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36 की उम्र में सुचिका ने रचा इतिहास, MMA में भारत को दिलाया पहला एशियन गेम्स मेडल

नई दिल्ली हरियाणा के रोहतक जिले के किलोई गांव की सुचिका ने महिलाओं की ट्रेडिशनल 60 किग्रा MMA स्पर्धा में ब्रॉन्ज मेडल जीता. सेमीफाइनल में सिंगापुर की हुई हून तेओ के खिलाफ मुकाबला बेहद कांटे का रहा और दोनों का स्कोर बराबर रहा. फैसला कम वजन वाली खिलाड़ी के पक्ष में गया और सुचिका को फाइनल में पहुंचने का मौका नहीं मिला. लेकिन उनके लिए यह ब्रॉन्ज किसी गोल्ड से कम नहीं था. मेडल जीतने के बाद सुचिका ने पीटीआई से कहा, 'यह मेरी जिंदगी से भी बढ़कर है. मैं कभी नहीं भूलूंगी कि जापान आई और अपने देश के लिए मेडल जीता. अब मैं खुशी से मर सकती हूं.' यह सिर्फ भावुकता में कही गई लाइन नहीं थी. सुचिका के करियर में यह मेडल लंबे इंतजार के बाद आया है. सुचिका बोलीं- दोनों राउंड जीती थी, वजन को क्यों बनाया आधार? एशियन गेम्स 2026 में महिला ट्रेडिशनल MMA के 60 किग्रा वर्ग में कांस्य पदक जीतने वाली भारत की सुचिका तारियाल ने सेमीफाइनल के फैसले पर सवाल उठाए हैं. सिंगापुर की हुई हून तेओ के खिलाफ मुकाबला हारने के बाद सुचिका ने कहा कि उन्होंने पदक का रंग बदलने के लिए पूरी ताकत झोंक दी थी, लेकिन फैसला उनके पक्ष में नहीं रहा. सुचिका के मुताबिक, मुकाबले में वह लगातार बेहतर नजर आ रही थीं और टेकडाउन भी उन्हीं ने किए. उन्होंने कहा, 'मैंने पदक का रंग बदलने की पूरी कोशिश की, लेकिन कुछ परिस्थितियों की वजह से ऐसा नहीं कर पाई. शायद कहीं मैं थोड़ी कम पड़ गई या फिर फैसला मेरे पक्ष में नहीं था. मैं उस फैसले से सहमत भी नहीं हूं.' उन्होंने कहा कि मुकाबला देखने वाले कई लोगों ने भी उन्हें बताया कि उनका प्रदर्शन बेहतर था. सुचिका ने वजन से जुड़े नियम का जिक्र करते हुए कहा कि उन्हें नियमों की जानकारी है और ज्यादा वजन होने की स्थिति में हार का नियम लागू होता है, लेकिन सिर्फ वजन के आधार पर पूरे मुकाबले का आकलन नहीं होना चाहिए. ‘उसने एक बार भी टेकडाउन नहीं किया’ सुचिका ने अपने प्रदर्शन का हवाला देते हुए कहा, 'अगर आप मुकाबला देखें तो मैं ही जीत रही थी. टेकडाउन मैं कर रही थी. उसने मुझे एक बार भी टेकडाउन नहीं किया. वह सिर्फ हवा में पंच कर रही थी.' उनका कहना था कि मुकाबला केवल वजन के अंतर तक सीमित नहीं होना चाहिए था. सुचिका ने आरोप लगाया कि मुकाबले का फैसला प्रदर्शन की बजाय वजन के आधार पर कर दिया गया. उन्होंने कहा, 'यह वजन तक नहीं जाना चाहिए था, लेकिन उन्होंने इसे वजन का मामला बना दिया. सिर्फ इसलिए उसे विजेता घोषित कर दिया गया क्योंकि उसका वजन कम था, जबकि मैंने दोनों राउंड जीते थे.' फैसले को लेकर सुचिका ने अपनी नाराजगी जाहिर की. उन्होंने कहा, 'हमारी अंतरराष्ट्रीय फेडरेशन सिंगापुर की है और वह खिलाड़ी भी सिंगापुर की थी'. उनका इशारा सेमीफाइनल के उस फैसले की ओर था, जिसमें कड़े मुकाबले के ड्रॉ रहने के बाद कम वजन के आधार पर सिंगापुर की हुई हून तेओ को विजेता घोषित किया गया. कॉमनवेल्थ में चूकीं, एशियन गेम्स में भी खाली हाथ रहीं सुचिका ने 2022 कॉमनवेल्थ गेम्स में जूडो में भारत का प्रतिनिधित्व किया था. वहां वह ब्रॉन्ज मेडल के मुकाबले में पहुंचीं, लेकिन पदक से चूक गईं. इसके बाद एशियन गेम्स में कुराश में भी उतरीं, लेकिन वहां भी मेडल हाथ नहीं आया. फिर MMA ने उन्हें एक और मौका दिया. और इस बार उन्होंने मौका हाथ से नहीं जाने दिया. सुचिका ने बताया, 'मैं चाहती थी कि अपने देश के लिए मेडल जीतूं, ताकि लोग मुझे जानें. मैं जिउ-जित्सु में वर्ल्ड चैम्पियन भी हूं. कुराश में एशियन गेम्स खेल चुकी हूं, लेकिन वहां मेडल नहीं मिला. फिर मुझे यहां खुद को साबित करने का दूसरा मौका मिला. मैंने इसके लिए बहुत मेहनत की.' जब खेलना महंगा था, तब भी नहीं छोड़ा मैदान सुचिका की कहानी सिर्फ खेल उपलब्धियों की नहीं, बल्कि उस संघर्ष की भी है जिसमें एक खिलाड़ी को अपने सपने के लिए आर्थिक मुश्किलों से लड़ना पड़ा. उनके पिता सरकारी नौकरी से रिटायर हैं और मां गृहिणी हैं. करियर के शुरुआती दौर में आर्थिक परेशानियां इतनी थीं कि ट्रेनिंग के लिए उन्हें अपने विभाग से बिना वेतन छुट्टी तक लेनी पड़ी. ऐसे वक्त में पति ने आर्थिक रूप से उनका साथ दिया. सुचिका ने कहा, 'आर्थिक रूप से मुझे बहुत समस्याएं थीं. मैंने ट्रेनिंग के लिए अपने विभाग से बिना वेतन छुट्टी ली. मेरे पति ने आर्थिक रूप से मेरा समर्थन किया और मुझे यहां तक पहुंचाया. इसलिए मैं यह मेडल अपने माता-पिता और पति को समर्पित करना चाहती हूं.' मैरी कॉम को दूर से देखा और बना लिया आदर्श सुचिका की प्रेरणा भी उसी जिद की कहानी कहती है. उनकी आदर्श हैं छह बार की वर्ल्ड चैम्पियन और ओलंपिक ब्रॉन्ज मेडलिस्ट बॉ़क्सर मैरी कॉम. सुचिका ने उन्हें पहली बार राष्ट्रीय जूडो कैंप के दौरान भोपाल में देखा था. उन्होंने कहा,  'मैं बचपन से मैरी कॉम दीदी को पसंद करती हूं. शायद 2009-10 में भोपाल में जूडो के राष्ट्रीय कैंप में थीं. वह अपने कपड़ों और जिस तरह खुद को संभालती थीं, बहुत शानदार लगती थीं. वह मेरी आइडल हैं. मैंने उनसे कभी व्यक्तिगत रूप से बात नहीं की. अगर मौका मिला तो उनसे बात करना चाहूंगी.' जिस खिलाड़ी को उन्होंने कभी दूर से देखकर अपना आदर्श बनाया, उसी तरह सुचिका अब उन खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा बन चुकी हैं जो मानते हैं कि खेल में उम्र किसी सपने की आखिरी तारीख नहीं होती. संन्यास लेने वाली थीं, अब फिर लड़ेंगी इस मेडल की सबसे दिलचस्प बात शायद यही है कि सुचिका एशियन गेम्स को अपने MMA करियर का आखिरी पड़ाव मानकर जापान आई थीं. उन्हें लगा था कि 36 की उम्र में अब खेल को अलविदा कह देना चाहिए. लकिन सेमीफाइनल तक पहुंचने के सफर ने उनकी सोच बदल दी. उन्होंने कहा, 'मैंने सोचा था कि एशियन गेम्स के बाद MMA छोड़ दूंगी. मैं अब उम्रदराज हो गई हूं और खेलना बंद करना चाहती थी. लेकिन अब मुझे लगता है कि मैं कर सकती हूं. आज के प्रदर्शन को देखकर लगता है कि मैं अभी और कर सकती … Read more

टेबल टेनिस में भारत का दबदबा, पाकिस्तान को 3-0 से दी करारी शिकस्त

 नई दिल्‍ली  भारतीय पुरुष टेबल टेनिस टीम ने एशियन गेम्‍स 2026 में सोमवार को चिर-प्रतिद्वंद्वी पाकिस्‍तान को 3-0 से मात दी। भारतीय टीम ने ईरान के खिलाफ मिली शिकस्‍त के बाद दमदार कमबैक किया। अब भारतीय पुरुष टेबल टेनिस टीम ग्रुप-एफ में शीर्ष पर पहुंच गई है। इससे पहले भारतीय महिला टीम ने चिर-प्रतिद्वंद्वी पाकिस्‍तान को 3-0 से मात देकर क्‍वार्टर फाइनल में अपनी जगह पक्‍की की। बता दें कि भारतीय पुरुष टीम की तरफ से हरमीत देसाई ने पहले सिंगल्‍स मैच में खान मोहम्‍मद को 11-4, 11-3 और 11-5 से मात दी। इसके बाद साथियान गनाशेखरन ने अब्‍बास खान को सीधे सेटों में 11-1, 11-8 और 11-9 से पटखनी दी। भारतीय पैडलर्स का दमदार प्रदर्शन पायस जैन ने पुरुषों की तरफ से खान मोहम्‍मद को 11-2, 11-5 और 11-7 से मात देकर पाकिस्‍तान का 3-0 से क्‍लीन स्‍वीप किया। याद दिला दें कि भारतीय पुरुष टेबल टेनिस टीम ने इंडोनेशिया को मात देकर अपने अभियान की विजयी शुरुआत की। इसके बाद उसे ईरान से शिकस्‍त मिली थी। बहरहाल, पाकिस्‍तान को मात देकर भारतीय टीम ग्रुप-एफ में शीर्ष पर पहुंच गई है। उसके तीन मैचों में पांच अंक हैं। इससे पहले भारतीय महिला टीम ने पाकिस्‍तान का 3-0 से क्‍लीन स्‍वीप किया था। भारतीय महिलाओं का शानदार प्रदर्शन स्‍काई हॉल में इंडोनेशिया और सिंगापुर को मात देने के बाद भारत ने पाकिस्‍तान को अपने निशाने पर लिया। सुतीर्थ मुखर्जी ने अलीना खान को 11-3, 11-3, 11-4 से मात दी। सुतीर्थ ने केवल 10 मिनट में मात दी। 17 साल के सिंड्रेला दास ने कलसूम खान को सीधे गेमों में 11-6, 11-7, 11-5 से पटखनी दी। श्रीजा अकुला ने 11 मिनट के अंदर फातिमा खान को मात देकर पाकिस्‍तान का 3-0 से क्‍लीन स्‍वीप किया। अकुला ने 11-4, 11-4, 11-5 से मात देकर क्‍वार्टर फाइनल में जगह पक्‍की की।

साई सुदर्शन के पास बड़ा मौका, ऑस्ट्रेलिया-A के खिलाफ मजबूत करेंगे टेस्ट दावेदारी

नई दिल्ली इंडिया-ए और ऑस्ट्रेलिया-ए के बीच 22 सितंबर (मंगलवार) से दो मैचों की अनऑफिशियल टेस्ट सीरीज का पहला मुकाबला पुडुचेरी के सीचेम ग्राउंड में खेला जाना है. इस चार दिवसीय फर्स्ट क्लास मुकाबले में साई सुदर्शन के प्रदर्शन पर चयनकर्ताओं की खास नजर रहेगी. फिट होकर वापसी कर रहे सुदर्शन एक बार फिर इंडिया-ए के लिए पारी की शुरुआत करेंगे. उनका लक्ष्य सिर्फ रन बनाना नहीं, बल्कि न्यूजीलैंड दौरे के लिए टेस्ट टीम में रिजर्व ओपनर के तौरा पर अपनी दावेदारी मजबूत करना है. साई सुदर्शन ने भारत के लिए अब तक सात टेस्ट मुकाबले खेले हैं और इनमें उन्होंने नंबर-3 पर बल्लेबाजी की है. हालांकि, इंडिया-ए के साथ श्रीलंका दौरे पर उन्हें ओपनिंग की जिम्मेदारी दी गई थी और उन्होंने इस मौके को शानदार अंदाज में भुनाया. श्रीलंका-ए के खिलाफ दो फर्स्ट क्लास मैचों में उन्होंने 132 और 168 रनों की पारियां खेलकर अपनी बल्लेबाजी क्षमता का मजबूत संकेत दिया था. श्रीलंका दौरे के बाद पैर में फ्रैक्चर के कारण साई सुदर्शन टेस्ट सीरीज से बाहर हो गए थे. चोट से पूरी तरह उबरने के लिए उन्होंने बेंगलुरु स्थित सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (CoE) में करीब छह सप्ताह का रिहैबिलिटेशन किया. अब फिटनेस हासिल करने के बाद उनकी इंडिया-ए टीम में वापसी हुई है और ऑस्ट्रेलिया-ए के खिलाफ वह उसी भूमिका में नजर आएंगे, जिसमें उन्होंने श्रीलंका-ए के खिलाफ प्रभाव छोड़ा था. पडिक्कल नंबर-3 पर खेलेंगे वहीं, इंडिया-ए के कप्तान देवदत्त पडिक्कल इस मुकाबले में तीसरे नंबर-पर खेलते नजर आएंगे. टेस्ट टीम में नंबर-3 पोजीशन के लिए रेस में पडिक्कल ने अपनी स्थिति मजबूत कर ली है. श्रीलंका में पिछली सीरीज के दौरान उन्होंने दो शतक लगाए थे. इसी वजह से सुदर्शन को अब ओपनिंग विकल्प के तौर पर देखा जा रहा है. आने वाली टेस्ट सीरीज के लिए भारत को रिजर्व ओपनर के साथ एक भरोसेमंद अतिरिक्त स्पिनर की भी जरूरत है. श्रीलंका के खिलाफ टेस्ट खेल चुके सारांश जैन का प्रदर्शन उम्मीद के मुताबिक नहीं रहा था. अब ऑस्ट्रेलिया-ए के खिलाफ मुंबई के अनुभवी ऑफ स्पिनर तनुष कोटियन पर चयनकर्ताओं की नजर रहेगी. अंतरिम चयन समिति के प्रमुख प्रज्ञान ओझा और उनके साथी चयनकर्ता इस मुकाबले में उन खिलाड़ियों के प्रदर्शन को करीब से देखेंगे, जो आने वाले समय में टेस्ट टीम का हिस्सा बन सकते हैं. बैकअप टीम तैयार कर रहा भारत इंडिया-ए और ऑस्ट्रेलिया-ए की इस सीरीज का महत्व सिर्फ एक फर्स्ट क्लास मुकाबले तक सीमित नहीं है. भारत की टीम आने वाली बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी के लिए भी बैकअप विकल्प तैयार कर रही है. पांच टेस्ट की लंबी सीरीज में चोट या फिटनेस से जुड़ी समस्या आने पर मजबूत विकल्प मौजूद रहें, यही वजह है कि इंडिया-ए के खिलाड़ियों को इस तरह के मुकाबलों में परखा जा रहा है. इसके अलावा इंडिया-ए के न्यूजीलैंड दौरे के लिए भी खिलाड़ियों की पहचान की जा रही है. ऑस्ट्रेलिया-ए की टीम भी कई ऐसे खिलाड़ियों से सजी है, जो टेस्ट टीम में जगह बनाने की दौड़ में हैं. सैम कोंस्टास, नाथन मैकस्वीनी, टॉड मर्फी और झाय रिचर्डसन जैसे खिलाड़ी भारतीय परिस्थितियों में खुद को परखेंगे. पीटर हैंड्सकॉम्ब और एशेज जीत चुके तेज गेंदबाज ब्रेंडन डॉगेट भी टीम का हिस्सा हैं. ऑस्ट्रेलिया के पूर्व कप्तान और कोच टिम पेन ने भारत में खेलने को इन खिलाड़ियों के लिए अहम अनुभव बताया है. खासकर गर्मी, पिच की परिस्थितियों और रेड बॉल से अलग लेंथ पर गेंदबाजी करने की चुनौती से रूबरू होना उनके लिए उपयोगी होगा. इंडिया-ए का स्क्वॉड: अमन मोखाडे, आयुष पांडे, देवदत्त पडिक्कल (कप्तान), साई सुदर्शन (उपकप्तान), यश राठौड़, शेख रशीद, कुमार कुशाग्र (विकेटकीपर), शम्स मुलानी, तनुष कोटियन, तुषार देशपांडे, अंशुल कम्बोज, प्रफुल्ल हिंगे, नारायण जगदीशन (विकेटकीपर), नचिकेत भुते और त्रिपुराना विजय.

लक्ष्य सेन, आयुष शेट्टी और श्रीकांत का जलवा, भारत ने बांग्लादेश को किया बाहर

नागोया एशियन गेम्स 2026 का आगाज भारतीय पुरुष बैडमिंटन टीम ने धमाकेदार जीत के साथ किया है। एकतरफा मुकाबले में लक्ष्य सेन , आयुष शेट्टी और किदांबी श्रीकांत ने बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए बांग्लादेश को 3-0 से शिकस्त दी। इवेंट में 5 मैच होने थे लेकिन पहले तीन को जीतकर ही भारत ने बांग्लादेश को बाहर कर दिया। इसकी वजह से चौथे और पांचवें मैच की जरूरत नहीं पड़ी। इसके साथ ही पुरुष बैडमिंटन टीम इवेंट में बांग्लादेश का सफर समाप्त हो गया है। भारतीय महिला टीम ने रविवार को बांग्लादेश को कुछ इसी अंदाज में क्रिकेट के सेमीफाइनल मुकाबले में हराया था लक्ष्य सेन ने दिलाई विजयी शुरुआत भारत को मुकाबले में बेहतरीन शुरुआत लक्ष्य सेन ने दिलाई। बांग्लादेश के खिलाड़ी अयमान इब्न जमन के खिलाफ खेलते हुए लक्ष्य ने दमदार खेल दिखाया। पहले गेम में लक्ष्य का पूरी तरह से दबदबा देखने को मिला और उन्होंने एक के बाद एक दमदार शॉट्स लगाते हुए गेम को 21-4 के बड़े अंतर से जीता। लक्ष्य अपनी इसी लय को दूसरे गेम में भी बरकरार रखने में सफल रहे। उन्होंने दूसरे गेम को 21-12 से अपने नाम करते हुए मुकाबले में भारत को 1-0 की बढ़त दिलाई। लक्ष्य के जबरदस्त स्मैश का जमान के पास कोई जवाब नजर नहीं आया। आयुष शेट्टी को भी नहीं हुई दिक्कत वहीं, आयुष शेट्टी ने दूसरे मैच में कमाल का खेल दिखाया। बांग्लादेश के खिलाड़ी गौरव सिंघा पर आयुष पूरी तरह से हावी नजर आए और उन्होंने वापसी करने का कोई मौका नहीं दिया। आयुष ने पहले गेम को 21-4 से जीता। इसके बाद दूसरे गेम में भी वह अपने इस दबदबे को कायम रखने में कामयाब रहे और उन्होंने 21-13 से गेम जीतकर भारत की बढ़त को 2-0 कर डाला। किदांबी श्रीकांत का अनुभव भारी पड़ा तीसरे मैच में किदांबी श्रीकांत को पहले गेम में जीत के लिए थोड़ी मशक्कत करनी पड़ी लेकिन वह गेम को 21-15 से अपने नाम करने में सफल रहे। दूसरे गेम में श्रीकांत ने जुमार अल-अमीन को वापसी करने का कोई मौका नहीं दिया और 21-10 से गेम को जीतकर बांग्लादेश की हार पर मुहर लगा दी। इस जीत के साथ ही भारतीय पुरुष टीम ने क्वार्टर फाइनल में अपनी जगह पक्की कर ली है। क्वार्टर फाइनल मुकाबले में भारत की भिड़ंत अब मंगलवार को जापान से होगी।

ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ आर्यवीर सहवाग का तूफानी अंदाज, 9 चौकों से बनाए 47 रन

नई दिल्ली भारतीय अंडर-19 टीम ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ अनाधिकारिक वनडे सीरीज खेल रही है। सीरीज के दूसरे मुकाबले में भारत के लिए सलामी बल्लेबाज आर्यवीर सहवाग ने शानदार बल्लेबाजी की। राजकोट के निरंजन शाह स्टेडियम में भारतीय टीम ने पहले बैटिंग की कप्तान लक्ष्य राजेश रायचंदानी के साथ आर्यवीर ओपनिंग करने आए। 29 गेंदों पर लक्ष्य ने 11 रन बनाए तो आर्यवीर ने शुरुआत से ही चौकों की बरसात करके अपने इरादे साफ कर दिया। आर्यवीर सहवाग रन आउट हुए आर्यवीर सहवाग के बल्ले से 47 रनों की पारी निकली। उन्होंने 48 गेंदों का सामना किया और इस दौरान 9 चौके मारे। रन आउट होने की वजह से उन्हें पवेलियन लौटना पड़ा और फिफ्टी से चूक गए। पहले विकेट के लिए लक्ष्य के साथ सहवाग ने 45 गेंद पर 46 रन जोड़े। इसमें आर्यवीर ने 21 तो लक्ष्य ने 11 रनों का योगदान दिया। दूसरे विकेट के लिए वीके विनीत के साथ 55 रनों की साझेदारी हुई। विनीत के साथ तालमेल बिगड़ने की वजह से ही आर्यवीर रन आउट हुए। भारतीय टीम ने 341 रन बनाए ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ पहले बैटिंग करते हुए भारतीय अंडर-19 टीम ने 7 विकेट पर 341 रन बनाए। चौथे नंबर पर उतरे यशबर्धन चौहान ने 122 रनों की पारी खेली। 100 गेंदों पर उन्होंने 15 चौके और दो छक्के मारे। वीके विनीत ने 4 चौके और 6 छक्कों की मदद से 92 गेंदों पर 87 रन बनाए। विनीश और यशबर्धन के बीच 132 रनों की साझेदारी हुई। कुशाग्र ओझा ने 20 गेंदों पर 34 रन बनाए। छठे नंबर पर बैटिंग करने उतरे राहुल द्रविड़ के बेटे अन्वय ने 8 गेंद पर 9 रन बनाए। वह 47वें ओवर में क्रीज पर आए थे। तीन मैचों की सीरीज के पहले मुकाबले को भारतीय अंडर-19 टीम ने जीता था। राजकोट में ही बारिश की वजह से मैच 20-20 ओवर का हुआ था। भारत ने 6 विकेट पर 182 रन बनाए तो ऑस्ट्रेलियाई अंडर-19 टीम 175 रन ही बना सकी थी।    

बिहार से जापान तक अभिषेक आनंद का सफर, IIT कानपुर में की पढ़ाई और बने क्रिकेटर

पटना बिहार के रोहतास से निकलकर IIT कानपुर में पढ़ाई करने वाले अभिषेक आनंद ने जापान की क्रिकेट टीम तक का सफर तय किया है. भारत और जापान के बीच 22 सितंबर (मंगलवार) को होने वाले ऐतिहासिक टी20I मुकाबले से पहले उनका एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है. वीडियो में अभिषेक से जब उनके बिहारी होने और जापान के लिए क्रिकेट खेलने को लेकर सवाल किया गया, तो उनका जवाब 'बिहारी कहां नहीं है भाई' खूब चर्चा में आ गया. हालांकि, भारत के खिलाफ तोचिगी प्रांत के सानो इंटरनेशनल क्रिकेट ग्राउंड में होने वाले इस मुकाबले का हिस्सा अभिषेक आनंद नहीं होंगे. जापान ने मैच के लिए जो 15 सदस्यीय टीम का ऐलान किया, उसमें अभिषेक आनंद का नाम शामिल नहीं है. यानी फैन्स उन्हें भारत के खिलाफ मैदान पर उतरते नहीं देखेंगे. अभिषेक आनंद का क्रिकेट से जुड़ाव जापान पहुंचने के बाद नहीं हुआ. IIT कानपुर में केमिस्ट्री की पढ़ाई के दौरान भी उन्होंने क्रिकेट खेलना जारी रखा और इस संस्थान की टीम की कप्तानी की. पढ़ाई पूरी करने के बाद वह नौकरी के लिए टोक्यो चले गए. जापान में भी उन्होंने क्रिकेट को अपने जीवन से अलग नहीं होने दिया. नौकरी के साथ क्लब क्रिकेट खेलते रहे और स्थानीय स्तर पर उनके प्रदर्शन ने उन्हें जापान की नेशनल क्रिकेट टीम तक पहुंचा दिया. अभिषेक का ऐसा रहा है इंटरनेशनल करियर 28 साल के अभिषेक आनंद ने 9 मई 2025 को कुक आइलैंड्स के खिलाफ जापान के लिए टी20 इंटरनेशनल डेब्यू किया था. इसके बाद वह जापान की टीम का नियमित हिस्सा बने. उन्होंने अब तक 18 टी20 इंटरनेशनल मुकाबले खेले हैं, जिसमें उनके नाम पर 275 रन दर्ज हैं. उनका सर्वोच्च स्कोर 55 रन रहा है, जबकि गेंदबाजी में उन्होंने एक विकेट लिया है. उनकी कहानी इसलिए भी खास है क्योंकि उन्होंने क्रिकेट को करियर का मुख्य रास्ता बनाए बिना भी खेल में अपनी जगह बनाई. नौकरी और क्रिकेट को साथ लेकर चलने के बाद वह जापान की राष्ट्रीय टीम तक पहुंचे. भारत और जापान के बीच पहली बार कोई इंटरनेशनल क्रिकेट मुकाबला होने जा रहा है. यह मैच भारत-जापान राजनयिक संबंधों की 75वीं वर्षगांठ के अवसर पर आयोजित किया जा रहा है और एशियन गेम्स से पहले दोनों टीमों के लिए तैयारी का भी हिस्सा है. जापान की 15 सदस्यीय टीम: केंडेल काडोवाकी-फ्लेमिंग (कप्तान) चार्ली हारा-हिंज, बेंजामिन इतो-डेविस, एलेस्टर काडोवाकी-फ्लेमिंग, कोहेई कुबोटा, जेक कुसुदा-नायरन, वतरू मियाउची, रेओ सकुरानो-थॉमस, एलेक्स शिराई-पटमोर, शोमा सुगया-स्लेटर, डेक्लान सुजुकी, त्सुयोशी तकादा, इब्राहिम ताकाहाशी, मकोतो तानियामा और लाचलान यामामोटो-लेक.

कबड्डी में भारत का दबदबा, जापान को 25 अंकों से रौंदकर शानदार शुरुआत

नई दिल्‍ली  भारतीय पुरुष कबड्डी टीम ने सोमवार को एशियन गेम्‍स 2026 में अपने अभियान की विजयी शुरुआत की। सुनील कुमार के नेतृत्‍व वाली भारतीय टीम ने मेजबान जापान को 25 अंक के अंतर से मात दी। भारत ने मुकाबला 49-24 के स्‍कोर से अपने नाम किया। टोकाई सिटीजन्‍स जिम्‍नेशियम में ग्रुप-ए के मुकाबले में भारत ने शुरुआत से दबदबा बनाए रखा। आशु मलिक ने सुपर रेड के जरिये तीन अंक बटोरे और भारत को शुरुआती बढ़त दिलाई। उन्‍हें प्रो कबड्डी लीग के स्‍टार रेडर्स अर्जुन देशवाल, देवांक दलाल और अयान लोहचाब का भरपूर समर्थन मिला। पहले हाफ में भारत का दबदबा भारतीय टीम ने पहले हाफ में जापान को तीन बार ऑलआउट किया, जिससे उसे 6 अंक मिले। इसके अलावा भारत ने 25 अंक अपने खिलाड़‍ियों के दम पर हासिल किए। जापान की टीम भारत के सामने जोर लगाने में नाकाम रही। उसने छूने के पांच और बोनस के चार अंक हासिल किए। ब्रेक के समय भारत ने 22 अंक की बढ़त बनाते हुए स्‍कोर 31-9 रखा। जापान की वापसी ब्रेक के बाद जापान ने ज्‍यादा अनुशासन दिखाया और मुकाबला कड़ा बनाते हुए 18-15 का स्‍कोर कर कर दिया। इस तरह ब्रेक के बाद भारत की बढ़त केवल 12 अंक की रह गई। भारतीय टीम ने एक बार फिर मैच में वापसी करके जापान को चौथी बार ऑलआउट कर दिया। यहां से जापान की वापसी की उम्‍मीदें पूरी तरह खत्‍म हो गई। भारत के रेडर्स ने पहले ही अपना दबदबा कायम रखा और जापानी रक्षा की धज्जियां उड़ा दीं। बहरहाल, भारत की पुरुष टीम ने खिताब की तरफ कदम बढ़ा लिए हैं और उसकी कोशिश एशियन गेम्‍स में 9वां गोल्‍ड मेडल जीतने की होगी। पता हो कि भारत ने पिछले 9 एशियन गेम्‍स में से 8 बार गोल्‍ड मेडल जीता है।

जीत की उम्मीद टूटी तो रो पड़ीं सुचिका तारियाल, सेमीफाइनल में सिंगापुर की फाइटर से हार

नई दिल्ली  भारत को एमएमए महिला फाइटर सुचिका तारियाल से उम्मीद थी कि वह एशियन गेम्स-2026 में 60 किलोग्राम भारवर्ग के मुकाबले में गोल्ड मेडल जीतकर आएंगी, लेकिन सोमवार को खेले गए सेमीफाइनल मैच में सिंगापुर की टी हून ने उन्हें हरा दिया और इसी के साथ भारतीय खिलाड़ी को ब्रॉन्ज मेडल से संतोष करना पड़ा। इस मैच के बाद सुचिका फूट-फूटकर रो पड़ीं। उनके हावभाव देखकर लग रहा था कि उनके मुताबिक वह जीत की हकदार थीं, लेकिन सिंगापुर की खिलाड़ी को विजेता घोषित किया गया जिससे वह निराश लग रही थीं। ऐसा रहा मैच सुचिका ने पहले राउंड में शानदार खेल दिखाया और अपनी प्रतिद्वंद्वी को ज्यादा मौके नहीं दिए। दूसरे मिनट में ही सुचिका ने हून को जमीन पर गिरा दिए और अच्छे पंच बरसाए। हालांकि, सिंगापुर की खिलाड़ी उठ खड़ी हुईं और उन्होंने पलटवार भी किया। दूसरे राउंड में हून ने अपनी आक्रामकता से सुचिका को कमजोर किया और दबाव बनाया। सुचिका ने हार नहीं मानी और तुरंत पलटवार किया, लेकिन सिंगापुर की खिलाड़ी दोबारा सुचिका पर हावी हो गईं। सुचिका ने आखिरी मिनट तक सिंगापुर की खिलाड़ी के सामने हार नहीं मानी। उन्हें लगा था कि वह मुकाबला जीत गई हैं, लेकिन मैच तीसरे राउंड में पहुंचा। सिंगापुर की खिलाड़ी हावी आखिरी राउंड में सिंगापुर की खिलाड़ी ने सुचिका को कई किक मारीं जबकि सुचिका ने शांत रहने की रणनीति अपनाई। वह निर्णायक वार करने की कोशिश करती दिखीं। बिल्कुल आखिरी पलों में सुचिका ने कुछ कॉम्बिनेशन अटैक किए जिससे हून को परेशानी हुई। फिर आखिरी बजर बजने के बाद सुचिका अपनी प्रतिद्वंद्वी पर झपटीं और उन्हें ज़मीन पर गिरा दिया। रेफरी ने आकर दोनों फाइटर्स को अलग किया। रेफरी ने सिंगापुर की खिलाड़ी को विजेता घोषित किया जिससे सुचिका खुश नहीं दिखीं। उन्होंने रेफरी से हाथ मिलाने से इनकार कर दिया। भावुक सुचिका मैट पर बैठी रोने लगीं।  

टेबल टेनिस में भारत का दबदबा, पाकिस्तान का 3-0 से क्लीन स्वीप

नई दिल्ली  भारत और पाकिस्तान के खेल मुकाबले हमेशा से ही फैंस का दिल थामकर देखने वाले होते हैं। जब भी ये दोनों टीमें किसी भी खेल में आमने-सामने आती हैं, तो रोमांच अपने चरम पर होता है। हाल ही में महिला एशिया कप के क्रिकेट मुकाबले में भारतीय टीम ने पाकिस्तान को बुरी तरह धोया था। अब ठीक वैसा ही नजारा एशियन गेम्स 2026 के टेबल टेनिस कोर्ट पर भी देखने को मिला है। आइची-नागोया में खेले गए महिला टेबल टेनिस टीम मुकाबले में भारत ने पाकिस्तान को एकतरफा अंदाज में 3-0 से हराकर अगले दौर का टिकट कटा लिया है। इस पूरे मुकाबले में पाकिस्तानी पैडलर्स भारतीय खिलाड़ियों के सामने बेबस नजर आईं और पूरी टीम का क्लीन स्वीप हो गया। सुतीर्था मुखर्जी ने दिलाई तूफानी शुरुआत मुकाबले के पहले मैच से ही भारतीय पैडलर्स ने पाकिस्तान पर दबाव बनाना शुरू कर दिया था। भारत की अनुभवी खिलाड़ी सुतीर्था मुखर्जी ने पहले मैच में पाकिस्तान की अलीना को पूरी तरह से बैकफुट पर धकेल दिया। सुतीर्था ने बिना कोई मौका दिए यह मैच 11-3, 11-3, 11-4 से अपने नाम किया और भारत को 1-0 की मजबूत बढ़त दिला दी। सिंड्रेला दास ने 2-0 से आगे किया भारत शुरुआती बढ़त मिलने के बाद दूसरे मुकाबले में उतरीं भारत की युवा खिलाड़ी सिंड्रेला दास। सिंड्रेला ने पाकिस्तान की कुलसूम खान के खिलाफ शुरुआत से ही आक्रामक रुख अपनाया। उन्होंने सीधे सेटों में 11-6, 11-7, 11-5 से एकतरफा जीत दर्ज करते हुए भारत की बढ़त को 2-0 कर दिया। इस जीत के साथ ही पाकिस्तान की वापसी की बची-कुची उम्मीदें भी लगभग खत्म हो गई थीं। श्रीजा अकुला ने सील की ऐतिहासिक जीत 3-0 से सूपड़ा साफ करने की जिम्मेदारी भारत की स्टार खिलाड़ी श्रीजा अकुला के कंधों पर थी। श्रीजा ने तीसरे मैच में पाकिस्तान की फातिमा खान को संभलने तक का मौका नहीं दिया। महज कुछ ही मिनटों में श्रीजा ने फातिमा को 11-4, 11-4, 11-5 से धूल चटा दी। इसके साथ ही भारत ने पाकिस्तान को 3-0 से मात देकर एशियन गेम्स के अगले राउंड में धमाकेदार अंदाज में अपनी जगह पक्की कर ली।

शूटिंग में भारत को रजत पदक, हिमांशू-रुद्राक्ष-पार्थ की तिकड़ी ने मचाया धमाल

नई दिल्ली आइची-नागोया एशियन गेम्स 2026 के तीसरे दिन भारत के निशानेबाजों ने देश को बड़ी सफलता दिलाई है। पुरुषों की 10 मीटर एयर राइफल टीम इवेंट में हिमांशू ढिल्लों, पार्थ माने और रुद्राक्ष पाटिल की भारतीय तिकड़ी ने मिलकर शानदार प्रदर्शन करते हुए भारत की झोली में सिल्वर मेडल डाला। आइची प्रेफेक्चरल जनरल शूटिंग गैलरी में खेले गए इस मुकाबले में भारतीय तिकड़ी ने कुल 1890.1 अंक हासिल किए और दूसरा स्थान प्राप्त किया। चीन के नाम रहा गोल्ड इस स्पर्धा का गोल्ड मेडल चीन की टीम ने अपने नाम किया। सेंग लिहाओ, मा सिहान और झांग चांगहोंग की चीनी जोड़ी ने 1899.0 अंकों के कुल स्कोर के साथ नया क्वालीफिकेशन वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाते हुए स्वर्ण पदक पर कब्जा जमाया। भारत इस इवेंट में गोल्ड मेडल जीतने से थोड़े से के लिए चूक गया। इंडिविजुअल इवेंट के फाइनल में पहुंचे दो भारतीय शूटर टीम इवेंट में रजत पदक जीतने के साथ-साथ भारत के दो निशानेबाजों ने इंडिविजुअल 10 मीटर एयर राइफल इवेंट के फाइनल में भी अपनी जगह पक्की कर ली है। क्वालीफिकेशन दौर में भारत के स्टार शूटर रुद्राक्ष पाटिल 631.8 अंकों के स्कोर के साथ तीसरे स्थान पर रहे, जबकि हिमांशू ढिल्लों ने 630.0 अंक हासिल कर सातवां स्थान हासिल किया और फाइनल का टिकट कटाया। वहीं, टीम के तीसरे सदस्य पार्थ माने 628.3 अंकों के साथ 10वें स्थान पर रहे और फाइनल की दौड़ से बाहर हो गए। चीन का दबदबा और दो-शूटर नियम का असर चीन के सेंग लिहाओ ने 635.4 अंकों का नया एशियन गेम्स क्वालीफिकेशन रिकॉर्ड बनाते हुए क्वालीफिकेशन राउंड में शीर्ष स्थान हासिल किया। उनके साथी मा सिहान 633.0 अंकों के साथ दूसरे और झांग चांगहोंग 630.6 अंकों के साथ पांचवें स्थान पर रहे। हालांकि, शीर्ष आठ में जगह बनाने के बावजूद चांगहोंग फाइनल के लिए क्वालीफाई नहीं कर सके, क्योंकि एशियन गेम्स के नियमों के अनुसार एक देश से केवल दो ही निशानेबाज व्यक्तिगत फाइनल में हिस्सा ले सकते हैं।