छोटे शहर से वैश्विक टेक नेतृत्व तक गढ़ी मलहरा से आने वाली सु अदिति चौरसिया ने इंजीनियर्सबाबू और सुपरसोर्सिंग जैसी कंपनियों के माध्यम से तकनीकी क्षेत्र में अपनी अलग पहचान बनाई है। आज उनकी कंपनियाँ 250 से अधिक पेशेवरों को रोजगार दे रही हैं और बोश और ओरेकल जैसी वैश्विक कंपनियों को सेवाएँ दे रही हैं। उन्होंने 5 हजार से अधिक इंजीनियर्स को रोजगार दिलाने और 400 से अधिक टेक उत्पादों के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। बिंदु पाटीदार: एआई नवाचार में वैश्विक पहचान सोर्सबे की सह-संस्थापक और सीटीओ सु बिंदु पाटीदार ने इंदौर से एक वैश्विक एआई टैलेंट प्लेटफॉर्म का विकास किया। यह प्लेटफॉर्म 3 लाख से अधिक विशेषज्ञों और 700 से अधिक क्लाइंट्स, के लिए एआई से जुड़े महत्वपूर्ण कार्य कर रहा है। इनमें गूगल, माइक्रोसॉफ्ट, अमेज़न और मेटा जैसी कंपनियां भी शामिल हैं। उनकी सफलता से सिद्ध हुआ है कि टियर-2 शहरों से भी वैश्विक स्तर के नवाचार संभव हैं। प्रेरिता बाहेती साबू: रणनीतिक वित्तीय नेतृत्व की मिसाल क्लिनिसप्लाईज की निदेशक सु प्रेरिता बाहेती साबू ने वित्तीय अनुशासन और रणनीतिक प्रबंधन के माध्यम से हेल्थकेयर सप्लाई चेन के क्षेत्र में मजबूत और टिकाऊ व्यवसाय मॉडल विकसित किया है। उनकी विशेषज्ञता ने संगठन को चुनौतियों के बीच भी स्थिरता और विकास बनाए रखने में मदद की है। उनका दृष्टिकोण मध्यप्रदेश में ईज़-ऑफ-डूइंग-बिजिनेस को भी रेखांकित करता है। सपना भम्बानी: वैश्विक संचालन में नेतृत्व की मिसाल टास्कअस में कंट्री लीडर और सीनियर वाइस प्रेसिडेंट के रूप में सु सपना भम्बानी भारत में बड़े पैमाने पर वैश्विक व्यवसाय का नेतृत्व कर रही हैं। उनका नेतृत्व ‘5 पी’ (पीपुल्स, परपज, प्राइड पैशन और परफमिंस पर आधारित है। इससे अच्छे प्रदर्शन के साथ संगठन में सकारात्मक कार्य संस्कृति का निर्माण हुआ है। समावेशी और नवाचार-आधारित भविष्य की ओर मध्यप्रदेश इन सभी प्रेरक कहानियों से स्पष्ट है कि मध्यप्रदेश में महिलाएँ हर प्रकार की चुनौतियों को पार कर बड़े पैमाने पर परिवर्तन ला रही हैं। नीति, अवसर और व्यक्तिगत संकल्प के इस संगम से प्रदेश अधिक समावेशी, नवाचारी और भविष्योन्मुख बन कर विकसित हो रहा है। यहां महिलाएँ नेतृत्व, नवाचार और उद्यमिता के माध्यम से एक सशक्त और आत्मनिर्भर प्रदेश का निर्माण कर रही हैं।  

लखनऊ में जनता दर्शन,सीएम योगी ने सुनीं शिकायतें, शिक्षा और भर्ती पर दिया बड़ा संदेश

लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को अपने सरकारी आवास पर आयोजित 'जनता दर्शन' में प्रदेश भर से आए सैकड़ों फरियादियों की समस्याएं सुनीं। इस दौरान सीएम का एक अलग और संवेदनशील रूप देखने को मिला, जब उन्होंने वहां मौजूद बच्चों और उनके माता-पिता से सीधा संवाद किया। मुख्यमंत्री ने अभिभावकों से दो-टूक कहा कि बच्चों को हर हाल में स्कूल भेजें, क्योंकि एक शिक्षित बच्चा ही सशक्त और समृद्ध भारत की नींव रखेगा। "सरकार सब दे रही है, आप बस स्कूल भेजें" जनता दर्शन के दौरान मुख्यमंत्री की नजर अभिभावकों के साथ आए कुछ छोटे बच्चों पर पड़ी। जब सीएम ने उनसे उनकी पढ़ाई के बारे में पूछा और यह जानकारी मिली कि कतिपय बच्चों का अभी स्कूल में दाखिला ही नहीं हुआ है, तो उन्होंने इस पर गहरी चिंता जताई। अभिभावकों को समझाते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले नौ वर्षों में उत्तर प्रदेश में शिक्षा की तस्वीर बदली है। उन्होंने सरकार की योजनाओं को गिनाते हुए कहा, "बेसिक शिक्षा परिषद के स्कूलों में अब बच्चों को सिर्फ मुफ्त शिक्षा ही नहीं, बल्कि यूनिफॉर्म, जूते-मोजे, स्कूल बैग और कॉपी-किताबों के लिए अभिभावकों के खातों में सीधे 1200 रुपये भेजे जा रहे हैं। बच्चों को पौष्टिक भोजन (मिड-डे मील) भी मिल रहा है। ऐसे में माता-पिता की यह नैतिक जिम्मेदारी है कि वे बच्चों का एडमिशन कराएं और उन्हें नियमित स्कूल भेजें।" युवाओं को मंत्र: "सिफारिश नहीं, योग्यता दिलाएगी नौकरी" जनता दर्शन में पहुंचे बेरोजगार युवाओं से बातचीत करते हुए मुख्यमंत्री ने उन्हें 'पारदर्शिता' का भरोसा दिलाया। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार ने बीते वर्षों में 9 लाख से अधिक युवाओं को बिना किसी भेदभाव और भ्रष्टाचार के सरकारी नौकरियां दी हैं। सीएम ने युवाओं का उत्साह बढ़ाते हुए कहा कि इस साल भी लाखों रिक्त पदों पर भर्ती की प्रक्रिया शुरू होने वाली है। उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे किसी शॉर्टकट या सिफारिश के चक्कर में न पड़ें, बल्कि अपनी पूरी ऊर्जा मेहनत और तैयारी में लगाएं। मुख्यमंत्री के इस आश्वासन से युवाओं में नया आत्मविश्वास देखने को मिला। अवैध कब्जे की शिकायतों पर 'जीरो टॉलरेंस' प्रशासनिक मोर्चे पर मुख्यमंत्री ने 'अवैध कब्जे' की शिकायतों को लेकर बेहद सख्त रुख अपनाया। कई फरियादियों ने भूमि विवाद और दबंगों द्वारा जमीन कब्जाने की शिकायतें उनके समक्ष रखीं। मुख्यमंत्री ने मौके पर मौजूद पुलिस और राजस्व अधिकारियों को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि ऐसी शिकायतें किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं की जाएंगी। उन्होंने निर्देश दिया कि राजस्व और पुलिस की संयुक्त टीम बनाकर तत्काल जांच की जाए और दोषियों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई कर शासन को रिपोर्ट सौंपी जाए।

फर्जी पहचान और संदिग्ध किराएदारों पर जयपुर पुलिस का एरिया डोमिनेशन अभियान तेज

 जयपुर लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े आतंकी उमर हासिम उर्फ खरगोश के फर्जी दस्तावेजों के आधार पर जयपुर में एक साल तक रहने के खुलासे के बाद से राजधानी में हड़कंप मच गया है. सुरक्षा एजेंसियों और पुलिस की इस चौंकाने वाली रिपोर्ट के बाद, जयपुर कमिश्नरेट ने शहर के चारों जिलों में 'एरिया डोमिनेशन' अभियान शुरू कर दिया है. इस अभियान का मुख्य उद्देश्य बिना पुलिस सत्यापन (Police Verification) और किराएनामे (Rent Agreement) के रह रहे संदिग्ध लोगों और अपराधियों की पहचान करना है.  73 से ज्यादा किराएदार गिरफ्तार, मकान मालिकों पर भी केस दर्ज एडिशनल डीसीपी ललित शर्मा ने बताया कि बाहरी राज्यों के वांटेड बदमाशों को जयपुर में फरारी काटना सुरक्षित लग रहा है. वे नाम-पता बदलकर किराएदार के रूप में रह रहे हैं. इस अभियान के तहत अब तक 73 से ज्यादा लोगों को गिरफ्तार किया गया है. जिसमें पत्रकार कॉलोनी थाना क्षेत्र के उदय ग्रीन रेसीडेंसी में पुलिस ने छापेमारी कर बिना सत्यापन के रह रहे 26 लोगों को हिरासत में लिया है. इनमें से दो का पिछला आपराधिक रिकॉर्ड भी पाया गया है. कनोता थाना क्षेत्र में बगराना के जेडीए फ्लैट्स में करीब 1,000 फ्लैट्स की जांच के दौरान 47 ऐसे किराएदार मिले, जिनके पास कोई किराएनामा या पुलिस सत्यापन नहीं था. इन सभी को गिरफ्तार कर लिया गया है. वही पुलिस ने उन मकान और फ्लैट मालिकों के खिलाफ भी मुकदमे दर्ज किए हैं, जिन्होंने बिना सत्यापन के अपने घर किराए पर दिए थे.  इन मामलों ने उड़ाई पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों की नींद आतंकी का जयपुर कनेक्शन आने के पास पुलिस में हड़कंप मचा हुआ है. क्योंकि लश्कर-ए-तैयबा का ये आतंकी उमर हासिम उर्फ खरगोश लगभग एक साल तक जयपुर में रहा, नौकरी की, सज्जाद नाम से फर्जी वोटर आईडी बनवाई और फिर फर्जी पासपोर्ट के जरिए विदेश भाग गया. एमपी का हिस्ट्रीशीटर जवाहर सर्किल इलाके में एक गर्भवती महिला से छेड़छाड़ के मामले में पकड़ा गया जो मध्यप्रदेश का हिस्ट्रीशीटर आरोपी राहुल घुरैया निकला. उसके खिलाफ हत्या के प्रयास और लूट के 33 मामले दर्ज हैं. म्यांमार के शरणार्थियों की गैंग वैशाली नगर इलाके में म्यांमार के शरणार्थी युवक अबूबकर सिद्दकी ने अपने साथी खालिद के साथ मिलकर चोरी की वारदातों को अंजाम दिया. गैंगस्टर की गिरफ्तारी सुजानगढ़ में ज्वैलर पर फायरिंग मामले में वांछित अपराधी कृष्ण सिंह को एंटी गैंगस्टर टास्क फोर्स ने झोटवाड़ा से गिरफ्तार किया. उसके खिलाफ 27 मुकदमे दर्ज हैं. आमजन से पुलिस की अपील जयपुर पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि किसी भी व्यक्ति को किराए पर रखने से पहले उसका पुलिस सत्यापन अवश्य करवाएं.  पुलिस का यह विशेष अभियान आने वाले दिनों में भी जारी रहेगा.

सीएम के हाथों नामकरण: ‘रविशंकर’ बना गांव की नई पहचान

रायपुर सुशासन तिहार के अंतर्गत मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय का कबीरधाम जिले के विशेष पिछड़ी जनजाति बैगा बाहुल्य ग्राम कमराखोल (ग्राम पंचायत लोखान) में आगमन एक आत्मीय और भावनात्मक प्रसंग का साक्षी बना। आम के पेड़ की छांव में खाट पर बैठकर जब मुख्यमंत्री ने ग्रामीणों के साथ चौपाल लगाई, तो वहां का वातावरण पूरी तरह से अपनत्व और विश्वास से भर गया। शासन और जनता के बीच की दूरी इस सहज संवाद में पूरी तरह समाप्त होती नजर आई। इसी दौरान ग्राम की निवासी मती ऋषि बघेल अपने एक माह के नवजात शिशु को गोद में लेकर मुख्यमंत्री के पास पहुंचीं और अत्यंत विनम्रता से अपने पुत्र का नामकरण करने का आग्रह किया। यह एक साधारण निवेदन था, लेकिन उसमें ग्रामीण जीवन की सादगी, विश्वास और आत्मीय जुड़ाव की गहराई साफ झलक रही थी।  मुख्यमंत्री ने भी पूरे स्नेह और संवेदनशीलता के साथ इस आग्रह को स्वीकार किया और बच्चे के जन्म दिवस के बारे में जानकारी ली।जब मती बघेल ने बताया कि बालक का जन्म रविवार के दिन हुआ है, तो मुख्यमंत्री ने मुस्कुराते हुए उस नवजात का नाम “रविशंकर” रखा। नामकरण के इस क्षण ने वहां उपस्थित सभी ग्रामीणों के चेहरे पर खुशी की चमक बिखेर दी। जैसे ही यह नाम घोषित हुआ, पूरा चौपाल स्थल तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा और एक उत्सव जैसा माहौल बन गया।  यह दृश्य जनप्रतिनिधि और आमजन के बीच गहरे विश्वास का प्रतीक भी बन गया। इस आत्मीय क्षण ने सुशासन तिहार की मूल भावना को और अधिक सशक्त रूप से प्रस्तुत किया, जहां शासन केवल योजनाओं के क्रियान्वयन तक सीमित नहीं, बल्कि लोगों के जीवन के सुख-दुख में सहभागी बनकर उनके साथ खड़ा होता है।  मुख्यमंत्री  साय का यह सहज और मानवीय व्यवहार यह दर्शाता है कि सुशासन का वास्तविक अर्थ लोगों के जीवन से जुड़कर उनकी भावनाओं को समझना और उन्हें सम्मान देना है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने आरोग्य धाम ओपीडी का किया अवलोकन

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सोमवार को ग्वालियर प्रवास के दौरान गोले के मंदिर के समीप निर्माणाधीन आरोग्यधाम चिकित्सालय की ओपीडी का अवलोकन किया। उन्होंने चिकित्सालय में मरीजों को उपलब्ध कराई जाने वाली स्वास्थ्य सेवाओं और व्यवस्थाओं के संबंध में अस्पताल प्रबंधन से जानकारी प्राप्त की। साथ ही चिकित्सकों एवं स्वास्थ्य कर्मियों से संवाद कर उपचार व्यवस्था को बेहतर से बेहतर बनाने के लिये कहा। मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि आरोग्यधाम चिकित्सालय में मरीजों को कम खर्चे एवं समय पर गुणवत्तापूर्ण उपचार उपलब्ध होगा। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के लिये प्रदेश सरकार पूरी प्रतिबद्धता से काम कर रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने निरीक्षण के दौरान ओपीडी में पंजीयन, जांच एवं उपचार की प्रक्रिया का अवलोकन भी किया। इस दौरान जिले के प्रभारी मंत्री एवं जल संसाधन मंत्री  तुलसीराम सिलावट, सांसद  भारत सिंह कुशवाह, अपेक्स बैंक के प्रशासक  महेन्द्र यादव, वन विकास निगम के अध्यक्ष  रामनिवास रावत, ग्वालियर विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष  मधुसूदन सिंह भदौरिया, स्थानीय जनप्रतिनिधि सहित आरोग्यधाम न्यास के पदाधिकारी एवं चिकित्सक उपस्थित रहे।  

लखनऊ में 65 वर्षीय अशोक बहार ने दी NEET परीक्षा, बोले सपनों की कोई उम्र नहीं होती

लखनऊ लखनऊ माण्टेसरी स्कूल में रविवार एक परीक्षा केंद्र पर रविवार को 65 वर्षीय अशोक बहार ने नीट (NEET) दी। परीक्षा कक्ष में परीक्षा दे रहे दूसरे युवा परीक्षार्थियों में चर्चा का विषय रहा। युवाओं ने अशोक हौसले का सलाम किया। अधिक उम्र होने पर परीक्षा केन्द्र पर प्रवेश के दौरान तलाशी के समय पुलिस व कर्मियों को संदेह होने पर पूछताछ की, लेकिन एडमिट कार्ड व आधार के मिलान कराने पर सब कुछ सही पाए जाने पर परीक्षा की अनुमति दी। इस उम्र में अशोक की यह पहल उन युवाओं के किसी प्रेरणा से कम नहीं है। जो एक व दो बार नीट देने पर चयन न होने पर निराश हो जाते हैं। परीक्षा केन्द्र पर मौजूद परीक्षार्थियों ने अशोक की इस हिम्मत और लगन को सलाम किया। परीक्षा देकर बाहर निकले अशोक ने बताया कि वो लखनऊ विश्वविद्यालय के पूर्व छात्र रहे हैं। उनके पास एलएलबी और एमबीए की डिग्री है। अशोक बहार ने यह साबित कर दिया है कि सीखने की ललक और अपने सपनों को जीने का जज्बा किसी उम्र का मोहताज नहीं होता। अशोक बहार ने बताया कि वह एक खाद बनाने वाली कंपनी में मार्केटिंग प्रमुख के पद पर तैनात रहे हैं। परिवार में शिक्षा और चिकित्सा का माहौल रहा है। पत्नी डॉ. मंजुल बहार एक चिकित्सक हैं, और अमेरिका में हैं। उनके कई रिश्तेदार भी डॉक्टर हैं। इसी वातावरण ने उन्हें भी चिकित्सा क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। कहा कि मैंने वर्ष 2000 हजार में कंपनी से स्वैच्छिक सेवानिवृत्त ले लिया था। कहा कि नीट जैसी परीक्षा के लिए तय उम्र नहीं होती। कहा कि सिर्फ उम्र या परिस्थितियों को देखकर अपने सपनों को मत छोड़िए। लक्ष्य स्पष्ट हो और मेहनत करने का साहस हो, तो कोई भी मुकाम हासिल किया जा सकता है। कहा कि मैं दवाओं के बारे में बहुत कुछ जानता हूं, लेकिन दवाएं लिख नहीं सकता। दवा लिखने के लिए डॉक्टर की डिग्री होनी चाहिए। इसलिए परीक्षा दी। परीक्षा में सफलता मिले न मिले, प्रयास करते रहना चाहिए। इससे पहले ओडिशा के सेवानिवृत्त बैंक अधिकारी 64 वर्षीय किशोर प्रधान 2020 में नीट पास कर चुके हैं। इसके अलावा अलीगढ़ के 69 वर्षीय मोहन लाल नीट दे चुके हैं।

गरुड़ पोर्टल से सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट की होगी केंद्रीकृत रीयल-टाइम मॉनिटरिंग

भोपाल  "गरुड़ पोर्टल" से प्रदेश के सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट की केंद्रीकृत रीयल-टाइम मॉनिटरिंग की जायेगी। इससे कार्यप्रणाली में पारदर्शिता के संचार के साथ संचालन की दक्षता में भी उल्लेखनीय सुधार होगा। इससे सीवेज प्रबंधन की गुणवत्ता को और अधिक बेहतर बनाया जा सकेगा और समय पर निर्णय लेने में सुविधा होगी। नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग तथा मध्यप्रदेश अर्बन डेवलपमेंट कंपनी (एमपीयूडीसी) द्वारा राज्य में सीवेज प्रबंधन व्यवस्था को सुदृढ़, आधुनिक एवं पारदर्शी बनाने की दिशा में एक अत्यंत महत्वपूर्ण पहल की गई है। मध्यप्रदेश में अपनी तरह की यह प्रथम केंद्रीकृत निगरानी प्रणाली है, जो वास्तविक समय में डेटा ट्रैकिंग के साथ-साथ उत्कृष्ट परिचालन निरीक्षण एवं त्वरित निर्णय लेने की प्रक्रिया को अत्यंत सशक्त बनाती है। इस युगांतरकारी व नवाचारपूर्ण पहल से राज्य में पर्यावरण संरक्षण, जल गुणवत्ता के संवर्धन एवं नगरीय स्वच्छता के संकल्प को अभूतपूर्व मजबूती मिलने की पूर्ण अपेक्षा है। आयुक्त  संकेत भोंडवे ने बताया कि विभाग के अंतर्गत संचालित कुल 42 सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) में अत्याधुनिक एससीएडीए' (Supervisory Control and Data Acquisition – SCADA) सह 'ओसीईएमएस' (Online Continuous Effluent Monitoring System – OCEMS) प्रणाली को सफलतापूर्वक स्थापित व लागू कर दिया गया है। विदित हो कि पूर्व में इन संयंत्रों से प्राप्त होने वाला डेटा केवल संबंधित एसटीपी परिसर तक ही सीमित रहता था, जिसके कारण संपूर्ण व्यवस्था की समग्र निगरानी में कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था। किंतु, इस नूतन प्रणाली के क्रियान्वयन से अब बॉयोकेमिकल ऑक्सीजन डिमांड (BOD), केमिकल ऑक्सीजन डिमांड सीओडी (COD), पीएच (pH) एवं टोटल सस्पेंडेड सॉलिड्स (TSS) जैसे सभी प्रमुख जल गुणवत्ता मापदंडों की रीयल-टाइम मॉनिटरिंग सुनिश्चित की जा रही है। इन सभी तकनीकी पैमानों की निगरानी अब यूएडीडी (UADD) कार्यालय के 'गरुड़ पोर्टल' के माध्यम से केंद्रीकृत रूप में की जा रही है, जिसके फलस्वरूप सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट्स के प्रदर्शन पर अनवरत एवं प्रभावी दृष्टि रखी जा सकेगी। मध्यप्रदेश में विभिन्न योजनाओं के अंतर्गत लगभग 52 सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) संचालित हैं, जिनमें यह उन्नत एससीएडीए एवं ओसीईएमएस प्रणाली कार्यरत है। विभाग द्वारा यह लक्ष्य निर्धारित किया गया है कि शेष 12 एसटीपी का डेटा भी लगभग 30 अप्रैल 2026 तक गरुड़ पोर्टल पर उपलब्ध हो जाएगा, जिससे राज्य के सभी प्रमुख एसटीपी एक ही डिजिटल पटल पर पूर्णतः एकीकृत हो सकेंगे।