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पाकिस्तान का बड़ा फैसला: एयरस्पेस अलर्ट, सभी फ्लाइट रूट्स बंद

इस्लामाबाद  पाकिस्तान में अगले हफ्ते यात्रियों और एयरलाइंस को कुछ परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। पाकिस्तानी अधिकारियों ने अनिर्दिष्ट ‘ऑपरेशनल कारणों’  का हवाला देते हुए देश के कुछ चुनिंदा हवाई मार्गों को दो दिन के लिए बंद करने  का ऐलान किया है। पाकिस्तान एयरपोर्ट अथॉरिटी (PAA)  ने ‘ नोटिस टू एयरमेन (NOTAM) ’ जारी कर बताया कि ये प्रतिबंध 22 जुलाई और 23 जुलाई को लागू रहेंगे। इन दोनों दिन सुबह  5:15 बजे से रात 8:15 बजे तक  कुछ तय हवाई मार्गों पर उड़ान संचालन नहीं होगा।   पीएए के मुताबिक, ये बंदिशें पाकिस्तान के कराची और लाहौर उड़ान सूचना क्षेत्र (Flight Information Region) के तहत आने वाले कुछ मार्गों पर लागू होंगी। यानी कराची और लाहौर एयरस्पेस के कुछ हिस्सों में दो दिन तक सामान्य हवाई यातायात प्रभावित रहेगा।पीएए ने नोटिस में बंद के पीछे ‘परिचालन कारण’ बताए हैं। हालांकि अभी तक इन परिचालन कारणों का कोई स्पष्ट विवरण सार्वजनिक नहीं किया गया है। न ही यह साफ है कि इसका सैन्य अभ्यास से कोई संबंध है या किसी तकनीकी या सुरक्षा वजह से यह फैसला लिया गया है। नोटिस में कहा गया है कि इन मार्गों को  सभी तरह के विमानों के लिए बंद किया जाएगा  यानी यात्री विमान, मालवाहक विमान या कोई अन्य। इसके अलावा, जिन मार्गों को बंद किया गया है, उनका पूरा विवरण और वैकल्पिक मार्ग भी नोटिस में जारी किया गया है ताकि एयरलाइंस अपने रूट की योजना दोबारा बना सकें। फिलहाल पाकिस्तान के नागरिक उड्डयन विभाग ने यात्रियों और एयरलाइंस को सलाह दी है कि वे अपनी यात्रा से पहले उड़ान का स्टेटस जरूर जांच लें। 

मोदी के दौरे से पहले भारत का सरप्राइज गिफ्ट, मुस्लिम देश ने जताया भरोसा – पाकिस्तान में मिर्ची!

नई दिल्ली  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की यात्रा से पहले भारत ने मालदीव को एक खास तोहफा दिया है. ये तोहफा है मालदीव पुलिस के दस जवानों को वीआईपी सिक्योरिटी में ट्रेनिंग देना. वीआईपी सुरक्षा की ट्रेनिंग लेने के बाद ये सभी 10 कमांडो, मालदीव के राष्ट्रपति मोहम्मद मुइज्जु के अंगरक्षक के तौर पर तैनात किए जाएंगे. इसी महीने के आखिरी हफ्ते में पीएम मोदी दो दिवसीय (25-26 जुलाई) मालदीव के दौरे पर जा रहे हैं. इन सभी दस कमांडो ने नोएडा में दो हफ्तों की वीआईपी ट्रेनिंग पूरी करने के बाद शनिवार (19 जुलाई, 2025) को सेंट्रल रिजर्व पुलिस फोर्स (सीआरपीएफ) के महानिदेशक जीपी सिंह से दिल्ली में मुलाकात की. नोएडा में सीआरपीएफ का वीआईपी सिक्योरिटी ट्रेनिंग सेंटर है. देश के वीआईपी और दूसरे गणमान्य व्यक्तियों को वाई और जेड कैटेगरी की सुरक्षा सीआरपीएफ के हवाले है. गृह मंत्री अमित शाह और दलाई लामा तक की सुरक्षा की जिम्मेदारी सीआरपीएफ की सिक्योरिटी विंग के हवाले है. क्षेत्रीय संबंध होंगे मजबूत मालदीव पुलिस के कमांडो से मुलाकात के बाद सीआरपीएफ के डीजी जीपी सिंह ने कहा कि यह प्रशिक्षण शांति, प्रोफेशनलिज्म और पुलिसिंग में अधिक सहयोग के प्रति हमारी साझा प्रतिबद्धता का प्रमाण है. सीआरपीएफ के मुताबिक, पड़ोसी देशों की पुलिस के साथ इस तरह के सहयोग से क्षेत्रीय संबंध मजबूत होंगे और पार्टनरशिप को ताकत मिलेगी. सीआरपीएफ ने एक संक्षिप्त बयान में कहा कि यह क्षेत्र में आपसी विश्वास और क्षमता निर्माण को आगे बढ़ाने की दिशा में एक गौरवपूर्ण कदम है. इसी महीने की 25 तारीख को मालदीव का राष्ट्रीय दिवस है. मालदीव के नेशनल डे पर प्रधानमंत्री मोदी मुख्य अतिथि के तौर पर शामिल होंगे. दोनों देशों के बीच आई खटास होगी कम पीएम की यात्रा से दोनों देशों के बीच मुइज्जु के राष्ट्रपति बनने से आई खटास थोड़ी कम होने की उम्मीद है, क्योंकि साल 2023 में मालदीव का राष्ट्रपति बनने के बाद मुइज्जु ने भारतीय नौसेना के हेलीकॉप्टर सहित क्रू-सदस्यों को अपने देश से निकाल दिया था. साथ ही मुइज्जु को चीन का करीबी माना जाता है. हालांकि, पिछले साल मुइज्जु ने भी दिल्ली का दौरा किया था और भारत को अहम सहयोगी बताया था. जानकारी के मुताबिक, पीएम मोदी के मालदीव दौरे के दौरान दोनों देशों के बीच कई अहम करार होने की उम्मीद है. साथ ही मालदीव के अलग-अलग द्वीपों को जोड़ने के लिए शुरू होने वाली फेरी (बोट नौवहन) के लिए भी भारत एक बड़ा अनुदान कर सकता है.

वंदे भारत की गूंज अब यहां भी, जानें नई रूट की पूरी जानकारी

वलसाड देशभर के ज्यादातर राज्यों को उनकी वंदे भारत ट्रेनें मिल चुकी हैं। अब स्लीपर वंदे भारत का बेसब्री से इंतजार है, लेकिन उससे पहले कई और रूटों व शहरों को चेयर कार वाली वंदे भारत ट्रेनों की कनेक्टिविटी मिल रही है। गुजरात के वलसाड शहर को अब वंदे भारत ट्रेन मिली है। यह वलसाड रेलवे स्टेशन पर रुकेगी। मुंबई सेंट्रल से गांधीनगर चलने वाली वंदे भारत का स्टॉपेज वलसाड भी किया गया है। रेलवे मंत्रालय ने ऑफिशियल सर्कुलर जारी करते हुए कहा है कि उसने 20901/20902 मुंबई सेंट्रल-गांधीनगर वंदे भारत एक्सप्रेस का स्टॉपेज वलसाड स्टेशन के लिए अप्रूव कर दिया है। जल्द ही इसे लागू कर दिया जाएगा। साथ ही, रेलवे अथॉरिटीज को आदेश दिया गया है कि वे वलसाड स्टेशन पर वंदे भारत के लिए बिकने वाले टिकटों की संख्या पर नजर बनाए रखें। हालांकि, अभी वलसाड स्टेशन पर इसके शेड्यूल की जानकारी नहीं दी गई है, लेकिन माना जा रहा है कि जल्द ही यह भी सामने आ जाएगा। बता दें कि इस समय अहमदाबाद से मुंबई रूट पर दो चेयर कार वाली वंदे भारत ट्रेनें चल रही हैं। इसमें से एक मुंबई से गांधीनगर चलती है, जिसके स्टॉपेज अहमदाबाद, वडोदरा, आणंद, सूरत, वापी और बोरीवली व मुंबई सेंट्रल है। अब यही ट्रेन वलसाड रेलवे स्टेशन पर भी रुकेगी। रेलवे के इस फैसले के बाद माना जा रहा है कि वलसाड और उसके आसपास जिलों से मुंबई या गुजरात के अन्य शहरों की यात्रा करने वालों को फायदा मिलेगा। वे कम समय में ही अपने गंतव्य तक पहुंच सकेंगे। वलसाड सांसद धवल पटेल ने ट्रेन के नए स्टॉपेज के लिए पीएम मोदी और रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव को धन्यवाद दिया।  

MVA में दरार? उद्धव ठाकरे बोले- बार-बार ऐसी गलती बर्दाश्त नहीं

मुंबई शिवसेना (उबाठा) के प्रमुख उद्धव ठाकरे ने सवाल उठाया है कि अगर 2024 के महाराष्ट्र विधानसभा की तरह सीट बंटवारे और उम्मीदवारों के चयन में देरी जैसी गलतियां दोबारा हुईं तो महा विकास आघाडी (एमवीए) का क्या औचित्य रह जाएगा। उन्होंने कहा कि 2024 के लोकसभा चुनाव में एमवीए के प्रभावशाली प्रदर्शन के बाद का उत्साह विधानसभा चुनाव के दौरान पार्टियों के खुद के जीतने पर केंद्रित व्यक्तिगत अहंकार में बदल गया, जो अंततः उनकी हार का कारण बना। पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि चुनावों के दौरान कुछ निर्वाचन क्षेत्रों में उम्मीदवार तय नहीं किए गए थे। ठाकरे ने कहा, "यह एक गलती थी जिसे सुधारना होगा। अगर भविष्य में ऐसी गलतियां होती रहीं तो साथ रहने का कोई मतलब नहीं है।" शिवसेना (उबाठा) के मुखपत्र 'सामना' को दिए साक्षात्कार में ठाकरे ने इस बात पर अफसोस जताया कि उनकी पार्टी को लोकसभा चुनाव के दौरान अपने एमवीए सहयोगियों को वे सीट देनी पड़ीं, जो उसने पहले कई बार जीती थीं। उन्होंने कहा, "(विधानसभा चुनाव के दौरान) सीट बंटवारे पर बातचीत आखिरी क्षण तक चली। (एमवीए सहयोगियों के बीच) इस झगड़े से जनता के बीच हमारे बारे में गलत संदेश गया।" उन्होंने सुझाव दिया कि विधानसभा चुनाव के दौरान रियायतों की घोषणा करने की होड़ से शिवसेना (यूबीटी), एनसीपी (शरदचंद्र पवार) और कांग्रेस के गठबंधन एमवीए को नुकसान हुआ। "ईवीएम घोटाले", फर्जी मतदाता सूची और विधानसभा चुनाव के दौरान मतदाताओं की संख्या में वृद्धि को लेकर चर्चाएं हो रही हैं। ठाकरे ने 'सामना' के कार्यकारी संपादक और राज्यसभा सदस्य संजय राउत से कहा कि "लाडकी बहिन" जैसी भ्रामक योजनाएं थीं, जिनसे चुनावी संभावनाओं पर असर पड़ा। लेकिन उन्होंने कहा कि गलतियों को स्वीकार करने से कतराना ठीक नहीं है। साल 2024 के लोकसभा चुनावों में, एमवीए ने महाराष्ट्र की 48 में से 30 सीट जीती थीं, लेकिन महज पांच महीने बाद हुए विधानसभा चुनाव में भाजपा के नेतृत्व वाले गठबंधन महायुति ने एमवीए को करारी शिकस्त दी। दो सौ अठासी सदस्यीय विधानसभा के लिए हुए चुनाव में शिवसेना (उबाठा), राकांपा (एसपी) और कांग्रेस को कुल मिलाकर 46 सीट पर जीत मिली। विधानसभा चुनाव में, भाजपा ने सर्वाधिक 132 सीट जीतीं, जबकि एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना ने 57 और अजित पवार-नीत राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) ने 41 सीट जीतीं।  

मांगों को लेकर नर्सों की हड़ताल शुरू, महाराष्ट्र में स्वास्थ्य सेवाएं बाधित

मुंबई महाराष्ट्र में सरकारी अस्पतालों की स्वास्थ्य व्यवस्था पर एक बार फिर संकट के बादल मंडरा गए हैं। राज्यभर की 30,000 से अधिक नर्सें अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चली गई हैं। नर्सों के इस सामूहिक आंदोलन से सरकारी अस्पतालों, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों और चिकित्सा संस्थानों की सेवाएं बुरी तरह प्रभावित हो सकती हैं। नर्सों की यह हड़ताल महाराष्ट्र राज्य नर्सेज एसोसिएशन के नेतृत्व में की जा रही है। एसोसिएशन का कहना है कि सातवां वेतन आयोग लागू होने के बावजूद वेतन विसंगतियां दूर नहीं की गई हैं, जिससे हजारों नर्सों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। इससे पहले, 15 और 16 जुलाई को मुंबई के आजाद मैदान में राज्यभर से आई नर्सों ने दो दिवसीय धरना प्रदर्शन किया था। प्रशासन से कोई ठोस आश्वासन न मिलने के कारण अब नर्सों ने अनिश्चितकालीन हड़ताल का रास्ता चुना है।  स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के अनुसार, राज्य सरकार हड़ताल को समाप्त करने के लिए प्रयास कर रही है और जल्द ही नर्सेज एसोसिएशन के प्रतिनिधियों के साथ बैठक की संभावना है। वहीं, अस्पताल प्रशासन ने मरीजों की देखभाल के लिए वैकल्पिक व्यवस्था करने की बात कही है, लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि नर्सिंग स्टाफ की गैरमौजूदगी से सेवाओं पर व्यापक असर पड़ सकता है। नर्सों की मांगों में वेतन विसंगतियों को दूर करने के अलावा पदोन्नति, कार्यस्थल पर बेहतर सुविधाएं और सेवा शर्तों में सुधार जैसे मुद्दे भी शामिल हैं। हड़ताल कब तक चलेगी, इसका फिलहाल कोई अंदाजा नहीं है।  

मांगों को लेकर नर्सों की हड़ताल शुरू, महाराष्ट्र में स्वास्थ्य सेवाएं बाधित

मुंबई महाराष्ट्र में सरकारी अस्पतालों की स्वास्थ्य व्यवस्था पर एक बार फिर संकट के बादल मंडरा गए हैं। राज्यभर की 30,000 से अधिक नर्सें अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चली गई हैं। नर्सों के इस सामूहिक आंदोलन से सरकारी अस्पतालों, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों और चिकित्सा संस्थानों की सेवाएं बुरी तरह प्रभावित हो सकती हैं। नर्सों की यह हड़ताल महाराष्ट्र राज्य नर्सेज एसोसिएशन के नेतृत्व में की जा रही है। एसोसिएशन का कहना है कि सातवां वेतन आयोग लागू होने के बावजूद वेतन विसंगतियां दूर नहीं की गई हैं, जिससे हजारों नर्सों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। इससे पहले, 15 और 16 जुलाई को मुंबई के आजाद मैदान में राज्यभर से आई नर्सों ने दो दिवसीय धरना प्रदर्शन किया था। प्रशासन से कोई ठोस आश्वासन न मिलने के कारण अब नर्सों ने अनिश्चितकालीन हड़ताल का रास्ता चुना है।  स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के अनुसार, राज्य सरकार हड़ताल को समाप्त करने के लिए प्रयास कर रही है और जल्द ही नर्सेज एसोसिएशन के प्रतिनिधियों के साथ बैठक की संभावना है। वहीं, अस्पताल प्रशासन ने मरीजों की देखभाल के लिए वैकल्पिक व्यवस्था करने की बात कही है, लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि नर्सिंग स्टाफ की गैरमौजूदगी से सेवाओं पर व्यापक असर पड़ सकता है। नर्सों की मांगों में वेतन विसंगतियों को दूर करने के अलावा पदोन्नति, कार्यस्थल पर बेहतर सुविधाएं और सेवा शर्तों में सुधार जैसे मुद्दे भी शामिल हैं। हड़ताल कब तक चलेगी, इसका फिलहाल कोई अंदाजा नहीं है।  

तेज रफ्तार बनी मौत का कारण: ईरान में बस दुर्घटना में 21 मरे, 34 घायल

तेहरान ईरान से एक सड़क हादसे की खबर सामने आई है। जानकारी के अनुसार, ईरान के दक्षिण में एक बस के पलट जाने से कम से कम 21 लोगों की मौत हो गई। वहीं, इस घटना में 34 लोगों के मारे जाने की खबर है। बता दें कि फार्स प्रांत के आपातकालीन संगठन के प्रमुख मसूद आबेद ने बताया कि प्रांत की राजधानी शिराज के दक्षिण में हुई इस दुर्घटना में 34 अन्य लोग घायल हुए हैं। राहत और बचाव कार्य जारी वहीं, इस घटना को लेकर फार्स प्रांत के आपातकालीन संगठन के प्रमुख मसूद आबेद ने कहा कि घटना के बाद युद्धस्तर पर राहत और बचाव कार्य जारी है। उन्होंने कहा कि विस्तृत जांच के बाद अतिरिक्त जानकारी और अंतिम आंकड़े घोषित किए जाएंगे। बस हादसे के वजहों की तलाश जारी गौरतलब है कि इस बस हादसे के पीछे की वजहों को तलाशने का काम जारी है। बता दें कि हर साल ईरान में सड़क और सड़क दुर्घटनाओं में 17000 से अधिक लोगों की मौत हो जाती है। माना जाता रहा है कि सुरक्षा उपायों की अनदेखी, पुराने वाहनों के उपयोग और अपर्याप्त आपातकालीन सेवाओं के कारण यह दुर्घटनाएं हुई हैं।  

अमरनाथ यात्रा 2025: श्रद्धालुओं का ताजा जत्था जम्मू से रवाना, जयकारों से गूंजा वातावरण

जम्मू जम्मू-कश्मीर में वार्षिक श्री अमरनाथ यात्रा के लिए 6365 तीर्थयात्रियों का एक नया जत्था शनिवार को 'बम बम भोले' का जयकारों के बीच यहां भगवती नगर स्थित यात्री निवास से दक्षिण कश्मीर हिमालय में स्थित पवित्र गुफा मंदिर के लिए रवाना हुआ। अधिकारियों ने बताया, 'आज सुबह कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच जम्मू आधार शिविर से 6,365 तीर्थयात्रियों का एक नया जत्था कश्मीर स्थित श्री अमरनाथ गुफा मंदिर के लिए रवाना हुआ।' उन्होंने बताया कि 211 वाहनों के बेड़े में 2,851 तीर्थयात्री पहलगाम और 3,514 बालटाल के लिए रवाना हुए। गौरतलब है कि जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने दो जुलाई को यहां से तीर्थयात्रियों के पहले जत्थे को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया था। बाबा बर्फीनी के दर्शन के लिए इस वर्ष 03 जुलाई से शुरू हुयी 38 दिवसीय यह वार्षिक यात्रा 09 अगस्त तक चलेगी। अब तक दो लाख से अधिक श्रद्धालु पवित्र गुफा के दर्शन कर चुके हैं। उपराज्यपाल ने 17 जून को अमरनाथ यात्रा के दोनों मार्गों को एक जुलाई से 10 अगस्त के बीच 'नो-फ्लाइंग ज़ोन' घोषित करने के आदेश पारित किए थे। आधिकारिक प्रवक्ता ने बताया कि उपराज्यपाल के आदेश पर जम्मू-कश्मीर गृह विभाग ने 'आगामी अमरनाथ यात्रा के दौरान हवाई गतिविधियों के संबंध में कड़े सुरक्षा निर्देश' जारी किए हैं। प्रवक्ता ने कहा कि यह कदम 'यात्रा के दौरान कड़ी सुरक्षा सुनिश्चित करने' के लिए उठाया गया है। पहलगाम (दक्षिण कश्मीर में) और बालटाल (मध्य कश्मीर में) दोनों मार्गों पर यूएवी, ड्रोन और गुब्बारों सहित किसी भी प्रकार के विमानन प्लेटफॉर्म और उपकरणों का उपयोग प्रतिबंधित रहेगा।  

पानी की तरह बहाया पैसा: पाकिस्तान में बिना सप्लाई के हुआ अरबों का पेमेंट घोटाला

इस्लामाबाद पाकिस्तान में गजब का घोटाला सामने आया है। इसमें जॉगर्स, जूतों और गर्म ट्राउजर्स पर अरबों रुपए के एडवांस पेमेंट की बात सामने आई है। हैरानी की बात यह है कि इन सामनों की डिलीवरी मिली ही नहीं। सिर्फ इतना ही नहीं, तटीय रक्षा के लिए नौका खरीद में भी ऐसा ही खेल सामने आया है। यह सब हुआ है पाकिस्तान के आंतरिक मंत्रालय के तहत आने वाले सिविल कानून प्रवर्तन एजेंसियों में। ऑडिट रिपोर्ट में यह खुलासा होने के बाद वहां पर खलबली मची हुई है। सुरक्षा से भी खिलवाड़ ताजा ऑडिट रिपोर्ट के मुताबिक इन तमाम खरीदारी में बेसिक नियमों का भी पालन नहीं हुआ है। द न्यूज इंटरनेशल के मुताबिक रिपोर्ट में कहा गया है कि पूरे मामले में अनियमित खर्च, कुछ खास सप्लायर्स को फेवर करना और नियमों को तोड़ने जैसी गंभीर चीजें सामने आई हैं। यह ऑडिट पाकिस्तान के विभिन्न डिपार्टमेंट्स में हुई खरीदारी में की गई है। इनमें पाकिस्तान रेंजर्स, फ्रंटियर कोर, पाकिस्तानी तटरक्षक बल आदि शामिल हैं। रिपोर्ट के मुताबिक साफ नजर आ रहा है कि पैसों का जमकर दुरुपयोग हुआ है। इसमें यह भी सवाल उठ रहा है कि टेंडर प्रक्रिया भी गैर-पारदर्शी रही। डिलीवरी के पहले ही एडवांस पेमेंट कर दी गई। जांच की मांग ऑडिट रिपोर्ट में तमाम उदाहरण दिए गए हैं कि कैसे गलत ढंग से खरीदारी की गई। एक उदाहरण में बताया गया है कि पंजाब रेंजर्स ने ऊनी मोजों और आधी बांह के वेस्ट के लिए 43 मिलियन पाकिस्तानी रुपयों का कांट्रैक्ट दिया। जिन कंपनियों को यह ठेका दिया गया वह मानकों को पूरा नहीं कर रही थीं। लेकिन इसके बावजूद तकनीकी कमेटी ने इन्हें रिजेक्ट नहीं किया। ऑडिटर्स ने मामले में गलत ढंग से फेवर करने और जिम्मेदारी तय करने के लिए जांच की भी मांग की है। कोस्ट गार्ड ने भी किया खेल रिपोर्ट में पाकिस्तानी कोस्ट गार्ड द्वारा अनियमितता की बात भी कही गई है। इसके मुताबिक पाकिस्तान कोस्ट गार्ड ने एक प्राइवेट कंपनी से बोट के लिए कांट्रैक्ट किया। मामले में 560 मिलियन पाकिस्तानी रुपयों का एडवांस पेमेंट किया गया। चार महीने के अंदर बोट मिल जानी थीं। डेडलाइन 23 जुलाई, 2024 के लिए थी। लेकिन जनवरी 2025 तक बोट की डिलीवरीहो नहीं पाई थी।  

हाईकोर्ट का अहम फैसला: पति के साथ दुर्व्यवहार और अपमान तलाक का आधार हो सकता है

मुंबई बॉम्बे हाईकोर्ट ने एक अहम फैसले में कहा है कि यदि कोई पत्नी अपने पति को दोस्तों के सामने अपमानित करती है, पति के साथ सेक्स संबंध बनाने से इनकार करती है और उस पर बेबुनियाद एक्स्ट्रा मैरिटल अफेयर के आरोप लगाती है, तो यह आचरण "क्रूरता" की श्रेणी में आता है और हिंदू विवाह अधिनियम के तहत तलाक का उचित आधार है। न्यायमूर्ति रेवती मोहिते डेरे और न्यायमूर्ति डॉ. नीला गोकले की खंडपीठ ने गुरुवार को यह फैसला सुनाया। अदालत एक महिला की उस याचिका पर सुनवाई कर रही थी, जिसमें उसने पुणे पारिवारिक न्यायालय के नवंबर 2019 के फैसले को चुनौती दी थी। पुणे पारिवारिक न्यायालय ने अपने फैसले में पति को तलाक की अनुमति दे दी थी। विवाह के एक साल के भीतर अलगाव इस दंपति का विवाह दिसंबर 2013 में हुआ था, लेकिन एक साल के भीतर ही आपसी मतभेदों के चलते दोनों अलग हो गए। जुलाई 2015 में महिला ने अपने पति और ससुराल वालों के खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी, जिसमें उसने मानसिक प्रताड़ना, स्त्रीधन रखने और घर से निकालने जैसे आरोप लगाए थे। हालांकि बाद में महिला ने पारिवारिक न्यायालय में ‘वैवाहिक अधिकारों की पुनर्स्थापना’ की याचिका दायर की, जिसमें उसने कहा कि वह शादी को खत्म नहीं करना चाहती। इसके उलट, पति ने क्रूरता और परित्याग के आधार पर तलाक की अर्जी लगाई। पति ने लगाए गंभीर आरोप पति ने अदालत में कहा कि पत्नी न सिर्फ उससे सेक्स संबंध बनाने से इनकार करती थी, बल्कि दोस्तों के सामने उसका अपमान भी करती थी, उस पर झूठे एक्स्ट्रा मैरिटल अफेयर के आरोप लगाती थी। पति ने अदालत में कहा कि पत्नी उसकी दिव्यांग बहन के साथ अमानवीय व्यवहार करती थी, जिससे उसकी सेहत बिगड़ गई। इतना ही नहीं, उसने कार्यालय के कर्मचारियों के साथ भी दुर्व्यवहार किया, जिससे पति को मानसिक पीड़ा हुई। हाईकोर्ट ने पत्नी की अपील खारिज की 2019 में पुणे पारिवारिक न्यायालय ने पत्नी की याचिका को खारिज कर पति को तलाक दे दिया था। इसके खिलाफ महिला ने 2021 में बॉम्बे हाईकोर्ट में अपील की और 10,000 रुपये प्रति माह के भरण-पोषण की भी मांग की। हाईकोर्ट ने दोनों पक्षों को समझौते के लिए कई बार मध्यस्थता के जरिए सुलह कराने की कोशिश की, लेकिन बात नहीं बनी। अदालत ने स्पष्ट किया कि दोनों के बीच सुलह की कोई संभावना नहीं है और पत्नी के आरोपों को अदालत में प्रस्तुत साक्ष्यों के आधार पर झूठा पाया गया। अदालत की खास टिप्पणी अदालत ने कहा, “पति के कर्मचारियों के साथ पत्नी का व्यवहार, दोस्तों के सामने पति का अपमान और झूठे एक्स्ट्रा मैरिटल अफेयर के आरोप निश्चित रूप से मानसिक पीड़ा पहुंचाने वाले हैं और क्रूरता की श्रेणी में आते हैं। पति के साथ सेक्स संबंध से इनकार करना और दिव्यांग बहन के प्रति उदासीनता भी मानसिक यंत्रणा का कारण है।” इसलिए कोर्ट ने पारिवारिक न्यायालय के फैसले को सही ठहराते हुए महिला की अपील खारिज कर दी और 10,000 रुपये प्रति माह भरण-पोषण की मांग भी अस्वीकार कर दी।