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सेहत का खजाना: पपीते के बीज से दूर होंगे कई रोग

पपीता एक ऐसा फल है जो स्वादिष्ट होने के साथ-साथ सेहत के लिए भी बेहद फायदेमंद माना जाता है, लेकिन अक्सर लोग इसके बीजों को बेकार समझकर फेंक देते हैं, जबकि पपीते के बीज भी एक पावरफुल सुपरफूड की तरह काम करते हैं। इनमें मौजूद पोषक तत्व जैसे फाइबर, एंटीऑक्सीडेंट्स, एंजाइम्स, विटामिन और मिनरल्स शरीर को कई गंभीर बीमारियों से बचाने में मदद करते हैं। आइए जानते हैं पपीते के बीजों से मिलने वाले कुछ जबरदस्त फायदों के बारे में। लिवर डिटॉक्स करें मदद पपीते के बीज लिवर को टॉक्सिन्स से मुक्त करते हैं और लीवर की कार्यक्षमता बढ़ाते हैं। ये फैटी लिवर और सिरोसिस जैसी समस्याओं से बचाव में सहायक हैं। किडनी को रखें हेल्दी बीजों में मौजूद एंटी-बैक्टीरियल और एंटी-इंफ्लेमेटरी तत्व किडनी को इंफेक्शन और सूजन से बचाते हैं। नियमित सेवन से किडनी हेल्दी बनी रहती है। पाचन तंत्र को मजबूत बनाएं इनमें पाया जाने वाला पपेन एंजाइम डाइजेशन को बेहतर बनाता है और कब्ज, गैस जैसी समस्याओं से राहत दिलाता है। डिटॉक्सिफिकेशन में मददगार पपीते के बीज शरीर से हानिकारक टॉक्सिन को बाहर निकालने में मदद करते हैं, जिससे रोग प्रतिरोधक क्षमता भी बढ़ती है। आंतों के कीड़ों से सुरक्षा पपीते के बीज परजीवियों को नष्ट करने की क्षमता रखते हैं, खासतौर पर बच्चों में पेट के कीड़ों की समस्या को दूर करते हैं। सूजन और दर्द से राहत प्राकृतिक एंटी-इंफ्लेमेटरी गुणों के कारण ये गठिया, जोड़ों के दर्द और सूजन में आराम पहुंचाते हैं। वजन घटाने में मददगार इन बीजों में फाइबर की भरपूर मात्रा मेटाबॉलिज्म को बढ़ाती है, जिससे फैट तेजी से बर्न होता है और वजन नियंत्रित रहता है। त्वचा को दें निखार जों में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट्स स्किन से टॉक्सिन्स को हटाते हैं, जिससे स्किन ग्लोइंग और हेल्दी बनी रहती है। कोलेस्ट्रॉल कंट्रोल करें इनमें हेल्दी फैट होता है जो शरीर में बैड कोलेस्ट्रॉल (LDL) को घटाता है और हार्ट को हेल्दी बनाए रखता हैं। कैंसर से बचाव में सहायक पपीते के बीजों में मौजूद फेनोलिक और फ्लैवोनॉयड्स जैसे एंटीऑक्सीडेंट्स कुछ प्रकार के कैंसर से बचाने में सहायक साबित होते हैं। सावधानी भी है जरूरी पपीते के बीजों का सेवन सीमित मात्रा में करें। ज्यादा मात्रा में लेने से शरीर पर विपरीत प्रभाव पड़ सकता है। इन्हें सुखाकर पाउडर बनाकर या हल्का चबाकर सेवन करना सुरक्षित होता है। अगली बार जब आप पपीता खाएं, तो इसके बीज न फेंके। इन्हें अपने डायट में शामिल कर आप कई बीमारियों से खुद को सुरक्षित रख सकते हैं।

त्वचा और बालों की समस्याओं का घर बैठे इलाज: जानें 4 असरदार देसी मसालों के फायदे

नई दिल्ली क्या आप जानते हैं कि आपकी रसोई में रखे कुछ साधारण मसाले आपकी त्वचा और बालों की कई समस्याओं का शानदार समाधान हो सकते हैं? हम अक्सर महंगे ब्यूटी प्रोडक्ट्स पर हजारों रुपये खर्च करते हैं, लेकिन शायद ही कभी अपनी दादी-नानी के नुस्खों पर ध्यान देते हैं। दरअसल, हमारी रसोई में मौजूद हल्दी, दालचीनी, लौंग और मेथी जैसे मसाले सिर्फ खाने का स्वाद ही नहीं बढ़ाते, बल्कि इनमें ऐसे औषधीय गुण भी छिपे होते हैं, जो त्वचा और बालों को भीतर से पोषण देते हैं। डर्मेटोलॉजिस्ट डॉक्टर जुश्या भाटिया सरीन भी इन मसालों के गुणों की तारीफ करती हैं और इन्हें सही तरीके से इस्तेमाल करने की सलाह देती हैं। आइए जानते हैं ये 4 देसी मसाले (Desi Spices For Skin And Hair) कैसे आपकी ब्यूटी के लिए वरदान साबित हो सकते हैं।   हल्दी हल्दी को आयुर्वेद में सदियों से एक शक्तिशाली औषधि माना गया है। इसमें मौजूद करक्यूमिन नामक तत्व में एंटी-इंफ्लेमेटरी और एंटीऑक्सीडेंट गुण होते हैं। ये गुण त्वचा के मुंहासे, दाग-धब्बे और सूजन को कम करने में मदद करते हैं, जिससे चेहरा साफ और चमकदार बनता है। इसके अलवा, यह स्कैल्प के हल्दी बनाती है, रूसी को कम करती है और हेयर फॉल को भी कम करने में मददगार साबित हो सकती है। दालचीनी दालचीनी की मीठी और तीखी खुशबू जितनी मनमोहक होती है, उतने ही कमाल के इसके फायदे भी हैं। यह ब्लड सर्कुलेशन को बेहतर बनाती है, जिससे त्वचा को पर्याप्त ऑक्सीजन और पोषण मिलता है। इससे चेहरे पर एक प्राकृतिक और गुलाबी चमक आती है। बालों के लिए, दालचीनी बालों के रोम को मजबूत करती है, जिससे बालों का टूटना कम होता है और वे घने व चमकदार बनते हैं। लौंग लौंग में पाए जाने वाले एंटी-माइक्रोबियल और एंटी-फंगल गुण इसे त्वचा और स्कैल्प की समस्याओं के लिए एक बेहतरीन विकल्प बनाते हैं। यह मुंहासे पैदा करने वाले बैक्टीरिया से लड़ती है और त्वचा को साफ रखने में मदद करती है। बालों के मामले में, लौंग का तेल या पानी डैंड्रफ को कम करने में बहुत प्रभावी होता है, जिससे स्कैल्प हेल्दी रहता है और बालों की ग्रोथ अच्छी होती है। मेथी मेथी दाना, जिसे हम अक्सर तड़के में इस्तेमाल करते हैं, बालों के लिए एक 'सुपरफूड' है। इसमें प्रोटीन और निकोटिनिक एसिड भरपूर मात्रा में होते हैं, जो बालों के झड़ने को रोकने और उनकी ग्रोथ को बढ़ाने के लिए जाने जाते हैं। मेथी का पेस्ट बनाकर लगाने से बाल मजबूत, मुलायम और चमकदार बनते हैं।  

सेल का iPhone असली या नकली? इन 3 तरीकों से करें पहचानें

नई दिल्ली फेस्टिवल सीजन की शुरुआत हो चुकी है। फ्लिपकार्ट की बिग बिलियन डे सेल और अमेजन की ग्रेट इंडियन फेस्टिवल सेल से लोग खरीदारी कर रहे हैं। इन सेल्स में आप में से कई लोग iPhone पहले ही ऑर्डर कर चुके होंगे। जिन्होंने नहीं किया है, वे आईफोन ऑर्डर करने की सोच रहे होंगे। लेकिन जब बात ज्यादा कीमत वाले फोन की होती है तो हर किसी के मन में डर रहता है कि उन्हें कोई चूना न लगा दें। ऑनलाइन ऑर्डर करने में थोड़ा संकोच होना स्वाभाविक है। अच्छी बात ये है कि ओपन-बॉक्स डिलीवरी में डिलीवरी पर्सन यह सुनिश्चित करता है कि फोन सही हालत में हो, तभी आप OTP देते हैं। फिर भी,कुछ आसान तरीके हैं, जिनसे आप यह पक्का कर सकते हैं कि आपको असली और नया iPhone मिला है। सीरियल नंबर की जांच करें जब आपका iPhone ओपन-बॉक्स डिलीवरी में आए, तो सबसे पहले फोन के बॉक्स पर लिखा सीरियल नंबर चेक करें। डिलीवरी पर्सन आपको फोन चेक करने के लिए कहेगा। वह न कहे तो भी आपको इसकी जांच तो करनी है कि। इसके लिए आप इस सीरियल नंबर को ऐपल की ऑफिसियल वेबसाइट पर डालें। वहां आपको पता चलेगा कि फोन पहले से एक्टिवेट किया गया है या नहीं। अगर सेलर ने आपको पहले से एक्टिवेट किया हुआ फोन दिया है, तो आप डिलीवरी स्वीकार करने से ही बना कर दें। यदि यह लिखा आता है कि 'डिवाइस नॉट एक्टिवेटेड', इसका मतलब फोन बिल्कुल नया है। मॉडल नंबर की जांच करें मॉडल नंबर को चेक करना भी जरूरी है। मॉडल नंबर से भी आपको पता लग सकता है कि आपके पास जो डिवाइस आया है, वह फ्रेश है या नहीं। अगर मॉडल नंबर M से शुरू होता है, तो यह ज्यादातर नया फोन होता है। अगर यह F से शुरू होता है, तो फोन रीफर्बिश्ड है। N का मतलब है कि यह रिप्लेसमेंट डिवाइस है। P का मतलब है कि यह पर्सनलाइज्ड डिवाइस है। साथ ही, मॉडल नंबर के अंत में H/NA होना चाहिए, जो यह दिखाता ह कि फोन भारत में बिक्री के लिए बनाया गया है, न कि कोई डेमो मॉडल है। IMEI नंबर का मिलान करें आप अपने फोन के IMEI नंबर की जांच कर भी फोन की Authenticity पता कर सकते हैं। इसके लिए फोन के बॉक्स पर लिखे सीरियल नंबर और IMEI नंबर को फोन के साथ मिलान करके देखें। फोन को जल्दी से एक्टिवेट करें, साइन इन करें और फिर सेटिंग्स में जाकर चेक करें कि फोन का IMEI नंबर और सीरियल नंबर बॉक्स पर लिखे नंबरों से मेल खाते हैं या नहीं। अगर ये नंबर मेल खाते हैं, तो आप निश्चिंत हो सकते हैं कि आपको वही फोन मिला है जो बॉक्स में होना चाहिए।

राउटर से ये डिवाइस रखें दूर, और पाएं सुपरफास्ट इंटरनेट स्पीड

नई दिल्ली घर में इंटरनेट की स्पीड कम होने से हर कोई परेशान हो जाता है, चाहे आप नेटफ्लिक्स पर फिल्म देख रहे हों या यूट्यूब स्क्रॉल कर रहे हों। कई लोग तो वर्क फ्रोम होम भी करते हैं, जो वाई-फाई की धीमी स्पीड से परेशान हो जाते हैं। कई बार राउटर चेंज करने के बाद और राउटर की जगह बदलने के बाद भी स्पीड नहीं या रही तो हो सकता है कि घर के बाकी डिवाइस इसकी स्पीड को रोक रहे हों। टेक एक्सपर्ट्स का कहना है कि अगर आप अपने वाई-फाई राउटर को बाकी गैजेट से दूर रखें, तो आपकी इंटरनेट स्पीड में फौरन सुधार हो सकता है। गैजेट रोकते हैं सिग्नल द सन की रिपोर्ट बताती है कि कई बार हम राउटर को उन चीजों के पास रख देते हैं, जो इसकी परफॉर्मेंस को खराब कर देती हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि राउटर को ब्लूटूथ डिवाइस जैसे एलेक्सा या गूगल होम स्पीकर से दूर रखना चाहिए। ये गैजेट आजकल हर घर में मिलते हैं, लेकिन इन्हें राउटर के पास रखने से वाई-फाई सिग्नल कमजोर हो सकता है। ब्लूटूथ डिवाइस को दूर ही रखें ब्लूटूथ डिवाइस और वाई-फाई राउटर दोनों एक ही तरह की रेडियो फ्रीक्वेंसी का इस्तेमाल करते हैं। जब ये दोनों एक-दूसरे के पास होते हैं, तो उनकी फ्रीक्वेंसी में टकराव होता है, जिससे इंटरनेट की स्पीड कम हो जाती है। मसलन, अगर आपका राउटर और ब्लूटूथ स्पीकर एक ही टेबल पर रखे हैं, तो सिग्नल में रुकावट आ सकती है। इसलिए, आप तेज इंटरनेट चाहते हैं, तो अपने राउटर को ब्लूटूथ डिवाइस से थोड़ा दूर रखें। ये डिवाइसेस भी राउटर से दूर रखें ब्लूटूथ डिवाइस के अलावा भी कुछ डिवाइसेस आपके वाई-फाई को धीमा कर सकते हैं। जैसे कि माइक्रोवेव, बेबी मॉनिटर और कॉर्डलेस फोन। ये सभी चीजें रेडियो फ्रीक्वेंसी का इस्तेमाल करती हैं, जो वाई-फाई सिग्नल में दखल दे सकती हैं। खासकर जब माइक्रोवेव चल रहा हो, तो यह आपके राउटर के सिग्नल को और कमजोर कर सकता है। इसलिए राउटर को इन चीजों से दूर रखना एक स्मार्ट तरीका है। ऊंचाई पर रखें वाई-फाई अगर आपका इंटरनेट धीमा चल रहा है, तो महंगे प्लान लेने या सर्विस प्रोवाइडर बदलने से पहले अपने राउटर को घर के बाकी डिवाइसेस से दूर करके देखें। इसे ब्लूटूथ डिवाइस, माइक्रोवेव या अन्य इलेक्ट्रॉनिक सामान से दूर किसी खुली जगह पर रखें। राउटर को ऊंचाई पर रखने से सिग्नल और बेहतर हो सकता है। यह छोटा-सा कदम आपके इंटरनेट की स्पीड को तुरंत बढ़ा सकता है, वो भी बिना एक रुपया खर्च किए।

आंखों की जांच: आपकी नजर के साथ कैंसर की शुरुआती चेतावनी भी

नई दिल्ली कैंसर के बढ़ते मामले दुनियाभर में स्वास्थ्य विशेषज्ञों के लिए गंभीर चिंता का कारण बने हुए हैं, चिंता इसलिए क्योंकि इस रोग से सबसे अधिक मौतें होती हैं। पुरुषों में फेफड़े-मुंह और प्रोस्टेट जबकि महिलाओं में स्तन, सर्वाइकल और गर्भाशय के कैंसर के केस सबसे अधिक रिपोर्ट किए जाते रहे हैं। इसके अलावा भी कुछ और प्रकार के कैंसर हैं जो स्वास्थ्य विशेषज्ञों की चिंता बढ़ा रहे हैं। ब्लड कैंसर उनमें से एक है, जिसके मामले हाल के वर्षों में काफी तेजी से बढ़े हैं। आज पूरी दुनिया कैंसर से परेशान है। अंतर्राष्ट्रीय कैंसर अनुसंधान एजेंसी (आईएआरएस) की रिपोर्ट के मुताबिक साल 2022 में लगभग 2 करोड़ नए कैंसर के मामले सामने आए और लगभग 97 लाख कैंसर से संबंधित मौतें हुईं। ब्लड कैंसर का खतरा भी तेजी से बढ़ता जा रहा है। साल 2022 में रक्त कैंसर के लगभग 55.7 लाख मामले रिपोर्ट किए गए। डॉक्टर कहते हैं, इस कैंसर की जो रफ्तार देखी जा रही है, उसे लेकर सभी लोगों को सावधानी बरतते रहने की आवश्यकता है। एक हालिया रिपोर्ट में स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने ब्लड कैंसर का आसानी से पता लगाने का तरीका बताया है। आप रूटीन आई चेकअप के दौरान भी जान सकेगे कि आपको ब्लड कैंसर का खतरा तो नहीं है? पहले जान लीजिए कि ब्लड कैंसर होता क्या है? ब्लड कैंसर यानी खून का कैंसर। हमारा खून लाल कोशिकाओं, सफेद कोशिकाओं और प्लेटलेट्स से मिलकर बना है। जब ये कोशिकाएं गड़बड़ तरीके से बनने लगती हैं और शरीर में अनियंत्रित रूप से फैल जाती हैं, तब इससे ब्लड कैंसर का खतरा हो सकता है। इसके कारण शरीर में ऑक्सीजन ले जाने, इंफेक्शन से लड़ने और खून जमने की क्षमता कम हो जाती है। ल्यूकेमिया (जिसमें खून और बोन मैरो में असामान्य सफेद कोशिकाएं तेजी से बढ़ती हैं), लिम्फोमा (इम्यून सिस्टम और लिम्फ नोड्स को प्रभावित करने वाला) और  मल्टीपल मायलोमा (जिसमें हड्डियों के अंदर मौजूद प्लाज्मा कोशिकाएं अनियंत्रित रूप से बढ़ने लगती हैं) ये ब्लड कैंसर का सबसे आम प्रकार हैं। ब्लड कैंसर का पता कैसे लगाया जाता है? ब्लड कैंसर की पहचान धीरे-धीरे की जाती है। जिन लोगों में इसका आनुवांशिक खतरा होता है या फिर जोखिम कारक होते हैं, डॉक्टर उन्हें कुछ जांच कराने की सलाह देते हैं। यह अध्ययन यूरोपियन जर्नल ऑफ कैंसर में प्रकाशित हुआ। इस रिपोर्ट में विशेषज्ञों का कहना है कि नियमित नेत्र परीक्षणों के दौरान, ब्लड कैंसर का पता लगाया जा सकता है। शोध में वैज्ञानिकों ने पाया कि आई स्कैन के दौरान विशेषज्ञ उन सूक्ष्म परिवर्तनों का पता लगा सकते हैं जो घातक कैंसर के विकास के बढ़ते जोखिम से जुड़े हैं। इस अध्ययन में ब्रिटेन के 1,300 से ज्यादा मरीजो के आई स्कैन का विश्लेषण करने के लिए एआई का इस्तेमाल किया गया। शोधकर्ताओं ने पाया कि जिन रोगियों के आई स्कैन में कुछ असामान्य परिवर्तन थे, उनमें मायलोमा नामक रक्त कैंसर होने की आशंका अन्य लोगों की तुलना में सात गुना अधिक थी। इतना ही नहीं अगले 10 साल में इन लोगों में ल्यूकेमिया का होने की आशंका भी दो गुनी देखी गई। रेटिना इमेज से चल सकता है कैंसर का पता ब्लड कैंसर यूके नामक संस्था के अनुसार, फेफड़े और आंत के कैंसर के बाद, ब्लड कैंसर के कारण यूके में कैंसर से तीसरी सबसे ज्यादा मौतें होती हैं। हर साल लगभग 16,000 लोगों की इससे जान जा रही है। इसके लिए कोई आसान स्क्रीनिंग टेस्ट भी नहीं है। अब शोधकर्ताओं का कहना है कि क्रॉनिक इंफ्लेमेशन की स्थिति इसकी एक पहचान हो सकती है। रेटिना की रक्त वाहिकाओं में होने वाले सूक्ष्म परिवर्तन इसका संकेत होते हैं जिसे आई स्कैन के दौरान देखा जा सकता है। क्या कहते हैं विशेषज्ञ? अमेरिका के एमोरी विश्वविद्यालय के वरिष्ठ लेखक डॉ. अनंत मदभुशी कहती हैं, एआई ऑप्टिशियंस द्वारा ली गई नियमित रेटिना इमेज का उपयोग करके पहले से ही मल्टीपल मायलोमा, लिंफोमा और ल्यूकेमिया विकसित होने के जोखिम का अनुमान लगाना आसान हो सकता है। ब्लड कैंसर यूके में अनुसंधान के उप निदेशक डॉ. रिचर्ड फ्रांसिस कहते हैं, नैदानिक अभ्यास में इसके उपयोग से पहले और अधिक शोध की आवश्यकता है। ये निष्कर्ष इस सिद्धांत का एक महत्वपूर्ण प्रमाण प्रदान करते हैं कि एआई-संचालित उपकरण भविष्य में क्रांति लाने वाले हो सकते हैं। किन लोगों को अधिक सावधानी बरतने की जरूरत? स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं,  कुछ लोगों में ब्लड कैंसर का खतरा अधिक हो सकता है। उम्र के साथ यह बीमारी आम हो जाती है। इसके अलावा जिनके परिवार में पहले से किसी को ब्लड कैंसर हुआ हो, उनमें भी रिस्क बढ़ जाता है। रेडिएशन या कीमोथेरेपी भी इस कैंसर को बढ़ाने वाली हो सकती है। ऐसे लोगों को विशेष सावधानी बरतते रहना चाहिए।

हेयर कलर करवाने के बाद न करें ये गलतियाँ, वरना जल्दी उड़ जाएगा रंग

आजकल हेयर कलरिंग सिर्फ स्टाइल नहीं, बल्कि एक ट्रेंड भी बन चुका है। चाहे ग्रे हेयर को कवर करना हो या लुक में नया ट्विस्ट लाना हो, लोग अलग-अलग शेड्स में बाल कलर करवा रहे हैं। लेकिन बालों का कलर तभी खूबसूरत और टिकाऊ लगता है, जब उसकी सही देखभाल की जाए। अगर सही केयर न हो, तो कुछ ही हफ्तों में कलर फीका पड़ने लगता है और बाल भी रूखे और बेजान हो सकते हैं। इसलिए जरूरी है कि हेयर कलर के बाद कुछ खास टिप्स अपनाकर बालों के रंग को लंबे समय तक बरकरार रखा जाए। यहां इसकी जानकारी दी गई है। तो आइए जानते हैं इनके बारे में 48 घंटे तक शैंपू करने से बचें कलर करवाने के बाद कम से कम दो दिन तक बालों को न धोएं, जिससे कलर पूरी तरह सेट हो जाए। सल्फेट-फ्री शैम्पू और कंडीशनर का उपयोग करें ये बालों से कलर को जल्दी नहीं हटाते और बालों को मॉइस्चराइज भी रखते हैं। गर्म पानी से बाल धोने से बचें अपने बालों को वॉश करने के लिए हमेशा गुनगुने या ठंडे पानी का इस्तेमाल करें क्योंकि गर्म पानी कलर को जल्दी निकाल देता है। सप्ताह में केवल 2-3 बार ही शैंपू करें ज्यादा शैंपू करने से बालों का नेचुरल ऑयल और कलर दोनों जल्दी खत्म हो जाते हैं। यू वी प्रोटेक्शन वाला हेयर सीरम लगाएं सूरज की किरणें बालों का रंग फीका कर सकती हैं, इसलिए प्रोटेक्शन जरूरी है हीट स्टाइलिंग से बचें स्ट्रेटनर, कर्लर या हेयर ड्रायर का कम से कम उपयोग करें। अगर जरूरी हो तो हीट प्रोटेक्टेंट जरूर लगाएं। हेयर मास्क का करें नियमित उपयोग हफ्ते में एक बार डीप कंडीशनिंग या हेयर मास्क लगाने से बाल सॉफ्ट और शाइनी बने रहते हैं। तेल से करें मसाज नियमित कोकोनट, आर्गन या ऑलिव ऑयल से हल्के हाथों से मालिश करें जिससे बालों को पोषण मिलता रहे और ये जड़ों से मजबूत बनें। हेल्दी और बैलेंस्ड डाइट लें बालों की हेल्थ का सीधा असर हेयर कलर पर भी पड़ता है, इसलिए प्रोटीन और विटामिन्स से भरपूर खाना खाएं। हेयर कलर तभी बना रहेगा जब आप उसकी सही देखभाल करें। ऊपर दिए गए टिप्स न केवल कलर को लंबे समय तक टिकाते हैं, बल्कि आपके बालों को भी हेल्दी, शाइनी और स्मूद बनाए रखते हैं।

काम आएगा ये मोबाइल रिचार्ज: भारत-पाक फाइनल देखिए मुफ्त Sony LIV के साथ

नई दिल्ली   भारत और पाकिस्तान की क्रिकेट टीमें एक बार फिर आमने-सामने होंगी। यह एशिया कप 2025 का फाइनल मुकाबला होगा। 2025 के इस कप में तीसरी और आखिरी बार दोनों टीमें एक-दूसरे से भिड़ेंगी। जिसने यह मैच जीता, वही एशिया कप 2025 की ट्रॉफी अपने घर ले जा पाएगा। यदि आप भी इस मैच का आनंद लेना चाहते हैं तो सोनी लिव पर इसे देख सकते हैं। हालांकि, इसे देखने के लिए सोनी लिव का सब्सक्रिप्शन लेना होगा। लेकिन आप चाहें तो इसे फ्री में भी देख सकते हैं, आप आपने मोबाइल रिचार्ज प्लान के साथ सोनी लिव का सब्सक्रिप्शन फ्री में पा सकते हैं। चलिए, जान लेते हैं कि कौनसे रिचार्ज प्लान के साथ सोनी लिव फ्री में आता है? कहां खेला जाएगा मैच एशिया कप 2025 का फाइनल भारत और पाकिस्तान के बीच होगा। मैच दुबई इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम में खेला जाएगा। आज यानी 28 सितंबर को रात 8 बजे भारतीय समय के मुताबिक मैच शुरू होगा। टॉस 7:30 बजे होगा। इस टूर्नामेंट में ये दोनों टीमों का तीसरा मुकाबला है, पिछली दोनों बार भारत ने पाकिस्तान को आसानी से हरा दिया था। सोनी लिव का रिचार्ज प्लान यह हाई-वोल्टेज मैच भारतीय समयानुसार रात 8 बजे शुरू होगा और टॉस 7:30 बजे होगा। अगर आप भारत में हैं, तो आप Sony LIV ऐप या वेबसाइट के जरिए इस मैच की लाइव स्ट्रीमिंग देख सकते हैं। यह ऐप ऐपल स्टोर और प्ले स्टोर पर उपलब्ध है। अगर आपके पास पहले से सब्सक्रिप्शन है, मैच एंजॉय कर सकते हैं। नया सब्सक्राइब करना हो तो महीने का प्लान सिर्फ 399 रुपये से शुरू होता है। इसमें आप 720p क्वालिटी में देख सकते हैं, लेकिन स्पोर्ट्स कंटेंट पर ऐड्स आ सकते हैं। इन रिचार्ज प्लान के साथ फ्री OTT सब्सक्रिप्शन अगर आप जियो, एयरटेल या वोडाफोन आइडिया (Vi) यूजर हैं, तो एक्स्ट्रा पैसे खर्च किए बिना सोनी लिव एक्सेस कर सकते हैं। 1. जियो होम यूजर्स के लिए 599 रुपये का प्लान (30 Mbps स्पीड) और 899 रुपये का (100 Mbps) में सोनी लिव शामिल है। 2. Vi प्रीपेड वाले 95, 408 या 999 रुपये के प्लान चुनें – इनमें अनलिमिटेड 5G नाइट डेटा के साथ मोबाइल-ओनली सोनी लिव मिलेगा। पोस्टपेड Vi मैक्स 5G यूजर्स को 751 रुपये से शुरू प्लान में सोनीलिव प्रीमियम फ्री मिलता है। 3. एयरटेल एक्सट्रीम यूजर्स तो लकी हैं – Xstream प्ले प्लेटफॉर्म पर सोनी लिव फ्री है। एयरटेल में इस रिचार्ज के साथ फ्री में मिलता है सब्सक्रिप्शन एयरटेल कंपनी के 979 रुपये वाले प्लान में Airtel Xstream Play प्रीमियम मिलता है। इसके साथ Sony LIV समेत 22 से भी ज्यादा OTT ऐप्स का फ्री सब्सक्रिप्शन मिलता है। यह प्लान अनलिमिटेड कॉलिंग, 2GB डेली डेटा और फ्री SMS के साथ आता है। इसमें अनलिमिटेड 5G डेटा भी मिलता है। इस प्लान की वैलेडिटी 84 दिन है।

ताजातरीन अपडेट: Microsoft ने अचानक बंद की क्लाउड और AI सेवाएं

वॉशिंगटन दुनिया की प्रमुख टेक कंपनियों में से एक Microsoft ने इजरायल के खिलाफ बड़ा कदम उठाया है, जिससे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हलचल मच गई है। कंपनी ने इजरायल को दी जा रही क्लाउड, AI और तकनीकी सेवाएं तत्काल प्रभाव से बंद कर दी हैं। Microsoft के प्रेसिडेंट और वाइस चेयरमैन ब्रैड स्मिथ ने इस फैसले की पुष्टि करते हुए कहा कि यह निर्णय जासूसी के गंभीर आरोपों और जांच रिपोर्टों के आधार पर लिया गया है, जिनमें Microsoft की सेवाओं के दुरुपयोग की बात सामने आई है। क्या है पूरा मामला? ब्रिटिश अखबार The Guardian और इजरायली पब्लिकेशन +972 Magazine द्वारा अगस्त 2025 में की गई एक संयुक्त जांच में खुलासा हुआ था कि इजरायली सुरक्षा एजेंसियां गाज़ा पट्टी और वेस्ट बैंक में फिलिस्तीनियों की व्यापक निगरानी कर रही हैं, और इसके लिए वे Microsoft की Azure Cloud Services का उपयोग कर रही थीं। Microsoft ने शुरुआती तौर पर इन आरोपों को खारिज किया, लेकिन बाद में आंतरिक जांच में कुछ तथ्यों की पुष्टि होने पर यह बड़ा कदम उठाया गया। कंपनी ने साफ किया कि वह किसी भी देश को अपनी सेवाओं का उपयोग निगरानी या जासूसी के लिए नहीं करने देती, और अगर ऐसा होता है तो उस पर सख्त कार्रवाई की जाती है। किन सेवाओं पर लगी रोक? Microsoft ने इजरायली मिनिस्ट्री ऑफ डिफेंस (IMOD) को भेजे नोटिफिकेशन में स्पष्ट किया है कि उनके साथ की गई सभी तकनीकी साझेदारियां अब समाप्त की जा रही हैं। इसमें शामिल हैं: -Azure Cloud Platform -AI (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) टूल्स -क्लाउड स्टोरेज सेवाएं -टेक्निकल सब्सक्रिप्शन और API एक्सेस -इन सेवाओं को तुरंत प्रभाव से बंद कर दिया गया है, और इजरायल को इसकी जानकारी औपचारिक रूप से भेज दी गई है। जांच में क्या सामने आया? संयुक्त रिपोर्ट में यह दावा किया गया था कि इजरायली सेना और खुफिया एजेंसियां Microsoft की क्लाउड टेक्नोलॉजी का प्रयोग फिलिस्तीनी नागरिकों की जासूसी, पहचान और मूवमेंट ट्रैकिंग के लिए कर रही हैं। रिपोर्ट में इस बात के प्रमाण भी दिए गए कि Azure प्लेटफॉर्म पर डेटा एनालिटिक्स और AI आधारित टूल्स के जरिए फिलिस्तीनियों की निजी जानकारी इकट्ठा की जा रही थी। Microsoft ने अपनी ओर से इन आरोपों की स्वतंत्र जांच करवाई, और जब कुछ तथ्यों की पुष्टि हुई, तो कंपनी ने यह निर्णय लिया। Microsoft का आधिकारिक बयान ब्रैड स्मिथ ने अपने ब्लॉगपोस्ट में लिखा: "Microsoft किसी भी हालत में अपनी टेक्नोलॉजी का उपयोग निगरानी या मानवाधिकार हनन जैसे उद्देश्यों के लिए नहीं होने देगा। हमने इजरायली रक्षा मंत्रालय को सूचित कर दिया है कि हमारी सेवाएं, जिनमें AI और क्लाउड स्टोरेज शामिल हैं, तत्काल प्रभाव से बंद की जा रही हैं।" उन्होंने यह भी कहा कि यह कदम कंपनी की नीति के अनुसार लिया गया है, ताकि विश्व स्तर पर उसकी नैतिक और पारदर्शी छवि बनी रहे। AI के दुरुपयोग को लेकर चिंता इस प्रकरण ने वैश्विक स्तर पर AI और क्लाउड टेक्नोलॉजी के उपयोग को लेकर एक नई बहस को जन्म दे दिया है। क्या बड़ी टेक कंपनियों को इस बात की जिम्मेदारी लेनी चाहिए कि उनकी सेवाओं का प्रयोग कैसे और कहां किया जा रहा है? Microsoft ने इस घटना को एक उदाहरण बनाते हुए यह साफ कर दिया है कि यदि कोई सरकार या संस्था उनके प्लेटफॉर्म का दुरुपयोग करती है, तो कंपनी चुप नहीं बैठेगी। इजरायल की प्रतिक्रिया का इंतजार फिलहाल इजरायल की ओर से इस पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है, लेकिन माना जा रहा है कि Microsoft के इस निर्णय से इजरायली रक्षा और साइबर इन्फ्रास्ट्रक्चर पर असर पड़ सकता है।  

त्वचा की रंगत को बढ़ाते है ये फूड

ये क्रीम लगाओ गोरी त्वचा पाओ। इस फेसवाश के इस्तेमाल से आप पाएंगी निखरी त्वचा। ऐसे तो आपने बहुत से एड देखें होंगे जो खूबसूरत त्वचा होने का दावा करते हैं। लेकिन एक समय के बाद इसके साइड इफेक्ट भी जल्द दिखने लग जाते हैं। ऐसे में ऐसा क्या करें कि आपकी त्वचा भी ग्लोइंग रहे और आपको इन क्रीम की भी ज्यादा जरूरत न पड़े। डाइट में शामिल करें ये फूड। ये फूड आपकी त्वचा को हेल्दी बनाने में आपकी मदद करेगा-   गाजर:– गाजर में विटामिन ए होता है और त्वचा के टिश्यू को रिपेयर करने और संतुलित करने के लिए विटामिन ए की आवश्यकता पड़ती है। इससे त्वचार में रूखापन भी नहीं रहता। स्ट्राबेरी:- स्ट्राबेरी में भरपूर मात्रा में विटामिन सी होता है। इससे सूरज की रोशनी में त्वचा खराब नहीं होती. स्ट्रोबेरी में मौजूद विटामिन ई से त्वचाा के सेल्स नष्ट होने से बचते हैं। अंडा:- अंडे में बायोटीन की अच्छी मात्रा होती है। साथ ही इसमें मौजूद विटामिन बी त्वचा के साथ-साथ नाखून और बालों के लिए भी अच्छा है। अंडे में मौजूद सेलेनियम बढ़ती उम्र में त्वचा पर पड़ने वाले प्रभाव को कम करता है। बादाम:- बादाम में उच्च मात्रा में फैटी एसिड और विटामिन ई पाया जाता है जो कि त्वचा को सूरज की रोशनी में खराब होने से बचाता है। मछली:- मछली में एंटी इन्फ्लैमेटरी ओमेगा 3 फैटी एसिड होता है। साथ ही सीफूड ओएस्टर्स और क्रैब्स में भारी मात्रा में जिंक पाया जाता है. ये सभी पदार्थ त्वचा को हेल्दी बनाते हैं।  

अपने गैजट्स को क्लीन रखने के लिए अपनाएं ये 7 चीजें

टेक्नॉलजी के इस युग में हम नियमित रूप से बहुत सारे गैजट्स का इस्तेमाल रोज करते हैं। रेग्युलर यूज करने से उन गैजट्स में फिंगरप्रिन्ट्स, डस्ट पार्टिकल्स जैसी बहुत सी चीजें लग जाती हैं जिनकी वजह से गैजट्स ठीक से काम नहीं कर पाते। करन बजाज और हितेश राज भगत बता रहें कुछ शानदार और बेहद सस्ती चीजों के बारे में जिनका यूज करके आप अपने गैजट्स को क्लीन और सेफ रख सकते हैं। आगे की स्लाइड पर देखें ऐसे ही कुछ बेहतरीन उपाय … स्क्रीन वाइप्स:- हम घर में टीवी, फोन, टैबलेट, लैपटॉप और कम्प्यूटर जैसी चीजें यूज करते हैं। इनकी स्क्रीन पर डस्ट और धब्बे पड़ जाने की वजह से इनको यूज करने का हमारा एक्स्पीरियंस अच्छा नहीं रहता, इसलिए जरूरी है कि समय समय पर इनकी सफाई होती रहे। आप स्क्रीन वाइप्स का यूज करके अपनी स्क्रीन को साफ रख सकते हैं। मार्केट में मात्र 500 रुपए में वाइप्स का एक अच्छा बॉक्स खरीद सकते हैं। स्क्रीन वाइप्स एक विशेष प्रकार का फॉर्म्युलेटेड सलूशन होता है जो स्क्रीन को बहुत ही कम समय में साफ कर देता है। स्क्रीन क्लीनिंग किट:- डस्ट पार्टिकल्स के अलावा भी हमारे टच स्क्रीन डिवाइसेज पर फिंगरप्रिंट और छोटे छोटे धब्बों जैसी बहुत सी परेशानियां आती हैं। किसी कपड़े या टिसु का यूज करके इन्हें साफ करने से स्क्रीन पर छोटे छोटे स्क्रैच पड़ जाते हैं। आप मात्र 150 रुपए में एक स्क्रीन क्लीनिंग किट खरीद सकते हैं। इस किट में माइक्रोफाइबर क्लॉथ के साथ स्क्रीन क्लीनिंग लिक्विड होता है, जिससे सभी प्रकार की स्क्रीन्स को आसानी से साफ किया जा सकता है। ध्यान रखें कि पैक पर दिए गए निर्देशों का ठीक प्रकार से पालन हो। एयर ब्लोअर्स:- कम्प्यूटर कैबिनेट के अन्दर बहुत तरह के फालतू के कॉम्पोनेंट्स चले जाते हैं। यहां तक कि अगर आपका कैबिनेट पूरी तरह से बंद है फिर भी डस्ट पार्टिकल्स उसमें चले जाते हैं जिनकी वजह से आपका कम्प्यूटर ठीक से काम नहीं करता है। आप 300 से 800 रुपए तक में एक अच्छा एयर ब्लोअर खरीद सकते हैं। इसकी मदद से आप बेहद आसानी से अपने कैबिनेट से डस्ट निकाल सकते हैं। इसका यूज करते समय अपनी आंख, नाक और मुंह को ढ़ककर रखना बेहतर होगा। साथ ही यह भी ध्यान रखना चाहिए कि इसे मदरबोर्ड के ज्यादा नजदीक ना ले जाया जाए। सीपीयू के साथ साथ आप एयर ब्लोअर्स का यूज करके सेट टॉप बॉक्स, की-बोर्ड, ऐंप्लिफायर्स, मेगिंग कंसोल्स और मल्टीमीडिया प्रोजेक्टर्स को भी साफ कर सकते हैं। कैमरा ब्लोअर:- किसी भी कैमरे का इमेज सेंसर उसका सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा होता है। अच्छी फोटोज के लिए इमेज सेंसर का साफ होना बेहद जरूरी है। इमेज सेंसर पर डस्ट पार्टिकल्स के आ जाने से इमेज पर धब्बे पड़ जाते हैं। बार बार लेंस बदल कर यूज करने से भी इमेज सेंसर पर डस्ट आ जाती है। कुछ डीएसएलआर इनबिल्ट सेंसर क्लीनिंग सिस्टम के साथ आते हैं लेकिन वे हमेशा इफेक्टिव नहीं रहते। आप कैमरा ब्लोअर का यूज करके आसानी से इमेज सेंसर की सफाई कर सकते हैं। इसका यूज करते समय ध्यान रखें कि ब्लोअर का नोजल इमेज सेंसर को टच न करे। आप मात्र 300 रुपए में एक अच्छा इमेज ब्लोअर खरीद सकते हैं। लेंसपेन:- अपने कैमरे के लेंस को साफ रखने के लिए हर कैमरा ओनर को अपने पास लेंसपेन रखना चाहिए। यह एक हैंडी टूल है। इसका इस्तेमाल डीएसएलआर के साथ साथ सीडी और स्मार्टफोन के कैमरे के लेंस को साफ करने के लिए भी किया जा सकता है। इसमें दिया गया ब्रश, लेंस के साथ साथ लेंस का बॉडी को भी साफ करता है। लेंसपेन का यूज करके टेलिस्कोप्स और माइक्रोस्कोप्स के लेंस को भी साफ किया जा सकता है। बेहतर क्लीनिंग के लिए इसे सेंटर से बाहर की ओर सर्कुलर मोशन में मूव करें। एक अच्छा लेंसपेन 300 रुपए के आसपास मिल जाता है। साइबर क्लीन:- साइबर क्लीन एक क्लीनिंग कंपाउंड है जिसका यूज करके आप 99.9ः हार्मफुल जर्म्स को खत्म कर सकते हैं। जेली की तरह लगने वाले इस मटीरियल से आप की-बोर्ड और मोबाइल कीपैड की सफाई भी कर सकते हैं। सबसे खास बात सह है कि इस मटीरियल का यूज करने के बावजूद आपके हाथ पूरी तरह से साफ रहते हैं। 300 रुपए में इसका एक पैकेट खरीदा जा सकता है। कम्प्रेस्ड एयर कैन्स:- अगर आप एयर ब्लोअर नहीं खरीदना चाहते हैं तो कम्प्रेस्ड एयर कैन आपके लिए एक बेहतरीन विकल्प हो सकता है। यह एक स्प्रे पेंट के बॉक्स के जैसा दिखाई देता है। आप इसे मात्र 300 रुपए में खरीद सकते हैं।