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सूर्य–चंद्र ग्रहण की पूरी गाइड: पंचांग की मान्यताएं और वैज्ञानिक तथ्य

हिंदू धर्म, शास्त्र और खगोल विज्ञान तीनों में ग्रहण का विशेष महत्व बताया गया है। सूर्य ग्रहण और चंद्र ग्रहण को न केवल खगोलीय घटना माना जाता है, बल्कि इसका आध्यात्मिक और वैज्ञानिक प्रभाव भी स्वीकार किया गया है। वर्ष 2026 में कुल चार ग्रहण लगेंगे, जिनमें दो सूर्य ग्रहण और दो चंद्र ग्रहण शामिल हैं। आइए, हिंदू पंचांग, शास्त्र और आधुनिक विज्ञान के अनुसार 2026 के सभी ग्रहणों की सरल और प्रमाणिक जानकारी जानते हैं। साल 2026 में कितने ग्रहण लगेंगे? हिंदू पंचांग के अनुसार वर्ष 2026 में कुल 4 ग्रहण होंगे। 2 सूर्य ग्रहण 2 चंद्र ग्रहण। इनमें से केवल एक चंद्र ग्रहण भारत में दिखाई देगा, इसलिए उसी ग्रहण में सूतक काल मान्य होगा। शास्त्रों के अनुसार सूतक काल सूर्य ग्रहण से 12 घंटे पहले और चंद्र ग्रहण से 9 घंटे पहले प्रारंभ हो जाता है। सूर्य ग्रहण 2026 की तिथि और समय पहला सूर्य ग्रहण – 17 फरवरी 2026 समय: दोपहर 3:26 बजे से शाम 7:57 बजे तक भारत में दृश्य: नहीं सूतक काल: मान्य नहीं दृश्य क्षेत्र: अफ्रीका, अंटार्कटिका, दक्षिण अमेरिका आदि यह ग्रहण भारत में न दिखने के कारण धार्मिक कार्यों पर कोई प्रतिबंध नहीं होगा। दूसरा सूर्य ग्रहण – 12 अगस्त 2026 समय: रात 9:04 बजे से 13 अगस्त सुबह 4:25 बजे तक भारत में दृश्य: नहीं सूतक काल: मान्य नहीं दृश्य क्षेत्र: यूरोप, ग्रीनलैंड, आइसलैंड, कनाडा आदि चंद्र ग्रहण 2026 की तिथि और समय पहला चंद्र ग्रहण – 3 मार्च 2026 प्रकार: खंडग्रास चंद्र ग्रहण समय: दोपहर 3:20 बजे से शाम 6:47 बजे तक भारत में दृश्य: हां (कुछ भागों में) सूतक काल: मान्य शास्त्रों के अनुसार इस दौरान मंत्र जाप, ध्यान और दान करना शुभ माना गया है। दूसरा चंद्र ग्रहण – 28 अगस्त 2026 समय: सुबह 8:04 बजे से दोपहर 11:22 बजे तक भारत में दृश्य: नहीं सूतक काल: मान्य नहीं ग्रहण काल में क्या करें और क्या न करें? शास्त्र और विज्ञान दोनों के अनुसार मंत्र जाप, ध्यान, नाम स्मरण, भोजन बनाना व ग्रहण करना, मूर्ति स्पर्श और शुभ कार्य। ग्रहण केवल खगोलीय घटना नहीं, बल्कि आत्मिक शुद्धि और साधना का समय भी है। सही जानकारी के साथ ग्रहण काल को समझना हर आयु वर्ग के लिए उपयोगी है।

आज का राशिफल 23 दिसंबर 2025: हनुमान जी की विशेष कृपा इन राशियों पर, किसकी चमकेगी किस्मत?

मेष राशि- आज मन में उतार-चढ़ाव रह सकता है। किसी बात को लेकर जल्दी रिएक्शन देने से बचें। कामकाज में जिम्मेदारी बढ़ सकती है, लेकिन आप उसे संभाल लेंगे। पैसों के मामले में आज जोखिम न लें। घर के किसी बड़े की सलाह काम आ सकती है। शाम के समय मन थोड़ा हल्का होगा। वृषभ राशि- आज का दिन सामान्य लेकिन सुकून देने वाला रहेगा। घर-परिवार से जुड़ी कोई छोटी खुशी मिल सकती है। काम में धीमी लेकिन स्थिर प्रगति होगी। खर्च करने से पहले ज़रूरत और शौक में फर्क समझ लें। सेहत ठीक रहेगी, बस खानपान पर ध्यान रखें। मिथुन राशि- आज बातचीत में सावधानी ज़रूरी है। किसी की बात गलत तरीके से समझी जा सकती है। काम में दौड़भाग रहेगी, लेकिन दिन के अंत तक राहत मिलेगी। पुराने काम निपटाने का अच्छा मौका है। मोबाइल या स्क्रीन से थोड़ी दूरी बनाना फायदेमंद रहेगा। कर्क राशि- आज भावनाएं थोड़ी ज्यादा हावी रह सकती हैं। परिवार या रिश्तों से जुड़ा कोई फैसला सोच-समझकर लें। काम के मामले में आपकी मेहनत नजर आएगी। किसी करीबी का सहयोग मनोबल बढ़ाएगा। नींद पूरी लेने की कोशिश करें। सिंह राशि- आज दिन थोड़ा चुनौती वाला हो सकता है। हर बात अपने मन के मुताबिक नहीं चलेगी। काम में धैर्य और समझदारी दिखाने की ज़रूरत है। किसी से टकराव से बचें। शाम के समय हालात बेहतर होंगे और आत्मविश्वास लौटेगा। कन्या राशि- आज आपके लिए अच्छा दिन है। अटके हुए काम पूरे होने के संकेत हैं। पैसों से जुड़ी कोई राहत मिल सकती है। काम में फोकस बना रहेगा। सेहत सामान्य रहेगी, लेकिन लापरवाही न करें। कोई अच्छी खबर मन खुश कर सकती है। तुला राशि- आज मन असमंजस में रह सकता है। किसी फैसले को लेकर दो राय हो सकती है। जल्दबाज़ी से नुकसान हो सकता है, इसलिए समय लें। रिश्तों में साफ़ और सीधी बात करना बेहतर रहेगा। खर्च पर नियंत्रण रखें। वृश्चिक राशि- आज मेहनत ज्यादा करनी पड़ेगी। काम का दबाव रहेगा, लेकिन आप संभाल लेंगे। किसी पुराने विवाद का हल निकल सकता है। गुस्से में कुछ भी कहने से बचें। शाम को थोड़ा आराम जरूरी रहेगा। धनु राशि- आज नई सोच और नए प्लान बन सकते हैं। काम या पढ़ाई में बदलाव की इच्छा जागेगी। किसी दोस्त या करीबी से मदद मिल सकती है। खर्च बढ़ सकता है, लेकिन ज़रूरी होगा। बाहर जाने या छोटी यात्रा का योग बन सकता है। मकर राशि- आज जिम्मेदारियां बढ़ी हुई रहेंगी। काम को टालने से बचें, वरना दबाव और बढ़ेगा। परिवार में आपकी राय को महत्व मिलेगा। सेहत में हल्की थकान रह सकती है, खुद को आराम दें। कुंभ राशि- आज दिन मिलाजुला रहेगा। काम में मन भटक सकता है, लेकिन कोशिश करें कि फोकस बनाए रखें। किसी दोस्त की परेशानी में मदद करनी पड़ सकती है। पैसों के मामले में सोच-समझकर कदम उठाएं। मीन राशि- आज मन शांत और संतुलित रहेगा। जो है, उसी में संतोष महसूस होगा। रिश्तों में अपनापन बढ़ेगा। काम में धीरे-धीरे सुधार दिखेगा। कोई छोटी-सी खुशी दिन को खास बना सकती है।

वास्तु शास्त्र: अलमारी के ऊपर रखा यह सामान बन सकता है परेशानी की वजह

वास्तु शास्त्र में घर की हर दिशा और हर कोने का अपना महत्व होता है। अक्सर हम अपने घरों में जगह की कमी के कारण या आलस में आकर अलमारी के ऊपर खाली जगह का इस्तेमाल फालतू सामान रखने के लिए करने लगते हैं। पुराने बक्से, सूटकेस, कबाड़ या धूल जमा सामान अलमारी के ऊपर रख दिया जाता है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि आपकी यह एक छोटी सी आदत आपके घर की सुख-शांति और आर्थिक उन्नति को रोक सकती है ? वास्तु के अनुसार, अलमारी के ऊपर सामान रखना न केवल नकारात्मक ऊर्जा को बढ़ाता है, बल्कि यह आपकी खुशियों को नजर लगाने जैसा काम करता है। भारी सामान और मानसिक तनाव का संबंध वास्तु शास्त्र के अनुसार, अलमारी का ऊपरी हिस्सा खाली और साफ होना चाहिए। जब आप अलमारी के ऊपर भारी सामान या अनावश्यक चीजें रखते हैं तो यह उस कमरे की सकारात्मक ऊर्जा के प्रवाह को रोक देता है। इसका सीधा असर घर के मुखिया और सदस्यों के मानसिक स्वास्थ्य पर पड़ता है। यह अनजाने में आपके दिमाग पर 'बोझ' की तरह काम करता है, जिससे बेवजह का तनाव, चिड़चिड़ापन और नींद न आने जैसी समस्याएं हो सकती हैं। नकारात्मक ऊर्जा का जमाव अलमारी के ऊपर रखा सामान अक्सर महीनों तक साफ नहीं किया जाता। वहां धूल-मिट्टी जमा होने लगती है। वास्तु में धूल और कबाड़ को राहु का प्रतीक माना जाता है। अलमारी के ऊपर जमा गंदगी और कबाड़ घर में नकारात्मक ऊर्जा का चक्र  बना देते हैं। इससे घर में अक्सर बीमारियां बनी रहती हैं और बच्चों का मन पढ़ाई में नहीं लगता। आर्थिक तरक्की में बाधा ज्यादातर घरों में अलमारी का उपयोग गहने, पैसे और कीमती दस्तावेज रखने के लिए किया जाता है। अलमारी को लक्ष्मी का स्थान माना जाता है।  यदि लक्ष्मी के स्थान के ऊपर ही गंदगी या फालतू सामान रखा हो, तो माँ लक्ष्मी रुष्ट हो जाती हैं। इससे घर में धन का आगमन रुक जाता है और बचत कम होने लगती है। मेहनत करने के बावजूद आपको उसका फल नहीं मिलता। रिश्तों में बढ़ती है कड़वाहट अलमारी के ऊपर सामान रखने से घर के वास्तु पुरुष के सिर पर दबाव पड़ता है । इसका परिणाम घर के सदस्यों के आपसी रिश्तों पर दिखता है। छोटी-छोटी बातों पर पति-पत्नी के बीच झगड़े होना या परिवार में मतभेद बढ़ना इसी वास्तु दोष का लक्षण हो सकता है।

पुराणों में अधिकमास का महत्व क्या है? जानिए क्यों माना जाता है यह पुण्यकाल

हिंदू पंचांग के अनुसार, साल 2026 एक विशेष साल होने वाला है. इस साल कैलेंडर में एक अतिरिक्त महीना जुड़ेगा, जिसे हम अधिकमास या ‘पुरुषोत्तम मास’ के नाम से जानते हैं. सनातन धर्म में इस महीने को आध्यात्मिक ऊर्जा का केंद्र माना गया है. लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि हर तीन साल में आने वाला यह महीना इतना खास क्यों है और पुराणों में इसे ‘मलमास’ के बजाय ‘पुरुषोत्तम मास’ क्यों कहा गया? आइए जानते हैं. क्यों आता है अधिकमास? हिंदू पंचांग सूर्य और चंद्रमा की गणना पर आधारित है. चंद्र वर्ष: 354 दिनों का होता है. सौर वर्ष: 365 दिन और लगभग 6 घंटे का होता है. इन दोनों के बीच हर साल लगभग 11 दिनों का अंतर आ जाता है. तीन साल में यह अंतर लगभग एक महीने (33 दिन) का हो जाता है. इसी अंतर को पाटने और ऋतुओं का संतुलन बनाए रखने के लिए हर तीसरे साल पंचांग में एक अतिरिक्त महीना जोड़ा जाता है, जिसे अधिकमास कहते हैं. मान्यता के अनुसार, इस दौरान तीर्थ यात्रा और पवित्र नदियों में स्नान करने से जन्म-जन्मांतर के पापों से मुक्ति मिलती है. पुराणों की कथा, मलमास से पुरुषोत्तम मास बनने का सफर पौराणिक कथाओं के अनुसार, अधिकमास को शुरू में ‘मलमास‘ कहा जाता था और इसे शुभ कार्यों के लिए वर्जित माना गया था. इस कारण इस महीने के अधिपति बनने के लिए कोई देवता तैयार नहीं थे.अपनी उपेक्षा से दुखी होकर यह महीना भगवान विष्णु के पास गया. तब भगवान विष्णु ने इसे अपना नाम ‘पुरुषोत्तम’ दिया और वरदान दिया कि जो भी इस महीने में मेरी भक्ति करेगा, उसे अन्य महीनों की तुलना में कई गुना अधिक पुण्य प्राप्त होगा. तब से इस महीने को पुरुषोत्तम मास कहा जाने लगा और यह भगवान विष्णु को बहुत प्रिय हो गया. अधिकमास का धार्मिक महत्व और लाभ पुण्य की प्राप्ति: माना जाता है कि अधिकमास में किया गया एक दिन का पूजन सामान्य दिनों के 100 दिनों के बराबर फल देता है. दोषों की निवृत्ति: इस दौरान व्रत और आत्म-चिंतन करने से कुंडली के दोष और मानसिक तनाव कम होते हैं. विष्णु कृपा: चूंकि यह भगवान विष्णु का महीना है, इसलिए ‘ओम नमो भगवते वासुदेवाय’ मंत्र का जाप मोक्ष प्रदायक माना जाता है. इस महीने में क्या करें और क्या न करें? दान-पुण्य: दीप दान, वस्त्र दान और अन्न दान का विशेष महत्व है. मांगलिक कार्य: विवाह, मुंडन, यज्ञोपवीत और गृह प्रवेश वर्जित होते हैं. मंत्र जाप: विष्णु सहस्रनाम और श्रीमद्भागवत कथा का श्रवण. नया व्यापार: नई संपत्ति की खरीद या नए व्यापार की शुरुआत से बचना चाहिए. व्रत और संयम: सात्विक भोजन और ब्रह्मचर्य का पालन. तामसिक भोजन: मांस, मदिरा और नशीले पदार्थों का सेवन वर्जित है. साल 2026 में कब है अधिकमास? साल 2026 में अधिकमास की शुरुआत 17 मई 2026 रविवार को होगी, वहीं इसका समापन 15 जून 2026 सोमवार को होगा.

सफलता की कुंजी: डॉ. कलाम के यादगार मंत्र

सफल होना तो सभी चाहते हैं लेकिन जरूरी है कि सफल होने के लिए सही दिशा में कदम उठाए जाएं। बिना सही कदम और मार्गदर्शन के अक्सर लोगों को विफलता हाथ लगती है और लोग हताश, निराश हो जाते हैं। ऐसे में जरूरी है कि महान लोगों के विचारों से मोटिवेशन लिया जाए। अगर आप सफल होना चाहते हैं तो मिसाइल मैन, भारत के पूर्व राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम के इन विचारों को जरूर याद रखें। अब्दुल कलाम के महान विचार 1) इससे पहले कि सपने सच हों आपको सपने देखने होंगे 2) अगर तुम सूरज की तरह चमकना चाहते हो तो पहले सूरज की तरह जलो 3) विज्ञान मानवता के लिए एक खूबसूरत तोहफा है, हमें इसे बिगाड़ना नहीं चाहिए। 4) सपने वो नहीं है जो आप नींद में देखे, सपने वो है जो आपको नींद ही नहीं आने दे। 5) महान सपने देखने वालों के महान सपने हमेशा पूरे होते हैं। 6) युवाओं को मेरा संदेश है कि कुछ अलग तरीके से सोचें, कुछ नया करने की कोशिश करें, हमेशा अपना रास्ता खुद बनाएं और असंभव को हासिल करें। 7) हमें हार नहीं माननी चाहिए और हमें समस्याओं को खुद को हराने नहीं देना चाहिए। 8) मैं इस बात को स्वीकार करने के लिए तैयार था कि मैं कुछ चीजें नहीं बदल सकता। 9) आइये हम अपने आज का बलिदान कर दें ताकि हमारे बच्चों का कल बेहतर हो सके। 10) अपने मिशन में कामयाब होने के लिए, आपको अपने लक्ष्य के प्रति एकचित्त निष्ठावान होना पड़ेगा।  

Vastu Shastra: शमी का पौधा कहां लगाएं? जीवन में आएगी खुशहाली और धनलाभ

हिंदू धर्म और वास्तु शास्त्र में पौधों का विशेष महत्व बताया गया है। कुछ पौधे न केवल वातावरण को शुद्ध करते हैं, बल्कि घर में सकारात्मक ऊर्जा और खुशहाली भी लाते हैं। इन्हीं में से एक अत्यंत प्रभावशाली और पवित्र पौधा है, जिसका नाम है 'शमी'। शमी का पौधा घर में लगाने से न केवल शनि देव की कृपा प्राप्त होती है, बल्कि भगवान शिव का आशीर्वाद भी मिलता है। धार्मिक और आध्यात्मिक महत्व है कि शास्त्रों में शमी के पौधे को बहुत ही शुभ माना गया है। ऐसी मान्यता है कि इस पौधे में साक्षात शनि देव का वास होता है। इसके साथ ही, शमी के पत्ते भगवान शिव को अत्यंत प्रिय हैं। अगर नियमित रूप से भगवान शिव पर शमी के पत्र अर्पित किए जाएं, तो जीवन के सभी कष्टों से मुक्ति मिलती है। घर में इसे लगाने से सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है और सुख-समृद्धि का आगमन होता है। किस दिशा में लगाएं शमी का पौधा? वास्तु शास्त्र के अनुसार, किसी भी पौधे का पूर्ण लाभ तभी मिलता है जब उसे सही दिशा में लगाया जाए। शमी के पौधे के लिए निम्नलिखित दिशाओं का ध्यान रखना अनिवार्य है: दक्षिण दिशा: शमी के पौधे को घर की बालकनी, आंगन या छत पर 'दक्षिण दिशा' में लगाना सबसे शुभ माना जाता है। घर के बाहर: यदि आप इसे घर के मुख्य द्वार पर लगा रहे हैं, तो इसे इस तरह लगाएं कि घर से बाहर निकलते समय यह आपके दाहिनी ओर हो। घर के अंदर वर्जित: ध्यान रखें कि शमी के पौधे को कभी भी घर के कमरों के अंदर नहीं लगाना चाहिए। इसे हमेशा खुले स्थान जैसे छत या बालकनी में ही रखें। सावधानियां और विशेष नियम शमी का पौधा लगाते समय कुछ खास नियमों का पालन करना जरूरी है, वरना इसके विपरीत प्रभाव भी पड़ सकते हैं- तुलसी से दूरी: भगवान शिव की पूजा में तुलसी वर्जित है, जबकि शमी उन्हें प्रिय है। इसलिए वास्तु के अनुसार, शमी और तुलसी के पौधे को कभी भी बिल्कुल पास-पास नहीं लगाना चाहिए। स्वच्छता का ध्यान: जहां शमी का पौधा लगा हो, वहां साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखें। पौधे के पास कूड़ा-कचरा, जूते-चप्पल या फटे-पुराने कपड़े न रखें। गंदगी होने से इसका सकारात्मक प्रभाव कम हो जाता है। शनि दोष से राहत: जिन जातकों पर शनि की साढ़ेसाती या ढैय्या चल रही है, उन्हें नियमित रूप से शमी के पौधे के पास सरसों के तेल का दीपक जलाना चाहिए। इससे शनि देव की प्रतिकूल दशा में राहत मिलती है। शमी का पौधा केवल एक वनस्पति नहीं, बल्कि सौभाग्य का प्रतीक है। यदि इसे सही वास्तु नियमों के साथ घर में स्थापित किया जाए और श्रद्धापूर्वक इसकी देखभाल की जाए, तो यह परिवार को मानसिक शांति, आर्थिक लाभ और ईश्वरीय सुरक्षा प्रदान करता है। शनिवार के दिन इस पौधे की विशेष पूजा करना अत्यंत लाभकारी सिद्ध होता है।

शुक्र का धनु में गोचर बना रहा है 100 साल बाद का दुर्लभ समसप्तक योग, इन 4 राशियों की खुलेंगी किस्मत

ज्योतिष शास्त्र में ग्रहों के विशेष संयोग और गोचर को बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है. इसी कड़ी में एक बार फिर दुर्लभ ज्योतिषीय संयोग बन रहा है. करीब 100 वर्षों बाद समसप्तक योग का निर्माण हुआ है, जो कई राशियों के जीवन में बड़े बदलाव ला सकता है. सुख, ऐश्वर्य, प्रेम, सौंदर्य और विलासिता के कारक शुक्र ग्रह 20 दिसंबर की सुबह 7 बजकर 45 मिनट पर धनु राशि में प्रवेश कर चुके हैं. इस स्थिति में शुक्र अब 13 जनवरी 2026 तक धनु राशि में ही विराजमान रहेंगे, इसके बाद वे मकर राशि में गोचर करेंगे. अब तक शुक्र मंगल की राशि वृश्चिक में गोचर कर रहे थे, जहां उनका प्रभाव अपेक्षाकृत कम था. लेकिन धनु राशि में आते ही शुक्र का प्रभाव अधिक खुले, सकारात्मक और विस्तार देने वाला माना जा रहा है. खास बात यह है कि सूर्य और मंगल पहले से ही धनु राशि में मौजूद हैं, जिससे यह गोचर और अधिक शक्तिशाली बन गया है. धनु राशि में शुक्र का महत्व ज्योतिषी शास्त के अनुसार, धनु राशि के स्वामी देवगुरु बृहस्पति हैं, जिन्हें ज्ञान, धर्म, भाग्य, नीति और विस्तार का कारक माना जाता है. वहीं शुक्र ग्रह प्रेम, आकर्षण, सौंदर्य, कला, ऐश्वर्य और भौतिक सुखों का प्रतिनिधित्व करता है. जब बृहस्पति की राशि में शुक्र प्रवेश करता है, तो व्यक्ति के जीवन में संतुलन, विवेक और सुख-साधनों की वृद्धि देखी जाती है. हालांकि यह भी ध्यान देने वाली बात है कि 15 दिसंबर से शुक्र अस्त अवस्था में हैं, और वे 3 फरवरी 2026 को उदित होंगे. अस्त अवस्था के कारण शुक्र के फल में थोड़ी कमी हो सकती है, लेकिन शुभता पूरी तरह समाप्त नहीं होगी. समसप्तक योग का दुर्लभ संयोग शनिवार को शुक्र के धनु राशि में प्रवेश करते ही एक खास ज्योतिषीय स्थिति बनी है. इस समय गुरु मिथुन राशि में विराजमान हैं और शुक्र धनु में. दोनों ग्रह एक-दूसरे से सप्तम भाव में स्थित हैं, जिससे समसप्तक राज योग का निर्माण हो रहा है. यह योग अत्यंत दुर्लभ माना जाता है और लंबे समय बाद बनता है. इन 4 राशि वालों पर पड़ेगा विशेष प्रभाव! इस समसप्तक योग और शुक्र गोचर का सबसे अधिक लाभ मिथुन, धनु, वृषभ और तुला राशि के जातकों को मिलने की संभावना है. मिथुन राशि शुक्र की सीधी दृष्टि मिथुन राशि पर पड़ेगी. इससे करियर में नए अवसर, संवाद कौशल में वृद्धि और व्यापार में लाभ के योग बनेंगे. प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे लोगों के लिए यह समय अनुकूल रहेगा. धनु राशि स्वयं की राशि में शुक्र, सूर्य और मंगल की उपस्थिति आत्मविश्वास को बढ़ाएगी. भाग्य का साथ मिलेगा, रुके हुए काम पूरे हो सकते हैं और सामाजिक मान-सम्मान में वृद्धि होगी. वृषभ राशि आर्थिक स्थिति मजबूत होने के संकेत हैं. आय के नए स्रोत बन सकते हैं. पारिवारिक सुख, वाहन और संपत्ति से जुड़े मामलों में भी सकारात्मक परिणाम मिल सकते हैं. तुला राशि शुक्र की स्वामित्व वाली राशि होने के कारण तुला राशि पर इसका विशेष प्रभाव पड़ेगा. प्रेम संबंधों में मजबूती, दांपत्य जीवन में मधुरता और कला से जुड़े लोगों के लिए सफलता के योग हैं.

लक्ष्मी नारायण योग 2025: नौकरी, व्यापार और घर में खुशियों की सौगात इन राशियों को

कुछ ही दिनों में नया साल 2025 समाप्त होने वाला है, जिसके अंत में लक्ष्मी नारायण राजयोग का निर्माण होगा. पंचांग के अनुसार, इस समय शुक्र धनु राशि में संचरण कर रहे हैं और 29 दिसंबर बुद्धि के दाता बुध भी धनु राशि में प्रवेश कर जाएंगे. शुक्र-बुध एक साथ धनु राशि में चले जाएंगे जिससे लक्ष्मी नारायण राजयोग का निर्माण होगा. ज्योतिष शास्त्र में लक्ष्मी नारायण योग बहुत ही शुभ और विशेष माना जाता है, जिसके बनने से जातकों को सुख-समृद्धि और धन लाभ की प्राप्ति होती है. तो आइए जानते हैं कि साल 2025 के अंत में बनने जा रहे लक्ष्मी नारायण योग से किन राशियों की किस्मत सोने की तरह चमकेगी.  कन्या  साल के अंत में बनने वाला लक्ष्मी नारायण योग कन्या राशि वालों के लिए धन और सुविधाओं में बढ़ोतरी का संकेत दे रहा है. जिन लोगों का पैसा लंबे समय से कहीं अटका हुआ था, उसके वापस मिलने की संभावना है. नौकरीपेशा जातकों को इंक्रीमेंट, बोनस या प्रमोशन की खुशखबरी मिल सकती है. व्यापार करने वालों के लिए यह समय नई डील, पार्टनरशिप और मुनाफे वाला रहेगा. परिवार के साथ अच्छा समय बीतेगा. वृश्चिक वृ्श्चिक राशि के जातकों के लिए यह योग करियर और प्रतिष्ठा के लिहाज से बेहद शुभ माना जा रहा है. ऑफिस में आपके काम की तारीफ होगी. सीनियर्स का पूरा सपोर्ट मिलेगा. जो लोग सरकारी नौकरी या प्रशासन से जुड़े हैं, उन्हें विशेष लाभ मिल सकता है. आर्थिक स्थिति पहले से बेहतर होगी. अचानक धन लाभ के योग भी बन रहे हैं. पारिवारिक मामलों में भी स्थितियां आपके पक्ष में रहेंगी. धनु धनु राशि वालों के लिए साल का अंत भाग्यवर्धक साबित हो सकता है. नई नौकरी, ट्रांसफर या प्रमोशन के योग बन रहे हैं. विदेश से जुड़े काम, पढ़ाई या व्यापार में सफलता मिलने की संभावना है. निवेश से फायदा होगा, खासकर जो लोग पहले से प्लानिंग करके चल रहे हैं. मानसिक तनाव में कमी आएगी. आत्मविश्वास बढ़ेगा, जिससे आप बड़े फैसले लेने में सफल रहेंगे.

आज का राशिफल 22 दिसंबर: मेष से मीन तक जानें आपका दिन कैसा बीतेगा

मेष राशि- आज किस्मत आपका पूरा साथ देगी। नौकरी और कारोबार में आगे बढ़ने के योग बन रहे हैं। जो काम अटके हुए थे, उनमें गति आएगी। सेहत पहले से बेहतर रहेगी। प्रेम और संतान पक्ष भी मजबूत रहेगा। व्यापार में लाभ के संकेत हैं। कुल मिलाकर दिन शुभ रहेगा। पीली वस्तु अपने पास रखें। वृषभ राशि- आज थोड़ा संभलकर चलने की जरूरत है। परिस्थितियां आपके पक्ष में नहीं दिख रही हैं। किसी भी तरह का जोखिम लेने से बचें। बेवजह विवाद या परेशानी में फंस सकते हैं। प्रेम और संतान की स्थिति सामान्य रहेगी। व्यापार ठीक रहेगा, लेकिन सावधानी जरूरी है। पीली वस्तु का दान करें। मिथुन राशि- आज जीवनसाथी के साथ अच्छा समय बीतेगा। मन खुश रहेगा और दिन कुछ हद तक छुट्टी जैसा महसूस होगा। नौकरी, प्रेम, संतान, सेहत और व्यापार- हर क्षेत्र में स्थिति काफी अच्छी रहेगी। सकारात्मक ऊर्जा बनी रहेगी। बजरंगबली को प्रणाम करें। कर्क राशि- आज बड़ों का आशीर्वाद मिलेगा। ज्ञान और समझ में बढ़ोतरी होगी। सेहत थोड़ी मध्यम रह सकती है, इसलिए ध्यान रखें। प्रेम और संतान से जुड़े मामलों में सुधार रहेगा। व्यापार में भी लाभ के संकेत हैं। भगवान शिव का जलाभिषेक करें। सिंह राशि- आज विद्यार्थियों और रचनात्मक क्षेत्र से जुड़े लोगों के लिए दिन अच्छा है। लेखक, कवि और कलाकारों को सफलता मिल सकती है। सेहत ठीक रहेगी, लेकिन भावनाओं में बहकर कोई फैसला न लें। प्रेम और संतान पक्ष थोड़ा कमजोर रह सकता है। व्यापार अच्छा चलेगा। पीली वस्तु पास रखें। कन्या राशि- आज मन थोड़ा परेशान और बेचैन रह सकता है। खर्च बढ़ सकते हैं। बेवजह चिंता करने से बचें। हालांकि प्रेम, संतान और व्यापार से जुड़ी स्थिति ठीक रहेगी। मां काली को प्रणाम करते रहें। तुला राशि- आज घर-परिवार में थोड़ी नोकझोंक हो सकती है, लेकिन भूमि, मकान या वाहन खरीदने के योग बन रहे हैं। सेहत अच्छी रहेगी। प्रेम और संतान से खुशी मिलेगी। व्यापार में भी लाभ होगा। बस घरेलू तनाव से बचने की कोशिश करें। पीली वस्तु का दान करें। वृश्चिक राशि- आज आय के नए स्रोत बन सकते हैं। पुराने कामों से भी पैसा मिलने के योग हैं। सेहत अच्छी रहेगी। प्रेम और संतान से सुख मिलेगा। व्यापार में लाभ होगा। हरी वस्तु पास रखें। धनु राशि- आज आपका पराक्रम रंग लाएगा। मेहनत का पूरा फल मिलेगा। व्यापार की स्थिति मजबूत होगी। परिवार और अपनों का सहयोग मिलेगा। सेहत अच्छी रहेगी। प्रेम और संतान का साथ मिलेगा। पीली वस्तु का दान करें। मकर राशि- आज धन लाभ के अच्छे योग बन रहे हैं। परिवार में खुशखबरी मिल सकती है। सेहत अच्छी रहेगी। प्रेम और संतान से जुड़ी बातें आपके पक्ष में रहेंगी। व्यापार में भी फायदा होगा। लाल वस्तु अपने पास रखें। कुंभ राशि- आज मन में सकारात्मक ऊर्जा बनी रहेगी। जरूरत के अनुसार चीजें जीवन में मिलती जाएंगी। प्रेम और संतान से थोड़ी दूरी महसूस हो सकती है। व्यापार अच्छा रहेगा। लाल वस्तु पास रखें। मीन राशि- आज व्यापार की स्थिति अच्छी रहेगी। सरकारी कामों में सफलता मिल सकती है। कोर्ट-कचहरी के मामलों में जीत के संकेत हैं। सेहत, प्रेम और व्यापार तीनों ही अच्छे रहेंगे। लाल वस्तु का दान करें।

आज का राशिफल (21 दिसंबर): नौकरी, व्यापार, सेहत और प्रेम—12 राशियों का पूरा हाल

मेष राशि- आज का दिन मेहनत और धैर्य से आगे बढ़ने का है। कामकाज में जिम्मेदारियां बढ़ सकती हैं, लेकिन आप उन्हें अच्छे से निभा पाएंगे। प्रेम जीवन में छोटी बातों पर बहस से बचें। पैसों के मामले में स्थिति ठीक रहेगी, लेकिन फिजूलखर्ची न करें। सेहत सामान्य रहेगी, बस थकान महसूस हो सकती है। वृषभ राशि- आज रिश्तों में समझदारी जरूरी रहेगी। पार्टनर की भावनाओं को समझने की कोशिश करें। ऑफिस में टीमवर्क से फायदा होगा। आर्थिक स्थिति संतुलित रहेगी और पुराने बकाया चुकाने का मौका मिल सकता है। सेहत ठीक रहेगी, लेकिन खानपान पर ध्यान दें। मिथुन राशि- आज का दिन बातचीत और संपर्कों के लिए अच्छा है। प्रेम जीवन में खुशी रहेगी और नए रिश्ते बन सकते हैं। करियर में नए आइडिया सराहे जाएंगे। पैसों से जुड़ा कोई फैसला आपके पक्ष में जा सकता है। सेहत को लेकर गले या थकान की समस्या हो सकती है। कर्क राशि- आज भावनाओं पर नियंत्रण रखना जरूरी है। प्रेम जीवन में शांति बनाए रखें और बेवजह की बातों से दूर रहें। नौकरी में बदलाव या नई जिम्मेदारी मिल सकती है। आर्थिक स्थिति मजबूत रहेगी। सेहत ठीक रहेगी, लेकिन वाहन चलाते समय सावधानी रखें। सिंह राशि- आज आत्मविश्वास बढ़ा रहेगा। प्रेम जीवन में मधुरता आएगी। करियर में आपकी मेहनत नजर आएगी और तारीफ मिल सकती है। पैसों के मामले में दिन ठीक रहेगा, लेकिन जोखिम से बचें। सेहत सामान्य रहेगी। कन्या राशि- आज नए लोगों से मुलाकात फायदेमंद रहेगी। प्रेम जीवन में दोस्ती मजबूत होगी। करियर में नए अवसर मिल सकते हैं। आर्थिक स्थिति अच्छी रहेगी। सेहत ठीक रहेगी। तुला राशि- आज कामकाज में व्यस्तता रहेगी। प्रेम जीवन में बातचीत से गलतफहमियां दूर होंगी। ऑफिस में सीनियर्स का सहयोग मिलेगा। खर्च बढ़ सकते हैं, इसलिए बजट संभालकर चलें। सेहत में पेट या तनाव से जुड़ी परेशानी हो सकती है। वृश्चिक राशि- आज भावनात्मक रूप से मजबूत रहेंगे। प्रेम जीवन में समझ बढ़ेगी। करियर में मेहनत का फल मिलेगा। पैसों के मामले में दिन अनुकूल है। सेहत ठीक रहेगी, लेकिन पानी ज्यादा पिएं। धनु राशि- आज संतुलन बनाकर चलने का दिन है। रिश्तों में मधुरता बनी रहेगी। करियर में नए मौके मिल सकते हैं। आर्थिक स्थिति बेहतर होगी और आय में बढ़ोतरी के योग हैं। सेहत अच्छी रहेगी। मकर राशि- आज भाग्य आपका साथ देगा। प्रेम जीवन में नए अवसर मिल सकते हैं। करियर में तरक्की के संकेत हैं। आर्थिक स्थिति मजबूत रहेगी। सेहत अच्छी रहेगी, लेकिन आलस्य से बचें। कुंभ राशि- आज काम को प्राथमिकता देनी होगी। रिश्तों में थोड़ी दूरी महसूस हो सकती है, लेकिन बातचीत से हल निकलेगा। पैसों के मामले में खर्च बढ़ सकता है। सेहत सामान्य रहेगी, बस आराम करें। मीन राशि– आज का दिन कुंभ राशि वालों के लिए मेहनत, समझदारी और संयम का है। दिन की शुरुआत थोड़ी व्यस्त हो सकती है, लेकिन जैसे-जैसे दिन आगे बढ़ेगा, स्थितियां आपके पक्ष में आती जाएंगी। कामकाज से जुड़े मामलों में जिम्मेदारियां बढ़ सकती हैं, लेकिन आप उन्हें अच्छे से निभाने में सफल रहेंगे।