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IIT खड़गपुर में सनसनी: हॉस्टल में लटका मिला छात्र, संस्थान में चौथी मौत से हड़कंप

कोलकाता पश्चिम बंगाल के खड़गपुर स्थित भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT) में एक दुखद घटना सामने आई है। शुक्रवार को बीटेक के चौथे वर्ष के छात्र रीतम मंडल का शव हॉस्टल के कमरे में फंदे से लटका हुआ पाया गया। यह इस साल जनवरी के बाद से परिसर में इस तरह का चौथा मामला है। संस्थान के एक अधिकारी ने बताया कि मैकेनिकल इंजीनियरिंग की पढ़ाई कर रहे 21 वर्षीय छात्र रीतम मंडल को परिसर के राजेंद्र प्रसाद (आरपी) हॉल छात्रावास भवन में उसके कमरे में फंदे से लटका पाया गया। छात्रावास में रीतम के साथ रहने वाले एक छात्र ने बताया कि कोलकाता निवासी यह छात्र बृहस्पतिवार रात भोजन करने के बाद अपने कमरे में चला गया था और उसके व्यवहार में किसी तरह की कोई असामान्यता नहीं थी। आईआईटी के अधिकारी ने बताया कि बार-बार दरवाजा खटखटाने पर भी कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली, जिसके बाद सुबह परिसर स्थित चौकी पर तैनात पुलिसकर्मियों ने संस्थान के सुरक्षा गार्डों के साथ मिलकर दरवाजा तोड़ा और शव को फंदे से लटका पाया। अधिकारी ने बताया कि संस्थान ने प्राथमिकी दर्ज कराई औकृर जांचकर्ताओं को पूरा सहयोग दिया जा रहा है। उन्होंने बताया कि छात्र के परिवार को सूचित कर दिया गया है। आईआईटी ने एक बयान में कहा, “हमें गहरे दुख के साथ मैकेनिकल इंजीनियरिंग विभाग के स्नातक चतुर्थ वर्ष के छात्र रीतम मंडल के असामयिक निधन की सूचना देते हुए दुख हो रहा है।” बयान में घटनाक्रम का विवरण देते हुए बताया गया, “मंडल 18 जुलाई की सुबह राजेंद्र प्रसाद हॉल ऑफ रेजिडेंस स्थित अपने कमरे में मृत पाया गया। सूचना मिलने पर, संस्थान की सुरक्षा प्रतिक्रिया टीम ने त्वरित कार्रवाई की और छात्रावास परिसर पहुंची। इसके बाद, संस्थान की चिकित्सा टीम, निदेशक, वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी और स्थानीय पुलिस अधिकारी पहुंचे। मंडल के परिवार से भी तत्काल संपर्क किया गया।” बयान में दावा किया गया कि युवक के व्यवहार में कोई असामान्यता नहीं देखी गई। बयान के मुताबिक, मंडल गर्मी की लंबी छुट्टियों के बाद हाल ही में परिसर लौटा था। संस्थान ने बताया, “मंडल ने कक्षाएं लेना शुरू कर दिया था। संस्थान के सार्थ परामर्श केंद्र से प्राप्त रिकॉर्ड के अनुसार, मानसिक स्वास्थ्य संबंधी किसी भी प्रकार की समस्या के कोई पूर्व संकेत नहीं मिले हैं। विभाग के संकाय सलाहकार ने भी बताया कि कोई भी शैक्षणिक या गैर-शैक्षणिक समस्या उनके ध्यान में नहीं आई। प्रशासन ने प्राथमिकी दर्ज करने और कानून के अनुसार आवश्यक कार्रवाई शुरू कर दी है।” बयान में बताया गया कि पुलिस ने घटना की जांच शुरू कर दी है और संस्थान इस प्रक्रिया को सुविधाजनक बनाने के लिए पूरा सहयोग दे रहा है। बयान के मुताबिक, “हमने (संस्थान ने)घटना की जांच करने और जल्द से जल्द रिपोर्ट देने के लिए एक तथ्यान्वेषी समिति का गठन किया है। पूरा आईआईटी समुदाय इस दुखद क्षति से गहरे सदमे में है।”  

राज ठाकरे पर शिकंजा कसने की तैयारी, हिंसा फैलाने के आरोप में कोर्ट में याचिका दाखिल

मुंबई  महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) प्रमुख राज ठाकरे के खिलाफ बॉम्बे हाई कोर्ट में जनहित याचिका दायर की गई है, जिसमें उन पर हिंदी भाषी लोगों के खिलाफ हिंसा भड़काने और भाषा के आधार पर घृणा फैलाने का आरोप लगाया गया है। याचिका में ठाकरे और उनकी पार्टी के कार्यकर्ताओं के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग की गई है। यह याचिका वकील घनश्याम उपाध्याय की ओर से शनिवार को दायर की गई। राज ठाकरे ने शुक्रवार को महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को चेतावनी दी कि अगर राज्य में कक्षा 1-5 तक हिंदी भाषा अनिवार्य की गई तो हम स्कूल बंद कराने से नहीं हिचकिचाएंगे। एक रैली को संबोधित करते हुए उन्होंने महाराष्ट्र के लोगों से सतर्क रहने और हिंदी थोपने की सरकार की किसी भी योजना को विफल करने का आह्वान किया। इससे पहले मनसे के कार्यकर्ताओं ने एक स्थानीय दुकानदार के साथ मारपीट की थी, क्योंकि उसने मराठी में बात करने से इनकार कर दिया था। भारतीय जनता पार्टी के नेतृत्व वाली सरकार ने हाल ही में कड़े विरोध के बाद प्राथमिक विद्यालयों में हिंदी अनिवार्य करने वाले दो आदेश वापस ले लिए थे। राज ठाकरे ने हिंदी थोपने का लगाया आरोप हालांकि, सीएम फडणवीस ने गुरुवार को जोर देकर कहा कि सरकार त्रिभाषा नीति जरूर लागू करेगी, लेकिन हिंदी कक्षा एक से पढ़ाई जाए या कक्षा पांच से… इसका फैसला इस मुद्दे का अध्ययन करने के लिए गठित समिति करेगी। राज ठाकरे ने अपने भाषण में फडणवीस को हिंदी थोपने की चुनौती दी। उन्होंने कहा, ‘जब उन्होंने एक बार कोशिश की थी, तब हमने दुकानें बंद कर दी थीं। अब अगर हिंदी थोपी गई तो हम स्कूल बंद कराने से नहीं हिचकिचाएंगे।’ मनसे प्रमुख ने कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री हिंदी को अनिवार्य बनाने की कोशिश कर रहे हैं। ठाकरे ने आरोप लगाया कि हिंदी थोपकर सरकार लोगों की प्रतिक्रिया का टेस्ट कर रही है क्योंकि वह अंततः मुंबई को गुजरात से जोड़ना चाहती है। डुबो-डबो के मारने वाला बयान राज ठाकरे ने कहा कि हिंदी केवल 200 साल पुरानी है, जबकि मराठी का इतिहास 2500-3000 साल पुराना है। उन्होंने आरोप लगाया कि जब गुजरात में बिहार के प्रवासियों को पीटा गया और भगा दिया गया तो यह कोई मुद्दा नहीं बना, लेकिन महाराष्ट्र में एक छोटी सी घटना राष्ट्रीय मुद्दा बन जाती है। मनसे प्रमुख ने भाजपा सांसद निशिकांत दुबे की उनकी ‘पटक-पटक के मारेंगे’ वाली टिप्पणी के लिए कड़ी आलोचना की और उन्हें मुंबई आने की चुनौती दी। ठाकरे ने कहा, ‘डुबो-डुबो के मारेंगे।’ उन्होंने आजादी के बाद मोरारजी देसाई और वल्लभभाई पटेल के कथित मराठी विरोधी रुख का भी जिक्र किया। राज ठाकरे ने कहा कि महाराष्ट्रवासियों को राज्य में हर जगह मराठी में बोलने पर जोर देना चाहिए और दूसरों को भी यह भाषा बोलने के लिए प्रेरित करना चाहिए। हिंदुत्व की आड़ में हिंदी थोपने का प्रयास किया जा रहा है।

थाइलैंड जा रही फ्लाइट में तकनीकी खराबी का अलर्ट, एयर इंडिया एक्सप्रेस की इमरजेंसी लैंडिंग

हैदराबाद शनिवार सुबह हैदराबाद के राजीव गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से थाइलैंड के फुकेट के लिए रवाना हुई एयर इंडिया एक्सप्रेस की एक उड़ान तकनीकी कारणों से उड़ान भरने के थोड़ी ही देर बाद वापस लौट आई। फ्लाइट संख्या IX110 सुबह 6:40 बजे हैदराबाद से रवाना हुई थी, जो अपने निर्धारित समय से लगभग 20 मिनट की देरी में थी।यह विमान फुकेट में सुबह 11:45 बजे लैंड करने वाला था, लेकिन उड़ान भरने के कुछ ही देर बाद वापस हैदराबाद लौट आया। फ्लाइटरडार24 के आंकड़ों के अनुसार, विमान ने उड़ान तो भरी, लेकिन बहुत दूर नहीं जा सका और हैदराबाद में सुरक्षित लैंडिंग की। हालांकि, इस समय तक एयरलाइन या एयरपोर्ट अधिकारियों की ओर से कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है कि विमान को वापस क्यों लौटाया गया। यह एक बोइंग 737 मैक्स 8 विमान था। गौरतलब है कि यह घटना ऐसे समय में हुई है जब हाल के दिनों में भारत में उड़ानों से जुड़ी कई घटनाएं सामने आ चुकी हैं। इसी सप्ताह गुरुवार को दिल्ली से इम्फाल जा रही इंडिगो की फ्लाइट 6E-5118 में तकनीकी खराबी आने के कारण उड़ान भरने के तुरंत बाद उसे लौटना पड़ा। सुबह 10:25 बजे उड़ान भरने के बाद विमान 11:16 बजे दिल्ली वापस लौट आया। तकनीकी जांच के बाद विमान दोबारा दोपहर 12:30 बजे रवाना हुआ और 2:53 बजे इम्फाल पहुंचा, जो उसके निर्धारित समय 1:10 बजे से काफी देरी से था। इंडिगो के प्रवक्ता ने बताया, “दिल्ली से इम्फाल जा रही फ्लाइट 6E-5118 में उड़ान के कुछ देर बाद एक मामूली तकनीकी गड़बड़ी सामने आई। पायलटों ने सतर्कता बरतते हुए विमान को वापस लौटाने का निर्णय लिया और विमान सुरक्षित उतारा गया। जांच के बाद विमान ने फिर से उड़ान भरी। यात्रियों को हुई असुविधा के लिए खेद है।” इसके अलावा, दिल्ली से गोवा जा रही इंडिगो की एक और फ्लाइट 6E-6271 में भी इंजन फेल होने की घटना सामने आई थी, जिसके बाद विमान को मुंबई डायवर्ट किया गया और वहां सुरक्षित लैंडिंग कराई गई। इससे पहले 19 जून को दिल्ली से लेह जा रही इंडिगो की एक फ्लाइट को उड़ान भरने के लगभग दो घंटे बाद तकनीकी खराबी के चलते दिल्ली लौटना पड़ा था। मई 6 को बैंकॉक से मास्को जा रही एअरोफ्लोट की फ्लाइट SU273 को दिल्ली एयरपोर्ट पर इमरजेंसी लैंडिंग करनी पड़ी थी, जब विमान के केबिन में धुएं जैसी गंध महसूस की गई थी। अप्रैल में भी जेद्दाह से दिल्ली आ रही एक फ्लाइट को संदिग्ध टायर पंचर की आशंका के चलते दिल्ली में आपात लैंडिंग करानी पड़ी थी। उस समय विमान में 404 यात्री सवार थे, और वह सुरक्षित उतार लिया गया।  

थाइलैंड जा रही फ्लाइट में तकनीकी खराबी का अलर्ट, एयर इंडिया एक्सप्रेस की इमरजेंसी लैंडिंग

हैदराबाद शनिवार सुबह हैदराबाद के राजीव गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से थाइलैंड के फुकेट के लिए रवाना हुई एयर इंडिया एक्सप्रेस की एक उड़ान तकनीकी कारणों से उड़ान भरने के थोड़ी ही देर बाद वापस लौट आई। फ्लाइट संख्या IX110 सुबह 6:40 बजे हैदराबाद से रवाना हुई थी, जो अपने निर्धारित समय से लगभग 20 मिनट की देरी में थी।यह विमान फुकेट में सुबह 11:45 बजे लैंड करने वाला था, लेकिन उड़ान भरने के कुछ ही देर बाद वापस हैदराबाद लौट आया। फ्लाइटरडार24 के आंकड़ों के अनुसार, विमान ने उड़ान तो भरी, लेकिन बहुत दूर नहीं जा सका और हैदराबाद में सुरक्षित लैंडिंग की। हालांकि, इस समय तक एयरलाइन या एयरपोर्ट अधिकारियों की ओर से कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है कि विमान को वापस क्यों लौटाया गया। यह एक बोइंग 737 मैक्स 8 विमान था। गौरतलब है कि यह घटना ऐसे समय में हुई है जब हाल के दिनों में भारत में उड़ानों से जुड़ी कई घटनाएं सामने आ चुकी हैं। इसी सप्ताह गुरुवार को दिल्ली से इम्फाल जा रही इंडिगो की फ्लाइट 6E-5118 में तकनीकी खराबी आने के कारण उड़ान भरने के तुरंत बाद उसे लौटना पड़ा। सुबह 10:25 बजे उड़ान भरने के बाद विमान 11:16 बजे दिल्ली वापस लौट आया। तकनीकी जांच के बाद विमान दोबारा दोपहर 12:30 बजे रवाना हुआ और 2:53 बजे इम्फाल पहुंचा, जो उसके निर्धारित समय 1:10 बजे से काफी देरी से था। इंडिगो के प्रवक्ता ने बताया, “दिल्ली से इम्फाल जा रही फ्लाइट 6E-5118 में उड़ान के कुछ देर बाद एक मामूली तकनीकी गड़बड़ी सामने आई। पायलटों ने सतर्कता बरतते हुए विमान को वापस लौटाने का निर्णय लिया और विमान सुरक्षित उतारा गया। जांच के बाद विमान ने फिर से उड़ान भरी। यात्रियों को हुई असुविधा के लिए खेद है।” इसके अलावा, दिल्ली से गोवा जा रही इंडिगो की एक और फ्लाइट 6E-6271 में भी इंजन फेल होने की घटना सामने आई थी, जिसके बाद विमान को मुंबई डायवर्ट किया गया और वहां सुरक्षित लैंडिंग कराई गई। इससे पहले 19 जून को दिल्ली से लेह जा रही इंडिगो की एक फ्लाइट को उड़ान भरने के लगभग दो घंटे बाद तकनीकी खराबी के चलते दिल्ली लौटना पड़ा था। मई 6 को बैंकॉक से मास्को जा रही एअरोफ्लोट की फ्लाइट SU273 को दिल्ली एयरपोर्ट पर इमरजेंसी लैंडिंग करनी पड़ी थी, जब विमान के केबिन में धुएं जैसी गंध महसूस की गई थी। अप्रैल में भी जेद्दाह से दिल्ली आ रही एक फ्लाइट को संदिग्ध टायर पंचर की आशंका के चलते दिल्ली में आपात लैंडिंग करानी पड़ी थी। उस समय विमान में 404 यात्री सवार थे, और वह सुरक्षित उतार लिया गया।  

सरकारी खजाने को लगा झटका, महाराष्ट्र आबकारी विभाग की खामियों से करोड़ों की चपत

मुंबई  नियंत्रक और महालेखा परीक्षक (कैग) ने महाराष्ट्र आबकारी विभाग को लेकर चौंकाने वाली रिपोर्ट जारी की है। इसके मुताबिक, लाइसेंस रिन्यूअल फीस के गलत आकलन के कारण राज्य को 20.15 करोड़ के राजस्व और 70.22 करोड़ रुपये के ब्याज का नुकसान हुआ। ऑडिट में कहा गया कि सुपरविजन फीस की नई दरों को लागू करने में विफलता के कारण 1.20 करोड़ रुपये की अतिरिक्त कमी आई। तत्कालीन आबकारी आयुक्त ने राज्य सरकार से मंजूरी लिए बिना बीयर के पुराने भंडार पर उत्पाद शुल्क में छूट दे दी। रिपोर्ट में यह भी बताया गया कि रासायनिक विश्लेषण के लिए ‘माइल्ड बीयर’ के सैंपल देरी से जमा करने के कारण 73.18 करोड़ रुपये की कर वसूली बाधित हुई। कैग ने कहा, 'बंबई मद्य निषेध विशेष शुल्क नियम, 1954 के तहत साझेदारी में बदलाव के लिए शुल्क लेने का प्रावधान है। हालांकि, सार्वजनिक लिमिटेड कंपनियों की शेयरधारिता में अहम बदलावों पर ऐसा कोई प्रावधान लागू नहीं किया गया जिसके चलते राज्य को 26.93 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ।' रिपोर्ट में कहा गया कि आबकारी अधिनियम में उत्पादन लागत घोषित करने का प्रावधान न होने से सरकार ने अतिरिक्त राजस्व अर्जित करने का अवसर भी खो दिया। CAG रिपोर्ट में और क्या खुलासे ऑडिट में कहा गया कि कैंटीन स्टोर्स डिपार्टमेंट के मामले में 11 उत्पादों या ब्रांड की उत्पादन लागत का कम मूल्यांकन किया गया, जिससे उत्पाद शुल्क में 38.34 करोड़ रुपये का राजस्व नुकसान हुआ। इसके अलावा, आयातित विदेशी शराब की खरीद लागत में खामियों के कारण अगस्त 2018 से मार्च 2022 के बीच 11.48 करोड़ रुपये और मई 2017 से मार्च 2022 के बीच 2.89 करोड़ रुपये का राजस्व इकट्ठा नहीं हो पाया। कैग ने कहा कि इन खामियों के कुल मिलाकर सरकार को भारी राजस्व हानि हुई, जिससे आबकारी विभाग के काम के तरीके पर गंभीर चिंताएं पैदा हुईं।  

‘मैंने ही रोका भारत-पाक युद्ध’ — ट्रंप का पुराना दावा फिर सुर्खियों में

वाशिंगटन अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर दावा किया है कि उनके हस्तक्षेप से भारत और पाकिस्तान के बीच बढ़ते तनाव को रोका जा सका था. ट्रंप ने कहा कि भारत की ओर से पहलगाम हमले के जवाब में चलाए गए 'ऑपरेशन सिंदूर' के बाद दोनों देशों के बीच हालात बेहद गंभीर हो गए थे, लेकिन उनके दखल से टकराव टल गया. क्या बोले डोनाल्ड ट्रंप? ट्रंप ने बयान दिया, 'हमने कई युद्ध रोके. और ये कोई मामूली युद्ध नहीं थे. भारत और पाकिस्तान के बीच हालात बहुत गंभीर हो चुके थे. विमान मार गिराए जा रहे थे. मुझे लगता है कि करीब पांच लड़ाकू विमान गिरा दिए गए थे. ये दोनों परमाणु हथियारों से लैस देश हैं और एक-दूसरे पर हमला कर रहे थे.' उन्होंने आगे कहा कि यह एक 'नई किस्म की जंग' जैसी स्थिति बन गई थी, जैसा कि अमेरिका ने ईरान के साथ किया था. ट्रंप ने दावा किया कि 'हमने ईरान की परमाणु क्षमता को पूरी तरह खत्म कर दिया.' ट्रेड के जरिए विवाद सुलझाने का दावा भारत और पाकिस्तान को लेकर उन्होंने कहा कि 'हालात लगातार बिगड़ते जा रहे थे, और हमने इसे ट्रेड के जरिए सुलझाया. हमने कहा- अगर तुम लोग हथियारों (और शायद परमाणु हथियारों) का इस्तेमाल करते रहोगे, तो हम कोई व्यापार समझौता नहीं करेंगे.' भारत ने गिराए पाकिस्तान के कई हाई-टेक जेट्स   10 मई को भारत और पाकिस्तान के बीच युद्धविराम होने के कुछ दिन बाद, एयर मार्शल ए.के. भारती ने कहा था कि भारत ने कई 'हाई-टेक' पाकिस्तानी लड़ाकू विमान मार गिराए, हालांकि उन्होंने संख्या स्पष्ट नहीं की थी. वहीं पाकिस्तान ने भारत के दावे को खारिज करते हुए कहा था कि पाकिस्तान एयर फोर्स (PAF) का सिर्फ एक विमान थोड़ा क्षतिग्रस्त हुआ है. इसके उलट पाकिस्तान का दावा है कि उसने भारत के छह लड़ाकू विमानों को मार गिराया, जिनमें राफेल भी शामिल हैं. CDS जनरल अनिल चौहान ने क्या कहा? हालांकि, चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (CDS) जनरल अनिल चौहान ने पाकिस्तान के दावे को खारिज कर दिया है. उन्होंने यह जरूर माना कि संघर्ष के दौरान कुछ लड़ाकू विमान जरूर गिराए गए, लेकिन उनकी संख्या नहीं बताई. जनरल चौहान ने कहा कि ये नुकसान संघर्ष की शुरुआती स्थिति में हुए थे, लेकिन भारतीय सशस्त्र बलों ने बहुत तेजी से अपनी गलतियों को सुधारा और फिर पाकिस्तान को मुंहतोड़ जवाब दिया. उन्होंने कहा, 'महत्वपूर्ण बात यह नहीं है कि विमान गिरा, बल्कि यह है कि वह क्यों गिरा… क्या गलती हुई, यही ज्यादा जरूरी है. संख्या मायने नहीं रखती.'  

विधानसभा का शीतकालीन सत्र 8 दिसंबर से नागपुर में, मानसून सत्र सम्पन्न

मुंबई अराजकता, हंगामे, बहिर्गमन, सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच टकराव, झड़प और ऐसी ही अन्य घटनाओं के बीच, महाराष्ट्र विधानमंडल का मानसून सत्र आखिरकार समाप्त हो गया। यह सत्र तीन हफ्ते चला। सत्र की समाप्ति की घोषणा करते हुए विधानसभा अध्यक्ष राहुल नार्वेकर ने कहा कि विधानमंडल का शीतकालीन सत्र अब सोमवार, 8 दिसंबर को नागपुर में आयोजित किया जाएगा। शीतकालीन सत्र की तिथि के संबंध में एक प्रस्ताव राज्यपाल सी.पी. राधाकृष्णन को भेजा जाएगा। नार्वेकर ने यह भी घोषणा की कि राज्यपाल द्वारा दिए गए संदेश के अनुसार मानसून सत्र स्थगित किया जा रहा है।  सत्र की कार्यवाही की समीक्षा करते हुए उन्होंने कहा कि इस दौरान कुल 15 बैठकें हुईं और कुल 133 घंटे 48 मिनट काम हुआ, जबकि 45 मिनट का समय बर्बाद हुआ। औसत दैनिक कार्य 8 घंटे 55 मिनट का था। इसमें एक बधाई प्रस्ताव, सात शोक प्रस्ताव, 8277 तारांकित प्रश्न, 579 स्वीकृत प्रश्न, 92 उत्तरित प्रश्न, 8 सुझाव प्राप्त, 8 अस्वीकृत सुझाव, 7 चर्चाएं, लोक महत्व के विषयों पर 181 सुझाव प्राप्त, 42 स्वीकृत सुझाव, जिनमें से केवल पांच पर चर्चा हुई। विधानसभा में 14 सरकारी विधेयक प्रस्तुत किए गए। 15 विधेयकों पर सहमति बनी, जबकि एक वापस लिया गया। विधायकों से 2481 उल्लेखनीय सुझाव प्राप्त हुए, जिनमें से 511 स्वीकृत हुए और 152 सुझावों पर प्रत्यक्ष चर्चा हुई।  

भ्रामक समाचारों पर कार्रवाई: पायलट फेडरेशन ने विदेशी मीडिया से मांगी सार्वजनिक माफी

नई दिल्ली  अहमदाबाद विमान हादसे के बाद विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो ने प्रारंभिक रिपोर्ट जारी की थी। इसके बाद विदेशी मीडिया ने हादसे को लेकर गलत रिपोर्ट प्रकाशित की थी। इन मीडिया रिपोर्ट्स पर पायलट संघ ने आपत्ति जताई है। साथ ही दो संस्थानों को कानूनी नोटिस भेजा है। अहमदाबाद में 12 जून को हुए विमान हादसे को लेकर विदेशी मीडिया की भ्रामक रिपोर्टिंग पर भारतीय पायलट संघ (एफआईपी) ने आपत्ति जताई है। एफआईपी ने द वॉल स्ट्रीट जर्नल और रॉयटर्स को कानूनी नोटिस भेजा है। नोटिस में दोनों संस्थानों से गलत रिर्पोटिंग के लिए माफी मांगने की मांग की गई है।  भारतीय पायलट संघ (एफआईपी) के अध्यक्ष सीएस रंधावा ने बताया कि हमने कानूनी कार्रवाई शुरू की है। हमने द वॉल स्ट्रीट जर्नल और रॉयटर्स को उनकी रिपोर्टों पर एक नोटिस भेजा है। हमने उनसे माफी मांगने के लिए कहा है। रॉयटर्स और द वॉल स्ट्रीट जर्नल को भेजे एक ईमेल में, एफआईपी ने कहा कि हमें पता चला है कि अंतरराष्ट्रीय मीडिया के कुछ वर्ग बार-बार चुनिंदा और असत्यापित रिपोर्टिंग के माध्यम से विमान हादसे का निष्कर्ष निकालने का प्रयास कर रहे हैं। इस हादसे ने जनता को बड़ा सदमा पहुंचाया है। यह भारतीय विमानन उद्योग की सुरक्षा को लेकर, खासकर निराधार तथ्यों के आधार पर जनता में चिंता या आक्रोश पैदा करने का समय नहीं है। एफआईपी ने कहा कि मीडिया संस्थान आधिकारिक पुष्टि और अंतिम रिपोर्ट के बिना ऐसी कोई भी सामग्री प्रकाशित या प्रसारित न करें जिसमें दुर्घटना के कारणों पर अटकलें  लगाई गईं हों और मृत पायलटों को दोषी ठहराती हों। इस तरह की अटकलें लगाने वाली सूचनाओ का प्रकाशन बेहद गैर-जिम्मेदाराना है। इससे मृत पायलटों की प्रतिष्ठा को गंभीर और अपूरणीय क्षति हुई है। रॉयटर्स ने शोक संतप्त परिवारों को अनावश्यक संकट में डाला है और पायलट वर्ग का मनोबल गिराया है, जो भारी दबाव और सार्वजनिक जिम्मेदारी के तहत काम करता है।  एफआईपी ने मीडिया संस्थानों से कहा कि आधिकारिक जांच के परिणाम जारी होने तक रॉयटर्स और सभी संबद्ध प्लेटफॉर्म्स को दुर्घटना और विमान को संचालित करने वाले पायलटों से संबंधित असत्यापित, अटकलों से जुड़ी अनौपचारिक रिपोर्ट को पेश करने के खिलाफ आगाह करने का निर्देश दिया जाता है। रॉयटर्स से यह कहा गया कानूनी नोटिस में रॉयटर्स से कहा गया है कि वह आधिकारिक पुष्टि और अंतिम रिपोर्ट के अभाव में दुर्घटना के कारण के बारे में अटकलें लगाने वाली या किसी व्यक्ति, विशेष रूप से मृत पायलटों को दोषी ठहराने वाली कोई भी सामग्री प्रकाशित या प्रसारित करने से रोकें। वह 17 जुलाई 2025 को प्रकाशित रिपोर्ट की तुरंत समीक्षा और संशोधन करें। इसमें एक उपयुक्त अस्वीकरण शामिल हो और ऐसी किसी भी सामग्री को हटा दें जिसे दोष देने के रूप में समझा जा सकता है।  एफआईपी ने रॉयटर्स को एक स्पष्टीकरण जारी करने के लिए कहा है। इसमें यह स्वीकार किया गया हो कि अधिकारियों ने कोई अंतिम निष्कर्ष जारी नहीं किया है। यह लेख कुछ रिपोर्टों पर आधारित था। नोटिस में चेतावनी दी गई है कि कृपया ध्यान दें कि इस नोटिस के अनुसार कार्रवाई न करने पर मानहानि, मानसिक पीड़ा और प्रतिष्ठा को ठेस पहुंचाने के लिए लागू कानून के तहत सभी कानूनी उपायों का सहारा लेना पड़ सकता है। एनटीएसबी के बयान पर जताई खुशी भारतीय पायलट संघ के अध्यक्ष कैप्टन सीएस रंधावा ने कहा कि हम एनटीएसबी बोर्ड के बयान से खुश हैं। इससे पश्चिमी मीडिया में चल रही रिपोर्टों पर रोक लगेगी। वे अपनी ही दुनिया में मस्त हैं और सोचते हैं कि वे कुछ भी प्रकाशित करके बच निकल सकते हैं। भारतीय रिपोर्ट बिल्कुल स्पष्ट है। हमें अंतिम रिपोर्ट आने का इंतज़ार करना होगा। देश में विमानन दुर्घटनाओं और महत्वपूर्ण परिवहन घटनाओं की जांच के लिए जिम्मेदार अमेरिकी संघीय एजेंसी राष्ट्रीय परिवहन सुरक्षा बोर्ड (NTSB) ने शुक्रवार (स्थानीय समयानुसार) को विमान हादसे पर मीडिया में आई हालिया कवरेज की कड़ी आलोचना की थी।  एनटीएसबी की अध्यक्ष जेनिफर होमेंडी ने कहा था कि एअर इंडिया 171 दुर्घटना पर हालिया मीडिया रिपोर्टें समय से पहले और अटकलें लगाने वाली हैं। भारत के विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो ने अभी अपनी प्रारंभिक रिपोर्ट जारी की है। इतने बड़े पैमाने की जांच में समय लगता है। हम AAIB की सार्वजनिक अपील का पूरा समर्थन करते हैं। सभी जांच संबंधी प्रश्न एएआईबी को भेजे जाने चाहिए। 

भ्रामक समाचारों पर कार्रवाई: पायलट फेडरेशन ने विदेशी मीडिया से मांगी सार्वजनिक माफी

नई दिल्ली  अहमदाबाद विमान हादसे के बाद विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो ने प्रारंभिक रिपोर्ट जारी की थी। इसके बाद विदेशी मीडिया ने हादसे को लेकर गलत रिपोर्ट प्रकाशित की थी। इन मीडिया रिपोर्ट्स पर पायलट संघ ने आपत्ति जताई है। साथ ही दो संस्थानों को कानूनी नोटिस भेजा है। अहमदाबाद में 12 जून को हुए विमान हादसे को लेकर विदेशी मीडिया की भ्रामक रिपोर्टिंग पर भारतीय पायलट संघ (एफआईपी) ने आपत्ति जताई है। एफआईपी ने द वॉल स्ट्रीट जर्नल और रॉयटर्स को कानूनी नोटिस भेजा है। नोटिस में दोनों संस्थानों से गलत रिर्पोटिंग के लिए माफी मांगने की मांग की गई है।  भारतीय पायलट संघ (एफआईपी) के अध्यक्ष सीएस रंधावा ने बताया कि हमने कानूनी कार्रवाई शुरू की है। हमने द वॉल स्ट्रीट जर्नल और रॉयटर्स को उनकी रिपोर्टों पर एक नोटिस भेजा है। हमने उनसे माफी मांगने के लिए कहा है। रॉयटर्स और द वॉल स्ट्रीट जर्नल को भेजे एक ईमेल में, एफआईपी ने कहा कि हमें पता चला है कि अंतरराष्ट्रीय मीडिया के कुछ वर्ग बार-बार चुनिंदा और असत्यापित रिपोर्टिंग के माध्यम से विमान हादसे का निष्कर्ष निकालने का प्रयास कर रहे हैं। इस हादसे ने जनता को बड़ा सदमा पहुंचाया है। यह भारतीय विमानन उद्योग की सुरक्षा को लेकर, खासकर निराधार तथ्यों के आधार पर जनता में चिंता या आक्रोश पैदा करने का समय नहीं है। एफआईपी ने कहा कि मीडिया संस्थान आधिकारिक पुष्टि और अंतिम रिपोर्ट के बिना ऐसी कोई भी सामग्री प्रकाशित या प्रसारित न करें जिसमें दुर्घटना के कारणों पर अटकलें  लगाई गईं हों और मृत पायलटों को दोषी ठहराती हों। इस तरह की अटकलें लगाने वाली सूचनाओ का प्रकाशन बेहद गैर-जिम्मेदाराना है। इससे मृत पायलटों की प्रतिष्ठा को गंभीर और अपूरणीय क्षति हुई है। रॉयटर्स ने शोक संतप्त परिवारों को अनावश्यक संकट में डाला है और पायलट वर्ग का मनोबल गिराया है, जो भारी दबाव और सार्वजनिक जिम्मेदारी के तहत काम करता है।  एफआईपी ने मीडिया संस्थानों से कहा कि आधिकारिक जांच के परिणाम जारी होने तक रॉयटर्स और सभी संबद्ध प्लेटफॉर्म्स को दुर्घटना और विमान को संचालित करने वाले पायलटों से संबंधित असत्यापित, अटकलों से जुड़ी अनौपचारिक रिपोर्ट को पेश करने के खिलाफ आगाह करने का निर्देश दिया जाता है। रॉयटर्स से यह कहा गया कानूनी नोटिस में रॉयटर्स से कहा गया है कि वह आधिकारिक पुष्टि और अंतिम रिपोर्ट के अभाव में दुर्घटना के कारण के बारे में अटकलें लगाने वाली या किसी व्यक्ति, विशेष रूप से मृत पायलटों को दोषी ठहराने वाली कोई भी सामग्री प्रकाशित या प्रसारित करने से रोकें। वह 17 जुलाई 2025 को प्रकाशित रिपोर्ट की तुरंत समीक्षा और संशोधन करें। इसमें एक उपयुक्त अस्वीकरण शामिल हो और ऐसी किसी भी सामग्री को हटा दें जिसे दोष देने के रूप में समझा जा सकता है।  एफआईपी ने रॉयटर्स को एक स्पष्टीकरण जारी करने के लिए कहा है। इसमें यह स्वीकार किया गया हो कि अधिकारियों ने कोई अंतिम निष्कर्ष जारी नहीं किया है। यह लेख कुछ रिपोर्टों पर आधारित था। नोटिस में चेतावनी दी गई है कि कृपया ध्यान दें कि इस नोटिस के अनुसार कार्रवाई न करने पर मानहानि, मानसिक पीड़ा और प्रतिष्ठा को ठेस पहुंचाने के लिए लागू कानून के तहत सभी कानूनी उपायों का सहारा लेना पड़ सकता है। एनटीएसबी के बयान पर जताई खुशी भारतीय पायलट संघ के अध्यक्ष कैप्टन सीएस रंधावा ने कहा कि हम एनटीएसबी बोर्ड के बयान से खुश हैं। इससे पश्चिमी मीडिया में चल रही रिपोर्टों पर रोक लगेगी। वे अपनी ही दुनिया में मस्त हैं और सोचते हैं कि वे कुछ भी प्रकाशित करके बच निकल सकते हैं। भारतीय रिपोर्ट बिल्कुल स्पष्ट है। हमें अंतिम रिपोर्ट आने का इंतज़ार करना होगा। देश में विमानन दुर्घटनाओं और महत्वपूर्ण परिवहन घटनाओं की जांच के लिए जिम्मेदार अमेरिकी संघीय एजेंसी राष्ट्रीय परिवहन सुरक्षा बोर्ड (NTSB) ने शुक्रवार (स्थानीय समयानुसार) को विमान हादसे पर मीडिया में आई हालिया कवरेज की कड़ी आलोचना की थी।  एनटीएसबी की अध्यक्ष जेनिफर होमेंडी ने कहा था कि एअर इंडिया 171 दुर्घटना पर हालिया मीडिया रिपोर्टें समय से पहले और अटकलें लगाने वाली हैं। भारत के विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो ने अभी अपनी प्रारंभिक रिपोर्ट जारी की है। इतने बड़े पैमाने की जांच में समय लगता है। हम AAIB की सार्वजनिक अपील का पूरा समर्थन करते हैं। सभी जांच संबंधी प्रश्न एएआईबी को भेजे जाने चाहिए। 

‘महिला सशक्तिकरण से ही सशक्त राष्ट्र’: RSS प्रमुख ने पुरानी सोच पर उठाए सवाल

नागपुर   राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के प्रमुख मोहन भागवत ने शुक्रवार को कहा कि किसी भी देश की प्रगति के लिए महिलाओं का सशक्तिकरण बेहद जरूरी है और उन्हें पुरानी व पिछड़ी सोच वाली परंपराओं से मुक्त किया जाना चाहिए। वे महाराष्ट्र के सोलापुर में उद्योगवर्धिनी नाम के एक गैर-सरकारी संगठन की तरफ से आयोजित एक कार्यक्रम में बोल रहे थे। 'महिलाएं किसी भी समाज का सबसे अहम हिस्सा' मोहन भागवत ने कहा, 'महिलाएं किसी भी समाज का सबसे अहम हिस्सा होती हैं। पुरुष जीवनभर काम करता है, महिला भी जीवनभर काम करती है, लेकिन उससे आगे जाकर वह आने वाली पीढ़ियों को प्रेरणा देती है। बच्चों के मन और संस्कार मां के स्नेह में ही विकसित होते हैं।' उन्होंने आगे कहा कि महिला सशक्तिकरण केवल समाज के लिए ही नहीं, बल्कि पूरे देश के विकास के लिए अनिवार्य है। मोहन भागवत ने कहा, 'ईश्वर ने महिलाओं को एक अतिरिक्त विशेषता दी है, जिससे वे वह सब कर सकती हैं जो पुरुष नहीं कर पाते। साथ ही, उन्हें पुरुषों के जैसे सभी गुण भी दिए हैं। इसलिए वे पुरुषों के बराबर हर काम कर सकती हैं।' राष्ट्रीय विकास के लिए महिलाओं का सशक्तिकरण बेहद महत्वपूर्ण- भागवत उन्होंने कहा, “एक पुरुष अपनी मृत्यु तक काम करता है और एक महिला भी अंत तक काम करती है, लेकिन वह उससे भी आगे आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करती है. एक महिला के प्यार और स्नेह के तले बच्चे बढ़ते है, परिपक्व होते हैं और उनका विकास होता है.' इसके साथ ही आरएसएस प्रमुख ने कहा, “राष्ट्रीय विकास के लिए भी महिलाओं का सशक्तिकरण बेहद महत्वपूर्ण है.” ईश्वर ने महिलाओं को दिए हैं अतिरिक्त गुण- भागवत उन्होंने कहा, “ईश्वर ने पुरुषों के मुकाबले महिलाओं को कुछ अतिरिक्त गुण दिए हैं, जिससे महिलाएं वह सभी काम कर सकती हैं, जो सामान्य रूप से पुरुष नहीं कर सकते है. इसके साथ ही, ईश्वर ने महिलाओं को वे सभी गुण दिए हैं, जो उन्होंने पुरुषों को दिए हैं, जिसके कारण वे वह सब कुछ भी कर सकती हैं, जो पुरुष कर सकते हैं.” महिलाओं को वह करने दें, जो वे करना चाहती हैं- भागवत भागवत ने कहा, “इसलिए पुरुषों का यह दावा करना मूर्खता है कि वे महिलाओं का उत्थान करेंगे.” उन्होंने कहा, “इस तरह के अहंकार का कोई आधार नहीं है. महिलाओं को वह करने दें, जो वे करना चाहती हैं. बस उन्हें सशक्त बनाएं और उन्हें रूढिवादी रीति-रिवाजों और परंपराओं से मुक्त करें.” उन्होंने कहा, “जब एक महिला खुद का उत्थान करती है, तो वह पूरे समाज को ऊपर उठाती है.” वहीं, आरएसएस प्रमुख ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए महिलाओं को सशक्त और मजबूत बनाने में उद्योगवर्धिनी के योगदान की सराहना भी की. उन्होंने कहा- पुरुषों को यह भ्रम नहीं पालना चाहिए कि वे महिलाओं का उत्थान करेंगे। ईश्वर ने महिलाओं को न केवल पुरुषों जैसी क्षमताएं दी हैं, बल्कि अतिरिक्त गुण भी दिए हैं जो उन्हें खास बनाते हैं। जिन शाखाओं में 100+ लोग, वहां पथ संचलन 2 अक्टूबर को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) की स्थापना के 100 साल पूरे हो रहे हैं। 2 अक्टूबर गांधी जयंती के दिन विजया दशमी भी है। विजया दशमी के दिन संघ की स्थापना हुई थी। संघ ने 2 अक्टूबर को अपने नए-पुराने स्वयं सेवकों को शाखाओं में पहुंचने का आह्वान किया है। एक ओर रामधुन बजेगी, वहीं जिन शाखाओं में 100 से अधिक स्वयं सेवक हैं, वहां पथ संचलन होगा। 4-6 जुलाई तक दिल्ली में संघ की अखिल भारतीय प्रांत प्रचारक बैठक में अखिल भारतीय प्रचार प्रमुख सुनील आंबेकर ने शताब्दी वर्ष के कार्यक्रमों पर चर्चा की थी। घर-घर संपर्क अभियान संघ के एक वरिष्ठ पदाधिकारी ने बताया कि शताब्दी वर्ष में यूपी में संघ भीड़ जुटाने का कोई बड़ा कार्यक्रम आयोजित नहीं करेगा। आम लोगों से जुड़ने के लिए ग्राम पंचायत, न्याय पंचायत, ब्लॉक स्तर पर शाखाएं कार्यक्रम करेंगी। जिलों में चुनिंदा 100 से 200 लोगों की गोष्ठियां होगी। छोटी गोष्ठियां शाखा स्तर पर भी होंगी। ग्रामीण में मंडल व शहरी क्षेत्रों में बस्ती स्तर पर हिन्दू सम्मेलन होंगे। संघ ‘गृह संपर्क’ का अब तक का सबसे बड़ा अभियान चलाएगा। इसमें स्वयंसेवक 25 से 30 घरों में जाकर संघ के कार्यों की जानकारी देंगे। 'महिला आगे बढ़ती है, तो वह पूरे समाज को आगे ले जाती है' उन्होंने यह भी कहा कि पुरुषों को यह सोचना कि वे महिलाओं को ऊपर उठाएंगे, यह एक अहंकार की बात है। 'ऐसा सोचने की कोई जरूरत नहीं है। महिलाओं को बस स्वतंत्र छोड़ देना चाहिए, उन्हें पिछड़ी परंपराओं से मुक्त करना चाहिए और उन्हें खुद को विकसित करने देना चाहिए। जब एक महिला आगे बढ़ती है, तो वह पूरे समाज को आगे ले जाती है।' इस कार्यक्रम के दौरान मोहन भागवत ने उद्योगवर्धिनी संस्था की तरफ से महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के प्रयासों की भी सराहना की।