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दादा-दादी की संपत्ति पर पोते-पोतियों का अधिकार नहीं, जब तक माता-पिता जीवित हैं – दिल्ली HC

नई दिल्ली दिल्ली हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया कि पोता या पोती अपने माता-पिता के जीवित रहते संपत्ति में हिस्सेदारी का दावा नहीं कर सकते हैं। यह आदेश अदालत ने एक सिविल याचिका को खारिज करते हुए दिया, जिसमें याचिकाकर्ता कृतिका जैन ने अपने पिता राकेश जैन और चाची नीना जैन के खिलाफ दिल्ली की एक संपत्ति में एक चौथाई हिस्सेदारी का दावा किया था। न्यायमूर्ति पुरुषैन्द्र कुमार कौरव ने मामले की सुनवाई करते हुए यह निर्णय सुनाया कि कृतिका के दावे में कोई कानूनी आधार नहीं है। अदालत ने स्पष्ट किया कि कृतिका की दादी-पोती का दर्जा प्रथम श्रेणी की उत्तराधिकारी के रूप में नहीं आता, जब तक उसके माता-पिता जीवित हैं। कोर्ट ने कहा कि कृतिका के दिवंगत दादा पवन कुमार जैना की ओर से जो संपत्ति खरीदी गई थी, हिंदू उत्तराधिकार अधिनियम, 1956 की धारा आठ के तहत केवल उनकी विधवा और संतान में ही विभाजित होती है। अदालत ने कहा कि वर्ष 1956 के बाद से प्रथम श्रेणी उत्तराधिकारी की संपत्ति उनका व्यक्तिगत स्वामित्व बन गई है, जो संयुक्त परिवार की संपत्ति नहीं मानी जाएगी। अदालत ने यह भी साफ किया कि यह निर्णय समाज में व्याप्त भ्रांति को दूर करता है, जहां यह माना जाता था कि पोते-पोतियां अपने दादा-दादी की संपत्ति पर माता-पिता के रहते ही हकदार बन जाते हैं।

लोकतांत्रिक मूल्यों को सर्वोपरि बताया, पीएम मोदी का नेपाल को सशक्त संदेश

नई दिल्ली प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को नेपाल की अंतरिम प्रधानमंत्री बनीं सुशीला कर्की को बधाई दी। उन्होंने कहा कि यह कदम महिलाओं के सशक्तिकरण का चमकदार उदाहरण है। पीएम मोदी ने इंफाल में रैली को संबोधित करते हुए कहा कि भारत और नेपाल के रिश्ते साझा इतिहास, आस्था और संस्कृति पर टिके हुए हैं। उन्होंने कहा कि भारत नेपाल के लोगों के साथ इस परिवर्तन के समय मजबूती से खड़ा है। पीएम मोदी ने कहा, "मैं 140 करोड़ भारतीय की ओर से कर्की को बधाई देता हूं। मुझे भरोसा है कि वह नेपाल में शांति, स्थिरता और विकास का रास्ता खोलेंगी।"   सुशीला कर्की ने संभाली कमान शुक्रवार रात सुशीला कर्की ने नेपाल की पहली महिला अंतरिम प्रधानमंत्री के रूप में शपथ ली। वह नेपाल की पूर्व मुख्य न्यायाधीश भी रह चुकी हैं। उनकी नियुक्ति ने नेपाल की राजनीति में चल रही अनिश्चितता को खत्म किया। केपी शर्मा ओली की सरकार को सोशल मीडिया बैन के खिलाफ बड़े आंदोलन के कारण इस्तीफा देना पड़ा था। राष्ट्रपति पौडेल, सेना के शीर्ष अधिकारियों और आंदोलन का नेतृत्व कर रहे युवाओं की बैठक के बाद कर्की को अंतरिम सरकार की कमान सौंपी गई। पीएम मोदी ने नेपाल की जनता की तारीफ भी की। उन्होंने कहा कि हाल के दिनों में लोग राजनीतिक उथल-पुथल के बावजूद इमारतों को साफ और रंग रोगन कर रहे हैं। पीएम मोदी ने क्या कहा? उन्होंने कहा, "मैं नेपाल की जनता को बधाई देता हूं जिन्होंने कठिन हालात में भी लोकतंत्रिक मूल्यों को सर्वोपरि रखा।" पीएम मोदी ने भरोसा दिलाया कि भारत और नेपाल साथ मिलकर आगे बढ़ रहे हैं और नई दिल्ली नेपाल की लोकतांत्रिक यात्रा व स्थिरता में हर कदम पर उसके साथ खड़ी है।  

सुशीला कार्की के नेतृत्व में नेपाल का विकास युग शुरू, युवाओं में जोश

काठमांडू  जेन-जी के व्यापक विरोध प्रदर्शन के बाद नेपाल में अंतरिम सरकार का गठन हो गया है। सुशीला कार्की को प्रधानमंत्री पद की कमान सौंप दी गई है। हिंसक विरोध प्रदर्शन से उबरने के बाद देश की जनता को नई प्रधानमंत्री से बहुत उम्मीदें हैं। इसी को लेकर नेपाल के कई युवाओं ने मीडिया से बातचीत में अपने विचार साझा किए। उन्होंने विश्वास जताया कि अब देश से भ्रष्टाचार पूरी तरह से समाप्त होगा। निश्चित तौर पर सुशीला कार्की प्रधानमंत्री पद पर रहते हुए देश को विकास के पथ पर अग्रसर करने की दिशा में सक्रिय रहेंगी। दिपेंद्र थामा ने सुशीला कार्की को मौजूदा समय में नेपाल के लिए बहुत बड़ी उम्मीद करार दिया। उन्होंने कहा कि निश्चित तौर पर इस बात को खारिज नहीं किया जा सकता है कि सुशीला कार्की अन्य भ्रष्ट नेताओं से अलग और कई मामलों में बेहतर हैं। हमें उम्मीद है कि वह आगामी दिनों में देश को आगे बढ़ाने की दिशा में संकल्पित होकर काम करेंगी। इसके अलावा, हम सभी युवा अब नेपाल को आगे बढ़ाने की दिशा में पूरी मेहनत कर रहे हैं। हम यह सुनिश्चित कर रहे हैं कि इस दिशा में हम लोगों को किसी भी प्रकार की कमी का सामना नहीं करना पड़े। हम लोग दोबारा से नेपाल को विकास के पथ पर अग्रसर करने का काम करेंगे, हमें पूरा भरोसा है। उन्होंने कहा कि निसंदेह इस बात को खारिज नहीं किया जा सकता है कि इस विरोध प्रदर्शन की वजह से नेपाल के विकास की गति धीमी हो गई है। स्थिति अव्यवस्थित हो चुकी है, लेकिन हमें पूरा विश्वास है कि अगर हम सभी युवा एक साथ आ जाएं तो हम लोग दोबारा से अपने राष्ट्र को खड़ा कर सकेंगे। इस बीच, जब उनसे यह सवाल किया गया कि नेपाल में जेन-जी के विरोध प्रदर्शन के बाद किस तरह के बदलाव देख रहे हैं तो दिपेंद्र थामा ने कहा कि इस बात को बिल्कुल खारिज नहीं किया जा सकता है कि विरोध प्रदर्शन के बाद देश में अब चौतरफा सकारात्मक परिवर्तन देखने को मिल रहा है। अब जितने भी भ्रष्टाचारी नेता थे, उन लोगों में खौफ है। उन्हें इस बात का डर है कि अगर वे कोई गलत काम करने की कोशिश करेंगे तो उन्हें देश के युवाओं के रोष का सामना करना पड़ सकता है। एक अन्य युवा ने सुशीला कार्की की तारीफ की और उन्हें देश के लिए अच्छा नेता बताया। उन्होंने कहा कि सुशीला कार्की के नेतृत्व में देश के विकास को नई गति मिलेगी। निश्चित तौर पर वह हमारे देश के लिए बेहतर साबित हो सकती हैं। उन्होंने कहा कि निश्चित तौर पर नेपाल में विकास की कई संभावनाएं हैं, लेकिन यह अफसोस की बात है कि देश के युवा नशे और नेता भ्रष्टाचार में लिप्त हैं। इसी वजह से आज की तारीख में देश की यह स्थिति बनी हुई है। अगर नेपाल के नेता भ्रष्टाचार में लिप्त नहीं होते तो आज नेपाल की ऐसी स्थिति नहीं होती। 

सरकार का अनोखा कदम: भ्रष्टाचार से निपटने के लिए बनाई AI मंत्री

अल्बानिया दुनिया में पहली बार किसी देश ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) तकनीक की मदद से एक वर्चुअल मंत्री की नियुक्ति की है। यूरोपीय देश अल्बानिया ने भ्रष्टाचार से निपटने और सरकारी कामकाज में पारदर्शिता लाने के लिए एक AI मंत्री को अपनी सरकार में शामिल किया है। इस वर्चुअल महिला मंत्री का नाम ‘डिएला’ है, जिसका मतलब होता है ‘सूर्य’। प्रधानमंत्री एडी रामा ने खुद डिएला की घोषणा करते हुए बताया कि वह कैबिनेट की सदस्य तो होंगी, लेकिन इंसानों की तरह शारीरिक रूप से मौजूद नहीं रहेंगी। डिएला एक AI-बेस्ड वर्चुअल बॉट हैं, जो सरकारी ठेकों में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए काम करेंगी। सरकार का दावा है कि इस पहल से भ्रष्टाचार पर 100% रोक लगाने में मदद मिलेगी। पहले डिजिटल असिस्टेंट, अब मंत्री बनीं डिएला डिएला को सबसे पहले जनवरी 2025 में ई-अल्बानिया प्लेटफॉर्म पर AI डिजिटल असिस्टेंट के रूप में पेश किया गया था। उसे पारंपरिक अल्बानियाई पोशाक पहने एक महिला के रूप में डिज़ाइन किया गया है। उसका मुख्य काम नागरिकों को ऑनलाइन सरकारी सेवाओं और दस्तावेजों तक पहुंचाने में मदद करना था। अब तक डिएला की मदद से:     36,600 डिजिटल दस्तावेज जारी किए जा चुके हैं,     और लगभग 1,000 सरकारी सेवाएं नागरिकों को उपलब्ध कराई गई हैं। भ्रष्टाचार से जूझ रहा है अल्बानिया अल्बानिया लंबे समय से सरकारी ठेकों में भ्रष्टाचार, ड्रग्स और हथियारों की तस्करी, और अंतरराष्ट्रीय अपराधियों के पैसों को वैध करने जैसे गंभीर आरोपों का सामना कर रहा है। जानकार मानते हैं कि यह कदम न सिर्फ देश के अंदर व्यवस्था सुधारने की कोशिश है, बल्कि इसका संबंध यूरोपीय संघ (EU) की सदस्यता की दिशा में की जा रही कोशिशों से भी है। क्या AI मंत्री संविधान के खिलाफ है? जब राष्ट्रपति बाजराम बेगाज से पूछा गया कि क्या एक AI मंत्री की नियुक्ति संविधान के अनुरूप है, तो उन्होंने इस पर कोई सीधा जवाब नहीं दिया। हालांकि, प्रधानमंत्री रामा की सोशलिस्ट पार्टी ने हाल ही में हुए चुनावों में 140 में से 83 सीटें जीतकर बहुमत हासिल किया है। इसलिए वह अकेले ही सरकार चला सकते हैं और सामान्य कानून पास कर सकते हैं। लेकिन संविधान में बदलाव के लिए उन्हें 93 सीटों की जरूरत होगी। EU सदस्यता की ओर बढ़ता अल्बानिया अल्बानिया की सोशलिस्ट पार्टी ने वादा किया है कि वह देश को 2027 तक यूरोपीय संघ का सदस्य बनवाएगी। एक साल पहले EU सदस्यता के लिए बातचीत शुरू हो चुकी है। लेकिन विपक्षी दलों का कहना है कि देश अभी इसके लिए तैयार नहीं है। साफ है कि डिएला की नियुक्ति केवल तकनीकी प्रयोग नहीं, बल्कि एक राजनीतिक और प्रशासनिक सुधार का हिस्सा है। अब देखना यह है कि क्या AI तकनीक वाकई अल्बानिया को भ्रष्टाचार से निजात दिला सकेगी, या यह सिर्फ एक प्रचार अभियान बनकर रह जाएगी।  

विदाई से पहले मानसून का तांडव: 13-18 सितंबर इन राज्यों में बर्फीली बारिश की संभावना

नई दिल्ली  भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने मानसून की विदाई से पहले देश के कई हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। 13 से 19 सितंबर तक पूर्वोत्तर, दक्षिण, पूर्वी, पश्चिम और उत्तर-पश्चिम भारत में तीव्र वर्षा और तेज हवाओं का अनुमान है। उत्तराखंड, बिहार, असम और तमिलनाडु जैसे राज्यों में बाढ़ का खतरा बढ़ सकता है। आइए जानते हैं IMD की ताजा रिपोर्ट। पूर्वोत्तर भारत में बहुत भारी बारिश IMD के अनुसार, 13 से 18 सितंबर तक अरुणाचल प्रदेश में भारी वर्षा के साथ हल्की से मध्यम बारिश होगी। असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में 13 से 16 सितंबर तक बहुत भारी बारिश का अनुमान है। खासकर 13 सितंबर को नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में, जबकि 14-15 सितंबर को असम और मेघालय में भारी वर्षा होगी। अरुणाचल में 18-19 सितंबर को फिर से भारी बारिश की संभावना है।   दक्षिण भारत में तेज हवाओं के साथ बारिश दक्षिणी प्रायद्वीपीय भारत में 13 और 16-19 सितंबर को तमिलनाडु में भारी बारिश और 30-40 किमी/घंटे की तेज हवाएं चलेंगी। तटीय आंध्र प्रदेश और यनम में 13-14 सितंबर, रायलसीमा में 13 सितंबर और तेलंगाना में 13-17 सितंबर तक भारी बारिश होगी। 13 सितंबर को तटीय आंध्र प्रदेश में बहुत भारी वर्षा संभावित है। उत्तरी आंतरिक कर्नाटक में 13-16 सितंबर तक भारी बारिश होगी। तटीय आंध्र और रायलसीमा में अगले 5 दिनों तक 30-50 किमी/घंटे की तेज हवाएं चलने की चेतावनी है। पूर्वी और मध्य भारत में बाढ़ का खतरा पूर्वी और मध्य भारत में 14-16 सितंबर को पश्चिमी मध्य प्रदेश में भारी बारिश होगी। पूर्वी मध्य प्रदेश, विदर्भ और ओडिशा में 13-15 सितंबर, छत्तीसगढ़ में 13-16 सितंबर और बिहार में 13-17 सितंबर तक भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना है। उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में 13-19 सितंबर और झारखंड में 15-17 सितंबर तक भारी वर्षा होगी। अंडमान और निकोबार में 14 और 17-19 सितंबर को बारिश का अनुमान है। पश्चिम और उत्तर-पश्चिम भारत में वर्षा पश्चिम भारत में कोंकण, गोवा, मध्य महाराष्ट्र और मराठवाड़ा में 13-15 सितंबर को हल्की से मध्यम बारिश होगी, जिसमें 14-15 सितंबर को कोंकण और गोवा में बहुत भारी वर्षा संभावित है। उत्तर-पश्चिम भारत में उत्तराखंड में 13 सितंबर को बहुत भारी बारिश, हिमाचल प्रदेश में 13-14 सितंबर और पूर्वी उत्तर प्रदेश में 15-19 सितंबर तक बारिश होगी। कल की बारिश का रिकॉर्ड पिछले 24 घंटों (12 सितंबर 8:30 बजे से 13 सितंबर 8:30 बजे तक) में उत्तराखंड के हरिपुर में 25 सेमी, नरेन्द्रनगर में 23 सेमी और मसूरी में 19 सेमी बारिश दर्ज की गई। उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में बरोभिषा और चेल में 16 सेमी, मराठवाड़ा के पूर्णा में 16 सेमी और पूर्वी मध्य प्रदेश के बिलहरी में 10 सेमी वर्षा हुई।

अच्छा रिश्ता खो दिया – ट्रंप ने भारत को टैरिफ लगाने पर व्यक्त की चिंता

न्यूयार्क  अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि रूसी तेल खरीदने को लेकर भारत पर टैरिफ (शुल्क) लगाना आसान काम नहीं है और यह ‘‘भारत के साथ दरार पैदा करता है।'' ट्रंप ने शुक्रवार को ‘फॉक्स एंड फ्रेंड्स' को दिये साक्षात्कार में कहा, ‘‘देखिए, भारत उनका (रूसी तेल का) सबसे बड़ा ग्राहक है। मैंने भारत पर 50 प्रतिशत टैरिफ लगाया क्योंकि वे रूस से तेल खरीद रहे हैं। यह कोई आसान काम नहीं है। यह एक बड़ी बात है और इससे भारत के साथ दरार पैदा होती है।'' अमेरिकी राष्ट्रपति से पूछा गया था कि रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन पर शिकंजा कसने का क्या मतलब है, जिसके जवाब में ट्रंप ने यह कहा। उन्होंने कहा, ‘‘लेकिन मैं यह पहले ही कर चुका हूं। मैंने बहुत कुछ किया है।'' ट्रंप ने कहा, ‘‘और याद रखें कि यह हमारी समस्या से कहीं अधिक यूरोप की समस्या है।'' साक्षात्कार में, ट्रंप ने अपने इस दावे को भी दोहराया कि उन्होंने राष्ट्रपति के रूप में अपने दूसरे कार्यकाल में अब तक सात संघर्षों को सुलझाया है।   ट्रंप ने कहा, ‘‘मैंने सात संघर्ष सुलझाए हैं। मैंने कई संघर्ष सुलझाए, जिनमें पाकिस्तान और भारत भी शामिल हैं, साथ ही बड़े संघर्ष, जिनमें से कुछ अनसुलझे थे, जैसे कांगो और रवांडा। मैंने उन्हें सुलझाया। यह 31 सालों से चल रहा था, लाखों लोग मारे गए। मैंने ऐसे संघर्ष सुलझाए जो अनसुलझे थे।'' रूस से कच्चे तेल की खरीद का बचाव करते हुए, भारत यह कहता रहा है कि उसकी ऊर्जा खरीद राष्ट्रीय हित और बाजार की गतिशीलता से प्रेरित है।    

भविष्य की वॉर मशीन भारत में: PM मोदी करेंगे दुनिया की सबसे बड़ी रक्षा डील का ऐलान

नई दिल्ली  भारतीय वायुसेना ने रक्षा मंत्रालय को 114 नए राफेल फाइटर जेट खरीदने का आधिकारिक प्रस्ताव भेजा है। यह कदम बताता है कि भारत का भरोसा अब भी फ्रांस के राफेल पर पूरी तरह कायम है। अगर यह डील फाइनल होती है तो यह दुनिया के सबसे बड़े रक्षा समझौतों  में से एक होगी।यह खरीद MRFA (मीडियम रोल फाइटर एयरक्राफ्ट) कार्यक्रम के तहत होगी और इसका अनुमानित मूल्य  2 लाख करोड़ रुपये से अधिक बताया जा रहा है।भारतीय वायुसेना ने 114 विमानों का प्रस्ताव (SoC-Statement of Case)  रक्षा मंत्रालय को भेज दिया है। अब इस पर रक्षा और वित्त मंत्रालय समेत अन्य विभाग विचार करेंगे। इसके बाद यह मामला जाएगा  रक्षा खरीद बोर्ड (DPB) और फिर  रक्षा अधिग्रहण परिषद (DAC)  के पास। मंजूरी मिलते ही औपचारिक डील पर हस्ताक्षर होंगे।   नया F4 वैरिएंट "सुपर राफेल"? फ्रांस की कंपनी  डसॉल्ट एविएशन ने राफेल का एडवांस वैरिएंट  F4  पेश किया है। इसे "सुपर राफेल" कहा जा रहा है क्योंकि:     इसमें बेहतर राडार, इलेक्ट्रॉनिक वारफेयर सिस्टम और नेटवर्क-सेंट्रिक वॉरफेयर क्षमता  है।     इसमें सैटेलाइट कम्युनिकेशन और नए हथियार सिस्टम जोड़े गए हैं।     यह पांचवीं पीढ़ी के फाइटर जेट्स के काफी करीब है, हालांकि इसमें पूरी तरह से "स्टील्थ" तकनीक नहीं है।     F4 जेट्स से भारतीय वायुसेना को  6-7 नए स्क्वाड्रन  मिल सकते हैं।     अभी भारत के पास सिर्फ 2 स्क्वाड्रन राफेल के हैं। भारत के पास  मौजूदा राफेल (F3R वैरिएंट) की खासियत     भारत ने 2016 में फ्रांस से 36 राफेल F3R वैरिएंट खरीदने के लिए लगभग  59,000 करोड़ रुपए की डील की थी।     यह जेट 2020 से भारतीय वायुसेना में शामिल हैं।      भारत के लिए इसमें 13 विशेष बदलाव किए गए।      इसमें लगी SCALP क्रूज मिसाइल  250 किलोमीटर से ज्यादा दूरी तक वार कर सकती है और इसमें 450 किलोग्राम का वारहेड होता है।      चीन के साथ 2020 के लद्दाख विवाद के समय राफेल को तैनात किया गया था।      पाकिस्तान पर ऑपरेशन सिंदूर  के दौरान आतंकवादी ठिकानों पर हमला करने के लिए भी राफेल का इस्तेमाल किया गया।      इन अनुभवों ने राफेल की ताकत और विश्वसनीयता को साबित कर दिया।       दुनिया में F4 की मांग संयुक्त अरब अमीरात (UAE) ने पहले ही फ्रांस से F4 वैरिएंट खरीदने की डील कर ली है। भारत भी अब उसी दिशा में कदम बढ़ा रहा है। यदि यह डील होती है तो भारत उन चुनिंदा देशों में शामिल होगा जिनके पास राफेल का सबसे एडवांस वैरिएंट  होगा।भारत यह डील करता है तो वायुसेना की संख्या और ताकत दोनों बढ़ेगी। भारत के पास ऐसा फाइटर जेट होगा जो आने वाले दशकों तक दुश्मनों पर  स्पष्ट तकनीकी बढ़त बनाए रखेगा। चीन और पाकिस्तान दोनों के लिए यह एक  स्ट्रॉन्ग स्ट्रैटेजिक मैसेज  होगा।

सैनिकों पर खूनी हमला, TTP ने हमले की जिम्मेदारी ली

इस्लामाबाद  पाकिस्तान के अशांत उत्तर-पश्चिमी इलाके में शनिवार तड़के पाकिस्तानी तालिबान (टीटीपी) द्वारा किए गए एक घातक हमले में कम से कम 12 सैनिक मारे गए, जबकि चार अन्य घायल हो गए। स्थानीय प्रशासन और सुरक्षा अधिकारियों ने इस हमले की पुष्टि समाचार एजेंसी एएफपी को की है। जानकारी के अनुसार, यह हमला दक्षिण वजीरिस्तान जिले में सुबह लगभग 4 बजे उस समय हुआ जब सेना का एक काफिला इलाके से गुजर रहा था। स्थानीय सरकारी अधिकारी ने बताया कि “दोनों ओर से भारी हथियारों से फायरिंग की गई, जिसमें 12 सुरक्षाकर्मियों की मौत हो गई और चार घायल हुए।” हमलावर मौके से सेना का हथियार-सामान भी लेकर फरार हो गए। इलाके के सुरक्षा प्रभारी ने भी हताहतों की संख्या की पुष्टि करते हुए कहा कि हमला बेहद योजनाबद्ध और तीव्र था। पाकिस्तानी तालिबान ने ली जिम्मेदारी हमले की जिम्मेदारी आतंकी संगठन पाकिस्तानी तालिबान ने ली है जिसे तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (टीटीपी) भी कहा जाता है। हाल के महीनों में यह हमला खैबर पख्तूनख्वा प्रांत में सबसे घातक घटनाओं में से एक माना जा रहा है। टीटीपी कभी इस क्षेत्र में मजबूत उपस्थिति रखता था, लेकिन 2014 में पाकिस्तानी सेना के बड़े अभियान के बाद उन्हें पीछे हटना पड़ा था। हालांकि, अफगानिस्तान में 2021 में तालिबान की सत्ता में वापसी के बाद से सीमावर्ती इलाकों में आतंकी गतिविधियों में तेजी देखी जा रही है। अफगानिस्तान से तनाव भले ही टीटीपी और अफगान तालिबान अलग-अलग संगठन हैं, लेकिन दोनों के बीच नजदीकी रिश्ते माने जाते हैं। पाकिस्तान लगातार यह आरोप लगाता रहा है कि अफगानिस्तान अपनी जमीन पर सक्रिय आतंकियों को खत्म करने में नाकाम रहा है, जो बाद में पाकिस्तान में हमले करते हैं। वहीं, काबुल प्रशासन इन आरोपों से इनकार करता रहा है। लोगों में बढ़ी आशंका हाल ही में खैबर पख्तूनख्वा के कई जिलों में इमारतों की दीवारों पर टीटीपी का नाम लिखे पोस्टर और नारे (ग्रैफिटी) दिखाई दिए हैं, जिससे आम नागरिकों में भय और यह आशंका बढ़ी है कि कहीं फिर से वह दौर न लौट आए जब तालिबान ने इस क्षेत्र पर कब्ज़ा कर लिया था। एक वरिष्ठ सरकारी अधिकारी ने एएफपी को बताया कि पिछले कुछ महीनों में टीटीपी लड़ाकों की आवाजाही और हमलों की आवृत्ति में काफी वृद्धि हुई है। बढ़ती हिंसा के आंकड़े एएफपी के रिकॉर्ड के मुताबिक, 1 जनवरी 2025 से अब तक खैबर पख्तूनख्वा और बलूचिस्तान में करीब 460 लोग आतंकी हमलों में मारे जा चुके हैं जिनमें अधिकतर सुरक्षा बलों के जवान शामिल हैं। वहीं, इस्लामाबाद स्थित सेंटर फॉर रिसर्च एंड सिक्योरिटी स्टडीज के अनुसार, पिछले वर्ष पाकिस्तान ने लगभग एक दशक की सबसे घातक अवधि झेली थी, जब 1,600 से अधिक लोग हिंसा में मारे गए। इनमें से लगभग आधे सैनिक और पुलिसकर्मी थे।  

नेपाल की नई सत्ता का पहला वार, सुशीला कार्की ने केपी ओली पर कसा शिकंजा

काठमांडू सुशीला कार्की को नेपाल की सत्ता संभाले हुए अभी 24 घंटे भी नहीं हुए हैं और उन्होंने ताबड़तोड़ एक्शन लेना शुरू कर दिया है. नेपाल के पूर्व प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली के ख़िलाफ़ 8 सितंबर को हुई पुलिस दमन के विरोध में एफआईआर दर्ज की गई है. ओली के खिलाफ जघन्य अपराध के आरोप में जांच की मांग करते हुए एफआईआर दर्ज की गई है.  Gen Z के आक्रोश को देखते हुए 9 सितंबर को केपी शर्मा ओली ने प्रधानमंत्री के पद से इस्तीफा दिया था. जुलाई 2024 में उन्होंने प्रधानमंत्री के तौर पर शपथ ली थी और एक साल दो महीने के बाद ही गद्दी छोड़नी पड़ी. अंतरिम सरकार की प्रधानमंत्री सुशीला कार्की कल कर सकती हैं कैबिनेट का विस्तार नेपाल में अंतरिम सरकार की प्रधानमंत्री सुशीला कार्की कल (रविवार) को अपने मंत्रिमंडल का विस्तार कर सकती हैं. सुशीला कार्की शनिवार को पूरे दिन Gen Z प्रतिनिधियों और विभिन्न अन्य राजनीतिक और सामाजिक दलों के साथ विचार-विमर्श में व्यस्त रहीं. उनके इस व्यापक संवाद का उद्देश्य आगामी कैबिनेट विस्तार के लिए सहयोग और समर्थन जुटाना बताया जा रहा है. कार्की के निकट सूत्रों के अनुसार, सरकार के मंत्रिमंडल में शामिल किए जाने वाले नए सदस्यों के नामों पर कल तक अंतिम निर्णय लिया जाएगा. उम्मीद जताई जा रही है कि नामों के ऐलान के साथ उसी दिन नए मंत्रियों का शपथ ग्रहण भी हो जाएगा.  हालांकि, अभी तक इस संबंध में कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है, लेकिन सूत्रों का कहना है कि इस कैबिनेट विस्तार में विभिन्न क्षेत्रीय और जातीय प्रतिनिधियों को शामिल करने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। इससे सरकार की स्थिरता और जनसमर्थन में ग्रोथ होने की उम्मीद है. सुशीला कार्की ने रचा इतिहास 12 सितंबर, 2025 का दिन नेपाल के लिए ऐतिहासिक रहा. क्योंकि पहली बार किसी महिला को नेपाल का सत्ता संभालने का मौका मिला. सुशीला कार्की नेपाल की पहली महिला अंतरिम प्रधानमंत्री बनीं. इससे पहले कभी भी कोई भी महिला ने नेपाल का नेतृत्व नहीं किया था.

उड़ान रद्द, रोड पर सफर: PM मोदी ने मणिपुर में पीड़ितों से की मुलाकात

इम्फाल  भारी बारिश और खराब मौसम भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को मणिपुर जातीय हिंसा के पीड़ितों से मिलने से नहीं रोक सका. पीएम मोदी शनिवार को मणिपुर के इम्फाल पहुंचे तो भारी बारिश हो रही थी. 2023 में जातीय हिंसा भड़कने के बाद यह राज्य का उनका पहला दौरा था. मई 2023 में मणिपुर में घाटी में रहने वाले प्रमुख मैतेई समुदाय और पहाड़ों पर रहने वाले कुकी-जो समुदाय के बीच जातीय संघर्ष छिड़ गया. इस हिंसा में 250 से ज्यादा लोग मारे गए. हिंसा के कारण लगभग 60,000 लोग विस्थापित भी हुए, जो अब भी सरकार द्वारा स्थापित अस्थायी शिविरों में रह रहे हैं. प्रधानमंत्री का पहला पड़ाव पहाड़ी क्षेत्र में स्थित चुराचांदपुर शहर का पीस ग्राउंड था. इसके बाद वे सांस्कृतिक और राजनीतिक महत्व वाले कंगला किले पर पहुंचे. चुराचांदपुर वह स्थान है जहां कुकी-जो लोग रहते हैं, और इम्फाल जो मैतेई लोगों का गढ़ है, दोनों के बीच 61 किमी की दूरी है. अधिकारियों ने प्रधानमंत्री को बताया कि बारिश के कारण चुराचांदपुर तक हेलीकॉप्टर से यात्रा के लिए मौसम अनुकूल नहीं है. रैली स्थल सड़क मार्ग से लगभग डेढ़ घंटे की दूरी पर है. प्रधानमंत्री ने तय किया कि वह सड़क मार्ग से रैली स्थल पहुंचेंगे. सूत्रों ने आगे बताया कि प्रधानमंत्री ने कहा कि चाहे कितना भी समय लगे, वह अवश्य पहुंचेंगे, ताकि लोगों से बातचीत कर सकें. और उन्होंने ऐसा ही किया. पीएम मोदी ने चुराचांदपुर में एक जनसभा को संबोधित करते हुए कहा, 'मैं मणिपुर के लोगों के जज्बे को सलाम करता हूं. इतनी भारी बारिश में भी आप इतनी बड़ी संख्या में यहां आए. मैं आपके प्यार के लिए आपका आभार व्यक्त करता हूं. भारी बारिश के कारण मेरा हेलीकॉप्टर नहीं आ सका, इसलिए मैंने सड़क मार्ग से आने का फैसला किया. आज मैंने सड़क पर जो दृश्य देखे, मेरा दिल कह रहा है कि अच्छा हुआ कि आज मेरा हेलीकॉप्टर नहीं उड़ा और मैं सड़क मार्ग से आया. रास्ते भर तिरंगा हाथ में लिए हुए सभी ने मुझे जो प्यार और स्नेह दिया, मैं इस पल को जीवन में कभी नहीं भूल सकता. मैं सिर झुकाकर मणिपुर के लोगों को नमन करता हूं.' प्रधानमंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि केंद्र सरकार हिंसा प्रभावित राज्य में जीवन को पटरी पर लाने के लिए प्रयासरत है. उन्होंने कहा, 'मणिपुर में जीवन को पटरी पर लाने के लिए भारत सरकार हर संभव प्रयास कर रही है.' प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, 'मैं आज आपसे वादा करता हूं कि मैं आपके साथ हूं. भारत सरकार मणिपुर के लोगों के साथ है.' उन्होंने सभी समूहों से अपने सपनों को साकार करने के लिए शांति का मार्ग अपनाने की अपील भी की.