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गर्मी में घर को ठंडा और सकारात्मक रखने के लिए पर्दों के सही रंग चुनें

गर्मी का मौसम शुरू हो चुका है. गर्मी का मौसम शुरू होते ही घर की खिड़कियां, छत, दरवाजे और कमरे तपने लगते हैं, जिनसे बचाव के लिए पर्दे लगाए जाते हैं. ये पर्दे गर्मी रोकने के साथ साथ घर में हल्की ठंडक भी बरकरार रखते हैं. लेकिन, ये ठंडक पर्दे के रंग पर बहुत ही ज्यादा निर्भर करती है. पर्दे किसी भी घर का जरूरी हिस्सा होते हैं क्योंकि ये घर को सुंदर भी बनाते हैं और काम के भी होते हैं. जिस तरह से पर्दे सूरज की गर्मी रोकते हैं, उसी तरह वास्तु शास्त्र में भी पर्दे बहुत ही महत्वपूर्ण माने जाते हैं. वास्तु के अनुसार, पर्दों का सही रंग चुनना बहुत विशेष माना गया है. सही रंग के पर्दे घर में अच्छी व पॉजिटिव ऊर्जा लाते हैं और नकारात्मक ऊर्जा को दूर रखते हैं. कमरे की सही दिशा और उसके उपयोग के अनुसार पर्दे चुनने से जल, अग्नि, वायु और आकाश जैसे तत्वों में बैलेंस बना रहता है. इससे घर का माहौल अच्छा रहता है, रिश्ते मजबूत होते हैं और शांति बनी रहती है. सही रंग के पर्दे लगाकर आप अपने घर को सकारात्मक ऊर्जा से भर सकते हैं. वहीं, गहरे रंग के पर्दे घर में तनाव स्थिति पैदा करते हैं जिसका सीधा सीधा असर पैसे की स्थिति पर पड़ता है. वास्तु के हिसाब से पर्दों के रंग का असर घर के माहौल और हमारी सोच पर पड़ता है. तो आइए जानते हैं हर रंग का मतलब. – सफेद पर्दे वास्तु शास्त्र के मुताबिक, सफेद रंग शांति का प्रतीक माना जाता है. इस रंग के पर्दे घर में भी शांति और साफ-सुथरा माहौल बनाते हैं. यह पर्दे पूजा घर में और लिविंग रूम में लगाए जा सकते हैं. – हल्के नीले पर्दे इस रंग के पर्दे मन को शांत करते हैं, गुस्सा और टेंशन कम करते हैं. बेडरूम और पढ़ाई वाले कमरों में इन्हें लगाना ठीक रहता है. – हरे पर्दे इस रंग के पर्दे ताजगी और पॉजिटिव फीलिंग देते हैं. घर में अच्छा माहौल और एनर्जी लाते हैं. पीले पर्दे वास्तु शास्त्र के अनुसार, पीले रंग का पर्दा खुशी और अच्छा मूड बनाते हैं. बच्चों के कमरे और स्टडी रूम के लिए बढ़िया हैं. नारंगी पर्दे इस रंग के पर्दे लोगों के बीच बातचीत और मेलजोल बढ़ाते हैं. खाने वाले कमरे में अच्छे रहते हैं. गुलाबी पर्दे इस रंग के पर्दे प्यार और अपनापन बढ़ाते हैं. बेडरूम के लिए यह रंग बहुत ही अच्छा माना जाता है. क्रीम या बेज पर्दे इस रंग के पर्दे बहुत शांत और सादा माहौल देते हैं. घर को आरामदायक बनाते हैं. लाल पर्दे लाल पर्दे ज्यादा एनर्जी देते हैं, लेकिन इन्हें संभलकर लगाना चाहिए क्योंकि ये गुस्सा या तनाव भी बढ़ा सकते हैं. लैवेंडर पर्दे इस रंग के पर्दे दिमाग को शांत करते हैं और आराम देते हैं. ध्यान या पढ़ाई के लिए अच्छे हैं. ग्रे पर्दे इस रंग के फोकस बढ़ाते हैं, लेकिन घर में ज्यादा इस्तेमाल करने से माहौल थोड़ा फीका लग सकता है. भूरे पर्दे सुरक्षा और स्थिरता का एहसास देते हैं. बेडरूम में अच्छे रहते हैं. घर की ये छोटी-छोटी चीजें, जैसे पर्दों का रंग, सौफे का रंग, सभी आपके घर के माहौल पर असर डालती हैं. सही रंग धीरे-धीरे आपके मन और सोच को प्रभावित करता है. सही जगह पर सही रंग के पर्दे लगाने से अच्छी नींद आती है, तनाव कम होता है और मन भी शांत रहता है. जब घर का माहौल सकारात्मक ऊर्जा से भरा होता है, तो जिंदगी भी आसान और खुशहाल लगने लगती है. जिससे पैसा भी आने लगता है और आर्थिक स्थिति अच्छी हो जाती है.

राशिफल 8 मई 2026: सभी राशियों के लिए करियर, प्रेम और वित्त की संभावनाएं

मेष आज काम थोड़ा ज्यादा रह सकता है। सुबह से ही भागदौड़ बनी रहेगी। ऑफिस में किसी बात को लेकर तनाव हो सकता है, लेकिन शाम तक मामला शांत हो जाएगा। परिवार के लोगों का साथ मिलेगा तो मन हल्का रहेगा। रिश्तों में गुस्से से बचना जरूरी है। पैसों के मामले में सोच-समझकर खर्च करें। सेहत में थकान महसूस हो सकती है। वृषभ आज कोई नया प्लान दिमाग में आ सकता है। यात्रा या काम को लेकर सोच-विचार करेंगे। किसी करीबी से चल रही दूरी कम हो सकती है। नौकरी करने वालों को धैर्य रखना होगा। बिजनेस में जल्दबाजी नुकसान करा सकती है। फालतू खर्च बढ़ सकता है। सेहत सामान्य रहेगी, लेकिन आराम जरूर करें। मिथुन आज दिमाग में कई बातें एक साथ चल सकती हैं। पैसों या जिम्मेदारियों को लेकर चिंता रह सकती है। किसी करीबी इंसान से साफ बात करना जरूरी रहेगा। ऑफिस में बिना समझे किसी काम की जिम्मेदारी न लें। बिजनेस में पार्टनरशिप वाले मामलों में सावधानी रखें। रात तक तनाव थोड़ा कम होगा। कर्क आज रिश्तों में समझदारी से काम लेना होगा। किसी की बात आपको बुरी लग सकती है, लेकिन तुरंत प्रतिक्रिया देना सही नहीं रहेगा। परिवार के साथ समय बिताने से अच्छा लगेगा। ऑफिस में किसी सीनियर की सलाह फायदेमंद साबित हो सकती है। पैसों के मामलों में सावधानी जरूरी है। सेहत में कमजोरी महसूस हो सकती है। सिंह आज मेहनत ज्यादा करनी पड़ सकती है। ऑफिस में काम का दबाव रहेगा, लेकिन धीरे-धीरे सब संभल जाएगा। छात्रों का पढ़ाई में मन लगेगा। रिश्तों में पार्टनर का साथ मिलेगा। पुराने दोस्त से बातचीत हो सकती है। खर्च बढ़ सकते हैं, इसलिए बजट देखकर चलें। शरीर में थकान रह सकती है। कन्या आज भविष्य को लेकर ज्यादा सोच सकते हैं। नया काम शुरू करने का मन बनेगा। ऑफिस में जिम्मेदारी बढ़ सकती है। बिजनेस में पुराने संपर्क फायदा दिला सकते हैं। रिश्तों में दूरी महसूस हो तो बातचीत बंद न करें। ज्यादा तनाव लेने से बचें। आराम की जरूरत रहेगी। तुला आज मन थोड़ा भावुक रह सकता है। घर के लोगों के साथ अच्छा समय बीतेगा। नौकरी में नई जिम्मेदारी मिल सकती है। बिजनेस में फायदा होने के संकेत हैं। रुके हुए काम आगे बढ़ सकते हैं। रिश्तों में मिठास बनी रहेगी। बाहर का खाना कम खाएं, नहीं तो पेट संबंधित समस्याएं हो सकती हैं। वृश्चिक आज कुछ काम मन के हिसाब से होंगे और कुछ में इंतजार करना पड़ सकता है। नौकरी में बदलाव की चर्चा हो सकती है। बिजनेस में नए लोगों से संपर्क बढ़ेगा। परिवार के साथ समय बिताने से अच्छा लगेगा। पैसों के मामले में दिन ठीक रहेगा, लेकिन उधार देने से बचें। शरीर में थकान रह सकती है। धनु आज घर और परिवार से जुड़ी बातें ज्यादा दिमाग में रहेंगी। किसी अपने की चिंता परेशान कर सकती है। ऑफिस में काम धीरे-धीरे पूरे होंगे। रिश्तों में गलतफहमी बढ़ाने से बचें। पुराने दोस्त से बात हो सकती है। निवेश करने से पहले पूरी जानकारी लेना जरूरी रहेगा। सेहत का ध्यान रखें। मकर आज आपका कॉन्फिडेंस अच्छा रहेगा। कोई रुका काम आगे बढ़ सकता है। नौकरी में अच्छी खबर मिलने के संकेत हैं। बिजनेस में नए मौके मिल सकते हैं। गुस्से में किसी से बहस न करें। पैसों की स्थिति पहले से बेहतर रह सकती है। नींद पूरी न होने से सिर में दर्द हो सकता है। कुंभ आज का दिन ठीक-ठाक रहेगा। काम धीरे-धीरे पूरे होंगे। नौकरी में सीनियर आपके काम की तारीफ कर सकते हैं। बिजनेस में नया प्लान बन सकता है। परिवार के साथ समय अच्छा बीतेगा। खर्चों पर कंट्रोल रखना जरूरी रहेगा। खाने-पीने में लापरवाही न करें। मीन आज पुरानी बातें बार-बार याद आ सकती हैं। मन थोड़ा भावुक रहेगा। ऑफिस में आपकी मेहनत की तारीफ हो सकती है। बिजनेस में धीरे-धीरे फायदा मिलने के संकेत हैं। रिश्तों में भरोसा बनाए रखना जरूरी होगा। खर्चों को लेकर सावधानी रखें। नींद कम होने से परेशानी महसूस हो सकती है।

डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम का प्रेरक संदेश फेल का मतलब सीखने की पहली कोशिश

 अगर आप असफल होते हैं, तो कभी हार न मानें क्योंकि FAIL का मतलब है First Attempt In Learning –  डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम हम अक्सर जीवन में किसी काम में असफल होने पर निराश हो जाते हैं और अपने प्रयासों को वहीं रोक देते हैं. लेकिन भारत के मिसाइल मैन और पूर्व राष्ट्रपति डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम का जीवन हमें सिखाता है कि विफलता (Failure) कोई ठहराव नहीं, बल्कि सफलता के सफर का एक बेहद खूबसूरत और जरूरी मोड़ है.  इसी सकारात्मक सोच को उन्होंने इस खास नजरिए से समझाया है. F.A.I.L. First Attempt In Learning डॉ. कलाम के इस मंत्र का अर्थ: 1. सीखने की दिशा में पहली कोशिश (First Attempt in Learning): डॉ. कलाम का मानना था कि जब हम कुछ नया करने या अपने सपनों को पाने की कोशिश करते हैं, तो पहली बार में हार जाना पूरी तरह स्वाभाविक है. वे कहते थे कि यदि आप फेल होते हैं, तो इसका मतलब यह नहीं है कि आपकी योग्यता कम है, बल्कि इसका सीधा अर्थ है कि आपने सीखने और आगे बढ़ने का पहला साहसिक कदम उठा लिया है. 2. दृष्टिकोण का बदलाव (Shift in Perspective): इंसान का मन अक्सर हार के बाद आत्म-संदेह से घिर जाता है. कलाम साहब का यह मंत्र हमारे नजरिए को बदलता है. वे कहते थे कि शब्दों के सकारात्मक अर्थ ढूंढें.  यदि कोई आपको 'NO' कहता है, तो उसका मतलब 'Next Opportunity' (अगला अवसर) होता है. इसी तरह अगर आपके सामने 'END' आ जाए, तो उसका मतलब अंत नहीं, बल्कि 'Effort Never Dies' (प्रयास कभी व्यर्थ नहीं जाता) होता है. 3. कर्म की शक्ति और अटूट हौसला: डॉ. कलाम का अपना जीवन बेहद संघर्षपूर्ण रहा. वे एक अखबार बेचने वाले बालक से देश के सर्वोच्च नागरिक और महान वैज्ञानिक बने. उन्होंने सिखाया कि सच्ची शांति और सफलता कठिन परिस्थितियों में भी अपना धैर्य न खोने और लगातार कर्म करते रहने में है. जब आप अपनी गलतियों को एक शिक्षक मानकर उनसे सीखते हैं, तो हर असफलता आपको आपकी मंजिल के और करीब ले आती है. अगर आप आज की अपनी कोशिशों को लेकर  पूरी तरह ईमानदार हैं, तो कल की सफलता तय है.

चाणक्य नीति हंस के उदाहरण से रिश्तों की सच्चाई और स्वार्थ का ज्ञान

 चाणक्य नीति, आचार्य चाणक्य (कौटिल्य) द्वारा रचित एक प्राचीन भारतीय ग्रंथ है. यह ग्रंथ व्यक्ति को जीवन जीने की कला, राजनीति, अर्थशास्त्र और नैतिकता के सिद्धांतों के बारे में बताता है. यह मुख्य रूप से सफल, अनुशासित और सुखी जीवन जीने के लिए सूत्र प्रदान करती है. जो आज भी बिजनेस, रिश्तों और व्यक्तिगत विकास में पूरी तरह लागू होती है. अगर आप जीवन में सुख व शांति की कामना करते हैं तो चाणक्य की नीतियां आपके लिए काफी मददगार साबित हो सकती हैं.   वहीं, आचार्य चाणक्य ने सूत्र चाणक्य नीति में कई पक्षियों और जानवरों के गुणों का जिक्र भी किया है. उन्हीं में से एक पक्षी है हंस. वैसे तो हंस देखने में बहुत ही सुंदर लगता है. लेकिन, हंस में कुछ ऐसे गुण हैं, जो व्यक्ति अपने जीवन में कभी नहीं अपनाने चाहिए. श्लोक- यत्रोदकं तत्र वसन्ति हंसाः तथैव शुष्कं परिवर्जयन्ति। न हंसतुल्येन नरेण भाव्यं पुनस्त्यजन्तः पुनराश्रयन्ते ॥ अर्थ: इस श्लोक के माध्यम से चाणक्य नीति रिश्तों व इंसान के स्वभाव को लेकर गहरी सीख देता है. इसमें आचार्य चाणक्य कहते हैं कि जैसे हंस केवल वहीं रहते हैं जहां पानी होता है और पानी सूखने पर उस जगह को छोड़ देते हैं. वैसे ही कुछ लोग भी सिर्फ स्वार्थ और लाभ के लिए रिश्ते निभाते हैं. जीवन में ऐसे लोगों से सावधान रहना चाहिए, जो केवल अच्छे समय में साथ रहते हैं. जब तक व्यक्ति के पास पैसा, सफलता या शक्ति होती है, तब तक लोग उसके पास होते हैं. परंतु यह सब समाप्त होने के बाद मुश्किल समय आने पर वही लोग दूरी बना लेते हैं. यह श्लोक ये भी सिखाता है कि इंसान को खुद कभी स्वार्थी स्वभाव नहीं अपनाना चाहिए और ना घमंड करना चाहिए. रिश्तों की असली पहचान कठिन समय में होती है. जो लोग सुख-दुख दोनों में साथ निभाते हैं, वही सच्चे रिश्ते कहलाते हैं. इसके अलावा, यह श्लोक रिश्तों में स्थिरता और निष्ठा का महत्व भी बताता है. अगर कोई व्यक्ति बार-बार अपने लाभ के अनुसार रिश्ते बनाता और छोड़ता है, तो वह कभी सच्चा मित्र नहीं होता है. ना वह व्यक्ति कभी विश्वास जीत पाता है. इसलिए, जीवन में ऐसे संबंध बनाने चाहिए, जिनमें भरोसा, अपनापन और निस्वार्थ भावना हो.

हस्तरेखा शास्त्र से कैसे जानें लव मैरिज या अरेंज मैरिज होगी

आज कल सोशल मीडिया लव मैरिज और अरेंज मैरिज टॉपिक काफी ज्यादा चर्चा में है. जिसको लेकर हर पंडित इस टॉपिक पर अपनी राय रख रहा है. लेकिन, क्या आपको मालूम है कि हाथों की रेखाओं को देखकर भी लव मैरिज और अरेंज मैरिज का पता किया जा सकता है. चौंकिए मत! दरअसल, हस्तरेखा शास्त्र एक ऐसी विद्या है जिसमें हाथ की रेखाओं और हथेली को देखकर इंसान के स्वभाव और भविष्य के बारे में पता लगाया जाता है. इसमें हाथ की मुख्य रेखाएं जैसे जीवन रेखा, मस्तिष्क रेखा और हृदय रेखा को देखा जाता है. इन रेखाओं के आधार पर व्यक्ति के जीवन, करियर, हेल्थ और रिश्तों के बारे में जानकारी जानने की कोशिश की जाती है. वहीं, हाथ की रेखाएं देखकर व्यक्ति की वैवाहिक स्थिति, आने वाले शादी-शुदा जीवन कैसे रहेगा और लव मैरिज होगी या अरेंज मैरिज ये भी पता किया जा सकता है. कैसे पता करें कि लव मैरिज होगी या अरेंज मैरिज? हस्तरेखा शास्त्र के मुताबिक, हथेली की रेखाओं से शादी और रिश्तों से जुड़े कई संकेत मिलते हैं. खासकर छोटी उंगली के नीचे मौजूद विवाह रेखा को देखकर यह पता किया जा सकता है कि व्यक्ति की शादी लव होगी या अरेंज. अगर विवाह रेखा ऊपर की ओर मुड़कर हृदय रेखा की तरफ जाती दिखाई दे, तो इसे लव मैरिज का संकेत माना जाता है. ऐसे लोग अपने मन से जीवनसाथी चुनते हैं और प्रेम संबंध को शादी तक ले जाने की संभावना अधिक होती है. वहीं, यदि विवाह रेखा सीधी, साफ और हृदय रेखा से अलग हो, तो इसे अरेंज मैरिज का संकेत माना जाता है. ऐसे मामलों में परिवार की भूमिका ज्यादा होती है और वैवाहिक जीवन सामान्यतः स्थिर माना जाता है. हथेली में विवाह रेखा कहां होती है? हस्तरेखा शास्त्र में छोटी उंगली के नीचे, हथेली के किनारे पर जो रेखा होती है, उसे विवाह रेखा कहा जाता है. कुछ लोगों के हाथ में इस जगह एक से ज्यादा रेखाएं भी दिखाई देती हैं, लेकिन हर रेखा का अलग मतलब माना जाता है. अगर विवाह रेखा साफ, गहरी और बिना कटाव के हो, तो इसे अच्छा संकेत माना जाता है. ऐसे लोगों का वैवाहिक जीवन आमतौर पर सुखी और स्थिर रहता है. वहीं, अगर यह रेखा टूटी हुई हो, कटी-फटी हो या बीच-बीच में मिलती-जुलती दिखे, तो शादीशुदा जीवन में परेशानियां आ सकती हैं. अगर विवाह रेखा हृदय रेखा के पास हो, तो जल्दी शादी के संकेत माने जाते हैं. वहीं, छोटी और बीच में स्थित रेखा थोड़ी देर से विवाह होने का इशारा देती है. अगर इस स्थान पर कई छोटी-छोटी रेखाएं हों, तो इसे एक से ज्यादा प्रेम संबंधों का संकेत माना जाता है. अगर विवाह रेखा की शुरुआत में कोई निशान हो या यह हृदय रेखा को पार करती हुई दिखे, तो इसे अच्छा नहीं माना जाता. ऐसे लोगों को रिश्तों में धोखा, जीवनसाथी से जुड़ी समस्याएं या वैवाहिक जीवन में उतार-चढ़ाव का सामना करना पड़ सकता है.

राहु-सूर्य की युति से बनेगा ग्रहण योग, 10 मई को कई राशियों पर संकट के संकेत

ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, आने वाली 10 मई 2026 को ग्रहों की स्थिति एक अशुभ योग का निर्माण कर रही है. इस दिन क्रूर ग्रह राहु और ग्रहों के राजा सूर्य एक ही राशि में गोचर करेंगे, जिससे ग्रहण योग की स्थिति बनेगी. ज्योतिषियों का मानना है कि इस युति का नकारात्मक प्रभाव कई राशि के जातकों के जीवन पर देखने को मिल सकता है. मेष राशि: करियर में चुनौतियां ग्रहण योग के कारण मेष राशि वालों को कार्यक्षेत्र में संभलकर रहने की जरूरत है. इस दौरान आपके बनते काम बिगड़ सकते हैं, अधिकारियों के साथ वैचारिक मतभेद होने की आशंका है. निवेश के मामलों में सावधानी बरतें, वरना आर्थिक नुकसान हो सकता है. सिंह राशि: मान-प्रतिष्ठा पर संकट सिंह राशि के स्वामी सूर्य हैं, इसलिए राहु के साथ उनकी युति इस राशि के लिए तनावपूर्ण रहेगी. समाज में आपकी छवि प्रभावित हो सकती है. इस अवधि में क्रोध पर नियंत्रण रखें. किसी भी बड़े निर्णय को फिलहाल टाल देना ही बेहतर होगा. कन्या राशि: स्वास्थ्य और धन हानि कन्या राशि के जातकों के लिए 10 मई के बाद का समय उतार-चढ़ाव भरा रह सकता है. अचानक स्वास्थ्य बिगड़ने या पुराने रोगों के उभरने की संभावना है. फिजूलखर्ची बढ़ने से बजट बिगड़ सकता है, इसलिए पैसों के लेन-देन में सतर्कता बरतें. वृश्चिक राशि: पारिवारिक कलह के संकेत इस अशुभ योग का असर आपके पारिवारिक जीवन पर पड़ सकता है. घर के सदस्यों के बीच तालमेल की कमी और छोटी-छोटी बातों पर विवाद होने के योग हैं. वाणी पर संयम रखें, वाहन चलाते समय विशेष सावधानी बरतें. उपाय और सावधानी ग्रहण योग के दुष्प्रभावों को कम करने के लिए जातकों को भगवान शिव की उपासना करनी चाहिए. 10 मई को 'ॐ नमः शिवाय' का जाप करें, आदित्य हृदय स्तोत्र का पाठ करना शुभ फलदायी रहेगा. इसके अलावा, दान-पुण्य करने से भी ग्रहों की शांति होती है.

वास्तु शास्त्र: घर में छिपकली का दिखना शुभ या अशुभ? जानिए संकेत

गर्मियों के मौसम शुरू होने के साथ ही घर की दीवारों पर छिपकलियां नजर आने लगती हैं. जिन्हें देखकर अक्सर लोग बहुत ही ज्यादा डर जाते हैं. बड़े बुजुर्गों की मानें तो घर की दीवार पर मोर का पंख लगाने से चिपकली चली जाती है. लेकिन, चिपकली को कुछ लोग शुभ संकेत बोलते हैं और कुछ लोग अशुभ. लेकिन, यह इस बात पर निर्भर करता है कि छिपकली का रंग क्या है? दरअसल, काली रंग की छिपकली को लोग अशुभ मानते हैं. हल्के पीले रंग की छिपकली शुभ मानी जाती है. वास्तु शास्त्र में भी इस बात का जिक्र है कि घर में चिपकली का आना शुभ संकेत भी हो सकता है. क्योंकि छिपकली को मां लक्ष्मी का स्वरूप ही माना जाता है. कहा जाता है कि अगर घर में हल्के पीले रंग की छिपकली है तो यह मां लक्ष्मी के आगमन का संकेत है और घर में सुख-समृद्धि आने वाली है. तो आइए ज्योतिर्विद प्रीतिका मजूमदार जी से जानते हैं कि घर में छिपकली दिखने के कौन से शुभ संकेत और कौन से अशुभ होते हैं. दीवार और फर्श पर रेंगती छिपकली का दिखना वास्तु शास्त्र के अनुसार, अगर छिपकली दीवार पर चलती हुई दिखाई दे, तो इसे अच्छे समाचार माना जाता है. वहीं, अगर फर्श पर रेंगती हुई दिखे, तो इसे धन लाभ से जोड़ा जाता है. नौकरी या बिजनेस करने वालों के लिए भी इसे तरक्की और लाभ का संकेत माना जाता है. जो लोग नौकरी की तलाश में हैं, उनके लिए यह नए अवसर मिलने का इशारा हो सकता है. अनाज वाली पर जगह पर छिपकली का दिखना वास्तु शास्त्र के मुताबिक, अगर छिपकली अनाज रखने की जगह, जैसे चावल या गेहूं के डिब्बे के पास दिखे, तो इसे बहुत शुभ माना जाता है. ऐसी स्थिति में घर की आर्थिक स्थिति मजबूत होने और धन-धान्य में वृद्धि के संकेत माने जाते हैं. अगर दो छिपकलियां एक साथ दिखाई दें, तो इसे पुराने दोस्तों से मुलाकात या रिश्तों में सुधार का संकेत माना जाता है. पति-पत्नी के बीच चल रही समस्याएं भी धीरे-धीरे सुलझने लगती हैं. काली छिपकली का दिखना वास्तु शास्त्र के अनुसार, अगर घर में काली रंग की छिपकली नजर आए, खासकर मंदिर या पूजा वाले स्थान के आसपास, तो कुछ लोग इसे अच्छा संकेत नहीं मानते हैं. क्योंकि काला रंग नकारात्मकता फैलाता है. जो यह संदेश देता है कि घर में कुछ परेशानियां आने वाली हैं. ऐसे में लोग सतर्क रहने और घर के माहौल को सकारात्मक बनाए रखने की सलाह भी दी जाती है. वहीं दूसरी तरफ, सामान्य तौर पर पूजा स्थान के पास छिपकली का दिखना कई मान्यताओं में शुभ भी माना जाता है. खासकर अगर यह शुक्रवार के दिन दिखाई दे, तो इसे मां लक्ष्मी की कृपा से जोड़कर देखा जाता है. लोगों का मानना है कि इससे घर में सुख-समृद्धि बढ़ती है और आर्थिक स्थिति बेहतर हो सकती है. शरीर के इन अंगों का छिपकली का गिरना होता है शुभ – वास्तु शास्त्र के अनुसार, कमर के बीच में अगर छिपकली गिरे तो पैसों से जुड़ा लाभ होता है. – पेट पर छिपकली गिरना भी शुभ कहलाता है. – नाभि पर छिपकली गिरने से इच्छाएं पूरी होती हैं. – दाहिनी हाथ पर छिपकली गिरे तो धन लाभ मिलता है. लेकिन, बाएं हाथ पर छिपकली गिरने से संपत्ति से जुड़ा कोई नुकसान हो सकता है. – दाहिनी आंख पर छिपकली गिरने का मतलब किसी से मुलाकात होगी. बाईं आंख पर छिपकली गिरने का मतलब होता है बड़ी हानि होना.

घर में न लगाएं ये पौधे वास्तु के अनुसार अशुभ पौधे

वास्तु शास्त्र के अनुसार, घर में रखे पेड़-पौधे सिर्फ सजावट का सामान नहीं होते, बल्कि वे घर की ऊर्जा (Energy) पर गहरा असर डालते हैं.  जहाँ कुछ पौधे घर में सौभाग्य और खुशहाली लाते हैं, वहीं कुछ पौधे ऐसे भी हैं जिन्हें घर की सीमा के अंदर लगाना बहुत अशुभ माना जाता है. गलत पौधों का चुनाव न सिर्फ आपकी तरक्की रोक सकता है, बल्कि परिवार में झगड़े और पैसों की तंगी का कारण भी बन सकता है. अगर आपने भी अनजाने में ये पौधे लगाए हैं, तो इनके बारे में जान लेना जरूरी है. भूलकर भी न लगाएं ये अशुभ पौधे: गुलाब के पौधे को छोड़कर, घर के अंदर या मुख्य दरवाजे पर कभी भी कांटेदार पौधे जैसे कैक्टस नहीं लगाने चाहिए. वास्तु के अनुसार, ये पौधे घर के माहौल में  तनाव पैदा करते हैं. इससे परिवार के सदस्यों के बीच आपसी तालमेल बिगड़ता है और कड़वाहट बढ़ती है. बोनसाई के पौधे: बोनसाई के पौधे दिखने में तो बहुत सुंदर लगते हैं, लेकिन वास्तु शास्त्र के अनुसार इन्हें घर में रखना अच्छा नहीं माना जाता.  बोनसाई पौधों को बढ़ने से रोका जाता है ताकि वे छोटे रहें. माना जाता है कि इन्हें घर में रखने से परिवार के सदस्यों की प्रगति और करियर में भी रुकावटें आने लगती हैं.   इमली का वृक्ष: घर के आंगन या मुख्य परिसर के पास इमली का पेड़ होना अच्छा नहीं माना जाता. लोक मान्यताओं और वास्तु के अनुसार, इमली के पेड़ पर नकारात्मक ऊर्जा का वास होता है. इसे घर के पास लगाने से परिवार के लोगों में डर, घबराहट और मानसिक बेचैनी बढ़ सकती है. दुग्ध युक्त पौधे: ऐसे पौधे जिनकी शाखाओं को तोड़ने पर दूध जैसा सफेद तरल निकलता है (जैसे मदार या आक), घर में लगाने से बचना चाहिए.  ये पौधे धन की हानि का कारण बन सकते हैं और स्वास्थ्य पर भी बुरा असर डालते हैं.   मुरझाए या सूखे पौधे: घर में कभी भी सूखे हुए पौधे न रखें.  वास्तु के अनुसार, सूखे पौधे शोक और नकारात्मकता का प्रतीक होते हैं, जो घर की जीवंतता और सकारात्मक ऊर्जा को पूरी तरह सोख लेते हैं.

14 मई को शुक्र का मिथुन राशि में गोचर, कई राशियों के लिए बनेंगे शुभ योग

द्रिक पंचांग के अनुसार, शनिश्चरी अमावस्या इस बार 16 मई की है. संयोगवश उससे ठीक दो दिन पहले शुक्र का गोचर होगा. यानी 14 मई को शुक्र वृषभ राशि से निकलकर मिथुन राशि में प्रवेश करेंगे. 14 मई को सुबह 10 बजकर 35 मिनट पर शुक्र ग्रह अपनी स्वराशि वृषभ को छोड़कर मिथुन राशि में प्रवेश करेंगे. इसका मतलब शनिश्चरी अमावस्या पर शुक्र देवता का प्रभाव भी बना रहेगा. यह गोचर ज्योतिषीय दृष्टि से शुभ और सकारात्मक परिणाम देने वाला माना जा रहा है. शुक्र ग्रह का मिथुन राशि में गोचर इसलिए भी विशेष है क्योंकि मिथुन राशि के स्वामी बुध हैं, जो शुक्र के मित्र ग्रह माने जाते हैं. यही कारण है कि शुक्र का यह गोचर अधिकांश जातकों के लिए किसी न किसी रूप में लाभकारी सिद्ध हो सकता है. चाहे वह प्रेम जीवन हो, शादी से जुड़ी बातें हों, आर्थिक स्थिति हो या फिर भौतिक सुख-सुविधाएं. शुक्र का यह परिवर्तन जीवन के कई क्षेत्रों में मधुरता घोलने का संकेत देता है. तो आइए जानते हैं कि 14 मई को होने जा रहा शुक्र का गोचर सभी राशियों के लिए कैसा रहने वाला है. मेष शुक्र मेष राशि वालों के तीसरे भाव में प्रवेश करेंगे. आप अपने दोस्तों के साथ ज्यादा समय बिताएंगे. भाई-बहनों के साथ आपका रिश्ता और मजबूत होगा. प्रेम संबंधों के लिए भी अनुकूल रहेगा. धन कमाने के अवसर भी मिल सकते हैं. कार्यक्षेत्र में सहकर्मियों के साथ आपका व्यवहार मित्रतापूर्ण रहेगा, जिसका लाभ आपको करियर में मिलेगा. वृषभ शुक्र वृषभ राशि वालों के दूसरे भाव में प्रवेश करेंगे. यह गोचर आपके जीवन में सुख, शांति और समृद्धि लेकर आएगा. धन लाभ के प्रबल योग बनेंगे. आप अपनी आय को बचाने में सफल रहेंगे. बैंक बैलेंस में वृद्धि होगी. सामाजिक दायरा भी बढ़ेगा. वातावरण सकारात्मक रहेगा. लाभ और धन प्राप्ति के योग बन सकते हैं. व्यापार में भी वृद्धि के संकेत हैं. मिथुन शुक्र का मिथुन राशि में ही होने जा रहा है. आपके अंदर आकर्षण बढ़ेगा. लोग आपकी ओर खिंचे चले आएंगे. आपको मानसिक संतोष मिलेगा. वाहन या संपत्ति का सुख मिलने के योग भी बन सकते हैं. संतान की ओर से आपको प्रेम और सहयोग प्राप्त होगा. विदेश से जुड़े कार्यों में सफलता मिल सकती है. विदेशी मुद्रा प्राप्ति के भी योग बन रहे हैं. कर्क शुक्र कर्क राशि के द्वादश भाव में प्रवेश करेंगे. आपके खर्चों में अचानक बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है. मन में थोड़ी चिंता या असहजता महसूस हो सकती है. कुछ परेशानियां बढ़ सकती हैं. सिंह शुक्र सिंह राशि वालों के एकादश भाव में विराजमान होंगे. आमदनी में अच्छी बढ़ोतरी हो सकती है. कार्यक्षेत्र में आपके वरिष्ठ अधिकारी आपसे प्रसन्न रहेंगे. यह गोचर आपके आत्मविश्वास को बढ़ाएगा. प्रेम जीवन के लिए भी यह समय बेहद अनुकूल रहेगा. यह गोचर पढ़ाई में एकाग्रता बढ़ाने वाला रहेगा. कन्या शुक्र कन्या राशि वालों के दशम भाव में प्रवेश करेंगे. शुक्र का गोचर आपके लिए उन्नति और सफलता के नए रास्ते खोलने वाला साबित होगा. भाग्य का पूरा साथ मिलेगा. लंबे समय से अटके हुए कार्य दोबारा गति पकड़ेंगे. धन लाभ के प्रबल योग बनेंगे. नौकरीपेशा जातकों के लिए यह अवधि विशेष रूप से शुभ रहेगी. ये गोचर आपको नई पहचान और स्थिरता प्रदान करेगा. तुला शुक्र तुला राशि के नवम भाव में गोचर होगा. यह गोचर अचानक धन लाभ के संकेत दे रहा है. लंबे समय से अटके हुए धन की प्राप्ति हो सकती है. अप्रत्याशित लाभ से आपको मानसिक संतोष और खुशी मिलेगी. आपसी सहयोग बढ़ेगा. वृश्चिक शुक्र वृश्चिक राशि वालों के अष्टम भाव में प्रवेश करेंगे. आकस्मिक लाभ हो सकता है. प्रेम संबंधों में थोड़ा उतार-चढ़ाव हो सकता है. धन लाभ के अच्छे योग बन रहे हैं. शेयर बाजार में निवेश करने से सकारात्मक प्रतिफल प्राप्त होगा, आर्थिक स्थिति मजबूत होगी. धनु शुक्र धनु राशि वालों के सप्तम भाव में प्रवेश करेंगे. जीवनसाथी एक-दूसरे के साथ अधिक समय बिताएंगे. आपसी समझ के साथ जिम्मेदारियों को निभाएंगे. सेहत का थोड़ा ख्याल रखना होगा. मकर शुक्र मकर राशि वालों के छठे भाव में प्रवेश करेगा. सेहत से जुड़ी समस्याएं हो सकती है. धन का सही प्रबंधन करना आवश्यक रहेगा. अनावश्यक खर्चों से बचें. भविष्य को ध्यान में रखकर आर्थिक फैसले लें. पढ़ाई में अच्छे अवसर मिलेंगे. कुंभ शुक्र कुंभ राशि वालों के पांचवें भाव में प्रवेश करेगा. प्रेम-विश्वास दोबारा मजबूत होगा. रिश्ते में नई ताजगी आएगी. आपकी बुद्धि तेज रहेगी.  विषयों को समझने की क्षमता अच्छी होगी. संपत्ति से जुड़ा कोई लाभ भी मिल सकता है. इस अवधि में धन लाभ के अच्छे योग बनेंगे. आध्यात्मिक गतिविधियों में रुचि लेंगे. इच्छा भी पूरी हो सकती है. मीन शुक्र मीन राशि वालों के चौथे भाव में प्रवेश करेंगे. पारिवारिक जीवन में कुछ गलतफहमियां या आपसी मतभेद देखने को मिल सकते हैं. छोटी-छोटी बातों से अनावश्यक समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं. ससुराल पक्ष से भी मदद या समर्थन मिल सकता है.

मंगलादित्य योग का असर: 11 मई से बदलेगा भाग्य, 4 राशियों को बड़ा फायदा

द्रिक पंचांग के अनुसार, 11 मई को मंगल ग्रह के मेष राशि में प्रवेश करते ही एक खास योग बनने जा रहा है, जिसे मंगलादित्य योग कहा जाता है. यह योग तब बनता है जब मंगल और सूर्य एक ही राशि में आ जाते हैं और इसे ज्योतिष में काफी प्रभावशाली माना जाता है. इस बार इस योग की अहमियत और भी बढ़ जाएगी, क्योंकि मेष मंगल की अपनी राशि है, जबकि सूर्य यहां उच्च का है. ऐसे में दोनों ग्रहों का एक साथ आना बेहद शुभ और ताकतवर संयोग बना रहा है. ज्योतिष गणनाओं के अनुसार, इस विशेष योग का असर सभी राशियों पर पड़ेगा, लेकिन 4 राशियों के लिए यह समय खासतौर पर भाग्यशाली साबित हो सकता है. आइए जानते हैं कौन-सी हैं ये राशियां. मेष राशि मेष राशि के लिए बनने वाला मंगलादित्य योग काफी फायदेमंद साबित हो सकता है. आपकी आर्थिक स्थिति में सुधार देखने को मिलेगा. करियर में आगे बढ़ने के मौके मिल सकते हैं. नौकरी करने वालों को प्रमोशन या नई जिम्मेदारी मिल सकती है. जो पैसा लंबे समय से अटका हुआ है, उसके मिलने के संकेत हैं. बिजनेस करने वालों के लिए भी मुनाफे के अच्छे योग बन रहे हैं. निवेश से फायदा हो सकता है. सिंह राशि सिंह राशि वालों के लिए यह समय सफलता और लाभ लेकर आ सकता है. व्यापार में तेजी आएगी. अचानक धन लाभ के अवसर मिल सकते हैं. पुराने कर्ज से राहत मिलने के संकेत हैं. नौकरी की तलाश कर रहे लोगों को अच्छा मौका मिल सकता है. साथ ही, किसी बड़े काम में सफलता मिलने से आत्मविश्वास बढ़ेगा. समाज में सम्मान भी मिलेगा. धनु राशि धनु राशि के जातकों के लिए यह योग भाग्य को मजबूत करने वाला रहेगा. लंबे समय से अटके काम पूरे होने लगेंगे. पढ़ाई या प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता मिल सकती है. इस दौरान आप नई संपत्ति या वाहन खरीदने का विचार भी बना सकते हैं. विदेश जाने के योग भी बन रहे हैं, जिससे नए अवसर मिल सकते हैं. कुंभ राशि कुंभ राशि वालों के लिए यह योग कई अच्छे बदलाव लेकर आ सकता है. नौकरी में सैलरी बढ़ने या नई जॉब मिलने की संभावना है. रुके हुए काम धीरे-धीरे पूरे होंगे. अचानक धन लाभ के योग बन सकते हैं. इसके अलावा, धार्मिक या आध्यात्मिक यात्रा पर जाने का मौका भी मिल सकता है, जिससे मन को शांति मिलेगी.