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हिमाचल में भारी बारिश की चेतावनी, मॉनसून फिर पकड़ रहा रफ्तार

हिमाचल  हिमाचल प्रदेश में मॉनसून एक बार फिर जोर पकड़ने वाला है। मौसम विभाग ने राज्य में 26 जुलाई से 30 जुलाई तक लगातार पाँच दिनों तक भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। इसे देखते हुए येलो अलर्ट भी जारी किया गया है, जिसका मतलब है कि लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है। हालांकि, आज (गुरुवार, 24 जुलाई) और कल (शुक्रवार, 25 जुलाई) कुछ राहत मिलने की उम्मीद है, जब हल्की से मध्यम बारिश होने का अनुमान है। पिछले 24 घंटों में कहाँ कितनी बारिश हुई? मौसम विभाग की ताज़ा रिपोर्ट के अनुसार, पिछले 24 घंटों में राज्य के कई हिस्सों में अच्छी बारिश दर्ज की गई है। कांगड़ा जिले के नगरोटा सुरियाँ में सबसे ज्यादा 55 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई। इसके अलावा, बिलासपुर के नैना देवी में 33 मिमी, गुलेर में 29 मिमी, नाहन में 28 मिमी, मुरारी देवी में 22 मिमी, घुमरूर में 19 मिमी, कसौली में 18 मिमी और भटियात में 14 मिमी वर्षा हुई है। यह बारिश भले ही राहत भरी रही हो, लेकिन आने वाले दिनों में और भी तेज़ बारिश की आशंका है। राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र के मुताबिक, भारी बारिश और भूस्खलन के कारण हिमाचल प्रदेश में जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। नेशनल हाईवे सहित कुल 311 सड़कें अभी भी बंद पड़ी हैं। मंडी जिले में सबसे ज्यादा 184 सड़कें ठप हैं, जबकि कुल्लू में 71 और सिरमौर में 22 सड़कों पर यातायात रुका हुआ है। मंडी के कोटली क्षेत्र में नेशनल हाईवे-70 भी बंद है, जिससे आवाजाही में काफी परेशानी हो रही है। बिजली और पानी की आपूर्ति भी प्रभावित सड़कों के साथ-साथ बिजली और पानी की व्यवस्था भी चरमरा गई है। पूरे प्रदेश में 65 बिजली ट्रांसफार्मर खराब हो गए हैं, जिससे कई इलाकों में बिजली गुल है. इसके अलावा, 221 पेयजल योजनाएं भी प्रभावित हुई हैं, जिससे पीने के पानी की किल्लत हो गई है. मंडी जिले में 49 ट्रांसफार्मर और 65 पानी की स्कीमें ठप हैं। चंबा जिले के तीसा उपमंडल में 10 ट्रांसफार्मर खराब होने से बिजली आपूर्ति बाधित है. चंबा में 60, कांगड़ा में 59 और सिरमौर में 34 पानी की स्कीमें बंद पड़ी हैं। मॉनसून सीजन में अब तक की आपदाएँ मॉनसून सीजन में हिमाचल प्रदेश को अब तक कई प्राकृतिक आपदाओं का सामना करना पड़ा है। राज्य में 26 भूस्खलन, 42 फ्लैश फ्लड (अचानक आई बाढ़) और 24 बादल फटने की घटनाएं दर्ज की गई हैं। अकेले मंडी जिले में बादल फटने की 15, फ्लैश फ्लड की 11 और भूस्खलन की 4 घटनाओं ने सबसे ज्यादा तबाही मचाई है। इन घटनाओं से जान-माल का काफी नुकसान हुआ है और राहत कार्य जारी हैं। प्रशासन लोगों से सतर्क रहने और सुरक्षित स्थानों पर रहने की अपील कर रहा है।  

फ्री ट्रेड एग्रीमेंट साइन: मोदी बोले– भारत में अब यूके प्रोडक्ट किफायती दामों पर

नई दिल्ली प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ब्रिटेन के दो दिनों के दौरे पर हैं. इस दौरान उन्होंने ब्रिटिश पीएम किएर स्टार्मर से लंदन में मुलाकात की, जहां द्विपक्षीय वार्ता के दौरान दोनों ने फ्री ट्रेड डील (FTA) समझौते पर साइन किए. जिसका उद्देश्य भारत-ब्रिटेन व्यापक रणनीतिक साझेदारी को बढ़ावा देना है. इस मौके पर प्रेस को संबोधित करते हुए पीएम ने स्टार्मर के जोरदार स्वागत के लिए आभार जताया और उन्होंने ऐतिहासिक द्विपक्षीय वार्ता के दौरान साइन किए गए फ्री ट्रेड डील की भी तारीफ की. ये हमारे उपभोक्ताओं के लिए अच्छा सौदा होगा, क्योंकि इससे कपड़ों और जूतों की कीमतें कम हो जाएंगी. साथ ही भारत के सी फूड को ब्रिटेन की मार्केट में नए अवसर मिलेंगे. भारत के हर वर्ग के लिए ये समझौता लाभकारी होगा. इस समझौते के यूके की अर्थव्यवस्था को लाभ होगा और भारत का निवेश भी बढ़ेगा. ये समझौते वैश्विक स्थिरता को भी बल देंगे. अब यूके के प्रोडक्ट सस्ते मिलेंगे. दोस्तों शिक्षा के क्षेत्र में भी दोनों देश मिलकर नया अध्याय लिख रहे हैं. यूके की छह यूनिवर्सिटी भारत में कैंपस खोल रही हैं, पिछले दिनों गुरुग्राम में कैंपस खोला है. दोस्तों पहलगाम में हुए आतंकी हमले की निंदा के लिए हम स्टार्मर का आभार जताते हैं.हम रूस और यूक्रेन में चल रहे संघर्ष के साथ-साथ मिडिल ईस्ट की स्थिति पर भी विचार साझा करते रहे हैं. आज विस्तारवादी सोच नहीं विकासवादी सोच का दौर है.  भारत-ब्रिटेन मुफ्त व्यापार समझौते (FTA) के लिहाज से उनके इस दौरे को काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है. पीएम मोदी ब्रिटेन के किंग चार्ल्स तृतीय से मुलाकात करेंगे. इस दौरान पीएम मोदी और स्टार्मर द्विपक्षीय संंबंधों पर चर्चा करेंगे.  भारत के साथ फ्री ट्रेड डील पर साइन करने के बाद ब्रिटिश प्रधानमंत्री किएर स्टार्मर ने कहा कि भारत के साथ एक ऐतिहासिक समझौते का मतलब ब्रिटेन में रोजगार, निवेश और विकास है. इससे ब्रिटेन में हजारों नौकरियां पैदा होंगी. फ्री ट्रेड डील से कारोबार के नए अवसर पैदा होंगे और कामकाजी लोगों की जेब में पैसा आएगा. ये हमारी काम करने की नीति में बड़ा बदलाव है. इससे पहले उन्होंने कहा कि भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ वे जिस ऐतिहासिक मुक्त व्यापार समझौते पर हस्ताक्षर करने जा रहे हैं, नौकरियों और आर्थिक विकास के लिए वह एक बड़ी जीत है. इस समझौते के तहत टैरिफ में कटौती से कपड़े, जूते और खाद्य उत्पादों की कीमतें सस्ती होंगी.  भारत को क्या फायदा ब्रिटेन का कहना है कि एफटीए से भारत के लोगों को बहुत फायदा होगा। उन्हें ब्रिटेन के अच्छे प्रोडक्ट्स आसानी से मिल पाएंगे। जैसे कि सॉफ्ट ड्रिंक, कॉस्मेटिक्स, कारें और मेडिकल डिवाइस। FTA लागू होने के बाद, इन चीजों पर लगने वाला टैक्स 15% से घटकर 3% हो जाएगा। इससे ये चीजें सस्ती हो जाएंगी। अभी भी ब्रिटेन भारत से 11 अरब पाउंड का सामान खरीदता है। लेकिन टैक्स कम होने से ब्रिटेन के लोगों और कारोबारियों के लिए भारतीय सामान खरीदना और भी आसान हो जाएगा। इससे भारतीय कारोबारियों को भी फायदा होगा, क्योंकि वे ब्रिटेन को ज्यादा सामान बेच पाएंगे। ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टारमर ने कहा, "भारत के साथ हमारा यह बड़ा व्यापार समझौता ब्रिटेन के लिए बहुत बड़ी जीत है। इससे ब्रिटेन में हजारों नौकरियां पैदा होंगी, कारोबार के नए मौके मिलेंगे और देश के हर कोने में विकास होगा। यह हमारी बदलाव की योजना को पूरा करेगा।" ट्रेड के इतर यह समझौता सिर्फ व्यापार तक ही सीमित नहीं रहेगा। 2035 के लिए जो नई योजना बनाई जा रही है, उसमें दोनों देश मिलकर तरक्की करेंगे, नई चीजें खोजेंगे और अपनी सेना को भी मजबूत करेंगे। इसके लिए एक नया डिफेंस इंडस्ट्रियल रोडमैप बनाया जाएगा। अधिकारियों का कहना है कि भारत और ब्रिटेन ने बातचीत के दौरान एक-दूसरे की राजनीतिक संवेदनशीलता का सम्मान किया है। ब्रिटिश सरकार ने समझौते पर हस्ताक्षर से पहले एक बयान में कहा, "हमने भ्रष्टाचार विरोधी, श्रम अधिकार, जेंडर और डेवलपमेंट पर मुक्त व्यापार समझौते में भारत के पहले अध्यायों को सुरक्षित करते हुए अपने मूल्यों का समर्थन किया है. यह अध्याय महिलाओं के लिए यूके-भारत FTA के पूर्ण लाभों तक पहुंचने के अवसरों को बढ़ाएगा. यह महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण को भी आगे बढ़ाएगा और व्यापार के माध्यम से लैंगिक समानता को बढ़ावा देगा." समझौते में टैरिफ में कटौती शामिल है. भारत ब्रिटेन की तुलना में काफी अधिक संरक्षणवादी अर्थव्यवस्था है, और उसने अपने 90 प्रतिशत टैरिफ में कटौती की है. इससे यूके से भारत आने वाले उत्पादों पर औसत टैरिफ 15 प्रतिशत से घटकर 3 प्रतिशत हो जाएगा. बदले में, ब्रिटेन – जो पहले से ही भारत से सालाना 11 अरब यूरो मूल्य का सामान आयात करता है – भारतीय निर्माताओं को अधिक बाजार पहुंच प्रदान करेगा. अब कपड़े-जूते समेत ये चीजें हो जाएंगी सस्‍ती, देखें लिस्‍ट!  भारत-यूके बीच इस डील से दोनों देशों के आम लोगों के लिए भी बहुत फायदेमंद होगा. दवाई से लेकर इलेक्‍ट्रॉनिक और फैशन तक के सामान सस्‍ते हो जाएंगे. हालांकि कुछ चीजें महंगे भी होंगे, जो आम लोगों की जेब पर सीधा असर डालेगा.  इस डील को लेकर चर्चा की शुरुआत जनवरी 2022 में तत्कालीन ब्रिटिश पीएम बोरिस जॉनसन के कार्यकाल में हुई थी. इसे पहले 2024 तक पूरा करने का लक्ष्य था. पीएम मोदी ने इस डील को लेकर कहा कि दोनों देशों की अर्थव्‍यवस्‍था में उछाल आएगी. साथ ही नौकरियों के अवसर खुलेंगे. फ्री ट्रेड एग्रीमेंट से भारत-ब्रिटेन की कोशिश द्विपक्षीय व्यापार को 2030 तक 120 अरब अमेरिकी डॉलर का लक्ष्‍य रखा गया है.  भारत-यूके FTA का मतलब क्‍या है?  भारत और यूके फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (India-UK FTA) से भारत को अपनी 99 फीसदी एक्‍सपोर्ट उत्‍पाद  पर UK में टैक्‍स फ्री एक्‍सपोर्ट मिलेगा.  वहीं भारत ब्रिटेन से आने वाले 90 फीसदी उत्‍पादों पर टैरिफ कम या फिर हटा दिया जाएगा. इससे भारतीय कंपनियों से लेकर आम लोगों को भी बड़ा फायदा होगा.  क्‍या सस्‍ता और क्‍या महंगा  इलेक्‍ट्रॉनिक्‍स, कपड़े, मरीन प्रोडक्‍ट्स, स्‍टील और मेटल, और ज्‍वेलरी समेत कई चीजें सस्‍ती हो सकती हैं. वहीं महंगे की बात करें तो एग्रीकल्‍चर प्रोडक्‍ट्स, कार और बाइक जैसे ऑटो प्रोडक्‍ट्स और स्‍टील जैसे प्रोडक्‍ट्स महंगे हो सकते हैं.  यह डील भारत को वैश्विक मानचित्र पर कैसे स्थापित करेगी? इस … Read more

हाथियों के साथ फोटो लेना पड़ा भारी, 39 वर्षीय CEO की ट्रैजिक डेथ

नई दिल्ली  दक्षिण अफ्रीका के एक गेम रिजर्व में बड़ा हादसा हुआ है।  गेम रिजर्व के मालिक और करोड़पति सीईओ की ही हाथी ने कुचलकर हत्या कर दी। यह घटना सुबह 8 बजे गोंडवाना प्राइवेट गेम रिजर्व में हुई।  हाथी ने सीईओ पर दातों से किया हमला डेली मेल के अनुसार, हाथियों के एक झुंड को पर्यटक आवासों से दूर ले जाने का प्रयास कर किया जा रहा था। तभी, हाथियों का भगाने का काम गड़बड़ा गया और एक बड़ा वजनी हाथी ने करोड़पति सीईओ पर हमला कर दिया। कथित तौर पर हाथी ने फ्रेंकोइस क्रिश्चियन कॉनराडी को अपने दांतों से मारा और उन्हें कई बार कुचला, जिससे आस-पास के रेंजर अपनी पूरी कोशिशों के बावजूद उन्हें बचाने में असमर्थ रहे। हाथियों से था गहरा लगाव कॉनराडी एक केलिक्स ग्रुप स्पोर्ट्स मैनेजमेंट कंपनी के भी मालिक थे। उनके बारे में कर्मचारियों ने बताया कि उन्हें हाथियों और नेचर से गहरा लगाव था और वे अक्सर उनकी तस्वीरें लेने के लिए जंगलों और रिजर्व में जाते थे। उनके पास जूलॉजी, पशु अध्ययन, कॉमर्स एंड मार्केटिंग की डिग्री थी। गोंडवाना के एक अधिकारी ने कहा कि कॉनराडी के हादसे के बारे में उनकी कंपनी के कर्मचारियों को कुछ न कहने की चेतावनी दी गई है कि वे कुछ भी न कहें, वरना उन्हें उसी दिन नौकरी से निकाल दिया जाएगा।  

होटल ले जाने के मामले में टीचर को मिली जमानत, कोर्ट ने सहमति का किया उल्लेख

मुंबई  नाबालिग छात्र के यौन उत्पीड़न के आरोप में गिरफ्तार हुईं मुंबई की एक शिक्षिका को जमानत मिल गई है। मुंबई की एक कोर्ट ने सबूतों के आधार पर कहा कि दोनों के बीच सहमति से संबंध बने थे। टीचर पर आरोप थे कि उसने कई मौकों पर फाइव स्टार होटल ले जाकर नाबालिग छात्र का यौन शोषण किया है। अदालत ने जमानत देते समय आरोपी शिक्षिका पर पीड़ित से किसी तरह का संबंध नहीं साधने की शर्तें लगाई हैं। टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार, स्पेशल पॉक्सो कोर्ट ने आदेश में कहा है कि सबूत दिखाते हैं दोनों के बीच सहमति से संबंध थे। स्पेशल जज सबीना मलिक ने कहा, 'आरोपी ने स्कूल से इस्तीफा दे दिया था, तो छात्र और शिक्षिका के बीच संबंध की बात नहीं है। ऐसे में प्रभाव उतना नहीं है।' जज ने कहा कि ट्रायल पूरा होने में समय लगेगा और आरोपी को तब तक हिरासत में रखने से कुछ नहीं मिलेगा। इधर, पीड़ित ने जमानत याचिका का विरोध किया है। पक्ष का कहना है कि अगर महिला को जमानत मिलती है, तो वह एक बार फिर छात्र को डराने धमकाने के रास्ते खोज लेगी। साथ ही कहा गया है कि वह सबूतों के साथ भी छेड़छाड़ कर सकती है। इसपर जज ने कहा कि जरूरी शर्तें लगाई जा सकती हैं, जिनके जरिए ऐसी आशंकाओं को दूर किया जा सकेगा। जज ने कहा कि आरोपी किसी भी तरह से पीड़ित से संपर्क नहीं करेगी। किसी भी गवाह या पीड़ित को प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से उकसाने, डराने या किसी चीज का वादा करने की रोक लगाई जाती है। जज ने यह भी साफ किया है कि इन शर्तों का उल्लंघन करने से जमानत तुरंत रद्द हो जाएगी। एक अन्य रिपोर्ट के अनुसार, आरोपी की तरफ से दिए गए आवेदन में महिला ने अपने ऊपर लगे आरोपों से इनकार किया है। साथ ही उसका कहना है कि यह मामला झूठा और लड़के की मां के कहने पर किया गया है, क्योंकि वह उनके रिश्ते के खिलाफ थीं। महिला ने याचिका में लड़के से बातचीत के सबूत पेश किए और कहा है कि उसके पैरेंट्स को रिश्ते के बारे में पता था। वह इसके खिलाफ थे। क्या था केस पुलिस का दावा है कि शिक्षा नाबालिग छात्र के प्रति दिसंबर 2023 में आकर्षित हुई थी। उसने कथित तौर पर जनवरी 2024 में पहली बार यौन संबंधों की पेशकश की। FIR में कहा गया है कि शिक्षिका नाबालिग छात्र को बड़े होटलों में ले जाती थी, जहां कथित तौर पर उसका यौन शोषण किया जाता था। खबरें हैं कि टीचर ने कई बार शोषण करने से पहले छात्र को नशीला पदार्थ दिया।

Mumbai blast case : बॉम्बे हाईकोर्ट के फैसले पर सुप्रीम कोर्ट की रोक, 12 आरोपी फिलहाल नहीं होंगे बरी

मुंबई  2006 मुंबई ट्रेन ब्लास्ट में 12 आरोपियों को बरी किए जाने के बॉम्बे हाई कोर्ट के फैसले पर SC ने अंतरिम रोक लगाई SC ने महाराष्ट्र सरकार की याचिका पर नोटिस जारी.2006 के मुंबई ट्रेन ब्लास्ट मामले में बॉम्बे हाईकोर्ट द्वारा सभी 12 आरोपियों को बरी करने के फैसले पर सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को रोक लगा दी। महाराष्ट्र सरकार और आतंकवाद निरोधी दस्ते (एटीएस) ने हाईकोर्ट के फैसले को चुनौती देते हुए सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की थी, जिसकी सुनवाई मुख्य न्यायाधीश बी.आर. गवई की अध्यक्षता वाली पीठ ने की। 11 जुलाई 2006 को मुंबई की उपनगरीय ट्रेनों में सात बम विस्फोट हुए थे, जिनमें 187 लोगों की मौत हुई और 800 से अधिक घायल हुए थे। इस मामले में 2015 में विशेष एमसीओसीए कोर्ट ने 12 आरोपियों को दोषी ठहराया था, जिसमें पांच को मृत्युदंड और सात को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई थी। हालांकि, 21 जुलाई को बॉम्बे हाईकोर्ट ने सबूतों के अभाव और अभियोजन पक्ष की विफलता का हवाला देते हुए सभी आरोपियों को बरी कर दिया था।. सीजेआई बीआर गवई, न्यायमूर्ति के विनोद चंद्रन और न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची बेंच के सामने महाराष्ट्र सरकार के वकील ने मामले का उल्लेख किया और मामले की जल्द सुने जाने की मांग की गई. जिस पर कोर्ट ने कहा कि देखिए, इतनी जल्दी क्या है? आठ लोग पहले ही रिहा हो चुके हैं. बरी करने पर रोक केवल दुर्लभतम मामलों में ही लगाई जाती है. 24 जुलाई को होगी सुनवाई सुप्रीम कोर्ट स मामले में गुरुवार (24 जुलाई) को सुनवाई करेगा. महाराष्ट्र सरकार की तरफ से सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने सुप्रीम कोर्ट से तत्काल सुनवाई की मांग करते हुए कहा कि इसकी जल्द सुनवाई जरूरी है. मुख्य न्यायाधीश बीआर गवई, न्यायमूर्ति के विनोद चंद्रन और न्यायमूर्ति एनवी अंजारिया की बेंच ने मामले को गुरुवार के लिए सूचीबद्ध किया है. हाई कोर्ट ने सभी 12 आरोपियों को किया बरी सोमवार को बॉम्बे हाईकोर्ट ने 2006 के मुंबई सीरियल ट्रेन ब्लास्ट मामले में सभी 12 आरोपियों को बरी कर दिया था. कोर्ट ने कहा था कि अभियोजन पक्ष मामले को साबित करने में पूरी तरह विफल रहा, इससे यह विश्वास करना मुश्किल है कि आरोपी ने अपराध किया है. फैसला सुनाते हुए सबूतों के अभाव में कोर्ट ने 12 आरोपियों को बरी कर दिया. हाईकोर्ट ने कहा कि यह मानना मुश्किल है कि आरोपियों ने अपराध किया है, इसलिए उन्हें बरी किया जाता है. कोर्ट ने आदेश दिया कि अगर वो किसी दूसरे मामले में वॉन्टेड नहीं हैं, तो उन्हें फौरन जेल से रिहा किया जाए. जांच एजेंसियों के कामकाज पर सवाल करीब 19 साल बाद मिली इस राहत ने जहां इन निर्दोषों के परिवारों को सुकून पहुंचाया है, वहीं इस फैसले ने देश की जांच एजेंसियों के कामकाज पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. आरोपियों को बरी किए जाने से जांच की विश्वसनीयता पर फिर से सवाल उठने लगे हैं, क्योंकि हाई कोर्ट ने सिमी और लश्कर-ए-तैयबा की संलिप्तता वाली एटीएस की कहानी को सिरे से खारिज कर दिया. हाईकोर्ट का यह फैसला मामले की जांच कर रही महाराष्ट्र एटीएस के लिए बड़ा झटका है. एजेंसी ने दावा किया था कि आरोपी प्रतिबंधित संगठन स्टूडेंट्स इस्लामिक मूवमेंट ऑफ इंडिया (सिमी) के सदस्य थे और उन्होंने आतंकवादी समूह लश्कर-ए-तैयबा (एलईटी) के पाकिस्तानी सदस्यों के साथ मिलकर साजिश रची थी. 180 से ज्यादा लोगों की हुई थी मौत विशेष अदालत ने 12 में से 5 को मौत की सजा और 7 को आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी. मौत की सजा पाए एक दोषी की साल 2021 में मौत हो गई थी. 11 जुलाई 2006 को पश्चिमी लाइन पर कई जगहों पर मुंबई लोकल ट्रेनों में हुए 7 विस्फोटों में करीब 180 से ज्यादा लोगों की मौत हुई थी. हाई कोर्ट ने 2015 में एक विशेष अदालत की ओर से आरोपियों को दी गई सजा और उनकी दोषसिद्धि को चुनौती देने वाली उनकी अपीलों को स्वीकार कर लिया था.  

उपराष्ट्रपति पद के लिए नई एंट्री ने बढ़ाई हलचल, बीजेपी हाईकमान से हुई बातचीत

नई दिल्ली जगदीप धनखड़ के उपराष्ट्रपति पद से अचानक इस्तीफा देने के बाद अब अगले वाइस प्रेसिडेंट के नाम की अटकलें लगने लगी हैं। अब तक संभावितों की लिस्ट में कई बड़े नेताओं के नाम सामने चुके हैं। अब इसमें एक और बड़ा व चौंकाने वाला नाम शामिल हुआ है। दरअसल, केंद्रीय राज्य मंत्री और जेडीयू सांसद रामनाथ ठाकुर ने बुधवार शाम को बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा से मुलाकात की है, जिसके बाद अटकलें लगने लगी हैं कि वे भी उपराष्ट्रपति की रेस में शामिल हैं। रामनाथ ठाकुर बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री कर्पूरी ठाकुर के बेटे हैं और इस समय जेडीयू कोटे से मोदी सरकार में कृषि एवं किसान कल्याण राज्य मंत्री हैं। कौन हैं रामनाथ ठाकुर, रेस में क्यों हुए शामिल? रामनाथ ठाकुर बिहार से आने वाले बड़े चेहरे हैं। वे राज्य के पूर्व सीएम कर्पूरी ठाकुर के बड़े बेटे हैं। वे लालू यादव की पहली कैबिनेट का भी हिस्सा रह चुके हैं और तब गन्ना मंत्री बनाया गया था। फिर साल 2005 से 2010 तक नीतीश सरकार में कैबिनेट मंत्री रहे। उनके पिता कर्पूरी ठाकुर को कुछ समय पहले ही भारत रत्न से सम्मानित किया गया है। रामनाथ ठाकुर के उपराष्ट्रपति की रेस में शामिल होने की कई वजहें बताई जा रही हैं। दरअसल, इसी साल के आखिर में बिहार विधानसभा चुनाव होने वाले हैं और ऐसे में यदि एनडीए सरकार वहीं से आने वाले किसी नेता को उपराष्ट्रपति बनाती है तो चुनाव से पहले बड़ा मैसेज जाएगा और इसका फायदा मौजूदा सरकार को राज्य में मिल सकता है। जेडीयू को साधने के लिए रामनाथ ठाकुर को बनाएगी उपराष्ट्रपति? वहीं, रामनाथ ठाकुर को उपराष्ट्रपति बनाकर बीजेपी बिना किसी दिक्कत के पांच सालों तक केंद्र में सरकार चला सकती है। बीजेपी को इस समय अकेले दम पर लोकसभा में बहुमत नहीं है और जेडीयू व टीडीपी की मदद से सरकार चला रही है। इसी वजह से उपराष्ट्रपति का पद जेडीयू कोटे से किसी नेता को भी दिया जा सकता है। पहले बिहार मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को लेकर अटकलें लगाई जा रही थीं, लेकिन बाद में उनका नाम रेस से लगभग बाहर हो गया। बिहार विधानसभा चुनाव से ठीक पहले नीतीश खुद को मुख्यमंत्री पद से दूर करना नहीं चाहेंगे। इसी वजह से अब उनकी जगह जेडीयू की ओर से रामनाथ ठाकुर का नाम रेस में आ गया है। यदि रामनाथ ठाकुर को एनडीए सरकार उपराष्ट्रपति बनाती है तो इससे नीतीश कुमार भी राज्य के अगले सीएम पद की रेस में बने रहेंगे और उपराष्ट्रपति जैसा बड़ा पद भी उनके ही दल के नेता को मिल जाएगा। लिस्ट में और कौन-कौन से नाम हैं शामिल? पिछले एक दशक से ज्यादा समय में मोदी सरकार हमेशा चौंकाने वाले फैसले लेने के लिए जानी जाती है। उसकी अगली रणनीति और फैसले के बारे में बहुत ही कम बार पहले से पता चल सका है। इसी तरह इस बार भी उपराष्ट्रपति पद के लिए विभिन्न नामों की अटकलें भले ही लग रही हैं, लेकिन कौन बनेगा, इसका पता तो तभी चलेगा, जब बीजेपी खुद इसका ऐलान करेगी। हालांकि, अभी कई नाम हैं, जो संभावितों की सूची में हैं। सबसे पहले नीतीश कुमार का नाम सामने आया, लेकिन अब उनकी संभावना बहुत कम है। उनके अलावा, हरिवंश नारायण सिंह, राजनाथ सिंह, मनोज सिन्हा जैसे नामों की भी चर्चा है।

भारत के पड़ोस में भड़की जंग: थाइलैंड ने किया कंबोडिया पर हवाई हमला

बैंकॉक  थाईलैंड और कंबोडिया के बॉर्डर पर गुरुवार सुबह शुरू हुई झड़पों के बाद दोनों देशों में जंग जैसे हालात बनते जा रहे हैं। दोनों ही पक्षों ने एक-दूसरे पर गोलीबारी का आरोप लगाया है। सीमा पर सैनिकों की गोलीबारी के बाद थाईलैंड ने फाइटर जेट F-16 की तैनाती कर दी है और हवाई हमले भी किए हैं। थाईलैंड की बमबारी से दोनों देशों के बीच तनाव चरम पर पहुंच गया है। इससे भारत के पड़ोस में एक भीषण जंग छिड़ने का अंदेशा पैदा हो गया है। दोनों देशों में इस लड़ाई की वजह दशकों पुराना सीमा विवाद है। कंबोडिया के रक्षा मंत्रालय ने अपने बयान में कहा है कि थाईलैंड ने उसके क्षेत्र में हवाई हमले किए हैं। कंबोडिया ने बताया है कि थाईलैंड की सेना ने F-16 लड़ाकू विमानों से वाट काऊ किरी स्वरक पैगोडा की ओर जाने वाली सड़क पर बम गिराए गए हैं। थाईलैंड ने छह F-16 विमान लड़ाई में उतारने और कंबोडिया के दो क्षेत्रीय सैन्य मुख्यालयों को नष्ट करने का दावा किया है। इससे भड़के कंबोडिया ने कहा है कि वह इन हमलों का जवाब देगा। दोनों देश कैसे बने दुश्मन कंबोडिया और थाईलैंड पड़ोसी हैं लेकिन आज ये दक्षिण-पूर्व एशियाई पड़ोसी देश जंग के मुहाने पर हैं। मौजूदा तनाव की शुरुआत 28 मई को हुई, जब झड़प में एक कंबोडियाई सैनिक की मौत हो गई। यह घटना एमराल्ड ट्रायंगल नामक क्षेत्र में हुई, जो थाईलैंड, कंबोडिया और लाओस की साझा सीमा है। यह क्षेत्र लगातार विवादित बना हुआ है क्योंकि थाईलैंड और कंबोडिया दोनों क्षेत्र के कुछ हिस्सों पर अपना दावा करते हैं। 29 मई के बाद से दोनों देश एक दूसरे पर हमलावर हैं। कंबोडिया और थाईलैंड 817 किलोमीटर लंबी सीमा साझा करते हैं। फ्रांस का 1863 से 1953 तक कंबोडिया पर कब्जा रहा। ऐसे में फ्रांस ने ज्यादातर बॉर्डर तय किया। इसका आधार 1907 के थाईलैंड और कंबोडिया के प्राकृतिक जलविभाजक रेखा (वाटरशेड लाइन) के समझौते पर आधारित था। थाईलैंड ने बाद के वर्षों में इस नक्शे पर यह कहते हुए एतराज जताया कि डांगरेक पर्वत पर स्थित 11वीं शताब्दी के प्रीह विहियर मंदिर को कंबोडिया में रखा गया है। नक्शे पर मतभेदों के चलते सीमा के आसपास के क्षेत्र ऐसे बन गए, जिन पर दोनों देश अपना दावा करते हैं। थाई सेना ने बताया कि कंबोडिया ने भारी हथियारों से लैस सैनिकों को तैनात करने से पहले क्षेत्र में एक निगरानी ड्रोन भेजा था. उन्होंने बताया कि गोलीबारी में कम से कम दो थाई सैनिक घायल हो गए. कंबोडियाई रक्षा मंत्रालय की प्रवक्ता माली सोचेता ने कहा, 'हमारे सैनिकों ने थाई सैनिकों के आक्रमण के खिलाफ अपनी संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता की रक्षा करने के अपने अधिकार का प्रयोग किया. थाईलैंड ने कंबोडिया की क्षेत्रीय अखंडता का उल्लंघन किया है.' कंबोडिया के नेताओं ने क्या कहा? कंबोडिया के पूर्व नेता हुन सेन ने फेसबुक पर एक पोस्ट में कहा कि थाई सेना ने कंबोडिया के दो प्रांतों पर गोलाबारी की है. पोस्ट में उन्होंने लोगों से अपील की कि वो घबराए नहीं. वहीं, कंबोडिया के प्रधानमंत्री हुन मानेट ने फेसबुक पर कहा, 'कंबोडिया ने हमेशा शांतिपूर्ण तरीके से मुद्दों को सुलझाने की इच्छा जताई है, लेकिन इस बार जब हम पर हथियारों से आक्रमण किया गया तो हमारे पास भी हथियारों से उसका जवाब देने के अलावा कोई विकल्प नहीं था.' थाईलैंड के प्रधानमंत्री क्या बोले? थाईलैंड के कार्यवाहक प्रधानमंत्री फुमथम वेचायाचाई ने कहा कि कंबोडिया के साथ उसका विवाद 'नाजुक स्थिति' में बना हुआ है और इसे सावधानीपूर्वक अंतरराष्ट्रीय कानून के हिसाब से सुलझाया जाना चाहिए. गुरुवार की दोनों देशों के बीच झड़प से एक दिन पहले थाईलैंड ने कंबोडिया से अपने राजदूत को वापस बुला लिया था. इससे पहले सीमा पर बारूदी सुरंग विस्फोट में एक थाई सैनिक घायल हो गया था जिससे दोनों देशों के बीच तनाव बढ़ा और थाईलैंड ने अपना राजदूत वापस बुला लिया था. बुधवार को थाईलैंड ने यह भी कहा कि वो कंबोडिया के राजदूत को देश से निष्कासित करेगा. मई में दोनों देशों के बीच हुए सशस्त्र संघर्ष में एक कंबोडियाई सैनिक की मौत हो गई थी जिससे दोनों देशों के संबंध तनावपूर्ण बने हुए हैं. पिछले दो महीनों में दोनों देशों ने एक-दूसरे पर कड़े प्रतिबंध लगाए हैं और सीमा पर सैनिकों की उपस्थिति बढ़ा दी है. इंटरनेशल कोर्ट में मुकदमा कंबोडिया ने 1959 में मंदिर विवाद को लेकर थाईलैंड को अंतर्राष्ट्रीय न्यायालय में घसीटा और 1962 में न्यायालय ने फैसला सुनाते हुए कहा कि प्रीह विहियर कंबोडियाई क्षेत्र में आता है। थाईलैंड ने उस समय इसे स्वीकार किया लेकिन तर्क दिया कि आसपास की सीमाएं विवादित हैं। इससे सीमा रेखाएं और जटिल हो गईं। ये तनाव 2008 में बढ़ा, जब कंबोडिया ने प्रीह विहियर मंदिर के लिए यूनेस्को विश्व-धरोहर का दर्जा मांगा। जुलाई में मंदिर को मान्यता मिलने के बाद सीमा क्षेत्र के पास कंबोडियाई और थाई सैनिकों के बीच सैन्य झड़पें शुरू हो गईं। ये झड़पें लगातार चलती रहीं और 2011 में चरम पर पहुंच गईं। इस साल 36,000 लोग विस्थापित हुए। दोनों देशों में सैन्य संघर्ष रुका लेकिन अंदर-अंदर एक तनाव चलता रहा। थाईलैंड ने सीमा विवादों को सुलझाने में मदद के लिए एक संयुक्त सीमा आयोग (जेबीसी) की स्थापना भी की लेकिन इसकी बैठकों से कोई महत्वपूर्ण नतीजा नहीं निकला है। ऐसे में अंतरराष्ट्रीय कोर्ट के मुकदमों और कई झड़पों के बाद भी चीजें जस की तस हैं। हालिया हफ्तों में इन्होंने काफी खराब रूप से लिया है।

भारत का पासपोर्ट हुआ और मजबूत, पाकिस्तान टॉप से लगभग बाहर

नई दिल्ली दुनिया भर के देशों के पासपोर्ट की नई रैंकिंग आ गई है। इसके मुताबिक भारत का पासपोर्ट दुनिया में 77वें नंबर पर है। वहीं पहले नंबर पर एशिया के ही सिंगापुर और दूसरे पर जापान एवं साउथ कोरिया को रखा गया है। दिलचस्प तथ्य यह है कि पाकिस्तान दुनिया का चौथा सबसे खराब रैंकिंग वाला देश है। उसका पासपोर्ट 96वें नंबर पर रखा गया है। हेनले पासपोर्ट इंडेक्स ने 1 से 99 तक की रैंकिंग में दुनिया के तमाम देशों को रखा है। पाकिस्तान के साथ सोमालिया और यमन को जगह मिली है। सबसे आखिरी यानी 99वें नंबर पर अफगानिस्तान है। इसी तरह 98 पर सीरिया और 97 पर इराक को जगह मिली है। तीसरे पायदान पर यूरोप के ही कई देश हैं, जिनमें डेनमार्क, फिनलैंड, फ्रांस, जर्मनी, आयरलैंड, इटली और स्पेन शामिल हैं। इन देशों में घूमने के लिए लोग बड़ी संख्या में जाना चाहते हैं। चौथे नंबर पर भी स्वीडन, नीदरलैंड और बेल्जियम समेत यूरोप के ही 7 देश शामिल हैं। भारत के एक और पड़ोसी देश बांग्लादेश के पासपोर्ट को 94वें नंबर पर रखा गया है। उसके साथ ही रैंकिंग में फिलिस्तीन को भी जगह मिली है। इसके अलावा सूडान और उत्तर कोरिया को क्रमश: 92वां और 93वां नंबर मिला है। श्रीलंका और ईरान को 91वें नंबर पर रखा गया है। वहीं दुनिया के सबसे ताकतवर देश कहे जाने वाले अमेरिका को 10वां पायदान मिला है तो इजरायल 18वें नंबर पर है। चीन के पासपोर्ट को रैंकिंग में 60वें नंबर पर रखा गया है। रूस को इस सूची में 46वां स्थान मिला है। भारत की रैंकिंग में इस साल 8 स्थान का उछाल आया है। बीते साल भारतीय पासपोर्ट को 85वें नंबर पर रखा गया था और इस बार 77वें पर है। पासपोर्ट सरकार की ओर से जारी किया जाने वाला वह दस्तावेज है, जिसके माध्यम से लोग दूसरे देशों की यात्रा कर सकते हैं। आमतौर पर ऐसे देशों की रैंकिंग कमजोर होती है, जो हिंसा प्रभावित हैं या फिर आतंकवाद से ग्रस्त हैं। जैसे अफगानिस्तान, सोमिलाया, पाकिस्तान, सीरिया, सूडान और इराक आदि।

फर्जी दस्तावेज़ों के सहारे तुर्की पहुँची समर अबू जमर, वहां की दूसरी शादी से खुला राज

खान यूनिस  गाजा के लोग इजरायली हवाई हमलों और गहराते मानवीय संकट से जूझ रहे हैं। वहीं, हमास के वरिष्ठ नेता और मिलिट्री कमांडरों के परिवार चुपचाप युद्ध क्षेत्र को छोड़कर भाग रहे हैं। गाजा में इजरायली हमला शुरू होने के चंद हफ्तों के अंदर ही हमास की टॉप लीडरशिप ने अपने परिवार को सीमा पार तुर्की, मिस्र, ईरान और कतर पहुंचा दिया था। ऐसे में अब गाजा में हमास के नेताओं के खिलाफ आक्रोश भड़क रहा है। इस बीच खबर आई है कि जाली पासपोर्ट और ढेर सारा कैश लेकर भागी हमास के शीर्ष नेता याह्या सिनवार की पत्नी समर अबू जमर ने तुर्की में दोबारा शादी कर ली है। सिनवार को 16 अक्तूबर 2024 को इजरायली सेना ने मार गिराया था। गाजा से तुर्की भाग गई थी समर अबू जमर कई स्थानीय सूत्रों के अनुसार, युद्ध के शुरुआती दिनों में जाली दस्तावेजों, सैन्य सहायता और विदेशी संपर्कों की मदद से हमास के शीर्ष अधिकारियों के परिवारों को गाजा पट्टी से तस्करी कर बाहर निकाला गया था। जनवरी में, इजरायली सेना ने एक फुटेज जारी किया जिसमें हमास के सैन्य कमांडर याह्या सिनवार की विधवा समर अबू जमर अपने बच्चों के साथ हमास की एक सुरंग में प्रवेश करती दिखाई दे रही थीं। शुरुआती अटकलों के अनुसार, वह अंडरग्राउंड हो गई थीं। लेकिन स्थानीय सूत्रों ने बाद में इजरायली समाचार आउटलेट Ynet को बताया कि अबू जमर पूरी तरह से गाजा छोड़कर तुर्की में रह रही थी। समर अबू जमर ने तुर्की में की दूसरी शादी एक सूत्र ने कहा, "वह अब यहां नहीं है—उसने एक फर्जी पासपोर्ट का इस्तेमाल करके राफा सीमा पार की थी।" उन्होंने बताया कि इस ऑपरेशन में "उच्च-स्तरीय समन्वय, रसद सहायता और बड़ी रकम शामिल थी जो आम गाज़ावासियों के पास नहीं होती।" सूत्र ने यह भी बताया कि सिनवार की इजरायली सेना द्वारा हत्या के कुछ महीने बाद अबू जमर ने तुर्की में दोबारा शादी कर ली। बताया जाता है कि इस शादी की व्यवस्था हमास के वरिष्ठ राजनीतिक ब्यूरो सदस्य फती हम्माद ने की थी, जिन्हें पहले हमास के लोगों और उनके परिवारों को भागने में मदद करने के प्रयासों से जोड़ा जाता रहा है। समर अबू जमर के महंगे बैग पर हुआ था विवाद पिछले साल अबू जमर को उस समय आलोचनाओं का सामना करना पड़ा था जब एक वीडियो में उसे एक सुरंग में छिपते हुए एक महंगा हर्मीस बिर्किन हैंडबैग ले जाते हुए दिखाया गया था। याह्या सिनवार के भाई मुहम्मद सिनवार की पत्नी नजवा सिनवार भी लापता है। हाल के महीनों में उनके ठिकाने का कोई सार्वजनिक रिकॉर्ड नहीं है। स्थानीय सूत्रों का मानना है कि वह भी अपने पति की मृत्यु से पहले अपने बच्चों के साथ गाजा छोड़कर संभवत तुर्की चली गई थी। इजरायली सुरक्षा अधिकारियों ने पुष्टि की है कि दोनों महिलाएं अपने पतियों की हत्या से पहले राफा क्रॉसिंग के रास्ते गाजा से बाहर निकल गई थीं।  

एचआरटीसी बस हादसा: सड़क से फिसलकर गिरी बस, पांच लोगों की मौत, कई घायल

सरकाघाट-मंडी हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले के सरकाघाट उपमंडल में मसेरन के पास तरांगला में बड़ा सड़क हादसा हुआ है। यात्रियों से भरी हिमाचल पथ परिवहन निगम(एचआरटीसी) की बस अनियंत्रित होकर नीचे खेतों में जा गिरी। हादसे में  पांच यात्रियों की माैत हो गई है। करीब 20 यात्री घायल बताए जा रहे हैं। मृतकों में तीन महिलाएं व दो पुरुष शामिल हैं। घायलों का सरकाघाट अस्पताल में उपचार चल रहा है। चंबा में शिक्षक की मौत उधर, चंबा जिले के मंडून गांव में बीती रात को एक शिक्षक की सड़क हादसे में माैत हो गई।  जानकारी के अनुसार गाड़ी अनियंत्रित होकर टीन की छत पर गिर गई। हादसे में खेम राज पुत्र बृजलाल निवासी बुंदेडी की माैत हो गई।  पुलिस अधीक्षक अभिषेक यादव ने हादसे की पुष्टि की है।