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10 जुलाई 2026 को बनेगा व्यतिपात योग, इन 5 राशियों पर रह सकता है असर

 द्रिक पंचांग के अनुसार, 10 जुलाई 2026 को एक विशेष योग बनने जा रहा है, जिसे व्यतिपात योग कहा जाता है. यह योग सुबह 6 बजकर 53 मिनट से शुरू होकर दोपहर 12 बजकर 27 मिनट तक प्रभावी रहेगा. ज्योतिष के अनुसार इस योग को सामान्यतः चुनौतीपूर्ण माना जाता है, क्योंकि इसके दौरान कई राशियों को मानसिक दबाव और परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है. इस बार भी कुछ राशियों के लिए यह समय थोड़ा कठिन रह सकता है. खासकर पांच राशियों के लोगों को सावधानी रखने की जरूरत है, क्योंकि उनके जीवन में तनाव और उलझनें बढ़ सकती हैं. आइए जानते हैं किन राशियों पर इसका ज्यादा असर पड़ सकता है. वृषभ राशि वृषभ राशि के लोगों को इस दौरान आर्थिक मामलों में सावधानी बरतनी होगी. खर्चे बढ़ सकते हैं. पैसों की कमी महसूस हो सकती है. परिवार के लोगों की नाराजगी झेलनी पड़ सकती है, खासकर किसी सामाजिक कार्यक्रम में शामिल न होने पर. आंखों से जुड़ी समस्या भी परेशान कर सकती है. मिथुन राशि मिथुन राशि के जातकों को पारिवारिक मामलों में सतर्क रहना होगा. माता-पिता की नाराजगी झेलनी पड़ सकती है और उन्हें मनाने में समय लग सकता है. कामकाज में मन नहीं लगेगा, जिससे तनाव बढ़ेगा. गलत संगत से बचने की सलाह दी जाती है. सिंह राशि सिंह राशि वालों के लिए यह समय चिंता बढ़ाने वाला हो सकता है. परिवार के किसी बुजुर्ग की तबीयत खराब होने से मन परेशान रहेगा. खर्चे अचानक बढ़ सकते हैं. प्रॉपर्टी से जुड़े काम अटक सकते हैं. प्रेम संबंधों में भी तनाव देखने को मिल सकता है. मकर राशि मकर राशि के लोगों को कामकाज में रुकावटें आ सकती हैं. बिजनेस करने वालों को उम्मीद के मुताबिक फायदा नहीं मिलेगा. नौकरीपेशा लोगों को भी कार्यस्थल पर दबाव और परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है. रिश्तों में दूरी बढ़ सकती है और स्वास्थ्य के लिहाज से कान से जुड़ी दिक्कत परेशान कर सकती है. कुंभ राशि कुंभ राशि के लोगों को इस दौरान नई योजनाओं को शुरू करने से बचना चाहिए. व्यापार में नुकसान होने की आशंका है. संपत्ति से जुड़े फैसले फिलहाल टालना बेहतर रहेगा. घर के लोगों के साथ मतभेद बढ़ सकते हैं, जिससे मन अशांत रहेगा. इस तरह व्यतिपात योग का प्रभाव कुछ राशियों के लिए चुनौतीपूर्ण रह सकता है. ऐसे समय में धैर्य और समझदारी से काम लेना ही बेहतर रहेगा.

वास्तु दोष का असर: घर की गलत दिशा में बाथरूम से बढ़ सकती हैं आर्थिक समस्याएं

 आज के समय में बड़े शहरों में रहने वाले लोग ही नहीं, बल्कि छोटे शहरों में रहने वाले लोग भी अनजाने में कई बार अपने घर में ऐसी गलत निर्माण करवा लेते हैं, जिसका असर उनके जीवन पर पड़ता है. सुविधा और आधुनिकता के चलते कई बार घर की दिशा और ऊर्जा संतुलन पर ध्यान नहीं दिया जाता, जिससे वास्तु दोष उत्पन्न हो जाते हैं. आज के समय में 90 के दशक के बाद से घरों में अटैच्ड बाथरूम का चलन काफी बढ़ गया है. पहले जहां एक पूरे परिवार के लिए एक ही बाथरूम होता था, वहीं अब हर कमरे के साथ बाथरूम होना आम बात हो गई है. सुविधा और प्राइवेसी के लिहाज से यह सही है, लेकिन कई बार इसकी दिशा पर ध्यान नहीं दिया जाता है. आइए पंडित कमल नंदलाल जी से जानते हैं बाथरूम की सही दिशा. बाथरूम की ये दिशा है अशुभ वास्तु के अनुसार बाथरूम का संबंध राहु से माना जाता है. ऐसे में अगर बाथरूम गलत दिशा में बना हो, तो यह जीवन में समस्याएं पैदा कर सकता है. खासतौर पर उत्तर दिशा में बना टॉयलेट गंभीर वास्तु दोष माना जाता है. उत्तर दिशा को देव दिशा कहा गया है. यह कुबेर की दिशा होती है, जो धन और समृद्धि के देवता माने जाते हैं. यही दिशा धन के आगमन की भी मानी जाती है. वहीं दक्षिण दिशा को धन के संचय की दिशा कहा गया है. इसलिए तिजोरी अक्सर दक्षिण दिशा में रखने की सलाह दी जाती है. अगर उत्तर दिशा में कोई वास्तु दोष होता है, खासकर टॉयलेट, तो इससे व्यक्ति की आर्थिक स्थिति प्रभावित हो सकती है. कमाई होने के बावजूद बचत नहीं हो पाती और धीरे-धीरे आर्थिक संकट बढ़ने लगता है. आजकल फ्लैट्स और अपार्टमेंट्स में यह समस्या काफी आम हो गई है. ऐसे में अगर आपके घर में भी उत्तर दिशा में टॉयलेट बना हुआ है, तो घबराने की जरूरत नहीं है. एक सरल उपाय से इसके दुष्प्रभाव को काफी हद तक कम किया जा सकता है. घर का केंद्र (ब्रह्मस्थान) घर के बिल्कुल बीचोबीच कभी भी बाथरूम या टॉयलेट नहीं होना चाहिए. क्या है बाथरूम की शुभ दिशा दक्षिण-पश्चिम का बाहरी हिस्सा (South of South-West) यदि उत्तर-पश्चिम में जगह न हो, तो दक्षिण और दक्षिण-पश्चिम के बीच के हिस्से (SSW) में भी टॉयलेट बनाया जा सकता है. केवल स्नानघर (Only Bathroom/Shower Area) के लिए दिशा यदि आप केवल नहाने की जगह (बिना कमोड/टॉयलेट सीट के) बना रहे हैं, तो इसके लिए पूर्व (East) या उत्तर (North) दिशा बेहद शुभ होती है. यहां से आने वाली सुबह की धूप और सकारात्मक ऊर्जा स्वास्थ्य के लिए अच्छी मानी जाती है. करें ये उपाय अगर आपका टॉयलेट उत्तर दिशा में बना हुआ है तो उसके अशुभ प्रभाव को कम करने के लिए आप एक हरे रंग की कांच की बोतल लें और उसमें मनी प्लांट का पौधा लगाएं. इस बोतल को घर की उत्तर दिशा में रख दें. यह उपाय उत्तर दिशा की ऊर्जा को संतुलित करने में मदद करता है और वास्तु दोष के प्रभाव को कम करता है.

मृत व्यक्ति की वस्तुओं को लेकर गरुड़ पुराण की मान्यता: मोह और संतुलन पर जोर

मृत्यु जीवन का एक अटल सत्य है. जब कोई अपना इस दुनिया को छोड़कर जाता है, तो पीछे सिर्फ यादें ही नहीं छोड़ता बल्कि कई सवाल भी छोड़ जाता है. उन्हीं सवालों में से एक है कि क्या मृत व्यक्ति के कपड़े, गहने, बिस्तर और अन्य सामान घर में संभालकर रखना चाहिए या उन्हें विदा कर देना चाहिए? यह सवाल केवल परंपरा या आस्था का नहीं, बल्कि मनोविज्ञान और भावनाओं से भी जुड़ा है. कुछ लोग इसे अंधविश्वास मानते हैं, तो कुछ इसे शांति और संतुलन से जोड़कर देखते हैं. ऐसे में गरुड़ पुराण क्या कहता है, इसे समझना जरूरी हो जाता है. गरुड़ पुराण क्या कहता है? गरुड़ पुराण के अनुसार, मृत्यु केवल शरीर का अंत नहीं, बल्कि आत्मा की एक नई यात्रा की शुरुआत है. शास्त्र कहते हैं कि मृत्यु के बाद व्यक्ति का मोह पूरी तरह समाप्त नहीं होता है. वह जिन वस्तुओं से जुड़ा होता है, वो हैं कपड़े, घड़ी, गहने, उनसे भावनात्मक संबंध बना रहता है. इसलिए शास्त्र यह सलाह देते हैं कि मृत व्यक्ति की चीजों को संभालने में संतुलन जरूरी है. उद्देश्य डर पैदा करना नहीं, बल्कि आत्मा और परिवार दोनों को मानसिक शांति देना है. कपड़ों को लेकर क्या करें? मृत व्यक्ति के कपड़े सबसे ज्यादा दुविधा पैदा करते हैं. क्योंकि वे शरीर के सबसे करीब रहते हैं और उनसे गहरा भावनात्मक जुड़ाव होता है. गरुड़ पुराण के अनुसार, कपड़ों को लंबे समय तक संभालकर रखना उचित नहीं माना गया है. इन्हें सम्मानपूर्वक दान कर देना चाहिए. यह न केवल एक परंपरा है, बल्कि एक मानसिक प्रक्रिया भी है. जिससे व्यक्ति अपने दुख से धीरे-धीरे बाहर निकल पाता है. गहने और घड़ी का महत्व कपड़ों के विपरीत, गहनों को अलग दृष्टि से देखा गया है. क्योंकि वे केवल उपयोग की वस्तु नहीं, बल्कि परिवार की विरासत भी होते हैं. गहनों को रखा जा सकता है, लेकिन शुद्धि के बाद उन्हें नई शुरुआत के प्रतीक के रूप में अपनाना चाहिए. वहीं घड़ी को लेकर विशेष सावधानी बताई गई है. अगर घड़ी बंद या खराब हो, तो उसे घर में रखना रुके हुए समय का प्रतीक माना जाता है. तस्वीरों को कहां रखें? तस्वीरें भावनात्मक रूप से सबसे ज्यादा असर डालती हैं. लेकिन, पितरों की तस्वीरें मंदिर में नहीं रखनी चाहिए. घर के हर कोने में तस्वीरें लगाना भी उचित नहीं होता है. शास्त्र कहते हैं कि तस्वीरें ऐसी जगह रखें जहां वे प्रेरणा दें, न कि हर दिन दुख की याद दिलाएं. बिस्तर और रोजमर्रा की वस्तुएं बिस्तर, गद्दा, तकिया जैसी चीजें व्यक्ति के जीवन के आखिरी दिनों से जुड़ी होती हैं. इन्हें बदल देना या हटाना बेहतर माना गया है. वैज्ञानिक रूप से भी इनमें बैक्टीरिया हो सकते हैं. हालांकि, पलंग जैसी वस्तुओं को अच्छी तरह साफ करके इस्तेमाल किया जा सकता है. असली संदेश क्या है? गरुड़ पुराण का उद्देश्य डर पैदा करना नहीं, बल्कि संतुलन सिखाना है. हर चीज को न तो पूरी तरह पकड़कर रखें और न ही बिना सोचे समझे त्याग दें. जरूरी है यह समझना कि क्या वह वस्तु आपके लिए प्रेरणा है या मानसिक बोझ?

मुख्य द्वार पर जल छिड़काव: वास्तु अनुसार घर में सकारात्मक ऊर्जा बढ़ाने का उपाय

 घर का मुख्य द्वार ही वह स्थान है जहां से सकारात्मक ऊर्जा और धन का आगमन होता है. अगर आप भी अपने घर में बरकत और शांति चाहते हैं, तो सुबह के समय मुख्य द्वार पर जल छिड़कने का छोटा सा उपाय आपके लिए बेहद प्रभावी साबित हो सकता है. मुख्य द्वार पर जल छिड़काव के चमत्कारी लाभ लक्ष्मी का आगमन: ताजा जल पवित्रता का प्रतीक है, जो धन और सौभाग्य को घर की ओर आकर्षित करता है. नकारात्मक ऊर्जा का नाश: यह द्वार की दहलीज को शुद्ध करता है और रात भर में जमा हुई नकारात्मक शक्तियों व बुरी नजर को खत्म करता है. राहु दोष का निवारण: मुख्य द्वार राहु से संबंधित माना गया है.  सुबह जल छिड़कने से राहु का नकारात्मक प्रभाव कम होता है, जिससे अचानक आने वाली मुसीबतें और पारिवारिक कलह दूर होती है. पितृ देवों का आशीर्वाद: पारंपरिक मान्यताओं के अनुसार, पितृ सुबह के समय प्रवेश द्वार पर आते हैं.  जल की स्वच्छता उन्हें तृप्त करती है और उनका आशीर्वाद मिलता है. कैसे छिड़के जल सही समय: यह उपाय सुबह सोकर उठने के बाद, सूर्योदय से पहले या ठीक बाद करें. पहले द्वार के सामने झाड़ू लगाएं, फिर जल छिड़कें. तांबे का पात्र: जल को रात भर तांबे के लोटे में रखे,  सुबह उसका इस्तेमाल करें. तांबे के औषधीय गुण और शुद्धिकरण की शक्ति  के प्रभाव को कई गुना बढ़ा देती है. इन चीजों को मिलाकर बनाएं उपाय को और शक्तिशाली हल्दी का पानी: एक चुटकी हल्दी मिलाने से गंभीर आर्थिक रुकावटें दूर होती हैं. सेंधा नमक: सप्ताह में एक बार (विशेषकर शुक्रवार को) पानी में सेंधा नमक मिलाकर छिड़काव करें. यह जिद्दी नकारात्मक ऊर्जा को दूर कर सेहत को बेहतर करता है. गंगाजल या गुलाब जल: इसकी कुछ बूंदें घर में शांति और सद्भाव बनाए रखती हैं. दिशा संबंधी सावधानियां (Directional Precautions) वास्तु के अनुसार दिशा के अनुसार जल का इस्तेमाल करें: शुभ दिशाएं: यदि मुख्य द्वार उत्तर (North), उत्तर-पूर्व (North-East) या पूर्व (East) में है, तो जल के उपाय सबसे ज्यादा फायदेमंद हैं. सावधानी: दक्षिण (South), दक्षिण-पूर्व (SE) या दक्षिण-पश्चिम (SW) दिशा वाले द्वार पर जल का छिड़काव कम करें. इन अग्नि वाली दिशाओं में पानी का ज्यादा जमाव अस्थिरता या आर्थिक नुकसान की वजह बन सकता है. यहा केवल हल्की सफाई पर ध्यान दें.

सूर्य का नक्षत्र परिवर्तन: 22 जून 2026 से बदल सकती है कई राशियों की किस्मत

 ज्योतिष शास्त्र में ग्रहों का चाल बदलना बहुत बड़ी बात मानी जाती है. सभी ग्रहों के राजा सूर्य देव जब अपना नक्षत्र बदलते हैं, तो इसका असर हम सभी के जीवन पर पड़ता है. आने वाली 22 जून 2026 से सूर्य देव एक नया नक्षत्र शुरू करने जा रहे हैं.  ज्योतिष के जानकारों के अनुसार, इस बदलाव से कुछ लोगों की किस्मत के दरवाजे खुलने वाले हैं. खासकर 3 राशियों के लिए यह समय धन-दौलत और सफलता की नई शुरुआत लेकर आएगा. किन राशियों को मिलेगा फायदा? सूर्य का यह बदलाव इन 3 राशियों के लिए बेहद खास रहने वाला है: मेष राशि: आपके लिए यह समय बहुत अच्छा रहेगा. ऑफिस में आपको प्रमोशन मिल सकता है, जो काम लंबे समय से अटके थे, वे पूरे हो जाएंगे. आपको अचानक पैसों का लाभ भी हो सकता है, जिससे आपकी आर्थिक स्थिति सुधरेगी. सिंह राशि: सूर्य देव इस राशि के स्वामी हैं, इसलिए इसका सबसे ज्यादा और अच्छा असर आप पर पड़ेगा.  आपका कॉन्फिडेंस बढ़ेगा, समाज में मान-सम्मान मिलेगा.  अगर कोई सरकारी काम अटका है, तो उसमें सफलता मिल सकती है.  लोग आपकी बातों को गंभीरता से लेंगे. कन्या राशि: आपके पास पैसा आने के नए रास्ते खुलेंगे. ऑफिस में आपकी मेहनत की तारीफ होगी. अच्छे परिणाम मिलेंगे. अगर आप कहीं पैसा निवेश करने की सोच रहे हैं, तो यह सही समय है. परिवार में भी खुशहाली का माहौल रहेगा. जीवन में आएंगे ये अच्छे बदलाव सूर्य के इस बदलाव से आपकी सुख-सुविधाएं बढ़ेंगी. आपमें एक नया जोश देखने को मिलेगा. आप पहले से ज्यादा बेहतर फैसले ले पाएंगे , मुश्किल समय में भी मजबूती से खड़े रहेंगे.  आपकी सेहत में भी सुधार होगा. सूर्य देव की कृपा पाने के आसान उपाय     इस दौरान सूर्य देव को खुश करने के लिए आप ये छोटे-छोटे उपाय कर सकते हैं:     रोज सुबह उठकर तांबे के लोटे से सूर्य देव को जल चढ़ाएं.     'ॐ घृणि सूर्याय नमः' मंत्र का 108 बार जाप करें.     रविवार के दिन आदित्य हृदय स्तोत्र का पाठ करना बहुत शुभ माना गया है.  

गुरु का पुष्य नक्षत्र में प्रवेश: ज्योतिषीय दृष्टि से महत्वपूर्ण संयोग

 आज देवगुरु बृहस्पति का पुष्य नक्षत्र में प्रवेश होने जा रहा है. ज्योतिष शास्त्र में गुरु और पुष्य नक्षत्र का संयोग बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है. पुष्य को नक्षत्रों का राजा कहा जाता है और शनि इसके स्वामी ग्रह, लेकिन गुरु इस नक्षत्र में उच्च के होते हैं और विशेष फल देते हैं. हालांकि, यह गोचर सभी राशियों के लिए शुभ नहीं रहेगा. गुरु के इस नक्षत्र परिवर्तन से कुछ राशियों को विशेष रूप से सावधान रहने की आवश्यकता है, क्योंकि उन्हें आर्थिक, मानसिक या स्वास्थ्य संबंधी मोर्चे पर नुकसान उठाना पड़ सकता है. आइए जानते हैं उन राशियों के बारे में जिन्हें इस दौरान संभलकर रहने की जरूरत है: मेष राशि (Aries) मेष राशि के जातकों के लिए गुरु का यह गोचर मिलाजुला लेकिन कुछ मामलों में नुकसानदेह हो सकता है. इस अवधि में आपके खर्चों में अचानक बढ़ोतरी हो सकती है, जिससे बजट बिगड़ सकता है. कार्यक्षेत्र में सहकर्मियों के साथ वैचारिक मतभेद होने की आशंका है. निवेश करने से बचें और किसी को उधार देने से पहले अच्छी तरह सोच लें. मिथुन राशि (Gemini) मिथुन राशि वालों के लिए गुरु का पुष्य नक्षत्र में जाना मानसिक तनाव बढ़ा सकता है. साझेदारी के बिजनेस में घाटा होने की संभावना है. वाणी पर नियंत्रण न रखने के कारण परिवार या कार्यस्थल पर संबंध खराब हो सकते हैं. सेहत को लेकर लापरवाही न बरतें, खासकर पेट से जुड़ी समस्याएं परेशान कर सकती हैं. सिंह राशि (Leo) सिंह राशि के जातकों को इस अवधि में भाग्य का साथ थोड़ा कम मिलेगा, जिससे बनते काम अटक सकते हैं. नौकरीपेशा लोगों पर काम का दबाव बढ़ेगा, जिससे मानसिक थकान हो सकती है. आर्थिक रूप से कोई बड़ा फैसला लेना इस समय भारी पड़ सकता है. कार्यक्षेत्र में किसी भी तरह की राजनीति या गपशप से दूर रहें. वृश्चिक राशि (Scorpio) वृश्चिक राशि वालों के लिए गुरु का यह नक्षत्र परिवर्तन थोड़ा चुनौतीपूर्ण रहने वाला है. गुप्त शत्रुओं के कारण आपको करियर में रुकावटों का सामना करना पड़ सकता है. धन हानि के योग बन रहे हैं, इसलिए लेन-देन में सावधानी रखें. यात्रा करते समय अपने सामान और सेहत का विशेष ध्यान रखें.

Horoscope Today 18 June: आज किन राशियों पर बरसेगी किस्मत, पढ़ें मेष से मीन तक का दैनिक राशिफल

मेष 18 जून के दिन भावनाओं और एनर्जी के साथ तालमेल बिठाने का समय है। बातचीत के माध्यम से प्यार गहरा होता है। आज रचनात्मकता से करियर को लाभ मिलेगा, धन के लिए जागरूकता की आवश्यकता होगी, और स्वास्थ्य को इमोशनल सपोर्ट की आवश्यकता हो सकती है। वृषभ 18 जून के दिन वृषभ राशि के लिए इनोवेशन भरा दिन है। जिज्ञासा और खुले विचारों वाले दृष्टिकोण का मिश्रण जीवन के विभिन्न पहलुओं में प्रगति को मोटिवेट करता है। सोच और क्लियर स्ट्रैटजी बनाने से बातचीत और परियोजनाओं को लाभ मिलता है। मिथुन 18 जून के दिन सही दृष्टिकोण और मानसिकता बाधाओं पर काबू पाने में मदद करती है। क्रिएटिव स्ट्रैटजी और सावधानी के साथ की गई प्लानिंग सुरक्षा बनाने में मदद करती है। हर डिसीजन जिम्मेदारी के साथ लें। कर्क 18 जून के दिन खुद की देखभाल आपके स्वास्थ्य को सपोर्ट करती है। ध्यान रखें कि प्रगति जरूरी है और अच्छी तरह से लक्ष्यों के साथ संरेखित है। सफलता और विकास पर फोकस करें। सिंह 18 जून के दिन रोमांच की इच्छा क्रिएटिव सॉल्यूशन और खुले दिमाग वाली बातचीत को बढ़ावा देती है। आपकी पॉजिटिव एनर्जी पर्सनल और प्रोफेशनल सफलताओं का मार्ग प्रशस्त करती है। स्ट्रैटजी के साथ सिंह राशि वाले आज चुनौतियों को रोमांचक अवसरों में बदल सकते हैं। कन्या 18 जून के दिन स्वास्थ्य और धन से जुड़ी छोटी-मोटी समस्याएं भी आ सकती हैं। अपने साथी से बिना शर्त प्यार करें और रिश्ते को बरकरार रखें। सर्वश्रेष्ठ व्यावसायिक लाभ प्राप्त करने के लिए प्रयास करें। स्वास्थ्य भी ठीक रहेगा। तुला 18 जून के दिन आज आप दूसरों की भावनाओं के प्रति अधिक सेंसीटिव रहेंगे। पर्सनल व प्रोफेशनल दोनों तरह की बातचीत में इसका उपयोग करें। वित्तीय जागरूकता महत्वपूर्ण है। भावनाओं में बहकर ज्यादा खर्च करने से बचें। वृश्चिक 18 जून का दिन वृश्चिक राशि वालों के लिए बिजी रहने वाला है। इससे पहले कि चीजें कंट्रोल से बाहर हो जाएं, रिश्ते में मुद्दों को सुलझाने पर विचार करें। ऑफिस में चुनौतियों का सामना करने के लिए तैयार रहें। धनु 18 जून के दिन आज आपकी एनर्जी हाई रहेगी। आप फालतू बातचीत में रुचि नहीं रखते हैं। सच्चाई और उद्देश्य आपको प्रेरित करते हैं, जिसका उपयोग रिसर्च करने, या योजना बनाने के माध्यम से काम करने के लिए करें। मकर 18 जून के दिन बातचीत में उम्मीद से ज्यादा कुछ पता चल सकता है, इसलिए ध्यान से सुनें। जब तक आप टास्क करने के लिए तैयार न हों, तब तक अपनी योजनाओं को गुप्त रखें। शक्तिशाली परिवर्तन शांति से होता है, प्रदर्शन से नहीं। परिणामों को अपने लिए बोलने दें। कुंभ 18 जून का दिन संतुलित दृष्टिकोण और क्रिएटिविटी से समृद्ध दिन होगा। रिश्तों और करियर परियोजनाओं के बीच निष्पक्ष फैसले और क्रिएटिव प्रॉब्लम सॉल्विंग के माध्यम से प्रगति को बढ़ावा मिलेगा। चुनौतियों के लिए पॉजिटिव दृष्टिकोण रचनात्मक परिणामों का मार्ग प्रशस्त करता है। मीन 18 जून के दिन बातचीत कॉन्फिडेंस को मोटिवेट करती है। उत्साह और सही समय पर की गई पहल चुनौतीपूर्ण परियोजनाओं में सफलता दिला सकती है। आत्मविश्वास से भरे निर्णय लेने से विकास का मार्ग प्रशस्त होता है।

घर में तुलसी के साथ ये पौधे बदल सकते हैं आपकी किस्मत, खुल सकते हैं धन और तरक्की के नए रास्ते

सनातन धर्म के साथ ही वास्तु शास्त्र में भी तुलसी के पौधे को साक्षात मां लक्ष्मी का रूप माना गया है. मान्यताओं के अनुसार, जिस घर के आंगन में तुलसी का वास होता है, वहां से बीमारियां और परेशानियां कोसों दूर रहती हैं. हमारे इसी वास्तु शास्त्र में तुलसी के पौधे के अलावा भी कुछ पौधों का जिक्र मिलता है, जिन्हें अगर आप तुलसी के पौधे के साथ अपने घर पर लगाते हैं, तो इनका असर कई गुना तक ज्यादा बढ़ जाता है. मान्यताओं के अनुसार, इन पौधों को तुलसी के पौधे के साथ घर पर लगाने से पैसों से जुड़ी दिक्कतें भी हमेशा के लिए खत्म हो सकती हैं. आज इस आर्टिकल में हम आपको इन्हीं चमत्कारी पौधों के बारे में बताने जा रहे हैं, जिन्हें अगर आप तुलसी के पौधे के पास रखने लगते हैं, तो आपके लिए धन और दौलत के बंद पड़े सभी दरवाजे एक बार फिर से खुलने लग जाते हैं. तो चलिए, इन पौधों के बारे में विस्तार से जानते हैं. तुलसी के साथ रखें शमी का पौधा आपको शायद यह जानकर हैरानी हो लेकिन शमी के पौधे का सीधा संबंध न्याय के देवता शनिदेव से माना जाता है. वास्तु शास्त्र के अनुसार, घर में तुलसी के साथ शमी का पौधा लगाना बेहद ही शुभ और मंगलकारी होता है. जहां तुलसी की पूजा से भगवान विष्णु प्रसन्न होते हैं वहीं, शमी से शनिदेव की टेढ़ी नजर का असर खत्म होता है. इस जोड़े को घर में रखने से तरक्की में आ रही सभी रुकावटें दूर होती हैं और नौकरी-बिजनेस में पैसों का फ्लो तेजी से बढ़ता है. पैसों की दिक्कतों को खत्म करेगा मनी प्लांट पैसों से जुड़ी दिक्कतों से छुटकारा पाने के लिए मनी प्लांट को सबसे असरदार माना गया है. वास्तु शास्त्र कहता है कि अगर घर के अग्निकोण यानी कि दक्षिण-पूर्व दिशा में मनी प्लांट हो और पास में ही तुलसी के पौधे की जगह हो, तो घर में बरकत कभी कम नहीं होती. मनी प्लांट जहां पैसों को अपनी तरफ अट्रैक्ट करता है वहीं, तुलसी घर में शांति बनाए रखती है, जिससे बेवजह के खर्चों और कर्ज से मुक्ति मिलती है. घर पर लगाएं केले का छोटा सा पेड़ धार्मिक मान्यताओं की अगर मानें तो केले के पेड़ में साक्षात भगवान विष्णु का वास होता है. आप सभी को इस बात का अंदाजा तो जरूर होगा कि तुलसी जी को विष्णु जी की प्रिय कहा जाता है. यह एक बड़ी वजह है कि इन दोनों पौधों को आसपास रखना साक्षात लक्ष्मी-नारायण को घर बुलाने जैसा है. आपको सिर्फ इस बात का ख्याल रखना है कि केले के पौधे को हमेशा घर की उत्तर या पूर्व दिशा में लगाएं. इसके अलावा गुरुवार के दिन इसमें जल चढ़ाने से कुंडली का गुरु ग्रह मजबूत होता है, जिससे इंसान को जीवन में कभी भी पैसों की किल्लत नहीं देखनी पड़ती. तुलसी के पास रखें क्रासुला का पौधा वास्तु शास्त्र के अलावा फेंगशुई में भी क्रासुला के पौधे को धन को खींचने वाला पौधा कहा गया है. इसकी छोटी और मोटी पत्तियां देखने में बहुत सुंदर लगती हैं. मान्यताओं के अनुसार यह पौधा पॉजिटिव एनर्जी को बहुत तेजी से अपनी तरफ अट्रैक्ट है. इसे तुलसी के पास या फिर घर के मुख्य प्रवेश द्वार के दाईं तरफ रखने से घर में सुख-समृद्धि का वास होता है और जीवन में पैसों के आने के नए दरवाजे खुलने लगते हैं.

वास्तु शास्त्र चेतावनी: दिन की शुरुआत में ये आदतें बिगाड़ सकती हैं आपका पूरा दिन, जानें किन चीजों से बचना जरूरी है

सुबह का जो समय होता है एक तरह से वही हमारे पूरे दिन की दिशा को तय करता है. अगर आपके दिन की शुरुआत पॉजिटिव और एनर्जेटिक होगी, तो आपका पूरा दिन खुशहाली और सफलताओं के साथ बीतेगा. हमारे वास्तु शास्त्र में सुबह के समय को लेकर कुछ खास नियम बताये गए हैं. कई बार ऐसा भी होता है कि हम अनजाने में सुबह सोकर उठते ही अनजाने में कुछ गलतियां कर देते हैं, जिनकी वजह से पूरे घर में निगेटिव एनर्जी का वास होने लग जाता है. अगर घर में निगेटिव एनर्जी बढ़ जाए तो इसकी वजह से बने हुए काम बिगड़ने लगते हैं, मेंटल स्ट्रेस बढ़ता है और साथ ही हमें पैसों से जुड़ी दिक्कतें भी होने लगती हैं. आपके साथ ऐसा न हो इसलिए आज हम आपको 5 ऐसे कामों के बारे में बताने जा रहे हैं, जिन्हें आपको भूलकर भी सुबह सोकर उठने के बाद नहीं करना चाहिए. तो चलिए इन गलतियों के बारे में जान लेते हैं ताकि आप खुद को जीवन में आने वाली मुसीबतों से बचाकर रख सकें. सोकर उठते ही आईना न देखें बहुत से लोगों की यह आदत होती है कि वे सुबह आंखें खुलते ही सबसे पहले अपना चेहरा आईने में देखते हैं. वास्तु शास्त्र के अनुसार ऐसा करना बहुत अशुभ साबित हो सकता है। रात भर की नींद के बाद हमारे शरीर में और आसपास कुछ निगेटिव एनर्जी इकट्ठा हो जाती है, जो सुबह चेहरे पर दिखती है. जब हम उठते ही आईना देखते हैं, तो वह निगेटिव एनर्जी वापस हमारे अंदर चली जाती है. इससे पूरे दिन हमारे स्वभाव में चिड़चिड़ापन रहता है और काम में मन नहीं लगता. इसलिए सुबह उठकर सबसे पहले अपनी हथेलियों को देखना चाहिए या भगवान का नाम लेना चाहिए. गंदे और जूठे बर्तन देखने से बचें अक्सर लोग रात के बर्तनों को सिंक में ऐसे ही छोड़ देते हैं और सुबह उठते ही सबसे पहले उन पर नजर पड़ती है. वास्तु के अनुसार सुबह-सुबह गंदे बर्तनों को देखना या किचन में बिखरी हुई चीजों को देखना दरिद्रता को बुलावा देता है. इससे घर में माता लक्ष्मी का वास नहीं होता और राहु-केतु का निगेटिव इफेक्ट भी जीवन में बढ़ता है. कोशिश करें कि रात को ही रसोई साफ करके सोएं. अगर ऐसा पॉसिबल नहीं है, तो सुबह उठते ही सबसे पहले बर्तनों की तरफ न जाएं. सुबह उठकर सबसे पहले एक गिलास साफ पानी पिएं और पॉजिटिव चीजों के बारे में सोचें. अपनी या दूसरों की परछाईं देखने से बचें वास्तु शास्त्र के अनुसार सुबह के समय सूरज की रोशनी में या कमरे की लाइट में अपनी या परिवार के किसी सदस्य की परछाईं देखने से बचना चाहिए. मान्यताओं के अनुसार आप आप सुबह उठते ही अपनी या फिर किसी और की परछाईं देखते हैं, तो आपके जीवन में स्ट्रेस, डर और दुर्भाग्य बढ़ने लग जाता है. इसके अलावा अगर आप सुबह उठते ही सबसे पहले किसी की परछाईं देखते हैं, तो इससे आपसी रिश्तों में कड़वाहट और मतभेद पैदा होने की संभावना बढ़ जाती है. सुबह उठकर हमेशा सीधे सामने की तरफ देखना चाहिए, न कि दीवारों या फर्श पर बन रही परछाईं पर. आक्रामक जानवरों या तस्वीरों को न देखें कुछ लोगों के कमरों में हिंसक जानवरों, डूबते हुए सूरज, या उदास कर देने वाली तस्वीरें लगी हुई होती हैं. वास्तु शास्त्र के अनुसार सुबह उठते ही ऐसी तस्वीरों पर नजर पड़ना बहुत ही नुकसानदेह माना जाता है. इसके अलावा, अगर आपके घर में पालतू जानवर हैं, तो उठते ही सबसे पहले उनके हिंसक रूप या आपस में लड़ते हुए देखना भी सही नहीं माना जाता है. वास्तु के अनुसार इससे आपके भीतर गुस्से और निगेटिविटी का संचार होता है. सुबह की शुरुआत हमेशा किसी देवी-देवता की तस्वीर, हंसते हुए चेहरे या शांत नेचर के सुंदर सीन्स को देखकर करनी चाहिए. सुबह उठते ही विवाद या अपशब्दों से बचें सुबह का जो समय होता है वह ईश्वर की आराधना और मन को शांत रखने का समय होता है. सुबह उठते ही किसी से बहस करना, चिल्लाना या अपशब्दों का इस्तेमाल करना पूरे घर के माहौल को बिगाड़ देता है. वास्तु शास्त्र की अगर मानें तो जो लोग अपने दिन की शुरुआत विवाद से करते हैं, उनके घर से तरक्की चली जाती है और पैसों का नुकसान भी होने लगता है. सुबह के समय हमेशा मीठी बोली का इस्तेमाल करें. इसके अलावा परिवार के सभी मेंबर्स को मुस्कुराकर गुड मॉर्निंग भी कहें. जब आप ऐसा करते हैं तो आपके घर में पॉजिटिव एनर्जी का फ्लो बना हुआ रहता है. दिन की अच्छी शुरुआत के लिए क्या करें? वास्तु शास्त्र के अनुसार अगर आप नुकसानों से बचना और अपने दिन को बेहतर बनाना चाहते हैं तो सुबह उठकर सबसे पहले अपने दोनों हाथों की हथेलियों को मिलाकर देखें और भगवान का शुक्रिया अदा करें. इसके बाद धरती को छूकर उसे प्रणाम करें. यह छोटी सी आदत आपके जीवन में सुख, समृद्धि और शांति लेकर आएगी.

11 जुलाई 2026 को बन रहा त्रिपुष्कर योग, कई राशियों के लिए खुलेगा भाग्य का द्वार

11 जुलाई 2026 की सुबह ज्योतिष शास्त्र के लिहाज से बेहद खास और शुभ होने जा रही है. इस दिन सुबह 11 बजकर 03 मिनट पर एक अत्यंत दुर्लभ और शक्तिशाली योग का निर्माण होने जा रहा है, जिसे त्रिपुष्कर योग कहा जाता है. ज्योतिष शास्त्र में त्रिपुष्कर योग को एक 'मल्टीप्लायर' (गुना करने वाला) योग माना जाता है. मान्यता है कि इस योग के दौरान आप जो भी शुभ कार्य, निवेश या खरीदारी करते हैं, उसका फल आपको तीन गुना होकर वापस मिलता है. ऐसे में यह योग कई राशियों की किस्मत के बंद ताले खोलने आ रहा है, तो वहीं कुछ राशियों को इस दौरान बेहद संभलकर रहने की जरूरत होगी. आइए जानते हैं कि इस शक्तिशाली त्रिपुष्कर योग का आपकी राशि पर क्या गहरा प्रभाव पड़ने वाला है. मेष राशि (Aries) मेष राशि के जातकों के लिए यह योग धन लाभ के नए रास्ते खोलेगा. यदि आप इस समय कहीं निवेश (Investment) करते हैं, तो भविष्य में उससे तीन गुना लाभ मिलने के योग हैं. पैतृक संपत्ति से जुड़ा कोई पुराना विवाद सुलझ सकता है. इस दिन सोने के गहने, भूमि या वाहन खरीदना आपके लिए अत्यंत शुभ रहेगा. सिंह राशि (Leo) सिंह राशि के नौकरीपेशा और बिजनेसमैन लोगों के लिए यह समय स्वर्णिम साबित हो सकता है. कार्यक्षेत्र में आपकी प्रतिष्ठा बढ़ेगी. व्यापार में कोई बड़ी डील फाइनल हो सकती है जिससे मुनाफा उम्मीद से तीन गुना ज्यादा हो सकता है. नए स्टार्टअप की शुरुआत के लिए दिन बेस्ट है. धनु राशि (Sagittarius) धनु राशि के जातकों को करियर और आर्थिक मोर्चे पर बड़ी सफलता हाथ लग सकती है. लंबे समय से अटका हुआ धन वापस मिलेगा. समाज में मान-सम्मान बढ़ेगा और धार्मिक कार्यों की ओर झुकाव बढ़ेगा. कोई नया काम शुरू करना चाहते हैं तो इस समय का सदुपयोग करें. इन राशियों को रहना होगा सावधान! वृषभ राशि (Taurus) इस दिन पैसों के लेन-देन से पूरी तरह बचें. किसी को भी उधार न दें, अन्यथा वह पैसा तीन गुना होकर डूब सकता है. किसी भी तरह के कानूनी विवाद या झगड़े से दूर रहें, नहीं तो बात बहुत आगे बढ़ सकती है. वृश्चिक राशि (Scorpio) सेहत और यात्रा के मामले में आपको सावधान रहना होगा. वाहन चलाते समय लापरवाही न बरतें. इस दिन चोट लगने की आशंका रहेगी और अगर कोई बीमारी इस समय शुरू हुई तो वह लंबा खींच सकती है. त्रिपुष्कर योग में क्या करें और क्या न करें? क्या करें: बैंक में एफडी कराएं, कीमती धातुएं खरीदें, नए व्यापार का अनुबंध (Agreement) करें या कोई धार्मिक अनुष्ठान शुरू करें. इस समय किया गया दान भी तीन गुना पुण्य देता है. क्या न करें: इस दिन किसी से कर्ज या उधार न लें और न ही किसी को दें. कोई पुराना सामान या कबाड़ न बेचें और घर में क्लेश बिल्कुल न होने दें.