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उदित प्रधान दुष्कर्म मामले में गिरफ़्तार, NSUI ने तत्काल प्रभाव से किया निलंबित

नई दिल्ली,  एनएसयूआई प्रदेश अध्यक्ष उदित प्रधान को अध्यक्ष पद से निलंबित कर दिया गया है। एनएसयूआई के राष्ट्रीय अध्यक्ष वरुण चौधुरी ने प्रेस वार्ता के जरिए यह जानकारी दी है। चौधरी ने कहा है कि प्रधान के खिलाफ दुष्कर्म की शिकायत मिलने के बाद उन्हें तत्काल प्रभाव से अध्यक्ष पद से निलंबित कर दिया गया है। यहां उल्लेखनीय है कि पीड़िता की शिकायत के बाद भुवनेश्वर में मंचेश्वर थाना पुलिस ने उदित प्रधान को गिरफ्तार कर लिया है। पीड़िता की शिकायत के अनुसार, इस साल 18 मार्च की दोपहर वह अपने एक दोस्त और एक सहपाठी के साथ घुमने के लिए मास्टर कैंटीन स्क्वायर गई थी। वहां सहपाठी ने उदित प्रधान को उनसे मिलवाया। इसके बाद वे उदित की गाड़ी से नयापल्ली के एक होटल में गए। इस दौरान उन्होंने होटल में शराब का सेवन किया। लेकिन पीड़िता ने शराब पीने से मना कर दिया। इसके बाद उदित ने उन्हें सॉफ्ट ड्रिंक पीने के लिए कहा। उसने चतुराई से उसमें कुछ नशा मिलाया और उसे पीने के लिए दे दिया। शीतल पेय पीने के कुछ ही देर बाद उसका सिर घूम गया। इसलिए उसने तुरंत घर छोड़ने के लिए कहा। लेकिन उदित और बाकी लोगों ने उसे जाने नहीं दिया। इसके बाद वह बेहोश हो गई। जब तक उसे होश आया तब तक उसने देखा कि उदित ने उसके साथ कुछ बुरा किया है। बाद में उसे पता चला कि उदित ने उसके साथ दुष्कर्म किया है। जब उसने इस बारे में पूछा तो उदित ने उसे धमकी दी। उन्होंने कहा कि अगर उन्होंने शिकायत की तो उन्हें गंभीर परिणाम भुगतने होंगे। प्राथमिकी में कहा गया है कि पीड़ित डरी हुई थी और चुप रहने के लिए मजबूर थी, क्योंकि उदित एक छात्र नेता था। मंचेश्वर पुलिस ने दुष्कर्म की शिकायत के बाद उदित को रात में गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने आरोपित छात्र नेता के खिलाफ न्याय संहिता 2023 के आधार पर 5 संगीन दफा लगायी है। इसमें दफा 64(1)- जबरन संपत्ति लेना, दफा 123- दुष्कर्म, दफा 296-नशा द्रव्य प्रयोग कर दुष्कर्म करना, दफा 74- अपराध छिपाने या प्रमाण नष्ट करने का प्रयास करने, दफा 351(2) – महिला हिंसा एवं अमानवीय अपराध जैसी संगीन दफा शामिल है, जिसके तहत पुलिस ने मामला दर्ज किया है। वहीं, दूसरी तरफ उदित का परिवार और छात्र कांग्रेस के लगभग 50 सदस्य खबर मिलने के बाद मंचेश्वर पुलिस स्टेशन के सामने एकत्र हुए और विरोध प्रदर्शन किए हैं। वे थाना में घुसने का प्रयास किए मगर पुलिस उन्हें प्रवेश नहीं करने दी।  

ऑनलाइन सट्टेबाजी केस में नया मोड़:Meta और Google को ED ने भेजा समन, हाजिर होने को कहा

नई दिल्ली भारत में टेक्नोलॉजी कंपनियों और कानून विभाग दोनों के बीच टकराव की स्थिति बनती दिख रही है। प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने दुनिया की दो सबसे बड़ी टेक कंपनियों Google और Facebook की पेरेंट कंपनी Meta को समन भेजा है। यह समन भारत में तेजी से फैल रहे अवैध ऑनलाइन सट्टा ऐप्स को प्रमोट और एडवर्टाइज करने के मामले में भेजा गया है। ED की मानें तो Google और Meta ने ऐसे कई ऑनलाइन सट्टा प्लेटफॉर्म्स के विज्ञापन पब्लिश किए और एल्गोरिदम के जरिए उन्हें प्रमोट किया, जिससे उनका एडवर्टाइजमेंट और यूजेस दोनों तेजी से बढ़े। इस तरह के ऐप्स को बढ़ावा देना Prevention of Money Laundering Act (PMLA) के अंतर्गत एक गंभीर अपराध माना जा रहा है। जांच एजेंसी का मानना है कि इन कंपनियों ने सट्टा ऐप्स से एडवर्टाइजमेंट रेवन्यू भी जेनरेट किया है, जिससे मनी लॉन्ड्रिंग जैसी गतिविधियों को बढ़ावा मिला। कब और कहां होनी है पूछताछ? Google और Meta के सीनियर अधिकारियों को 21 जुलाई, 2025 को दिल्ली स्थित ED के मुख्यालय में पेश होने के लिए कहा गया है। उनसे पूछताछ के दौरान यह जानने की कोशिश की जाएगी कि क्या इन कंपनियों को अवैध सट्टा ऐप्स की गतिविधियों की जानकारी थी और क्या उन्होंने जानबूझकर उनके साथ व्यावसायिक संबंध बनाए। हालांकि, यह पहली बार नहीं है जब ED ने सट्टा या ड्रग रैकेट्स से जुड़ी टेक्नोलॉजी या मीडिया फिगर्स पर शिकंजा कसा हो। इससे पहले प्रकाश राज, राणा दग्गुबाती और विजय देवरकोंडा जैसे फिल्म स्टार्स को भी इसी तरह की जांच के लिए बुलाया गया था। अब जांच का दायरा बढ़कर टेक कंपनियों तक पहुंच गया है। सरकार की गाइडलाइंस की अनदेखी? भारत सरकार की ओर से 2022 में सूचना और प्रसारण मंत्रालय ने सभी मीडिया प्लेटफॉर्म्स को निर्देश जारी किया था कि वे सट्टा और जुए से जुड़े ऐप्स के विज्ञापन ना दिखाएं। इसके बावजूद इन प्लेटफॉर्म्स पर ऐसे कई विज्ञापन लगातार देखने को मिले, जिनमें स्किल बेस्ड गेमिंग के नाम पर सट्टे से गतिविधियों को प्रमोट किया गया। इस मामले में अब आगे क्या होगा? ED इन कंपनियों के विज्ञापन डाटा, पेमेंट ट्रांजैक्शन्स और एल्गोरिदमिक प्रिफरेंसेज की गहराई से जांच करेगी। अगर यह पाया गया कि इन कंपनियों ने सट्टा प्लेटफॉर्म्स से पैसा लेकर उन्हें प्रमोट किया, तो उनके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई हो सकती है। यह मामला ना सिर्फ भारत में बल्कि ग्लोबल मार्केट में भी टेक कंपनियों की जवाबदेही और जिम्मेदारियों को लेकर बहस शुरू कर सकता है।

FBI की बड़ी कार्रवाई: अमेरिका में इंसानियत के दुश्मन 8 भारतीय गैंगस्टर गिरफ्तार

कैलिफोर्निया अमेरिका के कैलिफोर्निया राज्य के सैन जोआक्विन काउंटी में पुलिस और FBI ने 8 भारतीय मूल के लोगों को गिरफ्तार किया है। इन पर एक स्थानीय व्यक्ति का अपहरण कर उसे नग्न करके घंटों तक टॉर्चर करने और फिर पैसे ऐंठने का आरोप है। जांच एजेंसियों के मुताबिक, यह   सिर्फ अमेरिका में ही नहीं, बल्कि भारत में भी हत्या और हथियारों के मामलों में शामिल है। गिरफ्तार लोगों के इस गिरोह का सरगना पवित्तर सिंह बताया जा रहा है, जो पंजाब के बटाला में हत्या समेत कई मामलों में भारत में भी वांछित है। FBI ने कहा कि इस गिरोह का नेटवर्क अमेरिका, भारत और कनाडा तक फैला हुआ है। शेरिफ पैट्रिक विथ्रो ने बताया कि उन्हें 21 जून को इस मामले की सूचना मिली थी। जांच के बाद 11 जुलाई को FBI, स्टॉकटन पुलिस, मांटेका पुलिस और काउंटी शेरिफ ऑफिस की संयुक्त SWAT टीम ने छापेमारी कर पांच जगहों पर एक साथ कार्रवाई की। इस दौरान मशीन गन, असॉल्ट राइफल और छत के वेंट में छुपाकर रखा गया 15,000 डॉलर नकद बरामद किया गया। पुलिस ने बताया कि इस गैंग पर अपहरण, फिरौती वसूलने, टॉर्चर, अवैध हथियार रखने, गवाहों को धमकाने, ट्रक हाईजैकिंग, हथियार और ड्रग्स की तस्करी और भारत में राजनीतिक हिंसा जैसे गंभीर आरोप हैं।इस गैंग के अन्य सदस्यों के नाम हैं दिलप्रीत सिंह, सरबजीत सिंह, गुरताज सिंह, अमृतपाल सिंह, विशाल सिंह, अर्शप्रीत सिंह और मनप्रीत रंधावा। FBI ने कहा कि छह आरोपियों को इमीग्रेशन विभाग ने अलग से हिरासत में लिया है। अब FBI भारत और कनाडा के साथ मिलकर आगे की कानूनी कार्रवाई और संभावित प्रत्यर्पण (एक्स्ट्राडिशन) की तैयारी कर रही है। काउंटी डिस्ट्रीक्ट अटॉर्नी रॉन फ्रेटस ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि सभी आठ आरोपियों पर गैंग से जुड़े गंभीर आरोप लगे हैं और इन्हें उम्रकैद हो सकती है, बिना जमानत के। शेरिफ ने कहा “ये लोग जानवर हैं, इन्हें इंसानी जिंदगी की कोई कद्र नहीं है।” पुलिस और FBI ने अमेरिका में रहने वाले भारतीय-अमेरिकी समुदाय से अपील की है कि अगर कोई उनसे उगाही या धमकी मांगता है तो तुरंत गुप्त हेल्पलाइन पर जानकारी

सुप्रीम कोर्ट का फैसला: भाजपा सांसद सूर्या को नहीं मिलेगी तत्काल गिरफ्तारी

नई दिल्ली, सुप्रीम कोर्ट ने भाजपा सांसद तेजस्वी सूर्या को बड़ी राहत दी है। कोर्ट ने किसान आत्महत्या मामले में कर्नाटक सरकार की याचिका को रद्द कर दिया। इससे पहले कर्नाटक हाईकोर्ट ने सांसद सूर्या के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग वाली कर्नाटक सरकार की याचिका खारिज कर दी थी। सूर्या पर हावेरी जिले में एक किसान की आत्महत्या के मामले में फर्जी खबर फैलाने का आरोप था।  मुख्य न्यायाधीश बीआर गवई और के विनोद चंद्रन की पीठ ने कहा कि यह क्या है? मामले का राजनीतिकरण मत कीजिए। अपनी लड़ाई मतदाताओं के सामने लड़िए। पीठ ने राज्य सरकार की अपील खारिज कर दी और कानूनी कार्यवाही के राजनीतिकरण के खिलाफ चेतावनी दी। सूर्या ने किया था ये पोस्ट आठ नवंबर 2024 को तेजस्वी सूर्या ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में दावा किया था कि हावेरी जिले के किसान रुद्रप्पा बालिकाई ने अपनी जमीन पर वक्फ बोर्ड के कब्जे के बाद आत्महत्या कर ली। उन्होंने मुख्यमंत्री सिद्धारमैया और मंत्री बीजेड जमीर अहमद खान पर कर्नाटक में विनाशकारी प्रभाव डालने का आरोप लगाया था। बाद में आया सच सामने सूर्या ने अपनी पोस्ट में एक स्थानीय पोर्टल की खबर का लिंक भी साझा किया था। हालांकि, पुलिस जांच में सामने आया कि किसान ने कर्ज के बढ़ते बोझ के कारण आत्महत्या की थी। इसके बाद उनके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 353 (2) के तहत दर्ज प्राथमिकी की गई थी। अदालत ने दी राहत सूर्या ने एफआईआर को चुनौती देते हुए इसे खारिज करने की मांग की थी। दिसंबर 2024 में कर्नाटक हाईकोर्ट के जस्टिस एम नागप्रसन्ना ने गुरुवार को उनकी याचिका पर फैसला सुनाते हुए एफआईआर रद्द कर दी थी। इसके बाद कर्नाटक सरकार ने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया था। सूर्या के वकील ने यह कहा था सूर्या की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता अरुणा श्याम ने अदालत को बताया कि मृतक किसान के पिता ने कर्नाटक वक्फ बोर्ड की संलिप्तता वाले भूमि विवाद से संबंधित शिकायतें उठाई थीं, जिसके बाद सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर सांसद ने यह पोस्ट किया। हालांकि, हावेरी के पुलिस अधीक्षक अंशु कुमार ने बाद में स्पष्ट किया कि किसान रुद्रप्पा कर्ज के चलते आत्महत्या की। इस स्पष्टीकरण के बाद सूर्या ने पोस्ट डिलीट कर दिया था।  

अग्निवीरों को सम्मान: उत्तराखंड में सरकारी भर्तियों में 10% आरक्षण की योजना

देहरादून  सैनिक के रूप में देश की आन-बान-शान की रक्षा की जिम्मेदारी निभाने के बाद नागरिक जीवन में लौटने वाले पूर्व अग्निवीरों को उत्तराखंड में सरकारी सेवाओं में 10 प्रतिशत का क्षैतिज आरक्षण मिल सकता है। अग्निवीरों के कल्याण और पुनर्वास के लिए उत्तराखंड सरकार विभिन्न विभागों की भर्तियों में क्षैतिज आरक्षण की सुविधा देने की तैयारी कर रही है। कार्मिक विभाग ने इसका प्रस्ताव तैयार कर विधायी विभाग को परामर्श के लिए भेज दिया है। रविवार को कार्मिक विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने इसकी पुष्टि की। उन्होंने 'हिन्दुस्तान' को बताया कि आरक्षण प्रस्ताव पर पिछले कुछ समय से मंथन चल रहा था। विधायी परामर्श के बाद आरक्षण प्रस्ताव को कैबिनेट में मंजूरी के लिए जाया जाएगा। सूत्रों के अनुसार अग्निवीरों को वर्दीधारी सेवाओं में आरक्षण देने की सिफारिश की गई है। उत्तराखंड में पुलिस के साथ ही परिवहन, आबकारी, वन विभाग समेत कई विभाग हैं। अग्निवीर सेना से प्रशिक्षित होने की वजह से प्रवर्तन सेवाओं में बेहतर प्रदर्शन कर सकते हैं। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पिछले साल घोषणा की थी कि अग्निवीरों के सेवा पूरी करने के बाद उनके समायोजन, पुनर्वास के लिए ठोस व्यवस्था की जाएगी। इससे देश की सेवा के लिए समर्पित होने वाले नौजवानों को सेवा अवधि पूरी करने के बाद रोजगार, पुनर्वास के लिए परेशान नहीं होना पड़ेगा। कमेटी दे चुकी है रिपोर्ट मुख्यमंत्री की घोषणा के बाद सरकार ने सैनिक कल्याण सचिव दीपेंद्र चौधरी की अध्यक्षता में एक उच्च स्तरीय कमेटी का गठन किया था। यह कमेटी भी अपनी रिपेार्ट सरकार को सौंप चुकी है। इसमें अग्निवीरों को सेना में सेवा की अवधि के वर्षों की संख्या के अनुसार सरकारी सेवाओं में अधिकतम आयु सीमा में छूट, सेवा से लौटने के बाद शैक्षिक योग्यता बढ़ाने के इच्छुक पूर्व अग्निवीरों को राज्य के शिक्षण संस्थानों की सीटों पर एक तय सीमा तक आरक्षण तथा राज्य की स्वरोजगार और ऋण योजनाओं में भी प्राथमिकता देने की सिफारिश की गई है। वर्ष 2022 में शुरू हुई थी योजना वर्ष 2022 में केंद्र सरकार ने सेना में भर्ती के लिए अग्निपथ योजना शुरू की थी। इस योजना के तहत भर्ती होने युवाओं को अग्निवीर नाम से जाना जाता है। यह सेवा चार साल की है। इसमें 25 प्रतिशत अग्निवीरों को सेना में स्थायी होने का अवसर भी मिलता है। वर्ष 2022 में यह योजना शुरू हुई थी। चार साल पूरे होने पर अग्निवीर वर्ष 2026 से नागरिक जीवन में लौटना शुरू करेंगे। यूपी में भी है 20 पर्सेंट आरक्षण इससे पहले उत्तर प्रदेश सरकार भी राज्य पुलिस बल में अग्निवीरों को 20 फीसदी क्षैतिज आरक्षण दे चुकी है। उन्हें आयु में 3 वर्ष की छूट भी प्रदान की गई है। इसके अलावा राजस्थान और हरियाणा में भी अग्निवीरों को आरक्षण देने की घोषणा की गई है। इसके अलावा कई केंद्रीय बलों में भी उन्हें आरक्षण का लाभ दिया जाएगा।

काडियाना हादसा: यात्रियों से भरी बस मलबे में फंसी, बचाव कार्य जारी

हिमाचल हिमाचल प्रदेश में पिछले कुछ दिनों से लगातार हो रही भारी बारिश ने कहर बरपा रखा है, खासकर जिला सिरमौर में स्थिति गंभीर बनी हुई है। रात भर से जारी मूसलाधार बारिश के कारण कई जगहों पर भूस्खलन हुआ है, जिससे सड़कें बंद हो गई हैं और आम जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। बाल-बाल बची निजी बस में फंसी 15 सवारियां सोमवार सुबह श्रीरेणुकाजी विधानसभा क्षेत्र के संगड़ाह-चढ़ाना सड़क पर एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया। काडियाना नाले में भारी मात्रा में मलबा आने से एक निजी बस फंस गई। बस में करीब 15 सवारियां मौजूद थीं। गनीमत रही कि चालक और परिचालक ने सूझबूझ से काम लिया और सावधानीपूर्वक यात्रियों को इमरजेंसी व चालक के दरवाजे से बाहर निकाला। मलबे की मात्रा इतनी ज़्यादा थी कि बस अपनी जगह से हिल भी नहीं पाई और सवारियों वाली तरफ के दरवाज़े मलबे में बुरी तरह फंस गए थे, जिससे उन्हें खोलना नामुमकिन हो गया था। इस दौरान बस में सवार यात्री काफी दहशत में आ गए थे। बारिश के कारण नेशनल हाईवे 707 और 907-ए पर भी भूस्खलन की घटनाएं सामने आई हैं। जिला सिरमौर के पांवटा साहिब-शिलाई-गुम्मा नेशनल हाईवे 707 सोमवार सुबह शिलाई के पास उत्तरी में भारी भूस्खलन के कारण एक बार फिर बंद हो गया। बड़ी-बड़ी चट्टानें सड़क पर आ गिरने से दोनों तरफ वाहनों का लंबा जाम लग गया है। इसी तरह, नाहन-कुमारहट्टी नेशनल हाईवे 907-ए भी सादना घाट में भारी भूस्खलन के कारण बाधित हो गया है। इन महत्वपूर्ण सड़कों के बंद होने से यातायात बुरी तरह चरमरा गया है। जिला सिरमौर में देर रात से हो रही लगातार बारिश के चलते लोक निर्माण विभाग के अनुसार 20 से अधिक सड़कें अवरुद्ध हो गई हैं। श्रीरेणुकाजी विधानसभा क्षेत्र के तहत आने वाली संगड़ाह-पालर-राजगढ़ सड़क भी भूस्खलन के कारण बंद पड़ी है। सड़कों के बंद होने से न केवल आम लोगों को परेशानी हो रही है, बल्कि स्कूल, कॉलेज और कार्यालय जाने वाले कर्मचारियों को भी भारी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। लगातार हो रही बारिश का असर किसानों की फसलों पर भी पड़ा है। पिछले कई दिनों से हो रही मूसलाधार बारिश के कारण शिमला मिर्च और टमाटर जैसी महत्वपूर्ण फसलें काफी हद तक बर्बाद हो चुकी हैं, जिससे किसानों को भारी आर्थिक नुकसान का सामना करना पड़ रहा है। प्रशासन द्वारा जल्द से जल्द सड़कों को खोलने और राहत कार्यों को तेज़ करने के प्रयास किए जा रहे हैं।  

रियासी में वैष्णो देवी मार्ग पर भूस्खलन का कहर, चार श्रद्धालु घायल

जम्मू जम्मू-कश्मीर के रियासी जिले में वैष्णो देवी मंदिर जाने वाले पुराने मार्ग पर सोमवार को भूस्खलन हो गया। चपेट में आने  चार तीर्थयात्री घायल हो गए। घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। अधिकारियों ने बताया कि यह भूस्खलन त्रिकुटा पहाड़ियों पर स्थित तीर्थयात्रियों के आधार शिविर कटरा शहर में हुई भारी बारिश के कारण हुआ है। यह घटना सुबह लगभग 8.50 बजे बाणगंगा के पास गुलशन का लंगर में हुई। यह यात्रा का प्रारंभिक बिंदु है। यहां ज्यादातर टट्टू सवार पुराने मार्ग पर इकट्ठा होते हैं। अधिकारियों ने बताया कि तुरंत बचाव अभियान शुरू किया गया और चार फंसे हुए तीर्थयात्रियों को निकालकर अस्पताल पहुंचाया गया। अंतिम रिपोर्ट मिलने तक बचाव अभियान जारी था। श्री माता वैष्णो देवी यात्रा मार्ग के बाणगंगा क्षेत्र में भूस्खलन हुआ है। श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड के अनुसार, मलबा हटाने का कार्य जारी है। यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं।

मुंबई हवाई अड्डे पर खतरे से भरा पल: रनवे से फिसली एअर इंडिया की उड़ान

मुंबई कोच्चि से आ रहा एअर इंडिया का एक विमान सोमवार सुबह मुंबई हवाई अड्डे पर रनवे से आगे निकल गया। इसके बाद विमान को जांच के लिए रोक दिया गया। एक एयरलाइन प्रवक्ता ने बताया कि विमान को सुरक्षित रूप से टैक्सी कर दिया गया है। सभी यात्री और चालक दल के सदस्य उतर गए हैं। छत्रपति शिवाजी महाराज अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा (सीएसएमआईए), मुंबई के प्रवक्ता ने बताया कि सभी यात्री और चालक दल सुरक्षित हैं। हवाई अड्डे के मुख्य रनवे 09/27 को मामूली नुकसान की सूचना मिली है। परिचालन जारी रखने के लिए दूसरे रनवे 14/32 को सक्रिय कर दिया गया है। प्रवक्ता ने एक बयान में कहा, '21 जुलाई, 2025 को कोच्चि से मुंबई के लिए उड़ान भरने वाली उड़ान संख्या AI2744 की लैंडिंग के दौरान भारी बारिश हुई। इस वजह से लैंडिंग के बाद विमान रनवे से बाहर निकल गया। बाद में विमान सुरक्षित रूप से गेट तक टैक्सी कर गया। सभी यात्री तथा चालक दल के सदस्य सुरक्षित उतर गए हैं।' सूत्रों के मुताबिक, नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) की एक टीम स्थिति का आकलन कर रही है। विमानन कंपनी के प्रवक्ता ने कहा, 'विमान को जांच के लिए रोक दिया गया है। यात्रियों और चालक दल की सुरक्षा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है।' रांची में एअर इंडिया एक्सप्रेस की फ्लाइट हुई थी कैंसिल इससे पहले एअर इंडिया एक्सप्रेस ने सोमवार को दिल्ली जाने वाली एक उड़ान के यात्रियों को हुई असुविधा पर खेद जताया। एक दिन पहले तकनीकी खराबी के कारण इस उड़ान को रद्द करना पड़ा था। विमानन कंपनी ने कहा कि वह परिचालन की सुरक्षा को प्राथमिकता देती है। दरअसल, रांची-दिल्ली मार्ग पर उड़ान रद्द होने से रविवार शाम रांची में हवाई अड्डे पर अफरा-तफरी मच गई। इस दौरान यात्री एयरलाइन के कर्मचारियों से समय-निर्धारण को लेकर बहस करते देखे गए। एयरलाइन ने क्या कहा? एयरलाइन के एक प्रवक्ता ने कहा, 'रांची से हमारी एक उड़ान तकनीकी समस्या के कारण बोर्डिंग के तुरंत बाद रद्द कर दी गई। मेहमानों को विकल्प दिए गए हैं, जिनमें होटल में ठहरने के साथ अगली उपलब्ध उड़ान की व्यवस्था भी है। उन्हें पूर्ण धनवापसी के साथ टिकट रद्द करने का भी विकल्प दिया गया है। हमें असुविधा के लिए खेद है। हम अपने परिचालन के हर पहलू में सुरक्षा को प्राथमिकता देते हैं।'

बांग्लादेश में वायुसेना का विमान क्रैश: एफ-7 ट्रेनर कॉलेज परिसर में गिरा, एक मृत

ढाका बांग्लादेशी वायुसेना का एक एफ-7 प्रशिक्षण विमान सोमवार को कॉलेज परिसर में हादसे का शिकार हो गया। विमान कॉलेज की बिल्डिंग से जा टकराया। हादसे में एक युवक की मौत हो गई। जबकि चार लोग घायल हो गया। हादसे के वक्त माइलस्टोन कॉलेज में बच्चे मौजूद थे। प्लेन क्रैश होने के बाद स्कूल-कॉलेज में अफरातफरी मच गई। मौके पर अग्निशमन और बचाव दलों ने पहुंचकर बचाव कार्य शुरू कर दिया है। बांग्लादेश सेना के जनसंपर्क कार्यालय ने बताया कि वायुसेना का प्रशिक्षण विमान F-7 BGI ढाका के उत्तरा क्षेत्र के दियाबारी इलाके में माइलस्टोन स्कूल और कॉलेज परिसर में गिर गया। अग्निशमन अधिकारी लीमा खान ने बताया कि हादसे में एक व्यक्ति की मौत हो गई और चार अन्य घायल हो गए। अधिकारियों ने बताया कि प्रशिक्षण विमान ने दोपहर लगभग 1:06 बजे उड़ान भरी थी और उड़ान भरने के तुरंत बाद ही दुर्घटनाग्रस्त हो गया। हादसे के बाद विमान में आग लग गई। आग बुझाने के लिए अग्निशमन दल की आठ दमकल मौके पर पहुंच गईं। माइलस्टोन स्कूल और कॉलेज के प्रवक्ता ने कहा कि विमान स्कूल के गेट के पास गिरा। स्कूल परिसर में जहां विमान हादसा हुआ, वहां कक्षा चल रही थी। घायलों को एक-एक करके बाहर निकाला जा रहा है।

मुंबई ट्रेन विस्फोट मामला: दो दशकों बाद नहीं मिला न्याय, 11 आरोपी सबूतों के अभाव में रिहा

 मुंबई    बॉम्बे हाई कोर्ट ने 11 जुलाई 2006 को हुए भयावह मुंबई लोकल ट्रेन धमाकों के मामले में सोमवार को ऐतिहासिक फैसला सुनाया. हाई कोर्ट ने इस मामले में निचली अदालत की ओर से दोषी ठहराए गए 12 में से 11 आरोपियों को सभी आरोपों से बरी कर दिया है. एक आरोपी की अपील प्रक्रिया के दौरान मृत्यु हो गई थी. यह फैसला 19 साल बाद आया है. हाई कोर्ट की स्पेशल बेंच ने फैसले में कहा कि 'मामले में पेश किए गए सबूत विश्वसनीय नहीं थे' और 'कई गवाहों की गवाही संदेह के घेरे में थी'. अदालत ने यह भी स्वीकार किया कि आरोपियों से जबरन पूछताछ कर उनके बयान लिए गए, जो कानूनन मान्य नहीं हैं. अदालत ने कहा, 'प्रॉसिक्यूशन पूरी तरह असफल रहा' अदालत ने कहा कि आरोपियों के खिलाफ पेश किए गए सबूतों में गंभीर खामियां थीं. पहचान परेड को चुनौती देने के बचाव पक्ष के तर्कों को न्यायसंगत माना गया. कुछ गवाह वर्षों तक चुप रहे और फिर अचानक आरोपियों की पहचान की, जो 'असामान्य' है. कई गवाह ऐसे मामलों में पहले भी पेश हुए थे, जिससे उनकी विश्वसनीयता पर सवाल खड़े हुए. कथित आरडीएक्स और अन्य सामग्री की बरामदगी को लेकर कोई पुख्ता वैज्ञानिक सबूत नहीं पेश किया गया. 'सबूत पुख्ता नहीं थे' न्यायालय ने कहा, 'गवाही, जांच और सबूत पुख्ता नहीं थे. आरोपी यह साबित करने में सफल रहे कि उनसे जबरदस्ती कबूलनामे लिए गए थे.' न्यायाधीशों ने कहा, 'हमने अपना कर्तव्य निभाया है. यह हमारी जिम्मेदारी थी.' वहीं वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए जुड़े दोषी अमरावती, नासिक, नागपुर और पुणे की जेलों से रोते हुए दिखे. किसी ने खुशी नहीं जताई, सभी की आंखों में आंसू थे. सरकारी वकील ने फैसले को बताया 'मार्गदर्शक' वरिष्ठ अधिवक्ता युग मोहित चौधरी, जो इस केस में आरोपियों की तरफ से पेश हुए, ने कहा, 'यह फैसला उन सभी के लिए उम्मीद की किरण है, जो सालों से न्याय का इंतजार कर रहे हैं.' सरकारी वकील राजा ठकारे ने भी फैसले को 'मार्गदर्शक' बताया.