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बाबर आजम की हरकत पर सख्त ICC: स्टंप्स तोड़े, जुर्माना और डिमेरिट प्वॉइंट्स लगे

इस्लामाबाद  पाकिस्तान के दिग्गज बल्लेबाज बाबर आजम एक बार फिर सुर्खियों में हैं, लेकिन इस बार कारण उनका खेल नहीं बल्कि अनुशासनात्मक मामला है। रावलपिंडी में श्रीलंका के खिलाफ तीसरे वनडे के दौरान बाबर पर आईसीसी आचार संहिता के लेवल-1 उल्लंघन का आरोप लगा, जिसके बाद उन पर मैच फीस का 10 प्रतिशत जुर्माना और एक डिमेरिट पॉइंट जोड़ा गया। आउट होने के बाद स्टंप्स की ओर बल्ले से गेंद मारना उनके खिलाफ कार्रवाई का आधार बना। हालांकि बाबर ने तुरंत गलती स्वीकार कर ली, लेकिन यह घटना पाकिस्तान की क्लीन स्वीप जीत के बीच चर्चा का विषय बन गई।  स्टंप पर प्रहार के कारण लगा जुर्माना  पारी के 21वें ओवर में आउट होने के बाद बाबर आजम ने गुस्से में अपने बल्ले से स्टंप्स की ओर गेंद मार दी। यह व्यवहार आईसीसी आचार संहिता के अनुच्छेद 2.2 का स्पष्ट उल्लंघन है, जो मैदान पर उपकरणों के दुरुपयोग से संबंधित होता है। मैदानी अंपायर एलेक्स व्हार्फ और राशिद रियाज, तीसरे अंपायर शरफुद्दौला इब्ने शाहिद और चौथे अंपायर फैसल अफरीदी ने तत्काल इस पर रिपोर्ट दर्ज की। आईसीसी मैच रेफरी अली नकवी ने जुर्माने की अनुशंसा की, जिसे बाबर ने बिना किसी आपत्ति के स्वीकार कर लिया। इसलिए किसी औपचारिक सुनवाई की आवश्यकता नहीं पड़ी।  डिमेरिट पॉइंट भी जोड़ा गया  आईसीसी ने बताया कि यह बाबर आज़म का पिछले 24 महीनों में पहला अपराध है, इसलिए उनके अनुशासनात्मक रिकॉर्ड में एक डिमेरिट पॉइंट जोड़ा गया है। हालांकि इससे उनके खेलने की पात्रता पर कोई सीधा प्रभाव नहीं पड़ता, लेकिन भविष्य में किसी और गलती की स्थिति में यह पॉइंट अहम भूमिका निभा सकता है।  पाकिस्तान की 3-0 से शानदार सीरीज जीत  विवाद के बावजूद पाकिस्तान ने तीसरे वनडे में बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए श्रीलंका को छह विकेट से हराया और 3-0 से क्लीन स्वीप कर लिया। 212 रन के लक्ष्य को टीम ने 5.2 ओवर शेष रहते हासिल कर लिया। फखर जमान ने 45 गेंदों पर 55 रन की तेज़ पारी खेलते हुए बाबर आजम (34) के साथ 80 रन की साझेदारी की। उनकी आक्रामक बल्लेबाजी ने पाकिस्तान को मजबूत शुरुआत दी। श्रीलंका ने जेफरी वेंडरसे की अगुवाई में वापसी करने की कोशिश की, जिन्होंने फखर, बाबर और सलमान आगा को आउट कर पाकिस्तान को 115/4 पर पहुंचा दिया। लेकिन इसके बाद मोहम्मद रिजवान (नाबाद 61) और हुसैन तलत (नाबाद 42) ने मैच को एकतरफा बना दिया। श्रीलंका की बल्लेबाजी लड़खड़ाई  टॉप ऑर्डर से अच्छी शुरुआत मिलने के बावजूद श्रीलंका बड़ा स्कोर नहीं खड़ा कर पाया। पथुम निसांका (24) और कामिल मिशारा (29) ने तेज़ शुरुआत की, लेकिन मध्यमक्रम नियमित अंतराल पर विकेट खोता रहा। सदीरा समरविक्रमा ने 48 रन बनाकर पारी को संभालने की कोशिश की, लेकिन टीम 45.2 ओवर में 211 पर सिमट गई। पाकिस्तान की ओर से मोहम्मद वसीम जूनियर ने तीन विकेट लेकर श्रीलंका की बल्लेबाजी पर दबाव बनाए रखा। फैसल अकरम और हारिस रऊफ ने दो-दो विकेट चटकाए।   

जर्मनी की धमाकेदार एंट्री! विश्व कप के लिए क्वालिफाई करने वाली टीमों की पूरी लिस्ट देखें

बर्लिन जर्मनी ने ग्रुप ए के मुकाबले में स्लोवाकिया को 6-0 से हराकर 2026 FIFA विश्व कप के लिए अपनी क्वालिफिकेशन सुनिश्चित कर ली। मैच की शुरुआत से ही जर्मनी ने अपना दबदबा बनाए रखा और मेहमान टीम को उभरने का एक भी मौका नहीं दिया। पहले हाफ में ही बढ़त मजबूत जर्मनी को ग्रुप में शीर्ष स्थान पाने के लिए केवल एक अंक की आवश्यकता थी, लेकिन टीम ने शुरुआत से ही आक्रामक अंदाज दिखाया। कप्तान जोशुआ किमिच के बेहतरीन क्रॉस पर निक वोल्टेमाडे ने शानदार हेडर से पहला गोल दागा। कुछ ही मिनट बाद सर्ज ग्नाब्री, एलेक्ज़ेंडर पावलोविच और लियोन गोरेट्ज़का के कॉम्बिनेशन प्ले ने दूसरा गोल दागकर बढ़त दोगुनी कर दी। फ्लोरियन विट्र्ज़ का कमाल मिडफील्डर फ्लोरियन विट्र्ज़ जर्मनी की रफ्तार को नियंत्रित करते हुए टीम के खेल का केंद्र बने रहे। उनके पास पर लेरॉय साने ने तीसरा गोल किया इसके बाद साने को मिला विट्र्ज़ का तेज क्रॉस, जिसे उन्होंने आसानी से गोल में तब्दील कर चौथा गोल कर दिया। स्लोवाकिया ने कुछ तीखे काउंटर-हमले जरूर किए, लेकिन जर्मन डिफेंस ने उन्हें कोई मौका नहीं दिया। दूसरे हाफ में भी नहीं रुका हमला ब्रेक के बाद भी जर्मनी ने अपने खेल में ढिलाई नहीं दिखाई। स्थानापन्न खिलाड़ी रिडल बाकू ने मैदान में आते ही शानदार गोल करते हुए स्कोर 5-0 कर दिया। अंत में 19 वर्षीय असन ओउएड्रागो ने लेरॉय साने के पास पर अपना पहला सीनियर अंतरराष्ट्रीय गोल दागकर स्कोर 6-0 कर दिया। इस गोल ने स्टेडियम में मौजूद दर्शकों को रोमांचित कर दिया। ग्रुप ए का चैंपियन बना जर्मनी इस धमाकेदार जीत के बाद जर्मनी ग्रुप ए का विजेता बन गया है और दिसंबर में होने वाले विश्व कप ड्रॉ में वरीयता प्राप्त टीमों में शामिल होगा। स्लोवाकिया अब यूरोपीय प्लेऑफ के जरिए विश्व कप में जगह बनाने की कोशिश करेगा। 2026 विश्व कप के लिए क्वालीफाई करने वाली टीमें मेजबान देश: संयुक्त राज्य अमेरिका, कनाडा, मेक्सिको अफ्रीका: अल्जीरिया, केप वर्डे, मिस्र, घाना, कोट डी आइवर, मोरक्को, सेनेगल, दक्षिण अफ्रीका, ट्यूनीशिया एशिया: ऑस्ट्रेलिया, ईरान, जापान, जॉर्डन, कतर, सऊदी अरब, दक्षिण कोरिया, उज़्बेकिस्तान यूरोप: क्रोएशिया, इंग्लैंड, फ्रांस, नॉर्वे, पुर्तगाल,  ओशिनिया: न्यूज़ीलैंड दक्षिण अमेरिका: अर्जेंटीना, ब्राज़ील, कोलंबिया, इक्वाडोर, पैराग्वे, उरुग्वे।  

WTC Final Race: 3 मैच हारने के बाद टीम इंडिया को क्या चाहिए? जानिए पूरे समीकरण

नई दिल्ली  कोलकाता टेस्ट हारने के बाद टीम इंडिया ने अपने लिए मुश्किलों का पहाड़ खड़ा कर लिया है। इस एक मैच के हारने से टीम इंडिया के लिए साउथ अफ्रीका के खिलाफ सीरीज को जीतना तो नामुमकिन हो ही गया है। साथ ही साथ टीम इंडिया के लिए वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप 2025-27 के फाइनल में पहुंचने की उम्मीदों को भी झटका लगा है। तीन में से दो बार डब्ल्यूटीसी का फाइनल खेलने वाली टीम इंडिया इस बार के साइकिल में पहले 8 मैचों में से तीन मैच हार चुकी है, जबकि एक मैच ड्रॉ रहा है और चार मैच जीते हैं। इन आंकड़ों के बाद क्या टीम इंडिया डब्ल्यूटीसी फाइनल 2027 के लिए क्वालीफाई कर पाएगी? इसका सिनेरियो जान लीजिए। दरअसल, टीम इंडिया को अब बाकी बचे टेस्ट मैचों में बेहतरीन प्रदर्शन करना होगा। अभी भी 10 मुकाबले भारतीय टीम के इस डब्ल्यूटीसी साइकिल में बाकी हैं, लेकिन एक दौरा बहुत मुश्किल भरा रहेगा। अभी शुभमन गिल की कप्तानी वाली टीम डब्ल्यूटीसी पॉइंट्स टेबल में 54 फीसदी के करीब मैच जीतकर चौथे स्थान पर है। अगर इतिहास को देखें तो आपको डब्ल्यूटीसी के फाइनल में पहुंचने के लिए 64 से 68 फीसदी जीत प्रतिशत रखना होगा। इससे साफ है कि अब बाकी बचे मैचों में भारत को फूंक-फूंककर कदम रखना होगा। डब्ल्यूटीसी पॉइंट्स टेबल 2025-27 में टॉप 2 में जगह बनाने के लिए ज्यादा से ज्यादा मैच भारत को जीतने होंगे। गलती करनी की गुंजाइश बहुत कम हो गई है। अब हर एक हार के बाद टीम इंडिया के लिए फाइनल के लिए क्वालीफाई करने के लिए मुश्किल होती जाएगी। भारतीय टीम के बाकी बचे मैचों की बात करें तो अभी एक मुकाबला साउथ अफ्रीका के खिलाफ बाकी है, जबकि इसके बाद श्रीलंका में भारत को दो टेस्ट खेलने हैं और इतने ही टेस्ट मैचों की सीरीज न्यूजीलैंड में खेलनी है, जो बहुत मुश्किल वाली होगी। 10 मैच भारत के बाकी हैं इसके अलावा भारतीय टीम को घर पर ऑस्ट्रेलिया से पांच मैचों की टेस्ट सीरीज खेलनी होगी। इस तरह आगे की राह बहुत ज्यादा मुश्किल लग रही है। अगर भारत बाकी बचे 10 मैचों में से 8 मैच भी जीतता है तो फाइनल के लिए आसानी से क्वालीफाई कर जाएगा, लेकिन 7 मैच जीतने पर मुश्किलें होंगी। हालांकि, यहां देखने वाली बात ये होगी कि अगर भारत बाकी बचे 10 मैचों में से दो से ज्यादा मैच हारता है तो फिर भारत अपने दम पर फाइनल में नहीं पहुंच पाएगा।  

पिच पर नहीं, बल्लेबाजों पर सवाल—गंभीर की बात पर गावस्कर भी आए साथ

नई दिल्ली  भारत और दक्षिण अफ्रीका के बीच पहले टेस्ट मैच के बाद ईडन गार्डन्स की पिच को लेकर बहस जारी है। तमाम दिग्गज पिच की आलोचना कर रहे हैं। असमान उछाल वाली टर्निंग पिच बल्लेबाजों की कब्रगाह साबित हुई लेकिन भारतीय कोच गौतम गंभीर खुलकर कह रहे कि पिच वैसी ही बनी, जैसी उन्होंने मांग की थी। इस वजह से गंभीर की भी आलोचनाएं हो रही हैं। इस बीच महान बल्लेबाज सुनील गावस्कर ने गौतम गंभीर का समर्थन किया है। उन्होंने कहा कि भारत की हार पिच की वजह से नहीं, खराब बल्लेबाजी की वजह से हुई। सुनील गावस्कर ने इंडिया टुडे से कहा, 'गौतम गंभीर से पूरी तरह सहमत हूं। इस पिच पर 124 रन का सफल पीछा किया जा सकता था। इसे लेकर कोई सवाल ही नहीं है।' गावस्कर ने आगे कहा, ‘बहुत सारे लोग बात कर रहे हैं कि पिच कैसी थी, कैसा व्यवहार कर रही थी लेकिन क्या आपने देखा कि साइमन हार्मर किसी ओवर में कैसा कर रहे थे? उनकी कितनी गेंदें टर्न कर रही थीं? वह शानदार तरीके से मिश्रण कर रहे थे। वह सीधी गेंद फेंक रहे थे और कभी-कभी टर्न करा रहे थे।’ सुनील गावस्कर ने गंभीर का समर्थन करते हुए कहा कि भारतीय टीम की हार का पिच से कोई खास लेना-देना ही नहीं है। असली समस्या भारतीय बल्लेबाजों के अप्रोच का था। उन्होंने कहा कि पिच तो वैसे ही बिहैव कर रही थी जैसा कि तीसरे दिन आम तौर पर होता है। पिच वैसी नहीं थी, जितनी उसकी आलोचना हो रही है। गावस्कर ने कहा, ‘मैं गौतम गंभीर से पूरी तरह समहत हूं कि पिच में कुछ भी गलत नहीं था। तीसरे दिन कुछ गेंदें टर्न कर रही थीं, ये तो नॉर्मल है। महाराज (केशव महाराज) की कितनी गेंदें टर्न हुईं? जडेजा या अक्षर की कितनी गेंदें टर्न हुईं? लोग इसे टर्निंग पिच कह रहे हैं। ये तनिक भी गड़बड़ नहीं थी। खराब तकनीक और खराब मिजाज की वजह से हम ऐसी स्थिति में फंसे।’ दक्षिण अफ्रीका ने कोलकाता टेस्ट में जीत हासिल करके दो मैच की सीरीज में 1-0 की अजेय बढ़त बना ली है। गुवाहाटी में होने वाले दूसरे टेस्ट में अगर मेहमान टीम जीत जाती है या फिर ड्रॉ भी करा लेती है तो वह सीरीज जीत लेगी। कोलकाता टेस्ट सिर्फ ढाई दिन में हो गया। भारत में पहली बार किसी टेस्ट की चारों पारियों में कोई भी टीम 200 रन का आंकड़ा तक नहीं छू पाई। टीम इंडिया को अपनी दूसरी पारी में जीत के लिए 124 रन का लक्ष्य मिला था लेकिन टीम सिर्फ 93 रन पर ढेर हो गई और 30 रन से मैच हार गई।  

भारत बनाम साउथ अफ्रीका: गुवाहाटी टेस्ट में बदलाव, लंच से पहले ब्रेक और नई टाइमिंग

 गुवाहाटी टीम इंडिया को साउथ अफ्रीका के हाथों कोलकाता के ईडन गार्डन्स में हुए टेस्ट मैच में 30 रनों से हार झेलनी पड़ी थी. भारतीय टीम को जीत के लिए 124 रनों का टारगेट मिला था, लेकिन शुभमन गिल ब्रिगेड 93 रनों पर ही सिमट गई. साउथ अफ्रीका ने भारत में 15 साल बाद कोई टेस्ट मैच जीता. इस जीत के चलते साउथ अफ्रीकी टीम टेस्ट सीरीज में 1-0 से आगे हो गई. अब भारतीय टीम को सीरीज बराबर करने के लिए दूसरे एवं आखिरी टेस्ट मैच में हर हाल में जीत हासिल करनी होगी. भारत-साउथ अफ्रीका के बीच टेस्ट सीरीज का आखिरी मुकाबला 22 नवंबर (शनिवार) से गुवाहाटी के बरसापारा क्रिकेट स्टेडियम में खेला जाना है. इस मुकाबले की टाइमिंग बदली-बदली नजर आएगी. कोलकाता टेस्ट मैच भारतीय समयानुसार सुबह 9.30 बजे शुरू हुआ था, लेकिन इस मुकाबले के शुरू होने टाइमिंग भारतीय समयानुसार सुबह 9 बजे रखी गई है. भारत में टेस्ट मैच आमतौर पर सुबह 9.30 बजे शुरू होते हैं, लेकिन पूर्वोत्तर भारत में सूर्योदय और सूर्यास्त जल्दी होने के कारण भारतीय क्रिकेट नियंत्रण बोर्ड (BCCI) ने टाइमिंग में बड़ा बदलाव किया है. 22 नवंबर को गुवाहाटी में टॉस सुबह 8:30 बजे कराया जाएगा और फिर पहली गेंद 9 बजे फेंकी जाएगी. पांचों दिन पहला सत्र 9 से 11 बजे तक होगा. इसके बाद 20 मिनट का टी-ब्रेक लिया जाएगा. फिर दूसरा सत्र 11.20 बजे से 1.20 बजे तक होगा. दूसरे सत्र की समाप्ति के बाद 40 मिनट का लंच ब्रेक निर्धारित किया गया है. फिर दोपहर 2 बजे से लेकर शाम 4 बजे तक आखिरी सत्र होगा. यदि निर्धारित समय में पूरे ओवर्स नहीं होते हैं तो खेल को आधा घंटा बढ़ाया भी जाएगा. यानी मुकाबला शाम 4.30 बजे तक चल सकता है. BCCI ने पूरे मसले पर क्या कहा? ऐसा शायद पहली बार होने जा रहा है, जब किसी डे टेस्ट में पहले टी ब्रेक और फिर लंच ब्रेक लिया जाएगा. यानी सालों की परंपरा टूटने जा रही है. बीसीसीआई के सचिव देवजीत सैकिया ने ईएसपीएन क्रिकइंफो से कहा, 'यह व्यावहारिक फैसला है. सर्दियों के समय पूर्वोत्तर भारत में सूर्योदय और सूर्यास्त बहुत जल्दी हो जाते हैं. शाम 4 बजे तक रोशनी काफी कम हो जाती है और उसके बाद ज्यादा खेल संभव नहीं हो पाता है. इसी चलते हमने इस टेस्ट मैच को जल्दी शुरू करने का फ़ैसला लिया, खेल सुबह 9 बजे शुरू होगा.' कोलकाता टेस्ट मैच में ऑफ-स्पिनर साइमन हार्मर ने कुल 8 विकेट लेकर साउथ अफ्रीका की जीत में अहम भूमिका निभाई. मुकाबले में साउथ अफ्रीका ने पहली पारी में 159 रन बनाए थे. भारत के लिए जसप्रीत बुमराह ने पांच विकेट चटकाए. फिर भारतीय टीम की पहली पारी 189 रनों पर सिमटी, जिसके कारण उसे केवल 30 रनों की लीड मिली. इसके बाद साउथ अफ्रीका ने कप्तान टेम्बा बावुमा के नाबाद 55 रनों की बदौलत अपनी दूसरी इनिंग्स में 153 रन बनाए. भारतीय बल्लेबाजों से मैच की चौथी पारी में अच्छे प्रदर्शन की उम्मीद थी, लेकिन उन्होंने निराश किया और मुकाबला गंवा बैठे. वॉशिंगटन सुंदर (31) और अक्षर पटेल (26) ही कुछ संघर्ष कर सके. अब भारतीय टीम गुवाहाटी टेस्ट मैच में तीनों डिपार्टमेंट में अच्छा प्रदर्शन करना चाहेगी. दूसरे टेस्ट के लिए भारत का फुल स्क्वॉड: यशस्वी जायसवाल, केएल राहुल, साई सुदर्शन, शुभमन गिल (कप्तान), ऋषभ पंत (उप-कप्तान/विकेटकीपर), ध्रुव जुरेल, रवींद्र जडेजा, वॉशिंगटन सुंदर, कुलदीप यादव, जसप्रीत बुमराह, मोहम्मद सिराज, अक्षर पटेल, देवदत्त पडिक्कल, आकाश दीप और नीतीश कुमार रेड्डी. दूसरे टेस्ट के लिए साउथ अफ्रीका का फुल स्क्वॉड: एडेन मार्करम, रयान रिकेल्टन, ट्रिस्टन स्टब्स, टेम्बा बावुमा (कप्तान), टोनी डी जोरजी, डेवाल्ड ब्रेविस, काइल वेरेने (विकेटकीपर), साइमन हार्मर, मार्को जानसेन, केशव महाराज, कगिसो रबाडा, कॉर्बिन बॉश, सेनुरन मुथुसामी, जुबैर हम्जा और वियान मुल्डर.

टीम इंडिया में हलचल: शुभमन बाहर, चौथे नंबर पर किसे मिलेगी जगह?

 गुवाहाटी साउथ अफ्रीका के खिलाफ कोलकाता टेस्ट मैच के दौरान भारतीय कप्तान शुभमन गिल को नेक इंजरी हो गई थी. शुभमन भारत की पहली पारी में सिर्फ गेंद खेलकर रिटायर्ड हर्ट हो गए थे. वहीं दूसरी पारी में शुभमन बैटिंग नहीं कर पाए थे. शुभमन को हॉस्पिटल में एडमिट होना पड़ा था. भारतीय टीम को शुभमन की अनुपस्थिति काफी खली. भारतीय टीम 124 रनों का आसान सा टारगेट भी हासिल नहीं कर पाई और उसे 30 रनों से हार का सामना करना पड़ा. कप्तान शुभमन गिल को अब अस्पताल से तो छुट्टी मिल गई है, लेकिन उनकी फिटनेस को लेकर स्थिति अभी भी साफ नहीं है. सूत्रों ने इंडिया टुडे को बताया कि शुभमन को लेकर अगले 24 घंटों में फैसला लिया जाएगा, बोर्ड शुभमन के मामले में कोई जल्दबाजी नहीं करना चाहता और डॉक्टरों की सलाह के बाद ही अंतिम निर्णय लिया जाएगा. सूत्रों ने बताया कि फिलहाल यह कहना मुश्किल है कि शुभमन दूसरे टेस्ट में खेल पाएंगे या नहीं, लेकिन अगली मेडिकल स्कैन रिपोर्ट मिलने के बाद स्थिति और स्पष्ट होगी, यदि जरूरत पड़ी तो गिल को पूरा आराम और रिकवरी का समय दिया जाएगा. भारत और साउथ अफ्रीका के बीच टेस्ट सीरीज का दूसरा एवं आखिरी मुकाबला 22 नवंबर से गुवाहाटी के बरसापारा क्रिकेट स्टेडियम में खेला जाना है. अगर शुभमन गिल गुवाहाटी टेस्ट से बाहर होते हैं तो ऋषभ पंत भारतीय टीम की कप्तानी संभालेंगे. कोलकाता टेस्ट मैच में शुभमन की मौजूदगी में ऋषभ पंत ने ही स्टैंडिंग कैप्टन  के रूप में दिखे थे. …तो इन दोनों में से एक को मिलेगा मौका! अगर शुभमन गिल बाहर होते हैं, तो उनकी जगह चौथे नंबर पर कौन बल्लेबाजी करेगा? ये सवाल सबके मन में है… शुभमन की जगह लेने के लिए साई सुदर्शन और देवदत्त पडिक्कल तगड़े दावेदार दिख रहे हैं. दोनों में से किसी एक को गुवाहाटी टेस्ट मैच में चौथे नंबर पर आजमाया जा सकता है. चयन समिति पर पहले से ही ये सवाल उठ रहे हैं कि वो बाएं हाथ के बल्लेबाजों को तवज्जो दे रही है, लेकिन अब इसे बदला नहीं जा सकता. साई सुदर्शन ने 5 टेस्ट मैचों में 30.33 की औसत से 273 रन बनाए हैं, जिसमें दो अर्धशतक शामिल रहे. वहीं पडिक्कल ने भी 3 पारियों में 30 के एवरेज और 1 अर्धशतक की मदद से 90 रन बनाए. साई सुदर्शन और देवदत्त पडिक्कल के टेस्ट रिकॉर्ड लगभग समान हैं, इसलिए चयन का आधार दाएं हाथ के स्पिनर्स के खिलाफ उनका प्रदर्शन हो सकता है.  बता दें कि कोलकात टेस्ट मैच में ऑफ-स्पिनर साइमन हार्मर ने कुल 8 विकेट लिए थे और साउथ अफ्रीकी टीम की जीत में अहम भूमिका निभाई थी. साई सुदर्शन दाएं हाथ के स्पिनर्स के खिलाफ 2 बार आउट हुए हैं. वो दोनों बार रोस्टन चेज का शिकार बने. वही देवदत्त पडिक्कल भी एक मौके पर राइट आर्म स्पिनर (शोएब बशीर) का शिकार बन चुके हैं. यानी यहां भी कोई बड़ा अंतर नहीं है. आंकड़े निर्णायक नहीं हैं, लेकिन इंग्लैंड और वेस्टइंडीज सीरीज में टीम मैनेजमेंट ने साई सुदर्शन पर जो भरोसा दिखाया है, उसके आधार पर वह गुवाहाटी टेस्ट मैच में शुभमन गिल की जगह लेने के सबसे बड़े दावेदार दिखाई देते हैं.

क्रिकेट अपडेट: राजस्थान रॉयल्स के कोचिंग स्टाफ में बड़े बदलाव, राठौड़ को प्रमोशन

जयपुर  इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) 2026 के लिए मिनी नीलामी 16 दिसंबर को अबूधाबी में होनी है. ऑक्शन से पहले सभी 10 फ्रेंचाइजी टीमों ने खिलाड़ियों की रिटेंशन लिस्ट जारी कर दी है. राजस्थान रॉयल्स (RR) ने तो बड़ा फैसला लिया और कप्तान संजू सैमसन को ट्रेड कर दिया. इसके लिए रॉयल्स की चेन्नई सुपर किंग्स (CSK) से ट्रेड डील हुई. सैमसन के बदले में सीएसके से रवींद्र जडेजा और सैम करन राजस्थान रॉयल्स के स्क्वॉड में शामिल कर लिए गए हैं. राजस्थान रॉयल्स ने सोमवार (17 नवंबर) को एक और बड़ी घोषणा की है. श्रीलंकाई दिग्गज कुमार संगकारा को आईपीएल के अगले सीजन के लिए इस टीम का हेड कोच नियुक्त किया गया है. यह फैसला राहुल द्रविड़ के पद छोड़ने के बाद लिया गया. द्रविड़ ने अगस्त 2025 में राजस्थान रॉयल्स से अलग होने का फैसला किया था. संगकारा 2021 से राजस्थान रॉयल्स के डायरेक्टर ऑफ क्रिकेट हैं. वो 2021-2024 तक इस टीम के हेड कोच भी रह चुके हैं. संगकारा की कोचिंग में टीम आईपीएल 2022 में फाइनल तक पहुंची थी और 2024 के सीजन के दौरान प्लेऑफ में पहुंचने में कामयाब रही थी. राजस्थान रॉयल्स ने कुमार संगकारा के फिर से हेड कोच बनने की पुष्टि कर दी है. बता दें कि राहुल द्रविड़ मल्टी-ईयर कॉन्ट्रैक्ट के साथ राजस्थान रॉयल्स टीम के साथ जुड़े थे. द्रविड़ की कोचिंग में राजस्थान रॉयल्स ने बेहद खराब प्रदर्शन करते हुए 14 में से केवल 4 मैच जीते और यह टीम अंकतलिका में नौवें स्थान पर रही. राजस्थान रॉयल्स के लीड ऑनर मनोज बडाले कहा, 'टीम को इस समय जो जरूरत है, उसके हिसाब से कुमार संगकारा का स्क्वॉड से जुड़ाव, उनकी नेतृत्व क्षमता और रॉयल्स की संस्कृति को समझने की उनकी गहरी पकड़ टीम को निरंतरता और स्थिरता देगी. कुमार पर हमारा हमेशा पूरा भरोसा रहा है. उनकी स्पष्टता, शांत स्वभाव और क्रिकेटिंग समझ टीम को अगले फेज में ले जाने में अहम भूमिका निभाएगी.' कोचिंग स्टाफ में और कौन-कौन? राजस्थान रॉयल्स के कोचिंग स्टाफ में और भी बदलाव देखने को मिले हैं. विक्रम राठौड़ का प्रमोशन हुआ है और वो मुख्य असिस्टेंट कोच बने हैं. न्यूजीलैंड के दिग्गज गेंदबाज शेन बॉन्ड बॉलिंग कोच की भूमिका निभाते रहेंगे. उधर ट्रेवर पेनी असिस्टेंट कोच की भूमिका में वापस आए हैं. जबकि सिद्धार्थ लाहिड़ी  परफॉर्मेंस कोच का रोल निभाएंगे. रास्थान रॉयल्स में रवींद्र जडेजा की एंट्री के बाद कप्तानी की होड़ काफी रोमांचक हो गई है. उनकी मौजूदगी टीम की लीडरशिप इक्वेशन को पूरी तरह बदल सकती है. मिनी ऑक्शन से पहले राजस्थान रॉयल्स ने कई खिलाड़ियों को रिलीज भी किया है. रिलीज होने वाले विदेशी खिलाड़ियों में फजलहक फारूकी, वानिंदु हसारंगा और महीश तीक्ष्णा शामिल हैं. वहीं आकाश मधवाल, अशोक शर्मा, कुणाल सिंह राठौड़ और कुमार कार्तिकेय को भी टीम से बाहर कर दिया गया है. राजस्थान रॉयल्स का मौजूदा स्क्वॉड: यशस्वी जायसवाल, रियान पराग, ध्रुव जुरेल (विकेटकीपर), वैभव सूर्यवंशी, शुभम दुबे, युद्धवीर सिंह, संदीप शर्मा, तुषार देशपांडे, शिमरॉन हेटमायर, जोफ्रा आर्चर, लुआन-ड्रे प्रीटोरियस, क्वेना मफाका, नांद्रे बर्गर, रवींद्र जडेजा (चेन्नई से ट्रेड), सैम करन (चेन्नई से ट्रेड), डोनोवन फरेरा (दिल्ली से ट्रेड).

भारत-साउथ अफ्रीका रैंकिंग अपडेट: कोलकाता टेस्ट के बाद टीम इंडिया कहां खड़ी है

मुंबई  साउथ अफ्रीका ने पहले टेस्ट में भारत को 30 रन से हराकर WTC पॉइंट्स टेबल में बड़ा बदलाव कर दिया. इस हार से टीम इंडिया चौथे नंबर पर फिसल गई है. बल्लेबाजी क्रम में किए गए प्रयोग और कमजोर प्रदर्शन से मैच हाथ से निकल गया. अब गुवाहाटी में दूसरा टेस्ट भारत के लिए करो या मरो जैसा बन गया है.  कोलकाता के ईडन गार्डन्स में खेले गए पहले टेस्ट में साउथ अफ्रीका ने भारत को 30 रन से हराकर वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप (WTC) पॉइंट्स टेबल में बड़ा उलटफेर कर दिया. इस हार के साथ भारत न सिर्फ सीरीज में 0-1 से पीछे गया, बल्कि पॉइंट्स टेबल पर भी चौथे स्थान पर फिसल गया है. वहीं साउथ अफ्रीका पांचवें से दूसरे नंबर पर पहुंच गया है. इस मैच में टीम इंडिया की बल्लेबाजी और तीसरे नंबर पर किए गए प्रयोग ने भी कई सवाल खड़े कर दिए. बदल गया WTC पॉइंट्स टेबल का गणित पहले टेस्ट में मिली हार ने भारत की WTC स्थिति को काफी नुकसान पहुंचाया. मैच से पहले भारत पॉइंट्स टेबल में तीसरे नंबर पर था, लेकिन कोलकाता टेस्ट हारने के बाद उसका प्रतिशत घटकर 54.17% रह गया और टीम चौथे स्थान पर खिसक गई. दूसरी ओर, साउथ अफ्रीका ने शानदार वापसी करते हुए पॉइंट्स प्रतिशत बढ़ाकर 66.67% कर लिया और सीधा पांचवे से दूसरे स्थान पर पहुंच गया. इस जीत ने प्रोटियाज टीम को फायदे की स्थिति में ला दिया है क्योंकि यह सीरीज सिर्फ दो टेस्ट की है और हर पॉइंट काफी मायने रखता है. पहले टेस्ट की हार के बाद टीम इंडिया के हेड कोच गौतम गंभीर ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि पिच मुश्किल थी, लेकिन कुछ फैसले भी टीम के खिलाफ गए. सबसे बड़ा सवाल तीसरे नंबर पर किए गए प्रयोग को लेकर उठा. ईडन गार्डन्स टेस्ट में साई सुदर्शन को बाहर बैठाकर वाशिंगटन सुंदर को तीसरे नंबर पर भेजा गया. सुंदर पहली पारी में 29 और दूसरी पारी में 31 रन बनाकर कुछ हद तक संघर्ष तो करते दिखे, लेकिन यह रोल किसी स्पेशलिस्ट बल्लेबाज का होता है. सबसे बड़ा सवाल यह कि अगर सुंदर से सिर्फ 1 ओवर गेंदबाजी कराई जानी थी, तो फिर उन्हें स्पेशलिस्ट बैट्समैन बनाकर इतने महत्वपूर्ण स्थान पर क्यों उतारा गया? यह फैसला मैच के नतीजे पर भारी पड़ा क्योंकि 124 रन के छोटे लक्ष्य का पीछा करते समय टीम को मजबूत बल्लेबाजी की जरूरत थी. 15 साल बाद घर में साउथ अफ्रीका से टेस्ट हार भारत ने घरेलू मैदान पर साउथ अफ्रीका के खिलाफ आखिरी बार 2010 में टेस्ट मैच हारा था. 15 साल बाद यह शर्मनाक हार दोबारा देखने को मिली. 124 रन का आसान लक्ष्य भी भारतीय बल्लेबाज चेज नहीं कर पाए और टीम टी ब्रेक से पहले ही 93 रन पर ढेर हो गई. कप्तान शुभमन गिल गर्दन में खिचाव के कारण बल्लेबाजी करने नहीं उतरे, जिससे टीम की स्थिति और कमजोर हो गई. यह हार बताती है कि बल्लेबाजी क्रम में अस्थिरता और पिच की गलत समझ ने टीम का खेल बिगाड़ दिया. दूसरा टेस्ट तय करेगा भारत की रैंकिंग अब दोनों टीमों के बीच सीरीज का दूसरा और आखिरी टेस्ट 22 नवंबर से गुवाहाटी में खेला जाएगा. यह मैच WTC के लिहाज से भारत के लिए बेहद अहम होगा. सीरीज के संभावित नतीजों के आधार पर भारत के पॉइंट्स इस प्रकार बदलेंगे.     अगर सीरीज 1-1 से ड्रॉ रही, तो भारत का प्रतिशत 59.26% हो जाएगा और टीम वापस तीसरे नंबर पर आ जाएगी.     अगर भारत 0-1 से हारा, तो टीम 51.85% के साथ चौथे नंबर पर ही रहेगी.     अगर भारत 0-2 से हार गया, तो भारत 48.15% के साथ पांचवें नंबर पर चला जाएगा. यानी, गुवाहाटी टेस्ट सिर्फ सीरीज नहीं, बल्कि WTC की रैंकिंग के लिए भी निर्णायक है. साउथ अफ्रीका के पास बड़ा मौका साउथ अफ्रीका की पहले टेस्ट में जीत ने उसे WTC में मजबूत स्थिति में ला दिया है. टीम के पॉइंट्स इस सीरीज के बाद कुछ ऐसे हो सकते हैं.     अगर साउथ अफ्रीका 2-0 से जीता, तो उसका प्रतिशत 75% होगा और वह दूसरे नंबर पर बना रहेगा.     अगर SA 1-0 से जीता, तो उसका प्रतिशत 58.33% होगा और वह तीसरे नंबर पर पहुंच जाएगा.     अगर सीरीज 1-1 से ड्रॉ रही, तो SA 50% पर रहेगा और पांचवें नंबर पर ही रहेगा. अगले टेस्ट से दोनों टीमों के WTC अभियान की दिशा तय होगी. भारत जहां वापसी की उम्मीद में है, वहीं साउथ अफ्रीका टॉप-2 में जगह मजबूत करने का मौका ढूंढ रहा है.

शुभमन गिल की तबीयत में सुधार, हॉस्पिटल से डिस्चार्ज; खेलने पर अब भी संशय

मुंबई  भारतीय कप्तान शुभमन गिल को कोलकाता के उस अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है जहां उन्हें शनिवार शाम दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ पहले टेस्ट के दौरान गर्दन की चोट लगने के बाद ले जाया गया था. गिल अब टीम होटल लौट आए हैं, और वह स्थिर हैं, चल-फिर सकते हैं और अपनी गर्दन घुमा सकते हैं, और वह दर्द, जिसने शुरू में सपोर्ट स्टाफ को चिंतित कर दिया था, अब काफी कम हो गया है. फिलहाल, गिल टीम होटल में कड़ी निगरानी में रहेंगे, जहां डॉक्टर और बीसीसीआई की मेडिकल यूनिट उनकी प्रगति पर नजर रखेगी. वह गुवाहाटी में होने वाले दूसरे टेस्ट के लिए टीम के साथ यात्रा करेंगे या नहीं, यह अभी तय नहीं है, और आने वाले दिनों में आराम और उपचार पर उनकी प्रतिक्रिया पर निर्भर करेगा. पहले टेस्ट से बाहर हुए थे गिल गिल को पहले टेस्ट के बाकी हिस्से से बाहर कर दिया गया था, जब दूसरे दिन के अंतिम क्षणों में एक चिंताजनक घटना हुई. ड्रिंक्स ब्रेक के बाद वे क्रीज़ पर आए और साइमन हार्मर की पहली गेंद को डिफेंड किया, फिर अगली गेंद को स्लॉग-स्वीप कर चौका लगाया. लेकिन उस शॉट की ताकत से उनके शरीर में एक व्हिपलैश जैसी झटका लगा. गिल ने तुरंत अपनी गर्दन के पीछे हाथ रखा, दर्द से साफ परेशान दिखे और अपना सिर हिलाने में संघर्ष करते रहे. फिजियो तुरंत मैदान में आया, और सिर्फ तीन गेंदों के बाद भारत के कप्तान रिटायर्ड हर्ट हो गए. उसी शाम बाद में, उन्हें एहतियातन सर्वाइकल कॉलर पहनाकर अस्पताल ले जाया गया. गांगुली भी मिलने पहुंचे रविवार को, पूर्व भारतीय कप्तान और क्रिकेट एसोसिएशन ऑफ बंगाल (सीएबी) के अध्यक्ष सौरव गांगुली 15 मिनट के लिए अस्पताल पहुंचे, जहां उन्होंने गिल की स्थिति के बारे में जानकारी ली और इलाज कर रहे मेडिकल स्टाफ से बात की. बाद में गांगुली ने कहा कि गिल अच्छी मनोदशा में थे. भारत को मिली हार लेकिन अंतिम पारी में गिल की अनुपस्थिति भारी पड़ी. भारत, जिसे केवल 124 रन का लक्ष्य मिला था, नियंत्रण से अराजकता में फिसल गया, जब ईडन गार्डन्स की टर्निंग पिच पर बल्लेबाज़ संघर्ष करते दिखे. कप्तान के उपलब्ध न होने से मध्यक्रम हिचकिचाता दिखा और भारत 93 पर ढेर हो गया — जो घर में उनका दूसरा सबसे कम स्कोर वाला नाकाम चेज़ है. और इस तरह दक्षिण अफ्रीका को 30 रन की जीत और सीरीज में 1-0 की बढ़त मिल गई. यह देखना बाकी है कि क्या गिल 22 नवंबर से गुवाहाटी में शुरू होने वाले दूसरे टेस्ट के लिए समय पर ठीक हो पाते हैं, जहां भारत सीरीज हारने से बचने और वापसी करने की उम्मीद करेगा.  

कुंबले का बड़ा बयान: जसप्रीत बुमराह को पहला ओवर न देना रणनीतिक गलती

कोलकाता अपने जमाने के दिग्गज क्रिकेटर अनिल कुंबले ने रविवार को यहां दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ पहले टेस्ट मैच में भारत की 30 रन से हार के बाद कहा कि ईडन गार्डन्स की चुनौतीपूर्ण पिच पर तीसरे दिन का खेल के शुरू में मुख्य तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह को गेंद नहीं सौंपना सवाल पैदा करता है। भारतीय टीम 124 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए 93 रन पर आउट हो गई और इस तरह से पहला टेस्ट मैच तीसरे दिन दूसरे सत्र में ही समाप्त हो गया। कुंबले ने जियो हॉटस्टार पर कहा, ‘‘124 रन का लक्ष्य थोड़ा ज़्यादा था। दक्षिण अफ्रीका को दिन की शुरुआत में केवल 63 रन की बढ़त हासिल थी और उसके तीन विकेट बचे हुए थे। तेम्बा बावुमा अभी खेल रहे थे। ऐसी परिस्थितियों में फैला हुआ क्षेत्ररक्षण और अपने सर्वश्रेष्ठ गेंदबाज़ जसप्रीत बुमराह को पहला ओवर न देना सवाल खड़े करता है। दक्षिण अफ्रीका के आज गिरे तीनों विकेट तेज गेंदबाजों ने लिए।’’ ⁠ कुंबले ने दक्षिण अफ्रीका के कप्तान बावुमा की प्रशंसा करते हुए कहा कि इस साल की शुरुआत में टीम को विश्व टेस्ट चैंपियनशिप में जीत दिलाने के बावजूद उन्हें हमेशा वह श्रेय नहीं मिलता जिसके वह हकदार हैं। उन्होंने कहा, ‘‘कुल मिलाकर भारत दक्षिण अफ्रीका से पिछड़ गया। इसका श्रेय बावुमा को जाता है। उन्हें कप्तान के रूप में वह पहचान नहीं मिली जिसके वे हकदार हैं। उन्होंने दक्षिण अफ्रीका के लिए कप्तान के रूप में 11 में से 10 टेस्ट मैच जीते हैं और उनके लिए टेस्ट चैम्पियनशिप जीती है। उन्हें उस तरह का श्रेय नहीं मिलता जो अंतरराष्ट्रीय स्तर के अन्य कप्तानों को मिलता है।’’ पूर्व भारतीय कप्तान ने कहा, ‘‘बल्लेबाज़ के रूप में भी उन्होंने दो बेहतरीन पारियां खेली हैं। पहली विश्व टेस्ट चैंपियनशिप के फाइनल में और दूसरी अब यहां। उन्होंने एक खिलाड़ी और कप्तान दोनों रूप में शानदार प्रदर्शन किया है।’’