samacharsecretary.com

संन्यास का ऐलान: भारतीय दौरा बनेगा ऑस्ट्रेलियाई कप्तान के करियर का आखिरी अध्याय

नई दिल्ली ऑस्ट्रेलिया की महिला क्रिकेट टीम की कप्तान एलिसा हीली ने अपने फैसले से चौंका दिया है. इस दिग्गज विकेटकीपर ने साफ कर दिया है कि वह 2026 महिला टी20 विश्व कप में हिस्सा नहीं लेंगी. एलिसा हीली ने क्रिकेट के सभी फॉर्मेट से संन्यास का एलान कर दिया है. हीली महिला टी20 विश्व कप का हिस्सा नहीं होंगी. वह भारत के खिलाफ फरवरी-मार्च में होने वाली घरेलू सीरीज के बाद इंटरनेशनल क्रिकेट को अलविदा कह देंगी. एलिसा हीली ने साफ किया है कि वह इस साल होने वाले महिला टी20 विश्व कप के लिए टीम की तैयारियों को ध्यान में रखते हुए भारत के खिलाफ टी20 अंतरराष्ट्रीय मैचों में भी हिस्सा नहीं लेंगी. पर्थ में होने वाली वनडे सीरीज और एक डे-नाइट टेस्ट में वह ऑस्ट्रेलिया की कप्तानी करेंगी. यह उनके करियर की आखिरी सीरीज होगी. एलिसा हीली ने कहा, "अपने देश का प्रतिनिधित्व करना उनके लिए हमेशा सबसे बड़ा सम्मान रहा है. भारत के खिलाफ आने वाली सीरीज उनके करियर की आखिरी सीरीज होगी." क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया के सीईओ टॉड ग्रीनबर्ग ने उन्हें क्रिकेट की ऑल-टाइम ग्रेट खिलाड़ियों में से एक बताया और ऑस्ट्रेलियन महिला क्रिकेट में उनके योगदान की सराहना की. बता दें कि एलिसा हीली ने 2010 में 19 साल की उम्र में न्यूजीलैंड के खिलाफ इंटरनेशनल क्रिकेट में डेब्यू किया था. उन्हें महिला क्रिकेट की सबसे खतरनाक बल्लेबाजों और बेहतरीन विकेटकीपरों में गिना जाता है. वह आठ आईसीसी विश्व कप जीतने वाली ऑस्ट्रेलियाई टीमों का हिस्सा रहीं, जिसमें छह टी20 और दो वनडे विश्व कप शामिल हैं. वह 2022 कॉमनवेल्थ गेम्स में ऑस्ट्रेलिया की गोल्ड मेडल जीतने वाली टीम की भी सदस्य थीं. मेग लैनिंग के संन्यास के बाद 2023 में हीली को ऑस्ट्रेलिया की फुल-टाइम कप्तान बनाया गया था. कप्तान के तौर पर उनकी सबसे बड़ी उपलब्धि इंग्लैंड के खिलाफ 16-0 से मल्टी-फॉर्मेट एशेज वाइटवॉश रही. उनकी कप्तानी में ऑस्ट्रेलिया ने 2024 महिला टी20 विश्व कप और 2025 महिला वनडे विश्व कप के सेमीफाइनल में भी जगह बनाई. उनके नाम विश्व कप फाइनल में सबसे बड़ा व्यक्तिगत स्कोर बनाने और अंतरराष्ट्रीय टी20 में उनके नाम रिकॉर्ड 126 डिसमिसल हैं. ऑस्ट्रेलिया के लिए हीली ने अब तक 162 टी20, 126 वनडे और 11 टेस्ट मैच खेले हैं. बीबीएल में सिडनी सिक्सर्स के लिए खेलते हुए 11 सीजन में उन्होंने 3,000 से अधिक रन बनाए हैं. हीली के नाम दो बीबीएल खिताब हैं. वीमेंस प्रीमियर लीग में वह यूपी वॉरियर्स की कप्तान भी रह चुकी हैं.

WI vs AFG T20: वेस्टइंडीज ने किया स्क्वॉड का ऐलान, इस खिलाड़ी को मिला पहला मौका

नई दिल्ली अफगानिस्तान के खिलाफ 19 जनवरी से शुरू हो रही 3 मैचों की टी20 इंटरनेशनल सीरीज के लिए वेस्टइंडीज की टीम का ऐलान हो गया है। एक नए खिलाड़ी को भी टीम में शामिल किया गया है, लेकिन साउथ अफ्रीका की टी20 लीग में खेल रहे खिलाड़ियों को नजरअंदाज किया गया है, क्योंकि वे लीग के साथ अपने कमिटमेंट्स की वजह से उपलब्ध नहीं हैं। 16 सदस्यीय टीम वेस्टइंडीज क्रिकेट बोर्ड ने इस सीरीज के लिए चुनी है। क्वेंटिन सैम्पसन को पहली बार वेस्टइंडीज की टीम में चुना गया है। दुबई में 19 से 22 जनवरी के बीच तीन मैचों की सीरीज अफगानिस्तान की मेजबानी में वेस्टइंडीज की टीम खेलेगी।   रेगुलर कैप्ट शाई होप की गैरमौजूदगी में ब्रैंडन किंग टीम की कप्तानी करेंगे। शाई होप SA20 कमिटमेंट्स की वजह से इस सीरीज में सिलेक्शन के लिए उपलब्ध नहीं थे। शाई होप उन चार खिलाड़ियों में से एक हैं, जो इस सीरीज की बजाय एसए20 में खेलेंगे। उनके अलावा इस लीग में रोस्टन चेज, अकील हुसैन और शेरफेन रदरफोर्ड भी खेलना जारी रखेंगे, जबकि टीम अफगानिस्तान से इंटरनेशनल सीरीज खेलेगी। 25 साल के गुयाना अमेजन वॉरियर्स के बैट्समैन क्वेंटिन सैम्पसन, कैरेबियन प्रीमियर लीग 2025 में बेहतरीन प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों में शामिल थे। सैम्पसन 9 मैचों में 151.57 के स्ट्राइकरेट से 241 रन बनाए थे। शमर जोसेफ और एविन लुईस की भी टीम में वापस हो गई है। वे अभी तक चोटिल थे। अल्जारी जोसेफ, जो पीठ के निचले हिस्से में चोट के कारण भारत में टेस्ट सीरीज नहीं खेल पाए थे, उनको अभी भी टीम में जगह नहीं मिली है। वे रिहैब जारी रखेंगे। वर्कलोड मैनेजमेंट के तहत रोवमैन पॉवेल को जेसन होल्डर और रोमारियो शेफर्ड के साथ सीरीज से आराम दिया गया है। अफगानिस्तान के खिलाफ T20I सीरीज के लिए वेस्टइंडीज टीम ब्रैंडन किंग (कप्तान), एलिक एथनेज, केसी कार्टी, जॉनसन चार्ल्स, मैथ्यू फोर्ड, जस्टिन ग्रीव्स, शिमरोन हेटमायर, आमिर जंगू, शमर जोसेफ, एविन लुईस, गुडाकेश मोती, खैरी पियरे, क्वेंटिन सैम्पसन, जेडन सील्स, रेमन सिमंड्स और शमर स्प्रिंगर कैरेबियाई टीम के हेड कोच डैरेन सैमी ने कहा कि अफगानिस्तान के खिलाफ ये टी20 सीरीज भारत और श्रीलंका में होने वाले T20 वर्ल्ड कप की तैयारियों में अहम भूमिका निभाएगी। सैमी ने कहा, "सबकॉन्टिनेंटल कंडीशंस में कॉम्पिटिटिव मैच खेलने का मौका बहुत अच्छा है, क्योंकि यह एक कॉम्पिटिटिव T20 वर्ल्ड कप से पहले हमारी तैयारियों और कॉन्फिडेंस बढ़ाने में मदद करेगा। यह उन खिलाड़ियों को परखने के लिए भी एक अच्छा प्लेटफॉर्म है, जो 2025 के आखिर में काफी समय तक नहीं खेल पाए थे, साथ ही उन खिलाड़ियों को भी जो फाइनल टीम के सिलेक्शन से पहले इस सीरीज में अहम भूमिका निभाएंगे।"  

श्रेयस अय्यर के निशाने पर धवन का रिकॉर्ड, दूसरे वनडे में बन सकते हैं नया कीर्तिमान

नई दिल्ली भारतीय क्रिकेट टीम के मध्यक्रम बल्लेबाज श्रेयस अय्यर इस समय एक बड़े इतिहास की दहलीज पर खड़े हैं। बुधवार को न्यूजीलैंड के खिलाफ होने वाले दूसरे एकदिवसीय (ODI) मैच में अय्यर को 3000 रन पूरे करने के लिए केवल 34 रनों की आवश्यकता है। यदि वह इस आंकड़े को पार कर लेते हैं, तो वह पारियों के मामले में भारत के लिए सबसे तेज 3000 वनडे रन बनाने वाले खिलाड़ी बन जाएंगे और शिखर धवन के 72 पारियों वाले रिकॉर्ड को पीछे छोड़ देंगे।   श्रेयस अय्यर ने अपने वनडे करियर में अब तक 74 मैच खेले हैं, जिसकी 68 पारियों में 47.84 की औसत से कुल 2966 रन बनाए हैं। इस दौरान अय्यर ने 23 अर्धशतक और 5 शतक जड़े हैं। न्यूजीलैंड के खिलाफ अय्यर का प्रदर्शन शानदार रहा है, जिससे क्रिकेट फैंस इस बात की उम्मीद लगा रहे हैं कि दूसरे मैच में वे शिखर धवन के इसे बड़े रिकॉर्ड को तोड़ देंगे। आंकड़ों के अनुसार, कीवी टीम के विरुद्ध अपनी पिछली 10 पारियों में उन्होंने हर बार 30 से अधिक का स्कोर बनाया है। वर्तमान में न्यूजीलैंड के खिलाफ उनका बल्लेबाजी औसत 66.00 का है, जो इस टीम के खिलाफ उनकी निरंतरता और दबदबे को साफ तौर पर दर्शाता है। उनकी पिछली कुछ प्रमुख पारियों पर नजर डालें तो उन्होंने कई यादगार प्रदर्शन किए हैं। इनमें 2023 विश्व कप सेमीफाइनल में मुंबई में खेली गई 105 रनों की महत्वपूर्ण पारी और 2020 में हैमिल्टन में बनाया गया 103 रन का शतक शामिल है। हाल के मैचों में भी उन्होंने शानदार लय बरकरार रखी है, जिसमें दुबई में 79 और 48 रनों की पारियां और वडोदरा में खेली गई 49 रनों की पारी मुख्य है। पहले वनडे मैच के बाद श्रेयस अय्यर अब अपने इस ऐतिहासिक लक्ष्य से मात्र 34 रन दूर रह गए हैं। अब प्रशंसकों और क्रिकेट पंडितों की नजरें बुधवार को होने वाले दूसरे वनडे पर टिकी हैं, जहां अय्यर के पास शिखर धवन के पुराने कीर्तिमान को ध्वस्त कर भारतीय क्रिकेट में एक नया मील का पत्थर स्थापित करने का सुनहरा मौका होगा। ODI में सबसे तेज 3000 रन बनाने वाले टॉप-10 भारतीय बल्लेबाजों की सूची (पारियों के आधार पर) 1. शिखर धवन: 72 पारियां 2. विराट कोहली: 75 पारियां 3. केएल राहुल: 78 पारियां 4. नवजोत सिंह सिद्धू: 79 पारियां 5. सौरव गांगुली: 82 पारियां 6. गौतम गंभीर: 87 पारियां 7. राहुल द्रविड़: 89 पारियां 8. एमएस धोनी: 90 पारियां 9. सचिन तेंदुलकर: 93 पारियां 10. दिलीप वेंगसरकर: 98 पारियां

रणजी ट्रॉफी में संकट: मध्य प्रदेश की आधी टीम ढेर, दिल्ली की खराब शुरुआत

नई दिल्ली विजय हजारे ट्रॉफी 2025-26 के आखिरी दो क्वार्टर फाइनल मुकाबले आज यानी मंगलवार 13 जनवरी को खेले जा रहे हैं। तीसरे क्वार्टर फाइनल में पंजाब की टीम ने एमपी को 346 रनों का टारगेट दिया है, जबकि चौथे क्वार्टर फाइनल में दिल्ली के सामने विदर्भ की टीम ने 301 रनों का लक्ष्य रखा है। दोनों मुकाबले बेंगलुरु स्थित बीसीसीआई के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस यानी सीओई के मैदानों पर खेले दा रहे हैं। दो टीमें पहले ही टूर्नामेंट के सेमीफाइनल्स के लिए क्वालीफाई कर चुकी है। मुंबई को हराकर कर्नाटक और यूपी को हराकर सौराष्ट्र ने सेमीफाइनल का टिकट कटाया हुआ है। मध्य प्रदेश और दिल्ली की हालत खस्ता मध्य प्रदेश और दिल्ली की हालत खस्ता है। पंजाब के खिलाफ मध्य प्रदेश की आधी टीम 66 रन पर ढेर हो गई है। वेंकटेस अय्यर का खाता नहीं खुला। अक्षत रघुवंशी ने चार रन बनाए। वहीं, दिल्ली ने विदर्भ के सामने 301 का टारगेट चेज करते हुए 80 पर चार विकेट गंवा दिए हैं। ओनपर वैभव कंडपाल और प्रियांश आर्य ने 28-28 जबकि तेजस्वी दहिया ने 15 रन बनाए। नितीश राणा का खाता नहीं खुला। मध्य प्रदेश के ओपनर्स लौटे 346 के लक्ष्य का पीछा करते हुए मध्य प्रदेश की शुरुआत खराब रही। 14 ओवर में मध्य प्रदेश का स्कोर तीन विकेट पर 57 रन है। गुरनूर बरार ने पांचवें ओवर में ओपनर यश दुबे (3) और नौवें ओवर में हिमांशु मंत्री (18) का शिकार किया। सनवीर सिंह ने 14 ओवर में शुभम शर्मा (24) को पवेलियन भेजा। पंजाब की अच्छी शुरुआत 6 ओवर में 1 विकेट के नुकसान पर मध्य प्रदेश का स्कोर 21 रन है। पंजाब को शुरुआत में ही गुरनूर बराड ने सफलता दिलाई,. जिन्होंने यश दुबे को 3 रन पर चलता किया।   दिल्ली की दमदार शुरुआत दिल्ली की टीम को अच्छी शुरुआत मिली है। 4 ओवर में बिना कोई विकेट खोए दिल्ली की टीम ने 31 रन बना लिए हैं। लक्ष्य 301 रनों का दिल्ली के सामने विदर्भ ने रखा है। ओपनर प्रियांश आर्या और वैभव कंडपाल हैं।

ऑल इंडिया ओपन कबड्डी चैंपियनशिप: राजस्थान को मात देकर मध्य प्रदेश ने जीता खिताब

छिन्दवाड़ा   दशहरा मैदान में आयोजित अखिल भारतीय कबड्डी प्रतियोगिता के मैच में राजस्थान को हराते हुए मध्य प्रदेश की टीम ने कबड्डी चैंपियनशिप जीत ली है. स्वामी विवेकानंद की जयंती के मौके पर पिछले 36 सालों से अखिल भारतीय ओपन कबड्डी प्रतियोगिता का आयोजन छिंदवाड़ा में जन जागरण मंच के द्वारा किया जाता है. वहीं इस बार इस चार दिवसीय चैंपियनशिप को मध्य प्रदेश की गोटेगांव टीम ने जीत लिया है. 4 दिनों तक दो पार्ट में हुए कबड्डी के मुकाबले जन जागरण मंच के मुख्य संयोजक रमेश पोपली ने बताया, '' अखिल भारतीय कबड्डी प्रतियोगिता का आयोजन दो पार्ट में किया जाता है, जिसमें दो दिनों तक जिला स्तरीय और दो दिनों तक राष्ट्रीय स्तर की कबड्डी टीम हिस्सा लेती हैं. हर साल 9 जनवरी से 12 जनवरी तक स्वामी विवेकानंद की जयंती के मौके पर जन जागरण मंच द्वारा ये आयोजन कराया जाता है. जिला स्तरीय कबड्डी प्रतियोगिता में 26 टीम और राष्ट्र स्तरीय कबड्डी प्रतियोगिता में 16 टीमों ने भाग लिया. 9 राज्यों की 16 टीम हुईं शामिल, मप्र की टीम ने मारी बाजी पूर्व विधायक पंडित रमेश दुबे ने बताया, '' हिमाचल प्रदेश , उत्तर प्रदेश, बिहार, हरियाणा, गुजरात, महाराष्ट्र, दिल्ली , छत्तीसगढ़ व मध्य प्रदेश की 16 टीमों ने अखिल भारतीय कबड्डी प्रतियोगिता में हिस्सा लिया. सोमवार को दिनभर चल कबड्डी के मुकाबले में क्वार्टर फाइनल, सेमीफाइनल और फिर फाइनल मुकाबला देर रात तक खेला गया, जिसमें राजस्थान की एन.डी. स्पोर्ट्स टीम को हराते हुए मध्य प्रदेश के गोटेगांव की SKMG टीम ने बाजी मारी. विजेता टीम को 1 लाख और उपविजेता टीम को 50 हजार रु का नगद पुरस्कार दिया गया.'' स्थानीय खेल को बढ़ावा देने के लिए होता है आयोजन आयोजन समिति के सदस्य सीएसआर नायडू ने बताया, '' जन जागरण मंच 36 सालों से दशहरा मैदान में कबड्डी प्रतियोगिता का आयोजन करता है. स्थानीय खेलों को बढ़ावा मिल सके इसलिए यह प्रयास आगे भी जारी रहेगा.'' उन्होंने बताया कि कबड्डी एक ऐसा खेल है जिसे खेलने मात्र से ही शरीर के सारे व्यायाम एक साथ हो जाते हैं. यह खेल स्थानीय स्तर पर बहुत कम खर्चे में भी खेला जा सकता है.

आर अश्विन का खुलासा: विराट कोहली के एटीट्यूड को लेकर क्यों कही ये चौंकाने वाली बात

नई दिल्ली दिग्गज बल्लेबाज विराट कोहली पिछले कुछ समय से गजब की फॉर्म में हैं। 37 वर्षीय क्रिकेटर ने अपने वनडे भविष्य को लेकर चल रही बहस को लगभग खत्म कर दिया है। वह पिछले साल अक्टूबर में वापसी के बाद से भारतीय टीम के लिए लगातार पांच 50 प्लस स्कोर बना चुके हैं। उन्होंने हाल ही में वडोदरा में भारत बनाम न्यूडीलैंड पहले वनडे में 93 रनों की पारी शानदार पारी खेली। भारत को इस मैच में चार विकेट से रोमांचक जीत मिली थी। भारत के पूर्व स्पिनर अश्विन ने कोहली की शान में कसीदा पढ़ा है। उन्होंने कोहली के माइंडसेट को लेकर कहा कि वह अपने पुराने दिनों की तरह खेल का मजा ले रहे हैं। अश्विन को लगता है कि कोहली का फिलहाल बैटिंग के मामले में बचपन जैसा एटीट्यूड नजर आ रहा।   'कोहली के दिमाग में कुछ नहीं चल रहा' अश्विन ने अपने यूट्यूब चैनल पर कहा, "ऐसा लगता है कि उनके दिमाग में कुछ नहीं चल रहा है। आपने मुझसे पूछा कि उन्होंने क्या बदलाव किया है? उन्होंने कुछ नहीं बदला है। वह किसी चीज के बारे में नहीं सोच रहे हैं। उन्होंने फैसला किया है कि वह बस अपने क्रिकेट का मजा लेना चाहते हैं। ऐसा लगता है कि वह बचपन में बैटिंग करने के एटीट्यूड की तरह खेल रहे हैं और साथ ही इतने साल का अनुभव भी है।" कोहली वडोदरा में इंटरनेशनल क्रिकेट में दूसरे सबसे ज्यादा रन बनाने वाले क्रिकेटर बने। उन्होंने श्रीलंका के कुमार संगकारा (28016) को पछाड़ा। कोहली से आगे सचिन तेंदुलकर (34357) हैं। 'भारत के लिए मिस्टर कंसिस्टेंट रहे हैं' पूर्व स्पिनर ने कोहली के अलावा उपकप्तान श्रेयस अय्यर की तारीफ की, जिन्होंने पहले वनडे में कमबैक करते हुए 47 गेंदों में 49 रन बनाए। उन्होंने चार चौके और एक छक्का लगाया। मध्य क्रम के बल्लेबाज अय्यर स्प्लीन इंजरी के कारण अक्टूबर से इंटरनेशनल क्रिकेट से दूर थे। अश्विन ने कहा, “हम जानते हैं कि श्रेयस वनडे क्रिकेट में भारत के लिए मिस्टर कंसिस्टेंट रहे हैं। उनका आउट होना श्रेयस जैसा बिल्कुल नहीं था। वह कभी भी इस तरह से गेम नहीं छोड़ते। वह आमतौर पर मैच फिनिश करके लौटते हैं। हालांकि, यह बात समझ में आती है कि वह वापसी कर रहे हैं और काइल जैमीसन ने एक अच्छी बॉल डाली थी।”  

बांग्लादेश का बड़ा दावा: ‘हम पाकिस्तान में खेलना चाहते थे’, ICC पर उठाए सवाल, सुरक्षा नाकामी का खंडन

  नई दिल्ली इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल (ICC) ने सोमवार को संकेत दिए कि वह बांग्लादेश की उस मांग को स्वीकार करने के मूड में नहीं है, जिसमें टी20 वर्ल्ड कप 2026 के लिए भारत में होने वाले उसके मैचों का वेन्यू बदलने की बात कही गई थी. आईसीसी द्वारा कराई गई सुरक्षा समीक्षा रिपोर्ट में बांग्लादेश टीम के लिए खतरे के स्तर को 'कम' बताया गया है. आईसीसी से जुड़े सूत्रों के मुताबिक, वर्ल्ड बॉडी की रिस्क असेसमेंट रिपोर्ट में ऐसा कोई ठोस या सीधा खतरा सामने नहीं आया है, जिसके आधार पर यह कहा जाए कि बांग्लादेश टीम टूर्नामेंट में हिस्सा नहीं ले सकती. यह टूर्नामेंट 7 फरवरी से शुरू होना है और बांग्लादेश को लीग स्टेज में भारत में चार मुकाबले खेलने हैं. आईसीसी से मिल सकता है बांग्लादेश को झटका आईसीसी सूत्र ने पीटीआई से नाम न छापने की शर्त पर कहा, 'यह स्पष्ट करना जरूरी है कि अंतरराष्ट्रीय स्तर के सुरक्षा विशेषज्ञों द्वारा की गई आईसीसी की स्वतंत्र जांच में यह निकला है कि बांग्लादेश भारत में अपने तय मैच बिना किसी खतरे के खेल सकता है.' सूत्र ने आगे कहा कि पूरे टूर्नामेंट के दौरान भारत में सुरक्षा जोखिम को कम से मध्यम (Low to Moderate) आंका गया है, जो दुनिया के कई बड़े खेल आयोजनों के समान ही है. बांग्लादेश की रिपोर्ट को भी किया खारिज आईसीसी की रिपोर्ट ने बांग्लादेश के खेल मंत्रालय के सलाहकार आसिफ नज़रुल के उस दावे को भी खारिज किया है, जिसमें उन्होंने कहा था कि मुस्तफिज़ुर रहमान की टीम में मौजूदगी से सुरक्षा खतरा बढ़ सकता है. रिपोर्ट के अनुसार, भारत के किसी भी वेन्यू पर बांग्लादेश टीम या अधिकारियों को लेकर कोई प्रत्यक्ष खतरा नहीं पाया गया है. आईसीसी सूत्र के मुताबिक, 'पेशेवर सलाह के आधार पर कोलकाता और मुंबई में होने वाले बांग्लादेश के मुकाबलों को लेकर जोखिम कम से मध्यम स्तर का है और ऐसा कोई संकेत नहीं है जिसे मौजूदा सुरक्षा इंतजामों के जरिए संभाला न जा सके.' आईसीसी सूत्रों का कहना है कि मौजूदा शेड्यूल में बदलाव की संभावना बेहद कम है. सूत्र ने कहा, 'आईसीसी को बीसीसीआई और स्थानीय प्रशासन के साथ मिलकर तैयार की जा रही सुरक्षा व्यवस्था पर पूरा भरोसा है. भारत का रिकॉर्ड बड़े अंतरराष्ट्रीय खेल आयोजनों को सुरक्षित तरीके से कराने का रहा है.' हम पाकिस्तान में खेलना चाहते हैं टी20 वर्ल्ड कप बांग्लादेश के खेल सलाहकार आसिफ नजरुल ने एक बार फिर दोहराया है कि बांग्लादेश की राष्ट्रीय क्रिकेट टीम टी20 वर्ल्ड कप 2026 खेलने के लिए भारत नहीं जाएगी. सोमवार, 12 जनवरी को एक कार्यक्रम के दौरान नजरुल ने दावा किया कि भारत में बांग्लादेश के खिलाफ माहौल बेहद नकारात्मक है, ऐसे में टीम को वहां भेजना संभव नहीं है. आईसीसी पर भी बोला हमला आसिफ नजरुल ने इस दौरान इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल (ICC) पर भी तीखा हमला बोला. उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि अगर आईसीसी वाकई एक 'वैश्विक संगठन' है, तो उसे बांग्लादेश को भारत के बाहर अपने मैच खेलने की अनुमति देनी चाहिए. खेल सलाहकार ने कहा कि बांग्लादेश श्रीलंका, पाकिस्तान या संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) में अपने मैच खेलने के लिए पूरी तरह तैयार है, लेकिन इस मुद्दे पर कोई समझौता नहीं किया जाएगा. क्या बोले बांग्लादेश के खेल सलाहकार आसिफ नज़रुल ने कहा, 'भारत में मौजूदा बेहद सांप्रदायिक हालात और बांग्लादेश विरोधी माहौल को देखते हुए, खासकर पिछले 16 महीनों से भारत में चल रहे बांग्लादेश विरोधी अभियान के कारण, हमारे लिए भारत में क्रिकेट खेलना असंभव है.' उन्होंने आगे कहा, 'मुस्तफिज़ुर की घटना वह इस बात का पुख्ता सबूत है. हमारा मानना है कि क्रिकेट पर किसी एक देश का एकाधिकार नहीं होना चाहिए. किसी टूर्नामेंट या खेल का भविष्य सिर्फ बाजार प्रबंधन के आधार पर तय नहीं किया जा सकता. अगर आईसीसी वास्तव में एक वैश्विक संस्था है और वह केवल भारत के निर्देशों पर नहीं चलती, तो उसे हमें श्रीलंका में टी20 वर्ल्ड कप खेलने का मौका देना चाहिए. हम इस मुद्दे पर किसी भी तरह का समझौता स्वीकार नहीं करेंगे.' गौरतलब है कि भारतीय क्रिकेट बोर्ड (BCCI) द्वारा मुस्तफिज़ुर रहमान का इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) कॉन्ट्रैक्ट खत्म किए जाने के बाद बांग्लादेश ने अपने टी20 वर्ल्ड कप मैचों के वेन्यू बदलने की मांग की थी. इसे भारत की कार्रवाई के जवाब में उठाया गया कदम माना गया. इसके बाद बांग्लादेश ने आईपीएल के प्रसारण पर अनिश्चितकालीन प्रतिबंध लगा दिया और आईसीसी को पत्र लिखकर अपने वर्ल्ड कप मैच भारत से बाहर कराने का अनुरोध किया. पाकिस्तान या UAE में खेलने को तैयार बांग्लादेश नज़रुल ने यह भी दावा किया कि आईसीसी कोलकाता और मुंबई से मैच हटाने के लिए तैयार है, लेकिन नए वेन्यू भारत के ही अन्य शहर बताए जा रहे हैं, जो बांग्लादेश को स्वीकार नहीं हैं. उन्होंने कहा, 'वे दो वेन्यू का प्रस्ताव दे रहे हैं, लेकिन दोनों भारत में हैं. भारत का मतलब भारत ही है. हम भारत की बात कर रहे हैं. हमने कोलकाता का ज़िक्र किया था, उसे श्रीलंका में शिफ्ट करना कोई समस्या नहीं है. अगर पाकिस्तान हमारे मैचों की मेज़बानी करना चाहता है तो कोई दिक्कत नहीं, यूएई में करवा दीजिए, कोई दिक्कत नहीं.' हालांकि, यह भी ध्यान देने वाली बात है कि खुद बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड (BCB) पहले ही स्पष्ट कर चुका है कि आईसीसी ने अब तक उनके वेन्यू बदलने के अनुरोध पर कोई आधिकारिक जवाब नहीं दिया है.  

WPL 2026: आरसीबी ने यूपी को 9 विकेट से हराया, ग्रेस हैरिस की 85 रन की तूफानी पारी, मंधाना ने 47 रन बनाए

 नई दिल्ली विमेंस प्रीमियर लीग (WPL) का 5वां मैच सोमवार को रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) और यूपी वॉरियर्स के बीच खेला गया. इस मैच में आरसीबी ने 9 विकेट से जीत हासिल की. आरसीबी की टीम ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी का चुनाव किया था. यूपी की टीम ने आरसीबी के सामने 144 रनों का लक्ष्य रखा था. जिसके जवाब में उतरी आरसीबी ने13वें ओवर में ही ये मुकाबला जीत लिया. ये आरसीबी की लगातार दूसरी जीत है. वहीं यूपी को लगातार दूसरे मैच में हार का सामना करना पड़ा है. ऐसी रही आरसीबी की बैटिंग 144 रनों के जवाब में उतरी आरसीबी की शुरुआत बेहद आक्रामक रही. स्मृति मंधाना और ग्रेस हैरिस ने पारी का आगाज किया. दोनों ने तेजी से रन बनाए. 12वें ओवर में आरसीबी को पहला झटका लगा 137 के स्कोर पर जब हैरिस 85 रन बनाकर आउट हुईं. लेकिन अगले ही ओवर में मंधाना ने टीम को जीत दिला दी. मंधाना ने 32 गेंद में नाबाद 47 रन बनाए. अपनी पारी में मंधाना ने 9 चौके लगाए. वहीं, हैरिस ने 10 चौके और 5 छक्के जड़े. ऐसे रही यूपी की बल्लेबाजी पहले बल्लेबाजी करने उतरी यूपी वॉरियर्स की शुरुआत तो संभली रही. लेकिन 5वें ओवर में उसे पहला झटका लगा जब हरलीन देओल अपना विकेट गंवा बैठीं. हरलीन के बल्ले से 11 रन आए. लेकिन इसके बाद कोई बल्लेबाज ज्यादा देर तक विकेट पर नहीं टिका. 8वें ओवर में यूपी को बैक-टू-बैक दो झटके लगे. इसके बाद 9वें ओवर में भी यूपी को दो झटके लगे. हालांकि, इसके बाद स्टार ऑसराउंडर दीप्ति शर्मा ने पारी को संभालने की कोशिश की और उन्होंने डींड्रा डॉटिन के साथ अर्धशतकीय साझेदारी की. दीप्ति ने 35 गेंद में नाबाद 45 रनों की पारी खेली. इसमें 5 चौके और एक छक्का शामिल था. वहीं, डॉटिन ने 37 गेंद में नाबाद 40 रन बनाए. दोनों के बीच 70 गेंद में 93 रनों की साझेदारी हुई. इसके दम पर यूपी ने आरसीबी के सामने 144 रनों का लक्ष्य रखा. यूपी वारियर्स महिला (प्लेइंग इलेवन): किरण नवगिरे, मेग लैनिंग, फोएबे लिचफील्ड, हरलीन देओल, दीप्ति शर्मा, श्वेता सहरावत, डींड्रा डॉटिन, सोफी एक्लेस्टोन, आशा शोभना, शिखा पांडे, क्रांति गौड़. रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु महिला (प्लेइंग इलेवन): ग्रेस हैरिस, स्मृति मंधाना, दयालन हेमलता, गौतमी नाइक, ऋचा घोष, राधा यादव, नादीन डी क्लर्क, अरुंधति रेड्डी, श्रेयंका पाटिल, लिन्से स्मिथ, लॉरेन बेल.

क्या यह निक किर्गियोस का अंतिम ऑस्ट्रेलियन ओपन है? मैकनेमी ने जताई आशंका

नई दिल्ली ऑस्ट्रेलियन ओपन के पूर्व निदेशक पॉल मैकनेमी ने कहा है कि ऑस्ट्रेलियाई टेनिस स्टार निक किर्गियोस के पास अब ग्रैंड स्लैम में प्रभाव छोड़ने का समय धीरे-धीरे कम होता जा रहा है। मैकनेमी ने कहा कि ऑस्ट्रेलियन ओपन अब इतना बड़ा टूर्नामेंट बन चुका है कि किर्गियोस की गैरमौजूदगी से इसके असर की संभावना कम है। उन्होंने यह भी कहा कि किर्गियोस के लिए अब ग्रैंड स्लैम में प्रतिस्पर्धा करना मुश्किल होता जा रहा है, क्योंकि उनकी फिटनेस और चोटें उन्हें सीमित कर रही हैं। पिछले कुछ सालों में कलाई और घुटने की सर्जरी के कारण किर्गियोस ने सिर्फ छह प्रोफेशनल सिंगल्स मैच खेले हैं, और उनकी वर्ल्ड रैंकिंग गिरकर 673 पर आ गई है। मैकनेमी ने कहा कि वह और कार्लोस अल्काराज प्रतिभा के मामले में दुनिया के सबसे शानदार खिलाड़ी हैं, लेकिन किर्गियोस की स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं उनके लिए बड़ी चुनौती बनकर उभरी हैं। ऑस्ट्रेलियन ओपन में संभवत: वह आखिरी बार दिख सकते हैं। किर्गियोस ने हाल ही में घोषणा की थी कि वह अपनी फिटनेस की समस्याओं के कारण इस साल के ऑस्ट्रेलियन ओपन के एकल ड्रॉ में हिस्सा नहीं लेंगे। इसके बजाय, वह पुरुषों के डबल्स में थानासी कोकिनाकिस के साथ जोड़ी बनाएंगे। किर्गियोस ने मार्च 2025 में अपना सीजन खत्म करने से पहले केवल पांच पेशेवर मैच खेले थे। इसके बाद उन्होंने न्यूयॉर्क और दुबई में प्रदर्शनी मैचों के जरिए वापसी की और ब्रिस्बेन इंटरनेशनल के लिए वाइल्डकार्ड मिला, जहां वे पहले राउंड में बाहर हो गए थे। हालांकि, किर्गियोस और कोकिनाकिस ने पुरुषों के डबल्स में ब्रिस्बेन के दूसरे राउंड में फ्रेंच जोड़ी सादियो डौम्बिया और फैबियन रेबोल को हराकर अपने जलवे दिखाए। पूर्व विंबलडन फाइनलिस्ट और 2022 ऑस्ट्रेलियन ओपन डबल्स चैंपियन किर्गियोस की अनोखी स्टाइल और खेल की हमेशा सराहना हुई है। ऑस्ट्रेलियन ओपन का मेन ड्रॉ 18 जनवरी से शुरू होगा, जबकि क्वालिफाइंग 12 जनवरी से खेली जाएगी। किर्गियोस और कोकिनाकिस को पुरुषों के डबल्स में वाइल्डकार्ड दिया गया है, और यह संभवत: उन्हें इस फॉर्मेट में देखने का आखिरी अवसर भी हो सकता है।  

यूनाइटेड कप में नया चैंपियन: पोलैंड ने पहली जीत से मचाया धमाल

सिडनी ह्यूबर्ट हुरकाज ने चोट से वापसी करते हुए एक भावुक जीत हासिल की और यूनाइटेड कप फाइनल में पिछले दो सालों की निराशा को मिटा दिया, जब उन्होंने रविवार रात सिडनी में मिक्स्ड टीम इवेंट में स्विट्जरलैंड पर पोलैंड की 2-1 की करीबी चैंपियनशिप जीत में अहम भूमिका निभाई। घुटने की सर्जरी के बाद सात महीनों में अपना पहला टूर्नामेंट खेलते हुए, पूर्व वर्ल्ड नंबर 6 को इगा स्विएटेक के बेलिंडा बेनसिक से 3-6, 6-0, 6-3 से हारने के बाद अपनी टीम को जीवित रखने के लिए स्टैन वावरिंका पर 6-3, 3-6, 6-3 से जीत की जरूरत थी, जिन्होंने टूर्नामेंट को 5-0 के सिंगल्स रिकॉर्ड के साथ खत्म किया। खिताब दांव पर होने पर, जान ज़िलिंस्की एक बार फिर शानदार फॉर्म में थे, जब उन्होंने कतरज़ीना कावा के साथ मिलकर अपना पांचवां मिक्स्ड डबल्स खिताब 6-4, 6-3 से जीता, जो पहले से अजेय रहे जैकब पॉल और बेनसिक के खिलाफ था, जो मैच प्ले में 10-0 के परफेक्ट रिकॉर्ड के साथ टूर्नामेंट खत्म करने की कोशिश कर रही थीं। बेनसिक को यूनाइटेड कप फाइनल्स की सबसे मूल्यवान खिलाड़ी चुना गया। यह 40 वर्षीय स्विस कप्तान वावरिंका के लिए एक भावुक रात थी, जो अपने विदाई सीजन की शुरुआत एक अप्रत्याशित यूनाइटेड कप खिताब के साथ करने की उम्मीद कर रहे थे। साहसी वावरिंका ने पूरे इवेंट में चार तीन-सेट के मैच खेले, लेकिन आखिरकार अपने पांच सिंगल्स मैचों में सिर्फ एक जीत के साथ ही संतोष करना पड़ा। हुरकाज़ ने वावरिंका पर 18 ऐस मारे और अपने सामने आए नौ में से आठ ब्रेक पॉइंट बचाए, जो इस हफ्ते 40 वर्षीय खिलाड़ी के कवच में एकमात्र कमजोरी को उजागर करता है। हालांकि उन्होंने दूसरे सेट को जीतने के रास्ते में एक महत्वपूर्ण ब्रेक हासिल किया, लेकिन तीन बार के ग्रैंड स्लैम चैंपियन ने अपने पांच सिंगल्स मैचों में 23 ब्रेक पॉइंट अवसरों में से सिर्फ दो को ही भुनाया। दिन के पहले मैच में, बेनसिक ने स्वियाटेक के खिलाफ 3-6, 6-0, 6-3 से वापसी करते हुए अपनी अजेय बढ़त जारी रखी। स्वियाटेक ने शुरुआत में अच्छी शुरुआत की, पहले गेम में लगातार चार पॉइंट जीतकर अपनी सर्विस बचाई, इसके बाद मैच का पहला ब्रेक लिया और फिर से अपनी सर्विस बचाई। जब स्वियाटेक 3-0 से आगे थीं, तो बेंकिच मैच में जम गईं, उन्होंने लगातार दो गेम जीते, और तीसरे ब्रेक पॉइंट पर बैकहैंड विनर लगाकर स्कोर 3-2 कर दिया। वर्ल्ड नंबर 2 ने आखिरकार सेट जीत लिया, अगले चार में से तीन गेम जीते, जिसमें बेंकिच की सर्विस के दो ब्रेक भी शामिल थे। सेट 6-3 से जीतते हुए, स्वियाटेक ने एक क्रॉसकोर्ट बैकहैंड विनर लगाया, जिसे स्विस खिलाड़ी नहीं पकड़ पाईं। हालांकि, दूसरे सेट में बेंकिच का दबदबा रहा। बेंकिच ने दूसरा सेट लगातार नौ पॉइंट जीतकर शुरू किया, और तीसरे गेम में, उन्होंने दो ब्रेक पॉइंट बचाए। अगले गेम में, उन्होंने तीसरे मौके पर अहम ब्रेक हासिल किया और 33 मिनट में सेट खत्म कर दिया। तीसरे सेट की शुरुआत में लगातार तीन गेम सर्विस होल्ड के साथ जीतने के बाद, बेंकिच ने मैच का टर्निंग पॉइंट हासिल किया। ब्रेक पॉइंट बनाने के लिए एक पावरफुल फोरहैंड के साथ, उन्होंने अहम पॉइंट का फायदा उठाया, स्वियाटेक की सर्विस को एक शानदार बैकहैंड विनर से वापस किया। स्वियाटेक आखिरी पॉइंट तक लड़ीं, दो गेम में सर्विस बचाई और दो ऐस लगाकर दो मैच पॉइंट बचाए। लेकिन जब स्वियाटेक – जिन्होंने अपने विरोधी के 10 के मुकाबले 36 अनफोर्स्ड एरर किए – 5-3 से पीछे थीं, तो बेंकिच ने ट्रिपल मैच पॉइंट हासिल किया, और खुले कोर्ट में उनके बैकहैंड विनर ने मैच खत्म कर दिया।