samacharsecretary.com

हर आदमी के लिए जरूरी: कल से ये 8 नियम होंगे बदलेंगे

 नई दिल्ली सितंबर महीने से कई बड़े पैसों से जुड़े नियमों में बदलाव होने वाले हैं, जो सीधे आम लोगों की जेब और रोजमर्रा की जिंदगी को प्रभावित करेंगे। इनमें आयकर रिटर्न (ITR) फाइलिंग की आखिरी तारीख, आधार कार्ड अपडेट, UPS में बदलाव की अंतिम तिथि और क्रेडिट कार्ड समेत से जुड़े नए नियम शामिल हैं। इन बदलावों को समय पर जानना जरूरी है। अगर आपने समय रहते जरूरी काम पूरे नहीं किए, तो परेशानी उठानी पड़ सकती है। आइए जानते हैं डिटेल में…  ITR फाइलिंग की आखिरी तारीख जो लोग आयकर रिटर्न (ITR) फाइल करने से चूक गए थे, उनके लिए सरकार ने लेट फाइलिंग की अंतिम तारीख 30 सितंबर 2025 तय की है। अगर आप इस तारीख तक रिटर्न दाखिल नहीं करते हैं तो आपको लेट फीस और ब्याज देना होगा। आधार कार्ड अपडेट UIDAI ने आधार कार्ड अपडेट कराने की सुविधा की आखिरी तारीख 14 सितंबर 2025 रखी है। इसके बाद आधार अपडेट कराने पर आपको फीस देनी होगी। अगर आपके आधार में नाम, जन्मतिथि, पता या मोबाइल नंबर गलत है तो समय रहते अपडेट करा लें। NPS से UPS में स्विच करने की अंतिम मौका सरकार ने कर्मचारियों को NPS से UPS में बदलने का विकल्प दिया है। इसकी डेडलाइन 30 सितंबर 2025 है। यानी अगर आप नई पेंशन योजना (UPS) चुनना चाहते हैं तो इस तारीख तक फॉर्म भरना होगा। चांदी पर नया नियम सितंबर 1 से चांदी के ज्वेलरी खरीदने वालों के लिए नया नियम लागू हो जाएगा। अब ग्राहकों के पास दो विकल्प होंगे – वे चाहें तो हॉलमार्क्ड सिल्वर खरीद सकते हैं या फिर नॉन-हॉलमार्क्ड सिल्वर भी ले सकते हैं। BIS ने सिल्वर ज्वेलरी के लिए भी हॉलमार्किंग सुविधा शुरू करने का फैसला किया है। लेकिन अभी यह नियम अनिवार्य नहीं होगा, बल्कि स्वैच्छिक रहेगा। FD नियमों में बदलाव अभी कई बैंक स्पेशल फिक्स्ड डिपॉज़िट (FD) स्कीम चला रहे हैं, जिनकी आखिरी तारीख सितंबर 2025 है। यानी अगर आप FD में निवेश करना चाहते हैं और बेहतर ब्याज दर पाना चाहते हैं, तो इंडियन बैंक और IDBI बैंक की इन स्पेशल FD योजनाओं में 30 सितंबर से पहले निवेश करना जरूरी है। SBI के क्रेडिट कार्ड में बदलाव 1 सितंबर से SBI क्रेडिट कार्ड के रिवॉर्ड पॉइंट्स प्रोग्राम में बदलाव हो गया है। अब ग्राहकों को हर तरह की खरीदारी पर पॉइंट्स नहीं मिलेंगे। डिजिटल गेमिंग, सरकारी वेबसाइट्स और कुछ चुने हुए मर्चेंट्स- इन पर किए गए लेन-देन पर रिवॉर्ड पॉइंट्स नहीं मिलेंगे। इस बदलाव का असर लाखों SBI कार्डधारकों पर पड़ेगा क्योंकि पहले ये सभी खर्चे रिवॉर्ड पॉइंट्स में शामिल होते थे। इंडिया पोस्ट के नए नियम 1 सितंबर 2025 से इंडिया पोस्ट ने एक बड़ा बदलाव किया है। अब रजिस्टर्ड पोस्ट को स्पीड पोस्ट में मिला दिया गया है। इसका मतलब यह है कि अब अलग से “रजिस्टर्ड पोस्ट” नाम की कोई सुविधा नहीं होगी। जो भी रजिस्टर्ड मेल भेजी जाएगी, वह अब स्पीड पोस्ट के जरिए ही डिलीवर होगी। इससे डिलीवरी पहले से तेज और आसान हो जाएगी। यानी अब ग्राहकों को अलग-अलग सेवा चुनने की जरूरत नहीं है, रजिस्टर्ड पोस्ट का काम भी अब स्पीड पोस्ट ही करेगा। LPG के दाम LPG सिलेंडर के दाम हर महीने की पहली तारीख को बदलते हैं। इस बार भी 1 सितंबर को दाम कम या ज्यादा हो सकते हैं। ये बदलाव तेल कंपनियों और ग्लोबल मार्केट के हिसाब से तय होते हैं।  

राष्ट्रपति की चीन यात्रा स्थगित, इंडोनेशिया में उठा बवाल

इंडोनेशियाई  इंडोनेशियाई राष्ट्रपति प्रबोवो सुबिआंतो ने रविवार को SCO शिखर सम्मेलन 2025 के लिए अपनी चीन यात्रा रद्द कर दी। इसका कारण देश में सांसदों के वेतन वृद्धि के खिलाफ भड़के विरोध प्रदर्शन हैं। इन प्रदर्शनों में कम से कम तीन लोगों की मौत हो चुकी है, और दर्जनों इमारतें व सार्वजनिक सुविधाएं नष्ट हो गई हैं। जकार्ता में उग्र प्रदर्शनों के चलते प्रबोवो ने अपनी चीन यात्रा रद्द की, जहां उन्हें 3 सितंबर को द्वितीय विश्व युद्ध के समापन की 80वीं वर्षगांठ पर आयोजित 'विजय दिवस' परेड में शामिल होना था। विरोध प्रदर्शन का कारण नौकरियों और वेतन को लेकर असंतोष के बीच सांसदों के वेतन में हालिया वृद्धि के खिलाफ ये प्रदर्शन शुरू हुए। शुक्रवार को एक पुलिस बख्तरबंद वाहन द्वारा मोटरसाइकिल टैक्सी ड्राइवर को टक्कर मारने और उसकी मौत के बाद स्थिति और बिगड़ गई। रॉयटर्स के अनुसार, राष्ट्रपति ने शुक्रवार देर रात मृतक ड्राइवर के परिवार से मुलाकात की, संवेदना व्यक्त की और जांच की निगरानी का वादा किया। राष्ट्रपति के प्रवक्ता प्रसेत्यो हादी ने कहा कि राष्ट्रपति स्थिति पर नजर रखना चाहते हैं और सर्वोत्तम समाधान ढूंढना चाहते हैं। इसलिए उन्होंने चीनी सरकार से माफी मांगी कि वह निमंत्रण में शामिल नहीं हो सकते। कई जगहों पर लूटपाट खबर है कि प्रदर्शनकारियों ने नासडेम पार्टी के नेता अहमद साहरोनी के घर में लूटपाट की, जिन्होंने प्रदर्शनकारियों को 'मूर्खतापूर्ण' कहा था। हास्य कलाकार से विधायक बने एको पैट्रियो के घर में भी सेंधमारी की खबर है, हालांकि इसकी पुष्टि नहीं हुई। वहीं, टिकटॉक के प्रवक्ता ने शनिवार को कहा कि बढ़ती हिंसा के कारण वह स्वेच्छा से अपने लाइव कार्यक्रम को स्थगित कर रहा है। क्षेत्रीय संसद भवन में आग रिपोर्ट्स के अनुसार, शनिवार को प्रदर्शनकारियों ने क्षेत्रीय संसद भवन में आग लगा दी, जिसमें तीन लोगों की मौत हो गई और कम से कम पांच लोग घायल हुए। स्थानीय मीडिया ने जकार्ता में लूटपाट और कई परिवहन सुविधाओं को नुकसान की खबर दी। जकार्ता में स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है, और राष्ट्रपति स्वयं इस पर नजर रख रहे हैं। अधिकारियों का शांति का आग्रह राष्ट्रीय पुलिस प्रमुख लिस्टियो सिगित प्रबोवो ने शनिवार को टीवी पर सैन्य कमांडर अगुस सुबियान्टो के साथ कहा कि राष्ट्रपति ने 'अराजक कृत्यों' के खिलाफ सख्त कार्रवाई का आदेश दिया है। लिस्टियो ने कहा कि नागरिकों को अभिव्यक्ति और एकत्र होने का अधिकार है, लेकिन प्रदर्शनकारी कानून का उल्लंघन कर रहे हैं, जिसमें इमारतों और पुलिस मुख्यालयों पर हमले शामिल हैं। वहीं, जकार्ता में अमेरिका, जापान, ऑस्ट्रेलिया और सिंगापुर के दूतावासों ने अपने नागरिकों को भीड़ और विरोध क्षेत्रों से दूर रहने की चेतावनी दी है।

55 मिनट की बातचीत में पीएम मोदी-शी जिनपिंग ने क्या-क्या किया साझा, जानें पूरा अपडेट

तियानजिन  पीएम मोदी इस वक्त चीन के तियानजिन में हैं। यहां वे शंघाई सहयोग संगठन (SCO) शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए आए हैं। शिखर सम्मेलन से पहले पीएम मोदी चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग से मुलाकाता की। दोनों नेताओं के बीच लगभग 55 मिनट तक बात हुई। इस दौरान पीएम मोदी ने फ्लाइट से लेकर कौलाश मानसरोवर तक की चर्चा की। बता दें कि इससे पहले दोनों नेताओं की मुलाकात 2024 में रूस के कजान में ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के दौरान हुई थी। गौरतवब है कि एससीओ सम्मेलन 31 अगस्त से 1 सितंबर तक चलेगा। आइये जानते हैं कि दोनों नेताओं के बीच 55 मिनट तक क्या-क्या बातें हुईं। चीनी राष्ट्रपति से क्या बोले पीएम मोदी चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ मीटिंग में पीएम मोदी ने कहा कि पिछले साल कजान में हमारी बहुत उपयोगी चर्चा हुई, जिसने हमारे संबंधों को सकारात्मक दिशा दी। सीमा पर सैनिकों की वापसी के बाद शांति और स्थिरता का माहौल बना है। उन्होंने बताया कि सीमा प्रबंधन पर विशेष प्रतिनिधियों के बीच समझौता हुआ है, कैलाश मानसरोवर यात्रा फिर से शुरू हो गई है, और दोनों देशों के बीच सीधी उड़ानें भी शुरू हो रही हैं। संबंधों को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि हम दोनों के सहयोग से दोनों देशों के 2.8 अरब लोगों के हित जुड़े हैं। उन्होंने कहा कि इससे पूरी मानवता के कल्याण का मार्ग भी प्रशस्त होगा। पीएम मोदी ने कहा कि हम आपसी विश्वास, सम्मान और संवेदनशीलता के आधार पर अपने संबंधों को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। पीएम मोदी के बाद चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने कहा कि दोनों देश आपसी सहयोग के लिए तैयार हैं। पीएम मोदी ने जताया आभार इस दौरान पीएम मोदी ने एससीओ की सफल अध्यक्षता के लिए शी जिनपिंग को बधाई दी और चीन आने के निमंत्रण और इस मुलाकात के लिए उनका धन्यवाद भी किया। वहीं, शी जिनपिंग ने कहा कि पीएम मोदी से मिलकर उन्हें खुशी हुई। मौजूदा हालात में दोनों देशों को एक साथ आना जरूरी है। जिनपिंग ने कहा कि हम आपसी सहयोग के लिए तैयार हैं, और आगे मिलकर काम करेंगे। चीनी राष्ट्रपति ने आगे कहा कि दुनिया परिवर्तन की ओर बढ़ रही है। चीन और भारत, दोनों दुनिया के सबसे ज्यादा आबादी वाला देश है। उन्होंने कहा कि दोस्त बनना, एक अच्छा पड़ोसी बनना, ड्रैगन और हाथी का एक साथ आना जरूरी है।  

पुतिन ने ब्रिक्स के एजेंडे से अमेरिका को दिया संकेत, चीन ने भी समर्थन जताया

तियानजिन रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन रविवार को शंघाई सहयोग संगठन (SCO) शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए चीन के तियानजिन शहर पहुंचे। उन्होंने कहा कि रूस और चीन ने ब्रिक्स देशों के सामाजिक-आर्थिक विकास में बाधा डालने वाले 'भेदभावपूर्ण प्रतिबंधों' के खिलाफ एकजुट रुख अपनाया है। माना जा रहा है कि पुतिन ने चीन की धरती से अमेरिका को संदेश दिया है कि 'भेदभावपूर्ण प्रतिबंधों' के खिलाफ वे एकजुट हैं। पुतिन ने यह बातें चीन की सरकारी समाचार एजेंसी 'शिन्हुआ' से बातचीत में कही। उन्होंने कहा कि रूस और चीन महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचा परियोजनाओं के लिए अतिरिक्त संसाधन जुटाने पर ध्यान दे रहे हैं और वैश्विक चुनौतियों से निपटने के लिए ब्रिक्स की क्षमता को मजबूत करने के लिए एकजुट हैं। पुतिन ने कहा कि मॉस्को और बीजिंग ब्रिक्स सदस्यों और वैश्विक स्तर पर 'सामाजिक-आर्थिक विकास में बाधा डालने वाले भेदभावपूर्ण प्रतिबंधों' के खिलाफ साझा रुख अपनाते हैं। पुतिन ने कहा कि रूस और चीन अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष और विश्व बैंक में सुधार का समर्थन करते हैं। पुतिन ने यह टिप्पणी ऐसे समय में की, जब अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ब्रिक्स देशों पर 10 प्रतिशत शुल्क लगाने की धमकी दे रहे हैं। ब्रिक्स एक अंतर-सरकारी संगठन है, जिसमें ब्राजील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका शामिल हैं। सऊदी अरब, ईरान, इथियोपिया, मिस्र, अर्जेंटीना और संयुक्त अरब अमीरात इसके नए सदस्य हैं। पुतिन ने उम्मीद जताई कि तियानजिन में होने वाला एससीओ शिखर सम्मेलन 10-सदस्यीय संगठन को नई गति देगा, समकालीन चुनौतियों और खतरों का सामना करने की इसकी क्षमता को मजबूत करेगा, तथा यूरेशियाई क्षेत्र में एकजुटता को बढ़ाएगा। उन्होंने कहा कि इससे अधिक न्यायसंगत बहुध्रुवीय वैश्विक व्यवस्था को आकार देने में मदद मिलेगी। बता दें कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस शिखर सम्मेलन के दौरान पुतिन से मुलाकात करेंगे। इसके अलावा, पुतिन चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ वार्ता करेंगे और द्वितीय विश्व युद्ध में जापान के खिलाफ चीन की जीत की 80वीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य में आयोजित परेड में भी शामिल होंगे।  

पुंछ में पकड़े गए दो आतंकवादी, सुरक्षा बलों ने हथियार और ग्रेनेड भी किया कब्जे में

पुंछ  जम्मू-कश्मीर में पुंछ के मंडी सेक्टर में सुरक्षाबलों ने दो आतंकवादियों को गिरफ्तार किया है। इनके पास से एक एके-47 और एक हैंड ग्रेनेड मिला है। पुंछ पुलिस ने घटना की जानकारी देते हुए बताया कि सुरक्षा बलों ने ऑपरेशन शुरू कर दिया है। पुलिस ने बताया कि इस दौरान पुलिस ने छापेमारी भी की। इसमें आजमाबाद स्थित एक घर पर छापा मारा, यहां से इस घर के मालिक स्थानीय निवासी तारिक शेख और उसके साथी चैंबर गांव निवासी रियाज अहमद को हिरासत में लिया गया है। अधिकारियों ने बताया कि गिरफ्तार करने के बाद दोनों से पूछताछ की गई, जिससे मिली जानकारी के आधार पर पुलिस ने जलियां गांव स्थित शेख के एक और किराए के मकान पर छापा मारा, जहां से यह हथियार बरामद किए गए।

मोदी सरकार का नया स्ट्रैटेजी मोड: ट्रंप टैरिफ के बीच लॉकडाउन जैसी योजनाओं पर नजर

नई दिल्ली डोनाल्ड ट्रंप ने भारत पर 50 फीसदी का टैरिफ लागू कर दिया है। इस टैरिफ का सीधा असर भारतीय निर्यातकों और कामगारों पर पड़ने वाला है। वहीं टैरिफ से लाखों नौकरियों पर भी खतरा मंडरा रहा है। हालांकि डोनाल्ड ट्रंप के टैरिफ बम से बचने का रास्ता मोदी सरकार ने निकाल लिया है। कोविड लॉकडाउन के दौरान जिस तरह की योजनाएं लागू की गई थीं, कुछ उसी स्टाइल में सरकार लोगों को राहत देने की योजना बना रही है। इसके अलावा अमेरिका से अलग बाजार तलाशने और ग्लोबल सप्लाई चेन के एकीकरण के लिए लंबी अवधि की रणनीतियों पर काम किया जा रहा है। हिन्दुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक दो सीनियर अधिकारियों ने बताया कि सरकार सबसे पहले नकदी की समस्या का समाधान निकालने पर विचार कर रही है। वहीं निर्यात और रोजगार बचाने के लिए सरकार कोविड स्टाइल में योनजाएं चलाना चाहती है। ट्रंप के टैरिफ की वजह से कई तरह के दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है। जैसे कि भुगतान में देरी, देर से सामान का पहुंचना, ऑर्डर रद्द होना। वहीं निर्यात को बरकरार रखने के लिए नई मार्केट की जरूरत है। जब तक नई मार्केट नहीं मिलती, निर्यातकों को ऑपरेशन जारी रखने के लिए राहत देना जरूरी है। सरकार कर सकती है राहत पैकेज का ऐलान अधिकारियों के मुताबिक सरकार ने कोरोना लॉकडाउन के दौरान जिस तरह के राहत पैकेज का ऐलान किया था, उसी तरह के राहत पैकेज का एक बार फिर ऐलान हो सकता है। उद्योगों में नकदी की समस्या, खास तौर पर लघु और मध्यम उद्योगों के लिए इस तरह की योजनाएं जरूरी हैं। उन्होंने कहा कि सरकार इमर्जेंसी क्रेडिट लाइन गारंटी स्कीम (ECLGS) जैसी योजनाओं पर फोकस करना चाहती है जो कि 100 फीसदी गारंटी के साथ बिना जमानत के लोन उपलब्ध करवा सकें। इससे लाखों छोटे और मध्यम उद्योग दीवालिया होने से बच जाएंगे। लॉकडाउन के दौरान जब 68 दिनों के लिए औद्योगिक गतिविधियां ठप हो गई थीं, तब इसी योजना ने उद्योगों को बचा लिया था। अधिकारियों का कहना है कि मौजूदा समस्या और उसके समाधान को देखते हुए इन योजनाओं में बदलाव किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि तत्काल राहत के साथ सरकार चरणबद्ध तरीके से भी योजानाएं लागू करेगी जिससे लंबी अवधि की रणणनीति तैयार हो सके। नकदी उपलब्ध करवाने के साथ ही मौजूदा व्यापार समझौतों को मजबूत करने और नई मार्केट में अवसरों की तलाश का काम भी तेज होगा। जीएसटी से भी राहत अधिकारियों ने कहा कि टैक्स से जुड़ी भी कई राहत देने पर सरकार विचार कर रही है। इसमें जीएसटी रिफॉर्म भी शामिल है। अगले सप्ताह होने वाली जीएसटी काउंसिल की बैठक में टैक्स घटाने से संबंधित कई फैसले हो सकते हैं। उन्होंने कहा कि घरेलू स्तर पर मजबूती की वजह से भारत की अर्थव्यवस्था को खतरा नहीं है। टैरिफ जैसे बाहरी फैक्टर भारत की अर्थव्यवस्था को ज्यादा प्रभावित नहीं कर पाएंगे। जीडीपी में निर्यात का मामूली योगदान अधिकारियों ने कहा कि घरेलू उपभोग की वजह से अर्थव्यवस्ता लचीली है। निर्यात अर्थव्यवस्ता के लिए महत्वपूर्ण है लेकिन यह भारत की जीडीपी 4.12 ट्रिलियन डॉलर का छोटा हिस्सा है। निर्यात का जीडीपी में योगदान केवल 10 फीसदी यानी 438 मिलियन डॉलर का ही है। ऐसे में जून में समाप्त होने वाली तिमाही में भी आर्थिक वृद्धि दर 7.8 फीसदी रही।  

पीएम मोदी ने LAC पर शी जिनपिंग को दी अहम सलाह, मानवता के लिए जरूरी सहयोग पर जोर

तियांजिन चीन के तियांजिन शहर में शंघाई सहयोग संगठन (SCO) शिखर सम्मेलन से इतर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच मुलाकात हुई। अमेरिका से टैरिफ वॉर के बीच दोनों नेताओं की बीच इस मुलाकात को बेहद अहम माना जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शी जिनपिंग से कहा कि दोनों देशों का आपसी सहोयग 2.8 अरब की आबादी और मानवता के लिए जरूरी हो गई है। एलओसी को लेकर भी प्रधानमंत्री ने कहा कि दोनों देशों के प्रयासों से सीमा पर शांति का माहौल बना है। शी जिनपिंग ने भी प्रधानमंत्री मोदी की बात पर सहमति जताते हुए कहा कि अब दोनों देशों का साथ आना जरूरी है। पीएम मोदी ने कहा, सैनिकों के पीछे हटने के बाद सीमा पर शांति एवं स्थिरता कायम है। सीमा प्रबंधन को लेकर हमारे विशेष प्रतिनिधियों के बीच सहमति बनी थी जो कि कारगर साबित हुई है। हमारे द्विपक्षीय सहयोग से 2.8 अरब लोगों का कल्याण जुड़ा है। भारत और चीन के बीच सीधी उड़ान सेवाएं फिर से शुरू हो रही हैं जो कि बेहद खुशी की बात है। पीएम मोदी ने शंघाई सहयोग संगठन की सफल अध्यक्षता के लिए शी जिनपिंग को बधाई देते हुए कहा, हम आपसी विश्वास, सम्मान और संवेदनशीलता के आधार पर अपने संबंधों को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। बता दें कि चीन ने इसी महीने कहा है कि वह रेयर अर्थ, उर्वरक और टनल बोरिंग मशीन के निर्यात से बैन हटाने को तैयार है। वहीं टैरिफ वॉर के मामले में भी चीन भारत के ही साथ खड़ा है। हाल ही में दोनों देशों ने टूरिस्ट वीजा को लेकर प्रतिबंधों को खत्म कर दिया है। इसके अलावा चीन ने तिब्बत में बौद्धों के धार्मिक स्थल पर भारतीयों को आने-जाने की इजाजत दे दी है। जानकारों का कहना है कि पश्चिम से मिल रही चुनौतियों के बीच एशिया को मजबूत करने की दिशा में यह सार्थक कदम है। अगर भारत और चीन के बीच संबंध सुधरते हैं तो यह अमेरिका के लिए भी बड़ी चुनौती होगी। पीएम मोदी रविवार से शुरू हो रहे शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) के दो दिवसीय वार्षिक शिखर सम्मेलन में मुख्य रूप से भाग लेने के लिए चीन में हैं। हालांकि, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के नेतृत्व वाले प्रशासन की व्यापार और शुल्क संबंधी नीतियों के बाद भारत और अमेरिका के संबंधों में आए तनाव के मद्देनजर शी के साथ मोदी की बैठक अधिक महत्वपूर्ण हो गई है। तियानजिन की अपनी यात्रा से पहले मोदी ने कहा था कि विश्व आर्थिक व्यवस्था में स्थिरता लाने के लिए भारत और चीन का मिलकर काम करना महत्वपूर्ण है। जापान के समाचार पत्र ‘द योमिउरी शिंबुन’ के साथ एक इंटरव्यू में मोदी ने कहा कि भारत और चीन के बीच स्थिर और सौहार्दपूर्ण द्विपक्षीय संबंधों का क्षेत्रीय एवं वैश्विक शांति और समृद्धि पर सकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है। मोदी ने शुक्रवार को प्रकाशित इंटरव्यू में कहा, “विश्व अर्थव्यवस्था में मौजूदा अस्थिरता को देखते हुए, दो प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं के रूप में भारत और चीन का विश्व आर्थिक व्यवस्था में स्थिरता लाने के लिए मिलकर काम करना महत्वपूर्ण है।” मोदी की चीन यात्रा चीनी विदेश मंत्री वांग यी की भारत यात्रा के एक पखवाड़े से भी कम समय के बाद हुई है।

बच्चों का PAN कार्ड बनवाना अब आसान: जानें पूरा प्रोसेस स्टेप-बाय-स्टेप

जिस तरह से एक आम व्यस्क आदमी के लिए Pan Card बेहद जरूरी डॉक्यूमेंट है, उसी तरह बच्चों के लिए भी पैन कार्ड उतनी ही ज्यादा जरूरी है। आधार कार्ड के बाद यही वह दूसरा जरूरी डॉक्यूमेंट है जिसे बच्चों के लिए बनवाना बेहद महत्वपूर्ण है। अगर बच्चों के नाम पर निवेश करना हो, म्यूचुअल फंड या फिक्स्ड डिपॉजिट में पैसा लगाना हो या फिर उनके नाम एक बैंक अकाउंट खोलना हो हर चीज के लिए एक Pan Card की जरूरत पड़ती ही है। हालांकि आज के डिजिटल भारत में अच्छी बात यह है कि बच्चों के लिए Pan Card बनवाना बेहद आसान हो गया है। एक समय था जब इसके लिए कागजी काम और सरकारी दफ्तरों के चक्कर लगाने पड़ते थे। हालांकि अब सब कुछ डिजिटली और बिना कहीं जाए हो जाता है। बच्चों का Pan Card होता है अलग बच्चों का पैन कार्ड देखने में वैसे ही होता है जैसे बड़ों का, लेकिन इसमें कई फर्क होते हैं। सबसे बड़ी बात यह है कि यह पैन कार्ड "माइनर" यानी अवयस्क श्रेणी में आता है, क्योंकि बच्चा 18 साल से छोटा होता है। इस वजह से इसमें बच्चे की फोटो और सिग्नेचर नहीं होते, जबकि नॉर्मल पैन कार्ड में यह जरूरी होते हैं। बच्चे के पैन कार्ड में उसके माता-पिता या अभिभावक का नाम और उनका पैन नंबर जोड़ा जाता है। ऐसा इसलिए क्योंकि वही बच्चे के लिए वित्तीय फैसले लेते हैं। यह पैन कार्ड टैक्स भरने के लिए नहीं, बल्कि निवेश करने, म्यूचुअल फंड या फिक्स्ड डिपॉजिट कराने और बैंक खाता खुलवाने जैसे कामों में काम आता है। बच्चों का Pan Card बनवाने के लिए आपको सबसे पहले:     NSDL (https://www.tin-nsdl.com) या UTIITSL (https://www.utiitsl.com) की ऑफीशियल वेबसाइट पर जाना होगा।     इसके बाद “Apply for New PAN (Form 49A)” पर क्लिक करें।     अब आपको कैटेगरी चुनने के लिए कहा जाएगा। जहां आप “Individual” कैटेगरी को चुन सकते हैं।     अब दिए गए फॉर्म में बच्चे की सारी डिटेल्स जैसे कि पूरा नाम, जन्म तिथि, जेंडर और अन्य जानकारियां ठीक-ठीक भरें। यहां आपको माता-पिता या अभिभावक की भी ठीक-ठीक जानकारी जैसे कि नाम और PAN नंबर भरना जरूरी होता है।     इसके बाद आपको बच्चे और माते-पिता के आईडी प्रूफ जैसे कि बच्चे का जन्म प्रमाणपत्र या आधार कार्ड अपलोड करने होंगे। पते के प्रूफ के तौर पर आप अभिभावक का आधार कार्ड या बिजली/पानी का बिल अपलोड कर सकते हैं। बच्चे का Pan Card बनवाते समय फोटो और सिग्नेचर अपलोड करने के लिए नहीं कहा जाता।     इसके बाद आप 107 रुपये की फीस भरकर अपने फॉर्म को सब्मिट कर सकते हैं। पेमेंट ऑनलाइन क्रेडिट कार्ड, डेबिट कार्ड या नेट बैंकिंग से की जी सकती है।     फॉर्म को सबमिट करने के बाद आपको एक Acknowledgment Number मिलेगा। इसकी मदद से आप अपने बच्चे के PAN CARD के स्टेटस को चेक भी कर पाएंगे।     अगल 15-20 दिनों में आपको बच्चे का PanCard अपने पते पर मिल जाएगा। ध्यान रखने वाली बात बच्चों का पैन कार्ड बनवाते समय कुछ जरूरी बातों का ध्यान रखना चाहिए ताकि आवेदन जल्दी और बिना किसी परेशानी के पूरा हो जाए। सबसे पहले, जो भी जानकारी फॉर्म में भरें, वह बिल्कुल सही होनी चाहिए और बच्चे के डॉक्यूमेंट जैसे आधार कार्ड या जन्म प्रमाणपत्र से मेल खानी चाहिए। इसके अलावा, बच्चे के पैन कार्ड में माता-पिता या अभिभावक की जानकारी देना जरूरी होता है, जिसमें उनका नाम और PAN नंबर शामिल होता है। अगर बच्चे का आधार कार्ड बना हुआ है, तो पैन कार्ड अप्लाई करना और भी आसान हो जाता है क्योंकि ई-केवाईसी के जरिए फिजिकल डॉक्युमेंट भेजने की जरूरत नहीं पड़ती। सबसे जरूरी बात यह है कि जब बच्चा 18 साल का हो जाए, तो उसका पैन कार्ड “मेजर” में अपडेट जरूर करवा लें ताकि उसमें उसका फोटो और सिग्नेचर जुड़ सके।  

मोबाइल टावर से रेडिएशन का खतरा? सरकार से ऐसे मांगें जांच

नई दिल्ली अच्छे मोबाइल नेटवर्क के लिए कंपनियां जगह-जगह पर अपने टावर लगाती हैं। पहले ये मोबाइल टावर रिहायशी इलाकों से दूर लगाए जाते थे, लेकिन अब आपने देखा होगा कि रिहायशी इलाकों में टावर लगे होते हैं। कहा जाता है क‍ि बहुत से लोग किराया पाने के लिए अपने घर की छत पर भी टावर लगवाते हैं। क्या आपको पता है कि आपका पड़ोसी पैसे कमाने के चक्कर में आपकी जिंदगी से खिलवाड़ कर रहा है। ये टावर कई तरह के रेडिएशन फैलाते हैं, जो आपके स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हो सकता है। यही कारण है कि इन्हें रिहायशी इलाकों से दूर रखा जाता है। अगर आप यह जांच करवाना चाहते हैं कि आपके पड़ोसी की छत पर लगा टावर कितना रेडिएशन फैला रहा है तो आपको कहीं जाने की जरूरत नहीं है। आप घर बैठे ही इसके लिए रिक्वेस्ट कर सकते हैं। आइये, रिक्वेस्ट देने पूरा तरीका नीचे जानते हैं। मोबाइल टावर से होने वाली बीमारियां तमाम र‍िपोर्टों के अनुसार, मोबाइल टावर से रेडियो फ्रिक्वेंसी तरंगें निकलती हैं। लंबे समय तक मोबाइल टावर से निकलने वाले रेडिएशन के संपर्क में आने से लोगों में कई स्‍वास्‍थ्‍य संबधी बीमारियां दिखने लगती हैं। लोगों को सिरदर्द होना, थकान होना, नींद की गड़बड़ी जैसी समस्या आ सकती है। अगर आप जानना चाहते हैं कि आपके घर के पास लगा टावर कितना रेडिएशन फैला रहा है तो इसके लिए सरकार से उसका EMF Measurement करा सकते हैं। क्या होता है EMF Measurement? ईएमएफ (विद्युत चुम्बकीय क्षेत्र) मापन, खास सेंसर या मीटर का इस्तेमाल करके किसी दिए गए क्षेत्र में विद्युत चुम्बकीय क्षेत्र की पावर और विशेषताओं को मापने का प्रोसेस है। इसका यूज अक्सर विद्युत उपकरणों, बिजली लाइनों या दूरसंचार उपकरणों से होने वाले रेडिएशन की जांच करने के लिए किया जाता है। EMF मेजरमेंट से स्वास्थ्य जोखिमों और सेफ्टी स्टैंडर्ड के अनुपालन को वेरिफाई करने के लिए किए जाता है। इस सरकारी पोर्टल पर जाकर करें रिक्वेस्ट भारत सरकार के संचार मंत्रालय के Tarang Sanchar पोर्टल पर जाकर EMF Measurement के लिए रिक्वेस्ट डाल सकते हैं। इसके लिए आपको बस कुछ जानकारी भरनी होगी और फिर संबंध‍ित विभाग की तरफ से लोग आकर जांच करेंगे। अगर रेडिएशन पाया गया तो सरकार अपनी ओर से जरूरत के अनुसार एक्शन भी ले सकती है। यह सरकारी पोर्टल आपको अपने फोन से या फिर लैपटॉप से रिक्वेस्ट सबमिट करने की सुविधा देता है। रिक्वेस्ट सबमिट करने के लिए फॉलो करें ये स्टेप्स     ​स्टेप 1- अगर आप किसी टावर के रेडिएशन की जांच कराना चाहते हैं तो आपको सबसे पहले Tarang Sanchar पोर्टल ओपन करना होगा। इसका बाद वेबसाइट पर स्क्रॉल डाउन करके नीचे आएं।     स्टेप 2- अब आपको यहां सबसे अंत में EMF Measurement Request by Public का ऑप्शन मिलेगा। इस पर क्लिक कर दें।     स्टेप 3- फिर आपको कुछ डिटेल भरनी होंगी। आपको नाम, ईमेल आईडी और मोबाइल नंबर डालकर Next बटन पर क्लिक करना होगा।     स्टेप 4- बता दें कि आपको इसके लिए 4000 रुपये फीस देनी होगी। फिर Next बटन पर क्लिक कर दें।     स्टेप 5- अब आगे की प्रोसेस करके जांच के लिए रिक्वेस्ट सबम‍िट कर दें।

EPF सदस्य ध्यान दें: ऑनलाइन ऐसे निकालें अपना खोया हुआ UAN

 नई दिल्ली अगर आप नौकरी करते हैं तो बता दें कि ज्यादातर नौकरी में सैलरी से प्रोविडेंट फंड यानी PF कटता है। यह पैसा कहीं और वहीं बल्कि PF अकाउंट में सेव होता रहता है। जरूरत पड़ने पर आप इसका पूरा पैसा निकाल सकते हैं। आपका यह भी चेक कर सकते हैं कि आपके PF अकाउंट में कितना पैसा है। हालांकि, चाहे पैसे निकालने हों या फिर बैलेंस देखना हो, सबके लिए UAN (Universal Account Number) की जरूरत है। इसके बिना आप PF से जुड़ी कोई भी जानकारी हासिल नहीं कर सकते हैं। यह 12 अंकों का होता है। अगर आपको UAN नहीं पता है तो परेशान न हों EPFO की वेबसाइट पर जाकर अपना UAN पता कर सकते हैं। आइये, पूरा प्रोसेस जानते हैं। ​ क्या होता है UAN? आपकी जानकारी के लिए बता दें कि UAN या यूनिवर्सल अकाउंट नंबर, कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) द्वारा जारी किया जाता है। यह 12 अंकों का नंबर होता है। हर कर्मचारी को UAN दिया जाता है और सभी का एक यूनिक UAN होता है। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि अगर आपने अलग-अलग कंपनियों में काम किया है तो आपका नया PF अकाउंट तो बन सकता है, लेकिन UAN वही रहेगा। सभी PF अकाउंट एक ही UAN से लिंक हो जाएंगे। UAN पता करने के लिए जरूरी चीजें अगर आपको अपना UAN नहीं पता है तो इसका पता लगाने के लिए आप epfo की वेबसाइट पर जा सकते हैं। हालांकि, आपको अपना आधार नंबर, पैन नंबर या फिर मेंबर आईडी पता होनी चाहिए और PF अकाउंट से लिंक मोबाइल नंबर पता होना चाहिए। UAN जानने के लिए फॉलो करें ये स्टेप्स     ​स्टेप 1- UAN पता करने के लिए सबसे पहले EPFO की ऑफिशियल वेबसाइट पर जाएं। इसके बाद आपको सबसे ऊपर Services के ऑप्शन पर क्लिक करना है।     स्टेप 2- यहां For Employees के ऑप्शन पर क्लिक कर दें।     स्टेप 3- अब आपको पेज पर Services के सेक्शन में दिए गए Member UAN/Online Services पर क्लिक करें।     स्टेप 4- ऐसा करते ही आप एक नए पेज पर पहुंच जाएंगे। इस पर राइट साइड में लॉग इन विंडो के नीचे Important Links का सेक्शन मिलेगा।     स्टेप 5- इसमें कई सारे ऑप्शन होंगे। आपको Know Your UAN पर क्लिक करना है।     स्टेप 6- ऐसा करते ही नई विंडो ओपन हो जाएगी। उसमें अपना मोबाइल नंबर और कैप्चा कोड डालें और Request OTP पर क्लिक कर दें।     स्टेप 7- अब आपके नंबर पर एक OTP आएगा। वह डालें इसके बाद आपको अपना नाम, जन्म तिथि, आधार नंबर और कैप्चा कोड डालना होगा।     स्टेप 8- फिर आप Show my UAN पर क्लिक कर दें। इसके बाद स्क्रीन पर आपका UAN आ जाएगा। आधार की जगह डाल सकते हैं ये डिटेल आप आधार कार्ड की जगह पैन नंबर या फिर मेंबर आईडी भी डाल सकते हैं। आधार कार्ड के पास ही बाकी ऑप्शन मिलेंगे। आप अपने अनुसार कोई भी सिलेक्ट कर सकते हैं। हालांकि, आधार नंबर सबसे आसान तरीका है। ज्यादातर लोगों के पास आधार कार्ड नंबर होता है। इस तरह आपको अपना UAN पता चल जाएगा।