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पहली मुलाकात में दिखी गर्मजोशी: सम्राट और नीतीश साथ आए नजर

पटना. बिहार की राजनीति में हलचल के बीच पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने शनिवार को देशरत्न मार्ग स्थित सरकारी आवास पर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से मुलाकात की। यह मुलाकात करीब 20 मिनट तक चली, जिसमें देश और राज्य की मौजूदा राजनीतिक स्थिति और सरकार के कामकाज पर चर्चा हुई। दोनों ड‍िप्‍टी सीएम से भी मुलाकात  15 अप्रैल को मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के बाद यह पहली बार है जब सम्राट चौधरी और नीतीश कुमार आमने-सामने मिले। इस दौरान उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी और बिजेंद्र यादव से भी बातचीत हुई। मुख्यमंत्री आवास पर हुई इस मुलाकात की तस्वीरें सम्राट चौधरी ने अपने आधिकारिक X (पूर्व ट्विटर) हैंडल पर साझा कीं। तस्वीरों में नीतीश कुमार सहज और प्रसन्न नजर आए। यहां तक कि उन्होंने सम्राट चौधरी के कंधे पर हाथ रखकर आत्मीयता भी दिखाई। सम्राट चौधरी ने पोस्ट में लिखा कि उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री से मार्गदर्शन प्राप्त किया। शराबबंदी पर सरकार का सख्त रुख बरकरार मुलाकात के बीच राज्य की शराबबंदी नीति भी चर्चा के केंद्र में रही। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने स्पष्ट किया कि बिहार में शराबबंदी कानून सख्ती से जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि यह फैसला पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की सोच का हिस्सा है और प्रधानमंत्री Narendra Modi भी इस पहल की सराहना कर चुके हैं। अनंत सिंह समेत कई नेताओं ने उठाए सवाल इधर, मोकामा से जदयू विधायक Anant Singh लगातार शराबबंदी खत्म करने की मांग उठा रहे हैं। उनका तर्क है कि प्रतिबंध के बावजूद लोग शराब का सेवन कर रहे हैं। और इसके स्थान पर अन्य खतरनाक नशे की ओर बढ़ रहे हैं, जिससे समाज पर नकारात्मक असर पड़ रहा है। कई अन्य नेताओं ने भी इस मुद्दे पर सवाल उठाए हैं, जिससे राज्य में शराबबंदी को लेकर बहस तेज हो गई है। संदेश साफ: फिलहाल नहीं बदलेगी नीति इन तमाम चर्चाओं के बीच मुख्यमंत्री का बयान यह संकेत देता है कि बिहार में फिलहाल शराबबंदी कानून में किसी तरह की ढील या बदलाव की संभावना नहीं है। सरकार इस नीति को जारी रखने के पक्ष में मजबूती से खड़ी नजर आ रही है।

नशे के बड़े गिरोह पर वार: 448 करोड़ की हेरोइन जब्त, पाकिस्तान लिंक का खुलासा

चंडीगढ़. पंजाब में नशे के खिलाफ चल रही मुहिम के बीच पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है। डीजीपी गौरव यादव ने शनिवार को बड़ा खुलासा करते हुए बताया कि काउंटर इंटेलिजेंस और राज्य विशेष अभियान इकाई अमृतसर की संयुक्त कार्रवाई में 64.62 किलो हेरोइन बरामद की गई है। इसके साथ ही एक खतरनाक अंतरराष्ट्रीय नशा तस्करी नेटवर्क को भी ध्वस्त कर दिया गया है, जिसके तार पाकिस्तान से लेकर यूरोप तक जुड़े पाए गए हैं। जब्त हेरोइन की इंटरनेशनल वेल्यू तकरीबन 448 करोड़ रुपए आकी जा रही है। डीजीपी के अनुसार यह कार्रवाई सामान्य नहीं है, बल्कि सीमा पार से संचालित एक संगठित और मजबूत तस्करी नेटवर्क पर सीधा प्रहार है। जांच के दौरान सामने आया कि पाकिस्तान में बैठा तस्कर मूसा इस पूरे गिरोह का मुख्य संचालक है। यह वही व्यक्ति है, जिसका नाम पहले 532 किलो हेरोइन की बड़ी खेप के मामले में भी सामने आ चुका है। पुर्तगाल तक पहुंचे लिंक इस बार मूसा ने अपने नेटवर्क को और विस्तार देते हुए यूरोप, विशेष रूप से पुर्तगाल में बैठे अपने साथियों के जरिए पंजाब के स्थानीय तस्करों को जोड़ रखा था। इस तरह यह नेटवर्क अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सक्रिय होकर नशे की आपूर्ति का एक बड़ा चैनल बना चुका था। पुलिस ने अमृतसर के अलग-अलग इलाकों में कार्रवाई करते हुए स्वर्ण सिंह, मखन सिंह और शमशेर सिंह को गिरफ्तार किया है। प्रारंभिक पूछताछ में पता चला है कि ये आरोपी सीमा पार से आई हेरोइन की खेप को प्राप्त कर उसे आगे विभिन्न स्थानों पर सप्लाई करते थे। कड़ियों को जोड़ने की प्रयास में जुटी पुलिस डीजीपी गौरव यादव ने बताया कि यह पूरा अभियान गुप्त सूचनाओं के आधार पर चलाया गया था। उन्होंने यह भी संकेत दिए कि आने वाले समय में इस मामले में और गिरफ्तारियां हो सकती हैं, क्योंकि पुलिस अब इस नेटवर्क के आगे और पीछे जुड़े सभी कड़ियों की गहराई से जांच कर रही है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि पंजाब पुलिस राज्य को नशा मुक्त बनाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। किसी भी तस्कर या गिरोह को बख्शा नहीं जाएगा, चाहे उसका संबंध देश के भीतर हो या विदेश से जुड़ा हो। इस बड़ी कार्रवाई के बाद पंजाब में नशा तस्करी के खिलाफ चल रही मुहिम को और मजबूती मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।

हादसे का आंकड़ा बढ़ा: वेदांता प्लांट में 23 मजदूरों की मौत, 12 की हालत गंभीर

सक्ती. वेदांता पावर प्लांट में 14 अप्रैल को हुए बॉयलर ब्लास्ट में मरने वाले श्रमिकों की संख्या 23 पहुंच गई है, वहीं 12 घायल श्रमिकों का अलग-अलग अस्पतालों में इलाज जारी है। बीते 12 घंटे के दौरान मृत श्रमिकों का आंकड़ा 20 से 23 पहुंच गया है. मरने वाले तीन श्रमिकों में से रायगढ़ मेडिकल कॉलेज में भर्ती पश्चिम बंगाल निवासी सुब्रतो जेना और कालडा हॉस्पिटल, रायपुर में भर्ती उत्तर प्रदेश निवासी किस्मत अली सहित एक अन्य श्रमिक शामिल है। इस तरह से इस भीषण हादसे में जान गंवाने वाले श्रमिकों में पांच श्रमिक छत्तीसगढ़ और शेष 18 श्रमिक अन्य प्रांतों से हैं। वेदांता पावर प्लांट हादसे में पुलिस ने वेदांता ग्रुप के चेयरमैन अनिल अग्रवाल, प्लांट हेड देवेंद्र पटेल समेत 19 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज किया है। सभी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 106(1), 289 और 3(5) के तहत अपराध पंजीबद्ध किया गया है। घटना की जांच के लिए बनी विशेष टीम सक्ती जिले के पुलिस अधीक्षक प्रफुल्ल ठाकुर ने बताया कि अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक के नेतृत्व में विशेष जांच टीम गठित की गई है, जिसमें पुलिस और फोरेंसिक विशेषज्ञ शामिल हैं। यह टीम तकनीकी पहलुओं की गहराई से जांच कर रही है। तकनीकी जांच में क्या सामने आया? पुलिस और प्रशासन की प्रारंभिक जांच रिपोर्ट के अनुसार, बायलर के फर्नेस में अत्यधिक ईंधन जमा हो जाने से दबाव असामान्य रूप से बढ़ गया था। इसी दबाव के कारण बायलर का निचला पाइप अपनी जगह से हट गया और विस्फोट हो गया। वहीं फोरेंसिक टीम (एफएसएल) ने भी अपनी रिपोर्ट में अत्यधिक ईंधन संचय और दबाव को हादसे की मुख्य वजह बताया है। गंभीर लापरवाही के आरोप शुरुआती जांच में यह भी सामने आई है कि प्लांट में मशीनरी के रख-रखाव और संचालन के मानकों का सही तरीके से पालन नहीं किया गया। सुरक्षा उपायों में कमी और निगरानी की लापरवाही के चलते यह बड़ा हादसा हुआ, जिसके कारण 23 श्रमिकों की मौत हो गई। घायल 12 श्रमिकों का अभी ईलाज जारी है। मजिस्ट्रियल जांच के निर्देश इस घटना की मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने मजिस्ट्रियल जांच के निर्देश दिए हैं। जांच में जो भी दोषी होंगे उन पर श्रम कानून के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी। वहीं मुख्यमंत्री साय ने मृतकों के परिवार वालों को 5-5 लाख रुपए और घायलों को 50 हजार रुपए देने का ऐलान किया है। PMO ने भी मुआवजे की घोषणा की है। PMNRF से हर मृतकों के परिवार वालों को 2 लाख और घायलों को 50 हजार रुपए दिए जाएंगे। मृतक के परिजन को मुआवजा के साथ नौकरी वेदांता पावर प्लांट प्रबंधन ने हुए भीषण हादसे में मृत श्रमिक के मृतक के परिजन को 35-35 लाख रुपए सहायता राशि और नौकरी देने का ऐलान किया है। वहीं घायलों को 15-15 लाख रुपए देने की बात कही है।

उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने सौंपा चेक, राज्य में पहली बार किसी खिलाड़ी को दी गई है इतनी बड़ी प्रोत्साहन राशि

भारत को कबड्डी विश्वकप और एशियन चैंपियन बनाने वाली संजू देवी को 50 लाख की प्रोत्साहन राशि उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने सौंपा चेक, राज्य में पहली बार किसी खिलाड़ी को दी गई है इतनी बड़ी प्रोत्साहन राशि कबड्डी विश्वकप में मोस्ट वेल्युबल प्लेयर चुनी गई थी संजू, पूरे टूर्नामेंट में दिखाया था शानदार खेल कबड्डी विश्वकप के फाइनल में भारत को मिले 35 प्वाइंट्स में से 16 प्वाइंट्स अकेले संजू ने दिलाए थे बहतराई अकादमी में अपने खेल को तराशा है कोरबा के छोटे से गांव केराकछार की संजू ने छत्तीसगढ़ की बेटी का शानदार प्रदर्शन छत्तीसगढ़ का मान-सम्मान व गौरव बढ़ाने वाला, उनकी उपलब्धियां अन्य खिलाड़ियों को भी करेगी प्रेरित – अरुण साव रायपुर भारत को कबड्डी विश्वकप और एशियन चैंपियनशिप दिलाने में अहम भूमिका निभाने वाली संजू देवी को राज्य शासन के खेल एवं युवा कल्याण विभाग द्वारा 50 लाख रुपए की प्रोत्साहन राशि प्रदान की गई है। छत्तीसगढ़ में पहली बार किसी खिलाड़ी को इतनी बड़ी प्रोत्साहन राशि दी गई है। उप मुख्यमंत्री तथा खेल एवं युवा कल्याण मंत्री अरुण साव ने आज नवा रायपुर स्थित अपने निवास कार्यालय में आयोजित सम्मान समारोह में उन्हें यह राशि सौंपी। साव ने इस दौरान बिलासपुर के चिंगराजपारा कबड्डी क्लब को कबड्डी मैट भी प्रदान किया। संजू देवी को उनके शानदार खेल की वजह से पिछले साल नवम्बर में बांग्लादेश में आयोजित कबड्डी विश्वकप में मोस्ट वेल्युबल प्लेयर चुना गया था। कबड्डी विश्वकप के फाइनल में भारत को मिले 35 प्वाइंट्स में से 16 प्वाइंट्स अकेले संजू ने दिलाए थे। सेमी-फाइनल सहित अन्य मैचों में भी उन्होंने अपने उत्कृष्ट प्रदर्शन से भारत को चैंपियन बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।  संजू अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का प्रतिनिधित्व करने वाली राज्य की पहली कबड्डी खिलाड़ी है। कबड्डी विश्व कप के साथ ही उन्होंने पिछले साल मार्च में ईरान में आयोजित एशियन कबड्डी चैम्पियनशिप में भी भारत का प्रतिनिधित्व किया था और भारत को चैंपियन बनाने में अहम भूमिका निभाई थी। कोरबा के छोटे से गांव केराकछार की श्रमिक दंपति की संतान 23 साल की संजू राज्य शासन के खेल एवं युवा कल्याण विभाग द्वारा संचालित बिलासपुर के बहतराई आवासीय बालिका कबड्डी अकादमी में जुलाई-2023 से प्रशिक्षण ले रही है। उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने संजू देवी को सम्मानित करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के मार्गदर्शन में राज्य में लगातार खेल और खिलाड़ियों की तरक्की व बेहतरी के लिए काम हो रहे हैं। संजू देवी ने अपने बेहतरीन खेल की बदौलत बड़ी उपलब्धियां हासिल की हैं। उन्होंने अपने उत्कृष्ट खेल से देश को दो-दो अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में स्वर्ण पदक दिलाया है और अपने खेल कौशल से मोस्ट वेल्युबल प्लेयर बनी हैं। छत्तीसगढ़ की बेटी का यह प्रदर्शन राज्य का मान-सम्मान और गौरव बढ़ाने वाला है। उन्होंने संजू देवी को शुभकामनाएं देते हुए उम्मीद जताई कि वे आने वाले समय में भी इसी तरह हमारे राज्य और देश का नाम रोशन करती रहेंगी।    उप मुख्यमंत्री साव ने कहा कि राज्य में जब ऐसे प्रतिभाशाली खिलाड़ी हों तो हमारी जिम्मेदारी बनती है कि ऐसे खिलाड़ियों को आगे बढ़ाएं और प्रोत्साहित करें। हमारे खिलाड़ियों को… और विशेषकर लड़कियों को अच्छा खेलने का प्रोत्साहन मिले, इसके लिए सरकार संजू देवी को 50 लाख रुपए की प्रोत्साहन राशि दे रही है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ ने अभी हाल ही में खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स की शानदार मेजबानी की है। बस्तर ओलंपिक और सरगुजा ओलंपिक के भी वृहद आयोजन किए गए हैं।  साव ने कहा कि सरकार की कोशिश है कि प्रदेश में लगातार खेल प्रतियोगिताएं चलती रहें, चाहे वो सरकार के माध्यम से हों, अन्य संस्थाओं के माध्यम से हों या खेल संघों के माध्यम से हों। खेल और खिलाड़ियों को आगे बढ़ाने के लिए सरकार ने बजट में पर्याप्त प्रावधान किए हैं। खेल एवं युवा कल्याण विभाग की संचालक श्रीमती तनुजा सलाम, छत्तीसगढ़ कबड्डी संघ के अध्यक्ष शशिकांत बघेल और संजू देवी के कोच दिल कुमार राठौर सहित राज्य शासन के विभिन्न अकादमियों में प्रशिक्षण ले रहे खिलाड़ी, कबड्डी संघ के पदाधिकारी एवं विभागीय अधिकारी भी सम्मान समारोह में मौजूद थे। जुनून, कड़ी मेहनत, मानसिक मजबूती, समर्पण और संघर्ष का नाम संजू देवी रावत दमदार खेल और विपक्षी टीम के पाले में जाकर अपनी टीम के लिए अंक बटोरने की काबिलियत की वजह से संजू देवी को नवम्बर-2025 में बांग्लादेश में हुए कबड्डी विश्वकप में टूर्नामेंट का मोस्ट वेल्युबल प्लेयर चुना गया। फाइनल और सेमीफाइनल सहित शुरूआती मैचों में भी निर्णायक क्षणों में उसने टीम की जीत सुनिश्चित करने वाले अंक बटोरे। संजू छत्तीसगढ़ की पहली अंतरराष्ट्रीय कबड्डी खिलाड़ी है। बांग्लादेश में कबड्डी विश्व कप खेलने के साथ ही वह मार्च-2025 में ईरान में हुए एशियन कबड्डी चैंपियनशिप में देश के लिए खेल चुकी है। ईरान में भी उसने उम्दा प्रदर्शन किया था।  संजू ने गरीबी व अभावों के बीच संघर्ष और कड़ी मेहनत से ये उपलब्धियां हासिल की हैं। वे खेल के प्रति अपने जुनून, समर्पण, अनुशासन, मानसिक मजबूती, कठोर परिश्रम और संघर्ष से यहां तक पहुंची हैं। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खेलने के अपने जुनून और जज्बे के बीच उसने जो मानसिक मजबूती दिखाई है, वह दुर्लभ है। अपनी लगन, कड़ी मेहनत और कबड्डी के प्रति जुनून से उन्होंने एक छोटे से गांव से निकलकर दो-दो अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंटों में भारत को चैंपियन बनाने में महती भूमिका निभाई है।  संजू की सफलता और उपलब्धियां खेल में अपना करियर बनाने की सोच रहे बच्चों और युवाओं को प्रेरित करने वाली है। बिलासपुर के शासकीय कबड्डी अकादमी में अपने खेल को तराशने वाली संजू कहती है कि बड़े स्तर पर सफल होने के लिए मानसिक रूप से मजबूत होना जरूरी है। बाधाओं के बीच पहली सीढ़ी पार करने के बाद ही आपको दूसरी सीढ़ी चढ़ने का मौका मिलता है। लगातार अच्छे प्रदर्शन से मिली भारतीय टीम में जगह संजू ने अपने गांव केराकछार से कबड्डी विश्व कप तक के सफर के बारे में बताया कि उन्होंने जनवरी-2024 में कोलकाता में आयोजित ईस्ट जोन इंटरयुनिवर्सिटी टूर्नामेंट में और जनवरी-2025 में भटिंडा में ऑल इंडिया इंटर यूनिवर्सिटी टूर्नामेंट में बिलासपुर विश्वविद्यालय की ओर से तथा विशाखापट्टनम, तमिलनाडु, नागपुर, महासमुंद और भजियापार (महाराष्ट्र) के ऑल इंडिया टूर्नामेंट में राज्य की ओर से भागीदारी की है। … Read more

मध्यप्रदेश में गर्मी का कहर: खजुराहो में 43.2°C, 9 शहरों में 42 डिग्री से अधिक, 16 जिलों में लू का अलर्ट

भोपाल  मध्य प्रदेश में मौसम ने अचानक करवट बदलते हुए भीषण गर्मी का रूप ले लिया है। अप्रैल के दूसरे पखवाड़े में एंट्री के साथ ही तापमान तेजी से उछला है और अब हालात लू जैसे बन गए हैं। शुक्रवार को छतरपुर के खजुराहो में पारा 43.2 डिग्री तक पहुंच गया, जो इस सीजन का अब तक का सबसे ज्यादा तापमान है। खास बात यह रही कि जबलपुर जैसे शहर ने भोपाल और इंदौर को भी पीछे छोड़ते हुए ज्यादा गर्मी दर्ज की। प्रदेश के कई हिस्सों में तापमान 42 डिग्री से ऊपर पहुंच चुका है। खजुराहो के बाद उमरिया (42.9), टीकमगढ़-नौगांव (42.8), मंडला (42.5), दमोह, गुना और दतिया (42.2) जैसे शहर भी भीषण गर्मी की चपेट में रहे। वहीं बड़े शहरों में जबलपुर सबसे गर्म रहा, जहां तापमान 42 डिग्री दर्ज हुआ। भोपाल और ग्वालियर 41.3 डिग्री, इंदौर 40.6 और उज्जैन 40.5 डिग्री पर रहे।  सीजन का सबसे गर्म दिन रहा शुक्रवार शुक्रवार को प्रदेश में इस सीजन की सबसे ज्यादा गर्मी दर्ज की गई। छतरपुर जिले के खजुराहो में तापमान 43.2 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, जो इस साल का अब तक का सबसे उच्चतम स्तर है। इसके अलावा उमरिया में 42.9 डिग्री, टीकमगढ़ और नौगांव में 42.8 डिग्री, मंडला में 42.5 डिग्री और दमोह, गुना व दतिया में 42.2 डिग्री तापमान रिकॉर्ड किया गया। सागर और सतना में 41.8 डिग्री, जबकि छिंदवाड़ा और रायसेन में 41.6 डिग्री तापमान दर्ज हुआ। बड़े शहरों की बात करें तो जबलपुर सबसे गर्म रहा, जहां पारा 42 डिग्री पहुंच गया। भोपाल और ग्वालियर में 41.3 डिग्री, इंदौर में 40.6 और उज्जैन में 40.5 डिग्री तापमान दर्ज किया गया। 16 जिलों में लू का अलर्ट, बढ़ेगी परेशानी IMD के अनुसार, शनिवार के लिए 16 जिलों में लू का अलर्ट जारी किया है। इनमें अलीराजपुर, झाबुआ, रतलाम, धार, रायसेन, नर्मदापुरम, बैतूल, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, सिवनी, मंडला, बालाघाट, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर और पन्ना शामिल हैं। मौसम विभाग का कहना है कि, अगले 2-3 दिनों में तापमान और बढ़ सकता है, जिससे लू का असर और तेज हो जाएगा। सीजन में पहली बार तापमान बढ़ा प्रदेश में शुक्रवार को गर्मी ने तीखे तेवर दिखाए। छतरपुर के खजुराहो में पारा सबसे ज्यादा 43.2 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया। वहीं, उमरिया में 42.9 डिग्री, टीकमगढ़-नौगांव में 42.8 डिग्री, नौगांव में 42.6 डिग्री, मंडला में 42.5 डिग्री, दमोह, गुना-दतिया में 42.2 डिग्री, सागर-सतना में 41.8 डिग्री, छिंदवाड़ा में 41.6 डिग्री, नर्मदापुरम-शाजापुर में 41.4 डिग्री, सीधी, नरसिंहपुर, रीवा-मलाजखंड में तापमान 41.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। प्रदेश के 5 बड़े शहरों की बात करें तो जबलपुर में सबसे ज्यादा 42 डिग्री रहा। भोपाल-ग्वालियर में 41.3 डिग्री, इंदौर में 40.6 डिग्री, उज्जैन में 40.5 डिग्री दर्ज किया गया। खजुराहो समेत कई जिलों में लू भी चली। गर्मी से बचने के लिए एडवायजरी जारी गर्मी का असर बढ़ते ही मौसम विभाग ने बचाव की एडवायजरी भी जारी की है। लोगों से कहा गया है कि वे दिनभर पर्याप्त पानी पिएं और शरीर को हाइड्रेट रखें। दोपहर के समय लंबे समय तक धूप में न रहे। हल्के वजन और रंग के सूती कपड़े पहनें। बच्चे और बुजुर्ग खासतौर पर ध्यान रखें। गर्मी का असर- स्कूलों का बदला समय भीषण गर्मी का असर अब बच्चों पर भी दिखने लगा है। तेज धूप में स्कूल से घर लौटने वाले बच्चों की सेहत पर खतरा बढ़ गया था। इसी को देखते हुए कई जिलों में स्कूलों के समय में बदलाव किया गया है। राजधानी भोपाल में अब स्कूल सुबह 7:30 बजे से दोपहर 12 बजे तक ही संचालित होंगे। इसके अलावा ग्वालियर, नर्मदापुरम, छिंदवाड़ा, रायसेन, बालाघाट, अनूपपुर, उमरिया, डिंडौरी और रतलाम समेत कई जिलों में भी नई टाइमिंग लागू कर दी गई है। प्रशासन ने साफ किया है कि बच्चों की सुरक्षा सबसे पहली प्राथमिकता है। अगले 3 दिन का मौसम पूर्वानुमान 18 अप्रैल: कई जिलों में भीषण लू, तापमान 45°C तक पहुंचने की संभावना 19 अप्रैल: उज्जैन, भिंड, दतिया, छतरपुर समेत कई जिलों में लू का असर जारी 20 अप्रैल: बुरहानपुर, खंडवा, बैतूल, छिंदवाड़ा, सिवनी और बालाघाट में बारिश के आसार

बिजली उत्पादन का हब बनेगा विंध्य, टाटा एनर्जी 28 हजार करोड़ से लगाएगी न्यूक्लियर पावर प्लांट

रीवा  रीवा अब सिर्फ विंध्य क्षेत्र का प्रमुख शहर नहीं रहेगा, बल्कि देश के सबसे बड़े बिजली उत्पादन केंद्रों में अपनी अलग पहचान बनाने जा रहा है। जिले में टाटा एनर्जी 28 हजार करोड़ रुपये के बड़े निवेश के साथ न्यूक्लियर पावर प्लांट स्थापित करने जा रही है। यह देश का पहला निजी न्यूक्लियर पावर प्लांट माना जा रहा है, क्योंकि अब तक ऐसे बड़े परमाणु ऊर्जा संयंत्र केवल सरकारी कंपनियों द्वारा लगाए जाते रहे हैं। केंद्र सरकार की नई हरित ऊर्जा नीतियों के बाद अब निजी कंपनियां भी इस क्षेत्र में तेजी से कदम बढ़ा रही हैं। रीवा के सिरमौर तहसील के क्योटी के पास रोजहांई क्षेत्र में यह परियोजना स्थापित होगी। इससे पूरे विंध्य क्षेत्र की अर्थव्यवस्था और रोजगार के अवसरों में बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा। जिले में टाटा एनर्जी 28 हजार करोड़ से न्यूक्लियर पावर प्लांट लगाएगा। यह देश का पहला निजी न्यूक्लियर पावर प्लांट होगा। अब तक ऐसे प्लांट सरकार चलाती है। केंद्र की हालिया व्यवस्थाओं के बाद रिलायंस, अदानी व टाटा ग्रुप ने इस क्षेत्र में कदम रखे हैं। रीवा के लिए केंद्र ने टाटा को अनुमति दे दी है। यह सिरमौर तहसील के क्योंटी के पास रोझौंहीं में बनेगा। मप्र औद्योगिक विकास प्राधिकरण 169 हेक्टेयर जमीन आवंटित करेगा। प्लांट में पहले 220 मेगावॉट बिजली बनेगी। बाद में 1000 मेगावॉट और आगे 2400 मेगावॉट बिजली उत्पादन होगा। इससे 5 हजार युवाओं को रोजगार मिलेगा। रीवा न्यूक्लियर पावर प्लांट: 28 हजार करोड़ निवेश और 2400 मेगावॉट उत्पादन टाटा एनर्जी द्वारा प्रस्तावित इस न्यूक्लियर पावर प्लांट की शुरुआत 220 मेगावॉट बिजली उत्पादन से होगी। इसके बाद इसे बढ़ाकर 1000 मेगावॉट और फिर आगे 2400 मेगावॉट तक ले जाने की योजना बनाई गई है। यह परियोजना चरणबद्ध तरीके से विकसित होगी ताकि बिजली उत्पादन के साथ स्थानीय संसाधनों और रोजगार को भी मजबूत किया जा सके। मध्यप्रदेश औद्योगिक विकास प्राधिकरण इस प्रोजेक्ट के लिए 169 हेक्टेयर भूमि आवंटित करेगा। बताया जा रहा है कि यह भूमि पर्यावरणीय रूप से बंजर क्षेत्र में है, जिससे वन क्षेत्र पर असर कम होगा। इस प्लांट के शुरू होने के बाद रीवा देश के ऊर्जा मानचित्र पर और मजबूती से उभरेगा। यह सिर्फ बिजली उत्पादन नहीं बल्कि औद्योगिक विकास का नया द्वार भी खोलेगा। 5000 युवाओं को रोजगार, स्थानीय अर्थव्यवस्था को मिलेगा बड़ा सहारा इस न्यूक्लियर पावर प्लांट का सबसे बड़ा लाभ रोजगार के रूप में सामने आएगा। अनुमान है कि करीब 5000 युवाओं को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार मिलेगा। निर्माण कार्य, तकनीकी सेवाएं, सुरक्षा, परिवहन, मशीन संचालन और रखरखाव जैसे कई क्षेत्रों में स्थानीय लोगों के लिए अवसर बनेंगे। इसके अलावा आसपास छोटे व्यवसाय जैसे होटल, दुकानें, परिवहन सेवाएं और ठेकेदारी भी तेजी से बढ़ेंगे। लंबे समय से रोजगार की तलाश कर रहे युवाओं के लिए यह परियोजना उम्मीद की बड़ी किरण बन सकती है। खास बात यह है कि रीवा के युवाओं को अपने ही जिले में बेहतर नौकरी के अवसर मिलेंगे, जिससे पलायन भी कम होगा। इससे क्षेत्र की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी और विकास की रफ्तार बढ़ेगी। डिप्टी सीएम राजेंद्र शुक्ल ने बताया, यह पथरीली-बंजर भूमि पर बनेगा। पहले यहां सोलर प्लांट बनना था। वन भूमि के कारण एनओसी न मिलने से प्रोजेक्ट रद्द हुआ। शुक्ल ने शुक्रवार को समीक्षा बैठक भी की। कमिश्नर बीएस जामोद ने बैठक में बताया कि परियोजना के लिए आवश्यक जमीनें तय समय सीमा में टाटा एनर्जी को उपलब्ध करा दी जाएंगी। निजी जमीनों को टाटा एनर्जी स्वयं प्राप्त करेगी। प्रशासनिक स्तर पर पूरा सहयोग किया जा रहा है। उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल ने कहा कि रीवा एयरपोर्ट से केवल 30 मिनट की दूरी पर मैहर जिले में अमझर में 170 हेक्टेयर जमीन चिन्हित की गई है। एमपीआईडीसी के अधिकारी इसमें निवेश के लिए केन्द्र सरकार की भारत औद्योगिक विकास योजना (भव्य योजना) के तहत प्रस्ताव बनाएं। एमपीआईडीसी के कार्यकारी निदेशक यूके तिवारी ने बताया कि अमझर में औद्योगिक पार्क में 50 से अधिक औद्योगिक इकाईयां स्थापित की जाएंगी। औद्योगिक केन्द्र के लिए अतिरिक्त भूमि की भी तलाश की जा रही है। अमझर में प्रस्तावित औद्योगिक पार्क का लाभ भी सीसीएफ राजेश राय ने कहा कि वन भूमि में अनुमति के लिए ऑनलाइन आवेदन करने पर समय सीमा में अनुमति जारी कर दी जाएगी। कलेक्टर नरेन्द्र कुमार सूर्यवंशी ने कहा कि जिले में निवेश करने वाले उद्यमियों को हर संभव सहायता दी जाएगी। जिले के औद्योगिक विकास में तेजी के लिए निवेश आवश्यक है। अमझर में प्रस्तावित औद्योगिक पार्क का लाभ भी रीवा जिले को मिलेगा। टाटा एनर्जी के प्रतिनिधियों ने प्रस्तावित परियोजना की विस्तार से जानकारी दी। टाटा एनर्जी के प्रतिनिधियों ने प्रशासनिक अधिकारियों से मिल रहे सहयोग की प्रशंसा की। बैठक में अध्यक्ष नगर निगम व्यंकटेश पाण्डेय, एसडीएम सिरमौर दृष्टि जायसवाल, कार्यपालन यंत्री पीडब्ल्यूडी नितिन पटेल तथा टाटा एनर्जी के प्रतिनिधि उपस्थित रहे। रीवा संभाग में हर तरह के पावर प्लांट – रीवा संभाग बिजली उत्पादन का हब बन रहा है। सिंगरौली में पहले से ही थर्मल पावर प्लांट हैं। रीवा में 750 मेगावॉट का सोलर पावर प्लांट है। सिरमौर और सिलपरा में हाइड्रो पावर प्लांट के साथ पहडिय़ा में कचरे से भी बिजली बन रही है। अब न्यूक्लियर पावर प्लांट से क्षेत्र को नई पहचान मिलेगी।

सागर ग्रीन हिल्स में अवैध पेंट हाउस: SEZ ने शुरु की अनुमतियां निरस्त करने की प्रक्रिया

भोपाल कोलार क्षेत्र की सागर ग्रीन हिल्स कॉलोनी में बने 16 पेंट हाउस अवैध बने हैं। इन पेंट हाउस के लिए साल 2013 में कोलार नगरपालिका ने अनुमति दे दी थी, जबकि भूमि विकास नियम-2012 में इसका प्रावधान नहीं था। यह मामला 2021 में सामने आया था, तब से अब तक चल रही जांच और पत्राचार के बाद नगरीय विकास विभाग ने 16 अप्रैल को इस पर सुनवाई रखी है। इस सुनवाई में बिल्डर के साथ पेंट हाउस के खरीदार और नगर निगम आयुक्त को बुलाया गया है। नगरीय प्रशासन संचालनालय ने इस मामले में सेज बिल्डर के खिलाफ नोटिस जारी करते हुए वर्ष 2013 में कोलार नगर पालिका से मिली अनुमतियों को खारिज करने एवं भूमि विकास नियम 2012 के प्रावधानों का उल्लंघन करने के आरोप तय कर दिए हैं। लोगों के करोड़ों रुपए फंस गए हैं। जांच में दीवारों में दरारें आने, जमीन धंसने और कलियासोत कैचमेंट नियमों में उल्लंघन भी पाया गया। सागर ग्रीन हिल्स कवर्ड कैंपस कलियासोत नदी के किनारे वर्ष 2013 की अनुमति के आधार पर बनाया गया था। नगर पालिका अधिनियम के अंतर्गत बिल्डिंग बनाने के प्रावधान में 18 मीटर की अधिकतम ऊंचाई निर्धारित की गई थी जबकि सेज डेवलपर एवं बिल्डर ने इसे 21 मीटर तक बढ़ा दिया। गड़बड़ी का क्रम यहीं नहीं थमा। सेज डेवलपर्स ने हाई राइज इमारत बनाने के बावजूद निवेशकों से मोटी रकम वसूलने के लिए 16 पेंट हाउस बनाकर बेच दिए। गैर कानूनी रूप से एक पेंट हाउस के बदले 80 लाख रुपए से एक करोड़ के बीच राशि वसूल की गई। राज्य शासन द्वारा बिल्डिंग एवं कवर्ड कैंपस को अवैध घोषित करने की प्रक्रिया शुरू होने से अब निवेशकों के करोड़ों रुपए इस परिसर में फंस गए हैं। सुनवाई की अगली तारीख पर सेज डेवलपर और बिल्डर को तय किए गए आरोप पर पक्ष रखने का मौका दिया गया है। संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर राज्य शासन द्वारा संपूर्ण परिसर को विधिवत अवैध घोषित कर दिया जाएगा। ग्राउंड रिपोर्ट: प्रारंभिक जांच में गंभीर गड़बड़ी नगरीय विकास विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों ने चल रही सुनवाई की पुष्टि करते हुए बताया कि मामला 2021 में तत्कालीन विधायक अर्जुन सिंह काकोडिय़ा ने विधानसभा सदन में उठाया था। उन्होंने सेज डेवलपर एवं बिल्डर के खिलाफ निर्माण अनुमतियों के उल्लंघन एवं निवेशकों की रकम लेकर उनके साथ गैरकानूनी व्यवहार करने का आरोप लगाया था। रिटेनिंग वॉल में दरारें, कैंपस की जमीन सीलन की वजह से धंसने लगी जांच के बाद पाया गया कि कलियासोत नदी से सटाकर कवर्ड कैंपस का निर्माण किया गया है। रिटेनिंग वॉल में दरारें आ चुकी हैं। कैंपस की जमीन पानी की सीलन की वजह से धंसने लगी है। इस प्रकार बिल्डिंग स्ट्रक्चर भी नागरिकों के लिए खतरनाक घोषित किया जा चुका है। नगरपालिका की आड़ में अवैध निर्माण सेज डेवलपर्स एवं बिल्डर के मालिक ने कोलार नगर पालिका से वर्ष 2013 में नक्शा और लेआउट दिखाकर कॉलोनी विकास की अनुमति मांगी थी। भूमि विकास नियम 2012 का पालन करते हुए नगर पालिका ने चार टावर बनाने एवं उनकी ऊंचाई 18 मीटर रखने के निर्देश जारी किए थे। बिल्डर ने चार टावर के अलावा एक अतिरिक्त मंजिल तैयार कर ली। 18 मीटर की बजाय 21 मीटर तक की ऊंची बिल्डिंग बनाई गई। छत को कॉमन एरिया घोषित करने की बजाय यहां पेंट हाउस बनाकर बेच दिए गए।

प्रवासी मजदूरों को 5 किलो FTL एलपीजी सिलेंडर मिलेगा, प्रशासन ने दिए सख्त निर्देश

मनेन्द्रगढ़/एमसीबी जिले में प्रवासी मजदूरों को स्वच्छ ईंधन उपलब्ध कराने के उद्देश्य से संचालनालय, खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण, नवा रायपुर ने 5 किलोग्राम फ्री ट्रेड एलपीजी (FTL) सिलेंडर वितरण के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए हैं। प्रशासन ने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया है कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में एलपीजी वितरकों के माध्यम से पात्र श्रमिकों तक इस योजना का लाभ सुनिश्चित करें। निर्देशों के अनुसार, प्रवासी मजदूरों को यह सुविधा केवल अधिकृत वितरण केंद्रों के माध्यम से ही दी जाएगी। यह पहल विशेष रूप से उन श्रमिकों को राहत देने के लिए है, जो अस्थायी रूप से निवास कर रहे हैं और नियमित घरेलू गैस कनेक्शन से वंचित हैं। पहचान और पंजीयन जरूरी लाभार्थियों को सिलेंडर प्राप्त करने के लिए आधार कार्ड प्रस्तुत करना अनिवार्य होगा। इसके साथ ही श्रम विभाग द्वारा जारी श्रमिक पंजीयन प्रमाण पत्र की प्रति भी, उनकी सहमति से, ली जाएगी। इन दस्तावेजों के आधार पर ही गैस कनेक्शन और रिफिल की सुविधा प्रदान की जाएगी, जिससे प्रक्रिया पारदर्शी बनी रहे। स्टॉक पर कड़ी निगरानी एलपीजी वितरकों को निर्देश दिए गए हैं कि वे दैनिक स्टॉक, विक्रय और शेष सिलेंडरों का नियमित रिकॉर्ड संधारित करें। अधिकारियों द्वारा समय-समय पर निरीक्षण कर व्यवस्था की निगरानी की जाएगी। दुरुपयोग पर होगी सख्त कार्रवाई प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि योजना के दुरुपयोग या अनियमितता को बिल्कुल बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। किसी भी तरह की गड़बड़ी पाए जाने पर संबंधित व्यक्तियों या एजेंसियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। जिला प्रशासन ने सभी अधिकारियों और वितरकों से निर्देशों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने को कहा है, ताकि प्रवासी मजदूरों तक यह सुविधा समयबद्ध और प्रभावी ढंग से पहुंच सके।

यही से निकलेंगे हमारे जिले के डॉक्टर, इंजीनियर ओर अफसर – कलेक्टर मीना

लखनऊ  जिले के लिए गौरव का क्षण उस समय और विशेष बन गया, जब माध्यमिक शिक्षा मंडल परीक्षा परिणामों में  राज्यस्तरीय प्रवीणता सूची में स्थान प्राप्त कर जिले का नाम रोशन करने वाले मेधावी छात्र-छात्राओं से कलेक्टर श्रीमती नेहा मीना ने आत्मीय भेंट की। कलेक्टर श्रीमती मीना ने विद्यार्थियों को माला पहनाकर और मिठाई खिलाकर उनका उत्साहवर्धन किया। यह केवल सम्मान का अवसर नहीं, बल्कि उन सपनों का उत्सव था, जो अब साकार होने की दिशा में अग्रसर हैं। उन्होंने प्राचार्यों एवं अभिभावकों को भी बधाई देते हुए कहा कि विद्यार्थियों की सफलता में उनका योगदान अत्यंत महत्वपूर्ण है। विद्यार्थियों से संवाद के दौरान जब उनके सपनों के बारे में पूछा गया, तो किसी ने डॉक्टर, किसी ने इंजीनियर और किसी ने प्रशासनिक सेवा में जाकर समाज की सेवा करने की इच्छा व्यक्त की। इस पर कलेक्टर श्रीमती मीना ने कहा, “आज के ये बच्चे ही कल हमारे जिले और देश का भविष्य गढ़ेंगे।”

देश की सुरक्षा पर खतरा? अंबाला हाईवे पर संदिग्ध कैमरे, पुलिस ने दर्ज किया मामला

अंबाला. राष्ट्रीय राजमार्ग 152- डी पर पुलिस को दो सीसीटीवी कैमरों से देश से जुड़ी जानकारी पाकिस्तान पहुंचाई जा रही थी। यह दोनों सीसीटीवी सोलर सिस्टम से आपरेट किए जा रहे थे जबकि इनमें से एक में सिम भी चल रहा था। इन्हीं संदिग्ध सीसीटीवी कैमरों ने अब सुरक्षा एजेंसियों की नींद उड़ा दी है। करीब 50 दिन बाद अब इस मामले में सदर थाना पुलिस ने देश की एकता, अखंडता, संप्रभुता व सुरक्षा को खतरे में डालने का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। मामला 26 फरवरी को सामने आया था तब तक पुलिस को यह लग रहा था कि शायद यह कैमरे किसी विभाग ने लगाए होंगे। लेकिन करीब डेढ़ महीने की जांच और पूछताछ के बाद जब किसी भी विभाग द्वारा इन कैमरों की जिम्मेदारी नहीं ली गई तो पुलिस ने इसे गंभीर मानते हुए केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। बता दें कि इससे पहले मार्च माह में गांव मलौर में बिजली के खंभे पर सोलर और सिम से आपरेट होने वाले सीसीटीवी कैमरे बरामद हुए थे जिनसे एयरफोर्स स्टेशन बकनौर से जुड़ी जानकारी लीक करने का संदेह जताया गया था। दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने करीब आठ दिन पहले पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आइएसआइ द्वारा संचालित एक बड़े जासूसी नेटवर्क का भंडाफोड़ करते हुए 11 सदस्यों को गिरफ्तार किया था। अंबाला में भी इसी गैंग ने इन दोनों कैमरों को इंस्टाल किया था। जांच में खुलासा हुआ था कि गिरोह के सदस्य सैन्य ठिकानों, रेलवे स्टेशनों समेत अन्य संवेदनशील स्थानों की लोकेशन, फोटो, वीडियो पाकिस्तान भेज रहे थे। इन लोगों ने दिल्ली कैंट, अंबाला और सोनीपत रेलवे स्टेशन पर सोलर बेस्ड कैमरे भी लगाए थे। इन कैमरों की फीड पाकिस्तान दी गई थी। इस मामले में दिल्ली पुलिस अभी तक 26 से अधिक आरोपितों को गिरफ्तार कर चुकी है। ऐसे हुआ खुलासा जानकारी के अनुसार एएसआइ रविश कुमार, जो उस समय थाना सदर थाने में जांच अधिकारी के तौर पर तैनात थे, 26 फरवरी को एक सड़क हादसे के केस जोकि 15 फरवरी को दर्ज हुआ था की जांच के सिलसिले में गांव देवीनगर के पास नेशनल हाईवे-44 पर पहुंचे। इसी दौरान उन्होंने हाईवे-152 के ओवरब्रिज पर दो कैमरे लगे हुए देखे, जो सामान्य निगरानी सिस्टम से अलग और संदिग्ध लगे। यह लकड़ी के तख्ते के सहारे अटैच किए गए थे। प्राथमिक स्तर पर इन कैमरों की पहचान के लिए उन्होंने टोल प्लाजा प्रबंधन से संपर्क किया। टोल मैनेजर विनोद कुमार ने साफ कहा कि ये कैमरे टोल के नहीं हैं। इसके बाद ट्रैफिक थाना मोहड़ा के एसएचओ जोगिंद्र से बात की गई, उन्होंने भी ऐसे किसी कैमरे से इनकार कर दिया। मामला और गहराया जब नेशनल हाईवे अथारिटी आफ इंडिया (एनएचएआइ) के अधिकारी ललित ने भी इन कैमरों से अपना कोई संबंध होने से इनकार कर दिया। इसके बाद हाईवे पर निर्माण कार्य कर रही एजेंसी के कर्मचारियों और उनके अधिकारी तेजेंद्र पांडे से भी पूछताछ की गई, लेकिन वहां से भी कोई जानकारी नहीं मिली। कैमरों के बारे में यहां भी पुलिस ने की पूछताछ पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए सैनीमाजरा टोल प्लाजा, आइटी सिस्टम, सर्विलांस, डेटा मैनेजमेंट और तकनीकी सपोर्ट और कंप्यूटर ब्रांच तक में अलग-अलग दिन जांच की, लेकिन सभी जगह से एक ही जवाब मिला कैमरे उनके नहीं हैं। कई दिनों तक कोई सुराग नहीं मिलने पर पुलिस ने वरिष्ठ अधिकारियों से चर्चा के बाद दोनों कैमरों को मौके से उतरवाकर थाना सदर अंबाला शहर में सुरक्षित रख लिया। सोलर प्लेट और सिम के साथ जुड़े हुए थे कैमरे जांच के दौरान एक कैमरे में सोलर प्लेट के साथ वोडाफोन कंपनी का सिम कार्ड मिला, जबकि दूसरे कैमरे में कोई सिम नहीं था। प्रारंभिक जांच में यह आशंका जताई जा रही है कि ये कैमरे किसी खुफिया निगरानी या फिर असामाजिक/देशद्रोही गतिविधियों के लिए लगाए गए हो सकते हैं। इसी आधार पर पुलिस ने इसे राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा मामला मानते हुए धारा 152 और 61 बीनएस के वीरवार रात केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। फिलहाल पुलिस ने कैमरों को कब्जे में लेकर उनकी तकनीकी जांच शुरू कर दी है। सिम कार्ड के जरिए यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि इन कैमरों का संचालन कौन कर रहा था और इसका डेटा कहां जा रहा था। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की हर एंगल से जांच की जा रही है और जरूरत पड़ने पर केंद्रीय एजेंसियों की भी मदद ली जा सकती है। यह मामला हाईवे सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था पर भी कई गंभीर सवाल खड़े कर रहा है। दिल्ली पुलिस के पकड़े गए आरोपितों से कनेक्शन दिल्ली पुलिस के स्पेशल सेल द्वारा पकड़े गए आरोपितों से ही अंबाला में लगे सीसीटीवी कैमरों का कनेक्शन जुड़ा है। दिल्ली पुलिस की पूछताछ खत्म होने के बाद आरोपितों को जल्द ही प्रोडक्शन वारंट पर अंबाला पुलिस लाएगी ताकि आरोपितों से पूछताछ की जा सके। -अजीत सिंह शेखावत, एसपी अंबाला।