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Navratri 2026: कब हैं चैत्र, शारदीय और गुप्त नवरात्र? जानें तिथियाँ और घटस्थापना का मुहूर्त

इंदौर  Navratri 2026 Dates: नवरात्र देवी दुर्गा को समर्पित सबसे पवित्र और महत्वपूर्ण पर्वों में से एक माना जाता है. इस दौरान भक्त व्रत रखते हैं, पूजा-पाठ करते हैं और मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की आराधना करते हैं. हर साल भक्त चैत्र नवरात्र, शारदीय नवरात्र और दो गुप्त नवरात्र की तिथियों का बेसब्री से इंतजार करते हैं, क्योंकि इनका विशेष आध्यात्मिक महत्व होता है. द्रिक पंचांग के अनुसार, साल 2026 में चारों नवरात्र शुभ समय पर पड़ रही हैं, जिससे भक्तों को साधना, व्रत और देवी पूजा के कई अवसर मिलेंगे. इस नए वर्ष में श्रद्धालु पूरे विधि-विधान से घटस्थापना कर सकते हैं और मां दुर्गा की कृपा प्राप्त कर सकते हैं. यहां नवरात्र 2026 का पूरा कैलेंडर दिया गया है, जिसमें सभी नवरात्र की तिथियां और घटस्थापना का सही मुहूर्त शामिल है.  चैत्र नवरात्र 2026 तिथियां और घटस्थापना का मुहूर्त  द्रिक पंचांग के अनुसार, इस बार चैत्र नवरात्र 19 मार्च 2026 से शुरू होकर 27 मार्च 2026 तक समाप्त होंगे. चैत्र नवरात्र के पहले दिन का घटस्थापना मुहूर्त सुबह 6 बजकर 52 मिनट से लेकर सुबह 7 बजकर 43 मिनट तक रहेगा. इस दिन अभिजीत मुहूर्त दोपहर 12 बजकर 5 मिनट से लेकर दोपहर 12 बजकर 53 मिनट तक रहेगा. 19 मार्च, प्रतिपदा तिथि- घटस्थापना, मां शैलपुत्री 20 मार्च, द्वितीया तिथि- मां ब्रह्मचारिणी 21 मार्च, तृतीया तिथि- मां चंद्रघंटा 22 मार्च, चतुर्थी तिथि- मां कुष्मांडा 23 मार्च, पंचमी तिथि- मां स्कंदमाता 24 मार्च, षष्ठी तिथि- मां कात्यायनी 25 मार्च- सप्तमी तिथि- मां कालरात्रि 26 मार्च, अष्टमी तिथि- मां महागौरी, रामनवमी 27 मार्च, नवमी तिथि- मां सिद्धिदात्री, व्रत का पारण शारदीय नवरात्र 2026 तिथियां और घटस्थापना का मुहूर्त  द्रिक पंचांग के अनुसार, साल 2026 में शारदीय नवरात्र 11 अक्टूबर 2026 से शुरू होकर 20 अक्टूबर 2026 तक समाप्त होगी. शारदीय नवरात्र के पहले दिन का घटस्थापना मुहूर्त सुबह 6 बजकर 19 मिनट से लेकर सुबह 10 बजकर 12 मिनट तक रहेगा. इस दिन अभिजीत मुहूर्त सुबह 11 बजकर 44 मिनट से लेकर दोपहर 12 बजकर 31 मिनट तक रहेगा.  11 अक्टूबर, प्रतिपदा तिथि- घटस्थापना, मां शैलपुत्री 12 अक्टूबर, द्वितीया तिथि- मां ब्रह्मचारिणी 13 अक्टूबर, तृतीया तिथि- मां चंद्रघंटा 14 अक्टूबर, चतुर्थी तिथि- मां कुष्मांडा 15 अक्टूबर, पंचमी तिथि- मां स्कंदमाता 16 अक्टूबर, षष्ठी तिथि- मां कात्यायनी 17 अक्टूबर- सप्तमी तिथि- मां कालरात्रि 18 अक्टूबर, अष्टमी तिथि- सप्तमी तिथि ही रहेगी 19 अक्टूबर, महाअष्टमी- मां महागौरी 20 अक्टूबर, महानवमी- मां सिद्धिदात्री, व्रत का पारण, विजयादशमी  माघ गुप्त नवरात्र 2026  गुप्त नवरात्र का विशेष आध्यात्मिक और तांत्रिक महत्व होता है. इस दौरान साधक और भक्त दस महाविद्याओं की विधि-विधान से पूजा और साधना करते हैं. साल 2026 में इसकी शुरुआत 19 जनवरी 2026 से होगी और समापन 27 जनवरी 2026 को होगा.  आषाढ़ गुप्त नवरात्र 2026    साल 2026 की दूसरी गुप्त नवरात्र आषाढ़ मास में शुरू होगी. इसकी शुरुआत 15 जुलाई 2026 से होगी और इसका समापन 23 जुलाई 2026 को होगा. इसका घटस्थापना मुहूर्त सुबह 5 बजकर 33 मिनट से लेकर सुबह 10 बजकर 39 मिनट तक रहेगा.

9 जनवरी राशिफल: जानिए इस दिन आपके राशि के लिए सितारे क्या संकेत दे रहे हैं

मेष राशि: आज आपका कॉन्फिडेंस एकदम अलग लेवल पर होगा। ऑफिस में आपके काम की तारीफ की जाएगी। कोई नया प्रोजेक्ट या जिम्मेदारी मिल सकती है, जिससे आगे चलकर लाभ ही मिलेगा। आज आपके खर्चे थोड़े से बढ़ सकते हैं, इसलिए बजट का ध्यान रखें। आज आपके परिवार का माहौल सही रहेगा। साथ ही आपको अपने किसी करीबी से मन की बात शेयर करने का अच्छा मौका मिलेगा। वृषभ राशि: आज आपको धैर्य और समझदारी से फैसले लेने की जरूरत है। नौकरी में स्लो ग्रोथ हो सकती है, लेकिन प्रयास जारी रखें। पैसों की स्थिति सामान्य रहेगी, हालांकि अचानक से कोई खर्च सामने आ सकता है। सेहत को लेकर सतर्क रहें और आराम के लिए समय निकालें। मिथुन राशि: ऑफिस में मीटिंग या बातचीत के जरिए कोई महत्वपूर्ण बात आपके पक्ष में जा सकती है। आज आपको अपनों का फुल सपोर्ट मिलेगा। लव लाइफ में क्लैरिटी आएगी और गलतफहमियां दूर होंगी। पार्टनर के साथ अच्छा समय बीतेगा। मानसिक रूप से खुद को हल्का और उत्साहित महसूस करेंगे। कर्क राशि: आज फीलिंग्स में उतार-चढ़ाव रह सकता है, लेकिन परिस्थितियां आपके नियंत्रण में रहेंगी। आर्थिक मामलों में सोच-समझकर इन्वेस्ट या खर्च करें। कामकाज में स्थिरता रहेगी और सीनियर्स का सहयोग मिलेगा। परिवार के साथ समय बिताने से मन को सुकून मिलेगा और पुराने विवाद सुलझ सकते हैं। सिंह राशि: आज आपका कॉन्फिडेंस बढ़ेगा। आज ऑफिस में नई जिम्मेदारियां मिलने के योग हैं, जिन्हें आप सफलतापूर्वक निभाएंगे। मान-सम्मान में वृद्धि हो सकती है। आज आपकी आर्थिक स्थिति मजबूत रहेगी। रिश्तों में तनाव आने के चांस हैं। ऐसे में चीजों को बिगड़ने ना दें। खानपान का ध्यान रखें। कन्या राशि: आज का दिन मेहनत और सलीके से काम करने का है। नौकरी में बदलाव या नई जिम्मेदारी के संकेत मिल सकते हैं। आर्थिक मामलों में स्थिरता रहेगी, लेकिन खर्चों पर नियंत्रण जरूरी है। अपनी सेहत को लेकर बिल्कु भी लापरवाही ना करें। आज परिवार के किसी सदस्य से जरूरी बात कर सकते हैं। तुला राशि: आज आपको संतुलन बनाकर चलने की जरूरत है। रिश्तों में सामंजस्य बढ़ेगा और पुराने मतभेद खत्म हो सकते हैं। ऑफिस में लोगों का सपोर्ट मिलेगा, जिससे आगे के काम थोड़े से आसान हो जाएंगे। आर्थिक स्थिति में धीरे-धीरे सुधार होगा। क्रिएटिव काम और कला में रुचि बढ़ सकती है। धनु राशि: आज का दिन नए मौके और एक्सपीरियंस लेकर आ सकता है। ट्रैवल और एजुकेशन से जुड़े मामलों में सफलता मिल सकती है। करियर को लेकर कोई सकारात्मक सूचना मिल सकती है। आत्मविश्वास बढ़ेगा और भविष्य को लेकर उत्साहित रहेंगे। आज आपकी सेहत अच्छी रहेगी। मकर राशि: आज जिम्मेदारियों का दबाव थोड़ा अधिक रह सकता है, लेकिन आपकी मेहनत रंग लाएगी। ऑफिस में स्टेबिलिटी बढ़ेगी और ग्रोथ के संकेत हैं। आर्थिक स्थिति मजबूत रहेगी और बचत पर ध्यान देंगे। परिवार से इमोशनल सपोर्ट मिलेगा, जिससे तनाव कम होगा। कुंभ राशि: आज आपके नए विचार और योजनाएं लोगों को प्रभावित करेंगी। दोस्तों या सहकर्मियों से सहयोग मिलेगा। सोशल एक्टिविटी में भाग लेने का अवसर मिल सकता है। आर्थिक मामलों में संतुलन बनाए रखें। प्रेम जीवन में मधुरता बनी रहेगी। वृश्चिक राशि: आज आपकी मेहनत और लगन का अच्छा परिणाम मिलेगा। लंबे समय से अटके हुए काम पूरे हो सकते हैं। गुप्त शत्रुओं या ईर्ष्यालु लोगों से सावधान रहें। प्रेम जीवन में भावनात्मक गहराई आएगी। आर्थिक रूप से दिन सामान्य से बेहतर रहेगा। मीन राशि: आज आप इमोशनल तौर पर मजबूत महसूस करेंगे। पुराने तनाव और उलझनें दूर हो सकती हैं। ऑफिस में धीरे-धीरे प्रगति होगी। परिवार और करीबी लोगों का सहयोग मिलेगा। सेहत सामान्य रहेगी, लेकिन अपनी मानसिक शांति पर ध्यान दें क्योंकि ये सबसे जरूरी है।

करोड़पति बनने का वास्तु राज़: एक सही दिशा और बदल सकती है आपकी किस्मत

वास्तु शास्त्र केवल दिशाओं का ज्ञान नहीं है, बल्कि यह हमारे आसपास की ऊर्जा को संतुलित करने का एक प्राचीन विज्ञान है। कई बार हम कड़ी मेहनत करते हैं, लेकिन सफलता और पैसा हमारे हाथ नहीं लगता। वास्तु के अनुसार, इसका कारण घर में मौजूद ऊर्जा का अवरोध हो सकता है। आज हम बात करेंगे वास्तु के उस सबसे बड़े सीक्रेट की, जिसे अपनाकर आप अपने जीवन में धन के प्रवाह को बढ़ा सकते हैं। वास्तु का सबसे बड़ा सीक्रेट वास्तु शास्त्र में उत्तर दिशा को धन के देवता कुबेर की दिशा माना गया है। इस दिशा का सीधा संबंध आपके करियर, नए अवसरों और पैसे की आवक से होता है। यदि आपके घर की उत्तर दिशा दोषपूर्ण है, तो पैसा आएगा तो सही लेकिन टिकेगा नहीं। वह एक बदलाव जो बदल सकता है आपकी किस्मत अगर आप करोड़पति बनने का सपना देखते हैं, तो अपने घर की उत्तर दिशा में नीले रंग के पानी का फव्वारा या बहते हुए पानी की तस्वीर लगाएं। यह एक छोटा सा बदलाव धन की ऊर्जा को चुंबक की तरह खींचता है। धन वृद्धि के लिए 5 अचूक वास्तु नियम मुख्य द्वार घर का मुख्य द्वार वह स्थान है जहां से लक्ष्मी का आगमन होता है। मुख्य द्वार हमेशा साफ-सुथरा और चमकदार होना चाहिए। द्वार पर चांदी का स्वास्तिक लगाएं या दहलीज पर तांबे के सिक्के दबाएं। इससे नकारात्मक ऊर्जा घर में प्रवेश नहीं कर पाती। तिजोरी की सही दिशा आप अपना पैसा और गहने जहां रखते हैं, वह स्थान आपकी आर्थिक स्थिति तय करता है। अपनी तिजोरी या अलमारी को हमेशा घर के दक्षिण-पश्चिम  कोने में रखें लेकिन इसका मुंह उत्तर की ओर खुलना चाहिए। उत्तर की ओर खुलती हुई तिजोरी कुबेर के खजाने का स्वागत करती है। रसोई घर और अग्नि का संतुलन रसोई घर में अग्नि का वास होता है, जो समृद्धि का प्रतीक है। यदि आपकी रसोई दक्षिण-पूर्व में नहीं है, तो वहां एक लाल रंग का बल्ब जलाएं। कभी भी रसोई में जूठे बर्तन रात भर न छोड़ें क्योंकि यह लक्ष्मी को रुष्ट करता है। कबाड़ और मकड़ी के जाले वास्तु में राहु का वास गंदगी और कबाड़ में माना गया है। घर की उत्तर-पूर्व दिशा, जिसे ईशान कोण कहते हैं, उसे हमेशा खाली और साफ रखें। यहाँ भारी सामान या कूड़ा रखने से बुद्धि भ्रष्ट होती है और धन का नुकसान होता है। मनी प्लांट और धातु का कछुआ  इसे हमेशा घर के अंदर दक्षिण-पूर्व दिशा में लगाएं। ध्यान रहे कि इसकी बेलें जमीन को न छुएं, उन्हें ऊपर की ओर सहारा दें। उत्तर दिशा में एक पीतल के बर्तन में पानी भरकर उसमें पीतल का कछुआ रखें। यह स्थिरता और निरंतर धन लाभ का प्रतीक है।

संकट के समय मन ही मन जपें यह विष्णु मंत्र, तुरंत मिलेगा शुभ फल

धर्मग्रंथ कर्म को पूजा का दर्जा देते हैं, किंतु कर्म के साथ-साथ ईश्वर भक्ति और कृपा को भी सफल जीवन का सूत्र भी माना गया है। आज की व्यस्त जिंदगी में इंसान के पास काम व दायित्वों को पूरा करने की उलझन में ईश्वर स्मरण के लिए वक्त निकालना मुश्किल है।   यही वजह है कि हम यहां बता रहे हैं धर्मग्रंथों का एक ऐसा सरल और असरदार मंत्र, जिसके लिए आस्था है कि देव पूजा के अलावा कार्य और जिम्मेदारियों के दौरान किसी भी वक्त किसी काम के अटकने या उलझने पर मन ही मन स्मरण करें, तो सारे काम बिना बाधा और परेशानी के पूरे हो जाते हैं।   यह मंत्र भगवान विष्णु के साथ उनके अवतार श्रीकृष्ण का स्मरण है। वर्तमान में चल रहे चैत्र माह के शुक्ल पक्ष की एकादशी यानी कामदा एकादशी (11 अप्रैल) को भी इन दोनों देवताओं की उपासना का विशेष काल है, इसलिए इस अनूठे योग में भी इस मंत्र का स्मरण बहुत ही शुभ फल देने वाला होगा। जानिए यह मंगलकारी विष्णु मंत्र-   -सुबह स्नान के बाद यथासंभव पीले वस्त्र पहनकर देवालय में भगवान विष्णु और श्रीकृष्ण की पूजा गंध, अक्षत, पीले फूल व धूप, दीप से करें।   -पूजा के बाद इस मंत्र का यथाशक्ति जप करें। यही मंत्र दिन में किसी भी वक्त काम के दौरान या मुश्किलों के वक्त ध्यान भी कर सकते हैं-   ‘श्रीकृष्ण गोविन्द हरे मुरारी हे नाथ नारायण वासुदेव’   कर्म की अहमियत बताने वाले भगवान श्रीकृष्ण और शांतिस्वरूप भगवान विष्णु के ध्यान से आपका हर काम न केवल निर्विघ्र संपन्न होगा, बल्कि शांति और सुकून भी लाएगा।  

क्या आपके घर में है वास्तु दोष? इन सरल उपायों से तुरंत पाएं राहत

वास्तु शास्त्र के अनुसार, हमारे घर की ऊर्जा का हमारे जीवन, स्वास्थ्य और धन पर गहरा प्रभाव पड़ता है। साथ ही वास्तु शास्त्र में यह भी बताया गया है कि घर में वास्तु दोष होने पर आपको कुछ संकेत मिल सकते हैं, जिन्हें बिल्कुल भी नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। ऐसे में आज हम आपको बताने जा रहे हैं कि घर में वास्तु दोष होने पर आप किन उपायों से इससे मुक्ति पा सकत हैं। मिलता है ये संकेत     घर में बिना वजह घर में क्लेश की स्थिति बने रहना भी वास्तु दोष का ही एक लक्षण है।     कड़ी मेहनत के बाद भी तरक्की नहीं मिलती।     घर में तनाव की स्थिति बनी रहती है। जिसका कारण वास्तु दोष हो सकता है।     वास्तु दोष के कारण घर में स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं बनी रहती हैं।     धन संबंधित समस्याओं का भी सामना करना पड़ता है। हो सकते हैं ये कारण वास्तु शास्त्र में टपकता हुआ नल आर्थिक नुकसान और वास्तु दोष (Vastu Dosh) की ओर इशारा करता है। घर के जिन कोनों में प्राकृतिक रोशनी नहीं पहुंचती, वहां अक्सर नकारात्मक ऊर्जा का बसेरा हो जाता है, जो वास्तु दोष का कारण बनता है। घर के ईशान कोण यानी उत्तर-पूर्व दिशा में टॉयलेट होने पर भी आपको वास्तु दोष का सामना करना पड़ सकता है। इसके साथ ही घर और मुख्य द्वार को गंदा रखने पर भी व्यक्ति को वास्तु दोष झेलना पड़ सकता है। कर सकते हैं ये उपाय वास्तु दोष से मुक्ति पाने के लिए आपको वास्तु शांति का पाठ करवाना चाहिए। शाम के समय घर में कपूर जलाकर घुमाएं, जो वास्तु दोष दूर करने का एक कारगर उपाय माना जाता है। शाम के समय घर के मुख्य द्वार व तुलसी के पास घी का दीपक जलाएं। इन कार्यों को करने से आपको वास्तु दोष से राहत मिल सकती है। अगर घर में यदि नेगेटिविटी बढ़ गई है, तो इसके लिए घर में नमक का पोछा लगाएं। साथ ही खिड़कियां और दरवाजे खोलकर रखें, वहीं शौचालय के दरवाजे को हमेशा बंद रखें।  

बेडरूम में भगवान की मूर्ति व तराजू और शीशा रखने से आती है घर में नेगेटिविटी

घर का वास्तु हमेशा सही होना चाहिए। वहीं बेडरूम में रखी हुई चीजों का प्लेसमेंट तो जरूर इसके हिसाब से होना चाहिए क्योंकि ऐसा ना करने पर पूरे घर का वास्तु खराब होता है। वास्तु शास्त्र में कुछ ऐसे नियम हैं जो बहुत ही आसान हैं। अगर सलीके से इन नियमों का पालन कर लिया जाए तो घर की एनर्जी पल भर में बदल सकती है। कई बार ऐसा होता होगा ना कि बाहर से घर आने पर अचानक ही भारीपन सा लगने लगता है। या फिर मन करता है कि कहीं बाहर चला जाए। अगर आपको घर की दीवारें काटने को दौड़ती हैं तो कुछ बदलाव करके आप इन चीजों को पूरी तरह से पॉजिटिव कर सकते हैं। शास्त्र के कुछ नियम घर में रखी हुई चीजों के प्लेसमेंट के इर्द-गिर्द भी घूमती है। आज बात करेंगे बेडरूम की। वास्तु शास्त्र के हिसाब से यहां पर कुछ चीजें भूलकर भी नहीं रखनी चाहिए। बेडरूम में ना रखें ये चीजें वास्तु शास्त्र के अनुसार बेडरूम में कभी भी भूलकर भगवान की कोई भी मूर्ति नहीं रखनी चाहिए। हालांकि कलात्मक मूर्तियां यहां पर रख सकते हैं। इसके अलावा कभी भी यहां पर अनाज नहीं रखना चाहिए। अगर ऐसा किया जाता है तो अन्न देवता नाराज होते है और इसका असर घर की सुख-समृद्धि पर पड़ता है। शास्त्र के अनुसार बेडरूम में कभी भी तराजू नहीं रखना चाहिए। ना ही यहां पर कभी किसी चीज को तौलना चाहिए। इन चीजों को बेडरूम में करने से बचना चाहिए क्योंकि इससे घर का वास्तु कहीं ना कहीं जरूर प्रभावित होता है और नेगेटिविटी आती है। ध्यान में रखें ये बातें घर के बेडरूम का वास्तु हर मायने में सही होना चाहिए। कोशिश करनी चाहिए कि यहां पर कोई भी शीशा ना लगा हो। अगर आप इसे रखना चाहते हैं तो बेड से दूर ही रखें। बेड पर अगर कोई है तो शीशे में वो ना दिखें। शीशे की प्लेसमेंट ऐसे ही करें। साथ ही बेड के नीचे सामान ना इकट्ठा करें। आम तौर पर लोग बेड के नीचे कोई ना कोई सामान जरूर रख देते हैं जोकि सही नहीं है। साथ ही यहां पर कोई भी भारी इलेक्ट्रॉनिक सामान नहीं रखना चाहिए। वहीं बेडरूम की दीवारें हल्के और वाइब्रेंट कलर के होने चाहिए। नियमित रूप से यहां की सफाई जरूरी है। डिस्क्लेमर- इस आलेख में दी गई जानकारियों पर हम यह दावा नहीं करते कि ये पूर्णतया सत्य एवं सटीक हैं।

नए साल में 8 जनवरी का राशिफल: आपकी राशि के लिए शुभ या अशुभ क्या कह रहे हैं सितारे?

मेष राशि: आज आपको धैर्य और समझदारी से काम लेना है। लव लाइफ में बीते दिनों की गलतफहमियां दूर हो सकती हैं, बस बातचीत खुलकर करें। पार्टनर की फीलिंग्स को समझने की कोशिश करें। कामकाज में एक साथ कई जिम्मेदारी मिल सकती है, लेकिन आपकी मेहनत सीनियर को नजर आएगी। आर्थिक स्थिति सामान्य रहेगी, बस आपको फालतू खर्च से बचना है। जरूरत पड़ने पर आराम जरूर करं। वृषभ राशि: आज रिश्तों में अपनापन और स्थिरता बनी रहेगी। लव लाइफ में भरोसा बढ़ेगा और शादीशुदा लोगों के लिए दिन सुकून भरा रहेगा। करियर में नई जिम्मेदारी या नया अवसर मिल सकता है, जिसे आप अच्छे से निभाएंगे। पैसों के मामले में संतुलन बनाए रखना जरूरी है, बड़े निवेश से फिलहाल बचें। सेहत ठीक रहेगी, लेकिन खानपान में लापरवाही न करें। मिथुन राशि: आज दिन मिला-जुला रह सकता है। लव लाइफ में हल्की बहस संभव है, लेकिन सही बातचीत से बात संभल जाएगी। किसी पुराने दोस्त से मुलाकात मन खुश कर सकती है। करियर में नए काम सीखने का मौका मिलेगा, जिससे आगे फायदा होगा। पैसों से जुड़ी छोटी दिक्कतें आ सकती हैं, लेकिन दिन के अंत तक स्थिति संभल जाएगी। सेहत के लिए जंक फूड और देर रात तक जागने से बचें। कर्क राशि: आज इमोशनल लेवल पर आप मजबूत महसूस करेंगे। लव लाइफ में अच्छे और सुकून भरे पल बिताने का मौका मिलेगा। परिवार का सपोर्ट मिलेगा, जिससे मन हल्का रहेगा। नौकरी और व्यापार में आपकी परफॉर्मेंस बेहतर रहेगी और किसी से तारीफ भी मिल सकती है। धन लाभ के योग हैं, लेकिन खर्च सोच-समझकर करें। सेहत ठीक रहेगी, बस मानसिक तनाव से दूर रहें। सिंह राशि: आज आत्मविश्वास और नेतृत्व क्षमता बढ़ी हुई रहेगी। लव लाइफ में साफ-साफ बात करना रिश्ते को मजबूत करेगा। पार्टनर से कोई जरूरी चर्चा हो सकती है। करियर में सीनियर या बॉस का सहयोग मिलेगा और आपकी बातों को महत्व दिया जाएगा। खर्च थोड़ा बढ़ सकता है, इसलिए बजट का ध्यान रखें। सेहत ठीक रहेगी, लेकिन गुस्से पर नियंत्रण रखें। कन्या राशि: आज धैर्य और अनुशासन से काम लेने का दिन है। प्रेम जीवन में बातचीत से रिश्ते बेहतर होंगे। करियर में मेहनत का फल मिलने लगेगा और सीनियर आप पर भरोसा करेंगे। खर्चों पर नियंत्रण रखना जरूरी है, नहीं तो बजट बिगड़ सकता है। सेहत सामान्य रहेगी, लेकिन नींद पूरी लें। तुला राशि: आज जिम्मेदारियां बढ़ सकती हैं, लेकिन आप उन्हें बखूबी निभाएंगे। लव लाइफ में धैर्य रखना जरूरी है, छोटी बातों को दिल पर न लें। कामकाज में मेहनत रंग लाएगी और पुराने अटके काम पूरे हो सकते हैं। पैसों के मामले में सोच-समझकर फैसले लें। सेहत को लेकर पेट या थकान से जुड़ी परेशानी हो सकती है, दिनचर्या संतुलित रखें। धनु राशि: आज रिश्तों में संतुलन और समझ बनी रहेगी। लव लाइफ में नई शुरुआत या कोई अच्छा फैसला संभव है। करियर में टीमवर्क से सफलता मिलेगी और सहकर्मियों का सहयोग मिलेगा। आर्थिक स्थिति पहले से बेहतर हो सकती है, किसी पुराने इन्वेस्टमें से लाभ मिलने के संकेत हैं। सेहत अच्छी रहेगी और मन प्रसन्न रहेगा। मकर राशि: आज फीलिंग्स थोड़ी तेज रह सकती हैं, इसलिए संयम जरूरी है। लव लाइफ में ईमानदारी और भरोसा बनाए रखें। कामकाज में दबाव रहेगा, लेकिन आपकी मेहनत आपको आगे ले जाएगी। पैसों को लेकर सावधानी रखें, उधार देने से बचें। सेहत में हल्की परेशानी हो सकती है, आराम और सही खानपान जरूरी है। कुंभ राशि: आज पॉजिटिव सोच आपके लिए फायदेमंद रहेगी। लव लाइफ में खुशखबरी या कोई अच्छा संकेत मिल सकता है। करियर में नए अवसर सामने आएंगे, खासकर नौकरी बदलने की सोच रहे लोगों के लिए दिन अच्छा है। पैसों की स्थिति मजबूत होगी और आमदनी बढ़ सकती है। सेहत अच्छी रहेगी, लेकिन ट्रैवल के दौरान सावधानी रखें। वृश्चिक राशि: आज दोस्तों और अपनों का साथ मिलेगा, जिससे मन खुश रहेगा। लव लाइफ में समझदारी से फैसले लें और पार्टनर को समय दें। करियर में नए आइडिया और योजनाएं काम आएंगी। आज आपकी आर्थिक स्थिति ठीक रहेगी, लेकिन रिस्की इन्वेस्टमेंट से बचें। सेहत को लेकर कोई बड़ी चिंता नहीं रहेगी। मीन राशि: आज आपको इमोशनल तौर पर संतुलित रहने की जरूरत है। आपकी लव लाइफ में भरोसा और अपनापन बढ़ेगा। करियर में रचनात्मक कामों में सफलता मिलेगी और आपका टैलेंट सामने आएगा। पैसों के मामले में सोच-समझकर खर्च करें। सेहत ठीक रहेगी, ध्यान और योग से मन शांत रहेगा।

मकर संक्रांति पर एकादशी के संयोग में दोपहर 3.07 बजे से करें स्नान-दान

जब सूर्य धनु राशि से मकर राशि में प्रवेश करते हैं तब मकर संक्रांति मनाई जाती है। पौष कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि पर इस साल मकर संक्रांति पड़ रही है। इस बार मकर संक्रांति ऐसे शुभ संयोगों के साथ आ रही है, जिसमें दान-पुण्य का महत्व कई गुना बढ़ जाता है। इस साल दो शुभ योग तो बन ही रहे हैं, साथ ही 23 साल के बाद संक्रांति पर एकादशी का शुभ संयोग देखने को मिलेगा। 14 जनवरी 2026 को धनु राशि से मकर राशि में सूर्य का प्रवेश दोपहर 3:07 बजे हो रहा है। इसी दिन मकर संक्रांति मनाई जाएगाी। इस दिन गंगा स्नान और दान पुण्य के लिए पुण्य काल देखा जाएगा। मकर संक्रान्ति के दिन से ही सूर्य की उत्तरायण गति भी शुरु होती है। इस लिए इस पर्व को उत्तरायणी भी कहते हैं। मकर संक्रांति पर एकादशी का संयोग मकर संक्रांति पर इस वर्ष 23 साल बाद एकादशी का शुभ संयोग बन रहा है। इस दिन षट्तिला एकादशी व्रत भी है। संक्रांति और एकादशी का एक ही दिन में आना आध्यात्मिक रूप से अक्षय पुण्य फल देने वाला माना जाता है। पंडितों के मुताबिक, इससे पहले मकर संक्रांति और एकादशी का शुभ संयोग वर्ष 2003 में बना था। जानें क्या रहेगा स्नान-दान का उत्तम समय इस बार मकर संक्रांति पर महा पुण्य काल दोपहर 3:07 बजे से शाम 6 बजे तक माना जाएगा। मकर संक्रांति पर दो शुभ संयोग भी बन रहे हैं, जिसमें सर्वार्थ सिद्धि योग और अमृत सिद्धि योग बन रहे हैं, जो सुबह 7:15 बजे से रात 3:03 बजे तक मान्य होंगे। अमृत सिद्धि योग में दान पुण्य और पूजा का महत्व कई गुना बढ़ जाता है। इस दिन खिचड़ी दान करने और खाने का विशेष महत्व है। मकर संक्रांति पर क्या करें दान? मान्यता है कि मकर संक्रांति तिल, गुड़, खिचड़ी, चावल, हल्दी, नमक, उड़द, धान आदि का दान करने से जीवन में सुख-समृद्धि आती है और पापों का नाश होता है। डिस्क्लेमर: इस आलेख में दी गई जानकारियों पर हम यह दावा नहीं करते कि ये पूर्णतया सत्य एवं सटीक हैं।

मकर संक्रांति के बाद पंचग्रही योग से कुछ राशियों की बढ़ेगी परेशानी

नए साल यानी 2026 की महीना चल रहा है। इस साल ग्रहों की चाल में कई बदलाव होंगे। एक ऐसा ही बदलाव मकर संक्रांति के कुछ दिनों बाद होगा। इस दौरान पांच ग्रह मकर राशि से गुजरेंगे। इस दौरान पंचग्रही राजयोग का निर्माण होगा। ग्रहों की इस परिवर्तन की वजह से कई राशियों की जिंदगी में बहुत सारे बदलाव लाएंगे। हालांकि कुछ राशियों की परेशानियां भी बढ़ेगी। चलिए जानते हैं कि मकर संक्रांति कब है और किन राशियों पर क्या असर पड़ेगा। पंचांग के मुताबिक इस साल यानी 2026 में मकर संक्रांति का पर्व 14 जनवरी 2026 को मनाया जाएगा। इस तारीख को धनु राशि से मकर राशि में सूर्य का प्रवेश दोपहर 3:07 बजे हो रहा है। वहीं, मकर संक्रांति के कुछ दिन बाद मकर राशि में सूर्य, मंगल, बुध, शुक्र और चंद्रमा की युति से दुर्लभ पंचग्रही राजयोग बन रहा है। मकर राशि को सबसे अधिक लाभ इस शक्तिशाली योग का सबसे अधिक लाभ मकर राशि को होगा। इससे उनके करियर, धन, प्रतिष्ठा और पारिवारिक सुख में बड़ा सकारात्मक बदलाव देखने को मिल सकता है। साथ ही अचानक से धन की प्राप्ति हो सकती है। कुंभ राशि मकर संक्रांति के बाद पंचग्रही योग कुंभ राशि के जातकों के लिए घातक साबित हो सकता है। वर्तमान में राहु भी इसी राशि में गोचर कर रहा है। ऐसे में पंचग्रही योग का निर्माण आपके जीवन में कई बड़े बदलाव ला सकता है। इस समय आपके व्यक्तिगत संबंधों में तनाव बढ़ सकता है और अपने करीबी लोगों, यहां तक कि माता-पिता के साथ भी मतभेद या बहस हो सकती है। यह समय थोड़ा कठोर रह सकता है क्योंकि यह आपको आपके अपनों का वास्तविक चेहरा दिखा सकता है। साथ ही इस अवधि में स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखने की आवश्यकता है, क्योंकि आप मानसिक तनाव, चिंता और थकावट महसूस कर सकते हैं। आध्यात्मिक गतिविधियों जैसे ध्यान, योग, पूजा या मंत्र जाप में शामिल होना आपके लिए लाभदायक रहेगा, क्योंकि इससे मन को शांति मिलेगी और मानसिक संतुलन बना रहेगा। कर्क राशि पंचग्रही योग कर्क राशि के जातकों के लिए भी सही नहीं रहेगा। इस राशि के लोग चंद्र ग्रह द्वारा शासित होते हैं। इस दौरान नौकरी जाने की संभावना बन सकती है या व्यवसाय में नुकसान का सामना करना पड़ सकता है। यह समय उनके लिए एक कठिन परीक्षा की तरह होगा। प्रेम संबंधों में भी परेशानियां आ सकती हैं और साथी से अलगाव या ब्रेकअप का सामना करना पड़ सकता है। ऐसे में यह क्षण आपके लिए भावनात्मक रूप से काफी कष्टदायक रहेगा। इस दौरान कर्क राशि के जातकों को चिंता, घबराहट और मानसिक तनाव की समस्या हो सकती है। इसलिए उन्हें विशेष रूप से ध्यान, योग और खुद की देखभाल पर ध्यान देने की सलाह दी जाती है। यदि समय रहते अपने मानसिक स्वास्थ्य का ख्याल नहीं रखा गया, तो मनोवैज्ञानिक समस्याएं बढ़ सकती हैं। सलाह- इस दौरान सकारात्मक सोच बनाए रखें और अपने परिवार के साथ समय बिताएं।

पैसों की तंगी से परेशान हैं? लॉकर में रखें ये एक चीज़, बढ़ेगा धन

भारतीय वास्तु शास्त्र और टोने-टोटकों की परंपरा में फिटकरी को एक अत्यंत शक्तिशाली और शुभ वस्तु माना गया है। आमतौर पर फिटकरी का उपयोग जल शुद्धिकरण, त्वचा की देखभाल और दांतों की सफाई के लिए होता है लेकिन वास्तु शास्त्र में इसका एक गूढ़ और चमत्कारी पक्ष भी है विशेष रूप से धन-संबंधित समस्याओं और नकारात्मक ऊर्जा को दूर करने में। इस आर्टिकल में जानेंगे कि फिटकरी को लॉकर या तिजोरी में रखने से क्या प्रभाव पड़ता है। वास्तु शास्त्र के अनुसार, फिटकरी में नकारात्मक ऊर्जा को सोखने की अद्भुत क्षमता होती है। इसे एक प्रकार का ऊर्जा फिल्टर माना जाता है। यदि घर या ऑफिस के लॉकर में निगेटिव वाइब्स या किसी तरह की दोषपूर्ण ऊर्जा है, तो फिटकरी उसे धीरे-धीरे सोख लेती है। इससे सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।  फिटकरी से जुड़े उपाय करने से मनोबल बढ़ता है और निर्णय क्षमता सुधरती है। तिजोरी में फिटकरी रखने के लाभ वास्तु शास्त्र के अनुसार, घर की तिजोरी या लॉकर को धन का मुख्य केंद्र माना जाता है, जहां मां लक्ष्मी का वास होता है। ऐसे में तिजोरी का वास्तु के अनुसार संतुलित और सकारात्मक होना बहुत जरूरी है। फिटकरी को प्राचीन मान्यताओं में एक ऐसा तत्व माना गया है जो नकारात्मक ऊर्जा को सोखने की क्षमता रखता है और वातावरण में सकारात्मकता फैलाता है। जब इसे तिजोरी में रखा जाता है, तो यह आर्थिक मामलों में आने वाली रुकावटों को दूर करने में सहायक माना जाता है। लॉकर या तिजोरी में रखने की विधि यदि आप फिटकरी को अपने लॉकर या तिजोरी में रखना चाहते हैं, तो इसे कुछ नियमों के अनुसार रखें- लाल या पीले कपड़े में फिटकरी का एक साफ टुकड़ा लपेट लें। यह टुकड़ा शुक्रवार या पूर्णिमा के दिन सुबह रखें, जब घर में साफ-सफाई और सकारात्मक वातावरण हो। लॉकर के दक्षिण-पश्चिम कोने में रखें क्योंकि यह दिशा धन-संचय की मानी जाती है। हर 15 से 30 दिनों में इस फिटकरी को बदलें क्योंकि यह नकारात्मकता सोखकर भारी हो जाती है।