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NZ vs SA: लैथम चमके, साउथ अफ्रीका पर भारी पड़ी न्यूजीलैंड की टीम

वेलिंग्टन न्यूजीलैंड ने साउथ अफ्रीका के खिलाफ घरेलू पांच मैचों की टी20 सीरीज में 2-1 की बढ़त हासिल कर ली है। मेजबान न्यूजीलैंड ने शुक्रवार को तीसरे टी20 में 9 विकेट से दमदार जीत दर्ज की। न्यूजीलैंड ने 137 रनों का टारगेट 17.2 ओवर में दो विकेट के नुकसान पर आसानी से चेज कर लिया। ओपनर टॉम लैथम की फिफ्टी ने साउथ अफ्रीका का बेड़ा गर्क किया। वह 55 गेंदों में 63 रन बनाकर रहे, जिसमें सात चौके और दो छक्के हैं। लक्ष्य का पीछा करते हुए लैथम और डेवोन कॉनवे (26 गेंदों में 39) ने न्यूजीलैंड को शानदार शुरआत दिलाई। दोनों ने पहले विकेट के लिए 96 रनों की साझेदारी की। कॉनवे को कार्यवाहक कप्तान केशव महाराज ने 12वें ओवर में पवेलियन भेजा। इसके बाद, लैथम और रॉबिन्स ने दूसरे विकेट के लिए 40 रनों की पार्टनरशिप की। रॉबिन्स 17वें ओवर में सिपामला का शिकार बने। उन्होंने 16 गेंदों में दो चौकों के जरिए 17 रन बटोरे। निक केली (नाबाद 1) ने विजयी रन बनाया। आज न्यूजीलैंड और साउथ अफ्रीका के बीच तीसरा टी20 मुकाबला ऑकलैंड के ईडन पार्क में खेला जा रहा है। साउथ अफ्रीका ने मेजबान न्यूजीलैंड के सामने 137 रनों का टारगेट रखा है। साउथ अफ्रीका ने निर्धारित 20 ओवर में 9 विकेट पर 136 रन जुटाए। दसवें नंबर पर उतरे नकोबानी मोकोएना ने सर्वाधिक रन बनाए। उन्होंने 20 गेंदों में एक चौके और तीन छक्कों की मदद से नाबाद 26 रनों की पारी खेली।  उन्होंने जॉर्ज लिंडे ने 23, डियान फॉरेस्टर ने 17 और गेराल्ड कोएत्जी ने 16 रनों का योगदान दिया। टोनी डी जोरजी और कॉनर एस्टरहुइजन के बल्ले से 15-15 रन निकले। ओपनर वियान मुल्डर का खाता नहीं खुला। काइल जैमीसन, मिचेल सेंटनर और बेन सियर्स ने दो-दो शिकारिए। दोनों टीम पांच मैचों की सीरीज फिलहल 1-1 की बराबरी पर है। केशव महाराज की कप्तानी वाली साउथ अफ्रीकी टीम ने पहला मैच सात विकेट से अपने नाम किया जबकि मिचेल सेंटनर की अगुवाई वाली टीम ने दूसरे टी20 में 68 रनों से जीत दर्ज कर धमाकेदार वापसी की।

फेक कंटेंट पर सख्त हुए गौतम गंभीर, किनके खिलाफ पहुंचे कोर्ट? जानिए पूरा मामला

नई दिल्ली इंडियन क्रिकेट टीम के हेड कोच गौतम गंभीर ने अपने पर्सनैलिटी राइट्स की रक्षा के लिए दिल्ली हाई कोर्ट से गुहार लगाई है। उन्होंने अपने नाम और तस्वीरों का अनधिकृत इस्तेमाल कर अपना प्रचार करने वालों के साथ-साथ एआई वीडियो और डीपफेक के जरिए फर्जी सूचनाएं फैलाने वालों से हर्जाने की भी मांग की है। गंभीर ने अदालत से ऐसे ऑनलाइन कंटेंट को हटाने का निर्देश देने की भी गुहार लगाई है। उन्होंने कुल 16 व्यक्तियों या संस्थानों को पार्टी बनाया है। गौतम गंभीर से पहले अनिल कपूर, अमिताभ बच्चन, सुनील गावस्कर जैसी हस्तियां भी पर्सनैलिटी राइट्स की रक्षा के लिए अदालतों का दरवाजा खटखटा चुकी हैं। इन हस्तियों ने अपनी आवाज, वीडियों या तस्वीर के अनधिकृत इस्तेमाल के खिलाफ अदालत का रुख किया था और पर्सनैलिटी राइट्स की रक्षा की थी। दो बार के विश्व कप विजेता गौतम गंभीर ने दिल्ली हाई कोर्ट में सिविल वाद दाखिल किया है। उसमें उन्होंने अपने नाम, वीडियो, तस्वीरों का इस्तेमाल कर प्रचार करने वालों या इनका इस्तेमाल कर दुष्प्रचार करने वालों से 2.5 करोड़ रुपये हर्जाने की मांग की है। साथ में ये भी गुहार लगाई है कि उनकी उनकी पर्सनैलिटी राइट्स का उल्लंघन करने वाले कंटेंट को हटाया जाए। वाद में कॉपीराइट ऐक्ट 1957, ट्रेड मार्क्स ऐक्ट 1999 और कमर्शन कोर्ट्स ऐक्ट 2015 के प्रावधानों का जिक्र करते हुए हाई कोर्ट से गुहार की गई है। इसके साथ ही उन्होंने अमिताभ बच्चन बनाम रजत नागी, अनिल कपूर बनाम सिंपली लाइफ इंडिया और सुनील गावस्कर बनाम क्रिकेट तक एवं अन्य मामले में हाई कोर्ट के दिए ऐतिहासिक आदेश का भी हवाला दिया है। एआई जैसी तकनीक से फर्जी वीडियो बना प्रचारित करने का आरोप गौतम गंभीर की लीगल टीम की तरफ से कहा गया है कि इंस्टाग्राम, एक्स, यूट्यूब और फेसबुक पर तमाम ऐसे अकाउंट्स हैं जो आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, फेस-स्वैपिंग, वॉइस क्लोनिंग टेक्नॉलजी का इस्तेमाल करके गौतम गंभीर के असली से दिखने वाले वीडियो बना रहे हैं। उन फर्जी वीडियो में गंभीर के कथित बयानों को दिखाते, सुनाते हैं जो असल में उन्होंने कभी कहा ही नहीं होता है। ऐसे ही एक वीडियो में फर्जी तरीके से उनके कोच पद से इस्तीफा देने के ऐलान की बात रखी गई थी जिसने 29 लाख व्यूज बटोरे। इसके अलावा उन्होंने ईकॉमर्स प्लेफॉर्म्स को भी पक्ष बनाया है। गंभीर का दावा है कि ये ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म उन पोस्टर्स या सामानों को बिकने दे रहे ही हैं जिन पर अनधिकृत रूप से उनका यानी गौतम गंभीर के नाम का इस्तेमाल किया गया है। गौतम गंभीर ने किन लोगों के खिलाफ किया है मुकदमा जानकी फ्रेम्स, भूपेंद्र पैंटोला, लिजेंड्स रिवोलूशन, गुस्ताख एडिट्स, क्रिकेट मीमर 45, जेम्स ऑफ क्रिकेट, क्रिकएथ, सन्नी उपाध्याय, @imRavY_, ऐमजॉन, फ्लिपकार्ट, मेटा प्लेटफॉर्म्स इंक, एक्स कॉर्प, गूगल/यूट्यूब, मिनिस्ट्री ऑफ इलेक्ट्रॉनिक्स ऐंड इन्फॉर्मेशन टेक्नॉलजी और डिपार्टमेंट ऑफ टेलिकम्यूनिकेशंस। क्या होता है पर्सनैलिटी राइट? पर्सनैलिटी राइट किसी भी व्यक्ति के व्यक्तित्व की रक्षा से जुड़े हैं। भारतीय संविधान में अलग से इस तरह के किसी अधिकार की व्यवस्था नहीं है बल्कि यह अनुच्छेद 21 के तहत मिले निजता के अधिकार के तहत ही आता है। पर्सनैलिटी राइट्स में दो तरह के अधिकार शामिल होते हैं- राइट ऑफ पब्लिशिटी और राइट टु प्राइवेसी। राइट ऑफ पब्लिशिटी किसी व्यक्ति को अपनी तस्वीर, आवाज, वीडियो या उससे जुड़ी किसी भी चीज का बिना उसकी इजाजत या करार के बिना व्यावसायिक इस्तेमाल किए जाने से रक्षा का अधिकार है।

IPL में कप्तान के अंडर रन मशीन बने ये 5 बल्लेबाज, MS Dhoni की अगुवाई में किसने मचाया धमाल?

नई दिल्ली इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) 2026 का 28 मार्च से आगाज होने जा रहा है। यह लीग का 19वां सीजन है। नया सीजन शुरू होने से पहले जानिए आईपीएल में एक कप्तान के अंडर सबसे ज्यादा रन बनाने वाले टॉप 5 बल्लेबाज कौन हैं?   सुरेश रैना आईपीएल में एक कप्तान के अंडर सबसे ज्यादा रन बनाने का रिकॉर्ड सुरेश रैना के नाम दर्ज है। वह चेन्नई सुपर किंग्स (सीएसके) में एमएस धोनी की अगुवाई में चमके। उन्होंने धोनी के अंडर 4599 रन बनाए। पूर्व बल्लेबाज 2021 में आखिरी बार आईपीएल में खेला। सीएसके की कमान अब ऋतुराज गायकवाड़ के पास है। एबी डिविलियिर्स लिस्ट में दूसरे नंबर पर साउथ अफ्रीका के पूर्व दिग्गज एबी डिविलियिर्स हैं। उन्होंने रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (आरसीबी) में विराट कोहली की कप्तानी में 3892 रन जुटाए। उन्होंने भी 2021 में अंतिम आईपीएल मैच खेला। कोहली ने आईपीएल 2022 से आरसीबी की कप्तानी छोड़ दी थी। फाफ डुप्लेसी साउथ अफ्रीका के पूर्व क्रिकेटर फाफ डुप्लेसी ने सीएसके में रहते हुए धोनी की अगुवाई में 2882 रन जोड़े। उनका 2021 में सीएसके से नाता टूटा। फिर डुप्लेसी तीन साल आरसीबी के कप्तान रहे। वह पिछले सीजन दिल्ली कैपिटल्स (डीसी) के लिए खेले थे। कीरोन पोलार्ड वेस्टइंडीज के पूर्व धाकड़ ऑलराउंडर कीरोन पोलार्ड ने मुंबई इंडियंस (एमआई) में रोहित शर्मा के नेतृत्व में 2551 रन बटोरे। उन्होंने 2022 में आखिरी आईपीएल मैच खेला। रोहित के अंडर एमआई ने पांच आईपीएल खिताब जीती। मुंबई की बागडोर अब हार्दिक पांड्या के पास है। सूर्यकुमार यादव सूर्यकुमार यादव सूची में पांचवें पायदान पर हैं। वह मुंबई इंडियंस के लिए खेलते हैं। ताबड़तोड़ बल्लेबाजी के लिए मशहूर सूर्या ने आईपीएल में रोहित की कप्तानी में 2443 रन बनाए।

IPL के ‘वन-टीम हीरो’: कोहली का अनोखा रिकॉर्ड, टॉप-10 लिस्ट में 4 विदेशी खिलाड़ियों की एंट्री

नई दिल्ली आईपीएल 2026 की उल्टी गिनती शुरू हो चुकी है। इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) का 19वां सीजन 28 मार्च से शुरू होने जा रहा है। डिफेंडिंग चैपियन रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (आरसीबी) की पहले मैच में सनराइजर्स हैदराबाद (एसआरएच) से टक्कर होगी। आईपीएल में खिलाड़ियों की टीम बदलना आम बात है। हालांकि, कई खिलाड़ी ऐसे भी हैं जिन्होंने कभी टीम चेंज नहीं की। चलिए, आपको आईपीएल में सिर्फ एक टीम के लिए खेलने वाले टॉप 10 क्रिकेटर के बारे में बताते हैं। लिस्ट में चार विदेशी हैं। कोहली के नाम अनोखा कमाल 2008 में आईपीएल की शुरुआत से स्टार बल्लेबाज विराट कोहली आरसीबी का हिस्सा हैं। उनके नाम अनोखा कमाल है। वह आईपीएल में एक ही फ्रेंचाइजी की ओर से सभी सीजन खेलने वाले इकलौते क्रिकेटर हैं। वह 267 आईपीएल मैच खेल चुके हैं। उन्होंने लंबे अरसे तक आरसीबी की कमान संभाली लेकिन बतौर कप्तान कभी ट्रॉफी नहीं जीत सके। रजत पाटीदार की अगुवाई में आरसीबी ने 2025 में खिताबी सूखा समाप्त किया। महान बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर आईपीएल में एक ही टीम से खेले। वह 2008 से 2013 तक मुंबई इंडियंस (एमआई) की ओर से 78 मैचों में मैदान पर उतरे। मलिंगा और पोलार्ड MI में ही रहे श्रीलंका के पूर्व तेज गेंदबाज लसिथ मलिंगा और वेस्टइंडीज के पूर्व ऑलराउंडर कीरोन पोलार्ड मुंबई इंडियंस में ही रहे। मलिंगा ने 2009 से 2019 तक 122 मुकाबले खेले। पोलार्ड ने 2010 से 2022 तक 189 मैचों में एमआई का प्रतिनिधित्व किया। ऑस्ट्रेलिया के पूर्व क्रिकेटर शॉन मार्श ने किंग्स इलेवन पंजाब के लिए 71 मैच खेले। किंग्स इलेवन पंजाब अब पंजाब किंग्स के नाम से जानी जाती है। वेस्टइंडीज के ऑलराउंडर सुनील नरेन 2012 से कोलकाता नाइट राइडर्स (केकेआर) के लिए खेल रहे हैं। वह 189 आईपीएल मैच खेल चुके हैं। धाकड़ पेसर जसप्रीत बुमराह आईपीएल में सिर्फ मुंबई की ओर से खेले हैं। उन्होंने 2013 में आईपीएल डेब्यू किया था। बुमराह ने 145 आईपीएल मैच खेले हैं। ऋतुराज गायकवाड़ चेन्नई सुपर किंग्स (सीएसके) और रियान पराग राजस्थान रॉयल्स (आरआर) की कमान संभालेंगे। दोनों ने आईपीएल में कभी टीम नहीं बदली। गायकवाड़ ने 71 और पराग ने 84 आईपीएल मैच खेले हैं। IPL में सिर्फ एक टीम के लिए खेलने वाले टॉप 10 क्रिकेटर सचिन तेंदुलकर – मुंबई इंडियंस विराट कोहली – रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु लसिथ मलिंगा – मुंबई इंडियंस कीरोन पोलार्ड – मुंबई इंडियंस शॉन मार्श – किंग्स इलेवन पंजाब सुनील नरेन – कोलकाता नाइट राइडर्स जसप्रीत बुमराह – मुंबई इंडियंस ऋतुराज गायकवाड़ -चेन्नई सुपर किंग्स पृथ्वी शॉ – दिल्ली कैपिटल्स रियान पराग – राजस्थान रॉयल्स

मुझे हटाओ मत…: वर्ल्ड कप जीत के बाद अगरकर ने उठाया बड़ा दांव, BCCI क्या कदम उठाएगा?

 नई दिल्ली भारतीय क्रिकेट टीम चीफ सेलेक्टर अजीत अगरकर ने भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) से अपने कार्यकाल को 2027 वनडे वर्ल्ड कप तक बढ़ाने की औपचारिक गुजारिश की है। दरअसल, 2024 T20 वर्ल्ड कप और 2025 चैम्प‍ियंस ट्रॉफी की खिताबी सफलता के बाद IPL 2025 से ठीक पहले अगरकर का कॉन्ट्रैक्ट एक साल के लिए बढ़ाया गया था. अब घरेलू सरजमीं पर T20 वर्ल्ड कप खिताब बचाने के बाद उन्होंने अपने कार्यकाल को और लंबा करने की इच्छा जताई है। 'टाइम्स ऑफ इंडिया' की रिपोर्ट के मुताबिक, इस मुद्दे पर बोर्ड के अंदर शुरुआती स्तर पर चर्चा भी हो चुकी है. हालांकि, अंतिम फैसला अभी बाकी है. यह निर्णय ऐसे समय में लिया जाना है जब भारतीय टीम वर्ल्ड टेस्ट चैम्प‍ियनश‍िप के अहम चरण में है और साथ ही 2027 वनडे वर्ल्ड कप की तैयारियों का रोडमैप भी तैयार किया जा रहा है। अगरकर जून 2023 से मेंस सीनियर चयन समिति के चेयरमैन हैं. उनके कार्यकाल में भारत ने कुल तीन ICC खिताब अपने नाम किए हैं. दो T20 वर्ल्ड कप और एक चैम्प‍ियंस ट्रॉफी. यही नहीं टीम ने 2023 और 2025 एशिया कप भी जीते और व्हाइट-बॉल क्रिकेट में शानदार प्रदर्शन करते हुए 33 में से सिर्फ दो मुकाबले गंवाए। हालांकि, टेस्ट क्रिकेट में टीम का प्रदर्शन उम्मीदों पर खरा नहीं उतरा. भारत को घरेलू मैदान पर लगातार दो टेस्ट सीरीज में हार का सामना करना पड़ा, जबकि बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी में भी विदेशी जमीन पर हार मिली. इसी वजह से अगरकर के कार्यकाल की चमक थोड़ी फीकी भी पड़ी है। रिपोर्ट में यह भी संकेत मिले हैं कि अगरकर की जगह लेने के लिए वेस्ट जोन का एक पूर्व भारतीय खिलाड़ी रेस में आगे बताया जा रहा था, लेकिन फिलहाल इस दिशा में कोई ठोस प्रगति नहीं हुई है। अब नजरें BCCI के फैसले पर टिकी हैं, क्या बोर्ड अगरकर की सफलता को देखते हुए उन्हें 2027 तक का भरोसा देगा या फिर सेलेक्शन कमेटी में बदलाव की राह अपनाएगा। टीम इंड‍िया की सेलेक्शन कमेटी में कौन-कौन? भारतीय पुरुष क्रिकेट टीम को जो लोग चुनते हैं, उनके सर्वेसर्वा यानी चीफ सेलेक्टर अजीत अगरकर हैं. वह जुलाई 2023 में टीम इंड‍िया के चीफ सेलेक्टर बने बने थे.  सेलेक्शन कमेटी में 2007 की वर्ल्ड चैम्प‍ियन टीम के सदस्य आरपी सिंह हैं, दूसरे द‍िग्गज प्रज्ञान ओझा हैं. आरपी और ओझा के अलावा सेलेक्शन कमेटी में शिव सुंदर दास और अजय रात्रा हैं।

गंभीर ने AI डीपफेक मामले में दिल्ली हाई कोर्ट में की याचिका, लीगल एक्शन से बड़ी कंपनियों को घेरा

 नई दिल्ली भारतीय क्रिकेट टीम के हेड कोच और पूर्व वर्ल्ड कप विजेता गौतम गंभीर ने अपनी पहचान के कथित दुरुपयोग को लेकर दिल्ली हाई कोर्ट का रुख किया है. उन्होंने कोर्ट की कमर्शियल डिवीजन में सिविल सूट दायर कर AI डीपफेक, फर्जी वीडियो और बिना अनुमति मर्चेंडाइज बेचने के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। गंभीर की लीगल टीम के मुताबिक, 2025 के अंत से सोशल मीडिया पर फर्जी कंटेंट तेजी से बढ़ा. इंस्टाग्राम, एक्स (Twitter), यूट्यूब और फेसबुक पर कई अकाउंट्स ने AI तकनीक, फेस-स्वैप और वॉइस क्लोनिंग के जरिए ऐसे वीडियो बनाए, जिनमें गंभीर को ऐसे बयान देते दिखाया गया जो उन्होंने कभी दिए ही नहीं। एक फर्जी रेज‍िग्नेशन को 29 लाख से ज्यादा व्यूज मिले, जबकि एक और क्लिप, जिसमें उन्हें सीनियर खिलाड़ियों पर टिप्पणी करते दिखाया गया, 17 लाख व्यूज तक पहुंची। सिर्फ सोशल मीडिया ही नहीं, बल्कि ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स पर भी गंभीर के नाम और तस्वीर का इस्तेमाल कर बिना अनुमति पोस्टर और प्रोडक्ट बेचे जा रहे थे। गौतम गंभीर ने किन पर किया केस इस मामले में कुल 16 प्रतिवादियों को शामिल किया गया है, जिनमें- सोशल मीडिया अकाउंट्स (जैनकी फ्रेम्स, भूपेंद्र पेंटोला, लीजेंड्स रेवोल्यूशन, आदि शाम‍िल हैं। इसके अलावा  ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म् में ऐमोजॉन और फ्ल‍िपकार्ट का नाम है. वहीं टेक कंपनियों में मेटा प्लेटफॉर्म, एक्स, गूगल, यूट्यब आद‍ि शाम‍िल हैं. साथ ही IT मंत्रालय और दूरसंचार विभाग को भी शामिल किया गया है। गंभीर ने किन कानूनों लिया सहारा? गंभीर ने इस केस में कॉपीराइट एक्ट 1957, ट्रेडमार्क एक्ट 1999, कमर्श‍ियल कोर्ट एक्ट 20215 का हवाला दिया है. साथ ही दिल्ली हाई कोर्ट के पुराने फैसलों (जैसे अमिताभ बच्चन और अनिल कपूर के केस) का भी उल्लेख किया गया है, जिनमें पर्सनैलिटी राइट्स को कानूनी सुरक्षा दी गई है। गंभीर ने कितना हर्जाना मांगा? गंभीर ने कोर्ट से ₹2.5 करोड़ का हर्जाना, सभी फर्जी कंटेंट हटाने, और भविष्य में उनके नाम, चेहरा, आवाज के इस्तेमाल पर रोक लगाने की मांग की है. उन्होंने इस मामले में जल्द से जल्द कोर्ट ऑर्डर की मांग की है, ताकि तुरंत सभी फर्जी कंटेंट हटाया जाए और आगे इसका प्रसार रोका जा सके. उन्होंने कोर्ट से लीगल एक्शन लेने की मांग की है। मेरी पहचान को हथियार बनाया गया: गंभीर  गंभीर ने साफ कहा- मेरी पहचान, मेरा नाम, चेहरा और आवाज का इस्तेमाल गलत तरीके से किया गया है. यह सिर्फ व्यक्तिगत मामला नहीं, बल्कि कानून और गरिमा की बात है।

राजस्थान रॉयल्स की पहचान बन चुके थे संजू सैमसन, उनके जाने से टीम कमजोर: फाफ डुप्लेसी

नई दिल्ली दक्षिण अफ्रीका के पूर्व कप्तान फाफ डुप्लेसी का मानना है कि जिस तरह से महेंद्र सिंह धोनी चेन्नई सुपर किंग्स और विराट कोहली रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के पर्याय बन चुके हैं, इसी तरह से संजू सैमसन को राजस्थान रॉयल्स का चेहरा माना जा सकता था। फाफ ने कहा कि आरआर से संजू का जाना टीम के लिए बहुत बड़ा नुकसान है। सैमसन राजस्थान रॉयल्स की तरफ से दो कार्यकाल में 11 सत्र में खेले। वह इस टीम के सबसे सफल खिलाड़ी रहे हैं। उन्होंने रॉयल्स की तरफ से सर्वाधिक मैच खेलने के अलावा सर्वाधिक रन भी बनाए हैं। इस बार इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) में वह चेन्नई सुपर किंग्स की तरफ से खेलेंगे।   डुप्लेसी ने जिओ हॉटस्टार से कहा, ‘अगर हम आईपीएल की टीमों पर गौर करें तो अधिकतर टीमों के पास कोई एक ऐसा खिलाड़ी रहा है जो लंबे समय तक फ्रेंचाइजी का चेहरा रहा जैसे रोहित शर्मा, महेंद्र सिंह धोनी और विराट कोहली। मैं संजू सैमसन को राजस्थान रॉयल्स के लिए उसी तरह का खिलाड़ी मानता हूं।’ उन्होंने कहा, ‘भले ही वह नई पीढ़ी के खिलाड़ी हैं, लेकिन वह उस फ्रेंचाइजी का चेहरा बन गए थे। जब मैं राजस्थान रॉयल्स के बारे में सोचता हूं, तो मुझे संजू सैमसन याद आते हैं। इसलिए मुझे लगता है कि उनका किसी अन्य टीम से जुड़ना प्रशंसकों, आईपीएल और टूर्नामेंट के लिए बहुत बड़ा झटका है, क्योंकि उन्होंने वहां बहुत बड़ी भूमिका निभाई है।’ डुप्लेसी ने कहा कि सैमसन के जाने से राजस्थान रॉयल्स के शीर्ष क्रम के बल्लेबाज यशस्वी जायसवाल पर अतिरिक्त जिम्मेदारी आ जाएगी। सैमसन की मौजूदगी में जायसवाल अपना स्वाभाविक खेल खेलते थे लेकिन अब उन पर अधिक जिम्मेदारी आ गई है। उन्होंने कहा, ‘संजू की मौजूदगी में यशस्वी जायसवाल को अपना नैसर्गिक खेल खेलने का मौका मिलता था क्योंकि दूसरे छोर से संजू लगातार अच्छा प्रदर्शन कर रहा था। अब ऐसा नहीं होगा और उन पर अधिक जिम्मेदारी होगी। उस तरह के बल्लेबाज के लिए यह महत्वपूर्ण होता है कि वह जिम्मेदारी के बारे में नहीं सोचें। इसलिए यह सत्र उनके लिए सीखने की एक प्रक्रिया होगी।’ पूर्व भारतीय तेज गेंदबाज लक्ष्मीपति बालाजी ने कहा कि राजस्थान रॉयल्स के रियान पराग को कप्तान नियुक्त करने के फैसले से उन्हें हैरानी हुई जबकि टीम में जायसवाल, ऑलराउंडर रविंद्र जडेजा और इंग्लैंड के सैम कुरेन जैसे अधिक अनुभवी खिलाड़ी मौजूद थे। उन्होंने कहा, ‘मुझे इस फैसले से थोड़ी हैरानी हुई क्योंकि उसके पास यशस्वी जायसवाल, रविंद्र जडेजा जैसे भारतीय खिलाड़ी और सैम कुरेन के रूप में विदेशी खिलाड़ी है जो कप्तानी कर सकते थे। इसलिए मुझे यह एक तरह का जुआ लगता है।’ बालाजी ने कहा कि ऐसे में टीम के मुख्य कोच और क्रिकेट निदेशक कुमार संगकारा की भूमिका महत्वपूर्ण हो जाती है। उन्होंने कहा, ‘आईपीएल में कप्तानी सिर्फ मैदान पर फैसले लेने की क्षमता तक सीमित नहीं है बल्कि यह खिलाड़ियों को एकजुट रखने से भी जुड़ा है। इसलिए मुझे लगता है यह एक दोधारी तलवार है। कुमार संगकारा से निश्चित रूप से बहुत मदद मिलेगी।’ किशोर बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी के बारे में बालाजी ने कहा कि प्रतिद्वंद्वी टीमों ने शायद उनकी कमजोरियों की पहचान कर ली होगी, लेकिन इस 14 वर्षीय खिलाड़ी के लिए यह साबित करने का एक बड़ा अवसर है कि आईपीएल में पिछले साल का उनका प्रदर्शन महज संयोग नहीं था। उन्होंने कहा, ‘हमने पिछले सत्र में वैभव सूर्यवंशी की प्रतिभा देखी है। उन्होंने गुजरात टाइटंस के खिलाफ बहुत अच्छे गेंदबाजी आक्रमण के सामने शतक बनाया था। लेकिन दूसरा साल किसी भी खिलाड़ी के लिए हमेशा चुनौतीपूर्ण होता है।’ बालाजी ने कहा, ‘यहीं पर कुमार संगकारा का मार्गदर्शन काम आएगा। विपक्षी टीमों ने निश्चित रूप से उनकी कुछ कमजोरियों की पहचान कर ली होगी। उनके पास अपने प्रदर्शन में निरंतरता बनाए रखने का यह शानदार अवसर होगा।’  

कार्तिक परिवार में खुशियों की दस्तक, दीपिका पल्लीकल ने बेटी को दिया जन्म, नाम भी आया सामने

नई दिल्ली पूर्व भारतीय क्रिकेटर दिनेश कार्तिक एक बार फिर पिता बन गए हैं। उनकी पत्नी दीपिका पल्लीकल ने बेटी को जन्म दिया है। दीपिका मशहूर स्क्वैश खिलाड़ी हैं। दोनों ने तीसरे बच्चे का स्वागत किया। 2021 में उनके जुड़वां बच्चे हुए। कार्तिक और पल्लीकल 2021 में जुड़वां बेटों के पिता बने थे, जिनका नाम कबीर और जियान है। कपल ने बेटी का नाम का खुलास कर दिया है। उन्होंने बेटी का नाम राहा रखा है। कार्तिक ने गुरुवार (19 मार्च) को फैंस के साथ गुड न्यूज शेयर की। कार्तिक ने इंस्टाग्राम पर शेयर की गई पोस्ट में बताया, ''दिल में दुआओं और शब्दों से परे शुक्रिया के साथ हम खुशी-खुशी अपनी प्यारी बच्ची का इस दुनिया में स्वागत करते हैं। कबीर और जियान अपनी छोटी बहन राहा पल्लीकल कार्तिक को परिचित कराते हुए बहुत खुश हैं। प्यार, दीपिका और दिनेश।'' कार्तिक-पल्लीकल ने 2015 में शादी की 40 वर्षीय कार्तिक की पोस्ट पर फैंस के जमकर रिएक्शन आ रहे हैं। कई बड़े क्रिकेटर ने भी उन्हें बेटी के जन्म पर शुभकामनाएं दीं। स्टार बल्लेबाज विराट कोहली ने कमेंट बॉक्स में हार्ट इमोजी शेयर की। पूर्व सलामी बल्लेबाज शिखर धवन ने लिखा, ‘’बधाई हो भाई।'' ऑलराउंडर अक्षर पटेल ने कमेंट किया, ‘’शुभकामनाएं अन्ना।'' कार्तिक रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (आरसीबी) के मेंटोर हैं। फ्रेंचाइजी ने कार्तिक को बधाई हुए लिखा, ‘’राहा के लिए ढेर सारा प्यार और एक छोटी सी आरसीबी जर्सी भेज रहे।'' बता दें कि कार्तिक और पल्लीकल साल 2015 में शादी के बंधन में बंधे थे। दोनो ने पारंपरिक हिंदू और ईसाई रीति-रिवाजों से शादी रचाई थी। पल्लीकल ईसाई हैं। 6 IPL टीमों के लिए खेले दिनेश कार्तिक कार्तिक क्रिकेट से रिटायरमेंट के बाद कोचिंग और कमेंट्री की दुनिया में आ गए हैं। उन्होंने भारत के लिए 26 टेस्ट, 94 वनडे और 60 टी20 इंटरनेशनल मैच खेले। उन्होंने आखिरी इंटरनेशनल मैच 2022 में खेला था। वह इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) में 267 मैचों में मैदान पर उतरे। उन्होंने आईपीएल में आरसीबी और कोलकाता नाइट राइडर्स (केकेकआर) समेत 6 टीमों के प्रतिनिधित्व किया। वहीं, दीपिका देश की सबसे सम्मानित एथलीटों में से एक हैं। वह कॉमनवेल्थ गेम्स में भारत के लिए गोल्ड मेडल जीत चुकी हैं। दीपिका ऐसा करने वाली पहली भारतीय पद्म श्री से सम्मानित दीपिक स्क्वैश की महिला वर्ल्ड रैंकिंग में टॉप-10 में रह चुकी हैं। वह टॉप-10 रैंकिंग में जगह बनाने वाली भारत की पहली महिला स्क्वैश खिलाड़ी हैं। उन्होंने आखिरी बार अक्टूबर 2023 में हांग्जो एशियन गेम्स में हिस्सा लिया था, जहां उन्होंने मिक्स्ड डबल्स में गोल्ड मेडल जीता। 2022 की शुरुआत में मैटरनिटी लीव से लौटने के बाद उन्होंने सफल वापसी की वर्ल्ड डबल्स स्क्वैश चैंपियनशिप में दो टाइटल जीते। उन्होंने 2022 कॉमनवेल्थ गेम्स में ब्रॉन्ज मेडल जीता।

PV सिंधू का संदेश: खेल नहीं कर सकते पूरी जिंदगी, इसलिए पढ़ाई है जरूरी

गुरुग्राम  दो बार की ओलंपिक पदक विजेता भारतीय बैडमिंटन स्टार पी वी सिंधू ने इस बात पर जोर दिया कि उभरते हुए खिलाड़ियों के लिए पढ़ाई करना बेहद जरूरी है और पढ़ाई को नजरअंदाज करके सिर्फ खेल पर ध्यान देना बहुत जोखिम भरा है क्योंकि एक ही चोट से खेल करियर खत्म हो सकता है. पूर्व विश्व चैंपियन ने डीपीएस इंटरनेशनल में एक बातचीत के दौरान शिक्षाविद देवयानी जयपुरिया से बात करते हुए ये बातें कहीं. हैदराबाद की इस खिलाड़ी ने अपनी बात को समझाने के लिए अपनी जिंदगी के कई पहलुओं का जिक्र किया. इनमें 2016 के ओलंपिक से पहले का वह दौर भी शामिल है जब वह अपने बाएं पैर में ‘स्ट्रेस फ्रैक्चर’ होने के कारण परेशान थीं और उन्हें खुद पर शक होने लगा था. उन्होंने कहा, ‘‘मैं इतने साल से खेल रही हूं. कभी न कभी तो आपको ‘रिटायर’ होना ही पड़ता है. और यही सच है. आप 45, 50 या 60 साल की उम्र तक शीर्ष स्तर पर नहीं खेल सकते.’’ सिंधू ने राष्ट्रीय कोच पुलेला गोपीचंद की बात का समर्थन किया जिन्होंने उभरते हुए खिलाड़ियों के माता-पिता से शिक्षा को प्राथमिकता देने की बात कही थी. इस खिलाड़ी ने कहा, ‘‘आपको इस बात को स्वीकार करना ​​ही होगा कि शिक्षा हमेशा पूरी जिंदगी आपके साथ रहेगी और हमेशा आपके पास रहेगी.’’ उन्होंने कहा, ‘‘कोई भी सोने की चम्मच लेकर पैदा नहीं होता और आपको कड़ी मेहनत करनी पड़ती है, चाहे वह पढ़ाई में हो या खेल में. पढ़ाई और खेल दोनों ही अहम हैं. मैंने अपना एमबीए किया है. इसलिए मुझे पता है कि यह आसान नहीं है. आप सुबह ट्रेनिंग के लिए जाते हैं, वापस आते हैं, पढ़ाई करते हैं, फिर शाम के सत्र के लिए जाते हैं.’’ सिंधू ने कहा, ‘‘सच तो यही है कि खेल एक बहुत छोटी सी चीज है. शिक्षा हमेशा आपके साथ रहेगी. खेल भी जरूरी है, लेकिन इतना भी नहीं कि आप अपनी पढ़ाई पूरी तरह से रोक दें.’’ तीस साल की यह खिलाड़ी अभी ब्रेक पर है. अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान पर बमबारी के चलते हवाई क्षेत्र बंद करने की वजह से उन्हें कुछ दिनों के लिए दुबई में रुकना पड़ा था. उन्होंने कहा कि खेल के दौरान लगने वाली चोटों से उबरना मुश्किल हो सकता है इसलिए उन्होंने उभरते हुए खिलाड़ियों से पढ़ाई का एक विकल्प अपने पास रखने की बात कही. सिंधू ने कहा, ‘‘हो सकता है मेरी बात थोड़ी कड़वी लगे, शायद अभी उन्हें यह बात समझ नहीं आए, लेकिन जिंदगी के बाद के पड़ाव में उन्हें यह जरूर समझ आएगा कि पढ़ाई भी उतनी ही जरूरी है. खेल कभी-कभी बहुत जोखिम भरा हो सकता है. इसमें कभी भी चोट लग सकती है." उन्होंने कहा, ‘‘चोट से आपका करियर खत्म हो सकता है, आपकी सर्जरी हो सकती है। और चोटें बताकर नहीं आतीं, बस हो जाती हैं। ऐसे समय में, आपको यह पक्का करना होता है कि आप जिंदगी में हर चीज के लिए तैयार हैं.’’ उन्होंने 2015 को याद किया जब उनके बाएं पैर में ‘स्ट्रेस फ्रैक्चर’ हो गया था जिससे उनका करियर खत्म होने का खतरा पैदा हो गया था और उन्हें छह महीने तक खेल से बाहर रहना पड़ा था. इसके चलते 2016 के ओलंपिक से पहले उनके पास तैयारी के लिए बहुत कम समय बचा था। इसके बावजूद रियो डि जिनेरियो में हुए उन खेलों में उन्होंने रजत पदक जीता. उन्होंने कहा, ‘‘मामला गंभीर था. कई हफ्तों तक दर्द के साथ खेलने के बाद मैं ठीक समय पर डॉक्टर के पास पहुंच पाई. मेरे मन में खुद को लेकर शक पैदा हुआ था कि क्या मैं दोबारा खेल पाऊंगी या नहीं.’’

इंसानियत की मिसाल: अफगान क्रिकेटर्स ने काबुल में पाकिस्तानी एयरस्ट्राइक के घायलों से की मुलाकात

काबुल काबुल एयरस्ट्राइक के बाद अफगानिस्तान क्रिकेट टीम के खिलाड़ी इंसानियत का चेहरा बनकर सामने आए हैं. अफगानिस्तान क्रिकेट बोर्ड (ACB) के अधिकारी और राष्ट्रीय टीम के खिलाड़ी घायलों का हाल जानने के लिए अस्पताल पहुंचे और पीड़ितों के साथ एकजुटता दिखाई। वनडे और टेस्ट कप्तान हसमतुल्लाह शाह‍िदी, अपने साथियों गुलबदीन नईब और कैस मोहम्मद के साथ काबुल के वजीर अकबर खान और इमरजेंसी अस्पताल पहुंचे. यहां उन्होंने घायलों से मुलाकात की और उनके जल्द स्वस्थ होने की दुआ की। यह दौरा ऐसे समय हुआ है जब काबुल में हुए पाकिस्तानी हमले को लेकर अफगानिस्तान में भारी गुस्सा है. रिपोर्ट्स के मुताबिक, पाकिस्तान द्वारा एक एडिक्शन ट्रीटमेंट अस्पताल पर किए गए एयरस्ट्राइक में 400 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है। वहीं मीडिया के हवाले से जो खबर आ रही हैं, उसके अनुसार-पिछले 24 घंटों में पाकिस्तान की सेना ने कुनार प्रांत के विभिन्न इलाकों में 124 रॉकेट दागे. हालांकि इन हमलों में कोई हताहत नहीं हुआ, लेकिन हालात इतने खराब हो गए कि करीब 7500 परिवारों को अपने घर छोड़कर सुरक्षित जगहों पर जाना पड़ा। कुनार के सूचना एवं संस्कृति विभाग के प्रमुख जिया-उल-रहमान स्पिन घर ने बताया कि ये हमले  डूरंड लाइन के पास के इलाकों में किए गए, जिससे आम नागरिकों में डर का माहौल है और बड़े पैमाने पर विस्थापन हुआ है। इस घटना पर संयुक्त राष्ट्र ने भी गंभीर चिंता जताई है और पूरे मामले की जांच और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है. राश‍िद खान और मोहम्मद नबी की आई थी काबुल अटैक पर प्रत‍िक्र‍िया वहीं अफगानिस्तान के स्टार ऑलराउंडर राश‍िद खान ने भी इस हमले पर तीखी प्रतिक्रिया दी थी. उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा था कि काबुल में नागरिकों की मौत की खबर से वे बेहद दुखी हैं. उन्होंने साफ कहा कि नागरिकों, स्कूलों या अस्पतालों को निशाना बनाना ‘वॉर क्राइम’ है. वहीं मोहम्मद नबी ने भी इसे लेकर पोस्ट किया था। राशिद खान ने संयुक्त राष्ट्र और मानवाधिकार संगठनों से इस हमले की निष्पक्ष जांच कराने और दोषियों को सजा दिलाने की मांग की. उन्होंने कहा कि रमजान जैसे पवित्र महीने में इस तरह की हिंसा बेहद चिंताजनक है और इससे नफरत और बढ़ेगी। इस बीच काबुल में हुए धमाकों और हमलों ने पाकिस्तान और तालिबान प्रशासन के बीच रिश्तों में बढ़ते तनाव को भी उजागर कर दिया है. दोनों देशों के बीच सुरक्षा मुद्दों को लेकर आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है।