samacharsecretary.com

बाडी को फिट बनाने के लिए अपनाएं ये टिप्स…

अच्छी सेहत होना किसी खजाने से कम नहीं, अगर आप अच्छी सेहत की बेताज बादशाह हैं तो आधी से ज्यादा दिक्कतें तो यूं ही खत्म हो जाती है। लेकिन अच्छी सेहत पाना कोई आसान काम नहीं है इसके लिए काफी मशक्कत करनी पड़ती है। लेकिन कुछ लोग सेहत बनाने के लिए शॉर्टकट अपनाते हैं और जो उनके ऊपर बुरा असर भी डालता है। हम आपको बताने जा रहे हैं कुछ ऐसी ही बातें जो आपको सेहतमंद बनाने के साथ-साथ आपको स्ट्रॉन्ग मसल्स बनाने में भी मदद करेगी… कैलोरी की मात्रा:- मांसपेशियों को मजबूत बनाने के लिए सबसे पहले अपनी कैलोरी की मात्रा को बढ़ाएं क्योंकि जब आप कसरत करेंगे तो उसके लिए आपको कैलोरी की जरुरत पड़ेगी। ध्यान रहे कि आपको जितनी कैलोरी की जरुरत है उससे ज्यादा कैलोरी ना खाएं और किसी अच्छे स्वास्थ्य सलाहकार से बात करें। कंपाउंड एक्सर्साइज:- इस एक्सर्साइज में एक से अधिक मांसपेशियों का इस्तेमाल होता है। कंपाउंड एक्सर्साइज सबसे बढ़िया एक्सर्साइज है मांसपेशियों को मजबूत बनाने के लिए। इसमें मांसपेशियों को मजबूत बनाने के लिए वजन और तारों का उपयोग होता है। मॉर्निंग एक्सर्साइज:- सुबह एक्सर्साइज करने के बहुत फायदे होते हैं। जब आप सुबह खली पेट कसरत करते हैं तो यह आपकी मांसपेशियों ज्यादा मजबूत बनाती हैं। डाइजेस्ट्वि एन्जाइम:- जब आपको अपनी मांसपेशियों को मजबूत बनाना हो तो, आपको वैसा ही भोजन भी खाना होगा जो आपके शरीर को ताकत दे। क्यों कि आप एक्सर्साइज कर रहे हैं इसलिए आपको ऐसा भोजन खाना चाहिए जिसमें ज्यादा पोषक तत्व मजूद हों। ज्यादा पानी पियें:- खूब पानी पिएं। अपने शरीर में पानी की कमी ना होने दें। काम से काम दिन में 10-20 गिलास पानी पियें। पालथी मार कर बैठना:- पालथी मार कर बैठना मांसपेशियों को मजबूत बनाने में बहुत सहायक है, लेकिन अगर आप गलत तरीके से बैठे तो आपके घुटनों में समस्याएं हो सकती हैं। डेडलिफ्ट्स करें:- डेडलिफ्ट्स मांसपेशियों को मजबूती देने में मदद करती हैं, इसमें रोज वजन उठाया जाता है। मांसपेशियों को मजबूत बनाने में वजन उठाना बहुत जरुरी है। प्रोटीन:- मांसपेशियों के निर्माण और मरम्मत के लिए प्रोटीन बहुत जरूरी होता है। जिम जाने वाले लोगों को मांसपेशियों की काफी कसरत करनी पड़ती हैं, इसे ध्यान में रखते हुए प्रोटीन अधिक लेना चाहिए। अंडे, चिकन, मछली, स्प्राउट्स और दालें आदि का सेवन करें। सप्लीमेंट आदि से अच्छा है कि प्राकृतिक स्रोतों का सेवन करें। पर्याप्त मात्रा में पानी पियें। इसके साथ ही नारियल का पानी भी फायदेमंद। व्यायाम के बाद खाना:- कार्बोहाईड्रेट और प्रोटीन मांसपेशियों की मजबूती के लिए अच्छे होते हैं। कार्बोहाईड्रेट अमीनो एसिड बनता है जिसे इंसुलिन बनता है और इसे मांसपेशियों को ताकत मिलती है। नींद:- आपके शरीर को कम से कम आठ घंटे की नींद की जरुरत है, जिसे आप दूसरे दिन के उसी जोश के साथ व्यायाम कर सके। फैट:- आहार में जरूर लें फैट हमारे लिए बहुत जरुरी है इसमें आप नट्स और फिश खा सकते हैं जो आपको शक्ति देगीं। कार्डियो:- कार्डियो को भी अपने व्यायाम में शामिल करें इससे आपकी मांसपेशियां मजबूत होंगी।  

Google @27: Backrub से बना सर्च इंजन का सम्राट, अब तक कोई नहीं बना टक्कर का खिलाड़ी

नई दिल्ली दुनिया की सबसे बड़ी टेक कंपनियों में से एक Google अब 27 साल की हो गई है. साल 1998 में लैरी पेज और सर्गेई ब्रिन ने इसकी शुरुआत की थी. बहुत कम लोगों की पता होगा की गूगल का पहला नाम Backrub था, जिसकी शुरुआत एक सिंपल सर्च इंजन के तौर पर हुई थी. वैसे इसका नाम आधिकारिक लॉन्च से पहले ही फाउंडर्स ने बदलकर गूगल कर दिया था. ये सर्च इंजन आज लोगों के लिए इंटरनेट की पहचान बन चुका है. डिजिटल वर्ल्ड में गूगल लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी का हिस्सा बन गया है. गूगल सर्च, यूट्यूब, एंड्रॉयड प्लेटफॉर्म, जीमेल, मैप और अब Google Gemini AI ये सभी हम लोगों की जिंदगी का हिस्सा बनते जा रहे हैं. इन सब के पीछे गूगल है.  दिलचस्प है कंपनी के लोगो की कहानी गूगल के लोगो की कहानी भी बेहद दिलचस्प है. आपने ज्यादातर कंपनियों के लोगो सिंगल कलर या दो कलर में देखा होगा, लेकिन गूगल ने इन सब से अलग जाते हुए अपने लोगो में कई रंगों को शामिल किया. गूगल के लोगो में लाल, नीला और पीला रंग तो शामिल है, लेकिन बीच में हरे रंग का L भी है. जिसे ये दिखाने के लिए बनाया गया है कि गूगल दूसरों से अलग सोचता है.  गूगल की शुरुआत अमेरिका के कैलिफोर्निया से हुई. यहां एक गैरेज में इस सर्च इंजन को तैयार किया गया, जो आज दुनिया के सर्च मार्केट पर राज करता है. स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी के दो स्टूडेंट्स का तैयार किया गया प्रोजेक्ट आज दुनिया की कहानी बदल रहा है. गूगल की पेरेंट कंपनी अल्फाबेट का मार्केट कैप 2.99 ट्रिलियन डॉलर है. लोगों की जिंदगी का बन गया है हिस्सा बहुत से लोगों के लिए इंटरनेट का मतलब, गूगल है. जैसे ही लोगों को कुछ सर्च करना होता है, तो उनका जवाब आता है गूगल कर लो. गूगल करने का मतलब इंटरनेट पर सर्च करना हो चुका है. ये दिखाता है कि लोगों के दिमाग में गूगल की छवि कितनी मजबूत है. यही वजह है कि सर्च इंजन मार्केट में अब तक कोई गूगल को टक्कर नहीं दे पाया.  आने वाला समय AI का है और गूगल इस पर भी तेजी से काम कर रहा है. भले ही OpenAI, Perplexity जैसी कंपनियां गूगल को चुनौती दे रही हैं, लेकिन गूगल Gemini बड़ी संख्या में लोगों तक पहुंच गया है. कंपनी ने अपनी तमाम सर्विसेस में AI को इंटीग्रेट कर दिया है, जो लोगों के काम को आसान बना रहा है.  

World Heart Day: डॉक्टर से जानिए बाजू के दर्द से लेकर हार्ट ब्लॉकेज तक के अहम सवालों के जवाब

खराब दिनचर्या, अनहेल्दी खानपान, तनाव और बढ़ती व्यस्तता के बीच अपनी सेहत और दिल का खास ख्याल रखना बहुत जरूरी हो जाता है। अगर किसी को हार्ट डिजीज से संबंधित कोई लक्षण दिखे तो उसे तत्काल डॉक्टर से मिल कर अपना पूरा इलाज कराना जरूरी है। डॉक्टर बताते हैं कि हार्ट अटैक की स्थिति में शुरुआती 60 मिनट मरीज के लिए सबसे महत्वपूर्ण होते हैं। ऐसे में, इस दौरान मरीज को जल्द से जल्द हास्पिटल पहुंचना चाहिए ताकि उसके जीवन को बचाया जा सके। आइए, 29 सितंबर को मनाए जा रहे World Heart Day 2025 के मौके पर विशेषज्ञ से जानते हैं हार्ट हेल्थ से जुड़े कुछ सवालों के बारे में। सवाल : मेरी उम्र 76 वर्ष है। मैं एक हार्ट पेशेंट हूं। पेसमेकर लगा है। मुझे उचित सलाह दें? जवाब : आप डाइट कंट्रोल रखें और सुपाच्य व पौष्टिक भोजन ही करें। ईको आदि जरूरी जांच समय-समय पर कराते रहें। कैल्शियम, प्रोटीन और कोलेस्ट्रॉल को बैलेंस रखें। इन्हें बढ़ने न दें। सीआरपीसी यानी सी-रिएक्टिव प्रोटीन टेस्ट आप जरूर करा लें। यदि समस्या लगातार बनी रहे तो डॉक्टर से आकर मिल लें। सवाल: मेरी उम्र 82 वर्ष है। मेरी दो बार बाईपास सर्जरी हो चुकी है। एंजियोप्लास्टी भी हो रखी है। मुझे किन बातों का ख्याल रखना जरूरी है? जवाब : आप डॉक्टर के संपर्क में रहें। उनकी सलाह व दवाओं का नियमित सेवन करते रहें। चाहें तो आप सीटी एंजियोग्राफी करा सकते हैं। आपको प्रोग्रेसिव हार्ट डिजीज से बचाव की भी जरूरत है। ऐसे में सतर्कता ही बचाव है। इसके अलावा अपने खानपान और दिनचर्या का विशेष ख्याल रखें। सवाल : मुझे सांस लेने में दिक्कत महसूस होती है। जल्दी थक जाता हूं। क्या करूं? जवाब : सबसे पहले तो यदि आप तंबाकू सेवन या धूमपान आदि करते हों तो उसे बिलकुल छोड़ दें। अल्कोहल आदि से भी दूरी जरूरी है। इसके अलावा इकोकार्डियोग्राम यानी ईको और टीएमटी यानी ट्रेडमिल स्ट्रेस टेस्ट भी आपको कराना चाहिए। आपको एक बार ये जांच कराकर डॉक्टर से जरूर मिलना चाहिए। सवाल : मेरी उम्र 58 साल है। मेरा बीपी अक्सर हाई ही रहती है। क्या इससे हार्ट की दिक्कत हो सकती है? जवाब : लगातार बीपी का हाई रहना हार्ट, किडनी व अन्य आंतरिक अंगों के लिए नुकसानदेह है। इसे आप अन्यथा न लें। जल्द से जल्द डॉक्टर से मिलें और अपना ईको और टीएमटी आदि जांच जरूर करा लें। सवाल : मेरी उम्र 64 साल है। जांच में मेरे दिल में 70 प्रतिशत ब्लॉकेज की शिकायत मिली है। क्या छल्ला लगवाना पड़ेगा? जवाब : सीने या बाएं हाथ में दर्द, थकान, अत्यधिक पसीना आना आदि लक्षण दिख रहे हों और ब्लॉकेज भी हो तो आपको डॉक्टर से मिल लेना चाहिए। संभव है कि दवा से ठीक हो जाए। लेकिन यदि कुछ समय बाद भी राहत न मिले तो आपको छल्ला यानी स्टेंट जरूर लगवा लेना चाहिए। आप अपने बीपी और शुगर की भी नियमित निगरानी रखें। एंजियोग्राफी के बाद ही आपको बेहतर सुझाव दे सकते हैं। सवाल : मेरी उम्र 62 वर्ष है। मेरी ओपन हार्ट सर्जरी हुई थी। अभी भी सीने में जकड़न महसूस करती हूं। मैं क्या करूं? जवाब: तनाव, अवसाद या भूख में कमी आपको महसूस हो सकती है। बीपी और शुगर ठीक रखें। स्ट्रेस इको ईसीजी एवं ब्लड व यूरिन टेस्ट करा लें। जांच के बाद ही हम सही से आपको उचित सलाह दे पाएंगे। दवाओं के बदलाव से इस समस्या का समाधान संभव हो। आप सीपीके टेस्ट भी करा सकती हैं। सवाल : मेरी उम्र 50 साल है। मेरे लेफ्ट साइड में दर्द की शिकायत रहती है। मुझे उचित सलाह दें? जवाब : आप इको टेस्ट, टीएमटी, बीपी व शुगर की जांच कराने के बाद एक बार आकर डॉक्टर से मिल लें। कोलेस्ट्रॉल को कंट्रोल में रखें। पानी खूब पीएं और हर रोज टहला करें। सुपाच्य भोजन ही करें। भोजन में मोटा अनाज व दाल को शामिल करें। योग-व्यायाम नियमित करें। हर रोज टहलें और शरीर को एक्टिव रखें। सवाल : मेरी उम्र 48 वर्ष है। हार्ट बीट कभी बराबर नहीं रहती। क्या यह किसी जोखिम के लक्षण हैं? जवाब : आप डॉक्टर से तुरंत मिल लें और अपना इको टेस्ट भी कराएं। कोलेस्ट्रॉल बढ़ाने वाले भोजन आदि न करें। ईसीजी व वाल टेस्ट आपको करा लेना चाहिए। आप नियमित साइकिलिंग करें या तेज चाल से चलें। इसके साथ ही योग व व्यायाम को भी अपनाएं। तले-भुने भोजन से बचें। सवाल : मुझे काफी पसीना होता है। शरीर में दर्द भी रहता है। क्या मेरे दिल में परेशानी शुरू हो चुकी है? जवाब : सीने, पीठ व बाजू में दर्द को गंभीरता से लेना चाहिए। यह दिल की बीमारी के संकेत हो सकते हैं। आपको यदि चलने-फिरने में भी परेशानी महसूस हो रही हो तो डॉक्टर से जरूर मिल लें। कई बार ऐसी समस्याएं न्यूरो से भी संबंधित होती हैं। अत: जांच के बाद ही हम सही बता सकते हैं।  

नारियल तेल से बनाएं 7 जादुई DIY हेयर मास्क और पाएं झाड़ू जैसे रेशमी बाल

मजबूत, घने और शाइनी बाल सेल्फ कॉन्फिडेंस को बढ़ाते हैं। लेकिन आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में पॉल्यूशन, स्ट्रेस, गलत खानपान और केमिकल वाले हेयर प्रोडक्ट्स के कारण बाल कमजोर होकर झड़ने लगते हैं। ऐसे में जरूरत होती है नेचुरल देखभाल की, जो बालों को जड़ों से पोषण दे। ऐसे में नारियल तेल एक ऐसा नेचुरल तरीका है, जो बालों को डीप नरिशमेंट देकर गहराई से मॉइश्चराइज करता है, स्कैल्प को हेल्दी रखता है और हेयर फॉल को रोकने में मदद करता है। इसमें पाए जाने वाले लॉरिक एसिड, विटामिन ई और एंटीफंगल गुण बालों की मजबूती के लिए बेहद फायदेमंद होते हैं। यहां बताए गए कुछ DIY हेयर मास्क नारियल तेल के साथ तैयार किए जा सकते हैं और बालों की जड़ों को मजबूती देकर उन्हें हेल्दी और सुंदर बना सकते हैं। तो आइए जानते हैं इनके बारे में- नारियल तेल और शहद मास्क 1 टेबलस्पून नारियल तेल और 1 टेबलस्पून शहद मिलाकर हल्का गर्म करें। स्कैल्प से लेकर बालों की लंबाई तक लगाएं। 30 मिनट बाद माइल्ड शैंपू से धो लें। यह मास्क बालों में नमी को बनाए रखता है और दोमुंहे बालों को रोकता है। नारियल तेल और अंडा मास्क 1 अंडा और 2 टेबलस्पून नारियल तेल मिलाएं। यह प्रोटीन मास्क कमजोर बालों को मजबूती देता है और नई ग्रोथ को बढ़ाता है। नारियल तेल और आंवला पाउडर मास्क 1 टेबलस्पून आंवला पाउडर को 2 टेबलस्पून नारियल तेल में मिलाकर पेस्ट बनाएं। यह हेयर फॉल रोकने और समय से पहले सफेद हो रहे बालों के लिए उपयोगी है। नारियल तेल और एलोवेरा जेल मास्क 2 टेबलस्पून एलोवेरा जेल में 1 टेबलस्पून नारियल तेल मिलाकर स्कैल्प पर मसाज करें। यह डैंड्रफ हटाता है और स्कैल्प को ठंडक देता है। नारियल तेल और दही मास्क 1 टेबलस्पून नारियल तेल और 2 टेबलस्पून दही मिलाकर लगाएं। यह बालों की कंडीशनिंग करता है, फ्रिज कम करता है और बालों में नेचुरल शाइन लाता है। नारियल तेल और मेथी पेस्ट मास्क भीगी हुई मेथी को पीसकर नारियल तेल में मिलाएं। यह बालों की जड़ों को मजबूत करता है और हेयर ग्रोथ बढ़ाता है। नारियल तेल और केला मास्क 1 पका केला मैश करें और उसमें 1 टेबलस्पून नारियल तेल मिलाएं। यह ड्राय और फ्रिजी बालों को स्मूद बनाता है। इन हेयर मास्क को हफ्ते में 1-2 बार इस्तेमाल करना चाहिए। रेगुलर इस्तेमाल से बालों की मजबूती और शाइन में फर्क नजर आएगा।  

चुकंदर का जादू: फेस पैक से दाग-धब्बे होंगे गायब

दुर्गा पूजा की तैयारियां कई दिनों पहले से ही शुरू हो जाती हैं। देवी की आराधना के साथ पंडाल हॉपिंग, सिंदूर खेला, मेला घूमना और सुंदर कपड़ों में तैयार होना दुर्गा पूजा की रौनक बढ़ा देते हैं। ऐसे में हर कोई चाहता है कि उनका चेहरा निखरा हुआ और ग्लोइंग लगे। हालांकि, प्रदूषण, स्ट्रेस, एक्ने आदि के कारण चेहरे की रौनक कम हो जाती है। लेकिन अब चिंता की कोई बात नहीं है। चेहरे का खोया निखार लौटाने में चुकंदर आपकी काफी मदद कर सकता है। जी हां, चुकंदर से बना फेस पैक  चेहरे के दाग-धब्बे कम करने के साथ-साथ ग्लो बढ़ाने में भी मदद करता है। आइए जानें घर पर कैसे बनाएं चुकंदर का फेस पैक। चुकंदर त्वचा के लिए क्यों है फायदेमंद? चुकंदर पोषक तत्वों का भंडार है। इसमें विटामिन-सी, विटामिन-बी6, आयरन, मैग्नीशियम, पोटैशियम और एंटी-ऑक्सीडेंट्स भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं। ये सभी तत्व त्वचा को हेल्दी और ग्लोइंग बनाने में अहम भूमिका निभाते हैं।     नेचुरल ग्लो के लिए- चुकंदर में मौजूद विटामिन-सी कोलेजन प्रोडक्शन को बढ़ावा देता है, जो त्वचा को टाइट और ग्लोइंग बनाता है।     दाग-धब्बे हटाने में सहायक- इसके एंटी-इंफ्लेमेटरी और एंटी-बैक्टीरियल गुण मुंहासे पैदा करने वाले बैक्टीरिया से लड़ते हैं और पुराने दागों को हल्का करने में मदद करते हैं।     त्वचा को डिटॉक्सीफाई करे- चुकंदर शरीर से टॉक्सिन्स को बाहर निकालने में मदद करता है, जिससे त्वचा साफ और निखरी हुई दिखती है।     एंटी-एजिंग गुण- इसमें मौजूद एंटी-ऑक्सीडेंट्स झुर्रियों और फाइन लाइन्स को कम करके त्वचा को जवान बनाए रखते हैं। कैसे तैयार करें चुकंदर का इंस्टेंट ग्लो फेस पैक? सामग्री-     1 छोटा चुकंदर     1 चम्मच बेसन     1/2 चम्मच शहद     1/2 चम्मच दही (ड्राई स्किन के लिए) या नींबू का रस (ऑयली स्किन के लिए) बनाने और लगाने का तरीका-     सबसे पहले चुकंदर को छीलकर छोटे-छोटे टुकड़ों में काट लें।     इन टुकड़ों को मिक्सी में पीसकर एक स्मूद पेस्ट तैयार कर लें। अगर पेस्ट गाढ़ा है तो इसमें एक चम्मच गुलाबजल मिला सकते हैं।     अब एक बाउल में इस चुकंदर के पेस्ट में बेसन, शहद और दही (या नींबू का रस) डालकर अच्छी तरह मिलाएं ताकि एक चिकना पेस्ट बन जाए।     अब चेहरे को अच्छी तरह साफ करके इस पैक को अपनी त्वचा पर समान रूप से लगाएं। आंखों और होठों के आस-पास के हिस्से से बचें।     इसे 15-20 मिनट तक सूखने दें। जब पैक सूख जाए, तो गीले हाथों से हल्के हाथों से मसाज करते हुए स्क्रब की तरह हटा दें। इसके बाद ठंडे पानी से चेहरा धो लें।     हफ्ते में 2 बार इस पैक का इस्तेमाल कर सकते हैं।     अगर आपकी स्किन सेंसिटिव है, तो पैक लगाने से पहले कोहनी पर टेस्ट कर लें। चुकंदर का रंग कुछ समय के लिए त्वचा पर रह सकता है, इसलिए इसे रात में लगाना बेहतर हो सकता है।  

ईयरबड्स में जमी मैल से घट रहा साउंड? जानें आसान सफाई के तरीके

लोग अक्सर ईयरबड्स का इस्तेमाल करते हुए नजर आते हैं। फिर चाहे मेट्रो में अपने पसंदीदा गाने सुन रहे हों या जिम में पसीना बहाते हुए मोटिवेशनल म्यूजिक का मजा ले रहे हों। लोगों के ईयरबड्स हर पल उनके साथ रहते हैं, घर में मूवी देखने से लेकर ऑफिस में जूम कॉल अटेंड करने तक लोग ईयरबड्स का इस्तेमाल करते हैं। लेकिन क्या आपने कभी सोचा कि ये छोटे-छोटे गैजेट्स कितनी जल्दी गंदे हो जाते हैं? पसीना, कान का मैल, धूल और तेल इनमें जमा हो जाता है, जो न सिर्फ इनकी आवाज को खराब कर सकता है, बल्कि आपके कानों के लिए भी नुकसानदेह हो सकता है। ऐसे में इनको साफ करने के बारे में आपको पता होना चाहिए। साउंड पोर्ट हो सकता है ब्लॉक कान का मैल यानी वैक्स ईयरबड्स को खराब कर सकता है। यह ईयरबड्स के साउंड पोर्ट को ब्लॉक कर सकता है, जिससे आवाज धीमी या खराब हो सकती है। साथ ही, मैल के कारण ईयरबड्स की ग्रिप कम हो सकती है, जिससे वे कान से निकल सकते हैं। इसके अलावा, ईयरबड्स मैल को कान के अंदर धकेल सकते हैं, जिससे रुकावट हो सकती है। इससे कान में दर्द, दबाव या सुनने की समस्या हो सकती है। मेश स्क्रीन से मैल हटाएं ईयरबड्स की मेश स्क्रीन का मतलब है ईयरबड्स का छोटा जालीदार हिस्सा, जहां से आवाज़ आती है। इस में अक्सर मैल जमा हो जाता है, जिससे आवाज धीमी या बफर हो सकती है। ईयरबड्स को इस तरह पकड़ें कि मेश नीचे की ओर हो। अब एक सॉफ्ट ब्रिसल टूथब्रश से हल्के से ब्रश करें, ताकि ढीली गंदगी निकल जाए। अगर गंदगी फंसी हुई हो, तो कॉटन स्वैब को थोड़े से रबिंग अल्कोहल में डुबोकर हल्के से मेश पर रगड़ें। ध्यान रखें कि ज्यादा जोर न लगाएं, वरना मैल अंदर धंस सकता है, या मेश भी हट सकता है। सिलिकॉन या फोम टिप्स को धोएं अगर आपके ईयरबड्स में वह सिलिकॉन या फोम टिप्स हैं, जो आसानी से हटाई जा सकती हैं, तो उन्हें धीरे से निकाल लें। एक छोटे बर्तन में गुनगुना पानी लें और उसमें एक बूंद हल्का डिशवॉशिंग साबुन मिलाएं। टिप्स को इस पानी में 15-20 मिनट के लिए भिगो दें। इसके बाद, अपनी उंगलियों या कॉटन स्वैब से गंदगी को हल्के से रगड़कर साफ करें। सिलिकॉन टिप्स को अच्छे से धोकर साफ तौलिये पर सूखने के लिए रख दें। फोम टिप्स को ज्यादा देर भिगोने से बचें, क्योंकि ये जल्दी पानी सोख लेते हैं। सूखने के बाद ही इन्हें वापस ईयरबड्स में लगाएं। ईयरबड्स की बाहरी बॉडी साफ करें ईयरबड्स की बाहरी बॉडी पर स्किन पर लगाया हुआ तेल चिपक सकता है। इसके अलावा, पसीना भी जमा हो सकता है। इसे साफ करने के लिए माइक्रोफाइबर कपड़े का इस्तेमाल करें। कपड़े या कॉटन स्वैब को हल्के से रबिंग अल्कोहल में भिगोकर बॉडी को पोंछ लें। इसका ध्यान जरूर रखें कि लिक्विड चीज ईयरबड्स के छोटे-छोटे छेदों में न चली जाए, क्योंकि इससे डिवाइस खराब हो सकता है। फैब्रिक पाउच को ऐसे धोएं अगर आपके ईयरबड्स के साथ फैब्रिक पाउच है, तो उसे भी साफ करना जरूरी है। गुनगुने पानी में थोड़ा साबुन मिलाएं और पाउच को कुछ मिनट के लिए भिगो दें। हल्के से रगड़कर गंदगी हटाएं, फिर अच्छे से धोकर छायादार या फिर किसी हवादार जगह पर सूखने दें। इसके बाद आप इसका इस्तेमाल कर सकते हैं। चार्जिंग केस ऐसे चमका सकते हैं आपका चार्जिंग केस भी गंदा हो गया है तो उसे भी आप साफ कर सकते हैं। इसके लिए सबसे पहले केस को सूखे माइक्रोफाइबर कपड़े से पोंछ लें। चार्जिंग पिन के लिए बनी मुश्किल जगहों के लिए कॉटन स्वैब का इस्तेमाल करें। अगर गंदगी ज्यादा हो, तो स्वैब को हल्के से रबिंग अल्कोहल में भिगोकर साफ करें। केस को पूरी तरह सूखने दें, फिर उसमें ईयरबड्स रखें।

भारत में आया 100 इंच का 4K QLED स्मार्ट टीवी – एक ही स्क्रीन पर सिनेमा और गेमिंग का धमाकेदार कॉम्बो

नई दिल्ली 100 का इंच का QLED स्मार्ट टीवी लॉन्च हो गया है। Haier Appliances ने S90 Series QLED टीवी पेश किए हैं। टीवी HDR10+, Dolby Vision IQ और 1000 Nits पीक ब्राइटनेस को सपोर्ट करते हैं। घर में ही थिएटर का फील पाने की इच्छा रखने वालों के लिए ये स्मार्ट टीवी काफी सही हो सकता है। इसका स्क्रीन साइज आपके एक्सपीरियंस को और भी मजेदार बना देगा। ऑनलाइन स्ट्रीमिंग के साथ-साथ गेमिंग के लिए भी यह अच्छा है। स्मार्ट टीवी की कीमत और सभी स्पेसिफिकेशन जानने के लिए नीचे पढ़ें। स्मार्ट टीवी के सभी खास फीचर्स कंपनी के इस टीवी में 100 इंच का स्क्रीन मिलता है। इसका पिक्सल रेजलूशन 3840 x 2160, रिफ्रेश रेट 144Hz और पीक ब्राइटनेस 1000 nits है। इसमें कई गेमिंग फीचर्स मिलते हैं, जिसमें VRR, ALLM, Game Menu, AMD FreeSync Premium Pro शामिल हैं। बड़ी स्क्रीन वाला यह टीवी 55W के स्पीकर और Dolby Atmos सपोर्ट के साथ आता है। यह गूगल टीवी Android 14 पर रन करता है। इसमें 4GB RAM के साथ 64GB इंटरनल स्टोरेज दिया गया है। टीवी एआई स्मार्ट वॉइस के साथ आता है। इसमें dolby Vision, सपोर्ट, गेम, एमर्जी सेविंग जैसे कई मोड मिलते हैं। कनेक्टिविटी के लिए इसमें मिलते हैं कई फीचर्स स्मार्ट टीवी को गूगल टीवी रिमोट और वन टच बटन के जरिए कंट्रोल किया जा सकता है। इसके अलावा टीवी के अन्य फीचर्स में हाईस्मार्ट IoT हब, हाईकास्ट, क्रोमकास्ट बिल्ट-इन, ब्लूटूथ स्पीकर मोड शामिल है। केनेक्टिविटी के लिए इस स्मार्ट टीवी में 4 HDMI, 3 USB 2.0, Ethernet LAN, Wi-Fi 6, Bluetooth 5.2 मिलता है। गूगल टीवी पर चलने वाला S90 सीरीज में कई स्ट्रीमिंग ऐप्स मिलते हैं। इसमें लाइव टीवी और यूट्यूब शामिल है। यह HaiSmart इकोसिस्टम के जरिए एक स्मार्ट होम हब के रूप में भी काम करता है, जो कनेक्टेड डिवाइस को कंट्रोल कर सकता है। इसमें वायरलेस स्क्रीन प्रोजेक्शन के लिए HaiCast और स्क्रीन बंद होने पर भी ऑडियो के लिए ब्लूटूथ स्पीकर मोड शामिल हैं। कितनी है स्मार्ट टीवी की कीमत? Haier S90 Series 100 4K QLED स्मार्ट टीवी की कीमत 3,22,990 रुपये है। कंपनी इसके साथ 3 साल की वारंटी दे रही है।

गौमुखासन: रीढ़ की हड्डी मजबूत करने के साथ पाएँ और भी कई फायदे

योग में कई आसन हैं जो शरीर, मन और आत्मा के संतुलन को बनाए रखने में मदद करते हैं, लेकिन गौमुखासन को विशेष रूप से प्रभावशाली माना जाता है। यह आसन शरीर को सशक्त बनाने के साथ-साथ मानसिक स्थिरता भी प्रदान करता है। “गौमुख” का अर्थ है “गाय का मुख”, क्योंकि इस आसन में शरीर की आकृति गाय के मुख जैसी प्रतीत होती है। तो आइए जानें इस प्रभावशाली आसन के कुछ प्रमुख लाभों के बारे में- कंधों की जकड़न दूर करता है यह आसन कंधों की जकड़न को खोलता है और उनके आसपास की मांसपेशियों को फ्लेक्सिबल बनाता है, जिससे अकड़न और दर्द में राहत मिलती है। रीढ़ की हड्डी मजबूत बनाता है गौमुखासन पीठ को सीधा रखने से रीढ़ मजबूत होती है और बॉडी पॉश्चर सुधरती है। सांस की क्षमता बढ़ाता है इसे करने से होने वाले छाती के फैलाव से फेफड़ों को ज्यादा ऑक्सीजन मिलती हैं, जिससे रेस्पिरेटरी कैपेसिटी बेहतर होती है। डायबिटीज के लिए लाभकारी यह आसन पैंक्रियाज को एक्टिव बनाता है, जिससे इंसुलिन का रिलीज संतुलित होता है। हिप्स और थाई को फ्लेक्सिबल बनाता है पैरों की विशेष स्थिति से जांघों और कूल्हों की मांसपेशियां स्ट्रेच होती हैं। गठिया और साइटिका में राहत यह आसन जोड़ों और नसों पर पॉजिटिव इफेक्ट डालता है, जिससे जोड़ों के दर्द और साइटिका में आराम मिलता है। स्ट्रेस और एंजाइटी को दूर करता है नियमित अभ्यास से मेंटल स्ट्रेस में कमी आती है और मन शांत रहता है। नर्वस सिस्टम को सुदृढ़ बनाता है यह आसन नाड़ियों को सक्रिय करता है, जिससे पूरा नर्वस सिस्टम ऐक्टिव रहता है। हॉर्मोनल संतुलन बनाए रखता है यह शरीर के एंडोक्राइन सिस्टम पर असर डालकर हॉर्मोनल संतुलन में सहायक होता है। यूरीन संबंधी समस्याओं में लाभकारी यूरिनरी ट्रैक को शक्ति देता है और इन्फेक्शन की संभावना कम करता है। ध्यान केंद्रित करने में मदद करता है इसका नियमित अभ्यास एकाग्रता बढ़ाता है, जिससे ध्यान साधना अधिक प्रभावी बनती है। गौमुखासन न केवल शारीरिक लचीलापन और मजबूती देता है, बल्कि मानसिक संतुलन और एनर्जी को भी बनाए रखता है। इसे डेली सही तरीके से करने पर शरीर और मन दोनों में अमेजिंग चेंजेस दिखाई देते हैं। शुरुआत में इसे किसी एक्सपर्ट की देखरेख में करें जिससे सही पोज और संतुलन प्राप्त किया जा सके।  

WiFi की स्पीड घटने का असली कारण: घर के हरे-भरे पौधे

 नई दिल्ली जरा सोचकर देखें कि आप आप अपने घर में आराम से बैठे हैं, नेटफ्लिक्स पर अपनी पसंदीदा सीरीज देख रहे हैं, अचानक वीडियो बफर होने लगता है। आप राउटर को चेक करते हैं, इंटरनेट स्पीड टेस्ट करते हैं, लेकिन कुछ समझ नहीं आता। ऐसी सिचुएशन में कोई सर्विस प्रोवाइडर को डांटने लगता है, तो कोई अपने राउटर को बदलने पर विचार करने लगता है। लेकिन शायद ही लोगों का ध्यान घर में रखे हुए पौधों पर जाता होगा, जो घर के अंदर की सुंदरता को बढ़ाते हैं। लेकिन क्या वाकई पौधे आपके वाई-फाई की रफ्तार को धीमा कर रहे हैं? चलिए, जान लेते हैं। ब्रिटेन की कंपनी Broadband Genie एक चौंकाने वाला दावा किया कि घर में रखे बड़े पौधे या बहुत सारे छोटे पौधे आपके वाई-फाई की स्पीड को कम कर सकते हैं। ऐसा इसलिए होता है क्योंकि पौधों की मिट्टी में नमी होती है और उनकी घनी पत्तियां वाई-फाई सिग्नल को सोख लेती हैं या उसे इधर-उधर मोड़ देती हैं। खासकर, छोटे फ्लैट या कमरे में ढेर सारे पौधे हों, तो इनका ऐसा असर ज्यादा दिख सकता है। हालांकि, यह असर आमतौर पर बहुत छोटा होता है, लेकिन अगर आपका राउटर पौधे के आसपास लगा है, तो स्पीड में फर्क पड़ सकता है। पौधे के अलावा, ये भी रोक सकते हैं सिग्नल पौधे वाई-फाई सिग्नल को थोड़ा कमजोर कर सकते हैं, लेकिन घर में सबसे बड़ा रुकावट दीवारें बनती हैं। ये सिग्नल को ज्यादा रोकते हैं। इसके अलावा, अगर आप किसी ऐसी जगह रहते हैं जहां पड़ोसियों के घर पास-पास हैं, तो उनके वाई-फाई नेटवर्क भी आपके सिग्नल में दखल दे सकते हैं। अगर आप वाई-फाई एनालाइजर ऐप का इस्तेमाल करें, तो आपको अपने आसपास 5-6 नेटवर्क दिख सकते हैं। ये आपके वाई-फाई सिग्नल में अवरुद्ध पैदा कर सकते हैं। इंटरनेट की स्पीड 36% तक बढ़ सकती है Broadband Genie का कहना है कि अपने राउटर को पौधों के पास या उनके पीछे न छिपाएं। Broadband Genie के एक प्रयोग में पाया गया कि राउटर को पौधों से दूर ले जाने पर इंटरनेट की स्पीड 36% तक बढ़ सकती है। कंपनी के एक्सपर्ट पीटर एम्स का कहना है, 'हमें यह देखकर हैरानी हुई कि राउटर को पौधों से दूर ले जाने से इतना बड़ा फर्क पड़ सकता है इसलिए, अपने राउटर को ऐसी जगह रखें जहां सिग्नल को पौधे, दीवारें या अन्य चीजें कम से कम रोकें।' स्पीड कम है तो ये उपाय अपनाकर देखें अगर आपके घर में वाई-फाई की स्पीड कम है, तो आप मेश नेटवर्क या वाई-फाई एक्सटेंडर का इस्तेमाल कर सकते हैं। ये डिवाइस सिग्नल को बढ़ाने में मदद करते हैं। इसके अलावा, आप वायर्ड कनेक्शन यानी Ethernet Cable का भी इस्तेमाल कर सकते हैं। आजकल पावरलाइन नेटवर्क किट भी उपलब्ध हैं, जो आपके घर की बिजली की वायरिंग का इस्तेमाल करके इंटरनेट सिग्नल पहुंचाते हैं।

पेमेंट का नया दौर: QR कोड की छुट्टी, अब अंगूठा लगाएंगे और हो जाएगा भुगतान

नई दिल्ली भारत में कई लोगों को स्मार्टफोन से QR Code स्कैन करके UPI पेमेंट करते हुए देखा होगा, लेकिन जिनके पास मोबाइल ना हो वे क्या करें. ऐसे ही लोगों के लिए अब Proxgy स्टार्टअप ने ThumbPay नाम का प्रोडक्ट अनवील किया है, जो बायोमैट्रिक ऑथेंटिकेशन की मदद से पेमेंट करने की सुविधा देता है. यानी आप सिर्फ अंगूठा लगाकर दुकान, पेट्रोल पंप और शोरूम आदि पर पेमेंट कर सकेंगे. यह सिस्टम आधार ऑथेंटिकेशन को UPI से कनेक्ट करता है. इसके लिए फोन, कार्ड या वॉलेट को कनेक्ट करने की जरूरत नहीं होगी. कस्टमर्स को पेमेंट करने के लिए सिर्फ डिवाइस पर अपना अंगूठा लगाना होगा.  ThumbPay में पेमेंट का प्रोसेस ?  ThumbPay से पेमेंट करने के लिए कस्टमर्स को डिवाइस पर अपना अंगूठा लगाना होगा, जिसके बाद उसकी स्कैनिंग होगी. आधार इनेबल पेमेंट सिस्टम (AEPS) सिस्टम पहले अंगूठे की मदद से शख्स को वेरिफाई करेगा. ऑथेंटिकेशन कंप्लीट होने के बाद UPI सिस्टम बैंक टू बैंक पेमेंट कंप्लीट करेगा. इसके लिए कस्टमर्स को QR Code, स्मार्टफोन और कैश रखने की जरूरत नहीं होगी.  सिक्योरिटी और हाइजीन का भी रखा ध्यान कंपनी ने बताया है कि इस डिवाइस में सर्टिफाइड फिंगरप्रिंट स्कैनर लगाया है, जो फ्रॉड डिटेक्शन के साथ आता है. इसमें वेरिफिकेशन्स के लिए एक छोटा कैमरा भी दिया है. इसमें हाइजीन के लिए UV स्टेरेलाइजेशन भी दिया जाता है.  ThumbPay में QR कोड और NFC पेमेंट का सपोर्ट डिवाइस को और बेहतर बनाने के लिए इसमें QR कोड और NFC पेमेंट का सपोर्ट दिया है. UPI साउंडबॉक्स और 4G का सपोर्ट मिलेगा. इसमें वाईफाई कनेक्शन की भी सुविधा है.   ThumbPay की कीमत ThumbPay की कीमत करीब 2 हजार रुपये है. यह बैटरी पावर के साथ भी काम कर सकेगा, जिसकी मदद से इसे बड़े शोरूम, छोटी दुकानों और गांवों की दुकानों में भी यूज किया जा सकेगा.  असल में यह आधार से कनेक्टेड बैंक खाते से सीधे जुड़ता है. इसके बाद कोई भी शख्स जिसका आधार कार्ड से बैंक अकाउंट लिंक है, वो इस डिवाइस पर अपना अंगूठा लगाकर कर पेमेंट कर सकते हैं.  दुकान वालों के लिए कब से होगा उपलब्ध  जानकारी के मुताबिक, इस डिवाइस ने पायलट ट्रायल को कंप्लीट कर लिया है. अब इसको UIDAI और NPCI की तरफ से कंप्लाइंस चेक मिलना है. एक बार सिक्योरिटी का अप्रूवल मिलने के बाद Proxgy इसे स्टेप बाई स्टेप तरीके से डिस्ट्रीब्यूट करेगी.