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रचिन रविंद्र–लैथम का तूफ़ान! कीवी टीम ने वेस्टइंडीज को 481 रन से दबाव में झोंका

नई दिल्ली रचिन रविंद्र और टॉम लैथम के शतकों की मदद से न्यूजीलैंड ने वेस्टइंडीज के खिलाफ पहले टेस्ट क्रिकेट मैच के तीसरे दिन गुरुवार को क्राइस्टचर्च में 481 रन की बढ़त हासिल करके मैच पर अपना शिकंजा मजबूत कस दिया। रविंद्र ने 176 रन की लाजवाब पारी खेली जबकि सलामी बल्लेबाज लैथम ने 145 रन बनाए। इन दोनों ने तीसरे विकेट के लिए 279 रन की साझेदारी की जिससे न्यूजीलैंड ने तीसरे दिन का खेल समाप्त होने तक अपनी दूसरी पारी में चार विकेट पर 417 रन बनाए। न्यूजीलैंड ने अपनी पहली पारी में 231 रन बनाने के बाद वेस्टइंडीज को 167 रन पर आउट करके 64 रन की बढ़त हासिल की थी। न्यूजीलैंड की दूसरी पारी के 417 रन में से 200 रन 50 चौकों से आए, जिनमें से 27 चौके रविंद्र ने लगाए। दिन का खेल समाप्त होने के समय विल यंग 20 और माइकल ब्रेसवेल छह रन बनाकर खेल रहे थे। लैथम ने 179 गेंदों में नौ चौकों की मदद से अपना शतक पूरा किया। रविंद्र ने अपना चौथा टेस्ट शतक 108 गेंदों में 16 चौकों और एक छक्के की मदद से पूरा किया। लैथम ने अपनी पारी में 250 गेंद का सामना किया और 12 चौके लगाए जबकि रविंद्र ने आक्रामक अंदाज में बल्लेबाजी की। उन्होंने 185 गेंद का सामना किया और अपनी पारी में 27 चौके लगाने के अलावा एक छक्का भी जड़ा। इन दोनों के अलावा डेवोन कॉनवे ने 37 रन का योगदान दिया। स्टार बल्लेबाज केन विलियमसन केवल नौ रन ही बना सके। उनके आउट होने से न्यूजीलैंड का स्कोर दो विकेट पर 100 रन हो गया था। इसके बाद रविंद्र और लैथम ने बड़ी साझेदारी निभाई।  

टीम की जरूरत सबसे ऊपर—पहले वनडे शतक के बाद रुतुराज का बड़ा बयान

रायपुर  सीमित ओवरों के क्रिकेट में विशेषज्ञ सलामी बल्लेबाज रुतुराज गायकवाड़ चौथे नंबर पर बल्लेबाजी करते हुए अपने पहले मैच में अच्छा प्रदर्शन नहीं कर पाए थे। दूसरे मैच में उन्होंने लय हासिल कर ली और शानदार शतक लगाया। अपना पहला ओडीआई शतक जड़ने के बाद उन्होने कहा कि उन्हें अपनी नई भूमिका से सामंजस्य बिठाने में ज्यादा परेशानी नहीं हुई।   भारत के लिए वनडे में श्रेयस अय्यर ने चौथे नंबर पर अच्छा प्रदर्शन किया है, लेकिन मुंबई के इस बल्लेबाज के चोटिल होने के कारण टीम प्रबंधन ने गायकवाड़ को यह जिम्मेदारी सौंपी और उन्होंने दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ दूसरे वनडे में शतक जड़कर यह भूमिका अच्छी तरह से निभाई। भारत इस मैच में हालांकि चार विकेट से हार गया था। गायकवाड़ ने मैच के बाद मीडिया से कहा, ‘मेरे लिए यह सम्मान की बात है की टीम प्रबंधन ने एक ऐसे सलामी बल्लेबाज पर भरोसा दिखाया जो चौथे नंबर पर भी बल्लेबाजी कर सकता है। मैंने अपनी इस भूमिका को इसी तरह से लिया।’ उन्होंने कहा, ‘यह केवल शुरुआती 10 से 15 गेंद खेलने का मामला होता है और उसके बाद प्रक्रिया समान रहती है।’ दाएं हाथ के इस बल्लेबाज ने 83 गेंदों पर 105 रन की पारी खेली और विराट कोहली (102) के साथ तीसरे विकेट के लिए 195 रन की साझेदारी की, जिससे भारत ने पांच विकेट पर 358 रन बनाए। गायकवाड़ ने कहा, ‘एकदिवसीय प्रारूप में जब मैं पारी की शुरुआत करता था तब भी मैं हमेशा यह सुनिश्चित करने की कोशिश करता था कि मैं 45वें ओवर तक बल्लेबाजी कर सकूं।’ उन्होंने कहा, ‘मैं जानता हूं कि 11 से 40 ओवरों के बीच कैसे खेलना है, स्ट्राइक रोटेट कैसे करनी है और बाउंड्री के विकल्प क्या हैं। मुझे अपनी पारी आगे बढ़ाने के लिए खुद पर पूरा भरोसा था।’ गायकवाड़ चोटिल होने के कारण इस साल आईपीएल के सभी मैच में नहीं खेल पाए थे और उन्हें काफी समय तक बाहर रहना पड़ा था। उन्होंने कहा कि वह अतीत पर ध्यान नहीं देते और वर्तमान में रहने की कोशिश करते हैं। उन्होंने कहा, ‘यही बेहतर होता है कि आप इस तरह की चीजों के बारे में अधिक नहीं सोचें क्योंकि अगर आप वर्तमान में नहीं हैं तो आपका ध्यान और तैयारी पर असर पड़ता है। मेरे दिमाग में कुछ चीजें चल रही थीं, लेकिन उसके बाद मैंने तय किया कि चाहे किसी भी प्रारूप का मैच हो मैं अपनी तरफ से सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने की कोशिश करूंगा।’ गायकवाड़ ने कहा, ‘अगर मुझे मौका मिलता है, तो यह अच्छी बात है, अगर मुझे मौका नहीं मिलता है, तब भी ठीक है। मुझे यह बात अच्छी तरह से पता है कि जितना हो सके रन बनाते रहना मेरा कर्तव्य है और अगर चीजें फिर से मेरे अनुकूल होती हैं तो यह अच्छी बात है और अगर नहीं होती हैं, तब भी अच्छी बात है।’ गायकवाड़ ने स्वीकार किया कि 12 चौकों और दो छक्कों की मदद से खेली गई 105 रन की पारी उनके करियर की अब तक की सर्वश्रेष्ठ पारी है। उन्होंने कहा, ‘मैं हां कहूंगा क्योंकि नंबर चार पर बल्लेबाजी करना भी मेरे लिए एक चुनौती थी।’ सुपरस्टार विराट कोहली के साथ खेलने का मौका मिलना कुछ ऐसा था जिसकी उन्होंने कल्पना भी नहीं की थी, लेकिन गायकवाड़ ने अपना ध्यान रन बनाने पर केंद्रित रखा। उन्होंने कहा, ‘उनकी (कोहली की) बल्लेबाजी अविश्वसनीय है और उनके पास जितना समय है और जिस तरह से वह मैच में इसका फायदा उठाते हैं, वह भी अद्भुत है। लेकिन मैं अपने खेल पर ध्यान केंद्रित करने की कोशिश कर रहा था और यह नहीं सोच रहा था कि वह कैसी बल्लेबाजी कर रहे हैं या किस तरह से रन बना रहे हैं।  

उम्र बढ़ी, प्रदर्शन और निखरा—35+ खिलाड़ियों में ODI का बादशाह विराट कोहली

नई दिल्ली  विराट कोहली के लिए सच में उम्र महज एक नंबर है। 35 वर्ष की उम्र के बाद बल्लेबाज आम तौर पर स्लो पड़ जाते हैं। उनके खेल पर बढ़ती उम्र का असर साफ दिखने लगता है लेकिन विराट कोहली लगता है अपवाद हैं। उम्र के साथ उनका खेल जैसे और ज्यादा निखरता जा रहा है। जिस उम्र में बल्लेबाजों के रिफ्लेक्सेज कमजोर हो जाते हैं। खेल पर उम्र हावी होने लगती है। उस उम्र में कोहली अपनी चुस्ती-फुर्ती से युवाओं का कान काट रहे। यकीन न हो तो आंकड़ों को देख लीजिए। वह 35 साल की उम्र के बाद वनडे में सबसे ज्यादा औसत से रन बनाने वाले बल्लेबाज हैं। दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ मौजूदा वनडे सीरीज में वह बैक टु बैक शतक जड़ चुके हैं।   35 साल की उम्र के बाद ओडीआई में सबसे ज्यादा औसत से रन बनाने के मामले में विराट कोहली शीर्ष पर हैं। उन्होंने 35 वर्ष पूरे करने के बाद अब तक 19 ओडीआई मैच खेले हैं जिनमें 60.43 के औसत से रन बनाए हैं। इस दौरान उन्होंने 5 शतक जड़े हैं। कोहली के पूरे ओडीआई करियर की बात करें तो उनका औसत 58.20 का है। कुमार संगकारा 35 वर्ष की उम्र के बाद खेले वनडे मैचों में सबसे ज्यादा औसत वाले बल्लेबाजों की लिस्ट में श्रीलंका के कुमार संगकारा दूसरे नंबर पर हैं। उन्होंने इस दौरान 71 वनडे मैच खेले और उनका औसत 57.49 का रहा। इस दौरान उन्होंने वनडे में 11 शतक भी जड़े। डेविड मलान लिस्ट में तीसरे नंबर पर इंग्लैंड के डेविड मलान हैं। उन्होंने 35 वर्ष की उम्र पूरी करने के बाद 21 ओडीआई खेले। इनमें उनका औसत 56.55 का रहा। इस दौरान उन्होंने 5 शतक भी जड़े। मैथ्यू हेडन ऑस्ट्रेलिया के मैथ्यू हेडन लिस्ट में चौथे नंबर पर हैं। उन्होंने 35 साल की उम्र के बाद 40 ओडीआई खेले। इस दौरान उन्होंने 54.25 के औसत से रन बनाए और 5 शतक भी जड़े। जहीर अब्बास पाकिस्तान के जहीर अब्बास इस लिस्ट में पांचवें नंबर पर हैं। उन्होंने 35 साल की उम्र पूरी करने के बाद 33 ओडीआई खेले। इनमें उन्होंने 52.07 के औसत से रन बनाए। इस दौरान उन्होंने 5 शतक जड़े। सचिन तेंदुलकर महान बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर इस लिस्ट में छठे नंबर पर हैं। उन्होंने 35 साल की उम्र पूरी करने के बाद 46 ओडीआई खेले। इस दौरान उन्होंने 49.19 के औसत से रन बनाए और 7 शतक जड़े।  

टॉस हारा, फील्डिंग बिगड़ी… टीम इंडिया की रायपुर में हार की 5 बड़ी गलतियाँ

 रायपुर साउथ अफ्रीका के खिलाफ 3 दिसंबर (बुधवार) को रायपुर के शहीद वीर नारायण सिंह इंटरनेशनल स्टेडियम में हुए मुकाबले में भारतीय टीम को 4 विकेट से पराजय का सामना करना पड़ा. मुकाबले में भारतीय टीम ने टॉस हारकर पहले बैटिंग करते हुए 5 विकेट पर 358 रन बनाए थे. जवाब में साउथ अफ्रीकी टीम ने 49.2 ओवरों में 6 विकेट पर 362 रन बनाकर मैच जीत लिया. रायपुर वनडे में जीत के साथ ही साउथ अफ्रीका ने तीन मैचों की सीरीज में 1-1 की बराबरी कर ली. सीरीज का आखिरी मुकाबला 6 दिसंबर को विशाखापत्तनम में खेला जाना है. रायपुर वनडे में भारतीय टीम के पास जीत हासिल करने का गोल्डन चांस था, लेकिन कुछ ऐसी वजहें रहीं, जिसने मैच को सााउथ अफ्रीका की ओर मोड़ दिया. भारतीय टीम की फील्डिंग कुछ खास नहीं रही. यशस्वी जायसवाल ने एडेन मार्करम का कैच उस समय टपका दिया, जब वो 53 रन पर खेल रहे थे. मार्करम ने इस मैच में 110 रन बनाए. रवींद्र जडेजा वैसे तो चपल फील्डर माने जाते हैं, लेकिन 2 मौके ऐसे आए, जब उन्होंने चूक की और विपक्षी टीम को 4-4 रन मिले. भारतीय फील्डर्स ने और भी कुछ मौके गंवाए, जिसने साउथ अफ्रीकी टीम का काम आसान कर दिया. ♦ भारतीय टीम की गेंदबाजी तो काफी साधारण रही. प्रसिद्ध कृष्णा ने 2 विकेट तो लिए, लेकिन इसके लिए उन्होंने 85 रन खर्च कर दिए. तेज गेंदबाज हर्षित राणा और स्पिनर कुलदीप यादव भी काफी महंगे साबित हुए. हर्षित ने 70 और कुलदीप ने 78 रन लुटाए. रवींद्र जडेजा और वॉशिंगटन सुंदर ने 11 ओवरों की गेंदबाजी में 69 रन खर्च किए, मगर कोई विकेट नहीं मिला. अर्शदीप सिंह जरूर असरदार साबित हुए और 54 रन देकर दो विकेट झटके, हाालंकि ये जीत दिलाने के लिए काफी नहीं थे. ♦ मुकाबले में भारतीय टीम टॉस नहीं जीत पाई, जो एक निगेटिव प्वाइंट रहा. टॉस हारने के चलते भारतीय टीम को पहले बल्लेबाजी करने पड़ी. भारत ने अच्छा स्कोर बनाया, लेकिन मैच की दूसरी पारी में ओस के चलते रनचेज आसान हो गया था. गेंद काफी गीली हो जा रही थी, ऐसे में गेंदबाजी आसान नहीं रही. वैसे भी आजकल टॉस के साथ भारतीय टीम की किस्मत खोटी चल रही है. भारतीय टीम वनडे क्रिकेट में लगातार 20 मैचों में टॉस गंवा चुकी है, जो चौंकाने वाला आंकड़ा है. ♦ भारतीय टीम का स्कोर 40 ओवरों के बाद चार विकेट के नुकसान पर 284 रन था. यहां से भारतीय टीम कम से कम 375 रनों के स्कोर तक तो पहुंच ही सकती थी. लेकिन साउथ अफ्रीकी गेंदबाजों ने आखिरी 10 ओवरों में अच्छी गेंदबाजी की, जिसके चलते भारतीय टीम इस दौरान 74 रन ही बटोर सकी. भारतीय टीम ने 20-30 रन और ज्यादा बनाए होते, तो मैच का नतीजा कुछ और होता. ♦ एडेन मार्करम ने साउथ अफ्रीका के लिए जरूर इस मुकाबले में शतक लगाया, लेकिन मेहमान टीम के लिए सबसे कारगर इनिंग्स खेली डेवाल्ड ब्रेविस ने. ब्रेविसन ने 5 छक्के और एक चौके की मदद से 34 बॉल पर 54 रन बनाए. ब्रेविस का विकेट यदि भारतीय टीम जल्द चटका लेती तो मुकाबला उसके पक्ष में जा सकता था.

टॉप 100 में सिर्फ 3 ने चुना सर्जरी: आखिर क्यों बढ़ रही विशेषज्ञता चुनने की दुविधा?

 नई दिल्ली नीट पीजी टॉपरों की पसंद में बीते कुछ सालों में बड़ा बदलाव देखने को मिला है। मेडिकल पीजी की जिन ब्रांचों पर टॉप रैंकर्स टूट कर पड़ते थे, अब वे पहली पसंद नहीं रह गई हैं। पिछले पांच सालों में नीट पीजी काउंसलिंग में हिस्सा लेने वाले ज्यादातर टॉप परफॉर्म करने वाले मेडिकल ग्रेजुएट्स का झुकाव नॉन-सर्जिकल मेडिसिन ब्रांच एमडी जनरल मेडिसिन की तरफ हो गया है। मास्टर इन सर्जरी (एमएस) में जबरदस्त गिरावट देखी गई है। टॉप 100 में से सिर्फ तीन उम्मीदवारों ने वर्तमान में चल रही नीट पीजी काउंसलिंग में एमएस को चुना है, जबकि 2021 में कम से कम 11 उम्मीदवारों ने एमएस कोर्स चुना था। इसी तरह रेडियोलॉजी और डर्मेटोलॉजी में एमडी, जो कभी टॉप रैंकर्स के बीच सबसे ज्यादा पसंद किए जाने वाले कोर्स थे, उनमें दिलचस्पी में भारी गिरावट देखी गई है। कैंडिडेट्स आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के आने को लेकर परेशान हैं, जिसके रेडियोलॉजी में डॉक्टरों की जगह लेने का डर है। डर्मेटोलॉजी में आर्टिफिशियल कॉस्मेटिक ट्रीटमेंट में हालिया बढ़ोतरी ने मेडिकल ग्रेजुएट्स की दिलचस्पी बदल दी है। जनरल सर्जरी, कार्डियोथोरेसिक सर्जरी और न्यूरोसर्जरी जैसी सर्जिकल ब्रांच में दिलचस्पी बहुत ज्यादा सीखने पढ़ने, काम के बोझ, मेडिको-लीगल रिस्क, इमरजेंसी अधिक होना और वर्क-लाइफ बैलेंस की कमी की वजह से कम हुई है। मेडिसिन टॉप प्रेफरेंस पिछले पांच सालों में टॉप रैंक वाले कैंडिडेट्स के बीच सीट प्रेफरेंस पैटर्न में काफी बदलाव आया है। लगभग 44-47 फीसदी ग्रेजुएट्स मेडिसिन और 40-43 फीसदी रेडियोलॉजी चुन रहे हैं। सर्जरी लाइन की पसंद कम क्यों टीओआई की रिपोर्ट के मुताबिक मेडिकल काउंसलिंग कमिटी (एमसीसी) के सदस्य सचिव कहते हैं, 'सर्जिकल स्पेशियलिटी सबसे ज्यादा डिमांड वाले फील्ड्स में से हैं, जिनमें काम के लंबे घंटे होते हैं जो कई लोगों, खासकर महिलाओं को हतोत्साहित करते हैं। जबकि डॉक्टर टेक्निकली अपने क्लिनिक खोल सकते हैं, इंडिपेंडेंट प्रैक्टिस बहुत कम होती है क्योंकि ज्यादातर सर्जिकल काम के लिए हॉस्पिटल से अटैचमेंट की जरूरत होती है। सर्जरी सेक्टर सीमित है क्योंकि सीनियर स्पेशलिस्ट के रिटायर होने तक नए लोगों के लिए कम जगह बची है। जब तक वे रिटायर नहीं होते, नए डॉक्टरों के लिए मौके कम होते हैं।' रैंक ही नहीं, मेहनत से भी ग्रोथ होती है 2025 सेशन के लिए एमएस जनरल सर्जरी के लिए लगभग 5,119 सीटें उपलब्ध थीं। घटती दिलचस्पी के कारण इनमें से कई सीटें टॉप 100 से नीचे रैंक वाले कैंडिडेट्स द्वारा भरी जाने की उम्मीद है। डॉ. एस श्रीनिवास कहते हैं, 'सिर्फ रैंक ही डॉक्टर की क्षमता को नहीं दिखाती है। हर ट्रेनी की ग्रोथ आखिरकार उनके डेडिकेशन, मेंटरशिप और पूरे कोर्स के दौरान हैंड्स-ऑन एक्सपीरियंस पर निर्भर करती है।' देखें बीते 5 सालों में किस मेडिकल पीजी ब्रांच का क्या हाल रहा डर्मेटोलॉजी को 2025 में 4, 2024 में 1, 2023 में 6, 2022 में 2 और 2021 ने 3 ने चुना रेडियोलॉजी को 2025 में 41, 2024 में 28, 2023 में 41, 2022 में 41 और 2021 ने 36 ने चुना सर्जरी को 2025 में 3, 2024 में 2, 2023 में 4, 2022 में 4 और 2021 में 11 ने चुना मेडिसिन को 2025 में 46, 2024 में 41 , 2023 में 41, 2022 में 45 और 2021 में 43 ने चुना ओब गायने को 2025 में 3, 2024 में 2, 2023 में 1, 2022 में 1 और 2021 में 1 ने चुना पीडियाट्रिशियन को 2025 में 1, 2024 में 0, 2023 में 5, 2022 में 2 और 2021 में 2 ने चुना ओर्थोपेडिक्स को 2025 में 1, 2024 में 1, 2023 में 1, 2022 में 1 और 2021 में 2 ने चुना  

विराट की रैंकिंग में उछाल, गिल को झटका—आईसीसी वनडे लिस्ट में आया बदलाव

नई दिल्ली अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद द्वारा जारी वनडे फॉर्मेट की ताजा रैंकिंग में विराट कोहली को फायदा हुआ है, जबकि इस फॉर्मेट में भारतीय टीम के कप्तान शुभमन गिल को नुकसान हुआ है। रांची वनडे में विराट कोहली ने 120 गेंद पर 135 रन की बेहतरीन पारी खेली थी। इस पारी का विराट को फायदा हुआ है। ताजा वनडे रैंकिंग में उन्हें एक स्थान का फायदा हुआ है। वह चौथे स्थान पर पहुंच गए हैं। शुभमन गिल इंजरी की वजह से दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ खेली जा रही वनडे सीरीज का हिस्सा नहीं हैं। इसका नुकसान उन्हें हुआ है। गिल एक पायदान नीचे फिसल कर पांचवें स्थान पर चले गए हैं। भारतीय टीम के पूर्व कप्तान रोहित शर्मा मजबूती से पहले स्थान पर काबिज हैं। ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ दूसरे वनडे में अर्धशतक और तीसरे वनडे में शतक लगाने वाले रोहित ने रांची में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ पहले वनडे में अर्धशतक लगाया था। इस वजह से वह पहले स्थान पर मजबूती से बने हुए हैं। दूसरे स्थान पर न्यूजीलैंड के डेरिल मिचेल हैं। पाकिस्तान के बाबर आजम छठे और आयरलैंड के हैरी टैक्टर सातवें स्थान पर हैं। वेस्टइंडीज के शाई होप आठवें, भारत के श्रेयस अय्यर नौवें और श्रीलंका के कप्तान चरिथ असालंका दसवें स्थान पर हैं। श्रीलंका के पाथुम निसांका 1 स्थान ऊपर चढ़ते हुए 13वें और भारत के केएल राहुल 2 स्थान ऊपर चढ़ते हुए 14वें स्थान पर आ गए हैं। केएल राहुल दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ वनडे सीरीज में भारत की कप्तानी कर रहे हैं। राहुल ने रांची में खेले गए पहले वनडे में 60 रन की पारी खेली थी। विराट कोहली के पास वनडे रैंकिंग में अपना स्थान और मजबूत करने का मौका है। दक्षिण सीरीज के आखिरी 2 वनडे में अगर उनका प्रदर्शन अच्छा रहा, तो वह रोहित शर्मा के करीब आ सकते हैं या उन्हें पीछे छोड़ते हुए शीर्ष स्थान हासिल कर सकते हैं।

रोहित शर्मा और तिलक वर्मा ने दिखाई Team India की 2026 T20 WC जर्सी, फैंस बोले—‘वाह!’

रायपुर  टी20 वर्ल्ड कप 2026 के लिए टीम इंडिया की जर्सी लॉन्च कर दी गई है। बुधवार को रायपुर में इंडिया वर्सेस साउथ अफ्रीका दूसरे वनडे के इनिंग ब्रेक के दौरान जर्सी का अनावरण किया गया। पूर्व भारतीय कप्तान रोहित शर्मा और युवा बल्लेबाज तिलक वर्मा ने जर्सी की पहली झलक दिखाई। रोहित आगामी टी20 वर्ल्ड कप के ब्रांड एंबेसडर हैं, जो भारत और श्रीलंका की मेजबानी में खेला जाएगा। रोहित के नेतृत्व में भारत ने 2024 में टी20 वर्ल्ड कप जीता था। वह टेस्ट और टी20 इंटरनेशनल से संन्यास ले चुके हैं। रोहित सिर्फ वनडे में एक्टिव हैं। वह पहले एक्टिव प्लेयर हैं, जिन्हें आईसीसी ने ब्रांड एंबेसडर घोषित किया।   टी20 वर्ल्ड कप के दसवें संस्करण की शुरुआत सात फरवरी को होगी जबकि फाइनल 8 मार्च को होगा। कुल 20 टीमें अपनी किस्मत आजमाएंगी। यह टूर्नामेंट आठ स्थलों (भारत में पांच और श्रीलंका में तीन) पर आयोजित किया जाएगा। टूर्नामेंट में दिल्ली, कोलकाता, अहमदाबाद, चेन्नई, मुंबई, कोलंबो और कैंडी में 55 मैच होंगे। भारत ग्रुप-ए का हिस्सा है, जिसमें चिर प्रतिद्वंद्वी पाकिस्तान के अलावा नीदरलैंड्स, नामीबिया और अमेरिका हैं। भारतीय क्रिकेट बोर्ड (बीसीसीआई) और पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (पीसीबी ) के बीच टूर्नामेंट के लिए हुए समझौते के अनुसार पाकिस्तान अपने सभी मैच श्रीलंका में खेलेगा। इस दिन भिड़ेंगे भारत और पाकिस्तान मौजूदा चैंपियन भारत टूर्नामेंट में अपने अभियान की शुरुआत सात फरवरी को मुंबई में अमेरिका के खिलाफ करेगा। भारतीय टीम 12 फरवरी को दिल्ली में नामीबिया से टकराएगी। इसके बाद, भारत 15 फरवरी पाकिस्तान से भिड़ेगा। यह हाई-वोल्टेज मैच कोलंबो के आर प्रेमदासी स्टेडियम में होगा। वहीं, भारत 18 फरवरी को अहमदाबाद में नीदरलैंड के खिलाफ अपना आखिरी लीग मैच खेलेगा। टूर्नामेंट का फॉर्मेट 2024 में हुए पिछले टी20 वर्ल्ड कप जैसा ही है। 20 टीमों को चार-चार के पांच ग्रुप में बांटा गया है। चारों ग्रुप में से शीर्ष दो टीमें सुपर-8 चरण में एंट्री करेंगी। इसके बाद टीमें सेमीफाइनल के लिए क्वालीफाई करेंगी। फिर फाइनल होगा।

पावरप्ले के बाद SA की सधी शुरुआत, भारत को ब्रेकथ्रू की दरकार

रायपुर  आज भारत और साउथ अफ्रीका के बीच रायपुर के शहीद वीर नारायण सिंह स्टेडियम में दूसरा वनडे खेला जा रहा है। भारत ने साउथ अफ्रीका के सामने 359 रनों का विशाल टारगेट रखा है। भारत ने निर्धारित 50 ओवर में पांच विकेट के नुकसान पर 358 रन जुटाए। टॉस गंवाकर बैटिंग करने उतरी भारतीय टीम की शुरुआत ने सधी हुई शुरुआत की। रोहित शर्मा (14) और यशस्वी जायसवाल (22) ने पहले विकेट के लिए 40 रन जोड़े। रोहित पांचवें जबकि यशस्वी 10वें ओव में आउट हुए। इसके बाद, विराट कोहली और ऋतुराज गायकाड़ ने दमदार साझेदारी की। दोनों ने तीसरे विकेट के लिए 195 रन जोड़े। गायकवाड़ ने 83 गेंदों में 12 चौकों और दो छक्कों की मदद से 105 रन बनाए। यह उनका पहला वनडे शतक है। कोहली ने 93 गेंदों में 102 रन बटोरे, जिसमें सात चौके और दो छक्के हैं। कोहली ने वनडे में 53वां और इंटरनेशनल क्रिकेट में 84वां शतक जमाया। वॉशिंगटन सुंदर (1) का बल्ला नहीं चला। ऐसे में कार्यवाहक कप्तान केएल राहुल ने रवींद्र जडेजा के साथ बखूबी मोर्चा संभाला। दोनों ने छठे विकेट के लिए 69 रनों की पार्टनरशिप कर भारत को विशाल स्कोर तक पहुंचाया। राहुल ने 43 गेंदों में नाबाद 66 रन जोड़े। उनके बल्ले से 6 चौके और दो छक्के निकले। जडेजा ने 27 गेंदों में दो चौकों के जरिए नाबाद 24 रनों की पारी खेली। साउथ अफ्रीका के लिए मार्को जानसेन ने दो जबकि लुंगी एनगिडी और नांद्रे बर्गर ने एक-एक विकेट हासिल किया। डिकॉक बने अर्शदीप का शिकार अर्शदीप ने साउथ अफ्रीका को पहला झटका दिया है। उन्होंने पांचवें ओवर की चौथी गेंद पर किंटन डिकॉक (11 गेंदों में 18) का शिकार किया। डिकॉक ने मार्करम (16)* के संग पहले विकेट के लिए 26 रनों की साझेदारी की। मार्करम का साथ देने के लिए कप्तान टेम्बा बावुमा आए हैं।

बैटिंग का मेगा शो: कोहली, ऋतुराज और राहुल चमके, टीम इंडिया का 359 का पहाड़ जैसा स्कोर

रांची  आज भारत और साउथ अफ्रीका के बीच दूसरा वनडे खेला जा रहा है। दोनों टीमें यायपुर के शहीद वीर नारायण सिंह इंटरनेशनल स्टेडियम में आमने-सामने हैं। साउथ अफ्रीका ने टॉस जीतकर भारत को बैटिंग का न्योता दिया। भारत की ओर से फिलहाल कार्यवाहक कप्तान केएल राहुल (52)* और रवींद्र जडेजा (17)* बैटिंग कर रहे हैं। विराट कोहली (102) और ऋतुराज गायकवाड़ (105) शतक जड़कर लौटे। यशस्वी जायसवाल ने 22 और रोहित शर्मा ने 14 रनों का योगदान दिया। वॉशिंगटन सुंदर ने सिर्फ एक रन बनाया। साउथ अफ्रीका ने अपनी प्लेइंग इलेवन में तीन बदलाव किए। कप्तान टेम्बा बावुमा के अलावा स्पिनर केशव महाराज और तेज गेंदबाज लुंगी एनगिडी को शामिल किया गया। बावुमा और महाराज को रांची में पहले वनडे में आराम दिया गया था। भारत ने कोई फेरबदल नहीं किया। टीम इंडिया तीन मैचों की सीरीज में अजेय बढ़त हासिल करने की फिराक में है। भारत ने पहले वनडे में मेहमान टीम को 17 रनों से हराया था, जिसमें विराट कोहली के बल्ले से ऐतिहासिक 52वां शतक निकला। भारत ने दिया 359 का टारगेट भारत ने साउथ अफ्रीका को 359 रनों का टारगेट दिया है। कप्तान राहुल 66 और जडेजा 24 रन बनाकर नाबाद रहे। भारत ने बॉश के आखिरी ओवर में 18 रन बटोरे। केएल राहुल ने जमाया अर्धशतक कप्तान केएल राहुल ने 33 गेंदों में अर्धशतक जमाया है। यह उनका 20वां वनडे अर्धशतक है। जडेजा 17 रन बनाकर खेल रहे हैं। भारतीय पारी में सिर्फ दो ओवर बचे हैं।

कप्तान की सलाह पर भरोसा: MI मेंटोर ने दिए हरमनप्रीत कोरे क्रेडिट, बोले– चयन ने टीम को बनाया मजबूत

नई दिल्ली  मुंबई इंडियंस (एमआई) की गेंदबाजी कोच और मेंटोर (मार्गदर्शक) झूलन गोस्वामी ने कहा कि महिला प्रीमियर लीग (डब्ल्यूपीएल) 2026 की हाल में हुई नीलामी के दौरान कप्तान हरमनप्रीत कौर की सलाह के कारण ही टीम आक्रामक ऑलराउंडर अमेलिया केर और तेज गेंदबाज शबनम इस्माइल जैसी खिलाड़ियों को अपने से जोड़ने में सफल रही। मुंबई इंडियंस इस लीग की सबसे सफल टीम रही है। उसने 2023 में इसकी शुरुआत के बाद से दो बार खिताब जीता है।   नीलामी में हरमनप्रीत की भूमिका के बारे में झूलन ने जियो स्टार से कहा, ''कप्तान के रूप में नीलामी की योजना बनाते समय हरमन की सलाह हमेशा महत्वपूर्ण होती है। आखिरकार वह इस टीम का नेतृत्व करती हैं और अविश्वसनीय रूप से सफल रही हैं।'' उन्होंने कहा, ''पूरी नीलामी प्रक्रिया में उनकी राय सबसे महत्वपूर्ण रही है। हमारा काम मैदान के अंदर और बाहर उनका समर्थन करना है। नीलामी के दौरान उनकी उपस्थिति से बहुत बड़ा फायदा हुआ। उनकी राय बहुत मायने रखती थी और उन्होंने एक अच्छी टीम तैयार करने में मदद की।'' हरमनप्रीत की अगुवाई वाली गत चैंपियन मुंबई टीम डब्ल्यूपीएल 2026 के उद्घाटन मैच में नौ जनवरी को नवी मुंबई के डीवाई पाटिल स्टेडियम में 2024 की विजेता रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (आरसीबी) का सामना करेगी। यह पहली बार है जब डब्ल्यूपीएल जनवरी-फरवरी में खेला जाएगा, क्योंकि पिछले तीन टूर्नामेंट आईपीएल से ठीक पहले फरवरी-मार्च में आयोजित किए गए थे। इस बार डब्ल्यूपीएल 28 दिन तक चलेगा और इसमें 22 मैच खेले जाएंगे। प्रतियोगिता का आयोजन दो स्थानों (नवी मुंबई और वडोदरा ) पर किया जाएगा।