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मां चंद्रघंटा की आराधना से मिलेगा साहस और शांति, नवरात्रि के तीसरे दिन करें इन मंत्रों का जाप

 Sharadiya Navratri: शारदीय नवरात्रि के तीसरे दिन मां दुर्गा के तीसरे स्वरूप मां चंद्रघंटा की आराधना की जाती है। यह स्वरूप शांति, साहस और वीरता का अद्भुत संगम है। मां का मस्तक अर्धचंद्र से सुशोभित है, जिसके कारण इनका नाम चंद्रघंटा पड़ा। सिंह पर सवार मां की दस भुजाएं हैं, जिनमें खड्ग, त्रिशूल, गदा, धनुष, बाण, कमंडलु, माला, वर मुद्रा, अभय मुद्रा और खप्पर शोभित हैं। इनकी पूजा से भय, कष्ट और नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है तथा बौद्धिक क्षमता, आत्मविश्वास और सुख-समृद्धि की प्राप्ति होती है। आइए जानते हैं तीसरे दिन की पूजा विधि और शक्तिशाली मंत्र। मां चंद्रघंटा का स्वरूप और महत्व मां चंद्रघंटा का रूप सौम्य और भयंकर दोनों है। सिंह पर सवार होने से वे दुष्टों का संहार करने में तत्पर रहती हैं, वहीं अर्धचंद्र से सुशोभित मस्तक शांति और शीतलता का प्रतीक है। तीसरे दिन इनकी उपासना करने से भक्तों के मन में भय समाप्त होता है, साहस बढ़ता है और सभी प्रकार की बाधाएं दूर होती हैं। मां की कृपा से बुद्धि तीव्र होती है और जीवन में स्थिरता आती है। यह दिन विशेष रूप से मानसिक शांति और सकारात्मक ऊर्जा प्राप्त करने के लिए महत्वपूर्ण है। मां चंद्रघंटा की पूजा विधि तीसरे दिन सुबह ब्रह्म मुहूर्त में स्नानादि कर स्वच्छ वस्त्र धारण करें। पूजा स्थल पर लाल या सफेद वस्त्र बिछाकर मां चंद्रघंटा की तस्वीर या मूर्ति स्थापित करें। कलश में जल भरकर उसमें सुपारी, सिक्का और अक्षत डालें। घी का दीपक जलाएं और लाल फूल, चंदन, रोली, अक्षत और फल अर्पित करें। नैवेद्य में खीर, हलवा या फल चढ़ाएं। पूजा के दौरान नीचे दिए गए मंत्रों का जाप करें। अंत में मां की आरती करें और प्रसाद वितरण करें। महामंत्र और बीज मंत्र मां चंद्रघंटा का मुख्य महामंत्र: या देवी सर्वभूतेषु माँ चंद्रघंटा रूपेण संस्थिता। नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नम:॥ बीज मंत्र: ऐं श्रीं ह्रीं क्लीं चंद्रघंटायै नम:॥ या ऐं श्रीं शक्तये नम:॥ इन मंत्रों का कम से कम 108 बार जाप करें। रोजाना जाप से मन शांत होता है और मां की कृपा प्राप्त होती है। चंद्रघंटा स्तोत्र ध्यान वन्दे वाच्छित लाभाय चन्द्रर्घकृत शेखराम। सिंहारूढा दशभुजां चन्द्रघण्टा यशंस्वनीम्घ कंचनाभां मणिपुर स्थितां तृतीयं दुर्गा त्रिनेत्राम। खड्ग, गदा, त्रिशूल, चापशंर पद्म कमण्डलु माला वराभीतकराम्घ पटाम्बर परिधानां मृदुहास्यां नानालंकार भूषिताम। मंजीर हार, केयूर, किंकिणि, रत्‍‌नकुण्डल मण्डिताम्घ प्रफुल्ल वंदना बिबाधारा कांत कपोलां तुग कुचाम। कमनीयां लावाण्यां क्षीणकटिं नितम्बनीम्घ यह स्तोत्र पढ़ने से मां की विशेष कृपा प्राप्त होती है। उपासना मंत्र पिण्डजप्रवरारूढा चण्डकोपास्त्रकैर्युता। प्रसादं तनुते मह्यं चंद्रघंटेति विश्रुता॥ यह मंत्र मां से प्रसन्नता और आशीर्वाद मांगने के लिए अत्यंत प्रभावी है। पूजा में विशेष ध्यान रखने योग्य बातें     पूजा हमेशा पूर्व या उत्तर दिशा की ओर मुख करके करें।     मां को सफेद या लाल फूल, चंदन और खीर का भोग लगाएं।     पूजा के समय मन में कोई नकारात्मक विचार न लाएं।     जाप के दौरान माला का उपयोग करें और एकाग्रता बनाए रखें।     व्रत रखने वाले भक्त फलाहार या सात्विक भोजन करें। मां चंद्रघंटा की सच्ची भक्ति से भक्तों को निर्भीकता, शांति और सफलता प्राप्त होती है। तीसरे दिन इन मंत्रों का जाप करने से जीवन की सभी बाधाएं दूर होती हैं।

आज का राशिफल 13 अक्टूबर 2026: इन राशियों के लिए शुभ रहेगा मंगलवार, कुछ जातकों को बरतनी होगी सावधानी

मेष आज एक शानदार दिन के लिए तैयार हो जाएं। हाल ही में हुई किसी डील से भारी मात्रा में धन का आगमन हो सकता है। घर में खुशियों का माहौल रहेगा। अपने करियर पर ध्यान दें। विदेश यात्रा के योग बन रहे हैं। वृषभ आज के दिन प्रेम जीवन में चल रही दिक्कतें सॉल्व हो सकती हैं। फिट रहने पर फोकस रखें। करियर के मामले में महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट की जिम्मेदारी आपको दी जा सकती है। सेहत के मामले में लापरवाही न बरतें। मिथुन आज आपको सेल्फ लव पर फोकस करना चाहिए। किसी पुराने इन्वेस्टमेंट से मनचाहा रिटर्न नहीं मिलेगा। अपनी बॉडी को फिट रखने के लिए योग ट्राई करें। आर्थिक स्थिति भी मजबूत रहने वाली है। कर्क आज करियर में अपनी जगह बनाने के लिए मेहनत ज्यादा करनी पड़ेगी। दिन रोमांटिक रहेगा। जरूरत पड़ने पर फैमिली या पार्टनर से सलह लें। आज का दिन कुछ लोगों के लिए काफी बिजी साबित हो सकता है। सिंह आज काम को समय पर पूरा करने पर फोकस रखें। पॉजिटिव सोच बनाकर रखें। अपने काम पर फोकस करें। कार्यालय में अतिरिक्त जिम्मेदारियां मिल सकती हैं। बहुत ज्यादा प्रेशर न लें। कन्या आज खर्च को इस ससमी कंट्रोल करने की जरूरत है। बिजनेस, सेहत, पैसों का मामला या हो लव लाइफ बड़े चेंज के लिए तैयार हो जाएं। नई शुरुआत को खुली बांहों से अपनाएं। डाइट को हेल्दी रखें। तुला आज का दिन आलस भरा साबित हो सकता है। आपका दिन उतार-चढ़ाव से भरपूर रहने वाला है। ऑफिस की पॉलिटिक्स आपके लिए नेगेटिव साबित हो सकती है। गॉसिप से दूर रहें। वृश्चिक आज इन्वेस्टमेंट को लेकर स्ट्रेटजी बनाने पर ध्यान दें। आज का दिन थोड़ा सा स्ट्रेस भरा साबित हो सकता है। समय पर काम ना पूरा होने से सीनियर्स या मैनेजमेंट की नाराजगी झेलनी पड़ सकती है। धनु आज सेहत के मामले में भाग्य साथ देगा। वर्क लाइफ बैलेंस मेंटेन करके आगे बढ़ें। समय-समय पर ब्रेक जरूर लेते रहें। आपका आज का दिन बदलावों से भरपूर रहने वाला है। मकर आज के दिन अपने पार्टनर के साथ रोमांटिक डेट प्लान करें। आज का आपका दिन काफी बेहतरीन साबित हो सकता है। काम के सिलसिले में विदेश की यात्रा के योग बन रहे हैं। तनाव दूर करने के लिए मेडिटेशन करें। कुंभ आज का आपका दिन पॉजिटिव एनर्जी से भरपूर रहने वाला है। धन का आगमन होगा। बाहर के खाने से परहेज करें। आपका दिन इनोवेटिव विचारों पर फोकस करने वाला दिन है। लव के मामले में दिन रोमांटिक रहेगा। मीन आज लॉन्ग डिस्टेंस रिलेशन वालों को प्रेम जीवन में आ रही दिक्कतों पर फोकस करना चाहिए। खर्च बढ़ने की संभावना भी है। अपने प्रोफेशनल जीवन में चुनौतियों के साथ-साथ रचनात्मकता की उम्मीद करें।

Navratri 2026: महाराष्ट्र के रिजर्व माता मंदिर में उमड़े श्रद्धालु, जानें 1853 से जुड़ी अनोखी कहानी

Sharadiya Navratri : शारदीय नवरात्र का पावन पर्व चल रहा है. देशभर में देवी मां के मंदिरों में भक्तों की भारी भीड़ दिखाई दे रही है. महाराष्ट्र के अकोला में स्थित अंबिका देवी के प्राचीन मंदिर में भी श्रद्धालुओं की भारी भीड़ देखने को मिल रही है. सुबह से ही भक्त माता की पूजा-अर्चना के लिए मंदिर पहुंच रहे हैं. माता के दर्शन करने के बाद भक्त नारियल, फूल, हल्दी, धूप, दीप और चुनरी अर्पित कर रहे हैं. स्थानीय लोगों के बीच यह मंदिर रिजर्व माता के नाम से भी प्रसिद्ध है. आइए आपको इस मंदिर का इतिहास बताते हैं. स्थानीय मान्यता के अनुसार, 300 साल से भी अधिक पुराना यह मंदिर श्रद्धालुओं की गहरी आस्था का केंद्र है. मां अंबिका को यहां अलग-अलग नामों से पुकारा जाता है. कोई उन्हें 'बागातली देवी' कहता है, तो कोई 'रिजर्व माता' के नाम से जानता है. भक्तों का विश्वास है कि मां अपने दरबार में आने वाले श्रद्धालुओं के संकट दूर करती हैं और जीवन के सुख-दुख में अपने भक्तों पर कृपा बनाए रखती हैं. श्रद्धालुओं ने बताया कि इस बार नवरात्र के अवसर पर मंदिर परिसर को आकर्षक रोशनी से सजाया गया है. माता के सुंदर श्रृंगार और दिव्य स्वरूप के दर्शन के लिए श्रद्धालु सुबह से ही पहुंच रहे हैं. मंदिर में पूजा-पाठ और भक्ति का माहौल बना हुआ है. मां के दरबार में केवल स्थानीय श्रद्धालु ही नहीं, बल्कि दूर-दराज के क्षेत्रों से भी भक्त पहुंच रहे हैं. कुछ श्रद्धालु मुंबई से भी माता के दर्शन करने अकोला आए हैं. भक्तों का कहना है कि मां के चरणों में आकर उन्हें मानसिक शांति मिलती है और वे अपनी परेशानियों से मुक्ति की प्रार्थना करते हैं. श्रद्धालुओं ने माता की कृपा और आशीर्वाद से जुड़े अपने अनुभव भी साझा किए. मंदिर के सेवादार अनिल के अनुसार, यह मंदिर अंग्रेजों के शासनकाल से भी पहले का बताया जाता है. मान्यता है कि पहले मंदिर परिसर के आस-पास फूलों की बाग हुआ करता था और उसी क्षेत्र में माता की प्रतिमा स्थापित थी. इसी वजह से माता को 'बागातली देवी' कहा जाने लगा. समय के साथ यह स्थान श्रद्धालुओं की आस्था का प्रमुख केंद्र बन गया. 'रिजर्व माता' नाम कैसे पड़े? 1853 में ब्रिटिश शासन काल के दौरान इस जगह मंदिर को हटाकर पुलिस स्टेशन बनाने का फैसला किया गया था. उस जगह को रिजर्व करने के लिए वहां ग्रिलिंग भी की गई थी. लेकिन लाख कोशिशों के बावजूद वहां पुलिस स्टेशन नहीं बन पाया. ब्रिटिश सरकार ने कई बार यहां पुलिस स्टेशन बनाने का प्रयास किया, लेकिन हर बार उनकी कोशिश नाकाम हो जाती. स्थानीय लोग इसे देवी का चमत्कार मानने लगे. कहते हैं कि तभी से इस मंदिर की देवी को रिजर्व माता के नाम से पुकारा जाने लगा. आज भी स्थानीय लोग देवी को इसी नाम से बुलाते हैं.

शारदीय नवरात्र में बनेंगे 2 गजकेसरी और 3 सर्वार्थ सिद्धि योग, मेष समेत 4 राशियों की चमकेगी किस्मत

11 अक्टूबर से लेकर 19 अक्टूबर तक शारदीय नवरात्र रहेंगे. नौ दिन के इस महापर्व में एक दुर्लभ संयोग बनने वाला है. इस बार नवरात्र में दो बार गजकेसरी योग और तीन बार सर्वार्थ सिद्धि योग रहने वाला है. पहला गजकेसरी योग 11 अक्टूबर को बना था और दूसरा 19 अक्टूबर को बनेगा. इसके अलावा 14, 18 और 19 अक्टूबर को सर्वार्थ सिद्धि योग भी रहेगा. महाष्टमी और महानवमी भी सर्वार्थ सिद्धि योग में मनाई जाएगी. यानी इस बार नवरात्र में पांच दिन बेहद खास रहने वाले हैं. ज्योतिषविदों की मानें तो यह दुर्लभ संयोग चार राशियों के लिए शुभ संकेत दे रहा है. मेष राशि लंबित कार्यों में गति आएगी. करियर में ग्रोथ के नए अवसर आपको मिलेंगे. आर्थिक मामलों में भी राहत मिलने वाली है. इसके साथ ही अचानक धन प्राप्ति के संकेत हैं, जिससे आर्थिक स्थिति को मजबूती मिल सकती है. सामाजिक जीवन में आपका मान-सम्मान बढ़ने की उम्मीद है. परिवार और दोस्तों का सहयोग मिलने से आत्मविश्वास मजबूत होगा. इससे आप अपने तय लक्ष्यों पर बेहतर तरीके से ध्यान दे पाएंगे. इस दौरान अपनी योजनाओं को आगे बढ़ाने और उपलब्ध अवसरों का सही इस्तेमाल करने पर ध्यान देना फायदेमंद रहेगा. मिथुन राशि नौकरी और कारोबार के लिहाज से समय अच्छा दिखाई दे रहा है . कार्यक्षेत्र में अपनी योग्यता और प्रतिभा दिखाने का अवसर मिलेगा. पेशेवर मोर्चे पर बड़ी और महत्वपूर्ण जिम्मेदारी मिल सकती है. आर्थिक स्थिति में सुधार के संकेत हैं, लेकिन निवेश करते समय जल्दबाजी से बचना जरूरी होगा. किसी भी फैसले पर पहुंचने से पहले उसके सभी पहलुओं पर विचार करें. सोच-समझकर बनाई गई योजनाएं आगे चलकर लाभ पहुंचा सकती हैं. इस दौरान अपनी मेहनत को सही दिशा में लगाना और काम के प्रति गंभीर रहना जरूरी रहेगा. सिंह राशि नौकरी करने वालों को अपने काम के लिए वरिष्ठ अधिकारियों से प्रशंसा मिल सकती है. अपनी प्रतिभा और कार्यक्षमता के दम पर आप कार्यक्षेत्र में अलग पहचान बनाने में सफल हो सकते हैं. व्यापारियों के लिए भी आगे बढ़ने के नए अवसर सामने आ सकते हैं. ऐसे में अपनी क्षमताओं पर भरोसा बनाए रखना जरूरी होगा. सामने आने वाले अवसरों को पहचानकर उनका पूरा लाभ उठाने की कोशिश करें. मेहनत और सही दिशा में किए गए प्रयास आपको अपने पेशेवर लक्ष्यों के करीब पहुंचाने में मदद कर सकते हैं. तुला राशि आर्थिक मामलों में राहत देने वाला समय है. नौकरी में पदोन्नति या नई जिम्मेदारी मिलने की संभावना है. लंबे समय से अटका हुआ धन वापस मिलने से आर्थिक स्थिति बेहतर हो सकती है. नौकरी बदलने की तैयारी कर रहे लोगों को नए अवसर मिल सकते हैं. वहीं, अविवाहित जातकों के विवाह की बातचीत आगे बढ़ने के संकेत हैं. इस अवधि में करियर और निजी जीवन से जुड़े मामलों में सकारात्मक प्रगति की उम्मीद की जा सकती है

चाणक्य नीति: रिश्तों में जहर घोलती हैं ये 4 गलतियां, समय रहते बदल लें अपनी आदतें

रिश्ते सिर्फ प्यार और साथ रहने से मजबूत नहीं बनते, बल्कि उन्हें निभाने के लिए धैर्य, सम्मान और समझदारी भी जरूरी होती है. कई बार इंसान अनजाने में कुछ ऐसी आदतें अपना लेता है, जिनसे धीरे-धीरे करीबी लोगों के साथ रिश्ते कमजोर होने लगते हैं.  शुरुआत में ये बातें छोटी लगती हैं, लेकिन बार-बार दोहराए जाने पर मनमुटाव की वजह बन सकती हैं. आचार्य चाणक्य की नीतियों में भी इंसान के व्यवहार, वाणी और संगति को काफी महत्व दिया गया है. इनसे जुड़ी सीख के मुताबिक, गुस्सा, कड़वे शब्द, अहंकार रिश्तों में तनाव बढ़ा सकते हैं. आइए जानते हैं ऐसी 4 गलतियों के बारे में, जिनसे बचकर रिश्तों में आपसी समझ बनाए रखने की कोशिश की जा सकती है. 1. बात-बात पर गुस्सा करना गुस्सा इंसान की समझने और सही फैसला लेने की क्षमता को प्रभावित कर सकता है. जब कोई व्यक्ति छोटी-छोटी बातों पर नाराज होने लगता है, तो किसी के साथ भी बातचीत करना मुश्किल हो जाता है.  सामने वाला अपनी बात कहने से भी कतराने लगता है. चाणक्य नीति की सीख के अनुसार, व्यक्ति को अपने व्यवहार पर नियंत्रण रखना चाहिए.  किसी बात से परेशानी होने पर तुरंत प्रतिक्रिया देने के बजाय पहले स्थिति को समझना बेहतर है.  शांत मन से अपनी बात रखने पर विवाद को बढ़ने से रोका जा सकता है. 2. बातचीत में कड़वे शब्दों का इस्तेमाल करना कई बार इंसान गुस्से में ऐसी बातें कह देता है, जो सामने वाले को लंबे समय तक दुख पहुंचाती हैं.  बार-बार ताना मारना, अपमान करना या दूसरों की कमजोरियों का मजाक उड़ाना रिश्तों में कड़वाहट पैदा कर सकता है. वाणी का असर केवल उसी पल तक सीमित नहीं रहता, बल्कि यह आपसी भरोसे को भी प्रभावित कर सकता है.  इसलिए असहमति होने पर भी सम्मानजनक भाषा का इस्तेमाल करना चाहिए.  अपनी बात स्पष्ट रूप से कहना जरूरी है, लेकिन इसके लिए दूसरे व्यक्ति को नीचा दिखाना सही तरीका नहीं है. 3. हर बात में अहंकार दिखाना किसी भी रिश्ते में अगर एक व्यक्ति हमेशा खुद को सही और दूसरे को गलत मानता है, तो आपसी समझ कमजोर होने लगती है.  अपनी गलती स्वीकार न करना, माफी मांगने से बचना, हर फैसले में अपनी ही बात मनवाने की कोशिश करना रिश्ते में तनाव बढ़ा सकता है. चाणक्य नीति से जुड़ी शिक्षाओं में विनम्रता- विवेक को महत्वपूर्ण माना जाता है.  रिश्तों को बेहतर बनाए रखने के लिए यह समझना जरूरी है कि हर व्यक्ति का नजरिया अलग हो सकता है.  जरूरत पड़ने पर अपनी गलती मानना कमजोरी नहीं, बल्कि परिपक्वता की निशानी है. 4. गलत संगति में रहना इंसान के आसपास रहने वाले लोगों का उसके विचारों और व्यवहार पर असर पड़ सकता है.  अगर कोई व्यक्ति लगातार ऐसे लोगों के संपर्क में रहता है, जो दूसरों की बुराई करते हैं, झगड़े बढ़ाते हैं या रिश्तों में गलतफहमियां पैदा करते हैं, तो इसका असर उसके अपने संबंधों पर भी पड़ सकता है. इसलिए दोस्ती और संगति चुनते समय लोगों के व्यवहार पर ध्यान देना चाहिए.  ऐसे लोगों के साथ समय बिताना बेहतर होता है, जो आपकी बात सुनें, जरूरत पड़ने पर सही सलाह दें , दूसरों के प्रति सम्मान रखना जानते हों.  हालांकि, किसी व्यक्ति के बारे में केवल एक घटना के आधार पर राय बनाने के बजाय उसके व्यवहार को समय के साथ समझना जरूरी है. रिश्तों को मजबूत बनाए रखने के लिए क्या करें? रिश्तों में छोटी-मोटी असहमति होना सामान्य है.  जरूरी यह है कि मतभेदों को किस तरह संभाला जाता है.  आपसी संबंधों को बेहतर बनाने के लिए कुछ बातों का ध्यान रखा जा सकता है: धैर्य से सुनें: जवाब देने से पहले सामने वाले की  भावनाओं को समझने की कोशिश करें. सम्मान बनाए रखें: बहस के दौरान भी तानों से बचें. गलती स्वीकार करें: अपनी गलती समझ आने पर माफी मांगने में संकोच न करें. सीमाओं का सम्मान करें: हर व्यक्ति को अपनी पसंद, विचार और निजी समय रखने का अधिकार दें. भरोसा बनाए रखें: अपनी बात और व्यवहार में ईमानदारी रखें, ताकि रिश्ते में सुरक्षा के साथ विश्वास बना रहे. चाणक्य नीति से क्या मिलती है सीख? चाणक्य नीति को परंपरागत रूप से जीवन, व्यवहार, निर्णय और सामाजिक संबंधों से जुड़ी शिक्षाओं के लिए जाना जाता है.  रिश्तों के संदर्भ में इससे मिलने वाली प्रमुख सीख यह है कि व्यक्ति को अपने स्वभाव, बोलने के तरीके और संगति पर ध्यान देना चाहिए.  गुस्से पर नियंत्रण, विनम्रता से बातचीत करने की आदत रिश्तों को बेहतर बनाने में मदद कर सकती है. ध्यान रखें कि हर रिश्ते की परिस्थितियां अलग होती हैं.  किसी संबंध में लगातार अपमान, डर या दुर्व्यवहार हो रहा हो, तो केवल समझौता करते रहना जरूरी नहीं है.  ऐसे में अपने आत्मसम्मान को प्राथमिकता देना भी उतना ही महत्वपूर्ण है.

16 अक्टूबर से इन 3 राशियों को मिल सकते हैं तरक्की के मौके, नौकरी और कारोबार में लाभ के योग

 ग्रहों की चाल और उनकी स्थिति को महत्वपूर्ण माना जाता है. मान्यता है कि इनका प्रभाव लोगों के करियर, आर्थिक स्थिति और निजी जीवन पर भी पड़ सकता है. इस समय कर्मफल दाता शनि मीन राशि में वक्री हैं, जबकि मंगल कर्क राशि में गोचर कर रहे हैं. ऐसे में अक्टूबर के मध्य में इन दोनों ग्रहों की स्थिति से नवपंचम योग बनने जा रहा है. इस योग के निर्माण से कुछ राशियों के लोगों को नौकरी और कारोबार में तरक्की के नए अवसर मिल सकते हैं. साथ ही, आर्थिक स्थिति में सुधार होने की भी संभावना है. तो आइए जानते हैं मंगल-शनि के संयोग से बना नवपंचम योग किन राशियों के लिए शुभ माना जा रहा है. कब बनेगा मंगल-शनि का नवपंचम योग? वैदिक पंचांग के अनुसार, 16 अक्टूबर को दोपहर 1 बजकर 58 मिनट पर मंगल और शनि के बीच 120 डिग्री का कोण बनेगा. ग्रहों की इस स्थिति को नवपंचम योग कहा जाता है. बता दें कि इस समय मंगल अपनी नीच राशि कर्क राशि में हैं. हालांकि, इस राशि में देवगुरु बृहस्पति के साथ उनकी युति के कारण नीचभंग योग का निर्माण हो रहा है. कर्क राशि (Cancer) कर्क राशि वालों के लिए मंगल और शनि की यह स्थिति करियर और धन के मामले में अच्छी रह सकती है. नौकरी में सफलता मिलेगी. काम ज्यादा मिल सकता है . नई जिम्मेदारियां सौंपी जा सकती हैं. मेहनत से आगे बढ़ने के नए मौके मिल सकते हैं. कारोबार करने वालों को किसी पुराने काम से फायदा हो सकता है. लंबे समय से अटका पैसा भी वापस मिलने की उम्मीद है. परिवार के साथ समय बिताने का मौका मिलेगा. मन खुश रहेगा. कन्या राशि (Virgo) कन्या राशि वालों के लिए नवपंचम योग कई मामलों में शुभ रह सकता है. आपकी चंद्र राशि से मंगल ग्यारहवें भाव में और वक्री शनि सातवें भाव में हैं. ऐसे में इस दौरान कमाई के नए रास्ते खुल सकते हैं. नए संपर्क भविष्य में काम आ सकते हैं. समाज में आपकी छवि बेहतर हो सकती है. नौकरी करने वालों को तरक्की के नए मौके मिल सकते हैं. लंबे समय से की जा रही मेहनत का अच्छा परिणाम मिलने की उम्मीद है. कारोबारियों के लिए समय लकी साबित होगा. नए ग्राहक मिल सकते हैं. व्यापारिक संबंध मजबूत होगा. इससे भविष्य में लाभ मिलने की संभावनाएं बढ़ सकती हैं. कुंभ राशि (Aquarius) कुंभ राशि वालों के लिए यह समय अच्छा रह सकता है. शनि आपकी राशि से दूसरे भाव में और मंगल छठे भाव में स्थित हैं. ऐसे में इस राशि के जातकों को कारोबार में लाभ मिलने के योग बन सकते हैं. नए लोगों से जान-पहचान बढ़ेगी, जिनसे भविष्य में नौकरी या बिजनेस में फायदा मिल सकता है. नौकरी करने वालों को नई जिम्मेदारियां मिल सकती हैं. कार्यस्थल पर कुछ चुनौतियां आएंगी, लेकिन मेहनत और सूझबूझ से आप अपनी स्थिति मजबूत कर सकते हैं. प्रॉपर्टी से जुड़े मामलों में भी फायदा मिलने के योग बन सकते हैं.

नवरात्रि के दूसरे दिन मां ब्रह्मचारिणी को चढ़ाएं मखाना खीर, घर पर ऐसे बनाएं स्वादिष्ट प्रसाद

Sharadiya Navratri: शारदीय नवरात्र के पावन दिन चल रहे हैं और इसके दूसरे दिन यानी 12 अक्टूबर को मां दुर्गा के द्वितीय स्वरूप, यानी मां ब्रह्मचारिणी की पूजा की जाएगी। मां ब्रह्मचारिणी को सादगी और तपस्या की देवी माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, माता को सफेद रंग की चीजें और दूध से बनी मिठाइयां बहुत प्रिय हैं। ऐसे में माता का आशीर्वाद और कृपा पाने के लिए आप उन्हें घर पर बनी शुद्ध 'मखाना खीर' का भोग लगा सकते हैं। मखाने की खीर न सिर्फ खाने में बेहद स्वादिष्ट होती है, बल्कि व्रत के दौरान यह आपको भरपूर ऊर्जा भी देती है। इसे बनाना बहुत ही आसान है। आइए जानते हैं मां के लिए मखाना खीर बनाने की स्टेप-बाय-स्टेप रेसिपी। मखाना खीर बनाने के लिए जरूरी सामग्री     मखाना – 1 से 2 कप     फुल क्रीम दूध – आधा लीटर     देसी घी – 1 चम्मच     चीनी या मिश्री – 3-4 बड़े चम्मच     हरी इलायची पाउडर – आधा छोटा चम्मच     बारीक कटे हुए मेवे (काजू, बादाम, पिस्ता और किशमिश) – 2 बड़े चम्मच मखाना खीर बनाने की विधि सबसे पहले गैस पर एक कड़ाही या पैन रखें और उसमें 1 चम्मच देसी घी डालें। घी गर्म होने पर उसमें मखाने डाल दें और धीमी आंच पर 3-4 मिनट तक कुरकुरा होने तक भून लें। जब मखाने अच्छे से भुन जाएं और ठंडे हो जाएं, तो उनमें से आधे मखानों को मिक्सी में या बेलन की मदद से हल्का दरदरा पीस लें। आधे मखानों को साबुत ही रहने दें। ऐसा करने से खीर बहुत ही गाढ़ी और रबड़ीदार बनती है। अब एक गहरे बर्तन में दूध निकालें और उसे गैस पर उबलने के लिए रख दें। जब दूध में एक अच्छा उबाल आ जाए, तो गैस की आंच धीमी कर दें। उबलते हुए दूध में भुने हुए साबुत और दरदरे किए हुए दोनों तरह के मखाने डाल दें। अब इसे चम्मच से अच्छी तरह मिलाएं और 10 से 15 मिनट तक धीमी आंच पर पकने दें। बीच-बीच में इसे चलाते रहें ताकि खीर बर्तन के तले में न लगे। जब आपको लगे कि दूध गाढ़ा हो गया है और मखाने पूरी तरह से नरम होकर दूध में घुल-मिल गए हैं, तब इसमें स्वादानुसार चीनी या मिश्री डाल दें। साथ ही इलायची पाउडर और बारीक कटे हुए सूखे मेवे (काजू, बादाम, पिस्ता) भी डाल दें। सभी चीजों को मिलाने के बाद खीर को 2 मिनट तक और पकाएं, जिससे चीनी अच्छी तरह घुल जाए। अब गैस बंद कर दें। आपकी स्वादिष्ट और पौष्टिक मखाना खीर बनकर बिल्कुल तैयार है! खीर को एक सुंदर कटोरी में निकालें और ऊपर से कुछ कटे हुए मेवों से गार्निश करें। पूजा के समय पूरी श्रद्धा के साथ मां ब्रह्मचारिणी को इस मखाना खीर का भोग लगाएं और फिर प्रसाद के रूप में पूरे परिवार को बांटें।  

नवरात्रि के दूसरे दिन मां ब्रह्मचारिणी को चढ़ाएं चीनी या गुड़, विद्यार्थियों के लिए भी पूजा का विशेष महत्व

Sharadiya Navratri: शारदीय नवरात्रि का पर्व मां दुर्गा के 9 स्वरूपों की आराधना के साथ मनाया जाता है. इस पर्व की शुरुआत हो चुकी है. 9 दिनों तक चलने वाले इस उत्सव में दूसरे दिन मां ब्रह्मचारिणी की पूजा-अर्चना की जाती है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, विधि-विधान से माता की उपासना करने से भक्तों को सुख-समृद्धि और शांति का आशीर्वाद मिलता है. इस दौरान देवी को प्रिय वस्तुओं का भोग लगाने और श्रद्धापूर्वक पूजा करने का विशेष महत्व बताया गया है. उज्जैन के आचार्य पंडित आनंद भारद्वाज के अनुसार, नवरात्रि के दूसरे दिन कुछ खास बातों का ध्यान रखकर माता की आराधना की जा सकती है. मां ब्रह्मचारिणी के नाम का महत्व ‘ब्रह्म’ यानी तप और ‘चारिणी’ यानी आचरण करने वाली अर्थात मां ब्रह्मचारिणी तप का आचरण करने वाली आदि स्रोत शक्ति हैं. मां ब्रह्मचारिणी सदैव शांत और संसार से विरक्त होकर तपस्या में लीन रहती हैं. कठोर तप के कारण इनके मुख पर अद्भुत तेज होता है. मां के हाथों में अक्ष माला और कमंडल होता है और इन्हें साक्षात ब्रह्म का स्वरूप माना जाता है. मां ब्रह्मचारिणी की उपासना करने से सहज ही सिद्धि प्राप्त होती है. विद्यार्थी जरूर करें पूजा शास्त्रों के अनुसार, मां ब्रह्मचारिणी ने भगवान शिव को पति रूप में प्राप्त करने के लिए कठोर तपस्या की थी और इसी वजह से उनका नाम ‘ब्रह्मचारिणी’ पड़ा. नवरात्रि के दूसरे दिन देवी के इसी स्वरूप की पूजा की जाती है. इनकी साधना और उपासना से जीवन की हर समस्या और संकट दूर हो जाते हैं. विद्यार्थियों के लिए मां ब्रह्मचारिणी की पूजा बहुत ही फलदायी मानी जाती है. मां ब्रह्मचारिणी का प्रिय भोग नवरात्रि के दूसरे दिन मां ब्रह्मचारिणी की पूजा-अर्चना का विशेष महत्व माना जाता है. इस दिन भक्तों को माता रानी की विधि-विधान से पूजा करके उन्हें चीनी या गुड़ का भोग अर्पित करना चाहिए. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, मां ब्रह्मचारिणी को इन चीजों का भोग लगाने से अकाल मृत्यु का भय दूर होता है. साथ ही माता अपने भक्तों को सुख-समृद्धि, उत्तम स्वास्थ्य और लंबी आयु का आशीर्वाद प्रदान करती हैं.

आज का राशिफल 12 अक्टूबर 2026: भगवान शिव की कृपा से इन राशियों को मिल सकता है लाभ, पढ़ें भविष्यफल

मेष आज लव लाइफ में आप और आपके पार्टनर के बीच का बॉन्ड स्ट्रांग होगा। दिन बेहद ही शुभ माना जा रहा है। जरूरी कामों में आ रही रुकावटें दूर होगी। जॉब में अपनी स्किल दिखाने का मौका मिल सकता है। वृषभ आज पैसों को सोच-समझकर खर्च करें। आज खुश रहने के लिए लव लाइफ से जुड़े सभी मुद्दों को सुलझा लें। छोटी-मोटी स्वास्थ्य समस्याएं रहेंगी। कार्यस्थल पर भी आज आप अच्छा प्रदर्शन करेंगे। मिथुन आज बिजनेस कर रहे लोगों की मुलाकात कुछ इन्वेस्टर से हो सकती है। आपको अच्छी डील भी मिल सकती है। प्रोफेशनल लाइफ में प्रमोशन होने की संभावना है। सेहत का ख्याल जरूर रखें। कर्क आज किसी भी काम को शुरू करने के लिए आज का दिन शुभ रहेगा। आपके परिवार में सुख शांति का माहौल बना रहेगा। बिजनेस रिलेटेड किसी यात्रा पर जा सकते हैं। कोई अच्छी खबर मिल सकती है। सिंह आज जीवन में शांति का माहौल रहेगा। वित्त और स्वास्थ्य दोनों दिन भर अच्छे रहेंगे, जिससे खुशी के पल आप महसूस करेंगे। वहीं, एक खुशहाल रिश्ते को व्यावसायिक सफलता का भी सहारा मिलता है। कन्या आज आपको खुशी महसूस होगी। आज आपके लव सितारे आपका साथ देंगे। धैर्य बनाए रखें। आज किसी यात्रा की योजना बना सकते हैं क्योंकि पूरी संभावना है कि सिचूऐशन आपके पक्ष में होगी। तुला आज विद्यार्थियों के लिए दिन बेहद ही शुभ माना जा रहा है। सभी पेशेवर चुनौतियों का आत्मविश्वास के साथ सामना करें। मजबूत वित्तीय स्थिति आपको स्मार्ट फाइनेंशियल डीसीजन लेने में मदद करती है। वृश्चिक आज करियर में सफल होने के लिए हर आने वाली चुनौती को पूरी शिद्दत से हल करें। बड़े निवेश के लिए आज का दिन अच्छा है और स्वास्थ्य भी आज अच्छा रहने वाला है। जीवन में बैलेंस बनाएं। धनु आज दिन लकी साबित हो सकता है। आज किए गए हर प्रयास रंग लाएंगे। शादी शुदा लोगों की लाइफ में रोमांस बना रहेगा। कार्यक्षेत्र में आपको अपने मैनेजर का भरपूर साथ मिलेगा। मकर आज आपका दोस्त आज आपको किसी ऐसे स्पेशल व्यक्ति से मिलवा सकता है, जो आपको अच्छा फील करवाएगा। आज कार्यालय में आपका प्रदर्शन बेहतरीन रहने वाला है। वहीं, प्रेम जीवन भी शानदार रहेगा। कुंभ आज पुराने निवेश से धन लाभ होने के योग हैं। आज कोई अच्छा अवसर आपका दरवाजा खटखटा सकता है। आपकी फाइनेंशियल स्थिति आज अच्छी रहने वाली है। आपके किए गए परिश्रम और प्रयासों का पूर्ण फल आपको मिलेगा। मीन आज रिश्ते में छोटी-मोटी नोकझोंक के बावजूद आपकी लव लाइफ अच्छी रहेगी। अच्छे श्रोता बनें और अपने साथी के साथ समय बिताएं। अपनी क्षमता साबित करने के लिए दफ्तर में हर मुद्दे को सुलझाएं।

मनी प्लांट लगाते समय न करें ये 5 गलतियां, वास्तु के अनुसार घर में कहां रखना माना जाता है शुभ?

Money Plant: मनी प्लांट को घर की सजावट के लिए काफी पसंद किया जाता है. इसकी हरी पत्तियां घर को सुंदर बनाती हैं, कम देखभाल में भी यह पौधा आसानी से बढ़ता है.  वास्तु शास्त्र में भी मनी प्लांट को धन, तरक्की और खुशहाली से जोड़कर देखा जाता है. हालांकि, इससे जुड़ी कुछ मान्यताएं हैं, जिनके अनुसार पौधे को सही दिशा और जगह पर रखना जरूरी माना जाता है.  आइए जानते हैं कि मनी प्लांट कहां नहीं लगाना चाहिए, इसकी देखभाल करते समय किन बातों का ध्यान रखना चाहिए. 1. उत्तर-पूर्व दिशा में रखने से बचें वास्तु मान्यताओं के अनुसार, मनी प्लांट को घर की उत्तर-पूर्व दिशा में लगाने से बचना चाहिए.  इस दिशा को ईशान कोण कहा जाता है.  मान्यता है कि इस दिशा में मनी प्लांट रखने से वास्तु संतुलन प्रभावित हो सकता है.  हालांकि, इसका कोई वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है. 2. तेज धूप में न रखें मनी प्लांट को ऐसी जगह रखने से बचें, जहां दिनभर सीधी और तेज धूप पड़ती हो.  इससे इसकी पत्तियां पीली या झुलसी हुई दिख सकती हैं.  पौधे को ऐसी जगह रखना बेहतर होता है, जहां पर्याप्त लेकिन अप्रत्यक्ष रोशनी मिले.  सही रोशनी और जरूरत के अनुसार पानी देने से पौधा स्वस्थ रह सकता है. 3. बेल को जमीन पर न फैलने दें वास्तु शास्त्र में मनी प्लांट की बेल का ऊपर की ओर बढ़ना तरक्की का प्रतीक माना जाता है.  इसलिए इसकी बेल को जमीन पर फैलने देने के बजाय किसी स्टैंड, जाली या सहारे की मदद से ऊपर चढ़ाया जा सकता है.  इससे पौधा व्यवस्थित भी दिखता है. उसकी देखभाल करना भी आसान होता है. 4. बेड के बिल्कुल पास न रखें कुछ वास्तु मान्यताओं में मनी प्लांट को सोने की जगह के बिल्कुल पास रखने से बचने की सलाह दी जाती है.  अगर आप इसे बेडरूम में रखना चाहते हैं, तो ऐसी जगह चुनें जहां पौधे को पर्याप्त रोशनी मिले, वह आने-जाने में परेशानी न पैदा करे.  पौधे को बेड के पास रखने से नुकसान होने का कोई ठोस वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है. 5. सूखी पत्तियों और खराब गमले पर दें ध्यान मनी प्लांट की पत्तियां सूखने या पीली पड़ने लगें, तो उनकी वजह जानना जरूरी है.  जरूरत से ज्यादा पानी, कम रोशनी या पानी की निकासी ठीक न होने से भी ऐसा हो सकता है.  सूखी पत्तियों को हटा दें और अगर गमला टूटा हुआ है या उसमें पानी जमा रहता है, तो उसे बदल दें.  गमले में पानी निकलने के लिए छेद होना चाहिए. मनी प्लांट लगाने की सही दिशा क्या है? वास्तु शास्त्र के अनुसार, मनी प्लांट के लिए दक्षिण-पूर्व दिशा यानी आग्नेय कोण को अच्छा माना जाता है.  इसे शुक्र ग्रह और सुख-समृद्धि से जोड़ने की मान्यता है.  इसलिए कई लोग इस दिशा में मनी प्लांट लगाना पसंद करते हैं.  ध्यान रखें कि दिशा से धन बढ़ने या आर्थिक स्थिति बदलने का कोई वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है.  पौधे को ऐसी जगह रखना ज्यादा जरूरी है, जहां उसे सही रोशनी, पानी और बढ़ने के लिए पर्याप्त जगह मिल सके.