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भारत-जापान के बीच खास दोस्ताना रिश्ता, पीएम मोदी ने बताया ‘मेड फॉर ईच अदर’

अहमदाबाद  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को गुजरात में मारुति सुजुकी ई-विटारा इलेक्ट्रिक एसयूवी और हाइब्रिड बैटरी यूनिट का उद्घाटन किया। इस दौरान उन्होंने भारत और जापान के मजबूत संबंधों का जिक्र करते हुए कहा कि दोनों देशों के रिश्ते 'मेड फॉर ईच अदर' वाले हैं। भारत-जापान के बीच 'पीपल टू पीपल' कनेक्ट बढ़ा है। स्किल और ह्यूमन रिसोर्स से जुड़ी एक-दूसरे की जरूरतों को भी हम पूरा कर पा रहे हैं। आने वाले वर्षों में सभी प्रमुख क्षेत्रों में निरंतर प्रगति की आवश्यकता पर जोर देते हुए प्रधानमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि आज के प्रयास 2047 तक एक विकसित भारत की नींव मजबूत करेंगे। उन्होंने यह विश्वास व्यक्त करते हुए समापन किया कि जापान इस लक्ष्य को प्राप्त करने में एक विश्वसनीय भागीदार बना रहेगा। प्रधानमंत्री ने घोषणा की कि वह अगले हफ्ते जापान जाएंगे। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि भारत और जापान के बीच संबंध सिर्फ कूटनीतिक संबंधों से कहीं आगे तक फैले हैं, यह संस्कृति और आपसी विश्वास पर आधारित है। दोनों देश एक-दूसरे के विकास में अपनी प्रगति देखते हैं। मारुति सुजुकी के साथ शुरू हुआ सफर अब बुलेट ट्रेन की गति तक पहुंच गया है। उन्होंने कहा कि भारत-जापान साझेदारी की औद्योगिक क्षमता को साकार करने की प्रमुख पहल गुजरात में शुरू हुई थी। अतीत को याद करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि 20 साल पहले जब वाइब्रेंट गुजरात शिखर सम्मेलन शुरू हुआ था, तब जापान एक प्रमुख साझेदार था। उद्योग से जुड़े नियम और कानून जापानी भाषा में छपवाए गए, ताकि उन्हें समझना आसान हो। उन्होंने गोल्फ के प्रति जापानियों के लगाव की सराहना की और बताया कि उनके हितों को ध्यान में रखते हुए 7-8 नए गोल्फ कोर्स विकसित किए गए हैं। पीएम मोदी ने आगे बताया कि भारत के कॉलेज और विश्वविद्यालय अब जापानी भाषा की शिक्षा को प्राथमिकता दे रहे हैं। प्रधानमंत्री ने कहा, "भारत के निरंतर प्रयास भारत और जापान के लोगों के बीच आपसी संपर्क को मजबूत कर रहे हैं। दोनों देश अब कौशल विकास और मानव संसाधन के क्षेत्र में एक-दूसरे की जरूरतों को पूरा करने में सक्षम हैं।" उन्होंने मारुति सुजुकी जैसी कंपनियों से ऐसी पहलों में सक्रिय रूप से भाग लेने और युवा आदान-प्रदान कार्यक्रमों को बढ़ावा देने का आग्रह किया। ओसामु सुजुकी को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत सरकार को उन्हें पद्म विभूषण से सम्मानित करने का गौरव प्राप्त हुआ था। उन्हें मारुति सुजुकी इंडिया के लिए ओसामु सुजुकी के विजन के व्यापक विस्तार को देखकर प्रसन्नता हो रही है। उन्होंने बताया कि सुजुकी जापान भारत में निर्माण कर रही है और यहां उत्पादित वाहनों का निर्यात जापान को किया जा रहा है। यह न सिर्फ भारत-जापान संबंधों की मजबूती को दर्शाता है, बल्कि वैश्विक कंपनियों के भारत में बढ़ते विश्वास को भी दर्शाता है। मारुति सुजुकी जैसी कंपनियां प्रभावी रूप से 'मेक इन इंडिया' की ब्रांड एंबेसडर बन गई हैं। यह उल्लेख करते हुए कि मारुति सुजुकी लगातार 4 वर्षों से भारत की सबसे बड़ी कार निर्यातक रही है, प्रधानमंत्री ने घोषणा की कि आज से इलेक्ट्रिक वाहनों का निर्यात भी उसी पैमाने पर शुरू होगा। उन्होंने कहा कि दुनिया भर के दर्जनों देशों में चलने वाले इलेक्ट्रिक वाहनों पर गर्व से 'मेड इन इंडिया' का लेबल लगा होगा। पीएम मोदी ने जोर देकर कहा, "भारत के पास डेमोक्रेसी की मजबूती और डेमोग्राफी का लाभ है। भारत में कुशल कार्यबल का एक विशाल भंडार भी है, जो प्रत्येक भागीदार के लिए जीत की स्थिति पैदा करता है।" भारत की सफलता की कहानी के बीज 12-13 साल पहले बोए गए थे। यह याद करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि 2012 में उनके मुख्यमंत्री कार्यकाल के दौरान हंसलपुर में मारुति सुजुकी को जमीन आवंटित की गई थी। उन्होंने जोर देकर कहा कि उस समय भी, आत्मनिर्भर भारत और मेक इन इंडिया का विजन था। उन्होंने कहा कि वे शुरुआती प्रयास अब देश के वर्तमान संकल्पों को पूरा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों से अपील करते हुए कहा कि आत्मनिर्भर भारत के अभियान को सभी मिलकर आगे बढ़ाएं और वोकल फॉर लोकल बनें। उन्होंने कहा कि स्वदेशी चीजें ही जीवन मंत्र बननी चाहिए। गर्व से स्वदेशी चीजों की तरफ चल पड़ो। उन्होंने कहा, "मेरी स्वदेशी की व्याख्या बहुत साधारण है। पैसा किसका लगता है, उससे मुझे कोई लेना-देना नहीं है। चाहे वह डॉलर हो, पाउंड हो या करेंसी काली हो या गोरी, इससे लेना-देना नहीं है, लेकिन जो प्रोडक्शन है, उसमें पसीना मेरे देशवासियों का होगा। जो प्रोडक्शन होगा, उसमें महक मेरे देश की मिट्टी की होगी। इस भाव के साथ मेरे साथ चलें और 2047 में ऐसा हिंदुस्तान बनाएं कि आने वाली पीढ़ियां आपके त्याग का गर्व करेंगी। आपके योगदान का गर्व करेंगी।" प्रधानमंत्री ने सबसे आखिरी में कहा, "आत्मनिर्भर भारत के मंत्र और स्वदेशी के मार्ग के लिए आज देशवासियों को न्योता देता हूं कि आइए, सभी चल पड़ें और 2047 तक विकसित भारत बनाकर रहेंगे। दुनिया की भलाई में भारत का योगदान बढ़ाते रहेंगे।"

फिर आफत ने दिखाई सूरत, जम्मू-कश्मीर में बादल फटने से घरों को खतरा, राहत कार्य जोरों पर

जम्मू-कश्मीर  जम्मू कश्मीर में एक बार फिर बादल फटने की घटना ने हड़कंप मचा दिया है। मिली जानकारी के अनुसार किश्तवाड़ के बाद अब डोडा में हुई इस प्राकृतिक आपदा ने भारी तबाही के संकेत दिए हैं। इस दौरान भद्रवाह में ऐतिहासिक शिव मंदिर और पांडु गुफा मंदिर भी बाढ़ की चपेट में हैं। मंदिर के पुजारियों और अन्य सदस्यों को सुरक्षित स्थानों पर भेज दिया गया है। प्रशासन ने सभी लोगों से सतर्क रहने की अपील की है।   डोडा जिले में अचानक आई बाढ़ और तेज बारिश के कारण कई परिवार प्रभावित हुए हैं। नेशनल हाईवे बंद हो गया है और सड़कें भी क्षतिग्रस्त हो गई हैं। भारी बारिश का कहर जारी है। स्थानीय प्रशासन और राहत-बचाव टीमें तुरंत घटनास्थल पर पहुंच गई हैं। फंसे हुए लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने के प्रयास जारी हैं। वहीं प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, इस हादसे में अब तक 3 लोगों की मौत हो चुकी है। बताया जा रहा है कि, 2 की मौत कहारा में और 1 की मौत thathri में हुई है। वहीं कई लोग घायल बताए जा रहे हैं।  इस प्राकृतिक आपदा में अब तक 15 रिहायशी मकान ढह चुके हैं और 3 पैदल पुलों को भी नुकसान पहुंचा है। राहत एवं बचाव कार्य जिला प्रशासन द्वारा युद्ध स्तर पर जारी है। डिप्टी कमिश्नर कार्यालय का कंट्रोल रूम पूरी तरह सक्रिय कर दिया गया है।  कटरा-सराज रेलवे स्टेशन के बीच सुरंग संख्या 16 पर जमीन खिसकने से रेलवे सेवाओं को फिलहाल रोक दिया गया है। पटरी पर मलबा गिरने के कारण ट्रेनों की आवाजाही प्रभावित हुई है। रेलवे टीमें पटरी को साफ करने और स्थिति को सामान्य करने में लगी हुई हैं। यात्रियों को अपनी ट्रेनों की स्थिति की जानकारी लेने की सलाह दी गई है। 

भारत की ऊर्जा नीति: रूस से तेल खरीद जारी, सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता

वाशिंगटन  अमेरिका द्वारा भारतीय वस्तुओं पर टैरिफ में बढ़ोतरी के बावजूद भारत ने स्पष्ट कर दिया है कि वह ऊर्जा सुरक्षा के अपने लक्ष्य से पीछे नहीं हटेगा। रूस में भारत के राजदूत विनय कुमार ने साफ कहा है कि भारत तेल वहीं से खरीदेगा जहां से "सर्वश्रेष्ठ सौदा" मिलेगा, चाहे वह रूस हो या कोई और देश। रूसी समाचार एजेंसी TASS को दिए एक इंटरव्यू में राजदूत विनय कुमार ने अमेरिका के टैरिफ बढ़ाने के फैसले की आलोचना करते हुए कहा कि यह कदम "निष्पक्ष व्यापार के सिद्धांतों को कमजोर करता है।" उन्होंने कहा कि अमेरिका का यह फैसला "अनुचित, अविवेकपूर्ण और अनुचित" है। राजदूत की यह टिप्पणी अमेरिका द्वारा भारतीय वस्तुओं पर टैरिफ 25 प्रतिशत से बढ़ाकर 50 प्रतिशत करने के कुछ ही हफ्तों बाद आई है। "भारत की प्राथमिकता है ऊर्जा सुरक्षा" कुमार ने कहा कि भारत की ऊर्जा नीति का केंद्रबिंदु देश की 1.4 अरब आबादी की ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित करना है। उन्होंने दोहराया कि भारत रूस सहित कई देशों से सहयोग के जरिए वैश्विक तेल बाजार में स्थिरता लाने में योगदान दे रहा है। उन्होंने कहा, "भारत सरकार ऐसे सभी कदम उठाएगी जो देश के राष्ट्रीय हितों की रक्षा करें। व्यापार एक वाणिज्यिक प्रक्रिया है और भारतीय कंपनियां वहीं से तेल खरीदेंगी जहां से उन्हें सबसे लाभकारी सौदा मिलेगा।" रूस से बढ़ा तेल आयात, अमेरिका-यूरोप भी कर रहे व्यापार भारत, जो दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा तेल आयातक है, ने 2022 के बाद से रूस से तेल आयात में उल्लेखनीय वृद्धि की है, वह भी रियायती दरों पर। कुमार ने कहा कि अमेरिका और यूरोपीय देश भी रूस से व्यापार कर रहे हैं, इसलिए भारत की नीतियों पर सवाल नहीं उठाया जाना चाहिए। उन्होंने कहा, "हमारा व्यापार पूरी तरह बाजार आधारित है और उद्देश्य भारत के नागरिकों की ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित करना है।"   जयशंकर ने भी जताई नाराजगी विदेश मंत्री एस. जयशंकर भी इससे पहले अमेरिकी टैरिफ में बढ़ोतरी को लेकर नाराजगी जाहिर कर चुके हैं। उन्होंने अमेरिका के फैसले को "अनुचित और पक्षपातपूर्ण" बताया था और कहा था कि भारत किसानों और छोटे उत्पादकों के हितों से समझौता नहीं करेगा। रुपया-रूबल में व्यापार से बढ़ा द्विपक्षीय ऊर्जा व्यापार भारत और रूस के बीच वित्तीय लेनदेन को लेकर भी बड़ी बात सामने आई है। कुमार ने कहा कि दोनों देशों ने रुपया-रूबल में व्यापार के लिए एक स्थिर प्रणाली स्थापित की है। इससे अब तेल भुगतान में किसी प्रकार की समस्या नहीं है। उन्होंने बताया कि "राष्ट्रीय मुद्राओं में व्यापार की यह व्यवस्था रूस पर लगे पश्चिमी प्रतिबंधों के बाद विकसित की गई है और इसने द्विपक्षीय ऊर्जा व्यापार को तेजी से आगे बढ़ाया है।" हालांकि रूस से भारत का तेल आयात काफी बढ़ा है, लेकिन रूसी बाजार में भारत का निर्यात अभी भी अपेक्षाकृत सीमित है। सरकार इस असंतुलन को भी दूर करने की दिशा में काम कर रही है।  

2025 में पाकिस्तान में पोलियो का कहर जारी, दो नई बच्चियाँ हुईं शिकार

पेशावर  पाकिस्तान के स्वास्थ्य अधिकारियों ने खैबर पख्तूनख्वा प्रांत में पोलियो संक्रमण के दो नये मामलों की मंगलवार को पुष्टि की है, जिससे इस वर्ष देश भर में इस घातक बीमारी से पीड़ित लोगों की संख्या 23 हो गई। अफगानिस्तान के अलावा पाकिस्तान एकमात्र ऐसा देश है, जहां पोलियो अब भी महामारी बना हुआ है। पाकिस्तान में पोलियो संक्रमण को समाप्त करने के वैश्विक प्रयासों के बावजूद सुरक्षा संबंधी मुद्दे, टीकाकरण में हिचकिचाहट और गलत सूचना जैसी चुनौतियों ने इसके पूर्ण उन्मूलन की रफ्तार को धीमा कर दिया है। राष्ट्रीय स्वास्थ्य संस्थान (NIH) ने एक बयान में कहा कि टैंक और उत्तरी वजीरिस्तान जिलों में पोलियो के नये मामले में सामने आए हैं। उन्होंने बताया कि दो बच्चियों को पोलियो हुआ है, जिनकी उम्र 16 महीने और दो साल है। बयान में कहा गया, ‘‘इसके साथ ही 2025 में पाकिस्तान में पोलियो के कुल मामलों की संख्या 23 हो गई है, जिनमें खैबर पख्तूनख्वा से 15, सिंध से छह और पंजाब तथा गिलगित-बाल्टिस्तान से एक-एक मामला सामने आया है।''   पोलियो एक लाइलाज बीमारी है, जो आजीवन लकवे का कारण बन सकती है। इसका एकमात्र प्रभावी बचाव हर पोलियो अभियान के दौरान पांच साल से कम उम्र के हर बच्चे को बार-बार मुंह से दी जाने वाली पोलियो की खुराक (ओपीवी) की खुराक देने के साथ-साथ सभी नियमित टीकाकरण को समय पर पूरा करना है। पाकिस्तान में 2023 में पोलियो के छह मामले और 2021 में केवल एक मामला सामने आया है। हालांकि, देश में 2024 में पोलियो के मामलों में वृद्धि हुई है, जहां 74 मामले सामने आए थे।   

मौसम ने बदल दी लद्दाख की तस्वीर, पहली बर्फबारी की खूबसूरत झलकियां

लद्दाख एक तरफ जहां भारी बारिश ने तबाही मचा रखी वहीं लद्दाख में मौसम की पहला बर्फबारी देखने को मिली है। हाल ही में मौसम के पूर्वानुमान के बाद अगस्त में लद्दाख में अप्रत्याशित बर्फबारी हुई है। मनमोहक सोरो घाटी में लोग मौसम की पहली बर्फबारी का आनंद ले रहे हैं, प्रकृति की खूबसूरती बेहतरीन तरीके से निखर रही है।   गौरतलब है कि जम्मू-कश्मीर के साथ-साथ लद्दाख केंद्र शासित प्रदेश के कई इलाकों में बर्फबारी के साथ-साथ इस क्षेत्र में भारी बारिश होने की संभावना मौसम विभाग ने जताई थी। जो अब तक सही साबित हुई है। बर्फबारी और बारिश के कारण इस क्षेत्र में कड़ाके की ठंड पड़ रही है।   

अमेरिका ने जारी किया टैरिफ मसौदा, भारतीय कारोबार पर 27 अगस्त से दिखेगा असर

वाशिंगटन  अमेरिका ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा पहले की गई घोषणा के अनुसार भारतीय उत्पादों पर अतिरिक्त 25 प्रतिशत शुल्क लगाने की योजना का विवरण देते हुए एक मसौदा नोटिस जारी किया है। ये शुल्क 27 अगस्त यानी बुधवार से लागू होंगे। गृह मंत्रालय ने सोमवार को प्रकाशित मसौदा आदेश में कहा कि बढ़ा हुआ शुल्क उन भारतीय उत्पादों पर लागू होगा जिन्हें 27 अगस्त 2025 को ‘ईस्टर्न डेलाइट टाइम' (ईडीटी) के अनुसार रात 12 बजकर एक मिनट या उसके बाद उपभोग के लिए (देश में) लाया गया है या गोदाम से निकाला गया है।'' ट्रंप ने भारत द्वारा रूसी कच्चे तेल की खरीद के लिए भारतीय वस्तुओं पर शुल्क को दोगुना करके 50 प्रतिशत करने की सात अगस्त को घोषणा की थी हालांकि उन्होंने समझौते पर बातचीत के लिए 21 दिन का समय दिया था। यह शुल्क जुलाई के अंत में घोषित 25 प्रतिशत शुल्क के अलावा लगाया जाएगा। जुलाई में घोषित किया गया शुल्क सात अगस्त से लागू हुआ था। अमेरिका के राष्ट्रपति के आधिकारिक आवास एवं कार्यालय ‘व्हाइट हाउस' की प्रेस सचिव कैरोलिन लेविट ने इस महीने की शुरुआत में कहा था कि राष्ट्रपति ट्रंप ने रूस और यूक्रेन के बीच संघर्ष को समाप्त करने के लिए भारत पर प्रतिबंध लगाए हैं।   अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने भारत पर रूसी तेल की खरीद के बाद उसे दोबारा बाजार में बेचकर ‘‘मुनाफा'' कमाने का आरोप लगाया है। वहीं भारत ने अमेरिका द्वारा लगाए गए शुल्कों को ‘‘अनुचित और असंगत'' बताया है। भारत ने कहा है कि हर बड़ी अर्थव्यवस्था की तरह वह भी अपने राष्ट्रीय हितों और आर्थिक सुरक्षा की रक्षा के लिए सभी आवश्यक कदम उठाएगा।  

यूक्रेन ने थामा भारत का हाथ, ज़ेलेंस्की बोले- मोदी दुनिया में शांति ला सकते हैं

यूक्रेन यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने देश के स्वतंत्रता दिवस पर बधाई देने के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का मंगलवार को आभार व्यक्त किया और कहा कि कीव को रूस के साथ युद्ध समाप्त कराने संबंधी ‘‘भारत के योगदान'' पर भरोसा है। जेलेंस्की ने एक सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि यूक्रेन ‘‘शांति और संवाद'' के प्रति भारत के समर्पण की सराहना करता है। यूक्रेनी राष्ट्रपति ने कहा, ‘‘अब, जब पूरी दुनिया इस भयानक युद्ध को गरिमामय तरीके से और स्थायी शांति के साथ समाप्त कराने का प्रयास कर रही है, हमें भारत के योगदान पर भरोसा है।'' उन्होंने कहा, ‘‘कूटनीति को मजबूत करने वाला प्रत्येक निर्णय न केवल यूरोप में, बल्कि हिंद-प्रशांत और उससे परे भी बेहतर सुरक्षा की ओर ले जाता है।'' प्रधानमंत्री मोदी ने 16 अगस्त को यूक्रेन के लोगों के लिए शांति और प्रगति से भरे भविष्य की कामना की तथा स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाओं के लिए ज़ेलेंस्की को धन्यवाद दिया था। इससे पहले जेलेंस्की ने 15 अगस्त को भारत को स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं दी थीं और कहा था कि उन्हें उम्मीद है कि रूस और यूक्रेन के बीच जारी युद्ध को समाप्त कराने के प्रयासों में भारत योगदान देगा। 

SIR विवाद के बीच चुनाव आयोग की सख्ती, मतदाता सूची पर मांगे जवाब

नई दिल्ली  बिहार में मतदाता सूची की विशेष गहन समीक्षा (SIR) को लेकर मचे शोर-शराबे के बीच चुनाव आयोग ने मंगलवार को जनता की अदालत का रुख करते हुए देश के हरेक नागरिक से पांच सवाल पूछे हैं और विशेष पुनरीक्षण कार्य में सहयोग मांगा है। आयोग की तरफ से जारी किए गए इन सवालों का मकसद मतदाता सूची को शुद्ध, पारदर्शी और विश्वसनीय बनाना है, ताकि स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित किए जा सकें। आयोग ने लोगों से कहा है कि अगर वे आयोग के सवालों से सहमत हैं तो इस विशेष पुनरीक्षण कार्य में सहयोग करें। आयोग ने जो पांच अहम सवाल हरेक मतदाता से पूछे हैं, वो इस प्रकार हैं: 1. क्या मतदाता सूची की गहन जाँच होनी चाहिए या नहीं? 2. क्या दिवंगत लोगों के नाम हटाए जाने चाहिए या नहीं? 3. अगर किसी का नाम मतदाता सूची में दो या अधिक स्थानों पर है, तो क्या उसे केवल एक ही स्थान पर रखा जाना चाहिए या नहीं? 4. क्या उन लोगों के नाम हटाए जाने चाहिए जो दूसरी जगह चले गए हैं? 5. क्या विदेशियों के नाम हटाए जाने चाहिए या नहीं? आयोग का साथ देने का आह्वान आयोग ने कहा है कि अगर आपका उत्तर "हाँ" है, तो मतदाता सूची को शुद्ध करने के इस कठिन कार्य में चुनाव आयोग की सफलता में योगदान दें। इस बीच, चुनाव आयोग के अधिकारियों का कहना है कि सूची की शुद्धता सुनिश्चित करने और चुनाव प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए पिछले छह महीने में सभी दलों के साथ संवाद की नयी व्यवस्था के साथ 28 ठोस कदम उठाए गए हैं जिससे बिहार में सूची की सफाई का काम सहज ढंग से चल रहा है। राजनीतिक दलों के साथ 4719 बैठकें आयोग ने पिछले छह महीने से राजनीतिक दलों के साथ उप-मंडल, जिला, प्रदेश और राष्ट्रीय स्तर पर राजनीतिक दलों के साथ व्यवस्थित बैठक का कार्यक्रम चलाया है। मार्च में सभी राज्यों में उप-मंडल पर मतदाता-पंजीयन अधिकारियों (ईआरओ) से लेकर राज्य स्तर पर मुख्य चुनाव अधिकारियों ने राजनीतिक दलों के साथ 4719 बैठकें आयोजित की । इनमें विभिन्न दलों के कुल 28,000 प्रतिनिधियों ने भाग लिया। इनमें 40 बैठकें मुख्य चुनाव अधिकारियों ने, 800 जिला निर्वाचन अधिकारियों और 3879 मतदाता पंजीयन ने ली थी। महज 10 दावे और आपत्तियां ही मिलीं आयोग ने यह भी कहा है कि 25 अगस्त की सुबह तक सभी राजनीतिक दलों से प्रारूप नामावली से जुड़े महज 10 दावे और आपत्तियां ही आयोग को प्राप्त हुई हैं। चुनाव आयोग के सूत्रों ने बताया कि सभी 10 दावे और आपत्ति क्षेत्रीय पार्टी कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ़ इंडिया (मार्क्सवादी- लेनिनवादी) के बीएलओ के माध्यम से प्राप्त हुई हैं। आयोग के सूत्रों ने कहा कि आपत्तियों के निष्पादन की प्रक्रिया जारी है। आयोग ने सकी जानकारी सुप्रीम कोर्ट को भी दी है। आयोग ने ये भी कहा है कि बिहार में SIR के तहत मतदाता सूची के संशोधन में लोगों के नाम हटाने और योग्य मतदाताओं के नाम शामिल करने का आवेदन देने के लिए सिर्फ पांच दिन बचे हैं लेकिन राजनीतिक दल आपत्तियां दर्ज कराने में नदारद रहे हैं।  

कर्मचारियों के पक्ष में सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला, आउटसोर्सिंग पर जताई चिंता

नई दिल्ली  सरकार संवैधानिक नियोक्ता है और वह आउटसोर्सिंग पर लोगों को नौकरी पर रखकर शोषण नहीं कर सकती। सुप्रीम कोर्ट ने लंबे समय तक एडहॉक पर रखने के बाद कर्मचारियों को नियमित रोजगार न देने और आर्थिक तंगी का हवाला देने पर यह बात कही। बेंच ने ऐतिहासिक निर्णय में स्पष्ट किया कि सार्वजनिक संस्थान वित्तीय तंगी या रिक्तियों की कमी जैसे बहाने बनाकर लंबे समय से काम कर रहे अस्थायी कर्मचारियों को नियमितीकरण और वेतन में समानता से वंचित नहीं कर सकते। यह फैसला जस्टिस विक्रम नाथ और संदीप मेहता की पीठ ने उत्तर प्रदेश उच्च शिक्षा सेवा आयोग के दैनिक वेतन भोगी कर्मचारियों द्वारा दायर अपील पर सुनाया। इन कर्मचारियों का कहना था कि हम सालों से काम कर रहे हैं, लेकिन हमें नियमित करने से सरकार ने इनकार कर दिया है। इसके अलावा वेतन भी हमें बहुत कम मिल रहा है, जबकि इसी पद के नियमित कर्मचारियों का वेतन कहीं ज्यादा है। बेंच ने कहा कि आउटसोर्सिंग एक ढाल नहीं बन सकती, जिसका इस्तेमाल करते हुए स्थायी कार्यों में लगे कर्मचारियों को उचित वेतन और नौकरी से वंचित रखा जाए। अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि राज्य (संघ और राज्य सरकारें)कोई प्राइवेट कंपनियों की तरह मार्केट प्लेयर नहीं हैं बल्कि संवैधानिक नियोक्ता हैं। उन्हें फंड की कमी जैसी बात उन लोगों के लिए नहीं करनी चाहिए, जो सरकार के बुनियादी और जरूरी कामों को अंजाम दे रहे हैं। बेंच ने कहा कि यदि कोई काम लगातार चल रहा है तो फिर संस्थान को उसके संबंध में पद भी निकालने चाहिए और लोगों को नियमित भर्ती देनी चाहिए। दरअसल उत्तर प्रदेश उच्च शिक्षा सेवा आयोग के दैनिक वेतन भोगी कर्मचारियों ने खुद को नियमित किए जाने की अपील कमिशन से की थी। इस अपील को खारिज कर दिया गया और कहा गया कि फंड की कमी है। इसी के खिलाफ वकील श्रीराम पाराक्कट के माध्यम से इन कर्मचारियों ने शीर्ष अदालत का रुख किया। इस पर बेंच ने सरकारी संस्थानों को नसीहत दी है। जस्टिस नाथ ने अपने फैसले में लिखा कि यदि लंबे समय तक चलने वाले नियमित कामों में अस्थायी कर्मचारियों को रखा जाता है तो इससे लोक प्रशासन में भरोसा भी कम होता है। इसके अलावा समानता के अधिकार और उसके संरक्षण के वादे का भी हनन होता है। बेंच ने कहा कि संस्थानों को यह भी बताना चाहिए कि नियमित कामों के लिए भी वे पद मंजूर ना करते हुए क्यों अस्थायी कर्मचारी रख रहे हैं। बेंच ने कहा कि असुरक्षा के दायरे में रहते हुए आखिर कोई कब तक नौकरी कर सकता है। अदालत ने कहा कि एडहॉक व्यवस्था तब चलती है, जब पारदर्शिता की कमी हो जाती है।  

भारी बारिश और भूस्खलन से जम्मू में तबाही, अर्धकुवारी के पास यात्रा ट्रैक बंद

कटरा  जम्मू में लगातार तीसरे दिन बारिश से हालात बद्तर होते जा रहे हैं. डोडा में बादल फटने की घटना से भी भारी तबाही हुई. इस प्राकृतिक आपदा के कारण 10 से ज्यादा मकान तबाह हो गए हैं, जिससे स्थानीय निवासियों के बीच दहशत का माहौल है. इसी के चलते वैष्णो देवी यात्रा को फिलहाल रोक दिया गया है. जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग पर यातायात स्थगित बता दें कि डोडा जिले के थाथरी उप-मंडल में बादल फटने से भारी तबाही हुई. गनीमत ये है कि इस घटना में अभी तक किसी के हताहत होने की सूचना नहीं मिली है, लेकिन प्रभावित क्षेत्र में राहत और बचाव का काम तेजी से शुरू कर दिया गया है. वहीं, जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग पर यातायात स्थगित कर दिया गया. जम्मू की लगभग सभी नदियां और नाले खतरे के निशान से ऊपर या उसके करीब बह रहे हैं, जिससे शहर और अन्य स्थानों पर कई निचले इलाके और सड़कें जलमग्न हो गई हैं. रामबन जिले के चंदरकोट, केला मोड़ और बैटरी चश्मा में पहाड़ियों से पत्थर गिरने के बाद आज सुबह एहतियात के तौर पर 250 किलोमीटर लंबे जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग पर यातायात रोक दिया गया. बारहमासी राजमार्ग पर रोकी गई आवाजाही देश के बाकी हिस्सों से जोड़ने वाले एकमात्र बारहमासी राजमार्ग पर वाहनों की आवाजाही जम्मू के उधमपुर और कश्मीर के काजीगुंड में रोक दी गई है. अधिकारियों ने बताया कि मोधोपुर बैराज का जलस्तर एक लाख क्यूसेक के स्तर को पार कर गया है और लगातार बढ़ रहा है, जिससे कठुआ जिले में रावी नदी के किनारे कई निचले इलाकों में भारी बाढ़ आ गई है. कठुआ में तराना नदी, उज्ह नदी, मग्गर खाद, सहार खाद, रावी नदी और उनकी सहायक नदियों का जलस्तर एक साथ बढ़ रहा है और खतरे के निशान के करीब पहुंच रहा है. तवी नदी उधमपुर जिले में 20 फुट खतरे के निशान को पार कर गई है, जबकि जम्मू में यह फिलहाल चेतावनी स्तर से नीचे बह रही है. चेनाब नदी भी जम्मू में चेतावनी स्तर के करीब बह रही है. 27 अगस्त तक के लिए अलर्ट मौसम पूर्वानुमान में 27 अगस्त तक जम्मू, सांबा, कठुआ, रियासी, उधमपुर, राजौरी, रामबन, डोडा और किश्तवाड़ जिलों में कई स्थानों पर मध्यम से भारी बारिश होने तथा ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बादल फटने, अचानक बाढ़ आने और भूस्खलन की संभावना जताई गई है. हाईवे बहा, इमारतें-दुकानें ढहीं, फुट ब्रिज भी नदी में समाया… कुल्लू-मनाली में बारिश का रौद्र रूप हिमाचल प्रदेश के कुल्लू में लगातार हो रही भारी बारिश ने हालात बेहद गंभीर बना दिए हैं. व्यास नदी में आए उफान ने यहां के कई इलाकों को प्रभावित किया है. कुल्लू-मनाली एनएच3 का लगभग 3 किलोमीटर बड़ा हिस्सा बह गया है. नदी का रुख अब एनएच की तरफ मुड़ गया है, जिससे सड़क के साथ बने एक निजी होटल को भी खतरा पैदा हो गया है. मनाली के बाहंग क्षेत्र में एक और दो मंजिला इमारत पानी की भेंट चढ़ गई. लगातार हो रहे भूस्खलन से स्थिति और बिगड़ती जा रही है. इससे पहले सुबह यहां 2 रेस्टोरेंट और 2 दुकानें भी गिर चुकी थीं. अब व्यास नदी के जलस्तर बढ़ने से एक और दो मंजिला इमारत धराशायी हो गई. दवाड़ा के पास ब्यास नदी पर बना फुट ब्रिज भी नदी की तेज लहरों में समा गया. यह पुल लारजी पावर हाउस के नदी के दूसरे छोर पर बने भवन तक जाने का साधन था. जल स्तर बढ़ने के कारण पानी पुल तक पहुंच गया और कुछ ही देर में पूरा फुट ब्रिज धराशायी हो गया. ब्यास नदी का पानी अब हाईवे तक आ पहुंचा है. दवाड़ा के पास नेशनल हाईवे का एक बड़ा हिस्सा भी बह गया है. प्रशासन का कहना है कि नदी के जल स्तर में यह बढ़ोतरी लारजी पावर हाउस के लिए भी खतरा पैदा कर रही है. वर्ष 2023 में भी यहां कुछ ऐसे ही हालात बने थे, जब पावर हाउस को भारी नुकसान उठाना पड़ा था. इस बार भी खतरा बना हुआ है. पंडोह डैम से पानी छोड़ा गया ब्यास नदी के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए बीबीएमबी (भाखड़ा ब्यास मैनेजमेंट बोर्ड) ने पंडोह डैम के सभी पांच गेट खोल दिए हैं. डैम से करीब 90 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है. पानी में सिल्ट की मात्रा अत्यधिक होने के कारण बग्गी टनल के लिए जाने वाली सप्लाई को रोकना पड़ा है, जिससे विद्युत उत्पादन भी बंद हो गया है. बीबीएमबी ने बताया कि ब्यास नदी में जो भी पानी आ रहा है, उसे सीधे नदी में ही छोड़ा जा रहा है. पानी के फ्लो को देखते हुए डैम की फ्लशिंग का काम भी शुरू कर दिया गया है. प्रशासन ने जारी किया अलर्ट डीसी मंडी अपूर्व देवगन ने लोगों से अपील की है कि वे ब्यास नदी और अन्य नदी-नालों के पास न जाएं. उन्होंने कहा कि सुरक्षा की दृष्टि से 27 अगस्त सुबह तक पंडोह डैम की फ्लशिंग जारी रहेगी. इस दौरान लोगों को खास एहतियात बरतने की जरूरत है. लगातार हो रही बारिश, भूस्खलन और नदी के उफान से कुल्लू-मनाली क्षेत्र में जनजीवन प्रभावित है. प्रशासन हालात पर नजर बनाए हुए है, लेकिन ब्यास नदी के तेज बहाव ने खतरा और बढ़ा दिया है.