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25 अप्रैल को होगा खतरनाक व्यतिपात योग, इन 4 राशियों को रहना होगा सतर्क

 वैदिक ज्योतिष में व्यतिपात योग को थोड़ा कठिन और संवेदनशील समय माना जाता है. यह योग तब बनता है जब सूर्य और चंद्रमा एक दूसरे से 360 डिग्री पर विराजमान होते हैं. दोनों ग्रह एक खास स्थिति में आमने-सामने होते हैं. द्रिक पंचांग के अनुसार, साल 2026 में 25 अप्रैल को बनने वाला यह योग कुछ राशियों के लिए चुनौतियां लेकर आ सकता है. ऐसे में इन राशियों के लोगों को थोड़ा संभलकर रहने की सलाह दी जा रही है. आइए जानते हैं उन राशियों के बारे में।  वृषभ राशि (Taurus) वृषभ राशि वालों के लिए यह समय पैसों के मामले में सावधानी रखने का है. जल्दबाजी में लिया गया कोई भी फैसला नुकसान दे सकता है, इसलिए निवेश से पहले अच्छी तरह सोच-विचार करें. परिवार में किसी सदस्य की सेहत को लेकर चिंता बढ़ सकती है, जिससे मानसिक तनाव रहेगा. कामकाज में भी थोड़ा दबाव महसूस हो सकता है, इसलिए धैर्य से काम लेना बेहतर रहेगा. अनावश्यक खर्चों पर कंट्रोल रखना जरूरी है।  कन्या राशि (Virgo) कन्या राशि के लोगों को इस समय अपने व्यवहार और काम दोनों में संतुलन बनाए रखने की जरूरत है. ऑफिस में किसी से बहस या गलतफहमी हो सकती है, जिससे आपकी छवि प्रभावित हो सकती है. काम पूरे होने में देरी हो सकती है, जिससे मन परेशान रहेगा. किसी भी बात पर ज्यादा प्रतिक्रिया देने से बचें और शांत रहकर स्थिति संभालें. सेहत का भी ध्यान रखें, खासकर तनाव से दूर रहने की कोशिश करें।  मकर राशि (Capricorn) मकर राशि वालों को इस दौरान अपनी सेहत को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए. पुराने रोग दोबारा उभर सकते हैं, इसलिए समय पर इलाज और सावधानी जरूरी है. परिवार और रिश्तों में भी थोड़ी खटास आ सकती है, इसलिए बातचीत में संयम रखें. खर्चे बढ़ने के संकेत हैं, जिससे बजट बिगड़ सकता है. ऐसे में फिजूल खर्च से बचना और प्लानिंग के साथ चलना फायदेमंद रहेगा।  मीन राशि (Pisces) मीन राशि के लोगों को इस समय अपनी भावनाओं पर नियंत्रण रखने की जरूरत है. किसी नए व्यक्ति पर जल्दी भरोसा करना नुकसान पहुंचा सकता है.  काम से जुड़े फैसले सोच-समझकर लें, क्योंकि जल्दबाजी में नुकसान हो सकता है. वाहन चलाते समय सावधानी बरतें. मानसिक रूप से थोड़ा अस्थिर महसूस हो सकता है, इसलिए खुद को शांत रखने की कोशिश करें और किसी भी बड़े निर्णय को टालना बेहतर रहेगा।   

जल्द खत्म होगा खरमास, अप्रैल में शुरू होगा विवाह मुहूर्त का सीजन – जानें तारीखें

हिंदू पंचांग के मुताबिक अप्रैल 2026 का महीना शुभ कार्यों के लिहाज से खास रहने वाला है. महीने की शुरुआत में भले ही मांगलिक कार्यों पर रोक रहेगी, लेकिन जैसे ही यह समय खत्म होगा, शादी-ब्याह जैसे कार्यक्रमों की रौनक बढ़ने लगेगी. जो लोग विवाह की योजना बना रहे हैं, उनके लिए यह समय अच्छे अवसर लेकर आएगा. दरअसल, अप्रैल के मध्य तक सूर्य मीन राशि में रहते हैं, जिसे खरमास कहा जाता है. इस दौरान शादी, गृह प्रवेश या मुंडन जैसे शुभ कार्य नहीं किए जाते हैं. लेकिन 14 अप्रैल को सूर्य के मेष राशि में प्रवेश करते ही यह अवधि समाप्त हो जाती है. इसके बाद 15 अप्रैल से सभी मांगलिक कार्य दोबारा शुरू हो जाते हैं. तो आइए जानते हैं कि अप्रैल को कब से विवाह के शुभ मुहूर्त शुरू होंगे।  अप्रैल 2026 विवाह मुहूर्त की पूरी लिस्ट अप्रैल 2026 में शादी के लिए कई अच्छे मुहूर्त बन रहे हैं, जिनमें अलग-अलग तारीखों पर शुभ नक्षत्र और समय का खास संयोग देखने को मिलेगा. अगर आप इस महीने विवाह की योजना बना रहे हैं, तो ये तारीखें आपके लिए फायदेमंद साबित हो सकती हैं।  15 अप्रैल, बुधवार को उत्तर भाद्रपद नक्षत्र में दोपहर 3:22 बजे से रात 10:31 बजे तक का समय बेहद शुभ और सफल वैवाहिक जीवन की शुरुआत के लिए अच्छा माना जा रहा है।  20 अप्रैल, सोमवार को रोहिणी नक्षत्र में सुबह 4:35 बजे से 7:28 बजे तक विवाह के लिए अनुकूल मुहूर्त है।  21 अप्रैल, मंगलवार को मृगशिरा नक्षत्र में सुबह 4:15 बजे से 5:52 बजे तक का समय अच्छा माना गया है।  25 अप्रैल, शनिवार की बात करें तो इस दिन भी विवाह करना शुभ रहेगा, क्योंकि उस समय संधि काल का प्रभाव कम रहेगा।  26 अप्रैल, रविवार को मघा नक्षत्र में सुबह 5:47 बजे से रात 8:27 बजे तक लंबा और अनुकूल समय है।  27 अप्रैल, सोमवार को उत्तराफाल्गुनी नक्षत्र में रात 9:18 बजे से 9:35 बजे तक का छोटा लेकिन शुभ मुहूर्त बन रहा है, जो दांपत्य जीवन में सुख-समृद्धि लाने वाला माना जाता है।  28 अप्रैल, मंगलवार को भी पूरे दिन विवाह के लिए अच्छा समय उपलब्ध रहेगा और नक्षत्र का प्रभाव सकारात्मक रहेगा।  महीने के अंत में 29 अप्रैल, बुधवार को हस्त नक्षत्र के दौरान सुबह 5:59 बजे से शाम 7:52 बजे तक का समय शादी के लिए काफी शुभ माना गया है।  अबूझ मुहूर्त अक्षय तृतीया इस महीने का सबसे खास दिन अक्षय तृतीया का माना जा रहा है, जो 19 अप्रैल 2026 को पड़ रही है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार यह एक ऐसा दिन है, जिसे अबूझ मुहूर्त कहा जाता है. यानी इस दिन बिना ज्यादा गणना किए भी शादी या कोई भी शुभ काम किया जा सकता है. कहा जाता है कि इस दिन किए गए शुभ कार्य और दान का फल कभी समाप्त नहीं होता और इससे जीवन में स्थिरता और सुख-समृद्धि बनी रहती है, ग्रहों का गोचर और वैवाहिक सुख अप्रैल 2026 में शादी-ब्याह के लिए ग्रहों की चाल भी काफी अनुकूल मानी जा रही है. इस दौरान गुरु और शुक्र दोनों ही अच्छी स्थिति में रहेंगे. ज्योतिष के अनुसार, गुरु रिश्तों में समझ और स्थिरता लाते हैं, जबकि शुक्र प्रेम, आकर्षण और सुख-सुविधाओं का कारक माना जाता है. इन ग्रहों का शुभ होना वैवाहिक जीवन के लिए अच्छा संकेत देता है. खास बात यह है कि इस महीने के अधिकतर मुहूर्तों में भद्रा और पंचक जैसे अशुभ योग नहीं बन रहे, जिससे शादी के लिए समय और भी बेहतर हो जाता है। 

सोमवार का भविष्यफल, कर्क राशि वाले भावनाओं पर रखें काबू, कुंभ और वृश्चिक के लिए बन रहे हैं सफलता के योग

मेष आज दिन थोड़ा भागदौड़ वाला रह सकता है, लेकिन काम धीरे-धीरे पूरे होते जाएंगे। मन में किसी बात को लेकर हल्की चिंता रह सकती है, पर बेवजह ज्यादा सोचने की जरूरत नहीं है। पैसों से जुड़ी कोई छोटी प्लानिंग कर सकते हैं। परिवार के लोगों से बात करने पर मन हल्का महसूस होगा। आज जल्दबाजी में कोई फैसला लेने से बचें। सोच-समझकर आगे बढ़ना बेहतर रहेगा। वृषभ आज का दिन ठीक-ठाक रहेगा। मेहनत का फायदा मिलने के संकेत हैं इसलिए अपने काम पर ध्यान बनाए रखें। पैसों के मामले में थोड़ा संभलकर चलना सही रहेगा। कोई पुराना काम पूरा हो सकता है जिससे राहत मिलेगी। घर का माहौल ठीक रहेगा और अपनों का साथ मिलेगा। मिथुन आज दिमाग कई चीजों में उलझा रह सकता है लेकिन धीरे-धीरे सब संभल जाएगा। किसी दोस्त या जान-पहचान वाले से बात करके अच्छा महसूस हो सकता है। काम थोड़ा ज्यादा लग सकता है, पर घबराने की जरूरत नहीं है। दिन के आखिर तक चीजें पहले से बेहतर लग सकती हैं। कर्क आज आप थोड़े इमोशनल रह सकते हैं। हो सकता है कि आपको पुरानी बातें याद आ सकती हैं। परिवार के साथ समय बिताने से अच्छा लगेगा। काम धीरे-धीरे आगे बढ़ेगा इसलिए धैर्य रखना जरूरी है। खुद को ज्यादा तनाव देने से बचें। अपने दोस्तों के साथ कुछ समट गुजारें। आराम से दिन निकालना बेहतर रहेगा। शाम को कहीं घूमने जा सकते हैं। सिंह आज आत्मविश्वास बना रहेगा और आप अपने काम अच्छे से संभाल लेंगे। लोग आपकी बातों को महत्व दे सकते हैं। काम में आगे बढ़ने का मौका मिल सकता है। गुस्से में आकर कोई बात कहने से बचें। शांत रहकर काम करना फायदेमंद रहेगा। कन्या आज आपको जिम्मेदारियां थोड़ी ज्यादा महसूस हो सकती हैं लेकिन आप अपने काम संभाल लेंगे। मेहनत का फल धीरे-धीरे मिलने के संकेत हैं। जरूरी काम समय पर पूरा करने की कोशिश करें। दिन ठीक-ठाक रहेगा। बस आज आप ज्यादा ओवरथिंकिंग ना करें। तुला आज काम पर ध्यान देने की जरूरत रहेगी। छोटी-छोटी बातों को लेकर ज्यादा सोचने से बचें। धीरे-धीरे आपके काम पूरे होते जाएंगे। किसी की सलाह आपके काम आ सकती है। दिन सामान्य रहेगा, बस समय का सही उपयोग करें। वृश्चिक आज आपके मन में नए आइडिया आ सकते हैं और आप कुछ अलग करने के बारे में सोच सकते हैं। दोस्तों या साथ कलीग्स का साथ मिल सकता है। बिना सोचे कोई फैसला लेने से बचें। कोई भी फैसला जल्दबाजी में ना लें। अपने लिए समय जरूर निकालें। धनु आज संतुलन बनाकर चलना जरूरी रहेगा। काम और आराम दोनों को समय दें। किसी पुराने दोस्त से बात हो सकती है जिससे अच्छा महसूस होगा। कोई जरूरी काम टालने से बचें। दिन ठीक रहेगा और मन शांत रह सकता है। मकर आज आप अपने काम को लेकर गंभीर रहेंगे। कोई जरूरी काम पूरा होने की संभावना है। धैर्य रखेंगे तो फायदा मिल सकता है। मन में चल रही उलझन धीरे-धीरे कम हो सकती है। जल्दबाजी से बचना बेहतर रहेगा। कोई भी फैसला लेने से पहले किसी अनुभवी इंसान से सलाह लें। कुंभ आज आपको कुछ नया करने का मन हो सकता है। कहीं बाहर घूमने जाने की प्लानिंग भी कर सकते हैं। आगे के काम को लेकर कोई प्लानिंग बना सकते हैं। पॉजिटिव सोच बनाए रखें। इससे आपका ही काम आसान होगा। किसी करीबी से अच्छी सलाह मिल सकती है। दिन व्यस्त जाएगा। किसी की बात सुनकर तुरंत कोई फैसला ना करें। मीन आज आपका मन शांत रह सकता है और आप अपने बारे में ज्यादा सोच सकते हैं। किसी बात को लेकर हल्की उलझन हो सकती है लेकिन समय के साथ सब साफ हो जाएगा। खुद के लिए थोड़ा समय निकालना अच्छा रहेगा। दिन ठीक ही जाएगा। बस अपने खाने-पीने का ध्यान रखें। बाहर का खाना ना खाएं।

चार धाम यात्रा 2026 का शेड्यूल जारी, 19 अप्रैल से खुलेंगे कपाट, जानें केदारनाथ और बद्रीनाथ दर्शन की सही तिथि

हिंदू धर्म में चार धाम यात्रा को सबसे पवित्र और कठिन तीर्थयात्राओं में से एक माना जाता है। यह यात्रा उत्तराखंड के हिमालय क्षेत्र में स्थित चार प्रमुख धामों – यमुनोत्री, गंगोत्री, केदारनाथ और बद्रीनाथ की यात्रा है। हर साल लाखों श्रद्धालु देश-विदेश से इस यात्रा में शामिल होते हैं। इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य मोक्ष प्राप्ति, पापों का नाश और आध्यात्मिक शांति प्राप्त करना है। आइए जानते हैं चारों धाम के कपाट खुलने की सही तिथि और महत्व। चार धाम यात्रा 2026 की शुरुआत इस साल चार धाम यात्रा का शुभारंभ 19 अप्रैल 2026 को गंगोत्री और यमुनोत्री धाम के कपाट खुलने के साथ होगा। इसके बाद 22 अप्रैल 2026 को सुबह 8 बजे केदारनाथ धाम के कपाट श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए जाएंगे। बद्रीनाथ धाम के कपाट सबसे अंतिम में 23 अप्रैल 2026 को सुबह 6:15 बजे खोला जाएगा। श्रद्धालुओं को सलाह दी जाती है कि वे इन तिथियों के अनुसार अपनी यात्रा की योजना पहले से बना लें। यमुनोत्री धाम चार धाम यात्रा की शुरुआत यमुनोत्री धाम से होती है। सनातन शास्त्रों में इसे असित मुनि का निवास स्थान बताया गया है। यहां से पवित्र यमुना नदी निकलती है। यमुना को सूर्यपुत्री और यमराज की बहन माना जाता है। यमुनोत्री में यमुना जी की पूजा के साथ ही सूर्यकुंड और दिव्य शिलाओं की पूजा होती है। यहां स्नान करने से पापों का नाश और आयु में वृद्धि का फल मिलता है। गंगोत्री धाम गंगोत्री धाम गंगा नदी का उद्गम स्थल है। गंगोत्री हिमनद (गोमुख) से गंगा जी निकलती हैं। मान्यता है कि यहां गौरी कुंड में गंगा भगवान शिव की परिक्रमा करती हैं। हर साल गंगोत्री धाम के कपाट खुलने के समय सहस्त्रनाम और गंगा लहरी का पाठ किया जाता है। कहा जाता है कि गंगोत्री में गंगा स्नान करने से मनुष्य के सभी पाप धुल जाते हैं और मोक्ष की प्राप्ति होती है। केदारनाथ धाम केदारनाथ भगवान शिव के 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक है। 22 अप्रैल 2026 को सुबह 8 बजे केदारनाथ धाम के कपाट श्रद्धालुओं के लिए खोले जाएंगे। कहा जाता है कि महाभारत युद्ध के बाद पांडवों ने अपने पापों के प्रायश्चित के लिए केदारनाथ में शिव की पूजा की थी। केदारनाथ धाम में शिवलिंग बैल की पीठ की आकृति में विराजमान है। केदारनाथ की यात्रा ट्रैकिंग मार्ग के कारण काफी चुनौतीपूर्ण मानी जाती है। लेकिन शिव जी की कृपा और आशीर्वाद से श्रद्धालु इस धाम तक पहुंचते हैं। बद्रीनाथ धाम चार धाम यात्रा का अंतिम धाम बद्रीनाथ है। यहां के कपाट 23 अप्रैल 2026 को सुबह 6:15 बजे खोले जाएंगे। बद्रीनाथ भगवान विष्णु के नर-नारायण स्वरूप की तपोभूमि है। यहां की प्रसिद्ध कथा है – 'जो जाए बदरी, वो ना आए ओदरी' अर्थात् बद्रीनाथ दर्शन करने वाले को मोक्ष की प्राप्ति हो जाती है। बद्रीनाथ में भगवान विष्णु की पूजा के साथ लक्ष्मी जी की भी आराधना की जाती है। चार धाम यात्रा का धार्मिक महत्व धार्मिक मान्यताों के अनुसार, चार धाम यात्रा को पूरा करने से श्रद्धालुओं को अनेक लाभ मिलते हैं। इससे पापों का नाश होता है, मन की शांति मिलती है और मोक्ष की प्राप्ति का मार्ग प्रशस्त होता है। यह यात्रा शरीर, मन और आत्मा को शुद्ध करती है। हिंदू मान्यताओं के अनुसार, जीवन में एक बार चार धाम यात्रा अवश्य करनी चाहिए। यह यात्रा भक्ति, श्रद्धा और साहस की परीक्षा भी लेती है। यात्रा की तैयारी और जरूरी सलाह चार धाम यात्रा के लिए शारीरिक और मानसिक रूप से तैयार रहना जरूरी है। खासकर केदारनाथ की ट्रैकिंग काफी थकाऊ होती है। यात्रियों को अच्छे जूते, गर्म कपड़े, दवाइयां और पर्याप्त पानी साथ रखना चाहिए। यात्रा के दौरान मौसम बहुत बदलता रहता है, इसलिए सतर्क रहें। रजिस्ट्रेशन क्यों अनिवार्य है? उत्तराखंड सरकार ने चार धाम यात्रा को सुव्यवस्थित और सुरक्षित बनाने के लिए ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन अनिवार्य कर दिया है। रजिस्ट्रेशन करने से यात्रियों को हेलीकॉप्टर बुकिंग, मार्ग की जानकारी और दर्शन में प्राथमिकता मिलती है। बिना रजिस्ट्रेशन के यात्रा पर जाने की अनुमति नहीं है। चार धाम यात्रा 2026 एक बार फिर लाखों श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक अनुभव कराने जा रही है। सही तैयारी और श्रद्धा के साथ इस पवित्र यात्रा को पूरा करें और भगवान शिव-विष्णु की कृपा प्राप्त करें।

राशिफल 5 अप्रैल 2026: मेष से मीन तक, जानिए किसका भाग्य में है साथ और कैसा रहेगा आपका दिन

मेष राशि आज का दिन भागदौड़ वाला रह सकता है। काम एक साथ कई आ सकते हैं, जिससे थोड़ा दबाव महसूस होगा। ऑफिस में किसी बात को लेकर अचानक बदलाव हो सकता है, इसलिए पहले से प्लान बनाकर चलना ठीक रहेगा। पैसों के मामले में जल्दबाजी से बचें। परिवार में सामान्य माहौल रहेगा, लेकिन छोटी बातों को लेकर बहस से बचना होगा। सेहत ठीक रहेगी, बस थकान महसूस हो सकती है। वृषभ राशि आज आपको काम में स्थिरता महसूस हो सकती है। जो काम पिछले कुछ समय से अटका हुआ था, उसमें धीरे-धीरे सुधार दिख सकता है। पैसों के मामले में स्थिति संभली रहेगी। खर्च रहेगा, लेकिन कंट्रोल में रहेगा। परिवार का साथ मिलेगा और किसी पुराने दोस्त से बात हो सकती है। सेहत सामान्य रहेगी, लेकिन खानपान का ध्यान रखें। मिथुन राशि आज आपका ध्यान एक जगह टिकाना थोड़ा मुश्किल हो सकता है। काम के बीच-बीच में ध्यान भटक सकता है। ऐसे में जरूरी काम पहले निपटाना बेहतर रहेगा। पैसों के मामले में कोई बड़ा फैसला लेने से बचें। रिश्तों में बात साफ रखने की जरूरत है। सेहत ठीक रहेगी, लेकिन नींद पूरी लेना जरूरी रहेगा। कर्क राशि आज मन थोड़ा उलझा रह सकता है। छोटी-छोटी बातों को लेकर ज्यादा सोच सकते हैं। कामकाज में सब ठीक रहेगा, लेकिन आपका ध्यान बार-बार बदल सकता है। परिवार में किसी बात को लेकर चर्चा हो सकती है। पैसों के मामले में स्थिति सामान्य है। सेहत के लिहाज से मानसिक शांति जरूरी रहेगी। सिंह राशि आज काम में देरी या रुकावट आ सकती है। जो चीजें जल्दी होनी चाहिए, उनमें समय लग सकता है। ऐसे में गुस्से से बचना जरूरी रहेगा। ऑफिस में किसी की बात को गलत समझने से बचें। पैसों के मामले में सोच-समझकर खर्च करें। परिवार में माहौल ठीक रहेगा। सेहत सामान्य है। तुला राशि आज आपको काम में संतुलन बनाकर चलना होगा। ज्यादा जिम्मेदारियां एक साथ आ सकती हैं। किसी के साथ मिलकर काम करना पड़े तो बात साफ रखें। पैसों के मामले में दिन ठीक है। रिश्तों में समझदारी दिखानी होगी। सेहत के लिहाज से दिन सामान्य है। धनु राशि आज दिन व्यस्त रह सकता है। काम ज्यादा रहेगा और समय कम लगेगा। ऐसे में प्राथमिकता तय करना जरूरी रहेगा। ऑफिस में कोई नई जिम्मेदारी मिल सकती है। पैसों के मामले में स्थिति ठीक है। परिवार में सहयोग मिलेगा। सेहत का ध्यान रखें, खासकर थकान से बचें। मकर राशि आज आप चीजों को गहराई से समझने की कोशिश करेंगे। हर बात पर तुरंत प्रतिक्रिया देने से बचेंगे। कामकाज में स्थिति सामान्य रहेगी, लेकिन आप ज्यादा सोच सकते हैं। पैसों के मामले में सावधानी रखें। रिश्तों में दूरी न आने दें। सेहत ठीक है, लेकिन दिमाग को आराम देना जरूरी रहेगा। कुंभ राशि आज घर और काम दोनों जगह संतुलन बनाना जरूरी रहेगा। किसी एक चीज पर ज्यादा ध्यान देने से दूसरी चीज प्रभावित हो सकती है। पैसों के मामले में दिन सामान्य है। किसी पुराने काम को पूरा करने का मौका मिल सकता है। परिवार का साथ मिलेगा। सेहत ठीक रहेगी। कन्या राशि आज आपको सोच-समझकर फैसले लेने होंगे। जल्दी में लिया गया फैसला बाद में बदलना पड़ सकता है। कामकाज में धीरे-धीरे प्रगति होगी। पैसों के मामले में स्थिति ठीक है, लेकिन खर्च पर नजर रखें। रिश्तों में बात साफ रखना जरूरी रहेगा। सेहत सामान्य है। वृश्चिक राशि आज पैसों के मामले में सतर्क रहने की जरूरत है। खर्च बढ़ सकते हैं, इसलिए प्लान बनाकर चलें। कामकाज में स्थिति सामान्य रहेगी। ऑफिस में किसी बात को लेकर दोबारा सोचने की जरूरत पड़ सकती है। परिवार में माहौल ठीक रहेगा। सेहत ठीक है। मीन राशि आज आप थोड़ा अंदर की तरफ रह सकते हैं। ज्यादा बोलने के बजाय सोचने का मन करेगा। कामकाज में जल्दीबाजी से बचना बेहतर रहेगा। पैसों के मामले में कोई बड़ा फैसला टाल सकते हैं। रिश्तों में समय देने की जरूरत है। सेहत के लिहाज से आराम करना जरूरी रहेगा।

सपनों को सच करने का मंत्र, डॉ. कलाम के ये 9 विचार युवाओं को दिखाएंगे सफलता की नई राह

 भारत के ऐसे महान वैज्ञानिक और विचारक थे, जिन्होंने अपने शब्दों और कार्यों से लाखों लोगों को प्रेरित किया। उनका मानना था कि हर व्यक्ति के जीवन में सपनों का बहुत बड़ा महत्व होता है। उनके अनुसार, सपने ही हमें आगे बढ़ने की दिशा देते हैं और जीवन को एक उद्देश्य प्रदान करते हैं। डॉ कलाम हमेशा कहते थे कि बड़ा सोचो और अपने सपनों को सच करने के लिए मेहनत करो। उनके विचार ना सिर्फ युवाओं के लिए बल्कि हर उम्र के लोगों को मोटिवेट करते हैं। अगर हम उनके बताए रास्ते पर चलें, तो हम अपने जीवन में सफलता और संतुष्टि दोनों पा सकते हैं। 1. “Dream, dream, dream…” डॉ कलाम कहते थे कि सपने देखने से ही विचार बनते हैं और विचार ही हमें आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करते हैं। जब हम बार-बार अपने सपनों के बारे में सोचते हैं, तो वह हमारे एक्शन में बदल जाते हैं। 2. “You have to dream before your dreams can come true” इसका मतलब है कि बिना सपना देखे कुछ भी हासिल नहीं किया जा सकता। हर बड़ी सफलता की शुरुआत एक छोटे से सपने से होती है। 3. “If you want to shine like a sun…” डॉ कलाम हमें बताते हैं कि अगर हमें चमकना है, तो मेहनत और संघर्ष से गुजरना होगा। सफलता आसानी से नहीं मिलती, इसके लिए कड़ी मेहनत जरूरी है। 4. “Dreams are not what you see in sleep…” सपने वो नहीं होते जो हम सोते समय देखते हैं, बल्कि वो होते हैं जो हमें सोने नहीं देते। यानी हमारे लक्ष्य इतने मजबूत होने चाहिए कि हम उन्हें पाने के लिए लगातार मेहनत करें। 5. “Single-minded devotion…” अगर आपको अपने लक्ष्य में सफलता चाहिए, तो आपको पूरी लगन और फोकस के साथ काम करना होगा। बीच में ध्यान भटकने से सफलता दूर हो सकती है। 6. “Great dreams of great dreamers…” डॉ कलाम का कहना था कि बड़े सपने देखने वाले लोग ही बड़े काम करते हैं। उनके सपने उन्हें हमेशा आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करते हैं। 7. “Dreams are the seeds of change…” हर बदलाव की शुरुआत एक सपने से होती है। जैसे बीज से पेड़ उगता है, वैसे ही सपनों से नई सोच और नए अवसर पैदा होते हैं। 8. “Dream big and dare to fail” बड़ा सपना देखने के साथ-साथ असफलता से डरना नहीं चाहिए। अगर आप फेल भी होते हैं, तो वही अनुभव आपको आगे सफल बनने में मदद करता है। 9. “Your dream is your identity…” डॉ कलाम के अनुसार, आपका सपना ही आपकी पहचान बनाता है। जब आपके पास एक लक्ष्य होता है, तो जीवन को एक दिशा मिलती है। जीवन मंत्र: डॉ एपीजे अब्दुल कलाम के ये विचार हमें सिखाते हैं कि जीवन में आगे बढ़ने के लिए सपने देखना और उन्हें पूरा करने के लिए मेहनत करना बहुत जरूरी है। अगर हम उनके बताए रास्ते पर चलें, तो अपने जीवन को बेहतर बना सकते हैं।

वास्तु टिप्स,गलत दिशा में रखा कूड़ेदान बन सकता है कंगाली का कारण, जानें डस्टबिन रखने के सही नियम

 वास्तु शास्त्र के अनुसार घर में हर चीज़ की एक सही जगह होना बहुत ज़रूरी है, ताकि घर में सकारात्मक ऊर्जा बनी रहे. कूड़ेदान भले ही एक छोटी चीज़ लगे, लेकिन इसे नकारात्मक ऊर्जा का स्रोत माना जाता है. अगर इसे गलत दिशा या जगह पर रखा जाए, तो घर में तनाव बढ़ सकता है, पैसों की परेशानी आ सकती है और रिश्तों में भी खटास आने लगती है. इसलिए यह जानना ज़रूरी है कि कूड़ेदान कहां नहीं रखना चाहिए और इसे रखने की सही जगह कौन-सी है. इन जगहों पर न रखें कूड़ेदान 1. उत्तर-पूर्व (ईशान कोण) यह बहुत पवित्र दिशा मानी जाती है. यहां कूड़ेदान रखने से मानसिक तनाव और आर्थिक नुकसान हो सकता है. 2. पूर्व दिशा यहां कूड़ेदान रखने से व्यक्ति को अकेलापन महसूस हो सकता है , रिश्ते कमजोर हो सकते हैं. 3. दक्षिण-पूर्व (आग्नेय कोण) यह रसोई की दिशा होती है. यहां कूड़ेदान रखने से खर्च बढ़ सकता है. 4. उत्तर दिशा यह दिशा धन से जुड़ी मानी जाती है. यहां कूड़ेदान रखने से करियर और बिजनेस में रुकावट आ सकती है. 5. दक्षिण-पश्चिम दिशा यहां कूड़ेदान रखने से घर में झगड़े और विवाद बढ़ सकते हैं. 6. पश्चिम दिशा इस दिशा में कूड़ेदान रखने से कामों में बाधा आ सकती है. 7. मुख्य दरवाज़ा (मेन गेट) दरवाज़े के पास या सामने कूड़ेदान रखने से नकारात्मक ऊर्जा घर में आती है. 8. बेडरूम, पूजा घर और रसोई इन जगहों पर कूड़ेदान रखने से मानसिक तनाव बढ़ सकता है, वास्तु दोष होता है. कूड़ेदान रखने की सही जगह वास्तु के अनुसार कूड़ेदान को घर के दक्षिण या दक्षिण-पश्चिम के बाहरी हिस्से (जैसे बालकनी या सर्विस एरिया) में रखें, या किसी ऐसे कोने में रखें जहां यह सीधे दिखाई न दे. कुछ आसान टिप्स     कूड़ेदान हमेशा ढक्कन वाला रखें.     रोज़ कचरा बाहर निकालें.     इसे कभी ओवरफ्लो न होने दें.     साफ-सफाई का ध्यान रखें.  

चारधाम यात्रा की तैयार,19 अप्रैल को उखीमठ से रवाना होगी बाबा केदार की पंचमुखी डोली, 22 को होंगे प्रथम दर्शन

उत्तराखंड में स्थित चार धामों में से एक बाबा केदारनाथ के कपाट खुलने जा रहे हैं. केदारनाथ धाम के कपाट 22 अप्रैल 2026 को सुबह 8 बजे श्रद्धालुओं के लिए खोले जाएंगे. यह घोषणा महाशिवरात्रि (15 फरवरी 2026) पर की गई थी, जिसके बाद बाबा केदार की डोली के साथ पूजा-अर्चना के साथ यात्रा शुरू होगी. पिछले साल (2025) केदारनाथ के कपाट 2 मई को खुले थे. तकरीबन छह महीने तक दर्शन-पूजन के बाद  23 अक्टूबर 2025 को शीतकाल के लिए बंद हो गए थे. शीतकाल में कपाट बंद होने के बाद बाबा केदार की गद्दी ओंकारेश्वर मंदिर, ऊखीमठ में विराजमान होती है और यही उनका पूजा स्थल बन जाता है. कैसा है केदारनाथ का ज्योतिर्लिंग? केदारानाथ भगवान शिव के 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक है और यहां महादेव शिव का ज्योतिर्लिंग बैल पृष्ठ यानी बैल के कूबड़ के उभरे हुए हिस्से जैसा है. इसीलिए यहां का शिवलिंग पारंपरिक तौर पर गोलाई लिए हुए नहीं दिखता बल्कि पिरामिड जैसी आकृति में त्रिकोण त्रिभुज या कुछ-कुछ प्रिज्म जैसा नजर आता है. पांडवों से जुड़ी है कहानी कहते हैं कि पांडव जब युद्ध के बाद अपने पापों के प्रायश्चित के लिए तीर्थयात्रा पर निकले थे, तब वह भगवान शिव के दर्शन करना चाहते थे. लेकिन शिवजी उन्हें दर्शन नहीं देना चाहते थे. इसलिए उन्हें खोजते हुए पांडव कई तीर्थों में गए लेकिन वहां महादेव नहीं मिले. जब पांडव काशी पहुंचे तब शिवजी पर्वत पर आ गए. पांडव यहां भी पहुंच गए. तब शिवजी को भीम ने देख लिया, लेकिन शिव जी ने बैल का स्वरूप बनाया और उनके झुंड से होकर भागने लगे. तब भीम ने उनके कूबड़ को पकड़ लिया. शिव धरती में समाने लगे, लेकिन भीम की निष्ठा देखकर उन्होंने पांडवों को दर्शन दिए. भीम के पकड़ने से बैल के कूबड़ का हिस्सा ही ऊपर रह गया और शिवजी पांडवों की प्रार्थना पर इसी रूप में यहां स्थापित हो गए. एक नहीं पांच हैं केदार पौराणिक कथाओं में बताया गया है कि जब भगवान शिव बैल के रूप में आए तो उनके धड़ का भाग काठमांडू में प्रकट हुआ, जहां अब पशुपतिनाथ मंदिर है. शिवजी की भुजाएं तुंगनाथ में, मुख रुद्रनाथ में, नाभि मद्महेश्‍वर में और जटा कल्‍पेश्‍वर में प्रकट हुई. इन चार स्‍थानों के साथ केदारनाथ धाम को मिलाकर पंचकेदार के रूप में पूजा जाता है. सिर्फ 20 दिन में खुलेंगे कपाट यात्रा शुरू होने में अब केवल 20 दिन का समय शेष बचा है. धाम तक आवाजाही वाला मुख्य मार्ग बर्फ से ढका हुआ है. हालांकि रास्ते से बर्फ हटाने और ग्लेशियर तोड़ने का काम जारी है. रुद्रप्रयाग जिला प्रशासन का मुख्य मकसद है की सबसे पहले पैदल यात्रा मार्ग को आवाजाही लायक बनाया जाय, जिससे धाम सहित पैदल यात्रा मार्ग पर अन्य सभी व्यवस्थाएं सुचारु की जा सके, लेकिन आये दिन मौसम खराब होने से परेशानियां भी बढ़ रही हैं. 18 अप्रैल ओंकारेश्वर मंदिर, उखीमठ से रवाना होगी गद्दी इस साल बाबा केदारनाथ की पंचमुखी डोली (गद्दी) 19 अप्रैल 2026 को शीतकालीन गद्दीस्थल ओंकारेश्वर मंदिर, उखीमठ से केदारनाथ धाम के लिए रवाना होगी. डोली यात्रा के विभिन्न पड़ावों से होते हुए 21 अप्रैल को केदारनाथ धाम पहुंचेगी और 22 अप्रैल को सुबह 8 बजे कपाट खुलेंगे. डोली यात्रा का संभावित शेड्यूल 18 अप्रैल से है. 18 अप्रैल को भैरवनाथ पूजा (उखीमठ) होगी. 19 अप्रैल को उखीमठ से प्रस्थान होगा और फाटा/गुप्तकाशी में रात्रि विश्राम होगा. इसके बाद 20 अप्रैल को यात्रा गौरीकुंड पहुंचकर रात्रि विश्राम करेगी. 21 अप्रैल को डोली का केदारनाथ धाम आगमन होगा और 22 अप्रैल को सुबह 8 बजे केदारनाथ धाम के कपाट आम दर्शन के लिए खुलेंगे.  

विकट संकष्टी चतुर्थी 2026,5 अप्रैल को रखा जाएगा व्रत, जानें शुभ मुहूर्त, चंद्रोदय का समय और पूजन विधि

 हर माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि बड़ी विशेष मानी जाती है. इस दिन भगवान गणेश को समर्पित संकष्टी चतुर्थी का व्रत रखा जाता है. वैशाख माह के कृष्ण पक्ष में पड़ने वाली संकष्टी चतुर्थी को विकट संकष्टी चतुर्थी कहा जाता है. इस दिन भगवान गणेश की विशेष पूजा और व्रत किया जाता है. भगवान गणेश के अष्टविनायक रूपों में विकट रूप भी शामिल है. मान्यता है कि भगवान के इस रूप की पूजा करने से समस्त प्रकार के ज्ञात-अज्ञात भय से मुक्ति मिल जाती है. इतना ही नहीं विकट संकष्टी चतुर्थी के दिन पूजा के समय भगवान गणेश को उनकी प्रिय कुछ विशेष चीजें अर्पित की जाती हैं. माना जाता है कि अगर ये चीजें पूजा के समय बप्पा को अर्पित की जाती हैं, तो वो प्रसन्न होकर जीवन की सभी बाधाएं दूर करते हैं. आइए इन चीजों के बारे में जानते हैं. विकट संकष्टी चतुर्थी कब है     वैशाख माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि कर 05 अप्रैल को सुबह 11 बजकर 59 मिनट पर शुरू हो रही है.     वहीं चतुर्थी तिथि का समापन 06 अप्रैल को दोपहर 2 बजकर 10 मिनट पर होगा. ऐसे में उदयातिथि और चंद्रोदय के अनुसार, विकट संकष्टी का व्रत 05 अप्रैल यानी कल रखा जाएगा. जन्म कुंडली के गहन अध्ययन से करियर, विवाह, स्वास्थ्य की सटीक भविष्यवाणियां और मांगलिक, पितृ दोष आदि का ज्योतिषीय समाधान प्राप्त करें विकट संकष्टी चतुर्थी पूजा शुभ मुहूर्त विकट संकष्टी चतुर्थी के दिन पूजा का सबसे शुभ समय- शाम 06 बजकर 20 मिनट से रात 08 बजकर 06 मिनट (अमृत काल) तक है. विकट संकष्टी चतुर्थी पर चंद्रोदय का समय द्रिक पंचांग के अनुसार, विकट संकष्टी चतुर्थी के दिन चंद्रोदय रात को 09 बजकर 58 मिनट पर होगा. गणेश जी को चढ़ाएं ये चीजें बप्पा को पूजा के दौरान ‘दूर्वा’ (हरी घास) और लाल सिंदूर जरूर अर्पित करें. पूजा के दौरान लाल या पीले रंग के वस्त्र और जनेऊ भी अर्पित किया जा सकता है. पूजा में 21 दूर्वा अर्पित करें. पूजा में नारियल, हल्दी की गांठ और सुपारी चढ़ाना भी शुभ रहता है. बप्पा को मीठा बहुत पसंद है. ऐसे में उन्हें उनके पसंदीदा भोग जैसे मोदक, बेसन के लड्डू और मीठी पूरन पोली अर्पित करें.

वास्तु टिप्स,पर्स में रखी ये 4 चीजें बढ़ा सकती हैं कंगाली, धन लाभ के लिए तुरंत निकालें बाहर

हम सभी रोज़ाना पर्स का इस्तेमाल करते हैं, लेकिन बहुत कम लोग यह जानते हैं कि हमारा पर्स केवल पैसे रखने की जगह नहीं होता, बल्कि यह हमारी आर्थिक स्थिति, तरक्की और किस्मत से भी गहराई से जुड़ा होता है. वास्तु शास्त्र और ज्योतिष के अनुसार, पर्स में रखी चीजें और उसका रख-रखाव हमारी ऊर्जा को प्रभावित करते हैं. अगर पर्स साफ-सुथरा और व्यवस्थित हो, तो यह सकारात्मक ऊर्जा को आकर्षित करता है, इससे धन आने के अवसर बढ़ते हैं. वहीं, अगर इसमें बेकार या नकारात्मक चीजें भरी हों, तो यह आर्थिक परेशानियों का कारण बन सकता है. पर्स में क्या नहीं रखना चाहिए 1. दवाइयां पर्स में दवाइयां रखना वास्तु के अनुसार सही नहीं माना जाता. यह बीमारियों और नकारात्मक ऊर्जा का प्रतीक होता है. ऐसा करने से जीवन में रुकावटें और मानसिक तनाव बढ़ सकते हैं. इसलिए दवाइयों को हमेशा अलग पाउच या बैग में रखना बेहतर होता है. 2. पुराने बिल और रसीदें अक्सर लोग पर्स में पुराने बिल, टिकट या रसीदें जमा करके रखते रहते हैं. यह आदत न केवल पर्स को भारी और असंगठित बनाती है, बल्कि वास्तु के अनुसार यह अनावश्यक ऊर्जा को भी बढ़ाती है. इससे धन का प्रवाह रुक सकता है,  खर्च बढ़ सकता है. 3. फटे या गंदे नोट फटे, मुड़े हुए या गंदे नोट पर्स में रखना अशुभ माना जाता है. यह धन हानि और आर्थिक अस्थिरता का संकेत देता है. ऐसे नोट न केवल देखने में खराब लगते हैं, बल्कि यह आपकी धन ऊर्जा को भी प्रभावित करते हैं. इसलिए इन्हें तुरंत बदल देना चाहिए. 4. पुरानी चाबियां और बेकार चीजें पर्स में पुरानी चाबियां, जंग लगे सिक्के, पिन या अन्य बेकार चीजें रखना नकारात्मक ऊर्जा को बढ़ाता है. ये चीजें धन के मार्ग में बाधा उत्पन्न कर सकती हैं. इससे जीवन में अव्यवस्था आती हैं. क्या करें पर्स को हमेशा साफ और व्यवस्थित रखना बेहद जरूरी है. केवल जरूरी चीजें ही उसमें रखें . समय-समय पर अनावश्यक सामान निकालते रहें. कोशिश करें कि आपका पर्स हल्का, सलीके से रखा हुआ और अच्छी स्थिति में हो. इसके अलावा, पर्स में नोटों को सही तरीके से रखना चाहिए. उन्हें मोड़कर या ठूंसकर नहीं रखना चाहिए. पर्स को जमीन पर रखने से भी बचें . इसे हमेशा सम्मान के साथ रखें.