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घर की नकारात्मक ऊर्जा दूर करे ड्रैगन, बनाएं इसे सुरक्षा कवच

फेंगशुई का विज्ञान इसी बात पर जोर देता है कि अधिक से अधिक सकारात्मक ऊर्जा पाने के लिए ऐसे उपाय अपनाए जाए जिनमें कम से कम साजो-समान, प्रयास या समय खर्च करना पड़ें। फेंगशुई चाईनिस वास्तु है। जो चीन में ही नहीं भारत के लोगों में भी काफी लोकप्रिय है। पशु-पक्षियों को फेंगशुई बहुत महत्व देता है और उन्हें उचित दिशा में रखकर मनचाही इच्छाओं की पूर्ति करता है। फेंगशुई ज्ञाताओं का मानना है कि घर के मुख्यद्वार के बाहर काला कछुआ, लाल पक्षी, सफेद बाघ एवं हरा ड्रैगन होते हैं जो घर को सुरक्षा प्रदान करते हैं। फेंगशुई में ड्रैगन को चार दिव्य प्राणियों में गिना जाता है। उनमें से मुख्य रूप से घर में ड्रैगन की मूर्ति या चित्र अवश्य रखना चाहिए। ड्रैगन यांग ऊर्जा का प्रतीक होता है। यह सौभाग्य के लिए सबसे अधिक ताकतवर माना जाता है। घर के अंदर ड्रैगन अपने घर के परिवार वाले भाग में लकड़ी की या हरे रंग की लगा सकते हैं या घर के बैठक कक्ष में लगाएं। ड्रैगन को ऊंचाई पर नहीं रखना चाहिए और न ही शयन कक्ष में रखना चाहिए क्योंकि शयनकक्ष की प्रकृति यिन होती है। जिससे पारिवारिक सदस्यों को मानसिक तनाव और बेचैनी की स्थिती बनी रहती है। ड्रैगन लकड़ी, चीनि मिट्टी या क्रिस्टल का होना चाहिए। मैटल यहां तक की सोने का ड्रैगन भी अच्छा नहीं माना जाता। ड्रैगन किसी भी धातु का नहीं होना चाहिए क्योंकि दोनों यांग शक्ति का प्रतिनिधित्व करते हैं। मिट्टी से बनें चाईनिस पात्र एवं फूलदान आदि जिन पर हरा ड्रैगन बना हो, उन्हें बहुत शुभ माना जाता है। किसी प्रिय को उपहार देने के लिए यह अनुपम भेंट है। लकड़ी के ड्रैगन को दक्षिण- पूर्व या पूर्व में, सेरेमिक, क्रिस्टल के ड्रैगन को दक्षिण- पूर्व, उत्तर-पूर्व या उत्तर पश्चिम में रखें। पढ़ने वाले बच्चे इसे अपनी स्टडी टेबल पर रखें। आज की मार्डन जनरेशन में ड्रैगन को फैशन और ज्यूलरी के रूप में भी काफी पसंद किया जा रहा है जैसे ड्रैगन नेकलेस, ड्रैगन ईयररिंग्स, ड्रैगन ब्रेसलेट, ड्रैगन रिंग, ड्रैगन थम रिंग आदि। ये देखने में बेहद ग्लैमरस लगते हैं।  

वास्तु के अनुसार घर की घंटियां और विंड चाइम: जानें किस दिशा में लटकाना है सबसे शुभ

हवा के झोंकों के साथ जब घर में विंड चाइम या छोटी घंटियों की सुरीली आवाज गूंजती है, तो मन को एक अजीब सा सुकून मिलता है। लेकिन, क्या आपको पता है कि यह प्यारी सी आवाज सिर्फ सुनने में अच्छी नहीं लगती, बल्कि आपके जीवन से नकारात्मकता को दूर कर सुख-समृद्धि के द्वार भी खोल सकती है? वास्तु शास्त्र में ध्वनि तरंगों का बहुत महत्व है। सही दिशा में लगी विंड चाइम सोई हुई किस्मत को जगाने का काम करती है। वहीं, गलत दिशा में लगी घंटी मानसिक तनाव का कारण बन सकती है। दिशाओं का रखें खास ख्याल विंड चाइम खरीदते समय सबसे पहले उसकी दिशा और धातु पर ध्यान देना चाहिए। वास्तु विशेषज्ञों के अनुसार, अगर आप पश्चिम या उत्तर-पश्चिम दिशा में विंड चाइम लगाना चाहते हैं, तो धातु से बनी विंड चाइम का चुनाव करें। यह दिशा बच्चों के करियर और सौभाग्य के लिए उत्तम मानी जाती है। वहीं, अगर आप घर की पूर्व या दक्षिण-पूर्व दिशा को सजाना चाहते हैं, तो लकड़ी या बांस से बनी विंड चाइम सबसे शुभ फल देती है। ऐसा माना जाता है कि लकड़ी का तत्व विकास और उन्नति का प्रतीक है। छड़ों की संख्या का जादुई अंक विंड चाइम में छड़ों  की संख्या का भी अपना महत्व है। घर में शांति और क्लेश दूर करने के लिए 7 या 8 छड़ों वाली विंड चाइम लगानी चाहिए। वहीं, अगर आप अपनी लोकप्रियता या सामाजिक दायरे को बढ़ाना चाहते हैं, तो 6 छड़ों वाली विंड चाइम को उत्तर-पश्चिम दिशा में लटकाना लाभकारी होता है। प्रवेश द्वार पर घंटी का महत्व सिर्फ विंड चाइम ही नहीं, घर के मुख्य द्वार पर छोटी पीतल की घंटी लटकाना भी सकारात्मक ऊर्जा को आमंत्रित करता है। जब भी कोई दरवाजा खोलता है, तो घंटी की आवाज से घर की 'डेड एनर्जी' (रुकी हुई ऊर्जा) एक्टिव हो जाती है। यह आवाज घर में प्रवेश करने वाली नकारात्मक शक्तियों को बाहर ही रोक देती है। कहां न लगाएं विंड चाइम? वास्तु के अनुसार, कभी भी ऐसी जगह विंड चाइम न लगाएं, जहां उसके नीचे कोई बैठता हो या सोता हो। इसके अलावा, किचन या स्टोर रूम के अंधेरे कोनों में भी इसे लगाने से बचना चाहिए, क्योंकि वहां इसकी ऊर्जा का सही प्रवाह नहीं हो पाता।  

29 जनवरी का राशिफल: आज ग्रहों की स्थिति किस राशि के लिए शुभ-अशुभ?

मेष 29 जनवरी के दिन ये महत्वपूर्ण है कि आप पिछले प्रेम संबंधों से दूरी बनाए रखें क्योंकि इससे शाम के समय में प्रॉब्लम हो सकती है। फिटनेस पर फोकस करने से आपका स्ट्रेस कम होगा। नई जिम्मेदारियां आपको बिजी रख सकती हैं। वृषभ 29 जनवरी के दिन आप बड़े फाइनेंशियल डिसीजन लेने पर विचार कर सकते हैं। विचारों में मामूली मतभेद के बावजूद, आपका साथी आपके साथ समय बिताना पसंद करेगा। तनाव से दूर रहें। मिथुन 29 जनवरी के दिन धन और स्वास्थ्य दोनों अच्छे रहेंगे। उन एक्टिविटी में शामिल होने पर विचार करें, जो आपको पसंद हैं। आर्थिक सफलता दिन की एक प्रमुख विशेषता होगी। आप अपना लक्ष्य प्राप्त करें। कर्क 29 जनवरी के दिन किसी भी मुद्दे को अनदेखा न करें। लॉन्ग डिस्टेंस के रिलेशनशिप में आज ज्यादा कोशिश की आवश्यकता होगी। आप दोपहर के दौरान प्रॉपर्टी से जुड़ी बात कर सकते हैं। सिंह 29 जनवरी के दिन अहंकार से संबंधित छोटी-मोटी समस्याएं हो सकती हैं। ऑफिस में सभी एक्सपेक्टेशन को पूरा करने के लिए आपको सावधान रहना चाहिए। अपने प्रेमी के साथ टाइम स्पेंड करने के लिए ज्यादा से ज्यादा पल तलाशें। कन्या 29 जनवरी के दिन मशीनों से काम करने वालों को अपना गोल पूरा करने में थोड़ी परेशानी हो सकती है। आप इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस भी खरीद सकते हैं। आज लव के मामले में कोई बड़ी समस्या नहीं होगी। तुला 29 जनवरी के दिन बिजनेसमैन सफलता के साथ कोई नया आइडिया लॉन्च कर सकते हैं। ऑफिस में अपनी पेशेवर योग्यता दिखाने के लिए अधिक समय निकालें। लड़ाई झगड़े वाले टॉपिक से बचें। वृश्चिक 29 जनवरी के दिन कभी-कभी कोई सीनियर आपकी ईमानदारी पर उंगली उठा सकता है, लेकिन उसका जवाब न दें। आप भाई-बहन या किसी दोस्त के साथ मुद्दे को सुलझाने के लिए आज का दिन चुन सकते हैं। धनु 29 जनवरी के दिन आमतौर पर कनेक्शन मजबूत रहेगा। अगर आप नोटिस पीरियड में हैं, तो दिन खत्म होने से पहले आपको नई नौकरी का प्रस्ताव मिल सकता है। समझदारी से पैसों से जुड़े फैसले लें। मकर 29 जनवरी के दिन मैनेजमेंट कार्यों को संभालने वाले लोग ऑफिस पॉलिटिक्स का शिकार हो सकते हैं। आप व्यापार पर भी विचार कर सकते हैं, जो अच्छा रिटर्न ला सकता है। जो प्रेमी रिश्ते को अगले लेवल पर ले जाना चाहते हैं, उन्हें माता-पिता से मिलने और इस पर बात करने के लिए एक या दो दिन इंतजार करना चाहिए। कुंभ 29 जनवरी के दिन रोमांस पर ध्यान दें। कलाकारों और क्रिएटिव लोगों को आलोचना का सामना करना पड़ सकता है। कपड़ा, प्लास्टिक की वस्तुओं और फर्नीचर को संभालने वाले व्यापारियों को अच्छा रिटर्न मिल सकता है। मीन 29 जनवरी के दिन बदलाव को अपनाएं। प्यार, करियर, धन और स्वास्थ्य में नए अवसरों के लिए खुले रहें। ऑफिस में बहस करने से बचें। सौंपे गए काम पर ध्यान केंद्रित करें। आपके खातों में अधिक समृद्धि आएगी।

Holi 2026: कब है होलिका दहन और धुलेंडी? शुभ मुहूर्त, पूजा विधि और महत्व की पूरी जानकारी

हिंदू धर्म में होली का पर्व बुराई पर अच्छाई की जीत, प्रेम और आपसी भाईचारे का प्रतीक माना जाता है. यह त्योहार दो दिन मनाया जाता है. पहले दिन होलिका दहन किया जाता है और दूसरे दिन धुलेंडी, जिसे रंगों वाली होली भी कहा जाता है. हर साल की तरह इस साल भी होली की तारीख को लेकर लोगों के मन में कंफ्यूजन रहता है. ऐसे में आइए जानते हैं कि 2026 में होलिका दहन और रंगों वाली होली कब मनाई जाएगी, साथ ही जानेंगे इसका शुभ मुहूर्त, पूजा विधि और धार्मिक महत्व. होलिका दहन और धुलेंडी की तारीख साल 2026 में पूर्णिमा तिथि और प्रदोष काल के संयोग के कारण होली की तिथियां इस प्रकार होंगी.     होलिका दहन: 3 मार्च 2026 (मंगलवार)     धुलेंडी (रंगों वाली होली): 4 मार्च 2026 (बुधवार) शुभ मुहूर्त और समय ज्योतिषीय गणना के अनुसार,     पूर्णिमा तिथि शुरू: 2 मार्च 2026, शाम 05:55 बजे से.     पूर्णिमा तिथि का समापन 3 मार्च 2026, शाम 05:07 बजे तक. शास्त्र सम्मत नियम है कि होलिका दहन हमेशा प्रदोष काल (सूर्यास्त के बाद) में किया जाता है. चूंकि 3 मार्च को पूर्णिमा तिथि का प्रभाव रहेगा, इसलिए होलिका दहन 3 मार्च को ही मनाया जाएगा. इसके अगले सूर्योदय पर यानी 4 मार्च को रंगों वाली होली खेली जाएगी. होलिका दहन की पूजा विधि     तैयारी: दहन वाली जगह पर सूखी लकड़ी, घास और गोबर के उपले इकट्ठा करें.     पूजा सामग्री: रोली, अक्षत, फूल, कच्चा सूत, साबुत हल्दी, मूंग, बताशे और एक कलश जल साथ रखें.     विधि: होलिका के चारों ओर सात बार कच्चा सूत लपेटें और जल अर्पित करें. भगवान नरसिंह और भक्त प्रहलाद का ध्यान करते हुए फल, फूल और मिठाइयां चढ़ाएं.     अग्नि प्रज्वलन: शुभ मुहूर्त में होलिका में अग्नि लगाएं और नई फसल (जैसे गेहूं की बालियां) को उसकी लौ में सेकें. होली का महत्व होली केवल रंगों का खेल नहीं है, बल्कि इसके पीछे गहरे धार्मिक और सामाजिक कारण छिपे हैं. यह पर्व भगवान विष्णु के अनन्य भक्त प्रहलाद की रक्षा और अहंकारी हिरण्यकश्यप की बहन होलिका के अंत की याद दिलाता है. यह दिन ऊंच-नीच और पुराने गिले-शिकवे भुलाकर एक-दूसरे को गले लगाने का है. होली का त्योहार वसंत ऋतु के आगमन और सर्दियों की विदाई का भी संदेश देता है.

चाणक्य नीति के अनुसार: इन पारिवारिक बातों को बाहर बताया तो बिखर सकता है पूरा परिवार

कूटनीति और जीवन दर्शन के महानायक माने जाने वाले आचार्य चाणक्य की नीतियां आज भी उतनी ही प्रासंगिक हैं जितनी सदियों पहले थीं। चाणक्य नीति केवल राज्य चलाने का शास्त्र नहीं है, बल्कि यह एक मनुष्य को अपने व्यक्तिगत और पारिवारिक जीवन को सुरक्षित व सम्मानित बनाए रखने की कला भी सिखाती है। चाणक्य का मानना था कि एक मजबूत परिवार की नींव उसकी 'गोपनीयता' और 'मर्यादा' पर टिकी होती है। आइए जानते हैं आचार्य चाणक्य के अनुसार परिवार की वो कौन सी 5 बातें हैं, जिनका जिक्र भूलकर भी बाहरी व्यक्ति से नहीं करना चाहिए। बाहरी व्यक्ति के साथ कभी शेयर ना करें ये 5 बातें घर के झगड़े और मनमुटाव चाणक्य के अनुसार, हर परिवार में छोटे-बड़े झगड़े होते रहते हैं, लेकिन इसका यह अर्थ बिल्कुल नहीं है कि आप उनकी चर्चा अपनी सभी दोस्तों से करें। घर की कलह को बाहर ले जाना सबसे बड़ी मूर्खता है। जब आप घर की लड़ाई दूसरों को बताते हैं, तो लोग आपकी मदद करने की जगह पीठ-पीछे आपका मजाक बनाकर भविष्य में इसका फायदा उठाकर परिवार में फूट डालने की कोशिश करते हैं। आर्थिक स्थिति और धन का लाभ अपनी आर्थिक तंगी या धन लाभ से जुड़ी बातें भी किसी को नहीं बतानी चाहिए। यदि आप अपनी आर्थिक कमजोरी बताते हैं, तो लोग आपका सम्मान करना बंद कर देंगे और मदद के समय हाथ पीछे खींच लेंगे। वहीं, अधिक धन की चर्चा लोगों में ईर्ष्या पैदा करती है, जो आपके परिवार की सुरक्षा का खतरा बन सकती है। जीवनसाथी का व्यवहार और कमियां एक सुखी गृहस्थ जीवन के लिए पति और पत्नी के बीच की बातें गुप्त रखना जरूरी होता है। अपने जीवनसाथी की बुराई या उनकी कमियों का जिक्र दूसरों के सामने करने से न सिर्फ उनकी इज्जत कम होती है, बल्कि समाज में आपके परिवार के चरित्र पर भी सवाल उठते हैं। चाणक्य कहते हैं कि जो व्यक्ति अपने जीवनसाथी का अपमान दूसरों से करवाता है, वह स्वयं कभी सुखी नहीं रह सकता। अपमान की घटनाएं यदि समाज में या कार्यस्थल पर कभी आपका अपमान हुआ हो, तो उस घटना को अपने तक ही सीमित रखें। दूसरों को अपने अपमान के बारे में बताने से आपकी छवि 'कमजोर' व्यक्ति की बनती है। लोग आपको सहानुभूति देने की जगह आपको कम आंकना शुरू कर देते हैं। परिवार के रहस्य हर परिवार में कुछ ऐसी बातें होती हैं, जिनका सार्वजनिक होना सम्मान को ठेस पहुंचा सकता है। चाहे वह किसी सदस्य की बीमारी हो या कोई पुरानी गलती, इन रहस्यों को किसी 'भरोसेमंद' मित्र के साथ भी साझा करने से बचें। ऐसा इसलिए क्योंकि समय बदलने पर मित्र भी शत्रु में बदल सकता है।

कहीं आपकी टेबल ही तो नहीं रोक रही सफलता? जानें डेस्क से जुड़े खास वास्तु नियम

अक्सर हम अपने काम में कड़ी मेहनत करते हैं। लेकिन, फिर भी ऑफिस या घर पर काम करते समय वह मानसिक शांति और तरक्की महसूस नहीं होती जिसकी हम उम्मीद करते हैं। क्या आपने कभी अपनी वर्क टेबल यानी काम करने की मेज पर ध्यान दिया है? वास्तु शास्त्र के अनुसार, आपकी टेबल पर रखी हर छोटी-बड़ी चीज आपकी कार्यक्षमता और करियर की ग्रोथ पर काफी हद तक असर डालती हैं। लैपटॉप और इलेक्ट्रॉनिक्स की सही जगह आज के समय में लैपटॉप हमारी वर्क टेबल का सबसे अहम हिस्सा है। वास्तु शास्त्र के अनुसार, लैपटॉप, कंप्यूटर या कोई भी बिजली से चलने वाला गैजेट हमेशा टेबल के दक्षिण-पूर्व (South-East) कोने में होना चाहिए। इसे आग्नेय कोण कहा जाता है, जो अग्नि तत्व का प्रतिनिधित्व करता है। सही दिशा में रखा लैपटॉप न केवल लंबे समय तक चलता है, बल्कि आपके विचारों में स्पष्टता भी लाता है। मेज पर पौधों का जादू डेस्क पर हरियाली न केवल आंखों को सुकून देती है, बल्कि सकारात्मक ऊर्जा का संचार भी करती है। वास्तु के अनुसार, टेबल के उत्तर या पूर्व (North or East) दिशा में छोटा 'मनी प्लांट' या 'बैम्बू प्लांट' रखना बेहद शुभ माना जाता है। ध्यान रहे कि टेबल पर कभी भी कैक्टस या कांटेदार पौधे न रखें, क्योंकि ये आपसी संबंधों में कड़वाहट और काम में बाधाएं पैदा करते हैं। चीजों का बिखराव और ग्रोथ क्या आपकी टेबल फाइलों और कागजों से भरी रहती है? वास्तु के अनुसार, अव्यवस्थित मेज मानसिक भ्रम पैदा करती है। मेज का बीच का हिस्सा हमेशा खाली और साफ होना चाहिए, जिसे 'ब्रह्म स्थान' कहा जाता है। काम खत्म करने के बाद अपनी टेबल को साफ करना आने वाले कल की सफलता की नींव रखता है। पानी और रोशनी का संतुलन पानी की बोतल हमेशा टेबल के उत्तर या उत्तर-पूर्व (North-East) दिशा में रखें। यह दिशा जल तत्व की है और यहां पानी रखने से एकाग्रता बढ़ती है। साथ ही, आपकी टेबल पर सही मात्रा में रोशनी होनी चाहिए। अगर आप टेबल लैंप का इस्तेमाल कर रहे हैं तो उसे दक्षिण-पूर्व कोने में रखना ऊर्जा के स्तर को बढ़ाता है।  

शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

हिंदू धर्म में प्रदोष व्रत का विशेष महत्व है. जब प्रदोष व्रत शुक्रवार के दिन पड़ता है, तो इसे शुक्र प्रदोष कहा जाता है. यह व्रत न केवल भगवान शिव की प्रसन्नता के लिए रखा जाता है, बल्कि सुख, समृद्धि और सौभाग्य की प्राप्ति के लिए भी अचूक माना जाता है. साल 2026 का पहला शुक्र प्रदोष माघ मास में पड़ रहा है. आइए जानते हैं किस शुभ मुहूर्त में पूजा करें जिससे व्रत करने का दुगुना फल मिलता है. शुक्र प्रदोष व्रत 2026 की तिथि पंचांग के अनुसार, माघ माह के शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि का आरंभ 30 जनवरी 2026, सुबह 11:08 बजे से होगा, वहीं तिथि का समापन 31 जनवरी 2026, सुबह 08:24 बजे होगा. इसलिए उदया तिथि और प्रदोष काल के महत्व के कारण, 30 जनवरी 2026 को ही शुक्र प्रदोष व्रत रखा जाएगा. पूजा का सबसे शुभ मुहूर्त     प्रदोष व्रत की पूजा हमेशा शाम के समय (प्रदोष काल) में की जाती है.     पूजा का समय: शाम 05:58 बजे से रात 08:36 बजे तक     कुल अवधि: लगभग 2 घंटे 38 मिनट मान्यता है कि प्रदोष काल में महादेव कैलाश पर्वत पर प्रसन्न मुद्रा में नृत्य करते हैं, इसलिए इस समय की गई पूजा का फल शीघ्र मिलता है. शुक्र प्रदोष व्रत की पूजा विधि सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और साफ वस्त्र (सफेद रंग शुभ है) धारण कर व्रत का संकल्प लें. संभव हो तो सुबह के समय शिव मंदिर जाकर जलाभिषेक करें. प्रदोष काल (शाम के समय) दोबारा स्नान करें या हाथ-पैर धोकर स्वच्छ हो जाएं. शिवलिंग पर गंगाजल, दूध, दही, घी, शहद और शक्कर (पंचामृत) से अभिषेक करें. महादेव को बेलपत्र, धतूरा, अक्षत (बिना टूटे चावल), सफेद चंदन और भस्म अर्पित करें. ‘ॐ नमः शिवाय’ मंत्र का जाप करें, शुक्र प्रदोष की कथा पढ़ें और आखिर में शिवजी की आरती करें. शुक्र प्रदोष का महत्व आर्थिक लाभ: शुक्र ग्रह सुख-सुविधाओं का कारक है. शुक्र प्रदोष करने से जीवन में आर्थिक तंगी दूर होती है और सुख-समृद्धि आती है. संतान और सौभाग्य: सुहागिन महिलाएं अखंड सौभाग्य और संतान प्राप्ति के लिए भी यह व्रत श्रद्धापूर्वक रखती हैं. ग्रह शांति: जिन जातकों की कुंडली में शुक्र ग्रह कमजोर होता है, उन्हें इस दिन शिव उपासना से लाभ मिलता है.

आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

मेष: आज के दिन तनाव दूर करने के लिए वॉक पर जा सकते हैं। भले ही आपकी शादी को काफी समय हो गया हो लेकिन साथ में समय व्यतीत करना जरूरी है। ऑफिस का काम घर लेकर न आएं। सेहत पर ध्यान देने की जरूरत है। वृषभ: आज के दिन अपने मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य को प्राथमिकता देने के लिए समय निकालें। स्ट्रेस से दूर रहें। धन संबंधी मामलों में आप सफलता देखेंगे। डाइट को हेल्दी रखें। इन्वेस्टमेंट करना आज ठीक नहीं रहेगा। मिथुन: आज के दिन जीवन में थोड़ी-बहुत हलचल रहेगी। अपने साथी से जुड़ने और प्यार बांटने के लिए अपने अट्रैक्शन और कम्यूनिकेशन का इस्तेमाल करें। आज खर्च करते वक्त आपको सावधानी बरतनी जरूरी है। कर्क: आज का दिन आपके लिए मिले-जुले परिणाम लेकर आया है। आपकी सेहत ही आपका धन है। फाइनेंशियल सिचूऐशन थोड़ी गड़बड़ा सकती है। आपकी कड़ी मेहनत और समर्पण बड़े पैमाने पर फल देंगे। सिंह: आज के दिन आप अपने धन संबंधी मामलों में सफलता देखेंगे। अपनी मां की सेहत पर ध्यान दें। हाइड्रेटेड रहें। फिटनेस को मेंटेन करने के लिए रेगुलर एक्सरसाइज करें। कुछ लोगों को राजनीतिक लाभ मिल सकता है। कन्या: आर्थिक दृष्टि से अच्छा अवसर आज दरवाजे पर दस्तक दे सकता है। आज आपको अपने स्वास्थ्य की देख-रेख करनी चाहिए। बॉस की सलाह पर ध्यान दें। हेल्दी डाइट लें। तुला: जीवन की चुनौतियों को हंस कर पार करें। अपनी फाइनेंशियल बॉउन्डरी को मेन्टेन करने पर ध्यान दें। आज की एनर्जी आपको अपने सपनों की ओर आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित कर रही है। वृश्चिक: आज के दिन फाइनेंशियली आप अच्छे रहेंगे। प्रोफेशनल लाइफ में खुद पर फीलिंग्स को हावी न होने दें। जल्दबाजी में आकर आज कोई जरूरी डिसीजन न ही लें तो बेहतर है। शाम रोमांटिक रहने वाली है। धनु: आज के दिन आपका शरीर और दिमाग दोनों तालमेल में रहने वाले हैं। अपनी फीलिंग्स को पार्टनर के साथ शेयर करना अच्छा साबित होगा। स्ट्रेस दूर करने के लिए मेडिटेशन या योग का सहारा लें। मकर: सीनियर्स के साथ किसी नए प्रोजेक्ट पर काम शुरू कर सकते हैं। वित्तीय स्थिति आज पॉजिटिव रहने वाली है। वर्क और लाइफ के बीच बैलेंस मेन्टेन करके रखना बेहद जरूरी है। कुंभ: आज के दिन ब्रेक लेते रहें, जो आपको पूरी लगन से अपना प्रदर्शन दिखाने में मदद करेगा। ऑफिस का काम आपके दिन को व्यस्त बना सकता है। हाइड्रेटेड रहना न भूलें। लाइफ में बैलेंस बनाए रखें। मीन: आज के दिन ब्रह्मांड आपके जुनून को आगे बढ़ाने में मदद करेगा। थोड़ा स्ट्रेस फील कर सकते हैं। आज का राशिफल नए विचारों को लाइफ में लाने की अड्वाइस दे रहा है। करियर तौर पर प्रोडक्टिव रहेंगे।

घर के चित्र और किस्मत का कनेक्शन: जानिए कैसे बदलती है ज़िंदगी

नौकरी-व्यवसाय और पढ़ाई में सफलता पाने के लिए वास्तु के अनुसार कुछ उपाय किए जाते हैं। वास्तु के अनुसार चीजें सही नहीं होने से उनके दुष्प्रभाव भी देखे जा सकते हैं। ऐसे ही कुछ खास चित्रों को घर में लगाने से बेहद लाभ मिलता है। 7 सफेद दौड़ते हुए घोड़ों की तस्वीर वास्तु शास्त्र के अनुसार घर में लगाने से सफलता को गति मिलती है। दौड़ते हुए सफेद घोड़ों की तस्वीर में खासतौर पर 7 घोड़ों का होना जरूरी है। ऐसी तस्वीर लगाना तरक्की पाने के लिए बेहद लाभकारी मानी जाती है, साथ ही 7 का अंक भी ज्योतिष के अनुसार शुभ माना जाता है। इस फोटो में 7 घोड़ों के होने के पीछे तर्क है कि इंद्रधनुष के 7 रंग, सप्त ऋषि, शादी के सात फेरे, सात जन्म को हिन्दू धर्म में बहुत शुभ माना जाता है। यह अंक प्राकृतिक और सार्वभौमिक माना गया है। वैसे ऐसी तस्वीर को घर और ऑफिस में कहीं पर भी लगा सकते हैं लेकिन इसे घर की पूर्व दिशा में लगाने से अधिक लाभ मिलता है। घर में प्रवेश करने के साथ ही आगंतुक की पहली नजर इस तस्वीर पर जानी चाहिए। खिलखिलाती हुई परिवार के सदस्यों की हंसती तस्वीरें जीवन में ढेरों खुशियों लेकर आती है, नकारात्मकता को कोसों दूर रखती हैं। वास्तु अनुसार जिस घर में तैरती हुई मछलियों का चित्र लगा होता है, वह सजीवता का परिचायक है। इससे फैमिली के सभी सदस्य लंबी उम्र भोगते हैं। घर में सूर्योदय, ऊंचे पहाड़ और पानी के झरने की तस्वीरें लगाना उत्तम विकल्प है। ये निराश जीवन में उम्मीद की किरण जगाती हैं।

वास्तु के अनुसार पर्दों के ये रंग बदल देंगे किस्मत, पॉजिटिव एनर्जी से भर जाएगा घर

वास्तु शास्त्र में घर की हर छोटी-बड़ी वस्तु का अपना महत्व होता है। अक्सर हम घर की दीवारों के रंग और फर्नीचर पर तो बहुत ध्यान देते हैं, लेकिन पर्दों को केवल सजावट की वस्तु समझकर नजरअंदाज कर देते हैं। वास्तु के अनुसार, पर्दे केवल धूप को नहीं रोकते, बल्कि वे घर में आने वाली ऊर्जा के प्रवाह को भी नियंत्रित करते हैं। सही दिशा में सही रंग के पर्दे लगाने से घर की नकारात्मकता दूर होती है और सुख-समृद्धि का वास होता है। आइए जानते हैं कि वास्तु के अनुसार पर्दों के रंगों का चयन कैसे करें और उनके नियम क्या हैं। दिशा के अनुसार पर्दों के रंगों का चुनाव वास्तु शास्त्र पंचतत्वों पर आधारित है। हर दिशा का एक प्रतिनिधि तत्व और रंग होता है। पूर्व दिशा पूर्व दिशा सूर्य की दिशा है, जो विकास और सामाजिक संबंधों का प्रतीक है। यहां हरे या हल्के नीले रंग के पर्दे लगाने चाहिए। हरा रंग ताजगी और विकास का प्रतीक है, जो परिवार के सदस्यों के बीच खुशहाली लाता है। पश्चिम दिशा यह दिशा लाभ और प्राप्ति की दिशा मानी जाती है। यहां सफेद, सुनहरा या पीले रंग के पर्दे सबसे अच्छे होते हैं। सफेद रंग शांति का प्रतीक है और यह दिशा में ऊर्जा के संतुलन को बनाए रखता है। उत्तर दिशा उत्तर दिशा कुबेर की दिशा है जो धन और करियर के अवसरों को दर्शाती है। यहां नीले या आसमानी रंग के पर्दे लगाने चाहिए। नीला रंग जल तत्व का प्रतिनिधित्व करता है, जो धन के आगमन के नए मार्ग खोलता है। दक्षिण दिशा यह दिशा अग्नि तत्व और यश की दिशा है। यहां लाल, नारंगी या गुलाबी रंग के पर्दे लगाना उत्तम रहता है।  ये गहरे रंग आत्मविश्वास बढ़ाते हैं और घर के मुखिया के मान-सम्मान में वृद्धि करते हैं। कमरों के अनुसार पर्दों का चयन ड्राइंग रूम यह वह स्थान है जहां मेहमान आते हैं और परिवार एक साथ समय बिताता है। यहां क्रीम, हल्का पीला या भूरा रंग इस्तेमाल किया जा सकता है। यह रंग स्थिरता और मेलजोल को बढ़ावा देते हैं। बेडरूम दांपत्य जीवन में मधुरता और अच्छी नींद के लिए बेडरूम में गुलाबी, हल्का बैंगनी या पीच रंग के पर्दे लगाने चाहिए। लाल रंग के पर्दों से यहां बचना चाहिए क्योंकि यह उग्रता बढ़ा सकते हैं। पूजा घर पूजा घर में पवित्रता का होना अनिवार्य है। यहां पीले या केसरिया रंग के पर्दे सबसे शुभ माने जाते हैं। पीला रंग ज्ञान और एकाग्रता का प्रतीक है।