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वर्ल्ड कप शुरू होने से पहले बढ़ा तनाव, ईरान-अमेरिका विवाद ने खींचा ध्यान

नई दिल्ली फीफा वर्ल्ड कप के 23वें संस्करण (FIFA World Cup 2026) को शुरू होने में अब 2 दिन बचे हैं. इससे पहले एक और विवाद खड़ा हो गया है. ईरान फुटबॉल फेडरेशन (FFIRI) ने अमेरिका पर आरोप लगाया है कि उन्होंने उनकी टीम के वर्ल्ड कप के ग्रुप मैचों के टिकेटों का आवंटन रद्द कर दिया है. बता दें कि इस बार 3 देश मिलकर टूर्नामेंट की मेजबानी कर रहे हैं, जिसमें USA भी है।  ईरान फुटबॉल फेडरेशन का कहना है कि डिप्लोमेटिक विवाद के कारण अमेरिका ईरानी दर्शकों को फीफा वर्ल्ड कप के मैच देखने से रोकने की कोशिश कर रहा है. बता दें कि इससे पहले अमेरिका में इराक फुटबॉल टीम के एक खिलाड़ी को एयरपोर्ट पर डिटेन कर लिया था, जिसे 7 घंटे पूछताछ के बाद छोड़ा था।  मंगलवार को बयान जारी करते हुए ईरान फुटबॉल फेडरेशन ने कहा, "फीफा वर्ल्ड कप 2026 शुरू होने में अब 2 दिन बचे हैं. अमेरिका ने एक बार फिर ग्रुप स्टेज में ईरान फुटबॉल टीम के तीनों मैचों के वेन्यू पर ईरानी समर्थकों के आने में बाधा डालने का काम किया है।  रिपोर्ट के अनुसार अमेरिका ने ईरान के लिए कई प्रशासनिक मुश्किलें भी खड़ी की हैं, जैसे उन्होंने कुछ सपोर्ट स्टाफ के सदस्यों को वीजा देने से मना कर दिया. बता दें कि ईरान और अमेरिका के बीच अभी रिश्ते बिल्कुल भी अच्छे नहीं है।  फीफा के नियमों के मुताबिक हर मैच के लिए 8 प्रतिशत टिकट ईरान को मिलने चाहिए. ईरान ने आरोप लगाया है कि टिकट का ये हिस्सा टूर्नामेंट में हिस्सा लेने वाले फेडरेशन को दिए जाते हैं, जिससे वह अपने माध्यम से समर्थकों को इन्हें बांट सके।  ईरान फुटबॉल फेडरेशन के मुताबिक उन्होंने अपने ग्रुप मैचों की टिकट बिक्री शुरू कर दी थी, जो अमेरिका में होने वाले हैं. लेकिन अमेरिका ने उन्हें मिलने वाला कोटा वापस ले लिया है, और अभी ईरान अपने समर्थकों को एक भी टिकट नहीं देने की स्थिति में है. ईरान फुटबॉल टीम ग्रुप 'जी' में है, जिसमें उनका सामना बेल्जियम, इजिप्ट और न्यूजीलैंड से होगा। 

सूर्यकुमार की छुट्टी, हार्दिक की एंट्री तय? BCCI के फैसले ने बढ़ाई चर्चा

नई दिल्ली   हाल ही में इंग्लैंड और आयरलैंड दौरे के लिए भारतीय टीम का ऐलान किया गया. टीम में कुछ नए चेहरों को भी जगह दी गई है, लेकिन सबसे बड़े बदलाव के रूप में सूर्यकुमार को यादव कप्तानी और टीम से बाहर करना रहा, लेकिन इसी बीच स्टार ऑलराउंडर हार्दिक पंड्या की वनडे टीम में वापसी तय हो गई है. पंड्या टीम इंडिया में वापसी के लिए पूरी तरह फिट हो चुके हैं. बीसीसीआई के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की खेल विज्ञान टीम ने उन्हें अफगानिस्तान के खिलाफ धर्मशाला में शुरू होने वाली तीन मैच की वनडे सीरीज में खेलने की मंजूरी दे दी है. 32 साल के पंड्या पीठ में ऐंठन के कारण मुंबई इंडियन्स के लिए आईपीएल के कई मैच नहीं खेल पाए थे और दो जून से सीओई में हैं।  बीसीसीआई के एक सूत्र ने पीटीआई को बताया, ‘‘दो जून को सीओई में आने से पहले हार्दिक विदेश में छुट्टियां मना रहे थे. अगले पांच दिन में उन्होंने मैच जैसी कई स्थितियों में तैयारी की और 10 ओवर (पूरा कोटा) तक गेंदबाजी भी की.’’ सूत्र ने कहा, ‘‘उन्हें कोई परेशानी नहीं हुई और जानकारी के मुताबिक सीओई में स्ट्रेंथ और अनुकूलन कोच ने अलग-अलग पैमानों पर उनकी फिटनेस को मंजूरी दे दी है।  बैटिंग के साथ बॉलिंग भी करेंगे हार्दिक पंड्या सोमवार को भारत के सहायक कोच सितांशु कोटक ने कहा था कि भले ही उनके पास पंड्या की फिटनेस के बारे में कोई ताजा जानकारी नहीं है लेकिन उन्हें लगता है कि यह ऑलराउंडर ठीक है. पंड्या भारत की सीमित ओवरों की टीम के लिए एक अहम खिलाड़ी हैं क्योंकि वह अपनी तेज गेंदबाजी और डेथ ओवरों में आक्रामक बल्लेबाजी से टीम को संतुलन देते हैं।  सबसे अच्छी बात यह है कि पंड्या ट्रेनिंग सत्र में 10 ओवर गेंदबाजी कर रहे हैं जिसका मतलब है कि वह 50 ओवर के क्रिकेट की चुनौतियों के लिए तैयार हैं. हालांकि यह साफ नहीं है कि पंड्या चंडीगढ़ में दूधिया रोशनी में होने वाले ट्रेनिंग सत्र के लिए टीम से जुड़ेंगे या सीधे धर्मशाला पहुंचेंगे जैसा कि पहले तय किया गया था। 

गायकवाड़ का शतक और गेंदबाजों का कमाल, आखिरी ओवर में पलटा मैच

दंबुला  ट्राई-नेशन ए सीरीज के पहले मुकाबले में इंडिया ए टीम ने रोमाचंक जीत हासिल की। टीम के सामने मेजबान श्रीलंका ए की चुनौती थी। इंडिया ए ने मैच को 8 रनों के अंतर से अपने नाम किया। तिलक वर्मा की कप्तानी वाली इंडिया ए ने पहले खेलते हुए रंगिरी दांबुला इंटरनेशनल स्टेडियम में 6 विकेट पर 277 रन बनाए। 49वें ओवर में श्रीलंका ए की पारी 269 रनों पर सिमट गई। इस टूर्नामेंट में अफगानिस्तान ए तीसरी टीम है। इंडिया ए ने 4 गेंद पर अंतिम तीन विकेट लिए श्रीलंका ए को जीत के लिए आखिरी दो ओवर में सिर्फ 10 रन चाहिए थे। 49वें ओवर में अरशद खान की पहली गेंद पर एक रन बना। उन्हंने दूसरी गेंद पर विजयकांत व्यासकांत को एलबीडब्ल्यू कर दिया। अगली गेंद पर 23 रन बनाकर खेल रहे वानुजा सहन रन आउट हो गए। उन्होंने मिस फील्ड पर रन भागने की कोशिश की लेकिन रुतुराज गायकवाड़ ने रन आउट कर दिया। इसी ओवर की 5वीं गेंद पर 11वें नंबर के बल्लेबाज मोहम्मद शिराज को आउट करके अरशद ने इंडिया ए को जीत दिला दी। श्रीलंका ए को अनुभवी निरोशन डिकवेला और अविष्का फर्नांडो ने ठोस शुरुआत दिलाई। पहले विकेट के लिए दोनों ने 99 गेंदों पर 93 रन जोड़े। आयुष बडोनी ने दोनों ही बल्लेबाज को आउट किया। डिकवेला ने 47 और अविष्का ने 45 रन बनाए। तीसरे नंबर पर उतरे नुवानिदु फर्नांडो 8 रन ही बना सके। 16 रनों के अंतर 3 विकेट गिरने के बाद सदीरा समरविक्रमा और कप्तान सहान अराच्चिगे ने पारी को संभाला। दोनों के बीच 78 रनों की साझेदारी हुई। 34वें ओवर में श्रीलंका ए की टीम 187 रनों तक पहुंच गई थी। अंशुल कंबोज ने 48वें ओवर में बड़ा विकेट झटका 51 गेंदों पर 46 रन बनाने वाले सदीरा को आउट करके अनुकूल रॉय ने यह साझेदारी तोड़ी। लेकिन सहान ने अपनी फिफ्टी पूरी कर ली। हालांकि इंडिया ए के गेंदबाज दूसरे छोर से विकेट चटकाते रहे। 3 ओवर में मेजबान टीम को 17 रन चाहिए थे। अंशुल कंबोज ने 48वें ओवर की दूसरी गेंद पर सहान को यॉर्कर मारकर बोल्ड कर दिया। उन्होंने 72 गेंदों पर 74 रन बनाए। यह मैच का टर्निंग पॉइंट भी रहा। इंडिया ए की तरफ से अरशद खान, अनुकूल रॉय, विपराज निगम और आयुष बडोनी ने 2-2 विकेट लिए। इंडिया ए के लिए रुतुराज गायकवाड़ का शतक पहले बल्लेबाजी के लिए उतरी भारतीय टीम की शुरुआत अच्छी नहीं रही। सलामी बल्लेबाज प्रभसिमरन सिंह 2 और वैभव सूर्यवंशी 14 रन बनाकर आउट हो गए। 16 रन पर 2 विकेट गंवा चुकी भारतीय टीम को प्रियांश आर्य और ऋतुराज गायकवाड़ ने संभाला। दोनों ने तीसरे विकेट के लिए 53 रन जोड़े। तीसरे नंबर पर बल्लेबाजी के लिए आर्य 32 गेंदों पर 32 रन बनाकर आउट हुए। इसके बाद गायकवाड़ और कप्तान तिलक वर्मा ने मोर्चा संभाला और चौथे विकेट के लिए 150 रन की साझेदारी की। गायकवाड़ ने बेहतरीन शतक लगाया। दाएं हाथ के इस बल्लेबाज ने 114 गेंदों पर 3 छक्कों और 6 चौकों की मदद से 101 रन की पारी खेली। तिलक ने 97 गेंदों पर 60 की पारी खेली। आयुष बडोनी ने 24 और सुर्यांश शेड्गे ने 26 रन बनाए। श्रीलंका की तरफ से मोहम्मद शिराज ने 2 विकेट लिए। वह सबसे सफल गेंदबाज रहे। इसके अलावा, चमिका करुणारत्ने, गारुका संकेथ, और वानुजा सहान ने 1-1 विकेट लिए।  

भारत को मिली बड़ी राहत: रोहित-हार्दिक फिट, कोहली बाहर, अफगानिस्तान सीरीज से पहले बड़ा अपडेट

नई दिल्ली  भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान रोहित शर्मा और स्टार ऑलराउंडर हार्दिक पंड्या को अफगानिस्तान के खिलाफ होने वाली वनडे सीरीज के लिए फिट घोषित कर दिया गया है। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (सीओई) ने दोनों खिलाड़ियों को फिट घोषित किया है। फिटनेस टेस्ट पास करने के बाद रोहित और हार्दिक का अफगानिस्तान के खिलाफ वनडे सीरीज खेलना तय हो गया है। हार्दिक और रोहित दोनों हुए फिट हार्दिक पंड्या पीठ में ऐंठन से जूझ रहे थे। इस वजह से आईपीएल 2026 में मुंबई इंडियंस के लिए कुछ मैच नहीं खेल पाए थे। उन्हें उनके फिटनेस रूटीन के लिए बैंगलोर में सीओई भेजा गया था। रोहित शर्मा को भी आईपीएल 2026 के दौरान हैमस्ट्रिंग में चोट लगी थी। दोनों सीओई में रिकवरी की प्रक्रिया से गुजर रहे थे, जहां मंगलवार को उन्हें फिट घोषित किया गया। रोहित और पंड्या दोनों ही अफगानिस्तान के खिलाफ होने वाली वनडे सीरीज के लिए भारतीय टीम का हिस्सा थे लेकिन इनका खेलना फिटनेस टेस्ट पास करने पर निर्भर था। दोनों दिग्गज खिलाड़ी अब अफगानिस्तान के खिलाफ 3 मैचों की वनडे सीरीज में खेलते दिखेंगे। विराट कोहली बाहर रहेंगे विराट कोहली इंजरी की वजह से अफगानिस्तान वनडे सीरीज से बाहर हो गए हैं। ऐसे में रोहित और हार्दिक के फिट घोषित किए जाने से भारतीय टीम मजबूत हुई है। रोहित ने अपना आखिरी वनडे न्यूजीलैंड के खिलाफ 18 जनवरी 2026 को खेला था। हार्दिक ने मार्च 2025 में भारत की चैंपियंस ट्रॉफी जीत के बाद से कोई वनडे नहीं खेला है। भारत और अफगानिस्तान के बीच पहला वनडे 13 जून को धर्मशाला में खेला जाना है। इसके लिए बुधवार को टीम धर्मशाला पहुंचेगी। दूसरा वनडे 17 जून को लखनऊ और तीसरा वनडे 20 जून को चेन्नई में खेला जाएगा। वनडे वर्ल्ड कप पर नजरें टी20 विश्व कप 2026 का विजेता बनने के बाद भारतीय टीम का अगला लक्ष्य वनडे विश्व कप 2027 है। अफगानिस्तान सीरीज से टीम इंडिया अपने उस लक्ष्य को पाने की दिशा में कदम बढ़ाएगी।  

आयरलैंड-इंग्लैंड सीरीज से पहले बड़ा बदलाव: सिराज बाहर, युवा खिलाड़ियों को मिला मौका

मुंबई आयरलैंड और इंग्लैंड के खिलाफ होने वाली आगामी टी20 इंटरनेशनल सीरीज से पहले BCCI ने एक बड़ा फैसला लिया है। भारत के स्टार तेज गेंदबाज मोहम्मद सिराज को दोनों टी20 सीरीज के स्क्वाड से बाहर कर दिया गया है। सीनियर चयन समिति ने सिराज की जगह लंबे समय बाद वापसी कर रहे तेज गेंदबाज प्रसिद्ध कृष्णा को टीम में शामिल किया है। इस फैसले ने फैंस को काफी ज्यादा हैरान कर दिया है। क्यों बाहर हुए मोहम्मद सिराज? BCCI द्वारा जारी आधिकारिक बयान के मुताबिक, सिराज किसी चोट के कारण बाहर नहीं हुए हैं, बल्कि आगामी लंबे और व्यस्त इंटरनेशनल सीजन को देखते हुए उन्हें आराम दिया गया है। बोर्ड ने बताया कि 'बीसीसीआई की मेडिकल टीम और टीम मैनेजमेंट के बीच हुई विस्तृत चर्चा के बाद, मोहम्मद सिराज को उनके वर्कलोड मैनेजमेंट प्रोग्राम के तहत आराम की सलाह दी गई है। यह फैसला एक एहतियाती कदम के रूप में लिया गया है, ताकि आगामी व्यस्त सीजन से पहले वे पूरी तरह रिकवर और तरोताजा हो सकें।' प्रसिद्ध कृष्णा की चमकी किस्मत सिराज के बाहर होने के बाद दाएं हाथ के लंबे कद के तेज गेंदबाज प्रसिद्ध कृष्णा के लिए यह एक बड़ा मौका है। प्रसिद्ध कृष्णा अपनी अतिरिक्त उछाल और गति के लिए जाने जाते हैं। आयरलैंड और इंग्लैंड की तेज तथा मददगार पिचों पर प्रसिद्ध कृष्णा भारतीय गेंदबाजी आक्रमण को और अधिक मजबूती प्रदान कर सकते हैं। इस टीम की कमान स्टार बल्लेबाज श्रेयस अय्यर के हाथों में है, जबकि युवा तिलक वर्मा को टीम का उपकप्तान बनाया गया है। टीम में वैभव सूर्यवंशी और प्रिंस यादव जैसे कई नए और युवा चेहरों को भी मौका मिला है। आयरलैंड और इंग्लैंड टी20 सीरीज के लिए भारत का अपडेटेड स्क्वाड श्रेयस अय्यर (कप्तान), अभिषेक शर्मा, संजू सैमसन (विकेटकीपर), ईशान किशन (विकेटकीपर), शिवम दुबे, तिलक वर्मा (उपकप्तान), नीतीश कुमार रेड्डी, अक्षर पटेल, वॉशिंगटन सुंदर, वरुण चक्रवर्ती, रवि बिश्नोई, हर्षित राणा, अर्शदीप सिंह, प्रिंस यादव, वैभव सूर्यवंशी और प्रसिद्ध कृष्णा।  

इंग्लैंड में शुरू होगा महिला टी20 वर्ल्ड कप: भारत, ऑस्ट्रेलिया और साउथ अफ्रीका के बीच खिताबी जंग

क्या भारत ऐतिहासिक 'डबल' (दो बड़े खिताब एक साथ जीतना) पूरा कर पाएगा? क्या ऑस्ट्रेलिया अपनी खोई हुई जगह वापस पा सकेगा? क्या हमेशा अंतिम पड़ाव पर चूकने वाला दक्षिण अफ्रीका इस बार सुर्खियां बटोरेगा? या कोई कमजोर मानी जाने वाली टीम रोमांचक जीत हासिल करेगी? इंग्लैंड में 12 जून से शुरू हो रहे आईसीसी महिला टी20 विश्व कप के 10वें सत्र में कई रोमांचक संभावनाएं हैं। किसकी दावेदारी कितनी मजबूत है और उनकी राह में क्या चुनौतियां हैं, आइए समझते हैं। भारत: पिछले साल एकदिवसीय अंतरराष्ट्रीय विश्व कप जीतने के बाद भारत टी20 फॉर्मेट में जीत दर्ज करके शानदार 'डबल' पूरा करने के लिए उत्सुक होगा। ऐसा कारनामा सिर्फ ऑस्ट्रेलिया ही कर पाया है। हरमनप्रीत कौर की कप्तानी वाली टीम में ऐसा करने की क्षमता है जैसा कि पिछले छह महीने में श्रीलंका और ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ घरेलू श्रृंखला में उनकी जीत से साबित हुआ है। लेकिन दक्षिण अफ्रीका (4-1) और इंग्लैंड (2-1) के खिलाफ उनकी सरजमीं पर भारत को हार झेलनी पड़ी। टीम को तेज गेंदबाजी ऑलराउंडर अमनजोत कौर की कमी भी खलेगी जो इंग्लैंड की परिस्थितियों में अहम भूमिका निभा सकती थीं। भारतीय टीम को उम्मीद होगी कि बल्लेबाज शुरू से ही लय पकड़ लेंगी और रेणुका सिंह, अरुंधति रेड्डी और क्रांति गौड़ की तेज गेंदबाजी तिकड़ी शानदार स्पेल डाल पाएंगी। स्मृति मंधाना, जेमिमा रोड्रिग्स, हरमनप्रीत, दीप्ति शर्मा और ऋचा घोष जैसी कुछ प्रमुख खिलाड़ियों ने 'द हंड्रेड' और 'किया सुपर लीग' में खेला है और वह अनुभव काम आएगा ऑस्ट्रेलिया: छह बार की चैंपियन टीम को एलिसा हीली के संन्यास के बाद सोफी मोलिन्यु के रूप में नई कप्तान मिली है। लेकिन ऑस्ट्रेलिया की असली ताकत उनकी जानी-पहचानी और भरोसेमंद कोर टीम है जिसमें एलिस पेरी, ताहलिया मैकग्रा, एशले गार्डनर, मेगन शूट, एलेना किंग और बेथ मूनी शामिल हैं। सलामी बल्लेबाज जॉर्जिया वोल और बाएं हाथ की तेज गेंदबाज लूसी हैमिल्टन के आने से टीम और मजबूत हुई है। ऑस्ट्रेलियाई टीम 2017 के बाद पहली बार बिना किसी ट्रॉफी के आईसीसी प्रतियोगिता में उतर रही है और वे निश्चित रूप से इस स्थिति को बदलना चाहेंगे। न्यूजीलैंड: मौजूदा चैंपियन ऐसी टीम के साथ आ रहे हैं जिसमें अनुभव और युवा जोश का सही मिश्रण है और उन्हें हराना आसान नहीं होगा। न्यूजीलैंड की उम्मीदें मुख्य रूप से सोफी डिवाइन, सूजी बेट्स और लिया ताहुहू पर टिकी होंगी। टीम इस तिकड़ी के लिए खिताब जीतना चाहती है क्योंकि वे इस टूर्नामेंट के बाद इस प्रारूप से अलग हो जाएंगी। टीम को ऑलराउंडर अमेलिया केर से काफी उम्मीदें हैं क्योंकि हाल ही में बल्ले से उनका प्रदर्शन शानदार रहा है। वह 2024 में फाइनल और टूर्नामेंट की सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी रही थीं। पिछले दो वर्षों में उनकी साख और कौशल में और निखार आया है। इंग्लैंड: मेजबान टीम नियमित कप्तान नैट स्काइवर ब्रंट की फिटनेस पर नजर रखेगी जो भारत के खिलाफ हालिया श्रृंखला में नहीं खेल पाई थीं। उम्मीद है कि वह टूर्नामेंट के लिए फिट हो जाएंगी। लेकिन चार्ली डीन की कप्तानी में इंग्लैंड ने उस श्रृंखला में साबित कर दिया कि वे स्काइवर ब्रंट के बिना भी जीत सकते हैं। टीम ने 0-1 से पिछड़ने के बाद वापसी करते हुए 2-1 से जीत हासिल की थी। टीम के पास एलिस कैपसी, सोफी एक्लेस्टोन, लिंडसे स्मिथ, फ्रेया केम्प और अनुभवी खिलाड़ी हीथर नाइट और डैनी वाट-हॉज जैसे बेहतरीन खिलाड़ी भी हैं। दक्षिण अफ्रीका: अपना पहला खिताब जीतने की कोशिश में दक्षिण अफ्रीका ने अनुभवी तेज गेंदबाज शबनिम इस्माइल को टीम में शामिल किया है लेकिन उनकी असली ताकत नेदिन डि क्लर्क, सुने लूस, क्लो ट्रायोन और डेन वान नीकर्क जैसी खिलाड़ी हैं जो खेल के किसी भी चरण में शानदार प्रदर्शन कर सकती हैं। शांत स्वभाव वाली लॉरा वोलवार्ट की कप्तानी वाले दक्षिण अफ्रीका के पास मारिजेन कैप, अयाबोंगा खाका और एनेरी डर्कसेन के रूप में एक काबिल गेंदबाजी इकाई है। टीम को भारत और ऑस्ट्रेलिया के ग्रुप में जगह मिली है इसलिए सेमीफाइनल में जगह बनाने के लिए उन्हें हर समय सतर्क रहना होगा। छुपा रुस्तम: श्रीलंका विश्व कप से पहले श्रीलंका की टीम शानदार फॉर्म में है। टीम ने बांग्लादेश और वेस्टइंडीज के खिलाफ उनके घर पर पांच मैच जीते हैं। श्रीलंका की सबसे बड़ी स्टार कप्तान चामरी अटापट्ट्रू हैं जिन्हें टूर्नामेंट में बल्ले से अहम भूमिका निभानी होगी। टीम हालांकि पिछले कुछ वर्षों में अपनी इस स्टार खिलाड़ी पर निर्भरता कम करने में कामयाब रही है। श्रीलंका ने हसिनी परेरा, विश्मी गुणरत्ने, हर्षिता समरविक्रमा, नीलाक्षिका सिल्वा और कविशा दिलहारी जैसी प्रतिभावान खिलाड़ियों को तैयार किया है। हालांकि टीम के पास भरोसेमंद तेज गेंदबाजी आक्रमण नहीं है इसलिए स्पिनरों से उम्मीद की जाएगी कि वे विरोधी टीम पर लगाम कसें। इंग्लैंड में धीमे गेंदबाज कितना असर डाल पाएंगे यह बहस का विषय है। टूर्नामेंट में यह टीम की कमजोरी साबित हो सकती है।

76 किलो वर्ग में स्वर्ण पदक: काजल बनीं भारत की उभरती कुश्ती स्टार, ओलंपिक पर नजर

सोनीपत हरियाणा के सोनीपत जिले के गांव लाठ की रहने वाली उभरती हुई स्टार महिला पहलवान काजल ने इंटरनेशनल मंच पर एक बार फिर से सफलता का नया कीर्तिमान स्थापित किया है। काजल ने मंगोलिया की राजधानी उलानबटार में आयोजित इंटरनेशनल रैंकिंग रेसलिंग टूर्नामेंट में शानदार प्रदर्शन करते हुए 76 किलोग्राम भार वर्ग में स्वर्ण पदक अपने नाम किया है। उनकी इस ऐतिहासिक उपलब्धि से जिले, प्रदेश और पूरे देश का गौरव बढ़ा है। पहलवान काजल फिलहाल सोनीपत के सेक्टर-23 में अपने चाचा पहलवान कृष्ण के पास रहकर कुश्ती की बारिकियां सीख रही हैं। वह अपनी लगातार कठिन मेहनत, अनुशासित प्रशिक्षण और खेल के प्रति गजब के समर्पण के बल पर भारतीय महिला कुश्ती की सबसे उभरती हुई स्टार्स में शुमार हो चुकी हैं। मेहनत, अनुशासन और समर्पण का मिला फल भारतीय महिला रेसलिंग टीम के पूर्व मुख्य कोच और बड़वासनी स्थित कुलदीप मलिक कुश्ती अकादमी के संचालक कुलदीप मलिक ने काजल की इस स्वर्णिम सफलता पर गहरी प्रसन्नता व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि इंटरनेशनल स्तर पर मिला यह गोल्ड मेडल काजल की अथक मेहनत, कड़े अनुशासन और खेल के प्रति उसके अद्वितीय समर्पण का ही प्रतिफल है। वहीं, उनके कोच अजय मलिक ने काजल के खेल की तारीफ करते हुए बताया कि वह शुरू से ही बेहद मेहनती और अपने लक्ष्य के प्रति पूरी तरह समर्पित खिलाड़ी रही हैं। वह प्रतिदिन मैट पर कठिन प्रशिक्षण लेती हैं और अपनी तकनीक को लगातार बेहतर बनाने का प्रयास करती हैं। कोच अजय ने उम्मीद जताई कि आने वाले वर्षों में काजल विश्व चैंपियनशिप और ओलंपिक जैसे दुनिया के सबसे बड़े खेल मंचों पर भी देश के लिए पदक जीतकर इतिहास रचेगी। वर्ल्ड रेसलिंग में पहले भी जीत चुकी हैं सोना यह पहला मौका नहीं है जब काजल ने इंटरनेशनल मैट पर तिरंगा लहराया हो, उनका पुराना ट्रैक रिकॉर्ड भी बेहद शानदार रहा है। बुल्गारिया के समोकोव में आयोजित इस चैंपियनशिप में काजल ने कमाल का खेल दिखाते हुए 72 किलोग्राम भार वर्ग के फाइनल मुकाबले में गोल्ड मेडल जीतकर विश्व चैंपियन बनने का गौरव हासिल किया था। साल 2024 में आयोजित अंडर-17 विश्व चैंपियनशिप में भी काजल ने अपने भार वर्ग में गोल्ड मेडल जीतकर भारतीय रेसलिंग में अपनी बादशाहत साबित की थी। मंगोलिया में मिली इस ताजा सफलता के बाद काजल ने अपने अगले बड़े मिशन का भी खुलासा कर दिया है। काजल का अगला और मुख्य लक्ष्य वर्ष 2028 में होने वाले ओलंपिक खेलों में भारत के लिए स्वर्ण पदक जीतना है, जिसके लिए वे अभी से जी-तोड़ मेहनत में जुट गई हैं। भारत ने लंबे समय से ओलंपिक में रेसलिंग में कोई भी मेडल नहीं जीता है। भारत को इसकी लंबे समय से तलाश है।

अमेरिका, कनाडा और मैक्सिको में होगा फीफा वर्ल्ड कप 2026 का आयोजन

नई दिल्ली  फीफा वर्ल्ड कप 2026 बेहद खास होने वाला है। इस बार का विश्व कप ऐतिहासिक होने वाला है क्योंकि इसमें पहली बार 48 टीमें खेलती हुई दिखाई देंगी। ये वर्ल्ड कप फैंस के लिए भी खास होगा। विश्व कप की शुरुआत 12 जून से होने वाली है और इसका फाइनल मुकाबला 19 जुलाई को खेला जाएगा। ये वर्ल्ड कप तीन देशों में आयोजित किया जाएगा, जिसमें संयुक्त राज्य अमेरिका, कनाडा और मैक्सिको शामिल हैं। ऐसा पहली बार होगा, जब फीफी विश्व कप तीन देशों की मेजबानी में खेला जाएगा। आइए बताते हैं ऐसे पांच फैक्ट्स जो आपके लिए जानना जरूरी है। 1. पहली बार 48 टीमों होंगी शामिल यह विश्व कप 48 देशों की टीमों के साथ खेला जाएगा। इससे पहले कतर 2022 में सिर्फ 32 टीमें थीं। अब 12 ग्रुप बनाए गए हैं, हर ग्रुप में 4 टीमें होंगी। कुल मैच 64 से बढ़कर 104 हो गए हैं। ये टूर्नामेंट भी लंबा चलेगा और 39 दिनों तक खेला जाएगा। इस बदलाव से अफ्रीका, एशिया और कनाडा-मैक्सिको-अमेरिका क्षेत्र की ज्यादा टीमों को मौका मिला है। फीफा का लक्ष्य है कि विश्व कप और भी वैश्विक बने और इसी को ध्यान में रखते हुए फीफा ने 48 टीमों को शामिल कर लिया है। 2. तीन देश पहली बार संयुक्त मेजबान फीफा विश्व कप 2026 को तीन देश अमेरिका, कनाडा और मैक्सिको मिलकर होस्ट करेंगे। पुरुष विश्व कप में यह पहली बार हो रहा है, जब तीन देश मेजबानी साझा कर रहे हैं। कुल 16 शहर मैचों की मेजबानी करेंगे, जिनमें वैंकूवर से लेकर मैक्सिको सिटी और मियामी तक शामिल हैं। अमेरिका सबसे ज्यादा मैच कराएगा, खासकर क्वार्टर फाइनल से आगे के सभी नॉकआउट मैच उसी के स्टेडियमों में होंगे। 3. एज्टेका स्टेडियम बनेगा ऐतिहासिक मैक्सिको सिटी का प्रसिद्ध एज्टेका स्टेडियम तीन अलग-अलग विश्व कप में मैच होस्ट करने वाला पहला स्टेडियम बनेगा। यहां 1970 और 1986 में भी मैच हुए थे। 2026 में टूर्नामेंट का उद्घाटन मैच भी यहीं खेला जाएगा। इस स्टेडियम में पेले की ब्राजील (1970) और माराडोना की अर्जेंटीना (1986) ने विश्व कप फाइनल जीते थे। पेले की याद में स्टेडियम के बाहर हाल ही में उनकी बड़ी प्रतिमा भी लगाई गई है। 4. गर्मी होगी खिलाड़ियों और दर्शकों के लिए चुनौती जून-जुलाई में उत्तर अमेरिका के कई शहरों में गर्मी और नमी बहुत ज्यादा होती है। विशेषज्ञों की रिपोर्ट के अनुसार, लगभग एक चौथाई मैच ऐसे मौसम में खेले जा सकते हैं जो खिलाड़ियों और फैंस दोनों के लिए खतरनाक साबित हो सकता है। मियामी, कैनसस सिटी और फिलाडेल्फिया जैसे शहरों में यह समस्या ज्यादा हो सकती है। फीफा कूलिंग ब्रेक और अन्य सुरक्षा उपायों पर विचार कर रहा है, लेकिन स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि ये ब्रेक काफी छोटे हैं। 5. मनोरंजन पर खास फोकस, सुपर बाउल स्टाइल शो इस बार विश्व कप को और ज्यादा रोचक और मनोरंजक बनाने की कोशिश की जा रही है। फाइनल मैच न्यू जर्सी के मेटलाइफ स्टेडियम में होगा। फीफा फाइनल के हाफ टाइम में एक बड़ा म्यूजिकल परफॉर्मेंस आयोजित करने की योजना बना रहा है, जैसा अमेरिका के सुपर बाउल में होता है।  

टॉस जीतकर इंडिया A की बल्लेबाजी, वैभव सूर्यवंशी सस्ते में आउट

दांबुला रीलंका A और इंडिया A के बीच त्रिकोणीय वनडे सीरीज 2026 का पहला मुकाबला आज (9 जून) दांबुला के रणगिरि दांबुला इंटरनेशनल स्टेडियम में खेला जा रहा है. दोनों टीमों के लिए यह सीरीज का पहला मैच है. भारत ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी का फैसला किया है. अभी त‍िलक वर्मा और ऋतुराज गायकवाड़ क्रीज पर मौजूद हैं. इस मुकाबले के लाइव स्कोर और मैच से जुड़े अपडेट को हम लगातार एड ऑन कर रहे हैं. भारत ए की पारी की हाइलाट्स इस मुकाबले में भारत ए की शुरुआत खराब रही, आईपीएल में अपने बल्ले से गदर काटने वाले वैभव सूर्यवंशी सबसे पहले आउट हुए. उन्होंने 12 गेंदों पर 14 रन बनाए. इसके बाद प्रभस‍िमरन सिंह (2) पर आउट हुए. इस तरह टीम का स्कोर 16/2 हो गया. इसके बाद प्रि‍यांश आर्य (32) और ऋतुराज गायकवाड़ के बीच 53 रनों की पार्टनरश‍िप हुई. लेकिन आर्य रन आउट हो गए. यह मुकाबला ट्राई नेशन A सीरीज इन श्रीलंका 2026 के तहत खेला जा रहा है. टूर्नामेंट में हिस्सा लेने वाली टीमों के युवा और उभरते खिलाड़ियों पर चयनकर्ताओं की नजरें हैं. ऐसे खिलाड़ियों के लिए यह मंच भविष्य में सीनियर राष्ट्रीय टीम में जगह बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जाता है. भारत A और श्रीलंका A के बीच होने वाला यह मैच सीरीज के शुरुआती समीकरण तय कर सकता है. दोनों टीमों के पास प्रतिभाशाली खिलाड़ियों का अच्छा मिश्रण है और दांबुला की परिस्थितियों में बेहतर प्रदर्शन करने वाली टीम को शुरुआती बढ़त मिल सकती है. इंडिया ए प्लेइंग इलेवन: वैभव सूर्यवंशी, प्रभसिमरन सिंह (विकेट कीपर), प्रियांश आर्य, ऋतुराज गायकवाड़, तिलक वर्मा (कप्तान), आयुष बदोनी, अनुकूल रॉय, सूर्यांश शेडगे, अंशुल कंबोज, अरशद खान, विप्रज निगम श्रीलंका ए प्लेइंग इलेवन: निरोशन डिकवेला (विकेट कीपर), अविष्का फर्नांडो, नुवान‍िदु फर्नांडो, सदीरा समरविक्रमा, सहान अराचिगे (कप्तान), चमिका करुणारत्ने, रविन्दु फर्नांडो, वानुजा सहान, विजयकांत व्यासकांथ, मोहम्मद शिराज, गरुका संकेथ कहां हो रहा लाइव प्रसारण श्रीलंका में 9 से 21 जून तक होने वाली भारत A, श्रीलंका A और अफगानिस्तान A की त्रिकोणीय सीरीज का लाइव प्रसारण सोनी स्पोर्ट्स और सोनी ल‍िव पर होगा. इंडिया A स्कॉड: वैभव सूर्यवंशी, प्रभसिमरन सिंह (विकेटकीपर), प्रियांश आर्य, रुतुराज गायकवाड़, तिलक वर्मा (कप्तान), आयुष बदोनी, अनुकूल रॉय, सूर्यांश शेडगे, अंशुल कंबोज, अरशद खान, विप्रज निगम श्रीलंका  A स्कॉड: निरोशन डिकवेला (विकेटकीपर), अविष्का फर्नांडो, नुवानिदु फर्नांडो, सदीरा समरविक्रमा, साहन अराचिगे (कप्तान), चमिका करुणारत्ने, रविंदु फर्नांडो, वनुजा साहन, विजयकांत व्यासकांत, मोहम्मद शिराज, गरुका संकेथ ट्राई सीरीज का फुल शेड्यूल 9 जून 2026- इंड‍िया A vs श्रीलंका A 11 जून 2026- इंड‍िया A vs अफगानिस्तान A 13 जून 2026- अफगानिस्तान A vs श्रीलंका A 15 जून 2026- इंड‍िया A vs श्रीलंका A 17 जून 2026- इंड‍िया A vs अफगानिस्तान A 19 जून 2026- अफगानिस्तान A vs श्रीलंका A 21 जून 2026- फाइनल मुकाबला

केमी ब्लेक ने स्वर्ण, बेटी किमानी ने कांस्य जीतकर बढ़ाया अमेरिका का मान

 नई दिल्ली अमेरिका की केमी ब्लेक और उनकी बेटी किमानी ब्लेक ने विश्व योगासन चैंपियनशिप में शानदार प्रदर्शन कर इतिहास रच दिया। अहमदाबाद के ईकेए एरिना में आयोजित प्रतियोगिता में 35 वर्षीय केमी ने बैक बेंड व्यक्तिगत वर्ग में स्वर्ण पदक जीता, जबकि 16 वर्षीय किमानी ने जूनियर आर्टिस्टिक व्यक्तिगत वर्ग में कांस्य पदक अपने नाम किया। विश्व चैंपियनशिप से पहले दोनों ने अहमदाबाद स्थित साई सेंटर में प्रशिक्षण लिया था। पेशेवर करियर को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने के उद्देश्य से उन्होंने योग को अपनाया, जिसने न केवल उनकी शारीरिक क्षमता बढ़ाई बल्कि मानसिक मजबूती भी प्रदान की। लक्ष्य को पूरा करने के लिए छोड़ना पड़ा शहर केमी का सपना बचपन से एक सफल कॉन्टॉर्शनिस्ट बनने का था। इसी लक्ष्य को पूरा करने के लिए वह न्यूयार्क से लास वेगास गईं और प्रसिद्ध सर्क डू सोले अकादमी में प्रशिक्षण हासिल किया। दूसरी ओर, उनकी बेटी किमानी जिम्नास्टिक सीख चुकी हैं और भविष्य में पेशेवर डांसर बनना चाहती हैं। भारत के प्रशिक्षकों ने बढ़ाया आत्मविश्वास केमी ने बताया कि वह कई वर्षों से योग कर रही हैं, लेकिन कभी नहीं सोचा था कि विश्व योगासन चैंपियनशिप में हिस्सा लेंगी। उन्हें लगता था कि भारतीय खिलाड़ियों के सामने प्रतिस्पर्धा करना उनके लिए मुश्किल होगा। हालांकि रोमानिया की एक खिलाड़ी और भारत के कुछ प्रशिक्षकों के प्रोत्साहन ने उनका आत्मविश्वास बढ़ाया। उन्होंने कहा कि स्वर्ण पदक जीतना उनके लिए बेहद खास अनुभव है। उनके अनुसार योग ने जीवन को पूरी तरह बदल दिया। शुरुआत में उन्होंने केवल शरीर में लचीलापन बढ़ाने के लिए योग करना शुरू किया था, लेकिन धीरे-धीरे यह उनकी जीवनशैली का हिस्सा बन गया। योग ने उन्हें अनुशासन, संतुलन और सकारात्मक सोच दी, जिससे उनके जीवन का नजरिया बदल गया। मां की राह पर बेटी भी मां को विश्व चैंपियनशिप में भाग लेते देख किमानी ने भी इस सफर का हिस्सा बनने का फैसला किया। उन्होंने बताया कि योग की शुरुआती शिक्षा उन्हें अपनी मां से मिली थी। हालांकि प्रतियोगिता के लिए उन्होंने केवल तीन सप्ताह पहले गंभीर प्रशिक्षण शुरू किया था। इसके बावजूद कांस्य पदक जीतना उनके लिए किसी सपने के सच होने जैसा है। अब यह मां-बेटी की जोड़ी योगासन में और बड़ी सफलताएं हासिल करने तथा अंतरराष्ट्रीय मंच पर अपने देश का नाम रोशन करने का सपना देख रही है।