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बालकनी में लगाएं ये 3 शुभ पौधे, वास्तु के अनुसार घर में बनी रहेगी सकारात्मकता

घर की बालकनी ऐसी जगह होती है, जहां सुबह की धूप और ताजी हवा का आनंद लिया जा सकता है. यही वजह है कि बहुत से लोग बालकनी को हरे-भरे पौधों से सजाना पसंद करते हैं. लेकिन अगर आप वास्तु में विश्वास रखते हैं, तो पौधे लगाते समय उनकी दिशा और जगह का ध्यान रखना भी जरूरी माना जाता है l वास्तु शास्त्री बाबा बिमलेश के अनुसार, बालकनी में सही दिशा और सही पौधे रखने से घर का माहौल सकारात्मक बनाए रखने में मदद मिल सकती है. वास्तु के अनुसार कुछ पौधों को घर में सकारात्मक माहौल से जोड़कर देखा जाता है. आइए जानते हैं बालकनी में कौन से पौधे (Balcony Vastu Plants) लगाए जा सकते हैं l तुलसी का पौधा है शुभ बालकनी में तुलसी का पौधा लगाना काफी अच्छा माना जाता है. वास्तु में इसे सकारात्मकता और शुद्धता से जोड़कर देखा जाता है. अगर आपकी बालकनी में सुबह की धूप आती है, तो यहां तुलसी का पौधा रखा जा सकता है. तुलसी को नियमित रूप से पानी और पर्याप्त रोशनी मिलती रहे, इसका भी ध्यान रखें l मनी प्लांट (Balcony Vastu Plants) मनी प्लांट घर की सजावट के लिए काफी पसंद किया जाता है. वास्तु मान्यताओं में इसे धन और समृद्धि से जोड़कर देखा जाता है. इसकी बेल बालकनी को हरा-भरा और खूबसूरत बना सकती है. इसे ऐसी जगह रखें जहां पौधे को रोशनी मिल सके, लेकिन तेज धूप से पत्तियां खराब न हों l शमी का पौधा वास्तु मान्यताओं में शमी के पौधे को काफी शुभ माना जाता है. इसे घर में सकारात्मकता और सुख-समृद्धि से जोड़कर देखा जाता है. अगर बालकनी में पर्याप्त धूप आती है, तो यहां शमी का पौधा (Balcony Vastu Plants) लगाया जा सकता है. मान्यता है कि शमी का पौधा घर के लिए शुभ ऊर्जा बनाए रखने में मदद करता हैl  

श्रीकृष्ण की प्रिय हैं ये 4 राशियां, जन्माष्टमी पर करें ये उपाय तो मिलेगा धन-सुख और सफलता का आशीर्वाद

हर वर्ष श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का पर्व भाद्रपद की कृष्ण अष्टमी को मनाया जाता है. आज श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का पर्व पूरे देश में मनाया जा रहा है. इस दिन निशीथ काल में भगवान कृष्ण के स्वरूप लड्डू गोपाल का पूजन किया जाता है. दरअसल, भगवान श्रीकृष्ण को प्रेम, करुणा, बुद्धिमत्ता और जीवन में सही समय पर सही निर्णय लेने के लिए जाना जाता है. उनकी लीलाओं और गीता के उपदेशों में जीवन को बेहतर तरीके से जीने के कई सूत्र मिलते हैं. जन्माष्टमी के अवसर पर भक्त कान्हा की पूजा करते हैं, व्रत रखते हैं और उन्हें माखन-मिश्री समेत कई चीजों का भोग लगाते हैं l ज्योतिषीय मान्यताओं में कुछ राशियों को भगवान श्रीकृष्ण से विशेष रूप से जोड़कर देखा जाता है. कहा जाता है कि इन राशियों के जातकों पर कान्हा की कृपा बनी रहे तो जीवन में आगे बढ़ने के अवसर मिलते हैं और परेशानियों से निकलने का रास्ता भी मिलता है. तो आइए जानते हैं श्रीकृष्ण की कौन-कौन सी हैं प्रिय राशियांl वृषभ राशि: सुख-सुविधाओं के साथ तरक्की वृषभ राशि को भगवान श्रीकृष्ण की प्रिय राशियों में शामिल माना जाता है. इस राशि के जातक आमतौर पर धैर्यवान और अपने लक्ष्य को लेकर काफी गंभीर होते हैं. ये लोग जल्दबाजी में फैसले लेने के बजाय सोच-समझकर आगे बढ़ना पसंद करते हैं. ज्योतिषीय मान्यता है कि श्रीकृष्ण की कृपा से वृषभ राशि वालों को जीवन में सुख-सुविधाओं और आर्थिक स्थिरता का लाभ मिल सकता है. मेहनत के साथ अगर इनका भाग्य भी साथ दे तो ये अपने लिए अच्छी संपत्ति और मजबूत आर्थिक स्थिति बनाने में सफल हो सकते हैं l   जन्माष्टमी पर क्या करें: भगवान श्रीकृष्ण को माखन-मिश्री का भोग लगाकर उनका ध्यान करें और अपनी मनोकामना के लिए प्रार्थना करें l   कर्क राशि: मुश्किल वक्त में मिलता है सहारा कर्क राशि के जातकों को भी कान्हा की प्रिय राशियों में माना जाता है. ये लोग भावुक होने के साथ-साथ अपने परिवार और रिश्तों को लेकर काफी संवेदनशील होते हैं. इनके लिए भावनात्मक सुरक्षा और अपनों का साथ काफी मायने रखता है l मान्यता है कि श्रीकृष्ण की कृपा से कर्क राशि वालों को मुश्किल परिस्थितियों में सही रास्ता खोजने की शक्ति मिलती है. आर्थिक मामलों में भी समय के साथ सुधार के अवसर बन सकते हैं. अगर ये लोग अपने कर्मों पर ध्यान दें और धैर्य बनाए रखें तो परिस्थितियां इनके पक्ष में आ सकती ह l जन्माष्टमी पर क्या करें: कान्हा को दूध से बनी मिठाई का भोग लगाएं और जरूरतमंद व्यक्ति की मदद करें l सिंह राशि: मेहनत से हासिल करते हैं बड़ा मुकाम सिंह राशि के जातकों में आत्मविश्वास और नेतृत्व क्षमता मजबूत मानी जाती है. ये लोग किसी काम को हाथ में लेने के बाद उसे पूरा करने की कोशिश करते हैं. यही वजह है कि इनके लिए मेहनत और लगातार प्रयास सफलता की कुंजी बनते हैं. ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार भगवान श्रीकृष्ण की कृपा सिंह राशि वालों के आत्मविश्वास को और मजबूत कर सकती है. नौकरी हो या कारोबार, सही रणनीति के साथ आगे बढ़ने पर इन्हें अच्छे परिणाम मिलने की संभावना रहती है. इस राशि के जातकों के लिए सबसे जरूरी है कि सफलता मिलने के बाद भी अहंकार से बचें. श्रीकृष्ण के जीवन और गीता के संदेशों में कर्म को महत्व दिया गया है, इसलिए सिंह राशि वालों के लिए भी अपने कर्म पर फोकस करना लाभकारी माना जाता है. जन्माष्टमी पर क्या करें: श्रीकृष्ण के साथ राधा रानी का पूजन करें और गाय को हरा चारा खिलाएं. तुला राशि: धन के साथ सम्मान भी मिलता है तुला राशि को भी श्रीकृष्ण की प्रिय राशियों में गिना जाता है. इस राशि के जातक संतुलन बनाने और परिस्थितियों को समझकर फैसला लेने में अच्छे माने जाते हैं. यही गुण उन्हें करियर और निजी जीवन दोनों में आगे बढ़ने में मदद कर सकता है l ज्योतिषीय मान्यता के अनुसार तुला राशि वालों पर कान्हा की कृपा बनी रहे तो जीवन में सुख-सुविधाओं के साथ आर्थिक उन्नति के अवसर भी मिल सकते हैं. मेहनत और सही निर्णयों के जरिए ये लोग धन के साथ समाज में सम्मान भी हासिल कर सकते हैं l जन्माष्टमी पर क्या करें: भगवान श्रीकृष्ण को माखन-मिश्री का भोग लगाएं और ऊं नमो भगवते वासुदेवाय मंत्र का जाप करें l

चाणक्य नीति: इन 7 मौकों पर रहें बिल्कुल चुप, वरना बढ़ सकती है आपकी परेशानी

 कई बार हमें लगता है कि किसी को सही सलाह देकर हम उसकी परेशानी कम कर सकते हैं. लेकिन हर व्यक्ति सलाह सुनने और उसे समझने के लिए तैयार हो, यह जरूरी नहीं है. कुछ परिस्थितियों में जरूरत से ज्यादा बोलना या सामने वाले को समझाने की कोशिश करना उल्टा हमारे लिए ही परेशानी खड़ी कर सकता है. आचार्य चाणक्य ने अपनी नीतियों में ऐसे ही मौकों पर मौन रहने को बुद्धिमानी बताया है. उनके अनुसार सही समय पर चुप रहना भी एक तरह की समझदारी है l 1.  जब सामने वाला आपकी बात समझना ही न चाहे अगर किसी व्यक्ति को अपनी गलती स्वीकार करने या सही बात समझने में कोई रुचि नहीं है, तो उसे बार-बार सलाह देना व्यर्थ हो सकता है. चाणक्य नीति के अनुसार ऐसे व्यक्ति को समझाने में अपनी ऊर्जा खर्च करने के बजाय मौन रहना बेहतर है l कई बार बहस में सही साबित होने से ज्यादा जरूरी यह होता है कि हम यह समझें कि सामने वाला हमारी बात सुनने की स्थिति में है या नहीं l 2.  जहां बात-बात पर बहस हो ऐसी जगह जहां लोग किसी विषय को समझने के बजाय केवल बहस करने या अपनी बात साबित करने के लिए जुटे हों, वहां सोच-समझकर बोलना चाहिए l चाणक्य के अनुसार बिना जरूरत किसी विवाद में पड़ना बुद्धिमानी नहीं है. हर सवाल का जवाब देना या हर बहस में शामिल होना जरूरी नहीं होता. कुछ मौकों पर चुप रहकर वहां से हट जाना ही बेहतर विकल्प होता है l 3.  जहां आपको सम्मान नहीं मिल रहा हो जिस जगह आपकी बात को महत्व नहीं दिया जा रहा हो या लोग केवल आपको नीचा दिखाने की कोशिश कर रहे हों, वहां अपनी सफाई देते रहना उचित नहीं है l चाणक्य नीति में अपनी योजनाओं और महत्वपूर्ण बातों को हर किसी के सामने जाहिर न करने की सीख दी गई है. ऐसे माहौल में शांत रहकर अपने काम पर ध्यान देना ज्यादा समझदारी भरा कदम हो सकता है l 4.  जब किसी विषय की पूरी जानकारी न हो किसी मुद्दे के बारे में आधी-अधूरी जानकारी होने पर तुरंत अपनी राय देना कई बार नुकसान पहुंचा सकता है. अधूरी जानकारी के आधार पर कही गई बात आपको दूसरों के सामने असहज स्थिति में डाल सकती है l इसलिए जब किसी विषय की पूरी जानकारी न हो तो पहले उसे समझना और फिर अपनी बात रखना बेहतर है. कई बार कुछ देर का मौन गलत जानकारी देने से कहीं ज्यादा अच्छा होता है l इन मौकों पर भी रखें मौन चाणक्य नीति के अनुसार कुछ परिस्थितियों में व्यक्ति को विशेष रूप से अपनी जुबान पर नियंत्रण रखना चाहिए. गुस्से में: क्रोध के दौरान कही गई बात रिश्तों में लंबे समय तक कड़वाहट पैदा कर सकती है. पारिवारिक विवाद में: घर की निजी और गोपनीय बातें दूसरों के सामने बताने से बचना चाहिए. निंदा के दौरान: किसी की बुराई में शामिल होने के बजाय खुद को उस बातचीत से दूर रखना बेहतर है.

भगवान श्रीकृष्ण से जुड़े ये 7 रहस्यमयी स्थान, आज भी कायम है हजारों साल पुरानी आस्था

 भगवान श्रीकृष्ण… एक ऐसा नाम, जिसमें आस्था है, अध्यात्म है और भारतीय सभ्यता की हजारों वर्षों पुरानी सांस्कृतिक चेतना भी समाई हुई है. हिंदू परंपरा में श्रीकृष्ण केवल एक आराध्य देव नहीं, बल्कि ऐसे विराट व्यक्तित्व हैं, जिनकी लीलाओं, विचारों और संदेशों ने भारतीय समाज और दर्शन पर गहरा प्रभाव छोड़ा है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, द्वापर युग में भगवान श्रीकृष्ण ने भारत के अलग-अलग हिस्सों में अनेक लीलाएं कीं. मथुरा की गलियों से लेकर वृंदावन के कुंजों तक, गोवर्धन पर्वत से लेकर समुद्र तट पर बसे द्वारका तक और कुरुक्षेत्र के युद्धक्षेत्र से लेकर गुजरात के प्रभास क्षेत्र तक, कई स्थान आज भी श्रीकृष्ण की स्मृतियों और मान्यताओं से जुड़े हुए हैं. इन स्थानों से जुड़ी कथाएं सदियों से भारतीय जनमानस का हिस्सा रही हैं. कहीं इन्हें धार्मिक आस्था का प्रतीक माना जाता है तो कहीं पुरातात्विक खोजों ने प्राचीन सभ्यताओं और बसावटों के नए संकेत दिए हैं. आइए जानते हैं भगवान श्रीकृष्ण से जुड़े उन प्रमुख स्थानों और मान्यताओं के बारे में, जिनकी चर्चा आज भी इतिहास, पुरातत्व और आस्था के बीच होती है. द्वारका: समुद्र किनारे बसी श्रीकृष्ण की नगरी भगवान श्रीकृष्ण से जुड़े सबसे रहस्यमय और चर्चित स्थानों में द्वारका का नाम प्रमुख है. गुजरात के सौराष्ट्र क्षेत्र में समुद्र तट पर स्थित द्वारका को धार्मिक ग्रंथों में भगवान श्रीकृष्ण की नगरी बताया गया है. मान्यता है कि मथुरा छोड़ने के बाद भगवान श्रीकृष्ण ने समुद्र तट के पास द्वारका नगरी की स्थापना की थी. द्वारका का उल्लेख श्रीमद्भागवत महापुराण के अलावा महाभारत, हरिवंश पुराण, विष्णु पुराण और स्कंद पुराण जैसे प्राचीन ग्रंथों में भी मिलता है. भागवत पुराण में द्वारका को समुद्र के भीतर बसाए गए एक भव्य और सुरक्षित नगर के रूप में वर्णित किया गया है. वहीं, महाभारत के मौसल पर्व में भगवान श्रीकृष्ण के पृथ्वी से प्रस्थान के बाद द्वारका के समुद्र में समा जाने का वर्णन मिलता है. धार्मिक कथाओं के अनुसार, भगवान श्रीकृष्ण ने अपने जीवन का एक लंबा समय द्वारका में बिताया और यहीं से यादव वंश के राज्य का संचालन किया था. गोवर्धन पर्वत: जब श्रीकृष्ण ने उठाया था गिरिराज भगवान श्रीकृष्ण की सबसे प्रसिद्ध लीलाओं में गोवर्धन धारण की कथा भी शामिल है. मथुरा से करीब 26 किलोमीटर दूर स्थित गोवर्धन पर्वत को श्रद्धालु गिरिराज महाराज के रूप में पूजते हैं. श्रीमद्भागवत महापुराण और अन्य धार्मिक ग्रंथों में वर्णित कथा के अनुसार, ब्रजवासी वर्षा के देवता इंद्र को प्रसन्न करने के लिए विशेष पूजा और यज्ञ किया करते थे. भगवान श्रीकृष्ण ने ब्रजवासियों को इंद्र की बजाय गोवर्धन पर्वत और प्रकृति की पूजा करने का संदेश दिया. ब्रजवासियों द्वारा इंद्र की पूजा बंद किए जाने से इंद्र क्रोधित हो गए. मान्यता है कि उन्होंने ब्रज क्षेत्र में मूसलाधार वर्षा शुरू करा दी. लगातार हो रही बारिश से जब ब्रज में संकट उत्पन्न हुआ, तब भगवान श्रीकृष्ण ने अपनी छोटी उंगली पर गोवर्धन पर्वत को उठा लिया था. कथा के अनुसार, ब्रजवासी और उनका गौवंश सात दिन और सात रात तक गोवर्धन पर्वत के नीचे सुरक्षित रहे. अंततः इंद्र को अपनी भूल का एहसास हुआ और उन्होंने भगवान श्रीकृष्ण से क्षमा मांगी. आज भी गोवर्धन की परिक्रमा करने के लिए देश-दुनिया से लाखों श्रद्धालु पहुंचते हैं. श्रद्धालु गोवर्धन पर्वत को भगवान श्रीकृष्ण का स्वरूप मानते हैं और पूरी श्रद्धा के साथ इसकी परिक्रमा करते हैं. निधिवन: जहां आज भी जीवित है रासलीला की मान्यता वृंदावन स्थित निधिवन भगवान श्रीकृष्ण से जुड़ी सबसे रहस्यमय धार्मिक मान्यताओं में से एक है. यहां के बारे में श्रद्धालुओं का विश्वास है कि भगवान श्रीकृष्ण आज भी रात्रि के समय राधा रानी के साथ रासलीला करते हैं. धार्मिक परंपराओं और ब्रज की लोकमान्यताओं में निधिवन का विशेष महत्व है. मान्यता है कि शाम की आरती के बाद निधिवन परिसर को खाली करा दिया जाता है और रात के समय यहां किसी को रुकने की अनुमति नहीं होती है. निधिवन परिसर में स्थित रंग महल से भी कई धार्मिक मान्यताएं जुड़ी हैं. यहां प्रतिदिन भगवान के लिए माखन-मिश्री और अन्य सामग्री रखी जाती है. स्थानीय मान्यताओं के अनुसार, सुबह मंदिर के पट खुलने पर वहां की व्यवस्था में परिवर्तन देखने को मिलता है. हालांकि, ये बातें धार्मिक आस्था और स्थानीय परंपराओं का हिस्सा हैं और इन्हें वैज्ञानिक प्रमाण के रूप में नहीं देखा जाता. इसके बावजूद निधिवन आज भी श्रीकृष्ण भक्तों के लिए गहरी श्रद्धा और रहस्य का केंद्र बना हुआ है. प्रभास क्षेत्र: जहां श्रीकृष्ण ने संवारी अपनी अंतिम लीला भगवान श्रीकृष्ण के पृथ्वी पर अंतिम समय को लेकर भी धार्मिक ग्रंथों में विस्तार से वर्णन मिलता है. मान्यताओं के अनुसार, यदुवंश के विनाश के बाद भगवान श्रीकृष्ण ने अपनी सांसारिक लीला को समाप्त करने का निर्णय लिया था. धार्मिक कथा के अनुसार, भगवान श्रीकृष्ण एक वन में पीपल के पेड़ के नीचे विश्राम कर रहे थे. इसी दौरान जरा नाम के एक शिकारी ने उनके चरण को हिरण समझकर तीर चला दिया. बाद में जब उसे अपनी भूल का पता चला तो वह अत्यंत दुखी हुआ. मान्यता है कि इसके बाद भगवान श्रीकृष्ण ने पृथ्वी से अपनी लीला संवरण की और अपने धाम को प्रस्थान किया. गुजरात के प्रभास क्षेत्र और वेरावल के पास स्थित देहोत्सर्ग तीर्थ को इस घटना से जोड़ा जाता है. यह स्थान आज भी श्रद्धालुओं के लिए गहरी आस्था का केंद्र है. यहां भगवान श्रीकृष्ण के चरणों और उनके देहोत्सर्ग से जुड़ी धार्मिक स्मृतियों का दर्शन करने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं. मथुरा और वृंदावन: श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं की धरती भगवान श्रीकृष्ण की कथा मथुरा के बिना अधूरी है. धार्मिक मान्यता के अनुसार, मथुरा में ही देवकी और वसुदेव के घर श्रीकृष्ण का जन्म हुआ था. इसके बाद उन्हें गोकुल पहुंचाया गया, जहां उनका पालन-पोषण यशोदा और नंद बाबा ने किया. गोकुल, वृंदावन और बरसाना से श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं, गोचारण, माखन चोरी और रासलीला की अनगिनत कथाएं जुड़ी हुई हैं. आज भी ब्रज क्षेत्र का पूरा सांस्कृतिक जीवन श्रीकृष्ण भक्ति के रंग में रंगा हुआ दिखाई देता है. जन्माष्टमी, होली, राधाष्टमी और अन्य पर्वों के दौरान यहां की छटा विशेष रूप से देखने लायक होती है. प्रभास क्षेत्र: जहां श्रीकृष्ण ने संवारी अपनी अंतिम लीला भगवान श्रीकृष्ण के पृथ्वी पर अंतिम समय … Read more

4 सितंबर राशिफल: शुक्रवार का दिन इन राशियों के लिए रहेगा बेहद शुभ, मां लक्ष्मी करेंगी मेहरबानी

मेष राशि- हाइड्रेटेड रहें और सेल्फ-केयर पर फोकस करें। करियर और फाइनेंशियल लाइफ आज नॉर्मल रहेगी। आज आपको पॉजिटिव एटीट्यूड मेन्टेन करना चाहिए। फिटनेस पर ध्यान दें। वृषभ राशि- आपके दिन की शुरुआत अच्छी होगी लेकिन अंत मध्यम रहेगा। कुछ अप्रत्याशित घटनाएं आपके काम करने की स्पीड को धीमा कर सकती हैं। आप मनमुताबिक परिणाम प्राप्त नहीं कर सकेंगे। मिथुन राशि- खुद को और स्किन को हेल्दी रखने के लिए आपको डाइट में हरी सब्जियां शामिल करनी चाहिए। आज का दिन आपके लिए भाग्यशाली साबित हो सकता है। आपके काम की सराहना होगी। कर्क राशि- तनाव से दूर रहें। नौकरीपेशा लोगों को तरक्की और लाभ देखने को मिल सकता है। व्यवसायियों को अपने खर्चों के प्रति सावधानी बरतनी चाहिए। जीवनसाथी के साथ बहस करने से बचें। सिंह राशि- यह एक सपने के सच होने जैसा दिन होगा। आर्थिक स्थिति अच्छी रहेगी और व्यवसायी अपने काम का विस्तार करेंगे और अच्छा मुनाफा हासिल करेंगे। ऑयली फूड से दूरी बनाएं। कन्या राशि- आपको अपने लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए बहुत ज्यादा प्रयास करने पड़ सकते हैं। पार्टनरशिप में व्यवसाय करने वालों में मतभेद हो सकता है, जिससे दरार पड़ सकती है। मेंटल हेल्थ पर ध्यान दें। तुला राशि- करियर में कुछ उतार-चढ़ाव का सामना करना पड़ेगा। आपके खर्चे आसमान नाप सकते हैं। आपको अपनी फाइनेंशियल कंडीशन के प्रति सावधान रहने की जरूरत है। वृश्चिक राशि- व्यवसाय में आर्थिक कमजोरी का अनुभव हो सकता है और कुछ नुकसान होने की भी आशंका है। अपनी एक्सपर्टीज बढ़ाने और कुछ नई स्किल्स सीखने में निवेश करने के लिए यह अच्छा दिन होगा। धनु राशि- आपको खासतौर पर अपने स्वास्थ्य की देखभाल करनी चाहिए। अहंकारी न होने का प्रयास करें और सुझावों के प्रति खुले रहें, भले ही वे आपके जूनियर्स से ही क्यों न आए हों। मकर राशि- आर्थिक स्थिति उम्मीद के मुताबिक रहेगी। आज कुछ अप्रत्याशित खर्चे चीजें बिगाड़ सकते हैं और तनाव का कारण बन सकते हैं। इसलिए तनाव से बचने के लिए सेल्फ केयर पर फोकस करें। कुंभ राशि- परिवार के किसी सदस्य से कोई गुड न्यूज मिल सकती है। कारोबार फलेगा-फूलेगा। इसलिए अच्छे प्रॉफिट की उम्मीद कर सकते हैं। हो सकता है आप पॉलिटिक्स का शिकार हो जाएं। मीन राशि- दिन संतोषजनक रहेगा। आपकी कड़ी मेहनत आपको प्रमोशन दिला सकती है और नया कार्यभार मिलने की भी बड़ी संभावना है। आपको आज सीनियर्स के साथ सावधानी बरतने की जरूरत है।

श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर बन रहा खास संयोग, 4 सितंबर को रोहिणी नक्षत्र में जन्मेंगे कान्हा; जानें पूजा का समय

भाद्रपद मास की कृष्ण पक्ष अष्टमी आते ही देशभर में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी की तैयारियां शुरू हो जाती हैं.भक्त इस दिन भगवान कृष्ण के बाल स्वरूप की पूजा करते हैं. रात के समय उनके जन्म का उत्सव मनाते हैं.धार्मिक मान्यता के अनुसार भगवान श्रीकृष्ण का जन्म भाद्रपद कृष्ण अष्टमी की मध्यरात्रि में रोहिणी नक्षत्र में हुआ था.इस वजह से जन्माष्टमी पर अष्टमी तिथि के साथ रोहिणी नक्षत्र और मध्यरात्रि के पूजा मुहूर्त को खास महत्व दिया जाता है. इस साल 4 सितंबर, शुक्रवार को जन्माष्टमी मनाई जाएगी।  जन्माष्टमी की तारीख क्या है? साल 2026 में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी 4 सितंबर, शुक्रवार को मनाई जाएगी.इस दिन श्रद्धालु व्रत रखकर भगवान श्रीकृष्ण की पूजा करेंगे. दिनभर व्रत और भक्ति के बाद रात में कान्हा के जन्म के समय विशेष पूजा की जाती है।  जन्माष्टमी के मौके पर घरों और मंदिरों में कृष्ण की झांकियां सजाई जाती हैं. कई जगह बाल गोपाल को पालने में झुलाने और उनका विशेष श्रृंगार करने की परंपरा है. रात 12 बजे के आसपास मंदिरों में जन्मोत्सव शुरू होता है. आरती के साथ भक्त भगवान के जन्म की खुशी मनाते हैं।  मथुरा में कब होगा कृष्ण जन्मोत्सव? श्रीकृष्ण की जन्मभूमि मथुरा में जन्माष्टमी का उत्सव विशेष रूप से भव्य होता है. यहां आधी रात के समय भगवान कृष्ण के जन्म का उत्सव मनाया जाता है।  मथुरा के लिए पंचांग के अनुसार निशीथ पूजा का शुभ समय रात 11:56 बजे से 12:41 बजे तक रहेगा.इसी अवधि में भगवान श्रीकृष्ण के जन्म की पूजा, अभिषेक और आरती की जाएगी।  निशीथ काल को जन्माष्टमी की पूजा के लिए सबसे महत्वपूर्ण समय माना जाता है, क्योंकि धार्मिक मान्यता के अनुसार इसी मध्यरात्रि में भगवान कृष्ण का प्राकट्य हुआ था।  जन्माष्टमी पर रोहिणी नक्षत्र का संयोग इस बार जन्माष्टमी के दिन रोहिणी नक्षत्र की मौजूदगी भी रहेगी.कृष्ण जन्म से जुड़ी धार्मिक मान्यताओं में रोहिणी नक्षत्र का विशेष स्थान है।  पंचांग गणना के अनुसार रोहिणी नक्षत्र 4 सितंबर की रात करीब 11:04 बजे तक रहने की जानकारी दी गई है. वहीं अष्टमी तिथि 4 सितंबर की रात करीब 12:13 बजे तक रहेगी. ऐसे में जन्माष्टमी के दिन अष्टमी तिथि और रोहिणी नक्षत्र का संयोग बन रहा है।  जन्माष्टमी का व्रत कब खोलें? जन्माष्टमी पर बड़ी संख्या में भक्त भगवान कृष्ण के जन्म तक व्रत रखते हैं. मथुरा की गणना के अनुसार व्रत का पारण 5 सितंबर को सूर्योदय के बाद सुबह 6 बजे के बाद किया जा सकता है. हालांकि अलग-अलग परंपराओं में व्रत खोलने के नियम अलग हो सकते हैं. इसलिए व्रत रखने वाले श्रद्धालु अपने स्थानीय पंचांग और परंपरा के अनुसार पारण कर सकते हैं।  5 सितंबर को दही हांडी और नंदोत्सव कृष्ण जन्माष्टमी के अगले दिन यानी 5 सितंबर, शनिवार को दही हांडी और नंदोत्सव मनाया जाएगा. भगवान कृष्ण के बाल स्वरूप से जुड़ी माखन चोरी की लीलाओं की याद में कई स्थानों पर दही हांडी का आयोजन किया जाता है।  दही से भरी मटकी को ऊंचाई पर लटकाया जाता है.  गोविंदा की टोलियां मानव पिरामिड बनाकर उसे फोड़ती हैं. वहीं ब्रज क्षेत्र में कृष्ण जन्म के बाद नंदोत्सव की परंपरा भी बड़े उत्साह के साथ निभाई जाती है।  जन्माष्टमी पर क्या है खास? इस बार जन्माष्टमी का पर्व इसलिए भी खास माना जा रहा है क्योंकि 4 सितंबर को अष्टमी तिथि के साथ रोहिणी नक्षत्र का संयोग रहेगा. रात में निशीथ काल के दौरान कृष्ण जन्मोत्सव मनाया जाएगा. मथुरा-वृंदावन में इस मौके पर मंदिरों में विशेष सजावट, भजन-कीर्तन और धार्मिक कार्यक्रम होंगे। 

3 सितंबर का राशिफल: इन राशियों के लिए शुभ रहेगा गुरुवार, किस्मत देगी पूरा साथ

मेष आज आत्मविश्वास के साथ आज सभी टास्क को पूरा करें। महत्वपूर्ण इन्वेस्टमेंट करने से पहले रिसर्च पर फोकस करें। आज खुशहाली भरा दिन रहने वाला है। समझदारी के साथ समृद्धि को संभालें। वृषभ आज रचनात्मकता को नए-नए तरीकों से दर्शाने की कोशिश करें। आज थोड़ा अलर्ट रहने की जरूरत है। रिस्क आपको डराते नहीं हैं। प्रेम संबंधी सभी प्रॉब्लम्स को सुलझाएं। मिथुन आज वित्तीय समृद्धि आपको हेल्प करेगी। हेल्थ रिलेटेड कोई बड़ी दिक्कत नहीं सताएगी। आज का दिन के लिए कई सरप्राइज लाएगा। महत्वपूर्ण परिवर्तनों के लिए तैयार हो जाएं क्योंकि कई अवसर आपका इंतजार कर रहे हैं। कर्क आज परिवर्तनों का अधिकतम लाभ उठाने के लिए पॉजिटिव रहें। कार्यस्थल पर सर्वोत्तम परिणाम देने के लिए नए कार्य हाथ में लें। आज अपनी पेशेवर उत्पादकता पर अधिक फोकस करें। सिंह बदलाव जीवन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। पर्सनल ग्रोथ पर फोकस रखें। पॉजिटिव विचार रखना और अपनी स्किल्स पर भरोसा करना आपके लिए महत्वपूर्ण होगा। आज बाधाएं आपको नहीं रोक नहीं सकती। कन्या आज प्यार और करियर में अप्रत्याशित अवसर मिल अकते हैं। आपकी रोमांटिक लाइफ अच्छी रहेगी। पेशेवर चुनौतियों का आप पर असर नहीं पड़ेगा। वित्तीय मुद्दे मौजूद हैं लेकिन यह गंभीर नहीं साबित होंगे। तुला आज अपनी मैरिड लाइफ को तहस- नहस से बचाने के लिए सोल्यूशन पर फोकस करें न की प्रॉब्लम पर। खर्च बढ़ सकते हैं। आप दिनभर स्वास्थ्य से जुड़ी छोटी-मोटी समस्याओं से भी परेशान हो सकते हैं। वृश्चिक आज का दिन आपके लिए उतार-चढ़ाव से भरपूर रहेगा। याद रखें, चुनौतियां आपको मजबूत बनाती हैं। आज आपका पर्सनल और प्रोफेशनल जीवन सुखी रहेगा। आर्थिक निवेश पर अभी विचार न करें। धनु आज हेल्थ के मामले में दिन बढ़ियां रहेगा। प्रेम जीवन को रोमांटिक बनाने और उत्पादक पेशेवर जीवन के लिए बैलेंस जरूरी है। आपका वित्त और स्वास्थ्य दोनों ही पॉजिटिव रहने वाले हैं। मकर आज प्रेम जीवन में मनमुटाव को दूर करें। साथ में ज्यादा से ज्यादा समय बिताएं। एक बेहद बिजी पेशेवर कार्यक्रम के लिए तैयार रहें। दिन यादगार रहेगा। स्वास्थ्य संबंधी कोई बड़ी समस्या भी दिन को बाधित नहीं कर सकेगी। कुंभ आज हर अवसर का इस्तेमाल करें। आपके रोमांटिक रिश्ते में थोड़ी बहुत हलचल मच सकती है। उत्पादक प्रोफेशनल लाइफ के लिए स्ट्रेस से बचें। आर्थिक रूप से आज आप भाग्यशाली रहेंगे। मीन आज का दिन आपके लिए शुभ रहने वाला है। आज आपका पर्सनल और व्यावसायिक जीवन दोनों अच्छा दिख रहा है। अच्छा रिटर्न प्राप्त करने के लिए धन का समझदारी से इस्तेमाल करें।

2 सितंबर का राशिफल: बुधवार इन राशियों के लिए रहेगा बेहद शुभ, होगी धन-लाभ की बारिश

मेष आज आपका मूड काफी अच्छा रहने वाला है। ऑफिस में किसी जरूरी काम की जिम्मेदारी मिल सकती है, जिसे आप आसानी से संभाल लेंगे। पार्टनर के साथ कहीं घूमने का प्लान बन सकता है। पैसों को लेकर दिन ठीक रहेगा लेकिन बेवजह की शॉपिंग से बचें। सेहत सामान्य रहेगी। वृषभ आज काम के बीच आपको कुछ नया सीखने का मौका मिल सकता है। बॉस आपके काम से खुश हो सकते हैं। घर में किसी बात को लेकर थोड़ा तनाव हो सकता है लेकिन बातचीत से मामला संभल जाएगा। पैसे उधार देने से आज बचना बेहतर रहेगा। खान-पान पर थोड़ा ध्यान दें। मिथुन आज आपको कोई अच्छी खबर मिल सकती है। नौकरी करने वालों के लिए दिन फायदेमंद रहेगा और काम की तारीफ भी हो सकती है। रिश्ते में चल रही कोई गलतफहमी दूर होगी। अचानक कोई छोटा खर्च सामने आ सकता है। शाम को दोस्तों के साथ अच्छा समय बिताने का मौका मिलेगा। कर्क आज आपको अपने काम पूरे करने के लिए थोड़ी ज्यादा मेहनत करनी पड़ सकती है। परिवार में किसी बड़े की सलाह आपके काम आएगी। लव लाइफ में पार्टनर के साथ खुलकर बात करें, वरना छोटी बात बड़ी बन सकती है। निवेश करने से पहले अच्छी तरह सोच लें। नींद पूरी लेने की कोशिश करें। सिंह आज का दिन आपके लिए काफी अच्छा रहने वाला है। ऑफिस में आपकी कोई बात या आइडिया लोगों को पसंद आ सकता है। बिजनेस करने वालों को अच्छा फायदा मिलने के संकेत हैं। पार्टनर के साथ रोमांटिक समय बिताने का मौका मिलेगा। हालांकि, गुस्से में कोई फैसला लेने से बचें। कन्या आज आपको अपने काम की प्लानिंग पहले से करके चलना चाहिए। जल्दबाजी में किया गया काम बिगड़ सकता है। सिंगल लोगों की किसी खास व्यक्ति से बातचीत शुरू हो सकती है। पैसों के मामले में दिन सामान्य रहेगा। बाहर का बहुत ज्यादा मसालेदार खाना खाने से बचें। तुला आज आपका ध्यान अपने करियर को बेहतर बनाने पर रहेगा। काम के सिलसिले में कोई अच्छी खबर मिल सकती है। परिवार में माहौल खुशनुमा रहेगा। पार्टनर के साथ किसी पुरानी बात को लेकर बहस हो सकती है, इसलिए बात को ज्यादा खींचने से बचें। खर्चों पर नजर रखना जरूरी है। वृश्चिक आज कुछ काम आपकी उम्मीद के मुताबिक जल्दी पूरे नहीं होंगे, इसलिए परेशान होने की जरूरत नहीं है। धैर्य से काम लेंगे तो स्थिति आपके पक्ष में आ जाएगी। पैसों को लेकर कोई बड़ा फैसला आज न लें। पार्टनर से अपनी बात प्यार से रखें। थकान महसूस हो तो थोड़ा आराम जरूर करें। धनु आज का दिन नई शुरुआत के लिए अच्छा है। नौकरी में कोई नया प्रोजेक्ट मिल सकता है और इससे आपकी पहचान मजबूत होगी। कारोबारियों को भी फायदा मिलने के योग हैं। परिवार के किसी सदस्य के साथ जरूरी बातचीत हो सकती है। लव लाइफ में सब ठीक रहेगा। फिजूलखर्ची से बचें। मकर आज आपको अपने किसी पुराने काम का अच्छा नतीजा मिल सकता है। करियर में आगे बढ़ने के लिए कोई नया मौका सामने आएगा। घरवालों के साथ समय बिताने से आपका मूड बेहतर होगा। रिश्ते में पार्टनर की बात को समझने की कोशिश करें। पेट से जुड़ी परेशानी से बचने के लिए खान-पान सही रखें। कुंभ आज आप जिस काम को लेकर काफी समय से सोच रहे थे, उसे शुरू करने का सही समय मिल सकता है। ऑफिस में आपकी क्रिएटिविटी की तारीफ होगी। पैसों की स्थिति पहले से बेहतर हो सकती है। दोस्तों के साथ अचानक मिलने का प्लान बन सकता है। रिश्तों में ईगो को बीच में न आने दें। मीन आज काम थोड़ा ज्यादा रहेगा, लेकिन आप उसे समय पर पूरा कर लेंगे। किसी पुराने क्लाइंट या जान-पहचान वाले से फायदा मिल सकता है। घर में किसी छोटी बात को लेकर माहौल बिगड़ सकता है, इसलिए शांत रहना बेहतर होगा। पार्टनर को समय दें। पैसों के मामले में दिन सामान्य से अच्छा रहेगा।

तिजोरी के ऊपर भूलकर भी न रखें ये चीजें, वरना घर की बरकत हो सकती है कम

वास्तु शास्त्र में घर की अलमारी या तिजोरी को सबसे महत्वपूर्ण स्थान माना गया है, क्योंकि यहीं पर धन की देवी मां लक्ष्मी और धन के देवता कुबेर का वास होता है.  तिजोरी की दिशा से लेकर उसके आस-पास रखी हर चीज हमारे आर्थिक जीवन को सीधे प्रभावित करती है. वास्तु विज्ञान के अनुसार, कई बार लोग अनजाने में तिजोरी या लॉकर के ऊपर कुछ ऐसी भारी-भरकम चीजें रख देते हैं, जिससे वहां की सकारात्मक ऊर्जा पूरी तरह दब जाती है. इसका नतीजा यह होता है कि घर में पैसा टिकना बंद हो जाता है और व्यक्ति कर्ज के बोझ तले दब जाता है. यदि आप भी चाहते हैं कि आपके घर में बरकत बनी रहे, तो तिजोरी के ऊपर से इन चीजों को तुरंत हटा दें: 1. लोहे के भारी औजार या कबाड़ अक्सर लोग अलमारी या तिजोरी के ऊपर खाली जगह देखकर वहां घर का पुराना कबाड़, लोहे के औजार, या फालतू सामान रख देते हैं.  वास्तु के अनुसार, तिजोरी के ऊपर भारी कबाड़ रखना सबसे बड़ा दोष है. यह धन के प्रवाह (Money Flow) को रोकता है और घर में कंगाली को न्योता देता है. 2. भारी सूटकेस या बक्से यात्रा के काम आने वाले भारी सूटकेस या बक्से अक्सर अलमारी के ऊपर रख दिए जाते हैं.  अगर आपकी तिजोरी भी उसी अलमारी के भीतर है, तो उसके ठीक ऊपर इतना वजन डालना वास्तु के लिहाज से बेहद अशुभ है.  ऐसा करने से व्यापार और नौकरी में तरक्की के अवसर दब जाते हैं. 3. दवाइयां और मेडिकल पर्चे कुछ लोग सहूलियत के लिए अलमारी या तिजोरी के ऊपर अपनी रोज की दवाइयां रख देते हैं.  वास्तु शास्त्र कहता है कि धन रखने के स्थान पर या उसके ठीक ऊपर दवाइयां रखने से घर का पैसा बीमारियों और कोर्ट-कचहरी के मामलों में पानी की तरह बहने लगता है. 4. जूते-चप्पल या गंदे कपड़े तिजोरी को साक्षात लक्ष्मी का रूप माना जाता है. इसके ऊपर या इसके आस-पास गंदे कपड़े, पुराने जूते-चप्पल रखना सीधे तौर पर मां लक्ष्मी का अनादर है.  इससे घर में नकारात्मक ऊर्जा (Negative Energy) बढ़ती है और बना बनाया काम भी बिगड़ने लगता है. 5. बंद घड़ियां या इलेक्ट्रॉनिक सामान खराब पड़े चार्जर, पुरानी बंद घड़ियां या कोई भी ठप पड़ा इलेक्ट्रॉनिक सामान तिजोरी के ऊपर रखने से राहु दोष पैदा होता है. यह स्थिति अचानक होने वाले आर्थिक नुकसान और मानसिक तनाव की वजह बनती है. तिजोरी को कैसे रखें कि बढ़े धन? वास्तु के अनुसार, तिजोरी या अलमारी का ऊपरी हिस्सा हमेशा साफ-सुथरा और खाली होना चाहिए.  तिजोरी के ऊपर कोई भी भारी वजन न रखें, ताकि वहां सकारात्मक ऊर्जा खुलकर घूम सके. इसके अलावा, तिजोरी के अंदर एक छोटा सा दर्पण (Mirror) इस तरह लगाएं कि तिजोरी खुलते ही धन का प्रतिबिंब उसमें दिखे. इससे धन दोगुना तेजी से बढ़ता है.  

बिल्ली रास्ता काटे तो क्यों रुकते हैं लोग? जानें शकुन शास्त्र की मान्यताएं

 बचपन से हम अपने बड़े-बुजुर्गों से सुनते आ रहे हैं कि बिल्ली अगर रास्ता काट जाए तो 10 मिनट के लिए रुक जाना चाहिए. शकुन शास्त्र में भी बिल्ली का रास्ता काटना एक बहुत ही पुराना और प्रचलित शकुन-अपशकुन माना जाता है. लेकिन इसके पीछे सिर्फ अंधविश्वास नहीं, बल्कि पुराने समय की कुछ व्यवहारिक वजहें भी थीं. शकुन शास्त्र के अनुसार मान्यताएं शकुन शास्त्र में बिल्ली यानी विशेषकर काली बिल्ली का रास्ता काटना सामान्यतः अशुभ या किसी आने वाले संकट का संकेत माना जाता है. राहु ग्रह से संबंध ज्योतिष और शकुन शास्त्र में बिल्ली को राहु ग्रह की सवारी या उससे संबंधित जीव माना गया है. राहु को दुर्घटनाओं, रुकावटों और नकारात्मक ऊर्जा का कारक माना जाता है. इसलिए माना जाता है कि अगर बिल्ली रास्ता काटती है, तो राहु का नकारात्मक प्रभाव आपके काम में बाधा डाल सकता है. बाईं से दाईं ओर जाना कुछ मान्यताओं के अनुसार, अगर बिल्ली बाईं ओर से दाईं ओर रास्ता काटती है, तो उसे अधिक अशुभ माना जाता है. अधूरे काम की चेतावनी ऐसा माना जाता है कि यदि आप किसी जरूरी काम से बाहर जा रहे हैं और बिल्ली रास्ता काट दे, तो उस कार्य में असफलता या देरी हो सकती है. बिल्ली का रोना या लड़ना केवल रास्ता काटना ही नहीं, बल्कि यदि घर या उसके आसपास बिल्लियां आपस में लड़ रही हों या उनके रोने की आवाज आए, तो उसे भी शकुन शास्त्र में गृह-क्लेश (घर में झगड़े) या धन-हानि का संकेत माना जाता है. छींकना यदि बिल्ली आपके सामने आकर छींक दे, तो इसे शकुन शास्त्र में एक बड़ा अपशकुन माना जाता है, और ऐसी स्थिति में थोड़ी देर रुक कर यात्रा शुरू करने की सलाह दी जाती है. यदि बिल्ली रास्ता काट दे, तो क्या करें? अगर आप इन मान्यताओं को मानते हैं या मन में कोई शंका आती है, तो लोक परंपराओं में इसके कुछ सरल उपाय बताए गए हैं. थोड़ी देर रुक जाएं: रास्ता काटने पर एक-दो मिनट के लिए वहीं रुक जाएं. शकुन शास्त्र के अनुसार, आपके बाद अगर कोई दूसरा व्यक्ति या वाहन वहां से गुजर जाता है, तो उसका दोष समाप्त हो जाता है. जल का छिड़काव: यदि पास में पानी हो, तो थोड़ा सा जल जमीन पर छिड़क दें या पानी पीकर आगे बढ़ें. भगवान का स्मरण: अपने ईष्ट देव का नाम लें या हनुमान चालीसा की एक पंक्ति पढ़ लें. इससे मन का डर और नकारात्मक विचार दूर हो जाते हैं.