samacharsecretary.com

तमिलनाडु दौरे पर सीपी राधाकृष्णन, उपराष्ट्रपति पद के लिए तेज हुई राजनीतिक हलचल

चेन्नई,  9 सितंबर को होने वाले उपराष्ट्रपति चुनाव के साथ ही तमिलनाडु में राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) और विपक्षी ‘इंडिया’ ब्लॉक दोनों ने अपने अभियान तेज कर दिए हैं। एनडीए के उम्मीदवार सीपी. राधाकृष्णन मंगलवार को चेन्नई पहुंचेंगे, जबकि ‘इंडिया’ ब्लॉक के उम्मीदवार न्यायमूर्ति (सेवानिवृत्त) सुदर्शन रेड्डी रविवार को समर्थन जुटाने के लिए शहर आए। भाजपा सूत्रों के अनुसार, राधाकृष्णन अपनी यात्रा के दौरान एनडीए के घटक दलों के नेताओं के साथ कई बैठकें करेंगे। पार्टी का समर्थन हासिल करने के लिए उनके 26 या 27 अगस्त को अखिल भारतीय अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (एआईएडीएमके) के महासचिव एडप्पादी के. पलानीस्वामी से मिलने की उम्मीद है। राधाकृष्णन तमिल मनीला कांग्रेस (टीएमसी) के अध्यक्ष जी.के. वासन और गठबंधन के अन्य नेताओं से भी मिलेंगे। अपने प्रवास के दौरान, उनके भाजपा के प्रदेश मुख्यालय कमलालायम जाने और वरिष्ठ पदाधिकारियों से बातचीत करने की संभावना है। पार्टी के अंदरूनी सूत्रों ने संकेत दिया है कि प्रचार अभियान उनकी उम्मीदवारी के लिए एनडीए के सामूहिक समर्थन को मजबूत करने पर केंद्रित होगा। इस बीच, ‘इंडिया’ ब्लॉक द्वारा मैदान में उतारे गए सुदर्शन रेड्डी ने रविवार को चेन्नई में तमिलनाडु चुनाव प्रचार शुरू किया। सुप्रीम कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश ने मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन और वरिष्ठ डीएमके नेताओं से भी मुलाकात की, जहां ‘इंडिया’ ब्लॉक के सांसद भी मौजूद थे। मुलाकात के दौरान, रेड्डी ने संविधान की रक्षा में दशकों की अपनी कानूनी सेवा के बारे में बताया और निर्वाचित होने पर इसके मूल्यों को बनाए रखने का संकल्प लिया। उन्होंने संघवाद और सामाजिक न्याय को बढ़ावा देने में तमिलनाडु के नेतृत्व की प्रशंसा की, साथ ही राज्यों के अधिकारों को कमजोर करने के प्रयासों के प्रति चेतावनी भी दी। उपराष्ट्रपति चुनाव से पहले तमिलनाडु के महत्व को ये दोनों चुनावी कदम उजागर करते हैं। जहां एनडीए अन्नाद्रमुक और अन्य क्षेत्रीय दलों के साथ अपने गठबंधन पर निर्भर है, वहीं ‘इंडिया’ ब्लॉक रेड्डी को ‘राजनीतिक उथल-पुथल के समय संवैधानिक मूल्यों की रक्षा’ के लिए प्रतिबद्ध उम्मीदवार के रूप में पेश कर रहा है। बता दें कि जैसे-जैसे 9 सितंबर का चुनाव नजदीक आ रहा है, दोनों उम्मीदवारों की यात्राएं मुकाबले को दिलचस्प बना दी हैं। वहीं, इसमें तमिलनाडु राष्ट्रीय चुनाव प्रचार अभियान में एक महत्वपूर्ण पड़ाव के रूप में उभर रहा है।  

ED की छापेमारी में TMC विधायक जीबन गिरफ्तार, स्कूल भर्ती घोटाले से जुड़ा मामला

 कलकत्ता पश्चिम बंगाल में चर्चित स्कूल भर्ती घोटाले की जांच ने सोमवार को नया मोड़ ले लिया, जब प्रवर्तन निदेशालय (ED) की छापेमारी के दौरान तृणमूल कांग्रेस (TMC) के विधायक जीबन कृष्ण साहा भागने की कोशिश में रंगे हाथों पकड़े गए. साहा ने घर की दीवार कूदकर फरार होने का प्रयास किया, लेकिन ED की टीम ने उनका पीछा कर खेतों से उन्हें पकड़ लिया. अधिकारियों के मुताबिक, वह खेतों के रास्ते भाग रहे थे और उन्हें कीचड़ से सना हुआ गिरफ्तार किया गया. छापेमारी और विधायक का भागने का प्रयास ईडी अधिकारियों ने बताया कि जैसे ही साहा को रेड की जानकारी मिली, उन्होंने घर की बाउंड्री वॉल कूदकर फरार होने की कोशिश की. लेकिन ईडी टीम और केंद्रीय बलों ने पीछा कर उन्हें पास के कृषि क्षेत्र में धर दबोचा. मोबाइल फोन सबूत नष्ट करने की कोशिश अधिकारियों ने यह भी दावा किया कि विधायक ने सबूत मिटाने के लिए अपना मोबाइल फोन घर के पास एक तालाब में फेंक दिया था. हालांकि, ईडी टीम ने तालाब से उनके दोनों मोबाइल फोन बरामद कर लिए हैं. इन्हें अब फोरेंसिक जांच के लिए भेजा जाएगा. कई जगहों पर छापेमारी जानकारी के लिए बता दें कि ईडी की कार्रवाई केवल विधायक के घर तक सीमित नहीं रही. अधिकारियों ने साहा के ससुराल वालों के घर (रघुनाथगंज, मुर्शिदाबाद) और उनके पर्सनल असिस्टेंट के घर (बीरभूम) में भी तलाशी ली. घोटाले से जुड़े सुराग ईडी अधिकारी के मुताबिक, यह रेड बीरभूम जिले के एक शख्स से जुड़े लेन-देन की जानकारी मिलने के बाद की गई. वही व्यक्ति आज सुबह ईडी टीम के साथ साहा के घर भी गया. पहले भी हो चुकी है गिरफ्तारी गौरतलब है कि विधायक साहा को इसी भर्ती घोटाले के सिलसिले में CBI ने अप्रैल 2023 में गिरफ्तार किया था. हालांकि, उन्हें मई 2023 में जमानत पर रिहा कर दिया गया था. इस मामले में CBI अपराध और भर्ती की गड़बड़ियों की जांच कर रही है, जबकि ईडी मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े पहलुओं की जांच में जुटी है.

रणवीर-रैना को सुप्रीम कोर्ट की नसीहत, कहा- दूसरों की कीमत पर मत कमाओ

नई दिल्ली सुप्रीम कोर्ट ने दो टूक लहजे में कहा है कि किसी को भी कमाई करने के मकसद से किसी का भी मजाक उड़ाने की आजादी नहीं दी सकती और उसे अभिव्यक्ति की आजादी के तहत संरक्षण नहीं दिया जा सकता है। कोर्ट ने इस मामले में तल्ख टिप्पणी की कि जब आप अपने भाषण का व्यवसायीकरण कर रहे हैं, तो आप इसके जरिए किसी समुदाय की भावनाओं को ठेस नहीं पहुँचा सकते। शीर्ष अदालत ने इसके साथ ही कॉमेडिन समय रैना और अन्य हास्य कलाकारों को विकलांग व्यक्तियों का मज़ाक उड़ाने वाले चुटकुलों के लिए कड़ी फटकार लगाई। जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्या बागची की पीठ क्योर एसएमए फाउंडेशन ऑफ इंडिया की एक याचिका पर सुनवाई कर रही थी, जो स्पाइनल मस्कुलर एट्रोफी से प्रभावित मरीजों और परिवारों की मदद करता है। याचिका में विकलांग व्यक्तियों का मज़ाक उड़ाने वाले चुटकुलों की ओर अदालत का ध्यान आकृष्ट कराया गया था। अदालत ने जिन हास्य कलाकारों की आलोचना की है, उनमें समय रैना, विपुन गोयल, बलराज परमजीत सिंह घई, सोनाली ठक्कर और निशांत जगदीश तंवर शामिल हैं। याचिका में आरोप लगाया गया था कि इन कॉमेडियन ने अपने शो में दिव्यांगों और दुर्लभ बीमारियों का मजाक उड़ाया है, जिससे पीड़ितों की भावनाएं आहत हुईं हैं। कोर्ट ने उन्हें दिव्यांगों (PwDs) और दुर्लभ बीमारियों से पीड़ित व्यक्तियों का मजाक उड़ाने वाले असंवेदनशील चुटकुले सुनाने के लिए बिना शर्त माफी मांगने का निर्देश दिया है। सुप्रीम कोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि हर व्यक्ति की गरिमा की रक्षा की जानी चाहिए। सद्बुद्धि की जीत हुई इस याचिका को इंडियाज गॉट लेटेंट विवाद से जुड़े मामलों के साथ जोड़ दिया गया, जिसमें यूट्यूबर रणवीर इलाहाबादिया पर आरोप लगाए गए थे। फाउंडेशन की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता अपराजिता सिंह ने कहा कि "सद्बुद्धि की जीत हुई है" और सभी हास्य कलाकारों ने माफी मांग ली है। कोर्ट ने इन कलाकारों से कहा है कि वे अपने चैनल पर माफीनामा प्रसारित करें। केंद्र को गाइडलाइंस बनाने का निर्देश कोर्ट में सुनवाई के दौरान समय रैना समेत सभी कॉमेडियन मौजूद थे। अटॉर्नी जनरल आर वेंकटरमणी ने अदालत को बताया कि सभी ने माफी मांग ली है।इस दौरान जस्टिस सूर्यकांत ने टिप्पणी की, "मजाक जीवन का हिस्सा है और हम अपने ऊपर बने मजाक को स्वीकार कर सकते हैं लेकिन जब आप दूसरों का मजाक बनाना शुरू करते हैं, तो यह संवेदनशीलता का उल्लंघन है।" सुप्रीम कोर्ट ने उनसे यह भी पूछा है कि इस अमानवीय अपराध के लिए उन पर कितना जुर्माना लगाया जाना चाहिए? कोर्ट ने इस मामले में सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय को गाइडलाइंस बनाने का भी निर्देश दिया।

स्कूल भर्ती घोटाले में बड़ी कार्रवाई, सत्तारूढ़ दल के विधायक की गिरफ्तारी

कोलकाता प्रवर्तन निदेशालय ने पश्चिम बंगाल के स्कूलों में शिक्षकों और कर्मचारियों की भर्ती में कथित अनियमितताओं की जांच के सिलसिले में छापेमारी के बाद सोमवार को सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस के विधायक जीवन कृष्ण साहा को गिरफ्तार कर लिया। पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद जिले में उनके आवास पर छापेमारी के बाद उन्हें केंद्रीय जांच एजेंसी ने हिरासत में लिया। सूत्रों के मुताबिक, छापेमारी के दौरान विधायक ने दीवार कूदकर अपने घर से भागने की कोशिश की। उन्होंने अपने फोन भी घर के पीछे एक नाले में फेंक दिए, जो बरामद कर लिए गए हैं। छापेमारी के वीडियो और तस्वीरों में एक भीगे हुए विधायक को ईडी और सीआरपीएफ के अधिकारी उस जगह से ले जाते हुए दिखाई दे रहे हैं, जहां चारों ओर झाड़ियां और कचरा फैला हुआ था। सूत्रों ने बताया कि बुरवान विधानसभा क्षेत्र के विधायक को धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के तहत एजेंसी के साथ सहयोग न करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। उन्होंने यह भी बताया कि छापेमारी में विधायक के कुछ रिश्तेदार और सहयोगी भी शामिल हैं। साहा को 2023 में सीबीआई ने गिरफ्तार किया था साहा को 2023 में सीबीआई ने इस घोटाले से कथित संबंधों के आरोप में गिरफ्तार किया था और बाद में रिहा कर दिया गया था। ईडी का धन शोधन मामला सीबीआई की ओर से दर्ज एक प्राथमिकी से उपजा है, जिसे कलकत्ता हाईकोर्ट ने समूह 'ग' और 'घ' के कर्मचारियों, कक्षा 9 से 12 तक के सहायक शिक्षकों और प्राथमिक शिक्षकों की भर्ती में कथित अनियमितताओं की जांच करने का निर्देश दिया था। माणिक भट्टाचार्य के अलावा कुछ अन्य लोगों को गिरफ्तार किया गया था ईडी ने इससे पहले पश्चिम बंगाल के पूर्व शिक्षा मंत्री पार्थ चटर्जी, उनकी कथित सहयोगी अर्पिता मुखर्जी, टीएमसी विधायक और पश्चिम बंगाल प्राथमिक शिक्षा बोर्ड के पूर्व अध्यक्ष माणिक भट्टाचार्य के अलावा कुछ अन्य लोगों को इस मामले में गिरफ्तार किया था। ईडी की ओर से गिरफ्तारी के बाद चटर्जी को टीएमसी ने निलंबित कर दिया था। ईडी ने इस मामले में अब तक कुल चार आरोपपत्र दाखिल किए हैं।

पीएम-सीएम हटाने वाले बिल पर अमित शाह ने जताई कड़ी नाराजगी, विपक्ष पर निशाना

नई दिल्ली संसद में पेश किए गए संविधान (130वां संशोधन) विधेयक पर जारी विवाद के बीच केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने विपक्ष पर तीखा हमला बोला है. उन्होंने कहा कि विपक्ष इस बिल का विरोध करके लोकतंत्र की गरिमा को ठेस पहुंचा रहा है और जनता को बताना चाहिए कि क्या कोई मुख्यमंत्री (CM), प्रधानमंत्री (PM) या मंत्री जेल से सरकार चला सकता है. उन्होंने विपक्ष पर हमला बोलते हुए कहा कि वे चाहते हैं कि उन्हें जेल से सरकार चलाने का विकल्प मिले. अमित शाह ने एक इंटरव्यू में कहा, "आज भी ये कोशिश कर रहे हैं कि अगर कभी जेल गए तो जेल से ही आसानी से सरकार बना लेंगे. जेल को ही CM हाउस, PM हाउस बना देंगे और DGP, मुख्य सचिव, कैबिनेट सचिव या गृह सचिव जेल से ही आदेश लेंगे." गृह मंत्री ने साफ कहा कि इस बिल के प्रावधान लोकतंत्र की गरिमा के लिए आवश्यक हैं. उनके मुताबिक, अगर कोई प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री या मंत्री गंभीर आरोपों में गिरफ्तार होता है और 30 दिन के भीतर उसे जमानत नहीं मिलती, तो उसे पद छोड़ना होगा. उन्होंने पूछा, "अगर जमानत मिल जाती है तो वे वापस शपथ लेकर पद संभाल सकते हैं, लेकिन जेल से सरकार चलाना क्या लोकतंत्र के लिए उचित है?" 'पीएम मोदी ने PM के पद को शामिल करने पर दिया जोर' अमित शाह ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वयं इस बिल में PM का पद शामिल करने पर जोर दिया. उन्होंने याद दिलाया कि इंदिरा गांधी ने 39वें संशोधन में राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और स्पीकर को न्यायिक समीक्षा से बाहर रखा था, लेकिन मोदी सरकार इसके उलट कदम उठा रही है. विपक्ष द्वारा संसद में बिल पेश करने से रोकने पर शाह ने कहा, "क्या संसद केवल शोरगुल के लिए है या बहस के लिए? हमने भी अतीत में विरोध किया है लेकिन किसी बिल को पेश ही न होने देना अलोकतांत्रिक मानसिकता है. विपक्ष को इसका जवाब जनता को देना होगा." अमित शाह ने कांग्रेस को घेरा कांग्रेस पर हमला करते हुए अमित शाह ने कहा कि जब मनमोहन सिंह सरकार ने लालू यादव को बचाने के लिए अध्यादेश लाया था, तब राहुल गांधी ने उसे सार्वजनिक रूप से फाड़ दिया था. उन्होंने पूछा, "अगर उस दिन नैतिकता थी, तो क्या आज नहीं है क्योंकि कांग्रेस लगातार तीन चुनाव हार चुकी है?" AAP नेता सत्येंद्र जैन और कांग्रेस द्वारा RJD प्रमुख लालू प्रसाद यादव को समर्थन देने का हवाला देते हुए शाह ने विपक्ष पर दोहरे मानदंड अपनाने का आरोप लगाया. उन्होंने कहा, "राहुल गांधी ने मनमोहन सिंह सरकार के अध्यादेश को बकवास बताया और फाड़ दिया, लेकिन आज वही कांग्रेस, सरकार बनाने के लिए लालू यादव को गले लगा रही है." गृह मंत्री अमित शाह ने विपक्ष के 'ब्लैक बिल' कहकर विरोध करने पर कहा कि वे और बीजेपी पूरी तरह इस विचार को खारिज करते हैं कि देश को किसी एक व्यक्ति के बिना चलाया नहीं जा सकता. उन्होंने कहा, "एक सदस्य हटेगा तो पार्टी के अन्य सदस्य सरकार चलाएंगे. जब उन्हें जमानत मिलेगी, वे फिर से पद ग्रहण कर सकते हैं. इसमें आपत्ति क्या है?" उन्होंने उम्मीद जताई कि विधेयक पारित होगा और कांग्रेस और विपक्ष में भी कई लोग नैतिक आधार पर इसे समर्थन देंगे.

सर्जरी के बाद दर्दनाक अंत: पत्नी ने पति के लिए दिया लीवर, दोनों की गई जान

पुणे  महाराष्ट्र के पुणे से एक दुखद मामला सामने आया है। यहां पर एक पत्नी ने अपने पति के जीवन को बचाने के लिए उसे लिवर दान देने का फैसला लिया। इसके बाद एक प्राइवेट हॉस्पिटल में सर्जरी करवाई गई। लेकिन सर्जरी के बाद ही पति की और फिर कुछ दिन बाद पत्नी की भी मौत हो गई। इससे लोगों ने प्राइवेट हॉस्पिटल को लेकर सवाल उठाने शुरू कर दिए हैं। एक अधिकारी ने बताया कि इस घटना के सामने आने के बाद महाराष्ट्र स्वास्थ्य विभाग ने अस्पताल को नोटिस जारी किया है। स्वास्थ्य सेवा की डिप्टी डायरेक्टर डॉक्टर नागनाथ येमपल्ले ने बताया कि सह्याद्री अस्पताल को इस घटना के संबंध में नोटिस जारी कर दिया गया है। उन्हें इस ट्रांसप्लांट से जुड़ी सभी जानकारी सोमवार तक प्रस्तुत करने का निर्देश दिया गया है। उन्होंने कहा, "हमने अस्पताल को एक नोटिस जारी किया है। इसमें पीड़ित की वीडियो रिकॉर्डिंग और उपचार की प्रक्रिया की जानकारी मांगी है। यह रिपोर्ट हमें सुबह 10 बजे तक मिल जाएगी। क्या है पूरा मामला? रिपोर्ट्स के मुताबिक मृतक बापू कोमकर को लिवर की समस्या थी, जिसे लेकर डॉक्टर ने उन्हें ट्रांसप्लांट की सलाह दी। उनकी पत्नी कामिनी ने पति की जान बचाने के लिए उन्हें अपना लिवर दान करने का फैसला लिया। इसके बाद 15 अगस्त को दोनों दी सह्याद्री अस्पताल में सर्जरी हुई। लेकिन सर्जरी के दो दिन बाद ही बापू कोमकर की हालत बिगड़ गई और 17 अगस्त को उनकी मौत हो गई। इसके बाद कामिनी को 21 अगस्त को इन्फेक्शन हो गया और उनकी भी मौत हो गई। दोनों लोगों की मौत हो जाने पर बापू और कामिनी के परिजनों ने अस्पताल के ऊपर लापरवाही बरतने का आरोप लगाया। इतना ही नहीं उन्होंने स्वास्थ्य विभाग से मामले की जांच करने और अस्पताल पर कार्रवाई करने की मांग की। हालांकि अस्पताल की तरफ से अपना बचाव करते हुए कहा गया कि उन दोनों की सर्जरी मेडीकल प्रोटोकॉल का पूरी तरह से पालने करने के बाद ही की गई थी। अस्पताल की तरफ से केस के बारे में जानकारी देते हुए कहा गया कि हम कोमकर परिवार के प्रति अपनी पूरी संवेदना रखते हैं। मरीज को लीवर और अन्य अंगों से जुड़ी कई परेशानियां थीं, यह एक हाई रिस्क केस था। हमने इस सर्जरी के जुड़ी जटिलताओं के बारे में पहले ही परिवार को बता दिया था। सर्जरी पूरी मानक प्रोटोकॉल के बाद ही हुई। दुर्भाग्य से सर्जरी के कुछ दिन बाद ही मरीज को कार्डियोजेनिक शॉक हो गया और उसकी मृत्यु हो गई। जहां तक दानदाता की बात है तो शुरुआत में उन्होंने बेहतर परिणाम दिखाए और अच्छे से रिकवरी की। लेकिन बाद में उन्हें शॉक की वजह से मल्टी ऑर्गन फेलियर जैसी समस्या हो गई, जिसकी वजह से उन्हें बचाया नहीं जा सका। अस्पताल ने स्वास्थ्य विभाग से नोटिस मिलने की सूचना की पुष्टि करते हुए कहा, “हम जांच में पूरा सहयोग करने के लिए तैयार हैं। इस मामले की जांच हो और अच्छी तरह से हो, इसके लिए हम आवश्यक जानकारी और सहायता देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।”

भरभराती बारिश: राजस्थान में तबाही, मुंबई की फ्लाइट्स भी प्रभावित

नई दिल्ली देश के अधिकतर राज्य इन दिनों मॉनसून के कहर से जूझ रहे हैं. पहाड़ी इलाकों से पानी नीचे आ रहा है, जो सब कुछ बहा ले जाने को तैयार है. वहीं मैदानी इलाकों की नदियां उफान पर हैं, जो बाढ़ की स्थिति पैदा कर रही हैं और सबकुछ डुबोने को तैयार हैं. पड़ोसी राज्य पाकिस्तान में भी बाढ़ के हालात हैं, जिसका असर जम्मू में देखने को मिल रहा है. जम्मू में हालात खराब जम्मू कश्मीर में बारिश और बाढ़ से नदियां उफान पर हैं. कई घर डूब गए हैं और रास्ते बंद हो गए हैं. कठुआ में हालात सबसे ज्यादा खराब है. यहां सैलाबी प्रहार से जबरदस्त तबाही मची है. महानपुर में एक पुराना प्राथमिक स्कूल की बिल्डिंग बारिश से बह गई. गनीमत ये है कि अब ये चालू हालात में नहीं था. हिमाचल में लैंडस्लाइड से भारी तबाही हिमाचल के अलग अलग शहरों में लैंडस्लाइड से भारी तबाही की खबर है. जगह जगह पहाड़ टूटने से सड़कों पर मलबा है. साथ ही बादल फटने से कई इलाके सैलाब की चपेट में हैं. उत्तरखंड के भी कई इलाकों में हालात गंभीर बने हुए हैं. मौसम विभाग ने कई इलाकों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया है. हर्षिल में फिर भारी बारिश से तेलगाड नदी में उफान हर्षिल में फिर भारी बारिश से तेलगाड नदी उफान पर आ गई है, जिसके चलते पूरे बाजार और गांव को खाली कराया जा रहा है. भारी बारिश से क्षेत्र में दहशत का माहौल है. स्थानीय लोगों के अनुसार, नदी में लगातार बड़े बोल्डर आने से भागीरथी का प्रवाह रुकने और झील का जलस्तर बढ़ने का खतरा है. बढ़ते जलस्तर को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा कारणों से होटलों, आवासीय भवनों, जीएमवीएन गेस्ट हाउस और पुलिस थाने को खाली कराया है. पंजाब में जबरदस्त सैलाब पंजाब के भी कुछ हिस्से बारिश और बाढ़ की चपेट में हैं. पठानकोट और आसपास के इलाकों में जबरदस्त सैलाब की मार है. अलग अलग जगहों पर नदियां उफान पर हैं और लोगों की जिंदगी दांव पर है. राजस्थान में पिछले 24 घंटे में भारी बारिश से 14 लोगों की जान गई है. प्रदेश सरकार के आपदा प्रबंधन विभाग की तरफ़ से जारी आंकड़ों के अनुसार इस मॉनसून में अब तक 91 लोगों की जान गई है और 51 लोग घायल हुए हैं जबकि 40 मकान गिरे हैं. वहीं 51 पशुओं की भी मौत हो गई है. राजस्थान में पिछले 24 घंटे में गई14 लोगों की जान रविवार को उदयपुर के गाँव में 4 बच्चे डूब कर मर गए हैं. वहीं झालावाड़ में कालीसिंध नदी पर घूमने आए दो लोग कार समेत बह गए. नागौर में मकान गिरने से दो लोगों की मौत हो गई. डीडवाना में मकान ढहने 2 लोग दब गए, सुल्तानपुर में भी एक व्यक्ति की मौत हो गई. इसके अलावा बूँदी में एक व्यक्ति की डूबने से मौत हुई है.  राज्य सरकार के आपदा प्रबंधन के आंकड़ों के अनुसार इस मॉनसून में आकाशीय बिजली गिरने से 24 लोगों की मौत हुई है और 16 लोग घायल हुए हैं जबकि पानी में बहने और डूबने से 44 लोग मरे हैं. दीवार गिरन से अबतक कुल 23 लोग मरे हैं और 35 लोग घायल हुए हैं. राजस्थान में आज भी भारी बारिश का अलर्ट है. सवाई माधोपुर में बारिश के तांडव से जल प्रलय सबसे ज्यादा प्रभावित राजस्थान के सवाई माधोपुर में बारिश के तांडव से पूरे इलाके में जल प्रलय से जैसे हालात हो गए हैं. यहां सड़कें डूबी हैं. लोगों के घर-अस्पताल-दुकान-स्कूल सब पानी में समा गए हैं. सीकर में भी अलसुबह से ही मूसलाधार बारिश का दौर जारी है. भारी बारिश के चलते शहर के कई निचले इलाके जलमग्न हो गए हैं. सीकर में पुलिस चौकी में भी भरा पानी जगह-जगह जलभराव के चलते आमजन को भी भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा. सीकर के बस डिपो स्थित पुलिस चौकी भी पूरी तरह से बारिश के पानी से भर गई. चौकी के अंदर तक पानी भर जाने के कारण वहां रखे कई जरूरी दस्तावेज भी भीग गए, जिससे पुलिस कर्मचारियों को काफी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है. नवसारी में तीन लोग बाढ़ में फंसे गुजरात के नवसारी में भी ऊपरी इलाके में हुई बारिश के चलते मिंढोला नदी का जलस्तर अचानक बढ़ गया, जिससे तीन लोग बाढ़ में फंस गए. 24 घंटे से लापता लोगों की सूचना मिलते ही मरोली पुलिस के जवानों और गाँव के सरपंच समेत लोगों ने ड्रोन की मदद से खोज की तो तीनों लोग पानी के बीच सुरक्षित दिखाई दिए. बचाव अभियान चलाकर नाव की मदद से तीनों लोगों को सुरक्षित निकाला. मुंबई में फिर शुरू हुई बारिश मुंबई में भी एक बार फिर भारी बारिश का दौर शुरू हो गया है, जिससे कई इलाकों में जलभराव की स्थिति पैदा हो गई है. लोअर परेल, गांधी मार्केट समेत कई इलाके जलमग्न हैं. लगातार हो रही बारिश के कारण हवाई यातायात भी प्रभावित हो रहा है, जिससे उड़ान संचालन में मामूली देरी हो रही है. इंडिगो ने इसके लिए ट्रैवल एडवाइजरी जारी की है.    

जहां सस्ती डील, वहां से तेल खरीदेंगे: US से टैरिफ पर भारत की स्थिति

नई दिल्ली भारत की तेल खपत इस समय दुनिया का सबसे बड़ा बातचीत का मुद्दा बना हुआ है। अमेरिका भारत की रूसी तेल खरीद पर अपनी नाराजगी जता रहा है, तो वहीं भारत ने भी साफ तौर पर कह दिया है कि यह उसकी मर्जी के ऊपर है कि वह कहां से तेल खरीदेगा। इस पर और सफाई से अपनी बात रखते हुए रूस में भारत के राजदूत विनय कुमार ने कहा है कि भारतीय कंपनियों को जहां भी बेहतर डील मिलेगी, वहां से तेल खरीदना जारी रखा जाएगा। इतना ही नहीं उन्होंने रूसी तेल खरीद के लिए अमेरिका की तरफ से भारत पर लगाए गए 25 फीसदी टैरिफ को गलत बताया। रूसी समाचार एजेंसी ताश को दिए इंटरव्यू में विनय ने कहा कि भारत अपने 1.4 अरब लोगों की हितों का पूरी तरह से ध्यान रखेगा। उन्होंने भारतीय सरकार का स्टैंड साफ करते हुए बताया कि ट्रंप प्रशासन द्वारा लगाए गए 50 फीसदी टैरिफ के बाद भी सरकार भारतीयों के हितों को साधने में पीछे नहीं हटेगी और राष्ट्रीय हित को हमेशा ही प्राथमिकता देगी। विनय ने कहा, "सबसे पहले, हमने (सरकार) ने स्पष्ट रूप से कहा है कि हमारा उद्देश्य भारत के 1.4 अरब लोगों की ऊर्जा जरूरतों का ध्यान रखना है। इसके अलावा रूस और कई अन्य देशों के साथ मिलकर वैश्विक तेल बाजार में स्थिरता लाने में मदद करना है। इसलिए हमारे ऊपर रूसी तेल खरीद को लेकर अमेरिका की तरफ से जो टैरिफ या जुर्माना लगाया गया है वह पूरी तरह से अनुचित, अविवेकपूर्ण और गलत फैसला है। हमारी सरकार ऐसा कोई कदम उठाने में पीछे नहीं हटेगी, जो की देश राष्ट्रीय सुरक्षा के हित में हो।" कुमार ने कहा कि विश्व का कोई भी व्यापार बेहतर डील और आर्थिक हालात को देखते हुए होता है। इसलिए यदि बेहतर डील और आयात के आधार पर जो सही है वह किया जा रहा है। भारतीय तेल कंपनियों को जहां से भी बेहतर सौदा मिल रहा है वह वहां से खरीदारी करना जारी रखेंगी। वर्तमान स्थिति यही है। उन्होंने कहा कि भारत और रूस के बीच में व्यापार आपसी समझ और दोनों तरफ के लोगों की आम भावनाओं को आधार पर है। यह दोनों देशों की भलाई के लिए है और यह पूरी तरह से बाजार के ऊपर भी है। विनय कुमार का यह बयान ऐसे समय में आया है, जब रूस से तेल खरीद को लेकर अमेरिका की तरफ से 25 फीसदी का अतिरिक्त टैरिफ लगाया गया है। इससे भारत के ऊपर टैरिफ 50 फीसदी हो गया है। हालांकि भारत ने इस मुद्दे पर अमेरिका के फैसले को दो मुंहा व्यवहार बताया था। इतना ही नहीं विदेश मंत्रालय ने कहा था कि चीन और यूरोप और खुद अमेरिका भी रूस से व्यापार कर रहा है। यह अमेरिका का दोहरा रवैया है जो कि पूरी तरह से गलत है। कुछ दिन पहले विदेश मंत्री जयशंकर ने भी भारत के स्टैंड को साफ करते हुए कहा था कि हम हमारी व्यापार नीति, किसानों के हितों और संप्रभुता को लेकर कोई समझौता स्वीकार नहीं करेंगे। इन हितों को साधने के लिए सरकार को जो करना पड़ेगा सरकार करेगी।

असिस्टेंट प्रोफेसर की सैलरी पर सुप्रीम कोर्ट का ऐतराज, गाने को भी बताया बेकार

नईदिल्ली  देश में शिक्षकों की स्थिति पर बड़ी टिप्पणी करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि अगर उन्हें सम्मानजनक वेतन भी नहीं मिल पा रहा है तो फिर 'गुरुर्ब्रह्मा, गुरुर्विष्णु, गुरुर्देवो महेश्वरा' गाना ही बेकार है। गुजरात सरकार की आलोचना करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि कॉन्ट्रैक्चुअल असिस्टेंट प्रोफेसर को मात्र 30 हजार रुपये की सैलरी दी जा रही है, जबकि ऐड हॉक और रेग्युलर असोसिएट प्रफेसर का वेतन 1.2 से 1.4 लाख रुपये के बीच है। जस्टिस पीएस नरसिम्हा और जस्टिस जॉयमाल्या बागची की बेंच ने कहा, जो शिक्षक हमारी आने वाली पीढ़ियों का भविष्य तय करते हैं और उन्हें आने वाले समय के लिए तैयार करते हैं, उनके साथ ही इस तरह का व्यवहार बर्दाश्त नहीं किया जा सकता। बेंच ने कहा, किसी भी देश के लिए शिक्षक रीढ़ की हड्डी की तरह होते हैं जो कि हमारे बच्चों को भविष्य की चुनौतियों और अच्छा जीवन जीने के लिए तैयार करते हैं। शिक्षक ही इस समाज में अपनी रिसर्च, विचारों और मूल्यों के जरिए प्रगति का रास्ता दिखाता है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि यह बड़ी ही चिंता की बात है कि समाज में शिक्षक के अमूल्य योगदान को पहचाना नहीं जा रहा है। कोर्ट ने कहा, अगर शिक्षकों को सम्मानजनक वेतन भी नहीं मिलेगा तो देश में ज्ञान और बौद्धिक सफलता को भी सही स्थान नहं मिल पाएगा। बता दें कि हाई कोर्ट ने अपने फैसले में सरकार को निर्देश दिया था कि इस मामले में 'समान कार्य, समान वेतन' के सिद्धांत का पालन किया जाए। सुप्रीम कोर्ट ने कहा, यह बड़ी ही चिंता की बात है कि असिस्टेंट प्रोफेसर को पिछले दो दशक से इतनी कम सैलरी दी जा रही है। हमें जानकारी मिली है कि 2720 रिक्तियां थीं जिनमें से अब तक 923 पोस्ट पर ही स्थायी भर्ती हुई है। शिक्षकों की कमी से शिक्षा का कार्य भी बाधित हो रहा है। जानकारी के मुताबिक 158 ऐड हॉक और 902 कॉन्ट्रैक्चुअल असिस्टेंट प्रोफेसर की भर्तियां हुई थीं। वहीं 737 पोस्ट अब भी खाली हैं। कोर्ट ने कहा कि बड़ी संख्या में जगहें खाली होने के बावजूद केवल ऐड हॉक और कॉन्ट्रैक्ट बेसिस पर शिक्षक रखे जा रहे हैं।

मौसम विभाग का पूर्वानुमान: 26-28 अगस्त को कई जिलों में झमाझम, 7 जिलों के लिए येलो अलर्ट

केरल  केरल के लिए एक बार फिर भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने बंगाल की खाड़ी में बने कम दबाव के क्षेत्र के कारण अगले दो दिनों के लिए कई जिलों में येलो अलर्ट जारी किया है। अधिकारियों ने लोगों से सतर्क रहने की अपील की है, क्योंकि मंगलवार और बुधवार को तेज हवाओं के साथ भारी बारिश होने की संभावना है। किन जिलों में है अलर्ट? IMD के अनुसार, उत्तरी और मध्य केरल के सबसे ज़्यादा प्रभावित होने की आशंका है। मंगलवार (26 अगस्त): त्रिशूर, मलप्पुरम, कोझिकोड, वायनाड, कन्नूर और कासरगोड जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है। बुधवार (27 अगस्त): यह अलर्ट एर्नाकुलम के साथ-साथ मंगलवार वाले सभी ज़िलों तक बढ़ाया जाएगा। इन 24 घंटों में कुछ जगहों पर 7 से 11 सेंटीमीटर तक की भारी बारिश हो सकती है। मछुआरों और तटीय निवासियों के लिए चेतावनी IMD ने मछुआरों को भी खास चेतावनी दी है। उन्हें केरल, कर्नाटक और लक्षद्वीप के तटों पर समुद्र में न जाने की सलाह दी गई है, क्योंकि हवा की गति 40-60 किमी प्रति घंटे तक पहुँच सकती है, जिससे समुद्री स्थिति बहुत खतरनाक हो जाएगी। तटीय इलाकों में रहने वाले लोगों को भी सावधानी बरतने को कहा गया है। राज्य में इस महीने की शुरुआत में हुई बारिश और तूफानी हवाओं से भारी नुकसान हुआ था, और अब एक और बारिश की आशंका ने अधिकारियों की चिंता बढ़ा दी है। आपदा प्रबंधन अधिकारियों ने सभी स्थानीय प्रशासनों को राहत शिविरों की तैयारी करने के निर्देश दिए हैं।