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रणजी ट्रॉफी में संकट: मध्य प्रदेश की आधी टीम ढेर, दिल्ली की खराब शुरुआत

नई दिल्ली विजय हजारे ट्रॉफी 2025-26 के आखिरी दो क्वार्टर फाइनल मुकाबले आज यानी मंगलवार 13 जनवरी को खेले जा रहे हैं। तीसरे क्वार्टर फाइनल में पंजाब की टीम ने एमपी को 346 रनों का टारगेट दिया है, जबकि चौथे क्वार्टर फाइनल में दिल्ली के सामने विदर्भ की टीम ने 301 रनों का लक्ष्य रखा है। दोनों मुकाबले बेंगलुरु स्थित बीसीसीआई के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस यानी सीओई के मैदानों पर खेले दा रहे हैं। दो टीमें पहले ही टूर्नामेंट के सेमीफाइनल्स के लिए क्वालीफाई कर चुकी है। मुंबई को हराकर कर्नाटक और यूपी को हराकर सौराष्ट्र ने सेमीफाइनल का टिकट कटाया हुआ है। मध्य प्रदेश और दिल्ली की हालत खस्ता मध्य प्रदेश और दिल्ली की हालत खस्ता है। पंजाब के खिलाफ मध्य प्रदेश की आधी टीम 66 रन पर ढेर हो गई है। वेंकटेस अय्यर का खाता नहीं खुला। अक्षत रघुवंशी ने चार रन बनाए। वहीं, दिल्ली ने विदर्भ के सामने 301 का टारगेट चेज करते हुए 80 पर चार विकेट गंवा दिए हैं। ओनपर वैभव कंडपाल और प्रियांश आर्य ने 28-28 जबकि तेजस्वी दहिया ने 15 रन बनाए। नितीश राणा का खाता नहीं खुला। मध्य प्रदेश के ओपनर्स लौटे 346 के लक्ष्य का पीछा करते हुए मध्य प्रदेश की शुरुआत खराब रही। 14 ओवर में मध्य प्रदेश का स्कोर तीन विकेट पर 57 रन है। गुरनूर बरार ने पांचवें ओवर में ओपनर यश दुबे (3) और नौवें ओवर में हिमांशु मंत्री (18) का शिकार किया। सनवीर सिंह ने 14 ओवर में शुभम शर्मा (24) को पवेलियन भेजा। पंजाब की अच्छी शुरुआत 6 ओवर में 1 विकेट के नुकसान पर मध्य प्रदेश का स्कोर 21 रन है। पंजाब को शुरुआत में ही गुरनूर बराड ने सफलता दिलाई,. जिन्होंने यश दुबे को 3 रन पर चलता किया।   दिल्ली की दमदार शुरुआत दिल्ली की टीम को अच्छी शुरुआत मिली है। 4 ओवर में बिना कोई विकेट खोए दिल्ली की टीम ने 31 रन बना लिए हैं। लक्ष्य 301 रनों का दिल्ली के सामने विदर्भ ने रखा है। ओपनर प्रियांश आर्या और वैभव कंडपाल हैं।

ऑल इंडिया ओपन कबड्डी चैंपियनशिप: राजस्थान को मात देकर मध्य प्रदेश ने जीता खिताब

छिन्दवाड़ा   दशहरा मैदान में आयोजित अखिल भारतीय कबड्डी प्रतियोगिता के मैच में राजस्थान को हराते हुए मध्य प्रदेश की टीम ने कबड्डी चैंपियनशिप जीत ली है. स्वामी विवेकानंद की जयंती के मौके पर पिछले 36 सालों से अखिल भारतीय ओपन कबड्डी प्रतियोगिता का आयोजन छिंदवाड़ा में जन जागरण मंच के द्वारा किया जाता है. वहीं इस बार इस चार दिवसीय चैंपियनशिप को मध्य प्रदेश की गोटेगांव टीम ने जीत लिया है. 4 दिनों तक दो पार्ट में हुए कबड्डी के मुकाबले जन जागरण मंच के मुख्य संयोजक रमेश पोपली ने बताया, '' अखिल भारतीय कबड्डी प्रतियोगिता का आयोजन दो पार्ट में किया जाता है, जिसमें दो दिनों तक जिला स्तरीय और दो दिनों तक राष्ट्रीय स्तर की कबड्डी टीम हिस्सा लेती हैं. हर साल 9 जनवरी से 12 जनवरी तक स्वामी विवेकानंद की जयंती के मौके पर जन जागरण मंच द्वारा ये आयोजन कराया जाता है. जिला स्तरीय कबड्डी प्रतियोगिता में 26 टीम और राष्ट्र स्तरीय कबड्डी प्रतियोगिता में 16 टीमों ने भाग लिया. 9 राज्यों की 16 टीम हुईं शामिल, मप्र की टीम ने मारी बाजी पूर्व विधायक पंडित रमेश दुबे ने बताया, '' हिमाचल प्रदेश , उत्तर प्रदेश, बिहार, हरियाणा, गुजरात, महाराष्ट्र, दिल्ली , छत्तीसगढ़ व मध्य प्रदेश की 16 टीमों ने अखिल भारतीय कबड्डी प्रतियोगिता में हिस्सा लिया. सोमवार को दिनभर चल कबड्डी के मुकाबले में क्वार्टर फाइनल, सेमीफाइनल और फिर फाइनल मुकाबला देर रात तक खेला गया, जिसमें राजस्थान की एन.डी. स्पोर्ट्स टीम को हराते हुए मध्य प्रदेश के गोटेगांव की SKMG टीम ने बाजी मारी. विजेता टीम को 1 लाख और उपविजेता टीम को 50 हजार रु का नगद पुरस्कार दिया गया.'' स्थानीय खेल को बढ़ावा देने के लिए होता है आयोजन आयोजन समिति के सदस्य सीएसआर नायडू ने बताया, '' जन जागरण मंच 36 सालों से दशहरा मैदान में कबड्डी प्रतियोगिता का आयोजन करता है. स्थानीय खेलों को बढ़ावा मिल सके इसलिए यह प्रयास आगे भी जारी रहेगा.'' उन्होंने बताया कि कबड्डी एक ऐसा खेल है जिसे खेलने मात्र से ही शरीर के सारे व्यायाम एक साथ हो जाते हैं. यह खेल स्थानीय स्तर पर बहुत कम खर्चे में भी खेला जा सकता है.

आर अश्विन का खुलासा: विराट कोहली के एटीट्यूड को लेकर क्यों कही ये चौंकाने वाली बात

नई दिल्ली दिग्गज बल्लेबाज विराट कोहली पिछले कुछ समय से गजब की फॉर्म में हैं। 37 वर्षीय क्रिकेटर ने अपने वनडे भविष्य को लेकर चल रही बहस को लगभग खत्म कर दिया है। वह पिछले साल अक्टूबर में वापसी के बाद से भारतीय टीम के लिए लगातार पांच 50 प्लस स्कोर बना चुके हैं। उन्होंने हाल ही में वडोदरा में भारत बनाम न्यूडीलैंड पहले वनडे में 93 रनों की पारी शानदार पारी खेली। भारत को इस मैच में चार विकेट से रोमांचक जीत मिली थी। भारत के पूर्व स्पिनर अश्विन ने कोहली की शान में कसीदा पढ़ा है। उन्होंने कोहली के माइंडसेट को लेकर कहा कि वह अपने पुराने दिनों की तरह खेल का मजा ले रहे हैं। अश्विन को लगता है कि कोहली का फिलहाल बैटिंग के मामले में बचपन जैसा एटीट्यूड नजर आ रहा।   'कोहली के दिमाग में कुछ नहीं चल रहा' अश्विन ने अपने यूट्यूब चैनल पर कहा, "ऐसा लगता है कि उनके दिमाग में कुछ नहीं चल रहा है। आपने मुझसे पूछा कि उन्होंने क्या बदलाव किया है? उन्होंने कुछ नहीं बदला है। वह किसी चीज के बारे में नहीं सोच रहे हैं। उन्होंने फैसला किया है कि वह बस अपने क्रिकेट का मजा लेना चाहते हैं। ऐसा लगता है कि वह बचपन में बैटिंग करने के एटीट्यूड की तरह खेल रहे हैं और साथ ही इतने साल का अनुभव भी है।" कोहली वडोदरा में इंटरनेशनल क्रिकेट में दूसरे सबसे ज्यादा रन बनाने वाले क्रिकेटर बने। उन्होंने श्रीलंका के कुमार संगकारा (28016) को पछाड़ा। कोहली से आगे सचिन तेंदुलकर (34357) हैं। 'भारत के लिए मिस्टर कंसिस्टेंट रहे हैं' पूर्व स्पिनर ने कोहली के अलावा उपकप्तान श्रेयस अय्यर की तारीफ की, जिन्होंने पहले वनडे में कमबैक करते हुए 47 गेंदों में 49 रन बनाए। उन्होंने चार चौके और एक छक्का लगाया। मध्य क्रम के बल्लेबाज अय्यर स्प्लीन इंजरी के कारण अक्टूबर से इंटरनेशनल क्रिकेट से दूर थे। अश्विन ने कहा, “हम जानते हैं कि श्रेयस वनडे क्रिकेट में भारत के लिए मिस्टर कंसिस्टेंट रहे हैं। उनका आउट होना श्रेयस जैसा बिल्कुल नहीं था। वह कभी भी इस तरह से गेम नहीं छोड़ते। वह आमतौर पर मैच फिनिश करके लौटते हैं। हालांकि, यह बात समझ में आती है कि वह वापसी कर रहे हैं और काइल जैमीसन ने एक अच्छी बॉल डाली थी।”  

बांग्लादेश का बड़ा दावा: ‘हम पाकिस्तान में खेलना चाहते थे’, ICC पर उठाए सवाल, सुरक्षा नाकामी का खंडन

  नई दिल्ली इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल (ICC) ने सोमवार को संकेत दिए कि वह बांग्लादेश की उस मांग को स्वीकार करने के मूड में नहीं है, जिसमें टी20 वर्ल्ड कप 2026 के लिए भारत में होने वाले उसके मैचों का वेन्यू बदलने की बात कही गई थी. आईसीसी द्वारा कराई गई सुरक्षा समीक्षा रिपोर्ट में बांग्लादेश टीम के लिए खतरे के स्तर को 'कम' बताया गया है. आईसीसी से जुड़े सूत्रों के मुताबिक, वर्ल्ड बॉडी की रिस्क असेसमेंट रिपोर्ट में ऐसा कोई ठोस या सीधा खतरा सामने नहीं आया है, जिसके आधार पर यह कहा जाए कि बांग्लादेश टीम टूर्नामेंट में हिस्सा नहीं ले सकती. यह टूर्नामेंट 7 फरवरी से शुरू होना है और बांग्लादेश को लीग स्टेज में भारत में चार मुकाबले खेलने हैं. आईसीसी से मिल सकता है बांग्लादेश को झटका आईसीसी सूत्र ने पीटीआई से नाम न छापने की शर्त पर कहा, 'यह स्पष्ट करना जरूरी है कि अंतरराष्ट्रीय स्तर के सुरक्षा विशेषज्ञों द्वारा की गई आईसीसी की स्वतंत्र जांच में यह निकला है कि बांग्लादेश भारत में अपने तय मैच बिना किसी खतरे के खेल सकता है.' सूत्र ने आगे कहा कि पूरे टूर्नामेंट के दौरान भारत में सुरक्षा जोखिम को कम से मध्यम (Low to Moderate) आंका गया है, जो दुनिया के कई बड़े खेल आयोजनों के समान ही है. बांग्लादेश की रिपोर्ट को भी किया खारिज आईसीसी की रिपोर्ट ने बांग्लादेश के खेल मंत्रालय के सलाहकार आसिफ नज़रुल के उस दावे को भी खारिज किया है, जिसमें उन्होंने कहा था कि मुस्तफिज़ुर रहमान की टीम में मौजूदगी से सुरक्षा खतरा बढ़ सकता है. रिपोर्ट के अनुसार, भारत के किसी भी वेन्यू पर बांग्लादेश टीम या अधिकारियों को लेकर कोई प्रत्यक्ष खतरा नहीं पाया गया है. आईसीसी सूत्र के मुताबिक, 'पेशेवर सलाह के आधार पर कोलकाता और मुंबई में होने वाले बांग्लादेश के मुकाबलों को लेकर जोखिम कम से मध्यम स्तर का है और ऐसा कोई संकेत नहीं है जिसे मौजूदा सुरक्षा इंतजामों के जरिए संभाला न जा सके.' आईसीसी सूत्रों का कहना है कि मौजूदा शेड्यूल में बदलाव की संभावना बेहद कम है. सूत्र ने कहा, 'आईसीसी को बीसीसीआई और स्थानीय प्रशासन के साथ मिलकर तैयार की जा रही सुरक्षा व्यवस्था पर पूरा भरोसा है. भारत का रिकॉर्ड बड़े अंतरराष्ट्रीय खेल आयोजनों को सुरक्षित तरीके से कराने का रहा है.' हम पाकिस्तान में खेलना चाहते हैं टी20 वर्ल्ड कप बांग्लादेश के खेल सलाहकार आसिफ नजरुल ने एक बार फिर दोहराया है कि बांग्लादेश की राष्ट्रीय क्रिकेट टीम टी20 वर्ल्ड कप 2026 खेलने के लिए भारत नहीं जाएगी. सोमवार, 12 जनवरी को एक कार्यक्रम के दौरान नजरुल ने दावा किया कि भारत में बांग्लादेश के खिलाफ माहौल बेहद नकारात्मक है, ऐसे में टीम को वहां भेजना संभव नहीं है. आईसीसी पर भी बोला हमला आसिफ नजरुल ने इस दौरान इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल (ICC) पर भी तीखा हमला बोला. उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि अगर आईसीसी वाकई एक 'वैश्विक संगठन' है, तो उसे बांग्लादेश को भारत के बाहर अपने मैच खेलने की अनुमति देनी चाहिए. खेल सलाहकार ने कहा कि बांग्लादेश श्रीलंका, पाकिस्तान या संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) में अपने मैच खेलने के लिए पूरी तरह तैयार है, लेकिन इस मुद्दे पर कोई समझौता नहीं किया जाएगा. क्या बोले बांग्लादेश के खेल सलाहकार आसिफ नज़रुल ने कहा, 'भारत में मौजूदा बेहद सांप्रदायिक हालात और बांग्लादेश विरोधी माहौल को देखते हुए, खासकर पिछले 16 महीनों से भारत में चल रहे बांग्लादेश विरोधी अभियान के कारण, हमारे लिए भारत में क्रिकेट खेलना असंभव है.' उन्होंने आगे कहा, 'मुस्तफिज़ुर की घटना वह इस बात का पुख्ता सबूत है. हमारा मानना है कि क्रिकेट पर किसी एक देश का एकाधिकार नहीं होना चाहिए. किसी टूर्नामेंट या खेल का भविष्य सिर्फ बाजार प्रबंधन के आधार पर तय नहीं किया जा सकता. अगर आईसीसी वास्तव में एक वैश्विक संस्था है और वह केवल भारत के निर्देशों पर नहीं चलती, तो उसे हमें श्रीलंका में टी20 वर्ल्ड कप खेलने का मौका देना चाहिए. हम इस मुद्दे पर किसी भी तरह का समझौता स्वीकार नहीं करेंगे.' गौरतलब है कि भारतीय क्रिकेट बोर्ड (BCCI) द्वारा मुस्तफिज़ुर रहमान का इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) कॉन्ट्रैक्ट खत्म किए जाने के बाद बांग्लादेश ने अपने टी20 वर्ल्ड कप मैचों के वेन्यू बदलने की मांग की थी. इसे भारत की कार्रवाई के जवाब में उठाया गया कदम माना गया. इसके बाद बांग्लादेश ने आईपीएल के प्रसारण पर अनिश्चितकालीन प्रतिबंध लगा दिया और आईसीसी को पत्र लिखकर अपने वर्ल्ड कप मैच भारत से बाहर कराने का अनुरोध किया. पाकिस्तान या UAE में खेलने को तैयार बांग्लादेश नज़रुल ने यह भी दावा किया कि आईसीसी कोलकाता और मुंबई से मैच हटाने के लिए तैयार है, लेकिन नए वेन्यू भारत के ही अन्य शहर बताए जा रहे हैं, जो बांग्लादेश को स्वीकार नहीं हैं. उन्होंने कहा, 'वे दो वेन्यू का प्रस्ताव दे रहे हैं, लेकिन दोनों भारत में हैं. भारत का मतलब भारत ही है. हम भारत की बात कर रहे हैं. हमने कोलकाता का ज़िक्र किया था, उसे श्रीलंका में शिफ्ट करना कोई समस्या नहीं है. अगर पाकिस्तान हमारे मैचों की मेज़बानी करना चाहता है तो कोई दिक्कत नहीं, यूएई में करवा दीजिए, कोई दिक्कत नहीं.' हालांकि, यह भी ध्यान देने वाली बात है कि खुद बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड (BCB) पहले ही स्पष्ट कर चुका है कि आईसीसी ने अब तक उनके वेन्यू बदलने के अनुरोध पर कोई आधिकारिक जवाब नहीं दिया है.  

WPL 2026: आरसीबी ने यूपी को 9 विकेट से हराया, ग्रेस हैरिस की 85 रन की तूफानी पारी, मंधाना ने 47 रन बनाए

 नई दिल्ली विमेंस प्रीमियर लीग (WPL) का 5वां मैच सोमवार को रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) और यूपी वॉरियर्स के बीच खेला गया. इस मैच में आरसीबी ने 9 विकेट से जीत हासिल की. आरसीबी की टीम ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी का चुनाव किया था. यूपी की टीम ने आरसीबी के सामने 144 रनों का लक्ष्य रखा था. जिसके जवाब में उतरी आरसीबी ने13वें ओवर में ही ये मुकाबला जीत लिया. ये आरसीबी की लगातार दूसरी जीत है. वहीं यूपी को लगातार दूसरे मैच में हार का सामना करना पड़ा है. ऐसी रही आरसीबी की बैटिंग 144 रनों के जवाब में उतरी आरसीबी की शुरुआत बेहद आक्रामक रही. स्मृति मंधाना और ग्रेस हैरिस ने पारी का आगाज किया. दोनों ने तेजी से रन बनाए. 12वें ओवर में आरसीबी को पहला झटका लगा 137 के स्कोर पर जब हैरिस 85 रन बनाकर आउट हुईं. लेकिन अगले ही ओवर में मंधाना ने टीम को जीत दिला दी. मंधाना ने 32 गेंद में नाबाद 47 रन बनाए. अपनी पारी में मंधाना ने 9 चौके लगाए. वहीं, हैरिस ने 10 चौके और 5 छक्के जड़े. ऐसे रही यूपी की बल्लेबाजी पहले बल्लेबाजी करने उतरी यूपी वॉरियर्स की शुरुआत तो संभली रही. लेकिन 5वें ओवर में उसे पहला झटका लगा जब हरलीन देओल अपना विकेट गंवा बैठीं. हरलीन के बल्ले से 11 रन आए. लेकिन इसके बाद कोई बल्लेबाज ज्यादा देर तक विकेट पर नहीं टिका. 8वें ओवर में यूपी को बैक-टू-बैक दो झटके लगे. इसके बाद 9वें ओवर में भी यूपी को दो झटके लगे. हालांकि, इसके बाद स्टार ऑसराउंडर दीप्ति शर्मा ने पारी को संभालने की कोशिश की और उन्होंने डींड्रा डॉटिन के साथ अर्धशतकीय साझेदारी की. दीप्ति ने 35 गेंद में नाबाद 45 रनों की पारी खेली. इसमें 5 चौके और एक छक्का शामिल था. वहीं, डॉटिन ने 37 गेंद में नाबाद 40 रन बनाए. दोनों के बीच 70 गेंद में 93 रनों की साझेदारी हुई. इसके दम पर यूपी ने आरसीबी के सामने 144 रनों का लक्ष्य रखा. यूपी वारियर्स महिला (प्लेइंग इलेवन): किरण नवगिरे, मेग लैनिंग, फोएबे लिचफील्ड, हरलीन देओल, दीप्ति शर्मा, श्वेता सहरावत, डींड्रा डॉटिन, सोफी एक्लेस्टोन, आशा शोभना, शिखा पांडे, क्रांति गौड़. रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु महिला (प्लेइंग इलेवन): ग्रेस हैरिस, स्मृति मंधाना, दयालन हेमलता, गौतमी नाइक, ऋचा घोष, राधा यादव, नादीन डी क्लर्क, अरुंधति रेड्डी, श्रेयंका पाटिल, लिन्से स्मिथ, लॉरेन बेल.

क्या यह निक किर्गियोस का अंतिम ऑस्ट्रेलियन ओपन है? मैकनेमी ने जताई आशंका

नई दिल्ली ऑस्ट्रेलियन ओपन के पूर्व निदेशक पॉल मैकनेमी ने कहा है कि ऑस्ट्रेलियाई टेनिस स्टार निक किर्गियोस के पास अब ग्रैंड स्लैम में प्रभाव छोड़ने का समय धीरे-धीरे कम होता जा रहा है। मैकनेमी ने कहा कि ऑस्ट्रेलियन ओपन अब इतना बड़ा टूर्नामेंट बन चुका है कि किर्गियोस की गैरमौजूदगी से इसके असर की संभावना कम है। उन्होंने यह भी कहा कि किर्गियोस के लिए अब ग्रैंड स्लैम में प्रतिस्पर्धा करना मुश्किल होता जा रहा है, क्योंकि उनकी फिटनेस और चोटें उन्हें सीमित कर रही हैं। पिछले कुछ सालों में कलाई और घुटने की सर्जरी के कारण किर्गियोस ने सिर्फ छह प्रोफेशनल सिंगल्स मैच खेले हैं, और उनकी वर्ल्ड रैंकिंग गिरकर 673 पर आ गई है। मैकनेमी ने कहा कि वह और कार्लोस अल्काराज प्रतिभा के मामले में दुनिया के सबसे शानदार खिलाड़ी हैं, लेकिन किर्गियोस की स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं उनके लिए बड़ी चुनौती बनकर उभरी हैं। ऑस्ट्रेलियन ओपन में संभवत: वह आखिरी बार दिख सकते हैं। किर्गियोस ने हाल ही में घोषणा की थी कि वह अपनी फिटनेस की समस्याओं के कारण इस साल के ऑस्ट्रेलियन ओपन के एकल ड्रॉ में हिस्सा नहीं लेंगे। इसके बजाय, वह पुरुषों के डबल्स में थानासी कोकिनाकिस के साथ जोड़ी बनाएंगे। किर्गियोस ने मार्च 2025 में अपना सीजन खत्म करने से पहले केवल पांच पेशेवर मैच खेले थे। इसके बाद उन्होंने न्यूयॉर्क और दुबई में प्रदर्शनी मैचों के जरिए वापसी की और ब्रिस्बेन इंटरनेशनल के लिए वाइल्डकार्ड मिला, जहां वे पहले राउंड में बाहर हो गए थे। हालांकि, किर्गियोस और कोकिनाकिस ने पुरुषों के डबल्स में ब्रिस्बेन के दूसरे राउंड में फ्रेंच जोड़ी सादियो डौम्बिया और फैबियन रेबोल को हराकर अपने जलवे दिखाए। पूर्व विंबलडन फाइनलिस्ट और 2022 ऑस्ट्रेलियन ओपन डबल्स चैंपियन किर्गियोस की अनोखी स्टाइल और खेल की हमेशा सराहना हुई है। ऑस्ट्रेलियन ओपन का मेन ड्रॉ 18 जनवरी से शुरू होगा, जबकि क्वालिफाइंग 12 जनवरी से खेली जाएगी। किर्गियोस और कोकिनाकिस को पुरुषों के डबल्स में वाइल्डकार्ड दिया गया है, और यह संभवत: उन्हें इस फॉर्मेट में देखने का आखिरी अवसर भी हो सकता है।  

यूनाइटेड कप में नया चैंपियन: पोलैंड ने पहली जीत से मचाया धमाल

सिडनी ह्यूबर्ट हुरकाज ने चोट से वापसी करते हुए एक भावुक जीत हासिल की और यूनाइटेड कप फाइनल में पिछले दो सालों की निराशा को मिटा दिया, जब उन्होंने रविवार रात सिडनी में मिक्स्ड टीम इवेंट में स्विट्जरलैंड पर पोलैंड की 2-1 की करीबी चैंपियनशिप जीत में अहम भूमिका निभाई। घुटने की सर्जरी के बाद सात महीनों में अपना पहला टूर्नामेंट खेलते हुए, पूर्व वर्ल्ड नंबर 6 को इगा स्विएटेक के बेलिंडा बेनसिक से 3-6, 6-0, 6-3 से हारने के बाद अपनी टीम को जीवित रखने के लिए स्टैन वावरिंका पर 6-3, 3-6, 6-3 से जीत की जरूरत थी, जिन्होंने टूर्नामेंट को 5-0 के सिंगल्स रिकॉर्ड के साथ खत्म किया। खिताब दांव पर होने पर, जान ज़िलिंस्की एक बार फिर शानदार फॉर्म में थे, जब उन्होंने कतरज़ीना कावा के साथ मिलकर अपना पांचवां मिक्स्ड डबल्स खिताब 6-4, 6-3 से जीता, जो पहले से अजेय रहे जैकब पॉल और बेनसिक के खिलाफ था, जो मैच प्ले में 10-0 के परफेक्ट रिकॉर्ड के साथ टूर्नामेंट खत्म करने की कोशिश कर रही थीं। बेनसिक को यूनाइटेड कप फाइनल्स की सबसे मूल्यवान खिलाड़ी चुना गया। यह 40 वर्षीय स्विस कप्तान वावरिंका के लिए एक भावुक रात थी, जो अपने विदाई सीजन की शुरुआत एक अप्रत्याशित यूनाइटेड कप खिताब के साथ करने की उम्मीद कर रहे थे। साहसी वावरिंका ने पूरे इवेंट में चार तीन-सेट के मैच खेले, लेकिन आखिरकार अपने पांच सिंगल्स मैचों में सिर्फ एक जीत के साथ ही संतोष करना पड़ा। हुरकाज़ ने वावरिंका पर 18 ऐस मारे और अपने सामने आए नौ में से आठ ब्रेक पॉइंट बचाए, जो इस हफ्ते 40 वर्षीय खिलाड़ी के कवच में एकमात्र कमजोरी को उजागर करता है। हालांकि उन्होंने दूसरे सेट को जीतने के रास्ते में एक महत्वपूर्ण ब्रेक हासिल किया, लेकिन तीन बार के ग्रैंड स्लैम चैंपियन ने अपने पांच सिंगल्स मैचों में 23 ब्रेक पॉइंट अवसरों में से सिर्फ दो को ही भुनाया। दिन के पहले मैच में, बेनसिक ने स्वियाटेक के खिलाफ 3-6, 6-0, 6-3 से वापसी करते हुए अपनी अजेय बढ़त जारी रखी। स्वियाटेक ने शुरुआत में अच्छी शुरुआत की, पहले गेम में लगातार चार पॉइंट जीतकर अपनी सर्विस बचाई, इसके बाद मैच का पहला ब्रेक लिया और फिर से अपनी सर्विस बचाई। जब स्वियाटेक 3-0 से आगे थीं, तो बेंकिच मैच में जम गईं, उन्होंने लगातार दो गेम जीते, और तीसरे ब्रेक पॉइंट पर बैकहैंड विनर लगाकर स्कोर 3-2 कर दिया। वर्ल्ड नंबर 2 ने आखिरकार सेट जीत लिया, अगले चार में से तीन गेम जीते, जिसमें बेंकिच की सर्विस के दो ब्रेक भी शामिल थे। सेट 6-3 से जीतते हुए, स्वियाटेक ने एक क्रॉसकोर्ट बैकहैंड विनर लगाया, जिसे स्विस खिलाड़ी नहीं पकड़ पाईं। हालांकि, दूसरे सेट में बेंकिच का दबदबा रहा। बेंकिच ने दूसरा सेट लगातार नौ पॉइंट जीतकर शुरू किया, और तीसरे गेम में, उन्होंने दो ब्रेक पॉइंट बचाए। अगले गेम में, उन्होंने तीसरे मौके पर अहम ब्रेक हासिल किया और 33 मिनट में सेट खत्म कर दिया। तीसरे सेट की शुरुआत में लगातार तीन गेम सर्विस होल्ड के साथ जीतने के बाद, बेंकिच ने मैच का टर्निंग पॉइंट हासिल किया। ब्रेक पॉइंट बनाने के लिए एक पावरफुल फोरहैंड के साथ, उन्होंने अहम पॉइंट का फायदा उठाया, स्वियाटेक की सर्विस को एक शानदार बैकहैंड विनर से वापस किया। स्वियाटेक आखिरी पॉइंट तक लड़ीं, दो गेम में सर्विस बचाई और दो ऐस लगाकर दो मैच पॉइंट बचाए। लेकिन जब स्वियाटेक – जिन्होंने अपने विरोधी के 10 के मुकाबले 36 अनफोर्स्ड एरर किए – 5-3 से पीछे थीं, तो बेंकिच ने ट्रिपल मैच पॉइंट हासिल किया, और खुले कोर्ट में उनके बैकहैंड विनर ने मैच खत्म कर दिया।  

भारतीय युवा स्टार वैभव सूर्यवंशी की अंडर-19 वर्ल्ड कप में रिकॉर्ड ब्रेकिंग तैयारी

नई दिल्ली साउथ अफ्रीका के खिलाफ यूथ वनडे सीरीज़ में तूफानी प्रदर्शन कर चर्चा में आए वैभव सूर्यवंशी अब अंडर-19 वर्ल्ड कप में इतिहास रचने को तैयार हैं। 15 जनवरी से शुरू हो रहे इस मेगा टूर्नामेंट में भारत की युवा टीम यूएसए के खिलाफ अपने अभियान की शुरुआत करेगी। वैभव की बल्लेबाज़ी का अंदाज़ आक्रामक है और उनके आंकड़े बताते हैं कि वह जहां भी खेले हैं, बड़े स्कोर किए हैं। ऐसे में अंडर-19 वर्ल्ड कप में उनसे कई बड़े रिकॉर्ड टूटने की उम्मीद की जा रही है। छक्कों का सबसे बड़ा रिकॉर्ड खतरे में वैभव सूर्यवंशी की बल्लेबाज़ी की सबसे बड़ी पहचान उनकी बाउंड्री हिटिंग है। उनके कुल रनों का बड़ा हिस्सा चौकों और छक्कों से आता है। अंडर-19 वर्ल्ड कप के एक सीज़न में सबसे ज्यादा छक्कों का रिकॉर्ड फिलहाल साउथ अफ्रीका के डेवाल्ड ब्रेविस के नाम है, जिन्होंने 2022 में 18 छक्के लगाए थे। वैभव की आक्रामक शैली को देखते हुए माना जा रहा है कि यह रिकॉर्ड इस बार टूट सकता है। स्ट्राइक रेट में नया कीर्तिमान संभव अंडर-19 वर्ल्ड कप इतिहास में सर्वश्रेष्ठ स्ट्राइक रेट का रिकॉर्ड भारत के शिखर धवन के नाम है, जिन्होंने 2004 में 93.51 की स्ट्राइक रेट से बल्लेबाज़ी की थी। वैभव सूर्यवंशी आमतौर पर 150 से ऊपर की स्ट्राइक रेट से रन बनाते हैं। ऐसे में उनका यह आंकड़ा टूर्नामेंट में नया बेंचमार्क सेट कर सकता है और यह रिकॉर्ड भी इतिहास बन सकता है। सबसे ज्यादा रन बनाने का भारतीय रिकॉर्ड अंडर-19 वर्ल्ड कप में भारत की ओर से सबसे ज्यादा रन बनाने का रिकॉर्ड सरफराज खान के नाम दर्ज है, जिन्होंने 2014 से 2016 के बीच 566 रन बनाए थे। वैभव सूर्यवंशी की निरंतरता और बड़ी पारियां खेलने की आदत को देखते हुए यह रिकॉर्ड भी उनके निशाने पर है, खासकर अगर भारत टूर्नामेंट में आगे तक जाता है। शतकों की संख्या में भी बदलाव संभव इस टूर्नामेंट में सबसे ज्यादा शतक लगाने का रिकॉर्ड फिलहाल जैक बर्नहैम और शिखर धवन के नाम है, दोनों ने तीन-तीन शतक लगाए हैं। वैभव सूर्यवंशी का शतक लगाने का ट्रैक रिकॉर्ड बेहद मजबूत रहा है। अगर वह अपने फॉर्म को बरकरार रखते हैं, तो शतकों की यह सूची भी बदल सकती है। सबसे बड़े व्यक्तिगत स्कोर पर नजर अंडर-19 वर्ल्ड कप में अब तक का सबसे बड़ा व्यक्तिगत स्कोर 191 रन का है, जो 2018 में हशिता बोयागोडा ने बनाया था। अब तक कोई भी बल्लेबाज़ इस टूर्नामेंट में दोहरा शतक नहीं लगा पाया है। वैभव सूर्यवंशी के पास न सिर्फ इस रिकॉर्ड को तोड़ने बल्कि इतिहास में पहला दोहरा शतक लगाने का भी सुनहरा मौका है।  

वाशिंगटन सुंदर की चोट पर केएल राहुल का बयान, बोले– मुझे अंदाजा नहीं था

वडोदरा भारतीय क्रिकेट टीम ने रविवार को वडोदरा में न्यूजीलैंड के खिलाफ हुए पहले वनडे मैच को 4 विकेट से जीत लिया। विजयी शॉट केएल राहुल के बल्ले से निकला। वह 29 रन बनाकर नाबाद लौटे। उनके साथ वाशिंगटन सुंदर भी 7 रन बनाकर नाबाद लौटे। मैच के बाद केएल राहुल ने कहा कि मुझे वाशिंगटन सुंदर की इंजरी की गंभीरता का अंदाजा नहीं था। मैच के बाद केएल राहुल ने कहा कि वाशिंगटन सुंदर पहली पारी के दौरान इंजर्ड हुए थे, इसकी जानकारी तो मुझे थी, लेकिन उनकी इंजरी गंभीर है और उन्हें दौड़ने में परेशानी है, ये मुझे तब पता चला जब वे बल्लेबाजी के लिए आए। सुंदर को रन के लिए विकेटों के बीच दौड़ने में दिक्कत हो रही थी। राहुल ने सुंदर की तारीफ करते हुए कहा कि इंजरी के बावजूद वह गेंद को अच्छी तरह हिट कर रहा था और स्ट्राइक बदलते हुए अपना काम कर रहा था। वाशिंगटन सुंदर न्यूजीलैंड की पारी के दौरान गेंदबाजी करते हुए इंजर्ड हो गए थे। उन्हें मैदान छोड़कर बाहर जाना पड़ा था। इंजरी की वजह से ही उनसे पहले बल्लेबाजी के लिए हर्षित राणा को भेजा गया था। सुंदर की इंजरी पर कप्तान शुभमन गिल ने कहा कि स्कैन के बाद ही इंजरी की गंभीरता का पता चल सकता है। जानकारी के मुताबिक सुंदर को साइड स्ट्रेन इंजरी हुई है। वाशिंगटन सुंदर की इंजरी ज्यादा गंभीर हुई तो टीम इंडिया की मुसीबत बढ़ सकती है। सुंदर टी20 विश्व कप 2026 की टीम का हिस्सा हैं। मैच की बात करें तो भारत ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी का फैसला लिया था। न्यूजीलैंड ने 8 विकेट पर 300 रन बनाए थे। भारतीय टीम ने 49 ओवर में 6 विकेट पर 306 रन बनाकर मैच 4 विकेट से जीत लिया। 93 रन बनाने वाले विराट कोहली प्लेयर ऑफ द मैच रहे।  

रोमांचक मुकाबले में वेदांता कलिंगा लांसर्स की जीत, शूटआउट में एचआईएल जीसी पर 3-1 की बढ़त

रांची वेदांता कलिंगा लांसर्स ने पुरुष हीरो हॉकी इंडिया लीग में निर्धारित समय में स्कोर 1-1 से बराबर रहने के बाद हुए शूटाआउट में एचआईएल जीसी पर 3-1 से जीत दर्ज की। आज यहां मरांग गोमके जयपाल सिंह एस्ट्रो टर्फ हॉकी स्टेडियम में खेले गये मुकाबल में अजीत यादव (19वें) और अलेक्जेंडर हेन्ड्रिक्स (23वें) मिनट में अपनी-अपनी टीमों के लिए गोल किए। खास बात यह है कि वेदांता कलिंगा लांसर्स ने पूरे मैच में एक भी पेनल्टी कॉर्नर नहीं दिया। इस जीत के साथ विजेता टीम लीग की अंक तालिका में शीर्ष पर पहुंच गई हैं। एचआईएल जीसी ने इस मैच की शुरुआत में दबदबा बनाया, गेंद पर अधिकतर समय कब्जाये रखा। हालांकि, छह सर्कल एंट्री करने के बावजूद वे कोई खास सफलता हासिल नहीं कर पाए। वेदांता कलिंगा लांसर्स ने अपनी रणनीति बनाए रखी, काउंटर अटैक पर खेलते हुए खुद भी छह सर्कल प्रवेश किया। उन्हें खेल का पहला असली मौका पेनल्टी कॉर्नर के रूप में मिला, लेकिन वे पहले गोल रहित क्वार्टर में इसका फायदा नहीं उठा पाए। पहले क्वार्टर में दोनों टीमों में से किसी ने भी शॉट नहीं लगाया, जिसके बाद दूसरे क्वार्टर में एचआईएल जीसी ने अपने पहले ही प्रयास में बढ़त बना ली। कप्तान हार्दिक सिंह ने मिडफील्ड से मूव बनाया, जिसके बाद अजीत यादव (19’) ने करीब से शॉट मारकर डेडलॉक तोड़ा। लांसर्स ने तुरंत जवाब देने की कोशिश की और कुछ ही मिनटों में गोल पर कुछ शॉट और छह पेनल्टी कॉर्नर हासिल किए। आखिरकार, उन्हें एचआईएल जीसी के गोलकीपर जेम्स मज़ारेलो को पार करने का रास्ता मिल गया, जब अलेक्जेंडर हेन्ड्रिक्स (23’) ने एक ज़ोरदार ड्रैगफ्लिक से गोल किया और हाफ टाइम तक स्कोर 1-1 से बराबर कर दिया। दूसरा हाफ भी पहले हाफ की तरह ही शुरू हुआ, जिसमें एचआईएल जीसी ने गेंद पर कब्ज़ा बनाए रखा और मौका ढूंढने के लिए गेंद को अच्छे से पास किया। दूसरी ओर, लैंसर्स ब्रेक पर खतरनाक दिख रहे थे और अलेक्जेंडर हेंड्रिक्स के ज़रिए बढ़त लेने के करीब पहुँच गए थे, लेकिन जेम्स मज़ारेलो ने उन्हें रोक दिया, जो एचआईएल जीसी के लिए गोल में शानदार प्रदर्शन कर रहे थे। तीसरे क्वार्टर में दोनों टीमों के बीच कोई अंतर नहीं था। आखिरी क्वार्टर में, दोनों टीमें गोल करने में विफल रही और मैच का फैसला शूटआउट से हुआ। शूटआउट एक तनावपूर्ण मुकाबला था जिसमें दोनों गोलकीपर गोल में डटे रहे। अपने-अपने पहले प्रयास में गोल खाने के बाद, जेम्स मज़ारेलो और जेड स्नोडेन ने अगले दो खिलाड़ियों को रोक दिया। आर्थर वैन डोरेन ने लैंसर्स के लिए अपना संयम बनाए रखा, इससे पहले कि अजीत यादव एचआईएल जीसी के लिए चूक गए, जिससे दिलप्रीत सिंह ने शूटआउट में वेदांता कलिंगा लैंसर्स के लिए जीत पक्की कर दी।