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एम्बाप्पे का जलवा बरकरार! बारिश के बीच फ्रांस ने इराक को हराकर नॉकआउट में बनाई जगह

 फिलाडेल्फिया फीफा विश्व कप 2026 में फ्रांस ने शानदार प्रदर्शन जारी रखते हुए इराक को 3-0 से हरा दिया. इस जीत के साथ ही दो बार की चैम्पियन टीम फ्रांस ने नॉकआउट स्टेज में अपनी जगह पक्की कर ली. 23 जून (मंगलवार) को फिलाडेल्फिया के फिलाडेल्फिया स्टेडियम में खेले गए इस मुकाबले में फ्रांस की जीत के हीरो स्टार फॉरवर्ड कीलियन एम्बाप्पे रहे, जिन्होंने दो गोल दागकर टीम की जीत में अहम भूमिका निभाई. उस्मान डेम्बेले ने टीम के लिए तीसरा गोल दागा।  यह मुकाबला सिर्फ फ्रांस की जीत के लिए ही नहीं, बल्कि खराब मौसम के कारण भी चर्चा में रहा. पहले हाफ के बाद भारी बारिश और तूफान की चेतावनी के चलते मैच को दो घंटे से अधिक समय के लिए रोकना पड़ा, मैदान पर पानी भर गया था और ग्राउंड स्टाफ को खेल दोबारा शुरू कराने के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ी. हालांकि लंबे इंतजार के बाद मुकाबला फिर शुरू हुआ और फ्रांस ने अपनी पकड़ मजबूत बनाए रखी।  अपना 100वें अंतरराष्ट्रीय मैच खेल रहे कीलियन एम्बाप्पे ने 14वें मिनट में गोल कर फ्रांस को शुरुआती बढ़त दिलाई. इसके बाद दूसरे हाफ में उन्होंने 54वें मिनट में एक और गोल दागकर स्कोर 2-0 कर दिया. इराक के डिफेंडर जैद तहसीन की गलती का फायदा उठाते हुए एम्बाप्पे ने यह गोल किया. बाद में उस्मान डेम्बेले ने भी गोल कर फ्रांस की जीत पर मुहर लगा दी।  ब्राजीली दिग्गज रोनाल्डो को पछाड़ा इस मैच में दो गोल करने के साथ ही कीलियन एम्बाप्पे ने विश्व कप में अपने कुल गोलों की संख्या 16 तक पहुंचा दी. इसके साथ ही उन्होंने जर्मनी के दिग्गज मिरोस्लाव क्लोज की बराबरी कर ली, वहीं ब्राजील के महान स्ट्राइकर रोनाल्डो को पीछे छोड़ दिया. अब उनसे आगे केवल अर्जेंटीना के कप्तान लियोनेल मेसी हैं, जिनके नाम विश्व कप में 18 गोल दर्ज हैं।  फ्रांस को टूर्नामेंट जीतने के प्रबल दावेदारों में माना जा रहा है. 2018 में विश्व कप जीतने वाली और 2022 में फाइनल तक पहुंचने वाली फ्रांसीसी टीम इस बार भी खिताब की मजबूत दावेदार नजर आ रही है. कीलियन एम्बाप्पे, उस्मान डेम्बेले और डेसिरे डोए जैसे खिलाड़ियों की मौजूदगी टीम को और खतरनाक बनाती है।  उधर, इराक के लिए यह मुकाबला कई मायनों में निराशाजनक रहा. टीम के स्टार स्ट्राइकर अयमेन हुसैन 26वें मिनट में चोटिल होकर मैदान से बाहर चले गए. उनकी जगह अली अल-हमदी को मैदान में उतारा गया. इराक विश्व कप में सिर्फ दूसरी बार खेल रहा है और अब उसके लिए आगे का सफर काफी मुश्किल हो गया है।  नॉर्वे भी अगले राउंड में उधर ग्रुप-I से फ्रांस के अलावा नॉर्वे ने भी नॉकआउट राउंड में जगह बना ली है. 23 जून (मंगलवार) को न्यू जर्सी के मेट लाइफ स्टेडियम में हुए मुकाबले में नॉर्वे ने सेनेगल को 3-2 से हराया. नॉर्वे के लिए एर्लिंग हालैंड ने दो गोल स्कोर किए. मार्कस पेडरसन ने भी एक गोल दागा. वहीं सेनेगल के लिए दोनों गोल इस्माइला सार ने किए। 

भारत को लगा बड़ा झटका: चोटिल नीतीश रेड्डी आयरलैंड सीरीज से बाहर, इंग्लैंड दौरे पर भी सस्पेंस

 नई दिल्ली भारतीय टीम जब इंग्लैंड और आयरलैंड के चुनौतीपूर्ण दौरे की तैयारियों में जुटी है, तभी एक और चोट ने उसकी योजनाओं को झटका दे दिया है. युवा ऑलराउंडर नीतीश कुमार रेड्डी चोटिल होकर आयरलैंड टी20 सीरीज से बाहर हो गए हैं और अब उनके इंग्लैंड दौरे के बड़े हिस्से से भी दूर रहने की आशंका है।  नीतीश को हालिया अफगानिस्तान वनडे सीरीज के दौरान बाएं पैर की क्वाड्रिसेप्स (जांघ की मांसपेशी) में चोट लगी थी. शुरुआत में इसे सामान्य समस्या माना गया था, लेकिन एमआरआई रिपोर्ट ने तस्वीर बदल दी. मेडिकल जांच में मांसपेशी में सूजन और फाइबर डैमेज सामने आया है, जिसके बाद उन्हें आगे के मूल्यांकन और रिहैबिलिटेशन के लिए सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (COE) बुलाया गया है।  सबसे बड़ी चिंता यह है कि उनकी रिकवरी में कम से कम चार सप्ताह लग सकते हैं. इसके बाद ही वह 'रिटर्न टू प्ले' प्रक्रिया शुरू कर पाएंगे. ऐसे में आयरलैंड सीरीज तो लगभग हाथ से निकल चुकी है, जबकि इंग्लैंड दौरे में उनकी उपलब्धता भी संदेह के घेरे में है. आयरलैंड में 2 मुकाबले होेंगे, पहला टी20 26 जून और दूसरा 28 जून को खेला जाएगा।  हार्दिक के विकल्प के तौर पर देखे जा रहे थे नीतीश नीतीश की चोट ऐसे समय आई है जब टीम पहले से ही हार्दिक पंड्या की फिटनेस को लेकर सतर्क है. हार्दिक भी क्वाड्रिसेप्स की समस्या से जूझ रहे हैं और फिलहाल वनडे क्रिकेट में पूरे 10 ओवर फेंकने की स्थिति में नहीं हैं।  यही वजह थी कि टीम मैनेजमेंट नीतीश रेड्डी को एक ऐसे खिलाड़ी के रूप में देख रहा था जो बल्लेबाजी के साथ तेज गेंदबाजी में भी योगदान दे सके. लेकिन अब दोनों प्रमुख पेस-बॉलिंग ऑलराउंडरों की फिटनेस चिंता का विषय बन गई है।  रफ्तार बढ़ी, लेकिन शरीर ने दिया जवाब? क्रिकेट जगत में चर्चा है कि तेज गेंदबाजी कोच स्टेफन जोन्स के साथ काम करने के बाद नीतीश की रफ्तार काफी बढ़ी है. पहले वह करीब 125-128 किमी प्रति घंटे की गति से गेंदबाजी करते थे, लेकिन हाल के महीनों में उनकी स्पीड 130-135 किमी प्रति घंटे तक पहुंच गई।  कुछ विशेषज्ञों का मानना है कि गेंदबाजी की रफ्तार बढ़ने पर शरीर पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है. ऐसे बदलावों के साथ तालमेल बिठाने में समय लगता है और इस दौरान चोट का खतरा भी बढ़ सकता है. हालांकि नीतीश की चोट का कारण यही है, इसकी कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।  करियर के शुरुआती दौर में बड़ा इम्तिहान महज 23 साल के नीतीश अब तक भारत के लिए 10 टेस्ट, 6 वनडे और 4 टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबले खेल चुके हैं. अफगानिस्तान के खिलाफ सीरीज में उन्होंने दो वनडे खेले थे, जबकि दूसरा मैच चोट के कारण नहीं खेल पाए थे।  युवा ऑलराउंडर ने पिछले एक साल में तेजी से अपनी पहचान बनाई है, लेकिन अब उनके सामने सबसे बड़ी चुनौती मैदान पर वापसी की है. भारतीय टीम को उम्मीद होगी कि यह चोट लंबी न खिंचे, क्योंकि आने वाले महीनों में टीम को ऐसे खिलाड़ियों की जरूरत होगी जो बल्ले और गेंद दोनों से मैच का रुख बदल सकें। 

IPL में ट्रेड का धमाका! हार्दिक पांड्या के RR जाने की चर्चा, MI को मिल सकता है नया कप्तान

मुंबई  इंडियन प्रीमियर लीग के 19वें संस्करण को खत्म हुए अभी एक महीना भी नहीं हुआ है कि आगामी संस्करण से पहले होने वाले ट्रेड की चर्चाएं शुरू हो गई हैं. कुछ दिन पहले सामने आया था कि दिल्ली कैपिटल्स ऋषभ पंत को वापस अपनी टीम में चाहती है, जो 27 करोड़ रुपये की ऐतिहासिक वैल्यू के साथ LSG में गए थे. अब हार्दिक पांड्या को लेकर खबर आई है कि उनका और मुंबई इंडियंस का साथ छूट सकता है. MI और RR के बीच ट्रेड की चर्चा अभी शुरूआती दौर में है।  2015 में अपने पहले IPL संस्करण से लेकर 2021 तक हार्दिक पांड्या मुंबई इंडियंस के लिए खेले थे, लेकिन 2022 में गुजरात जायंट्स में कप्तान के रूप में शामिल हुए. GT को पहले ही साल अपनी कप्तानी में खिताब जिताने के बाद अगले साल (2023) उन्होंने टीम को फाइनल तक पहुंचाया. लेकिन 2024 में उनकी MI में वापसी हुई, टीम ने रोहित शर्मा को हटाकर हार्दिक को कप्तान बनाया लेकिन यहां वह सफल नहीं रहे. 2024 में MI अंक तालिका में सबसे नीचे पायदान पर रही, 2025 में टीम प्लेऑफ तक पहुंची और 2026 में टीम 9वें नंबर पर रही।  यशस्वी को लेना चाहती है मुंबई इंडियंस रिपोर्ट के अनुसार ट्रेड के जरिए मुंबई इंडियंस यशस्वी जायसवाल को अपनी टीम में चाहती है, इसके लिए वह अपने कप्तान को राजस्थान में जाने देगी. ये बातचीत अभी शुरूआती दौर में हैं. MI में रोहित शर्मा के साथ ओपनिंग जोड़ी को लेकर पिछले सीजन काफी दिक्कतें हुई थी, अगर जायसवाल आते हैं तो ये अच्छी जोड़ी बन सकती है क्योंकि दोनों इंटरनेशनल में भी साथ में ओपन कर चुके हैं. सिर्फ हार्दिक नहीं, एक और बड़ा खिलाड़ी है जो मुंबई से अलग हो सकता है।  सूर्यकुमार हो सकते हैं बाहर, ये खिलाड़ी बन सकता है कप्तान BCCI ने सूर्यकुमार यादव को टी20 की कप्तानी से हटा दिया है, यहां तक की उनकी टी20 टीम में जगह भी नहीं बन रही. संभव है कि IPL 2027 में वह मुंबई इंडियंस में भी न दिखे. पिछले संस्करण उन्होंने 13 पारियों में 270 रन ही बनाए. हालांकि कई अन्य टीमें उन्हें खरीदकर कप्तान बनाने पर विचार कर सकती है।  मुंबई इंडियंस नए कप्तान के रूप में तिलक वर्मा को चुन सकती है, जो हाल ही में BCCI द्वारा नेशनल टी20 टीम के उपकप्तान चुने गए हैं. इन सभी पर फैसला MI की रिव्यू मीटिंग में होगा, जो अगले हफ्ते होगी।   

15 वर्षीय वैभव सूर्यवंशी पर क्लाइव लॉयड का बड़ा बयान, बताया लंबे समय तक चमकने वाला सितारा

नई दिल्ली वेस्टइंडीज क्रिकेट के सबसे महान कप्तानों में से एक और दो बार के वर्ल्ड कप विजेता क्लाइव लॉयड जब क्रिकेट या किसी खिलाड़ी पर अपनी राय देते हैं, तो पूरी दुनिया उसे बेहद ध्यान से सुनती है। 81 वर्षीय दिग्गज क्लाइव लॉयड ने भारतीय क्रिकेट के नए स्टार, 15 साल के वैभव सूर्यवंशी की जमकर तारीफ की है। उन्होंने वैभव को एक ऐसा खिलाड़ी बताया है जिसे दुनिया लंबे समय तक खेलते हुए देखेगी। हालांकि, लॉयड ने भारतीय क्रिकेट बोर्ड (BCCI) और कोचों को एक सख्त चेतावनी भी जारी की है। क्लाइव लॉयड ने क्या कहा? क्लाइव लॉयड से पूछा गया कि अगर वैभव सूर्यवंशी का सामना उनके दौर के खूंखार गेंदबाजों (माइकल होल्डिंग, जोएल गार्नर, एंडी रॉबर्ट्स और कॉलिन क्रॉफ्ट) से होता, तो क्या होता? लॉयड ने हंसते हुए जवाब दिया. 'वेल, उनके सामने इस युवा खिलाड़ी का बहुत कड़ा इम्तिहान होता। हम उसके कैरेक्टर, उसकी स्किल्स और उसकी काबिलियत की परीक्षा लेते। लेकिन हां, मैं इस बात से पूरी तरह सहमत हूं कि वह एक बेहद शानदार खिलाड़ी है। उसकी आंखें बहुत तेज हैं और वह गेंद को बहुत खूबसूरती और ताकत से स्ट्राइक करता है।' लॉयड ने अपने दौर के गेंदबाजों की ताकत बताते हुए कहा, 'हमारे पास जो गेंदबाज थे, उनके खिलाफ रन बनाना इसलिए मुश्किल था क्योंकि वे सब अलग-अलग तरह की गेंदबाजी करते थे, कोई भी एक जैसा नहीं था। इसलिए, वैभव और हमारे गेंदबाजों के बीच वह मुकाबला देखना वाकई एक बेहतरीन टेस्ट होता।' लॉयड की बड़ी चेतावनी टेस्ट क्रिकेट में 19 शतक ठोकने वाले क्लाइव लॉयड ने भारतीय थिंक-टैंक को आगाह करते हुए कहा कि वैभव के खेलने के स्वाभाविक तरीके के साथ कोई छेड़छाड़ नहीं की जानी चाहिए। लॉयड ने कहा, 'इस लड़के के भीतर गजब की प्रतिभा है। मुझे पूरा भरोसा है कि अगर वह इसी अंदाज में खेलना जारी रखता है और लोग उसके स्टाइल ऑफ प्ले को बदलने की कोशिश नहीं करते हैं, तो हमारे पास एक ऐसा युवा खिलाड़ी है जिसे हम आने वाले बहुत लंबे समय तक खेलते हुए देखेंगे।' दांबुला में मचाई तबाही, अब आयरलैंड में सीनियर टीम के लिए करेंगे डेब्यू! क्लाइव लॉयड का यह बयान ऐसे समय पर आया है जब रविवार को ही वैभव सूर्यवंशी ने श्रीलंका ए के खिलाफ ट्राई-सीरीज के फाइनल में महज 11 गेंदों पर लिस्ट-ए इतिहास का सबसे तेज अर्धशतक ठोककर विश्व रिकॉर्ड बनाया है। इस मैच में उन्होंने सिर्फ 29 गेंदों पर 94 रनों की आतिशी पारी खेली और बदकिस्मत रहे कि छक्का मारने के प्रयास में शतक से चूक गए। अपनी इस ऐतिहासिक फॉर्म के बाद वैभव अब सीनियर भारतीय टीम के साथ जुड़ने के लिए आयरलैंड रवाना होंगे, जहां इस महीने के अंत में भारत को दो टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच खेलने हैं। हाल के महीनों में उनके इस जादुई प्रदर्शन को देखते हुए यह तय माना जा रहा है कि वह आयरलैंड दौरे पर अपना इंटरनेशनल डेब्यू करेंगे। ऐसे में महान क्लाइव लॉयड की यह तारीफ वैभव के आत्मविश्वास को सातवें आसमान पर ले जाएगी।

बेल्जियम से ड्रॉ के बाद ईरान टीम की अनोखी विदाई, ड्रेसिंग रूम में संदेश ने जीता दिल

नई दिल्ली फीफा वर्ल्ड कप 2026 के दौरान ईरान फुटबॉस टीम ने एक ऐसा काम किया जिसकी जमकर सराहना की जा रही है। सोमवार यानि 21 जून को बेल्जियम के खिलाफ मुकाबला ड्रॉ करने के बाद इरानी खिलाड़ियों ने लॉस एंजलिस में स्थित सोफी स्टेडियम को भावुक तरीके से विदाई दी है। उनकी ओर से ड्रेसिंग रूम में एक नोट छोड़ा गया जिसको पढ़ने के बाद हर खेल और फुटबॉल प्रेमी का दिल खुशी और भावुकता से लबरेज हो जाएगा। ईरानी टीम ने छोड़ा खास नोट सोशल मीडिया पर ईरानी टीम का एक खास नोट सामने आया है। जिसमें उन्होंने लॉस एंजलिस से अपनी विदाई को भावुक मोड़ दिया है। नोट में समर्थकों को शुक्रिया कहने के साथ ही विश्व में शांति की अपील की है। नोट में लिखा , 'हजारों साल पुरानी प्राचीन फारस को लेकर आज के सभ्य ईरान तक भावना आज भी जीवित और अडिग है। आपकी मेहमाननवाजी के लिए बहुत शुक्रिया लॉस एंजलिस। हम गर्व के साथ यहां आए, सम्मान के साथ खेले और सम्माने के साथ ही विदा लेते हैं।' ईरान का होम ग्राउंड बन गया लॉस एंजलिस लॉस एंजलिस का मैदान एक तरह से ईरान टीम का होम ग्राउंड लग रहा था। लाखों की संख्या में ईरानी समर्थक अपनी टीम का सपोर्ट करने के लिए स्टेडियम में नजर आए। इसकी एक वजह ये भी है कि लॉस एंजलिस दुनिया के सबसे बड़े ईरानी समुदाय के गढ़ों में से एक है। फैंस को धन्यवाद करते हुए नोट में लिखा कि, 'हर उस ईरानी फैन का शुक्रिया जिसने खेल के 180 मिनटों में हमारा साथ नहीं छोड़ा। आपने अपनी आवाज और आत्मा से हमारा समर्थन किया।' फीफा वर्ल्ड कप 2026 में ईरान को हुई परेशानी फीफा वर्ल्ड कप 2026 का सफर ईरान टीम के लिए आसान नहीं रहा। USA में प्रतिबंध के चलते खिलाड़ियों को 48 घंटे के ज्यादा रहने की अनुमति नहीं मिली। इसके कारण उन्हें अपना बेस मैक्सिको के तिजुआना शहर में बनाना पड़ा। इसके अलावा कुछ खिलाड़ी और सपोर्ट स्टाफ को वीजा संबंधी दिक्कतों का भी सामना करना पड़ा।  

लवलीना-ब्रिगेड की चमक, महिला और पुरुष बॉक्सरों ने जीते 8 स्वर्ण पदक

नई दिल्ली राष्ट्रमंडल खेलों में हिस्सा लेने वाले भारतीय मुक्केबाजों ने चेक गणराज्य में हुए आमंत्रण 56वीं ग्रां प्रि उस्ती नाद लाबेम टूर्नामेंट में शानदार प्रदर्शन करते हुए कुल 12 पदक जीते, जिनमें आठ स्वर्ण पदक शामिल हैं। पांच सदस्यों वाली महिला टीम ने चार स्वर्ण और एक रजत पदक जीतकर शानदार शुरुआत की। ओलिंपिक पदक विजेता लवलीना बोरगोहेन (75 किग्रा), मौजूदा एशियाई चैंपियन प्रीति पवार (54 किग्रा), साक्षी चौधरी (51 किग्रा) और प्रिया घंघास (60 किग्रा) ने फाइनल में सर्वसम्मति से जीत हासिल करते हुए स्वर्ण पदक जीते। परवीन हुड्डा (65 किग्रा) ने रजत पदक जीतकर महिला टीम के शानदार प्रदर्शन को पूरा किया। पुरुष टीम ने भी महिलाओं की तरह सफलता हासिल करते हुए चार स्वर्ण पदक जीते। जादूमणि सिंह (55 किग्रा), सचिन (60 किग्रा), अंकुश (80 किग्रा) और नरेंद्र (90 किग्रा से अधिक) अपने वर्ग में चैंपियन बने। लवलीना ने फाइनल में इटली की मेलिसा जेमिनी को 5-0 से हराया जबकि प्रीति ने फ्रांस की जेसा मार्सेल को इसी अंतर से मात दी। साक्षी ने फ्रांस की मेसून बौरेग को 5-0 से हराया और प्रिया ने चेक गणराज्य की पसंदीदा खिलाड़ी बारबोरा मैक्सोवा पर शानदार जीत हासिल की। जादूमणि ने फाइनल में इंग्लैंड के अब्दुल बर्टन को 4-1 से हराया जबकि सचिन और अंकुश ने क्रमशः हंगरी के वेरेस रोहलैंड और चेक गणराज्य के फ्लोरियन डेनियल पर 5-0 से बड़ी जीत हासिल की। नरेंद्र ने कड़े मुकाबले वाले हैवीवेट फाइनल में अर्मेनिया के डेविड चालोयन को 3-2 से हराया। आदित्य प्रताप यादव (65 किग्रा) और कपिल पोखरिया (90 किग्रा) को अपने खिताबी मुकाबलों में करीबी हार के बाद रजत पदक से संतोष करना पड़ा जबकि सुमित कुंडू (70 किग्रा) ने कांस्य पदक जीता।

भारत की महिला हॉकी टीम का ऐतिहासिक प्रदर्शन, फाइनल में न्यूजीलैंड पर शानदार जीत

 नई दिल्‍ली भारतीय महिला हॉकी टीम FIH हॉकी विमंस नेशंस कप 2025-26 की चैंपियन बन गई है। रविवार को खेले गए फाइनल में भारत ने मेजबान न्यूजीलैंड टीम को 2-0 से हराया। नवनीत कौर (4वें मिनट) ने भारत को शुरुआती बढ़त दिलाई। इसके बाद सुनेलिता टोप्पो (15वें मिनट) ने भारत की बढ़त को दोगुना कर दिया। इस जीत के साथ ही टीम की अगले सीजन के FIH हॉकी महिला प्रो लीग में वापसी भी पक्की हो गई लालरेम्सियामी ने फाइनल में 'प्लेयर ऑफ द मैच' का अवॉर्ड जीता, जबकि दीपिका (USA की एशली सेसा के साथ) छह गोल के साथ टूर्नामेंट में संयुक्त रूप से टॉप स्कोरर रहीं। यह भारत का दूसरा नेशंस कप खिताब है। इससे पहले भारत ने 2022 में इस टूर्नामेंट का पहला संस्करण जीता था। अजेय रही भारतीय टीम पूरे टूर्नामेंट के दौरान भारत अजेय रहा। पूल A के मैचों में भारत ने USA (3-2), जापान (2-1) और उरुग्वे (3-2) को हराया और फिर सेमीफाइनल में चिली पर 6-0 से शानदार जीत दर्ज की। फाइनल में भी टीम ने बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए न्यूजीलैंड को 2-0 से हराकर खिताब अपने नाम किया। टीम की इस उपलब्धि को देखते हुए हॉकी इंडिया ने हर खिलाड़ी के लिए 3 लाख रुपये और सपोर्ट स्टाफ के हर सदस्य के लिए 1.5 लाख रुपये के नकद इनाम की घोषणा की। अपने पास रखी गेंद रविवार को हुए खिताबी मुकाबले में मेजबान टीम ने शुरुआत में ज्‍यादा समय तक गेंद अपने पास रखी और जल्दी बढ़त बनाने की कोशिश की। हालांकि, मेहमान टीम ने मैच का पहला अहम मौका तब बनाया जब नवनीत को पेनल्टी कॉर्नर मिला। उन्होंने चौथे मिनट में सेट-पीस से जोरदार हिट लगाकर गोल किया और भारत को बढ़त दिलाई। भारत ने न्यूजीलैंड के डिफेंस के लिए कई मुश्किलें खड़ी कर दीं। उन्होंने पहले क्वार्टर में मिले अपने पांचवें पेनल्टी कॉर्नर से अपनी बढ़त को दोगुना कर लिया। टोप्पो ने दीपिका के तेज शॉट को डिफ्लेक्ट करके गोल में बदल दिया, जिससे 15वें मिनट में भारत को 2-0 की बढ़त मिल गई। वापसी की कोशिश की दूसरे क्वार्टर में न्यूजीलैंड ने मैच में वापसी की कोशिश करते हुए अपनी पकड़ मजबूत करनी शुरू की। मेहमान टीम के पास भी अपनी बढ़त बढ़ाने के कुछ मौके थे। हालांकि, कोई भी टीम गोल नहीं कर सकी, जिसके चलते हाफ-टाइम तक भारत अपनी दो गोल की बढ़त बनाए रखने में कामयाब रहा। तीसरे क्वार्टर में भारत ने मजबूत डिफेंस दिखाया और मेजबान टीम को गोल करने का कोई साफ मौका नहीं दिया। अपनी तेज गति और आक्रामक खेल से भारतीय खिलाड़ियों ने न्यूजीलैंड के डिफेंस से गलती करवाई, लेकिन नवनीत के रिवर्स हिट को गोलकीपर ने रोक लिया। चौथे क्वार्टर की शुरुआत में ही न्यूजीलैंड को पेनल्टी कॉर्नर मिला। हालांकि, सविता ने उस पर हुए हमले को नाकाम कर दिया और भारत की दो गोल की बढ़त बनाए रखी। भारतीय टीम ने शानदार डिफेंस का प्रदर्शन जारी रखा और आखिरकार 2-0 से जीत हासिल कर खिताब अपने नाम किया।

हरमनप्रीत का वर्ल्ड रिकॉर्ड! 200 T20I मैच खेलने का कारनामा, रोहित-कोहली भी रह गए पीछे

 मैनचेस्टर भारतीय विमेंस टीम की कप्तान हरमनप्रीत कौर ने अपने क्रिकेटिंग करियर में एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है. रविवार (21 जून) को साउथ अफ्रीका के खिलाफ मुकाबले के लिए मैदान पर उतरते ही उन्होंने एक ऐसा रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया, जिसे अब तक दुनिया का कोई भी पुरुष या महिला क्रिकेटर हासिल नहीं कर पाया था. हरमनप्रीत 200 T20I (टी20 इंटरनेशनल) मैच खेलने वाली दुनिया की पहली खिलाड़ी बन गई हैं।  विमेंस टी20 वर्ल्ड कप 2026 के दौरान हासिल की गई यह उपलब्धि उनके 17 साल लंबे अंतरराष्ट्रीय करियर की गवाही देती है. साल 2009 में इंग्लैंड में आयोजित पहले महिला टी20 विश्व कप के दौरान डेब्यू करने वाली हरमनप्रीत कौर अब भी भारतीय टीम की अगुवाई कर रही हैं और लगातार नए कीर्तिमान स्थापित कर रही हैं।  दिलचस्प बात यह है कि मेन्स टी20 इंटरनेशनल में सबसे ज्यादा मैच खेलने का रिकॉर्ड आयरलैंड के पॉल स्टर्लिंग के नाम है, जिन्होंने 163 मुकाबले खेले हैं. भारतीय कप्तान रोहित शर्मा 159 मैचों के साथ दूसरे स्थान पर हैं. विराट कोहली (125 मैच) तो इस लिस्ट में काफी पीछे हैं. वहीं महिला क्रिकेट में हरमनप्रीत अब 200 मैचों के साथ शीर्ष पर पहुंच गई हैं. न्यूजीलैंड की सूजी बेट्स 184 मैचों के साथ दूसरे स्थान पर हैं. इस लिस्ट में डैनी वायट-हॉज (183 मैच) तीसरे और एलिस पेरी (177 मैच) चौथे पायदान पर हैं।  हरमनप्रीत कौर ने अपना टी20 अंतरराष्ट्रीय डेब्यू 2009 में किया था. तब से लेकर अब तक उन्होंने भारतीय महिला क्रिकेट के विकास में अहम भूमिका निभाई है. उनके नेतृत्व में भारत ने कई बड़ी उपलब्धियां हासिल कीं और महिला क्रिकेट को नई पहचान मिली. खास बात यह भी है कि 2009 में उनके साथ अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट खेलने वाली खिलाड़ियों में अब सिर्फ छह प्लेयर्स ही सक्रिय हैं।  साउथ अफ्रीका के खिलाफ मुकाबले से पहले भारतीय टीम के गेंदबाजी कोच आविष्कार साल्वी ने भी हरमनप्रीत की जमकर तारीफ की थी. उन्होंने कहा था कि हरमन सिर्फ एक बेहतरीन खिलाड़ी ही नहीं बल्कि दुनिया भर के क्रिकेटरों के लिए प्रेरणा हैं. साल्वी के मुताबिक हरमनप्रीत अपनी मेहनत, अनुशासन और अनुभव से युवा खिलाड़ियों का मार्गदर्शन करती हैं, जिससे उन्हें अपने करियर में आगे बढ़ने में मदद मिलती है।  साउथ अफ्रीका की स्टार ऑलराउंडर क्लो ट्रायोन ने भी भारतीय कप्तान की इस उपलब्धि को ऐतिहासिक बताया. महिला प्रीमियर लीग (WPL) में हरमनप्रीत के साथ खेलने वाली ट्रायोन ने कहा कि 200 टी20 इंटरनेशनल मैच खेलना अविश्वसनीय उपलब्धि है और वो दुनिया भर के खिलाड़ियों के लिए रोल मॉडल रही हैं।  टूर्नामेंट की बात करें तो भारतीय टीम शानदार फॉर्म में नजर आ रही है. टीम ने अपने शुरुआती दोनों मुकाबलों में पाकिस्तान और नीदरलैंड्स को हराया है. दूसरी ओर साउथ अफ्रीका ने ऑस्ट्रेलिया से हारने के बाद पाकिस्तान को मात देकर वापसी की है. हालांकि हाल के मुकाबलों में साउथ अफ्रीका का पलड़ा भारी रहा है और उसने भारत के खिलाफ हालिया पांच मैचों की टी20 सीरीज 4-1 से अपने नाम की थी। 

महिला टी20 वर्ल्ड कप: सेमीफाइनल की राह में भारत के सामने ऑस्ट्रेलिया की बड़ी चुनौती

नई दिल्ली महिला टी20 वर्ल्ड कप में भारत की शुरुआत किसी सपने जैसी हुई थी. पहले पाकिस्तान और फिर नीदरलैंड्स को हराकर हरमनप्रीत कौर की टीम ने सेमीफाइनल की तरफ मजबूत कदम बढ़ा दिए थे… लेकिन दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ मिली छह विकेट की हार ने पूरे समीकरण को उलट-पुलट कर दिया है. अब हालात ऐसे हैं कि ग्रुप-ए में भारत, दक्षिण अफ्रीका और ऑस्ट्रेलिया में से कोई भी टीम बाहर हो सकती है. दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ रोमांचक मुकाबले में हार सिर्फ दो अंक गंवाने की कहानी नहीं थी, बल्कि इसने भारत की सेमीफाइनल की राह को मुश्किल बना दिया है. अब टीम इंडिया के लिए हर रन और हर विकेट की कीमत बढ़ गई है, क्योंकि टूर्नामेंट का फैसला नेट रन रेट तक पहुंच सकता है. भारत के सामने क्या है रास्ता? भारत ने तीन मैचों में दो जीत के साथ चार अंक जुटाए हैं और उसका नेट रन रेट +2.511 है, जो फिलहाल काफी मजबूत स्थिति में है. टीम को अभी बांग्लादेश और ऑस्ट्रेलिया से भिड़ना है. कागज पर बांग्लादेश के खिलाफ भारत को फेवरेट माना जा रहा है. अगर टीम इंडिया यह मैच जीत लेती है तो उसके छह अंक हो जाएंगे. लेकिन असली परीक्षा 28 जून को ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ होगी. अगर भारत ऑस्ट्रेलिया को हरा देता है, तो सेमीफाइनल का टिकट लगभग पक्का हो जाएगा. लेकिन अगर ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ हार मिलती है और दक्षिण अफ्रीका भी अपने बाकी दोनों मुकाबले जीत जाता है, तो भारत के लिए खतरे की घंटी बज सकती है. ऐसे में तीनों बड़ी टीमें आठ-आठ अंकों पर पहुंच सकती हैं और फैसला नेट रन रेट करेगा. अब गलती की कोई गुंजाइश नहीं दक्षिण अफ्रीका से हार के बाद भारत के लिए समीकरण काफी साफ है- अगले दोनों मैच जीत लो और किसी गणित की जरूरत नहीं पड़ेगी. खासकर बांग्लादेश के खिलाफ बड़ी जीत भारत के नेट रन रेट को और मजबूत कर सकती है, जो आगे चलकर जीवनदान साबित हो सकता है. हरमनप्रीत कौर की टीम के लिए अब सिर्फ जीत ही नहीं, बल्कि बड़े अंतर से जीत भी महत्वपूर्ण हो गई है. दक्षिण अफ्रीका की उम्मीदें भी जिंदा लॉरा वोलवार्ट  की कप्तानी वाली दक्षिण अफ्रीकी टीम ने टूर्नामेंट की शुरुआत ऑस्ट्रेलिया से हार के साथ की थी, जिससे उसका नेट रन रेट बुरी तरह प्रभावित हुआ. फिलहाल उसका नेट रन रेट -0.546 है. हालांकि भारत पर जीत ने उसकी उम्मीदों को नई जान दे दी है. दक्षिण अफ्रीका के सामने अब नीदरलैंड्स और बांग्लादेश जैसी अपेक्षाकृत कमजोर टीमें हैं. अगर वह दोनों मुकाबले जीत लेता है, तो आठ अंकों तक पहुंच सकता है. लेकिन उसके लिए सिर्फ जीत काफी नहीं होगी, बड़े अंतर की जीत भी जरूरी होगी ताकि नेट रन रेट सुधर सके. ऑस्ट्रेलिया सबसे मजबूत स्थिति में ग्रुप-ए में सबसे आरामदायक स्थिति ऑस्ट्रेलिया की है. टीम लगातार तीन जीत के साथ छह अंक जुटा चुकी है और उसका नेट रन रेट +4.391 है. यही वजह है कि कंगारू टीम फिलहाल सेमीफाइनल की सबसे बड़ी दावेदार नजर आ रही है. हालांकि अगर ऑस्ट्रेलिया अपने आखिरी दो मैचों में लड़खड़ा जाती है, तो समीकरण पूरी तरह बदल सकते हैं. ऐसे में 28 जून को भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच होने वाला मुकाबला ग्रुप-ए का 'वर्चुअल क्वार्टर फाइनल' बन सकता है. सेमीफाइनल की चाबी किसके हाथ? फिलहाल तस्वीर साफ है- भारत की किस्मत अभी भी उसके अपने हाथ में है. लेकिन दक्षिण अफ्रीका से मिली हार ने सुरक्षा कवच छीन लिया है. अब हरमनप्रीत एंड कंपनी को सिर्फ जीत नहीं, दमदार जीत चाहिए. 28 जून को भारत और ऑस्ट्रेलिया की भिड़ंत सिर्फ एक लीग मैच नहीं होगी. यह मुकाबला तय कर सकता है कि महिला टी20 वर्ल्ड कप में भारत का सपना आगे बढ़ेगा या यहीं थम जाएगा. फिलहाल करोड़ों भारतीय फैन्स की नजरें उसी मैच पर टिक गई हैं.

सलाह ने पलट दी बाजी! न्यूजीलैंड को 3-1 से हराकर मिस्र ने वर्ल्ड कप में खोला जीत का खाता

 वैंकूवर फीफा वर्ल्ड कप 2026 में सोमवार (22 जून) को आयोजित ग्रुप-जी के एक अहम मुकाबले में मिस्र ने न्यूजीलैंड को 3-1 से हराया. फीफा वर्ल्ड कप के इतिहास में मिस्र की ये पहली जीत रही. एक समय मुकाबले में पिछड़ रही मिस्र की टीम ने दूसरे हाफ में शानदार वापसी की और स्टार स्ट्राइकर मोहम्मद सलाह की अगुवाई में मैच का रुख पूरी तरह पलट दिया. कप्तान मोहम्मद सलाह एक गोल और एक असिस्ट के साथ इस जीत के हीरो रहे।  वैंकूवर के बीसी प्लेस स्टेडियम में खेले गए इस मुकाबले की शुरुआत न्यूजीलैंड ने शानदार अंदाज में की. मैच के शुरुआती मिनटों में ऑल व्हाइट्स ने लगातार मिस्र के डिफेंस पर दबाव बनाया. सातवें मिनट में सरप्रीत सिंह गोल करने के करीब पहुंचे, लेकिन उनका प्रयास निशाने से चूक गया. इसके कुछ देर बाद एलिजाह जस्ट के शानदार मूव को मिस्र के गोलकीपर मोस्तफा शोबेर ने बेहतरीन बचाव कर विफल कर दिया।  न्यूजीलैंड की मेहनत आखिरकार रंग लाई और 16वें मिनट में टीम को बढ़त मिल गई. टिम पायने के कॉर्नर पर डिफेंडर फिन सुरमन ने ऊंची छलांग लगाकर शानदार हेडर लगाया और गेंद को जाल में पहुंचा दिया. शुरुआती बढ़त के बाद न्यूजीलैंड का आत्मविश्वास और बढ़ गया, जबकि मिस्र की टीम लय हासिल करने के लिए संघर्ष करती दिखी।  हालांकि पहले हाफ के अंत तक मिस्र ने वापसी के संकेत दे दिए थे. उमर मरमौश ने दूर से जोरदार शॉट लगाया, जिसे गोलकीपर मैक्स क्रोकॉम्ब ने मुश्किल से रोका. वहीं मोहम्मद सलाह की फ्री-किक भी मामूली अंतर से गोलपोस्ट के बाहर निकल गई. दूसरे हाफ में कहानी पूरी तरह बदल गई. 58वें मिनट में मोहम्मद हानी के सटीक क्रॉस पर मोस्तफा जिको ने शानदार हेडर लगाकर स्कोर 1-1 से बराबर कर दिया. इस गोल के बाद मिस्र का आत्मविश्वास चरम पर पहुंच गया और टीम ने लगातार आक्रमण जारी रखा।  सिर्फ नौ मिनट बाद मिस्र ने मुकाबले में बढ़त भी हासिल कर ली. मोस्तफा जिको और मोहम्मद सलाह के बीच बेहतरीन तालमेल देखने को मिला. जिको के पास को सलाह ने शानदार तरीके से गोल में बदल दिया और मिस्र को 2-1 की बढ़त दिला दी. यह गोल मैच का निर्णायक मोड़ साबित हुआ।  न्यूजीलैंड के पास वापसी का मौका था, लेकिन मिस्र के डिफेंडर्स और गोलकीपर मोस्तफा शोबेर ने कोई गलती नहीं की. इसके बाद 82वें मिनट में सलाह ने एक और कमाल किया. उनके कॉर्नर पर सब्स्टीट्यूट प्लेयर ट्रेजेगेट ने जोरदार हेडर लगाकर गोल दाग दिया और न्यूजीलैंड की उम्मीदों पर पूरी तरह पानी फेर दिया।  न्यूजीलैंड के लिए स्थिति बेहद कठिन हो गई है. इस हार के बाद उसकी किस्मत अब अंतिम ग्रुप मैच पर टिकी है. अगर उसे अगले दौर में पहुंचने की उम्मीद जिंदा रखनी है, तो बेल्जियम के खिलाफ जीत दर्ज करनी ही होगी. न्यूजीलैंड के सिर्फ 1 अंक हैं और वो अपने ग्रुप में फिलहाल चौथे नंबर पर है।